मंत्री ने अर्की उपमंडल में लिया राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित बनाकर समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास कार्य कर रही है। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन जिला के अर्की में गत दिनों भारी वर्षा से हुए नुकसान एवं राहत तथा पुनर्वास के संबंध में अर्की में आयोजित समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समय पर लिए गए निर्णयों तथा त्वरित कार्रवाई के साथ वर्तमान में प्रदेश में राहत एवं पुनर्वास का कार्य समयबद्ध कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का स्थान एवं समय निश्चित नहीं होता। आपदा पूर्व प्रबंधन, आपदा के समय ठोस निर्णय और समय पर उपलब्ध सहायता राशि के माध्यम से आपदा के कारण हुई क्षति को न्यून कर बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित बनाया कि आपदा उपरांत बहुमूल्य मानवीय जीवन की सुरक्षा हो, समय पर राहत मिले और दुर्गम स्थानों में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं और प्रदेशवासियों के सहयोग से संकट की इस घड़ी में सुरक्षा एवं समय पर राहत सुनिश्चित हुई है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अर्की उपमण्डल में भी काफी नुकसान हुआ है। अभी तक के आकलन के अनुसार अर्की उपमण्डल में भारी वर्षा से लगभग 92 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को भारी वर्षा से 31.11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उपमंडल में आपदा से 56 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 50 सड़कों एवं संपर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष 6 मार्गों को बहाल करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा अर्की उपमण्डल में सभी स्थानों पर जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। उपमण्डल में अभी तक फौरी राहत के रूप में लगभग 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि राज्य की प्रत्येक पंचायत में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शुरूआत में एक-एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नुकसान कार्यों को मनरेगा के तहत करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से हुए नुकसान के दृष्टिगत आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को 20 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। नष्ट फसलों के लिए फौरी राहत को 10 गुना बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति कनाल कर दिया गया है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्षा से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में इस वर्ष भारी वर्षा से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को समय पर उचित सहायता राशि पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमंडल में वह स्वयं वर्षा से प्रभावित जन को समयबद्ध सहायता पहुंचाने और उनके पुनर्वास का नियमित अनुश्रवण कर रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस संकट काल में धैर्य रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाएं तथा अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक के उपरांत पंचायती राज मंत्री तथा मुख्य संसदीयस सचिव ने प्रशासनिक अमले के साथ अर्की उपमंडल में भिन्न-भिन्न स्थानों पर नुकसान का जायज़ा लिया और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। दल ने बखालग-चंदपुर-सेरी-सांगली-गम्भरपुल-बवासी-मान-बढ़लग मार्ग पर हुई क्षति का जायज़ा लिया। दल ने कृपाल सिंह निवासी बखालग के क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत बखालग के गांव चंदपुर में बारिश के कारण हुए नुकसान का जायज़ा भी लिया गया। अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठी के पोलिंग बूथ हरदेवपूरा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 हजार रुपए का चैक भेंट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से स्पिति घाटी के रंगरीक में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टी के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान उत्तरी सीमा से 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित है और स्पिति घाटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 505 के अतिरिक्त अन्य कोई सम्पर्क साधन नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से गोला बारूद डिपो पोवारी को स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि इसके दृष्टिगत दो वैकल्पिक स्थलों की पहचान की गई है। उन्होंने उचित कार्यवाही के लिए आग्रह किया और कहा कि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना इस डिपो के ठीक सामने सतलुज नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और कहा कि सिल्ट फ्लशिंग टनल का उत्खनन का कार्य गोला-बारूद डिपो की पाबंदियों के कारण आउटलेट पोर्टल के बजाए इनलेट पोर्टल से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस डिपो के स्थानांतरित होने तक नियंत्रित विस्फोटन प्रणाली निर्धारित करने के लिए इस मामले पर सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव्स एंड एनवायरमेंट सेफ्टी के साथ चर्चा की गई है ताकि राज्य सरकार उत्खनन का कार्य आउटलेट पोर्टल के माध्यम से भी कर सके। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क के पुनर्विकास, ज्यूरी से भाबानगर तक समानांतर स्टेऊच विकसित करने, खाब-लियो-चांगो सड़क को विकसित करने तथा भाबा-मुद सड़क पर भाबा टॉप के नीचे टनल बनाने पर चर्चा की। इससे काजा और शिमला के मध्य दूरी 70 किलोमीटर कम हो जायेगी। उन्होंने मध्यवर्ती सड़कें विकसित करने पर भी बल दिया। रक्षा मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कहा- जनता के साथ छल कर रही प्रदेश की सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार को 3आर पर काम करना चाहिए रिस्टोरेशन, रिहैबिलिटेशन और रिपेयर। अभी तक इन तीनों कार्यों में गति धीमी चल रही है और अगर हिमाचल प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करनी है तो इस 3आर में तेजी लानी होगी। वर्तमान प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार का स्पष्ट शब्दों में धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि पिछले दिनों ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संसद छोड़ हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से नुकसान का जायजा और बड़ी राहत भी प्रदान करके गए, इस आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार को खुले धीरे करके आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा, 'मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ छल और राजनीति कर रही है।Ó केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की मदद की है, उसको स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष लाया नहीं जा रहा है। यह कांग्रेस सरकार इस आपदा की घड़ी में गरीबों को जो राहत राशि प्रदान कर रही है उसमें भाई भतीजावाद हो रहा है, किसी को कम या किसी को ज्यादा राशि प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से कोई मापदंड नहीं है। आज के जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बटन दबाते हैं तो देश के सभी किसान भाइयों के खाते में किसान सम्मान निधि पहुंच जाती है, पर कांग्रेस के नेता आपदा में दी जाने वाली राहत राशि को नकद बांट रहे हैं। हम मांग करते हैं कि यह राशि डीबीटी के माध्यम से व्यक्ति के खाते में सीधी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसानों के साथ भी राजनीति कर रही है। सेब के विषय में किसान भाइयों को उलझा के रखा है, कभी सेब के कार्टन और वेट में। अब इस सरकार से सड़के ही नहीं खुल रही है, हर जिले में लगभग 300 सड़कें बंद है और आज सेब, टमाटर, मटर की फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। इस समय फसलें पहुंचती हंै तो यकीनन किसानों को दाम कम मिलता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने 830 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने, संसाधन सृजन और बहाली कार्यों की गति में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों, पशुधन व मानव जीवन, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुई भारी क्षति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लगभग 8000 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्वयं के अल्प संसाधनों से राहत और बहाली अभियान चलाया जो राज्य के बुनियादी ढांचे को पटरी पर लाने के लिए अपर्याप्त है। ऐस में उन्होंने केंद्र से समर्थन और सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से किया आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश एवं बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के लिए केंद्रीय समिति को प्रदेश में भेजने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय समिति की अनुशंसा के अनुसार राज्य को शीघ्रातिशीघ्र राशि जारी करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचना के पुनर्निर्माण में लगभग एक से दो वर्ष का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने इत्यादि की घटनाओं से हुए भारी नुकसान से उन्हें अवगत करवाया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की तुरंत राहत प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि आपदा राहत के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र से प्राप्त निधि सम्बंधित विभागों और उपायुक्तों को राहत अभियान के लिए जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-2020 तथा वर्ष 2020-2021 के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत निधि के तहत लम्बित 315 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी की जाए, क्योंकि अभी तक प्राप्त राशि प्रदेश में बड़े स्तर पर हुई क्षति के विपरीत बहुत कम है। गृह मंत्री ने राज्य को हरसम्भव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक रुपेेंद्र कौशल की अध्यक्षता में कुनिहार में हुई। बैठक में नए सदस्यों का पंजीकरण कर सभी ने उनका तालियों से स्वागत किया। इकाई महासचिव रमेश कश्यप ने सदस्यों को बताया कि सभी पेंशनर्स को बोर्ड ने 1 जनवरी, 2022 से 30 अप्रैल, 2023 तक 16 महीनों का डीपी के एरियर का भुगतान जुलाई माह की पेंशन के साथ कर दिया है। उन्होंने बताया कि 2016 के बाद रिटायर हुए सदस्यों की पे फिक्सेसन का कार्य भी करीब पूरा होने को है। आशा की जाती है कि अगली पेंशन सभी सदस्यों को संशोधित दर से ही प्राप्त होगी। महासचिव ने मुख्यमंत्री आपदा कोष में एक दिन की पेंशन देने के लिए सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया तथा आग्रह किया कि भविष्य में भी यदि प्रदेश सरकार पर कोई आपदा आए तो सभी सदस्य इसी प्रकार सहयोग करते रहें। बैठक में बोर्ड के नए चेयरमैन राजीव शर्मा की नियुक्ति का भी स्वागत किया गया। बैठक में इकाई अध्यक्ष रतन तनवर सहित सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने एम्स्टर्डम में 2023 अंतरराष्ट्रीय अल्जाइमर एसोसिएशन सम्मेलन में अपना अभूतपूर्व शोध प्रस्तुत किया। