जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 तथा आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 26, 30 तथा 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र जिसमें क्षेत्र की 41 ग्राम पचायतें तथा नालागढ़ एवं बद्दी नगर परिषद सम्मिलत हैं में पूर्ण कफ्र्यू एवं लाॅकडाऊन करने के आदेश दिए हैं। जिला दण्डाधिकारी द्वारा घोषित आदेशों के अनुसार उपरोक्त क्षेत्र में 26 जुलाई, 2020 की अर्धरात्रि से 28 जुलाई, 2020 की प्रातः 6.00 बजे तक पूर्ण कफ्र्यू रहेगा। तदोपरांत पूर्व में अधिसूचित कन्टेनमेंट जोन में लाॅकडाउन लागू रहेगा। इन आदेशों के अनुसार उपरोक्त क्षेत्र में सभी केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कार्यालय, सार्वजनिक निगम, बैंक, वाणिज्यिक गतिविधियां तथा औद्योगिक गतिविधियां बंद रहेंगी। यह आदेश आपातन सेवाओं अर्थात कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों, अग्निशमन सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, दवा की दुकानों एवं उन उद्योगों पर लागू नहीं होंगे जिनमें लगातार प्रक्रिया आवश्यक है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि नियमित प्रक्रिया वाले उद्योग तथा ऐसे सभी उद्योग जो जनोपयोग क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है को न्यूनतम आवश्यक कर्मियों के साथ कार्य करने की अनुमति होगी। ऐसे सभी न्यूनतम आवश्यक कर्मी औद्योगिक परिसर में पहले से रह रहे होने चाहिएं। किन्तु ऐसे सभी उद्योगों को परिसर के भीतर रह रहे कामगारों की सूची उद्योग के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित करनी होगी तथा किसी को भी मार्ग पर पैदल आवागमन की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत अस्पताल तथा औषधालय, दवा की दुकान, चिकित्सा उपकरण की दुकान, परीक्षण शाला, नर्सिंग होम, रोगी वाहन जैसे अन्य सम्बद्ध चिकित्सा संस्थान कार्यरत रहेंगे। चिकित्सा कर्मियों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों तथा अस्पताल के लिए आवश्यक अन्य सहयोगी सेवाओं के परिवहन की अनुमति होगी। केन्द्र अथवा राज्य सरकार के नियन्त्रण में कार्यरत पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल, गृहरक्षक एवं अन्य सुरक्षा बलों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। पैट्रोल पम्प, रसोई गैस, तेल एजेन्सी तथा इनके गोदाम एवं इनसे सम्बन्धित परिवहन गतिविधियां इस अवधि में बन्द रहेंगी। इस अवधि में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में तथा क्षेत्र से बाहर चिकित्सा आपात के अतिरिक्त लोगों के आवागमन पर पूर्ण रोक रहेगी। पुलिस विभाग इस निर्देश का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएगा। लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अवधि में अपने घर पर रहें एवं बाहर न निकलें। आदेश के अनुसार इस अवधि में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पारगमन की अनुमति इस शर्त पर होगी कि पारगमन के दौरान बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में किसी को कहीं पर भी रूकने नहीं दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित बनाएगा कि इस अवधि में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो तथा कन्टेनमेंट जोन में यह पूर्व में स्थापित तन्त्र के अनुरूप जारी रहे। लाॅकडाउन अवधि में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बीबीएन क्षेत्र विशेष रूप से उच्च संक्रमित क्षेत्र में रहने वाले उन व्यक्तियों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करने के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करेगा, जिनमें जुखाम एवं आईएलआई रोग के लक्षण पाए जा रहे हों। आदेशों के अनुसार शीघ्र अति शीघ्र एक्टिव केस फाइडिंग अभियान को पूर्ण किया जाएगा। आदेशों की अवहेलना पर अथवा किसी भी जन सेवक के कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय बीबीएन क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोविड-19 रोगियों के मामले सामने आने तथा महामारी के फैलाव को रोकने के लिए लिया गया है।
जिला सिरमौर के गोबिंदगढ़ मौहल्ला नाहन से शनिवार को 15 कोरोना पॉजिटिव मामले और सामने आए है। बेटे कल भेजे गए सैंपल में से 100 की रिपोर्ट आनी बाकी थी जिसमे आज 15 की रिपोर्ट पॉजीटीव जबकि 85 सैंम्पल की रिपोर्ट नेगिटिव आई है। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ आर के परूथी ने बताया कि अभी आई रिपोर्ट के मुताबिक 15 नए पॉजिटिव आए मामलों में 4 युवक/पुरूष जिनकी उम्र 14 से 65 वर्ष के बीच है तथा 11 युवती/महिलाए जिनकी उम्र 11 से 68 वर्ष के बीच है। उन्होंने बताया कि जिला में अब कुल 169 एक्टिव मामले हैं।
कारगिल युद्ध में चार परमवीर चक्र हमारे जवानों को दिए गए थे जिनमें से दो को मरणोपरांत यह सम्मान मिला था लेकिन बिलासपुर हिमाचल के संजय कुमार और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के योगेंद्र सिंह यादव को जीवित यह सम्मान मिला था। संजय कुमार को बिलासपुर की आन बान और शान कहा जा सकता है। इसके अलावा कारगिल युद्ध के जिन अन्य दो जांबाजों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया उनमें कैप्टन मनोज कुमार पांडे व कैप्टन विक्रम बत्रा शामिल हैं। सबसे पहले हम चर्चा करेंगे परमवीर चक्र विजेता सूबेदार संजय कुमार की। संजय कुमार कारगिल युद्ध में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार संजय कुमार आज भी वह मंजर याद करते हैं तो उनका खून खौल जाता है। वर्तमान में देहरादून अकादमी में तैनात सूबेदार संजय कुमार कारगिल युद्ध के समय राइफलमैन थे। 4 और 5 जुलाई 1999 के दौरान उन्होंने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। कारगिल युद्ध के दौरान एरिया फ्लैट टॉप पर कब्जा करने में संजय कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजय कुमार का जन्म 3 मार्च 1976 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में हुआ था। संजय कुमार की तैनाती कारगिल में मास्को वैल्यूप्वाइंट पर थी। यहां दुश्मन ऊपर से लगातार हमले कर रहा था। संजय ने अपने 11 साथियों में से दो को गंवा दिया था जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस परिस्थिति में भी संजय ने दुश्मनों का कड़ा मुकाबला किया और एक समय ऐसा भी आया जब उनके राइफल की गोलियां खत्म हो गई। तीन गोली लगने के बावजूद संजय कुमार ने अपने मिशन में कामयाबी हासिल की। उन्होंने आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन दुश्मन सैनिकों को भी मार गिराया। उनके बहादुरी को सलाम करते हुए उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता पदक परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। योगेन्द्र सिंह यादव ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को कारगिल युद्ध के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस के लिए उच्चतम भारतीय सैन्य सम्मान परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव कारगिल युद्ध के दौरान जूनियर कमीशनन्ड ऑफिसर (JCO) थे। वर्तमान में वह सूबेदार मेजर हैं। ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को 19 साल की उम्र में परमवीर चक्र प्राप्त हुआ। योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के सैनिक हैं जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ। योगेंद्र सिंह यादव का जन्म 10 मई 1980 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के सिकंद्राबाद के औरंगाबाद अहीर गाँव में हुआ था। उनके पिता करण सिंह यादव ने 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में भाग लेते हुए कुमाऊं रेजीमेंट में सेवा की थी। यादव 16 की आयु में भारतीय सेना में शामिल हुए। कैप्टन मनोज कुमार पांडे कैप्टन मनोज कुमार पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रुधा गांव में 25 जून 1975 को हुआ था। बचपन से ही पांडे में देश सेवा का जुनून सवार था। यही कारण था कि उन्होंने भारतीय सेना को चुना। 1997 में मनोज कुमार पांडे गोरखा राइफल्स का हिस्सा बने। उन्हें पहाड़ों पर चढ़ने और घात लगाकर दुश्मनों पर हमला करने में महारत हासिल थी। यही कारण था कि सियाचिन में तैनाती होने के बावजूद भी उन्हें कारगिल युद्ध के समय बुला लिया गया। मनोज कुमार ने अपनी बटालियन का नेतृत्व करते हुए 2 महीने में ही कुकरथांग और जबूरटॉप जैसी चोटियों को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त करा लिया। इसके बाद उन्हें खोलाबार पर कब्जा करने की जिम्मेदारी दी गई। यह काम सबसे मुश्किल माना जा रहा था। खोलाबार की ओर बढ़ते हुए उन्हें पाकिस्तानी सेना के गोलियों का सामना करना पड़ा। घायल होने के बावजूद भी उन्होंने पाक सेना का 4 बंकर खत्म कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने दुश्मन सेना के कई जवानों को मौत के घाट भी उतार दिया। इस परिस्थिति में भी उन्होंने अपने साथियों को कवर दी। वह 3 जुलाई 1999 को शहीद हो गए। उनके बहादुरी को सलाम करते हुए मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता पदक परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। कैप्टन विक्रम बत्रा हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले के घुग्गर में 9 सितंबर 1974 को कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म हुआ था। 6 दिसंबर 1997 को कैप्टन बत्रा जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 13वीं बटालियन में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए। दो साल बाद ही उन्हें प्रमोट कर कैप्टन रैंक दी गई। कैप्टन विक्रम बत्रा कारिगल के हीरो माने जाते हैं। कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल युद्ध में पांच सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट जीतने में अहम रोल निभाया था। पाकिस्तानी घुसपैठिये टाइगर हिल पर कब्जा करके बैठे थे और नीचे भारतीय सेना पर लगातार फायरिंग कर रहे थे ऐसे में योजना बनाई गई टाइगर हिल पर चढ़ने की। पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए पांच इंपॉर्टेंट पॉइंट को जीतना बेहत जरूरी था। कैप्टन विक्रम बत्रा ने हर पॉइंट जीतने में मदद दी। कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा अपने एक साथी को बचाते-बचाते शहीद हो गये। कहते है कि दुश्मनों की गोलीबारी के दौरान उन्होंने अपने साथी से अंतिम शब्दों में यह कहा था कि 'तुम हट जाओ। तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं।’ कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा से जुड़े एक वाकये को उनके साथी ने शेयर करते हुए कहा कि जब भी बत्रा गोलियों से दुश्मनों को भून देते थे तो वह कहते 'ये दिल मांगे मोर'। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान वीरता के लिए भारत का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मरणोपरांत परमवीर चक्र से उन्हें सम्मानित किया गया था।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यालय में कोरोना संक्रमित भाजपा नेता के आने पर हैरानी जताते हुए उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की प्रशासन से मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह जानबूझकर किया गया अक्षम्य अपराध है जिसे हल्के से नही लिया जा सकता। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कोविड 19 के बढ़ते मामलों से आम लोगों की चिंताओं पर गौर किया जाना चाहिए।उनका कहना है कि सरकारी स्तर पर सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। भाजपा के नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ इसके नियमों को तार तार कर रहें है। उनका कहना है कि कांग्रेस के नेताओं पर तो इस नियम को तोड़ने पर पुलिस मामले बनाए जा रहें है पर भाजपा के किसी भी नेताओं को इसकी पूरी छूट दी गई लगती है। विक्रमादित्य सिंह ने सरकार के दोहरे मापदंड की आलोचना करते हुए कहा है कि महिला मोर्चा के महायज्ञ में शामिल हो कर मुख्यमंत्री सहित महिला मोर्चा व अन्य भाजपा नेताओं पर भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी जहां 200 से अधिक लोग मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जुटे थे। उनका कहना है कि कानून सबके लिए एक समान है,जिसका पालन सबको करना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि वह प्रदेश को बताए कि कोविड 19 के चलते अब तक उन्हें केंद्र से कितनी आर्थिक मदद मिली है और प्रदेश में मुख्यमंत्री राहत कोष में अबतक कितनी राशि इकठ्ठा हुई और यह कहा और कैसे खर्च की जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा बिजली, पानी, बस किराया बढ़ाने के फेंसलो को पूरी तरह जनविरोधी बताते हुए कहा है कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आम लोगों का आवाज बनकर भाजपा सरकार का हर स्तर पर डट कर विरोध करेगी।
