बिलासपुर में भारतीय जनता पार्टी सदर मण्डल की वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया। वर्चुअल रैली में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर और सदर के सुभाष ठाकुर का संबोधन व मार्ग दर्शन प्राप्त हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संबोधन में रैली के सफल आयोजन के लिए सदर की जनता को शुभकामनाएं दीं। यह रैली केंद्र सरकार के ऐतिहासिक एक वर्ष की उपलब्धियों के बारे में आयोजित की गई। केंद्र सरकार ने एक वर्ष में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिसमें की धारा 370 और 35ए को जम्मू कश्मीर से हटाकर एक देश एक निशान और एक विधान के नारे को सार्थक किया। तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम माताओं ओर बहनो को निजात दिलाई। राम मंदिर के निर्माण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ कर इस फैसले को शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया। नागरिकता संसोधन कानून बना कर लोगों को नागरिकता का हक दिया। पहली बार किसान सम्मान योजना लागू करके किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिया जा रहा है। छोटे व्यापारियों को पेंशन स्कीम लायी गई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई।ऐसे और भी ऐतिहासिक निर्णय केन्द्रीय सरकार ने लिए हैं जिससे कि आम जन मानस को सीधा लाभ हुआ है। आज कोरोना के संकट के समय जो निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश हित में लिए हैं उन्हीं का नतीजा है कि पूरे विश्व में मोदी को नम्बर एक का खिताब मिला है। बिलासपुर में एम्स के निर्माण हो चाहे हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के बनाने की बात हो ये सब भारतीय जनता पार्टी की देन है। सदर के विधायक आदरणीय सुभाष ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में भी सदर की जनता के साथ मिलकर कार्य किया है, सदर की जनता के साथ मिलकर गरीब को प्रवासी लोगों को खाने के व पैकेट सूखे राशन की किट वितरित की, सदर की जनता ने मुख्यमंत्री राहत कोष मे सहयोग किया ताकि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ाई लड़ी जा सके, सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में मास्क वितरित किये और लोगों को आरोग्य सेतु एप भी डाउनलोड करवाई ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके, कोरोना वायरस जैसी महामारी के समय में सदर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को कोई समस्या ना हो या किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए सस्ते दामों पर प्याज और आलू का प्रावधान किया। विधायक सुभाष ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया कि उन्होंने अपना विशेष समय देकर सदर की जनता को अपना मार्गदर्शन और संबोधन दिया।
लाडली फाउंडेशन के राज्य महासचिव बिलाल शाह ने राज्य अध्यक्ष शालू की सहमति से ग्राम बड़गांव डाकघर नघियार तहसील झंडूता जिला बिलासपुर की निवासी दीपा सेन को लाडली फाउंडेशन का झंडूता ब्लॉक महासचिव नियुक्त किया। गोरतलब है कि दीपा सेन कई वर्षों से प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एव लाड़ली फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संरक्षण, कुष्ठरोग की जागरूकता, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम जैसे सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है । लाडली फाउंडेशन की नवनियुक्त झंडूता ब्लॉक महासचिव दीपा सेन का कहना है कि भविष्य में उनका यही उद्देश्य है कि कहीं भी कोई सामाजिक विसंगती न हो।
कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में हुए स्वास्थ्य घोटाले को लेकर अपनी मुहिम तेज कर दी है और इस सारे मामले की जांच को किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने का मुद्दा उठाया है। बिलासपुर में पूर्व सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्य सुरेश चंदेल ने कहा कि महामारी के इस दौर में जिस तरह से स्वास्थ्य घोटाला हिमाचल प्रदेश में हुआ है उससे आम जनता का विश्वास सरकार पर से उठ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है । स्वास्थ्य घोटाले में अब तक जो भी जांच हुई है उसमें केवल लीपापोती की गई है और उसमें बड़े लोगों को बचाया जा रहा है । उन्होंने मुख्यमंत्री को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग उनके पास है तो उनकी भी जवाबदेही इस मामले में बनती है ।उन्होंने बताया कि 4 से 5 गुना अधिक दामों में खरीदे गए सैनिटाइजर जिस तरह से खरीदे गए वह आम जनता द्वारा इस महामारी से निपटने के लिए दिए गए एक एक रुपए के फंड का दुरुपयोग है। उन्होंने बताया कि अगर मुख्यमंत्री स्वयं को निष्पक्ष और जवाब देह कहलाते हैं तो उन्हें इस मामले में आगे आकर बयान देना चाहिए ताकि आम जनता को इस सारे घोटाले की असलियत पता चल सके। उन्होंने बताया कि काग्रेस पार्टी इस मामले में चुप नहीं बैठेगी तथा जैसे ही लॉकडाउन खुलता है आम जनता के बीच जाकर इस घोटाले की परतें उधेड़ेगी। इससे पहले जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अंजना धीमान ने बताया बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार हर जिला मुख्यालय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा स्वास्थ्य घोटाले के बारे में पत्रकार वार्ताएं की जा रही है और यह वार्ता भी उसी कड़ी में हो रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता संदीप सांख्यान भी पत्रकार वार्ता में उपस्थित थे।
शनिवार को डीसीसी शिवा आयुर्वेदिक अस्पताल चांदपुर शनिवार को डीसीसी शिवा आयुर्वेदिक अस्पताल चांदपुर जिला बिलासपुर से चार कोविड-19 पॉजिटिव को नेगेटिव होने के बाद वहां से छुट्टी दे दी गई। खुद को स्वस्थ्य महसूस कर रहे यह मरीज खुशी-खुशी घर लौटे। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ जमीर खान चंदेल एवं जिला आयुर्वेदिक नोडल अधिकारी डॉ. विकास कुमार विशेष रुप से उपस्थित रहे। गौर हो कि डीसीसी केंद्र में अब तक बीस कोरोना पाॅजीटिव मरीज आए हैं जिसमें से 11 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं जबकि दो को मंडी स्थित नेरचैक रैफर किया गया था, वर्तमान में सात मरीज स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी देते हुए जिला आयुर्वेद अधिकारी जमीर खान चंदेल ने बताया कि नेगेटिव होने के बाद इन लोगों को छुट्टी के दौरान उनको आयुर्वेदिक विभाग से काढ़ा भी उपलब्ध करवाया गया। उपाचाराधीन समय में भी इनको यह काढ़ा हॉस्पिटल में भी लगातार उपलब्ध करवाया जा रहा है। डा. चंदेल ने बताया कि डीसीसी चांदपुर में स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग दोनों की टीमें वहां पर अपनी ड्यूटी दे रही हैं। आयुर्वेद विभाग की तरफ से योग भी करवाया जा रहा हैं। छुट्टी के समय भी इन्हें काढ़ा उपलब्ध करवाया गया हैं, जिसे वे घर में प्रयोग करेंगे ताकि इन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके। इससे अन्य रोगों में रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। जिला बिलासपुर से 4 कोविड-19 पॉजिटिव को नेगेटिव होने के बाद वहां से छुट्टी दे दी गई। खुद को स्वस्थ्य महसूस कर रहे यह मरीज खुशी-खुशी घर लौटे। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ जमीर खान चंदेल एवं जिला आयुर्वेदिक नोडल अधिकारी डॉ. विकास कुमार विशेष रुप से उपस्थित रहे। गौर हो कि डीसीसी केंद्र में अब तक बीस कोरोना पाॅजीटिव मरीज आए हैं जिसमें से 11 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं जबकि दो को मंडी स्थित नेरचौक रैफर किया गया था, वर्तमान में 7 मरीज स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी देते हुए जिला आयुर्वेद अधिकारी जमीर खान चंदेल ने बताया कि नेगेटिव होने के बाद इन लोगों को छुट्टी के दौरान उनको आयुर्वेदिक विभाग से काढ़ा भी उपलब्ध करवाया गया। उपाचाराधीन समय में भी इनको यह काढ़ा हॉस्पिटल में भी लगातार उपलब्ध करवाया जा रहा है। डा. चंदेल ने बताया कि डीसीसी चांदपुर में स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग दोनों की टीमें वहां पर अपनी ड्यूटी दे रही हैं। आयुर्वेद विभाग की तरफ से योग भी करवाया जा रहा हैं। छुट्टी के समय भी इन्हें काढ़ा उपलब्ध करवाया गया हैं, जिसे वे घर में प्रयोग करेंगे ताकि इन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके। इससे अन्य रोगों में रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है।
हौसले बुलंद हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और उस लक्ष्य तक पहुंचने की यदि जिद्द हो तो मंजिल स्वयं कदमो में आ जाती है। ऐसा ही हुआ बिलासपुर जिला के राजकीय उच्च पाठशाला पंतेहड़ा की अनिशा के साथ। वह हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा में प्रदेश भर में तीसरे स्थान पर रही। अनिशा के पिता ललित शर्मा व माता पवना कुमारी अभी भी सरकारी अध्यापक बनने को संघर्षरत है और बेटी कितने ही अभावों में राजकीय उच्च पाठशाला पनतेहड़ा में अपने कोमल परों को फड़फड़ाकर अपने सपनों को उड़ान दे रही है। लगातार चार वर्षो तक जिला स्तर में साइंस कांग्रेस में स्कूल का प्रतिनित्व करने वाली अनिशा आई ए एस बन देश की सेवा करने का सपना देखती है। असाधारण प्रतिभा सम्पन्न अनिशा स्कूल समय के अतिरिक्त 10 दस घण्टे अध्ययन करती है, यही वजह है कि वह राष्ट्रीय स्तर की मीन्स कम मेरिट छात्रवृति जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में भी प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल कर चुकी है। मात्र दो अंकों से मेरिट में प्रथम स्थान से चूक गई अनिशा अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व अध्यापकों को देती है जो इस संघर्ष में उसके मार्गदर्शक रहे है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना का बहाना बना कर विकासात्मक कार्यो को रोक रही है। राम लाल ठाकुर ने कहा प्रदेश सरकार का बजट 31 मार्च को पास हो गया है और लेकिन अभी तक पहली तिमाही का एक भी पैसा विकासात्मक कार्यो के लिए नही आ पाया है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के पैसे पर तो सरकार ने रोक लगा दी है लेकिन विधायक प्राथमिकता की योजनाएं भी लंबित डाल दी है। ऊपर से जो प्रदेश सरकार का जो बजट पास हुआ है उसका कोई आता पता ही नहीं चल पा रहा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार और भाजपा के नेताओं के भी मतभेद अब तो सामने उभर कर आ गए है। विकासात्मक कार्यो पर प्रदेश सरकार की उदासीनता का सीधा से बहाना कोरोना हो गया है। प्रदेश सरकार में सिर्फ कुछ लोग ही फैसले ले पा रहे है जबकि पूरी के पूरी कैबिनेट निठल्ली बैठी है, इसका परिणाम प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री व विधायक भी अब दबे स्वर में प्रतिरोधी बातें करने लगे है। प्रदेश सरकार के विधायक व भाजपा नेताओं में जो द्वंद्व की जुगलबंदी बन रही है वह अब सीधे तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दरवाजे जा खड़ी है। राम लाल ठाकुर ने तंज कसते हुए प्रदेश सरकार को कहा कि अगर प्रदेश सरकार को विकासात्मक कार्यो को लेकर कुछ भी समझ नहीं आ रहा तो कम से कम नीति आयोग से ही कुछ वित्त व्यवस्था का इंतजाम करा लेना चाहिए। अब तो देश की विदेशी मुद्रा भण्डार भी 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द प्रदेश में वित्त की व्यवस्था की जाए ताकि विकासात्मक कार्यो को शुरू की जा सके। इसके साथ राम लाल ठाकुर ने कहा कि जो योजनाएं सार्वजनिक तौर पर चल रही थी उनको भी पटरी पर लाने काम जल्द से जल्द करवाना चाहिए। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार विकासात्मक योजनाओं से ज्यादा तो प्रदेश में चारों संसदीय क्षेत्रों में अपनी वर्चुअल रैलियों करवाने को लेकर ज्यादा संजीदा दिखाई दे रही है।