एक सप्ताह से पानी की तंगी जारी लोग प्राकृतिक जलस्रोतों पर आश्रित, गंदे पानी की वजह से बीमारियां फैलने का डर सोलन शहर में पेयजल संकट लगातार बना हुआ है। बीते कल सुबह ही गिरि और अश्वनी पेयजल स्कीमें बाधित हो गईं। इसके बाद नगर निगम को जिन वार्डों में पानी की सप्लाई देनी थी, उस पर भी रोक लगा दी जिसके चलते लोगों को नौवें दिन भी पानी नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि जलशक्ति विभाग ने गिरि और अश्वनी दोनों योजनाओं में मोटरों में कुछ तकनीकी खराबी के चलते पानी की सप्लाई बंद कर दी। लेकिन जलशक्ति विभाग द्वारा ऐसा कहा जा रहा है कि दोपहर बाद पानी की सप्लाई को व्यवस्थित कर दिया गया। इसमें शहर में लगभग 71 लाख लीटर पानी ही टैंकों में पहुंचा जिससे शहर में लोग जलसंकट से परेशान हैं। इससे अब कई वार्डों के लोग प्राकृतिक जलस्रोतों पर आश्रित हो गए हैं जिसके चलते पानीजनित रोगों के फैलने का भी खतरा बन गया है। क्योंकि अधिकतर प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी पीने लायक साफ नहीं होता है। इन वार्डों में पानी सप्लाई होना था मंगलवार को शहर के वार्ड नंबर-6 व 2 के साथ-साथ ऑफिसर कॉलोनी, न्यू और ओल्ड कथेड़ में सुबह पानी की सप्लाई सुचारू थी लेकिन जैसे ही मोटरें ख़राब हो गईं, यहां की सप्लाई रोक दी गई। हालाँकि निगम ने दावा किया कि दोपहर बाद फिर से सप्लाई सुचारू कर कुछ इलाकों में पानी दे दिया गया। एक सप्ताह से पानी की तंगी जारी शहर में पेयजल का अभाव एक सप्ताह से है। चुकी बारिश के कारण गिरि और अश्वनी योजना में गाद आ जाने के चलते जलशक्ति विभाग ने सप्लाई पर रोक लगा दिया। हालांकि फिर से जब सप्लाई की गई तो मटमैला पानी आने लगा। वहीं अभी दो दिन से शहर में हल्की पानी की सप्लाई होना शुरू ही हुआ था कि मंगलवार को दोबारा से किल्लत हो गई। जलशक्ति विभाग सहायक अभियंता एन सिंह ने बताया कि सुबह में कुछ देर मोटरों में परेशानी आई थीं लेकिन दोपहर बाद नगर निगम के लिए पानी की सप्लाई दे दी गई थी। अब निगम को पर्याप्त सप्लाई हो रही है। महापौर,नगर निगम,सोलन उषा शर्मा ने बताया कि जलशक्ति विभाग ने अचानक सुबह मोटरें बंद कर दी जिससे गिरि और अश्वनी योजना से सप्लाई रुक गई। इसकी वजह से टैंकों में पानी नहीं आ पाया। हालाँकि पहले से आए पानी से कुछ इलाकों में पानी दिया गया। उन्होंने कहा कि जैसे ही सप्लाई पूरी मिलने लगेगी तो शहर में पर्याप्त पानी कि आपूर्ति कर दी जाएगी ।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना, महेंद्र पाल गुर्जर ने जानकारी दी है कि जिला में भू-मालिकों की भूमि से संबंधित रिकॉर्ड को उनके आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुलभ बनाना है। एडीसी ने बताया कि जिला ऊना में अभी भी कई भू-मालिकों की आधार और मोबाइल सीडिंग का कार्य शेष है। उन्होंने सभी भू-मालिकों से आग्रह किया है कि वे शीघ्र अपने क्षेत्र के संबंधित पटवारी से संपर्क करें और अपनी भूमि की आधार व मोबाइल सीडिंग की प्रक्रिया को पूर्ण करवाएं। पटवारी के पास जाते समय अपना आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर जाना सुनिश्चित करें ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राजकीय महाविद्यालय सुबाथू में मंगलवार को फ्रेशर पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विविध रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में मिस्टर फ्रेशर के रूप में बी.ए. प्रथम वर्ष के अक्षत तथा मिस फ्रेशर के रूप में बी.ए. प्रथम वर्ष की अंजली चुने गए। प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कश्यप ने मिस्टर एवं मिस फ्रेशर को सम्मानित किया तथा सभी विद्यार्थियों को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं सभी छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे ।
हिमाचल प्रदेश आए दिन मौसम की मार झेल रहा हैं। बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाएं रोज देखने को मिल रही है। वहीं अब मानसून के बाद प्रदेश में भूकंप अपना केहर बरपा रहा है। आज सुबह करीब 3:27 मिनट पर चम्बा जिले में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलोजी (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप का पहला झटका सुबह करीब 3:27 मिनट पर महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 3.3 मापी गई वहीं दूसरा झटका 4:39 मिनट पर महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 4.0 मापी गई। भूकंप के झटकों के बाद लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेसवाल ने कहा कि भूकंप के झटकों से जिले में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला की तस्वीरें लेना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354D के तहत पीछा करने के अपराध की श्रेणी में नहीं आता, जब तक कि महिला ने स्पष्ट रूप से आपत्ति न जताई हो और आरोपी ने फिर भी बार-बार संपर्क करने की कोशिश की हो। यह फैसला न्यायमूर्ति राकेश कैंथला ने एक अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने कहा कि पीछा करने की परिभाषा के अंतर्गत अपराध सिद्ध करने के लिए यह आवश्यक है कि आरोपी बार-बार किसी महिला से संपर्क करने की कोशिश करे, जबकि महिला ने असहमति व्यक्त की हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी महिला की इंटरनेट, ईमेल या इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों से निगरानी की जाती है, तो वह जरूर "पीछा करने" की परिभाषा में आ सकता है। लेकिन केवल तस्वीरें लेना, जब तक कि इसमें बार-बार संपर्क की कोशिश या निगरानी शामिल न हो, कानून की दृष्टि से पीछा करना नहीं माना जा सकता। मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता ने उसकी पत्नी की तस्वीरें ली थीं। कोर्ट ने पाया कि शिकायत में ऐसा कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि याचिकाकर्ता ने महिला का पीछा किया या बार-बार उससे संपर्क करने की कोशिश की। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में उसे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। इस आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। यह फैसला पीछा करने के मामलों में कानूनी व्याख्या और अधिकारों की स्पष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बीते रात भारी बारिश हुई है। कई जगहों पर बादल फटे तो कई जगह पर भूस्खलन हुए हैं। इसके चलते कल मंगलवार तक प्रदेश में एक NH सहित 357 सड़कें बंद रहीं। कुल्लू में फ्लैश फ्लड की वजह से काफी नुकसान हुआ है। कुल्लू के शास्त्रीनगर और गांधीनगर में सड़क पर खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं और साथ ही कई घरों व दुकानों में मलबा भर चूका है। कांगड़ा और मंडी में भी तेज़ बारिश की वजह से नदी नाले उफान पर हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन औट, जोगनी मोड़, डयोड और दवाड़ा के समीप लैंडस्लाइड से अवरुद्ध है जिसके चलते सैकड़ों लोग कई घंटों से फोरलेन पर जगह जगह फंसे पड़े हैं। प्रदेश में अभी तक 74 जगह बाढ़ आ चुकी है और 38 जगह बादल फटने की घटना हो चुकी हैं। यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 6 जिले ऊना, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में आज भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। प्रदेश में अगले 5 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की सम्भावना जताई गई है। वहीं मौसम विभाग द्वारा आगामी कल के लिए भी कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 22 व 23 अगस्त के लिए ऊना, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। अब तक का नुकसान हिमाचल में इस मानसून अब तक 276 लोगों की मौत हुई हैं। इनमें 35 लोगों की जान लैंडस्लाइड, बाढ़ और बादल फटने से गई है जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। प्रदेश में अब तक प्राइवेट व सरकारी संपत्ति को 2211 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
कालका-शिमला धरोहर रेलमार्ग ऐतिहासिक ट्रैक अपनी सुरंगों, पुलों और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अब इस सफर का अनुभव और भी शानदार होने जा रहा है। रेलवे यहां अत्याधुनिक पैनोरमिक कोच शुरू करने की तैयारी कर चुका है। इन लग्ज़री कोचों में यात्रियों को शीशे की बड़ी खिड़कियों से वादियों का बेमिसाल नज़ारा मिलेगा। वातानुकूलित डिब्बों में ऑटोमैटिक दरवाज़े, सीसीटीवी कैमरे, फायर अलार्म, शोर और कंपन रहित तकनीक, अल्ट्रा वायलेट कोटेड ग्लास, मॉड्यूलर सीटिंग, लग्ज़री चेयर और ऑनबोर्ड मिनी पैंट्री जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। पहला ट्रायल पहले ही किया जा चुका है, हालांकि उसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इन्हें दूर करने के लिए कोचों को कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री भेजा गया, जहां अब सुधार कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। जैसे ही मंज़ूरी मिलेगी, इन कोचों को यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि आधुनिक सुविधाओं के चलते इनका किराया सामान्य डिब्बों से ज्यादा हो सकता है। इससे पहले विस्टाडोम कोच ने यात्रियों का दिल जीता था। अब पैनोरमिक कोच इस धरोहर रेलमार्ग की यात्रा को और भी रोमांचक, आरामदायक और यादगार बनाने वाले हैं।