-फ़रवरी 2017 से ख़ाली पड़ी है ‘हॉट चेयर’ हिमाचल में लोकायुक्त के नाम बड़े और दर्शन छोटे नज़र आ रहे हैं। हालाँकि लाेकायुक्त के पद काे भरने के लिए इस साल पांच जनवरी काे सलेक्ट कमेटी की मीटिंग में चर्चा भी हाे चुकी है, लेकिन छः माह बीत जाने पर भी प्रक्रिया शुरू नहीं हाे पाई। हिमाचल में वर्ष 2017 से लाेकायुक्त का पद खाली चल रहा है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार जल्द ही लोकायुक्त के पद को भरने के लिए प्रक्रिया पूरी करेगी। आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-2014 के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करेगी। गौरतलब है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान फरवरी 2017 में जस्टिस एलएस पांटा लोकायुक्त पद से सेवानिवृत हो गए थे, लेकिन उसके बाद अब तक लंबे समय तक हिमाचल के पास लोकायुक्त ही नहीं हैं। सशक्त लोकायुक्त एक्ट लागू करने के लिए रूल एंड रेगुलेशन तैयार हो चुका है। नया स्टाफ से लेकर सभी विंग को स्थापित करने के लिए सभी नियमों को तैयार कर दिया है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-1983 में जांच व अभियोजन विंग नहीं थी जिसे स्थापित करने के लिए न्यू एक्ट के तहत पूरा स्टाफ भी चाहिए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त एक्ट-2014 में निदेशक जांच तथा निदेशक अभियोजन की नियुक्ति भी होनी है। हालांकि यहां प्रशासनिक विंग पहले से ही हैं, लेकिन न्यू एक्ट लागू होने से स्टाफ में भी वृद्धि होगी। लोकायुक्त का अपना होगा पुलिस थाना लोकायुक्त एक्ट-2014 के तहत लोकायुक्त का अपना पुलिस थाना होगा। पहले चरण में शिमला, धर्मशाला व मंडी में लोकायुक्त पुलिस थाना खुलेंगे। लेकिन इस मसले पर भी अभी तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। लोकायुक्त थाने में ही केस दर्ज किए जाएंगे। प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट-1988(केंद्र) तथा 1983(राज्य) के तहत इन लोकायुक्त पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किए जाएंगे। साथ ही कोड ऑफ क्रिमीनल प्रोसिजर एक्ट-1973 के तहत पुलिस स्टेशनों की प्रक्रिया चलेगी। हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त में तीन बार संशोधन के बाद लागू होने जा रहा है। शक्तियां मिलने पर भी लागू नहीं हो पाया एक्ट पूर्व में लोकायुक्त के पास जांच एवं अभियोजन की शक्तियां नहीं होने से कई मामलों पर सुनवाई भी नहीं हो पाई। ऐसे में अब करीब 32 साल बाद लोकायुक्त एक्ट में संशोधन के साथ लोकायुक्त को कई शक्तियां मिलने से रूल्ज एंड रेगुलेशन भी नए सिरे से तैयार हो चुका है। बताया गया कि प्रशासनिक विंग में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि जांच एवं अभियोजन विंग में विधि विभाग के तहत ही नियुक्तियां होगी। जल्द हाेगी सेलेक्ट कमेटी की दूसरी मीटिंग लाेकायुक्त की नियुक्ति के लिए जल्द ही सेलेक्ट कमेटी की दूसरी मीटिंग हाेनी हैं। हालांकि अभी डेट तय नहीं हुई है, लेकिन विधानसभा मानसून सत्र से पहले यह मीटिंग हाे सकती है। सिलेक्ट कमेटी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस लिंगप्पा नारायण स्वामी, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री और विधानसभा के स्पीकर हाेंगे।
विधायक जीत राम कटवाल ने ग्राम पंचायत बड़गांव गल्लू के गांव बड़गांव बार्ड 5, दमेडा वार्ड 3, पंचायत घर बड़गांव में लोगों की समस्याओं को सुना अधिकांश समस्याओं को मौके पर हल किया गया। उन्होंने समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र झंडूता में सड़क, बिजली और पानी को प्राथमिकता के अधार पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली की कम वोल्टेज की समस्या हल करने के लिए लगभग 6 करोड़ 25 लाख रुपये से 33 के वी का सबस्टेशन कोटधार की ग्राम पंचायत कोसरिया के गांव कुट बंगड में लगाया जाएगा। कोटधार क्षेत्र में बिजली की कम वोल्टेज की समस्या को हल करने के लिए विभिन्न स्थानों पर 15 नये बिजली के ट्रांसफार्मर लगाए गए। इस कार्य पर एक करोड़ 35 लाख 54 हजार रुपये खर्च किए गए। पुराने 6 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई ताकि कम वोल्टेज की समस्या का हल हो सके। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 6 बिजली के ट्रांसफॉर्मर शीघ्र ही लगाये जायेंगे और पुराने ट्रांफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस वर्ष कोटधार क्षेत्र में लकड़ी के सभी खम्बों को बदला जाएगा तथा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना तथा उज्वला योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र झंडूता में 7354 मुफ्त गैस कनेक्शन वितरित किये जा चुके है। हिमाचल प्रदेश ऐसा पहला राज्य होगा जिसमे हर घर मे गैस कनेक्शन होगा। विधानसभा क्षेत्र झंडूता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रत्येक किसान को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि कोटधार क्षेत्र में लगभग 55 करोड़ रुपये विभिन्न पेयजल योजनाओ पर खर्च किये जा रहे है। बड़गांव में पेयजल समस्या को हल करने के लिए जय श्री देवी में नया पेयजल भण्डारण बनाने के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह चन्देल, सहायक विकास आयुक्त एव खण्ड विकास अधिकारी धर्मपाल, तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत, एस डी ओ विद्युत राजेश खरयाल, एस डी ओ लोक निर्माण विभाग सचिन नड्डा, एस डी ओ जल शक्ति विभाग रत्न देव, ग्राम पंचायत प्रधान कमला देवी, इंस्पेक्टर फूड एंड सिविल सप्लाई अमित, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर प्रतिभा उपस्थित थे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्र अनुराग ठाकुर ने आयकर दिवस के अवसर पर देश की प्रगति व उन्नति में भागीदार आयकरदाताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए मोदी सरकार द्वारा आयकरदाताओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "देश की प्रगति व उन्नति में आयकरदाताओं का काफ़ी महत्वपूर्ण योगदान है। भारत को सशक्त ,समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा के आयकरदाताओं की एक बड़ी हिस्सेदारी है। समय से कर का भुगतान करना सभी नागरिकों का एक नैतिक कर्तव्य है जिसकी मदद से सरकार रोड, रेल, फ़्लाईओवर, इंफ़्रास्ट्रक्चर सुधार इत्यादि जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाती है। प्रत्येक वर्ष 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है जिसका मक़सद आयकरदाताओं व इस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का आभार प्रकट करना व उन्हें उनके कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करना है। कोरोना के इस महासंकट में केंद्र सरकार महामारी के साथ-साथ ही आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ रही है।नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने करदाताओं को इस आपदा के दौरान राहत देने का काम किया है।केंद्र सरकार द्वारा आयकर दाखिल करने की तारीख बढ़ा कर 30 नवंबर करना, मार्च 2021 तक टीडीएस-टीसीएस की दरों में 25 फीसदी की कटौती करना, विवाद से विश्वास स्कीम 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा कर आम करदाताओं को राहत पहुँचाने का काम किया है। कोरोना संकट के दौरान 8 अप्रैल से 23 जुलाई के दौरान 20 लाख से अधिक करदाताओं को 78,606 करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी कर दिया गया है।" अनुराग ठाकुर ने कहा "भ्रष्टाचार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज़ीरो टॉलरेस की नीति रही है और मोदी सरकार इसे जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनमानस के हितों की रक्षा करने के लिए मोदी सरकार लगातार हर ज़रूरी क़दम उठा रही है। आम करदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग द्वारा NeAC की स्थापना व फ़ेसलेस असेसमेंट सेवा की शुरुआत मोदी सरकार द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। करदाताओं को बेहतर सुविधा देने, उनकी शिकायतों को कम करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "डिजिटल इंडिया" के विजन को साकार करने और इज ऑफ डूईंग बिज़नेस को बढ़ावा देने में फ़ेसलेस असेसमेंट सेवा की अहम भूमिका निभा रही है।”
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आने के उपरांत कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। यह निर्णय उप मण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल में ट्रक यूनियन बाईपास-गुग्गामाड़ी मंदिर से केनरा बैंक तक के पूरे मार्ग तथा इस मार्ग पर स्थापित सभी दुकानों को पूर्ण रूप से सील किया जाएगा। दावत चैक से नई सब्जी मण्डी (मोतिया प्लाज़ा के समीप) तथा आगे बाईपास तक के पूर्ण क्षेत्र को सील किया जाएगा। ग्राम पंचायत हरिपुर संडोली में वार्ड नम्बर-3 तथा वार्ड नम्बर-4 (खबड़ियां) को पूर्ण रूप से सील किया जाएगा। सब्जी मण्डी बद्दी के साथ लगते पूरे क्षेत्र को सील किया जाएगा। जिला दण्डाधिकारी ने बंसती बाग बद्दी, सब्जी मण्डी बद्दी, हाउसिंग बोर्ड बद्दी के फेज़-3 को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं। जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार मैसर्ज यूएसवी कंपनी, डीआईसी बद्दी के पूरे परिसर को सील कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त कन्टेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर लोगों तथा वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उद्योगों एवं कंपनियों के वाहन तथा कामगारों एवं कर्मियों के आवागमन के लिए कंपनियों द्वारा किराए पर लिए गए वाहनों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। कन्टेनमेंट जोन में किसी भी कामगार अथवा कर्मी को पैदल आवागमन की अनुमति नहीं होगी। उप मण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। प्रदेश प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम तथा नायब तहसीलदार बद्दी उनके सहायक होंगे। उप मण्डलाधिकारी नालागढ़ यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी के समय सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से सेनिटाइज किया जाए। यह आदेश कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूर्ण होने एवं सभी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
आशा वर्करस कार्यकर्ता संघ हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में डिप्टी सीईओ बी.बी.एन.डी.ए. के माध्यम से एक ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा, जिसमें आशा वर्करस को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग रखी गई। आशा वर्करस संघ ब्लॉक नालागढ़ की प्रधान मंजीत कौर व सचिव दया ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पूरे देश में लगभग 10 लाख 25 हजार आशा कार्यकर्ता है। जो ग्रामीण एंव शहरी क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य संबधी जानकारी, टीकाकरण, स्वच्छता, जच्चा-बच्चा देखभाल, संस्थागत प्रसव आदि के अलावा राज्य सरकार इनसे कई अन्य कार्य भी संचालित करवाती है। इसके बदले इन्हें कोई मानधन अथवा कोई वेतन नहीं दिया जाता। बल्कि अल्प प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी नहीं किया जाता है। समाज का कुपोषण दूर करते-2 परिवार सहित आशा कार्यकर्ता कुपोषण का शिकार हो रही है जबकि यह कार्य सभी सरकारी कर्मचारी करते हैं जिन्हें सरकार वेतन के साथ-साथ अन्य सभी सुविधाएं भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गत 11 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा बीडियो कान्फरेंसिंग के जरिए आशा कार्यकर्ताओं से वार्तालाप किया गया था और प्रोत्साहन राशि को दुगना करने को एलान भी किया गया था लेकिन मंत्रालय से मात्र एक हजार की बढ़ौतरी की गई। वही भामसं के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल व कार्यकारिणी सदस्य राजु भारद्वाज का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और इनका न्युनतम वेतन 18 हजार प्रति माह किया जाए। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं को समाजिक पैंशन योजना के अंर्तगत ई.पी.एफ. एवं ई.एस.आई. योजना भी लागू हो व सेवानृवत होने पर 5 लाख रूपया दिया जाए। इसके अलाव कोविड 19 अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की मृत्यु अथवा अपाहित होने पर दुर्घटना बीमा योजना के अंर्तगत 50 लाख की अनुगृह राशि प्रदान की जाए। इसके अलाव उम्र का बंधन हटाते योग्यताधारी आशा कार्यकर्ताओं को ए.एन.एम. के पद पर पदोन्नत किया जाए। इस मौके पर सचिव दया ठाकुर, संतोष, सुनीता, अनीता, गुरचरणी, ममता, संदीप, बलविंद्र कोैर, सीमा, रानी व अन्य आशा वर्कर कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, की वर्ष 2020-21 की पहली जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अशोक कुमार गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी बिलासपुर, प्यारे लाल, जिला रोजगार अधिकारी, राकेश कुमार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर, आर० के० गौतम, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बिलासपुर, हंस राज ए०सी० (एफ और ए) उपायुक्त कार्यालय, प्रोमिला शर्मा, महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, मनोज प्रबन्धक और राज कुमार, डी.ई.ओ. ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न प्रकार की कुल 45 परियोजनांए समिति के समक्ष रखी गई, जिनकी कुल लागत 11.97 करोड तथा अनुदान राशि 2.74 करोड़ रूपये प्रस्तावित थी, जिनका अध्ययन व समीक्षा करने के बाद समिति ने 44 परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया। बैठक में इन 44 परियोजनाओं में लगभग 11.72 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इन ईकाइयों में लगभग 200 लोगों को रोजगार उपलब्ध होना प्रस्तावित है। इन सब इकाईयों को स्थापित होने के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से 2.68 करोड़ की सपसीडी दी जाएगी। महाप्रबन्धक प्रोमिला शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 27 औद्योगिक ईकाइयों को 1.04 करोड़ रूपये की अनुदान राशि आबंटित की जा चुकी है तथा पिछले वर्षो में 44 ईकाइयों को 1.59 करोड़ रू० की अनुदान राशि दी गई। वित वर्ष 2020-21 में 6 और औद्योगिक ईकाइयां स्थापित हो चुकी है, जिन्हे अनुमोदन के लिए अध्यक्ष के समक्ष रखा गया व अध्यक्ष महोदय ने इन सबको अनुमोदित किया। इन 6 ईकाइयों को 26.22 लाख रूपये की अनुदान राशि दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष बिलासपुर जिला को कुल 250 ईकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है तथा 6.17 करोड़ की राशि आबंटित है, उन्होने बैंको को कहा कि अपने स्तर पर सभी शाखाएं दो-दो ऋण प्रकरण चुनें तथा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में आवेदन करवाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिपेक्षय में सरकारी नौकरी पाना सरल नहीं है, अतः आई०टी०आई० डिप्लोमा धारक व अन्य बेरोजगार युवा इस योजना का लाभ उठा के अपना उद्योग व व्यवसाय शुरू कर सकते हैं जिससे न केवल वे स्वयं स्वावलम्बी बनेेंगे बल्कि अन्य 3-4 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की आगामी बैठक अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी व इच्छुक प्रार्थी विभाग की वैब साईट- www.emerginghimachal.hp.gov.in पर आनलाईन आवेदन दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, बिलासपुर - 8988067787, प्रसार अधिकारी (उद्योग) झण्डूता/सदर- 7018880421, प्रसार अधिकारी (उद्योग) घुमारवी/श्री नैना देवी जी - 9817690041 से भी सम्पर्क कर सकते है।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला बिलासपुर के प्रधान इंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 21 जुलाई को वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से राज्य प्रधान एन आर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन डोगरा, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महासचिव मंगत राम नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला के कर्मचारियों ने भाग लिया। इंद्र ठाकुर ने बताया कि इस बैठक में जो निर्णय लिया गया कि 24 जुलाई से 30 जुलाई तक सरकार जगाओ अभियान चलाया जाएगा इसका जिला बिलासपुर कार्यकारणी ने समर्थन किया। जिला प्रधान इंद्र ठाकुर ने बताया कि बहुत दुख की बात है कि सरकार के बने हुए ढाई साल होने पर भी सरकार ने कर्मचारियों की मांगो और समस्याओं के बारे में एक भी सँयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नही की जो कि एक कर्मचारियों के लिए दुर्भगय की बात है। ठाकुर ने बताया कि जिला बिलासपुर 24 जुलाई से 30 जुलाई तक राज्य कार्यकारणी के दिशा निर्देशानुसार कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगा ताकि सरकार जाग जाए। ठाकुर ने बताया कि 24 जुलाई को आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील वर्कर व 108 एम्बुलेंस कर्मचारी, 25 जुलाई को बिजली बोर्ड, परिवहन कर्मचारी, 26 जुलाई को बोर्डो के कामगार, 27 जुलाई को सरकारी कर्मचारी, 28 जुलाई को बैंक और बीमा कर्मचारी, 29 जुलाई को असंगठित क्षेत्रो के श्रमिक,और 30 जुलाई को निजी क्षेत्रों के कर्मचारी और मजदूर सरकार को ज्ञापन सौंपेगे। ठाकुर ने कहा कि 27 जुलाई को जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ उपायुक्त महोदय और खंड स्तर की सभी कार्यकारिणी उपमंडल अधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजेगे ताकि सरकार कर्मचारियों की पीड़ा को समझ सके। ठाकुर ने कहा कि सरकार की कर्मचारियों के मुद्दों के प्रति लाचारी और संवेदनहीनता पर दुख और क्षोभ भारी मन से प्रकट किया है कर्मचारियों का मानना था कि वर्तमान सरकार राष्ट्रवादी विचार धारा रखने के कारण और संवेदनशील कर्मचारी मामलों पर कर्मचारियों के बहुसंख्यक प्रतिनिधित्व करने वाले उनके महासंघ से सौहार्दपूर्ण वातावरण में बहुत सारे पिछली सरकार द्वारा उपेक्षित कामो को करने में सहयोग करेगी। लेकिन सहयोग तो दूर रहा 6 दिसंबर 2019 को महासंघ के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाकर भी आज दिन तक सयुंक्त सलाहकार समिति की बैठक नही करवा पाई। इससे यह दर्शाता है कि सरकार कर्मचारियों के प्रति कितना स्नेह या संवेदना रखती है। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की लम्बे समय से लटकी समस्याओं जिसका राज्य महासंघ ने 56 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को दिया है यदि उस पर बैठक नही हुई तो महासंघ कोई कड़ा कदम उठाने में विवश हो जाएगा।
भाजपा युवा मोर्चा अर्की मण्डल द्वारा दाड़लाघाट स्थित बाघल होटल के समीप जंगल में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने की। इस मौके पर युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देवदार,चील, कचनार, आंवला, दाडू के करीब 100 पौधें रोपित किए। युवा मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि बरसात का मौसम पौधरोपण के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत पौधरोपण किया गया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को हर वर्ष पौधरोपण करना चाहिए।पौधरोपण करने से हम आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वायु के साथ-साथ अच्छा वातावरण दे सकते है। इस अवसर पर ज़िला के महामंत्री सनी ठाकुर, ज़िला सोशल मीडिया प्रभारी भूपेंद्र शर्मा, भाजपा अर्की युवा मोर्चा महामंत्री विजय शर्मा, हेम राज ठाकुर, उपाध्यक्ष राजेश पूरी, सचिव विकास कौशल, हरीश, चमन लाल चौहान, कार्यकारणी सदस्य हितेश कुमार, मंजीत ठाकुर, रजीनश, आईटी विभाग प्रेम कंवर सहित वन रक्षक अंजना मौजूद रहीं।
बस किराया वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर रोहडू युकां नें तहसीलदार रोहडू के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। युकां ने आरोप लगाए है कि प्रदेश की भाजपा सरकार संकट की घड़ी में लोगों पर महंगाई थोप रही है। आम जन मानस काफी परेशान है। युकां अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान पचास फीसदी बस किराया बढ़ाया है। सरकार का यह फैसला काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इससे प्रदेश की गरीब जनता के उपर बोझ पडेगा। संकट के समय मे सरकार को जहां लोगों को राहत देनी चाहिए थी। बावजूद इसके सरकार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है। प्रदेश सरकार किराया बढ़ाने के पीछे पैट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने का हवाला दे रही है जबकि पैट्रोल डीजल के दाम भी केंद्र की भाजपा सरकार की नाकामियों के कारण ही बढ़े हैं। बस किराया बढ़ाने के स्थान पर सरकार को डीजल पर लगने वाले टैक्स कम करना चाहिए। कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों को संकट के समय दोहरा झटका लगा हैं। युकां ने चेताया है कि सरकार अगर उनकी इस मांग पर गौर नही करती है तो वें आम जनता के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके युकां प्रदेश प्रवक्ता एलोद चौहान, जिला प्रवक्ता अशोक डंडा, रकशा जोगटा, चमन लाल, लोकिंद्र नेगी, भीम सिंह, विक्की कवालटा, रमन चतांटा, रमन चौहान, अँकुश भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को सचेत करते हुए कहा है कि जो 5 जून को केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े एक पुराने कानून में संशोधन किया है और दो नए अध्यादेश पारित किए हैं। अगर उनको हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों पर लागू करने की कोशिश की तो कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करेगी। ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा कि इस तरह के अध्यादेशों व कानूनों से प्रदेश के किसानों और बागवानों को दूर रखा जाना चाहिए इसके एवज में किसानों व बागवानों को अधिक सुविधाएं देनी चाहिए न कि ब्रिटिश समय के भारत जैसे काले कानून बनाने चाहिए और हिमाचल प्रदेश का किसान व बागवान कम जोत होने पर भी बहुत मेहनती है उनकी इस मेहनत को ऐसे तुगलकी फरमानों के सामने झोकना ठीक नहीं होगा नहीं तो एक व्यापक आंदोलन का सामना करने के लिए भी प्रदेश सरकार तैयार रहे। उन्होंने कहा कि उन दोनों अध्यादेशों से किसानों को नुकसान ज्यादा होगा और निजी क्षेत्र की खेती में लगी कंपनियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2016 को बरेली की एक किसान रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा था कि साल 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं सालगिरह मनाएगा, उस समय तक उनकी आय दोगुनी हो चुकी होगी। बीते फरवरी को इस घोषणा के चार साल हो गए, लेकिन अभी तक इसका कोई सटीक आकलन नहीं हुआ है कि किसानों की आय कितनी बढ़ी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारें देश और प्रदेश में किसानों और बागवानों को झूठे सब्ज बाग दिखा रही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि योजनाओं और कानूनों के इस मकड़जाल को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने 5 जून को एक पुराने कानून (आवश्यक वस्तु अधिनियम) में संशोधन सहित दो नए कानूनों "फार्मर एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्युरेंस एंड फार्म सर्विसेज आर्डिनेंस (एफएपीएएफएस 2020)” और "द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स प्रमोशन एंड फेसिलिएशन (एफपीटीसी2020)" को अध्यादेश के जरिए लागू किया है। और अगर इन कानूनों का ढंग से अध्ययन किया जाए तो साफ लगता है कि इससे किसानों व बागवानों को फायदा नहीं हो पायेगा लेकिन उन कंपनियों को फायदा हो जाएगा जो इनकी खड़ी फ़सलों को यह कम्पनियां खरीदती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देशभर के किसान संगठन, मंडी समितियों में काम करने वाले छोटे व्यापारी और कर्मचारी इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं तो हिमाचल प्रदेश में भी इन कानूनों का विरोध होगा। राम लाल ठाकुर का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में 58 प्रतिशत योगदान देने वाले किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार अध्यादेश के जरिए कानून बना रही है उसको हिमाचल प्रदेश में लागू नही किया जाना चाहिये और सरकार जिसे किसानों की मुक्ति का मार्ग बता रही है दरअसल वही उनके लिए सबसे बड़ा बंधन बनने जा रहे हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि “सरकार ने कानून के जरिए पूरी कृषि का निजीकरण किया है। कृषि सुधारों और किसानों की आय बढ़ाने के नाम पर सरकार पूरी कृषि व्यवस्था को एग्रो-बिजनेस से जुड़ी बड़ी कंपनियों के हवाले करने जा रही है और यह विषय काफी चिंताजनक है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि पिछले करीब 29 वर्षों में 3.5 लाख किसान खुदकुशी कर चुके हैं। ठाकुर ने कहा कि भारत में एग्रो-बिजनेस से जुड़ी कई देशी-विदेशी कंपनियां दशकों से इसकी मांग कर रही थीं, जिसे विरोधों के चलते कभी लागू नहीं किया गया है हालांकि कई राज्यों ने इसको प्रायोगिक तौर पर मंजूरी भी दे दी थी जबकि कोरोना महामारी के कारण पूरा देश बंद है, बाहर आने-जाने तक पर पाबंदी है, विरोध प्रदर्शन तो दूर की बात है तो ऐसे में अध्यादेश के जरिए उन कानूनों को बनाना जिनका दशकों से विरोध हो रहा है, सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