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया, जिसमें चिकित्सा परिदृश्य को बदलने की क्षमता है, जिससे उनके संस्थान और पूरे देश को बहुत गर्व है। प्रस्तुति अमाइलॉइड बीटा के एकत्रीकरण को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नवीन यौगिकों को विकसित करने पर केंद्रित थी, जो एडी प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने डॉ. शर्मा को उनके अग्रणी शोध के लिए बधाई दी। अपनी अंतर्दृष्टिपूर्ण प्रस्तुति के साथ, डॉ. शर्मा और शूलिनी विश्वविद्यालय ने अब अल्जाइमर रोग उपचार में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है। सम्मेलन में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के अलावा, उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन, ग्लासगो विश्वविद्यालय, स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय और कैलेडोनियन विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों का दौरा भी उतना ही महत्वपूर्ण था। वे शिक्षकों और छात्रों के साथ जुड़े शूलिनी विश्वविद्यालय की अनुसंधान उपलब्धियों पर उत्साहपूर्वक चर्चा की और गर्व से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के बारे में जानकारी साझा की।
मुख्य संसदीय सचिव ने अर्की में किया जनसमस्याओं का निपटारा मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि जन समस्याओं का समयबद्ध निकारण और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं सड़क सुविधा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न जन समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के लिए सुखाश्रय योजना आरंभ की गई है। योजना के तहत जहां पात्र बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया जाएगा वहीं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के बेहतर जीवनयापन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में सुखाश्रय योजना के पात्रों को चिन्हित कर इसकी जानकारी उपमण्डलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचाएं ताकि इन्हें सहायता प्रदान की जा सके। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान करने और पशुपालकों की सहायता के लिए 500 करोड़ रुपये की हिम गंगा योजना आरंभ की जा रही है। इससे जहां पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा, वहीं दुग्ध विपणन श्रृंखला में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए कर्मचारी बहुमूल्य हैं। उनके और उनके परिजनों के सुरक्षित बुढ़ापे के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने सभी लगभग 1.80 लाख एनपीएस कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगले चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को समृद्ध राज्य बनाने के लिए संकल्पित है। संजय अवस्थी ने कहा कि भारी वर्षा के कारण हाल ही में अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अत्यन्त संवेदनशीतला के साथ सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाई है। उन्होंने आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार का साथ दें और मुख्यमंत्री राहत कोष में उदारतापूर्वक अंशदान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमर चंद पाल, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता, खण्ड कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष देव कली, महासचिव जगदीश और कमलेश शर्मा, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सीमा देवी, बीडीसी सदस्य शशिकांत, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, तहसीलदार अर्की रमन ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने ममलीग में किया तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने युवाओं का आह्वान किया है कि रोपित किए गए पौधों की देखभाल शिशु की तरह करें ताकि पौधे स्वस्थ वृक्ष का आकार लेकर हम सब की सुरक्षा के प्रहरी बन सकें। डॉ. शांडिल ने आज सोलन जिला के कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में चिनार का पौधा रोपित कर क्षेत्र के तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि रोपित किए गए पौधों की उचित देखभाल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधों को सुरक्षा के साथ-साथ निर्धारित समय पर खाद-पानी दिया जाना चाहिए। सुरक्षा के साथ ही पौधे वृक्ष का आकार ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की भूमिका से हम सभी परिचित हैं। पौधरोपण के माध्यम से ही वन भूमि का दायरा बढ़ाकर भू एवं भू-जल का संरक्षण किया जा सकता है और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे भूस्खलन के खतरे को न्यून करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारी वर्षा के कारण आई आपदा में भूस्खलन से प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। चिन्हित क्षेत्रों में वनाच्छादित भूमि से भूस्खलन के खतरों को कम किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों सेे मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिवस और घर में मनाए जा रहे त्यौहार पर एक पौधा अवश्य रोपित करना चाहिए और लगाए गए पौधे की देखभाल भी करनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर उप-तहसील के लिए उपलब्ध भूमि का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नायब तहसीलदार ममलीग को इस भूमि पर नायब तहसीलदार आवास निर्माण की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्राकलन तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ममलीग में उप कोषागार निर्माण के सम्बन्ध में उचित कार्यवाही अमल में लाई जाए। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों, स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने चिनार, जडीनू, रीठा व बहेड़ा के लगभग 100 पौधे रोपित किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों के इनके निपटारे के निर्देश दिए। खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान रीता देवी, ग्राम पंचायत ममलीग के उप प्रधान संदीप ठाकुर, ग्राम पंचायत ममलीग के पूर्व उप प्रधान अजय ठाकुर, वन मण्डलाधिकारी सोलन कुनाल अंगरीश, सहायक अरण्यपाल सोलन चंद्रिका शर्मा, खंड विकास अधिकारी नरेश शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित थे।
पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष धनीराम तंवर की अध्यक्षता में पुराने डीसी ऑफिस सोलन में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश के उन व्यक्तियों व उनके परिवारों के प्रति संवेदना व शोक प्रकट किया गया, जिन्होंने इस त्रासदी में अपना सब कुछ गवां दिया। जान माल का बहुत नुकसान हुआ। प्रदेश सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जिसके लिए पहले ही पुलिस पेंशनर्स ने 1 दिन की पेंशन आपदा कोष में देने का फैसला किया है। सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यह वक्त इस आपदा घड़ी में अपनी पेंशन के वित्तीय लाभ मांगने का नहीं है। जब प्रदेश के हालात सामान्य हो जाएंगे तो सरकार हमारे वित्तीय लाभ के बारे में जरूर सोचेगी। आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक से आग्रह किया गया कि जो हमारी पुरानी मांगें पेंडिंग पड़ी है, उन पर विचार किया जाए और जो विभाग के करने की नहीं होगी उसे सरकार द्वारा पूरा करने की कोशिश की जाए। एसोसिएशन ने जिला सोलन के नवनियुक्त एसपी सोलन से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित करके एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन द्वारा मांग की गई कि कुनिहार शहर एक बहुत बड़ा व्यापारी केंद्र है । जहां पर ट्रैफिक बहुत बड़ी समस्या है । क्योंकि इसी स्थान से मनाली, शिमला, रोपड़, नालागढ़, धर्मपुर, सोलन के लिए गाड़ियों का आना जाना होता है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी कुनिहार विकास सभा की ओर से यह आग्रह किया था कि जब यहां पर पुलिस चौकी हुआ करती थी तब भी एक हेड कांस्टेबल व 3 जवान ट्रैफिक के लगे थे। मगर अब पुलिस थाना बनने पर कोई भी ट्रैफिक स्टाफ नहीं है, जबकि वहां 3 पॉइंट जरूरी है जहां ज्यादा ट्रैफिक व पैदल लोगों का आना जाना है और कई प्राइवेट स्कूल सडक के किनारे हैं। एसोशिएशन ने मांग करते हुवे कहा कि जनहित को देखते सिविल हॉस्पिटल कुनिहार, पुरानी पुलिस चौकी के समीप, और पुराना बस स्टैंड चौक में एक एक ट्रैफिक कांस्टेबल को युक्त किया जाए, ताकि कोई भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो। अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एस पी सोलन ने हमारी मांगों पर जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। बैठक में संतराम चंदेल, पतराम पंवर, दीपराम, जगदीश चौहान, नेकीराम, पुष्पा सूद, बीना चौहान, आशा राणा, जसबीर सिंह, सतपाल शर्मा, वेद प्रकाश, नगेंद्र ठाकुर, ओमप्रकाश, केके शर्मा, रतिराम शर्मा, दौलतराम जयलाल, रामआसरा, अबतार, इत्यादि मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह 3 व 4 अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह 3 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे लोक निर्माण विभाग के अर्की स्थित विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के कार्यालय अध्यक्षों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री तदोपरांत दोपहर 1.00 बजे बखालग-चांदपुर-सेरी-सांगली-पौघाटी-मंज्याट-गम्भरपुर-मान-बवासी-जाबल मार्ग पर भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। वह सायं 3.30 बजे नालागढ़ उपमंडल में दभोटा पुल, सायं 4.00 बजे खेड़ा-नैनोवाल पुल, सायं 4.30 बजे बद्दी टोल नाका पुल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेंगे। अनिरुद्ध सिंह इसके उपरांत सायं 4.50 बजे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक संघ के झाड़माजरी बद्दी स्थित हॉल में स्थानीय प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर आपदा के कारण हुए नुकसान का आकलन करेंगे। पंचायती राज मंत्री 4 अगस्त को प्रात: 11 बजे सोलन ज़िला के प्राथा में, दिन में 12.15 बजे चक्की मोड़, दोपहर 12.40 बजे सूजी गांव, दिन में 01.00 बजे सिहारड़ी 1.20 बजे धर्मपुर-कंडा मार्ग तथा दिन में 2.15 बजे शामती-सोलन वाया सुल्तानपुर मार्ग पर भारी वर्षा के कारण हुई क्षति का जायजा लेंगे। तदोपरांत सायं 4.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन के सम्मेलन कक्ष में जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्री इसी दिन सायं 5.45 बजे साधुपुल-कंडाघाट मार्ग पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
