हिमाचल प्रदेश में बीते तीन दिनों से बारिश का क्रम जारी है और प्रतिदिन आकाश में बादलों और सूरज के बीच लुका छुपी देखने को मिल रहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के कई भागों में भारी बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार प्रदेश के मध्य पर्वतीय भागों में 25 जून तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। वहीं, मैदानी भागों में 23 व उच्च पर्वतीय भागों में 24 जून से मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि जुलाई महीने के पहले सप्ताह कम बारिश होने के आसार है। वही किसानों और बागवानों की फसलों और बाग बगीचों को बर्बाद होने से बचाने के लिए भी मौसम विभाग एक स्कीम लेकर आया है। इस स्कीम में मौसम विभाग कृषि और बागवानी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर एक व्ट्सॅअप ग्रुप बनाएगा, जिसमें किस जिले और क्षेत्र में कब बारिश और ओलावृष्टि होगी ये जानकारी दी जाएगी ताकि किसान बागवान समय रहते अपनी फसल का बचाव कर सके और साथ ही मौसम विभाग सभी जिलों के लिए तीन-तीन घण्टे बाद मौसम का फोरकास्ट जारी करेगा।
अग्निपथ योजना के विरोध में राजनितिक दलों के बाद अब किसानों ने भी मोर्चा खोल दिया हैं। इस कड़ी में आज हिमाचल किसान सभा ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर अग्निपथ योजना के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। किसान सभा ने सरकार को अल्टीमेटम दिया हैं कि अगर 24 जून तक सरकार अग्निपथ योजना तो वापिस नहीं लेती है तो किसान सभा देश भर में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौपेगी और आंदोलन करेगी।किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप तंवर ने कहा कि किसानों के बाद अब युवाओं के साथ मोदी सरकार खिलवाड़ कर रही हैं। जिस तरह किसान आंदोलन के विरोध के बाद क़ृषि क़ानून वापिस लिया गया, यही हाल इस योजना का भी होगा। सेना में किसानों के बच्चे ही भर्ती होते हैं इस तरह सरकार किसान आंदोलन का बदला इस योजना को लाकर किसानों से ले रही हैं। उन्होंने कहा कि न तो किसी नेता और न ही अधिकारी के बच्चे सेना में जाते हैं। किसान का बेटा एक खेत में तो दूसरा सेना में जाता है जिस पर सरकार ने कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि सयुंक्त किसान मोर्चा 24 जून को सड़कों पर उतरकर इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगा।
प्रदेश भर में आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। विश्व योग दिवस पर सरकारी स्तर पर और राजनीतिक दलों ने भी कई कार्यक्रम आयोजित किए। मौसम के बदले मिजाज और बारिश की फुहारों ने भी आयोजन को फीका नहीं होने दिया। लोग बड़ी संख्या में विभिन्न आयोजन स्थलों पर पहुंचे और इस खास दिन की अहमियत जताई। विभिन्न योगासनों से प्रदेश को फिट रहने का संदेश दिया। सभी संसदीय क्षेत्रों कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला और मंडी के शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर विश्व योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये गए। शिमला विश्व योग दिवस पर राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्कूली बच्चों के साथ योग आसन किए। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह सात से आठ बजे तक योग सत्र में योग किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी और जीवन में निरोग रहने के लिए योग को रोज करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से भारत की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाया है। आज के समय में जीवन काम में उलझ कर रह गया हैं। 8 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयास किया कि भारत से जुड़े योग को विश्व जाने। जिसमें सफलता मिली और आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने प्रदेश वासियों से आग्रह किया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग को जीवन में शामिल करें। मंडी जिला मंडी के पराशर में अंतरराष्ट्रीय दिवस पर योग शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर भी रहे मौजूद। गौरतलब है कि पराशर ऋषि की तपोस्थली को आजादी के अमृत महोत्सव पर देश के 75 आइकॉनिक स्थानों में शामिल किया गया था। हमीरपुर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के टिहरा सुजानपुर कटोच पैलेस में केंद्रीय सूचना और प्रसारण एवं युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर तथा प्रदेश से खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने शिरकत की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभालते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भारत की प्राचीन पद्धति योग का महत्व समझाया और दुनिया से इसे अपनाने की अपील की। उनके आह्वान पर दुनिया के सभी देशों ने इसे अपनाया और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प लिया। भारत के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस बार 8वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी का अमृत महोत्सव के तहत देश भर के 75 प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर स्थलों पर ”योग फॉर ह्यूमैनिटी” यानि मानवता के लिए योग थीम के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में सुजानपुर के कटोच पैलेस के परिसर में योगाभ्यास सत्र में भाग लेना प्रत्येक प्रतिभागी के लिए गौरव की बात है। रोहतांग अटल टनल रोहतांग में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों लोगों ने 10,000 फीट की ऊंचाई पर एक साथ योग किया। अटल टनल योग कार्यक्रम में केंद्रीय गृह, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा शामिल हुए। वहीं, 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में बर्फ के बीच आईटीबीपी के जवानों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन किया। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हो रहे इस कार्यक्रम में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान और सीमा सड़क संगठन के जवान भी शामिल हुए।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर दर्दनाक सड़क हादसे पेश आए। कुल्लू में पेश आए दो सड़क हादसों में तीन लोगो की मौत हो गई जबकि नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे पर वाहनों की आपस में ज़ोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में पांच पर्यटकों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। इसके अलावा धर्मशाला से दिल्ली जा रही हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बस पानीपत में सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 20 यात्रियों के घायल होने की सुचना प्राप्त हुई है। वहीं बिलासपुर में ट्रक और मोटरसाईकिल में टक्कर होने से एक युवक की मौत हो गई। जिला कुल्लू में दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। पहला हादसा सोमवार रात को पेश आया है। यह हादसा कुल्लू के तलोगी के पास ओसह में हुआ है। इस हादसे में एक स्कूटी सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में स्कूटी चालक की मौत हो गई। वहीं दूसरा हादसा सोमवार रात करीब 10:30 बजे बजौरा में ब्यास नदी के पास पेश आया। हादसे में ब्यास नदी के पास बने पुल से एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार पुल से करीब 40 फीट नीचे जा गिरी है। जिसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। जानकारी के अनुसार फोरलेन पुल के पास हुए हादसे में कार चालक मदन उम्र 40 साल पुत्र बचन सिंह निवासी खुडेर तहसील सुंदरनगर जिला मंडी तथा प्रकाश चंद्र उम्र 51 साल पुत्र ध्यान राम गांव जलोह तहसील सलूनी जिला चंबा की मौत हो गई है। वहीं, जिया-रामशिला फोरलेन पर हुए हादसे में राज प्रकाश उम्र 42 साल पुत्र राम प्रकाश ठाकुर गांव शमशी कुल्लू की मौत हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई दर्ज कर दी है। धर्मशाला से दिल्ली जा रही हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बस हरियाणा के पानीपत में सड़क हादसे का शिकार हो गयी। इस हादसे में 20 यात्री घायल हुए थे। यह दुर्घटनाग्रस्त बस नगरोटा बंगवा डीपो की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह बस धर्मशला से दिल्ली जा रही थी। ये सड़क हादसा करीब पौने 9 बजे पेश आया है। बस ने पीछे से आकर एचआरटीसी की खड़ी बस को टक्कर मार दी। इस दोनों बसों में 50 लोग सवार थे। 3 घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश के नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे के झिडीवाला के समीप दो वाहनों की आपस में ज़ोर दार भिड़ंत हो गयी। इस हादसे में टेंपो ट्रेवलर में सवार 9 पर्यटक घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक रात करीब डेढ़ बजे नालागढ़ की ओर से टैंकर स्वारघाट की तरफ जा रहा था। झिडीवाला के समीप गलत दिशा से टेंपो ट्रेवलर आ रही थी। इस दौरान दोनों वाहनों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टेंपो ट्रेवल में हरियाणा और दिल्ली के पर्यटक सवार थे। पर्यटक मनाली से घूमने के बाद वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को CHC नालागढ़ पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने पांच पर्यटकों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। वहीं थाना नालागढ़ पुलिस ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिलासपुर के सदर थाना के अंतर्गत मुकाम छडोल के पास एक ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गयी। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। मृतक की पहचान सुनिश शर्मा सपुत्र गोपाल कृष्ण शर्मा निवासी कुनिहार जिला सोलन के रूप में हुई है। वहीं ट्रक चालक ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया था जिसे सूचना के अनुसार डिटेन कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विधान चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने शिमला कांग्रेस कार्यालय में दो दिन विभिन्न कमेटियों की बैठक कर आगामी चुनाव के लिए एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति बनाई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता मुकेश अग्निहोत्री और प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद राजीव शुक्ला से कांग्रेस में बढ़ रही गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हर राजनीतिक दल में गुटबाजी होती है, लेकिन कांग्रेस में मतभेद है,मनभेद नहीं है। सिरमौर कांग्रेस नेताओं में चल रहे विवाद पर शुक्ला ने कहा कि पार्टी के ध्यान में यह मामला है और इसमें उचित कार्रवाई की जायेगी। जनता भाजपा सरकार की नीतियों से दुखी हैं और कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापिस लाना चाहते हैं। इसलिए 2022 में कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई से युवा बेरोजगार महिला, हर वर्ग परेशान है, जिसका खामियाज़ा सरकार को आगामी विधान सभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
Today Yoga Workshop was organized at Sai International School on account of International Yoga Day. Little kids were made aware of the importance of Yoga as well as its benefits in our life. Demonstration of different Yog Mudras / Asanas like Taad asana, Padam asana, etc was given at school ground by the teachers especially arranged for our SIS Learners. The children followed the teacher and did their best to complete all the asanas and Mudras. The Chairman of the school, Shri Raminder Bawa extended his best wishes to all the children and blessed them to lead a healthy life by doing yoga.