NSS वालंटियर्स द्वारा दिनांक 04-06-2020 से दिनांक 23-07-2020 तक लगातार नालागढ़ बाजार में COVID-19 संक्रमण रोकने के लिए पुलिस के साथ मिलकर निष्काम सेवा करते हुए डियुटी की तथा इन वालंटियर्स द्वारा लोगों को मास्क पहनने व सामाजिक दुरी बनाने के लिए जागृत किया। NSS वालंटियर्स जिन्होने इस माहामारी को रोकने के लिए पुलिस का सहयोग किया उनमें गुरविन्द्र सिंह, ओकार सिंह, संदीप सिंह, परमजीत सिंह, मनदीप सिंह, रविंदर सिंह , करन व दविन्द्र सिंह शामिल थे। NSS वालंटियर्स ने इस परीक्षा की घड़ी में अपनी अमूल्य सेवा प्रदान की है। NSS Volunteers सही मायने में NSS का आदर्श वाक्य “मैं नही बल्कि तुम” की भावना के सच्चे प्रतीक हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को स्नातकोत्तर परीक्षा फार्म की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा की अध्यक्षता में ज्ञापन सौंपा। विशाल वर्मा ने कहा इस वर्ष कोरोनावायरस जैसी महामारी के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन सभी परीक्षा फार्मो को ऑनलाइन जरिए से भरवा रही है। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्य है अधिकांश स्थानों पर ऑनलाइन के लिए नेटवर्क की कमी रहती है ऐसी परिस्थिति को देखते हुए आम छात्रों के लगातार विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के पास परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सुझाव व मांग आ रही है। अधिकांश छात्रों ने नेटवर्क में दिक्कत आने के कारण समय रहते हैं फार्म नहीं भरे हैं ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को परीक्षा नियंत्रक को पीजी एग्जामिनेशन फार्म भरने की अंतिम तिथि को एक्सटेंड करने की मांग की है। प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद की मांगो वास्तविक मांग स्वीकार करते हुए अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिला सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की सुविधा, स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें संतुलित भोजन उपलब्ध प्रदान के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की डाइट और देखभाल के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्धारित क्वारन्टीन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के प्रबन्धन का दायित्व है कि वह अन्य राज्यों से आने वाले उन्हीं श्रमिकों को कार्य पर रखें, जिन्होंने क्वारंटाइन नियमों का पालन सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश से बाहर जाकर 48 घंटे के भीतर वापिस आने की सुविधा का दुरूपयोग रोकने के लिए प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कोविड पाॅजिटिव मामलों में बढ़ौतरी के दृष्टिगत बद्दी नालागढ़ और नाहन में लाॅकडाउन लगाने के बारे में भी चर्चा की गई। जय राम ठाकुर ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की वापसी के कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ौतरी हुई है, इसके बावजूद प्रदेश के पैरामीटर अन्य राज्यों से बेहतर हैं। भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार कोरोना संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होनी चाहिए। प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोरोना जांच के बावजूद संक्रमण की पाॅजिटिव दर पांच प्रतिशत से बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का प्रोटोकाॅल पुनः निर्धारित किया गया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को संस्थागत क्वारन्टीन किया जा रहा है। इस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न प्रबन्धों के दृष्टिगत शिमला में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव अनिल खाची और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान से चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री को प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कोरोना संक्रमण को नियन्त्रित करने के लिए प्रदेश में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए निर्धारित किए गए प्रोटोकाॅल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि प्रदेश में जयराम सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो गई है। उन्होंने कहा है कि सरकार के जनविरोधी निर्णयों से साफ है कि उसे लोगों की नहीं केवल अपनी तिजोरी की चिन्ता है कि उसे कैसे भरा जाए। उन्होंने कहा है कि निजी बस ऑपरेटरों को टैक्स में राहत देते हुए बस किराया बढ़ोतरी जन हित मे वापिस ली जानी चाहिए। पेट्रोल डीजल पर वेट कम कर आम लोगों को भी इसके बढ़ते मूल्यों से राहत दी जानी चाहिए। राठौर ने प्रदेश में बस किराया बढ़ाने के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसके विरुद्ध कांग्रेस लोगों के साथ मिलकर आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में इस आंदोलन के चलते कोई कानून व्यवस्था विगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री लोगों के कोप से बचना चाहते हैं तो इस निर्णय को तुरंत वापिस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि एचआरटीसी को किसी भी घाटे से उभारने के लिए सरकार इसे करोड़ों की ग्रांट जारी करती है इसलिए निजी बस ऑपरेटरों को इसके टैक्सों में राहत दी जानी चाहिए। राठौर ने कहा है कि कोविड 19 के चलते पहले ही लोग इस समय आर्थिक संकट से गुजर रहे है। कोई भी काम धंधा न चलने से बेरोजगारी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। उनका कहना है कि अच्छा होता अगर सरकार बेरोजगारों के लिए रोजगार की कोई कारगर नीति ले कर आती। राठौर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह प्रदेश में कोरोना से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हुए है। आज प्रदेश में जिस प्रकार से इसके संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है वह चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री का कार्यलय भी इसके संक्रमण से बाल बाल बचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड 19 के जांच परीक्षण में तेजी लाई जानी चाहिए। उन्होंने संस्थागत क्वारंटाइन और होम क्वारंटाइन को कड़ाई से लागू करने को कहा है जिससे इसके बढ़ते संक्रमण में रोक लग सकें। राठौर ने शिमला नगर निगम द्वारा पेयजल के बिलों में बढ़ोतरी को भी अनावश्यक बताते हुए कहा है कि यह भी लोंगो के साथ बड़ा अन्यान्य होगा। उन्होंने कहा है कि शिमला नगर निगम यहां के लोगों को नई सुविधाएं देने में असफल रहा है, जबकि लोगों पर टैक्स पर टैक्स की मार कर अपनी तिजोरी भरने में ही लगा है।
सरकार द्वारा अनेको योजनाओं के तहत गांव-गांव के लिए सड़के निकाली जा रही है वही भारत को आजाद होने के 72 साल बाद भी कई लोग सड़क सुविधा से वंचित है ऐसा ही एक मामला उपमडल करसोग की ग्राम पंचायत भंथल के तहत पड़ने वाले गांव वथार का आया है जिसके चलते वीरवार को कृषि युवक मंडल सौट व महिला मंडल वथार ने करसोग के विधायक हीरालाल के साथ एक शिष्टाचार भेंट की। जिस भेंट का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत भथल के विकास कार्य व समस्याओं के बारे में विधायक को अवगत कराना था जिसमें गांव वथार के लिए शंकर देहरा से वथार रोड के लिए विधायक से मुख्य बात की गई। कृषि युवक मंडल सौट के प्रधान देवेन्द्र कुमार ने first verdict media को जानकारी देते हुए बताया कि आज भारत को आजाद हुए 70 साल हो गए है लेकिन उसके बावजूद भी लगभग 250 लोगों की आबादी वाले वथार गांव के लोगों को शंकर देहरा से लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर अपने घरो तक पहुंचना पड़ता है। यहाँ तक की आज भी इन लोगों को रोगी व गर्भवती महिलाओ को पीठ पर या चारपाई पर मेन रोड तक निकालना पड़ता है। इस समस्या के बारे में वीरवार को कृषि युवक मंडल सॉट व महिला मंडल वथार की महिलाओं ने विधायक हीरालाल को बताया। स्थानीय विधायक हीरालाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही इस रस्ते को लेकर कोई कदम उठाया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वही उन्होंने सुबे के मुख्य मत्रीं जयराम ठाकुर से भी मांग की है कि जल्द ही इस सम्स्या का समाधान किया जाए ताकि लोगों को सड़क सुविधा मिल सके व इन लोगों को परेशानी का सामना न करना पडे।
स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत गाँव भेल कुठेड़ा में खण्ड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा के आदेशानुसार खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चन्देल की अध्यक्षता में जनसँख्या स्थिरता पखवाड़े में जागरूक शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने इस शिविर के माध्यम से लोगो को जनसंख्या वृद्धि से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जनसँख्या वृद्धि होने से गरीबी, बेरोजगारी को बढ़ावा मिल रहा है। चन्देल ने बताया कि लड़का लड़की एक समान है ऐसा कोई काम नही जो लड़का कर सकता है और लड़की नहीं कर सकती और जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए हम दो हमारे एक का नारा देना चाहिए जिससे देश की जनसंख्या को नियंत्रण किया जा सके। चन्देल ने शिविर में आए लोगो को परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों के बारे में भी विस्तार से बताया व दम्पतियों को बच्चों के बीच मे अन्तर रखने के लिए अस्थाई साधन जिसमे निरोध, माला एन, छाया टेबलेट भी बांटी गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण करने के लिए पुरुषों को परिवार नियोजन का ऑपरेशन करवाने के लिए 1100 रुपये और महिला द्वारा ऑपरेशन करवाने पर 600 रुपये पोषण के लिए प्रोत्साहित राशी भी रखी है। चन्देल ने बताया कि यदि कोई दम्पति एक लड़की पर परिवार नियोजन का ऑपरेशन करवाता है तो सरकार इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के अंतर्गत 35 हजार की एफ डी लड़की के नाम और यदि दो लड़कियों के बाद ऑपरेशन करवाए तो 25 हजार की राशि दोनों लड़कियों को दी जाती हैं। चन्देल ने शिविर में आए लोगो को आयुष्मान भारत, हिम केअर, सहारा योजना के बारे में भी बिस्तार से बताया और इन योजनाओ का लाभ उठाने की सलाह दी। जागरूकता स्थिरता पखवाड़े में महिलाओं की भाषण प्रतियोगिता और नाटक प्रतियोगिता भी करवाई गई। भाषण प्रतियोगिता में किरण ठाकुर प्रथम स्थान, दीक्षा ठाकुर द्वितीय स्थान और ममता देवी तृतीय स्थान पर रही और स्वास्थ्य विभाग ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को नगद इनाम दिए।
प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव रजनीश मेहता ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि कोविड-19 संकट में प्रदेश के जिन युवाओं की नौकरी छूट चुकी है वह अब प्रदेश सरकार की घोर उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। कार्यालयों में कागजों वा फाइलों में चिंता करने वाला सरकारी सिस्टम दावे तो बड़े-बड़े कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत पर इन बेरोजगार हुए युवाओं को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। महामारी व महंगाई के चंगुल में फंसा यह वर्ग हाल बेहाल है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार हुए युवाओं के असल हालात यह है कि महामारी के खौफ से अब यह वर्ग रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर जाना नहीं चाहता है और प्रदेश में उन्हें कोई काम नहीं मिल पा रहा जिस कारण से महामारी के दौर में बेरोजगार हुए युवा गहरे अवसाद और तनाव में हैं जबकि सरकार 4 महीने बीत जाने के बाद भी इन युवाओं की कोई सुध नहीं ले पा रही है। ऊपर से दिनों दिन बढ़ रही महंगाई के कारण इन बेरोजगार युवाओं के परिवारों को इनके मूलभूत सुविधाओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है लेकिन प्रदेश सरकार यह मानकर चल रही है कि लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद लोगों को शायद अल्लादीन का चिराग मिल गया है और जिस कारण से सरकार इन पर महंगाई का बोझ निरंतर लादने में लगी हुई है। दुर्भाग्य यह है कि सरकार मुद्दे की कोई भी बात सुनने और समझने को राजी नहीं है ताजा घटनाक्रम में अब रही सही कसर बस किराया बढ़ाकर पूरी कर दी है जबकि बढ़े हुए किराए को लेकर लोग सड़कों पर हैं और सरकार इन युवाओं की समस्या से बेखबर बनी हुई है। हर छोटी-मोटी घटना को इवेंट बनाने की आधी भाजपा सरकार कभी वर्चुअल रैलियां तो कभी बधाइयां देकर समय काट रही है। मेहता ने कहा कि अब नए बधाई सेशन में बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि उनका नया अध्यक्ष बनने से पार्टी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। बीजेपी के लोगों का यह वक्तव्य अपने स्तर पर सही हो सकता है लेकिन जिन लोगों ने प्रचंड बहुमत देकर सरकार से विकास की आस लगाई थी वह लोग कोरोना दौर में हाल बेहाल हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी लूट, भारी फीसों, फीस वृद्धि पर रोक लगाने, टयूशन फीस कुल फीस का पचास प्रतिशत से अधिक न हो व केवल टयूशन फीस वसूली को लेकर छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच की सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली इकाई के संयोजक विवेक कश्यप, मीनाक्षी, लक्ष्मी, पूनम, लायक राम, आज़ाद कुमार, नीरज कश्यप, सरोज झालटा, महेंद्र, प्रताप नेगी, राजीव मोकटा, भावना, योगेंद्र चन्देल, अनु, रजनी, मंजू, कुलदीप, बलबीर पराशर, बाबू राम, किशोरी ढटवालिया, कपिल शर्मा, बालक राम, हिमी देवी, रामप्रकाश, अमित, रमन, पवन, अनिल, गौरव, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान ही उच्चतर शिक्षा निदेशक अपने कार्यालय पहुंचे जहां पर अभिभावकों ने शिक्षा निदेशालय के प्रांगण में ही शिक्षा निदेशक को रोक लिया व प्रदर्शन के बीचोंबीच ही ज्ञापन सौंपा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने निदेशक के समक्ष मांगें रखीं जिसके बाद निदेशक ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए निजी स्कूलों की मनमानी, लूट व प्रदेश सरकार के केवल टयूशन फीस लेने के आदेश की अवहेलना के खिलाफ़ व प्ले वे स्कूलों द्वारा गैर कानूनी तरीके से वसूली जा रही सभी तरह की फीस पर रोक लगाने व स्कूल प्रबंधनों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा व सदस्य विवेक कश्यप ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से केवल टयूशन फीस वसूली के आदेश को लागू करने की मांग की है व सभी तरह के चार्जेज पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि सभी स्कूल अपनी फीस बुकलेट जारी करें। उन्होंने मांग की है कि सभी स्कूलों की मदवार फीस