बी बी एन: अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कोर समिति बैठक गत दिवस श्री अग्रसेन संस्थान जोधपुर (राजस्थान ) में आयोजित की गई। जिसमें देश भर के 22 राज्यों और केंद्रीय साशित राज्यों से संगठन राज्य प्रधान और सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक का शुभारम्भ राजस्थान के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष लघु उद्योग भारती घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशिल गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष आर.एन.गुप्ता, सहित अन्य पदाधिकरी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजस्थान हाई कोर्ट जज मनोज कुमार गर्ग ने अदालतों में अग्रवाल समाज के बढ़ते जा रहे केस जिनमें तलाक़, लिव इन रिलेशन्स के कारण टूट रहे परिवारों के मुद्दे पर गहन चिंता व्यक्त की। उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण हेतु पौधा रोपण और जल संरक्षण पर बल दिया। इस बैठक में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल ने समाज को व्यापार के साथ साथ पर्यावरण और जल के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि आगामी पीढ़ी को यह धरोहर भी देनी होगी जिसके लिए अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन ने देश के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए "एक पेड़ मां के नाम" आह्वान के अधीन संगठन देश भर में आगामी एक वर्ष के दौरान 50 लाख वृक्षों का रोपण करने जा रहा है। उन्होंने देश भर के संगठनों पदाधिकारियों को इस संकल्प में हिस्सा लेने का आह्वान किया। प्रदीप मित्तल ने कोर कार्यकारिणी बैठक में बताया कि अग्रवाल समाज को अपने गौरवमयी इतिहास की जानकारी देने हेतु समाज से संबंधित क्रांतिकारियों का इतिहास बताया जायेगा। जिनमें अमर शहीद लाला लाजपत राय जैसे महान विभूतियों की गाथा बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता लाने हेतु देश भर में विशेष दिनों का आयोजन किया जायेगा।जिनमें महालक्ष्मी पूर्णिमा (4 दिसंबर) , नागरिक दिवस (21 अगस्त) को मनाए जाएंगे। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में भलाई हेतु जो अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए उनमें समाज में युवाओं की शादी 25 वर्ष तक की आयु तक कर दी जाये, समाज के माता पिता अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, अग्रवाल समाज के युवाओं में खेलकूद की रूचि बढ़ाने हेतु देश भर में ऑय.पी.एल. के स्तर पर खेलों का आयोजन करने और श्रेष्ठ खिलाडियों को अग्रवाल रतन पुरूस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में देश भर के अग्रवाल संगठनों को 11 सूत्रीय कार्यक्रमों जिनमें महालक्ष्मी वरदान दिवस, महाराजा अग्रसेन जयंती, अग्रवाल समाज के महापुरुषों की जयंती, अग्गर सम्मान समारोह, वरिष्ठ नागरिक दिवस, महिला दिवस, परिचय समारोह, सदस्य्ता अभियान, प्रदेश संगठनों द्वारा प्रदेश इकाई, कार्यकारिणी, जिला संगठन, संरक्षक सदस्यों, ब्लॉक और मंडल इकाई, प्रांतीय अधिवेशनों का आयोजन, अग्रवाल समाज के केंद्रीय मंत्रियों, प्रमुख उद्योगपतियों, प्रसाशनिक अधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायकों और पार्षदों को उनके कार्यों पर सम्मानित करने, पडोसी राज्यों के समाज समारोहों में हिस्सा लेना, हॉस्पिटल में उपचाराधीन समाज के परिवारों की मदद और भोजन की व्यवस्था, आश्रम में प्रभुजनों, दृष्टि हीन, दिव्यांगों की सेवा के साथ साथ गोसेवा कार्य, रक्तदान शिविर आयोजन करना और आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग देना शामिल हैं, का लक्ष्य रखा गया। बैठक में आगामी जनगणना में अग्रवाल समाज को विशेष रूप से नाम दर्ज करवाने की भी अपील की गई। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की कोर समिति में हिस्सा लेने पहुंचे देश भर के संगठन पदाधिकारियों में पवन अग्रवाल, सुरेंदर गोयल (बूंदी) बजरंग अग्रवाल , गायत्री मित्तल, राजेश मित्तल, राम विलास जैन, रीना मित्तल (कोटा), अर्चना सहगल, नवीन तायल, परवीन बंसल, सुशिल गुप्ता (दिल्ली) अलका अग्रवाल (जयपुर) अजय अग्रवाल , बनवारी लाल अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, रमाकांत खेतान, विनोद अग्रवाल (महाराष्ट्र) राजेश गुप्ता, राकेश गोयल (दिल्ली) संत गोपाल (फरीदाबाद) अशोक सियाराम, राजेंदर आग, राजकुमार आग, उमेश कुमार (छत्तीसगढ़) चंद करन, सुरेश चंद (अजमेर) अशोक सिंघानिया (अलवर) विनोद अग्रवाल (चंडीगढ़) अशोक गर्ग, दीन दयाल, ममता गुप्ता, मोहित अग्रवाल , पंकज गुप्ता, पुनीत गुप्ता, पुष्प गर्ग, राम बाबू सिंघल, संजय सिंघल, सतीश गोयल, विजय गुप्ता, योगेंदर अग्रवाल (दिल्ली) सुरेंदर अग्रवाल (फरीदाबाद) राकेश अग्रवाल (ग्वालियर) संजय गुप्ता (हापुड़) जितेंदर सिंघल, शिव कुमार गुप्ता (खेकड़ा) सुरेश गर्ग (पंचकूला) अशोक गर्ग (शिमला), अजय गुप्ता (फरीदाबाद) अशोक, राजेश भारूका, रतन लाल, रवि अग्रवाल (सूरत), मनीष अग्रवाल, श्रीकांत मुरारका, ताराचंद गुप्ता (झुंझनू) आर.एन. गुप्ता (हैदराबाद) कुलभूषण मित्तल (इंदौर) मोहित (भटिंडा) बृजेश (भोपाल) सुशिल बंसल (बीकानेर) नितेश बाज़ारी (डीडवाना) विजय अग्रवाल (श्रीगंगा नगर) सुनील गर्ग (भोपाल) रेशु सिंगला सुमित सिंगला (दिल्ली) प्रदीप मित्तल (फरीदाबाद) शामिल थे।
हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। आज 14 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश होने की सम्भावना है , जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद, 15 जुलाई को भी राज्य में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। इन चेतावनियों को देखते हुए, खासकर कुछ जिलों के लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ-साथ हल्की गरज और बिजली गिरने की भी आशंका है। राज्य के बाकी जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कुल्लू जिले के जिया गांव के पास रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। ब्यास नदी को पार करते समय एक मां की गोद से उसकी पांच वर्षीय मासूम बेटी छिटक कर बह गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना घरूरू के अस्थायी झूला पुल पर उस समय हुई जब मां अपनी दोनों बेटियों के साथ नदी पार कर रही थी। जानकारी के अनुसार, रजनी नामक महिला अपनी दो बेटियों, पांच साल की परी और चौदह वर्षीय वंशिका के साथ जिया से शमशी वर्कशॉप स्थित अपने घर लौट रही थी। दोपहर करीब दो बजे जब वे ब्यास नदी पार कर रही थीं, तो अचानक घरूरू में तेज झटका लगा। इससे परी मां की गोद से छिटककर नदी में जा गिरी और तेज बहाव में बह गई। वंशिका भी गिरते-गिरते बची, लेकिन किसी तरह झूले की रस्सी पकड़ ली और लगभग दस मिनट तक उसी से लटकती रही। रजनी खुद भी झूले पर बुरी तरह फंस गई थीं और चाहकर भी अपनी बेटी की मदद नहीं कर पा रही थीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मां और बेटी को सुरक्षित नीचे उतारा। परी का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया। बच्ची की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। कुल्लू के एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि घरूरू की स्थिति असुरक्षित पाई गई, तो भविष्य में इस पुल का उपयोग प्रतिबंधित किया जाएगा। जिया पंचायत के प्रधान संजू पंडित ने इसे एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली घटना बताया और प्रशासन से ऐसे अस्थायी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
उप मंडल ज्वालामुखी के तहत शिक्षा खंड खुंडियां में राजकीय केंद्र पाठशाला मे तीन वर्षीय 2025 से 2028 राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का चुनाव 12 जुलाई को संपन्न हुआ। इसमें चुनाव पर्यवेक्षक शिक्षा खंड रक्कड़ से संजीव कुमार शर्मा, मनोहर लाल गांधी, मदनजीत शिक्षा खंड थुरल से महेंद्र जमाल, रतन चंद, इशांन शर्मा आदि अध्यापक साथी रहे। शिक्षा खंड खुंडिया मे सर्व सहमति से तीसरी बार कार्यकारिणी का चुनाव हुआ इसमें भीम सिंह राणा( राजकीय प्राथमिक पाठशाला महादेव अध्यक्ष अंकज डोगरा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार महासचिव, रितु राम कैशियर बनाया गया। वहीं महिला विंग से सपना कुमारी प्रधान, नीलम कुमारी ,उप प्रधान सीमा कुमारी, सचिव मीनाक्षी शर्मा कैशियर बनाया गया। इस चुनाव में विशेष जिम्मेदारी निभाने में सीएचटी करनैल सिंह, सुरजीत कुमार रमेश कुमार ,अजवीर सिंह देशराज, विजय कुमार, जीवन कुमार सुरेश कुमार गुरजीत सिंह आदि। विशेष अतिथि मे राज्य कार्यकारिणी के महासचिव संजय पीसी जिला कार्यकारिणी कुलदीप पठानिया ,खंड धीरा से महासचिव सुमित कुमार, खंड नूरपुर से प्रधान मुल्तान सिंह खंड भवारना से प्रधान कुलदीप चंद महासचिव अनिल शशि व खंड रक्कड़ से शिव कुमार, प्रदीप कुमार, रमेश कुमार, संजय कुमार संजीव कुमार बिशन दास थुरल से अमित वालिया, होशियार सिंह आदि सेवानिवृत् अध्यापकों में से पुर्नचंद पूर्व महासचिव दविंदर राणा, प्रकाश चंद, गुरु बक्श विनोद धीमान आदि अंत में अध्यक्ष ने सभी अध्यापक साथियों के सहयोग के लिए धन्यवाद किया ।