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री के उस ब्यान, जिसमें उन्होने संकट की घड़ी में विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, को बचकाना और बेसमझी वाला वक्तव्य करार देते हुए कहा है कि वास्तव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना के बहाने विपक्ष पर निशाना साध कर कथित अपनी सरकार की असफलताओं व भ्रष्टाचार को छिपाने की होशियारी दिखाने का असफल प्रयास कर रहे हैं, क्यूँकि उन्हें पता है कि देश व प्रदेश की पढ़ी –लिखी अथवा समझदार जनता भली -भांति जानती है कि भाजपा ने कोरोना कर्फ़्यू के दौरान न केवल कथित जनता के धन का डट कर दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के रिकार्ड ही स्थापित किए बल्कि लोगों पर पुलिस अत्याचार करवाने और पीट- पीट कर उनका चमड़ा लाल कर देने जैसे जघन्य अपराध किए हैं, जिस कारण जनता में इस सरकार की छवि पूरी तरह से धूमिल हो चुकी है। बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश को पहले ही 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के भारी भरकम कर्ज के बोझ तले डुबो दिया गया है, महंगाई चरम सीमा पर है जबकि बेरोजगारी के सभी रिकार्ड तोड़ दिये गए हैं। कर्मचारी अपने विभिन्न आर्थिक लाभों के लिए सरकार से बार- बार गुहार लगा रहे हैं, जबकि पेंशनरों के कितने ही आर्थिक लाभ उन्हें नहीं दिये जा रहे हैं और जब वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें अब कोरोना के बहाने टरकाने का काम किया जा रहा है। बंबर ठाकुर ने कहा कि कोरोना के बहाने लोगों को ब्लैक मेल नहीं किया जा सकता है और यह सरकार का प्राथमिक उत्तरदाईत्व है कि वह आम जनता सहित अपने कर्मचारियों को समय- समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं व आर्थिक लाभ देकर राहत पहुंचाए। उन्होने कहा कि देश भर में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों, निर्धनों और जरूरतमंदों को राशन, मास्क, सेनेटाईजर और सभी आवश्यक जीवनोपयोगी वस्तुएं भेंट करके उनके जीवन को सुरक्षित रखने का प्रयास किया है, जबकि देश भर की जनता ने सरकार को पूरा-पूरा सहयोग करते हुए अरबों रुपए का भारी अनुदान दिया है। बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा स्वयं इस संकट की घड़ी में वर्चुअल रैलियाँ आयोजित करने जा रही है जबकि बिहार में 72 हज़ार एल ई डी के माध्यम से भाजपा के नेताओं द्वारा अरबों रुपये व्यय करके चुनावी रैली का आयोजन किया गया, जिस से हर कोई आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि वास्तव में इस संकट की घड़ी में राजनीति कौन कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश का सुप्रसिद्ध लोकगीत "बाड़िया रे मेले खे आया मेरी जान", इस बार यह नहीं गाया जा सकेगा। असल में इस बार बाड़ा देव पांच पांडव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार ने निर्णय लिया है कि इस बार लॉकडाउन के चलते देव मिलन कार्यक्रम नही होगा। बाड़ादेव पांच पांडव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार के अध्यक्ष जीत वर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मेले के आयोजन के लिए एसडीएम अर्की से अनुमति मांगी थी परन्तु एसडीएम अर्की ने लॉकडाउन में प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत मंदिर न खोलने के जारी दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए इस अनुमति को निरस्त कर दिया है। जिसके बाद बाड़ादेव पांच पांडव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार ने यह निर्णय लिया कि इस बार लॉकडाउन के चलते वह मेले का आयोजन नही करेंगे। गौरतलब है सोलन जिला की अर्की तहसील में आषाढ़ मास की सक्रांति को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय मेले में लोगो की भारी आस्था है और दूर दूर से लोग यहाँ पर देव मिलन देखने के लियी आते है। पौराणिक कथा के अनुसार पाण्डव अज्ञात वास में शिवजी को ढूंढते हुए हिमाचल आए क्योंकि हिमालय शिव का स्थान है। पौराणिक ग्रन्थों में एसा वर्णन है और यहां की पर्वत मालाएं शिवालिक अर्थात शिव की जटाएं कही जाती हैं। जैसे ही पांडवो को पता चला कि बाड़ीधार पर्वत पर शिवजी की धुनी है वैसे ही शिवजी के दर्शन की इच्छा लेकर पाण्डव यहाँ आए। यहाँ पहुंचा कर पांडवो को शिवजी की धुनी तो मिली पर शिवजी नहीं मिले। पांडव यहाँ पर लगातार दो दिन तथा तीन रात जागते रहे पर शिवजी नहीं मिले। जिसके बाद देवज्ञा से उन्हें वहीं प्रतिष्ठित हो जाने का आदेश हुआ और आकाशवाणी हुई की आज से ये पाण्डवों में सबसे ज्येष्ठ युधिष्ठर के नाम से जाना जाएगा और यह स्थान बाड़ी की धार के नाम से विख्यात होगा। बाकी पाण्डवों को अन्य स्थान मिले और वो उन स्थानों पर जाकर बस गए जहाँ पर आज भी उन्हें पूजा जाता है। हर वर्ष इस स्थान पर आषाढ़ मास की सक्रांति को सभी पांडव व बूढी देवी इस स्थान पर अपने ज्येष्ठ भ्राता (युधिष्ठर) बाड़ादेव से मिलने के लिए आते है जिसे देव मिलन कहा जाता है। इस देव मिलन को देखने के लिए प्रदेशभर से हजारो की तादात में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते थे परन्तु इस बार इस स्थान पर न तो मेले का आयोजन होगा और न ही देवमिलन होगा। बाड़ादेव को लोग ग्राम देवता के रूप में पूजते है और जब यहाँ पर मेले का आयोजन होता है उस समय अपनी फसल का कुछ अंश देवता को अर्पित करते है। इस वर्ष इस स्थान पर मेला नही होगा वहीँ मंदिर समिति ने लोगो से आग्रह किया है कि यदि वह अपनी मन्नत या चढ़ावा चढ़ाना चाहते है तो वह मंदिर समिति के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा कर सकते है। उन्होंने बताया कि समिति का बैंक अकाउंट यूको बैंक की सरयांज शाखा में है।
बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा शाखा ने एक बार फिर से नशे के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए सड़क पर चल रहे एक राहगीर से एक पेटी देशी शराब बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षा शाखा की टीम प्रभारी संजीव पुंडीर व केवल किशोर भराड़ी थाना की टीम के साथ सयुंक्त रूप से गश्त पर थे। जब यह टीम शाम को लंजता के पास पहुंची तो इन्होने देखा की सुनसान सड़क पर एक व्यक्ति अपने कंधे पर एक बैग उठा कर चला हुआ था। जब इस व्यक्ति ने पुलिस को देखा तो यह घबरा गया जिस पर सुरक्षा शाखा की टीम को इस पर शक हुआ। जब उन्होंने इस व्यक्ति के बैग की तलाशी ली तो उसमे से एक पेटी बरामद हुई जिसके अन्दर 12 बोतल संतरा ब्रांड देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने जब इस व्यक्ति से इस शराब का परमिट / लाइसेंस माँगा तो यह व्यक्ति उसे पेश नही कर पाया जिस पर सुरक्षा शाखा की टीम ने इस व्यक्ति के खिलाफ हिमाचल एक्साइज एक्ट के तहत भराड़ी थाने में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त राकेश कुमार निवासी लंजता के रूप में हुई है।
हिमाचल प्रदेश स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। जिसमे जुखाला क्षेत्र के युवा ध्रुव शर्मा ने निबन्ध लेखन में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ध्रुव शर्मा मिनर्वा सीनियर सेकंडरी स्कूल घुमारवीं में शिक्षा प्राप्त कर रहा है। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक रवि कुमार गौतम ने बताया की इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमे पोस्टर निर्माण, नारा लेखन तथा निबन्ध लेखन का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में मिनर्वा स्कूल के छात्र ध्रुव शर्मा ने निबन्ध लेखन में पुरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर मिनर्वा स्कूल के प्रधानाचार्य परवेश चंदेल ने ध्रुव तथा उनके पिता शशि पाल व माता सरिता कुमारी को बधाई दी है।
कंदरौर में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता द्वारा हरिजन बस्ती के रास्ते को रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उस मामले को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष बंबर ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस पर वर्तमान सरकार का इतना अधिक प्रभाव है कि गांव वासियों द्वारा पिछले तीन दिन से लगातार यह शिकायत की जा रही है कि उनका रास्ता रोक दिया गया पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है और ना ही एफ आई आर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मनमानी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तो यह सांकेतिक धरना है अगर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि गांव वालों ने उन्हें शनिवार को सुबह इसकी सूचना दी और इसी कारण वे यहां गांव वासियों के साथ धरने पर बैठे। बंबर ने कहा कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत तौर पर किसी से कोई दुश्मनी नहीं है कोई द्वेष भावना नहीं है लेकिन जब गांव वासियों को सताया जाए और पुलिस प्रशासन के लोग चुपचाप बैठे रहे तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री और श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कोरोना काल में आई मंदी से मीडिया कर्मियों पर भी संकट के बादल छा गए है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों, पत्रकारों व मीडिया कर्मियों को लेकर प्रदेश में सरकार में एक व्यापक योजना बननी चाहिए। ताकि मंदी के दौर में किसी भी मीडिया संस्थान, पत्रकार व मीडिया कर्मियों के ऊपर संकट नहीं आए। इस दिशा देश की सरकार और प्रदेश सरकार को कोई व्यापक योजना बनानी चाहिए ताकि इस मीडिया हाउसों पर आई मंदी जा तोड़ सामने आ सके। राम लाल ठाकुर ने मांग की कि सरकार इन छोटे और मझोले स्तर के मीडिया घरानों को फ़ौरन राहत पैकेज दे और यह भी सुनिश्चित करे कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को इस राहत पैकेज का कितना लाभ प्राप्त हुआ है, अन्यथा लोकतंत्र का यह चौथा स्तम्भ भी खतरे आ जायेगा। राम लाल ठाकुर ने कहा यकायक जैसे ही कोविड 19 आया वैसे ही लोंगो ने अखबारों को छूना बंद कर दिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मियों का बाहर कवरेज के लिए निकलना भी बंद हो गया। अखबारों के वितरण में भारी गिरावट आ गई,अखबारों में पृष्ठ संख्या भी कम हो गई और विज्ञापन भी न के बराबर हो गया जिससे हमारे मीडिया बंधु भी इस कोरोना महामारी से आई मंदी से रोजगार छिनने का भय पैदा हो गया है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि मीडिया हमारे समाज मे सुदृढ़ संचारण व्यवस्था का रोल अदा करता आ रहा है। अगर मीडिया जगत में रोजगार को लेकर उदासीनता मंदी के कारण आती है तो हमारी समूची व्यवस्था का संचारण रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि मीडिया दूसरों का दर्द दुनिया को बताने वाले खुद आज दर्द से जूझ रहा है। मीडिया को देश मे चौथा स्तंभ माना जाता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार देश के जाने माने मीडिया समूहों ने भी छंटनी करने की प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि देश मे कोई चार तरह का मीडिया सेगमेंट है, जिसमे वह पत्रकार व मीडिया कर्मी हैं मेट्रो सिटीज में काम करते हैं, कुछ सेमी मेट्रो सिटीज में काम करते है और कुछ हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य के छोटे छोटे शहरों या जिला स्तर पर काम करते है और कुछ देश और प्रदेश के ग्रामीण स्तर पर काम करते है। इस कोविड 19 के काल मे कुछ मध्यम दर्जे के मीडिया घराने तो बंद हो चुके और कुछ तो तबाही के कगार पर खड़े हुए है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की छंटनी की जा रही है। अब तो मीडिया कर्मियों को कहा जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण कंपनी नुक़सान में है और इसलिए आपकी सेवाएं ख़त्म की जा रही हैं। आप दो महीने का वेतन लीजिए और इस्तीफ़ा दे दीजिए। इस मसले पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वशिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने भी अप्रैल में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर मीडिया सेक्टर पर मँडरा रहे संकट का ज़िक्र किया था। राम लाल ठाकुर ने कहा कि मीडिया हमारे समाज का एक अहम हिस्सा है जो समाज की एक सही दिशा और आईने को दर्शाता है।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के जिला शाखा बिलासपुर के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 मई को विश्व रैड क्रॉस दिवस के अवसर पर सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में इस वर्ष के विषय “कीप क्लैप्पिंग फॉर वालंटियर्स” को लेकर जिला रैडक्रॉस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई थी जिसमें जूनियर वर्ग (कक्षा 1 से 8 तक) और सीनियर वर्ग (कक्षा 9 से 12तक) तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। उन्होंने बताया कि उनमें से विभिन्न स्कूलों के 591 विद्यार्थियों ने भाग लिया था और अपनी पेंटिंग को व्हाटसप के माध्यम से उप -निदेशालय शिक्षा विभाग को भेजा था। उन्होंने बताया कि पेंटिंग का मूल्यांकन शिक्षा विभाग द्वारा गठित समिति ने पूरी पारदर्शिता के साथ किया जिसमें सीनियर वर्ग के कर्ण कौंडल, कक्षा 9वीं, रावमापा (बाल) ने प्रथम स्थान, रावमापा (कन्या) ग्यारहवीं कक्षा की सुहानी दूसरा स्थान, जोबर थापा, 10वीं रावमापा (बॉय) तृतीय स्थान और सुदीक्षा शर्मा डीएवी वरमाणा, जयन जसरोटिया 9 वीं कक्षा डीएवी बिलासपुर, दिव्यांश 10वीं डीएवी वरमाणा, खुशबु 10वीं, रावमापा(कन्या) पंजगाई, दिव्यं ठाकुर 10 वीं कक्षा डीएवी बिलासपुर, शीतल ठाकुर 12 वीं डीएवी वरमाणा, अर्नव जामवाल गलोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर क्रमशः दस स्थान तक चयन किया गया। जूनियर वर्ग में गौरी अवस्थी 4 कक्षा गलोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर प्रथम स्थान, शिव्यांश शर्मा, 8 वी कक्षा रामापा मैहरा दुसरा स्थान , सोम्या धीमान पांचवी कक्षा डीएमएच स्कूल बिलासपुर तीसरा स्थान, शिवन्या तीसरी कक्षा, तानिस्क शर्मा गलोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर, आराध्या शर्मा छठी कक्षा डीएवी बिलासपुर, नव्या शर्मा 6 कक्षा, अनु शर्मा रामापा मेहरा, अचेतन्य वर्मा 5 कक्षा गलोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर, आंचल 5 कक्षा राप्रपा भढयात क्रमश 10 स्थान तक रहे। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करलोटी की गंभीर बीमारी से पीड़ित छठी कक्षा की छात्रा रंगत धीमान को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों वर्गों में प्रथम, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः रूपये 1100सौ, रूपये, 900सौ रूपये व 700 सौ रूपए तथा अन्य क्रमशः 10 स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 500 सौ रूपये की पुरस्कार राशि देकर पुरस्कृत किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा गो-सदनों तथा कऊ सैंचुरी में वित्तिय सहायता उपलब्ध करवाने बारे जिला के सभी गो सदन संचालकों के साथ उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अघ्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा गो सदनों में 500 रूपए तथा कऊ सैंचुरी में 1500 रूपए तक प्रति पशु प्रतिमाह वित्तिय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में गो सदनों में बेहतरीन कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि गो सदनों और कऊ सैंचुरी को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए और सहायता प्रदान करने के लिए योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया किइस योजना के तहत जो भी गो सदन गो सेवा आयोग के साथ पंजीकृत होंगे उन्हे यह सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सोसाईटी एक्ट के तहत गोसदन और पंचायतों द्वारा अस्थाई तौर पर चलाए जा रहे पशु आश्रय स्थलों जों कि सम्बन्धित कमेटी के द्वारा अनुमोदित हों को भी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि गो सदनों के बेहतरीन संचालन के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तथा एसडीएम की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय आसैर तहसीलदार की अघ्यक्षता में स्थानीय समितियां गठित की जाएंगी। उन्होंने समस्त एसडीएम को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्ष़ेत्राधिकार के तहत आने वाले गो सदनों का समिति के सदस्यों सहित शीघ्र निरीक्षण करना सुनिश्चित करें तथा गो सदनों की समस्याओं के बारे में अवगत करवाएं। उन्होंने बताया कि गो सदनों में आने वाली समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगें। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर पुलों पर घूम रहें पशुओं को आश्रय दिया जाएगा। उपनिदेशक पशु पालन डा अविनाश शर्मा ने बताया कि गो सदनों में जो भी पशु रखें जाएंगे उन्हें टैग लगाए जाएंगे और सभी गो सदनों में 16 जून तक पशुओं को मुंहखुर रोग निरोधक टीके भी लगाएं जाएंगे। बैठक में उचित सामाजिक दूरी का पालन किया गया। गो सदन बल्हसीणा, पडयालग, लैहड़ी बरेटा, चांदपुर, रघुनाथपुरा, कोठीपुरा, बिलासपुर बलगाड़, सोहणी देवी तथा सुनील प्रगति समाज भगेड़ के गो सदन संचालकों तथा बीडीओ सदर ने भाग लिया।
भारतीय जनता पार्टी श्री नयनादेवी जी (अप्पर) मंडल के अध्यक्ष लेखराम ठाकुर ने मण्डल कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जिसमे नम्होल से प्रधान रणजीत सिंह ठाकुर, कल्लर से प्रधान सोमा देवी, कोठीपुरा के प्रधान नन्द लाल ठाकुर तथा रानीकोटला के उप प्रधान राजकुमार ठाकुर को उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। उन्होने रूपलाल भटटी जुखाला, तथा प्रकाश ठाकुर छडोल को महामन्त्री नियुक्त किया है। सिकरोहा से कुलदीप ठाकुर, सायर डोभा से चम्पा कुमारी, सोहरा ब्युंस से बाबू राम, पंचायत घ्याल से रतन ठाकुर काटल, और कोलथी से निशा कुमारी को सचिव बनाया है। कचौली से मीरा देवी को कोष अध्यक्ष, कोटला से शैलेन्द्र भडोल को प्रवक्ता तथा स्योहला से नरेश कुमार शर्मा को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त ग्राम केन्द्र रानीकोटला से रामपाल ठाकुर करोट, ग्राम केन्द्र खारसी से किशोरी लाल खारसी कनैतां, ग्राम केन्द सुईं सुरहाड से चन्द्रशेखर भण्डोखर, ग्राम केन्द्र छकोह से हीरा लाल मोती, ग्राम केन्द्र सिकरोहा से जगदीश ठाकुर, चन्दपुर, ग्राम केन्द्र नम्होल से चुनी लाल ठाकुर दगसेच, ग्राम केन्द्र घ्याल से जगदीश वैद, ग्राम केन्द्र कोटला से नीलू फाडिया, ग्राम केन्द्र जुखाला से सुच्चा सिंह ठाकुर, ग्राम केन्द्र दयोथ से श्याम लाल शर्मा, भजूण, ग्राम केन्द्र कोठीपुरा से नरेन्द्र ठाकुर, चंगर पलासणी, ग्राम केन्द्र चिल्ला से राजू राम (पलाह),ग्राम केन्द्र छडोल से कपिल ठाकुर सौटी को ग्राम केन्द्र प्रमुख मनोनीत किया। उक्त सभी ग्राम केन्द्र प्रमुख मण्डल कार्यकारिणी के स्थाई सदस्य होंगे। अन्य मण्डल कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा बाद में की जाएगी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व उधोग मन्त्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने केन्द्र सरकार का मुद्रा योजना का कच्चा चिट्ठा खोल के रख दिया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्रा योजना मात्र युवाओं को ठगने भर का विकल्प है और बेरोजगार लोंगो को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाने जैसा है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को भी मुद्रा लोन योजना पर अपनी स्थिति स्प्ष्ट करने को कहा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अगर हम मुद्रा योजना के आकड़ो व तथ्यों का अध्धयन करें तो यह योजना सिर्फ युवाओं को ठगने और देश मे एक बड़े वित्तिय घोटाले की ओर इशारा करती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि एक तरफ सरकार बैंकों की हालात सुधारने के लिए डूब चुके कर्ज की वसूली में लगी है तो दूसरी तरफ सरकार की मुद्रा योजना के तहत दिए गए लोन में से अब तक करीब 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का एनपीए हो चुका है। इतना ही नहीं जिन्हें लोन मिला है उनमें से मुश्किल से 1 फीसदी लोगों को 5 लाख रुपये से ज्यादा दिए गए। राम लाल ठाकुर ने कहा कि खुद के पैरों पर खड़ा होने के मकसद से मोदी सरकार ने करीब 5 साल पहले सरकार ने मुद्रा योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत 10 हजार रु से लेकर 10 लाख रु तक के लोन दिए जाने थे। ये लोन दिए भी गए, लेकिन इस लोन में से अब तक 18 हजार करोड़ रु से अधिक का एनपीए हो चुका है। यानी इस लोन के वापस चुकाने की संभावना नहीं है। तो यब बहुत बड़ी वित्तिय गड़बड़ी सामने आ रही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि हालांकि वित्त मंत्रालय इस 18 हजार करोड़ रु के एनपीए को लेकर खुद को असहज नहीं बता रहा है। उन्होंने प्रश्न खड़ा किया तो क्यों नही देश किसानों के लोन भी माफ किए जाते है वह भी तो रोजगार ही चलाते है। तो क्यों एक लूट जो बड़े प्रबंधकीय तरीके से की जा उसकी छानबीन नहीं कि जा रही है।यह सिर्फ बेरोजगारी के आकड़ो को झुठलाने के लिए ही किया जा रहा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि 8 अप्रैल 2015 को इस मुद्रा योजना को लॉन्च करने के बाद 7 लाख 34 हजार करोड़ रु के करीब का लोन अब तक दिया जा चुका है। अब तक इसमें से 2.5 फीसदी से ज्यादा लोन एनपीए हो चुका है, यानी कुल 18 हजार करोड़ के करीब रु का लोन एनपीए हो गया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब इस रकम की वसूली की संभावना नहीं है। लेकिन इसका दूरगामी परिणाम अब यह हो चुका है कि बैंक अब मुद्रा लोन देने में युवाओं को आनाकानी करने लगेंगे। तो अब तो इस योजना की बुनियाद ही डगमगा चुकी है। राम लाल ठाकुर ने इस योजना के अन्य आंकड़े खोलते हुए कहा कि मामला सिर्फ एनपीए का नहीं है। मुद्रा लोन को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं उसका एक कड़वा सच भी है। मुद्रा योजना के तहत अब तक 14 करोड़ 88 लाख लोगों से ज्यादा को लोन दिया जा चुका है। ये लोन तीन अलग अलग कैटेगरी शिशु, किशोर और तरुण के तहत दिए जाते हैं। शिशु के तहत 50 हजार रु तक, किशोर के तहत 5 लाख रु तक और तरुण के तहत 5 लाख से 10 लाख रु तक के लोन दिए जाते हैं। जो किसी कारोबार को शुरू करने के लिए किशोर कैटेगेरी का लोन यानी 5 से 10 लाख रु तक का लोन सबसे कारगर माना जाता है। लेकिन अब तक इस कैटेगीर में लोन पाने वालों की संख्या सिर्फ 1.3 फीसदी है। यानी 12 करोड़ 78 लाख लोगों में से सिर्फ 17 लाख 57 हजार लोगों को ही मोटी रकम का लोन मिला है। अगर कारोबारी साल 2018-19 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 6 करोड़ 97 लाख लोगों को लोन मिला। इनमें से 91 फीसदी लोग तो वो हैं जिन्हें 50 हजार रु से कम का ही लोन मिला है। जबकि 5 लाख रु तक के लोन पाने वालों की संख्या 6.7 फीसदी है। जबकि 5 लाख रु से ज्यादा पाने वालों की संख्या सिर्फ 1.3 फीसदी है। यानी मुद्रा योजना के तहत लोन पाने वालों की संख्या के आधार पर ये मान लेना कि उतने लोगों को रोजगार मिल गया शायद गलता ही होगा। इतना ही नहीं सरकारी दबाव में भले ही बैंक मुद्रा लोन बांट रहे हों लेकिन आगे चलकर ये बैंकों की सेहत के लिए चिंता बन रहा है क्योंकि छोटे लोन में बैंकों को फायदा कम खर्च ज्यादा होता है। तो इस मसले पर भी इस सरकार को जबाब देना चाहिए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव तथा पूर्व सीपीएस व पूर्व विधायक घुमारवीं राजेश धर्माणी ने प्रदेश सरकार से कड़े शब्दों में मांग की है कि स्वास्थ्य घोटाले की जांच को किसी सिटिंग जज से करवाई जाए। वह बिलासपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस मामले में त्यागपत्र देना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई बड़ी हस्तियां, कई बड़े अधिकारी व बिजनेसमैन भी इसमें शामिल हैं इसलिए अगर वर्तमान सिटिंग जज से जांच करवाई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा नैतिकता के आधार पर अपने पार्टी के राज्य अध्यक्ष के त्यागपत्र की बात कर रही है तो और भी नैतिक आधार पर त्यागपत्र दे सकते हैं क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान यह घोटाला सामने आया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजो, सीएमओ के कार्यालयों, हिमफैड तथा डिस्ट्रिक्ट फेडरेशन को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए क्योंकि इनके माध्यम से भी सप्लाई हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिमला आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ मुकंदलाल का तबादला भी इसलिए किया गया क्योंकि वह सरकार के मन मुताबिक काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ मुकंद अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से भ्रष्ट हो गई है और उस पैसे को भी चहेतों को उड़ा रही है जो लोगों ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए दिया है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा अंजना धीमान और कांग्रेस महासचिव तथा पूर्व प्रवक्ता संदीप सांख्यान भी उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी और इससे संबन्धित सभी संगठनों को सशक्त अथवा मजबूत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने यहाँ जिला में अभियान चला रखा है। उन्होने कहा कि इसी कड़ी में बुधवार को शहरी कांग्रेस सेवा दल के राकेश ठाकुर को प्रधान और मनीष शर्मा को महासचिव नियुकत किया गया है। तिलक राज शर्मा ने कहा कि इन दोनों ही युवाओं की इस नियुक्ति से जहां संगठन को मजबूती मिलेगी, वहीं कांग्रेस पार्टी से अधिकाश युवाओं को जोड़ने में भी सफलता मिलेगी।
कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा की अध्यक्षता में सेवा दल का एक बड़ा शिष्ट मण्डल उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला और उन्हें महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को प्रेषित करने के लिए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि जब सारा प्रदेश भयानक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए जूझ रहा है, तो प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग कथित भ्रष्टाचार करने में व्यस्त है। शिष्ट मण्डल ने कहा कि औडियो क्लिप से स्पष्ट है कि इस घोटाले में कुछ बड़े लोग भी शामिल हैं, जिन्हें भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए और जांच को हाई कोर्ट के किसी जज से करवाया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके और दोषियों को दंडित किया जा सके। उन्होने ज्ञापन में मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग में की गई दवाइयों व उपकरणों की खरीद बारे श्वेत पत्र जारी किया जाये तथा विधायकों व मंत्रियों द्वारा अपने सरकारी फंड से कितने व्यय से मास्क, सेनेटाईजर और पी पी ई किट्स बांटे गए, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। तिलक राज शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित घोटालों के कारण सरकार की जनता में विश्वसनीयता पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। शिष्टमंडल ने किसानों व बागवानों को फसलों और फलों को असमय हुई भारी वर्षा व तूफान –आँधी के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें आर्थिक सहायता दिये जाने तथा आम व लीची आदि की हानि का तुरंत मुआवजा देने ,प्रदेश में लाक डाउन के कारण पर्यटन को पहुंची हानि के कारण होटल उदद्योग बुरी तरह से कुप्रभावित हुआ है, इसलिए इन उदद्योग को जीवित रखने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किए जाने की मांग की है। उन्होने कहा कि टेकसी ड्राईवर पर्यटन का एक अभिन्न अंग होते हैं ,जिन्हें भी इस दौरान काफी हानि उठानी पड़ी है ,इसलिए उन्हें भी उचित आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपने पाँव पर खड़े हो सकें । जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उपरोक्त मांगों को तुरंत स्वीकार नहीं किया तो कांग्रेस सेवा दल आंदोलन चलाने पर विवश होगा जिसका सारा उत्तरदाईत्व भी सरकार पर ही होगा। शिष्ट मण्डल में अन्यों के अतिरिक्त , गुरदास सिंह सुमन, रोशन लाल शर्मा, राकेश शर्मा, अनिल चौहान, संजीव मल्होत्रा, संदीप ठाकुर, लक्ष्मण दास, लेख राम, राहुल चौहान, हेम राज ठाकुर, जसवंत धीमान, मनीष शर्मा, रमेश कुमार, देवराज और गौरव शर्मा उपस्थित रहे।
बिलासपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर नौणी के पास राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सड़क पर लोक निर्माण विभाग द्वारा तारकोल बिछाने का कार्य चलने से लम्बा जाम लग रहा है। यहां पर अव्यवस्था के चलते बिलासपुर व मंडी तथा हमीरपुर आदि जिलों के कितने ही क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों छोटे –बड़े वाहन तथा यात्री बसों और शिमला आईजीएमसी तथा चंडीगढ़ पीजीआई जाने वाले मरीज वाहन अथवा एम्बुलेंस घंटों तक रोकी जा रही हैं, जिस कारण लोगों को भारी गर्मी में कितनी ही कठिनाइयों को झेलने पर विवश होना पड़ रहा है। प्रिय दर्शनी महामाया चेरिटेबल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष पुरंजन ठाकुर ने कहा कि किसी यह कार्य किसी ठेकेदार के माध्यम से करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की कथित ऊंची पहुँच के कारण उसे बेरोकटोक लोगों को परेशान करने और सड़क पर तारकोल बिछाने के नाम पर लोगों को घंटों तक रोकने की खुली छूट दे रखी है, जिस पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाना चाहिए ताकि वहाँ घंटों तक जाम में फंसे रहने के कारण लोगों को अकारण परेशान होने से बचाया जा सके। उन्होने कहा कि बुधवार को नौणी के पास सैकड़ों वाहनों के लगे लंबे जाम में हजारों लोग बुरी तरह से परेशान हुए है। उन्होने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन से इस स्थल पर वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से चलाए रखने के उचित प्रबंध करने की मांग की है, ताकि लोगों को आवश्यक राहत मिल सके।
राष्ट्रीय हिन्दू युवा वाहिनी ने अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए बुधवार को बिलासपुर के रूपेश भट्टी को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। रूपेश भट्टी कि यह नियुक्ति राष्ट्रीय हिन्दू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजत छाबड़ा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा अरुण गौड़, हिमाचल प्रदेशाध्यक्ष विजयानंद भारती हिमाचल के प्रदेश संगठन मंत्री चंदेर्शेखर हिन्दू, हिमाचल के उपाध्यक्ष रमण सूद द्वारा की गई। राष्ट्रीय हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर हिन्दू ने इस मौके पर रूपेश भट्टी को बधाई दी तथा उन्हें आगे अपनी कार्यकरिणी का विस्तार करने के आदेश दिए तथा उन्हें कहा कि वह जिला कार्यकरिणी बनने के बाद खंड व पंचायत स्तर पर अपनी कार्यकरिणी का गठन करे। चंद्रशेखर हिन्दू ने कहा कि आजकल कोरोना महामारी के चलते देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ है जिसके चलते संगठन अभी ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन कर रहा है और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए किसी भी प्रकार की कोई बैठक या कार्यक्रम का आयोजन नही कर रहा। सभी सदस्यों से ऑनलाइन बैठक कर वार्तालाप कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन में अपनी सेवाए दे रहे कोरोना योद्धाओं को भी संगठन सम्मान पत्र देकर सम्मानित कर रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जबरदस्त निशाना साध दिया। राम लाल ठाकुर ने कि पिछले 3 महीनों से इस लग रहा है कि प्रदेश सरकार जबरदस्त कंफ्यूजन में है। प्रदेश सरकार के इस कंफ्यूजन का पता इसी बात से लगया जा सकता है कि प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग सुबह कुछ और अधिसूचना जारी करते हैं, दोपहर को कोई और शाम को कोई और अधिसूचना जारी करते है। प्रदेश सरकार के मुखिया और उनके सिपहेसालर हर फैसले के लिए दिल्ली के केंद्र सरकार का मुंह देखते नजर आते है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने आज तक ऐसी कंफ्यूज़न वाली सरकार पहले कभी नही देखी। उन्होंने कहा अब तो प्रदेश सरकार का काम इतना ढीला-ढाला हो चुका है कि जिला स्तर के अधिकारी भी सरकार की खिल्ली उड़ाने लगे हैं, और मजे की बात यह है कि प्रदेश सरकार के सिपहसालार सरकार के मुखिया के नाम के कसीदे पढ़ रहे है। राम लाल ठाकुर ने कहा प्रतिदिन हर बात तो प्रदेश की जनता के सामने हर दिन आ रही है लेकिन देखिए पुलिस महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी के कार्यलय में कोई कोविड 19 पॉजिटिव व्यक्ति बाहरी प्रदेश के बाहर से आकर चला जाता है और उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, अब प्रश्न यह उठता है कि उस व्यक्ति को संस्थागत क्वारंटाइन प्रदेश की सीमाओं पर क्यों नही किया गया? वह कैसे प्रदेश पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी से मिल कर चला गया तो। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का पुलिस महानिदेशक एक अति महत्वपूर्ण पद होता है अगर वहीं पर ऐसी धटना हो जाये तो आम आदमी के हालात प्रदेश में क्या होंगे। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार का न तो ओथेरेटेरिइन स्ट्रक्चर है और नही सिविल वेलफेयर स्ट्रक्चर कहीं दिखाई पड़ता है। राम लाल ठाकुर फिर से कहा कि यदि प्रदेश में सरकार चलाने में कोई दिक्कत हो रही है तो पूर्व में कांग्रेस के द्वारा चलाई गई योजनाओं से ही कुछ सीख ले लेनी चाहिए ताकि प्रदेश के हर आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैंडबॉल खेल में जिला, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर चुकी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की छात्राएं खेल में ही नही पढ़ाई में भी सबसे आगे हैं। गत दिवस स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं के परिणाम में नर्सरी की 14 छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। छात्राओं के इस शानदार प्रदर्शन से जहां उनकी कोच स्नेहलता, अभिभावक व मोरसिंघी स्कूल के अध्यापक भी खुश है। क्योंकि एक तरफ ये छात्राएं हैंडबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता है वहीं अब 10वीं के परीक्षा परिणाम में भी शानदार अंक प्राप्त किए है। माना जाता है कि जो छात्र व छात्रा खेलों में रुचि रखता है वह पढ़ाई में कमजोर होता है लेकिन हर वर्ष विभिन्न क्लास के परीक्षा परिणामों में मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की छात्राओं ने लोगों की इस सोच को गलत साबित किया है। नर्सरी छात्राओं वंशिका मेहता ने 664, मेगना ने 540, जस्सी ने 523, अदिति ने 519, बबिता 491, पलक चौधरी व मानसी चन्देल ने 490, पायल ने 488, सपना चौहान ने 480, संजना ने 471, चंचल ने 443, अनुपम ने 426, अंजली ने 411, कृतिका ने 413, अंक प्राप्त किए। बता दें कि हाल ही लगे अंडर-16 भारतीय महिला हैंडबॉल प्रशिक्षण शिविर में अंजली, जस्सी व संजना प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है।वहीं वंशिका मेहता हाल ही में अंडर-14 राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली हिमाचल की टीम की कप्तान रही है। वहीं जस्सी अंडर-17 स्कूल हिमाचल टीम की कप्तान रही है जिसमे रजत पदक टीम ने हासिल किया है। संजना अंडर-15 सब जूनियर टीम की कप्तान रही जिसमे टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। ध्यान रहे कि मोरसिंघी पंचायत के बछड़ी गांव में राजनीतिक शास्त्र की प्रवक्ता व अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी स्नेहलता द्वारा मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी के नाम से निशुल्क हैंडबॉल नर्सरी चलाई जा रही है। इस नर्सरी की महिला खिलाड़ियों ने देश में नर्सरी व अपनी कोच के साथ साथ जिला, राज्य का नाम भी रोशन किया है। नर्सरी की 17 महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का लोहा मनवा चुकी है वहीं 100 के करीब महिला खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीत चुकी है। इस छात्राओं के खेल व पढ़ाई में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उनके अभिभावकों में खुशी की लहर है व उन्होंने इनके शानदार प्रदर्शन के लिए कोच व अध्यापिका स्नेहलता का धन्यवाद करते हुए सारा श्रेय उनके बेहतर मार्गदर्शन व कुशल प्रबंधन को दिया है। मोरसिंघी पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर के साथ सभी गांववासियों, मोरसिंघी स्कूल प्रधानाचार्य यशपाल जस्टा अभिभावकों व स्कूल अध्यापको ने सभी कि छात्रों, कोच स्नेहलता को बधाई दी है।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता आशीष ठाकुर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमण्डल उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला, इस प्रतिनिधमंडल में कुहमझवाड़ पंचायत के प्रधान जगदीश ठाकुर व कुहमझवाड़ पंचायत के उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश से मुलाकात कर उनके माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से युवा नेता ने बताया कि पिछले महीने की 10 तारीख को बिलासपुर जिला के स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर में कुहमझवाड़ पंचायत के लेंगड़ी गांव के हंसराज नामक युवक की मौत हो गई थी। मौत के बाद जनता के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार जय राम ठाकुर ने उक्त मामले की मैजेस्ट्रीयल जांच के आदेश जारी किए थे जिसमें एडीएम बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को आदेश जारी किए थे कि उक्त मामले की जांच 5 दिन में पूरी की जाए,पर आज एक महीने का समय बीत जाने के बाबजूद जांच को सार्वजनिक नही किया गया है। आशीष ठाकुर ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल के ध्यानार्थ लाया की उक्त परिवार को आज तक उस युवक का मृत्यु प्रमाण पत्र तक नही जारी किया गया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि हंस राज की मौत की गुथी सुलझाने के लिए राज्यपाल महोदय खुद हस्तक्षेप करे और सरकार एवम प्रशासन को आदेश जारी करे कि जल्द से जल्द कारवाही अमल में लाई जाए और दोषियों को सजा दिलवाई जाए। स्वास्थ्य विभाग ने बरती थी लापरवाही आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है कि 10 तारीख को जब उस युवक की मौत हुई थी और उसे स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर लाया गया था तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा बहुत बड़ी लापरवाही बरती गई थी और उस युवक को चिकित्सकीय मदद जो मिलनी चाहिए थी उससे वंचित रखा गया। उन्हें मालूम हुआ है कि जैसे ही हंसराज को क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया उसे सबसे पहले अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ले जाया गया फिर वँहा कुछ लोग शोर मचाने लग गए फिर उसे स्ट्रेचर के द्वारा अस्पताल के प्रांगण में लाया गया जंहा लग्भग डेढ़ घण्टे तक उसी स्थिति में वँहा स्ट्रेचर पर रखा गया उसके बाद एक व्यक्ति ने उसे घसीटते हुए दूसरी 108 सेवा की गाड़ी में डाल दिया गया और वह गाड़ी भी अस्पताल में लग्भग 2 घण्टे के लिए खड़ी रही। अगर उक्त युवक को सही समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती तो शायद वह युवक आज ज़िंदा होता। आशीष ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि 10 मई की सीसीटीवी फुटेज उक्त व्यक्ति के परिवार को सौंपी जाए ताकि सचाई लोगो के सामने आ सके। किसी ने भी नहीं पहुँचाई आज तक आर्थिक मदद युवा नेता ने कहा कि उक्त युवक बहुत ही निर्धन परिवार से सम्बन्ध रखता है,मौत के बाद आज तक सरकार और प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह की आर्थिक मदद उक्त परिवार को नही पहुंचाई गई। युवा नेता नर कहा कि उन्हें पूर्व विश्वास है कि राज्यपाल महोदय इस मामले में खुद हस्तक्षेप करेंगे और उक्त परिवार को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। अगर 15 दिनों में जांच सार्वजनिक न हुई तो होगा आंदोलन ग्रामीणों ने कहा कि अगर 15 दिनों में उक्त मामले की जांच को पूर्ण कर सार्वजनिक नही किया गया तो क्षेत्र वासियों के साथ मिलकर एक बहुत बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी और इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर मृतक के दादा गजन राम, भाई देश राज, वार्ड सदस्या सर्लोचना देवी, मुंसी राम, बृज लाल, बाबू राम व कमल किशोर साथ रहे।
टिड्डी दल का प्रकोप होने की स्थिति में इससे निपटने के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने सभी विभागों से आग्रह किया है कि वे आपसी तालमेल के साथ आवश्यक पग उठाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस आपदा के प्रति सजग रहे व संबंधित अधिकारियों द्वारा बताए गए उपाय व सावधानियां बरतें। टिड्डी दल के प्रकोप की रोकथाम के लिए उन्होंने जिलास्तरीय व उपमंडलस्तरीय कमेटी का गठन किया है। जिलास्तरीय कमेटी के अध्यक्ष अतिरिक्त दंडाधिकारी बिलासपुर तथा उप निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बिलासपुर, उप निदेशक कृषि बिलासपुर, उप निदेशक उद्यान बिलासपुर व कमाॅडेन्ट होम गार्ड बिलासपुर इसके सदस्य होंगे। उपमंडल स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष उपमंडलधिकारी (नागरिक) होंगे व तथा खण्ड विकास अधिकारी, विषयवाद विशेषज्ञ कृषि तथा विषयवाद विशेषज्ञ उद्यान इसके सदस्य होंगे। कृषि उप निर्देशक डाॅ. कुलदीप पटियाल ने बताया कि पडा़ेसी राज्य पंजाब हरियाणा व राजस्थान कुछ क्षेत्रों में मरूस्थलीय टिड्डी दलों का प्रकोप देखा गया है जो कि फसलों व अन्य वनस्पति को अत्यधिक रूप में नुक्सान पहुुॅचाती हैं।
बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा शाखा टीम ने एक बार फिर नशे के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। सुरक्षा शाखा की इस टीम ने चिट्टे की आज तक कि सबसे बड़ी खेप पकड़ी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही इस टीम ने भांग की बड़ी खेप 1 किलो ग्राम पकड़ने में सफलता हासिल की थी भांग की यह खेप भी तीन वर्षों में सबसे बड़ी खेप थी जिसके बाद आज इस टीम ने जिला में चिट्टे की सबसे बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की। मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा शाखा की टीम ने मुख्य आरक्षी सुरेन्द्र कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार व आरक्षी बाबू राम ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग चंडीगढ़ मनाली पर नालियां गांव के समीप नाका लगा रखा था। इसी दौरान कीरतपुर की तरफ से एक व्यक्ति पैदल चला आ रहा था। जैसे ही इस व्यक्ति की नजर पुलिस पर पड़ी युवक ने भागने की कोशिश की लेकिन भागते भागते सड़क पर गिर पड़ा युवक के गिरते ही इस के हाथ से एक पैकेट सड़क पर गिर गया। पुलिस की टीम ने उक्त व्यक्ति को वहीं सड़क पर पकड़ लिया जब उक्त युवक की तलाशी ली गई तो उसके पैकट से 194.68 ग्राम चिट्टा बरामद किया। गौरतलब हो कि जिला बिलासपुर की सुरक्षा शाखा की टीम ने चिट्ठे की सबसे बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त रणधीर कुमार (35) पुत्र जगत राम निवासी गांव व डाकघर अमरपुर जिला बेगूसराय बिहार के रूप में हुई है। सुरक्षा शाखा की टीम ने इस व्यक्ति को हिरासत में ले कर पुलिस थाना स्वारघाट के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी करवाई शुरू कर दी है।
घुमारवीं के छत पंचायत की एक गर्भवती महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। महिला ने यह कदम तब उठाया जब परिवार वाले खेतों में काम करने गए थे तो महिला घर पर अकेली थी। परिवार वाले जब खेतों से काम करके वापस घर पर आए तो देखा कि महिला ने फंदा लगा दिया है। परिजनों ने तुंरत महिला को नीचे उतारा पर तब तक देर हो चुकी थी। आनन फानन में परिवार वाले अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया गया है। इस 19 वर्षीय महिला ने अपने घर के कमरे में पंखे के साथ फंदा लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने महिला का शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल घुमारवीं में पोस्टमार्टम करवाकर कर परिजनों को सौंप दिया गया है। डीएसपी राजेन्द्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के घोषित 10वीं की वार्षिक परीक्षा में मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की शगुन शर्मा ने 98.14 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश भर में पांचवा स्थान हासिल कर नाम रोशन किया है। शगुन ने बड़ी होकर डॉक्टर बनने का लक्ष्य रखा है। जिसके लिए वह दिन में 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती है। पन्याला गांव की शगुन के पिता संजीव कुमार दयोथ इलाके में फार्मासिस्ट हैं तथा माता दधोल स्कूल में आईटी टीचर हैं। शगुन ने अपनी उपलब्धि का श्रेय मिनर्वा स्कूल के शिक्षकों तथा अभिभावकों को दिया है। मिनर्वा स्कूल के प्रिंसीपल प्रवेश चंदेल ने बेटी के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, हिमाचल सरकार में पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जो बेरोजगारी की दर बढ़ रही है वह गम्भीर चिंता का विषय है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य में बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत के करीब होना यह इशारा करता है कि प्रदेश की हालत बहुत दयनीय होने वाली है। बेरोजगारी की दिशा में हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में शुमार हो गया है। हिमाचल प्रदेश एक पर्यटक राज्य माना जाता है हिमाचल प्रदेश का पर्यटन सीजन इस बार धराशायी हो चुका है। एक तो पहले ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले ही मंदी के दौर से गुजर रही थी उसके ऊपर कोविड 19 की वजह से जो पर्यटक सीजन को धक्का लगा है उससे बहुत से लोग बेरोजगार हो गए है। राम ठाकुर ने कहा हिमाचल प्रदेश को बाहरी राज्यों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग जैसे चंडीगढ़ से मनाली हो या चंडीगढ़ से किन्नौर हो या पठानकोट से चम्बा हो या धर्मशाला से पठानकोट हो या फिर चंडीगढ़ से धर्मशाला सभी पर ढाबा व्यवसाय को गहरा धक्का लगा है। इनके बारे में भी प्रदेश सरकार को गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को उन लोंगो के बारे में भी सोचना होगा जो हिमाचल से बाहर निजि क्षेत्रों में नौकरी करते थे। अब उनकी नौकरियां चली गई है तो अब वह लोग इस कोरोना काल मे दोबारा नौकरियों की तलाश ने अन्य राज्यों या बड़े मेट्रो शहरों में भी नहीं जा पा रहे है उनको भी बेरोजगारों की श्रेणी में लाया जाय उनके लिये किसी व्यवसाय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना के मामले दिन प्रति दिन बढ़ रहे है तो बेरोजगारी की स्थिति बढ़ती ही जाएगी। प्रदेश सरकार को चाहिए एक तो प्रदेश के ग्रामीण इलाके में मनरेगा जैसी योजना को बढावा देकर इस योजना को ज्यादा सुदृढ़ करें, दूसरे कोई ऐसी योजना तैयार की जाए जिससे लघु उद्योग प्रदेश के शहरी व ग्रमीण क्षेत्र में स्थापित करवाए जाए, जिसमे प्रदेश के बेरोजगारों को सस्ते ब्याज पर ऋण देकर और टैक्स में छूट देकर स्वरोजगार की तरह आकर्षित किया जाए। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेताया अगर ऐसी कोई योजना इन बेरोजगारों के बारे में लाई नहीं गई तो लोगों में अराजकता बढ़ेगी और गृह युद्ध जैसी स्थिति पनप सकती है।
भाजपा सरकार कोरोना से कम और अंतकर्लह से ज्यादा जूझ रही है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है जहां कोरोना काल में ईमानदारी से काम करने की बजाय घोटालों को अंजाम देकर जन-जन से धोखा किया गया है। यह बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव और वर्तमान में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हीरा पाल सिंह ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग भी है इसलिए उनकी भी नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वह इस मामले में जवाब दें। उन्होंने कहा कि आनन-फानन में प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष से त्यागपत्र ले लिया गया और केंद्रीय अध्यक्ष ने भी उसे तुरंत स्वीकृत कर दिया लेकिन मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग होने के नाते उनसे प्रश्न तक नहीं पूछा गया यह कहां तक उचित है। उन्होंने कहा अगर स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन मुहैया करवाना चाहते हैं तो वह स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त की जांच किसी सवतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की चेष्टा करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही है। अफसरशाही वेलगाम हो चुकी है। कोरोना के दौरान अफसरशाही दवारा लिए गए गलत निर्णय सांयकाल को सीएम कार्यालय दवारा वापिस लिए जाने को प्रदेश की जनता देख चुकी है। सीएम आफिस की अफसरशाही पर पकड़ नी होने का यह जीता जागता उदाहरण है। भ्रष्टाचार से घिरी सरकार अव जांच की वजाए लीपापोती करने में ही व्यस्त दिख रही है। उन्होंने कहा कि इधर करोना महामारी फैली हुई है और प्रदेश सरकार में मंत्री बेतुके बयान दे रहे हैं तथा वर्चुअल रैलियों की बात की जा रही है उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में इस तरह की रैलियां करना कहां तक उचित है इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में अब तक जयराम सरकार कोई भी जनहित या समाज हित का कार्य करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि विकास तो दूर की बात है सड़के, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य संस्थान शिक्षा संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण विभागों में राशि खर्च ना होने से लैप्स हो रही है। लेकिन जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य मरम्मत तक के लिए तरस गए हैं।
चिकित्सा और चिकित्सक का नाम तभी सार्थक होता है जब वह मरीज की भगवान रूपी कल्पना की कसौटियों पर खरा उतरता है। चिकित्सक को धरती पर भगवान कीसंज्ञा दी गई है और यही भगवान हमारे प्राणों की रक्षा भी करते हैं। किंतु ईमानदारी व लगन से काम करने वाले ऐसे भगवान लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपने अनुभव और दक्षता से बड़े अस्पतालों में होने वाले जटिल आपरेशनों को बड़ी सहजता से हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे से राज्य में सफलता पूर्वक कई आपरेशन करने में माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया इसी माह 30 जून को अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत हो रहे हैं। मूलत कांगड़ा जिला के रहने वाले डा. राजेश आहलुवालिया बिलासपुर जिला में पिछले चार सालों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। डा. आहलुवालिया के पास एमएस यानि चिकित्सा अधीक्षक का पदभार भी है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था संभालना उनका मुख्य कार्य है, बावजूद इसके वे मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करना तथा असाध्य आपरेशनों को सफलता की कसौटी पर चढ़ाना इनकी दिनचर्या में शुमार रहा। यही कारण है कि डा. आहलुवालिया अपने स्टाफ के साथ-साथ जनता में लोकप्रिय रहे। प्लास्टिक सर्जरी, कैंसर व अन्य आपरेशनों की बात करें तो निजी अस्पताल व अन्य राज्यों में इन आपरेशन के लिए लाखों रूपये में खर्च होते है। जिन असाध्य आपरेषनों के लिए मरीजों को यहां से रैफर किया जाता रहा है, उन्हें बिलासपुर में ही आपरेट कर ठीक करने का गौरव भी डा. आहलुवालिया को हासिल है। गौर हो कि जब से देश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो उससे पहले से ही डा. आहलूवालिया अपने घर में नहीं गए है। लगभग 80 दिनों से वह अपने परिवार से दूर बैठे हुए है। ताकि वह लोगों को इस कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। डॉ. आहलूवालिया अपने कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतू कई प्रमाण पत्र बतौर ईनाम भी प्राप्त कर चुके है। चिकित्सा क्षेत्र में डा. राजेश आहलुवालिया का सफरनामा चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश आहलूवालिया ने 1992-95 शिमला आईजीएमसी से अपनी पीजी कंप्लीट की है। 1995-99 जिला अस्पताल हमीरपुर में अपनी सेवाएं दी है। उसके बाद 1999-2016 तक इन्होंने पालमपुर अस्पताल में 17 साल अपनी सेवाएं दी है। तत्पष्चातं बिलासपुर अस्पताल में पहली बार चिकित्सा अधीक्षक का पद भरे जाने के पर इनका तबादला पालमपुर से बिलासपुर जिला में हुआ था। उसके बाद डाॅ. आहलूवालिया ने 30 मई 2016 को बिलासपुर में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था।