कथोग स्थित लॉरेट फार्मेसी कॉलेज में नए सत्र के दूसरे दिन प्रोफेसरों ने विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायी व्याख्यान दिए। इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक एवं निदेशक डॉ. रण सिंह तथा प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. एम. एस. आशावत मौजूद रहे। व्याख्यान के दौरान प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों को फार्मेसी क्षेत्र में उपलब्ध नई तकनीकों, शोध कार्य और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्हें पढ़ाई के साथ अनुसंधान और नवाचार की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कॉलेज में संचालित वुमन सेल व विभिन्न क्लबों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि विद्यार्थी सह-पाठयक्रम गतिविधियों से जुड़कर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकें। डीन स्टूडेंट वेलफेयर एवं विभागाध्यक्ष फार्माकॉग्नोसी डॉ. सी. पी. एस. वर्मा ने ‘मानव मूल्य और नैतिक आचरण’ के विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं, विभागाध्यक्ष फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री डॉ. अमरदीप अंकलगी ने ‘फार्मेसी और उसके व्यापक क्षेत्र’ के बारे में जानकारी प्रदान की। सहायक प्राध्यापक धीरज शर्मा ने छात्रों को विभिन्न छात्र क्लबों के बारे में बताया तथा सहायक प्राध्यापक सनी भारद्वाज ने विद्यार्थियों के साथ प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल से संबंधित जानकारी साझा की।
कंडा के गांव थाना धर्मपुर के रहने वाले SI प्रकाश चंद हॉनरेरी ऐ का कल ह्रदय गति रुक जाने से निधन हो गया। बता दें कि वे इसी साल 30 जून को रिटायर हुए थे। धनीराम तनवर संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन ने इस दुखद शोक व्यक्त किया और कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करते हुए अपने चरणों में जगह दें और पीड़ित परिवार को इस घटना को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सरस्वती विद्या मंदिर गरली की छात्रा अरुंधति कौशल ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात नीट की परीक्षा में 531 हासिल किया। उनका स्टेट रैंक 68 है। अरुंधती कौशल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज से MBBS करेंगी। बता दें की अरुंधती कौशल के भाई शिवम कौशल MBBS अंतिम वर्ष में राजकीय मेडिकल कॉलेज राधाकृष्णन कॉलेज हमीरपुर में है। इनके पिता सुदर्शन कुमार सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल गरली में उप प्रधानाचार्य पद पर आसीन है और माता पुष्पा देवी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से अपने दोनों बच्चों को इस आयाम तक पहुंचने में अपना भरपूर योगदान दिया है। इनका पैतृक गांव गुरनवाड, तहसील डाडा सीवा, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के स्थाई निवासी हैं। इस बेटी ने सरस्वती विद्या मंदिर गरली के साथ-साथ अपने गांव जिला का भी नाम रोशन किया है। अरुंधती कौशल का कहना है कि मैं इस आयाम पर पहुंचने के लिए अपनी स्कूल के अध्यापक व अपने माता-पिता भाई को प्रेरणा स्रोत मानती हूँ। उनके मार्गदर्शन से ही आज मैं यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। जीवन में मैं कोशिश करूंगी कि इससे ज्यादा मेहनत कर एक अच्छी डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकूँ।
ज्वालामुखी उपमंडल के अन्तर्गत पड़ती खुंडियां तहसील में क्षेत्र सड़क, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के आभाव में लोग जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र की सड़कों की इतनी दुर्दशा है कि पता ही नहीं चलता कि खड्डों वाली सड़के हैं। चंगर क्षेत्र की तमाम सड़कों का बुरा हाल है।खुंडिया भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय राणा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो साल पहले आई आपदा में टूटी हुई सड़कों को आज तक सही ढंग से मरम्मत नहीं की गई है और क्षेत्र की कई सड़कें आज भी अपने जीर्णोद्धार को तरस रही हैं। उन्होंने कहा कि सपड़ी से पनहार सड़क जो चंगर क्षेत्र की लाइफ लाइन है उसका पिछले दो सालों से बुरा हाल है। इस सड़क के बीच जो थलाकन के पास पुलिया बह गई है उसको एक महीने से ऊपर हो गया है लेकिन उसे ठीक करवाने की हिम्मत ना सरकार ने दिखाई ना ही प्रशासन ने। पिछले एक महीने से सब मूक दर्शक बने हुए हैं। अगर सरकार व् प्रशाशन मुस्तैदी दिखाते तो उस जगह वैकल्पिक मार्ग का निर्माण हो सकता था परन्तु चंगर के लोगों को सरकार और प्रशासन ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है । मंडल अध्यक्ष संजय राणा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार द्वारा जो स्कीमें हैं जैसे नाबार्ड, प्रधानमंत्री सड़क योजना का श्रेय लेने की लगी है। खुंडियां तहसील में ऐसा कोई भवन नहीं है जहां पर 100-200 लोग बारिश या धूप में बैठ सकें। 2022 में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने खुंडियां में मुख्यमंत्री भवन के लिए 40 लाख रुपए स्वीकृत किए थे और उस समय उसका टेंडर भी हो गया था परन्तु उसका काम भी आज तक नहीं हुआ।
मां श्री दुर्गा लंगर समिति ने मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 1 हजार रूपए का चेक भेंट किया। यह सहयोग आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए दिया गया है। समिति के अध्यक्ष ललित डोगरा के नेतृत्व में प्रधान गंगाराम, सचिव भूपेंद्र टाडू, प्यारे लाल शर्मा, विपुल हांडा और सुनील टाडू इस अवसर पर उपस्थित रहे। उपायुक्त राहुल कुमार ने समिति के सदस्यों का आभार जताया और कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में सहायक होगा।
जय सिद्ध बाबा पंजपीरी जदामन-भलवाल में मेले व विशाल दंगल का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया जिसमें दूर-दूर से आये पहलवानों ने भाग लिया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेला कमेटी द्वारा बेहतरीन दंगल करवाया गया जिसकी स्थानीय लोगो ने खूब प्रशंसा की। दंगल से पहले सभी के लिए कांगड़ी धाम की भी व्यवस्था की गयी थी। कमेटी ने दंगल की शुरुआत ढोल बाजो के साथ सिद्ध बाबा जी के आशीर्वाद से की। इसके बाद लगातार एक के बाद एक जबरदस्त कुश्ती देखने को मिली और इससे दर्शकों में भी भारी उत्साह दिखा। कमेटी प्रधान तिलक राज ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह आयोजन पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने और ग्रामीण संस्कृति को संरक्षित करने का एक प्रयास हैI रजत ने युवराज तरन तारन को हराकर फाइनल कुश्ती अपने नाम की I विजेता रहे रजत काँगड़ा हिमाचल केसरी को कमेटी द्वारा समान्नित किया गया I
सुबाथू में गोगामेड़ी प्रांगण में एक हेल्थ अवेयरनेस शिविर के दौरान आयुर्वेदिक कंपनी न्यूवन ग्लोबल मार्केटिंग के अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां दी गईं। इसमें प्रमुख रहे न्यूवन कंपनी के सुरेश कुमार सांडवा, मीना मलिक और प्रवीण बैनीवाल ने पहली बार सुबाथू के लोगों को स्वास्थ्य के साथ-साथ एक अच्छे रोजगार का विकल्प भी दिया जो कि सराहनीय कार्य रहा। इसमें सुबाथू के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
गुग्गा नवमी पर सुबाथू माड़ी में भजन संध्या के साथ मेले की तैयारियां आरंभ हो गई हैं। रविवार को सोलन से सुबाथू माड़ी आई भजन पार्टी ने सभी को गुग्गा जी के भजनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। मेला कमेटी के प्रधान भूमेश सिंगला ने बताया कि गुग्गा नवमी पर भजन संध्या के साथ ही मेले के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया की 25 से 29 अगस्त तक बैडमिंटन वहीं 30 से 31 अगस्त को कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र के लोधवां में स्वास्थ्य विभाग के औषधि नियंत्रक विंग और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने बिना लाइसेंस चल रही एक दवा फैक्टरी को सील कर दिया है। वहीं, टीम ने फैक्टरी में बिना लाइसेंस के बनाए 23 हजार इंजेक्शन भी जब्त कर दिए हैं। जांच में पाया गया कि फैक्टरी का लाइसेंस दिसंबर वर्ष 2024 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद फैक्टरी संचालक चोरी-छिपे दवाइयों का निर्माण कर रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर ने बताया कि विभाग ने पहले ही कंपनी को चेतावनी दी थी कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद किसी भी प्रकार की दवाइयों का निर्माण अवैध होगा। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने नियमों को दरकिनार कर उत्पादन जारी रखा। निरीक्षण के दौरान जब टीम ने फैक्टरी में चल रही गतिविधियों को देखा तो तुरंत फैक्टरी को सील कर दिया गया। आरोपी फैक्टरी संचालक के खिलाफ नियमों के अनुसार मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है, हालांकि वहां कोई विशेष अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 अगस्त तक हिमाचल में बारिश का दौर जारी रहेगा। सोमवार को शिमला सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे कई सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। प्रदेश में करीब 760 ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली की सप्लाई बाधित है। कई पेयजल योजनाओं में गाद आने के कारण शिमला समेत कई क्षेत्रों में पानी की समस्या पैदा हो गई है। भूस्खलन के कारण किरतपुर-मनाली हाईवे भी कुल्लू और मंडी के बीच बंद हो गया है, जिससे सैकड़ों वाहन बजौरा में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, बंजार में NH-305 सहित कई संपर्क सड़कें भी बंद हैं। सैंज-लारजी और भुंतर-मणिकर्ण सड़कें भी कई जगह क्षतिग्रस्त हुई हैं। किसानों और बागवानों को भी भारी नुकसान हुआ है। सेब, टमाटर और गोभी जैसी तैयार फसलें खेतों और बगीचों में फंसी हुई हैं क्योंकि भूस्खलन के कारण वे उन्हें मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। कांगड़ा में भी सोमवार को बारिश हुई, जिससे धर्मशाला-पठानकोट सड़क तीन घंटे तक बंद रही। बारिश से हमीरपुर में एक कच्चा घर पूरी तरह से और एक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। सिरमौर के कोलर और सैनवाला में कुछ घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में सोमवार से दस दिवसीय खगोलीय यंत्र निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस विशेष कार्यशाला का आयोजन ज्योतिष विभाग द्वारा किया गया है, जिसमें खगोलीय यंत्रों के निर्माण एवं उनके प्रयोगों की विधियों को व्यवहारिक रूप से समझाया जा रहा है। कार्यशाला के संयोजक एवं ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज श्रीमाल ने बताया कि यह कार्यशाला ज्योतिष शास्त्र के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, क्योंकि इससे वे न केवल यंत्र निर्माण की प्रक्रिया को समझ सकेंगे, बल्कि सिद्धांतों की सूक्ष्मता व उनके सामाजिक प्रभाव को भी जान पाएंगे। कार्यशाला के मुख्य अतिथि कर्नाटक के ख्याति प्राप्त खगोल-गणितज्ञ एवं यंत्र निर्माता वी. शिवशंकर शास्त्री रहे, जबकि सारस्वत अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से डॉ. रामेश्वर शर्मा ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की, और सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ. सरोजिनी महिषी महिला संस्कृत अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र की निदेशिका प्रो. मोहिनी अरोड़ा तथा उपाध्यक्ष के रूप में सह निदेशक प्रो. मञ्जुनाथ एस.