कसौली निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान विधायक के गृह क्षेत्र कुमारहट्टी में रहने वाला 24 वर्षीय विक्रम एक सड़क दुर्घटना का शिकार होने के बाद पिछले करीब 10 सालों से पीड़ित अवस्था में अपने माता पिता पर निर्भर हो चुके है। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार को न तो सरकार से मदद मिल सकी ओर न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिला। जिसके कारण विक्रम आज भी अपने साथियों की तरह घर से बाहर जाने में सक्षम नहीं है। विक्रम के पिता सोनू कुमार ने बताया कि 10 वर्ष पहले विक्रम का एक्सीडेंट हो गया था। पीजीआई में इलाज तो करवाया लेकिन इसके बाद भी दिमाग में चोट के कारण दौरे आते रहे। लेकिन अब पिछले कई वर्षों से विक्रम बिस्तर पर ही है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों मदद की गुहार के लिए उन्होंने कसौली विधायक विनोद सुल्तानपूरी से भी मुलाकात की है। इस दौरान विधायक ने मदद का पूरा आश्वासन भी दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर विक्रम का दर्द शेयर होने के बाद सुबाथू की संस्थानों में शाहिद मेजर दुर्गा मल्ल, पूर्व सैनिक लीग सुबाथू यूनिट, सहित अन्य लोगों की मदद से कुछ धन राशि मिली है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले महीने तक विक्रम का ऑपरेशन होने के बाद उसे नया जीवन मिलेगा। पूर्व सैनिक लीग सुबाथू यूनिट के अध्यक्ष सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर दीपक तमांग ने बताया की विक्रम के ईलाज के लिए उनकी टीम अपने लोगो के पास जाकर धन इकठ्ठा करने प्रयास जारी है । उन्होंने बताया की जिस प्रकार से लोगों का सहयोग मिल रहा । उमीद है की अगले माह विक्रम का ऑपशन अवश्य हो जायेगा ।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच लाहौल की ऊंची चोटियों में करीब डेढ़ माह बाद शनिवार को बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजुम और बारालाचा सहित ऊंची चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। 15 जुलाई तक हिमाचल के कुछेक और 16 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। उधर, सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से अब तक बादल फटने, भूस्खलन व बाढ़ में 95 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 175 लोग घायल हुए हैं और 33 अभी लापता हैं। 1,193 से अधिक कच्चे-पक्के घर, दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 785 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। जबकि नुकसान का आंकड़ा 75,195.89 लाख रुपये पहुंच गया है। इनमें से अधिकतर नुकसान आपदा प्रभावित मंडी जिले में ही हुआ है। शुक्रवार रात को मुरारी देवी में 126.0, पंडोह में 79.0, सलापड़ में 67.7, कोठी में 60.4, मंडी में 53.2, जोगिंद्रनगर में 53.0, भुंतर में 47.6, भराड़ी में 40.0 और सराहन में 35.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। वही प्रदेश में दो एनएच सहित 252 सड़कें, 327 बिजली ट्रांसफार्मर और 787 जल आपूर्ति योजनाएं अभी भी बंद पड़ी है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच लाहौल की ऊंची चोटियों में करीब डेढ़ माह बाद शनिवार को बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजुम और बारालाचा सहित ऊंची चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। शिमला में शनिवार दोपहर को झमाझम बारिश हुई। शहर में 13 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। 15 जुलाई तक हिमाचल के कुछेक और 16 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुल्लू से लेकर लाहौल तक शुक्रवार रात को जमकर बारिश हुई। चंबा में शनिवार को तेज धूप खिली। ऊना में शनिवार को सुबह के समय कुछ स्थानों पर बारिश हुई। बारिश के बीच ब्यास के साथ कुल्लू जिला के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार को समर्पित 10 दिवसीय शिविर में देशभर से 350 प्रतिभागी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर बलाहर में शनिवार से अखिल भारतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह 10 दिवसीय कार्यक्रम संस्कृतभारती हिमाचल प्रदेश न्यास और विश्वविद्यालय परिसर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में देहरा उपमंडलाधिकारी कुलवंत सिंह पोटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि संस्कृतभारती हिमाचल प्रदेश के प्रान्ताध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा और मुख्य वक्ता उत्तर क्षेत्र प्रशिक्षण प्रमुख संजीव पाठक थे। सह निदेशक प्रो. मञ्जुनाथ भट्ट सारस्वत अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सत्यदेव ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 350 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें विव्यास परिसर के छात्र, शिक्षाशास्त्री एवं प्राक्शास्त्री शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य भाषा बोधन, प्रबोधन, प्रशिक्षण और प्रगत प्रशिक्षण के माध्यम से संस्कृत भाषा को व्यवहार में लाना है। मुख्य अतिथि कुलवंत सिंह पोटन ने इस प्रयास की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में संस्कृत के प्रचार-प्रसार और शिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र बाल केंद्र प्रमुख विनायक हेगड़े, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. ओंकार चंद, डॉ. जयकृष्ण, अरविंद डोगरा, हीरा सिंह, डॉ. सन्नी कुमार, अभिषेक शर्मा सहित कई व्यक्ति एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुरुषोत्तम ने किया जबकि अंत में डॉ. विनोद शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनलोग कला में तंबाकू मुक्त पीढ़ी स्कूल चैलेंज अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने तंबाकू निषेध पर पोस्टर और स्लोगन बनाए तथा गांव और विद्यालय परिसर के आसपास नारे लगाकर रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना था। बच्चों ने मनलोग कला गांव के एक सार्वजनिक स्थान पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू के प्रयोग से होने वाली हानियों को दर्शाया। इस नाटक को स्थानीय लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य मोहन कुमार चौहान और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने सभी को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक और ग्रामवासी भी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान व महंगाई भत्ता देने के निर्णय ने प्रदेशभर में सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। वर्षों से लंबित मांग पूरी होने पर देहरा सहकारी कर्मचारी संघ ने इस फैसले को ऐतिहासिक और संवेदनशील करार दिया है। इसी क्रम में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर से भेंट करने पहुंचा और उन्हें इस निर्णय में समर्थन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल में संघ अध्यक्ष विजय शर्मा, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ठाकुर, महामंत्री रजनीश गुलेरिया व संगठन मंत्री धीरेज शर्मा शामिल रहे। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच, प्रगतिशील दृष्टिकोण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रभावशाली पैरवी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार आगे भी कर्मचारियों से जुड़े ऐसे सकारात्मक निर्णय लेकर सहयोगियों का मनोबल बढ़ाती रहेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर ज़िले के नम्होल के पास हुई दर्दनाक बस दुर्घटना में घायल यात्रियों का कुशलक्षेम जानने के लिए एम्स बिलासपुर का दौरा किया। उन्होंने घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से सभी घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी घायलों का त्वरित और उच्च स्तर पर उपचार सुनिश्चित किया जाए। इस हादसे में घायल हुए 32 यात्रियों का इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है, जबकि बस चालक को मार्कंड के नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया है। ज़िला प्रशासन ने हादसे के तुरंत बाद पीड़ितों को चिकित्सीय सहायता और फौरी राहत राशि उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री के साथ इस मौके पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, पवन ठाकुर, संजीव गुलेरिया और गौरव शर्मा, उपायुक्त राहुल कुमार तथा पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला की जयसिंहपुर तहसील के लिए ‘माई डीड’ एनजीडीआरएस (नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पायलट प्रोजेक्ट का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। अब इस क्षेत्र के नागरिकों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए केवल एक बार कार्यालय जाना होगा। वे किसी भी समय और कहीं से भी भूमि पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे उनका समय और श्रम बचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व विभाग के कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ई-रोजनामचा वाक्याती से पटवारियों को प्रतिदिन की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में सुविधा मिलेगी, जबकि कारगुजारी प्रणाली से वे अपनी दैनिक हाजिरी ऑनलाइन लगा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से अब तहसीलदार भी अपने कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह शासन के लिए प्रतिबद्ध है और सरकारी कामकाज में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए गए हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि राजस्व विभाग के तहत भूमि से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटाने के लिए भी सभी उपमंडलाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही नियमित तौर पर राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक भी आयोजित की जा रही है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि ये डिजिटल सुधार लोगों की सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता को कम करेंगे। इन प्रयासों से जन समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और लोगों को राहत मिलेगी।