मन में हो इरादा कुछ करने का तो कोई भी कार्य किया जा सकता है। ऐसा ही इरादा लेकर कुनिहार पंचायत के गांव चिसवा की महिलाओं ने गांव को जाने वाले खस्ताहाल रास्ते को स्वयं ही दुरुस्त कर दिया। गौर रहे कि गांव चिसवा के अलावा कई गांवों के शमशान घाट व क्षेत्र की पेयजल योजना जाबलू को भी यही रास्ता जाता है। कच्चा होने के कारण हर बरसात में इस रास्ते की हालत बहुत खस्ता हो जाती है और इसपर वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। जब इस बारे पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह रास्ता लोगों की निजी भूमि से होकर जाता है। इसे पक्का करने के लिए लोगों की एनओसी जरूरी है। अगर जमीन मालिक इसे पक्का करने की एनओसी दे देते हैं तो इसे पक्का करवा दिया जाएगा।
ब्लॉक खंड परागपुर के अंतर्गत गांव सुकाहर में गत रात हुई मुसलाधार बारिश से गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले बालक राम पुत्र निक्कू राम का रिहायशी मकान जमींदोज हो गया। गनीमत यह रही कि परिवार इस आपदा में बाल-बाल बच गया। वहीं, इस बारे में जब एसडीएम देहरा को सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए तहसीलदार देहरा कर्म चंद कालिया एवं कानूनगो को मौके पर भेजा व पीड़ित परिवार के नुकसान को देखते हुए उन्हें 5 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। इस बारे में जानकारी देते हुए तहसीलदार कर्म चंद कालिया ने बताया कि पीड़ित परिवार को बरसाती मौसम में रहने की दिक्कत न हो इसलिए उन्हें रहने के लिए कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।
हिमाचल सरकार व विभागीय प्रशासन की ओर से आपदा से निपटने और पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक मदद मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे गांव निचला करियाड़ा में गलत साबित हुए हंै। गत 25 अप्रैल यानी ढाई महीने पहले 76 वर्षीय बुजुर्ग किशन चंद शर्मा पुत्र तुलसी राम शर्मा के एक रिहायशी कमरे में अचानक बिजली का शॉट सर्किल होने से लाखों रुपये का सामान आदि जलकर राख हो गया था। पीड़ित बुजुर्ग किशन ने बताया कि पता चलते ही राजस्व व पुलिस विभाग ने स्थिति का जायजा लेते हुए तुरंत आर्थिक मुहैया करवाने की बात कही थी। लेकिन इतना लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा आर्थिक मुआवजा मिलना तो दूर फौरी राहत तक नहीं दी गई है। पीड़ित किशन चंद शर्मा ने एसडीएम देहरा व जिलाधीश से मांग की है कि उन्हें तुरंत आर्थिक मुआवजा दिया जाए। वहीं, जब इस बारे एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा से बात की तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। वहां से बजट का प्रावधान होते ही पीड़ित किशन चंद शर्मा को आर्थिक मुआवजा दे दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर लोगों को सुलभ सेावएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों में 1000 लोक मित्र केंद्र खोलने पर विचार कर रही है। इस पहल से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए उनके घर-द्वार के निकट रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार इन केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय और उच्च गति की संचार सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश में ऑप्टिकल फाइबर केबल का व्यापक नेटवर्क बिछाया जाएगा। सरकार 5-जी सेवाओं को मजबूत करने के लिए संबंधित प्राधिकारियों के साथ भी मामला पर विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त बजट प्रावधान किया गया है। लोगों को सरल और सुगम सेवाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत सरकार की लगभग सभी जनहित सेवाएं आज ऑनलाइन उपलब्ध हैं और मौजूदा लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से लोग इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। सरकार द्वारा लोक मित्र केंद्रों के नेटवर्क को और सुदृढ़ करने पर बल दिया जा रहा है। इनके माध्यम से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बोनोफाईड हिमाचली प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लिए पंजीकरण, परीक्षा फॉर्म भरने और ऑनलाइन नौकरी के आवेदन जैसी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टेट डाटा सेंटर को उन्नत करने का भी निर्णय लिया है। इसके माध्यम से विकास और कल्याण से संबंधित जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार माह में एक 'एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन प्रणालीÓ बनाई जाएगी। इस प्रणाली का उपयोग कृषि, पशुपालन, श्रम और रोजगार सहित विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की मैपिंग के लिए किया जाएगा। इसके उपरांत इस उपलब्ध जानकारी का उपयोग कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकासात्मक योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 'हिम परिवारÓ नामक एक रजिस्ट्री स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस प्लेटफॉर्म के अन्तर्गत एक ही जगह पारिवारिक डेटा को शामिल किया जाएगा। 