जी. उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के आचार्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. श्रीनाथधर द्विवेदी, डॉ. रूपलाल शर्मा, डॉ. भूपेन्द्र कुमार ओझा और शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. गौतम चौधरी शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेश कुमार तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीप कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में ज्योतिष विभाग के अन्य विद्वान डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. यज्ञदत्त शर्मा एवं डॉ. गोविन्द नारायण दीक्षित सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला आने वाले दस दिनों तक विद्यार्थियों को ज्योतिष एवं खगोल विज्ञान की परंपरागत और वैज्ञानिक विधाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
प्रेस क्लब सोलन जल्द ही एक बैडमिंटन प्रतियोगिता और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन करने जा रहा है। यह निर्णय सोमवार को प्रेस रूम सोलन में आयोजित प्रेस क्लब की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष मनीष शारदा ने की। बैठक में चीफ पैटर्न मुकेश कुमार, चीफ एडवाइजर अरविंद कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत क्लब सदस्य अजय कौशिक व वासु मदान के पिता के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए हुई। सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। बैठक में महासचिव कीर्ति कौशल ने बताया कि ठोडो मैदान स्थित बैडमिंटन हॉल में क्लब सदस्यों के लिए जल्द ही बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, ताकि पत्रकार अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ पल सुकून के निकाल सकें। इसके साथ ही एक सांस्कृतिक संध्या के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई, जिससे क्लब के सदस्यों को आपसी मेलजोल और मनोरंजन का अवसर मिल सके। बैठक में पत्रकारों से जुड़ी समस्याओं और मांगों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान मनमोहन वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष मोहिनी सूद, संगठन सचिव योगेश शर्मा, प्रेस सचिव सौरभ शर्मा सहित मदन हिमाचली, मदन शर्मा, विशाल वर्मा, सुनील कुमार, सतवीर सिंह, वासु मदान, चुन्नी लाल, कृष्ण भान व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिक लीग इकाई कुनिहार की त्रैमासिक बैठक चौधरी कॉम्पलेक्स कुनिहार में कैप्टन राकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन कृष्ण सिंह कंवर विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निपटारे बारे विचार विमर्श तथा सुझाव साझा किए गए। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों को अनेक महत्वपूर्ण जानकारियों से भी अवगत करवाया गया। इस बैठक में 13 नए सदस्यों ने इकाई की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य जांच के लिए अमर अस्पताल चंडीगढ़ द्वारा एक स्वास्थ्य शिविर लगाया गया जिसमें पूर्व सैनिकों ने अपने स्वास्थ्य संबंधी जांच करवाकर चिकित्सकों से उचित परामर्श लिया। इस बैठक में सूबेदार लेखराम, कृष्ण दत, गोपाल चंद शर्मा, गोबिंद कुमार, रमेश कुमार अरोड़ा, धर्म सिंह, राजेश कुमार, कमलेश कुमारी एवं सावित्री देवी आदि ने भाग लिया।
फोरलेन बाईपास अंब के पास सोमवार सुबह एक गाड़ी अनियंत्रित होकर यहां साथ लगती दुकान के शटर को तोड़कर अंदर जा घुसी। गनीमत यह रही कि गाड़ी में बैठे लोग सुरक्षित हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की कोई चोट नहीं आईं। हालांकि इस हादसे में वाहन मालिक समेत दुकान के मालिक को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी का एक टायर फटने के चलते यह हादसा पेश आया। लोगों की माने तो जिस समय यह हादसा पेश आया उस समय सुबह होने के चलते यहां न तो दूसरी तरफ से किसी प्रकार का वाहन आ रहा था और न ही दुकानदार द्वारा दुकान खोली गई थी। इसके अलावा सड़क पर भी कोई राहगीर नहीं था ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। उधर वाहन चालक और दुकानदार मालिक के बीच समझौता होने के चलते मामला थाने में दर्ज नहीं हुआ है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में आज एंटी-रेगिंग सप्ताह 2025 का समापन समारोह बहुत ही उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजू चौहान रही, जिनके द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इन्होंने विद्यार्थियों को रैगिंग मुक्त एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा, मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हम सबने मिलकर एंटी-रेगिंग डे एवं वीक (12 से 18 अगस्त, 2025) को सफलता पूर्वक सम्पन्न किया है। इस पूरे सप्ताह के दौरान आयोजित विविध कार्यक्रमों—स्लोगन राइटिंग, पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, भाषण, नाटक, वाद-विवाद एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हमारे विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी कर यह सिद्ध किया है कि हमारा महाविद्यालय रैगिंग मुक्त एवं अनुशासित वातावरण प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। रैगिंग केवल एक अनुशासनहीन कृत्य ही नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक बुराई है जो विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को चोट पहुँचाती है और उनके व्यक्तित्व विकास में बाधा डालती है। उच्चतम न्यायालय एवं UGC ने भी रैगिंग के विरुद्ध सख्त कानून एवं दिशा-निर्देश जारी किए हैं, और हमें गर्व है कि हमारे संस्थान ने उनका पूरी निष्ठा से पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिय विद्यार्थियों,आप सभी महाविद्यालय की पहचान हैं। आपसी भाईचारे, सहयोग, सौहार्द और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही हम एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। हमें यह सदैव ध्यान रखना होगा कि हमारा हर कदम दूसरों के लिए प्रेरणा बने। अंत में, मुख्य अतिथि ने एंटी-रेगिंग कमेटी के संयोजक डॉ. राजीव रत्न एवं उनकी पूरी टीम, सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप सबकी सहभागिता और समर्पण ने इस सप्ताह को सार्थक बनाया है। मुझे विश्वास है कि आप आगे भी रैगिंग मुक्त एवं संस्कारवान वातावरण बनाए रखने में सदैव सहयोगी बने रहेंगे। समापन अवसर पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और संवादात्मक सत्र प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मृदुल राणा जबकि द्वितीय स्थान अनीता कुमारी एवं कार्तिक कौशल, वहीं तृतीय स्थान आशीष कुमार ने हासिल किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में श्रुति शर्मा प्रथम, शगुन शर्मा द्वितीय तथा ललिता तृतीय स्थान पर रहे। स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में प्रथम शबनम, द्वितीय रिदम, वहीं तृतीय पूजा एवं सपना रहीं। साथ ही वाद-विवाद प्रतियोगिता में रजनी एवं सानिया, कंचन एवं गौरीशा ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। संवादात्मक सत्र में कोमल, नितीश, श्रेया एवं निशांत ने उत्कृष्ट प्रतिभा दिखाई जबकि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में टीम A ने प्रथम, टीम D ने द्वितीय एवं टीम B ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में कला संकाय की टीम A ने प्रथम स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का समापन समिति संयोजक डॉ. राजीव रत्न के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ । उन्होंने महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजू चौहान का विशेष आभार व्यक्त किया कि जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सप्ताह सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया। डॉ. रत्न ने अपनी पूरी टीम प्रो. सुनीता, प्रो. ब्रजेश्वर, डॉ. सुरेश राणा, प्रो. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. श्याम कालिया, प्रो. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. आरती कौशल (मंच संचालक), डॉ. शगुन नाग, प्रो. जगदीप, डॉ. पूजा, डॉ. राजेश एवं डॉ. पूर्णेंदु का भी हार्दिक धन्यवाद किया जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में शिक्षक वर्ग से प्रो. सुशील भारद्वाज, प्रो. कंचन, प्रो. अनीता, प्रो. पीतांबर, डॉ. शर्मीता, डॉ. वंदना, प्रो. वनीत, प्रो. राजेश, प्रो. भीष्म तथा प्रो. प्रिया व प्रो. अदिति उपस्थित रहे। वहीं गैर-शिक्षक वर्ग से श्री अमित, श्री सुरिंदर, श्री प्रवीन, श्री राज मनकोटिया और श्री रजनीश सहित लगभग 200 विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए ।