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक वीरवार को सोलन में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मनोज ने की। इस बैठक में विशेष रूप से प्रांत स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को परिषद वर्ग में भेजने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे संगठन की विचारधारा और गतिविधियों को अधिक सशक्त किया जा सके। बैठक में हिमाचल प्रदेश में हो रहे धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे गंभीर विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। प्रांत अधिकारियों के आदेशानुसार राजेंद्र राणा को विश्व हिंदू परिषद, सोलन जिला उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। यह घोषणा बैठक के दौरान औपचारिक रूप से की गई। बैठक में जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद बलवंत सिंह भट्टी, मोहन सिंह जिला सह मंत्री, चंपा ठाकुर मातृशक्ति जिला संयोजिका, रंजना ठाकुर दुर्गा वाहिनी सह संयोजिका मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की ओर से तारा कुमारी, प्रीति चौहान, सविता शर्मा, नीलम देवी, कुकी, शकुंतला मेहता, अवतार कौर, कृष्णा ठाकुर, सरिता ठाकुर और मंजू रघुवंशी उपस्थित रही। वही बजरंग दल की ओर से मोहन सिंह मेहता, अमर सिंह, मुकुल शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे । इसके अतिरिक्त, नगर सोलन से बजरंग दल संयोजक प्रगति शर्मा एवं नगर अध्यक्ष रतन लाल गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे। वही प्रखंड कसौली की से विक्रांत घामटा भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिला लाहौल एवं स्पीति पुलिस ने सर्चू चेक पोस्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई नियमित गश्त और ट्रैफिक चेकिंग के दौरान की गई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रक जो मंडी से लेह की ओर जा रहा था उसमे अवैध रूप से शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए प्रभारी थाना केलांग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ट्रक को रात लगभग 7:30 बजे रोका। चालक की पहचान देवेंद्र पुत्र कृपाल सिंह, निवासी गांव बगा, डा. सियांज, तह. चच्योट, जिला मंडी, उम्र 36 वर्ष, के रूप में हुई है। ट्रक की तलाशी ली गई, जिसमें से 235 पेटियां विदेशी शराब बरामद की गईं, जिनमें प्रत्येक पेटी में 750 मि.ली. की 12 बोतलें थीं। इसके साथ ही ट्रक से 250 बैग सीमेंट भी पाए गए। चालक द्वारा शराब के परिवहन संबंधी कोई वैध परमिट/लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया, जो कि हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 की धारा 39(1)(a) के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिए गया है।
प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने आज विश्रामगृह घुमारवीं से मंडी जिला के स्वराज विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राहत सामग्री से भरी दो गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राहत सामग्री संवेदना चैरिटेबल सोसाइटी घुमारवीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा शंकर सेवा व लंगर कमेटी भराड़ी के सहयोग से एकत्रित की गई है। राहत सामग्री मंडी प्रशासन से समन्वय स्थापित कर वहां की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप निर्धारित की गई, जिससे प्रभावित लोगों को तत्कालीन राहत पहुंचाई जा रही है। राहत सामग्री में सौ सोलर लाइटें, मोबाइल चार्जर, डाटा केबल, रेडिमेड कपड़े, जूते-चप्पल के जोड़े, बाल्टी, मग, कुक्कर, थालियां, गिलास, चम्मच, कटोरी, स्टील के जग, बाथरूम किट, ट्रंक, सेनेटरी पैड सहित अन्य आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल थीं। इस अवसर पर जिला बिलासपुर फार्मेसी ऑफिसर संघ की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51,000 रूपए का चैक भी प्रदान किया गया, जो आपदा प्रभावितों की सहायता हेतु एक सराहनीय योगदान है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने कहा कि इस प्रकार की मानवीय पहलें समाज की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं और आपदा के समय एकजुट होकर जरूरतमंदों की सहायता करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सहयोग देने वाली सभी संस्थाओं और व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई और इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। यह झटके सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर दर्ज किए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, धरती तीन बार कांपी, जिससे घबराकर लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि झटकों की तीव्रता कम होने की वजह से ज़्यादातर लोगों को इसका अहसास नहीं हुआ और किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। गौरतलब है कि चंबा जिला भूकंपीय दृष्टि से भारत के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। यह क्षेत्र सिस्मिक ज़ोन-5 में आता है, जहां समय-समय पर भूकंप के हल्के-फुल्के झटके महसूस होते रहते हैं। भूकंप क्यों आता है? धरती की बाहरी परत कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी होती है, जो लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर-नीचे खिसकती हैं, तो ज़मीन के अंदर तनाव पैदा होता है। एक समय के बाद यह तनाव ऊर्जा के रूप में बाहर निकलता है, जिससे धरती हिलती है और भूकंप आता है।
चंबा भरमौर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंर के भवन निर्माण कार्यों को जल्द शुरू करने को लेकर आज अपने कार्यालय शिमला में शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। केवल सिंह पठानिया ने बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए भवन का प्रारूप एवं विभिन्न विभागीय औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन निर्माण के लिए लगभग 2 करोड़ रूपए की धनराशि का प्रावधान भी किया गया। वही बैठक में अतिरिक्त निदेशक शिक्षा जीवन कुमार , मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग अनुज नाग साहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री एवं जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा जारी की गई बीपीएल से संबंधित गाइडलाइन को गरीब विरोधी बताते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार गरीबी नहीं बल्कि गरीबों को ही मिटाने का कार्य कर रही है । यहां जारी एक प्रेस बयान में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों से हजारों रुपए प्रमाण पत्रों पर खर्च करवा कर गरीब लोगों को बीपीएल और अंत्योदय सूची से बाहर करने का घिनौना कार्य किया है । नई गाइडलाइन में ऐसी शर्तों को जोड़ा गया है , जिससे लाखों परिवार बीपीएल और अंत्योदय सूची से बाहर हो जाएंगे । उन्होंने 18 से 59 बर्ष तक की आयु के पुरुषों से संबंधित परिवारों को बीपीएल सूची से हटाने के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश के अंदर ऐसा पहली बार हुआ है , जब जरूरतमंद लोगों को जबरन बीपीएल और अंत्योदय सूची से हटाया जा रहा है । सबसे ज्यादा जरूरतमंद लोग तो 18 वर्ष से 59 वर्ष के आयु के बीच से ही होते हैं लेकिन सरकार ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि यदि किसी विधवा के परिवार में 18 वर्ष से ऊपर का पुरुष सदस्य होगा तो उसे बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा । गाइडलाइन में किए गए बदलाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 50% से अधिक विकलांगता की शर्त के साथ-साथ एक शर्त और जोड़ी गई है जिसमें कहा गया है कि जिस परिवार में कमाने वाला सदस्य कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित होगा, उसे ही बीपीएल सूची में जगह मिलेगी । यदि किसी परिवार को आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला होगा तो उसे भी बीपीएल सूची से बाहर करने का प्रावधान किया गया है । वहीं 50 हजार से अधिक आय वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल न करने का फरमान जारी किया गया है जो कि पूरी तरह से जन विरोधी है क्योंकि बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के अलावा किसी अन्य परिवार की सालाना आय 50 हज़ार तहसीलदारों द्वारा नहीं बनाई गई है । इससे लाखों लोग आवेदन करने से वंचित रह गए हैं । एक हैक्टेयर से अधिक भूमि वाले परिवारों को भी सरकार ने नहीं बख्शा है जबकि भाजपा सरकार के समय में दो हैक्टेयर तक भूमि मालिकों को बीपीएल सूची में शामिल किए जाने का प्रावधान था । केवल मात्र आधुनिक और शहरी प्रकार के बड़े मकान के मालिक को बीपीएल सूची में शामिल न किए जाने की शर्त रखी गई थी लेकिन इस सरकार ने किसी परिवार को आवास योजना में मिले मकान को भी पक्के मकान की श्रेणी में शामिल कर दिया है । गाइडलाइन में ऐसी शर्तों को जोड़ा गया है जिससे पंचायतों के अंदर बीपीएल सूची में 5 से 10 फीसदी लोग ही बचेंगे । उन्होंने सरकार पर ग्राम सभाओं की शक्तियां छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के चयन का अधिकार ग्राम सभा को है न कि इसके लिए अधिकारी अधिकृत हैं । बिक्रम ठाकुर के अनुसार केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ करने के लिए मनरेगा के अलावा 15 वें वितयोग में माकूल बजट उपलब्ध करवा रही है वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का मकान उपलब्ध करवाने के लिए सर्वे करवाया गया है लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार गरीब लोगों की पहचान करने की बजाय उन्हें मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने सरकार पर केंद्र सरकार की योजनाओं की गाइडलाइन के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार बीपीएल से संबंधित पुरानी गाइडलाइन को बहाल करे अन्यथा प्रदेश के अंदर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा । उन्होंने सत्यापन समिति में पंचायत प्रधानों को शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को बाहर करना अनुचित है क्योंकि ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को अपने गांव और वहां जीवन यापन कर रहे परिवारों की पूरी जानकारी होती है । भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने पुरानी गाइडलाइन को बहाल नहीं किया तो वे जनप्रतिनिधियों तथा बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को साथ लेकर सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करेंगे।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की मासिक बैठक 15 जनवरी बुधवार को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अहम बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ,प्रदेश सचिव रघुनाथ शर्मा व जिला सचिव भवानी शंकर गौतम विशेष रूप से उपस्थित होंगे । उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 जुलाई को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचकर प्रदेश तथा जिला पदाधिकारियों के विचार सुने तथा पेंशनरो की समस्या व लंबित मांगों पर चर्चा व अपने विचार साझा करे ताकि आगामी रणनीति तैयार की जा सके।
सोलन विकास खंड की पट्टाबरौरी पंचायत के श्री बांके बिहारी मंदिर में चल रही 6 दिवसीय कृष्ण कथा को विराम दिया गया। आज गुरु पूर्णिमा पर मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। आचार्य हरी महाराज ने 6दिनों तक श्री कृष्ण कथा का सुंदर बखान किया। सेवा धाम के प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने बताया कि इस मौके पर यज्ञ हुआ। जिसमें गांव और देश की समृद्धि की लिए आहुति देकर कथा, गीता, रामचरितमानस का अध्ययन करने और सनातन धर्म का प्रचार करने का संकल्प लिया गया। कथाव्यास ने कहा कि इस कलियुग में मनुष्य को भगवान की भक्ति करने से ही मोक्ष प्राप्ति होगी। कथा व्यास हरि जी महाराज ने बताया कि कलियुग में श्रीमद्भागवत गीता और रामचरितमानस का मनुष्य को अध्ययन जरूर करना चाहिए। बचपन से ही अपने बच्चों को प्रेरित करें। जिससे की धर्म की रक्षा हो सके। कलियुग में मनुष्य माया में फंस चुका है। इसीलिए अपने खून के रिश्तों से भी तकरार करने लगते हैं। जबकि श्रीमद्भागवत कथा का अध्ययन करने से माया से दूरी और भक्ति की ओर मनुष्य बढ़ता है। क्योंकि जीवन में जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य का कुछ नहीं है। फिर भी मनुष्य मोह माया को छोड़ना नहीं चाहता। मनुष्य को जीवन में माता-पिता गुरु और गो रक्षा की सेवा जरूर करनी चाहिए।डी डी कश्यप ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु हरि जी महाराज को नमन करने के लिए प्रदेश व अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में भक्त अपने गुरु के दर्शन करने के लिए पहुंचे तथा गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि कुल्लू,मनाली, मंडी,विलासपुर,हमीरपुर, कांगडा, शिमला,सिरमौर आदि जिलों से हजारों की संख्या में शिष्यों ने हरि जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य के भागी बने। इसे मौके पर सभी को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया।
अपना बूथ, सबसे मजबूत अभियान के तहत भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने बुधवार को क्षेत्र की कई पंचायतों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती पर ज़ोर देते हुए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने और जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। विधायक डॉ. जनकराज ने बन्नी माता, सीलपड़ी, चुलाड़, सैंडा, गुवाड़ और तरेला गांवों का निरीक्षण किया और वहां पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने न केवल संगठनात्मक दिशा पर चर्चा की बल्कि आम लोगों की स्थानीय समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। दौरे के दौरान सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन पर निर्देश जारी किए। विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को भी ध्यान में रखते हुए चिकित्सीय परामर्श भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि जन सेवा है और वे उसी संकल्प के साथ आगे भी कार्य करते रहेंगे। डॉ. जनकराज ने कहा, जनता के बीच रहकर ही सही मायने में सेवा संभव है। संगठन तभी मजबूत होगा जब हर कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय और समर्पित रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है और फिलहाल लोगों को बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में 16 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, आज प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। खासकर कांगड़ा और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 और 12 जुलाई को मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड, जलभराव और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 13 से 16 जुलाई: 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना 13 जुलाई से 16 जुलाई तक, हिमाचल प्रदेश के ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मौसम फिर बिगड़ सकता है। इस अवधि के दौरान वर्षा का स्तर अधिक रहेगा और कुछ क्षेत्रों में विजिबिलिटी (दृश्यता) भी प्रभावित हो सकती है, विशेषकर सोलन, शिमला और सिरमौर में।मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि मानसून अब दक्षिण भारत की ओर थोड़ा शिफ्ट हो गया है, जिससे प्रदेश में कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता में कमी देखी गई है। हालांकि, हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
अटल शिक्षा कुञ्ज स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी और जेडीके एजुकेशन सोसाइटी ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में युवाओं के लिए कौशल-आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। आईईसी विश्वविद्यालय का मानना है कि बीबीएन क्षेत्र में उद्योगों और शैक्षिक संस्थानों के बीच कौशल का भरी अंतर है। इस अंतर को कम करने के लिए आईईसी यूनिवर्सिटी ने 'निर्भर कौशल' के तहत कौशल-आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इन कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उद्योगों में आवश्यक स्किल सिखाना है, जिससे उन्हें बेहतर नौकरी के अवसर मिल सकें। इन नए कोर्सेज को शुरू करने का मुख्य उदेश्य बीबीएन के छात्रों के प्रशिक्षण को प्रमाणित करना और हिमाचल के युवाओं को राज्य के भीतर ही बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान करना है। इन पढ़यक्रमों से स्थानीय उद्योगों की प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी और मेंटरशिप के माध्यम से उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहन भी मिलेगा।
राजस्व विभाग बिलासपुर में रिक्त पड़े पटवारी और कानूनगो के पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक और अवसर प्रदान किया गया है। उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा इन पदों पर अनुबंध आधार पर दोबारा नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि इच्छुक और पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवश्यक प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों सहित 23 जुलाई तक उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में जमा करवा सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिला बिलासपुर में 3 कानूनगो और 11 पटवारी के पद रिक्त हैं। ये पद आवश्यकता अनुसार कम या ज्यादा भी हो सकते हैं। इन पदों पर उन्हीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के किसी भी विंग में न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा की हो और जिन पर कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो। इसके लिए संबंधित अभ्यर्थी की आयु 31 अक्तूबर को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। दोबारा नियुक्ति पर कानूनगो को 30,000 रुपए तथा पटवारी को 25,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को जिला बिलासपुर के उन सर्कलों में तैनात किया जाएगा, जहां वर्तमान में पद रिक्त हैं। इससे विभागीय कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और राजस्व कार्यों में गति आएगी।