युवाओं को अब रोजगार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा प्राप्त हो गई है। अब युवा रोजगार कार्यालय में अपना नाम ऑनलाईन दर्ज करवा सकेंगे। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि नाम दर्ज करवाने कि ऑनलाईन सुविधा प्राप्त होने से युवाओं को अपने दस्तावेज जमा करवाने के लिए रोज़गार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण के लिए द्धह्लह्लश्च://द्गद्गद्वद्बह्य.द्धश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/ पर जाना होगा और लॉगईन कर अपने स्वयं प्रमाणन (सेल्फ अटेस्टेड) संबन्धित दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाईन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-227242 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप धर्मपुर में आवश्यक पदों के सृजन के उपरांत जल शक्ति विभाग का मंडल प्रथम जनवरी, 2024 से क्रियाशील कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री गत देर सायं परवाणू में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणू के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, संपर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन परवाणू की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये, गुरूद्वारा साहिब सिंह सभा परवाणू की ओर से 1,51,000 रुपये तथा परवाणू विकास मंच की ओर से 50 हजार रुपये का ड्राफ्ट भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित मानवता को राहत पहुंचाने के लिए दी जा रही धनराशि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने 28.38 करोड़ की लसेब एवं फल मंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में 28.38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सेब एवं फल मण्ंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड एवं कृषि उपज मण्डी समिति सोलन के अंतर्गत सोलन में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सेब एवं फल मंडी सोलन का लोकार्पण किया। उन्होंने सोलन जिला के परवाणु में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणु के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, सम्पर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती ऐसोसिएशन सोलन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सहयोग राशि के रूप में 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया। उत्तराखंड भ्रातृ मंडल सोलन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया गया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर सोलन तथा परवाणु में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों एवं बागवानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार क्षेत्र विशेष की परिस्थिति के अनुसार फल उत्पादन बढ़ाने के लिए फल केंद्र (हब) विकसित करने की ओर अग्रसर है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में उच्च घनत्व फल पौधरोपण एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाया जाए। इससे बागवानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी और प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप फलों के विभिन्न किस्में उगाई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत प्रदेश में 6000 हैक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। 1292 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। यह परियोजना प्रदेश के 07 जिलों सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और ऊना में कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लिची, प्लम, परसीमन, आम इत्यादि के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के कारण प्रदेश को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। राज्य सरकार एक ओर जहां मूलभूत सुविधाओं को युद्ध स्तर पर बहाल कर रही है, वहीं आमजन को निश्चित समयावधि में राहत पहुंचाई जा रही है। आपदा में घिरे लोगों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को बढ़ा कर एक लाख रुपये किया है। नष्ट फसलों की एवज में अब तीन हजार रुपये प्रति कनाल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हिमाचल को इस आपदा से उबारा जायेगा। कसौली सेे विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए टर्मिनल मण्डी के विधिवत शुभारम्भ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सफलता के साथ आपदा से उभर रहा है। मुख्यमंत्री की कुशल कार्यप्रणाली को हाल ही में विश्व बैंक द्वारा भी सराहा गया है। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी एवं संजय अवस्थी, चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, एपीएमसी सोलन के पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, बागवान, आढ़ती तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय वायु सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश जनवरी, 2024 के लिए चयन परीक्षा के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। कमांडिंग आफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने आज यहां बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 17 अगस्त को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा 13 अक्तूबर से ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि 27 जून, 2003 से 27 दिसंबर, 2006 के बीच जन्में युवा आवेदन के लिए पात्र होंगे, जिसमें यह दोनों तिथियां भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के तहत विज्ञान विषय तथा विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के अभ्यर्थी पात्र होंगे। पंजीकरण और परीक्षा शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश स्तर की योग्यता पर विस्तृत जानकारी तथा चिकित्सा मानक, नियम और शर्तें, ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण के लिए निर्देश इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 2 अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 2 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में वन महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई कुनिहार व पट्टाबरावरी की इकाइयों ने संयुक्त रूप से वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर पट्टाबरावरी पंचायत के गांव पन्याली के समीप शमशानघाट परिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टाबरावरी के परिसर में पौधरोपण किया। मीडिया प्रभारी व इकाई पट्टाबरावरी के अध्यक्ष डीडी कश्यप ने बताया कि कुनिहार इकाई के अध्यक्ष जगदीश सिंह के जन्म दिवस पर यह वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर वटवृक्ष, पीपल, आंवला, गुरवेलिया, बांस आदि कई प्रजाति के पौधे पेंशनरों द्वारा रोपे गए। उसके पश्चात 80 वर्ष से ऊपर आयु के पेंशनरों को शॉल टोपी से सम्मानित किया गया। सभी पेंशनरों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई।
हिमाचल में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार सुबह कुल्लू पहुंचे। भुंतर हवाई अड्डे में नितिन गडकरी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके बाद गडकरी फोरलेन के निरीक्षण के लिए मनाली रवाना हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उनके साथ मौजूद रहे। मनाली पहुंचकर गडकरी ने भारी बारिश व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए फोरलेन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे बाढ़ प्रभावितों से भी मिले। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य कुल्लू पहुंचने से पहले गडकरी ने मंडी में बाढ़ प्रभावित इलाकों और फोरलेन का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अलावा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। हेलिकाप्टर में विक्रमादित्य ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य के साथ सेल्फी भी ली। बताया जा रहा है कि फोरलेन का निरीक्षण करने के बाद नितिन गडकरी नग्गर के बड़ागढ़ रिजॉर्ट में एनएचएआई के साथ बैठक करेंगे। बता दें, बीते दिनों में भारी बारिश, बाढ़ व बादल फटने से सबसे अधिक फोरलेन को नुकसान कुल्लू और मनाली में हुआ है। यहां पर कई स्थानों पर तो फोरलेन का नामोनिशान तक मिट गया है। बारिश और बाढ़ से कारण एनएचआई को भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह कालका-शिमला फोरलेन को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
कहा-सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क बहाली को दी जाएगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां लोक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि सेब उत्पादक क्षेत्रों की सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि बागवानों की उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए 23 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से पांच करोड़ रुपये यशवंत नगर से छैला तक की सड़क के मरम्मत कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शिमला जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों के तहत लोक निर्माण विभाग के सात मण्डल में प्रत्येक को सड़कों की मरम्मत एवं बहाली के लिए एक-एक करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन लोक निर्माण विभाग मण्डलों को भी एक-एक करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के कारण क्षति अधिक हुई है, जिनमें कुल्लू जिले के चार विकास खण्ड, सिरमौर जिले के शिलाई और राजगढ़ विकास खंड शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वह चौपाल और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्रों का दौरा करेंगे तथा इन क्षेत्रों में किए जा रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर गिरा मलबा हटाने के लिए मशीनरी खरीदने से लेकर उसे प्रभावित क्षेत्रों में तैनात करने का कार्य समयबद्ध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने अधिकारियों को अग्रिम भुगतान के साथ लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग प्रारम्भ करने को कहा साथ ही कहा कि जल शक्ति विभाग को भी इस प्रक्रिया का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत में बढ़ोतरी की प्रथा को रोकने पर बल देते हुए अधिकारियों को क्लॉज 10 सीसी को हटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक चंद्रशेखर और चैतन्य शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रथम अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। वे 4 बजे सोलन स्थित सेब एवं फल मंडी का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री तदोपरांत कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग के परवाणु-सोलन हिस्से को भारी वर्षा के कारण पहुंची क्षति का जायज़ा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू इसी दिन सायं 5.45 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणु में निर्मित टर्मिनल मंडी का लोकार्पण भी करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं और महिला शक्ति समाज को दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। डॉ. शांडिल गत रात्रि इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की इंस्टालेशन सेरेमनी को बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की नई अध्यक्ष ऊषा ठाकुर और उनकी नवनियुक्त टीम को बधाई दी। उन्होंने आशा जताई कि इन्रव्हील क्लब सोलन मिड टॉउन भविष्य में भी अपनी लोक कल्याणकारी गतिविधियों को जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इनरव्हील क्लब से जुड़ी महिलाएं समाज के गरीब लोगों के उत्थान के लिए बेहतरीन कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों के कल्याण के लिए अन्य योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में बेसहारा, गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सुखाश्रय योजना आरम्भ की है। डॉ. शांडिल ने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन के सदस्यों से आग्रह किया कि नशा मुक्त हिमाचल का सपना साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का निवारण हर स्तर पर आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि नशा एक धीमा ज़हर है, जिसकी लत युवाओं को पूरी तरह खोखला कर देती है। उन्होंने इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की टीम से आग्रह किया कि वह पौधोरोपण में भी बढ़-चढ़ कर भाग लें और अधिक से अधिक पौधे लगाएं ताकि पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की नवनियुक्त अध्यक्ष ऊषा ठाकुर ने आगामी वर्ष ने किए जाने वाले सामाजिक कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल ठाकुर, महिला कांग्रेस की महासचिव वरिधी, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, इनरव्हील सोलन मिड टॉउन की सचिव रैना गुप्ता, जेडसीसी सबीता भल्ला, सम्पादक नीलम ठाकुर, मोनिका बसंल, अंजू पबयाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं क्लब के सदस्य उपस्थित थे।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू ने हाल ही में छात्रों के बीच खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने के उद्देश्य से लीग आधार पर अंतर्सदनीय फुटबॉल मैचों की मेजबानी की। इस प्रतियोगिता में टीम वर्क, शारीरिक फिटनेस और समन्वय पर जोर दिया गया, जबकि छात्रों को अपने फुटबॉल कौशल और जुनून का प्रदर्शन करने का मौका मिला। कनिष्ठ वर्ग में टीक सदन ने अन्य तीन सदनों पर जीत हासिल की, जबकि चिनार सदन ने वरिष्ठ वर्ग में अपना दबदबा बनाए रखा। वरिष्ठ वर्ग में चिनार सदन के खिलाड़ियों ने ओक सदन को छह-एक से करारी शिकस्त दी। दूसरे दिन सुबह चिनार सदन का मुकाबला टीक सदन के साथ था। टॉस जीतने बाद टीक सदन के हरसिमरजीत ने अपना पहला गोल किए। आधे समय तक टीक सदन का स्कोर चार -एक था। प्रतियोगिता का दूसरा हाफ शुरू होते ही चिनार सदन के खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और एक के बाद अनेक गोल दागे। चिनार सदन के खिलाड़ियों ने टीक सदन की कमर तोड़ दी और प्रतियोगिता का मुकावला आठ-एक से जीत कर ट्राफी पर कब्ज़ा किया। चिनार सदन के अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सर्वाधिक तीन गोल किया। कनिष्ठ वर्ग में, माणिक चौहान उल्लेखनीय गोल स्कोरिंग क्षमताओं के साथ सर्वोच्च स्कोरर के रूप में चमके, जबकि बलकरण सिंह को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर से नवाजा गया। वरिष्ठ वर्ग में अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा गोल किया और उन्हें सर्वोच्च स्कोरर का खिताब दिया गया, जबकि देवदार सदन के दीनव गोयल ने सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का खिताब अपने नाम अर्जित किया। हेमांग ठाकुर कनिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में सामने आए, जबकि हरसिमरजीत सिंह विरदी ने उल्लेखनीय नेतृत्व और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का खिताब दिया गया ,जिससे उन्हें वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब दिया गया। अंत में विजयी सदन के विद्यार्थियों को मंच पर हेड टीचर पंकज शर्मा, के द्वारा पुरुस्कृत किया गया और उन्होंने सभी खिलाड़ियों से फाइनल तक पहुंचने के सफ़र पर बातचीत करके सभी से व्यक्तिगत रूप में मिलकर शुभकामनाएं ज्ञापित की। इस अवसर पर गतिविधि प्रभारी गुरप्रीत सिंह, हेड ऑफ स्पोर्ट्स दिगंबर भट्ट, फुटबॉल कोच विनीत सिंह और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
"जो चाचा है वो ही भतीजा है, जो भतीजा है वो ही चाचा है "...सोलन नगर निगम की सियासत कुछ यूँ ही दिखती है। कहीं भाजपाई, कांग्रेस के साथ है तो कहीं कांग्रेसी, भाजपाइयों के साथ। बेशक नगर निगम के चुनाव पार्टी सिंबल पर हुए थे, लेकिन निगम की अंदरूनी सियासत पर पार्टी का बहुत असर दिखता नहीं है। यूँ तो नगर निगम पर कांग्रेस का कब्ज़ा है, लेकिन कांग्रेस के ही पार्षद भाजपा के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव ला चुके है। ये अलग बात है कि तब तकनीकी नासमझी के चलते उनका दांव उल्टा पड़ गया था। अब भी कांग्रेस के कुछ पार्षद अलग थलग दिख रहे है। निगम के जनरल हाउस में अमूमन हंगामा भी भाजपाइयों से ज्यादा कांग्रेसी ही करते है। उधर, मेयर और डिप्टी मेयर की राजनैतिक सेहत को कोई नुक्सान होता नहीं दिखता। दोनों जमे हुए है, डटे हुए है और इनके पास आवश्यक समर्थन भी दिखता है। हालांकि ढाई साल बाद नियम के मुताबिक मेयर बदला जाना है और ढाई साल इसी अक्टूबर में पूर्ण होंगे। ऐसे में राजनैतिक सरगर्मियां फिर तेज है। वहीँ कांग्रेस की इस खींचतान में भाजपा संभावना तलाश रही है। अविश्वास प्रताव के वक्त भी कांग्रेस के कुछ पार्षदों के साथ जो तय हुआ था उसमें भाजपा का डिप्टी मेयर और कांग्रेस का मेयर बनना था। पर माहिर मान रहे है कि भाजपा की निगाह अब मेयर पद पर है। डॉ राजीव बिंदल के अध्यक्ष बनने के बाद निसंदेह भाजपा को किसी तिगड़म की उम्मीद जरूर होगी। अगर बिंदल किसी भी तरह ऐसा कर देते है तो ये कांग्रेस के लिए तो झटका होगा। हालांकि ऐसा मुश्किल जरूर है, पर गीले शिकवे भूलकर कांग्रेसी एकजुट नहीं हुए तो ये मुमकिन तो है ही। सोलन नगर निगम में कुल 17 पार्षद है, 9 कांग्रेस के, 7 भाजपा के और एक निर्दलीय जीतकर आएं है। निर्दलीय पार्षद पूर्व में भाजपाई थे और उनका झुकाव भाजपा की तरफ रह सकता है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ एक का अंतर रह जाता है। विभाजित दिख रहे कांग्रेस के पार्षदों के बीच इस एक के अंतर को पाटना भाजपा के लिए शायद मुश्किल न हो। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि कांग्रेस के पार्षदों की राजनैतिक निष्ठा भी अलग अलग नेताओं के साथ है। जाहिर है कांग्रेस को अभी से न सिर्फ स्थिति कंट्रोल में लानी होगी, बल्कि फूंक फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। वहीँ इस पूरी राजनैतिक खींचतान के बीच निजी तौर पर कांग्रेस के डिप्टी मेयर राजीव कोड़ा की पकड़ जरूर मजबूत दिखती है। होली लॉज के करीबी माने जाने वाले कोड़ा की पकड़ दोनों ही तरफ के कई पार्षदों पर दिख रही है। कोड़ा की पोलिटिकल मैनेजमेंट फिलवक्त बेहतर लगती है और माहिर मान रहे है कि मौजूदा स्थिति में राजीव कोड़ा को कम नहीं आँका जा सकता। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान के लिए भी आगे का कोई निर्णय आसान नहीं होने वाला। बहरहाल सवाल ये ही है कि क्या सोलन नगर निगम में कोई अप्रत्याशित गठजोड़ देखने को मिलेगा या कांग्रेस स्थिति कंट्रोल कर लेगी।
पर्यावरण-अनुकूल समाधान अपनाकर हिमालयी समुदायों को एकजुट होने पर दिया जोर भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर, हिमालय के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर झटका लगा है, जो बेलगाम लालच और उपेक्षा के परिणामों को उजागर करता है। लेख 'कुल्लू तबाहÓ ब्यास नदी के किनारे बहुमंजिला होटलों के अंधाधुंध निर्माण के कारण होने वाली भयावहता, दुख, विनाश और जीवन की हानि पर प्रकाश डालता है। पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच नाजुक संतुलन पर विचार किए बिना, होटल व्यवसायियों द्वारा लाभ की निरंतर खोज विनाशकारी साबित हुई है। पिछले पांच दशकों में, ढलान वाली पहाड़ियों और नदी तटों पर बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियों ने क्षेत्र की प्राकृतिक सद्भाव को बाधित कर दिया है, जिससे यह पर्यावरणीय आपदाओं के प्रति संवेदनशील हो गया है। हाल ही में शामती, सोलन (हि.प्र.) में आई आपदा, जहां अव्यवस्थित जल प्रवाह के कारण कई घर ढह गए, भूवैज्ञानिक स्तर की अनदेखी और बिना सावधानी के निर्माण के गंभीर परिणामों पर जोर देती है। वर्षा का बदलता पैटर्न, जिसमें छोटे और तीव्र दौर शामिल हैं, भी चिंता का कारण बन गया है। पतझड़, गर्मी और सर्दी के सुपरिभाषित मौसम अब धुंधले हो गए हैं, उनकी जगह जलवायु परिस्थितियों की अतिव्यापी अवधि ने ले ली है। इन अनियमित मौसम पैटर्न के कारण अभूतपूर्व बाढ़ और भूस्खलन हुआ है, शहरों में पानी भर गया है और जान-माल का नुकसान हुआ है। जैसे ही हम 2023 की विनाशकारी घटनाओं के साक्षी बनते हैं, यह स्पष्ट हो जाता है कि यह पर्यावरणीय लापरवाही जारी नहीं रह सकती। प्रकृति का प्रकोप एक सख्त अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि हमारे कार्यों के परिणाम होते हैं, और योजना और दूरदर्शिता की कमी के परिणामस्वरूप गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दिल्ली का डूबना और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन सभी के लिए खतरे की घंटी होनी चाहिए। तत्काल समाधानों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, हमें यह समझना चाहिए कि मानवीय सरलता से प्रेरित अस्थायी सुधार केवल अल्पकालिक राहत प्रदान कर सकते हैं। एक स्थायी भविष्य के लिए, एक व्यापक दृष्टिकोण जो अनियंत्रित विकास पर पारिस्थितिक संरक्षण को प्राथमिकता देता है, जरूरी है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने इस नव चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट प्रयास का आग्रह किया। वह इस बात पर जोर देते हैं कि पुनर्प्राप्ति का मार्ग पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच एक नाजुक संतुलन खोजने में निहित है, जहां टिकाऊ प्रथाएं और जिम्मेदार विकास साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने भरी मात्रा में पेड़ लगाने पर भी ज़ोर दिया और कहा की केवल सामूहिक कार्रवाई, दूरदर्शिता और हिमालय के प्राकृतिक आश्चर्यों को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और अधिक लचीला भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। (लेखक शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर हैं)।