भारी बारिश के बाद भरमौर उपमंडल की पंचायत कुगति के डुगी में रविवार को भूस्खलन से 200 से 250 भेड़-बकरियां मलबे में दबने की आशंका है। घटना की जानकारी मिलते ही भरमौर प्रशासन ने राहत एवं बचाव टीमें गठित कर मौके के लिए रवाना कर दीं हैं। कुगति से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर डुगी नामक स्थान पर भेड़पालक अपने माल-मवेशियों के साथ ठहरे हुए थे। रविवार की पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में उनकी भेड़-बकरियां आ गईं। भेड़पालकों ने पत्थर गिरने का आभास होने पर वहां से सुरक्षित स्थान पर भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन वे भेड़-बकरियों को नहीं बचा पाए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में छोटी-मोटी दरारें पहले भी पड़ती थीं, लेकिन इतनी बड़ी घटना पहली बार देखने को मिली है। तहसीलदार तेज सिंह ने बताया कि सुबह फोन पर सूचना मिली और तुरंत टीम को भेज दिया गया। हादसे वाले स्थान पर मोबाइल सिग्नल न होने के कारण नुकसान का जो सही आकलन है वह टीम के लौटने के बाद ही हो पाएगा।
राज्य में मानसून की हो रही बारिश से दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुल्लू जिला में तड़के 4 बजे शालानाला में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिससे कुल्लू और मंडी के कई इलाकों में भारी नुक्सान हुआ। टकोली-मंडी और टकोली फोरलेन पर फ्लड के बाद मलबा आ गया। वहीं मलाणा डैम भी क्षतिग्रस्त हो गया। कुल्लू व मंडी के अलग-अलग इलाकों में 10 से ज्यादा घरों को नुक्सान हुआ। कई घरों में मलबा भर गया। शालानाला खड्ड में बाढ़ आने से एक कंपनी के ऑफिस और कालोनी की दीवार टूट गई। कर्मचारियों ने भाग कर जान बचाई। टकोली, पनारसा और नगवाई में 10 से अधिक गाड़ियों को भी नुक्सान हुआ। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मंडी और कुल्लू में जगह-जगह बंद हो गया। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को चम्बा व कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का यैलो अलर्ट रहेगा। मंगलवार व बुधवार को किसी भी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, अपितु 21 अगस्त से फिर से यैलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसमें धौलाकुंआ में सर्वाधिक 104.5, नाहन में 30, शिमला व मनाली में 10-10, सुंदरनगर में 6, भुंतर में 3, धर्मशाला में 6.4, सोलन में 5, कांगड़ा में 3, मंडी में 2, बिलासपुर में 0.5, चम्बा में 1, जुब्बड़हट्टी में 2, कुफरी में 13.5, नारकंडा में 4.5, सेओबाग में 1, नेरी में 1.5, बजौरा में 1 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि कल्पा में बूंदाबांदी हुई। इससे पूर्व शनिवार रात्रि को मंडी जिला के कटौला में सर्वाधिक 12, कांगड़ा में 11, नगरोटा सूरियां में 11, नाहन में 10, जोगिंद्रनगर में 8, पांवटा में 7, भुंतर में 6, पालमपुर में 6, गुलरे में 6, कसोल में 5, सुजानपुर टिहरा में 4 सैंटीमीटर वर्षा हुई। राजधानी शिमला में दिन में बारिश के बाद शाम को धूप खिली। 20 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में अब तक 263 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 332 घायल व 37 लापता हो गए हैं। राज्य में अब तक भूस्खलन की 66, फ्लैश फ्लड की 74 व बादल फटने की 36 घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। बारिश से लोगों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार शाम तक राज्य में 3 एनएच व 352 संपर्क मार्ग अवरुद्ध चल रहे हैं। इनमें जिला किन्नौर में एनएच 05 टिंकू नाला, कुल्लू जिला में एनएच 305 गजाधार, फेरडानाला व जहेड़, मंडी में एनएच 21 भारी बारिश के कारण अवरुद्ध है। मंडी में सबसे अधिक 201, कुल्लू जिला में 63, सिरमौर में 28 व कांगड़ा में 27 संपर्क मार्ग अवरूद्ध हैं जबकि 1067 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प पड़े हैं, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआऊट छाया हुआ है। कुल्लू जिला में सर्वाधिक 557, मंडी जिला में 385, लाहौल-स्पीति में 112 ट्रांसफार्मर ठप्प हैं। 116 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं, जिसमें मंडी में सर्वाधिक 44, कांगड़ा में 41, हमीरपुर में 14 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। राज्य को अब तक 2173 करोड़ से अधिक का नुक्सान हो चुका है, जिसमें सर्वाधिक लोक निर्माण विभाग को 1216 करोड़, जल शक्ति विभाग को 697 करोड़, बिजली बोर्ड को 139 करोड़ की चपत लग चुकी है।
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। माना जा रहा है कि यह सत्र हंगामेदार रहेगा। विपक्ष प्राकृतिक आपदा, स्कूल बंद करने समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। रविवार को भी सत्र की तैयारियां जारी रहीं और विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई।18 अगस्त से 2 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 12 बैठकें होंगी। यह हिमाचल विधानसभा के इतिहास का चौथा सबसे लंबा सत्र होगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो, इसके लिए सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले दोपहर 12 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। अब तक विधानसभा सचिवालय को 981 सवाल मिल चुके हैं, जिनमें 793 तारांकित और 188 अतारांकित हैं। नियम 62, 101 और 130 के तहत भी कई सूचनाएं आई हैं, जिन पर सरकार को कार्रवाई करनी है। पहले दिन सदन में पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। वहीं कृषि विश्वविद्यालय और बागवानी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसी दिन भाजपा आपदा पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, जबकि कांग्रेस सुबह 10 बजे बैठक कर अपनी जवाबी रणनीति बनाएगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में तय हुआ है कि आपदा प्रभावितों को मुआवजा न मिलना, विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति, कर्मचारियों की मांगें और संस्थान बंद करने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। भाजपा का आरोप है कि ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत और ढाई हजार मकानों को नुकसान होने के बावजूद प्रभावितों को राहत नहीं दी गई। केंद्र की ओर से मदद आने के बावजूद, प्रदेश सरकार पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने में नाकाम रही। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में ओक ओवर शिमला में होगी। इसमें सत्र की रणनीति तय की जाएगी। विपक्ष के हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार 12 दिन के इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विषय लेकर आएगी और सदन का सदुपयोग जनता के हित में किया जाएगा।
35वीं बार रक्तदान कर दिया संदेश - “रक्तदान सिर्फ रक्त देना नहीं, बल्कि जीवन दान है।” रक्त की आवश्यकता होने पर मोबाइल नंबर – 9218500087 पर संपर्क करें राजकीय सी. एण्ड वी. अध्यापक संघ, जिला मंडी के जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने अपना 35वां रक्तदान कर समाजसेवा में एक अनूठा उदाहरण पेश किया। इस अवसर पर कुछ शिक्षक जिला अध्यक्ष के साथ ज़ोनल अस्पताल मंडी पहुंचे और रक्तदान किया। दयाराम ठाकुर ने कहा कि "शिक्षक होने के साथ-साथ समाजसेवा भी हमारा नैतिक दायित्व है। रक्तदान महादान है, जो किसी की जान बचाने का जरिया बन सकता है। यह केवल वही कर सकता है, जिसके हृदय में दूसरों के लिए सच्ची संवेदना हो।" उन्होंने आगे बताया कि संगठन का मकसद केवल शिक्षकों के अधिकारों के लिए कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज की हर जरूरत में आगे बढ़कर सहयोग देना भी है। बरसात की त्रासदी या किसी भी आकस्मिक दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को यदि रक्त की आवश्यकता होगी तो सीधे जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर से संपर्क किया जा सकता है। उनका कहना है कि "राजकीय सी. एण्ड वी. अध्यापक संघ, जिला मंडी संगठन हमेशा जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद के लिए रक्तदान करने को तत्पर और तैयार रहता है।" यह कार्य केवल सेवा ही नहीं बल्कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। किसी भी व्यक्ति को यदि रक्त की आवश्यकता हो तो मोबाइल नंबर – 9218500087 पर संपर्क किया जा सकता है। दयाराम ठाकुर का यह योगदान बताता है कि शिक्षक केवल पाठशाला तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर संकट में जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं।
- कहा, भाजपा ने सत्ता "वोट चोरी" करके प्राप्त की -NSUI जिला उपाध्यक्ष नीरज राणा ने केंद्र सरकार पर किया प्रहार ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत खुंडियां से संबंध रखने वाले NSUI जिला उपाध्यक्ष कांगड़ा नीरज राणा ने कहा कि अब जंग छिड़ चुकी है तो ये पारदर्शिता के साथ जीत हासिल करके ही रहेगी। उनका कहना है कि कोई इंसान भ्रष्टाचार फैलाकर, तानाशाही करके, झूठ फरेब की राजनीति करके, जनता को जुमले देकर, सत्ता प्राप्ति तो कर सकता है लेकिन सत्य को ज्यादा दिन तक छिपाया नहीं जा सकता है, जब पाप का घड़ा भरता है तो वो इस मोड़ पर आकर टूटता है कि सब कुछ खत्म कर देता है । ये नीरज राणा ने सीधा प्रहार केंद्र सरकार पर किया है कि उन्होंने सत्ता "वोट चोरी" करके ही प्राप्त की है, जनता के साथ उन्होंने खिलवाड़ करके आज सता में बैठकर जो तानाशाही फैला रहे हैं वे एक अति निंदनीय और चिंताजनक है। उन्होंने फर्जी वोट बनाकर एक ही नाम पर लाखों मतों का घोटाला किया है तो कुछ लोगों को मृत घोषित करके, कुछ के मकान का नम्बर 0 तो कुछ के एक ही घर के 80-90 सदस्य होने पर एक बहुत ही प्रश्नवाचक खड़ा होता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी की सीट पर वोट का घोटाला करके जीत हासिल की है और ये अजय राई कांग्रेस प्रत्याशी ने दावा किया है कि इस सीट पर धांधली हुई है तभी उन्होंने जीत हासिल की है। राणा का कहना है कि जब विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी ने इस मुद्दे को उठाया तो चुनाव आयोग भी