मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि हमारे त्योहार हमारे जीवन प्रबंधन का आधार हैं और हम सभी को अपने उत्सवों एवं त्यौहारों के आयोजन में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। संजय अवस्थी आज सोलन के अर्की विधानसभा क्षेत्र के शालाघाट में श्री भगवान विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्य संसदीय सचिव ने भगवान विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। संजय अवस्थी ने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पकार की पदवी से विभूषित किया गया है। उन्हें वर्तमान में पहले अभियंता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा से हमें अपने जीवन में रचनात्मकता और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश मिलता है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हमारी समृद्ध संस्कृति के शिल्पकारों से युवा पीढ़ी को परिचित होने का अवसर मिलता है। भारतीय संस्कृति सभी को सही राह पर आगे बढ़ना सिखाती है और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति के इस दर्शन को आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से हमारी परम्पराएं आगे बढ़ती हैं। ऐसे आयोजन वर्तमान में लोगों के मध्य सद्भावना, भाईचारे और एकजुटता की भावना को बढ़ाने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा के समय में संवेदनशीलता के साथ राज्य का नेतृत्व कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री स्वयं प्रभावितों के पुर्नवास के लिए प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में पहुंचकर राहत पैकेज की घोषणा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व और प्रदेशवासियों के सहयोग तथा अधिकारियों, कर्मचारियों की कर्मठता से आज प्रदेश इस आपदा से उभर रहा है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा अधोसरंचना को सुदृढ़ बनाकर युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी आधारभूत शिक्षा अधोसरंचना को मज़बूत बनाया जा रहा है और उच्च स्तर पर छात्रों को उनके घर-द्वार के समीप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राजकीय महाविद्यालय अर्की में एमए इतिहास और अंग्रेजी की कक्षाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है। जलाणा में 20 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले इस विद्यालय के लिए 50 बीघा भूमि भी चिन्हित की गई है। संजय अवस्थी ने कहा कि ज़िला खनिज निधि के माध्यम से अर्की विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लोक निर्माण, जल शक्ति तथा अन्य विभागों को लगभग 18 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने अर्की विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित जन-जन की आस्था के केंद्र बाड़ीधार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इस धार्मिक स्थल को रज्जू मार्ग से जोड़ने के लिए 200 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार में पर्यटन परियोजना के लिए 103 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा मंदिर के सम्पर्क मार्ग के निर्माण के प्रारम्भिक कार्य के लिए एक लाख रुपए तथा डंगे के निर्माण के प्रारम्भिक कार्य के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने मंदिर समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और इनके उचित निपटारे के निर्देश दिए।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 14 नवंबर को अर्की के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 14 नवंबर को प्रात: 11 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र के शालाघाट में श्री भगवान विश्वकर्मा दिवस वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहेंगे।मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 1 बजे लोक निर्माण भवन अर्की में लोगों की समस्याएं सुनेंगे। अवस्थी सायं 3 बजे अर्की के मांजू में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
-सुबाथू से कुनिहार की ओर आ रहा था वाहन -वाहन में सवार दो लोग आईजीएमसी शिमला रेफर दीपावली की रात सुबाथू से कुनिहार की ओर आ रहा एक टिप्पर बडोरघाटी में एक मकान के ऊपर जा गिरा। जानकारी के अनुसार रात्रि जय देव शर्मा अपने परिवार के साथ मकान में सो रहे थे तो अचानक एक धमाका हुआ। जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो एक टिप्पर सड़क से उनके मकान के लैंटर पर गिरने के बाद गौशाला के शेड को तोड़ता हुआ करीब 150 से 200 फुट नीचे खेतों में जा पहुंच था। गनीमत यह रही कि किसी भी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। सड़क से गिरते ही लैंटर में हालांकि एक बहुत बड़ा छेद हो गया। जहां छेद हुआ ठीक उसी जगह जयदेव का बेटा सो रहा था, मलबा उसके बेड के पास गिरा, जिस कारण उसे कोई चोट नहीं पहुंची। वहीं, टिप्पर में सवार दोनों घायल व्यक्तियों को स्थानीय लोगों की मदद से सिविल हॉस्पिटल कुनिहार पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार देने के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। वहीं, पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले में छानबीन शुरू कर दी थी।
शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में दिवाली उत्सव का उद्घाटन चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, सरोज खोसला, प्रो. चांसलर विशाल आनंद और कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला द्वारा किया गया। उन्होंने उत्सव का माहौल बनाने के लिए पारंपरिक दीये जलाए। भोजन स्टालों के साथ-साथ विभिन्न गायन और नृत्य गतिविधियों ने उत्सव के माहौल को और बढ़ा दिया। एक फैशन शो में संकाय सदस्यों और छात्रों ने पारम्परिक पोशाकें पहनीं और एक जीवंत प्रदर्शन के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सहायक प्रोफेसर पंकज चौहान और सहायक प्रोफेसर कृतिका राणा दिवाली फैशन शो के विजेता बने। इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें सैकड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हुए, जिससे विश्वविद्यालय समुदाय के भीतर एकता और उत्सव की भावना का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन टीम डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर द्वारा किया गया।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-परिवार के साथ शिमला में मनाएंगे दिवाली प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरी तरह स्वस्थ होकर दिल्ली से शिमला लौट रहे हैं। एम्स दिल्ली से उन्हें छुट्टी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर बाद राजधानी शिमला पहुंच जाएंगे। यहां वे परिवार सहित प्रकाश का उत्सव दिवाली मनाएंगे। उच्च अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए लोगों से मिलने-जुलने और सफर नहीं करने की सलाह दी है। शिमला पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री कुछ दिन अपने सरकारी आवास ओकओवर शिमला में आराम करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश मुनीष गर्ग ने आज सोलन ज़िला के विधानसभा क्षेत्र 54-कसौली के अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। मुनीष गर्ग ने फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का 27 अक्तूबर से 9 दिसंबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदान से संबंधित कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम के तहत 18 से 19 आयु वर्ग के सभी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन कार्यक्रम के दौरान पंजीकरण से वंचित अन्य सभी पात्र नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 18 व 19 नवंबर को विशेष अभियान दिवसों पर अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को जोड़ने के बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, तहसीलदार निर्वाचन सोलन राजेश शर्मा उपस्थित थे।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में आज 8वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस आयोजित किया गया। यह जानकारी आज यहां जिला आयुष अधिकारी सोलन डॉ. प्रवीन शर्मा ने दी। भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में पूजा-अर्चना व यज्ञ का आयोजन किया गया। डॉ. प्रवीन शर्मा कहा कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में आयुर्वेद एक अहम भूमिका निभा सकता है। इस उद्देश्य से धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पूर्व तीन सप्ताह से जिला में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। इन कार्यक्रमों में आयुर्वेद से व्यक्ति के जीवन में होने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों के माध्यम से ज़िला में लगभग 16,500 लोग लाभान्वित हुए। इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, ज़िला आयुर्वेदिक अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
नशामुक्त भारत अभियान के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन का समन्वय आवश्यक है। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव आज यहां नशा मुक्ति के लिए संयुक्त कार्य योजना के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अजय कुमार यादव ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक समस्याओं, समाज में इस कारण फैलने वाली कुरीतियों व इससे होने वाली आकस्मिक मौतों के बारे में जागरूकता लाना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि संयुक्त समिति जिला नशामुक्त अभियान के कार्यान्वयन को सफल बनाएगी। समिति ज़िला के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रों, अध्यापकों और अभिभावकों के लिए नशा निवारण के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक बाल एवं किशोर श्रमिकों का बचाव एवं पुनर्वास अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश से विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों और अन्य पात्र एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि युवाओं में नशे के प्रचलन को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि संगठन एवं पात्र एजेंसियां मदिरा व अन्य मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के लिए नशे के आदी लोगों की पहचान करें तथा परामर्श के माध्यम से उनका उपचार और पुनर्वास के लिए कार्य करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमंडलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी रमेश शर्मा, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी, सीडीपीओ सोलन कविता गौतम, जिला कल्याण अधिकारी सोलन गावा नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
-पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने की मांग पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान धनीराम तनवर एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने खुशी जताई है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपना इलाज करवाने के बाद स्वस्थ होकर वापस शिमला लौट रहे हैं। वहीं, एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों के वित्तीय लाभ जिसमें, 8 प्रतिशत डीए जो पहले से पेंडिंग हैं और अब केंद्र सरकार की ओर घोषित 4 प्रतिशत डीए की किस्त को बढ़े हुए वेतन के साथ दिवाली से पहले देने की घोषणा करे। प्रधान धनीराम तनवर ने कहा कि बहुत से पेंशनर्स उम्रदराज हो चुके हैं, जो कि अपने वित्तीय लाभ का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
-स्कूल में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन -मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किए विभिन्न खेलों के विजेता एसवीएन स्कूल कुनिहार में आयोजित दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का समापन बहुत ही धूमधाम के साथ हुआ। कार्यक्रम में राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्ज्वलित कर व बंदे मातरम गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, वहीं एसवीएन परिवार ने फूल मालाओं के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि द्वारा वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन और अन्य मनोरंजक खेलों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी खेलों में प्रदर्शन के आधार पर बेस्ट हाउस और बेस्ट प्लेयर घोषित कर ट्रॉफी प्रदान की गई। पूरे वर्ष की गतिविधियों के आधार पर टैगोर हाउस ने बेस्ट हाउस की ट्रॉफी पर कब्जा किया। विद्यार्थियों ने सदनानुसार, स्काउट-गाइड व कबज-बुलबुल समूह में मार्च पास्ट करके खेलों को विराम दिया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हैं व बच्चों में खेल के प्रति भी रुचि उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह विद्यालय जिला स्तर पर ही नहीं, अपितु प्रदेश में भी अपने नाम का परचम लहरा चुका है, जिसके लिए विद्यालय के सभी अध्यापक व अभिभावक बधाई के पात्र हंै। इस मौके पर एसवीएन चेयरमैन टीसी गर्ग, पुष्पा गर्ग, लूपिन गर्ग, प्रधानाचार्य पद्मनाभम, गुरप्रीत सिंह, राकेश, दीक्षा, कुसुम, पूजा व योगेश सहित विद्यालय के सभी अध्यापक, छात्र व अभिभावक गण मौजूद रहे।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
भारत के अग्रणी अनुसंधान-केंद्रित विश्वविद्यालय, शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग द्वारा प्रति पेपर उद्धरण में देश का नंबर एक विश्वविद्यालय और एशिया का नंबर पांचवां विश्वविद्यालय घोषित किया गया है। शूलिनी विश्वविद्यालय भी भारत के सबसे उल्लेखनीय रूप से बेहतर संस्थान के रूप में उभरा है, जिसने वैश्विक रैंकिंग में 213 वां स्थान हासिल करने के लिए प्रभावशाली 38 स्थान हासिल किए हैं। शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला, कुलपति, शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा, अनुसंधान में हमारे प्रयास शूलिनी विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार की गुणवत्ता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए फल-फूल रहे हैं। कल रात जारी रैंकिंग के अनुसार, शूलिनी विश्वविद्यालय ने भारत में निजी विश्वविद्यालयों के बीच नियोक्ता प्रतिष्ठा में छठा स्थान हासिल किया है, जो ऐसे स्नातक तैयार करने में इसकी सफलता को दर्शाता है जिन्हें नियोक्ताओं द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। शूलिनी विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय संकाय के मामले में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और भारत में 7वें स्थान पर है। शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि प्रति पेपर उद्धरण में हमारी सफलता उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के उत्पादन के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाती है जो वैश्विक ज्ञान पूल में योगदान देती है। हम अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार में निवेश करना जारी रखेंगे। प्रो. चांसलर विशाल आनंद ने सभी संकाय और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि रैंकिंग हमारे संकाय और छात्रों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने कहा, यह उपलब्धि उत्कृष्टता की दिशा में एक कदम आगे है। हम भविष्य में और भी बड़े मील के पत्थर हासिल करने के लिए एक विश्वविद्यालय समुदाय के रूप में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
जिला सोलन के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत गड़खल सनावर के पंचायत घर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं एलआर संस्थान ओच्छघाट के संयुक्त तत्वावधान से आज राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का आयोजन किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया के बारे सभी नागरिकों को जागरूक करना है। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस की शुरूआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है। सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है। एल.आर संस्थान ओच्छघाट के वरिष्ठ प्रोफेसर टीडी वर्मा ने इस अवसर लोक अदालत तथा साइबर क्राइम के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तृत जानकारी दी। थाना प्रभारी कसौली यशपाल शर्मा ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी उपस्थित लोगों को प्रदान की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गड़खल की प्रधान मोना चंचल, एलआर संस्थान की सहायक प्रो. प्रियंका शर्मा, र्कीति बनाल, अनिता वर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार और उनके छात्र विवेक पंवार ने 40 के प्रभाव कारक वाले प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर 'सिग्नल ट्रांसडक्शन एंड टारगेटेड थेरेपी' में एक शोध पत्र प्रकाशित किया। अध्ययन का उद्देश्य एमटीओआर (रैपामाइसिन का स्तनधारी लक्ष्य) सिग्नलिंग मार्ग और मानव स्वास्थ्य और बीमारी में इसकी कई भूमिकाओं के गहन रहस्यों को उजागर करना था, जिसमें कैंसर में इसके निहितार्थ पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस पेपर में प्रस्तुत अंतर्दृष्टि कैंसर जीव विज्ञान में एमटीओआर की महत्वपूर्ण भूमिका, वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने और चिकित्सीय हस्तक्षेप के लिए इसकी क्षमता की खोज पर प्रकाश डालती है। इस लेख में उम्र बढ़ने, उम्र से संबंधित तंत्रिका संबंधी विकारों, मधुमेह और मानव घातक बीमारियों में एमटीओआर के महत्व को दिखाया गया है। एमटीओआरसी1 सिग्नलिंग की खोज न केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाती है बल्कि प्रतिरक्षा को भी बढ़ावा देती है, जिससे स्तनधारियों और मनुष्यों में उम्र से संबंधित न्यूरोलॉजिकल विकार, कैंसर और चयापचय रोगों का खतरा कम हो जाता है। इस खोज पत्र में भारत के अन्य सहयोगी लेखक थे ऐश्वर्या सिंह, मानिनी भट्ट, डॉ. राजीव टोंक, डॉ. आगा साकिब रज़ा, डॉ. शिंजिनी सेनगुप्ता, एमिटी यूनिवर्सिटी से डॉ. मनोज गर्ग। इस खोज अध्ययन में कैंसर के उपचार के परिदृश्य को बदलने और अधिक प्रभावी और कम विषाक्त उपचारों का मार्ग प्रशस्त करने की क्षमता है। वैज्ञानिक समुदाय उत्सुकता से अनुवर्ती अनुसंधान और नैदानिक परीक्षणों का इंतजार कर रहा है जो निस्संदेह इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होंगे।
कुनिहार: संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नहीं बुलाई तो डीसी ऑफिस का घेराव करेंगे पेंशनर्स : केडी शर्मा
जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा ने उपायुक्त सोलन से अपील की है कि पेंशनरों की जिला स्तरीय बैठक पहली दिसंबर तक बुलाई जाए। अगर पहली दिसंबर तक बैठक नहीं बुलाई तो 4 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष संकेतिक धरना प्रदर्शन व रोष रैली का आयोजन किया जाएगा। केडी शर्मा ने यह बात बरोटीवाला में आयोजित पेंशनरों की जिला स्तरीय आपात बैठक में पेंशनरो को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 27 मई को पेंशनरों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाने बारे मिला था, जिसमें उपायुक्त सोलन ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलवाया था कि शीघ्र ही संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाएगी। लेकिन साढ़े 5 महीने बीत जाने पर भी अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई। केडी शर्मा ने जिले के तमाम पेंशनर्सर् सब यूनिटों से आग्रह किया है कि हर यूनिट से 10-15 सक्रिय पेंशनरों को 4 दिसंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन व रोष रैली में उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंचना सुनिश्चित करें। इस आपात बैठक में 17 दिसंबर को होने वाले राज्य स्तरीय अखिल भारतीय पेंशन दिवस समारोह मनाने बारे विशेष रूप से चर्चा की गई और सभी के सुझाव के उपरांत केडी शर्मा ने कहा कि इस बार इस राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन जिला सोलन में किया जाएगा जिसका वेन्यू जल्द ही तय किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की सरकार से मांग की। इस अवसर पर जगदीश पंवर, मनसा राम पाठक, राम लाल शर्मा, दलीप राणा, अंजना शर्मा, डीडी कश्यप, जिया लाल ठाकुर, नरेश घई, कृष्ण सिंह चौहान, जगदीश सिंह, बेलीराम राठौर, रोशन लाल, सूर्यकांत जोशी, ईश्वर दत्त शर्मा, चैतराम भारद्वाज, कैलास राणा, लेखराम शर्मा, राजेश शर्मा आदि पेंशनर्स मौजूद रहे।
दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली से पहले छोटी दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि, इस दिन हनुमान ज्यंति भी होती है और इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन दिवाली से कम मात्रा में दीप आदि प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दिन सौंदर्य व्रत भी रखा जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी... 11 या 12 नवंबर कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली? छोटी दिवाली पर नरक चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। 11 नवंबर को 1 बजकर 59 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही है और अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर के 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार 2023 को मनाई जाएगी।
-रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं चला सकेंगे पटाखे राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश देंगे। अपने परिवार व आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे। पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे ताकि सभी लोग ग्रीन दिवाली मनाएं। निदेशक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें स्कूलों को कहा गया है कि वह बच्चों को जागरूक करें व उन्हें बताए कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में दिवाली की रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक पटाखे चलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इसके बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाए। पहले से एक परंपरा विकसित हुई है जिसमें दीपोत्सव के दिन तेज आवाज के पटाखे चलाए जाते हैं। ये पर्यावरण को क्षति पहुंचाती है। ध्वनि व वायु प्रदूषण बहुत तेजी से फैलता है। वायु की गुणवत्ता असंतुलित हो जाती है। इस बार स्वयं बच्चे ही जागरूकता की बेहतरीन मिसाल पेश करेंगे।
धनतेरस दिवाली के दो दिन पूर्व मनाया जाने वाला त्योहार है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन्वंतरि देव के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन बर्तन के अलावा कोई भी सामान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई... भगवान धन्वंतरि का हुआ था जन्म मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसी मान्यता है कि सृष्टि में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार में जन्म लिया था। शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य हैं। इनकी पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही हर साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। वहीं कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि के उत्पन्न होने के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए धनतेरस के दो दिन बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। श्री हरि विष्णु के वामन अवतार से भी है संबंध धनतेरस से जुड़ी एक और मान्यता के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंच गए। शुक्राचार्य ने वामन रूप में भी भगवान विष्णु को पहचान लिया और राजा बलि से आग्रह किया कि वामन कुछ भी मांगे उन्हें इंकार कर देना। लेकिन बलि ने शुक्राचार्य की बात नहीं मानी। वामन भगवान द्वारा मांगी गई तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमंडल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमंडल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए। इसकी वजह से कमंडल से जल निकलने का मार्ग बंद हो गया। वामन अवतार में भगवान विष्णु शुक्राचार्य की चाल को समझ गए। भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमंडल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गयी। शुक्राचार्य छटपटाकर कमण्डल से निकल आये। बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपने एक पैर से संपूर्ण पृथ्वी को नाप लिया और दूसरे पैर से अंतरिक्ष को। तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं होने पर बलि ने अपना सिर वामन भगवान के चरणों में रख दिया। बलि दान में अपना सब कुछ गंवा बैठा। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिली और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को मिल गई। इस उपलक्ष्य में भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
दीपावली भारत का एक प्रमुख त्योहार है। 5 दिवसीय इस त्योहार को बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, विशेष अनुष्ठान और लक्ष्मी पूजा करते हैं, व्यंजन तैयार करते हैं, पटाखे फोड़ते हैं। पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज के साथ समाप्त होता है। दिवाली न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में, बल्कि विदेश में भी मनाया जाता है। भारत के अलावा दिवाली को करीब 11 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इनमें गुयाना, फिजी, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, म्यांमार, श्रीलंका, सूरीनाम, मलेशिया, त्रिनिदाद और टोबैगो शामिल हैं। ये हैं दिवाली से जुड़ी कुछ रोचक बातें -दिवाली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सिख, जैन सहित अन्य धर्मों के लोग भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाते हैं। -भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर जब अयोध्या वापस लौटे थे, उसके बाद समस्त अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। - कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी समुंद्र मंथन के बाद धरती पर प्रकट हुई थीं। दीपावली के त्योहार को मनाने का सबसे खास कारण यही है। इस पर्व को मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में मनाते हैं। -प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की नींव दिवाली के दिन रखी गई थी। -भारत के बाहर यूके के लीसेस्टर शहर में सबसे बड़ा दिवाली समारोह आयोजित होता है। इस समारोह में हजारों लोग भाग लेते हैं। -दिवाली का त्योहार अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। नेपाल में लोग दिवाली के त्योहार को तिहाड़ या स्वंती के रूप में मनाते हैं। मलेशिया में लोग अस्वायुजा महीने में दिवाली को हरि दिवाली के रूप में मनाते हैं। थाईलैंड में लोग दिवाली के त्योहार को लम क्रियाओंघ के रूप में मनाते हैं, वे पटाखे फोड़ने से बचते हैं और इसके बजाय केले के पत्तों से बने दीपक जलाते हैं। -भारत के अलग-अलग राज्यों में भी दिवाली को अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। गोवा में दिवाली को राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत के रूप में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के लोग इस त्योहारों को काली पूजा के रूप में मनाते हैं। -कुछ लोग दीपावली को एक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मानते हैं। -दिवाली के दिन मिट्टी के दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। मिट्टी का दीपक पंचतत्वों से मिलकर बनाता है जो घर और आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऋग्वेद के अनुसार दीपक में देवताओं का तेज रहता है, इसकी रोशनी से यश और प्रसिद्धि प्राप्त होती है। सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
इस साल 12 नवंबर को दीपावली है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर पूरे देशभर में दिवाली का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। दिवाली की तैयारियां कई दिनों पहले से होने लगती है। दिवाली पर पूरे घर को दीयों और रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। हर वर्ष दीपोत्सव का पर्व 5 दिनों तक मनाया जाता है। धनतरेस से दिवाली का त्योहार शुरू हो जाता है और फिर इसके बाद नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं मनाया जाता है। इसके बाद दिवाली फिर अगले दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार आता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक इस साल दीपावली बहुत ही खास रहेगी, क्योंकि कई दशकों के बाद दिवाली पर एक साथ कई शुभ योग और राजयोग का निर्माण हुआ है। दिवाली का त्योहार कार्तिक माह के अमावस्या तिथि पर मनाने का विधान होता है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का काफी महत्व होता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता है। दिवाली पर अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक दिवाली की शाम के समय जब लक्ष्मी पूजा होगी उसी दौरान 5 राजयोग का निर्माण भी होगा। इसके अलावा आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी बनेगा। इस तरह से दिवाली 8 शुभ योगों में मनाई जाएगी।ज्योतिषाचार्यो का मनाना है कि दीपावली पर इस तरह का शुभ योग कई दशकों के बाद बना है। ऐसे में इस शुभ योग में दिवाली सभी के लिए सुख-समृद्धि और मंगलकामना साबित होगी। इस साल दिवाली पर एक साथ 5 राजयोग देखने को मिलेगा। ये 5 राजयोग गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के होंगे। इन राजयोगों का निर्माण शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण बनेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान-सम्मान और लाभ देने वाला साबित होता है। वहीं हर्ष योग धन में वृद्धि और यश दिलाता है। जबकि बाकी काहल ,उभयचरी और दुर्धरा योग शुभता और शांति दिलाता है। वहीं कई सालों बाद दिवाली पर दुर्लभ संयोग भी देखने को मिलेगा जब शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा दिवाली पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण भी होगा। इस वर्ष छोटी और बड़ी दिवाली दोनों ही एक दिन यानी 12 नवंबर को ही मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार 12 नवंबर को सुबह तक रूप चौदस रहेगी फिर दोपहर ढाई बजे के बाद कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन हमेशा अमावस्या की रात को होती है। इस वजह से दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा 12 नवंबर को रात को होगी। अमावस्या तिथि 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक ही रहेगी। कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि 12 और 13 नवंबर दोनों ही दिन रहेगी, लेकिन दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को ही मनाया जाएगा। 12 नवंबर को दोपहर अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी ऐसे में रविवार की रात को ही लक्ष्मी पूजन के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। दरअसल हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा हमेशा ही अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। इस कारण से 12 नवंबर को ही शुभ दीपावली मनाई जाएगी।