-21 दिन की पैरोल के दौरान दी गई थी जेड प्लस सिक्योरिटी -जानिए राम रहीम को क्यों हुई थी सजा ? डेरा सच्चा सौदा के संचालक राम रहीम पर हरियाणा सरकार एक बार फिर मेहरबान हुई है। राम रहीम को एक महीने की पैरोल दी गई है, इससे पहले फरवरी के पहले सप्ताह में गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी, बता दें कि अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में गुरमीत राम रहीम उम्रकैद की सजा काट रहा है। डेरा सच्चा सौदा के संचालक राम रहीम पर हरियाणा सरकार एक बार फिर मेहरबान हुई है. राम रहीम को एक महीने की पैरोल दी गई है, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सुरक्षा के बीच राम रहीम जेल से बाहर आया। सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम बागपत स्थित अपने आश्रम में गया है, बता दें कि दो साध्वियों के साथ रेप और दो हत्याओं का दोषी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। इससे पहले इसी साल 7 फरवरी को गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी, 28 फरवरी को पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद राम रहीम को सुनारिया जेल लाया गया था। पिछले साल भी डेरा प्रमुख को अपनी बीमार माँ से मिलने के लिए सुबह से शाम तक का आपातकालीन पेरोल दी गयी थी। फरवरी में राम रहीम की 21 दिन की पैरोल मंजूर की थी, इस दौरान सरकार ने राम रहीम की जान का खतरा बताते हुए उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा भी मुहैया करवाई थी, फरलो के दौरान राम रहीम ज्यादातर समय अपने गुरुग्राम स्थित आश्रम में ही रहा था। सरकार ने सुरक्षा का आधार एडीजीपी की रिपोर्ट को बनाया था, सरकार ने कहा था कि खालिस्तान समर्थक डेरा प्रमुख को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए उन्हें सख्त सिक्योरिटी दी जा रही है। राम रहीम सिरसा स्थित अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की कैद की सजा काट रहा है, राम रहीम को पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में मामले में दोषी करार दिया था, इसके अलावा गुरमीत राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
मोदी-मोदी नाम की माला जप-जप कर भाजपा प्रदेश में चुनावी भवसागर पार करने का पूरा प्रयास कर रही है। माना जा रहा है कि जयराम के सियासी रथ का सारथी बन मोदी ही इस रणभूमि में भाजपा का बेडा पार कर सकते है। इसीलिए प्रदेश में एक के बाद एक दौरे कर प्रधानमंत्री कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे है। यूँ तो कई अन्य बड़े नेता भी हिमाचल के दौरों पर आ रहे है पर मोदी मैजिक के आगे सब फीका सा लग रहा है। धर्मशाला से रोड शो के जरिये भी प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं को मोदी चार्ज कर गए है। महज एक किलोमीटर और 15 मिनट के छोटे से रोड शो से भी पीएम मोदी बड़ा इम्पैक्ट डालने की कोशिश कामयाब रही। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी के रोड शो का हिस्सा बनने पहुंचे और जिस तरह की नारेबाजी हुई उससे जाहिर है कि भाजपा का जोश अब हाई है। निसंदेह पीएम मोदी के आगमन से भाजपा कांगड़ा में माहौल बनाने में कामयाब रही है। बीते एक पखवाड़े में ये पीएम मोदी का दूसरा हिमाचल दौरा था और लगभग बीते तीन माह में ये तीसरा मौका है जब पीएम मोदी हिमाचल आएं है। उपचुनाव में क्लीन स्वीप के बाद प्रदेश में भाजपा का जोश ठंडा था और तब 10 मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले में बड़ी रैली करके हतोत्साहित कार्यकर्ताओं को जोश से लबरेज कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार के आठ साल का उत्सव मानने के लिए भी शिमला को चुना गया और बीती 31 तारीख को पीएम मोदी की शिमला में शानदार जनसभा आयोजित हुई। अब मुख्य सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने धर्मशाला पहुंचे पीएम मोदी ने रोड शो कर फिर से कार्यकर्ताओं में जोश भर गए। चुनाव से पहले कई बार आएंगे पीएम हिमाचल में सत्ता कब्जाने के लिए 15 सीटों वाला कांगड़ा सबसे अहम जिला है। 2017 में यहां भाजपा ने 11 सीटें जीती थी और मिशन रिपीट भी इसी कांगड़ा के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में पीएम मोदी के कांगड़ा दौर और रोड शो के विशेष मायने है। बहरहाल विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के कांगड़ा और निचले हिमाचल में कई दौरे होने तय है। जल्द ही प्रधानमंत्री बिलासपुर एम्स का उद्घाटन करने भी आ सकते है। वहीँ मुख्यमंत्री ने उनके चंबा दौरे पर आने की बात भी कही है। सबसे बड़े ब्रांड है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ भाजपा बल्कि पुरे देश के सबसे बड़े राजनैतिक ब्रांड है। ब्रांड मोदी का असर देश बीते एक दशक से लगातार देखता आ रहा है। ये ही कारण है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के सियासी रिवाज़ को तोड़ने के लिए भाजपा अपने सबसे दमदार चेहरे को आगे रख रही है। मिशन रिपीट में जुटी भाजपा के लिए खुद प्रधानमंत्री अभी से मोर्चा संभाले हुए दिख रहे है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय के बुलावे पर पूछताछ के लिए पहुंचे तो पूरी कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। एक दो नेता नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस ही सड़कों पर उतर आई। सिर्फ युवा नेता नहीं बल्कि अशोक गहलोत, भूपेंद्र सिंह बघेल जैसे मुख्यमंत्री और पी चिदंबरम जैसे कद्दावर पूर्व मंत्री भी राहुल पर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर पुलिस से जूझते रहे। लंबे समय बाद पार्टी में वर्कर से लेकर शीर्ष नेता तक एकजुटता के साथ अपने नेता के समर्थन में कदमताल करते दिखे। कांग्रेस ने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ को ‘असंवैधानिक' करार देते हुए दावा किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है कि उन्होंने किसानों, नौजवानों, मजदूरों की आवाज उठाई तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रमकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उधर सोमवार के बाद मंगलवार को भी घंटो तक प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी से पूछताछ की और सोमवार की तर्ज पर ही कोंग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन भी ज़ारी रहा। अपने नेता के बचाव के दौरान कांग्रेस की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन तो बखूबी हो रहा है, मगर सवाल ये उठता है कि क्या इससे पहले कांग्रेस को ऐसा अवसर नहीं मिला। महंगाई और बेरोजगारी जैसे देश के मुद्दे प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठाने वाली कांग्रेस आखिरकार पुरे बल के साथ सड़क पर तब उतरी जब बात गांधी परिवार पर आई। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश का मुख्य विपक्षी दल देश के मुद्दों को सड़क पर उतर कर आक्रमकता के साथ उठाने में नाकामयाब रहा है। नतीजन कांग्रेस पर कमजोर का ठप्पा लग चूका है। पर बात जब गांधी परिवार पर आई तो ये ही कमजोर कांग्रेस बीते दो दिनों में मजबूत दिखी है। एक पक्ष ये भी है कि बीत माह हुए नव संकल्प शिविर के बाद कांग्रेस में ये चेतना आई है और पार्टी आक्रामक हुई है। पर सच्चाई ये है कि उक्त शिविर के बाद इसी कांग्रेस ने मोदी सरकार के आठ साल पर एक पुस्तिका 'आठ साल आठ छल..' ज़ारी की और वो भी बंद कमरे में पत्रकार वार्ता कर। उस पत्रकार वार्ता में सोनिया और राहुल गांधी तो मौजूद तक नहीं थे। कहा गया कि कांग्रेस इसे आम जन तक पहुंचाएगी पर कितने लोगों तक ये पहुंची, ये बात सभी जानते है। पार्टी में हमेशा रहा है गांधी -नेहरू परिवार का वर्चस्व 1998 से सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थी और 2017 तक वे इस पद पर रही। इसके बाद 2019 तक उनके बेटे राहुल गांधी अध्यक्ष रहे और 2019 में सोनिया फिर अंतरिम अध्यक्ष बन गई। कांग्रेस गांधी परिवार से बाहर निकल नहीं पा रही है और एक के बाद एक कई नेता पार्टी छोड़ते जा रहे है। 1919 में पहली बार मोतीलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और तब से अब तक शायद ही कभी कांग्रेस में ऐसा दौर आया हो जब पार्टी गांधी -नेहरू परिवार के प्रभाव से पूरी तरह बाहर निकली हो। पर इससे पहले पार्टी की ऐसी खराब दशा भी कभी नहीं हुई। अब पार्टी और गांधी परिवार दोनों के सामने करो या मरो की स्थिति है।
दो सालों से सेना भर्ती का इंतजार कर रहे देश के बेरोजगार युवा सड़कों पर उतर केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत जवानों को अग्निवीर बनाने की घोषणा की है, मगर अब इन्हीं भावी अग्निवीरों ने सड़कों को अग्निपथ बना दिया है। कहीं बसों को जला दिया गया तो कहीं ट्रेन में आग लगा दी गई। बिहार से निकली ये चिंगारी यूपी, हरियाणा, हिमाचल समेत कई राज्यों तक पहुंच गई है। यूपी-बिहार व हरियाणा से लेकर तेलंगाना तक हिंसक प्रदर्शन जारी है। हालात चिंताजनक हो गए हैं। सरकार प्रयासरत है, युवाओं को मनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। अलग -अलग तरीके से अग्निपथ योजना के लाभ समझाने के प्रयास किये जा रहे है। सरकार इस योजना में कई संशोधन भी कर चुकी है, मगर युवा ये स्पष्ट कर चुके है कि वे समझने को तैयार नहीं है। हर तरफ त्राहि -त्राहि मची हुई है। बिहार के लखीसराय, छपरा, समस्तीपुर, आरा समेत कई जिलों में ट्रेनें फूंक दी गईं तो यूपी की सड़कों पर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा के कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। रोहतक में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने सुसाइड कर लिया। हिमाचल परेश में भी युवा सड़कों पर उतर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है। कई दिनों से अग्निपथ के विरोध की आग जल रही है। इसकी चपेट मे सबसे ज़्यादा भाजपा शासित प्रदेश झुलस रहे है। अग्निपथ योजना के तहत सरकार का प्लान है कि नौ सेना, वायु सेना व थल सेना में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती की जाए। योजना के तहत चुने गए युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा और इस साल करीब 46 हजार युवाओं को सहस्त्र बलों में शामिल करने की योजना है। 75 फीसदी युवाओं को चार साल की सेवा के बाद रिटायर कर दिया जाएगा। भर्ती किए गए जवानों में से सिर्फ़ 25 प्रतिशत को सेना में रखा जाएगा। इसी को लेकर छात्रों का विरोध है। युवाओं का मानना है की ये योजना उनके अधिकारों का हनन है। छात्रों का कहना है, 'सेना में जाने के लिए हम जीतोड़ मेहनत करते हैं। ट्रेनिंग और छुट्टियों को मिला दें तो कोई सर्विस सिर्फ़ चार साल की कैसे हो सकती है? सिर्फ़ तीन साल की ट्रेनिंग लेकर हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? पहली समस्या: चार साल ही क्यों? प्रदर्शन कर रहे युवाओं की सबसे बड़ी समस्या है कि सिर्फ़ चार साल के लिए ही क्यों भर्ती की जा रही है। सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भी कम से कम 10 से 12 साल की सर्विस होती है और आंतरिक भर्तियों में उन सैनिकों को मौका भी मिल जाता है। अग्निपथ योजना में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या यही है कि चार साल के बाद 75 पर्सेंट युवाओं को बाहर का रास्ता देखना ही पड़ेगा। चार साल की सेवा के बाद 75 पर्सेंट युवाओं को रिटायर करने का कॉन्सेप्ट किसी के गले नहीं उतर रहा है। सेना में शामिल होने की तैयारियों कर रहे युवाओं का पक्ष है कि वो सालों तक खूब मेहनत कर सेना भर्ती होने की तैयारी करते हैं। ऐसे में चार साल की नौकरी उन्हें मंजूर नहीं है। अभ्यर्थियों का कहना है कि साढ़े 17 साल में अग्निवीर बनने वाले युवा के पास न तो कोई प्रोफेशनल डिग्री होगी और न ही कोई विशेष योग्यता, ऐसे में वह दोयम दर्जे की नौकरियों के लिए बाध्य होगा। क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग? अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों की मांग बेहद स्पष्ट है। उनका कहना है कि इस योजना को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। लंबे समय से सेनाओं में भर्ती न होने की वजह से परेशान छात्रों की मांग है कि जल्द से जल्द भर्ती की रैलियां आयोजित कराई जाएं और परीक्षाएं शुरू हों। इसके अलावा, पुरानी लटकी भर्तियों को भी जल्द से जल्द क्लियर करने की मांग की जा रही है । ये संशोधन कर चुकी है सरकार सरकार द्वारा भारी विरोध को देखते हुए इस साल के लिए अग्निवीर भर्ती की ऊपरी आयु सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई। गृह मंत्रालय द्वारा सीएपीएफ और असम राइफल्स में अग्निवीरों की भर्ती के लिए दस फीसदी आरक्षण की घोषणा भी की गई। इसके अलावा अग्निवीरों को इन अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए जरूरी ऊपरी आयु सीमा में भी 3 साल की छूट देने की घोषणा की गई। यह छूट स्थायी होगी। जबकि पहली बार की भर्ती में पांच साल की छूट दी जाएगी। बता दें देश में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी व एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) हैं। इनके लिए सेना की तरह ही अभी तक सीधी भर्ती होती रही है। ताजा आयु छूट और भर्ती में आरक्षण का मतलब होगा कि अग्निवीरों के लिए इन अर्धसैनिक बलों में जगह बनाने के लिए ज्यादा मौके होंगे। अग्निवीरों को मिलेगा सस्ता लोन अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में मचे बावल के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से अग्निवीरों को सस्ते दरों पर कर्ज की सुविधा दिए जाने का ऐलान भी किया गया है। रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक ट्वीट में बताया गया है कि, जो नौजवान चार साल सेना की सेवा करने के बाद बाहर निकलेंगे उन्हें आजीवन अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा। यदि अग्निवीर कोई काम करना चाहेंगे तो उन्हें सस्ती दर पर कर्ज की भी सुविधा प्रदान की जाएगी।
