अक्सर हम अपने जीवन पर तनाव से होने वाले प्रभाव से अपरिचित रहते हैं। प्राय हमारा मन भूतकाल को लेकर क्रोध या पश्चाताप की जकड़ में रहता है अथवा भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। मन के इस व्यवहार के कारण हमारे और हमारे आस पास के लोगों पर दुष्प्रभाव तो पड़ता ही है, साथ ही हमारी कार्यकुशलता भी प्रभावित होती है। हमारे शरीर और मन के बीच की कड़ी है श्वास, इसलिए यह मन और नकारात्मक भावनाओं को संभालने का साधन भी है और व्यवसाय, घर या खाली समय में अपनी सही क्षमता को अनुभव करने का माध्यम भी है। यह बात आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका और स्टेट मीडिया प्रभारी तृप्ता शर्मा ने हिमाचल के मीडिया कर्मियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किये गए तीन दिवसीय शिविर को वर्चुअल मीटिंग में ज़ूम एप पर सम्बोधित करते हुए कही। इस विशेष शिविर में हिमाचल भर से विभिन्न समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बिलासपुर में एसएम न्यूज से भाग ले रहे विक्रांत शर्मा का कहना था कि उन्होंने इस तरह के शिविर में पहली बार भाग लिया लेकिन जिस तरह ने शिविर में नॉलेज पॉइंट दिए गए और सुदर्शन क्रिया सिखाई गई वह अद्भुत थी उन्होंने कहा कि इन दिनों में उन्होंने जो भी सीखा है उसे वह अपने जीवन में उतारने का पूरा प्रयास करेंगे। हर रोज 8:00 बजे शिविर का आरंभ हो जाता था और सबसे पहले आल्टो विवेक विक्षिप्त गौरव द्वारा विभिन्न प्रकार की योग क्रियाएं करवाई जाती थीं। उसके उपरांत पंकज शर्मा ने सुदर्शन क्रिया का महत्व बताया और सुदर्शन क्रिया से पहले थ्री स्टेज प्राणायाम व भस्त्रिका तथा उसके उपरांत साँसों की लय पर सुदर्शन क्रिया सिखलाई। अन्य नॉलेज पॉइंट्स के अलावा सभी को वर्तमान में रहने की बात बड़ी महत्वपूर्ण थी। इस सूत्र को सभी को अपनाने को कहा को कहा गया। प्रतिभागी जीएल वर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग ने मीडिया के लिए स्पेशल तीन दिन का कोर्स करवाया। इन तीन दिनों में दो घण्टों के दौरान हर पल नया महसूस हुआ। सुदर्शन क्रिया तो लाजवाब थी। तीसरे दिन करवाई गई मैडिटेशन तो कमाल की थी। उन्होंने कहा कि मीडिया में यह कोर्स टीमवर्क स्थापित करने में अत्याधिक मददगार साबित होगा। इससे सकारात्मकता का वातावरण बनेगा। यह खुश रहने के लिए कई टिप्स दे गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम इस कार्यक्रम में सिखाई गई चीज़ों का पालन करेंगे तो यह हमें स्वस्थ और ऊर्जावान रहने में मदद करेगा जिससे कार्यस्थल पर स्वतः ही हमारे कार्यप्रदर्शन में सुधार होगा।
सोशल मीडिया में वायरल हो रही वीडियो में गांव जामली तहसील सदर जिला बिलासपुर निवासी प्रमिला देवी को ससुर द्वारा मारपीट करने के प्रकरण में लाडली फाउंडेशन महिला की सहायता करने के लिए आगे आई है। विधवा पीड़ित महिला प्रमिला देवी ने लाडली फाउंडेशन कार्यालय बिलासपुर पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। पीड़ित महिला प्रमिला देवी के मदद के लिए लाड़ली फाउंडेशन की जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता एवं सदर ब्लाक अध्यक्ष रीना ठाकुर शीतल के तत्वाधान में पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर दिवाकर शर्मा को पीड़ित महिला के ससुर के खिलाफ शिकायत पत्र दिया गया जिसमें प्रमिला देवी ने कहा कि उनके पति का स्वर्गवास 26 मई 2018 को हुआ था तभी से लेकर आज तक प्रमिला देवी का ससुर मारने की धमकी देता है तथा मारपीट करता रहता है। जब पति की मौत हुई थी तो कुछ पैसे राहत के तौर पर मिले थे वह पैसे मांगता रहता है तथा मारपीट करता है। हद तो तब हो गई जब 1 जुलाई 2020 को बहुत बुरी तरह से पीटा और प्रमिला देवी को जख्मी हालत में छोड़कर भाग गया। 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल लाया गया और पुलिस ने मेडिकल किया लेकिन आज तक ससुर राजपाल को गिरफ्तार नहीं किया गया न ही उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। फाउंडेशन ने ससुर की गिरफ़्तारी की मांग की है। इस मौके पर सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के प्रधान अजय कौशल एवं पीड़ित महिला का भाई मनोज कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने पीड़ित महिला को आरोपी ससुर के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
बिलासपुर नगर के डियारा सेक्टर में स्थित गोविंद सागर झील के मनोरम तट पर स्थित महर्षि वेद व्यास जी मंदिर और गुफा में गुरू पूर्णिया का त्योहार बड़ी श्रद्धा और भावना से मनाया गया। कोरोना काल में सोषिल डिस्टेंसिग काध्यान रखते हुए इस बार केवल चंद लोगों द्वारा पूजा अर्चना ही की गई जबकि भंडारा, कीर्तन आदि के कार्यक्रम से परहेज रखा गया। व्यास गुफा परिसर व मंदिर की केयर टेकर बंती गिरी ने सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बहुत कम लोग शामिल हुए। पंडित द्वारा विधिवत रूप से गुरू पूर्णिमा की पूजा अर्चना की गई तथा गुरू के महत्व पर प्रकाश डाला गया। बंती गिरी ने बताया कि हर साल व्यास गुफा परिसर में गुरू पूर्णिमा के दिन गुरू महाराज का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते परिस्थितियां विपरीत है। इसी कारण केवल पूजा अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बंती गिरी ने बताया कि जब देष प्रदेष कोरोना से मुक्त हो जाएगा तथा माहौल बेहतर होगा तो वे व्यास गुफा परिसर में आम जनता के सहयोग से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन भी करवाएंगी, तत्पषचात विषाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूजा अर्चना के बाद हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। बाद में मालपुए का प्रसाद भी वितरित किया गया। इस अवसर नगर के चंद गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
ब्लॉक कांग्रेस झंडूता ने पेट्रोल डीजल कीमतों की वृद्धि को लेकर धरना दिया और एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा। सारा कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश चन्देल के नेतृत्व में हुआ। इससे पहले में बढ़ती मंहगाई के विरोध में धरना दिया गया जिसमें काफी संख्या में कारयकर्ताओं ने भाग लिया। सतीश चंदेल ने कहा कि इस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है उस समय भारत में इस तरह से पेट्रोल पदार्थों की कीमतें बढ़ाना आम जनता के साथ सरासर बेईमानी है। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने निम्न स्तर पर हैं उस समय पेट्रोल और डीजल क्योंकि हमसे अपने उच्च स्तर पर होना सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा डीजल का प्रयोग किसान, छोटे कारोबारी ट्रांसपोर्टर्स और लघु उद्योगों के द्वारा किया जाता है तथा डीजल की कीमतें बढ़ने से यह लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे वही महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी इसके लिए झंडुत्ता कांग्रेस ने एसडीएम झंडूता के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा कि इन कीमतों में कमी की जाए ताकि आम जनता को इस महंगाई के बोझ को न उठाना पड़े। इस धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक डॉ बीरु राम किशोर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव विवेक कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनिन्दर सिंह चंदेल, सेवादल, दिलीप धीमान, कार्डिनटे गुरदास सुमन, उप प्रधान चन्दरसेखर, उपप्रधान प्रताप ठाकुर ,उपप्रधान सुभाष अधिवक्ता विजय कौशल व सर्वजीत, चैन सिंह ,नरेश सोहर पवन कौशल तहसीलदार तुलसी राम कैप्टन बलदेव कैप्टन कृष्ण, झंडुत्ता नंबरदार संघ के प्रधान श्याम सिंह परमार, रमेश व सतीस वांडा, प्रकाश रविंदर सालिग्राम चन्देल बसिरदीन, बीरदीन ,अबुल खालिद, झंडुत्ता युवा कांग्रेस के प्रधान ललित शर्मा, महिंदर समोह, कलोल पंचायत के प्रधान राजकुमार, जगदीश तथा तुंगरी से सुनीता आदि शामिल रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य पूर्व मन्त्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने एक बार फिर से भाखडा विस्थापितों के हक में आवाज बुलंद की है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछा है अभी हिमाचल प्रदेश सरकार 26 फरवरी, 2020 को बजट सत्र के दौरान बिलासपुर के भाखडा विस्थापितों के लिए विधानसभा में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था उस कमेटी में जिला बिलासपुर के वर्तमान चार विधायक भी बतौर सदस्य थे, जिनमे वह भी शामिल हैं। उन सबको अपनी अपनी विधानसभा क्षेत्रों से भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं हेतू रिपोर्ट बना कर सचिव राजस्व विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार या जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपनी थी। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2020 बिलासपुर के उपयुक्त के माध्यम से सरकार को बतौर उदाहरण कुछ भखडा विस्थापितों की अवार्ड नकलों सहित जिला उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी थी और उस रिपोर्ट में काफी विस्तार पूर्वक भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को रखा था। लेकिन अभी तक उस रिपोर्ट पर फैसला लेना तो दूर चर्चा भी प्रदेश सरकार कर नहीं सकी है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1985 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मेरे बोलने पर जिला में मिनी सेटेलमेंट तो करवाया था लेकिन समय बीतता गया भाखड़ा विस्थापितों की समस्याएं विकट होती गई और जिन पर समय समय पर ध्यान दिया जाना था वह दिया नहीं गया और यह समस्याएं जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपर के साथ साथ अन्य विस्थापितों में यह रोष है कि उन्हें विस्थापित करने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड ने कोई श्रेय नहीं दिया है व न ही केंद्र सरकार ने विस्थापितों के लिए बीबीएमबी में नौकरियों जैसा कोई आरक्षण दिया है। इन हालातों में उजड़ चुके लोग जैसे-तैसे जीवन निर्वाह करने को मजबूर हो चुके हैं। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अगर आपकी सरकार से इन विस्थापितों की समस्याओं के बारे में कोई नीति निर्धारित नहीं हो पा रही है तो उत्तराखंड में बने टिहरी बांध की नीति से हो कोई प्रारूप ले लो।
जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, महासचिव आशीष ढिल्लों व सदर मंडल अध्यक्ष हंस राज ठाकुर ने पूछा है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर पर दर्ज हुई पुलिस प्राथमिकी आत्महत्या के लिए एक युवक अंशुल शर्मा को उकसाने हेतु भारतीय दंड सहिंता की धारा 306 व 120 बी पर कांग्रेस पार्टी का क्या रुख है। भाजपा के नेताओ ने एक सयुक्त बयान में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ पर निशाना साधा और पूछा कि नैतिकता की दुहाई देने वाले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अपने पूर्व विधायक, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बम्बर ठाकुर पर क्यों चुपी साधे हुए है? वह इस मसले पर कांग्रेस पार्टी अपना रुख साफ क्यों नही करती है? भाजपा के नेताओं ने राठौड़ से पूछा है कि क्या आप वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं जो करीब एक महीना पहले भाजपा के नेताओं को नैतिकता का पाठ पढ़ाते थे अब आपकी नैतिकता कांग्रेस नेता बम्बर ठाकुर पर हुई एफआईआर कहां चली गई है। भाजपा नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ पर तंज कसते हुए यहाँ तक कह डाला कि राठौड साहब क्या फैसला लेंगे वह तो अपने आप ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की साजिशों का शिकार हो रहे हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बम्बर वाले मसले पर अपना क्या रुख रखेगे वह तो खुद ही दिल्ली में बैठे कांग्रेस के आला नेता के रहमो करम पर है और वीरभद्र सिंह की गोद पर बैठ पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रहे है। और हास्यस्पद बात यह है कि वीरभद्र सिंह खुद और उनका पूरा परिवार जमानत पर है।
चीन के एप्स पर बैन लगाने के बाद भारत को एप्स और सोशल मीडिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की योजना का आरंभ रविवार को हो गया जब आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर द्वारा एक भारतीय सोशल मीडिया सुपर एप एलाइनमेंट्स को देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा लांच किया गया। यह बात बिलासपुर में आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षका और जिला प्रभारी रचना मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के सभी सदस्यों ने इस लांचिंग पर प्रसनता जाहिर की है। बिलासपुर में सभी ने फोन के माध्यम से एक दुसरे को बधाई दी। मेहता ने बताया कि लॉन्च के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर भी मौजूद रहे। गौर रहे कि भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़ी संख्या में किया जाता है देश में करीब 50 करोड से ज्यादा सोशल मीडिया यूजर्स हैं। इनमें से अधिकतर प्लेटफार्म में भारत के बाहर की कंपनियों का बोलबाला है विदेशी कंपनियों के प्लेटफार्म पर डाटा प्राइवेसी को लेकर बहस छिड़ गई है। उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच हुई झड़प के चलते पिछले दिनों भारत में 59 चीनी एप्स को बैन कर दिया गया था। बिलासपुर आर्ट ऑफ लिविंग के मीडिया प्रभारी अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि इस अकेले ऐप में वह सारी खूबियां होंगी जिनके लिए लोग अभी अलग-अलग एप्स का इस्तेमाल करते हैं। इसमें सोशल कनेक्टिविटी के साथ चैटिंग, ऑडियो, वीडियो, कॉलिंग, ग्रुप कॉलिंग, ईपेमेंट, ई-कॉमर्स जैसे फीचर भी होंगे। यह 8 भाषाओं में उपलब्ध होगा प्राइवेसी एक्सपर्ट की मदद से यूजर्स के डेटा की सिक्योरिटी का भी पूरा ध्यान रखा गया है। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से यह दावा भी किया गया है कि कई महीनों तक लगातार इस ऐप का टेस्ट किया गया है और इस ऐप में यूजर डाटा देश में ही रहेगा और कोई तीसरी पार्टी से चुरा नहीं सकती इस समय गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और अब तक करीब एक लाख से अधिक डाउनलोड भी कर चुके हैं।