तिलमिला गया और ऑनलाइन डेटा को वहां से हटा दिया गया। प्रश्नवाचक का एक और मुद्दा सामने आया जैसे ही उन्होंने ये प्रश्न चुनाव आयोग से पूछा तो भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में अफरा तफरी मच गई जिससे ये सिद्ध होता है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर पिछले दस सालों से धांधली करके ही उन्हें सता की प्राप्ति करवाता है । लेकिन आज चुनाव आयोग ने ये मंजूर करके अपने गलती मानी है कि कुछ गलतियों के कारण ऐसा हो सकता है कि चुनाव आयोग के कारण ये गलतियां हुई हैं और अगर ये मुद्दा पहले उठाया होता तो नतीजे आज कुछ अलग होते। हाल ही में हरियाणा राज्य में सरपंच के चुनाव में तीन साल बाद जब सुप्रीम कोर्ट में EVM की मशीन खुली तो परिणाम चकना चौंध करने वाले थे जिससे भाजपा व चुनाव आयोग पर प्रश्न खड़ा होता है कि 3 साल बाद हारे हुए प्रत्याशी के मत जीते हुए से ज्यादा होते हैं। राणा ने समस्त जनता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा है " सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं " और आज ये सिद्ध हो चुका है । विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने बिहार से "वोटर अधिकार यात्रा "शुरू कर दी है जो 16 दिन लगातार 20 से ज्यादा जिलों में 1300 किलोमीटर का सफर तय करके ये जीत हासिल करने जा रहे हैं । राणा ने बताया कि आज देश के हर एक वर्ग की आँखें खुल गई हैं इस घोटाले से और उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी के साथ NSUI, यूथ कांग्रेस व पूरा देश कंधे से कंधा मिलाकर तत्पर खड़ा है व ये जीत हासिल करेंगे ।
हिमाचल प्रदेश में मानसून से लगातार तबाही देखने को मिल रही है। बीते 24 घंटों में कई जगह बादल फटे हैं और कई जगह भूस्खलन हुए हैं जिसके चलते कल शनिवार शाम तक राज्य के 2 नेशनल हाईवे समेत 311 सड़कें बंद, 348 बिजली ट्रांसफार्मर और 119 पेयजल योजनाएं बाधित रहीं। येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग द्वारा आज 5 जिलों चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया हुआ है। राज्य में 22 अगस्त तक बारिश का रहने की सम्भावना जताई गई है। बादल फटने की घटना कुल्लू और मंडी के कई क्षेत्रों में आज सुबह करीब चार बजे बादल फटने की वजह से भारी क्षति हुई है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मंडी और कुल्लू में जगह-जगह अवरुद्ध हैं। फ्लड के कारण टकोली फोरलेन पर मलबा आ गया। कुल्लू व मंडी के कई इलाकों में कईं घरों को और साथ ही टकोली, पनारसा और नगवाई में 10 से अधिक वाहनों को क्षति पंहुचा है। किन्नौर जिला के पूह के पास टिंकू नाला नज़दीक NH 5 का एक हिस्सा पूरी तरह से ढह गई जिसकी वजह से कल दोपहर से ही आवाजाही बाधित है। नाहन के पास भारी के चलते बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं जबकि शिमला जिला के रामपुर दत्तनगर में सड़क तक आ पंहुचा है सतलुज का पानी। अब तक का नुकसान हिमाचल में इस मानसून अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 35 लोगों की जान बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से गई है, जबकि 36 लोग अभी भी लापता हैं। सरकारी व प्राइवेट संपत्ति को अभी तक 2144 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
धनास में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) बजरंग दल चंडीगढ़ द्वारा अखंड भारत दिवस, स्वतंत्रता दिवस एवं विहिप स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विहिप पंजाब प्रांत के विशेष संपर्क प्रमुख एवं चंडीगढ़ विभाग मंत्री प्रदीप शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चंडीगढ़ अध्यक्ष अरविंद मोदगिल, मंत्री अंकुश गुप्ता, सह मंत्री पंकज शर्मा, बजरंग दल संयोजक राकेश उप्पल, सह संयोजक संयम शर्मा और स्थानीय व्यवसायी वैभव नारंग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन भगत सिंह प्रखंड अध्यक्ष सुरेश गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। मौसम में परिवर्तन के बावजूद कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। एक बालिका द्वारा प्रस्तुत कला ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में लड्डू वितरित कर सभी को बधाई दी गई। ध्वजारोहण के पश्चात प्रदीप शर्मा ने बौद्धिक सत्र में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और विहिप की स्थापना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। मंत्री अंकुश गुप्ता ने संस्कारों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में बजरंग दल संयोजक राकेश उप्पल ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
हिमाचल में बारिश और भूस्खलन का कहर जारी है। प्रदेश में खराब मौसम के कारण अभी भी 458 सड़कें बंद है। इनमें तीन नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) ने पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण काफी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 455 सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-305, एनएच-05 और एनएच-707) भी शामिल हैं। सड़क अवरोधों के मामले में सबसे ज़्यादा प्रभावित जिला कुल्लू हैं, जहां 73 सड़कें बंद हैं, उसके बाद मंडी में 58 सड़कें हैं, और शिमला में 58 सड़कें हैं। अब तक 247 लोगों की मौत इस बीच, राज्य सरकार के राजस्व विभाग-डीएम सेल की संचयी क्षति रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में मानसून के मौसम में 247 लोगों की जान गई है और 329 लोग घायल हुए हैं। 15 अगस्त को जारी यह रिपोर्ट 20 जून, 2025 से 14 अगस्त, 2025 तक की अवधि को कवर करती है। कुल 247 मौतों में 130 बारिश से संबंधित मौतें और 117 सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतें शामिल हैं। बारिश से संबंधित मौतों में, कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 28 मौतें दर्ज की गईं, उसके बाद मंडी में 26 और हमीरपुर में 13 मौतें हुईं। इन मौतों के कारण अलग-अलग हैं, जिनमें डूबने से 24, खड़ी चट्टानों या पेड़ों से गिरने से 27 और भूस्खलन से 7 मौतें हुईं। सड़क दुर्घटनाओं में भी जान-माल का काफी नुकसान हुआ है, मंडी जिले में 21, चंबा में 17 और शिमला में 15 मौतें हुई हैं।
शिमला एक्टिंग एकेडमी द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर “सुंदर राधा – नटखट कान्हा” फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी तन्महिनंद महाराज जी तथा गेस्ट ऑफ ऑनर तरुणा मिश्रा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता का मूल्यांकन पूनिमा शर्मा ने किया। प्रतियोगिता में सुंदर राधा श्रेणी की विजेता ऋषिका रहीं, जबकि नटखट कान्हा श्रेणी में कुंज शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। प्रथम रनर-अप के रूप में सुंदर राधा आयुषी तथा नटखट कान्हा अद्विक चुने गए। इस सफल आयोजन में एकेडमी के अध्यक्ष विकास गौतम, क्रिएटिव डायरेक्टर रुपेश भीमटा, कार्यक्रम संयोजिका सेजल रावत, तथा समन्वयक नरेश के. मिन्चा का विशेष योगदान रहा। ललित ठाकुर का भी उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ। नन्हे-मुन्ने प्रतिभागियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। पूरे आयोजन में उत्साह और आनंद का माहौल रहा, तथा दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर लुत्फ उठाया। शिमला एक्टिंग एकेडमी बच्चों के लिए Acting, Personality Development, Dance, Guitar, Art & Craft जैसी हॉबी क्लासेस संचालित कर रही है। इसके साथ ही 16 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए 3 माह का सर्टिफिकेट एक्टिंग कोर्स भी प्रारंभ किया गया है। ये कक्षाएं वीकेंड एवं रेगुलर दोनों स्वरूप में उपलब्ध हैं।
स्वतंत्रता दिवस का पर्व डाडासिबा में पूरे जोश के साथ मनाया गया। जसवां-परागपुर के दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने पंचायत भवन में तिरंगा फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जैसे ही तिरंगा लहराया, पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने कहा कि आज का दिन हर भारतियों के लिए गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजादी हमें अनेक बलिदानों के बाद मिली है, और हमें इसका मान-सम्मान बनाए रखना होगा। “यह तिरंगा सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, बलिदानों और उम्मीदों का प्रतीक है। इसकी आन-बान-शान की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।” मनकोटिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, तकनीक, कृषि और सामाजिक सेवा में आगे बढ़कर देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि हम भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मिलकर लड़ें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सशक्त और समृद्ध भारत मिल सके। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंडल की सदस्याएं, स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविताएं और नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भावनाओं से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए, उनके बलिदान को नमन किया गया। डाडासिबा पंचायत भवन में आयोजित यह समारोह स्वतंत्रता दिवस के गौरव, एकता और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक बना। सुरेंद्र सिंह मनकोटिया का जोशीला भाषण और तिरंगे की शान में किए गए वचनों ने लोगों में नई ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण की भावना भर दी।