सिद्ध बाबा बालकनाथ धाम दियोटसिद्ध में गुरु पूर्णिमा के लिए वीरवार को दरबार सजेगा। पूरे भारत में मनाए जाने वाले गुरु-शिष्य के इस पवित्र पर्व की दियोटसिद्ध धाम में छटा अनोखी रहती है। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए प्रमुख गद्दी श्रीसिद्ध बाबा बालकनाथ गुफा दियोटसिद्ध एवं महंत बाबा बालकनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से महंत आवास पर दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार 9जुलाई को दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए नामदान समारोह का आयोजन किया गया। गुरु पूर्णिमा पर्व के मौके पर 10 जुलाई को सुबह 7 से शाम 4 बजे तक भी श्रद्धालुओं के लिए नामदान दीक्षा पाने का आयोजन किया गया है। महंत आवास प्रशासन की तरफ से दोनों ही दिन आखंड लंगर भंडारे का आयोजन भी किया गया है। महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरि के आदेशानुसार गुरु पूर्णिमा के समारोह के लिए महंत आवास को दुल्हन की तरह सजाया गया है। 9 जुलाई को शाम 5 से रात 10 बजे तक बाबा बालक नाथ की चौकी का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब के प्रसिद्ध गायक दीपक मान रोपड वाले व लखवीर लक्खा नवाँ शहर की जोड़ी प्रस्तुति देगी। 10 जुलाई को भी गुरु पर्व से जुडी सभी रस्मों को अदा करने के बाद बाबा की विशाल चौकी का आयोजन रहेगा ,जो सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।
देहरा ढलियारा फीडर की जरुरी मरम्मत व रखरखाव हेतू 11 जुलाई को 11 KV के अंतर्गत आने वाले गॉवदियारा , परागपुर, सुन्हेत, बडहूं, बघीन, बल्हार देहरा, दियारा . लोअर सुन्हेत , नेहरन पुखर ढलियारा की विद्युत् आपूर्ति सुबह 9.00 बजे .से 4.00 बजे तक बाधित रहेगी | मौसम खराव होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा | यह जानकारी सहायक अभियन्ता विद्युत् उप मंडल देहरा ने दी है तथा उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है
राजकीय माध्यमिक विद्यालय सायरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सायरी द्वारा राष्ट्रीय डेंगू दिवस एवं नशा मुक्ति दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सायरी द्वारा स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया तथा समाज में फैल रहे जानलेवा नशे के दुष्परिणामों के बारे जानकारी दी गई। विद्यालय में बच्चों के लिए नशे व डेंगू दिवस पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। विद्यालय प्रधानाचार्या इन्दु शर्मा द्वारा बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा अन्य छात्रों को भी भविष्य में ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कनिका कक्षा दस जमा दो, द्वितीय स्थान महक कक्षा दस जमा दो, तृतीय स्थान हितेश कक्षा दस जमा दो विजेता रहे। नशा मुक्ति दिवस चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नरेंद्र कक्षा दस जमा दो, द्वितीय स्थान सोनाक्षी आठवीं कक्षा को दिया। विद्यालय प्रधानाचार्य ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता व नशे के विरुद्ध सशक्त संदेश प्रसारित करना था। इस मौके पर विद्यालय अध्यापक व स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर क्षय रोग अस्पताल चम्बा में आज मरीजों में फल बांटे गए। राजा वीरभद्र फ़ाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्व. वीरभद्र सिंह को याद किया गया। इस मौके पर फाउंडेशन के ट्रस्टी नवीन चौणा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक जननायक और निस्वार्थ शख्सियत कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक कुशल वैद्य मरीज की नब्ज पकड़ते ही मर्ज का पता लगा लेता है और इलाज करता है, उसी तरह पूर्व मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह भी हिमाचल की जनता की नब्ज से वाकिफ थे। उन तक पहुंचने वाले हर फरियादी को उन्होंने कभी खाली हाथ नहीं लौटाया। वे स्वभाव से ही संघर्षशील थे। उन्होंने कहा कि 6 बार हिमाचल के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने वाले वीरभद्र सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता का भरपूर स्नेह हासिल किया। वे लोगों के दिलों में राज करते थे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह निर्णय लेने और उन्हें हकीकत में बदलने के लिए जाने जाते रहे। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश का सर्वांगीण विकास करवाया। इस मौके पर एनएसयूआई कैंपस अध्यक्ष आर्यन भारद्वाज सहित एनएसयूआई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न की अध्यक्षता में आज ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के तहत लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह खुंडियां में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान विधायक संजय रत्न ने चंगर क्षेत्र के अंतर्गत 25 पंचायतों के 20 पटवार क्षेत्र के लोगों से सीधा संवाद करते हुए बिजली ,पानी , डंगों, शमशान घाट, सड़क मरम्मत ,पंचायतीराज विभाग व राजस्व विभाग से संबंधित 190 शिकायतें व समस्याओं को सुना और 100 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। साथ बची हुई 90 शिकायतों का एक महीने के भीतर निपटारा करने को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संजय रत्न ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से जहां एक ओर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है वहीं लोगों द्वारा रखी जा रही विभिन्न मांगों से क्षेत्र की आवश्यकताओं की जानकारी भी सरकार के समक्ष पहुंच रही है । उन्होंने कहा कि इलाके की समस्याओं को हल कर लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता और समयबद्ध पूरा करने के लिए सरकार ने सभी विभागों को आदेश दिये हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार कि असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रत्येक गांव को सड़क सुविधा के साथ जोड़ना उनकी विशेष प्राथमिकता में शामिल है।सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा हर पहलू को ध्यान में रखा गया है। संजय रत्न ने लोगों द्वारा रखी जा रही विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन की टीम ज्वालामुखी के कार्यों की सराहना भी की। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम को हिमाचल प्रदेश में शुरू किया गया है । विधायक ने कहा कि कल भी उन्होंने ग्राम पंचायत टिप्परी ,जरूण्डी, पीहडी और नाहलियां के गांवों में क्षतिग्रस्त हुए डंगो , पानी की पाइपों ,सड़क, भारी बारिश के कारण आसपास के घरों में भूस्खलन के वजह से हुए नुकसान की स्थिति का भी जायजा लिया था और आज भी वह चंगर क्षेत्र की पंचायतों का बरसात से हुए नुकसान का निरीक्षण करेगें। इस अवसर पर एसडीएम ज्वालामुखी डॉ संजीव शर्मा, तहसीलदार शिवानी भारद्वाज, खंड विकास अधिकारी अंशु चंदेल, उप पुलिस अधीक्षक राम प्रसाद जयसवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक शर्मा, बिजली बोर्ड करणवीर सिंह , जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
करसोग क्षेत्र में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं के आपदाग्रस्त परिवारों की सहायता के उद्देश्य से पांगणा और इसके आसपास के क्षेत्रों में एक संगठित और मानवीय संवेदना से परिपूर्ण राहत अभियान चलाया जा रहा है, जो पांचवें दिन भी पूरी निष्ठा, समर्पण और उत्साह के साथ जारी रहा। स्थानीय स्वयंसेवकों, युवाओं, शिक्षक समुदाय और समाजसेवियों की टीमों ने बाजारों और गाँव-गाँव, घर-घर जाकर लोगों से सहायता राशि एकत्रित की। इस प्रयास के परिणामस्वरूप पहले दिन ₹29,071, दूसरे दिन ₹43,460, तीसरे दिन ₹19,651, चौथे दिन ₹54,622 और पाँचवें दिन ₹59,748 की राशि जुटाई गई। अब तक कुल ₹2,06,552 की सहायता राशि एकत्र हो चुकी है, जो प्रभावित परिवारों के तात्कालिक पुनर्वास और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। राहत अभियान की पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करते हुए आज से ऑफलाइन सहयोग राशि संग्रहण बंद कर दिया गया है, जबकि डिजिटल या ऑनलाइन माध्यम से सहयोग भेजने की अंतिम तिथि 9 जुलाई दोपहर 12:00 बजे निर्धारित की गई है। इसके उपरांत सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे संबंधित बैंक खाते में कोई भी राशि न भेजें, जिससे अभियान की समापन प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूर्ण किया जा सके। इस जनसहयोग अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें पांगणा क्षेत्र की अनेक सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक और प्रशासनिक इकाइयों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। व्यापार मंडल पांगणा, ग्राम पंचायतें – कलाशन, मशोग, सूई-कुफरीधार, सरही, चुराग – के प्रतिनिधियों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि स्वयं भी क्षेत्र में घूमकर जनसंपर्क किया। विद्यालय प्रबंधन समितियाँ (SMC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), यूथ क्लब, इको क्लब, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी और बुद्धिजीवियों ने मिलकर जनमानस को इस नेक कार्य से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया। इस अभियान की सफलता में प्रशासनिक अधिकारियों और समाजसेवियों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही।