-इस समय पूजा करने से होगी धन की वर्षा पंच-पर्व दीपावली का पहला पर्व धनतेरस इस बार पराक्रम योग के साथ 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्र प्रदोष भी रहेगा, जिस कारण से शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। साथ ही विष कुंभ योग भी है। त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 58 तक रहेगी। यदि प्रदोष काल, स्थिर लग्न यानि वृषभ लग्न के दौरान धनतेरस पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। यह है धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट तक है। वहीं वृषभ लग्न का मुहूर्त- शाम 6 बजकर 8 मिनट से रात्रि 8 बजकर 5 मिनट तक है। दीपदान के लिए मुहूर्त सांय 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ है। कब करें खरीदारी इस बार खरीददारी के लिए धनतेरस पर दोपहर से शाम तक शुभ समय रहेगा। विशेषकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक और फिर शाम 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। धनतेरस के दिन जरूर करें ये काम मान्यता है कि आज के दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए आज के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। बर्तन खरीदारी के बाद यदि दुकानदार आपके खरीदे हुए बर्तनों में 1, 2 या 5 का सिक्का अपनी ओर से भेंट स्वरूप डाले दें तो उसका चमत्कारिक असर होता है। जब आप धनतेरस के दिन बर्तन खरीद लें और उस बर्तन का पैसा चुकाने के बाद दुकानदार को कहें कि अपनी ओर से जितनी उसकी इच्छा हो एक सिक्का उस बर्तन में भेंट स्वरूप रख दें। यह सिक्का दुकानदार से आप हाथ में नहीं लें, बल्कि स्वयं दुकानदार ही आपके खरीदे गए बर्तन में डाले। फिर इस बर्तन को घर ले आएं और घर लाकर इस बर्तन में खीर अथवा मिठाई रखकर सबसे पहले भगवान कुबेर को अर्पित कर दीजिए। यह उपाय किस्मत बदलने और सभी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने का काम करता है। यमराज के लिए करें दीपदान धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। यमराज के निमित दीपदान करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इसके लिए संध्याकाल के समय आप आटे का चौमुखी तेल का दीपक बनाकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ लगाये, साथ ही उसमें थोड़ी सरसों, कालीमिर्च और लौंग डाल दें. इसी के साथ ही आप दीपदान अवष्य करें। इसके लिए आप 13 ही दीपक घर के अंदर प्रज्जवलित कर सजाएं। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दीपक, रूई, तेल, माचिस दान देते हैं तो यम देवता प्रसन्न होंगे और आपके जीवन से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाएगा और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। यह एक जरूरी काम करना ना भूलें लक्ष्मी प्राप्ति कल्पों में से एक बहुत ही जरूरी सामग्री है झाड़ू। धनतेरस तथा दीपावली के दिन झाडू खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन नई झाड़ू को खरीदकर उसका पूजन करें और इसे खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह विषम संख्या में खरीदा जाएं यानि 1, 3, 5 और 7 इस तरीके से झाड़ू खरीदना सौभाग्यदायक माना जाता है। दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद कुमकुमम तथा चावल से इस झाड़ू का भी पूजन करें और उस पर पांच बार मोली लपेट दें और किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। फिर अगले दिन से उसे उपयोग में लें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ घर की सारी नेगेटिव एनर्जी भी दूर हो जाएगी।
दिवाली की धूम आपको घरों से लेकर बाजारों तक में दिखाई देने लगी है। लोगों ने अपने-अपने घरों को बेहद ही खूबसूरत तरह से सजा लिया है। इसके साथ ही हर कोई त्योहार के हिसाब से नए-नए कपड़े खरीदने में लगा है। दिवाली के इस महापर्व पर जिस तरह से नए-नए कपड़े खरीदने की परंपरा है, ठीक उसी तरह इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं। वैसे तो सभी के घरों में पूजी कचौड़ी और सब्जी बनती है, लेकिन अगर आप कुछ अलग बनाकर अपने परिवार को इंप्रेस करना चाह रहीं है तो ये लेख आपके लिए है। दरअसल, आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसे पकवानों के बारे में बताएंगे, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी मन से खाते हैं। हर कोई ये खाकर आपसे इंप्रेस होगा और दिवाली के दिन आपके घर में खुशियां ही खुशियां होंगी। छोले भटूरे यह एक ऐसा पकवान है, जो त्योहार के हिसाब से परफेक्ट है। इसके लिए आपको बस छोले पहले से बनाकर तैयार कर देने हैं और जब कोई खाना खाए उसे गर्मागर्म भटूरे बना कर देने हैं। इसके साथ सलाद जरूर परोसें। खस्ता सब्जी उत्तर भारत का ये बेहद ही प्रिय नाश्ता है। इसके लिए आपको कुछ ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ेगी। खस्ता को पहले से सेक कर रखना है और फिर बस गर्मागर्म सब्जी उसके ऊपर डालनी है। इडली सांभर अगर आपके घर वाले कुछ हल्का खाना चाहते हैं, तो इडली सांभर एक बेहतर ऑप्शन है। इडली को आप पहले से बनाकर तैयार करें। गर्म सांभर के साथ इसका स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा। वेज बिरयानी अगर आप पहले से कुछ बनाकर तैयार करके रखना चाहती हैं तो वेज बिरयानी बनाकर आराम से तैयार करके रख लीजिए। इसे रायते के साथ परोस कर आप अपने घर वालों का दिल जीत सकती हैं। पकौड़े अगर आप चाहें तो घर पर ही मिक्स पकौड़े तैयार करा सकती हैं। ये खाने में भी काफी स्वादिष्ट लगते हैं। आप इसे चटनी के साथ परोस सकती हैं
जिला परिषद सोलन के प्रागंण में बनी कैंटीन को एक वर्ष की अवधि के लिए किराए पर देने के लिए संविदाएं आमंत्रित की गई है। यह जानकारी जिला परिषद सोलन के सचिव जोगिन्द्र प्रकाश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता 16 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे जिला परिषद भवन सोलन के बैठक हाल में सार्वजनिक बोली के लिए आ सकते हैं। जोगिंद्र प्रकाश राणा ने कहा कि बोली 4,490 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से शुरू होगी। इच्छुक बोलीदाता को 14 नवंबर सायं 5.00 बजे तक जिला परिषद सोलन के कार्यालय में 15 हजार रुपए की राशि नकद या बैंक ड्राफ्ट के रूप में अमानत के तौर पर जमा करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता किसी भी कार्य दिवस को प्रात: 11.00 बजे से शाम 5 तक उक्त कैंटीन का निरीक्षण कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि के उपरांत कोई भी संविदाएं मान्य नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि बोली के समय समिति के निर्णय को अंतिम माना जाएगा।
दीवाली के सामान की शिक्षकों व छात्रों ने की जमकर खरीदारी -प्रिंसिपल ने विशेष बच्चों को आगे बढ़ने में किए डॉ. मल्लिका नड्डा के प्रयासों को सराहा दीपों का त्योहार दीपावली को जहां महज कुछ ही दिन बाकी है तो ऐसे में चेतना संस्था बिलासपुर से जुड़े दिव्यांग विशेष बच्चों द्वारा अपने हाथों से दीवाली का सामान बनाया गया है, जिसे चेतना संस्था के सदस्य स्कूलों में जाकर स्टॉल लगाते हैं और स्कूली छात्रों व अध्यापकों द्वारा इन्हें खरीदा जाता है। वोकल फ़ॉर लोकल के नारे को साकार करते हुए चेतना संस्था की संस्थापिका डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों के हुनर को आगे लाने व दीवाली के शुभ अवसर पर इन विशेष बच्चों द्वारा दीये, मोमबत्ती व भगवान की मूर्तियों सहित कईं तरह के समान बनवाए जाते हैं, जिन्हें बनाने में चेतना संस्था के सदस्य पूरी मदद करते हैं और फिर इनकी स्कूलों में बिक्री की जाती है, ताकि इन विशेष बच्चों के हुनर को समाज तक पहुंचाया जाए और इनमें छिपी प्रतिभा को भी आगे लाया जाए। इसी के मद्देनजर बुधवार को चेतना संस्था बिलासपुर द्वारा मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं में भी स्टॉल लगाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों व अध्यापकों ने दीवाली के इन सामानों की जमकर खरीदारी की है। वहीं चेतना संस्था बिलासपुर की प्रिंसिपल पूजा कुमारी ने कहा कि त्योहारों के मौके पर इन विशेष बच्चों द्वारा विभिन्न तरह के समान बनाये जाते हैं, जिनकी बिलासपुर जिला के विभिन्न स्कूलों में स्टॉल लगाकर बिक्री की जाती है। आज उन्होंने मिनर्वा सीनियर सेकंडरी स्कूल घुमारवीं को चुना है, जहां स्कूली छात्रों ने बढ़चढ़ कर खरीददारी की है और इससे यह विशेष बच्चे भी काफी खुश हैं। वहीं मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं के प्रिंसिपल परवेश चंदेल ने कहा कि डॉक्टर मल्लिका नड्डा द्वारा विशेष बच्चों को आगे बढ़ने व उनमें छिपे हुनर को समाज के सामने लाने के जो प्रयास हैं वे काबिले तारीफ हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में भी डॉक्टर मल्लिका नड्डा व उनके पुत्र हरीश नड्डा इसी तरह विशेष बच्चों की सेवा करते रहेंगे और विभिन्न गतिविधियों के जरिये इन बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देते रहेंगे।