महिलाओं तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को क्रियान्वित किया जा रहा है जिनके माध्यम से महिलाओं और बच्चों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला में केन्द्रीय प्रायोजित योजना समेकित बाल विकास योजना के अन्तर्गत गर्भवती, दूध पिलाने वाली माताएं तथा 6 माह से लेकर 6 साल तक के बच्चो को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किया जाता हैं। महिलाओं तथा बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से पोषाहार प्रदान किया जाता है। बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए पूर्वशाला शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, तथा आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से टीकाकरण करवाया जाता है। कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, अनुपूरक पोषाहार, शालापूर्वक शिक्षा तथा सन्दर्भ सेवाएं बच्चों गर्भवती/धात्री माताओं को प्रदान की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला ने बताया कि विशेष पोषाहार कार्यक्रम के तहत जिला में संचालित तीन बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत 1111 आंगनवाडी केेन्द्रों के माध्यम से 6 माह माह से 6 वर्ष तक की आयु के 20238 बच्चों तथा 5894 गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। शाला पूर्व शिक्षा के अंतर्गत 1111 आंगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 4658 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ बंदना योजना के तहत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट शर्तो की पूर्ति पर परिवार में पहले जीवित बच्चे के लिए गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में जिला बिलासपुर में अप्रैल, 2019 से मार्च, 2020 तक 8562 महिलाओं को लाभान्वित कर 1 करोड़ 44 लाख 98 हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई। उन्होंने बताया कि राज्य प्रायोजित योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर में वर्ष 2019-20 के दौरान 78 लाभार्थियों कोलाभान्वित कर 37 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई। मदर टैरेसा असहाय मातृ सम्बल योजना जिला बिलासपुर में वर्ष 2019-20 के दौरान 641 माताओं के 992 बच्चों को 48 लाख 83 हजार 718 रुपये की धनराशि सहायता स्वरूप देकर लाभान्वित किया गया। विधवा पुनर्विवाह योजना गत वर्ष जिला में फस्र्ट कंपोनेंट बेटी के जन्म पर 331 बेटियों और सैकिंड कंपोनेंट शिक्षा के लिए 2329 बेटियों को लाभान्वित किया गया जिन पर 96 लाख 46 हजार 470 रुपये की धनराशि व्यय की गई। स्वंय रोजगार हेतु सहायता योजना के तहत गत वर्ष 2 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। बाल-बालिका सुरक्षा योजना के तहत जिला बिलासपुर में 76 लाभार्थियों पर 20 लाख 11 हजार 993 रुपये की राशि व्यय कर लाभान्वित किया गया।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राज्य सह संयोजक हीरापाल सिंह ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि कोरोना संकट के बीच देश के सभी गरीब परिवार को 7500 रुपए प्रतिमाह दिया जाए, ताकि इस मुसीबत की घड़ी में उनकी आर्थिक मदद हो सके। उन्होंने कहा कि जहां सरकार को लोगों की मदद करनी चाहिए थी, तो उसी दौरान सरकार द्वारा गैस पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार द्वारा गैस की सब्सिडी बंद कर दी गई है और लोगों को सस्ता राशन भी नहीं मिल रहा पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से मांग की है कि लोगों को जल्द राहत दी जाए, नहीं तो कांग्रेस सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में भारी वृद्धि कर लूट मचा रखी है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी बताने वाली ये सरकार किसानों को उनकी फसलों का सही समर्थन मूल्य नही दिलवा पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जहां एक ओर कोरोना जैसी माहमारी से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में असफल रही है।
हिमाचल सरकार ने देर शाम दो दर्जन से अधिक बीडीओ तब्दील कर दिए हैं। जिनमें कंडाघाट में तैनात रमनवीर को ऊना व ऊना में तैनात हेमचंद शर्मा को कंडाघाट लगाया गया है। इसी प्रकार शिमला में तैनात मोहन को कुसुमपट्टी, नालागढ़ में तैनात राजकुमार को सोलन, ऊना में तैनात सोनू को कांगड़ा, कल्याणी गुप्ता को जुग्गल से सिरमौर, सुदर्शन सिंह को सिरमौर से गगरेट (ऊना), सतीश कुमार को धर्मपुर से मंडी, सुरेंद्र को केलांग से सुंदरनगर, कर्ण सिंह को लंबागांव से जुग्गल शिमाल, नैन धारिया शर्मा को मलौक काजा से धर्मपुर, प्याारेलाल को रोहडू से निच्छर, कमर सिंह से सिलाई से परगापुर, गोपीचंद को परागपुर से अन्नी कुल्लू, रमेश कुमार को बामसंग हमीरपुर से देहरा कांगड़ा में, कर्म सिंह को नूरपुर से इंदौरा, मनीष कुमार को नाहन से बिलासपुर, अंकित कोटिया को शिमला से कांगड़ा, कंवर तन्मय को शिमला से सिरमौर, भानूप्रताप को शिमला से केलांग, ओसिन शर्मा को धर्मशाला से नगरोटा, अनिल कुमार को चंबा से मेहला, अभिषेक को हमीरपुर से शिमला, कामेश्वर को नानखारी से शिमला, हेमचंद शर्मा को गगरेट से कंडाघाट, यशपाल को ऊना से बंगाना, तलविंदर को गोपालपुर से बिजौरी, केदारनाथ को बिजौरी से रोहड़ू तब्दील किया गया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व पूर्व स्वास्थ्य मन्त्री व श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामलाल ठाकुर ने आयुष्मान भारत योजना पर निशाना साधते हुए इस योजना की पूरी सच्चाई सामने रख दी है। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत ग़रीबों में गरीब और समाज के वंचित वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इस योजना के तहत हर साल प्रति परिवार को 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा की बात की गई है लेकिन सरकार का दावा है कि इससे 10 करोड़ परिवार यानी 50 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होगा। देश के प्रधानमंत्री के अनुसार 5 लाख की राशि में सभी जांच, दवा, अस्पताल में भर्ती के खर्च शामिल होंगे। इसमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1300 बीमारियां शामिल की गई हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अब प्रश्न यह उठ रहा है कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम के ज़रिए क्या मोदी सरकार करोड़ों के हेल्थ इंश्योरेंस क्यों नही करवा पा रही है? राम लाल ठाकुर एक बड़ा सवाल खड़ा करते हुए पूछा जहां प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है वहां इसका कितना फ़ायदा निजी अस्पतालों को मिल सकता है?
भाजपा महिला मोर्चा की सोमवार को जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। यह घोषणा महिला मोर्चा बिलासपुर की अध्यक्षा भुवनेश्वरी लुम्बा ने की। भाजपा महिला मोर्चा बिलासपुर की कार्यकारिणी में सदर से संतोष जोशी घुमारवीं से रक्षा ठाकुर श्री नैना देवी जी से मुकेश शर्मा तथा झंडूता से कुलविन्द्रा चंदेल को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीँ श्री नैना देवी जी से समाज सेविका अंजना चंदेल को जिला महामन्त्री की कमान सौंपी गई। अंजना चंदेल के साथ घुमारवीं से उषा शर्मा को भी महामंत्री नियुक्त किया गया। इसके अलावा घुमारवीं की सुषमा रनौत सदर से रीता बंसल, झंडूता से गीता देवी व नेहा चंदेल तथा श्री नैना देवी जी से कमला देवी को जिला सचिव सदर से अंजू राणा को कोषाध्यक्ष झंडूता से सुनीता देवी को प्रैस सचिव नियुक्त किया गया। नई कार्यकरिणी की घोषणा करने के बाद जिला अध्यक्ष भुवनेश्वरी लुम्बा ने सभी नियुक्त सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शेष कार्यकरिणी की घोषणा भी जल्द कर दी जाएगी जिसके बाद मंडल स्तर पर कार्यकरिणी का गठन किया जाएगी।
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधते हुए कहा है कि बिलासपुर जिला का क्षेत्रीय अस्पताल आज तक सिर्फ राजनीति का शिकार हुआ है। आज भी यंहा पर लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नही मिल पा रही है जिसकी वजह से लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है और भारी भरकम अदायगी करनी पड़ रही है। युवा नेता ने कहा कि बड़े की दुर्भाग्य की बात है कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का गृह जिला होने के बाबजूद आज भी क्षेत्रीय अस्पताल की स्थिति दयनीय है। नड्डा ने अपने कार्यकाल में बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवायों को सुदृढ करने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई जिसका यह नतीजा है। नड्डा सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। आज नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने है पर उन्होंने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नही किया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में आज तक सिटी स्कैन मशीन कार्य नही करती है उन्होंने कहा कि इसके लिए युवा कांग्रेस ने कई बार आवाज बुलंद की पर स्वास्थ्य विभाग के कानों में जूं तक नही रेंगी आज लोगो को मजबूरन सिटी स्कैन करवाने के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन में भी लेवल 2 अल्ट्रासाउंड नही हो पा रहे है जिससे गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में हज़ारों रुपये खर्चने पड़ रहे है। युवा नेता ने कहा कि बिलासपुर जिला की जनसंख्या 4 लाख से ज्यादा होने के बाबजूद सिर्फ 2 ही स्त्री रोग विशेषज्ञ क्षेत्रीय अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही है। चिकित्सकों की संख्या कम होने के वजह से गांव की भोली भाली जनता को निजी अस्पतालों में जाकर गर्भवती महिलाओं का इलाज करवाना पड़ रहा है बदले में निजी अस्पतालों में खूब लूट घसूट मचा रखी है। एक महिला को प्रसव के दौरान 25 से 30 हजार रुपये की राशि इन निजी अस्पतालों में खर्च करने पड़ रही है। बिलासपुर जिला में सभी लोग इतने सक्षम नही है कि वो इतना पैसा खर्च कर सके। आशीष ठाकुर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में आज भी सिर्फ एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट है, एक चिकित्सक 24 घण्टे लगातार कार्य नही कर सकते है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। युवा नेता ने यह भी कहा कि बिलासपुर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के नाक तले पीपीई किट घोटाला हुआ जिसकी अभी जांच चल रही है। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पूछा जब सरकार ने 64 अधिकारियों को संदिग्ध सूची में डाला था तो उनको किस आधार पर फिर से जिला के स्वास्थ्य विभाग का आला अफसर नियुक्त कर दिया। युवा नेता ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बंद पड़ी सिटी स्कैन मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाया जाए और कम से कम 2 और स्त्री रोग विशेषज्ञ ओर 2 अन्य मेडिसिन स्पेशलिस्ट की नियुक्ति क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में की जाए ताकि निजी अस्पतालों की लूट घसूट बंद हो और जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के गांव ड़ाहड में एक गर्भवती गाय को किसी ने विस्फोटक खिला दिया, जिसकी वजह से वह जख्मी हो गई है। इस पूरे प्रकरण की सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच ने कड़ी निंदा की है। सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच लाडली के अध्यक्ष ई. पंडित सत्य देव शर्मा एव महामंत्री निर्मला राजपूत ने कहा कि केरल के मलप्पुरम में एक गर्भवती हथिनी की विस्फोटक खाने से हुई मौत के बाद हिमाचल प्रदेश से भी ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के झंडुत्ता इलाके में गर्भवती गाय को किसी ने विस्फोटक का गोला बनाकर खिला दिया, जिससे गाय बुरी तरह से जख्मी हो गई है। शर्मा एव निर्मला ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
करणी सेना हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला बिलासपुर में गर्भवती गाय को विस्फोटक द्वारा मारने के प्रयास के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। पीयूष चंदेल ने कहा जिस प्रकार से केरल के अंदर एक गर्भवती हथिनी के साथ एक दुखद घटना घटी ठीक उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के अंदर भी एक गर्भवती गाय के साथ ऐसी शर्मसार घटना घटी है जो निंदनीय है। करणी सेना ने यह माँग की है कि इस घटना में गिरफ़्तार हुए व्यक्ति के ऊपर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह पहला मामला नहीं है। हिमाचल प्रदेश में ऐसे सैकड़ों मामले हिमाचल प्रदेश में घटित हो चुके हैं जिसके कारण बेज़ुबान पशुओं की हत्या हुई है। करणी सेना इस तरीक़े की शर्मसार घटना का पूरी तरह से विरोध करती है और करणी सेना यह माँग भी करती है की जो पंजीकृत पशु आवारा घूमते हैं उनके मालिकों के ख़िलाफ़ भी सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना हमारे प्रदेश के अंदर न हो। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल के साथ प्रदेश संगठन मंत्री शशि शर्मा ,महामंत्री सुभाष ठाकुर,विशेष आमंत्रित सदस्य भीम सिंह चंदेल, गौ शक्ति के संयोजक सुनील शर्मा, ज़िला संयोजक प्यार सिंह, महिला शक्ति ज़िला अध्यक्ष सीमा चंदेल, मुकेश भबोरिया, जिला मंत्री संजीव ढिल्लों, मीडिया प्रबंधन राजेश कुमार, तनुज सोनी, कुलदीप सिंह, आशीष जगोता, दविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
घुमारवीं में सुनार के यहां काम करने वाले कारीगर ने सुनार को 13 तोले सोने का झटका दिया है यह जानकारी देते हुए रजत ज्वेलरी हाउस मुख्य बाजार घुमारवीं के मालिक विनोद सोनी ने बताया कि उन्होंने अमर मैती निवासी राधा कांतापुर जिला मिदनापुर को लगभग 3 माह पूर्व दुकान पर कारीगर के रूप में रखा था। पुलिस को की गई शिकायत में कहा गया है कि दुकान पर रखे सभी कारीगरों को वह गहने बनाने के लिए सोना देते हैं। उसके उपरांत कारीगर गहने उन्हें सौंपते हैं। शिकायत में कहा गया है कि 2 जून को मामले के आरोपी अमर मैती को मंगलसूत्र बनाने के लिए 136 ग्राम सोना दिया था। यह मंगलसूत्र 7 जून तक तैयार करना था लेकिन अमर मैती 5 जून को ही बिना कुछ कहे कहीं चला गया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी का डिब्बा तथा अन्य सामान चेक किया तो उसमें न तो गहने थे और न ही सोना था। डीएसपी घुमारवीं में राजेंद्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कारीगर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 408 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व झंडूता विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विवेक कुमार ने ग्राम पंचायत डाहड के अंदर जो गाय बारूद का गोला खाने से घायल हुई थी उनके घर जाकर परिवार से मिले व उनसे पूछा कि किस तरह से यह हादसा हुआ और अब प्रशासन आपकी क्या मदद कर रहा है तथा उन्होंने अपनी एनजीओ (सर्वोदय वेल्फेयर फाउंडेशन) की तरफ से पीड़ित परिवार की ₹2100 देकर आर्थिक सहायता की एवं उन्हें बताया कि जितना भी गौ माता के इलाज पर जो खर्चा आएगा वह सारा खर्चा उन्हें आर्थिक सहायता के तौर पर देने के लिए तैयार हैं तथा उन्होंने कहा कि और भी जो सामाजिक संगठन है और एनजीओ हैं उनके द्वारा भी पीड़ित परिवार की मदद करवाई जाएगी पीड़ित परिवार में गुरुदयाल मुखिया है और वह पेंटर का काम करते हैं पिछले 3 महीने से लॉक डाउन की वजह से उनका काम धंधा भी बंद था इसी बीच यह हादसा हुआ और उनके ऊपर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा विवेक कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार की पूरी सहायता की जाएगी तथा उन्हें इस दुख की घड़ी से उबारने के लिए और भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से भी गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार की इस दुख की घड़ी में पूरी मदद की जाए। कि इस अवसर पर उनके साथ युवा कांग्रेस झंडूता के अध्यक्ष सुरेश नेगी,राज कुमार आदि भी उपस्थित रहे।