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने आपदा के दौर में सुक्खू सरकार द्वारा निगम बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों मानदेय में भारी बढ़ोतरी किए जाने पर कहा कि प्रदेश में आर्थिक बदहाली का रोने वाले सरकार आए दिन नए कारनामें कर रही है। सरकार आपदा पीड़ितों की मदद करने की बजाए अपने चेहतों को रेबड़ियां बांट रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कह रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सत्ता लोभ में झूठी घोषणाएं कर प्रदेश को कर्ज़ के बोझ में दबाया जा रहा है। सुक्खू सरकार ऋण प्रदेश के विकास के लिए नहीं अपनों के वेतन बढ़ाने व अपने विकास के लिए ऋण ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग तीन सालों से कांग्रेस सरकार ने जनता को मुर्ख बनाया है। विश्व चक्षु ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों व ठेकेदारों को देने के लिए पैसा नहीं है परंतु अपनी मौज-मस्ती के लिए सरकार दोनों हाथों से पैसा खर्च कर रही है। प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, सरकार गरीबों के हकों को छीनने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सुक्खू सरकार ने भवन निर्माण और कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के मानदेय में सीधे एक लाख रुपये की बढ़ोतरी कर दी, जबकि पहले उन्हें 30 हजार रुपये मानदेय मिलता था। उन्होंने कहा कि सुक्खू ने जो व्यवस्था परिवर्तन की शुरुआत की है उससे हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में कई वर्ष पीछे चला गया है। हिमाचल प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू मित्रों को खुश करने में लगे हुए हैं। मित्रों और मंत्रियों की ऐश में कोई कमी नहीं है, जबकि इसके विपरीत कर्मचारियों को उनके हक के लिए तरसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। भाजपा लगातार पीड़ित परिवारों को राशन मुहैया करवा रही है। उनकी हर संभव मदद को आगे आ रही है, जबकि प्रर्देश के मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर में बैठकर आसमान पर मंडरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान ज़मीनी स्तर पर कैसे काम होता है यह सुक्खू सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान जो वायदे जनता से किए थे उन्हें भी सरकार आजदिन तक पूरा नहीं कर सकी है। विकास के नाम पर झूठी घोषणाएं करके जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुक्खू ने अपने चेहतों के वेतन में बढ़ोतरी कर उन कर्मचारियों के मुहं पर तमाचा मारा है जो कर्मचारी पहले से ही पेंडिंग डीए और एरियर को लेकर सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं।
प्रदेश पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन के संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर, श्यामलाल ठाकुर, सतपाल शर्मा, जसवीर सिंह, नेकीराम, नागेंद्र ठाकुर, प्रेम कंवर,दीप राम ठाकुर, रतिराम शर्मा, संतराम चंदेल, पतराम पवर, चमन लाल, वेद ठाकुर, पुष्पा सूद ,जीत सिंह, धर्म सिंह ठाकुर, श्यामलाल भाटिया व समस्त कार्यकारिणी ने संयुक्त बयान में प्रदेश सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दुख प्रकट किया। इस सरकार को ऐसे समय में जबकि पूरा हिमाचल बरसात की आपदा में हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है। सैकड़ो जाने जा चुकी है मगर शर्म की बात है कि यह सरकार अपनी मानवता को भुलाते हुए भी अपने निगमों बोर्डो के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों का मानदेय दुगना किया जा रहा है। जबकि इन्हें पहले ₹30000 मासिक मानदेय मिलता था उसके साथ अब सारे भत्ते बढ़कर करीब 1,11000 इन्हें अदा करने के आदेश पारित किए गए हैं। जिसकी पूरे प्रदेश में निंदा की जा रही है जबकि ऐसे समय में कर्मचारी व पेंशनरों से सहायता कोष में अपने एक दिन की पेंशन मांगी जाती है लेकिन इनका यह कर्म देखिए जो की पूरे देश प्रदेश में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा। जिसको यह सरकार कर रही है। पेंशनर अपने देन दारीयो के बारे अपने एरियर व अपने मेडिकल बिल डी ऐ के बारे जो उनके हक के बनते हैं। उसकी मांग करती है तो प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति बदहाल हो जाती है। जब इन्हें अपने माननीय के वेतन भत्ते बढ़ाने होते हैं तो तब आर्थिक स्थिति कहां चली जाती है क्योंकि सरकार को बचाने के लिए एक किस्म का मानदेय बढ़ाकर लालच देने का कार्य कि या है। इस प्रकार के निंदनीय कार्य आज तक किसी भी सरकार में ऐसे फैसले नहीं दिए गए। यह सरकार अपने लाभ के लिए कर रही है जबकि सालों से जो पेंशनर गंभीर बीमारी से पीड़ित है उनके लाखों रुपए के मेडिकल बिल सरकार के पास पेंडिंग है। बार-बार मांग करने पर भी इन्हें कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। बिना मेडिकल बिलों के भुगतान ना होने पर भी बेमौत मारे जा रहे हैं। जिनकी बददुआएं भी सरकार पर पड़ेगी और इन्हें ले डूबेगी। इस बात का भी अफसोस है की जो प्रदेश के संगठन पेंशनरों ने बनाई थी वह अपने बजुद की लड़ाई में मसरूफ है जिनमें कई-कई गुट बन चुके हैं जिनके कारण भी सभी पेंशनर्स परेशान है। यह लोग अपनी कुर्सी के पीछे पड़े हैं इन्हें कोई पेंशनर से लेना देना नहीं है जब इनकी एक जुटता ही नहीं होगी तो सरकार पर यह क्या दवाब डालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि 3 प्रतिशत डी, ऐ 70 साल के ऊपर के पेंशनर को जून में दिए जाएगा। लेकिन उसके बारे कोई घोषणा नहीं की जा रही है।
जब कर्मचारियों पेंशनरों की बात आती है तो सरकार को वित्तीय संकट आड़े आता है लेकिन अब प्रदेश अध्यक्षों, उपाध्यक्षों के मानदेय में सरकार द्वारा की गई बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ता। यह शब्द पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक में गुंजी। पेंशन भवन तालाब कुनिहार में प्रधान विनोद जोशी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशनर एसोसेशन के कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा कई विषयों पर चर्चा की गई। सर्व प्रथम बैठक में 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों की बकाया एरियर का 30 प्रतिशत देने का धन्यवाद करते हुए पेंशनरों ने कहा कि इसमें सरकार ने कोताही की है । जबकि सरकार ने 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरा एरियर देने को कहा था। पेंशनरों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद यह बयान दिया था। पेंशनरों ने कहा कि संशोधित वेतन एरियर और महंगाई भत्ते की किस्तों का तुरंत भुगतान करने के आदेश पारित करें। अन्यथा पेंशनरों को अब संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार की महंगाई भत्ते की बकाया किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग भी की। सेवानिवृत कर्मचारियों की एकमुश्त की एवज में 15 वर्ष तक कटने वाली राशि को भी घटाकर 10 वर्ष 8 माह के पश्चात पेंशन के साथ समायोजित करने के आदेश दिए जाए। वहीं 65 , 70 और 75 वर्ष के सेवानिवृत कर्मचारियों को 5 , 10 व 15 प्रतिशत के लाभ को मूल वेतन पर देकर पेंशन में समायोजित किया जाना चाहिए। बैठक में सरकार से अनुरोध किया गया कि जे सी सी की बैठक भी जल्द बुलाई जाए। ताकि लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जा सके। इस प्रकार सेवा निवृत कर्मचारियों से अन्याय न किया जाए। वही बैठक में कार्यकारणी सदस्य दिला राम पंवर, गोपाल पंवर,, ज्ञान चंद जोशी, सूर्य कांत जोशी, वीरेंद्र सिंह, श्याम चंद परिहार, डी एन परिहार, दीप राम, राजेंद्र शर्मा, राम स्वरुप सहित आदि पेंशनर मौजूद रहे।
एनएसयूआई के जिला कांगड़ा के उपाध्यक्ष नीरज राणा ने मंडी में आपदा से पीड़ित लोगों की मदद के लिए ज्वालामुखी विधानसभा तथा अन्य क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया है। नीरज राणा ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेशाध्यक्ष एनएसयूआई टोनी ठाकुर की अध्यक्षता में ये सहयोग मुहिम चलाई गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जहां भी मदद की जरूरत होगी वे अपनी टीम के साथ खड़े रहेंगे। उनका कहना है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है मदद करने के लिए दिल चाहिए। राणा ने कहा कि एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष टोनी ठाकुर जिला मंडी एनएसयूआई टीम के साथ सिराज , थुनाग , बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पैदल पहुंचकर राहत सामग्री वितरित करने में लगे हुए है। टोनी ठाकुर ने अन्य संगठनों व एनजीओ से भी अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल भड़ोली कोहाला में क्लस्टर संसाधन साझेदारी कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया । कार्यक्रम में GMS धनोट और GHS बंडोल के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय के आधुनिक संसाधनों और प्रयोगशालाओं से रूबरू कराना तथा नवाचार और सहयोगात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करना था। विद्यार्थियों ने एस्कॉर्ट शिक्षकों के साथ मिलकर वर्चुअल रियलिटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर लैब, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, एस्ट्रोनॉमी लैब, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब, गणित एवं भाषा प्रयोगशाला और पुस्तकालय का अवलोकन किया। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, गणित, भाषाओं और खगोलशास्त्र से संबंधित गतिविधियों में भाग लेकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत छात्रों ने मलयालम भाषा में प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से क्लस्टर स्कूलों के छात्रों ने GSSS भड़ोली कोहाला के वरिष्ठ छात्रों से संवाद किया, जो इस क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पहल रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रधानाचार्य रवींद्र शर्मा ने की, जिन्होंने समावेशी शिक्षा और संसाधन साझा करने पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में विपिन शर्मा (सेवानिवृत्त उपनिदेशक), केसी दत्ता (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य) तथा विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया, प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के कार्य की सराहना की। कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई और इसके बाद खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