अग्निपथ स्कीम का विरोध तो हर जगह हो रहा है लेकिन इस मामले में एक दिल दहला देने वाली हकीकत सामने आई है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति रेलवे स्टेशन को उड़ाने का षणयंत्र भी रचा जा रहा था। पुलिस ने ऐसे ही दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग तिरुपति रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। जानकारी के मुताबिक ये दोनों ही लोग सेना की भर्ती की तैयारी कर रहे थे और फिजिकल पास कर लिया था। इन लोगों की पहचान राजेश और रूपेशके रूप में हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कुछ नौजवानों को भड़काया जा रहा है और तिरुपति रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राजेश और रूपेश नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि कुछ सेना भर्ती कोचिंग एजेंसियों ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होने के लिए मैसेज दिए थे। जिसमें पेट्रोल के डिब्बे ले जाने का संदेश भी शामिल था। गिरफ्तार हुए राजेश और रूपेश सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे और इन लोगों ने फिजिकल टेस्ट पास कर लिया था। अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद इन लोगों ने सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाए और इसमें हिंसक विरोध के मैसेज वायरल किए। जिसमें रेलवे स्टेशन ब्लॉक करना और सेना में पोस्ट प्रमुख थे। ये लोग तिरुपति जिले के यारावरिपालेम के रहने वाले हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया है और 44 लोगों के पास से मोबाइल बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। जब इन लोगों के मोबाइल को खंगाला गया तो इसमें 7 ग्रुप ऐसे मिले जो संदिग्ध थे। इन ग्रुप्स में हिंसात्मक मैसेज किए गए और 17 जून को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर पेट्रोल बम के साथ इकट्ठा होने की भी बात कही गई। पुलिस के मुताबिक इस षणयंत्र के पीछे सेना भर्ती कोचिंग सेंटर्स का हाथ है जो नौजवानों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
कर्नाटक के पुत्तूर में कांग्रेस आईटी सेल की सचिव वी शैलजा के घर पर अज्ञात लोगों ने हमला किया। उनपर धर्मविशेष की भावनाएं भड़काने का आरोप है। हिन्दू संगठनों की ओर से की गयीं शिकायत के आधार पर वी शैलजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे गुस्साए लोगो ने उनपर हमला बोल। पुलिस ने बताया की वे हमलावरों की जाँच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा करने और समाज में शांति भंग करने के इरादे से टिप्पणी करने के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक,कुछ लोग शनिवार को उनके घर पहुंचे और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। और इतना ही नहीं लोगो ने उनके घर पर काली स्याही भी छिडकी।
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से नर्सिंग संस्थानों को खोलने के नियम सरल करने के बाद 20 आवेदन आए हैं। हिमाचल में इस समय कुल 54 निजी नर्सिंग संसथान है जिसमें सरकार के दो नर्सिंग संस्थान हैं। इसमें एक इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज(आईजीएमसी) और दूसरा जिला मंडी में है। इनमें 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्राएं नर्सिंग, मिड वाइफ के कोर्स कर रही हैं। निजी संस्थानों में नर्सिंग का कोर्स करने के लिए तीन से चार लाख रुपये फीस ली जाती है। इसमें हॉस्टल,वर्दी व अन्य खर्चे शामिल है। चिकित्सा शिक्षा संस्थान (डीएमई) कार्यालय में मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और हमीरपुर जिला में संस्थान खोलने के लिए आवेदन आए हैं। पहले निजी नर्सिंग संसथान को खोलने के लिए 100 बिस्तरों का होना अनिवार्य किया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रजनीश पठानिया ने कहा कि पहले संस्थान खोलने के लिए नियम सख्त थे, अब इनमें राहत दी गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज भी सेना प्रमुख और वरिष्ठ कमांडर्स के साथ मिलकर अग्निपथ स्कीम का रिव्यू कर रहे हैं। इस बैठक के बाद अग्निपथ स्कीम पर डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री एफएयर्स के एडिशनल सेक्रेटरी, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी सहित तीनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडर्स प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। फिलहाल किस तरह से अग्निपथ योजना को और अधिक लुभावना बनाया जा सकता है इसपर बैठक जारी है ताकि देशभर में हो रहे विरोध को खत्म किया जा सके। ये बैठक अकबर रोड स्थित आवास पर सुबह 10.15 बजे शुरू हुई। बैठक में तीनों सेना प्रमुख मौजूद हैं। एक दिन पहले थलसेना प्रमुख मौजूद नहीं थे। थलसेना प्रमुख कल वायुसेना के कार्यक्रम में हैदराबाद गए थे। इसलिए शामिल नहीं हो पाए थे लेकिन आज मीटिंग में मौजूद हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल भी सेना प्रमुखों के साथ बैठक की थी।
भारत सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश में उत्पात मचा हुआ है। हिंसक प्रदर्शन से लेकर राजनीतिक विरोध भी इसमें शामिल है तो वहीं सरकार इस योजना को लेकर लगातार लोगों को जागरुक करने का काम कर रही है। इसके बारे में सही जानकारी साझा करने की कोशिश में लगी हुई है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना ने इस योजना के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट पर दी है। यहां वायुसेना ने इस योजना के बारे में पूरी जानकारी दी है। भारतीय वायुसेना के मुताबिक अग्निवीरों को वही सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी जो एक सेना के जवान को कराई जाती हैं। अग्निवीर भी सेना में वैसी ही जिंदगी जिएंगे जैसी एक सैनिक जीता है। इसके अलावा भी बहुत सी सुविधाएं इन अग्निवीरों को देने की बात कही गई है। सैलरी के साथ हार्डशिप एलाउंस, यूनीफार्म एलाउंस, कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे जैसा कि एक रेगुलर सैनिक को मिलता है। ट्रैवल एलाउंस भी मिलेगा। साल में 30 दिन छुट्टी मिलेगी। मेडिकल लीव अलग है। सर्विस (चार साल) के दौरान अगर मृत्यु होती है तो इन्श्योरेंस कवर मिलेगा व करीब 1 करोड़ परिवार को मिलेंगे। ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर एक्स-ग्रेशिया 44 लाख रुपये मिलेंगे। साथ ही जितनी नौकरी बची है उसकी पूरी सैलरी मिलेगी और सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा। अग्निवीरों का कुल 48 लाख का इंश्योरेंस होगा। ड्यूटी पर वीरगति को प्राप्त होते हैं तो एकमुश्त सरकार की तरफ से 44 लाख दिए जाएंगे और सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा इसके अलावा जितनी नौकरी बची है उसकी पूरी सैलरी मिलेगी और परफॉर्मेंस के आधार पर रेगुलर कैडर मिलेगा। वायुसेना ने कहा है कि वायुसेना में इनकी भर्ती एयर फोर्स एक्ट 1950 के तहत 4 साल के लिए होगी। वायुसेना में अग्निवीरों का एक अलग रैंक होगा। इन अग्निवीरों को अग्निपथ स्कीम की सभी शर्तों को मानना होगा। इसके साथ ही जिन अग्निवीरों की वायुसेना में भर्ती के समय 18 साल से कम होगी उन्हें माता-पिता या अभिवावक से नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर कराने होंगे। 4 साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों की नियुक्ति रेगुलर कैडर में की जाएगी। वायुसेना के अनुसार अग्निवीर सम्मान और अवॉर्ड के हकदार होंगे। अग्निवीरों को वायुसेना की गाइडलाइंस के अनुसार ऑनर्स और अवार्ड्स दिया जाएगा वायुसेना में भर्ती होने के बाद अग्निवीरों को जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस की जांच जारी है। इस बीच इस केस में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया है कि उसी ने मूसेवाला का क़त्ल करवाया है। पूछताछ में बिश्नोई ने कहा कि उसके कहने पर ही उसके गुर्गों ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है। जानकारी के मुताबिक पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पहली बार पंजाब पुलिस की SIT सामने मुंह खोला। लॉरेंस विश्नोई ने खरड़ के CIA के दफ्तर में पंजाब पुलिस की पूछताछ में कबूला कि उसने मूसेवाला की हत्या करवाई है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पूछताछ में कहा कि ये काम मेरे ही गैंग का है। ये काम मैंने ही करवाया है। विक्की मिड्डूखेड़ा को मैं अपना बड़ा भाई मानता था और हमने उसकी हत्या का बदला लिया है। विक्की की बेरहमी से हत्या की गई थी। हम सिद्धू मूसेवाला से कोई प्रोटेक्शन मनी नहीं मांग रहे थे। ये सिर्फ खून का बदला खून है। हथियार कहां से आए और कहां छुपाए गए हैं, इस पर बिश्नोई टालमटोल जवाब दे रहा है। मूसेवाला मर्डर केस में आरोपी लॉरेंस बिश्नोई ) को मानसा कोर्ट ने 15 जून को 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा था। पंजाब पुलिस ने तड़के करीब 4 बजे गैंगस्टर बिश्नोई को मानसा कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद अदालत ने उसे 7 दिन की रिमांड में भेज दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने शर्तो के साथ लॉरेंस बिश्नोंई की ट्रांजिट रिमांड दी थी। वहीं इस मामले में पंजाब पुलिस ने सिंगर और कांग्रेसी नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के सिलसिले में गोपालगंज से बड़ी गिरफ्तारी की है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने लॉरेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करने वाले गैंगस्टर मोहम्मद राजा हुसैन को दबोचा है। गैंगस्टर की गिरफ्तारी के लिए पंजाब और गोपालगंज की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया था। फिलहाल गिरफ्तार गैंगस्टर से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि हत्याकांड से जुड़ी कई अहम जानकारी सामने आ सकती है।
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में चल रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से एक बढ़ बयान सामने आया है। अग्निपथ पर लगातार हो रहे बवाल के बीच गृह मंत्रालय की तरफ से ट्वीट कर बताया गया है कि, गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में अग्निपथ योजना के अंतर्गत 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम प्रवेश आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया है। और अग्निपथ योजना के पहले बैच के लिए यह छूट 5 वर्ष होगी। बता दें कि पिछले चार दिनों से देश के अलग-अलग राज्यों में अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और तोड़फोड़ की जा रही है। देशभर के युवा सरकार से अपील कर रहे हैं कि वो इस फैसले को तुरंत वापस ले। हालांकि सरकार युवाओं को शांत करने के लिए इस योजना में कई तरह के बदलाव कर रही है, इससे पहले भी भर्ती के लिए आयुसीमा और अर्धसैनिक बलों में वरीयता देने की बात कही गई थी, लेकिन इससे भी कोई असर नहीं हुआ।
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ का कांग्रेस द्वारा विरोध जारी है। अब कांग्रेस ने दिल्ली के बाद राज्यों की राजधानियों और जिलों तक विरोध करने का फैसला किया है। देश के कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरूवार राजभवन के बाहर प्रदर्शन किये। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि उनके सत्याग्रह को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस केंद्र के इशारे पर काम कर रही है। असल मुद्दों से केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही है। ऐसे में सरकारी जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि राहुल गांधी से ईडी ने बीते तीन दिनों में करीब तीस घंटे पूछताछ की है, जिसको लेकर 16 जून को कांग्रेस ने देशभर में राजभवनों का घेराव किया। राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस उग्र हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की अगुवाई में कांग्रेस ने राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और केसी बेणु गोपाल पर बीते कल पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार की निंदा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला से रोड शो के जरिये भाजपा कार्यकर्ताओं को एक बार फिर चार्ज कर गए। महज एक किलोमीटर और 15 मिनट के छोटे से रोड शो से भी पीएम मोदी बड़ा इम्पैक्ट डालने में कामयाब रहे। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी के रोड शो का हिस्सा बनने पहुंचे और जिस तरह की नारेबाजी हुई उससे जाहिर है कि भाजपा का जोश अब हाई है। आलम कुछ ऐसा रहा कि पीएम के रोड शो के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आएं और जमकर नारेबाजी हुई। वहीँ पीएम के स्वागत के लिए धर्मशाला पहले से ही भगवा रंग में रंगा था। शहर में करीब 25 हजार भाजपा के झंडे लगाए गए थे। निसंदेह पीएम मोदी के आगमन से भाजपा कांगड़ा में माहौल बनाने में कामयाब रही है। करीब बीते के पखवाड़े में ये पीएम मोदी का दूसरा हिमाचल दौरा है और लगभग बीते तीन माह में ये तीसरा मौका है जब पीएम मोदी हिमाचल आएं है। उपचुनाव में क्लीन स्वीप के बाद प्रदेश में भाजपा का जोश ठंडा था और तब 10 मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले में बड़ी रैली करके हतोत्साहित कार्यकर्ताओं को जोश से लबरेज कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार के आठ साल का उत्सव मानने के लिए भी शिमला को चुना गया और बीती 31 तारीख को पीएम मोदी की शिमला में शानदार जनसभा आयोजित हुई। अब मुख्य सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने धर्मशला पहुंचे पीएम मोदी ने रोड शो कर फिर से कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। चुनाव से पहले कई बार आएंगे पीएम हिमाचल में सत्ता कब्जाने के लिए 15 सीटों वाला कांगड़ा सबसे अहम जिला है। 2017 में यहां भाजपा ने 11 सीटें जीती थी और मिशन रिपीट भी इसी कांगड़ा के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में पीएम मोदी के कांगड़ा दौर और रोड शो के विशेष मायने है। बहरहाल विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के कांगड़ा और निचले हिमाचल में कई दौरे होने तय है। जल्द ही प्रधानमंत्री बिलासपुर एम्स का उद्घाटन करने भी आ सकते है। सबसे बड़े ब्रांड है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ भाजपा बल्कि पुरे देश के सबसे बड़े राजनैतिक ब्रांड है। ब्रांड मोदी का असर देश बीते एक दशक से लगातार देखता आ रहा है। ये ही कारण है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के सियासी रिवाज़ को तोड़ने के लिए भाजपा अपने सबसे दमदार चेहरे को आगे रख रही है। मिशन रिपीट में जुटी भाजपा के लिए खुद प्रधानमंत्री अभी से मोर्चा संभाले हुए दिख रहे है।