बिलासपुर जिला में तेजतर्रार नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को विरोधियों पर अकारण बेतुके और अनर्गल आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए कि भाजपा और उनके नेत्रत्व में चल रही प्रदेश सरकार कथित भ्रष्टाचार की दल- दल में गले- गले तक डूबी सिसकियाँ ले रही है और आरोप कांग्रेस पर लगा रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि यद्यपि कोरोना काल में प्रदेश की सभी सामाजिक व धार्मिक सस्थाओं सहित कर्मचारियों और पेंशनरों तक ने कोरना के विरुद्ध लड़ने के लिए दिल खोल कर सरकार की आर्थिक सहायता की है, किन्तु सरकार ने कथित उस धन का डट कर दुरुपयोग करने और कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के रिकार्ड स्थापित करने के निंदनीय और कानूनी अपराध करने में कोई कसर शेष नहीं रखी है, जिसकी आवाज अखबारों और टी वी चेनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जन- जन तक पहुंची है । उन्होने चुटकी लेते हुए हैरानी व्यक्त की कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे सचिवालय में कथित स्वास्थ्य घोटाला , सेनेटाईजर घोटाला और बिलासपुर में पी पी ई किटों की जगह रैन कोट खरीद घोटाला होता है, किन्तु मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता से क्षमा मांगने की जगह अपनी पीठ थपथपने और बड़ी ही बेशर्मी से अपने आपको पाक साफ बताने का असफल प्रयास करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं उन्होने कहा कि कौन नहीं जानता कि भाजपा में दाल छितरों में बंट रही है ,क्यूँ कि उनकी अपनी कुर्सी पर गिद्द की तरह कई भाजपा नेताओं की टेढ़ी नजर गढ़ी हुई है और पता नहीं कब उनका पत्ता कट जाये ,इसलिए वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर कथित अपराधी को बेगुनाह बताने के प्रयास कर रहे हैं ताकि उनके नेत्रत्व में चल रही सरकार को कथित पाक साफ दामन बताया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि भारत देश कोरोना मुक्त था, किन्तु ट्रम्प के दौरे को सफल बनाने के चक्र में लाक डाउन लगाने में दो माह की देरी की गई जबकि विदेशों से लाखों लोगों को जहाजों से भारत लाया गया ,जो देश के विभिन्न भागों में गए जिस कारण सब जगह कोरोना फैला | उन्होने कहा कि यदि समय रहते लाक डाउन लगाया होता और विदेशों से लाये जाने वाले हर व्यक्ति का कोरोना टेस्ट करने के बाद ही छोड़ा होता, तो भारत को इतनी बड़ी त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ता , जिसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधान मंत्री दोषी हैं , किन्तु मुख्यमंत्री उसके लिए भी विरोधियों को ही दोषी ठहराएँगे। बंबर ठाकुर ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में देश का भट्ठा बिठाने में भाजपा सरकारों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण बोझ तले डूबी हुई है और अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के लाले पड़े हुए हैं ,किन्तु फिर भी जनता के धन की कथित लूट मचाने वालों को सजा दिलवाने की जगह क्लीन चिट दिये जाने के असफल प्रयास किए जा रहा है ,जिसे प्रदेश की जनता कतई तौर पर बरदास्त नहीं करेगी।
बिलासपुर जिले की झण्डूता तहसील के अन्तर्गत डाहड गांव में विस्फोट के जरिए एक गाय को घायल करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने आरोपी व्यक्ति नंद लाल को गिरफ्तार कर लिया है। उप पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल का दौरा किया और जांच के दौरान भारतीय दंड संहिता की धारा 429 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा-11 को भी इस मामले में जोड़ा गया। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि डाहड पंचायत के उप प्रधान चन्द्रशेखर की शिकायत पर 25 मई, 2020 को इस मामले में पुलिस थाना झण्डूता में भारतीय दंड संहिता की धारा- 286 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अपनी शिकायत में चन्द्रशेखर ने बयान दिया था कि उक्त गाय के मालिक गुरदयाल सिंह ने उनकी जानकारी में लाया कि उसकी गर्भवती गाय घर के समीप घास चर रही थी और तभी उसने एक विस्फोट की आवाज सुनी। वह तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा और पाया कि गाय का जबड़ा इस विस्फोट के कारण जख्मी हो गया। गुरदयाल ने इस घटना के लिए अपने पड़ोसी नंद लाल पर संदेह जताया है। इसके उपरांत, जांच अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और गाय की चिकित्सीय जांच की गई। गाय का खून और जबड़े के कुछ हिस्सों को कब्जे में लिया गया और जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा गया। आरोपी नंद लाल और कुछ अन्य लोगों को इस मामले की जांच में जोड़ा गया है। गर्भवती गाय को चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और बाद में उसने एक बछड़े को जन्म दिया।
पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री नयना देवी जी राम लाल ठाकुर ने केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश मे जब जब भी भाजपा की सरकारें बनी तब तब देश का किसान ठगा गया है। राम लाल ठाकुर ने कहा देश मे किसान सम्मान निधि के नाम से एक योजना शुरू की गई। उस योजना के अनुसार देश के हर किसान को वर्ष में 6000 रुपये तीन किस्तों में देने होते है। लेकिन इस योजना का जिस धड़ल्ले से दुरपयोग किया जा रहा है उससे देश का किसान ठगा सा महसूस कर रहा है। इस योजना को सिर्फ उन राज्यो में इस्तेमाल किया जाता है जिन राज्यों में भविष्य में चुनाव होने तय हो। पिछले वर्ष जब मई माह में देश मे लोकसभा के चुनाव थे तब फरवरी 2019 से लेकर अप्रैल 2019 तक किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि का पैसा डाला जाता है। उसके बाद जब केंद्र की सरकार बन जाती है किसानों को इस किसान सम्मान निधि से वंचित रखा जाता है। उसके बाद जिन जिन राज्यों में चुनावों की घोषणा होती है तो उन उन राज्यों के किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये हस्तांतरित कर दिए जाते है उसके बाद किसानों को भगवान के भरोसे छोड़ जाता है। यह देश के किसानों के साथ भद्दा मजाक हो रहा। देशभर के करोड़ों किसानों को सिर्फ वोटों के लिए ठगने हेतु इस योजना को फायदे वाली योजना बता कर किसानों से छल किया जा रहा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अगर मैं हिमाचल प्रदेश के किसानों की बात करूँ तो इस किसान योजना पहली किस्त फरवरी 2019 में जारी की गई थी। किसान योजना दूसरी किस्त अप्रैल 2019 को जारी की गई थी जबकि मई महीने में लोकसभा के चुनाव थे। किसान योजना तीसरी किश्त अगस्त में जारी की जानी थी जो अभी तक भी जारी नहीं की गई है और किसान योजना चौथी किस्त जनवरी 2020 में जारी की जानी थी वह भी अभी तक नहीं आ सकी है और जबकि इस किसान योजना पाचवी किस्त अप्रैल, 2020 में जारी की जानी थी वह भी नहीं दी गई है तो अब तो किसान योजना छठी किस्त का भी समय हो चुका है उसको तो हिमाचल प्रदेश के किसान भूल ही जाए। राम लाल ठाकुर ने एक बार किसानो के मसले पर देश और प्रदेश की सरकार को चेताया कि किसानों से इस प्रकार की ठगी बंद कर देनी चाहिए। राम लाल ठाकुर ने कहा कि लॉक डाउन के समय अगर देश का किसान अगर मजबूती से नहीं खड़ा होता तो आज देश व प्रदेश में भुखमरी जैसे हालात होते। उन्होंने कहा कि यह देश मे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू की देन है जिन्होंने देश को हरित क्रांति जैसी योजनाएं देकर देश के अन्न भंडार भरे और देश के किसान को मजबूत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस मुददे पर अगर हम भूतकाल में झांके तो पता चलता है कि चाहे पूरे विश्व में हरित क्रांति के जनक के रुप में भले ही प्रोफेसर नारमन बोरलॉग को देखा जाता हो, लेकिन भारत में हरित क्रांति के जनक के रुप में एम एस स्वामीनाथन का ही नाम लिया जाता है। क्योंकि स्वामीनाथन ने तत्कालीन कृषि मंत्री सी सुब्रहण्यम के साथ मिलकर देश में हरित क्रांति लाने पर बल दिया था और देश के प्रथम प्रधानमंत्री मंत्री ने यह सोच पैदा की थी। आजादी से पहले ही पश्चिम बंगाल में भीषण अकाल पड़ा, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो गई। 1947 में मिली आजादी के देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने भी कृषि क्षेत्र पर ही जोर तो दिया था, लेकिन वर्तमान की सरकारों ने पूर्व की सरकारों से सीखना तो दूर पर किसानों को किसान सम्मान निधि योजना बना कर ठगना जरूर शुरू कर दिया है।
करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बिलासपुर जिला करणी सेना कार्य कारिणी की घोषणा करते हुए प्यार सिंह को जिला संयोजक, मुंशी राम ठाकुर बिलासपुर, आशोंक सोनी नैना देवी, अंशुल शर्मा बिलासपुर और अशोक ठाकुर झंडूता सभी को जिला उपाध्यक्ष, कुलदीप ठाकुर बिलासपुर और जगदीश ठाकुर नैना देवी को जिला महामंत्री, गंगाराम नैना देवी, विजय चंदेल घुमारवीं, संजीव ढिल्लों बिलासपुर, मोनु शर्मा बिलासपुर और अनिल कुमार नैना देवी को जिला महामंत्री, नोपाल गुप्ता बिलासपुर को जिला कोषाध्यक्ष, देवेन्द्र पाल बिलासपुर, सुरेश शर्मा झंडूता और अजय कुमार घुमारवीं को जिला सह -कोशाध्यक्ष, परमजीत सिंह नैना देवी को जिला आई टी सेल संयोजक, राजेश कुमार घुमारवीं और तनुज सोनी बिलासपुर को जिला मीडिया प्रबन्धक, बौबी चंदेल घुमारवीं को युवा शक्ति जिला अध्यक्ष, पंकज वर्मा बिलासपुर को अधिवक्ता शक्ति जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पीयूष चंदेल ने कहा कि 35 सदस्यों की कार्यकारिणी में देवेन्द्र ठाकुर, आशीष जगोता, राम लाल, राजकुमार, वीरेंद्र करवाल, शिव कुमार , देश राज, मनोजकुमार, सुरेन्द्र कुमार, शम्मी कुमार, पवन शर्मा, अमित बनयाल, मुकेश कुमार, प्रवीण मराठा, अनिल कुमार, चन्दन कुमार चंदेल, धर्मेन्द्र ठाकुर, विपिन राणा, विनोद शर्मा, निखिल चौहान, सुमन कुमार, अशोक चौहान, विवेक नरियाल, शुभम शर्मा, विक्रांत शर्मा, उमेश जमवाल, सुरेन्द्र कुमार, नरेश ठाकुर, हर्ष चंदेल, अमरनाथ, संजीव कुमार गीता राम, बलदेव कुमार, कंचन शर्मा, गगन कुमार और अभिषेक शर्मा को शामिल किया गया है। पीयूष चंदेल ने कहा कि करणी सेवा के सभी सदस्यों के सहयोग से निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने और लोगों की समस्याओं को कम करने के भरपूर प्रयास किए जाएँगे।