सेर क्लीन सुधार सभा वार्ड नं 13 की मासिक बैठक में सभा की नई कार्यकारिणी का गठन हेमशंकर शर्मा की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से सफलतापूर्वक किया गया। सभा की नई कार्यकारिणी का गठन आगामी कार्यकाल (3 वर्षों) के लिए किया गया है। यह कार्यकारिणी सभा के उद्देश्यों एवं मूल्यों को समर्पित भाव से आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्ध है। नई कार्यकारिणी में मंझा राम तीसरी बार अध्यक्ष चुने गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए एल.आर. दहिया, उपाध्यक्ष कैलाश डोगरा (बंटी) और जगदीश गर्ग चुने गए। जबकि महासचिव वेणी प्रसाद को बनाया गया। इसके अलावा संगठन महासचिव विनोद ठाकुर, कोषाध्यक्ष के.के. शर्मा, लेखा परीक्षक के.एल. शर्मा, सलाहकार नरेंद्र कुमार शर्मा, विधि सलाहकार हिमांशु कांडल को चुना गया। इसके अलावा संयुक्त सचिव रितेश शर्मा, संगठन सचिव उमेश कमल और मीडिया सलाहकार एवं प्रेस सचिव आदर्श टेगटा को नियुक्त किया गया।
मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अभी भी 235 सड़कें, 163 बिजली ट्रांसफार्मर और 174 पेयजल योजनाएं ठप हैं। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश को 692 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जिला मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मानसून सीजन में सामान्य से 37 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है। 20 जून से सात जुलाई तक प्रदेश में 197.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस अवधि में 144 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम और शेष जिलों में अधिक बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर में सामान्य से 59, हमीरपुर में 87, कांगड़ा में 45, कुल्लू में 36, मंडी में 111, शिमला में 96, सिरमौर में 62, सोलन में 50 और ऊना में 105 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई। उधर, 30 जून से सात जुलाई तक एक सप्ताह के दौरान प्रदेश में सामान्य से 43 फीसदी अधिक बारिश हुई। मंडी में सामान्य से 198, ऊना में 192, शिमला में 176 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई।
हिमाचल में बीते सप्ताह भारी नुकसान पहुंचाने के बाद मानसून की रफ्तार कुछ कमजोर हो गई है। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के पूर्वानुमान के साथ 13 जुलाई तक मौसम साफ रहने की संभावना है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में धूप खिली। सिर्फ कांगड़ा में बूंदाबांदी हुई। राजधानी शिमला सहित प्रदेश में कई जगह सोमवार को दिन भर मौसम साफ रहा। धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 8, 9 और 10 जुलाई को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और 11, 12 और 13 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का पूर्वानुमान है। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। मंगलवार को बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ की संभावना है। इस बीच, रविवार रात को बीबीएमबी में 58, नंगल डैम में 56, बरठीं में 44.6, ऊना में 43.0, श्री नयना देवी में 36.4 और गोहर में 29 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
** 10 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर होगा गुरु-शिष्य मिलन कार्यक्रम कुनिहार (सोलन): विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी स्थित बांके बिहारी मंदिर में छह दिवसीय कृष्ण कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक और प्रसिद्ध आचार्य हरिजी महाराज का पट्टाबरावरी पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। हरिजी महाराज ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना की और कथा का विधिवत शुभारंभ किया। कथा के पहले दिन उन्होंने भगवान कृष्ण की विविध लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान प्रत्येक कण में व्याप्त हैं और उनका स्मरण जीवन के हर क्षण में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम सुख में भी भगवान को याद करें, तो दुख हमारे समीप नहीं आएगा। आचार्य हरिजी महाराज ने गुरु भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु के प्रति समर्पण से शिष्य अपने सभी पापों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से कृष्ण कथा का श्रवण करते हैं, उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा राष्ट्र को कमजोर कर रहा है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करें, ताकि वे अच्छे नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों का सम्मान अवश्य करना चाहिए। इस आयोजन की जानकारी हरि सेवाधाम ट्रस्ट, पट्टाबरावरी के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी। उन्होंने आसपास की ग्राम पंचायतों हरिपुर और जाबल जमरोट के लोगों से आग्रह किया कि वे इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें।
थाना केलांग की पुलिस टीम ने सहायक उपनिरीक्षक रणबीर सिंह (इंचार्ज TTR विंग) के नेतृत्व में बिलिंग पुल के पास नियमित नाका एवं ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक वाहन को जांच के लिए रोका, जो तांदी से केलांग की ओर जा रहा था। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से एक कार्टन बरामद हुआ, जिसमें कुल 13 कांच की बोतलें मिलीं। इसमें 6 बोतलें अंग्रेजी शराब तथा 7 बोतलें देसी शराब की पाई गईं। वाहन चालक उक्त शराब के परिवहन हेतु कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस थाना केलांग में मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ सीजन 2025 के लिए मक्की व धान की फसलों के बीमा की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मक्की व धान की फसलों के लिए बीमित राशि 60,000 रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। इस योजना के तहत 1 जुलाई से 7 जुलाई तक "बीमा सप्ताह" मनाया जा रहा है, विभिन्न स्थानों पर कैम्प आयोजित किए जाएंगे, जिनमें किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा ही सी एस सी के वि एल ई को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। गैर-ऋणी किसानों से अनुरोध है कि वे अपने राजस्व पत्रों तथा पटवारी द्वारा सत्यापित फसल बिजाई प्रमाणपत्र सहित नजदीकी लोकमित्र केंद्र जाकर अपनी मक्की व धान की फसलों का बीमा अवश्य करवा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण बुआई या रोपण न हो पाने की स्थिति, फसल के बुआई से लेकर कटाई तक के दौरान सूखा, लंबे समय तक शुष्क मौसम, कीट व रोग, बाढ़, जलभराव जैसी परिस्थितियों, कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा या असमय वर्षा से होने वाले नुकसान तथा ओलावृष्टि, भूस्खलन व जलभराव जैसी स्थानीयकृत आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
प्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 4 जुलाई तक 72 लोगों की जान गई है। 113 लोग घायल हुए हैं। 251 मवेशियों की माैत हुई है। 122 से अधिक घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 208 गोशालाएं भी तबाह हो गईं। नुकसान का आंकड़ा 54,109.17 लाख रुपये तक पहुंच गया है। सड़क हादसों में 27 लोगों की माैत हुई है। वही बीते 24 घंटों के दाैरान जोगिंद्रनगर में 52.0, नाहन 28.8, पालमपुर 28.8, पांवटा साहिब 21.0, ऊना 18.0, बरठीं 17.4, कांगड़ा 15.6 और श्री नयना देवी में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक 261 सड़कें ठप रहीं। राज्य में 300 बिजली ट्रांसफार्मर और 281 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित चल रही हैं। सबसे अधिक 176 सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। कुल्लू में 39 व सिरमाैर जिले में 19 सड़कें बाधित हैं।