का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने सरस्वती पैराडाइज़ इंटरनेशनल स्कूल संजौली के प्रबंधन की तानाशाही व भारी लूट पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने प्ले वे स्कूलों की फीस को पूरी तरह माफ करने की मांग की है क्योंकि कोरोना के कारण प्ले वे स्कूलों में बच्चे एक भी दिन स्कूल नहीं गए। प्ले वे स्कूलों में कोई पढाई भी नहीं होती है इसलिए टयूशन फीस का कोई तुक नहीं बनता है। उन्होंने प्रदेश सरकार,निदेशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा को चेताया है कि वर्ष 2019 की तर्ज़ पर केवल टयूशन फीस लेने के निर्णय को अगर अक्षरशः लागू न किया गया, टयूशन फीस तिमाही के बजाए हर महीने के आधार पर न वसूली गयी, सभी तरह के चार्जेज को माफ व सम्माहित न किया गया, टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ न किया गया व प्ले वे स्कूलों की फीस को पूरी तरह माफ न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। विजेंद्र मेहरा व विवेक कश्यप ने कहा है कि निजी स्कूल प्रबंधन ज़्यादा वसूली गई फीस को अगली किश्तों में सम्माहित करने में आनाकानी कर रहे हैं और न ही इस बढ़ी हुई फीस को वापिस लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 की तर्ज़ पर ही निजी स्कूल टयूशन फीस वसूल सकते हैं लेकिन ये स्कूल वर्ष 2019 के बजाए वर्ष 2020 की फीस बढ़ोतरी के साथ यह टयूशन फीस वसूल रहे हैं। इन स्कूलों ने पिछले वर्ष टयूशन फीस, एनुअल चार्ज, एडमिशन फीस, कम्प्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास रूम चार्ज, स्पोर्ट्स चार्ज, केयरज़ फंड, मिसलेनियस फंड, बिल्डिंग फंड,डेवेलपमेंट फंड व अन्य सभी प्रकार के फंड व फीस के रूप में विभिन्न मदों में ली गयी फीस को इस वर्ष केवल टयूशन फीस में सम्माहित कर दिया है व पिछले वर्ष की तुलना में टयूशन फीस को चार से पांच गुणा बढ़ाकर अभिभावकों पर कोरोना काल की तिमाही में ही दस से पन्द्रह हज़ार रुपये का अतिरिक्त बोझ लाद दिया है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे निजी स्कूलों ने कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अन्य चार्जेज को हटाकर 90 से 100 प्रतिशत फीस टयूशन फीस के नाम पर ही फीस बुकलेट में दर्शा दी है। अतः इन की टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ किया जाए व उसी आधार पर अभिभावकों से फीस वसूली जाए। टयूशन फीस किसी भी रूप में कुल फीस के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं वसूली जानी चाहिए। इसके लिए पूरा मैकेनिज़्म तैयार किया जाना चाहिए।
पंजाब यूनिवर्सिटी से 2018 में एमए उत्तीर्ण करने के बाद किया था पहला वीडियो एलबम ब्लू बैलस स्कूल में दे रही हैं सेवाएं, म्यूजिक में पीएचडी की कर रही हैं तैयारी पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में देवभूमि हिमाचल का नाम रौशन करना है मकसद औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत सैणीमाजरा की युवा पंजाबी गायक कौर नरिंदर ने पंजाबी गायकी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 25 जुलाई शनिवार को पंजाबी गायक कौर नरिंदर का अगला पंजाबी गाना 'मुलाजेदारी' रिलीज हो रहा है। वीडियो सांग मुलाजेदारी की शूटिंग पंजाब के बठिंडा और बरनाला में हुई है। मुलाजेदारी गाने के अपनी सुरीली आवाज से कौर नरिंदर ने संजोया है जबकि लीड रोल में उनके साथ अमृत सिंह नजर आएंगे। गाना दर्शन वीजा ने लिखा है और गाने को म्यूजिक अमेरिका के मनमोहन मनिया ने दिया है। थंडर आई फिल्म के बैनर तले डायरेक्टर नीरज लिबरा ने गाने का वीडियो शूट किया है जबकि जस चीमा ने गाने को एडिट किया है। कौर नरिंदर वर्ष 2018 में पंजाबी गाने मन आईयां करदा और वर्ष 2019 में जिंदगी की नजारे को आवाज दे चुकी हैं। नालागढ़ के छोटे से गांव सैणीमाजरा की रहने वाली कौर नरिंदर ने वर्ष 2013 में पीजी कालेज नालागढ़ से स्नातक की परीक्षा उत्तीण की। सैणीमाजरा के धन्ना सिंह व गुरमीत कौर के घर पैदा हुई कौर नरेंद्र को बचपन से ही गाने का शौक था। स्कूल और कालेज में अपनी आवाज से धाक जमाने के बाद वर्ष 2018 में कौर नरेंद्र ने पंजाब यूनिवर्सिटी से म्यूजिक में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की और अपना पहले पंजाबी वीडियो एलबम मन आईयां करदा से पंजाबी यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। इस समय कौर नरिंदर हरियाणा नारायणगढ़ के ब्लू बैलस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बतौर म्यूजिक लेक्चरर अपनी सेवाएं दे रही हैं और म्यूजिक में पीएचडी की तैयारी कर रही हैं। कौर नरिंदर ने बताया कि उनके तीसरे गाने मुलाजेदारी की शूटिंग लॉकडाऊन के बीच बठिंडा व वरनाला में हुई है, एलबम को काफी कम लोगों की टीम के साथ शूट किया गया है। कौर नरिंदर जहां गायकी में चंडीगढ़ के प्रो. गुरमीत सिंह को अपना गुरू मानती हैं वहीं गायकी की फील्ड में आने के लिए उनके पिता धन्ना सिंह व माता गुरमीत कौर ने उन्हें हमेशा की प्रेरित किया। कौर नरिंदर ने अपने फैंनस को संदेश देते हुए कहा कि वह कोरोना महामारी से सतर्क रहें और सुरक्षित रहें। उन्होंने अपने फैंनस से आहवान किया है कि 25 जुलाई को सुबह 10 बजे उनका गाना मुलाजेदारी यू-टयूब पर रीलीज होगा, जिसे वह पहले की तरह बेहद प्यार दें। कौर नरिंदर ने बताया कि म्यूजिक में पीएचडी करने के साथ साथ उनका मकसद पंजाबी गायकी में एक अलग मुकाम हासिल कर देवभूमि हिमाचल का नाम रोशन करना है। बीबीएन क्षेत्र पंजाब और हरियाणा की सीमा से सट्टा है जिसके चलते यहां पंजाबी गानों को काफी सराहा जाता है।
वीरवार को एचआरटीसी रामपुर के कर्मचारियों ने भारतीय मजदूर संघ का 66वां स्थापना दिवस एचआरटीसी कर्मशाला मे बनाया जिसकी अध्यक्षता हिमाचल परिवहन मजदूर संघ रामपुर इकाई के अध्यक्ष हरीश कुमार ने की। इस मौके पर परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश सचिव रविंद्र सिंह तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता यार्ड मास्टर राजेंद्र कुमार और मुख्य यांत्रिक स्वर्ण देव जी किशोरी लाल मकैनिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के ध्वज का ध्वजारोहण किया गया तथा कर्मचारियों ने भारत माता की जय के जय नारे लगाए प्रदेश सचिव रविंद्र सिंह व अध्यक्ष हरीश कुमार तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार व किशोरी लाल ने कर्मचारियों के समक्ष अपने विचार रखें। उक्त पदाअधिकारियों ने कहा मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को दतोपंत ठेंगड़ी ने की थी तथा उन्होंने संघ का पहला सदस्य भगवान को माना था और शोषित पीड़ित तथा वंचित मजदूरों के साथ खड़े होने का प्रण लिया था। संघ के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि संघ के कार्यकर्ता आज दतोपतं ठेगड़ी के विचारधारा के ऊपर चलते हैं जिस कारण भारतीय मजदूर संघ आज पूरे विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है। इस मौके पर सभी कर्मचारियों ने एक दूसरे को बधाई दी।
कहा जाता है कि इंसान हर परिस्थिति में अपनी जिजीविषा से उस पर विजय प्राप्त करता है। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल कुनिहार ने भी इसे सार्थक करते हुए, तीज के महत्वपूर्ण त्योहार को मनाने की परंपरा को कायम रखते हुए व सरकार के दिशा- निर्देशों का पालन करते हुए ऑनलाइन गूगल मीट के द्वारा तीज का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया। सभी अध्यापिकाओं ने अपने पारंपरिक परिधानों में खूब सज संवर कर इस त्यौहार को मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडर प्रिंसिपल गुरप्रीत माथुर ने शिव पार्वती की कथा से किया। उसके उपरांत सभी अध्यापिकाओं ने गीत गाकर, नृत्य एवं भांगड़ा डालकर सुहागिनों के इस पर्व का खूब आनंद लिया।
ज्वालामुखी के गुम्मर गांव में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए गाय बेचने वाले कुलदीप की मदद को फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ। सोनू सूद ने ट्वीट कर कुलदीप की मदद करने का भरोसा दिलाया है। एक शख्स ने एक खबर शेयर की थी जिसमें बताया गया था कि एक शख्स ने अपने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की खातिर अपनी गाय को बेचकर एक स्मार्टफोन खरीदा। सोनू सूद ने जैसे ही इस खबर को देखा तो वह एक्शन में आए गए और उन्होंने ट्वीट किया, 'आओ इस शख्स की गाय वापस लाते हैं। क्या कोई मुझे इस शख्स के डिटेल्स भेज सकता है।' इस तरह बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने इस शख्स की मदद करने की बात कही है। सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान जिस तरह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए थे, वह काफी सराहनीय था। लेकिन सोनू सूद का मदद करने का सिलसिला अभी तक थमा नहीं है। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद अब भी लगातार जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। यहां बता दे कि स्कूल बंद होने के चलते आजकल ऑन लाइन पढ़ाई चल रही है तथा ज्वालामुखी के कुलदीप ने स्मार्ट फोन खरीदने के लिए अपनी गाय बेच दी थी।
पूर्व सांसद सुरेश चंदेल बिल्कुल स्वस्थ हैं। वीरवार की सुबह पीजीअई चंडीगढ़ में उनका आपरेशन किया गया। बुधवार को बिलासपुर में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें पहले तो बिलासपुर अस्पताल ले जाया गया उसके बाद बिलासपुर में डाकटरों ने उनकी गंभीर हालत देख कर उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ के लिए रेफर किया। उनके पुत्र पीयुष चंदेल ने बताया कि बुधवार को उन्हें पेट में गंभीर दर्द उठा जिसे पीजीआई में डाक्टरों ने इसे अपेंडिक्स बताया। उन्होंने बताया कि वीरवार को उनका आपरेशन सफलतापूर्वक हो गया। अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। अपने आप को योग और आयुर्वेद से फिट रखने वाले चंदेल का एकदम अस्वस्थ हो जाना समर्थकों को चिंता में डाल गया था। गौर रहे कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान सुरेश चंदेल ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। इससे पहले वह भाजपा से लोकसभा सांसद भी बने व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के साथ राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान रूसा के अन्तर्गत विभिन्न महाविद्यालयों में किए जा रहे 20 निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सुरेश भारद्वाज ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अधिकतर कार्यों को दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में रूसा के अन्तर्गत लगभग 40 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने न्यू माॅडल काॅलेज सराहन के भवन कार्य को 31 अक्तूबर, 2020 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिसपर 12 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। बैठक के दौरान राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. सुनील कुमार गुप्ता, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक रूसा डाॅ. अमरजीत शर्मा, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग भुवन शर्मा एवं राज्य परियोजना अधिकारी डाॅ. बलवीर पटियाल भी उपस्थित थे।
सरकार ने गुरूवार को कंज्यूमर प्रोटेक् शन 2019 को पूरे देश में लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया। इस निर्णय का प्रदेश सह संगठन मंत्री हिमाचल प्रदेश रमन प्रिमटा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नया कानून कंज्यूमर एक्ट १९८६ का स्थान लेगा। नए कानून में ग्राहकों को पहली बार नए अधिकार मिलेंगें। अब इस कानून के लागू हो जाने के बाद उपभोक्ता से संबंधित की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई शुरू हो जाएगी। खासकर अब ऑनलाईन कारोबार मेें उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी कंपनियों पर भारी पड़ सकती है। प्रिमटा ने कहा कि नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर कार्रवाई की जाएगी। नए उपभोक्ता कानून आने के बाद उपभोक्ता विवादों को समय पर, प्रभावी व त्वरित गति से निपटारा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त उपभोक्ता अदालतों के साथ साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण बनाया गया है। इस प्राधिकरण का गठन उपभोक्ता के हितों की रक्षा कठोरता से हो इसके लिए की गई है, उपभोक्ता किसी भी सामान को खरीदने से पहले भी उस सामान की गुणवत्ता की शिकायत सीसीपीए में कर सकती है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा शिमला ग्रामीण अध्यक्ष रविकांत शर्मा ने जिला अध्यक्ष रवि मेहता मण्डल अध्यक्ष दिनेश ठाकुर और युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पारूल शर्मा से विचार विमर्श के बाद शिमला ग्रामीण युवा मोर्चा कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। उपाध्यक्ष के रूप में विनय शर्मा नैहरा दाड़गी, बलवंत वर्मा तारादेवी, मनोज वर्मा सकोह कालीह्टी, अरूण शर्मा शोघी, कपिल ठाकुर घणाह्टी चरूड़, दुषयंत मैहता धरोगड़ा। महामंत्री राजीव रत्न जाठिया देवी, नरेश भण्डारी औगली सुन्नी होंगे। सचिव अविनाश ठाकुर बसंतपुर, अरूण शर्मा जाबरी धामी, जोगिन्द्र वर्मा शरोग कोटला, ओम प्रकाश चेबड़ी, गौरव शर्मा ठैला, गौरव सांगटी। कोषाध्यक्ष नीरज कुमार औखरू धामी, कार्यालय सचिव मणी अधिकारी जाठियादेवी, प्रवक्ता हेम राज घनाहटी भलाउ, सह प्रवक्ता प्रिंस वर्मा गढेरी हिम्मरी, पंकज रोहाल शोघी होंगे। मिडिया प्रभारी हिमांशु सौरव ठैला होंगे। सह मिडिया प्रभारी तरूश प्राशर कच्ची घाटी, तरूण शर्मा शोघी नियुक्त किए गए। सोशल मिडिया व आईटी का कार्य कृष्ण कांत वर्मा भराडा सुन्नी, सह सोशल मिडिया व आईटी साहिल बंसल, अंकुश शर्मा रामपुरी से संभालेंगे। सदस्य के रूप में गिरिश भंडारी धरोगडा, सुरेश घनाह्टी, प्रणव शर्मा घनाहटी, हरीश कोट, अनिल कुमार चनोग, सौरव वर्मा गौरो, हिमांशु केलु, मुकेश बठौरा, रूपकमल गईडा खटनोल, महेंन्द्र हिमराल करयाली, विरेन्द्र ठाकुर बसन्तपुर, विजय ठाकुर बसंतपुर, मनीष ठाकुर बैंश, इन्द्र सिंह करियाली, हरिश कुमार जमोग, सन्नी शर्मा चनोग, संतोष न्हेव्ट, किर्ति गोवरधन न्हेव्ट, अंकु ठाकुर घनाहटी कार्य करेंगे। विशेष आमंत्रित सदस्य में रवि मेहता, दिनेश ठाकुर, मण्डल स्तर, जिला स्तर, प्रदेश स्तर के सभी युवा मोर्चा व प्रकोष्टों एवं भाजपा के पदाधिकारी को विशेष आंमत्रित सदस्य के रूप में रखा गया है।