हिमाचल प्रदेश में अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की भर्ती के फैसले को लेकर बवाल मच गया है। प्रदेश के लगभग हर क्षेत्र में अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शन किये गए। वंही आज यानि गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी के धर्मशाला में रोड शो से ठीक पहले युवाओं ने कांगड़ा के गगल, हमीरपुर व मंडी जिले में योजना को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। सेना भर्ती नियमों में हुए संशोधन से गुस्साए युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर युवाओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की व नोकझोंक भी देखने को मिली। उग्र प्रदर्शनकारियों ने गगल एयरपोर्ट पर रोड शो के लिए लगाए पीएम मोदी के होर्डिंग भी फाड़ दिए। वंही कांगड़ा के डीएसपी सुनील राणा ने युवाओं को समझने का प्रयास किया और प्रदर्शन बंद करने को कहा। लेकिन प्रदर्शन उग्र होता देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान पुलिस व युवाओं में धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने कुछ युवाओं को हिरासत में लिया है। जिला कांगड़ा में विभिन्न जगह पर प्रदर्शन पर रहे करीब 80 युवकों को दो बसों में शाहपुर थाने लाया गया, जबकि एक बस में युवाओं को कोटला चौकी भेजा गया है। भर्ती नियमों में बदलाव के फैसले से गुस्साए युवाओं ने कई जगह तोड़फोड़ की। वहीं, हमीरपुर में भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सेना भर्ती रद्द करने को लेकर हमीरपुर के गांधी चौक पर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं ने सेना में स्थायी भर्ती की मांग उठाई। वहीं, हाथ में तिरंगा लेकर मंडी के सेरी मंच पर भी युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि प्रदेश के युवा काफी लम्बे समय से सेना भर्ती की मांग कर रहे थे लेकिन अब सेना भर्ती प्रक्रिय में केंद्र सरकार द्वारा किये गए बदलाव के कारण युवाओं में भारी रोष है।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया। बुधवार को मानसा में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी मामले की सुनवाई के लिए मानसा की अदालत को तड़के सुबह 4:30 बजे खोला गया है। यह शायद पहली बार है जब मानसा कोर्ट सुबह-सुबह खुला है। अदालत आमतौर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करती है और उसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के कैंप कार्यालय में पेश किया जाता है। देर रात या सुबह-सुबह सुनवाई शायद ही कभी न्यायाधीशों द्वारा की जाती है। आतंकवाद के दौरान भी, अदालत कभी भी विषम समय में नहीं बुलाई गई थी। ट्रांजिट रिमांड पर बिश्नोई को दिल्ली से मानसा लाने वाली पंजाब पुलिस की टीम ने सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल कराने के बाद गैंगस्टर को सुबह 4.40 बजे कोर्ट में पेश किया। पहले यह पता चला था कि बिश्नोई को सुबह 10 बजे अदालत में पेश किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से पुलिस ने सुबह बिश्नोई को अदालत में पेश किया और रिमांड मिलने के तुरंत बाद उसे खरड़ ले गए।
केन्द्र सरकार की तरफ से सेना में भर्ती को लेकर 'अग्निपथ स्कीम' का एलान किया गया है। इसमें युवाओं को चार साल के लिए देश की सेवा का मौका मिलेगा। इसके जरिए अच्छा वेतन और सुविधाओं के साथ सेना के आधुनिकीकरण का दावा किया गया है। लेकिन सेना में भर्ती की इस स्कीम के खिलाफ खिलाफ बिहार से लेकर राजस्थान तक विरोध देखने को मिला है। बिहार के नवादा में सेना में 4 साल वाली नौकरी वाले नियम के विरोध में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों में जबरदस्त आक्रोश है। उन लोगों ने गुरुवार को केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी प्रजातंत्र चौक पर किया जमकर हंगामा। इधर, बिहार के जहानाबाद में भी अग्निपथ स्कीम को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सेना की नई भर्ती स्कीम के विरोध में जहानाबाद में छात्रों ने रोकी ट्रेन और सड़क पर टायर जला काको मोड़ के नजदीक प्रदर्शन किया। सेना की नई भर्ती स्कीम के विरोध में गुरुवार की अहले सुबह बिहार के जहानाबाद में छात्रों ने ट्रेन और वाहनों को रोक जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने जहानाबाद स्टेशन पर ट्रेन को रोक अपने गुस्से का इजहार किया। साथ ही काको मोड़ के समीप टायर जला एनएच-83 और 110 को भी जाम कर दिया। छात्रों ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार के दिन एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसे देख आम लोग सहम गए हैं। वीडियो में दिल्ली जल बोर्ड के एक टैंकर को बेकाबू होकर लोगों की भीड़ पर चढ़ते देखा जा रहा है। जिसके कारण कई लोग घायल हो गए, टैंकर के अनियंत्रित होने के कारण हुए हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। फिलहाल मामले में दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए टैंकर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है और उन्होंने आईपीसी की धारा 279/337 के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ईडी एक बार फिर पूछताछ करने जा रही है। इससे पहले राहुल गांधी से 22 घंटे तक पूछताछ हुई। राहुल से पूछताछ को लेकर कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें पार्टी के नेताओं ने बीजेपी के शासनकाल को इतिहास का काला अध्याय बताया। राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ से ठीक पहले कांग्रेस दफ्तर के बाहर बवाल शुरू हो गया। कई कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। इस झड़प के बाद पुलिस कांग्रेस दफ्तर के अंदर दाखिल हो गई। वंही कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस कांग्रेस ऑफिस के अंदर मारपीट कर रही है।
मिशन रिपीट का सपना साकार करने के लिए भाजपा लगातार कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर दे रही है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को केंद्रीय दिग्गजों द्वारा जीत का गुरुमंत्र दिया जा रहा है। पार्टी कार्यक्रमों के ज़रिये विधानसभा चुनाव की पूरी रणनीति का पाठ कार्यकर्ताओं को पढ़ाया जा रहा है। मंगलवार को भी भाजपा द्वारा मंडी संसदीय क्षेत्र के त्रिदेव सम्मेलन का आयोजन जवाहर पार्क सुंदरनगर में किया गया। इस सम्मलेन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने इस सम्मलेन में कहा कि यह जय राम ठाकुर सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का ही नतीजा है जो राज्य में भाजपा एक बार फिर से सत्ता में आने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा की सेवा सुशासन और संकल्प के साथ भाजपा अब तक आगे बढ़ी है। सब का साथ सब का विकास और सब का विश्वास और अब सबका प्रयास के संकल्प के साथ अब सबको आगे बढ़ाना होगा। अपने सम्बोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को अपना दोस्त भी बताया। इस सम्मलेन के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पार्टी पदाधिकारियों से आगामी विधानसभा चुनाव में 'मिशन रिपीट' सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करने का आग्रह किया। ठाकुर ने 'त्रिदेव सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल भाजपा ही है जहां एक आम पार्टी कार्यकर्ता शीर्ष स्थान पर पहुंच सकता है, जबकि अन्य सभी राजनीतिक दलों का नेतृत्व परिवारों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार संगठन नहीं बनाती बल्कि वह संगठन है जो सरकार बनाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी के परीक्षण के समय में एक प्रमुख और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने न केवल मुफ्त मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया, बल्कि जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन और आश्रय भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने 12 करोड़ रुपये के फर्जी बिल उसके आलाकमान को देते हुए दावा किया कि यह राशि उन्होंने जरूरतमंदों को पीपीई किट, वेंटिलेटर, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराने में खर्च की है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने यह मन बना लिया है कि राज्य में भाजपा फिर से सत्ता में आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते हैं और राज्य की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले चार वर्षों में भाजपा सरकार ने राज्य को देश का सबसे प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत की है। नड्डा वचन देते तो पवन राणा को मांग लेता केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सम्बोधन के दौरान भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा की भी खूब तारीफ की। उन्होंने कहा की अगर नड्डा जी मुझे कभी कोई वचन देते तो में अपने राजस्थान के लिए पवन राणा जी को मांगता। पहले शाहपुर, अब सुंदरनगर, अगला सोलन भाजपा द्वारा प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों में त्रिदेव सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। सबसे पहले कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मलेन जिला कांगड़ा के शाहपुर में आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शिरकत की थी। वहीँ मंडी संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मलेन मंगलवार को सुंदरनगर में आयोजित हुआ। शिमला संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मेलन 23 मार्च को सोलन में प्रस्तावित है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की बात भी कही जा रही है, हालाँकि अभी तक इसका औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय के बुलावे पर पूछताछ के लिए पहुंचे तो कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। एक दो नेता नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस ही सड़कों पर उतर आई। सिर्फ युवा नेता नहीं बल्कि अशोक गहलोत, भूपेंद्र सिंह बघेल जैसे मुख्यमंत्री और पी.चिदंबरम जैसे कद्दावर पूर्व मंत्री भी राहुल पर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर पुलिस से जूझते रहे। लंबे समय बाद पार्टी में वर्कर से लेकर शीर्ष नेता तक एकजुटता के साथ अपने नेता के समर्थन में कदमताल करते दिखे। कांग्रेस ने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ को ‘असंवैधानिक' करार देते हुए दावा किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है कि उन्होंने किसानों, नौजवानों, मजदूरों की आवाज उठाई तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रामकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उधर, सोमवार के बाद मंगलवार को भी घंटो तक प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी से पूछताछ की और सोमवार की तर्ज पर ही कोंग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा। अपने नेता के बचाव के दौरान कांग्रेस की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन तो बखूबी हो रहा है, मगर सवाल ये उठता है कि क्या इससे पहले कांग्रेस को ऐसा अवसर नहीं मिला। महंगाई और बेरोजगारी जैसे देश के मुद्दे प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठाने वाली कांग्रेस आखिरकार पूरे बल के साथ सड़क पर तब उतरी जब बात गांधी परिवार पर आई। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश का मुख्य विपक्षी दल देश के मुद्दों को सड़क पर उतर कर आक्रामकता के साथ उठाने में नाकामयाब रहा है। नतीजन कांग्रेस पर कमजोर का ठप्पा लग चुका है। पर बात जब गांधी परिवार पर आई तो ये ही कमजोर कांग्रेस बीते दो दिनों में मजबूत दिखी है। एक पक्ष ये भी है कि बीत माह हुए नव संकल्प शिविर के बाद कांग्रेस में ये चेतना आई है और पार्टी आक्रामक हुई है। पर सच्चाई ये है कि उक्त शिविर के बाद इसी कांग्रेस ने मोदी सरकार के आठ साल पर एक पुस्तिका 'आठ साल आठ छल..' ज़ारी की और वो भी बंद कमरे में पत्रकार वार्ता कर। उस पत्रकार वार्ता में सोनिया और राहुल गांधी तो मौजूद तक नहीं थे। कहा गया कि कांग्रेस इसे आम जन तक पहुंचाएगी पर कितने लोगों तक ये पहुंची, ये बात सभी जानते है। पार्टी में हमेशा रहा है गांधी-नेहरू परिवार का वर्चस्व 1998 से सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थी और 2017 तक वे इस पद पर रही। इसके बाद 2019 तक उनके बेटे राहुल गांधी अध्यक्ष रहे और 2019 में सोनिया फिर अंतरिम अध्यक्ष बन गई। कांग्रेस गांधी परिवार से बाहर निकल नहीं पा रही है और एक के बाद एक कई नेता पार्टी छोड़ते जा रहे है। 1919 में पहली बार मोतीलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और तब से अब तक शायद ही कभी कांग्रेस में ऐसा दौर आया हो जब पार्टी गांधी -नेहरू परिवार के प्रभाव से पूरी तरह बाहर निकली हो। पर इससे पहले पार्टी की ऐसी खराब दशा भी कभी नहीं हुई। अब पार्टी और गांधी परिवार दोनों के सामने करो या मरो की स्थिति है।