नगर सुधार समिति के प्रेस सचिव तनुज सोनी ने जारी ब्यान में कहा है कि बिलासपुर शहर में व आसपास की जगहों पर लोगों को कोरोना महामारी से बचने हेतु समिति ने अध्यक्ष दिनेश कुमार की अगुवाई में तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं बिलासपुर में करीब 10-15 हजार मास्क बांट चुकी हैं लेकिन फिर भी लोग मास्क पहनना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जब से कोरोना महामारी फैली हुई है तब से नगर सुधार समिति ने कम से कम 4-5 हजार मास्क बांट दिये हैं तथा अब भी बांट रही है और लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक भी करती आ रही है इसके साथ प्रषासन भी लगातार इस महामारी से बचाव हेतु व मास्क लगाने बारे जनता को जागरूक करती रही है, परन्तु खेद का विषय है कि लोग मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा मजबूरी वश चालान करना जरूरी हो गया है ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके। समिति ने पुलिस द्वारा किए जा रहे चालान को सही करार देते हुए पुलिस से मांग की है कि फिलहाल चालान की राशि 200/-रू तक की जाए ताकि लोगों को अपनी गलती का अहसास हो सके तथा कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए गए इस अभियान को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्राण घातक महामारी से बचने के लिए सावधानियां बरतना हरेक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य बनता है अतः अपने कर्तव्य को समझें व इस अभियान में अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं के द्वारा शनिवार को ब्लॉक अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता की अध्यक्षता में देशभर में बढ़ती हुई पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर खूब हल्ला बोला। इन कीमतों को वापस लेने हेतु एसडीएम घुमारवीं के माध्यम महामहिम राश्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर विशेष तौर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे। धर्माणी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 41 डॉलर प्रति बैरल है और देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पिछले एक माह में लगातार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ी हैं व तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में लगभग 9.15 रूपए का इजाफा किया है वहीं डीजल में 11.35 रूपए प्रति लीटर की दर से महंगा हुआ है। इन बढ़ी हुई कीमतों को लेकर देश में पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर अराजकता का माहौल बनता जा रहा है। यह भी एक इतिहास बन गया है कि डीजल पेट्रोल से महंगा हो गया। धर्माणी ने कहा कि।हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है और यहां पर औद्योगिक क्षेत्र अन्य प्रदेशों से कम है जबकि यहां की मुख्य आमदनी कृषि व पर्यटन व्यवसाय पर आधारित है कोविड-19 की वजह से प्रदेश में कृषि और पर्यटन व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश में आमजन की मुसीबतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नियंत्रण किया जाना अति आवश्यक है। इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता, पवना शर्मा, सतपाल, सुबेदार दीनानाथ, संजीव मल्होत्रा, विक्रम ठाकुर, अमरसिंह, रविंद्र सिंह ठाकुर, कुलजीत ठाकुर, राजेंद्र भारद्वाज, अमीचंद सोनी, रजनीश मेहता, रविंद्र सिंह ठाकुर, दिनेश भुट्टो, राम स्वरूप, हेमराज ठाकुर, मनोहर लाल शर्मा, सुरजीत ठाकुर, सुलक्षणा पठानिया, मनोहर लाल, सचिन चंदेल, विकास शर्मा व विकास गर्ग उपस्थित थेे।
कोरोना काल में जान जोखिम में डाल कार्य kar रहे ड्राइवरों की समस्या का शीघ्र बीडीटीएस पदाधिकारी व एसीसी प्रबंधन हल करें। पूर्व प्रधान एवं वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर सदस्य कुलदीप गौतम चंदू राम ठाकुर विनय कुमार वर्मा पवन कौशल कमल किशोर ने संयुक्त बयान में कहा एक तो कोविड-19 के खतरनाक दौर में हमारे ड्राइवर भाई जान जोखिम में डालकर दिन रात कार्य कर रहे हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से एसीसी सीमेंट फैक्ट्री में कई घंटे तक ड्राइवरों को लाइन में लगकर 10 से 12 घंटे से अधिक समय व्यतीत करना पड़ रहा है। लोडिंग व्यवस्था दुरुस्त ना होने से इस परेशानी से ड्राइवरों को जहां दिक्कत बड़ी है वहीं उन्हें खाने-पीने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। दूसरे कई घंटों तक लाइन में लगे रहने के कारण इस महामारी के दौर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो पा रहा है। इन्होंने कहा पंजाब वेयरहाउसेस जैसे अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, प्रभात लुधियाना, खानपुर, खूई इत्यादि को जाने वाली सीमेंट की गाड़ियां भी एक से दो दिन बाद अनलोड हो रही हैं जिस कारण ड्राइवरों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई डंपो पर शौचालय के आदि की व्यवस्था ठीक ना होने से ड्राइवरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन्होंने एसीसी प्रबंधन से भी मांग करते हुए कहा है कि पंजाब इत्यादि डंप के ऊपर जाने वाली सीमेंट गाड़ियां को उतारने की व्यवस्था सुचारू करवाएं और अन्य जो भी ड्राइवरों को समस्या हो रही हैं उनका तुरंत हल करें। इन्होंने मैनेजमेंट पदाधिकारियों से भी मांग करते हुए कहा है कि शीघ्र इन समस्याओं को सुलझाए ताकि ड्राइवरों को हो रही समस्याओं से निजात दिलाई जा सके और साथ ही में जो गाड़ियां समय पर अनलोड नहीं हो रही हैं उसका भी शीघ्र हल करें ताकि आर्थिक रूप से ऑपरेटरों को नुकसान से बचाया जा सके। पहले ही ऑपरेटर कोविड-19 के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
विधायक जीत राम कटवाल ने विधानसभा क्षेत्र झंडूता के अंतर्गत लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत निर्मित किए जा रहे 330 मीटर लम्बे बबखाल पुल के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विधान सभा क्षेत्र झंडूता को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए अनेकों विकासात्मक कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि विकास के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि लोगों को लंबे समय तक विकास कार्यों का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि पुल के बन जाने से झंडूता से कीरतपुर तक की दूरी ६० किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है तथा दो वर्षों के भीतर पुल के निर्माण कार्य को पूरा कर लोगों को समर्पित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुल के निर्मित हो जाने से विधानसभा क्षेत्र झंडूता के लोगों को चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब जाने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी जिससे धन और समय की बचत होगी। उन्होंने पुल निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवाने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र विकास में सड़कें महत्त्वपूर्ण है, बिना सड़कों के क्षेत्र का विकास सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के लोगों को यातायात के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 78 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्रीय सड़क फण्ड (सीआरएफ) के तहत बनने वाली मेजर डिस्ट्रीक रोड़ (एम.डी.आर.) सड़क पनौल-झंडूता बाया नंदनगराओं-जेजवीं सड़क परियोजना से कोटधार तथा झंडूता क्षेत्र के साथ अन्य विधानभा क्षेत्रों के लोग भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत नंदनगराओं में 54 करोड़ रुपये कोटधार को जोड़ने वाले गोविन्द सागर झील के ऊपर लगभग 380 मीटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पुल का निर्माण कार्य लगभग दो वर्षो में पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पुल क्षेत्र विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने गेमन इंडिया के अधिकारियों को पुल के निर्माण कार्य को शीघ्रपूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष मोहिन्द्र सिंह चन्देल, पूर्व पंचायत प्रधान कांशीराम, युवा मोर्चा अध्यक्ष दिव्यांश चन्देल, मीडिया प्रभारी पी.आर. संख्यान, हरवंस भभोरिया, भाजपा सदस्य शिव कुमार उपस्थित थे।
जिला बिलासपुर नीजि बस आपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल कुमार मिंटू ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि उन्होंने सरकार के आदेश अनुसार अपनी बसों को सड़कों पर उतार कर देख लिया लेकिन खर्चा तक पूरा न होने के कारण अब प्राईवेट बस आपरेटर बसें चलाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं क्योंकि इस दौरान साठ प्रतिशत सवारियों को बिठाने की शर्त के तहत बसों को सड़क पर लाया तो गया लेकिन साठ प्रतिशत सवारियां भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 यानि कोरोना वायरस का खौफ जनता के मन में घर कर गया है तथा लोग अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। लोग अपनी जान को जोखिम में नहीं डालना चाहते हैं, और इसी बात को सरकार ने भी माना है, क्योंकि।जिस जोर शोर से सरकार ने एचआरटीसी का बेड़ा सड़कों पर उतारा था, तो सरकार का यह प्रयोग भी विफल रहा है। अब मुश्किल से दस या बीस प्रतिशत बसें चल रही हैं। अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि कोरोना से पीटे गए आपरेटर अभी अपनी सांसों को संभाल ही रहे थे कि डीजल के दाम में पैट्रोल से ज्यादा हुई।बढ़ोतरी ने आपरेटरों की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। सरकार ने पैट्रोल से ज्यादा डीजल के दाम बढ़ाकर न सिर्फ इतिहास रचा है बल्कि बस आपरेटरों की उम्मीद पर भी डीजल छिड़क दिया है। पूरी तहत से पस्त हो चुके नीजि बस आपरेटरों की उम्मीदें धूमिल हो चुकी हैं। सरकार को यदि प्राईवेट बसों को चलाना है तो बस किरायों में बढ़ोतरी निश्चित तौर पर करनी होगी। यही नहीं प्राईवेट बस आपरेटरो की यह भी मांग है कि बसों का टैक्स 31 मार्च 2021 तक माफ किया जाए। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बसों का यह प्रयोग भी विफल रहा है तथा अब नीजि बस आपरेटरों को अपने परिवारों का भरण पोशण करना भी मुश्किल हो रहा है। बैंकों के कर्ज एवं अन्य देनदारियां इतनी बढ़ चुकी है कि इन्हें चुकाने के लिए फोन आना शुरू हो गए हैं जिससे बस आपरेटर मानसिक तौर पर परेशान हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लाखों की बसों के मालिकों को अपना व परिवार का पेट पालने के लिए मनरेगा के तहत दिहाड़ियां लगानी पड़ रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे बस आपरेटरों की इस स्थिति को महसूस करें और आर्थिक पैकेज का ऐलान करें ताकि आपरेटर व उनके परिवार के साथ-साथ उन पर निर्भर चालक परिचालक भी दो वक्त की रोटी खा सके। अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि आथिर्क पैकज के तौर पर सरकार ने एचआरटीसी को 55,65 करोड सहायता दी, तब कहीं स्टाफ को सैलरी मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की आर्थिकी में अपना अहम योगदान देने वाले प्राईवेट बस आपरेटरों के बारे में भी सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए और किसी राहत पैकेज का एलान कर कोरोना महामारी के इस दौर में राहत पहुंचाने का काम करना चाहिए।
प्रदेश के बिलासपुर जिला के ग्राम पंचायत छड़ोल के अंतर्गत जामली गांव में ससुर द्वारा बहू की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। पिटाई से महिला के शरीर पर काफी चोटें आईं है। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ससुर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बहू के साथ मारपीट का वीडियो भी वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बीती शाम शराब के नशे में धुत्त ससुर किसी बात को लेकर बहू से बहस करने लगा। धीरे-धीरे मामला काफी बढ़ गया और उसने तेजधार हथियार से बहू के सिर पर वार कर दिया। बहू के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस की महिलाओं ने मौके पर पहुंच कर उसे छुड़ाया ओर 108 की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर ने वर्तमान में प्रदेश सरकार के नैशनल हाइवे की दावों की पोल खोलते हुए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राम लाल ठाकुर ने पूछा है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 63 नेशनल हाईवे में से 58 के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने को मंजूरी प्रदान कर दी थी। उनका वर्तमान में क्या स्टेटस है? राम लाल ठाकुर ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्ष 2018 में एक बैठक भी की थी। उन्होंने अधिकारियों को इन मार्गों के लिए जल्द डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिये ताकि इन पर जल्द काम शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में इस समय राष्ट्रीय राजमार्गों का सड़क घनत्व प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर 47.65 किलोमीटर बताया था जबकि राष्ट्रीय औसत प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर 38.40 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि 63 नए राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से राज्य में सड़क घनत्व प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर बढ़ कर 125.11 किलोमीटर हो जाएगा। वर्तमान में राज्य में 2653 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं जो नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निमार्ण के बाद बढ़ कर 6965 किलोमीटर हो जाने थे। राम लाल ठाकुर ने कहा है कि इस विषय को क्यों दबाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों का वर्तमान के क्या प्रारूप है, जो सरकार की बैठकों में तय होता है वह पूरा क्यों नही किया जाता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया था कि इन राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे तथा इससे आम जनता के अलावा राज्य के सेब और अन्य उत्पादों की ढुलाई को फायदा हो जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया था कि प्रस्तावितरोहड़ू-चिरगांव-लरोट-चंशल-डोडरा क्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से न केवल हरिद्वार और चार धाम के लिये वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे बल्कि इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जबकि मुख्यमंत्री के वक्तव्य के अनुसार 70वां नेशनल हाईवे कुल्लू जिला के आनी में शमशर से लेकर झाकड़ी तक बनना तय था, जिसकी कुल लंबाई 148 किलोमीटर होनी थी। उसका वर्तमान में क्या प्रारूप है कोई नहीं जानता है, क्यों? राम लाल ठाकुर ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार हिमाचल को केंद्र की सरकार ने एक और नेशनल हाइवे की सैंद्धांतिक मंजूरी दी थी। केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह मंजूरी भी दी थी। सीएम जयराम ठाकुर ने उस समय विधानसभा में वक्तत्व के माध्यम से इसकी जानकारी भी दी थी। अब हिमाचल में कुल 70 नेशनल हाईवे हो गए हैं. 