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने वीरवार को दिशा-निर्देश जारी करते हुए जानकारी दी कि अनलाॅक की स्थिति में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक दिशा निर्देशों का गम्भीरता से पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला में यदि काई भी व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर निकलते अथवा मास्क सही रूप में नहीं पहने हुए पाया गया तो उस व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एक हजार रुपए जुर्माने के रूप में वसूल कर दण्डित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनता को कोरोना संक्रमण से बचाव तथा मास्क पहनने की अनिवार्यता एवं अन्य मानकों की अनुपालना को व्यवहारिक रूप में उपयोगी बनाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि मास्क पहनते हुए मुह व नाक को ढकना अनिवार्य होगा इसके अतिरिक्त निरन्तर हाथों को साबुन से धोना तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचाव के मानकों को आवश्यक तौर पर अपनाया जाना चाहिए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जाते है।
वीरवार को विधायक एवं पूर्व मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने सोलन शहर के वार्ड नंबर 7 में जाकर लोगों की समस्याओं को सुना। लोगों ने बारिश के समय पानी का सड़कों पर नाले की तरह बहना और आने जाने वाले लोगों व छोटे बच्चों को भारी दिक्कत का सामना करना जैसी दिक्कतें विधायक के सामने रखी है। कर्नल धनीराम शांडिल ने लोगों को विश्वास दिलाया कि जिस तरह पहले भी वार्ड नंबर 7 में अनेक समस्याओं के लिए उन्होंने राशि विधायक निधि से उपलब्ध कराई है आगे भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह से राशि उपलब्ध करवाई जाती रहेगी। इस दौरान उन्होंने 2,00,000 से नाले ढकने के कार्य का भी उद्घाटन किया। उन्होंने ढाई लाख से अंडर ग्राउंड की गई सीवरेज लाइन का भी निरीक्षण किया और विश्वास दिलाया कि वार्ड नंबर 7 के लोगों को जो भी दिक्कत आएगी उसका जल्द से जल्द निवारण किया जाएगा। इस बीच नगर परिषद के अधिकारियों से बातचीत करके भी अनेकों समस्याओं को मौके पर सुलझाने का प्रयास किया गया।
घुमारवीं मंडल भाजपा युवा मोर्चा की बैठक युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सौरभ ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें 24 जुलाई से 31 जुलाई तक युवा मोर्चा द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश ठाकुर जिला युवा मोर्चा महामंत्री दिनेश ठाकुर, जिला कार्यकारिणी सदस्य पंकज नड्डा विशेष रुप से उपस्थित थे। पौधारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विशाल रतवान, अजय कुमार, मदन वर्मा, सिद्धार्थ पटियाल, सुनील कुमार, सुभाष, सुशील, राकेश, ऋषभ ,विशाल व अभिषेक को प्रभारी नियुक्त किया गया।
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत मलपुर स्थित ब्लड इनालाईजर मशीन निर्माता कंपनी ने बिना नोटिस के 18 कामगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। लॉकडाऊन के बाद जब कामगार उद्योग में नौकरी पर वापिस पहुंचे तो कंपनी ने गेट बंद कर दिए। जब कामगारों ने उद्योग प्रबंधन से गेट बंद करने की वजह पूछी तो प्रबंधन को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। गुस्साए कामगारों ने बिना नोटिस बाहर का रास्ता दिखा जाने पर गेट पर जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। कामगारों ने श्रम विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर उन्हें इंसाफ दिलाने की मांग उठाई है। मलपुर स्थित ब्लड इनालाईजर मशीन निर्माता कंपनी के कामगारों विरेंद्र, अश्विनी कुमार, करतार चंद, संजय कुमार, सुनील ठाकुर, दीपक, अंकित, सुनील कुमार, दीपक कौशल, सुदेश कुमार, दीवान चंद, संजीव शर्मा, विकास, सुनील, करनैल, अनिल कुमार, राज कुमार व राकेश ने बताया कि लॉकडाऊन के बाद 1 जून से बसें चलना शुरू हुईं और वह 3 जून को कंपनी में पहुंचे। कंपनी में पहुंचकर उन्हें पता चला कि कंपनी 14 दिन के लिए बंद की गई है। जिसके बाद वह श्रम अधिकारी बद्दी से मिले, जिस पर श्रम अधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह 15 जून को कंपनी जाएं। लेकिन वह जब 15 जून को कंपनी पहुंचे तो कंपनी ने उनका गेट बंद कर दिया और प्रबंधन ने कहा कि आप लोगों को बाहर कर दिया गया है। कामगारों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने ठेकेदार के माध्यम से काम करवाना शुरू कर दिया है। श्रम विभाग को शिकायत के बाद जब वह वीरवार को कंपनी गए तो भी प्रबंधन का अडिय़ल रवैया बरकरार था। कामगारों का कहना है उद्योग प्रबंधन ने न तो उन्हें कोई नोटिस दिया और न ही उनका हिसाब किया गया। जिस पर वीरवार को गुस्साए कामगारों ने उद्योग के गेट पर जमकर नारेबाजी की और दोबारा फिर श्रम विभाग को शिकायत सौंपकर उन्हें इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई। कामगारों का कहना है कि एक तो पहले ही कोरोना महामारी और लॉकडाऊन के चलते उनके परिवारों को भूखे मरने की नौबत आ गई है ऊपर से उद्योग प्रबंधन धक्केशाही करते हुए श्रम कानूनों और नियमों की सरेआज धज्जियां उड़ा रहा है। कामगारों का कहना है कि अगर उन्हें वापिस काम पर नहीं तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और भू ा हड़ताल को विवश हो जाएंगे।
भारतीय मजदूर संघ ने अपना 66 वां स्थापना दिवस बी.बी.एन.डी.ए. कार्यालय झाड़माजरी के पार्क में धूमधाम से मनाया। इस मौके पर संघ के पदाधिकारयिों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान शुरू करने का संकल्प लिया तथा प्लास्टिक का प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने का बात कही। इस मौके पर संघ प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने ने कामगारों को कपड़े के बने थैले व पौधे भी वितरित किये। समारोह में संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल व प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि करोना के चलते कुछ कंपनियों ने अपना कार्य बंद कर दिया था। अब अधिकांश कंपनियां खुल गई है लेकिन इन कंपनियों में पुराने कामगारों को नहीं रखा जा रहा है। जिससे कामगारों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई है। कुछ कंपनी संचालक चोरी छिपे कामगारों को ट्रकों में भर कर ला रहे है। इससे बीबीएन में करोना महामारी पूरी तरह से फैल गई है। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों ने बिना लाईसेंस के ही ठेकेदार काम रहे है जबकि कुछ कंपनी में किसी अन्य लाईसेंस धारक ठेकेदार के नाम पर काम कोई और व्यक्ति कर रहा है। ऐसे में कामगारों को शोषण हो रहा है। ज्यादातर उद्योग ई.एस.आई .व पी.एफ .से सुविधा से कामगारों को वंचित कर रहे हैं व कामगारों को न्यूनतम मजदूरी नही मिल रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों का मासिक वेतन कम से कम 20 हजार रूपया होना चाहिए ताकि कामगार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अपना जीवन यापन भी आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को सरकार जगाओ सप्ताह शुरू किया जाएगा। जिसमें सरकार की ओर से लागू किये जा रहे मजदूर विरोधी कानूनों का विरोध किया जाएगा। शुक्रवार को इस संबंध में बद्दी में प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें आशा वर्कर, आंगनबाडी कार्यकर्ता तथा मिड डे मिल कर्मी भाग लेगें। इस मौके पर कार्यालय सचिव राजू भारद्वाज ने एक हजार कपड़े के थेले कामगारों को बांटे। राजू भारद्वाज ने कहा कि पालिथीन का प्रयोग पूरी तरह से बंद होना चाहिए अगर कोई दुकानदार व रेहड़ी चलाने वाले इसका प्रयोग करते है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए संघ इसके लिए अभियान चलाएगी और पुलिस को सहयोग करेगी। इस मौके पर रणजीत सिंह ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष चणन सिंह, बाल किशन शर्मा, खेमराज, सुनिता देवी, ऊषा देवी, बेबी, अनीता, सुरेश, सुरिंद्र, संदीप, राजेश , रविंद्र वंदना, मोनू व धर्मेंद्र ने भाग लिया।
बिलासपुर जिले के झडुंता में हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति वैटरन सैनिकोंकी मीटिंग की गई बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति के अध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा ने की। बैठक में जिला सैनिक समिति वैटरन सैनिक का गठन किया गया ताकि जिले में सैनिकों व उनके आश्रितों को जो समस्या आती है उनकी सहायता व समाधान में सहयोग किया जा सके। हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति वैटरन सैनिक समिति का गठन 2017 में किया गया था परन्तु जिला सैनिक समिति का पुनगठन किया गया। कैप्टन बालक राम शर्मा ने सैनिकों समस्याओं, वीर नारियों, सैनिक विधवाओं की समस्याओं समाधान के लिए काम करगे यह समितियों का विस्तार तहसील,बलाॅक पंचायत लेबल तक बिस्तार करने पर बल दिया गया। बिलासपुर जिला समिति में सर्वसम्मति से हवलदार दिवाकर दत्त शर्मा अध्यक्ष चुना गया है उप प्रधान कैप्टन हंस राज सचिव सूबेदार मेजर सोमलाल कोषाध्यक्ष विपिन शर्मा मुख्य सलाह सूबेदार मेजर श्याम सिंह परमार सह सलाहकार कैप्टन जोगिनद्र सिंह को बनाया गया। बैठक में अन्य कई वैटरन सैनिकों ने भाग लिया।
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सड़क सुरक्षा तथा सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने सम्बन्धी चर्चा की गई। बैठक के दौरान राजेश्वर गोयल ने बताया कि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्री बाहनों में क्षमता से अधिक यात्री न हो इसके लिए निरन्तर निरीक्षण किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना सम्भावित सड़कों को चिन्हित करके उन स्थानों पर साईन बोर्ड लगाए गए है ताकि वाहन चालक सावधानी से गाड़ी चलाए। उन्होंने बताया कि जिला में सड़क किनारे गाड़ियों की पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे है ताकि लोगों को अपनी गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा मिल सके। उन्होंने वाहन चालकों से आहवान किया कि सड़क पर सावधानी पूर्वक वाहन चलाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विद्या देवी सहित एस.डी.एम. सदर रामेश्वर दास तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ की जिला इकाई ने भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस बड़ी धूम-धाम से मनाया और इस अवसर पर उन्होने संघ का झण्डा फहरा कर जोरदार नारों के बीच संघ की गतिविधियों और कार्यकलापों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। जिला अध्यक्ष रणजीतसिंह ठाकुर ने कहा कि 23 जुलाई 1955 को इस संगठन की नींव दतोपंत ठेगड़ी द्वारा रखी गई थी, तब से लेकर अब तक यह संगठन मजदूरों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होने बताया कि इस अवसर पर रुद्राक्ष के पौधो का रोपण भी किया गया और संकल्प लिया की पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा।उन्होने कहा कि भारतीय मजदूर संघ भारतीय संस्कृति व इसके इतिहास की रक्षा करने और समाज को जोड़ने तथा आपसी भाईचारा स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य निरंतर जारी रखे हुए है, ताकि देश की एकता व अखंडता को अक्षुण रखा जा सके। उन्होने कहा कि यह संगठन देश का सबसे बड़ा संगठन है, जिसने मजदूरों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनसे होने वाले हर अन्याय को समाप्त करवाने और उन्हें न्याय दिलाने का काम किया है और यही कारण है कि इस समय देश भर में इस संगठन के करोड़ों सदस्य है। इस अवसर पर मजदूर संघ के सदस्य व पदाधिकारी अमित कुमार, सुरजीतसिंह, राकेश ठाकुर, धर्मपाल, राकेश गुप्ता, सुशील कुमार, वासु देव, कमाल किशोर, मनोज कुमार, अमरनाथ, सरदार अमरजीत, विकास ठाकुर और सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।