पानी के लिए पहाड़ों की रानी शिमला में त्राहिमाम मचा है। शहर में कई -कई दिनों बाद पेयजल आपूर्ति हो रही है। शहर के लगभग सभी हिस्सों में 3 से 4 दिन बाद पानी आ रहा है, जबकि कई इलाकों में 6 से 7 दिन बाद पानी आ रहा है। आलम ये है कि जहाँ होटल कारोबारी पानी खरीद रहे है, वहीं मजबूरन लोग गंदा पानी पीने को विवश है। बावड़ियों में भी लोगों की कतारें लगी हैं। लोगों में सरकार के प्रति रोष है और सरकार के हाथ में आश्वासन देने के अलावा कुछ दिख नहीं रहा। कहने को तो शिमला स्मार्ट सिटी है लेकिन हकीकत ये है कि इस स्मार्ट सिटी में सरकार पेयजल तक मुहैया नहीं करवा पा रही। शहर के कई इलाकों में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। मसलन राजधानी के विकासनगर में एक बाबड़ी से लोग पानी भर रहे हैं। यहां पर प्रशासन की तरफ से साफ लिखा गया है कि ये पानी पीने योग्य नहीं है लेकिन लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं हैं और पानी भरने के लिए कतारें लगी हुई हैं। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि अब इसके सिवाए कोई चारा नहीं बचा है। शहर में हर साल गर्मियों के मौसम में इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है लेकिन सरकार के पास लगता है इसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। शहरवासी नगर निगम शिमला और शिमला जल प्रबंधन निगम से खासे नाराज हैं। उधर, नगर निगम इस मामले पर ज्यादा बोलने से बचता दिखा रहा है और बात शिमला जल प्रबंधन निगम पर डाल रहा है। चुनावी वर्ष में सत्तरूढ़ भाजपा के लिए ये स्थिति बेहतर नहीं कही जा सकती। उधर विपक्ष भी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। विपक्ष द्वारा सरकार के 24 घंटे पानी देने के वादे भी याद करवाए जा रहे है और वास्तु स्थिति का भी खूब बखान हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी पेयजल किल्लत को लेकर सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। रोजाना 47 से 48 एमएलडी पानी की जरुरत शहर में 35 हजार से ज्यादा उपभोक्ता है और हर रोज पानी देने के लिए शहर में 47 से 48 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। सोमवार को 36.3 एमएलडी पानी प्राप्त हुआ है। जबकि 10 जून को 36.04 एमएलडी, 11 जून को 36.31 और 12 जून को 32.01 एमएलडी पानी आया। गुम्मा और गिरी स्त्रोत से सबसे ज्यादा 42 एमएलडी पानी आता है लेकिन यहां से भी कम पानी आ रहा है। इसके अलावा कोटी बरांडी, चुरट, अश्वनी खड्ड और सयोग जैसे छोटे सोर्स से 9 एमएलडी पानी प्राप्त होता था लेकिन अब ये 2 से 3 एमएलडी पानी रह गया है। जयराम सरकार पेयजल तक मुहैया करवाने में विफल : विक्रमादित्य कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों की महिलाएं पहले पीएम का आभार जताती हैं कि हर जगह नलके लगा दिए लेकिन उसके बाद कहती हैं कि पानी नहीं आता है, हर जगह केवल टूटियां ही नजर आती हैं। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में हर जगह पाइपों के ढेर लगे हैं लेकिन इन पाइपों का कोई लेखा-जोखा नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में पानी के लिए हाहाकार मचा है, सरकार उचित प्रबंध करने में विफल रही है। जबकि कांग्रेस की पूर्व सरकार ने शिमला शहर में पानी की आपूर्ति के लिए वर्ल्ड बैंक की मदद एक योजना शुरू की थी, जिस पर अभी काम चल रहा है। कोशिश है सभी को बराबर मात्रा में पानी मिले समर सीजन पीक पर है, तापमान में बढ़ौतरी और बारिश न होने के चलते पानी के स्त्रोत सूख रहे हैं, जिन सोर्स से पानी आ रहा है वहां पर भी कमी होने लगी है। 9 जून के बाद से शहर में वैकल्पिक दिनों में पानी दिया जा रहा है। 9 जून से तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है लेकिन शनिवार को हल्की बारिश के साथ आए तूफान से चाबा में राज्य बिजली बोर्ड की एक बड़ी एचटी लाइन पर पेड़ गिर गया जिसके चलते आपूर्ति बाधित हुई। 24 घंटे बाद बिजली रिस्टोर हुई। अश्वनी खड्ड में लाइन टूट जाने से भी आपूर्ति बाधित हुई। इसी के चलते कुछ इलाकों में काफी दिनों बाद आपूर्ति हुई। कोशिश यही की जा रही है कि सभी को बराबर मात्रा में पानी उपलब्ध करवाया जाए। उम्मीद है कि कुछ दिनों में बारिश होगी तो स्थिति सामान्य हो जाएगी। - आर.के.वर्मा, जनरल मैनेजर , शिमला जल प्रबंधन निगम
आनी रामपुर बुशहर में मंगलवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश व रक्तदान सेवा परिवार सोसाइटी की ओर से विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर रक्तदान व अंगदान जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें करीब 30 लोगों ने अंगदान का शपथ पत्र भरकर अंगदान करने की इच्छा जताई। वहीं 50 लोगों ने रक्तदान किया। सोटो टीम ने लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया और पेंफ्लेट बांटकर अंगदान करने के लिए शपथ पत्र भरने का आग्रह किया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। किसी व्यक्ति की ब्रेन डेथ की पुष्टि होने के बाद, डॉक्टर उसके घरवालों की इच्छा से शरीर से अंग निकाल पाते हैं। इससे पहले सभी कानूनी प्रकियाएं पूरी की जाती हैं। इस प्रक्रिया को एक निश्चित समय के भीतर पूरा करना होता है। ज्यादा समय होने पर अंग खराब होने शुरू हो जाते हैं। देश में प्रतिदिन प्रत्येक 17 मिनट में एक मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार करते हुए जिंदगी से हाथ धो बैठता है। एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष को स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून व नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है। अंगदान एक महान कार्य है जो हमें मृत्यु के बाद कई जिंदगियां बचाने का अवसर देता है। जीवित अंगदाता किडनी, लीवर का भाग, फेफड़े का भाग और बोन मैरो दान दे सकते हैं, वहीं मृत्युदाता यकृत, गुर्दे, फेफड़े, पेनक्रियाज, कॉर्निया और त्वचा दान कर सकते हैं। इसी साल मार्च माह हिमाचल में पहली बार ब्रेन डेड मरीज के शरीर से अंगदान हुआ जहां अठारह वर्षीय युवक ने दो किडनी व आंखे दान की। यह अंगदान टांडा मेडिकल कॉलेज में हुआ था। वही आईजीएमसी शिमला में मौजूदा समय तक 5 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। इस दौरान सोटो की आईईसी व मीडिया कंसलटेंट रामेश्वरी, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार मौजूद रहे। क्या है ब्रेन स्टेम डेथ ब्रेन जीवन को बनाए रखने के लिए मस्तिष्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रेनडेड व्यक्ति स्वयं सांस नहीं ले सकता, सांस लेने के लिए वह वेंटिलेटर पर निर्भर होता है। हालांकि उसकी नब्ज, रक्तचाप व जीवन के अन्य लक्षण महसूस किए जा सकते हैं। ब्रेन का कार्य ना करना मृत्यु का लक्षण है, मस्तिष्क में क्षति पहुंचने का कारण ऐसी स्थिति होती है। इस प्रकार के रोगी को ब्रेन डेड घोषित किया जाता है। कोमा रोगियों और ब्रेन डेड रोगियों के बीच अंतर है। कोमा में मरीज मृत नहीं होता जबकि ब्रेनडेड व्यक्ति की स्थिति इससे अलग है। इसमें व्यक्ति चेतना और सांस लेने की क्षमता हासिल नहीं कर पाता है। ह्रदय कुछ घंटों या कुछ दिनों के लिए वेंटिलेटर की वजह से कार्य कर सकता है। इस अवधि के दौरान करीबी रिश्तेदारों की सहमति से अंग लिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सत्ता में वापसी के लिए आखिरी क्षणों में खूब छटपटा रहे हैं। इसलिए वह बार-बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री को हिमाचल ला रहे हैं। यदि जयराम ठाकुर ने साढ़े चार साल में काम किए होते तो आज नरेंद्र मोदी समेत अन्य केंद्रीय नेताओं को हिमाचल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। ये कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का। प्रतिभा सिंह मंगलवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थी। इस दौरान विधायक और प्रतिभा सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। खेल कूद के इस कार्यक्रम के बहाने एक बार फिर होलीलॉज का शक्ति प्रदर्शन यहां देखने को मिला। हज़ारों लोगों की भीड़ ने साबित कर दिया की इस क्षेत्र में होलीलॉज का जादू बरकरार है। आयोजन के दौरान एक बार फिर प्रतिभा सिंह ने कोंग्रेसियो को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस मजबूत बने, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने इसके लिये सभी को एकजुट होना होगा। वहीं प्रतिभा सिंह ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक प्रकरण पर जयराम सरकार को जमकर घेरा। वहीं विधायक विक्रमादित्य सिंह ने इस समारोह में उपस्थित नेताओं व लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मकसद लोगों की सेवा करना है और आपसी मेलजोल को मजबूत करने का है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह बेरोजगार युवाओं व महिलाओं के लिए जल्द ही रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे। विपक्ष में होने के बावजूद उन्होंने इस क्षेत्र में 90 करोड़ के विकास कार्य किये है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से विकास कार्य होने थे वह नही हुए। भाजपा ने हमेशा ही क्षेत्रवाद की राजनीति करते हुए विकास में भी बड़ा भेदभाव किया। उन्होंने जयराम सरकार को चुनौती दी कि वह अपने इस कार्यकाल में ऐसे बड़े पांच कार्य ही गिना दे जो उन्होंने शुरू किए और उन्हें पूरा भी किया। विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही कर्मचारियों के हितों को देखते हुए उनकी पुरानी पेंशन को लागू किया जाएगा।
आगामी 16 और 17 जून को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला आ रहे है और इसके मद्देनज़र पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया है। प्रधानमंत्री के धर्मशाला आगमन पर पूरे शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों का पहरा है। जहां-जहां से प्रधानमंत्री का रोड शो होना है वहां पर सुरक्षा को और ज्यादा कड़ा किया गया है। केसीसी चौक से यह रोड शो शुरू होना है और जिन स्थानों से हो कर यह रोड शो गुज़रेगा वहां पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात है। जगह-जगह एसपीजी, पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों का कड़ा पहरा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। सुरक्षा के लिहाज से प्रधानमंत्री के रोड शो का मीडिया कवरेज भी नहीं होगा। डीआईजी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए यह सूचित किया गया है कि इस रोड शो के दौरा किसी भी तरह की मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध रहेगा। प्रधानमंत्री के आगमन पर धर्मशाला को पूरी तरह से सवार जा रहा है। 16 जून को प्रधानमंत्री का रोड शो भी प्रस्तावित है। यह रोड शो केसीसी चौक से वॉर मेमोरियल होते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक जाएगा। इस रोड शो के मध्यनज़र और प्रधानमंत्री के आगमन के लिए जिला प्रशासन तथा भाजपा के द्वारा पूरी तैयारियां की जा रही है। राजनीतिक तौर पर प्रधानमंत्री केवल इस रोड शो में भाग लेंगे और इसके अलावा मुख्य सचिवों की बैठक में भाग लेंगे। धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया ने बताया कि इस रोड शो में हज़ारों की संख्या में कार्यकर्त्ता हिस्सा लेने जा रहे है। नेहरिया ने कहा कि वह स्वयं लोगों को इस रोड शो में शामिल होने के लिए निमंत्रण देने जा रहे है और यह रोड शो पूरी तरह से सफल साबित होगा। इस रोड शो से पहले धर्मशाला शहर में भाजपा के करीब 25 हज़ार झंडे लगाए जा रहे है और पार्टी का हर कार्यकर्त्ता इस रोड शो को सफल बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है।
भारतीय सेना की तीनों शाखाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नई स्कीम लॉन्च की गई है। इस स्कीम के तहत नौजवानों को सिर्फ चार साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी। सेना भर्ती के लिए सरकार की ओर से 'अग्निपथ भर्ती योजना' को लॉन्च किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाध्यक्षों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस योजना का ऐलान किया है। पहली भर्ती रैली 90 दिनों में होगी। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इसके तहत सेना में चार साल के लिए अग्निवीरों यानी युवाओं की भर्ती की जाएगी। सरकार की ओर से यह कदम सेना की औसत उम्र कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय सेना की औसत उम्र 32 साल है, जिसे अगले कुछ सालों में 26 साल करने का प्रयास किया जाएगा। यह योजना रक्षा बलों के खर्च और आयु प्रोफाइल को कम करने की दिशा में सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा मानी जा रही है। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की तरफ से तैयार की गई अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम को पहले 'टूर ऑफ ड्यूटी' नाम दिया गया था। इस स्कीम के तहत शॉर्ट-टर्म के लिए ज्यादा सैनिकों की भर्ती की जाएगी। विभाग ही इसको लागू भी करेगा। सरकार ने अपने खर्चों में कटौती के लिए और डिफेंस फोर्स में युवाओं की संख्या बढ़ाने के लिए इस स्कीम को पेश किया है। 'अग्निपथ भर्ती योजना' के तहत युवा चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होंगे और देश की सेवा करेंगे। चार साल के अंत में लगभग 75 फीसदी सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा और उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों के लिए सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी। केवल 25 फीसदी जवानों को चार साल बाद भी मौका मिलेगा। हालांकि यह तभी संभव होगा जब उस समय सेना की भर्तियां निकली हों। कई निगम ऐसे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के लिए नौकरी आरक्षित करने में भी रुचि लेंगे जिन्होंने देश की सेवा की है। योजना के तहत सशस्त्र बलों का युवा प्रोफाइल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को नई तकनीकों से प्रशिक्षित किया जाएगा। चार साल की नौकरी छोड़ने के बाद युवाओं को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा, जो 11.71 लाख रुपए होगा। हर साल 45 हजार युवाओं की होगी भर्ती अग्निपथ के तहत हर साल करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा। ये युवा 17.5 से 21 साल की उम्र के बीच होंगे। इन्हें चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा। इन चार सालों में से 6 महीने सैनिकों को बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। सैनिकों को 30 हजार से 40 हजार सैलरी और अन्य फायदे दिए जाएंगे। वे तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड, मेडल और इंश्योरेंस कवर पाने के हकदार रहेंगे। इंश्योरेंस कवर 44 लाख रुपए का होगा। जानें कितना मिलेगा वेतन साल महीनेवार वेतन कैश इन हैंड प्रथम वर्ष 30000 21000 दूसरे वर्ष 33000 23100 तीसरे वर्ष 36000 25580 चौथे वर्ष 40000 28000 चार साल बाद मिलेगा सेवा निधि पैकेज वेतन से कटने वाला पैसा अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होगा। जितना पैसा अग्निवीर के वेतन से कटेगा, उतनी ही राशि सरकार भी अग्निवीर कॉर्प्स फंड में डालेगी, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीर को ब्याज सहित वापस मिलेगा। यह राशि करीब 11.71 लाख रुपये होगी, जो सेवा निधि पैकेज के रूप में मिलेगी। पूरी राशि कर मुक्त होगी। जो 75% अग्निवीर इस स्कीम से बाहर हो जाएंगे, उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा।
जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचायत जंडौर में राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान खुलने से घर द्वार पर छात्र तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उद्योग एवम परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने करोड़ों रुपए की लगात से बना यह संस्थान जनता को समर्पित किया है। एक ओर जहाँ इस संस्थान के खुलने से समस्त जसवां-परागपुर को विकास के पर लगेंगे, वहीं हजारों छात्रों का भविष्य भी सवरेंगा। जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इस संस्थान के खुलने से स्थानीय युवाओं को काफी फायदा होगा। साथ ही देहरा, ज्वालामुखी सहित आस-पास के क्षेत्रों के छात्र भी यहाँ आकर शिक्षा ग्रहण कर सकते है। पॉलिटेक्निक संस्थान जंडौर में छात्र सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और आटोमोबाइल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कर पाएंगे। सभी कोर्सों के लिए कुल 240 सीटें होंगी। कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने के लिए विभाग द्वारा लगभग सभी औपचारिकताएं भी पूरी की जा चुकी है। इस कॉलेज में टीचिंग और नॉन टीचिंग के करीब 46 पद सरकार द्वारा मंजूर कर दिए गए हैं। बता दें कि जंडोर में खुलने जा रहे इस शिक्षण संस्थान का निर्माण 23 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसका 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। गौर हो कि इस संस्थान को जंडोर में खोलने के लिए जंडोर पँचायत की पूर्व प्रधान स्व. श्रेष्ठा देवी ने लगभग 2 वर्ष पहले 20 कनाल भूमि दान की थी। यह भवन करीब 23 करोड़ 13 लाख 91 हज़ार 173 रुपय की लागत से तैयार हो रहा है। भाजपा मण्डल अध्यक्ष जसवां-परागपुर विनोद शर्मा ने बताया कि इसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को होगा। वहीं जंडोर पंचायत के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि मंत्री बिक्रम ठाकुर के अथक प्रयासों से यह सब कुछ हो पाया है। जसवां-परागपुर को करोड़ो रुपये की सौगात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आशीर्वाद से मिली हैं। जसवां-परागपुर का विकास ही उनका पहला ध्येय है, जिसके लिए वह हर रोज नए-नए प्रयास कर रहे हैं। जंडोर में खुल रहे इस पॉलिटेक्निक कॉलेज से बच्चो को अच्छी शिक्षा मिलेगी। जसवां-परागपुर में भी अब बच्चे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके इंजीनियर बनेंगे। -बिक्रम ठाकुर, उद्योग एवम परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर
पालमपुर के सम्पूर्ण विकास का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को ही जाता है और उनके समय मे ही पालमपुर बड़े बड़े संस्थान स्थापित हुए हैं। पालमपुर पहुंचे उद्योग, श्रम एवं रोजगार तथा परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने ये बात कही। उद्योग मंत्री मंगलवार को पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा मैदान पालमपुर में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये आयोजित विशाल जागरूकता शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर पालमपुर विधान क्षेत्र से सम्बंधित असंगठित क्षेत्र के करीब 4 हजार लोगों को पंजीकरण कापियां भी वितरित की। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में आम और गरीब आदमी तथा मज़दूरों की चिंता करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए गठित भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के पंजीकरण नियमों को सरल बनाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा गया है ताकि बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड से मिलने वाली राहत राशि को भी लगभग दोगुना किया गया है। उन्होंने लोगों से सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों तथा बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक पहुंचाने का आह्वान किया। हरिद्वार के लिए चलेगी एसी बस परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश के परिवहन बेड़े में 206 नई बसों को शामिल किया गया है और पालमपुर डिपो को पालमपुर से हरिद्वार के लिये एक नई एसी बस उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने निगम अधिकारियों को होल्टा, पंतेहड़ पट्टी नई बस सेवा, सपेड़ू से उतराला बिनवा नगर, मैंझा से री -गिद्दा -हंगलोह, बदरेणा- नीलकंठ -सरसावा, चामुंडा-खारटी-जुगेहड़ और ब्रह्म ठेहडू लाहला तक एक सप्ताह में बसे चलाने के लिये आदेश दिये। उन्होंने पालमपुर बस अड्डे के लिये भी राशि देने की घोषणा की। मिशन के रूप में किया कामगारों का पंजीकरण : त्रिलोक कपूर वूल फेडरेशन के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने कहा कि पालमपुर हलके से सम्बंधित 4 हजार से अधिक कामगारों के पंजीकरण कार्ड वितरित किये गये है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक पहुंचाने के लिये पालमपुर हलके में 26 जून से 3 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर शेष लोगों भी जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के 340 महिला मंडलों को एक एक हजार लीटर पानी की टंकी तथा 10-10 गद्दे उपलब्ध करवाए गए हैं ताकि महिलाओं को सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में इनका लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि पालमपुर हलके में 4 हजार के लगभग सोलर लाइट लगवाई गई हैं। 1100 से अधिक किसानों को सीएसआईआर से जोड़ कर निःशुल्क उन्नत बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से गर्मी का कहर जारी है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कल से राहत बरसने की उम्मीद है। लंबे समय के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए वेदर फोरकास्ट के अनुसार आज 14 जून से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और इसका असर कल 15 जून से प्रदेश में होने के आसार हैं। 15 से 17 जून तक प्रदेश में लाहौल स्पीति को छोड़ बाकी सभी जिलों में 40 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने और भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के बरठीं में तीन मिलीमीटर, भुंतर में 1.8 व सुंदरनगर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर धूप खिली रही और अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है। भुंतर में सबसे अधिक पांच डिग्री, धर्मशाला व मनाली में तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि न्यूनतम तापमान में कई स्थानों पर दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे अधिक शिमला में 4.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और मंडी में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। गर्मी ने किसानों की बढ़ाई चिंता हिमाचल प्रदेश में सूखे के कारण किसानों-बागवानों की फसलें खेतों में ही झुलस रही है। खेतों में नमी कम होने की वजह से फल- फसल खराब होने की स्थिति में है। सोलन, कुल्लू, अप्पर शिमला, मंडी सहित कांगड़ा में बारिश न होने से अनार, टमाटर-शिमला मिर्च सहित दूसरी सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। तेज धूप से शिमला मिर्च और टमाटर पूरी तरह से मुरझा गए हैं। कुछ दिन पूर्व बारिश हुई है, लेकिन इसकी नमी ज्यादा दिन तक खेतों में नहीं रह पाई। ताजा हालात के आधार पर 21 जून को हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मानसून पहुंच सकता है और 15 से प्री मानसून की वर्षा होगी। अभी भी गर्म हवाएं और लू चल रही है। -सुरेंद्र पाल, निदेशक मौसम विभाग
वर्तमान के सियासी समीकरण समझने के लिए कई मर्तबा अतीत के सियासी चलचित्र में झांक लेना मददगार होता है। सो शुरुआत करते है 1998 के विधानसभा चुनाव से। 1985 के बाद ये पहला मौका था जब प्रदेश में कोई सरकार रिपीट करने की स्थिति में दिख रही थी। वीरभद्र सरकार को लेकर प्रो इंकम्बैंसी दिख रही थी और मिशन रिपीट लगभग तय लग रहा था। पर पंडित सुखराम कुछ और ही ठान चुके थे, और उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस बनाकर कांग्रेस को झटका दे दिया। तब काँटे के मुकाबले में 23 सीटें ऐसी थी जहाँ जीत-हार का अंतर दो हज़ार वोट से कम था। इन से 14 सीटें कांग्रेस हारी थी और तीन सीटों पर तो उसे हिमाचल विकास कांग्रेस से सीधे मात दी थी। इसके अलावा कई सीटें ऐसी थी जहाँ कांग्रेस की हार का अंतर बेशक दो हज़ार वोट से अधिक था लेकिन पार्टी का खेल हिमाचल विकास कांग्रेस ने ही बिगाड़ा था। ये आंकड़ें इस बात की तस्दीक करते है की यदि हिमाचल विकास कांग्रेस न होती तो 1998 में वीरभद्र दूसरी बार रिपीट कर जाते। ऐसे में जाहिर है कि बेशक कभी हिमाचल में तीसरी पार्टी सरकार न बना पाई हो लेकिन नतीजे बदलने की कुव्वत तो रखती है। भाषणों -ब्यानों में तीसरी पार्टी को लेकर कुछ भी कहा जा रहा हो, लेकिन 1998 का ये इतिहास कांग्रेस और भाजपा दोनों की धुकधुकी जरूर बढ़ा रहा होगा। अब आते है वर्तमान स्थिति पर। करीब चार -पांच माह में हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है। भाजपा मिशन रिपीट के लिए और कांग्रेस सत्ता वापसी के लिए हाथ पाँव मार रहे है। और फिलवक्त प्रदेश में वो तीसरी पार्टी है आम आदमी पार्टी। अलबत्ता कांग्रेस -भाजपा दोनों आप के प्रभाव को सिरे से खारिज कर रहे है लेकिन टेंशन दोनों को है। दोनों को पता है कि आप को हल्के में लेने की भूल महंगी पड़ सकती है। बीते तीन चुनाव पर नज़र डाले तो प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में फ्लोटिंग वोट न तो सरकार के खिलाफ मुखर दिखा है और न ही समर्थन में, पर तीनों मर्तबा प्रदेश ने बदलाव के लिए वोट किया है। यानी वोटर की खामोशी सत्ता पर भारी पड़ती आ रही है। मौजूदा समय में जयराम सरकार को लेकर भी न एंटी इंकम्बेंसी दिख रही है और न ही प्रो इंकम्बैंसी। ऐसे में यदि बदलाव के लिए वोट होता है और आप उसमे सेंध लगाती है तो लाभ भाजपा को हो सकता है। हवा और माहौल के हिसाब से चलने वाला न्यूट्रल वोटर दोनों पार्टियों को ठेंगा दिखा सकता है। वहीँ आप के गुड गवर्नेंस मॉडल से यदि ये वोटर प्रभावित हुआ तो भाजपा का मिशन रिपीट भी खटाई में पड़ सकता है। सो कोई माने न माने, चिंता की आग दोनों तरफ बराबर लगी है। बात करें आम आदमी पार्टी की तो पंजाब में जीत के बाद जिस तरह का आगाज हुआ था वो पार्टी बरकरार नहीं रख पाई। पर अब प्रदेश में आम आदमी पार्टी फिर से तेवर में आती दिख रही है। बीते दिनों प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन भी हो गया है और वीआईपी दौरों का सिलसिला भी फिर से शुरू हो गया है। रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी वोट मांग रही है और इसी जद्दोजहद में है कि आगामी विधानसभा चुनाव में दमदार मौजूदगी दर्ज करवाई जा सके। बेशक खुले मंच से पार्टी के नेता सरकार बनाने के दावे कर रहे हो, लेकिन जाहिर है पार्टी का मकसद फिलहाल खुद को दमदार तरीके से हिमाचल की सियासत में स्थापित करना है, ताकि भविष्य के लिए नींव मजबूत की जा सके। फायदा होगा, बशर्ते चुनावी मेहमान न बन कर रह जाएं पार्टी पंजाब में सरकार बनने के बाद से अब तक आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हिमाचल प्रदेश के तीन दौरे कर चुके है। केजरीवाल कांग्रेस -भाजपा को खुलकर चुनौती दे रहे है कि जिन विकास के मुद्दों पर वो वोट मांग रहे है, वे भी उन पर वोट मांग कर दिखाएं। हाल ही में आप ने हिमाचल में एक शिक्षा संवाद भी किया है। निजी स्कूलों की बेलगाम फीस निसंदेह हिमाचल में एक बड़ा मुद्दा है और इसे भांपते हुए आप सही रास्ता पकड़े हुए दिख रही है। नजदीक भविष्य में न सही लेकिन इसका दूरगामी फायदा जरूर आप को मिल सकता है, बशर्ते पार्टी अब हिमाचल में परमानेंट सियासत करे, न कि चुनावी मेहमान की तरह। वहीँ फिलहाल हिमाचल में आप के लिए सबसे बड़ी कमज़ोरी किसी बड़े चेहरे का न होना है। पार्टी में ऐसा कोई चेहरा नहीं दिखाई देता जिसके दम पर पार्टी हिमाचल विधानसभा चुनाव जीत ले। सावधान कांग्रेस, हर