नई पंचायत से शुरू की गई पहल को आज भी रखा कायम - संजीव ठाकुर सुबाथू के साथ लगती ग्राम पंचायत रणों में 79वे स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व सैनिक अमर सिंह ठाकुर एवं उनकी पत्नी पुष्पा देवी के द्वारा पंचायत भवन में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान सरकार के आदेश पर पंचायत के विभिन्न स्थानों पर भी तिरंगा फहराया गया। नहलोगी अमृत सरोवर में हमारी पंचायत के वरिष्ठ नागरिक मस्तराम एवं त्रासड़ी गांव के अमृत सरोवर में वरिष्ठ नागरिक नेकराम एवं मोहनलाल ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उपस्थित सैन्य कर्मचारियों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया एवं पंचायत की आशा वर्करों को भी पंचायत द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यूको बैंक द्वारा भी कैंप का आयोजन किया गया जिसमें बैंक मैनेजर जितेंद्र एवं बैंक कर्मचारी सतीश के द्वारा पंचायत में उपस्थित लोगों की केवाईसी की गई और उन्हें बैंक से संबंधित सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई । पंचायत प्रधान संजीव ठाकुर ने सभी को 79वे स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा की जब रणों पंचायत बनी थी तब से हमने एक नई पहल शुरू की थी कि हर 15 अगस्त को पंचायत में सेवानिवृत्त सैनिक द्वारा ही झंडा फहराया जायेगा, उसे आज भी कायम रखा है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी लोगों का आभार व धन्यवाद व्यक्त किया है।
एसडीएम ने स्वतंत्रता सेनानियों व कारगिल शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित 79वां उपमंडल स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) करसोग गौरव महाजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यातिथि ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया और पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड और रेंजर्स एंड रोवर्स द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों को पुष्पांजलि भी अर्पित की। इस अवसर पर, अपने संबोधन में मुख्यातिथि ने प्रदेश व क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए दी गई शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आह्वान किया कि महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने में हम सभी अपना योगदान दें। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने स्वतंत्रता सेनानी सुंदर लाल व गयारु राम, तथा क्षेत्र के कारगिल शहीदों के परिजनों को शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा, गत 30 जून की रात्रि को करसोग में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के लगभग 2 दर्जन कर्मचारियों सहित अन्य व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, मार्चपास्ट प्रस्तुत करने वाले पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, रेंजर्स एंड रोवर्स के प्रतिभागियों को भी स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्षा सविता गुप्ता, उपाध्यक्ष बंसी लाल, प्रधान ग्राम पंचायत भडारणू दलीप शर्मा, तहसीलदार करसोग वरुण गुलाटी, बीएमओ डॉ. गोपाल चौहान, विद्युत विभाग के एक्सियन चंद्रमणि शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पूर्व सैनिक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भड़ोली कोहाला में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसकी शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से की गई। कार्यक्रम की मेजबानी प्रधानाचार्य श्री रविंदर शर्मा ने की, जिन्होंने सभी मुख्य अतिथियों, विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों का स्वागत किया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कीं जिनमें नृत्य, गीत और अन्य कार्यक्रम भी शामिल थे जिससे पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बहुत से भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे जिनमें प्रकाश चंद, जगदीश चंद, रविंदर कुमार शर्मा, सतीश कुमार, जगत राम, हंस राज, रूप लाल और लायक चंद शामिल रहे। अंत में सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और साथ ही विद्यार्थियों को मिठाईयां भी बांटी गईं।
हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कई जगह भारी नुकसान देखने को मिला है। शिमला जिला में इसबार सामान्य से 77 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज़ की गई है। पिछले 24 घंटों में शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में बारिश-भूस्खलन से भारी क्षति हुआ है। मंडी के जोगनी मोड़ के नज़दीक चंडीगढ़-मनाली फोरलेन बंद है जिसकी वजह से सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारे लगी हुई हैं। मनाली-लेह सड़क बंद है वहीं किन्नौर जिला में पिछले रात बाढ़ और लैंडस्लाइड के चलते शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 जगह जगह अवरुद्ध है। 4 जिलों में आज भी येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 6 दिन लगातार बारिश होने की सम्भावना जताई गई है। आज भी 4 जिलों कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर में तेज़ बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। कल ऊना, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में मध्यम बारिश की चेतावनी है वहीं 17 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सड़कें, बिजली और पेयजल योजनाएं ठप बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग समेत राज्य भर में 470 सड़कें बंद हो गई हैं। प्रदेश में 721 ट्रांसफार्मर तथा 192 पेयजल योजनाएं ठप हैं जिसकी वजह से कई इलाकों में ना हि बिजली है और ना हि पानी। मानसून में 247 लोगों की मौत राज्य में इस मानसून अभी तक 247 लोगों की जान जा चुकी है जिसमें 33 लोगों की मौत लैंडस्लाइड,बाढ़ और बादल फटने के कारण हुई है। वहीं 36 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य में नुकसान राज्य में इस मानसून में सरकारी और प्राइवेट संपत्ति को अभी तक 2104.85 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अभी तक कुल 71 जगह बाढ़ आई हैं और 34 जगह बदल फटे हैं।
आज सुबह चामुंडा धर्मशाला रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें पंजाब के मोगा से आए तीर्थयात्रियों से भरी एक पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा इक्कू मोड़ के पास एक होटल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, पिकअप में 20 से 25 लोग सवार थे। दुर्घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल हुए तीन और लोगों - एक महिला और दो पुरुषों - ने डॉ. आरपीजीएमसी टांडा अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस हादसे में कई अन्य तीर्थयात्री भी घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए टांडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही योल पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। एसएचओ टांडा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ या कोई तकनीकी खराबी थी। पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
आज भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी आउटरीच कार्यक्रम के तहत, प्रतिष्ठित 95 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर, ब्रिगेडियर संदीप एसएम मदान ने शूलिनी विश्वविद्यालय में ऑपरेशन सिंदूर पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस सत्र में संकाय, छात्र और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए जिसमें आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया। इस प्रस्तुति में ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले और अन्य पाकिस्तान समर्थित घटनाओं के अपराधियों को दंडित करना, नागरिकों को नुकसान पहुँचाए बिना आतंकवादी ढाँचे को निष्क्रिय करना, एक मज़बूत निवारक संदेश देना, संपूर्ण राष्ट्र के दृष्टिकोण के माध्यम से राष्ट्रीय एकता बनाए रखना, बढ़ते तनाव को नियंत्रित करना, सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा करना, और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता पर भारत के रुख पर ज़ोर देना शामिल था। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान, पाकिस्तान समर्थक प्रचार को बढ़ावा देने वाले प्रतिबंधित सोशल मीडिया प्रभावशाली लोगों के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, ब्रिगेडियर मदन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध केवल गहन मूल्यांकन और राष्ट्र विरोधी गतिविधि के सबूत मिलने के बाद ही लगाए जाते हैं। इस कार्यक्रम में शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. पी. के. खोसला, शूलिनी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. सुनील पुरी, शूलिनी विश्वविद्यालय के योजना निदेशक प्रो. जे.एम. जुल्का, शूलिनी विश्वविद्यालय के संचालन निदेशक ब्रिगेडियर एस. डी. मेहता और शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशु खोसला ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए, डॉ. आशु खोसला ने भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त किया और सैनिकों को "आधुनिक कृष्ण" यानी सत्य के रक्षक, रणनीतिकार और रक्षक बताया। उन्होंने रक्षा बंधन और जन्माष्टमी की उत्सवी भावना का आह्वान किया और विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में सशस्त्र बलों को प्रतीकात्मक रूप से एक "आभासी पवित्र धागा" भेंट किया। चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी के पूर्व छात्र ब्रिगेडियर मदान ने चुनौतीपूर्ण इलाकों में कमान संभालते हुए लगभग 27 वर्षों की विशिष्ट सेवा की है। उनके अनुकरणीय करियर में सेना पदक (वीरता), संयुक्त राष्ट्र बल कमांडर का प्रशस्ति पत्र, और कमांडर-इन-चीफ स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांडर प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। उनके साथ ऋचा मदान भी मौजूद थीं, जो एक प्रख्यात शिक्षाविद्, पूर्व प्रधानाचार्य और कल्याणकारी पहलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कोर आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित हैं।