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए २९ जुलाई को आयोजित होने वाली परीक्षा (ईएमआरएसएसटी-२०२३) स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा भारी बारिश से सम्पर्क मार्गों के अवरूद्ध होने तथा संचार सुविधा में बाधा उत्पन्न होने के दृष्टिगत स्थगित गई है। परीक्षा की आगामी तिथि पुनः घोषित की जाएगी।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं लक्षित वर्गों का सम्बल बनकर उभरी हैं। मनमोहन शर्मा गत सांय यहां जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली व जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को पात्रता अनुसार खाद्यान, खाद्य तेल एवं नमक इत्यादि उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के कार्यान्वयन सहित समय-समय पर निरीक्षण के माध्यम से उपभोक्ताओं के हित संवर्द्धन के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य करें और औचक निरीक्षणों के द्वारा उपभोक्ताओं के हित एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपायुक्त ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 324 उचित मूल्य की दुकाने है। उन्होंने कहा कि इन उचित मूल्य की दुकानो के माध्यम से अप्रैल से जून, 2023 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लगभग 7414 क्विंटल चीनी, लगभग 32,747 क्विंटल चावल, लगभग 49,818 क्विंटल आटा, लगभग 7036 क्विंटल उड़द, चना, मूंग एवं मलका दाल, 5,57,227 लीटर खाद्य तेल तथा लगभग 1968 क्विंटल आयोडाईज्ड नमक वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि ज़िला में 324 उचित मूल्य की दुकानो में से 195 दुकाने सहकारी सभाओं द्वारा, 122 व्यक्तिगत, 02 महिला मण्डलों द्वारा तथा 05 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 19 गैस एजेन्सियों के पास 2,03,209 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध गैस आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए निर्धारित योजनाओं के अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत ज़िला सोलन में अब तक 2,35,880 पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। योजना के तहत इस अवधि में बीपीएल व अन्तोदय कार्ड धारकों को 1823 मीट्रिन टन चावल तथा 2234 मीट्रिक टन आटा और एपीएल कार्ड धारकों को 1137 मीट्रिक टन चावल तथा 2399 मीट्रिक टन आटा वितरित किया गया।
प्रदेश में सभी जिलों में विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जा रहा है और राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 2 रेफरल लैब व 12 जिला रेफरल प्रयोगशालाओं द्वारा प्रदेश में वायरल हेपेटाइटिस की रैपिड स्क्रीनिंग की जा रही है। यह बात मुख्य संसदीय सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संजय अवस्थी ने कही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सभी पात्र रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा दवाएं नि:शुल्क हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई की जांच और उपचार के लिए 12 उपचार केंद्रों के अलावा दो मॉडल उपचार केंद्र भी हैं। गर्भवती महिलाओं, उच्च जोखिम समूहों (कैदियों, नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं, ट्रक ड्राइवरों, ट्रांसजेंडर आदि) की नियमित जांच का कार्य किया जा रहा है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में वायरल लोड टेस्टिंग नि:शुल्क की जा रही है। हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के मरीजों की वायरल लोड टेस्टिंग के बाद मरीज को उपचार के लिए पात्र पाए जाने पर राज्य अधिसूचित उपचार केंद्रों में उपचार प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत मरीजों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मंत्रालय का यह कार्यक्रम देश में वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम और इसे नियंत्रित करने के लिए सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल करने की दिशा में एकीकृत पहल है। इसके तहत वायरल हेपेटाइटिस को 2030 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष केंद्र सरकार ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस की विषयवस्तु 'हेपेटाइटिस का सामनाÓ हाथ मिलाना एकीकरण तथा विकेंद्रीकरण से प्रतिक्रिया में तेजी लाना रखी गई है। उन्होंने कहा कि एनवीएचसीपी कार्यक्रम तहत हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई, की रोकथाम, रोग के कारण का पता लगाना और उपचार के परिणामों की मैपिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज सोलन विकास खंड की ग्राम पचंायत सलोगड़ा में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह जनाकरी आई.बी.सी.सी समन्यवक राधा चैहान ने दी। राधा चैहान ने कहा कि हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ा एक रोग है जो वायरल संक्रमण के कारण होता है। इसका मुख्य लक्षण लीवर में सूजन आना है। हेपेटाइटिस चार प्रकार का होता है जिसमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी तथा ई शामिल है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस, संक्रमित सुइयों के प्रयोग से, असुरक्षित यौन सम्बन्ध से तथा संक्रमित माँ से बच्चों में फैलता है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस ए और ई दूषित भोजन व पानी के सेवन से फैलता है जिसका लक्ष्ण वज़न कम होना, भूख न लगना, खारिश, पेट दर्द व सूजन, उल्टी, बहुत अधिक थकान होना, मूत्र का रंग बदलना इत्यादि हैं। राधा चैहान ने कहा कि हेपेटाइटिस बीमारी से बचाव के लिए अपने हाथ अच्छे से धोएं, असुरक्षित यौन सम्बन्ध न बनाएं, हेपेटाइटिस ए और बी का टीकाकरण करवाएं, अधिक पानी पीएं, मदिरा का कम सेवन करें, अपना रेज़र व टूथब्रश किसी से शेयर न करें, टैटू बनाते समय सुरक्षित उपकरणो का उपयोग करें तथा भोजन को चबा-चबा कर खाएं। इस अवसर पर हेल्थ वेलनेस सेंटर की स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा वर्कर, आगंनबाडी कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य केन्द्र सलोगडा के कर्मचारी उपस्थित थे।
पंचायत में हुए विकास की सराहना की स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने नौणी पंचायत का निरीक्षण किया। टीम ने स्वच्छ भारत मिशन निधि से हुए कार्यों की जांच की। इसके अलावा टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनें नलों तथा शौचालयों का निरीक्षण भी किया। स्वच्छ भारत मिशन निधि से बने शौचालयों का भी निरीक्षण किया तथा श्रेष्ठ गुण लता युक्त कार्य की सराहना की। पंचायत प्रधान मदन हिमाचली, उप प्रधान हरदेव सिंह वार्ड मेंबर अनीता, विद्या, नरेंद्र व शिवचरण ने टीम का अभिनंदन किया। टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड में भी स्वच्छता की जांच की, जहां प्रधानाचार्य पुनम कालटा तथा स्टाफ द्वारा टीम का स्वागत किया गया। उन्होंने कूड़ा संयंत्र को भी देखा। स्वच्छता मूल्यांकन टीम में भारत सरकार की ओर से जूनैद उस्मानी ग्रामीण विकास मंत्रालय हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से अजय शर्मा जिला प्रशासन सोलन की ओर से खेम राज बीडीओ ऑफिस सोलन की ओर से रीना शर्मा ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने पंचायत में हुए विकास की सराहना की और बताया कि यह मॉडल पंचायत बन चुकी है। वहीं, पूर्व प्रधान बलदेव सिंह ने भी 15 वर्षों में हुए विकास की टीम को विस्तृत जानकारी दी।
रक्तदाताओं को रक्त सेवा सम्मान से किया जाएगा सम्मानित जिला बिलासपुर के घुमारवीं में पंजीकृत नेहा मानव सेवा सोसायटी अपना 13वां रक्तदान शिविर बद्दी के निकट मलकू माजरा में स्थित हरे कृष्णा गौशाला में आयोजित करने जा रही हैं। यह रक्तदान शिविर स्वर्गीय अनुज बरूर की याद में आयोजित किया जा रहा है। यह रक्तदान शिविर थैलासीमिया बीमारी से पीड़ितों के लिए विशेष रूप से लगाया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय अनुज बरूर को भी थैलासीमिया की वजह से बेवक्त ही इस दुनिया को अलविदा कहना पड़ा था। थैलासीमिया से पीड़ित बच्चों का जीवन रक्तदानियों के सहयोग से ही बच पाता है। चंडीगढ़ पीजीआई की ब्लड बैंक टीम इस रक्तदान शिविर में थैलासीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त एकत्रित करने पहुंच रही है। रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को रक्त सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिन रक्तवीरों ने 100 या इससे अधिक बार रक्तदान किया है उन्हें रक्त रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। रक्तदानियों के साथ-साथ शिविर में विभिन्न सेवाएं निभाने वाले सेवादारों को रिफ्रेशमेंट व भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। नेहा मानव सेवा सोसाइटी के संस्थापक एवम् सचिव पवन बरूर जी का सभी रक्तदानियोंं से विनम्र निवेदन है कि उनके नंबर 8219337757 पर अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करवा लें, ताकि आपके आने जाने और खाने की उचित व्यवस्था की जा सके। नेहा मानव सेवा सोसाइटी ने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा रक्तदानी शिविर में पहुंचे और रक्तदान शिविर को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- हर साल बनते हैं दवाइयों के लाखों बैच, कम गुणवत्ता वाली दवाओं की दर महज एक प्रतिशत हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (रिटा.) धनी राम शांडिल ने हिमाचल में फार्मा कंपनियों द्वारा उत्पादित की जा रही दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे आशंकाओं को दूर करने की पहल की है। शांडिल ने कांगड़ा दौरे के दौरान जारी बयान में कहा कि महज कुछ लोगों की वजह से पूरे प्रदेश के फार्मा उद्योग को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए और जो भी लोग इस पर अनापशनाप बयानबाजी करते हैं वो तकनीकी तथ्यों से अनभिज्ञ है। ऐसे लोग तथ्यों की जानकारी बिना गलत बयानबाजी न करें क्योंकि इससे देश में हिमाचल की छवि खराब होती है। कर्नल शांडिल ने कहा कि प्रदेश में बन रही दवाइयां गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरी उतरती हैं। हर साल प्रदेश की फार्मा कंपनियों से दवाइयों के लाखों बैच बिक्री के लिए निकलते हैं। शांडिल ने कहा कि दवाइयों की