पौधों में क्वारंटाइन के महत्व और स्वच्छ रोपण सामग्री की अवधारणा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के स्नातक कार्यक्रम के प्रायोगिक शिक्षण प्रोग्राम के छात्रों के लिए पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन बुधवार को आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन एनएएचईपी आईडीपी के सहयोग से विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष और आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ. केके रैना इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पादप रोग विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और हैड डॉ. सुनीता चंदेल ने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि हर साल बड़ी मात्रा में पौधों का आयात किया जा रहा है जिससे नए कीटों और वायरस के आने का खतरा हो सकता है। कार्यशाला के महत्व पर बोलते हुए डॉ. अनिल हांडा ने कहा कि पौधों के संगरोध में सबसे बड़ी चुनौती प्रवेश के बाद क्वारंटाइन है और इसलिए विश्वविद्यालय न केवल संबंधित विभागों के अधिकारियों बल्कि संकाय और विद्यार्थी के बीच भी इस विषय पर जागरूकता लाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. केके रैना ने विश्वविद्यालय के ईएलपी छात्रों के बीच प्लांट क्वारंटाइन और स्वच्छ रोपण सामग्री के बारे में जागरूकता बढ़ाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पोस्ट एंट्री क्वारंटाइन भविष्य में कृषि स्नातकों के लिए आकर्षक नौकरी और व्यवसाय के अवसर प्रदान कर सकता है। डॉ. रैना ने कहा कि पौधों से नई बीमारियां जैव सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से नए विचारों और अवधारणाओं के प्रति अनुकूलनशील बनने का आह्वान किया ताकि उन्हें सफल उद्यमों में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने आयोजकों से नेरी और थुनाग में विश्वविद्यालय के घटक कॉलेजों के छात्रों के लिए इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने का भी अनुरोध किया।
पाइनग्रोव स्कूल के वार्षिक समारोह-2023 के दूसरे दिन का आगाज सभागार 'द कलोजियम' में मुख्य अतिथि विधायक विनोद सुल्तानपुरी की गरिमामय उपस्थिति के साथ हुआ। सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की पहली प्रस्तुति 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन सी' और 'माई हार्ट विल गो ऑन' दर्शकों को गहरे समुद्र की संगीतमय यात्रा पर ले गई। इसके पश्चात अनेक दर्शकों के पसंदीदा गायक बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत पर सभी की जुबां गुनगुनाने लगी। बॉब डायलन के ' नॉकिंग ऑन हैवन्स डोर' गीत के पश्चात अपनी नाट्य कला से सभी को अचंभित करते हुए कक्षा एक से पांच के छात्रों द्वारा रस्किन बॉन्ड की सुप्रसिद्ध कृति 'द ब्लू अंबरेला' को न्यायसंगत अभिनय के साथ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं और सिद्ध कर दिया कि अभिनय उम्र के बंधनों से परे है। इस प्रस्तुति के पश्चात अहंकार एवम सत्ता के लालच को दर्शाता नृत्य नाटक 'भस्मासुर' प्रस्तुत किया गया, जिसमें दर्शक, मुख्य अतिथि, अभिभावक एवम अन्य दर्शक एकटक देखते रह गए कि नृत्य के रूप में किस कुशलता से एक कहानी को बखूबी दर्शकों के दिलों में उतारा गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी भावुक थी जिसमें हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई बाढ़ त्रासदी के दुखद क्षण स्मरण हो आए। पाइनग्रोव स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवम कर्मचारियों द्वारा हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में बाढ़ त्रासदी की क्षतिपूर्ति हेतु ग्यारह लाख धनराशी का चैक पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह के कर कमलों द्वारा मुख्य अतिथि को सुपुर्द किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि नें अपना सम्बोधन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने पाइनग्रोव द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, समाज के प्रति उन्हें संवेदनशील बनाने एवम अद्भुत सुविधाओं के लिए खूब सराहा। विदित हो कि कोविडके समय भी पाइनग्रोव स्कूल द्वारा डीसी सोलन एवं मुख्यमंत्री राहत कोष में अलग-अलग बहुत बड़ी धनराशी का सहयोग दिया गया था। कार्यक्रम के पश्चात, भोजनोपरांत कक्षा 1-5 के विद्यार्थी आउट पास लेकर दिवाली अवकाश पर चले गए।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल सांगला सुधीर नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 केवी करच्छम-रूकती फीडर में मरम्मत कार्य के चलते सांधला-3, केतरा, बारचो, रूकती, आजाद कश्मीर, सांगला-कण्डा उपकेंद्रों में 9 नवंबर को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि खराब मौसम के कारण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
-विभिन्न खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा -प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं पहले दिन का आकर्षण एसवीएन स्कूल कुनिहार में प्रधानाचार्य पद्मनाभम की अध्यक्षता में दो दिवसीय स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ गर्ल्स स्कूल उच्चा गांव की प्रिंसिपल दीपिका शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। मीट के पहले दिन का आकर्षण प्राथमिक वर्ग की मनोरंजक खेलें रहीं, जिनमें जलेबी रेस, बनाना रेस, हुला-हुप, कलेक्ट द बॉल, स्मार्ट स्प्रिंग प्रमुख थीं। इन सभी खेलों में विद्यार्थियों ने बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। वहीं, स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग ने बताया कि हर विद्यार्थी के जीवन में जितना महत्व शिक्षा का होता है, उतना ही खेलों का भी है। खेलों से विद्यार्थियों का शारीरिक व मानसिक दोनों तरह का विकास होता है, इसलिए हर विद्यार्थी को खेलों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसवीएन स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की सेहत के लिए हमेशा अग्रसर रहता है और इस तरह के आयोजन करवाता रहता है।
हिमाचल को पर्यटन राज्य बनाने के लिए साहसिक गतिविधियों पर दिया जा रहा ध्यान आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को दिया जा रहा बढ़ावा 'पर्यटक ग्राम' जहां हिमाचली संस्कृति से रू-ब-रू होंगे सैलानी हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार तथा स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। इसके दृष्टिगत ट्रैकिंग, कंैपिंग, पैराग्लाइडिंग तथा रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को विशेष तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयास अब हकीकत में भी नज़र आने लगे हैं। हाल ही में हमीरपुर जिला के नादौन में ब्यास नदी में तीन दिवसीय एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इसमें नेपाल, भूटान और कजाकिस्तान जैसे देशों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल्लू-मनाली के उपरान्त नादौन ब्यास नदी पर राफ्टिंग का नया केंद्र बनकर उभरा है। नादौन क्षेत्र में पर्यटन विकास के दृष्टिगत एशियन विकास बैंक की मदद से 2500 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे पूर्व बिलासपुर जिला में स्थित गोविन्द सागर झील में भी जल क्रीड़ा से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। मण्डी जिला के ततापानी में कोल बांध झील में भी जल क्रीड़ा पर आधारित साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला के पौंग डैम में वाटर स्पोर्ट्स, शिकारा, क्रूज़ तथा यॉट इत्यादि की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश सरकार पारम्परिक पर्यटन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन राजधानी कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फ कोर्स का निर्माण प्रस्तावित है। बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से चिड़िया घर का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही 60 करोड़ रुपये का प्रावधान इसके पहले चरण के निर्माण के लिए किया है। स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए 'पर्यटक ग्रामÓ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम देते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'ओल्ड एज होमÓ विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की एक व्यापक पर्यटन विकास योजना की घोषणा सरकार ने इस वर्ष के बजट में की है। इसके अंतर्गत कांगड़ा जिला में 390 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला में 257 करोड़ रुपये, कुल्लू जिला में 229 करोड़ रुपये, शिमला जिला में 123 करोड़ रुपये तथा मण्डी जिला में 138 करोड़ रुपये व अन्य स्थानों पर 174 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर व्यय किए जाएंगे। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं, इलैक्ट्रिक बसें, जल क्रीड़ा, थीम पार्क, सड़क किनारे प्रसाधन सहित अन्य सुविधाएं, उच्च स्तरीय फूड कोर्ट, विरासत स्थलों के सौन्दर्यकरण और ईको टूरिज्म के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। ग्रीष्म एवं शीतकालीन खेलों का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शिमला आईस स्केटिंग रिंक का उन्नयन करने के साथ ही मनाली में आईस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का मानना है कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन के साथ जोड़कर रोजगार के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटन विकास सुनिश्चित होगा और प्रदेश के राजस्व में भी बढ़ौत्तरी हो सकेगी। पर्यटन तथा आतिथ्य क्षेत्रों में क्षमता निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, गाजियाबाद द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत सोलन के कृषि विज्ञान केंद्र ने जिला के कृषि अधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया, जिसमें 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वयक डॉ. सीमा ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद से डॉ. रूचि सोनी तथा रवि ने इस कार्यक्रम में अधिकारियों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा केंद्र द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं के बारे में अवगत करवाया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. जितेंद्र चौहान ने अधिकारियों से आह्वान किया कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करें। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सीमा ठाकुर, डॉ राजेश ठाकुर, डॉ. अनुराग शर्मा तथा डॉ मीरा ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती में उपयुक्त आदानों को बनाने की प्रक्रिया का विस्तृत रूप से प्रदर्शन किया। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी से सब्जी विज्ञान विभाग में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप ठाकुर ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती पर प्रशिक्षण देते हुए कहा कि जैविक खेती को अपनाने की प्रेरणा देने के साथ-साथ अधिकारियों को जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में भी किसानों को ज्ञान देने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए अधिकारियों से किसानों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस सोलन मुख्यालय व सोलन जिला के सभी उपमंडलों में मनाया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया के बारे सभी नागरिकों को जागरूक करना है। आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस की शुरूआत वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समाज के गरीब और कमज़ोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है। सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है।