जगह 'आप' ने बिगाड़ा है खेल माहिर मान रहे है कि संभवतः आप का पहला मकसद कांग्रेस को कमजोर करना हो ताकि न सिर्फ हिमाचल में बल्कि पूरे देश में विपक्ष का मुख्य चेहरा बन सके। जाहिर है यदि आगामी विधानसभा चुनाव में आप की मौजूदगी के चलते कांग्रेस के अरमानों पर पानी फिरता है तो 2027 में आप की भूमिका बड़ी हो सकती है। अतीत पर निगाह डाले तो आप हमेशा से ही कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ते आई है। पहले आप ने दिल्ली की सत्ता पर 15 साल से आसीन कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया और फिर अब पार्टी ने पंजाब भी कांग्रेस को बुरी तरह हराया। गोवा और उत्तराखंड में भी कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ने का श्रेय आप को ही दिया जाता है, जिससे भाजपा का मिशन रिपीट सफल हो पाया। उत्तराखंड में आप को 3.31 प्रतिशत वोट हासिल हुए, वहीं गोवा में आप को 6.77 प्रतिशत वोट हासिल हुए है। ये आंकड़े सत्ता पाने के लिए तो नाकाफी है, मगर अब कांग्रेस का सतर्क होना आवश्यक दिखाई देता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि हिमाचल में आप के आने से कांग्रेस के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है। यदि सत्ता विरोधी वोट बांटने में आप कामयाब रही तो कांग्रेस के अरमानों पर पानी फिर सकता है। कुनबा न संभला, तो भाजपा होगी मुश्किल में हिमाचल का एक तबका ऐसा भी है जो आप के दिल्ली मॉडल का मुरीद है, ऐसे में गुड गवर्नेंस की बात करने वाली भाजपा के लिए भी चुनौती कम नहीं होने वाली। पहली बार शिक्षा संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित कर कोई पार्टी शिक्षा -स्वास्थ्य जैसे बुनियादों मुद्दों पर वोट मांग रही है, जाहिर है इसका नुकसान सत्तारूढ़ पार्टी को ज्यादा हो सकता है। वहीँ भाजपा में टिकट तलबगारों की बढ़ती संख्या भी आप में लिए अवसर है। अगर पार्टी के कुछ मजबूत नेता आप का रुख करते है, तो नुक्सान भाजपा का होगा। मसलन कसौली से भाजपा नेता हरमेल धीमान अब आप में है और निसंदेह भाजपा के अरमान कुचल सकते है। कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी हरमेल सरीखे भाजपाई पार्टी में उपेक्षित है और माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक आते-आते आप के हो सकते है। ऐसे में भाजपा कुनबा नहीं संभाल पाती तो मिशन रिपीट मुश्किल है।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शार्प शूटर संतोष जाधव को गिरफ्तार कर लिया गया है। शार्प शूटर संतोष जाधव की गिरफ्तारी के बाद अब मूसेवाला की हत्या को लेकर रहस्य से पर्दा उठ सकता है। हत्या किसने करवाई, मुखबिरी किसने की और हत्या का मकसद क्या था? ऐसे कई सवालों के जवाब तो मिलेंगे ही साथ ही फिल्म अभिनेता सलमान खान को दी गई धमकी से भी पर्दा उठ सकता है। फिलहाल पुणे रूरल क्राइम ब्रांच ने संतोष जाधव को पुणे के खेड के राजगुरूनगर लॉकअप में सुरक्षा कारणों के चलते शिफ्ट किया है। उससे पुणे रूरल क्राइम ब्रांच पूछताछ करेगी। पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक संतोष जाधव की पुरानी क्रिमिनल हिस्ट्री है। उसके ऊपर हत्या, फायरिंग, हत्या की कोशिश, हथियार रखने और बलात्कार के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा ओमकार उर्फ राण्या बाणखेले की हत्या के बाद उस पर मकोका लगाया गया था। तब से वो फरार था और रविवार के दिन गुजरात के कच्छ से उसे गिरफ्तार किया गया है। पुणे ग्रामीण पुलिस क़ी क्राइम ब्रांच ने उसकी कस्टड़ी ली है। कौन है संतोष संतोष जाधव शार्प शूटर संतोष जाधव महज़ 24 साल का है। संतोष मूल रूप से महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले के पारनेर तालुक़ा का रहने वाला है। पुणे के मंचर पुलिस थाने में संतोष जाधव के ख़िलाफ़ 4 मामले दर्ज है। साल 2019 में बलात्कार का मामला, अगस्त 2021 में ओमकार की हत्या का मामला, संतोष पर मंचर थाने में वसूली और चोरी का भी मामला दर्ज है। उसके खिलाफ राजस्थान के गंगानगर में भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। सूत्रों के मुताबिक संतोष ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली है। संतोष जाधव पिछली साल तक कोई नामी बदमाश नहीं था, पर सोशल मीडिया पर ऐलान कर ओमकार की हत्या करने के बाद यह सुर्ख़ियों में आया था। पुलिस के लिए संतोष जाधव कितना बड़ा अपराधी था, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि ओमकार की हत्या के बाद यह साल भर से फ़रार था लेकिन पुलिस कोई ख़ास प्रयास इसे पकड़ने के लिए नहीं कर रही थी। लेकिन जब मूसेवाला हत्याकांड में इसका नाम आया तो पुलिस ने दिन रात एक कर दिए। संतोष जाधव को सोशल मीडिया पर अपनी डॉन की छवि दिखाने का बहुत शौक है।
नियमित कक्षाएं लगाई, फीस भी दी, फिर सरकार इन छात्रों का क्या कसूर ! मानव भारती यूनिवर्सिटी में नियमित रूप से पढ़ाई करने वाले छात्र अब सड़कों पर आने को तैयार है। चार साल तक रोजाना कॉलेज जा कर पढ़ाई करने और लाखों रूपए फीस भरने के बावजूद अब तक इन छात्रों को डिग्री नहीं मिल पाई है। इन छात्रों का कहना है कि इन्हें दूसरों के बुरे कर्मों की सज़ा दी जा रही है। मानव भारती यूनिवर्सिटी पर फर्जी डिग्री का केस चलने की वजह से कई रेगुलर छात्रों का भविष्य भी थम सा गया है। मानव भर्ती यूनिवर्सिटी के ये छात्र हर तरफ से मजबूर हो गए है। न तो इन छात्रों को कहीं नौकरी मिल पा रही है और न ही आगे की पढ़ाई के लिए किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन। ये छात्र कई बार हिमाचल प्रदेश सरकार के आगे भी गुहार लगा चुके है, मगर अब तक इनके पक्ष में कोई फैसला नहीं लिया गया। इन छात्रों को अपनी पढ़ाई किये तीन साल से अधिक का समय बीत चूका ,है मगर अब तक इन्हें डिग्री न मिल पाने के कारण ये बेरोज़गार बनकर ठोकरें खा रहे है। ये छात्र हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग व है कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटा चुके है, मगर अब तक किसी ने इनकी नहीं सुनी। सरकार के आगे गुहार लगा लगा कर अब ये परेशान हो गए है और अब इन सभी छात्रों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। अब ये छात्र डिग्री न मिलने तक भूख हड़ताल करने को विवश है। मानव भारती विश्विद्यालय से नियमित तौर पर शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र दुर्गेश, आशीष, सुजीत, भावना, संस्कार, तुषार, संजीव, निशा, दीक्षा, शुभम, रजत व् अन्य छात्रों का कहना है कि विश्विद्यालय में एडमिशन लेने से पहले उन सभी को इस यूनिवर्सिटी में हो रहे गलत कार्यों के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे सभी इस विश्विद्यालय में बड़ी उम्मीदों के साथ अपना करियर बनाने के लिए पहुंचे थे। इन्होंने चार साल तक नियमित तौर पर इस विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है, जैसे आम विश्वविद्यालयों के छात्र करते है। उन्होंने कहा की हमने नियमित तौर पर क्लास और लैब अटेंड की है, लाखों रुपए फीस भी जमा कराई है। यही नहीं विश्वविद्यालय में होने वाली एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भी भाग लिया है, मगर अब ये डिग्री न मिलने से बहुत परेशान है। पढ़ाई करने के बावजूद ये बेरोज़गार है और मानसिक तनाव से जूझ रहे है, जो की गलत है। उन्होंने कहा की हम सरकार से हमारी ओर देखने का आग्रह करते है ताकि हमारे अधर में लटके हुए भविष्य का कुछ हो सके। इन छात्रों ने सरकार से ये सवाल किया है कि जब हमने कक्षाएं समय पर लगाई है, फीस समय पर भरी है तो हमें डिग्री समय पर क्यों नहीं मिल रही ? छात्रों ने कहा कि अगर अब भी इनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो ये अनिश्चित काल तक भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी ज़िम्मेदार हिमाचल सरकार होगी। जेल में है राजकुमार राणा और उसके सहयोगी : फर्जी डिग्री मामले के बाद मानव भारती विवि के सभी रिकॉर्ड पुलिस के कब्जे में हैं। ऐसे में डिग्रियां न मिलने से वर्तमान में विवि से पढ़ाई कर रहे और कर चुके करीब 3000 विद्यार्थियों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मानव भारती विवि में फर्जी डिग्री का खुलासा होने के बाद पुलिस ने विवि समेत विद्यार्थियों संबंधित तमाम रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया था। इसमें वर्ष 2009 से 2019 तक का रिकॉर्ड भी शामिल है। विद्यार्थियों को उनकी डिग्री समेत मार्कशीट न मिलने के कारण वह नौकरी सहित अन्य कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। बता दें की फर्जी डिग्री मामले में मानव भारती विवि के मालिक राजकुमार राणा, उसकी पत्नी समेत विवि के 20 अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंटों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई है। इनमें से कई इस वक्त जेल में है। फर्जी डिग्री बेचने के अलावा इस यूनिवर्सिटी के मालिक ने नियमित बच्चों का भविष्य भी खराब किया है। इतने साल नियामक आयोग क्या करता रहा ? बड़ा सवाल ये है कि मानव भारती यूनिवर्सिटी में जो कुछ भी हुआ उसकी भनक इतने सालों तक नियामक आयोग व अन्य संस्थाओं को कैसे नहीं लगी ? इतने साल नियामक आयोग क्या करता रहा ? इस दरमियान क्या कभी भी आयोग ने विवि की जांच की, रूटीन विजिट हुए ? अगर ऐसा किया गया तो आयोग को इसकी भनक कैसे नहीं लगी, ये बड़ा सवाल है। इस मामले के चलते आज सैकड़ों निर्दोर्ष छात्रों का भविष्य भी खराब होने की कगार पर है, आखिर उसका ज़िम्मेदार कौन है ? छात्रों ने की थी राज्यपाल से मुलाकात मानव भारती विश्वविद्यालय से डिग्री करने वाले कई छात्र राज्यपाल से मिले थे। छात्रों ने विश्वविद्यालय से नियमित पढ़ाई कर पास होने के बाद उनके साथ हो रही नाइंसाफी को रोकने के लिए नीति बनाने की मांग की थी। छात्रों ने विश्वविद्यालय की बदनामी की वजह से उनका रोजगार छीनने की भी शिकायत की थी। शिक्षा मंत्री बोले, नहीं खराब होने देंगे छात्रों का भविष्य : हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर का कहना है कि उन्हें छात्रों की प्रस्तावित भूख हड़ताल की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन हिमाचल सरकार छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देगी। ठाकुर ने कहा की सरकार हरसंभव समाधान को प्रतिबद्ध है।
चुनाव आयोग का कहना है कि चुनावों में वोट डालने के लिए प्रवासी वोटर्स का अपने घर लौटकर आना मुश्किल हो जाता है, इसलिए ऐसे वोटर्स के लिए रिमोट वोटिंग की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, आप दिल्ली में रहते हैं, लेकिन आपका नाम मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की वोटिंग लिस्ट में है, और वहां विधानसभा चुनाव होने हैं, तो क्या आप दिल्ली में बैठे-बैठे वोट डाल सकते हैं ? अभी इसका जवाब नहीं है, लेकिन हो सकता है कि अगले साल तक ऐसा हो जाए। दरअसल, चुनाव आयोग दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी वोटर्स के लिए रिमोट वोटिंग की संभावनाएं तलाश रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी वोटर्स चुनावों में वोट डाल नहीं पाते हैं और वोटिंग से वंचित रह जाते हैं। चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रवासी वोटर्स पढ़ाई, रोजगार या किसी दूसरे काम से दूसरे राज्य में चले जाते हैं, उनके लिए वोट डालने के लिए वापस लौटना मुश्किल हो जाता है, इसलिए अब रिमोट वोटिंग की संभावनाएं तलाशने का समय आ गया है। चुनाव आयोग ने अपने बयान में बताया है कि प्रवासी वोटर्स के मुद्दों पर गौर करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। आयोग के मुताबिक, शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत हो सकती है।
कानपुर हिंसा में अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि शहर प्रशासन ने आरोपियों की 147 अवैध संपत्तियों की पहचान की है। माना जा रहा है कि जल्द ही इनपर बुलडोजर चल सकता है। इसी बीच कानपुर शहर के काजी मौलाना अब्दुल कुद्दूस हादी ने कहा है कि अगर कानपुर में बुलडोजर चला तो लोग कफन बांध करके बाहर निकल आएंगे। दरअसल, कानपुर में मुस्लिम संगठनों ने 3 जून को बंद बुलाया था। मुस्लिम संगठन नूपुर शर्मा के पैंगबर मोहम्मद को लेकर दिए बयान का विरोध कर रहे थे। इस दौरान हिंसा फैल गई थी। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पोस्टर भी लगाए थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, पोस्टर में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ नाबालिग भी हैं। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर उनकी भूमिका की जांच कर रही है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने खुद आकर सरेंडर भी किया है। प्रशासन ने 147 इमारतों की पहचान की जहां से पत्थरबाजी की गई थी। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी से पहचान होने के बाद इन इमारतों की वैधता की जांच की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कश्मीर के हालात बिगड़ते जा रहे है। हर दिन खौफजदा लाचार कश्मीरी हिन्दुओं के पलायन की तस्वीरें सामने आ रही है। जो हिन्दुस्तान के लोगों ने हाल ही में आई फिल्म कश्मीर फाइल्स के ज़रिये पर्दे पर देखा उसकी एक झलक फिर कश्मीर में दिख रही है। दहशतगर्द फिर कश्मीर को 90 के दशक में वापस धकेलने का प्रयास कर रहे है। खासतौर से बीते एक माह में वहां लगातार हत्याएं हो रही है। गम, गुस्सा, बेबसी के बीच कश्मीरी पंडितों ने घाटी में हो रहे प्रदर्शन भी स्थगित कर दिए है, अब बस उम्मीद है। टारगेट किलिंग के इस बेपाक सिलसिले के चलते कश्मीरी हिन्दू डर में है कि न जाने कब, कौन, कहां से किसे गोली मार दे। हालांकि सुरक्षाबलों ने कई आतंकी भी ढेर कर दिए हैं, लेकिन बावजूद इसके टारगेट किलिंग की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। पिछले साल अक्टूबर में आतंकियों ने केमिस्ट एमएल बिंद्रू की हत्या कर दी थी। उसके बाद से ही आतंकी लगातार विशेषकर गैर-मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं। कश्मीर पुलिस ने इन सभी हत्याओं के लिए चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया है। बीते दिनों एक बैंक मैनेजर और मजदूर की हत्या कर दी गई। इसके दो दिन पहले ज़िला कुलगाम के गोपालपुरा में जम्मू की रहने वाली एक हिन्दू शिक्षिका रजनी की उनके स्कूल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उससे पहले बुड़गाम के ही एक कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की उनके दफ़्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फेहरिस्त लम्बी है और चिंता का सबब ये है कि ये सिलसिला थम नहीं रहा। बता दें कि प्रधानमंत्री के विशेष पुनर्वास पैकेज के तहत भर्ती किए गए करीब 4 हजार कश्मीरी हिन्दू यहां कार्यरत हैं। प्रॉक्सी वॉर ही है पाकिस्तान की रणनीति : पाकिस्तान अच्छी तरह जानता है कि आमने -सामने की लड़ाई में भारत का मुकाबला करने की उसकी औकात नहीं है। युद्ध में मैदान में पाकिस्तान ने हर बार भारत के आगे घुटने टेके है। इसीलिए वो दशकों से प्रॉक्सी वॉर की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। आतंकियों को बढ़ावा देकर पाकिस्तान कश्मीर को लहूलुहान करने में लगा है। आतंकियों को मुहतोड़ जवाब देने की तैयारी : श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में तैनात कश्मीरी पंडितों का जिला मुख्यालय में ट्रांसफर या फिर समायोजन कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते शुक्रवार को एक हाई लेवल मीटिंग की थी। मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस दिलबाग सिंह, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक कुलदीप सिंह और सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख पंकज सिंह भी मौजूद थे। केंद्र सरकार ने आतंकियों के खिलाफ रणनीतिक चक्रव्यूह तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के पूरे ढांचे को बदलने की तैयारी है। 'सॉफ्ट टारगेट' हत्याओं को रोकने के लिए पुलिस तंत्र को मजबूत करने पर फोकस किया गया है। जाहिर है केंद्र सरकार कोई कसार नहीं छोड़ रही है और आतंकियों को मुहतोड़ जवाब देने की तैयै है।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में गुरूवार को आतंकवादियों ने मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले एक बैंक प्रबंधक की गोली मारकर हत्या कर दी। इलाकी देहाती बैंक के प्रबंधक विजय कुमार ने अस्पताल ले जाते हुए ही रस्ते में अंतिम सास ली। विजय कुमार मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार कुलगाम जिले के अरेह मोहनपोरा स्थित इलाकी देहाती बैंक में आतंकियों ने बैंक मैनेजर पर फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बचाव में कहा कि मेरा प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि आम आदमी पार्टी के सभी मंत्रियों, विधायकों को एक साथ जेल में डाल दीजिए। सभी एजेंसियों को बोल दीजिए कि एक साथ सारी जांच कर लें। आप एक एक मंत्री को गिरफ़्तार करते हैं इससे जनता के लिए किये जाने वाले कामों में रुकावट होती है।स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन को ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अरेस्ट किया गया है। गुरुवार को की गयी पत्रकार वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि "मुझे लगता है कि सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को फर्जी मामलों में जेल में डालकर ये लोग दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो अच्छे काम हो रहे हैं उन्हें रोकना चाहते हैं। परन्तु चिंता मत कीजिए मैं ऐसा नहीं होने दूंगा, सभी अच्छे काम चलते रहेंगे"।
हरियाणा के नूंह जिले में एक सेप्टिक टैंक में गिरने से आठ साल के बच्चे की मौत हो गयी। पुलिस ने जानकारी दी कि घटना नूंह जिले के बिछोर गांव की है जिसमे मंगलवार को आठ साल का बच्चा खेलते हुए टैंक में गिर गया। बच्चे को बचाने के लिए उसके पिता और चाचा भी टैंक में उतरे और उनकी भी मौत हो गई। पुलिस ने भी इसकी पुस्टि की है कि इस दौरान तीनो कि मौत हो गई है। गांव वालों के अनुसार गांव वासी दीनू के घर के बाहर 20 फीट गहरा सेप्टिक टैंक बनाया गया था, जिसे पत्थर के स्लैब से ढ़का गया था। पुलिस के मुताबिक मंगलवार को दीनू का आठ वर्षीय पोता आरिज उस टैंक के पास खेलते खेलते उस टैंक पर खड़ा हो गया, जिससे उसका कवर टूट गया। परिवार ने इस घटना को लेकर पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की। परिजनों ने शवों को दफना दिया क्योंकि उनका कहना है की ये उनके लिए बहुत ही दुखदायी घटना थी।
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान पर आधारित अपनी फिल्म पर बोलते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के बारे में इतिहास की किताबों में कम उल्लेख किया गया है, हलाँकि आक्रांताओं के बारे में अधिक लिखा गया है। अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर अभिनीत फिल्म 'पृथ्वीराज' इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। अक्षय कुमार ने एक साक्षात्कार में कहा कि दुर्भाग्य से हमारे इतिहास की किताबों में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के बारे में केवल दो-तीन लाइनें हैं, लेकिन आक्रांताओं के बारे में बहुत कुछ उल्लेख किया गया है। अभिनेता ने शिक्षा मंत्री से अपील करते हुए कहा कि इतिहास की किताबों में हमारी संस्कृति और हमारे महाराजाओं के बारे में ज्यादा कुछ नहीं है।
देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग से यह जानकारी भी मिली है कि मौसम कार्यालय के अनुसार हरियाणा से बांग्लादेश के बीच पूर्व से पश्चिम कम दवाब क्षेत्र बना हुआ है, जिसके प्रभाव के चलते पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। ‘स्काईमेट वेदर' के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार दिल्ली के कुछ हिस्सों में बुधवार को तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली चमक सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में एक सप्ताह तक लू चलने की संभावना नहीं है। गौरतलब है कि सोमवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं, जिससे कई पेड़ उखड़ गए थे और बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह दिल्ली में नौ जून 2018 के बाद आया सबसे गंभीर तूफान था। उस दौरान पालम में हवा की गति 104 किलोमीटर प्रतिघंटा मापी गयी थी। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भीषण गर्मी और आर्द्रता के कारण मई और जून में इसी प्रकार के तेज तूफान की संभावना होती है। ऐसी स्थितियों के बारे में एक या दो दिन पहले पूर्वानुमान व्यक्त नहीं किया जा सकता।
पंजाबी सिंगर और कांग्रेसी नेता सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में पहली गिरफ्तारी की गयी। पुलिस ने इस मर्डर केस में मनप्रीत नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। उसे बीते कल उत्तराखंड से पकड़ा गया था। फिलहाल आरोपी मनप्रीत से पूछताछ जारी है। मनप्रीत पर आरोप है कि हमलावरों को बोलेरो गाड़ी और कोरोला गाड़ी उसकी मदद से ही मुहैया हुई थी। बठिंडा और फिरोजपुर जेल में बंद दो गैंगस्टर को 5 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है। ये दोनो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर और सक्रिय सदस्य है। कहा यह जा रहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश दिल्ली के तिहाड़ जेल और पंजाब की जेल से रची गयी थी। मनप्रीत और शरद वर्चुअल नंबरो से कनाडा में बैठे गोल्डी बरार से लगातार सम्पर्क में रहते थे।
देश के मशहूर सिंगर केके का मंगलवार को कोलकाता में निधन हो गया। अधिकारियों ने बताया कि एक कॉलेज की तरफ से नजरूल मंच में एक समारोह का आयोजन किया गया था। वहां परफॉर्म करने के बाद जब केके वापस अपने होटल पहुंचे तो वह अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि गायक को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। केके की मौत की खबर ने हर किसी को हिला दिया है। सोशल मीडिया पर उनके फैन्स द्वारा सिंगर केके के अंतिम परफॉर्मेंस की कई वीडियो शेयर की जा रही हैं। कॉन्सर्ट के दौरान केके ने अपने सबसे मशहूर गीत ''हम रहे या ना रहें कल, कल याद आएंगे ये पल...'' को भी गया। उनके इस गाने पर लोग खूब झूम रहे थे। लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि ये गाना केके आखिरी बार गा रहे है। मगर वक्त को कुछ और ही मंजूर था। कॉन्सर्ट के बाद केके दुनिया को अलविदा कह गए।
भारत में कोरोनावायरस का कहर जारी है। रोजाना सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे है। बीते 24 घंटे की ही बात करें तो देश में कोरोना के 2745 नए मामले सामने आए है। इससे पहले मंगलवार को COVID-19 के 2338 नए मामले दर्ज किए गए थे। ऐसे में देखा जाए तो कोरोना संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 18,386 हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे के दौरान देश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना 0.60 प्रतिशत रही, जबकि उससे ठीक होने की संभावना 98.74 प्रतिशत है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी की गयी वैक्सीनेशन के आंकड़ों को देखें तो अब तक देश में 193.57 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है, जबकि कुल 85 करोड़ से अधिक लोगों के कोरोना टेस्ट किये जा चुके है। बीते 24 घंटे में साढ़े चार लाख से अधिक कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमे से कुल 2236 लोगों ने कोरोना को मात दी है, और उनकी संख्या 4,26,17,810 पहुंच गई है। गौरतलब है कि मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में COVID-19 के 2338 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं, उक्त समयावधि के दौरान कोरोना से 19 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2,134 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज हुए, जिसके बाद भारत में कोरोना से कुल रिकवरी 4,26,15,574 तक पहुंच गई थी।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल पूरा होने पर कांग्रेस ने चार सवाल पूछे हैं। मंगलवार को शिमला में भाजपा की तरफ से मनाए जा रहे जश्न पर हिमाचल कांग्रेस कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी शिमला आ रहे हैं, तो प्रदेश को कुछ सौगातें देकर जाएं, पिछले दौरों की तरह सपने न बेचें। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। लोग खुद को ठगा महसूस करते आ रहे हैं। महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी कम करने के लिए क्या किया, प्रधानमंत्री को बताना होगा। सेब पर आयात शुल्क कब बढ़ेगा, हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा कब दिया जाएगा, मोदी इस पर भी अपनी चुप्पी तोड़ें। प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज दें। प्रदेश में घोषित फोरलेन के लिए केंद्र सरकार जल्दी बजट करे। अभी तक यह जुमला साबित हुए हैं। भाजपा से कांग्रेस के सवाल--- आसमान छूती महंगाई कब कम होगी गैस सिलिंडर 1000 रुपये पार हो चुका है। पेट्रो पदार्थों की कीमतें 100 रुपये के आसपास हैं। यह 70 साल में पहली बार है। खाद्य पदार्थों के दामों में आग लगी है। आम जनता को कब राहत देंगे। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कब-- हिमाचल की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। पुलिस भर्ती पेपर लीक में करोड़ों रुपये की डील हुई। पुलिस के पास से ही पेपर लीक हो गया। स्वास्थ्य विभाग में कोविड काल में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ। राजीव बिंदल को कुर्सी तक गंवानी पड़ी। सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी है। भ्रष्ट नेताओं पर कब कार्रवाई करेंगे। बेरोजगारों को रोजगार कब-- हिमाचल प्रदेश में 12 लाख से अधिक बेरोजगार हैं। प्रदेश की जयराम सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही। डबल इंजन की सरकार बताए, बेरोजगारों को रोजगार कब तक मिलेगा। युवाओं के भविष्य से सरकार कब खिलवाड़ बंद करेगी। किसानों, हाटी समुदाय को सौगात क्यों नहीं-- सेब की खेती करने वाले किसानों को वादे के बावजूद आज तक राहत क्यों नहीं दी। क्यों सेब पर आयात शुल्क नहीं बढ़ाया। उनके साथ विश्वासघात कब बंद होगा। हाटी समुदाय को आज तक एसटी का दर्जा नहीं दिया। उनके अरमानों से डबल इंजन सरकार कब खेलना बंद करेगी।
आज एनएसयूआई ने रोहडू सिविल अस्पताल में असुविधाओं के प्रति धरना प्रदर्शन किया और प्रदेष सरकार के प्रति नारेबाजी की एनएसयूआई राज्य उपाध्यक्ष वीनू मेहता ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से रोहडू सिविल अस्पताल में किसी भी तरह के टेस्ट नही हो रहे है। उपचाराधीन रोगियों व उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आम गरीब लोगों से निजी लेबो में पैसा वसूला जा रहा है। रोहडू की आवाम को लुटा जा रहा है। अल्ट्रा साउंड तक नहीं करवाए जा रहे लोगों को प्राइवेट अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। एनएसयूआई ने सरकार को चेताया की अगर सिविल अस्पताल में जल्द सारी सुविधाओं फ्री नही दी गई तो एनएसयूआई आने वाले दिनों में अगर प्रदर्षन करेगी। एनएसयूआई ने सिविल अस्पताल रोहडू में चिकित्सक अधीक्षक रविंद्र शर्मा को ज्ञापन भी सौंपा। इस धरने प्रदर्शन में एनएसयूआई रोहडू इकाई के रमीज रजा, विशाल बुशेहरी, प्रतीक कोशल, गौरव ठाकुर, सौरव ठाकुर, रविकांत शर्मा, अंशुल मिस्टा, अक्षु सिस्टा, यशिका कल्याण, साक्षी धारटा, सुनीता कोयलान, हिमांशी बेटान व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहें।


















