70वां नेशनल हाईवे कुल्लू जिला के आनी में शमशर से लेकर झाकड़ी तक बनेगा, जिसकी कुल लंबाई 148 किलोमीटर होनी तय थी इसकी डीपीआर के लिए केंद्र ने 7 करोड़ 50 लाख भी मंजूर किए थे। अभी उसका क्या स्टेटस है, यह भी कोई नहीं जानता है। आखिर सरकारी तंत्र में चल क्या रहा है, राम लाल ठाकुर ने कहा कि सरकार जरूरत से ज्यादा हवाई किले बना रही है जो पूर्व में 69 नेशनल हाईवे घोषित किए हैं, उनका पैसा कहां है? पहले सरकार यह तो बताए। लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने 69 नेशनल हाईवे मिलने का दावा किया था और कहा था कि हिमाचल को 64 हजार करोड़ रुपये मिलने हैं अब वह कहां है, किसी को कोई पता नही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से केंद्र की सरकार विकास की योजनाओं के लिए हवाई किले बनाती है ठीक उसी के पदचिन्हों पर प्रदेश सरकार भी लोंगो को हवाई आकड़ो के सब्ज बाग दिखा कर वाहवाही लूटना चाह रही है।
चिकित्सा और चिकित्सक का नाम तभी सार्थक होता है जब वह मरीज की भगवान रूपी कल्पना की कसौटियों पर खरा उतरता है। चकित्सक को धरती पर भगवान की संज्ञा दी गई है और यही भगवान हमारे प्राणों की रक्षा भी करते हैं, किंतु ईमानदारी, कत्वर्यनिष्ठा और लगन से काम करने वाले ऐसे भगवान लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपने अनुभव और दक्षता से बड़े अस्पतालों में होने वाले जटिल आपरेशनों को बड़ी सहजता से हिमाचल प्रदेश जैसी छोटे से राज्य में सफलता पूर्वक करने में माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत हो गए। बिलासपुर जिला में पिछले चार सालों से अपनी सेवाएं दे रहे डा. आहलुवालिया के पास एमएस यानि चिकित्सा अधीक्षक का पदभार भी था, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था संभालना उनका मुख्य कार्य है। बावजूद इसके वे मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करना तथा असाध्य आपरेशनों को सफलता की कसौटी पर चढ़ाना इनकी दिनचर्या में शुमार रहा। यही कारण है कि डा. आहलुवालिया अपने स्टाफ के साथ-साथ जनता में लोकप्रिय रहे। बात अगर प्लास्टिक सर्जरी, कैंसर व अन्य ऑपरेशन की करें तो निजी अस्पताल व अन्य राज्यों में इन ऑपरेशन के लिए लाखों रूपये में खर्च होते है। जिन असाध्य आपरेशनों के लिए मरीजों को यहां से रैफर किया जाता रहा है, उन्हें बिलासपुर में ही आपरेट कर ठीक करने का गौरव भी डाॅ. आहलुवालिया को हासिल है। इनकी ख्याति प्रदेश में इतनी है कि लोग बाहरी जिलों से भी बिलासपुर आते हैं। कार्य के लिए प्रति उनका अनुभव व लग्न अन्य चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत है। बता दें कि जब से देश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो उससे पहले से ही डाॅ. आहलूवालिया अपने घर में नहीं गए थे। ताकि वह लोगों को इस कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। वहीं, खास बात यह है कि चिकित्सा अधीक्षक के पद होने के नाते यह सारा दस्तावेज कार्य सहित मरीजों की जांच अपने कार्यालय करते हैं। यहां पर अगर कोई भी मरीज आ जाता है तो वह उनको निराश नहीं भेजते है। जबकि सभी मरीजों को यहां पर देखने के साथ अपने कार्यालय की दस्तावेजी औपचारिकताओं को भी बखूबी पूर्ण करते हैं। डाॅ. राजेश आहलूवालिया को अपने कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतू कई प्रमाण ईनाम भी प्राप्त कर चुके है। चिकित्सा क्षेत्र में डाॅ. राजेश का सफरनामा चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेश आहलूवालिया ने 1992-95 शिमला आईजीएमसी से अपनी पीजी कंप्लीट की है। 1995-99 जिला अस्पताल हमीरपुर में अपनी सेवाएं दी है। उसके बाद 1999-2016 तक इन्होंने पालमपुर अस्पताल में 17 साल अपनी सेवाएं दी है। तत्पश्चात बिलासपुर अस्पताल में पहली बार चिकित्सा अधीक्षक का पद भरे जाने के पर इनका तबादला पालमपुर से बिलासपुर जिला में हुआ था। उसके बाद डाॅ. आहलूवालिया ने 30 मई 2016 को बिलासपुर में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था। सैंकडों ऑपरेशन कर मरीजों को ठीक कर चुके हैं डाॅ. आहलूवालिया चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेश आहलूवालिया बिलासपुर कार्यकाल में सैंकड़ों ऑपरेशन कर चुके है। बिलासपुर में आने वाले नए सर्जन भी इनके अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं। इनके द्वारा बिना चीरफाड़ से ऑपरेशन, पीते का ऑपरेशन, कैंसर व अन्य दर्जनों गंभीर बीमारियों के इन्होने सफल ऑपरेशन किया है। आधुनिक तकनीक से होने वाले आपरेशनों को भी डाॅ. आहलुवालिया ने सहजता से किया है।
डीजल में लगातार बढ़ोतरी के चलते सिविल सप्लाई विभाग के सीमेंट ढुलान में जुटे हजारों ऑपरेटरों को रेट में वृद्धि न होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है व बड़ी मुश्किल से इंधन खपत भी पूरी नहीं हो पा रही है। उल्लेखनीय है वर्ष 2014 में सिविल सप्लाई विभाग द्वारा किराए तय किए गए थे लेकिन उस समय डीजल 56 रुपए प्रति लीटर था। यह बात बीडीटीएस सभा पूर्व प्रधान एवं वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर ने कहीं इन्होंने कहा सभा व एक्स सर्विसमैन यूनियन के 5 हजार से अधिक ट्रक एसीसी फैक्ट्री में सीमेंट ढुलान कार्य हेतु लगे हुए हैं। परंतु सिविल सप्लाई विभाग के द्वारा विभिन्न सरकारी महकमे को जाने वाले सीमेंट सप्लाई के पूर्व रेट ट्रक किराया 8.35 पैसे प्रति टन के होने के कारण लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान ऑपरेटरों को हो रहा है। इन्होंने कहा अब डीजल में ₹15 की वृद्धि वर्ष 2014 के बाद होने के कारण ऑपरेटरों को पूर्व भाड़े में ही स्टेशन तक सीमेंट पहुंचाने के लिए डीजल भी बड़ी मुश्किल से पूरा हो रहा है क्योंकि इस समय सिविल सप्लाई भाड़ा और अन्य स्टॉकिस्ट और डंप के रेट में 1.64 पैसे का अंतर है जिस कारण प्रति गाड़ी किलोमीटर के हिसाब से 1 हजार से 2 हजार के बीच फर्क का नुकसान ऑपरेटरों को झेलना पड़ रहा है। इन्होंने कहा 14 मई 2018 को जब वह प्रधान के पद पर थे तो एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सप्लाई विभाग व सरकार से डीजल के मुताबिक रेट बढ़ाने के लिए मिला था परंतु कुछ दिनों बाद ही बीडीटीएस में सत्ता परिवर्तन होने के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। रमेश ठाकुर, सदस्य चंदू राम ठाकुर, कुलदीप गौतम, पवन कौशल, विनय कुमार वर्मा, कमल किशोर व अन्य सभा के सदस्यों ने बताया कि कोविड-19 के कारण पहले से ही ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है दूसरे अब डीजल का ज्यादा गैप होने के कारण सिविल सप्लाई महकमे के द्वारा दी जाने वाली सरकारी महकमे को सप्लाई के रेट तुरंत बढ़ाने के लिए मांग की है वही इन्होंने वर्तमान सभा पर भी आरोप लगाते हुए कहा उनके ढुलमुल रवैया के कारण ऑपरेटरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि सरकार व विभाग द्वारा वर्ष 2018 में भी प्रतिनिधिमंडल को डीजल बढ़ोतरी के मुताबिक रेट बढ़ाने की बात कहीं गई थी। इन्होंने प्रधान व अन्य पदाधिकारियों से मांग करते हुए कहा है कि शीघ्र इस विषय पर गौर फरमाएं ताकि ऑपरेटरों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके
कोविड-19 नियमों को ठेंगे पर दिखाने वाले और बिना मास्क से बाजारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर घुमने वाले लोगों के खिलाफ पिछले एक पखवाड़े से पुलिस विभाग द्वारा छेड़ी गई मुहिम के तहत पुलिस ने 211 लोगों के बिना मास्क के चालान किए हैं जबकि 32 हजार रूपए जुर्माना वसूला है। कोरोना वायरस के संभावित खतरे से बचने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद अब बिना मास्क से सड़क पर चलने वाले राहगीरों, दुकानदारों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर बिना मास्क से घुमने वालों के चालान काट कर उन्हें कानून का पाठ तथा कोरोना बीमारी के खतरे से भी अवगत करवाया जा रहा है। वहीं थाना प्रभारी सदर यशवंत ठाकुर ने बताया कि इस बाबत जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अधिसूचना जारी की है। जिसके तहत हिमाचल प्रदेेश पुलिस अधिनियम-2007 के तहत इस नियम का प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क से दिखाई देता है तो पुलिस को उसका चालान काटने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत दो सौ रूपए से लेकर 5 हजार रूपए तक का जुर्माना हो सकता है तथा आठ दिन की जेल भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि उक्त दोनो सजाएं साथ भी हो सकती है। एसएचओ यषवंत ठाकुर ने दुकानदारों को भी अपनी दुकान में मास्क का पहनना लाजिमी है। जागरूक लोग दुकानदार को मास्क पहनने या दुकानदार अपने ग्राहकों को मास्क पहनने के लिए कह सकते हैं। उन्होंने बताया कि कम्यूनिटी स्प्रेडिंग का खतरा अब ज्यादा है, क्योंकि आवाजाही में भारी वृद्धि हुई है। लोगों को अपना ध्यान स्वयं रखना होगा। थानाध्यक्ष ने बताया कि दफतरों में काम करने वाले कर्मचारी, सड़कों पर चलने वाले राहगीर, दुकानदार और अन्य लोगों में यदि कोई भी यदि कोई भी कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बिलासपुर की जनता से अपील की है कि जब भी वे घर से बाहर निकलें तो पूरी सावधानी से मास्क आदि लगाकर निकलें। सार्वजनिक स्थलों पर दो मीटर की दूरी बनाएं, जगह-जगह न थूकें आदि सावधानियों का ध्यान रखें।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बिलासपुर नगर के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबन्धित पंडित चमन शर्मा के सुपुत्र अंशुल शर्मा (34 वर्ष ) की 24 जून को मंडी के पधर में हुई मौत पर कई प्रश्नचिन्ह खड़े करते हुए सरकार से मांग की है कि अंशुल की मौत के कारणों का सही पता लगाने के लिए उच्च न्यायालय के किसी जज से जांच कारवाई जाये, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सभी दोषी व्यक्ति सलाखों के पीछे जा सकें । उन्होने कहा कि मुझे सरकार और डायरेक्टर जनरल पुलिस संजय कुंडु एवं सी आई डी पुलिस पर भी पूरा विश्वास है कि वे सच्चाई सामने लाकर दोषियों को अवश्य ही कानून के शिकंजे में लाएँगे। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि अंशुल शर्मा की मौत साधारण नहीं बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी गहरे षड्यंत्र के अधीन उसकी हत्या की गई है। उन्होने पूछने पर बताया कि उस दिन वे बिलासपुर में थे और उन्हें दीपक शर्मा की धर्मपत्नी ने फोन पर बताया था कि आप के नाम से तथा मेरे पति दीपक के नाम से किसी ने अंशुल के बारे में एक वीडियो फेसबुक पर डाली है और जब मैंने उसे देखा तो दीपक के साथ तत्काल थाना सदर में जाकर उस वीडियो को हटवाने और अंशुल का पता लगाने की शिकायत दर्ज की। बंबर ठाकुर ने कहा कि यह पता लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है कि अंशुल के साथ उस दिन कौन लोग थे और उसे किसने जहर दिया या क्यूँ और किस कारण से उसने जहर खाया तथा किसने उस वीडियो को फेसबुक पर डाला, जिसे थोड़ी देर बाद किसने और क्यूँ डीलीट कर दिया। उन्होने कहा जब वह बिलासपुर थाना में शिकायत दर्ज करवा रहे थे तो फिर उनके नाम का अन्य कौन व्यक्ति था और अन्य वे कौन लोग थे जो उस वीडियो के अनुसार अंशुल के पीछे गाडियाँ लेकर गए थे? बंबर ठाकुर ने कहा कि फेसबुक पर डाली गई वीडियो के अनुसार पिछले 6 महीने से कोई व्यक्ति अंशुल के घर तक उसका पीछा कर रहे थे, जिनका भी मोहल्ले के लोगों और परिवार के सदस्यों से पता किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बंबर ठाकुर ने संदेह व्यक्त किया कि हो सकता है कि उनके राजनैतिक जीवन को तबाह करने के लिए किसी ने अंशुल की हत्या किए जाने से पहले उससे जबरदस्ती मेरे विरुद्ध कहलवा कर उसकी हत्या कर दी हो, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी व्यक्ति किसी भी सूरत में बच न सके। उन्होने कहा कि पिछले एक सप्ताह से अंशुल किन- किन लोगों के संपर्क में था और किन- किन लोगों से मिलता–जुलता रहा, इसकी सारी जानकारी फोन डीटेल से पता चल जाएगी। बंबर ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर की सारी जनता भली-भांति जानती है कि वो कौन लोग हैं, जो उन्हें राजनैतिक हाशिये पर धकेलने के लिए पिछले कितने ही वर्षों से प्रयासरत हैं, जिनका इस हत्या में हाथ होने से नकारा नहीं जा सकता है। बंबर ठाकुर ने कहा कि इस कथित हत्या के कारण चमन का पूरा परिवार गहरे सदमें में है क्यूँ कि अंशुल के पीछे 26 वर्षीय धर्मपत्नी और दो नन्हें नन्हें बच्चे असहाय होकर रह गए हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि उनके लिए चमन का पूरा परिवार बहुत ही आदरणीय और सममाननीय है तथा अपने परिवार की तरह है। उन्होने अंशुल की असमय हुई इस संदिग्ध मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उसके परिजनों से संवेदना प्रकट की है।