जिला दंंडाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने दीपावली पर्व के दृष्टिगत सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखों की बिक्री और प्रयोग के संबंध में एहतियाती उपायों के विषय में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नगर निगम सोलन की परिधि में लोअर बाजार सोलन, चौक बाजार, अप्पर बाजार, लक्कड़ बाजार, गंज बाजार, माल रोड और पुराना बस अड्डा सोलन में पटाखों के भंडारण, बिक्री और प्रदर्शनी पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 14 नवंबर तक लागू रहेगा। इन आदेशों के अनुसार नगर निगम सोलन की परिधि में ठोडो मैदान, बाई पास सोलन पर सब्जी मंडी के सामने खुला स्थान, सपरुन सोलन में पुराना नगर नियोजन कार्यालय के समीप बड़ोग बाई पास मार्ग के आरंभ में खुला स्थान, चंबाघाट में वर्षा शालिका के समीप और ब्रूरी में मोहन मीकिन फैक्ट्री के गेट के सामने खुले स्थान पर ही पटाखों की खुदरा बिक्री की जा सकेगी। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि दीपावली त्योहार के समय पटाखों की खुदरा बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस अथवा परमिट, संबंधित लाइसेंस प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाएंगे। इस उद्देश्य के लिए स्थान अथवा स्टॉल नगर निगम सोलन के आयुक्त द्वारा उपमंडलाधिकारी सोलन के परामर्श से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। समक्ष प्राधिकरण द्वारा जारी लाइसेंस धारक को ही पटाखों की बिक्री भंडारण की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार रॉकेट एवं उड़ने वाले पटाखों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बाजार, सरकारी कार्यालयों एवं भवनों, रसोई गैस संयंत्र के समीप, पेट्रोल पंप, विरासत भवनों एवं आवासों के समीप पटाखों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। आदेशों के अनुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा पटाखों के संबंध में दिशा-निर्देश तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी निर्देशों का अक्ष:रश पालन सुनिश्चित बनाना होगा। आदेशों के अनुसार केवल पर्यावरण हितैषी पटाखे चलाने की ही अनुमति होगी। दीपावली त्यौहार के दिवस पर पटाखे चलाने के लिए रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। आदेशों एवं प्रचलित निर्देशों के उल्लंघन पर विधिसम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 के दौरान 27 अक्तूबर से 09 दिसम्बर, 2023 तक पुनरीक्षण की गतिविधियों के पर्यवेक्षण के लिए आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मनीष गर्ग ने कांगड़ा, शिमला व मण्डी के मण्डलायुक्तों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी प्रक्षेकों को पुनरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संदर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची प्रेक्षक, प्राप्त हो रहे दावे व आक्षेपों के निपटारे की गुणवत्ता, मतदाता सूचियों में लिंग अनुपात, जनसंख्या अनुपात व आयु वर्गवार पंजीकरण में अंतर को कम करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रेक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान प्रेक्षक 3 बार क्षेत्रीय दौरे करना सुनिश्चित करें। पहले दौरे में विद्यमान सांसदों/ विधायकों/राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगे और प्रत्येक दौरे के पश्चात मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से आयोग को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनैतिक दल अथवा सर्वसाधारण को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 में यदि कोई विषय प्रस्तुत करना हो तो वे मतदाता सूची प्रेक्षकों से दूरभाष पर सम्पर्क कर सकते हैं। इसके लिए मण्डलायुक्त कांगड़ा से दूरभाष नंबर 94970-34035, मंडलायुक्त शिमला से 94180-39998 और मंडलायुक्त मंडी से 94180-88701 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों और आम लोगों से मतदाता सूचियों के इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी पात्र नागरिकों को 9 दिसम्बर, 2023 से पहले अपने नाम संबंधित मतदाता सूची में सम्मिलित करवाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है, ताकि वे देश के लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
- जीएसटी एक्ट के तहत 5,03,175 रुपये जुर्माना वसूला सोलन जिले में गत दिवस चेकिंग के दौरान एक फॉर्चुनर गाड़ी से 83,86,235 रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए गए। इस पर जीएसटी एक्ट 2017 के अनुसार 5,03,175 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो कि मौके पर ही सरकारी कोष में जमा करवा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी, जिला सोलन के साथ तुलसीराम राणा व रजनीश डोगरा सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी और पंकज कुमार, सहायक राज्य कर एवं आबकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि त्योहारों के दिनों में चेंंकिग पर विशेष बल दिया जा रहा है।
-कहा, पंचायत घरों के निर्माण के लिए दिए जा रहे 1.14 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत जाबली में शीघ्र ही एक आदर्श पंचायत घर का निर्माण किया जाएगा। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जाबली में सामुदायिक पंचायत केन्द्र की आधारशिला रखने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा अब पंचायत घरों के निर्माण के लिए 1.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा रही है ताकि पंचायत घरों का बहुआयामी उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में पंचायत घरों के निर्माण के लिए 33 लाख रुपए ही स्वीकृत किए जाते थे। जाबली में पंचायत घर निर्माण के प्रथम चरण के लिए 35 लाख रुपए स्वीकृत किए गए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामुदायिक पंचायत केंद्रों का निर्माण कार्य समयबद्ध किया जाएगा, ताकि लोग इनसे लाभान्वित हो सकें। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि जाबली में स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विक्रय के लिए स्टॉल निर्माण का प्रस्ताव उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। यहां ग्रामीण विकास विभाग के पास अपनी भूमि उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है और स्टॉल निर्मित होने से स्वयं सहायता समूहों की आमदनी में आशातीत वृद्धि होगी। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश को भारी वर्षा के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार प्रभावितों को बेहतर राहत देने के लिए कार्य कर रही है। इस कार्य के लिए घोषित राहत आपदा पैकेज के अंतर्गत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि प्रभावितों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जाबली में आदर्श पंचायत घर के शिलान्यास के लिए ग्रामीण विकास मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल ठाकुर, ग्राम पंचायत जाबली की प्रधान कल्पना गर्ग, उप प्रधान विनय अत्री, नगर परिषद परवाणू की पूर्व अध्यक्ष निशा शर्मा, ज़िला परिषद सदस्य राजिंद्र ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, ज़िला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि अपनी समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने और परम्पराओं से जन-जन को परिचित करवाने के लिए मेले और उत्सवों के आयोजन में युवाओं को जोड़ा जाना आवश्यक है। डॉ. शांडिल गत देर सांय सोलन के कण्डाघाट उपमण्डल के साधुपुल में दो दिवसीय मेले के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और सभी के सुखी जीवन की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। मेले में लोगों को सुख-दु:ख बांटने के अतिरिक्त प्रदेश की संस्कृति को जानने का अवसर भी मिलता है। प्रदेश सरकार द्वारा मेलों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति को आत्मसात कर सके। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का यह दायित्व है कि वो अपनी धरोहर को संजोए रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्मरण रखना होगा कि अपनी परम्पराओं, संस्कृति और हस्तशिल्प को संरक्षित रख ही विकास के मार्ग पर सशक्त कदम बढ़ाए जा सकते हैं। डॉ. शांडिल ने कहा कि ऐसे आयोजनों में कुश्ती और कबड्डी जैसे पारम्परिक खेलों का आयोजन भी किया जाता है। इन पारम्परिक खेलों के माध्यम से आज युवा विश्व में देश की प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि अपने पारम्परिक खेलों के लिए समय दें। उन्होंने इस अवसर पर कबड्डी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया।उन्होंने साधुपुल मंदिर के मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने दुर्गा माता मंदिर साधुपुल के सामुदायिक भवन के लिए 3 लाख देने की घोषणा की। उन्होंने मेला समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार देने की घोषणा की। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सकोड़ी के प्रधान सुरेश ठाकुर, ग्राम पचंायत तुंदल की प्रधान चित्रलेखा, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, बीडीसी सदस्य राधा, मेला समिति के प्रधान पवन ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा शिक्षण संस्थानों में चिट्टा तस्करों पर रखी जा रही कड़ी निगरानी के चलते टीम को एक तस्करी के नेटवर्क का पता लगा, जिसमें पंजाब का एक मुख्य चिट्टा तस्कर जिला के संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं को पिछले 3 साल से चिट्टा सप्लाई कर रहा है। गत 2 नवंबर को पुलिस की स्पेशल टीम ने ओछघाट में सुल्तानपुर सड़क के साथ की बिल्डिंग में दो आरोपी, जिसमें गौरव सिंह पुत्रकुबेर सिंह निवासी बल्ह मंडी उम्र 23 साल और राहुल गुलेरिया पुत्र शमी गुलेरिया निवासी सरकाघाट मंडी उम्र 21 साल को मादक पदार्थ की अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करते पकड़ा गया और इनके कब्जे से करीब 6 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। उपरोक्त दोनो आरोपियों को अभियोग में गिरफ्तार किया गया और इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि यह उसी दिन 7 ग्राम चिट्टा 30000 रुपये में मोहाली से लेकर आये थे और इनके साथ आरोपी अनिकेत ठाकुर पुत्र रजिंदर ठाकुर निवासी जुब्बल शिमला उम्र 23 साल भी साथ में था, जिसको भी गिरफ़्तार किया गया है। अभियोग में आगामी जांच अमल में लाई गई और इन छात्रों को चिट्टा सप्लाई करने वाला मुख्य तस्कर बलजीत सिंह उर्फ बराड़ पुत्र काका सिंह निवासी मुक्तसर साहिब, पंजाब हाल निवासी सेक्टर 87 मोहाली को स्पेशल टीम द्वारा मोहाली से गिरफ़्तार कर लिया गया है और इसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है। सोलन पुलिस द्वारा अभी तक बाहरी राज्यों के 50 सप्लायरों जो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र आदि राज्यों से हैं, को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 4 अफ्रीकी मूल के नाइजीरियन नागरिक भी शामिल हैं। इन बाहरी राज्यों के तस्करों द्वारा हिमाचल प्रदेश में चलाये जा रहे चिट्टा तस्करी के 7 बड़े नेटवर्कों को ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे हजारों युवाओं को चिट्टा की आपूर्ति बंद हुई है।
-7 को सुबाथू और 8 व 9 को धर्मपुर में होगा कार्यक्रम -9 को मुख्यमंत्री सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि करेंगे शिरकत पाइनग्रोव स्कूल द्वारा 7 से लेकर 9 नवंबर तक अपनी दोनों शाखाओं, धर्मपुर और सुबाथू का 32वां वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है। यह उत्सव 7 नवंबर की प्रात: सुबाथू में, 8 नवंबर की प्रात: और शाम तथा 9 नवंबर की प्रात: दो दिनों के लिए धर्मपुर शाखा में मनाया जाएगा। 32वें वार्षिक उत्सवमें प्रस्तुत किए जानें वाले मंचीय एवम मैदान के सभी, प्रात:-शाम के कार्यक्रमों की तैयारियां लगभग पंद्रह दिनों पूर्व प्रारंभ की जा चुकी हैं। पाइनग्रोव स्कूल के हैड ऑफ कल्चरल अफेयर्स मिस्टर विशाल गौरी से मिली जानकारी अनुसार प्रस्तुत किए जानें वाले कार्यक्रमों में सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, स्कूल प्ले, भारतीय संगीत, नृत्य नाटक,स्टार्लिट बोनांज़ा, रॉक बैंड, पाइपबैंड, ब्रास बैंड, जिमनास्टिक्स और पर्कशन 8 नवंबर की प्रात: एवं शाम को प्रस्तुत किए जाएंगे जबकि पारंपरिक हिमाचली नाटी, स्कूल परेड और जिमनास्टिक्स की एक अन्य, नवीन प्रस्तुति 9 नवंबर की प्रात: दृष्टिगोचर होंगी। उपरोक्त विस्तृत कार्यक्रमों की झड़ी के साथ-साथ विद्यालय की सत्र 2023 की गर्व से ओतप्रोत उपलब्धियां एवं वर्क एक्स, आर्ट, रोबोटिक्स आदि प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पाइनग्रोव स्कूल में कल्चरल ब्रिजिज-2023 स्टूडेंट्सएक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूएसए के सैली बी हॉवर्ड स्कूल,नॉर्थ कैरोलाइना से आए विद्यार्थियों क्रमश: एना बारबोस, तिलाया लीऑन्जा और ऑनद्रेज़ की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम को चार चांद लगाने वाली हैं। 9 नवंबर के प्रात: कालीन शो में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का सानिध्य प्राप्त होगा। पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में 7 नवंबर के उत्सव में श्री राम कुमार, मुख्य संसदीय सचिव एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य मुख्य अतिथि रहेंगे। पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में 8 नवंबर के प्रात: कालीन शो में विनोद सुल्तानपुरी, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य, एवं सायं कालीन शो में विनय कुमार विधान सभा सदस्य मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथियों के रूप में यूएसए के नॉर्थ कैरोलाइना में स्थित सैली बी हॉवर्ड स्कूल कार्यकारी निदेशक डॉ. जॉन वुडर्ड, सांता क्लैरिटाकैलिफोर्नियासिटि हॉल काउंसिल, मेयर कार्यालय सदर्न कैलिफोर्निया बोर्ड के प्रोजेक्ट मैनेजर मिस्टर विलियम और मिसिज़ एलिना गालवेज भी शिरकत करेंगे। 4 नवंबर तक पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह, धर्मपुर एवम सुबाथू की सभी व्यवस्थाओं एवम प्रस्तुतियों का निरीक्षण ले चुके हैं। उन्होंने सभी को इस भव्य महोत्सव की सफलता और अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।
-प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा बच्चों ने लिया भाग सुबाथू में कर्ण कुमार द्वारा बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जो कि युवाओं को नशे से दूर रखने व खेल में युवाओं की रुचि बढ़ाने के लिए एक सराहनीय कदम रहा। इस प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया। इस टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस पाटी के कसौली विधानसभा के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और सोलन जिला महासचिव नरेंद्र चौहन, कांग्रेस प्रदेश को-ऑर्डिनेटर दीपक तंवर के अलावा बरोग के प्रधान हुकुम चंद, सुल्तानपुर के उप प्रधान जीत राम ठाकुर उपस्थित रहे।
-स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल रहे मुख्य अतिथि साई इंटरनेशनल स्कूल द्वारा भाषा व संस्कृति विभाग कोठों में आज वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल रहे। अन्य विशेष अतिथियों में मुकेश शर्मा, चेयरमैन जोगिंद्रा कॉपरेटिव बैंक, शिव कुमार जी डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस प्रेसिडेंट,अंकुश सूद, सिटी प्रेसिडेंट, डॉक्टर संजय अग्रवाल, चेयरमैन सांई संजीवनी सोसाइटी,मिस मासूम सिंघा, प्रिंसिपल एम आरए डीएवी स्कूल आदि रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद माननीय मुख्य अतिथि और अन्य सम्मानित अतिथियों का बुके व शाल वा मोमेंटो से स्वागत किया गया। स्कूल की वार्षिक पुस्तिका ओरियन का विमोचन भी आदरणीय मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। कक्षा प्री नर्सरी से कक्षा आठवीं के शिक्षार्थियों द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुतियों जैसे कि नाटी, भांगड़ा, मराठी, कश्मीरी आदि से माता-पिता का मनोरंजन किया गया। शिक्षार्थियों ने सुंदर नृत्य प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, क्योंकि बच्चों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा कराटे पर्दशन भी किया गया जिसमें बच्चों ने टाइल्स तोड़ कर बल व शौर्य का पर्दशन किया, पिरामिड बनाए और विभिन्न प्रकार के कराटे मूव्स का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि और गेस्ट विनोद गुप्ता,डॉक्टर रवि कांत सूद ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम शोभा बढ़ाई। स्कूल की वार्षिक पुस्तिका ओरियन का विमोचन भी मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा किया गया। इस शुभ अवसर पर स्कूल के सभी स्टाफ के साथ मीडिया पार्टनर को भी सम्मानित किया गया। कक्षा नर्सरी से 8वीं तक के सभी शिक्षार्थियों द्वारा एक प्रदर्शनी भी प्रदर्शित की गई जिसमें विभिन्न विषयों के मॉडल तैयार किए गए। विद्यालय द्वारा वर्ष भर आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए भी शिक्षार्थियों को मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया गया। इसमें प्रणवी, अभिमन्यु, जानवी, मन्नत, चित्राक्षी, परिण, आरुषि, पार्थ, पुष्कर, आइशी, प्रभास,दीक्षा, आदि को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
-सौरभ शर्मा को मिला मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार रविवार को डीसी इलवेन सोलन व प्रेस क्लब सोलन के बीच मैत्री मैच खेला गया। दुर्गा पब्लिक स्कूल के ग्राउंड में आयोजित इस बेहद ही रोमांचकारी मैच में प्रेस क्लब सोलन ने डीसी इलेवन को एक रन से मात दी। मैच के अंतिम ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करने के लिए सौरभ शर्मा को मैन आफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। प्रेस क्लब सोलन ने टॉस जीतकर डीसी इलवेन के कप्तान अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव को गेंदबाजी करने के लिए कहा। प्रेस क्लब के दोनों ओपनर विजय कश्यप व विशाल वर्मा ने अच्छी शुरुआत की और स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया। इसके बाद डीसी इलेवन के गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी की और प्रेस क्लब के विकेट छोटे-छोटे अंतराल में गिरते रहे, लेकिन विजय के 17, विशाल के 20, मनोज के 18, भूपेंद्र के 21, मनीष के 17 व शुभम के 9 रनों की बदौलत प्रेस क्लब ने 7 विकेट खोकर निर्धारित 15 ओवरों में 124 रन का स्कोर खड़ा किया। वहीं, डीसी इलेवन की ओर से हितेश ने 4 व राजेश ने 2 विकेट झटके। 