इटरनल यूनिवर्सिटी में नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, संकाय सदस्यों, नियमों और परिसर की संस्कृति से परिचित कराना है। इसे हर वर्ष नियमित कक्षाओं के शुरू होने से पहले आयोजित किया जाता है, ताकि छात्र-छात्राएँ सहज रूप से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सामाजिक माहौल में अभ्यस्त हो सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के माहौल, शैक्षणिक प्रणाली और उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों से मिलवाया गया, साथ ही पाठ्यक्रम संरचना, कक्षाओं की कार्यप्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। छात्रों को पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएँ, तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आध्यात्मिक कार्यक्रमों और गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर कलगीधर ट्रस्ट के प्रेज़िडेंट डॉ. दविंदर सिंह ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने संस्था के इतिहास और संतों के योगदान पर प्रकाश डाला तथा सभी नई छात्राओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। डॉ. नीलम कौर ने भी छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें एक आदर्श, चरित्रवान और अनुशासित विद्यार्थी बनने का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने सभी डीन और डायरेक्टर्स का परिचय कराया तथा उनके द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक और प्रशासनिक सेवाओं का उल्लेख किया। मंच संचालन डॉ. अम्बिका शर्मा और डॉ. निविआ ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की एक विशेष प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों, विशेषताओं और शैक्षणिक माहौल का विस्तार से परिचय कराया गया।
हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी) 204 आज बडू साहिब में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ये कार्यक्रम कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विवेक भटारा के मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बता दें कि 13 अगस्त को शिविर में सांस्कृतिक संध्या और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और उत्साह से भर दिया। इसके बाद जेपी यूनिवर्सिटी और जीडीसी संगड़ाह की कैडेट्स ने मधुर समूह गीत प्रस्तुत किए और साथ ही जीसी नालागढ़, जीडीसी कुल्लू और यूएचएफ नौणी की कैडेट्स ने शानदार समूह नृत्य प्रस्तुत किये जिसने सभी का मन मोह लिया। पुरस्कार वितरण समारोह में फायरिंग प्रतियोगिता, सर्वश्रेष्ठ कैडेट पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ संस्था पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी एएनओ/सीटीओ को स्मृति चिह्न स्वरूप कैप प्रदान की गईं। 14 अगस्त को कैंप कमांडेंट ने समापन संबोधन में कैडेट्स की अनुशासन, समर्पण और सक्रिय भागीदारी की सराहना की। कुछ कैडेट्स ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी शिविरों के लिए मूल्यवान सुझाव भी दिए। शिविर का समापन बडू साहिब परिसर के संक्षिप्त शैक्षणिक भ्रमण के साथ हुआ, जिसमें कैडेट्स ने वहां की शांत व प्रेरणादायी वातावरण से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 204 ने न केवल कैडेट्स के शारीरिक कौशल, ड्रिल दक्षता और फायरिंग क्षमता को निखारा, बल्कि उनमें नेतृत्व, टीम भावना और सांस्कृतिक समन्वय की भावना को भी प्रबल किया — जो कर्नल विवेक भटारा के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन के गौरवशाली सफर का एक और सफल अध्याय साबित हुआ।
वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी जिला सोलन के 13 पर्यटन व्यावसायिक प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने होटल ओबेरॉय द सिसल चौड़ा मैदान शिमला में 1 दिन का कार्यस्थल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान छात्रों के साथ महेंद्र भारद्वाज व्यवसायिक अध्यापक तथा राम कोंडल कला अध्यापक उपस्थित रहे। विद्यालय प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने कार्यस्थल पर प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को बधाई दी तथा भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण में बच्चों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया साथ ही उन्होंने विद्यालय की ओर से महाप्रबंधक द सिसल स्वाति का उक्त प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद तथा आभार व्यक्त किया।
16 अगस्त को जल शक्ति विभाग उपमंडल डाडा सीबा के अंतर्गत के गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित रहने वाली है। अधिक जानकारी देते हुए जल शक्ति विभाग उपमंडल डाडा सीबा के सहायक अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि पेयजल योजना नारी, सांडा, दड़ब अमलेहड़ और खनोडी के मुख्य टैंकों व पानी वितरण, टैंकों की साफ-सफाई के कारण कई गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान घाटी, कुट, गुदाज, नारी, गुजरेड़, दड़व, अमलेहर, खनूडी, बरनाली, बुहारा और घमरूर गांवों में जल आपूर्ति बाधित रहेंगी । अभियंता राकेश कुमार ने उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग करने और पानी की बचत करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह रखरखाव कार्य आवश्यक है ताकि पेयजल आपूर्ति प्रणाली को सुचारु रूप से चलाया जा सके और उपभोक्ताओं को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके। जल शक्ति विभाग का कहना है कि यह कार्य उपभोक्ताओं की सुविधा और भविष्य में बेहतर सेवा के लिए किया जा रहा है, इसलिए सभी लोग आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह कर लें और फिजूलखर्ची से बचें।
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार हुई भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाया है। धर्मपुर उपमंडल स्थित राजकीय उच्च पाठशाला रियूर भी इससे अछूता नहीं रहा। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण स्कूल परिसर की जमीन धंस गई है, जिससे स्कूल का पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। वहीं, नये भवन के सामने स्थित खेल मैदान में भी दरारें आई हैं, हालांकि स्कूल का नया भवन पूरी तरह से सुरक्षित है और यहीं पर बच्चों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। सोमवार को छुट्टियों के बाद जैसे ही स्कूल दोबारा खुला, तो वहां का दृश्य चिंताजनक था। जगह-जगह जमीन धंसी हुई थी और पुराने भवन की स्थिति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त दिखी। बच्चों के अभिभावक भी इस स्थिति से चिंतित नजर आए। मुख्याध्यापक राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें पहले सोशल मीडिया से इस स्थिति की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने पुष्टि की कि पुराना भवन, जो पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था, और जिसमें अब कोई कक्षाएं नहीं लगती थीं, बारिश के चलते और अधिक क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि पुराने भवन को पहले ही खाली कर दिया गया था और वहां कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। इसके लिए एक संयुक्त निरीक्षण कमेटी का गठन भी किया गया है, जो इस भवन को गिराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। राजेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि नया भवन पूरी तरह से सुरक्षित है, और बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से जारी है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या सोशल मीडिया पर वायरल हो रही असत्य जानकारी से भ्रमित न हों।
वीरवार को राजकीय महाविद्यालय सुबाथू में स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता एवं तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में 50 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को स्वतंत्रता के महत्व एवं इसके प्रति जागरूकता के बारे में बताया गया। तिरंगा रैली महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर सुबाथू बाज़ार तक निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारे लगाए। इस अवसर पर डॉ. दीपिका, डॉ. सुभाष एवं प्रो. कविता की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें देश के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प दिलाया।
ब्रिटिश काल में स्थापित सुबाथू उप डाकघर को प्रदेश का पहला डाकघर माना जाता है। हालांकि किसी अधिकृत दस्तावेज में इसके प्रदेश का पहला डाकघर होने का उल्लेख नहीं है, लेकिन अंबाला से कालका और कालका से खच्चरों में सुबाथू उप डाकघर तक चिठ्ठी आने का इतिहास सर्वविदित है। माना जाता है कि ये 1836 में स्थापित हुआ था। स्वर्गीय ज्योतिषचार्य एवं प्रसिद्द लेखक मदन गुप्ता स्पाटू के अनुसार डाक के थैले कलकत्ता से दिल्ली, फिर अंबाला और कालका पहुँचाए जाते थे। कालका से, थैलों को खच्चरों पर लादकर कसौली और फिर सुबाथू ले जाया जाता था। यहाँ तक कि इन थैलों को ढोने के लिए हरकारे भी रखे जाते थे, जिन्हें कंधे पर रखी बाँस की छड़ पर बाँधकर कुछ मील चलने के बाद बदल दिया जाता था। बाद में, ब्रिटिश डाक के संचालन के लिए सुबाथू में एक छोटा सा डाकघर अस्तित्व में आया। 1856 में जब हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग खुला, तो डाक के थैलों को तांगों या बैलगाड़ियों पर धर्मपुर से सुबाथू छावनी तक पहुँचाया जाता था। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार कभी चिट्ठी कम होती तो लाठी पर बैग लटका कर डाकिया भी डाक लाता। तकनीक के इस दौर में इतिहास को सैंकड़ो वर्षों से समेटे सुबाथू डाकघर आज खस्ताहाल है। आलम यह है की सुबाथू उप डाकघर के मुख्य द्वार का गेट जर्जर हालत में है। वर्षों से रंग रोगन को तरसता हुआ। भारतीय डाक विभाग इस ऐतिहासिक धरोहर के इतिहास को संजोए रखने में नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय लोगो ने भारतीय डाक विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है की जल्द से जल्द सुबाथू उप डाकघर के गेट पर पेंट करवाया जाए , साथ ही गेट के साइड की दोनों दीवारों पर इसका इतिहास भी अंकित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी को ये पता लग सके कि सुबाथू उप डाकघर भी हिमाचल प्रदेश में स्थापित ऐतिहासिक धरोहर में से एक है। इस बारे पोस्टमास्टर बी एस नेगी ने बताया की मुख्यद्वार के पेंट के लिए कोटेशन मांगी गई है। जल्द ही पेंट का काम शुरू होगा। जहाँ तक उप डाकघर के इतिहास लिखने की बात है इस विशेष को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जायेगा।