बिलासपुर नगर के मुख्य बाजार की नन्हीं बेटी ने लाॅक डाउन का भरपूर फायदा उठाया है। हालांकि आन लाइन पढ़ाई से बच्चे प्रसन्न नहीं है लेकिन इस मजबूरी में खुशी का रास्ता स्वयं ही निकाल लेते हैं। डीएवी स्कूल में आठवी की छात्रा अन्वेषा जितनी चुलबुली है उतने ही उसके काम भी अनोखे हैं। लाॅकडाउन में इस बेटी ने कई चित्रों को अपने दिमाग में उताकर मूर्त रूप देने का प्रयास किया जो काफी हद तक सार्थक भी हुए हैं। इसमें खास बात यह है कि अन्वेषा ने कम से कम रंगों का प्रयोग कर सुंदर आकृतियों को बनाने की ठानी हैं। अन्वेषा का कहना है कि कम रंगों का प्रयोग करने से तथा आपसी मिश्रण से जहां नए रंग का बोध होता हैं वहीं कम रंगों से नया रंग बनाकर नया प्रयोग किया जाता है। अभी उन्होंने भगवान श्री कृष्ण का चित्र बनाकर सभी को आष्चर्यचकित किया है वहीं प्राकृतिक छटा से सराबोर सीनरी को भी अपने रंगों से ढाला है। अन्वेशा ने बताया कि लाॅकडाउन और कर्फयू के दौरान लोगों ने घरों में बोर होने की बातें कहीं, लेकिन जिस फोन सेट पर वे इस प्रकार की बातें लिख रहे थे तो इसी से वे कुछ और भी सीखकर कुछ नया कर सकते थे। अन्वेषा ने बताया कि उन्होंने पेंटिग्स बनाना सीखा वहीं नृत्य और अभिनय को भी शौक बनाया तथा इस प्रयोग में वह काफी हद तक सफल भी रहीं। इन कलाकृतियों को तैयार करने में अन्वेशा ने किसी की मदद नहीं ली है। गौर हो कि अन्वेषा की माता रीना महाजन और पिता राजेश महाजन बेटी की प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी मदद करते हैं। व्यवसायी राजेश महाजन स्कूल व कालेज समय जहां हाॅकी के उत्कृष्ट खिलाड़ी थे वहीं अभिनय में इनकी खासी पैठ थी।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर की अगुवाई में बिलासपुर युवा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले को लेकर ज़िलाधीश कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया इस मौके पर युवाओं के प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर गुबार निकाला, धरना प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस ने जिलाधीश बिलासपुर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से युवा कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग है कि उक्त घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और इस घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से करवाई जाए। इस मौके पर ज्ञापन के माध्यम से बिलासपुर युवा कांग्रेस ने बताया कि पिछले दिनों इस घोटाले में एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमे स्वास्थ्य विभाग का निदेशक अजय गुप्ता और भाजपा समर्थित पार्टी का एक नेता शामिल था, उस मामले पर कार्यवाही करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने अजय गुप्ता को 5 दिन के रिमांड पर भेजा था, उक्त मामले के तार भाजपा के बड़े नेताओं के साथ जुड़े हुए है जिसको देखते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने इस्तीफा दे दिया था। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि जब सरकार का स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा आज के समय मे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के पास है तो इस मामले में प्रदेशाध्यक्ष की जगह नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री का इस्तीफा बनता है, पर समझ से परे है कि आज तक मुख्यमंत्री ने क्यों नही इस्तीफा दिया। आशीष ठाकुर ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में प्रदेश की भोली भाली जनता ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से मुख्यमंत्री राहत कोष में अनुदान दिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और नेताओं ने जो ये घोटाला किया उससे देवभूमि हिमाचल की छवि को शर्मसार कर दिया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में भी पीपीई किट्स के नाम पर घोटाला हुआ है जिसका जांच अधिकारी एडीएम बिलासपुर को नियुक्त किया गया है पर आज लगभग एक महीने का समय पूरा होने के बाबजूद भी जांच को सार्वजनिक नही किया गया है जिससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और जनता में भारी रोष है। युवा नेता ने एडीएम महोदय से मांग की है कि जल्द से जल्द उक्त मामले की जांच पूरी की जाए और मामले में संलिप्त दोषियों को सजा का प्रावधान करवाया जाए। इस मौके पर प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस सूधीर सुमन, प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस रजनीश मेहता, प्रदेश सचिव अब्दुल खालिद, लोकसभा सचिव वीरेंद्र सन्धु, झंडूता युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश नेगी, घुमारवीं अध्यक्ष सचिन चन्देल, सोशल मीडिया संयोजक ज्वाला चौहान, अधिवक्ता अनुराग पंडित, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष अरविंद कालिया, सर्वेश उपमन्यु, नरेश कुमार, कमल किशोर, आसिफ, पंकज, संदीप, सुरेंद्र गोल्डी, इमरान, संतोष कुमार, अमन गौतम, आशीष सुमन, मनीष, शिवांक, राहिल व अन्य युवा उपस्थित रहे।
श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम लाल ठाकुर ने आज यानी 5 जून को कोविड19 को लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र में 5वें चरण के अभियान के तहत ग्राम पंचायत कोठीपुरा, राजपुरा, कल्लर, छडोल, तनबौल, जकातखाना काथला, स्वारघाट, री, घवाण्डल, नयना देवी जी, भखडा, सलोआ, नकरणा, माकड़ी, टोबा, झिड़ियाँ, गुरु का लौहर, खड्ड समतैहन, खरकड़ी, मंडयाली , बस्सी, धरोट, दबट, मज़ारी, तरसुह और पंजाब के साथ लगती सभी पंचायतों, पलँगरीयों, कस्बो और छोटे गांव में सेनेटाइजर बांटे। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस पार्टी व युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमे मुख्यत जिला परिषद चेयरमैन व ब्लॉक कांग्रेस श्री नयना देवी जी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंगा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य निक्का राम ठाकुर, पुरुषोतम महाजन, रोशन लाल ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, रणजीत ठाकुर व अन्य लोग मौजूद थे। राम लाल ठाकुर ने इस अभियान की शुरुआत पिछले कल सदर ब्लॉक की 15 पंचायतों से की। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शुक्रवार को श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र की बाकी 32 पंचायतों तथा एम सी एरिया श्री नैना देवी जी के सैनिटाईजेशन हेतु सैनिटाइजर, मास्क, सेफ्टी गाउन एवं हैंड सैनिटाइजर वितरित किए। उन्होंने लोंगो से कहा कि इस स्वास्थ्य आपदा के समय, वह क्षेत्र का विधायक होने के नाते अपनी पूरी प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ जनता के साथ है। यह सिलसिला आगे भी ऐसे ही जारी रहेगा, जब तक कि हम कोरोना वायरस पर जीत हासिल नहीं कर लेते। राम लाल ठाकुर कहा कि यह विकट आपदा की धड़ी है इसमें हम सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि यह कोविड 19 के खिलाफ जंग पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर और आपसी वैचारिक मतभेद भुला कर इस कार्य में जुटें हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजन से जो सहयोग कोविड 19 से निपटने के लिए मिल रहा है वह बहुत ही सराहनीय है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि यह खतरा मानवता को है अगर मानवता स्वास्थ्य और सुरक्षित रहेगी तभी तो विचारों की लड़ाई होगी अगर मानवता ही नहीं होगी तो विचार भी नहीं पनप पाएगा। राम लाल ठाकुर ने श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के लोंगो को जागरूक रहने और जागरूकता फैलाने के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का स्वागत द्वार भी है तो संभावित तौर पर यहाँ पर कोविड 19 का खतरा भी ज्यादा रहता है इसमें स्थानीय लोंगो की भूमिका और भी अहम हो जाती है और स्थानीय लोंगो ने यह भूमिका बड़ी ततपरता से निभाई है और इस विधानसभा के लोंगो ने कोरोना योद्धाओं का जो साहस बढ़ाया है व भी काबिलेतारीफ है।
जिला बिलासपुर में तैनात एसआईयू टीम के इंचार्ज शेर सिंह पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक यानि डीएसपी बन गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा जारी पदोन्नति सूची में उनका नाम भी अंकित है तथा यह बिलासपुर और मंडी जिला के लिए गौरव का विषय है। बिलासपुर जिला में तैनात केवल शेर सिंह का नाम इस सूची में शामिल हेै। अलसुलझे मसलों को तत्परता से सुलझाने के लिए जाने जाने वाले युवा पुलिस अधिकारी शेर सिंह सरकाघाट तहसील के गांव दारपा भवाणी के रहने वाले हैं। उनके माता सत्या देवी व पिता रोशन लाल उनकी इस उपलिब्ध पर काफी खुश हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेष पुलिस विभाग में उत्कृश्ट सेवाओं के लिए हाल ही में उनका चयन डी जी पी डिस्क अवार्ड के लिए भी हुआ है। इस अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उनके उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस डीजीपी डिस्क अवार्ड लिस्ट में उनका नाम शामिल है। जिला बिलासपुर सहित उन्होंने विभिन्न जिलों में बतौर एसएचओ, चोरियों की वारदातों को सुलझाया है। जिसे देखते हुए उन्हें डीजीपी डिस्क अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। वहीं इसके उपरांत उन्हें एक और उपलब्धि हासिल हुई है। सरकार द्वारा जारी नई नोटिफिकेशन में उन्हें डीएसपी बनाया गया। गौर रहे कि एसएचओ शेर सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य किए हैं जिसके चलते उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। 2008 बैच के सब इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बतौर प्रोवेशनल सब इंस्पेक्टर बद्दी में 2 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। इसके उपरांत वह सब इंस्पेक्टर कुल्लू में 4 वर्षों तक कार्यरत रहे जहां पर भी उन्होंने बेहतर कार्य किए। कुल्लू के उपरांत उनका तबादला जिला बिलासपुर में हुआ जहां पर वह घुमारवीं पुलिस थाना में दो वर्षों तक एसएचओ तैनात हुए। इन दिनों शेर सिंह बिलासपुर में एसआईयू टीम के इंचार्ज थे।
मोदी 2.0 सरकार की योजनाओं आपसी संवाद व चर्चा से आमजन तक पहुंचाने में कार्यकर्त्ताओं को सक्रिय भूमिका अदा करनी होगी। यह बयान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहे। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार द्वारा घोषित 20.87 करोड़ के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के माध्यम से देश के किसान-बागवान, पशुपालक व्यापारी और प्रवासी को आर्थिक मजबूती देने का काम करेगा। सभी वर्गों को इसका लाभ मिले इसके लिए कार्यकर्त्ता सजगता से समाज मे चर्चा कर योजनाओं को क्रियान्वयन करने में अग्रणी प्रहरी बने। उन्होंने कहा कि आज की बैठक की सार्थकता आज पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में और बढ़ जाती है। विश्व की आबादी की 16 फीसदी जनसंख्या भारत मे रहती है और ढाई फीसदी जमीन दुनिया के रहने के लिए है और उसमे 4 फीसदी ही वर्षा द्वारा सरंक्षित जल है। ऐसी परिस्थिति में हम सभी को आर्थिक निर्भरता के लिए पर्यावरण को बचाने के लिए अवश्य पाँच पेड़ लगाने का संकल्प करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कोरोना महामारी के काल मे गांव में रोज़गार की सृजनता के लिए मोदी सरकार ने मनरेगा में 1.10 करोड़ का बजट इस वित्त वर्ष के लिए आबंटित किया है। कांग्रेस बार बार मनरेगा की बात करती है लेकिन कभी 30000 करोड़ तक भी खर्च नहीं कर पाई मात्र गरीब-गरीबी की नारों से सत्ता का खेल खेलने तक सीमित रही।मोदी सरकार मनरेगा के तहत आगामी दिनों में 300करोड़ कार्य दिवस देकर गांव के व्यक्ति की अर्थ दशा को बदलने का काम करेगी। किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले उसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 व मंडी एक्ट में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है ताकि किसान अपनी फसल को कहीं भी, किसी को भी और मनचाही कीमत पर बेच सके। उन्होंने कहा इस छूट का लाभ प्रदेश के लगभग 12 लाख किसान-बागवान को होगा। एमएसएमई में 3 लाख करोड़ का राहत पैकेज अनुराग ने बताया कि एमएसएमई के लिए घोषित 3 लाख करोड़ का राहत पैकेज उद्योगों सहित देश के करोड़ों ट्रेडर्स को भी प्रत्यक्ष लाभ देने में कारगर साबित होगा।उन्होंने कहा स्वदेशी को बढ़ावा मिले इसके लिए स्थानीय उद्योगों को मोदी सरकार आत्मबल दे रही है। बस ज़रूरत है कि कार्यकर्त्ता आमजन तक "लोकल के लिए वोकल" बनकर समाज को जागरूक करे। उन्होंने बताया कि 2014 तक भारत एलेक्ट्रॉनिस समान का विश्व मे सबसे बड़ा आयातक देश था लेकिन आज मोदी सरकार की इच्छा शक्ति के कारण एलेक्ट्रॉनिस समान का विश्व मे दूसरे नम्बर का पॉवर देश बन गया है। वैश्विक महामारी में खुद की सम्भाल करते हुए सेवा करें अनुराग ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्त्ताओं को ज़ोर देकर कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इसी प्रदेश सहित हमारे संसदीय क्षेत्र से हैं इस लिए मोदी सरकार व प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं को बूथ स्तर तक लागू करने में जी-जान से जुटना होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को आह्वान किया कि इस वैश्विक महामारी में खुद की सम्भाल करते हुए कार्यकर्ताओं को मानवता के भाव से सेवा कार्यों के क्रम को निरंतरता से आगे बढ़ाना होगा। उपस्थिति इस बैठक में केंद्रीय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मंत्री महेंद्र सिंह, वीरेंदर कंवर, बिक्रम ठाकुर, संगठन मंत्री पवन राणा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, संसदीय क्षेत्र प्रभारी व प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, विधायकगण राजिंदर गर्ग, सुभाष ठाकुर, जेआर कटवाल, नरेंद्र ठाकुर, कमलेश कुमारी, बलबीर चौधरी, राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, संजीव कटवाल, विनोद ठाकुर, सुमीत शर्मा व नरेंद्र अत्तरी समेत ज़िला व मण्डल अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व मोर्चे के पदाधिकारी मौजूद रहे। आगामी कार्यक्रम की जानकारी इस बैठक का संचालन करते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र प्रभारी व प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने पार्टी द्वारा मोदी 2.0 के पहले वर्ष की सफलता पर राष्ट्रीय स्तर पर तय कार्यक्रम अनुसार योजना का खाका सांझा किया। जिसमें 10 जून से 20 जून के दौरान सोशल डिस्टनसिंग की पालना करते कार्यकर्ता घर-घर योजनाओं का पर्चा पहुंचाएंगे। जानकारी देते हए त्रिलोक ने बताया कि मोदी 2.0 सरकार के पहले वर्ष की पाँच बड़ी उपलब्धियों पर चारों संसदीय क्षेत्र में प्रेस वार्ता का आयोजन होगा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में अनुराग ठाकुर 21 जून को प्रेस वार्ता करेगें। उन्होंने बताया कि 25 जून को हिमाचल के इतिहास की अब तक की बड़ी वर्चुअल रैली का आयोजन भी इसी संसदीय क्षेत्र में किया जाएगा।


















