रोटरी क्लब बिलासपुर के नव नियुक्त प्रधान टीसी सैणी ने आज अपना कार्यभार संभालते हुए अन्न पूर्णना दिवस के उपलक्ष्य में औद्योगिक क्षेत्र के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर और पुलिस लाईन लखनपुर के दुर्गा मंदिर में गरीब जरूरतमंद लोगों को 25 बैग राशन के वितरित किए। इस उपलक्ष्य पर उपस्थित लोगों को फ्री मास्क दिए गए। वहीं सोशल डिस्टेटिंग नियमों के पालन करने बारे अवगत करवाया। इस अवसर पर रोटरी के प्रधान टीसी सैणी ने कहा कि रोटरी क्लब सामाजिक कार्याे में बढ़ चढकर भाग लेता है और अन्य गतिविधियों का आयोजन समय -समय पर करता रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, सचिव एनआर शर्मा, पूर्व प्रधान डा. टंडन, भूपेंद्र टाडू,कोषाध्यक्ष जगमोहन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण गुप्ता, रमेश गुप्ता, सह सचिव वासु शर्मा सहित विभीषण शर्मा,चंदन शर्मा, अश्विनी चोपड़ा ,सोनू अग्रवाल, वनिता गुप्ता, जितेंद्र कपिल, सुरेंद्र कपिल, रजनीश , दिनेश शर्मा, विनोद कौशल व हर्ष गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय इनरव्हील क्लब 307 डिस्ट्रिक्ट के तहत बिलासपुर क्लब के नए सत्र की शुरुआत इस बार के मोटो गोग्रीन के साथ वृक्षारोपण द्वारा की गई। बिलासपुर में क्लब के सदस्यों ने जहां अपने अपने घर में पौधा लगाया वही बिलासपुर क्लब की उपाध्यक्ष सुमन डोगरा के नेतृत्व में संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित कर सिट्रस और तुलसी के पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर बिलासपुर आंगनबाड़ी केंद्र की प्रभारी मोना शर्मा व सहायिका चेतना भी विशेष रूप से आमन्त्रित थीं। सुमन डोगरा ने बताया कि क्लब की प्रेजिडेंट शालिनी शर्मा ने अश्वगंधा का पौधा लगाया। इस तरह से बिलासपुर क्लब के नए सत्र की शुरुआत वृक्षारोपण से की गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष भारतवर्ष में एक जुलाई को नए सत्र का आरंभ होता है और नई कार्यकारिणी अपना कार्यक्रम करती है। बुधवार एक जुलाई को पूरे भारतवर्ष में 45000 पौधे रोपित किए गए क्योंकि इंटरनेशनल इनरव्हील संस्था के इस समय देश भर में 45000 क्लब सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि क्लब की सचिव अंजली शुक्ला ने नींबू का पौधा लगाया तो वही एडिटर शीला सिंह ने तुलसी का पौधा लगाया।
भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर किसान मोर्चाे अध्यक्ष सुरेन्द्र भारती ने जिला किसान मोर्चा कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। उन्होने सदर विधानसभा क्षेत्र से भारत भूषण, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से चैन सिंह श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से किशन सिंह ठकुर, झण्डूता विधानसभा क्षेत्र से नन्दलाल, श्री नयनादेवी जी विधानसभा श्याम लाल को उपाध्यक्ष मनोनीत किया। सतदेव शर्मा राजपुरा व पंकज चन्देल घुमारवीं को महामन्त्री का पदभार सौंपा गया। राकेश ठाकुर झण्डूता विधानसभा क्षेत्र, इन्द्र सिंह ठाकुर श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र, जोगिन्द्र राणा सदर विधानसभा क्षेत्र, विजय कुमार घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र तथा क्रांति ठाकुर सदर विधानसभा क्षेत्र को सचिव बनाया गया। अश्वनी गौतम झण्डूता विधानसभा क्षेत्र कोषाध्यक्ष का कार्य देखेंगे। प्रेम ऑचल घुमारवीं मिडिया प्रभारी तथा भूपेन्द्र ठाकुर टाली श्री नयनादेवी जी को प्रवक्ता बनाया गया। उन्होने श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से तेलू राम गॉव थापना, बली राम ठाकुर गॉव नकराणा, बुद्धराम ठाकुर गॉव मलौण, गणपत ठाकुर गांव चन्दपुर, सदर विघानसभा क्षेत्र से प्रकाष चन्द गॉव मगरोट, देव राज गॉव चमलोग, सुनील ठाकुर, अन्जुल षर्मा सदर, सुभाष ठाकुर बाहौट कसौल, घुमारवी विधानसभा क्षेत्र से सुरेेन्द्र कुमार और बलबीर सिंह, झण्डूता विधानसभा क्षेत्र से ओंकार सिंह चन्देल और प्रीतम सिंह बनयाल को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया। भारती ने किसान मोर्चा के चारों मण्डल अध्यक्षों की भी नियुक्ति कर दी। उन्होने झण्डूता मण्डल से कैप्टन रघुवीर सिंह, घुमारवीं मण्डल से प्रकाश चन्द, सदर मण्डल से प्रताप चौहान और श्री नयनादेवी जी अप्पर मण्डल से गोरख सिंह गॉव व डा० कल्लर तथा लोअर मण्डल से नन्द लाल ठाकुर गॉव टरवाड को मण्डल अध्यक्ष मनोनीत किया।
बिलासपुर जिले के पूर्व हॉकी स्टार तथा हॉकी खेल के दम पर हिमाचल का नाम पूरे देश में रोशन करने वाले देवेंद्र कुमार ठाकुर पुलिस विभाग से सेवानिवृत हो गए। पुलिस विभाग में 36 साल सेवाएं देने वाले देवेंद्र ठाकुर वर्ष 1984 में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। इन्होंने शिमला फस्र्ट बटालियन जुनगा में अपनी सेवाएं दी जबकि शिमला डिस्ट्रीक्ट, विजीलेंस विभाग में पांच साल (एचक्यू) तथा बिलासपुर में अपनी सेवाएं दी। बिलासपुर शहर के स्वर्गीय प्रभु राम और माता स्वर्गीय कमला देवी के घर 18 जून 1962 को जन्में देवेंद्र ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर के स्कूलों में हुई। मन में किसी बात को ठान कर पूरा करने के लिए हर जोखिम उठाने वाले देवेंद्र ने किसी भी क्षेत्र में हार नहीं मानी है। हॉकी और देवेंद्र एक दूसरे के पूरक रहे हैं। बचपन से ही कालेज हॉकी मैदान में इन्होंने अपनी करिश्माई खेल को दिखाना शुरू कर दिया था। स्वर्गीय हॉकी कोच चमन गुप्ता को अपना गुरू मानने वाले देवेंद्र ठाकुर ने स्कूली गेम्स में राष्ट्रिय स्तर पर चौथे स्थान तक पहुँचाया था। गौर हो यह वह समय था जब खेल के मैदान में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव था तथा अन्य राज्यों के मुकाबले हिमाचल की टीम को कम आंका जाता था। अनगिनत बार हिमाचल का राष्ट्रिय स्तर पर नेतृत्व करने वाले देवेंद्र ने हॉकी इंडिया कैंप में भी भाग लिया है जो कि गौरव का विषय है। बिलासपुर में हॉकी के जादूगर देवेंद्र ठाकुर ने स्टेट फार्वड मानसिकता के खिलाड़ी होने के साथ-साथ अन्याय के हमेशा धुर विरोधी रहे हैं। पुलिस विभाग और समाज सेवा के क्षेत्र में भी इनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त लंबी है। वर्ष 1988 को देवेंद्र ठाकुर सीमा ठाकुर के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इनके दो पुत्र विक्रम ठाकुर और शिवम ठाकुर हैं। साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देने वाले एचएएसआई देवेंद्र ठाकुर को उनके सहयोगियों भावभीनी विदाई दी तथा उनके साथ बिताए पलों को सांझा किया।
सदर मंडल भाजपा ने मंडलाध्यक्ष हंसराज ठाकुर की अगुवाई में डी.सी. के माध्यम से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में सदर मंडल अध्यक्ष हंस राज ठाकुर ने कहा है कि गत दिनों मंडी जिला के पधर में बिलासपुर के युवक अंशुल ने कथित तौर पर आत्म हत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पहले अंशुल ने अपनी फेसबुक लाईव पर अपनी इस आत्महत्या के लिए बिलासपुर के कुछ लोगों के नाम लिए थे। ज्ञापन में कहा गया है कि फेसबुक लाईव के आधार पर पधर पुलिस ने बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक सहित 4 अन्य लोगों के विरूद्ध आत्म हत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ज्ञापन में कहा गया है कि मृतक अंशुल ने फेसबुक लाईव पर पूर्व विधायक सहित अन्य पर कथित तौर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तार किया जाए ताकि मामले से जुड़े साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ न हो सके तथा मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। इस अवसर पर जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, पवन ठाकुर व विनोद ठाकुर सहित कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने कहा कि मंगलवार को बिलासपुर डीसी ऑफिस में कुछ लोगों द्वारा करणी सेना के खिलाफ नारेबाजी की गई जोकि आश्चर्यजनक था। हाल ही में 24 जून को करणी सेना जिला बिलासपुर के उपाध्यक्ष अंशुल शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी और उसी के बाद एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें अंशुल ने कुछ लोगों के नाम बताए थे जिनके कारण वह आत्महत्या करने पर मजबूर हुआ। पिछले कल ही करणी सेना ने मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस हिमाचल को पत्र लिखा था जिसमें इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। पीयूष चंदेल ने कहा कि जब तक अंशुल शर्मा को न्याय नहीं मिलेगा तब तक करणी सेना इसी तरह बेबाकी के साथ अपनी बात उठाएगी और अंतिम क्षण तक अंशुल शर्मा को न्याय दिलाने में आवाज बुलंद करेगी। पीयूष चंदेल ने कहा यह क्षण अंशुल शर्मा के परिवार के साथ खड़े रहने का है और उन्हें न्याय दिलाने का है लेकिन कुछ राजनीतिक लोग दबाव बनाने के लिए जानबूझकर डीसी का घेराव कर इस केस को वापस लेने का दबाव डाल रहे है और सत्य पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
गत दिनों मंडी जिला के पधर में फेसबुक वीडियो के आधार पर बिलासपुर सदर विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के विरुद्ध मंडी पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफ आई आर के विरोध में मंगलवार को चिलचिल्लाती धूप अथवा झुलसा देने वाली भीषण गर्मी में सदर विधान सभा क्षेत्र के कोने-कोने से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर नगर के परिधि गृह से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक जोरदार नारों के बीच रैली व प्रदर्शन का आयोजन किया, हालांकि इस रैली में बंबर ठाकुर स्वयं उपस्थित नहीं थे। रैली को संबोधित करते हुए विभिन्न कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किन्ही शरारती व गलत तत्वों द्वारा कथित किसी षड्यंत्र के अधीन पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को राजनैतिक शत्रुता के चलते उन्हें समाज, रिश्तेदारों व निकट जनों में बदनाम करने और उनके राजनैतिक जीवन को तबाह करने के लिए गहरा षड्यंत्र रचा गया है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश देकर दोषियों को पकड़े जाने और बंबर ठाकुर के विरुद्ध मनघडंत और तथ्यविहीन दर्ज की गई कथित झूठी एफ आई आर को रद्द करने की मांग की गई है। बाद में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के एक बड़े शिष्ट मण्डल ने साढ़े पाँच पेज का हस्ताक्षरित विस्तृत ज्ञापन उपायुक्त राजेश्वर गोयल को सौंप कर मांग की गई कि सरकार को इसे भेज कर बंबर ठाकुर के विरुद्ध दर्ज की गई एफ आई आर को तुरंत रद्द किया जाए और सारे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश देकर अंशुल शर्मा को आत्म हत्या करने को विवश करने वाले वास्तविक दोषियों को पकड़ा जाए। उन्होने संदेश व्यक्त किया कि जिन लोगों ने वीडियो बनाई अथवा अप- लोड की उनके द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया हो, इसकी जांच अवश्य की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि बंबर ठाकुर का इस सारे मामले से कुछ भी लेना देना नहीं है, जिसकी पुष्टि अंशुल के पिता चमन शर्मा ने स्वयं पत्रकारों के समक्ष की है। उन्होने चेतावनी दी कि यदि एफ आई आर को तुरंत रद्द नहीं किया गया तो ज़ोरदार अनिश्चितकालीन आंदोलन आरंभ करने पर विवश होंगे जिसका सारा उत्तरदाईत्व हिमाचल सरकार और पुलिस प्रशासन पर होगा। इस अवसर पर पवन कुमार, तृप्ता ठाकुर, जोगिंदर, मस्तराम वर्मा, ऊमा देवी, कृष्णा देवी, अतुला कुमारी, शीलादेवी, रजनी, उर्मिला देवी, प्रीति भाटिया, रामलाल भाटिया, होशियार सिंह, प्रेमी देवी, फुला देवी, निर्मला देवी, विनोद कुमार, मनोज पिल्लई, विक्रांत कुमार, सुमित कुमार, सुभाष चंद, रणवीर सिंह चंदेल, मस्त राम वर्मा, सुरेन्द्र पाल, चमन चंदेल, तुलसी राम, दिनेश, संजय शर्मा और धर्म सिंह आदि उपस्थित थे।
बेनला ब्रह्मणा के लोग लगातार पानी की समस्या से परेशान हैं। बार बार विभाग और अधिकारियों को दिक्कत से अवगत कराने के बाद भी समस्या जस के तस है। इसी के चलते बेनला गांव का एक प्रतिनिधिमंडल सदर विधायक सुभाष ठाकुर से मिला और पानी की समस्या का प्रभावी ढंग से निदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने विधायक को सारी समस्या के बारे में विस्तृत से बताया। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों को भी मामले पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है की एक तो पानी सप्लाई की कोई टाइमिंग नही है और न ही कोई दिन तय है। कभी आधा घण्टा तो कभी 20 मिनट पानी की सप्लाई आती है जिसमे गांव वाले काफी परेशान है। कई परिवारों में 10 से 15 लोग रहने वाले है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस पानी से इनका कैसे गुजारा होता होगा। विभाग तो समस्या सुनने के बाद लापरवाह हो जाता है। विधायक सुभाष ठाकुर ने गाँववालों की बात गौर से सुनी है और बहुत जल्द समस्या का समाघान करने की बात कही है। इस मौके पर श्याम लाल, सुखदेव, गरजा राम, कैप्टन चेत राम जोगिंदर शर्मा और भंडारी राम मौजूद रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने केंद्र सरकार व भाजपा के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी करते है वह कभी भी स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहा की इस तरह से की निराधार बयानबाजी करने से पहले जरा सोच लिया करें क्योंकि आपकी शिक्षा का स्तर ऊंचा है तो देवी देवताओं से किसी मनुष्य का आकलन करना आपको शोभा नहीं देता है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि जिस तरह से भाजपा का सोशल मीडिया सेल महात्मा गांधी, देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी व राहुल गांधी की इमेज को सोशल मीडिया पर फोटोशॉप करके व्यक्त करता है वह बहुत चिंता का विषय है। यह कौन सी भाषा आज भाजपा बोल रही किस तरह से देश के राष्ट्रीय नेताओं की इमेज को व्यक्त किया जा रहा है बहुत ही चिंतन का विषय हो चुका है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इन बातों पर संज्ञान लेना चाहिए कि भाजपा का आई टी सेल किस तरह की अभद्रता पूर्ण राजनीति करने पर आ चुका है। राम लाल ठाकुर ने कहा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को यह देखना चाहिए कि किस तरह से राष्ट्रीय नेताओं के बयानों की खिल्ली उड़ाई जाती है और उससे जो भाषा अंकुरित हो रही है, वह देश के लिए तो घातक है पर देश में चरित्र हनन की राजनीति को भी बढ़वा दे रही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान देश और कांग्रेस पार्टी कभी भूल नहीं सकती। सरदार वल्लभ भाई पटेल का देहावसान वर्ष 1950 में हुआ था लेकिन तब से लेकर आज तक सरदार वल्लभ भाई पटेल और देश के आर्किटेक्ट कहे जाने वाले प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के रिश्तों को जिस तरह से देश की विभाजनकारी ताकतों ने प्रस्तुत किया है वह निंदनीय है। जब से सोशल मीडिया का युग आया है तो इतनी भद्दी भद्दी टिप्पणीयां इनके रिश्तों को लेकर आई है इससे तो नुकसान देश का तो हुआ ही है लेकिन आने वाली पीढ़ियों को भी भारी वैचारिक नुकसान हो सकता है।