रेड क्राॅस सोसाइटी की स्थापना गरीब असहाय व जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए की गई है। मानवता के सहायतार्थ स्थापित जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर वर्तमान में कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी लोगों की सहायता करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा कोविड-19 के चलते लोगों की सहायता के लिए अनेक कार्य किए जा रहे है। सोसाइटी द्वारा डियारा सेक्टर को फूड गे्रन कैम्प बना कर नगर परिषद तथा आस पास की पंचायतों में रह रहे 815 प्रवासी लोगों को 26 मार्च से 20 अप्रैल तक 25 दिन के लिए लगभग 35 हजार 650 भोजन पैकेट उपलब्ध करवाए गए। वर्तमान में सोसाइटी द्वारा प्रवासी परिवारों को भोजन बनाने की व्यवस्था के लिए सूखा राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा कोरोना पाॅजिटिव और सहायता में लगे स्टाॅफ विशेष तौर पर डॉक्टर, सहायक मेडिकल स्टाॅफ, सफाई कर्मचारी तथा सुरक्षा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन समय भोजन की व्यवस्था की गई है। लाॅकडाऊन अवधि के दौरान रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा 41 मरीजों को ई.जी.एम.सी. शिमला तथा पी.जी.आई. चण्डीगढ़ छोड़ने के लिए एम्बुलैंस सेवा उपलब्ध करवाई गई। सोसाइटी द्वारा रेड क्राॅस से जुडे स्वयं सेवकों को आॅनलाईन बैब पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि स्वयं सेवक किसी भी प्रकार की आपदा के समय लोगों की सहायता करने में सक्षम बन सके। इसके अतिरिक्त जन सेवा में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस, सफाई कर्मचारियों तथा घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले लोगों को लगभग 3 हजार पानी की बोतलें उपलब्ध करवाई गई। सोसाइटी द्वारा भोजन से जुडी किसी भी प्रकार की मांग को सम्बन्धित विभागों, सामाजिक संस्थाओं या व्यक्तियों के साथ तालमेल करके तुरंत पूरा करना सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी व्यक्ति को भोजन सम्बन्धी परेशानी का सामना न करना पड़े। सोसाइटी द्वारा रैड क्राॅस स्वयं सेवकों के माध्यम से 35 लोगों को दवाईयों, एम्बुलैंस सेवा तथा स्वास्थ्य सहायक भी उपलब्ध करवाए जा रहे है। लाॅकडाऊन अवधि के दौरान सोसायटी द्वारा तीन रक्त दान शिविरों का आयोजन किया गया ताकि जरूरतमंद लोगों को तुरंत रक्त उपलब्ध करवाया जा सके इन शिविरों में 317 युनिट रक्त एकत्रित किया गया है। कर्फ्यू में ढील के दौरान सोसायटी के स्वयं सेवियों द्वारा प्रशासन के निर्देशानुसार विभिन्न स्थानों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा मास्क व सेनेटाईजर बांटे जा रहे है। रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा कहलूर सेवा विकास संस्थान के सहयोग से नगर परिषद और आस पास की पंचायतों में जहां लोगों का अधिक आना जाना होता है उस जगह को निरन्तर सेनेटाईज किया जा रहा है। जिसमें सेनेटाईजर की व्यवस्था जिला रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा की जा रही है। जिला बिलासपुर में अकेले रह रहे वरिष्ट नागरिकों जिनके परिवारजन किसी कारणवश लाॅकडाउन की वजह से उनसे दूर है उनकी रेड क्राॅस सोसाइटी के वॉलंटियर्स द्वारा हर प्रकार से सहायता की जा रही है। सोसाइटी द्वारा लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने हेतु समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ा जा रहा है। कोविड-19 के सम्बन्ध में लोगों को गीत, कविता, चित्रकला तथा नारा लेखन के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। विश्व रेड क्राॅस दिवस पर सोसाइटी द्वारा रक्त दान शिविर संगोष्ठी तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने बताया कि कोरोना काल में जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा मानवता का कार्य करते हुए जरूरतमंद, गरीब लोगों की हर सम्भव सहायता की गई। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में रेड क्राॅस सोसाइटी से जुड़कर मानव सेवा के इस पुण्य कार्य में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें।
हिमाचल प्रदेश में भारी विरोध के बीच आखिरकार किराए में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब प्रदेश की बसों में सफर 25 फीसदी महंगा हो जाएगा। इस संबंध में प्रधान सचिव परिवहन केके पंत ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना में राज्य परिवहन प्राधिकरण और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को इसकी कड़ाई से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। ये फैसला 20 जुलाई कैबिनेट की बैठकमें लिया गया था। कैबिनेट ने प्रदेश में बस किराये में 25 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद अब तीन किलोमीटर यात्रा करने के लिए अब 5 रुपए की जगह 7 रुपए किराया लगेगा। यानि न्यूनतम किराया अब पांच की जगह सात रुपये होगा। वहीं, पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तीन किलोमीटर के बाद 25 फीसदी किराये में वृद्धि होगी। गौर हो कि निजी बस ऑपरेटर कोरोना काल में महंगाई का हवाला देकर किराया बढ़ाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे थे। इसके बाद कैबिनेट में किराया बढ़ाने का फैसला लिया। किराए में वृद्धि के फैसले के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों और कई संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने शुरू कर दिए हैं। इस फैसले का भारी विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस ने मंगलवार को शिमला में चक्का जाम भी किया था। वहीं, आज ऊना में भी प्रदर्शन किया है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि एक तरफ तो कोरोना की वजह से लोग परेशान हैं उपर से किराए में बढ़ोतरी की वजह से आम जनता पर भारी बोझ पड़ेंगा। इसलिए किराया बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए। वहीं, भारी विरोध के बीच किराया बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। अब यह देखना बाकी है कि विपक्ष का क्या रुख रहता है, वहीं क्या एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटर इस बढ़े किराये से आर्थिकी तंगी से निकल पाते हैं या नहीं। दो साल में करीब 50 फीसदी बढ़ा किराया बीजेपी सरकार के कार्यकल में दो बार किराया बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे पहले सरकार ने सितंबर 2018 में किराये में बढ़ोतरी की थी। किराये में 20 से 25 फीसद तक बढ़ोत्तरी का इजाफा किया गया था। सरकार का तर्क है कि काफी लंबे अरसे से किराया नहीं बढ़ाया गया है। साथ ही पड़ोसी राज्यों ने हिमाचल से कहीं अधिक किराया बढ़ोतरी की है। इसलिए हिमाचल सरकार को भारी मन से किराया बढ़ाना पड़ा है। दो साल के अंदर हिमाचल में बस किराये में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। प्रति किलोमीटर यह रहेगा किराया मिनी बसों सहित अन्य बसों में अब साधारण बस किराया मैदानी क्षेत्रों में एक रुपये 40 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब के वसूल किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में 2 रुपये 19 पैसे प्रति किलोमीटर होगा। डीलक्स बसों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1 रुपये 71 पैसे प्रतिकिलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में 2 रुपये 71 पैसे होगा। एसी, वॉल्वो बसों का किराया मैदानी क्षेत्र में 3 रुपये 42 पैसे प्रतिकिलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में 4 रुपये 52 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूल किया जाएगा।
राष्ट्रीय गोकुल ग्राम के अन्तर्गत ऊना जिला के थानाकलां में हिमाचल प्रदेश का पहला कोगुल ग्राम स्थापित किया जाएगा। यह गोकुल ग्राम 15-01-70 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा जो वर्तमान में गौ सेवा आयोग के स्वामित्व में है। यहां गैर- उत्पादक पशुओं के लिए पशु अभ्यारण्य भी स्थापित किया जाएगा। पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने इस परियोजना के अन्तर्गत 995.1 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसमें से 778.64 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। इस परियोजना का कार्यन्वयन हिमाचल प्रदेश पशुधन और कुकुट विकास बोर्ड (एचपीएलपीडीबी) द्वारा किया जाएगा। गोकुल ग्राम की स्थापना एचपलएलपीडीबी द्वारा राज्य पशुपालन विभाग के सहयोग से की जाएगी। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि गोकुल ग्राम में रैड सिंधी, साहीवाल, थारपारकर, गिर जैसी विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की देशी नस्ल की 500 गाय रखने की क्षमता होगी। देसी नस्ल के पशुओं की खरीद का अनुपात प्रजनन और उपलब्धता के आधार पर तय किया जाएगा। क्राॅसब्रीडिंग से प्रजनन न करवाकर संबंधित प्रजाति के उन्नत किस्म के वीर्य से प्रजनन करवाया जाएगा ताकि प्रजाति में शुद्धता बनी रहे। गोकुल ग्राम में क्वारंटीन शैड्स भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि दवाई निर्माताओं को आसवन किया गौमूत्र बेचा जाएगा। गुरू ग्राम में गाय के गोबर से बने अभिनव उत्पाद जैसे हाथ से बने कागज, मच्छर भगाने की दवाई, गर्मी प्रतिरोधी छत की टाइलें, सूखा और तेल बाध्य डिस्टेंपर, गमले इत्यादि के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। गौमूत्र को जैव कीटनाशक और जैव उर्वरकों में परिवर्तित किया जाएगा और गोकुल ग्राम में भी इस का उपायोग किया जाएगा। घरेलू बाजारों में भी इसकी बिक्री की जाएगी। वीरेंद्र कवंर ने कहा कि भूमि की उर्वरता के सुधार के लिए जैविक-खाद बनाई जाएगी। गोकुल ग्राम के उपयोग के लिए बायोगैस से बिजली उत्पादन के लिए बायोगैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीएल और पीडीबी से उच्च अनुवांशिक किस्म के पशु खरीदे जाएंगे। राष्ट्रीय गोकुल ग्राम के अन्तर्गत देश में देसी नस्ल के पशुओं के विकास, संरक्षण और प्रसार के उद्देश्य से गोकुल ग्राम की स्थापना की जा रही है। पशुपालन मंत्री ने कहा कि गोकुल ग्राम को वैज्ञानिक संसाधन प्रबंधन, व्यावसायिक फार्म और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से आत्मनिर्भर इकाई बनाया जाएगा।
भाजपा मंडल रोहड़ू ने मंडलाध्यक्ष बलदेव रांटा की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय में मंडल के सभी पदाधिकारियों के साथ मिलकर नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप की ताजपोशी पर प्रसन्नता जताई। इस मौके पर सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कर बधाई दी। राज्य सहकारी ग्रामीण व कृषि विकास बैंक की अध्यक्षा शशि बाला व मंडल अध्यक्ष बलदेव रांटा ने सुरेश कश्यप को बधाई देते हुए उन्हे प्रदेशाध्यक्ष के नए दायित्व के लिए पार्टी के राष्ट्रीय शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार प्रकट किया। मडलाध्यक्ष बलदेव रांटा ने बताया कि सुरेश कश्यप प्रदेश भाजपा के पहले अध्यक्ष हैं जो अनुसूचित जाति से तालुक रखते भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी ताजपोशी से प्रदेश में संगठन व पार्टी को और मजबूती मिलेगी जिससे पार्टी के जनाधार में वृद्धि होगी ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश चंद दडोच ने बताया कि समुदाय को कोविड-19 के बचाव के साथ-साथ अन्य जल जनित बीमारियों के स्वास्थय पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्व की 80 प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित जल से होने वाले रोगों के कारण होती हैं, जिनमें डायरिया प्रमुख है। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष में हर साल लगभग 2 लाख बच्चे दस्त रोग के कारण मर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जल प्राकृतिक रूप से स्वच्छ होता, लेकिन जल के प्रदूषित होने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां जैसे हैजा, टाइफाइड, पेचिश, पीलिया, आंत्रशोथ दस्त रोग उल्टी, कृमि रोग पोलियो तथा जल भराव के कारण मच्छर पैदा होने से मलेरिया तथा डेंगू इत्यादि रोग उत्पन्न हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों तथा बरसात के मौसम में विशेष कर दस्तरोग शिशुओ और बच्चों तथा आम लोगों में हो जाता है जिसका अगर समय पर उसका उपचार न किया गया तो निर्जलीकरण से मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों को गंदा न करें, उनमें स्नान न करें न ही कपड़े धोए, पेयजल स्रोतों के चारों ओर कंक्रीट की दीवार लगानी चाहिए ताकि वर्षा का पानी उसमें न जाए, शौच खुले में न जाएं, शौच जाने के लिए शौचालय का ही प्रयोग करें, पीने के लिए क्लोरीन युक्त नल के जल या हैण्ड पम्प के पानी का ही उपयोग करें आवश्यकता पडने पर बावरियों और कुएं के पानी को उबाल कर ही पीएं, या 15 से 20 लीटर जल मे 1 गोली क्लोरीन की अवश्य पीस कर डालें या 1000 लीटर पानी, 2.5 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालें, उसके कम से कम आधे घण्टे पश्चात ही पानी उपयोग में लाए। पानी को साफ बर्तन में ढक कर रखें। बर्तन से पानी निकालने के लिए हमेशा हैंडल वाले गिलास का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें, खाने पीने की चीजों को ढक कर रखें, खाना खाने से पहले तथा शौच जाने के पश्चात साबुन व पानी से हाथ अच्छी तरह से धोएं। दस्त रोग के कारण प्राय शरीर में पानी की कमी हो जाती है। दस्त होने पर ओ.