गुणवत्ता में कमी आने के कई कारण होते हैं। इनमें रखरखाव में कमी, उचित तापमान का अभाव , ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हुई लापरवाही आदि शामिल हैं। ऐसे में हर दवाइयों की शुद्धता पर सवाल उठाना सही नहीं है। दवाओं की गुणवत्ता पर हायतौबा मचाने वाले पहले तकनीकी जानकारी हासिल करें तो बेहतर होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा प्रदेश में चल रही फार्मा कंपनियों में उत्पादन का नियमित निरीक्षण किया जाता है। कमी मिलने पर तुरन्त कार्रवाई होती है। कांग्रेस सरकार ने अपने सात माह के कार्यकाल में शिकायतें मिलने पर करीब 30 दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द किए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के दवा निरीक्षकों ने पहली बार अनियमितताएं बरतने वाले कई दवा निर्माताओं पर केस दर्ज करवाकर उन्हें गिरफ्तार भी करवाया है जिनकी संख्या 11 के आसपास है। शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर एनएसक्यू दवाओं का प्रतिशत 3: के लगभग है जबकि उसके आगे हिमाचल का प्रतिशत कुछ भी नहीं है । फिर भी हम सख्त कदम उठा रहे हैं और आगे भी उठाएंगे । हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की दवा कंपनियां काम कर रही हैं और इनकी वजह से हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। कुछ काली भेड़ों की वजह से पूरे प्रदेश और यहां के उद्योगों को बदनाम करना सही नहीं है। शांडिल ने कहा कि वह आने वाले समय में सेहत महकमे को और सशक्त करेंगे। फील्ड में कार्यरत विशेषकर छापेमारी में संलग्न विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। विभाग में किसी भी स्तर पर यदि कोई भी कमी पाई जाती है तो उसे शीघ्र दूर किया जाएगा।
बघाट टैक्सी यूनियन ने आज फिर एक बार मानवता का उदाहरण पेश किया है। टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों नेसोलन के रबोन में एक दिव्यांग छात्र को एक व्हील चेयर भेंट की। इसको लेकर बघाट टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि राजकीय प्राथमिक स्कूल रबोन में एक छात्र दिव्यांग है और उससे व्हील चेयर की आवश्यकता है। जानकारी मिलते ही टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने पैसे एकत्रित कर व्हील चेयर खरीदी। पदाधिकारियों ने बताया कि यूनियन द्वारा समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की सहयता की जाती है।
धर्मपुर खंड की खंड स्तरीय तीन दिवसीय अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता में वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पट्टाबराबरी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी को फाइनल में हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों का विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य कमलेश चौहान व संपूर्ण स्टाफ ने जोरदार स्वागत किया तथा इस उपलब्धि पर बधाई दी। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय के पी टी आई सुधीर कुमार की सराहना की गई। विद्यालय के चार खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित भी हुए हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला सोलन की ब्लॉक इकाई कुनिहार ने अध्यक्ष सुनील दत्त की अगुवाई में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी से शिमला सचिवालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान इकाई की ओर से उन्हें शॉल टोपी व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। पुरानी पेंशन बहाली पर इकाई की ओर से सरकार का आभार व्यक्त किया गया। मुख्य संसदीय सचिव व अर्की विधान सभा से विधायक संजय अवस्थी ने कुनिहार ब्लॉक इकाई के सभी सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा,कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के साथ है व उनकी किसी भी समस्या का समाधान करने को प्रतिबद्ध है। इस दौरान इकाई अध्यक्ष सुनील दत्त, सुरेश कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बलदेव ठाकुर महासचिव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 75 वर्ष पूर्ण होने पर गेयटी सभागार शिमला में बहुत ही धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजशरण शाही मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबिता फोगाट उपस्थित रहीं। फोगाट ने संबोधन करते हुए विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद को ऐसे ओर कार्यक्रम छात्राओं के लिए करवाने चाहिए व यहां मेरे सहयोग व सहायता की जरूरत होगी वह मैं करूंगी। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम अमृत महोत्सव समारोह की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आकाश नेगी ने बताया कि इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में देश व प्रदेश कानाम ऊंचा करने वाले व सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की भी झलक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अभाविप के पूर्व कार्यकर्ता, शिमला जिला की विभिन्न इकाइयों के कार्यकर्ता व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने और लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी 'परिवार रजिस्टर' बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिवार रजिस्टर के रखरखाव नियम, 2023 के एक प्रारूप को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। शहरी क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 48 ए धारा 308 ए और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 43 (5) और धारा 393 में संशोधन किया गया है ताकि परिवार रजिस्टर के रखरखाव का प्रावधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का यह नवोन्मेषी कदम शहरी क्षेत्रों के लिए योजनाओं को तैयार करने के दृष्टिगत निर्णय लेने में मील पत्थर साबित होगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के बारे में महत्वपूर्ण डॉटा उपलब्ध होगा, जिसके उपयोग से संसाधनों के बेहतर आबंटन सुनिश्चित कर जन कल्याण के लिए स्टीक योजनाएं बना जा सकेंगी। अभी तक केवल ग्राम पंचायतों में ही परिवार रजिस्टर रखे जाते थे। इस पहल के साथ, शहरी आबादी की आपत्तियों और सुझावों के उपरांत अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी ढंग से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी तक परिवार रजिस्टर को संशोधित किया जा सकता है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में रहने वाले सदस्यों, उनके व्यवसाय, जाति, शैक्षणिक स्थिति और अन्य आवश्यक विवरणों का रिकार्ड रखना महत्वपूर्ण है। पारिवारिक रिकार्ड सुनिश्चित होने से सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय निकायों के लोगों को लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमों के तहत वार्ड समिति के संबंधित सचिव को वार्ड के वास्तविक निवासियों के परिवारों के विवरण के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना आवश्यक होगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी या नगर पंचायत के सचिव या इसके लिए विशेष रूप से नामित सत्यापन अधिकारी द्वारा रजिस्टर सत्यापित किया जाएगा। सभी आवश्यक संशोधन और सत्यापन पूरे होने के उपरांत तैयार किया गया अंतिम परिवार रजिस्टर अनुमोदन के लिए सदन के समक्ष रखा जाएगा और राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा यह डाटा ऑनलाइन मोड के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 99.60 प्रतिशत राशनकार्ड लाभार्थियों के राशनकार्ड को आधार संख्या से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश में कुल 74,60,584 लाभार्थी हैं, जिनमें से 74,30,737 लाभार्थियों के आधार राशनकार्ड से जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपने राशनकार्ड को आधार से नहीं जोड़ा है वह 15 अगस्त से पूर्व नजदीकी राशन डिपो में जाकर अपना आधार दर्ज करवा सकते हैं। यदि कोई अपना आधार 15 अगस्त तक दर्ज नहीं करवाता है तो इस स्थिति में राशनकार्ड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा तथा आधार की जानकारी उपलब्ध करवाने के बाद ही राशनकार्ड को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड धारकों की सुविधा के लिए लाभार्थिर्यों के मोबाइल नंबर को भी उनके राशनकार्ड के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए जा रहे खाद्यान्नों की सुविधा संबंधित जानकारी उपभोक्ताओं को पंजीकृत मोबाइल पर दी जा सके। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर जाकर अपडेट मोबाइल नम्बर विकल्प के अधीन अपने 12 अंकों के आधार नम्बर दर्ज करवाने के उपरांत अपना मोबाइल नम्बर अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहा है कि राशनकार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप ही हो। इस विषय में उपभोक्ता अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य दुकानदारों को समयबद्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के पांच दशकों का शांतिपूर्ण संघर्ष लाया रंग, अब बिल जाएगा राष्ट्रपति के पास हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन से सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर आई है। बुधवार को चर्चा के बाद राज्यसभा में गिरिपार क्षेत्र का हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल को पारित हो गया है। लोकसभा में यह बिल पहले ही पारित हो चुका था। इस खबर के बाद गिरिपार क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है और इस ऐतिहासिक फैसले के लिए केेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्यसभा के सांसद और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा का तहेदिल से आभार प्रकट किया है। गौर हो कि बीते मंगलवार को छत्तीसगढ़ के 12 समुदाय के एसटी संशोधन बिल को पास करने के बाद हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और अधिक बलवान हो गई थीं कि बुधवार को उनका संशोधन बिल भी पास होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल का समर्थन किया था। बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद हाटी समुदाय को हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के बिल पर चर्चा शुरू हुई। हिमाचल के राज्यसभा सासद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने हाटी समुदाय के बारे में जानकारी के साथ-साथ पचास वर्ष के शांतिपूर्ण संघर्ष के बारे में बताया। उसके बाद अन्य सांसदों ने भी इसका समर्थन किया। गौर हो कि हाटी समिति के पदाधिकारियों ने मॉनसून सेशन शुरू होने से पहले ही कहा था कि हाटी समिति को पूरा भरोसा है कि यदि राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली तो हिमाचल प्रदेश जनजातीय संशोधन बिल में हाटी समुदाय को भी जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हाटी समीति केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल और महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। क्षेत्र के लोगों का पांच दशकों से अधिक का शांतिपूर्ण संघर्ष आज उस मुकाम पर पंहुच गया है जहां से हम बहुत जल्द अपनी मंजिल हासिल कर लेंगे। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में सहयोग देने वालों का समिति आभार प्रकट करती है। पिछली बार ऐसे रुकी प्रक्रिया इसी वर्ष फरवरी माह में केंद्रीय हाटी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्य मंत्री रेणुका सिंह से मिला था जिसमें अर्जुन मुंडा ने विश्वास दिलाया था कि हाटी समुदाय को जनजाति का अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता है,लेकिन फरवरी का संसद सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा और 5 बार कार्य सूची में आने के बावजूद भी पास नहीं हो सका।