विधायक सुभाष ठाकुर ने मंगलवार को बिलासपुर के लुहणू मैदान में स्थित खेल परिसर का निरीक्षण किया तथा वहां किए जा रहे विकास कार्यों बारे अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सुभाष ठाकुर ने बताया कि लुहणू खेल परिसर को एक सुंदर तथा आकर्षक खेल गांव के रूप में विकसित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है ताकि युवा खेलों के प्रति आकर्षित होकर इनमें भाग ले। लुहणू मैदान के साथ लगती गोविंद सागर झील में वाॅटर स्पोर्टस एवं एडवान्स स्पोर्टस की बेहतर सम्भावनाएं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां वाॅटर स्पोर्टस व एडवेंचर स्पोर्टस को विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। लुहणू खेल परिसर में सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक बनाया गया है, इसके अलावा यहां हाॅकी, हैण्डबाल, कबड्डी तथा क्रिकेट आदि के लिए भी मैदान विकसित किए गए है। खेल परिसर बिलासपुर में खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि खेल मैदान में दर्शकों के प्रवेश करने तथा बाहर जाने के लिए स्थान को और अधिक कारगर बनाया जा रहा है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि खेल परिसर के साथ ही एक हैलीपैड का निर्माण भी किया जा रहा है जिनके लिए लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की राशि जमा कर दी गई है। शीघ्र ही हैलीपैड का निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा तथा इसे शीघ्र अति शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस मौके पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) रामेश्वर दास, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण वी.एन.पराशर, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अरविन्द वर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद उर्वशी वालिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आर्टऑफ लिविंग का उत्कर्ष योग (आर्ट एक्सेल) कोर्स ज़ूम एप पर राज्य स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। बिलासपुर से भी तीन बच्चों ने इसमें भाग लिया। आनन्द और मस्ती से भरपूर इस कोर्स से 8 वर्ष से 13 वर्ष तक की आयु के बच्चे लाभान्वित हुए। मनोरंजन के साथ-साथ अनेक जीवन उपयोगी बातें भी सीखीं। कोर्स प्रशिक्षक श्रद्धा (रुक्मणी) दीदी ने बच्चों को सूर्य नमस्कार, सुदर्शन क्रिया, योग एवं ध्यान के माध्यम से एकाग्रता का अभ्यास, मोबाइल का कम से कम प्रयोग करने, मेडिटेशन एवं प्राणायाम आदि क्रियाओं द्वारा स्वस्थ जीवन शैली सिखाई गई। ब्रेन पावर को बढ़ाने के लिए भी अनेक उपयोगी टिप्स दिए गए। बिलासपुर के तीन बच्चों ध्रुव, पुष्टि और देवन सोनी ने भी इस शिविर में भाग लिया। इन बच्चों ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से श्री श्री संस्कार केंद्र बिलासपुर से जुड़े हुए हैं जहां पर उनके साथ और बच्चे भी भौतिक रूप में इससे पहले भी आर्ट एक्सेल का कोर्स कर चुके हैं। बच्चों ने बताया कि बिलासपुर में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों रचना मेहता, मीरा भोगल तथा शिल्पा मेहता आए भी उन्हें बहुत सीखने को मिला है। बच्चों के अभिभावकों ने भी इस कोर्स की भरपूर सराहना की। क्या है उत्कर्ष योग कार्यक्रम उत्कर्ष योग कार्यक्रम द्वारा बच्चे में स्वयं उस के लिए और दूसरों के लिए सम्मान की भावना जागृत करना सिखाया जाता है। इस कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली श्वास की सरल तकनीकें बच्चे को उसकी नकारात्मक भावनाओं जैसे भय, घबराहट, व्यग्रता, कुंठा, ईर्ष्या आदि को पराजित करने का सरल साधन बन सकती हैं। यह कार्यक्रम संपूर्ण रूप से खेल खेल में सिखाने वाला, सहज, मनोरंजक और आनंद से भरा है। इसके सभी अभ्यास और प्रक्रियाएं प्रतिभागियों की उम्र को ध्यान में रख कर विशेष रूप से रूपांकित की गयी हैं। इस कार्यक्रम में बच्चे दैनिक जीवन के ऐसे नियम सीखते हैं; जो उनमें मित्रवत व्यवहार, क्षमाशीलता और परस्पर सम्मान की भावना को उभारते हैं। उत्कर्ष योग कार्यक्रम बच्चों को अध्यात्म से परिचित कराने का, मानवीय मूल्यों की शिक्षा पाने का, स्व-अनुशासन का और उनके व्यक्तित्व के स्वस्थ व बहुमुखी विकास का सर्वोत्तम मार्ग है।
कुछ दिन पूर्व बिलासपुर नगर के सुविधा सम्पन्न परिवार से संबन्धित 34 वर्षीय युवक अंशुल द्वारा अचानक मंडी के पधर में अपने आवास पर की गई कथित आत्म हत्या से पूर्व उसके द्वारा जारी की गई वीडियो के आधार पर पधर पुलिस ने बिलासपुर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के विरुद्ध की गई एफ आई आर के संदर्भ में अंशुल के पिता पंडित चमन शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि अंशुल की मौत साधारण परिस्थितियों में नहीं बल्कि किसी बड़े षड़यंत्र के अधीन हुई प्रतीत होती है, क्यूँ कि उसने कभी भी इस संदर्भ में ऐसी किसी भी बात को उनसे सांझा नहीं किया है। उन्होने कहा कि उस दिन स्कूल में जाकर उसने अपने बच्चों की फीस आदि जमा करवाने के बाद ही वह अपने पैतृक आवास पधर को गए थे। पंडित चमन शर्मा ने कहा कि उसके द्वारा जारी की गई वीडियो में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का नाम लिया गया है लेकिन उनके हमसे बहुत ही अच्छे संबंध हैं और वे अपने परिवार और बच्चों की तरह प्यार करते हैं और उन पर हमें एक प्रतिशत भी किसी भी प्रकार का कोई संदेह नहीं है। पंडित चमन शर्मा ने कहा कि दो अन्य युवकों दीपक और अंशुल पँवार का नाम भी उस विडियो में लिया गया है लेकिन मुझे उन पर भी कोई संदेह नहीं है। पंडित चमन शर्मा ने संदेह व्यक्त किया कि हो सकता है कि सुविधा सम्पन्न परिवार का बेटा होने के कारण उसे किसी ने बदनाम करने के लिए कोई विडियो आदि बनाई हो और उसे उसके बहाने डराया –धमकाया याफिर उसे किसी बहाने से ब्लैक मेल किया जा रहा हो, जिस कारण वह आत्म हत्या करने को विवश हुआ हो। पंडित चमन शर्मा ने रुँधे गले से कहा कि बेटे के चले जाने से मेरा सारा परिवार बहुत बड़े सदमें में है क्यूँ कि अंशुल का चार वर्ष की बेटा और 6 वर्ष की बेटी हर रोज पापा-पापा करके आवाजें लगा कर उसका इंतजार करती है, जो सारे परिवार के दिल को चीर देने वाली होती हैं जबकि 26 वर्षीय पत्नी का सारा जीवन अंधकारमय हो गया है जो सभी के लिए पीड़ा का विषय है। उन्होने कहा कि उन्हें जोगिंदर नगर पुलिस का फोन आया था कि वे उनका बेटे की मौत के संदर्भ में व्यान दर्ज करेंगे, किन्तु अभी तक आए नहीं हैं।
बिलासपुर इनरव्हील क्लब को बेस्ट प्रोजेक्ट का खिताब दिया गया है। यह जानकारी देते हुए इनरव्हील क्लब बिलासपुर की अध्यक्ष शालिनी शर्मा ने बताया कि यह अवार्ड अमृतसर में आयोजित इनरव्हील क्लब डिस्ट्रिक्ट 307 सेशन 2019 20 के सम्मान समारोह में आयोजित की गई अवार्ड सेरेमनी के तहत घोषित किया गया जिसमें अमृतसर तथा आसपास के क्षेत्रों से क्लबों के 40 सदस्य उपस्थित रहे। अमृतसर बटाला, फगवाड़ा जालंधर और पठानकोट क्लबों से पदाधिकारी इसमे शामिल हुए। इसके अलावा इस सेरेमन के साथ जूम पर अन्य सभी क्लब जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट 307 की सत्र 2019-20 की अध्यक्ष डॉ अनीता भल्ला ने इस सत्र के दौरान विभिन्न क्लबों को बेस्ट प्रोजेक्ट देकर सम्मानित किया। इस सेरेमनी में जो क्लब उपस्थित नहीं हुए उनका सम्मान उन तक पहुंचा दिया जाएगा। इसी समारोह के साथ सत्र 2019- 20 की समाप्ति हुई और 2020- 21 की शुरुआत 1 जुलाई से की जाएगी जिसमें इनरव्हील डिस्ट्रिक्ट 307 की चेयरमैन सोनिका गुप्ता होंगी। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर के इनरव्हील क्लब ने पनोह गांव को गोद लिया था और वहां पर अन्य सामाजिक कार्यों के अलावा पेयजल बावड़ी का जीर्णोद्धार किया था। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में नौवीं व दसवीं के ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जा रही थी जिनके माता-पिता नहीं है या वह अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में असमर्थ है। शर्मा ने बताया कि आठवीं तक की शिक्षा सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है इसीलिए इनरव्हील क्लब ने बिलासपुर में नौंवी व दसवीं के कुछ ऐसे बच्चों का चयन किया था। उन्होंने बताया कि दसवीं के बाद ऐसे बच्चों को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए भिजवाया जाएगा।
उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड रमेश धवाला ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि जिला में चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित करें। यह बात उन्होंने विभागों के अधिकारियों के साथ बचत भवन में आयोजित विकास कार्यों में तेजी लाने से सम्बन्धित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में तीव्रता लाने के लिए लोगों की हभागिता सुनिश्चित बनाए। उन्होंने कहा कि जब तक जन सहभागिता सुनिश्चित नहीं होगी विकास कार्यों को गति प्रदान नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लोगों को जागरूकता लाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदेश में बाहर से आए है उनको रोजगार उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का प्रमुख उद्देश्य है ताकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने विकास कार्यों में तीव्रता लाने के लिए लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्यव बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बनाए जिसके लिए वे ऐसे स्थानों को चिन्ह्ति करें जहां पर पानी की कमी है ताकि उन स्थानों पर बोलबेल के माध्यम से भी जलापूर्ति उपलब्ध करवाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिला में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बेहतरीन कार्य किया है जिसकी उन्होंने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने बाहरी राज्यों से जिला में प्रवेश करने वाले लोगों के बाॅर्डर पर ही सैंपल लिए। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक 3 हजार 460 सैंपल लिए जा चुके है। उन्होंने बताया कि जिला में फ्लू क्लिनिंक, संस्थागत संगरोध और समुदाय में से लिए गए सैंपलों में 44 मामले कोविड-19 के पाॅजिटिव आए है जिनमें से 29 स्वस्थ हो चुके है और 15 मामलें अभी तक एक्टिव है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 9 हजार 4 व्यक्ति दूसरे राज्यों से आए इन सभी को संस्थागत संगरोध और गृह संगरोध किया गया। जिला में कोरोना वायरस के जितने भी पाॅजिटिव मामले आए है उन सभी की ट्रैवल हिस्ट्री बाहर के राज्यों से सम्बन्धित है। उन्होंने बताया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला के बैरियर/नाकों पर 5 मेडिकल टीमें निरीक्षण के लिए तथा 4 रैपिड टाॅस्क फोर्स टीमें भी जिला में तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से निपटने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में पूरी व्यवस्था की गई है जिसमें वैंटीलेटर, पी.पी.कीटें और टैस्टिंग कीटें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एचपी कोविड सोलिडिटरी फण्ड में लगभग 4 करोड़ रुपये दिया गया जिसमें 3.75 करोड़ रुपये मंदिर न्यास द्वारा दिए गए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान जिला में 21 हजार 243 प्रवासियों को सूखे राशन पैकेट वितरित किए गए और 1 लाख 34 हजार 729 जरूरमंद और प्रवासी मजदूरों को पके हुए भोजन की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि जिला से 4 हजार 968 प्रवासियों को अन्य राज्यों में उनके गांव को भेजा गया। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत 535.55 क्विंटल चावल और 26.82 क्विंटल काला चना वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्र तथा राज्य सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिला में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। जिला में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को मूर्त रूप देने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। जिला में निर्माणाधीन एम्स, हाईड्रो इंजीनियरिंग काॅलेज, रेलवे लाईन, फौर लेन और बागछाल पुल का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि पंचायतों में चल रहे विकास कार्य जो पूर्ण हो चुके है उनका शीघ्र अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना सुनिश्चित करें तथा जो कार्य अभी शुरू नहीं हुए है उनकी सूचना एकत्रित करके तुंरत उपलब्ध करवाएं। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और कहा कि जो भी निर्देश दिए है उनकी पूर्ण रूप से अनुपालना की जाएगी। इस अवसर पर विधायक सदर सुभाष ठाकुर, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एडीएम विनय धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच, एसडीएम सदर रामेश्वर दास के अतिरिक्त सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के उपरांत उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड रमेश धवाला ने पत्रकार वार्ता भी की।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण मंहगाई आसमान छू रही है। देश की जनता को कोरोना की मार के बाद महंगाई का दंश झेलना पड़ रहा है। पेट्रोल डीजल के बढ़ रहे दामों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। सोमवार को बिलासपुर में कांग्रेस ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर की अध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि पिछले इक्कीस दिनों से डीजल व पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिसमें डीजल 11 रुपये ओर पेट्रोल की कीमतों में 9 रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि आज एक ओर कोरोना महामारी की मार से लोगों का जीना हराम हो रहा है, लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं तो दूसरी ओर लगातार बढ़ रही मंहगाई से आम लोग त्रस्त है। अंजना ने कहा कि सरकार को इन बढ़े हुए दामों को वापिस लेना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉक्टर बीरू राम किशोर पूर्व सीपीएस राजे धर्मानी, पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता संदीप सांख्यान, तीनों विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्ष, अमरजीत बंगा, हेमराज ठाकुर, पवन कौशल, गौरव शर्मा व अन्य नेता उपस्थित रहे। इसके बाद उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसे राष्ट्रपति को संबोधित किया गया है और उसमें पेट्रोल व डीजल की कीमतों को घटाने की मांग की गई है।