आर.एस. का घोल पिलाएं। उन्होंने बताया कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों को ओ.आर.एस. के घोल का पैकेट मुफ्त दिया जाता है तथा दस्त रोग से पीडित बच्चों का ओ.आर.एस. व जिंक की गोलियों से उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि अगर दस्त के साथ खून आए या दस्त ठीक न हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह ले। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इन बीमारियों के कारणों व बचाव तथा उपचार के प्रति जागरूक रहें।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना आपदा के चलते बदली वैश्विक परिस्थितियों में मोदी सरकार बनाई गई नीतियों, विकल्पों के समन्वय, अवसरों की अधिकता व भारतीय बाज़ार के खुलेपन के कारण भारत को निवेश के लिए सर्वोत्तम स्थान बताते हुए इससे भारत व वैश्विक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होने की बात कही है। अनुराग ठाकुर ने कहा "भारत अवसरों का देश है व भारत के अंदर आपदा को अवसर में बदलने की अनूठी क्षमता है।कोरोना संकट के इस दौर में जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था अनिश्चितता व उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रही है ऐसे में मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों ,विकल्पों के समन्वय,अवसरों की अधिकता व हमारे बाज़ारों के खुलेपन के कारण भारत निवेश के लिए सर्वोत्तम जगह है।आज पूरी दुनिया भारत की तरफ़ आशाभरी निगाहों से देख रही है। पिछले छह सालों में हमने अपनी अर्थव्यवस्था को और खोलने व इसमें निरंतर सुधार करने की दिशा में कई प्रयास किए हैं।सुधारों से प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता, डिजिटाइशन और इनोवेशन को बल देने के साथ साथ हमने नीतियों में स्थिरता व इसे सुचारु रूप से लागू करने का काम किया है।हमने अपने आत्मनिर्भर भारत अभियान के जरिए दुनिया के सामने प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने, अर्थव्यवस्था को बल देने व आर्थिक समृद्धि को हासिल करने का एक विजन दिया है।” अनुराग ठाकुर ने कहा "मोदी सरकार की इंवेस्टमेंट पॉलिसी से भारत इंवेस्टर हेवन बन रहा है। आज कई देशों की बड़ी एमएनसी भारत में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। हमने बेहतर इंफ़्रास्ट्रक्चर बना कर व इंस्पेक्टरराज और लालफ़ीताशाही के ख़िलाफ़ कड़ी नीतियाँ बना कर उद्योग जगत की चिंताओं को दूर करने का काम किया है। हमने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करके इंड्रस्टीस के लिए नई सम्भावनाओं के द्वार खोले हैं। हर साल भारत में एफडीआई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रही है। 2019-20 में भारत में एफडीआई प्रवाह 74 अरब डॉलर था, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। कोरोना महामारी के दौरान भी भारत ने इस साल अप्रैल और जुलाई के बीच 20 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी निवेश हासिल किया है। कोरोना संकट काल में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। मोदी सरकार की नीतियों के कारण भारत का विदेशी का मुद्रा भंडार पहली बार रिकॉर्ड 516.362 अरब डॉलर पहुंच गया है। भारत विश्व के उन पाँच शीर्ष देशों में से एक है जिनका विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के पार है।"
शिमला संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद सुरेश कश्यप को भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनने पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि सिरमौर जिले से संबंध रखने वाले ओर पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से लगातार 2 बार विधायक व वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से प्रदेश भाजपा मजबूत होगी। उन्होंने सुरेश कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा , गृह मंत्री अमित शाह जी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का व राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी, प्रदेश भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है। उन्होंने सुरेश कश्यप को बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी हैं जिसमे एक साधारण परिवार से निकला कार्यकर्ता विधायक से संसद और प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर सम्भाल रहा हैं, यह भाजपा में ही सम्भव हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप के प्रदेशाध्यक्ष बनने से न केवल सिरमोर जिला मजबूत होगा बल्कि प्रदेश भाजपा ओर मजबूत होकर उभरेंगी ओर 2022 में जयराम ठाकुर व सुरेश कश्यप के नेतृत्व में पुनः भाजपा की सरकार बनेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा की गई 25 प्रतिशत किराए में वृद्धि की जिला कांग्रेस कमेटी निंदा करती है और इसे प्रदेश सरकार का जन विरोधी फैसला करार देती है। यह बात बिलासपुर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा किए गए प्रदर्शन के उपरांत जिला प्रधान अंजना धीमान ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ पहले ही डीजल- पेट्रोल की कीमतों ने लोंगो का जीना दूभर कर रखा है उसके ऊपर से गाड़ियों की इंश्योरेंस की कीमतें दुगनी ही चुकी है, नई गाड़ियों का पंजीकरण करवाना पहले से ही महंगा है ऊपर से इस लॉक डाउन और आर्थिक मंदी के दौर में बस किरायों में कई गई वृद्धि एक बहुत ही गलत फैसला है। इस मौके पर पूर्व विधायक बीरू राम गौतम, तिलक राज शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता तेजस्वी शर्मा, हेम राज ठाकुर, संदीप सांख्यान, कर्ण चंदेल, विवेक कुमार, ज्ञान चंद गंभीर, कैप्टन ओम प्रकाश चंदेल ब्लॉक कांग्रेस झंडूता के अध्यक्ष सतीश चंदेल, बलदेव ठाकुर, गोपाल कृष्ण शर्मा, अमरजीत, रोहित गौतम, गौरव शर्मा, अंकुश ठाकुर, रशपाल, मजीद खान, आशीष ठाकुर, बिमला सहगल, अमित शर्मा, अनुराग पंडित, विजय ठाकुर, सूबेदार सीता राम, पारस गौतम भी उपस्थित रहे। इन कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद जिला बिलासपुर व राज्य की जनता पर अब और आर्थिक बोझ पड़ चुका है। यह उत्तरी भारत के राज्यों में होने वाली अभी तक की सबसे बड़ी पुब्लिक ट्रांसपोर्ट किराए में वृद्धि है। एक तरह तो प्रदेश सरकार ने सरकारी व निजी ऑपरेटर बसों को 100 फीसदी सवारियां बिठाने को मंजूरी दे दी थी तो अब इस तरह से 25 प्रतिशत की वृद्धि करना एक अनुचित फैसला है। राज्य में इस समय साधारण बसों का किराया मैदानी इलाकों में प्रति किमी 1.12 रुपये और पहाड़ियों में 1.75 रुपये है। इसी तरह, मैदानी इलाकों में डीलक्स बसों का किराया 1.37 रुपये प्रति किमी और पहाड़ी इलाके में 2.17 रुपये प्रति किमी है। वोल्वो और वातानुकूलित बसों के लिए, मैदानों में किराया 2.74 रुपये प्रति किमी और पहाड़ी इलाके में 3.62 रुपये है। वहीं न्यूनतम बस का किराया पांच रुपये था जो कि अब 7 रुपये कर दिया गया है जबकि प्रदेश में बसों का किराया मैदानी इलाकों की वनस्पति कम होना चाहिए क्योंकि यहां पर आर्थिक तौर पर किसान वर्ग रहता है और उनकी आर्थिकी मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अपेक्षा कम होती है क्योंकि हिमाचल जैसे राज्य की अर्थव्यवस्था खेतीबाड़ी पर ज्यादा निर्भर होती है और मैदानी क्षेत्रों के लोगो की अर्थ व्यवस्था उद्योगों पर ज्यादा निर्भर करती है, तो ऐसे में यह अनावश्यक बस किराए वृद्धि प्रदेश की जनता के लिए ठीक नहीं है। प्रदेश के पड़ोसी राज्य जहां बसों के किराये घटाए जा रहें है वहीं पर हिमाचल प्रदेश में बसों के किराए बढ़ाये जा रहे है यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण हैं।
शिमला टिक्कर वाया शारोंथा बस सेवा ठप पड़ी है, जिसके चलते शीलघाट कलगांव, गंगानगर, मेल्टी, करछारी शरोंथा की समस्त जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही बस सेवा नही होने से कर्मचारियों को पैदल आना जाना पड़ता है जो यहां की समस्त जनता के लिए अत्यंत दुखद है। यहां की समस्त जनता हताश और निराश है। शिमला टिककर वाया कोटखाई थरोला टाऊ देवरीघाट आने वाली बस सेवा भी ठप पड़ी है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक जुब्बल नावर कोटखाई रोहित ठाकुर जी के कार्यकाल में यह बस सेवा शुरू की गई थी। जिससे यहां की समस्त जनता को सुकून मिला था, परन्तु अब इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार आंखें बंद करके बैठी है जनता त्रस्त है कि कैसे सफर किया जाए। लोगों का कहना है कि टाऊ कैंची से टाऊ गांव तक सड़क को पक्का किया गया और टाऊ कैंची से खड़ा पत्थर तक भी सड़क को पक्का किया गया है और देवरीघाट को जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग को नजरअंदाज किया गया। जो कि शर्म की बात है जिससे समस्त देवरी घाट की जनता और सभी नवार वासी अत्यंत दुखी हैं हताश है निराश है कि ऐसा व्यवहार देवरी घाट टिक्कर की समस्त जनता के साथ क्यों किया गया। इस समस्या को लकेर मुनीलाल नर्सेठ सदस्य पंचायत समिति रोहरु ओम प्रकाश रांटा , ज्वाला प्रसाद, राजिंदर रांटा, गिरधारी लाल जनारथा, कृष्ण लाल, कमल प्रकाश चौहान, राजिंदर जनारथा, रविन्द्र तेगटा, भूपेश पानेट, कमल रांटा, आर डी देशटा , यशपाल रांटा, बलदेव पापटा, रविन्द्र चौहान, भूपिंदर पापटा, अनिल गोंडका, राजेश रांटा, बिनु जमालटा, भूपिंदर चौहान, ऋतु नरेट, अंकित जनारथा, सुशील मोहन रानटा, सचिन चौहान,अरुण देष्टा, ऋषभ देष्टा, विपिन देष्टा, दीपक भापटा, पुरषोत्तम दास टंडन, रोशन लाल खिमता, बेली राम सरमेट, सरण दास कौशल, राम चंद, धर्मेन्द्र नर्सेथ, मोहन लाल सरमेट का सरकार से कहना है कि बस के रूट बंद हुए पड़े है इन्हे शीघ्र अति शीघ्र शुरू किया जाए ताकि जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने पर व्यापार मण्डल कुनिहार ने खुशी जाहिर करते हुए सुरेश कश्यप को बधाई दी है। व्यापार मण्डल कुनिहार के प्रधान सुमित मित्तल ने कहा है कि सांसद सुरेश कश्यप इस पद के लिए पार्टी की बेहतरीन खोज है व इनके व्यक्तित्व, कर्मठता, ईमानदार व मेहनती छवी से सरकार व संगठन में अच्छा तालमेल बनेगा तथा आगामी चुनावों में भाजपा पुनः रिपीट करेगी। व्यापार मण्डल ने राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व का सुरेश कश्यप की इस ताजपोशी के लिए धन्यवाद किया है। सुमित मित्तल के अलावा नीरज ठाकुर, विशाल कंवर, रोहित झाँझी, विनोद अरोड़ा, मनोज कंवर, विजय कंवर, मनोज ठाकुर, पंकज भारद्वाज, सुभाष भारद्वाज, देवराज, शीशराम वर्मा, योगेश मल्होत्रा, ललित ठाकुर, लेखराज जोशी, धर्मेंद्र ठाकुर, जितेंद्र अरोड़ा सहित समस्त व्यापारियों ने सुरेश कश्यप को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को शिमला से सोलन जिला के दून विधानसभा क्षेत्र में वीडियो काॅंफ्रेंस के माध्यम से 208 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने 2.23 करोड़ रुपये की लागत से दसोमाजरा के लिए सम्पर्क मार्ग पर सिरसा नदी के ऊपर गरडर पुल तथा 76 लाख रुपये की लागत से बग्गुवाला अप्रोच सड़क पर पुल का लोकार्पण किया। जय राम ठाकुर ने 1.47 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बनबीरपुर खड्ड पर स्पैन आर.सी.सी. पुल, 9.71 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनलगी-चण्डी-भट्ट-की-हट्टी सड़क का स्तरोन्यन, 2.32 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शारडीघाट-धायला सड़क का स्तरोन्यन, 4.39 करोड़ रुपये की लागत से गम्भर खड्ड से चण्डी क्षेत्र में आंशिक रूप से कवर की गई बस्ती के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, 15.78 करोड़ रुपये की लागत से दून क्षेत्र में 20 ट्यूबवैल के निर्माण और 171.12 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परियोजना के तहत विश्व बैंक पोषित भाग-1 के तहत बद्दी-सांई-रामशहर सड़क के स्तरोन्यन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गत अढ़ाई वर्षों में दून विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर 200 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 92.24 करोड़ रुपये व्यय कर विभिन्न योजनाओं का कार्य तथा जल शक्ति विभाग द्वारा योजनाओं के निर्माण एवं कार्यान्वयन पर लगभग 61 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हंै। उन्होंने कहा कि बद्दी शहर के लिए 33.34 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। गत अढ़ाई वर्षों के दौरान बद्दी-बरोटीवाला विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विकास कार्यों पर 58 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वर्तमान में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में लगभग 2000 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 72 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में गत दो वर्षों में पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने पर लगभग 13 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में 6008 पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को तीन माह की अग्रिम पेंशन के रूप में 2.20 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।


















