नवाचार, कौशल विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम में, शूलिनी विश्वविद्यालय और आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक समझौता एक सहयोगात्मक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है जिसका उद्देश्य पेशेवरों को सशक्त बनाना, अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और दूरदर्शी छात्र परियोजनाओं को वास्तविकता में बदलना है। एमओयू के तहत शामिल कुछ मुख्य बिंदुओं में कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। इन्हें उभरते क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए संकाय और छात्रों के लिए डिज़ाइन और संचालित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेशेवरों का एक विविध समूह भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। भारत में सार्वजनिक और सामुदायिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को संबोधित करने वाले नवीन समाधान और प्रबंधन उपकरण विकसित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देना, वास्तविक सामाजिक परिवर्तन लाना समझौते का अन्य उद्देश्य होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय और आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय दुनिया में स्थायी बदलाव लाने के लिए पेशेवरों की एक नई पीढ़ी को सशक्त बनाने, नवाचार और सहयोग में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा। प्रो चांसलर विशाल आनंद ने कहा कि एमओयू सहयोग के एक महत्वाकांक्षी दायरे की रूपरेखा तैयार करता है जिसमें पहल की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जो सभी पूरकता, तालमेल और पारस्परिक लाभ पर केंद्रित है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र भारत में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं, जिससे सामाजिक प्रभाव और सतत विकास होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा, हम नवाचार और सहयोग की यात्रा शुरू करने के लिए आईहब अनुभूति- आईआईआईटी दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ हाथ मिलाकर रोमांचित हैं। यह साझेदारी भारत में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर दर्शाती है। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य हमारे छात्रों और शिक्षकों के बीच रचनात्मकता, समस्या-समाधान और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के माध्यम से सार्थक परिवर्तन लाने का एक साझा दृष्टिकोण साझा करते हैं। यह समझौता भविष्य के सहयोग के लिए मंच तैयार करता है जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव पैदा करेगा, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को सरलता और रचनात्मकता के साथ संबोधित करेगा।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आज कारगिल विजय दिवस की 24वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के वीर जवानों की बहादुरी, शौर्य और पराक्रम को याद करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि यह दिवस असंख्य वीरों की वीरगति के उपरांत कारगिल जीत की स्मृति दिलवाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। भारतीय सेना ने विषम परिस्थितियों में भी सदैव जीत का ही वरण किया है। आज के दिन हम सभी भारतीय सेना को सच्चे हृदय से नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवानो ने अपने जीवन का बलिदान देकर राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा की। भारतीय सेना के असंख्य शहीदों को यही सच्ची श्रद्धाजंलि होगी कि हम सभी अपना कार्य समर्पण और ईमानदारी से पूर्ण करे। उपायुक्त ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन सदैव ज़िला के पूर्व एवं सेवारत सैनिकों तथा उनके परिजनों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। नगर निगम की महापौर पूनम ग्रोवर, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश कुमार अग्निहोत्री सहित वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा पूर्व सैनिक इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर ज़िला के सभी उपमण्डलों एवं विकास खंडों में शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और शपथ भी दिलाई गई।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेजा को जाने वाली सड़क का करीब दो सौ मीटर का भाग भारी बरसात के कारण बह गया है। हालांकि आजकल स्कूल में छुटियां हैं, लेकिन 31 जुलाई को स्कूल खुल जाएंगे। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता सता रही है। इस साल हुई भारी बारिश नदी का जलस्तर बढ़ने से स्कूल को जाने वाला एक मात्र रास्ते का नामोनिशान मिट गया है। स्कूल खुलने पर बच्चों को नदी पार कर स्कूल जाना पड़ेगा। आजकल नदी में पानी बहुत अधिक है, जिस कारण बच्चे पानी में नहीं जा सकते नदी में एकाएक पानी आने से कोई हादसा भी हो सकता है। स्कूल को जाने के लिए पूरा रास्ता नदी के साथ होकर गुजरता है। वहीं इतनी जल्दी टूटे रास्ते को बनाना संभव नहीं दिख रहा। कुछ अभिभावकों का कहना है कि अभी बरसात का मौसम खत्म नहीं हुआ है और अगर पिछले दिनों हुई बरसात फिर होती है तो यहां पर बच्चों के साथ कोई हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि अभी तक शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी तक इसकी सूचना नहीं दी गई है, जबकि करीब पंद्रह दिन सड़क टूटे हो गए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न किया जाए व जब तक स्कूल को जाने वाले रास्ते का निर्माण नहीं हो जाता तब तक शिक्षा विभाग के पुराने भवन में क्लासे लगाई जाएं। पुराने भवन में क्लासे लगने से बच्चे की सुरक्षित रहेंगे। समस्या को लेकर मंगलवार को एसएमसी व क्षेत्र के लोगों की बैठक भी हुई, जिसमें इस समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें सभी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर दिखे। एसएमसी प्रधान आशा कंवर ने बताया कि एसडीएम कसौली व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी को मौका पर बुलाया जाएगा। वहीं, स्कूल के कनिष्ठ लिपिक अजय गुप्ता ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्कूल नए भवन में रहेगा। वहीं शिक्षा उप निदेशक सेकेंडरी सोलन जगदीश नेगी ने बताया कि इस बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है। स्कूल प्रशासन को एसडीएम कसौली को सूचना देनी चाहिए।
आज सुबह कुनिहार-नालागढ़ मार्ग बढलग भाट की हट्टी के समीप एक ट्रक अनियंत्रित होकर पहाड़ी से जा टकराया जिसकारण कुनिहार-नालागढ़ मार्ग अवरुद्ध हो गया। दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रुक गई और वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान वाहनों की आवाजाही बाया मान से होकर चलाई जा रही है। लोक निर्माण विभाग कुनिहार अनुभाग मान के सहायक अभियंता अमरसिंह ने बताया कि ट्रक की वजह से मार्ग अवरुद्ध है फिलहाल वाहन चालक मान सड़क मार्ग का प्रयोग कर रहे हैं। जल्द ही इस मार्ग से ट्रक को निकाल कर यातायात के लिए मार्ग सुचारू कर दिया जाएगा।
आज जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई आदि संगठन के द्वारा सोलन के चिल्ड्रन पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। यह धरना-प्रदर्शन मणिपुर में पिछले 86 दिनों से जारी हिंसा के विरोध में किया गया। इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में 70 हजार लोग प्रभावित होकर बेघर हुए हैं। ये सभी लोग राहत शिविरों में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। भाजपा की प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह की संवेदनहीन व पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण स्थिति दिनोंदिन भयावह होती जा रही है। राज्य में महिलाओं, बच्चियों व लड़कियों के यौन शोषण व बलात्कार की घटनाएं आम हो गयी हैं। गत दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके उनके सामूहिक बलात्कार की 4 मई की घटना ने देश व सभ्य समाज के रौंगटे खड़े कर दिए हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह बेहद लज्जाजनक घटना है। प्रदेश की भाजपा सरकार इस तरह की घटनाओं को लगातार छिपाने की कोशिश करती रही है व दोषियों को मूक समर्थन देती रही है। सरकार की अक्षमता व भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मणिपुर में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। आश्चर्यजनक बात है कि इस तरह की हिंसा व बलात्कार की घटनाओं पर देश के प्रधानमंत्री तीन महीने तक मौन रहे। जब दो महिलाओं के बलात्कार व निर्वस्त्र करने का वीडियो वायरल हुआ तो प्रधानमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए भारी संवेदनहीनता का परिचय दिया तथा राजस्थान व छतीसगढ़ के मसले उठाकर मणिपुर मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की। उनका बयान पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना था व उन्होंने देश में बलात्कार, सामूहिक हत्याओं व हिंसा की घटनाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीति का शिकार बना दिया। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के यह मंजूर नहीं हो सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह, देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व देश के गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली मणिपुर हिंसा में संदेह के घेरे में रही है। उनकी अक्षमता, पक्षपात व भेदभाव पूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मणिपुर व देश की जनता का विश्वास मणिपुर की भाजपा सरकार वह केंद्र सरकार से पूर्णत उठ चुका है इस सारी पृष्ठभूमि में मणिकर के विषय पर आपका सकारात्मक हस्तक्षेप अपेक्षित है आशा है कि आप इस विषय पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाएंगे। जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई इस धरना प्रदर्शन से मांग करती है कि मणिपुर हिंसा पर तत्काल रोक लगाई जाए। वहां सांप्रदायिक सौहार्द कायम किया जाए। मणिपुर में तत्काल शांति बहाल की जाए। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अक्षम भेदभाव व पक्षपात पूर्ण कार्यप्रणाली के कारण उन्हें तत्काल अपने पदों से हटाया जाए। मणिपुर में सिटी उत्पीड़न बलात्कार व यौन शोषण पर रोक लगाई जाए। बेघर लोगों को राहत शिविरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए व उन्हें उनके मूल निवास में पहुंचाने के यथाशीघ्र ठोस उपाय किए जाए। हिंसा बलात्कार व सामूहिक हत्याओं के लिए जिम्मेवार लोगों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उनके खिलाफ मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए व उन्हें कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए । हिंसा व बलात्कार की घटनाओं का शिकार हुए लोगों में महिलाओं को उचित राहत उपलब्ध करवाई जाए। इस धरना प्रदर्शन में 50 से ज्यादा लोग शामिल रहे।
एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर में आईपीएससी अंडर-17 सॉकर टूर्नामेंट फॉर बॉयज-2023 का आयोजन किया गया। इसमें पाइनग्रोव स्कूल के लड़कों की सॉकर टीम ने अत्यंत कौशलपूर्ण खेल का प्रदर्शन किया। टीम के सभी खिलाड़ियों ने प्रत्येक मैच में सच्ची खेल भावना, दृढ़ संकल्प और कौशल दिखाया। आसाम वैली स्कूल के खिलाफ 3-2 से मैच जीता, मॉडर्न स्कूल बाराखम्बा-दिल्ली के खिलाफ 2-0 से, लॉरेंस स्कूल सनावर के खिलाफ 5-0, डेली कॉलेज (पेनल्टी किक्स) के खिलाफ 6-5 के अंतराल से शानदार जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई। मेजबान एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर के खिलाफ कड़ा मुकाबला रहा, जिसने दर्शकों को सीटों से बांधे रखा। मैच 1-1 से बराबर रहा। हार-जीत का फैसला अब 10 मिनट का अतिरिक्त समय देकर होना था। अंत में मेजबान एमराल्ड हाइट्स ने मैच 2-1 के मुकाबले से जीत लिया। पाइनग्रोव स्कूल के आरुष सेन मेहता और दीनव गोयल को क्रमश: टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर और सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह ने खिलाड़ियों को उनके जज़्बे एवं उम्दा प्रदर्शन के लिए बधाई दी एवं प्रशंसा की कि सभी खिलाड़ियों ने खेल की उच्च भावना एवं मुकाबले के स्तर को कायम रखा।
अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ दाड़लाघाट के कार्यकर्ताओं ने सुल्ली मुख्य मैन गेट में 69वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मज़दूर संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर मुख्यातिथि रहे, जबकि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सेवा प्रमुख शिमला राजेेंद्र वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलित कर ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यातिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पदाधिकारियों ने शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय,समान काम का समान वेतन का स्वागत किया। कहा कि यह भारत के प्रत्येक सीमेंट उद्योग में लागू किया जाएगा। इसके लिए शीध्र ही दिल्ली संसद भवन का घेराव किया जाएगा। यदि उद्योग के शासक वर्ग ने इस कानून का उलंघन किया। इस संदर्भ में उद्योग में भी भविष्य में श्रमिक हड़ताल पर जाएगा। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि क्योंकि भारत सरकार यदि श्रमिकों के मन की आवाज यदि नहीं सुनेगी। जब से भारत स्वतंत्र हुआ मजदूरों के साथ सरेआम शोषण हो रहा है,लेकिन अब यह शोषण सहन नहीं होगा। भारतीय मज़दूर संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने सभी को 69वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि यदि हम सब मिलकर अपना कार्य किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी से निस्वार्थ भाव से करेंगे तो फिर स्वयम के लिए औऱ जहां भी हमारा कार्य क्षेत्र है स्वयं ही राष्ट्र हित, उद्योगहित तथा श्रमिक स्वयमेव ही हो जाता है,क्योंकि भारतीय मज़दूर संघ का मूलभूत सिद्धांत है शोषण मुक्त समाज और शोषित पीड़ित दलित जनों के हितों का ध्यान रखना। इस मौके पर शिमला सेवा विभाग प्रमुख राजेंद्र वर्मा,अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा,अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ दाड़लाघाट के अध्यक्ष सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष रुवेश कुमार, सचिव राकेश कुमार, कमल भट्टी उपाध्यक्ष टेकचंद, लाभचंद, दीपचंद, अमर देव शर्मा सहित काफी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
श्रद्धा मिस व चिंतामणि को चुना मिस्टर फेयरवेल आस्था कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बीएड) कुनिहार में 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बीएड प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुत कर समा बांध दिया। समारोह का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य डॉ. कश्मीर सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कॉलेज प्रवक्ता जयपाल सिंह ने बताया कि समारोह के प्रथम चरण में बीएड प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया। इसमें श्रद्धा मिस व चिंतामणि मिस्टर फेयरवेल चुने गए। दूसरे चरण में कॉलेज प्राचार्य ने विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया। पूरे सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर शुभम को बेस्ट प्रशिक्षु और अर्चना, पंकज, गौरव व वर्षा को बेस्ट वालंटियर चुना गया। इससे पूर्व प्रशिक्षुओं ने रंगारंग पहाड़ी नाटी, पहाड़ी गिद्दा, एकल नृत्य, युगल नृत्य से मन मोह लिया।
शिव तांडव गुफा विकास समिति कुनिहार व शंभू परिवार के सौजन्य से 24 जुलाई को सावन सोमवार के उपलक्ष्य पर भजन संध्या व विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष राम रतन व उपाध्यक्ष रितु ठाकुर ने बताया कि सोमवार को सुबह विधि विधान के साथ गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग का मंत्रोचारण के साथ पंचामृत स्नान व जलाभिषेक होगा। दोपहर में हवन व पूर्णाहुति के साथ शिव भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारा आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संध्या बेला में भवानी कीर्तन मंडल कोटी द्वारा भगवान भोले नाथ की चौकी भरी जाएगी। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने,भजन संध्या में हाजरी लगाने व भण्डारा ग्रहण करने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम अपने होटलों में कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह छूट तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटकों को सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने तथा निगम के होटलों में आमद दर (अक्युपेंसी) बढ़ाने के दृष्टिगत लिया गया है।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में पिछले कुछ सप्ताह से पौधरोपन अभियान चलाया गया है। शनिवार को विश्वविद्यालय के मॉडल फार्म में वन महोत्सव कार्यक्रम मनाया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के स्टाफ और छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए जिससे परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मधुमक्कियों और अन्य मित्र कीटों को वर्ष भर भोजन उपलब्ध होगा। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि वृक्षारोपण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय द्वारा वन महोत्सव को पिछले एक माह से मनाया जा रहा है और कैम्पस में सभी विभागों, एनसीसी कड़ेट्स और लाइफ मिशन के तहत अलग अलग दिन पर पौधरोपण किया गया है और 12-13 हेक्टेयर भूमि पर 4000 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होनें सभी से वन महोत्सव को अपने जीवन का अंग बनाने का आग्रह किया और सभी से विशेषकर छात्रों से इस तरह के सामाजिक कार्यों का निरंतर हिस्सा बनने का आग्रह किया। प्रोफेसर चंदेल ने कहा की वृक्षारोपण हमारे प्रकृति के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि बहुत सी जरूरी विकास गतिविधियों के लिए पेड़ों को काटना पड़ता है। उन्होनें छात्रों से प्रकृति के संरक्षण के लिए छोटे छोटे प्रयास करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे के कारण वन महोत्सव जैसी गतिविधियों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वह अपने द्वारा लगाए गए हर पौधे को अपनाएं और देखभाल करें। इससे पहले निदेशक अनुसंधान ने सभी से 'एक पेड़ देश के नामÓ के नारे को अपनाने को कहा और वृक्षारोपण के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फयदों के बारे में बताया। उन्होनें नियोजित वृक्षारोपण से जलवायु परिवर्तन को कम करने और कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन में योगदान के बारे में बात की। सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीआर भारद्वाज ने वन महोत्सव और इस पहल के तहत विवि द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. अनिल सूद द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस वर्ष विश्वविद्यालय में परमार जयंती तक वन महोत्सव मनाया जाएगा और मुख्य परिसर में 4000 पौधे लगाए जाएगें। इस अभियान में पीला गुलमोहर, शीशम, खैर, पाजा, तुनी, जकरंडा आदि के पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय स्टेशनों और कृषि विज्ञान केंद्रों ने भी अपने-अपने स्टेशनों पर वन महोत्सव का आयोजन किया। वृक्षारोपण अभियान में सभी वैधानिक अधिकारियों, यूको बैंक, एसबीआई और जोगिंद्रा सहकारी बैंक की स्थानीय शाखाओं के प्रतिनिधियों, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों सहित छात्रों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा 25 जुलाई को ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा हैं यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि इस रोजगार मेले में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र की निजी कंपनियां भाग ले रही हैं, जिसमें विभिन्न रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी है। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, बीफार्मा, आईटीआई डिप्लोमा, बीटेक, जीएनएम, एमबीए तथा आयु 18 से 45 वर्ष से मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार योग्यता संबंधी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों व दस्तावेजों सहित ओबीसी भवन नजदीक राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा में 25 जुलाइ को प्रात: 9 बजे से सायं 4.00 बजे तक रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं।


















