संयुक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर के केबिनेट कार्यकारिणी की बेठक कोविड-19 के तहत आपसी दूरी को मध्यनज़र रखते हुए मात्र कम से कम 15-20 पदाधिकारियों को आमन्त्रित किया गया था। बैठक में प्रधान नरेन्द्र पण्डित के साथ संयोजक स्वतन्त्र सांख्यान भी मौजूद थे। बैठक मे महासचिव हुसेन अली ने उक्त मंडल की चार महीने में की गई सभी कार्यविधि को पटल पर रखा और ज़ो खर्च हुआ उसका भी ब्यौरा केसियर के माध्यम से दिया। इसके उपरान्त कोबिड-19 मे लॉकडाऊन के दौरान सयुंक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर ने आम जन और आम गरीब व्यापारियो को तकरीबन 1200 से उपर राशन कीट घर द्बार पहूंचा कर जो सराहनिया कार्य किया इस का भी विस्तृत ब्योरा दिया और जिन सदस्यो ने इस वितरण कार्य में बढ़ चढ़ कर अपना योगदान दिया उक्त मंडल ने उन सदस्यों को कोरोना-योद्धा नाम देकर मोमेंटो से संयोजक व प्रधान के करकमलो से सम्मानित करवाया। साथ में संयोजक, प्रधान, महासचिव और केशियर को भी सम्मानित किया। संयोजक स्वतंत्र संख्यांन व प्रधान नरेन्द्र पण्डित ने अपने-अपने सम्बोधन में सयुक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर के सदस्यों के कार्य की पुरज़ोर सराहना की। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल संख्यांन, ज्ग्दीस कटोच, सयुंक्त सचिव रशिम महाजन, पुनीत शर्मा (बॉबी) सगठ्ंंन सचिव नगीन चंद, भूपेश चंदेल, पूर्व पार्षद ज्योती, रमेश ज़सस्ल, अरुण शर्मा, नरेंद्र गुप्ता, इन्द्र राज मेहता, वर्मा स्टुडियो, राजेश संख्यांन, विशाल सोनी, इन्द्र जीत मेहता, आन्च्ल,mबाबा स्वीट्स आदि उपस्थित रहे।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल का कहना है कि बिलासपुर जिले में अधिकतर जोर सैंपलिंग पर दिया जा रहा है और अभी तक जो भी मामले पॉजिटिव पाए गए हैं बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के हैं । उन्होंने बताया कि जिला से अब तक 3340 लोगों के सैंपल केाविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 3203 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 43 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। 83 सैंपल आज भेजे गए हैं। कुल शेष 94 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। 27 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर के शिवा आयुर्वेदिक कॉलेज में कोविड सेंटर बना रखा है वहां पर पॉजिटिव मरीजों का उपचार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बाहर से अब आने वाले लोगों के लिए नए नियम के अनुसार केवल अति आवश्यक कार्य के लिए ही अनुमति दी जायेगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में वार्ड नंबर 2 और 8 को केंटोनमेंट जॉन बना रखा है और इस जॉन से अधिकांश सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पथ परिवहन निगम के जिस कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी वह भी उपचार के बाद ठीक हो गई थी और उनके संपर्क में आए सभी लोग अब ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की यह कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाएं और लोगों से आग्रह किया कि वे सावधानी बरतें और केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
परमार्थम हिमालयन सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास संस्था निहारखन बासला ने शनिवार को ब्रह्म्पुखर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस रक्तदान शिविर में 80 लोगो ने रक्तदान किया। संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र भड़ोल ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनकी संस्था समय पर पर अलग अलग जगह पर ऐसे रक्तदान शिविरों का आयोजन करती थी ताकि हर स्थान पर लोग रक्तदान के लिए जागरूक हो सके। परन्तु लोकडाउन के चलते अब सरकार के आदेशो की पालना करते हुए वह इन शिविरों का आयोजन नही कर पा रहे है। लॉकडाउन के चलते ब्लड बैंक बिलासपुर में भी रक्त की कमी हो गई है ब्लड बैंक बिलासपुर में जितनी रक्त की जरुरत है उतने रक्तदाता वहा पहुँच नही पा रहे है जिसकी वजह से ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई थी। इस कमी को देखते हुए संस्था ने आज ब्रह्म्पुखर में इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमे संस्था के सदस्यों के अलावा क्षेत्र के लोगो ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने बताया की इस रक्तदान शिविर में 80 लोगो ने रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर के बाद ब्लड बैंक बिलासपुर में काफी हद तक रक्त की कमी दूर हो जाएगी। इस रक्तदान शिविर का आयोजन ब्लड बैंक प्रभारी डा दीक्षा शर्मा की अगवाई में किया गया। डा दीक्षा शर्मा ने इस रक्तदान शिविर के दौरान शिविर में आए सभी लोगो की पहले थर्मल स्कैनिग की और सही पाए जाने के बाद उनका रक्त लिया। डा दीक्षा शर्मा ने बताया कि इस रक्तदान शिविर के दौरान लॉकडाउन के चलते सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन किया। इस शिविर के दौरान सभी लोगो को मास्क लगाए गये तथा सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया ! सभी लोगो के हाथ धुलवाए गए तथा सभी नियमो का सख्ती से पालन किया गया।
बिलासपुर के नौजवान अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत के चलते बिलासपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है तथा बिलासपुर के युवाओं में डर पैदा हो चुका है। शनिवार को नगर सुधार समिति का प्रतिनिधि मण्डल समिति के प्रधान दिनेश कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिला तथा इस रहस्यमयी मौत की उच्चस्तरीय जांच करने के बारे में ज्ञापन उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा। ज्ञापन में निम्नलिखित तथ्यों पर जांच करने हेतु कहा गया जैसे-स्वर्गीय अंशुल शर्मा पुत्र चमन लाल शर्मा एक तंदुरूस्त नौजवान था दिनांक को किन परिस्थितियों में वह घर से अपने पैतृक गांव जिला मण्डी की तरफ घर में बिना बताए चला गया। स्वर्गीय अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत से पहले उसकी किन-किन से फोन पर बात हुई तथा किस-किस व्यक्ति से वो मिला था। ऐसी क्या मजबूरी थी कि स्वर्गीय अंशुल शर्मा ने आत्महत्या कर ली तथा फेसबुक पर जो वीडियो वायरल हुआ है वोआत्महत्या से कितनी देर पहले का है। फेसबुक पर वायरल वीडियों से पूरा हिमाचल सकते में है तथा यहां पर डर का माहौल बना हुआ है। इसकी सच्चाई क्या है? स्वर्गीय अंशुल शर्मा की किन-किन लोगों से अधिकतम फोन पर बात हुआ करती थी तथा उन लोगों का क्या कारोबार है यह भी जांच का विषय है। ऐसी क्या मजबूरी व डर स्वर्गीय अंशुल शर्मा को था कि वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया। अगर गहनता से इस रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच करवाई जाए तो इसमें कई नशा माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सकता है तथा इस मौत से कई नशा माफियों के रहस्यमयी पर्दे उठने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस न्यायिक जांच द्वारा किसी बेकसूर को सजा न मिल सके तथा दोषियों को बक्शा न जाए तथा सच्चाई को जनता के सामने लाया जा सके और मृतक के परिवार वालों को न्याय मिल सके तथा मृतक की आत्मा को शांति मिल सके। इस मौका पर महामंत्री राजेन्द्र गौतम, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, देवेन्द्र सिंह, तुलसी राम ठाकुर, नरेष सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, चम्पा देवी, कुलदीप शर्मा, ओम प्रकाश मैहता, धनीराम सौंखला, नसीम मुहम्मद, धर्मपाल, रामहरि, मनोहर लाल, ज्ञान चन्द आदि उपस्थित थे।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में इस समय अराजकता और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हर रोज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसी न किसी युवा के नशा करके अथवा समाज विरोधी नशा व्यापार के जाल में फंस जाने के कारण मानसिक रोगी होकर अपने प्राण त्याग देने तक को विवश होने के समाचार प्राप्त हो रहे है। उन्होने कहा कि अस्पतालों में बिना इलाज के सैकड़ों रोगियों के प्राण चले जाने के मामले दिन प्रति –दिन बढ़ते चले जा रहे हैं, जिससे आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होने कहा कि यह कोई कम चिंता का विषय नहीं है कि देश की युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर भटकती अथवा गलत लोगों के चुंगल में फंस कर अपने जीवन को समाप्त करने पर तुली नजर आ रही है, जिस ओर सरकार और उसका तंत्र कोई ध्यान नहीं दे रहा है। देश की युवा पीढ़ी को बचाने और उनके जीवन को सुरक्षित किए जाने की ओर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम न उठा पाने और उनके प्रति अपना उत्तरदाईत्व न निभा पाने के कारण युवा पीढ़ी नशे व गलत तत्वों के जाल में फंस कर अपने जीवन की इहलीला समाप्त कर रही है और हजारों परिवार तबाही का शिकार हो रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस काल में जिला बिलासपुर में चिट्टा अथवा नशे का व्यापार चलाने के आरोप लगाए जाते थे, किन्तु अब सत्ता में आने पर इसे रोकने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होने कहा कि महज कुछ नशाखोरों को पकड़ने अथवा जेल में डालने से नहीं बल्कि इसके वास्तविक समगलरों को पकड़ने और जेल में ठोकने की आवश्यकता है, ताकि नशे के व्यापार पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सके और बेसमझ युवक–युवतियाँ इस नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद करने से बच सकें। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को नशा रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और गाँव –गाँव में घर -घर जाकर लोगों को जागरूक करने तथा नशे के दुष्प्रभावों बारे सचेत अथवा जागरूक करने की नीति निर्धारित करनी चाहिए ताकि हिमाचल के लाखों युवाओं का जीवन नर्क बनने से रोका जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करके पुलिस के माध्यम से केस बनाने पर नहीं बल्कि नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे युवाओं को समझाने और इस रास्ते पर जाने से रोकने के गंभीर प्रयास करने चाहिए। उन्होने कहा कि युवाओं को जेलों में बंद करके नहीं बल्कि उन्हें समझा कर सही रास्ते पर लाने के लिए जागरूक करके उनके बहुमूल्य जीवन को बचाया जाना चाहिए। बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सीमाओं पर जब हर जगह पुलिस का कडा पहरा है, तो फिर यह नशा प्रदेश में कहाँ से और किसके द्वारा लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि बिना मिलीभगत के सीमाओं से नशा प्रवेश होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता है, इसलिए इस बारे में सरकार को इस माले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाने चाहिए।
बिलासपुर की डोगरा हौजरी में तैयार होने वाली पीपीई किट अब विदेशों तक पहुुंचेगी। डोगरा हौजरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे पर आधारित पीपीई किट व सूट के चार सेंपल को भारत सरकार की संस्था द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर द्वारा पास हुआ है। अब सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिलने के बाद डोगरा हौजरी ने पीपीई किट व सूट बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है और यह अब घरेलू मांग को पूरा करने के बाद विदेशों तक भी जाएगी। पूरे हिमाचल में डोगरा हौजरी के पीपीई किट व सूट के चार सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिली है। यहां पर आयोजित एक सादे समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कुलदीप चंदेल ने कहा कि डोगरा हौजरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे को सर्वपरि मानते हुए चरितार्थ किया है। इस अवसर पर डा. अरूण पटियाल मुख्यतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के एमडी ऋषभ डोगरा ने कहा कि उन्होंने इस कार्य को पूरा करने में जिला प्रशासन का पूर्ण सकारात्मक सहयोग मिला। उन्होंने स्वयं की प्ररेणा से अपे्रल माह से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने इसके लिए पूरा अध्ययन करने के बाद द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर को पीपीई सूट के सैंपल भेंजे। जहां से 21 जून को उनके सैंपल को मंजूरी मिली क्योंकि उनके पास इससे संबंधित पूरी तकनीकी व मशीन उपलब्धता मौजूद थी। यह पीपीई सूट लगभग साढ़े चार सौ रूपये में उपलब्ध होगा। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के चैयरमैन इंद्र सिंह डोगरा, प्रेम डोगरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