हाल ही में हमीरपुर और कांगड़ा लोकसभा सांसदों ने रेलवे मंत्री से कांगड़ा को रेलवे लाइन से जोड़ने का आग्रह किया है। इसी बीच भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अचल पठानिया ने सुझाव दिया है कि मुबारकपुर से कांगड़ा तक हाईवे और रेल लाइन बनाई जाए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, देवस्थल लाभान्वित होंगे और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि देहरा में बन रही सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही, संसारपुर टेरेस से पोंग डैम के किनारे-किनारे रेलवे लाइन का विस्तार किया जाए, तो इस पिछड़े इलाके में भी विकास के नए द्वार खुलेंगे और पर्यटन की अपार संभावनाएं पैदा होंगी। अचल पठानिया ने बताया कि पोंग बांध के निर्माण के समय डैम तक रेल लाइन पहुंची थी और सारा सामान रेल के जरिए ही लाया गया था। टेरेस और डैम रोड के पुलों पर आज भी उस समय की रेल पटरी का प्रमाण मौजूद है। उन्होंने अफसोस जताया कि उस दौर की सरकारों ने प्रयास नहीं किए, वरना यह इलाका आज काफी विकसित होता। उन्होंने कहा कि तलवाड़ा तक रेल लाइन का काम जारी है और यदि इसे जोड़ने की पहल की जाए, तो सफर भी कम होगा और पूरा क्षेत्र आर्थिक व सामाजिक रूप से विकसित होगा। पठानिया ने सांसद अनुराग ठाकुर और राजीव भारद्वाज से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर इसे अमलीजामा पहनाने का आग्रह किया है।
प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है। बीते कल 5 जगहों पर बादल फटने की घटना सामने आई हैं जिससे शिमला सहित राज्य के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। श्रीखंड के भीमडवारी तथा नंती, किन्नौर के पूह, लाहौल के मयाड़ और कुल्लू की तीर्थन घाटी में बादल फटने से कई मकानों को क्षति हुआ है। लाहौल की मयाड़ घाटी में करपट गांव को खाली करवाकर 22 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। कांगड़ा में आज सुबह से ही लगातार बारिश, ख़राब मौसम और कम दृश्यता के चलते इंडिगो की दिल्ली से कांगड़ा हवाई अड्डा के लिए 1 उड़ान रद्द रही। चंबा, कांगड़ा और मंडी में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी माैसम विभाग ने आज 3 जिलों चंबा, कांगड़ा और मंडी के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि दूसरे जिलों में येलो अलर्ट है। कल 15 अगस्त के लिए सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में हल्की बारिश की सम्भावना बताई गई है। 241 लोगों की जान गई, करोड़ो का नुकसान इस मानसून राज्य में लगभग 241 लोगों की जान जा चुकी है वहीं 326 लोग घायल और 36 लोग लापता हैं। सड़क हादसों मे लगभग 116 लोगों की मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन एवं बाढ़ से अब तक 2,507 घरों और दुकानों को क्षति हुई है। अब तक लगभग 2031 करोड़ रुपये का सरकारी और प्राइवेट संपत्ति का नुकसान हुआ है। सैकड़ों सड़कें बाधित एवं बिजली आपूर्ति ठप लगातार तेज़ बारिश के चलते 2 नेशनल हाईवे समेत 323 सड़कें बंद हैं। इसके साथ ही 130 पेयजल योजनाएं और बिजली के ट्रांसफार्मर भी ठप हैं।
राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में बुधवार रात भारी बारिश हुई और दिनभर बादल छाए रहे। वहीं शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश और रात में लगातार बारिश हुई जिसके चलते जगह-जगह भूस्खलन हुई और शहर में यातायात सुबह बुरी तरह प्रभावित रहा। इन जिलों में येलो-आरेंज अलर्ट चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले में आज तेज़ बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है वहीं प्रदेश के दूसरे हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। किन्नौर व लाहुल-स्पीति को छोड़कर 15 से 19 अगस्त के बीच बाकि के सभी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। भूस्खलन से कई सड़कें बंद राजधानी शिमला में भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन हुआ है जिससे भारी नुकसान हुआ है। शहर में 20 से ज्यादा पेड़ गिरे हैं जिससे कई सड़कें ठप हो गईं और कई स्थानों पर गाड़ियां भी मलबे में दब गईं। शिमला शहर की पेयजल परियोजनाओं भी ठप है जिसके चलते अगले दो दिनों तक शिमला में पानी की आपूर्ति ठप रहने की संभावना जताई गई है। इन स्थानों पर बादल फटने की घटना प्रदेश के कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला और कुल्लू में बुधवार शाम को 4 जगहों पर बदल फटे हैं जिसके चलते नदी नालों में जल स्तर बढ़ जाने से बाढ़ जैसी बन गई। शिमला में बाढ़ से पुल, मकान व दुकानें और साथ ही कुल्लू में भी पुल बह गए जिसकी वजह से तीन पंचायतों का संपर्क इनसे टूट गया। लाहौल-स्पीति में भी पुल बहने से सड़कें बाधित हुई हैं। भारी बारिश से नुकसान हिमाचल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बीते 24 घंटों में बारिश की वजह से 323 सड़कें बाधित हो गई हैं।
लोक निर्माण विभाग के तहत आने वाले परमाणु-पट्टा मार्ग पर बुधवार सुबह कसौली क्षेत्र के टिपरा गांव के पास भूस्खलन होने से मार्ग करीब एक घंटे के लिए बाधित हो गया। विभाग को जैसे ही सूचना मिली, फील्ड स्टाफ की तत्परता से जेसीबी मशीन भेजी गई और मार्ग को तत्काल बहाल कर दिया गया। भूस्खलन से मार्ग के किनारे बनी कूहल (नहर) को भी काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि दोपहर बाद तक सड़क पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन शाम को पुनः भारी बारिश के कारण सड़क पर दोबारा मलबा आ गया। विभाग ने तुरंत जेसीबी लगाकर मार्ग को फिर से खोल दिया। लगातार हो रही बारिश लोक निर्माण विभाग के लिए एक चुनौती बन चुकी है। विभाग के अनुसार, वाहन चालकों, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मार्ग को खुले रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों ने विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना की है। उन्होंने बताया कि जैसे ही मार्ग पर मलबा आता है, विभाग जेसीबी और कर्मचारियों की सहायता से तुरंत सफाई कर मार्ग खोल देता है। जंगेशु पंचायत के टिपरा वार्ड सदस्य भगत राम ठाकुर ने बताया कि बुधवार सुबह मार्ग बंद हो गया था, लेकिन विभाग की सक्रियता से उसे समय रहते खोल दिया गया। शाम को भी मार्ग पर कुछ समय के लिए मलबा आया, लेकिन जेसीबी के मौके पर होने के कारण यातायात तुरंत बहाल कर दिया गया। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता अंकुश कोंडल ने जानकारी दी कि बुधवार को सुबह और शाम दोनों समय भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित हुआ था, लेकिन विभाग की तत्परता से सड़क को तुरंत यातायात के लिए खोल दिया गया है।
श्री राम लीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर हाटकोट में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में कथा श्रवण कर श्रोता निहाल हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन कथा में श्रोताओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस पावन कथा का श्रवण करवा रही बाल व्यास स्मृति भारद्वाज ने अपनी ज्ञान भक्ति मई मधुर वाणी से कथा के चतुर्थ दिवस श्री कृष्ण जन्म की कथा का सुंदर वर्णन कर कथा के अनेक प्रशंग सुनाए। इस दौरान बाल रूप में श्री कृष्ण की सुंदर झांकी निकाल कर श्री कृष्णा प्रकट उत्सव मनाया गया l कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि जब जब इस धरा पर अधर्म का बोलबाला होता है, तब तब इस धारा की रक्षा के लिए भगवान विष्णु चौबीस अवतार धारण करके मानव रूप में अवतरित हुए और इस धारा की रक्षा की l द्वापर युग में भगवान विष्णु ने मां देवकी के गर्भ में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में कंस के कारागार में जन्म लिया और वासुदेव ने उन्हें गोकुल में नंदबाबा और यशोदा के पास पालने के लिए छोड़ दिया ल भगवान कृष्ण ने जन्म से ही अपनी दिव्य अलौकिक शक्तियों का दिखाना आरंभ कर दिया था l भगवान कृष्ण ने बाल रूप में गोकुल में बहुत सारी लीलाएं की l इसके साथ कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग में आधुनिक युग में गंभीर चुनौतियां और समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवा शक्ति में बढ़ते नशे के प्रचलन के प्रति सभी को आगाह किया साथ ही सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने का आह्वान भी किया l उन्होंने युवा शक्ति को संस्कार पूर्ण नैतिक शिक्षा देने का सभी अभिभावकों से आह्वान किया l आज का मानव असीमित इच्छाओं के कारण इस भौतिकता वादी युग में बहुत आत्म केंद्रित हो गया है वह देह से मानव प्रतीत होता है परंतु विचार से दानव जैसे कृत्य वह करता है। उन्होंने कथा प्रसंग में उपस्थित जनसमुदाय से श्रीमद् भागवत में लिखी हुई शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं राम लीला जन कल्याण समिति के अध्यक्ष रितेश जोशी, हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, देवेंद्र उपाध्याय, अमन अत्री, सूर्यांश गर्ग, दीपक कुमार, हितेंद्र, प्रियांशु शर्मा, कार्तिक भारद्वाज, योगेश, राकेश झांझी , जय, सुमित, गौतम, रूपेश शर्मा,हितेंद्र, मनीष, गौरव, मृदुल गर्ग, अच्युतम, तन्मय, अजय जोशी, प्रदीप पूरी सहित समिति के सभी सदस्यों के अलावा सैकड़ों ने कथा का रसपान किया।


















