पधर उपमंडल की चौहारघाटी की ग्राम पंचायत सिल्हबुधाणी के कोरतंग गांव में रविवार रात करीब 12 बजे बादल फटने की घटना से क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। गांव के साथ लगते नाले में अचानक आए सैलाब से एक वाहन योग्य पुल सहित तीन पैदल पुल (पुहुली) बह गए हैं। नाले के किनारे बसे ग्रामीणों की मलकियत उपजाऊ भूमि, खड़ी फसलें और बागीचे पानी व मलबे में समा गए हैं। पंचायत प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर और बीडीसी सदस्य कमला ठाकुर ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में गांव को गंभीर खतरा बना हुआ है। नाले के तेज बहाव और कटाव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत प्रधान की ओर से एसडीएम पधर को एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और संभावित खतरे का ब्यौरा देते हुए शीघ्र राहत एवं सुरक्षा उपायों की मांग की गई है। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रशासनिक टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दाैर लगातार जारी है। बीते 24 घंटों के दाैरान जोगिंद्रनगर में 52.0, नाहन 28.8, पालमपुर 28.8, पांवटा साहिब 21.0, ऊना 18.0, बरठीं 17.4, कांगड़ा 15.6 और श्री नयना देवी में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक 261 सड़कें ठप रहीं। राज्य में 300 बिजली ट्रांसफार्मर और 281 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित चल रही हैं। सबसे अधिक 176 सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। कुल्लू में 39 व सिरमाैर जिले में 19 सड़कें बाधित हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 7 व 8 जुलाई के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर जिले के कुछ स्थानों पर भारी से अत्याधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। विभाग के अनुसार 5 से 9 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 10 और 11 जुलाई कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वही 5 व 9 जुलाई तक 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 6 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला व सोलन जिले के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट। 7 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमाैर के लिए ऑरेंज अलर्ट। 8 जुलाई को ऊना, हमीरपुर, चंबा व कांगड़ा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट, अन्य जिलों के लिए येला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू कर दी है। डिजिटल तकनीक एवं शासन विभाग (डीडीटीजी) की इस पहल के तहत अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में लाभार्थियों का सत्यापन स्मार्टफोन कैमरे के जरिए चेहरे की स्कैनिंग से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल तकनीक एवं शासन) गोकुल बुटेल ने बताया कि यह व्यवस्था देश में पहली बार हिमाचल प्रदेश में लागू की गई है। इससे पहले सत्यापन के लिए ओटीपी और बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होता था, लेकिन इसमें एसएमएस डिलीवरी और बायोमेट्रिक मिलान में कई बार दिक्कतें आती थीं, जिससे राशन वितरण में देरी होती थी। नई फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली एक सुरक्षित मोबाइल ऐप के जरिए संचालित होती है और यह नेटवर्क या बायोमेट्रिक हार्डवेयर पर निर्भर नहीं करती। इससे सत्यापन की सफलता दर में सुधार हुआ है और प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बदलाव के बाद लाभार्थियों को उनका राशन समय पर मिलना शुरू हो गया है, जिससे पीडीएस प्रणाली में विश्वसनीयता बढ़ी है। गोकुल बुटेल ने बताया कि यह तकनीक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशानुसार शुरू की गई है।
हिमाचल प्रदेश राजभवन परिसर में भगवान श्रीराम की दिव्य प्रतिमा स्थापना की पहली वर्षगांठ शुक्रवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव से मनाई गई। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में लेडी गवर्नर श्रीमती जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और विशेष रूप से आयोजित पूजन समारोह में भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि यह दिव्य प्रतिमा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों की प्रतीक है। श्रीराम के जीवन से हमें सत्य, धर्म, विनम्रता और न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि रामराज्य की भावना को जन-जन के हृदय और घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सुशासन, करुणा और निःस्वार्थ सेवा जैसे मूल्य आज के सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं, और इन आदर्शों को समाज में व्यापक रूप से प्रसारित करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नारायण लाल नड्डा के 100वें जन्मदिवस के अवसर पर, शनिवार को बिलासपुर में एक खास पहल की शुरुआत हुई। नड्डा परिवार ने चेतना संस्था और कृष्णा उत्कर्ष संस्था के सहयोग से जिले के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर-घर जाकर मुफ्त इलाज देने वाली मोबाइल स्वास्थ्य वैन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सेवा की घोषणा पहले ही वीरवार को कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि यह वैन बिलासपुर जिले के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर उन्हें निशुल्क चिकित्सा परामर्श और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। मोबाइल हेल्थ वैन सेवा का उद्देश्य ग्रामीण और असहाय लोगों को उनके घर द्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना है, जिससे वे आसानी से लाभान्वित हो सकें। नड्डा परिवार की इस सामाजिक पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा है, और उम्मीद जताई है कि यह सेवा क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
हाल ही में करसोग क्षेत्र में आई आपदा के पीड़ितों की सहायता हेतु पांगणा उपमंडल के कर्मचारियों ने एक सराहनीय पहल की है। सहायक अभियंता अंकुश धीमान के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ₹11,000 की राहत राशि एकत्र की, जिसे तहसीलदार पांगणा के माध्यम से उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) करसोग को सौंपा गया। इस अवसर पर वरिष्ठ सहायक प्रताप सिंह, जूनियर इंजीनियर यंकुश कुमार, रंजीत, और जेओए सुनील कुमार सहित उपमंडल के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। यह योगदान कर्मचारियों की संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और एकजुटता का प्रतीक है। सभी कर्मचारियों ने यह संकल्प भी लिया कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की आपदा आती है, तो वे एकजुट होकर हरसंभव सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।
भारत और नेपाल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को एक नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से 'इंडो-नेपाल टूर एंड ट्रैकिंग ग्रुप' की औपचारिक शुरुआत सुबाथू में की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेना मेडल और वशिष्ठ सेना मेडल से सम्मानित पूर्व मेजर जनरल अतुल कौशिक रहे। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के बीच सदियों पुराने भाईचारे और सांस्कृतिक संबंधों को यह ग्रुप और अधिक सशक्त करेगा। मेजर जनरल कौशिक ने बताया कि इस ग्रुप के माध्यम से ट्रैवलिंग और ट्रैकिंग के शौकीन अब नेपाल की सुरम्य वादियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही, भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर और भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं की आस्था को भी मजबूती मिलेगी। ग्रुप का संचालन सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर धन बहादुर करेंगे, जिन्हें सेना में रहते हुए पर्यावरण संरक्षण, ट्रैकिंग तकनीक और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। अब वे इसी अनुभव के बल पर युवाओं को ट्रैकिंग के दौरान प्रशिक्षित करेंगे। इस अवसर पर ग्रुप के सदस्य दीपक और नरेंद्र के साथ रिटायर्ड कर्नल विजेंदर, शौर्य चक्र विजेता देवेंद्र थापा, सुबाथू छावनी बोर्ड के नामित सदस्य रवि शर्मा, मनोज शर्मा, विनोद मारवाह और दीपक तमांग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कांगड़ा पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए टांडा मेडिकल कॉलेज के समीप एक निजी गेस्ट हाउस में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस थाना कांगड़ा में 3 जुलाई को सूचना प्राप्त हुई कि टांडा मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थित गेस्ट हाउस में बाहरी राज्यों से लड़कियां आकर देह व्यापार में शामिल थीं। डीएसपी अंकित शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया और एक संयुक्त योजना के तहत दो व्यक्तियों को ग्राहक बनाकर गेस्ट हाउस भेजा। जब वे वहां पहुंच गए, तो दोनों टीमों ने संयुक्त दबिश दी और दो लड़कियों को गेस्ट हाउस से रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि देह व्यापार करवाने वाली महिला नीतू राजपूत उम्र 35 वर्ष, मनीमाजरा पंजाब को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस थाना कांगड़ा में (ITPA) के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएसपी अंकित शर्मा ने बताया कि दोनों पीड़िताओं को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है और उन्हें 4 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। इस देह व्यापार में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस उपमंडल अधिकारी, कांगड़ा, प्रभारी पुलिस थाना कांगड़ा, संजीव कुमार और 10 अन्य पुलिस कर्मियों ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की टीम ने अपनी मुस्तैदी और योजना के तहत इस देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। डीएसपी अंकित शर्मा ने बताया कि पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और देह व्यापार में संलिप्त अन्य दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


















