झण्डुता चुनाव क्षेत्र के युवा कांग्रेसी नेता तथा प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव सुधीर कुमार सुमन ने केन्द्र की मोदी सरकार को लोकतंत्र का गला घोंटने वाली तानाशाह सरकार करार दिया है। सुमन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अन्तर्गत चुन कर सत्ता में बैठी सामन्तवादी मोदी सरकार अब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने के लिए दीमक की तरह डटी हुई है और लोकतंत्र की सजग प्रहरी व सरकार में विपक्षी पार्टी की सार्थक आवाज और आलोचना को देशद्रोही बताकर उसे दबाने में लगी हुई है। सुधीर सुमन ने बताया कि मोदी सरकार की सामन्तवादी व तानाशाही सोच का ही परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार में संसदीय सचिव रहे पूर्व विधायक नीरज़ भारती द्वारा मोदी सरकार के काम की, की गई सार्थक और सही आलोचना को देशद्रोह बता कर उन पर मुकदमा दर्ज किया गया है जिसकी हम सभी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मोदी सरकार के तानाशाही रवैये की जोर दार निन्दा करते हैं। युवा कांग्रेस के नेताओं ने उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) झण्डुता के माध्यम से महामहिम राज्यपाल हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजे ज्ञापन में मांग की हैं कि नीरज़ भारती पर दर्ज देशद्रोह के झूठे मुकदमे को वापस लिया जायें अन्यथा यूथ कांग्रेस मोदी सरकार के विरूद्ध इस आन्दोलन को और तेज़ करेगी। इस कार्यक्रम में सुधीर कुमार सुमन के अलावा प्रदेश सचिव अब्दुल खालिक, पूर्व जिला परिषद विजय कौशल, लोकसभा युवा कांग्रेस हमीरपुर के महासचिव लोकेश जोशी, झंडुत्ता युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष जावेद खान, कार्तिक चंदेल, नीतीश चंदेल, पंकज, अतुल शर्मा, आशीष सुमन, जितेंद्र युवा नेता भी उपस्थित थे।
आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष व पूर्व में रहे बीडीटीएस के प्रधान लेखराम वर्मा ने शुक्रवार को बरमाणा में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र व हिमाचल राज्य सरकार का डीजल व पेट्रोल की बढाई गई कीमतों को लेकर विरोध किया। इस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों के निर्णय को रोल बैक किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़े लोग इससे प्रभावित न हो। उन्होंने कहा की डीजल की कीमते पैट्रोल की कीमत से भी ज्यादा हो गई है जो चिंता का विषय है। इस से ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटरों की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी। आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कीमतें अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कम और देश में पिछले दो हफ्तों से बढ़ रही है। बरमाणा में भी शुक्रवार को को डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अन्य राज्यों की भांति ट्रांसपोटरों ने आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष के अगुवाई में जोरदार विरोध किया। इस अवसर पर बरमाणा औसती यूनियन के प्रधान रतन लाल ठाकुर ने भी कहा कि एक तरफ देश में कोविड -19 महामारी की आपदा है जिससे आम लोगों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है तो ऐसे समय में सरकार को ऐसा नही करना चाहिए था। वर्मा ने जिला प्रशासन को जताया कि इस दौरान सभी उपस्थित ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लॉ एंड आर्डर को बनाए रखने के लिए हम सभी पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। इसमें प्रबंधन समितियों को भी इन योद्धाओं का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने मौजूदा प्रबंधन समिति पर ऐसे समय में घर में बैठने का आरोप लगाया। कहा जबकि इन लोगों को इस आपदा के दौरान ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटर, चालक व परिचालक की सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजी रोटी का ध्यान रखना चाहिए था। इस अवस्था में इन प्रबंधन समितियों ने घर में छुप कर अपनी नाकामियों का परिचय दिया है क्योंकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े चालक व परिचालक हमारी अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है। क्या इस दौरान इनका ख्याल रखा जा रहा है? प्रशासन से मांग की कि प्रबंधन समितियों से गाईड लाइन की अनुपालना करवाई जाए। उन्होंने कहा कि होम अफेयर गाईड लाइन 21 के तहत वाहन लुक आफ्टर की पालना नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चालक और परिचालक के खाने की क्या व्यवस्था, ठहरने की व्यवस्था माल की ढुलाई के दौरान रास्ते में उचित ठहराव, विश्राम व्यवस्था, गाड़ी का सनेटाइज होना, चालकों को ग्लव्स, उनकी सुरक्षा स्वास्थ्य को लेकर कपम्लेंट वैन्यू कहां है, इन सभी बातों की प्रबंधन समितियां पालना करें। फेडरेशन सरकार व प्रबंधन समितियों से मांग करती है कि ऑपरेटरों ने लगातार कई वर्षों से अपनी मेहनत से ट्रांसपोर्ट संस्था को सींचा है और आज इस मुश्किल की घडी पर ऑपरेटर, चालक व परिचालक सभी के एकाउंट्स में 10 हजार रूपए जमा करवाकर पुण्य का काम कर सहायता करें। वर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों का टीडीएस रुका हुआ है संस्था इस वक्त इसे दिलवाने में कोशिश करे। इस राशि के मिल जाने से जहां ऑपरेटरों का रुका हुआ धन इक्कठा मिलेगा वहीं मौजूदा कोरोना महामारी के चलते ऑपरेटरों को राहत भी मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऑपरेटरों ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए ऋण लिया है उसमे कोविड के खत्म होने तक ब्याज मुक्त होना चाहिए। इसके अलावा ऑपरेटरों के हितों का ख्याल रखते हुए सरकार से फरियाद की कि इस आपदा की अवधि तक गाड़ियों की इन्शुरेन्स, पासिंग, लोन की किश्ते माफ़ की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि इनकी जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश सरकार द्वारा पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षकों को नियमित करने पर हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् ने प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज तथा सभी कैबिनेट मंत्रियों व शिक्षा विभाग का आभार प्रकट किया है। परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल, महासचिव अमित शर्मा कोषाध्यक्ष सोहनलाल, उपाध्यक्ष जंगछुब नेगी, अमरसेन, परमदेव, तेजस्वी शर्मा, संरक्षक डॉ अरुण शर्मा, डॉ दुनीचंद शर्मा, संगठन मंत्री योगेश अत्रि , प्रवक्ता शांता कुमार, बिलासपुर के प्रधान राजेंद्र शर्मा, हमीरपुर के सुनील धीमान, ऊना के बलबीर चंद, शिमला के दिग्विजयेंद्र कालिया, सिरमौर के रामपाल तथा किन्नौर के प्रधान वांगछेन नेगी ने संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षक काफी अरसे से नियमित होने के वनवास को झेल रहे थे। प्रदेश सरकार ने इनके वनवास को समाप्त किया है। इसके लिए प्रदेश सरकार व सभी शिक्षक बधाई के पात्र हैं। संस्कृत शिक्षक परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल ने कहा कि प्रदेश में सेवारत शास्त्री अध्यापक व भाषा अध्यापक भी अनेक वर्षों से टीजीटी पदनाम पाने के लिए वनवास काट रहे हैं। गत वर्ष माननीय मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री जी ने टीजीटी पदनाम देने का आश्वासन दिया था तथा माननीय शिक्षा मंत्री जी ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज के माध्यम से घोषणा भी कर दी थी लेकिन अभी तक हमारा यह स्वप्न पूरा नहीं हुआ है। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् प्रदेश सरकार से विनम्र निवेदन करती है कि गत वर्ष 11 अगस्त को संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ पर शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित कार्यक्रम में जो आश्वासन हमें मिला था उस आश्वासन को इस वर्ष 31 जुलाई से शुरू होने वाले संस्कृत सप्ताह के शुभारम्भ पर पूरा कर वर्षों से उपेक्षित शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर उनके वनवास को भी समाप्त करें। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्माचारी हितैषी है और सभी कर्मचारियों/शिक्षकों की हर मांग को सरकार ने पूरा किया है। अब केवल शास्त्री व भाषा अध्यापकों की मांग शेष है । अतः इस मांग को भी शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए। सरकार सराहनीय कार्य कर रही है हर कार्य के लिए वित्तीय प्रावधान भी कर रही है फिर हमारे कार्य के लिए ही क्यों यह समस्या आ जाती है? अतः प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से निवेदन है कि आप स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर न्याय करें।
हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट पर एक जीप में ठूस ठूस कर पशुओ को ले जाने पर चालान हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वारघाट थाने की एक टीम एएसआई राम नाथ की अगवाई में यातायात नियन्त्रण चैकिंग कर रही थी। इस दौरान स्वारघाट बाजार में बिलासपुर की तरफ से एक जीप नं. यू पी 11 बीटी 3845 आई जिसे इस टीम ने चेकिंग के लिए रोका जब इस जीप की चेकिंग की गई तो उन्होंने देखा कि गाड़ी के अन्दर 5 भैंसें व 1 कट्टड़ी ठूंस- ठूंस कर भरी हुई थी जिन्हें सांस लेना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जीप चालाक के खिलाफ 5 भैंसों व 1 कटड़ी को ठूस ठूस कर भरने पर मुकदमा दर्ज किया गया जीप चालाक जाहिद पुत्र शाहिद निवासी गांव गंगोड डा0 व थाना सरसावा तह0 व जिला सराहनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
कूह लेंगड़ी- बल्ह चुरानी के स्वर्गीय हंसराज के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के चंगर सेक्टर स्थित आवास पर उन्हें कोई डेढ़ माह पूर्व स्वारघाट में कोरोना वायरस के चलते क्वारन्टाईन के दौरान हुई हंस राज की संदिग्ध मौत पर जिला प्रशासन द्वारा दोषी डाक्टर व अन्यों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने बारे पूरा विवरण देते हुए उनसे न्याय दिलवाने का आग्रह किया। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में सभी ग्रामीणों ने उनके आवास से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली और जिलाधीश कार्यालय के बाहर जोरदार नारों के बीच धरना दिया। बंबर ठाकुर ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 मई को जब हंस राज को जिला प्रशासन द्वारा स्वारघाट में क्वारन्टाईन किया गया था तो वहाँ हंसराज के बाथ रूम में गिर कर घायल होने की बात कही गई ,जो वहाँ बेहोश पड़ा रहा, जहां अधिकारियों और डाक्टरों को सूचना मिलने के बावजूद भी उसे कोई आधे घंटे बाद दूर से ही देखा गया। बाद में डाक्टर ने उसे मिर्गी का दौरा पड़ने की बात कही और उसे बिना किसी जांच अथवा हाथ लगाए ही डाक्टर चला गया। उन्होने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपने सिर पर हाथ रख कर हंस राज भारी पीड़ा से कहराता और तड़पता रहा, किन्तु उसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। उनका कहना था कि हंस राज के सिर पर गहरा जख्म था, जिससे खून बह रहा था, जिसे भी बंद तक करने को जिला प्रशासन के संबन्धित अधिकारियों व डाक्टरों ने कोई कदम नहीं उठाए। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि हंस राज की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई होती तो उसे सरकार की नीति के अनुसार आज तक कोई भी आर्थिक अनुदान क्यूँ नहीं दिया गया है। हंस राज के भाई देशराज ने बताया कि हंसराज बरमाना से मध्य प्रदेश के द्तिया के लिए सवारी लेकर गया था और वहाँ से लौट कर घर आ रहा था जब उसे स्वारघाट में कवारन्टाईन किया गया था और वह किसी भी तरह से किसी भी रोग से ग्रस्त नहीं था। देश राज ने कहा कि उनके भारी आग्रहों के बाद डाक्टर शाम 4 बजे देखने के लिए आए और उन्होने बिना किसी उपचार के उसे बिलासपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उन्होने कहा कि जब उसे बिलासपुर अस्पताल में लाया जाना था तो सुरक्षा कर्मियों और एंबुलेंस कर्मियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया और उन्हें ही एम्बुलेंसे में डालने के आदेश दिए गए। यहाँ शाम को 6 बजे एस एच ओ के साथ चार पुलिस कर्मी आए और उन्होने हंस राज को खड़े होने को कहा लेकिन व खड़ा नहीं हो पाया था और उनके द्वारा उसे घसीटते हुए कमरे से बाहर ले जाया गया। उन्होने कहा कि उनके द्वारा बार-बार मांगने के बावजूद आज तक उन्हें हंस राज की मृत्य का प्रमाण पत्र तक नहीं दिया गया है। हाई कोर्ट के जज से करवाई जाए निष्पक्ष जांच बंबर ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि हंस राज की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हाई कोर्ट के जज से निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश दिए जाएँ। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी बाद में धरना स्थल पर एस डी एम रामेश्वर ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि हंस राज की बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी जिस पर बंबर ठाकुर ने कहा कि आज तक प्रशासन ने सरकार के आदेशों के अनुसार परिजनों को 4 लाख की राशि से क्यूँ वंचित रखा है और क्वारन्टाईन के दौरान मौत होने पर आर्थिक सहायता क्यूँ नहीं दी जा रही है। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में इस संदर्भ में ए डी एम विनय धीमान से एक प्रतिनिधि मण्डल मिला, जिन्होने इस संदर्भ में उपायुक्त से बातचीत करके उपयुक्त कार्यवाही करने की बात कहीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उचित कार्यवाही नहीं की जाती धरना निरंतर जारी रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय दवा दुरूपयोग और अवैध तस्करी निषेध दिवस के संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर अनंत राम ने लोगों को ओ.पी.डी. क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर तथा एच.आर.टी.सी. कार्य शाला में कर्मियों को जागरूक किया गया तथा जागरूकता सामग्री का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण शर्मा तथा क्लिनिकल साईकौलोजिसट ज्योत्सना गौतम ने बताया कि जन जागरूकता के माध्यम से दवा के दुरुपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ मादक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए हर वर्ष 26 जून को यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है और हर वर्ष इस संदर्भ में नया संदेश दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस दिवस पर ‘बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान’ संदेश दिया गया है, जिसके तहत विश्व में दवा समस्या की समझ में सुधार करने की आवश्यकता और बदले में बेहतर ज्ञान प्रदान करने पर जोर दिया गया है। विश्व में दवा दुरुपयोग के कारण लगभग 10 प्रतिशत युवाओं की मौत हो जाती है। भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू उपयोग से जुड़ी बीमारियों की वजह से 10 लाख लोग काल का शिकार बन रहे हैं तथा प्रतिदिन 2200 लोग असमय जीवन से हाथ धो रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थय पर्यवेक्षिका नरगिस, स्वास्थ्य कार्यकर्ता पवना शर्मा तथा किरण गुप्ता उपस्थित रही।