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डीसी इलेवन की टीम के सलामी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरूआत की और टीम के स्कोर को 40 रन के पार पहुंचा दिया। इसके बाद उनकी विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और देखते ही देखते उनके 6 बल्लेबाज पैवेलियन लौट गए। दोनों की टीमें मैच को अपनी झोली में डालने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही थी, नतीजतन मैच अंतिम ओवर तक खींच गया। अंतिम ओवर में डीसी इलेवन को जीत के लिए 5 रनों की आवश्यकता थी, लेकिन प्रेस क्लब के गेंदबाज सौरभ शर्मा की सधी हुई गेंदबाजी के चलते डीसी इलेवन 6 गेंदों में केवल 3 रन ही जोड़ पाई। अंतिम बॉल पर भी डीसी इलेवन को 3 रन जीतने के लिए चाहिए थे, लेकिन वह एक ही रन बना पाए। प्रेस क्लब सोलन ने यह बेहद रोमांचकारी मैच 1 रन से अपने नाम कर लिया। प्रेस क्लब के लिए विशाल ने 2, दुलीचंद ने 1 व सौरभ शर्मा ने एक विकेट लिया। अंतिम ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी के लिए सौरभ शर्मा को मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने गत देर सायं सोलन ज़िला के कण्डाघाट में जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर-लेन कार्य सहित अन्य विषयों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में कहा कि चंबाघाट से कैथलीघाट तक लगभग 23 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। इस कार्य पर लगभग 598 करोड़ रुपए व्यय होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। डॉ. शांडिल ने कहा कि चंबाघाट से केथलीघाट तक फोरलेन में 18 पुल व 1 सुरंग निर्मित की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि कंडाघाट में फोरलेन कार्य के दृष्टिगत निर्मित की जा रही सुरंग के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरंग का कार्य अटल टनल की तर्ज पर किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण करते समय पानी का छिड़काव समय-समय पर करते रहें ताकि स्थानीय निवासियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार ग्रामीणों की सुविधा के लिए छोटे रास्तों का निर्माण भी सुनिश्चित बनाया जाए। डॉ. शांडिल ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माणाधीन कम्पनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोरलेन निर्माण कार्य में पानी से कृषि योग्य भूमि व प्राकृतिक जल स्रोतों को होने वाले नुकसान से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि सोलन से केथलीघाट तक लोगों की सुविधा के लिए 5 पैदल पथ भी निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कण्डाघाट में बाबा भलकू गेट के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यथाशीघ्र गेट के निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करना सुनिश्चित बनाएं। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य अजय वर्मा, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों सहित फोरलेन निर्माण कार्य के कम्पनी के अधिकारी भी उपस्थित थे।
हेमेंद्र कंवर/कोटबेजा। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मनरेगा योजना के तहत भले ही अलग से स्पेशल मनरेगा शेल्फ मंजूर किया हो, लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से पंचायतों में केवल 20 कार्य के ही होने की शर्त आड़े आ रही है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत बरसात के दौरान सार्वजनिक रास्ते, संपर्क मार्ग, कुहले बुरी तरह नष्ट हो गए है तथा इन्हें मनरेगा योजना के तहत करवाने के लिये पंचायतों से सेल्फ तैयार कर प्रशासन को भेजा था। प्रशासन से सेल्फ मंजूर होकर तो आ गया है, लेकिन अब ग्रामीणों को कहा जा रहा है कि एक समय में केवल 20 कार्य ही चेलेगें। ऐसे में पंचयात प्रतिनिधि अमंजस में है कि किसका काम करे तथा इसका काम छोड़े। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। अधिकतर पंचायतों का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है फलस्वरूप ऐसी पंचायतों में बरसात के दौरान हुये नुकसान को समय से पूरा करना किसी चुनोती से कम नहीं है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मांग की है कि पंचायतों से मनरेगा योजना के तहत केवल 20 वर्क ही होने की शर्त को हटाया जाए, ताकि बरसात में भारी वर्षा के दौरान क्षतिग्रस्त हुये रास्तों, कुहले, संपर्क मार्ग को बहाल किया जाए। खड़ कार्यलय के कंप्यूटर आपरेटर गगन सहगल ने बताया कि मनरेगा में एक पंचयात में 20 वर्क ही चल सकते है। अगर पंचयात में ज्यादा वर्क है तो परमिशन का प्रस्ताव प्रशासन को भेज सकते हंै। वहीं दूसरी ओर खंड विकास कार्यालय के तकनीकी सहायक राकेश कुमार ने बताया कि पंचायतो ंमें 20 वर्क के चलने की शर्त हैं। जो पंचायतें बहुत बड़ी हैं व इस बारे में प्रशासन को लिख सकती हैं। वहीं इस बारे में प्रधान परिषद धर्मपुर के अध्यक्ष बलवंत ठाकुर ने बताया कि मनरेगा योजना के कार्यों की टाइम से पेमंट न होने से पेंडेंसी रहती है जिस कारण ऑनलाइन वर्क पेंडिंग दिखते हैं, जबकि साइड पर वर्क पूरे होते हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा में बीस कार्य होने की कोई गाइड लाइन नहीं है। जनता को गुमराह किया जा रहा है। प्रशासन को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उधर, इस विषय में खंड विकास अधिकारी धर्मपुर को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
सैनिकों के लिए घर में छुट्टी के दौरान सेल्फी प्वाइंटों पर जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करने के फैसले की पूर्व सैनिक लीग कुनिहार ने कड़े शब्दों में निंदा की है। लीग का कहना है कि केंद्र सरकार सेना के प्रति कुछ ऐसे निर्णय ले रही है, जिससे सेना का मनोबल गिर रहा है। पूर्व सैनिक लीग कुनिहार यूनिट के अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह व अन्य सदस्यों ने कहा कि लगातार सैनिको का मनोबल गिराया जा रहा है। ओल्ड रैंक ओल्ड पेंशन का अधूरा मसला हो या फिर अग्निवीर की भर्ती, वन्ही अब छुट्टी के दौरान सरकार की योजनाओं के प्रचार के लिए सेल्फी प्वाइंट खोलना। उन्होंने कहा कि सेना के जवान को साल में 56 दिन की छुट्टी मिलती है जिसका इंतजार घर वाले करते रहते हैं और वह सोचकर घर आता है कि छुट्टी के दौरान क्या क्या कार्य करने हैं, लेकिन अब सरकार के नए फरमान के अनुसार घर आकर भी सैनिक को सेल्फी प्वाइंट पर जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करना पड़ेगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। कैप्टन रणधीर सिंह ने कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखना चाहिए। यह मुद्दा 29 अक्तूबर को पूर्व सैनिक लीग की जिला कार्यकारणी की बैठक सायरी में भी जोर शोर से गुंजा और सभी ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान सरकार से आग्रह किया गया कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और भविष्य में भी सेना के प्रति ऐसे फैसलें लेने से सरकार गुरेज करे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग जिला सोलन के माध्यम से शास्त्री अध्यापक के 31 पदों पर बैचवाइज अनुबंध आधार पर भर्ती की जानी है। यह जानकारी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन संजीव कुमार ने दी। संजीव कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए काउन्सलिंग 17 नवंबर को प्रात: 11.00 बजे ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन (डाईट) के कार्यालय में होगी। उप निदेशक ने कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक बैच के उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 31 पदों पर शास्त्री अध्यापक के लिए काउंसलिंग की जानी है। कुल पद में से 12 पद अनारक्षित, 7 पद अनुसूचित जाति, 1 पद अनुसूचित जनजाति, 4 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 4 पद आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग, 1 पद अनुसूचित जाति (बीपीएल), 1 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (बीपीएल) तथा 1 पद अनुसूचित जनजाति (बीपीएल) का भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में वही उम्मीदवार भाग ले पाएंगे जो भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2017 तथा अब तक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचनाओं के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हों। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित फैसले के अनुसार हर एक उम्मीदवार जो निर्धारित मापदण्डों को पूर्ण करता है वह 12 ज़िलों में से किसी भी ज़िला में से किसी भी ज़िला में आवेदन करने के लिए पात्र है। इच्छुक उम्मीदवार काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 17 नवंबर को प्रात: 11.00 बजे डाईट सोलन में उपस्थित हो सकते हैं। संजीव ठाकुर ने कहा कि उम्मीदवार अपने गृह ज़िला में ही काउंसलिंग के लिए उपस्थित हो सकते है, अन्य किसी भी ज़िलो का कोई भी उम्मीदवार काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकता है। उम्मीदवारों को अपने गृह ज़िला में ही काउंसलिंग के लिए उपस्थित होना है। उन्हें अपने गृह ज़िला में ही सभी 12 ज़िलों की प्राथमिकता दे दी है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का गृह ज़िला उसके द्वारा प्रस्तुत हिमाचली प्रमाण पत्र के अनुसार मान्य होगा। उन्होंने कहा कि अंतिम मेरिट सूची निदेशालय स्तर पर बी.एड के बैच आधार पर तैयार की जाएगी तथा चयनित उम्मीदवारों को मैरिट एवं उनके द्वारा ही गई प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति के लिए ज़िला का निर्धारण किया जाएगा। उम्मीदवारों को विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध बायोडाटा फार्म भरकर देना होगा। इस फार्म को काउंसलिंग वाले दिन भी प्राप्त किया जा सकता है। उप निदेशक ने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में वही उम्मीदवार भाग ले पाएंगे जो भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2017 तथा अब तक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचनाओं के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हों। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी के लिए निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा व समस्त ज़िला के उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय की वैबसाईट पर उपलब्ध है।


















