पूर्व वन मंत्री एवं श्री नयना देवी विस क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोविड 19 के तहत छेडे गए सातवें कार्यक्रम के दौरान वह समूचे चुनाव क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में अब थर्मल स्कैनर बांटेगे तथा इसके माध्यम से हुई थर्मल स्कैंनिंग का संपूर्ण ब्यौरा बाद मेें उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भी प्रेषित किया जाएगा व प्रदेश व अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी को भेजा जाएगा। वह यहां पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह कोविड 19 जैसी विकट परिस्थितियों में हमेशा आमजन के साथ रहे व लोगों के स्वास्थ्य हितों के मध्य नजर पूरे चुनाव क्षेत्र में मास्क एवं हैंड सैनीटाईजर बांटे व उन्हें जागरूक किया। उसके बाद विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों तथा बिलासपुर नगर परिषद व श्री नयना देवी नगर परिषद में सैनीटाईजेशन करवाया जिसके अंतर्गत लगभग 50 हजार लीटर सैनीटाईजर प्रयोग में लाया। अब फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। लेकिन पहले पूरे श्री नयना देवी चुनाव क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में बाहर से आने वाले तथा अन्य सभी लोगों की थर्मल स्कैंनिंग बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के की जाएगी ताकि इसका सही रिकार्ड तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि थर्मल स्कैनिंग का पूरा रिकार्ड तैयार किया जाएगा जिसे सरकार व पार्टी संगठन को भी भेजा जाएगा। यह प्रदेश का ऐसी पहला चुनाव क्षेत्र है, जहां पर इस तरह की गतिविधियां चल रही है ताकि आमजन कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौर में स्वस्थ्य रहे व भय मुक्त होकर रह सके। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव संदीप सांख्यान मौजूद रहे।
बिलासपुर के एक युवा अंशुल शर्मा की मौत को लेकर शुक्रवार को भाजयुमो सदर मंडल ने मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त बिलासपुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। विनोद ठाकुर ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से अंशुल की रहस्मय मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है और ज्ञापन को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश को कॉपी प्रेषित करवाई। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच हो की अंशुल ने अपने प्राण देने से पहल फेसबुक लाइव के माध्यम से बहुत से लोगों के नाम लिए। विनोद ने कहा कि भाजयुमो ज्ञापन के माध्यम से यह कहना चाहता है कि जिन लोगों के नाम अंशुल ने लिए हैं वो लोग क्यों अंशुल को पिछले कई महीनों से प्रताड़ित कर रहे थे। ऐसा क्या कारण था कि अंशुल को अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी। जब अंशुल ने फेसबुक लाइव किया तो फेसबुक लाइव की वीडियो किसने डिलीट की। ऐसे कौन लोग थे जो अंशुल का पीछा कर रहे थे जिसकी वजह से अंशुल इतना डरा हुआ था तो मंडी पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की। फेसबुक लाइव पर अंशुल ने उन लोगों के फोन को चेक करने की बात कही थी फोन में ऐसा क्या था कि अंशुल इतना घबरा गया था। ज्ञापन में मांग की गई है कि पिछले 6 महीनों की फोन की डिटेल निकाली जाए ताकि यह ज्ञात हो कि किस तरह का यह माफिया है जो पिछले इतने समय से सक्रिय था। उन्होंने कहा कि भाजयुमो बिलासपुर को उड़ता बिलासपुर नहीं बनना देना चाहता। भाजयुमो ने कहा कि इस मामले की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना घटित न हो।
कोरोना काल में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना जरूरी है, ताकि इस जानलेवा वायरस से आसानी से लड़ा जा सके। इसके लिए सुबह की सैर व व्यायाम के साथ योग, प्राणायाम भी जरूरी है। ऐसे में जिस स्थान पर इस प्रकार की क्रियाओं को किया जाता है, वहां पर स्वच्छ एवं स्वस्थ माहौल का होना भी जरूरी है। यह बात सेवानिवृत पूर्व हाॅकी कोच योद्धराज शर्मा ने वीरवार को पीजी कालेज के हाॅकी खेल मैदान के इर्द गिर्द उगी अवांछित झाड़ियों को उखाड़ने को लेकर युवाओं द्वारा छेड़े गए अभियान के दौरान कही। योद्धराज शर्मा ने कहा कि अभी बरसात का मौसम भी शुरू होने वाला है ऐसे में मैदान।के चारों ओर उगी झाड़ियों को नष्ट किया जाना जरूरी है ताकि कोई सांप, बिच्छु आदि न आ सके और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सुबह सैर करने के लिए आने वाले लोगों को कोई समस्या पैदा न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अधिकांश लोग सड़कों या गलियों में घूमते नजर आते हैं लेकिन मैदान सबसे सुरक्षित स्थान होता है। उन्होंने कहा कि नगर के उत्साही युवा भी अपनी फिजिकल फिटनेस के लिए मैदान में आते हैं जो कि बहुत अच्छी बात है। योद्धराज शर्मा ने कहा कि मैदान यदि स्वच्छ होते हैं तो सुबह-सुबह मैदान की सुंदरता को निहार कर पूरा दिन बेहतर गुजरता है। वहीं खेल प्रेमी विकास टेस्सू, विशाल सागर, राहुल दबड़ा और विकास शर्मा ने बताया कि बरसात से पूर्व दो तीन बार हाॅकी मैदान में स्वच्छता अभियान छेड़ा जाता है ताकि मैदान में किसी प्रकार की गंदगी न फैले और माहौल खुशनुमा बना रहे। उन्होंने बताया कि वीरवार को इस श्रमदान में जितेंद्र कुमार, शुभम राही, रितेश कुमार, धीरज कुमार, अंषुल चंदेल, अमल, हरीष, कपिल जायसवाल, मोहम्मद आरिफ, निशात शर्मा, सिद्धार्थ ग्रेवाल, अभिषेक सांख्यान, अभिषेक डोगरा, अरूण ठाकुर, रजत पटियाल जट्ट, स्टार्क, मोहम्मद साहिल, मनोज कुमार व ओम ठाकुर आदि ने अहम भूमिका निभाई।
भारतीय जनता पार्टी के बिलासपुर के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल के पूर्ण होने पर वीरवार को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल रैली में भाग लिया। वर्चुअल रैली की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। वर्चुअल रैली में विशेष रुप से भारत सरकार में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर रहे। भारत सरकार में पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एक वर्ष में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिसमें की धारा 370 और 35ए को जम्मू कश्मीर से हटाकर एक देश एक निशान और एक विधान के नारे को सार्थक किया। तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम माताओं ओर बहनो को निजात दिलाई। राम मंदिर के निर्माण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ कर इस फैसले को शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया। नागरिकता संसोधन कानून बना कर लोगों को नागरिकता का हक दिया। पहली बार किसान सम्मान योजना लागू करके किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिया जा रहा है। यूएपीए एक्ट में संशोधन किया गया। छोटे व्यापारियों को पेंशन स्कीम दी गई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई, ऐसे और भी ऐतिहासिक निर्णय केन्द्रीय सरकार ने लिए हैं जिससे कि आम जन मानस को सीधा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट के समय जो निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश हित में लिय हैं उन्हीं का नतीजा है कि पूरे विश्व में मोदी जो को नम्बर एक का खिताब मिला है। बिलासपुर में एम्स का निर्माण हो चाहे हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के बनाने की बात हो ये सब भारतीय जनता पार्टी की देन है। बिलासपुर में वर्चुअल रैली को एलईडी के माध्यम से सुना, रैली को सुनते समय जिला अध्यक्ष स्वंतंत्र सांख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, मंडल महामंत्री प्यारे लाल चौधरी, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्षा भुवनेश्वरी लुम्बा, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष लाली, हिमाचल व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल सांख्यान, पार्षद नरेंद्र पंडित, चमन गुप्ता, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर, आईटी के जिला संयोजक प्रीत, पंकज, सनी, अतुल दास बॉबी, प्रेम डोगरा, संतोष भारद्वाज इब्राहिम लोदी और अन्य उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा साहसिक खेलों को लेकर तैयार की गई नई नियमावली से प्रदेश के पैराग्लाइडिंग पाॅयलट और अन्य साहसिक खेलों से.जुड़े युवा असंतुश्ट है और इन्होंने अपनी आपत्तियों को लेकर खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से मनाली में मुलाकात की। हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोशिएशन के बैनर तले आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर से आए प्रोफैशनल खिलाड़ियों ने भाग लिया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस बातचीत में.सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद भी जगी है। वहीं मामले का पूरा विवरण देते हुए एसोशिएशन के उपाध्यक्ष विशाल जस्सल, महासचिव अतुल खजुरिया तथा.सचिव मनोज शर्मा ने बताया कि नई नियमावली में किए गए बदलाव से हिमाचल में साहसिक खेलों में काम करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि.जम्मू-कष्मीर और उत्तराखंड आदि स्थान अब खुले हैं तो लोग हिमाचल में क्यों आएंगे। हिमाचल में पर्यटकों को आकर्शित करने के लिए अन्य राज्यो के मुकाबले अतिरिक्त सुविधाएं देनी होंगी ताकि पर्यटन व्यवसाय में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल सके तथा सरकार के राजस्व में भी इजाफा हो सके। उन्होंने बताया कि बिलासपुर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व षिमला आदि स्थानों से नजदीक हैं वहां के लोग इस आनंद से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग में एसआईवी कोर्स के लिए पौंग डैम का निर्धारण किया जा रहा है जोकि एक प्रकार से पूर्णतया अधिक खर्च व एक.कृत्रिम स्थान का निर्माण किया जाएगा। जिसका खर्चा बहुत अधिक है। वहां पर इस खेल के लिए प्रषिक्षण के लिए लिए पहले एक विंच का खरीदना जरूरी है व इससे प्रषिक्षण के लिए पहले पांच दिन का प्रषिक्षण लेना पड़ेगा फिर वह उड़ान भरने के लायक बन सकेगा। इससे उड़ान भरने के लिए पावर बोट का होना भी जरूरी है व सुरक्षा की दृश्टि से अन्य सुविधाओं का होना भी जरूरी है। इससे उड़ान भरने का खर्चा एक्पसर्ट के मुताबिक करीब 35 सौ रूपए प्रति व्यक्ति, प्रति उड़ान पड़ेगा जिससे इसका वित्तिय बोझ सरकार व प्रषिक्षुओं पर बहुत अधिक पड़ेगा जो कि एक बहुत ही मंहगा कार्य हो जाएगा। जबकि बिलासपुर में यही प्रषिक्षण का खर्चा पौंग डैम की तुलना में न के बराबर है। बिलासपुर में बंदला से उड़ान भरने के लिए टैक्सी का खर्चा प्रति व्यक्ति, प्रति उड़ान सौ रूपए है व अगर सरकारी बस का प्रयोग करते हैं तो एक बार में उपर जाने का खर्चा महज बीस रूपए हैं। दिन में यहां सरकारी बस पहले चार चक्कर लगाती थी लेकिन कोरोना काल के दौरान सिर्फ एक आध चक्कर ही लग पाता है। इन उत्साही पाॅयलटों ने बताया कि बिलासपुर में सदर विधायक सुभाष ठाकुर ही कर कमलों से ही एशिया स्तर की प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। बिलासपुर एक मात्र ऐसा स्थान हैं जहां पर नभ, स्थल और जल की खेलों का आयोजन एक समय में हो सकता है जबकि एसआईवी कोर्स के लिए पूरे देश में यह पहला स्थान है। उन्होंने मांग की है कि इस एसआईवी कोर्स को करवाने के लिए बिलासपुर को अधिकृत करवाने के लिए बिलासपुर को अधिकृत करें जिससे पर्यटन के क्षेत्र में भी इस क्षेत्र को लाभ हो व यहां पर टैंडम फ्लाइट का कार्य भी बढ़ेगा, जिससे राज्य सरकार को आय होगी व एक नए स्थान का पर्यटन के क्षेत्र में बनने से राज्य सरकार का नाम होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राजपत्र में दिए गए रूलों को भी सभी एसोसिएशन के सीनियर पायलट को साथ लेकर नियमों का निर्माण किया जाए और टैंडम फ्लाइट के पायलट व एजेंसी की जो फीस निर्धारित करने का विचार है, उस पर एक बार फिर पुनः अवलोकन किया जाए व बिलासपुर में यह कार्य षुरू होने के स्तर पर है, जिसे एसोसिएशन अपने स्तर पर उसकी मार्केंटिंग व स्थान का निर्माण कर रही है, में फीस का निर्धारण नाम मात्र के लिए किया जाए। खेल मंत्री ने सभी पायलटों की बात को गौर से सुना और सकारात्मक हल निकालने का आश्वासन दिया। इस बैठक में कुल्लु से रोषन लाल, पूर्ण चंद ठाकुर, शिव राम, बुद्धि राम, संजय ठाकुर, कमल ठाकुर, कांगड़ा से ज्योति ठाकुर, सुरेष ठाकुर, कमल चंद, प्रकाश चंद, संतोष शिमला से पवन कुमार नेगी, मंडी से निर्मल और संजय शामिल थे।


















