'हिम परिवारÓ के अन्तर्गत पीडीएस, ई-कल्याण और ऐसे अन्य पोर्टलों के डेटा का उपयोग करके परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी एकीकृत की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक विशिष्ट आईडी प्रदान की जाएगी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। लाभार्थियों को केवल एक बार आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और इससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के 10 स्नातक छात्र एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एआईटी) बैंकॉक में महीने भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए मंगलवार शाम को रवाना किया गया। छात्र 6 जुलाई से एक महीने की अवधि के लिए एआईटी में कृषि प्रणाली और इंजीनियरिंग शैक्षणिक कार्यक्रम में में भाग लेंगे। प्रशिक्षण का विषय 'बागवानी और वानिकी के सतत विकास के लिए स्मार्ट फार्मिंग टेक्नोलॉजीजÓ होगा। पूरी तरह से वित्त पोषित इस अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की आईडीपी के तहत आयोजित किया गया है। एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एक सार्वजनिक वित्त पोषित, अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थान है जो 1959 से उच्च शिक्षा, अनुसंधान और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तकनीकी परिवर्तन और सतत विकास को बढ़ावा दे रहा है। मुख्य परिसर के दोनों कॉलेजों के बागवानी और वानिकी विषयों से तीन-तीन और नेरी में विश्वविद्यालय के घटक कॉलेज से चार स्नातक छात्रों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर कार्यक्रम के लिए चुना गया है। चयनित छात्र- स्वधा सूद, अनुशुमन ठाकुर और सिया बागवानी महाविद्यालय, नौणी और शैफाली शर्मा, धृति और तान्या मुख्य परिसर में वानिकी महाविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। अपूर्वा शर्मा, पलक, आर्यन महाजन और अंजलि शर्मा हमीरपुर जिले के बागवानी और वानिकी महविद्यालय, नेरी के छात्र है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल और वैधानिक अधिकारियों ने चयनित छात्रों से दिल्ली रवाना होने से पहले बातचीत की। प्रोफेसर चंदेल ने कार्यक्रम के लिए चुने जाने पर छात्रों को बधाई दी और स्नातक छात्रों के लिए वैश्विक ख्याति वाले संस्थानों में प्रशिक्षण पाना संभव बनाने के लिए आईसीएआर और सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने छात्रों से मूल्यवान ज्ञान प्राप्त करने के लिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया और इस यात्रा का उपयोग दुनिया को अपने देश, राज्य और विश्वविद्यालय के बारे में बताने के अवसर के रूप में भी करने का आवाहन किया। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ. केके रैना और पूरी टीम को बधाई दी। यह छात्रों का तीसरा बैच है जिन्हें आईडीपी के तहत विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इससे पहले, 32 छात्रों के एक बैच ने एआईटी में एक महीने के कार्यक्रम में भाग लिया था, जबकि 10 छात्रों के एक अन्य बैच ने वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया में तीन सप्ताह का कार्यक्रम पूरा किया था। इसके अतिरिक्त, 31 संकाय सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इजराइल, जर्मनी, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम में अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर मिला था। 15 छात्रों का एक और बैच इस महीने के अंत में जर्मनी के लिए रवाना होगा, जबकि चार संकाय सदस्यों को जर्मनी भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। डॉ. संजीव चौहान, निदेशक अनुसंधान, डॉ. मनीष शर्मा, डीन औदयानिकी महविद्यालय, डॉ. सीएल ठाकुर, डीन वानिकी महाविद्यालय, डॉ. कमल शर्मा, डीन नेरी महाविद्यालय, डॉ. अनिल सूद, डॉ. राजेश कौशल और डॉ. भूपेंद्र दत्त इस अवसर पर उपस्थित रहे।
सामाजिक संस्था अखिल भारतीय हिमाचल ने गांव कोट डुमैहर के निवासी एवं भारतीय बास्केटबॉल टीम के मुख्य कोच राज कुमार पाल और टीम के कप्तान कुनिहार के अवनीश कौंडल को बर्लिन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पेशल ओलंपिक खेलों में टीम इंडिया को स्वर्ण पदक जितवाने और हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे विश्व में चमकाने पर बधाई दी। संस्था के कोषाध्यक्ष शीश राम पाल ने राज कुमार पाल के घर जाकर उनसे मुलाकात कर संस्था की ओर से बधाई दी। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एम लाल व संस्था के प्रदेश पदाधिकारियों ने प्रदेश व केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने हेतु उन्हें उचित पुरस्कार राशि तथा नौकरी में पदोन्नति किया जाना चाहिए और बेरोजगार खिलाड़ी को सरकारी नौकरी भी दी जानी चाहिए। संस्था के महासचिव राकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष शीश राम पाल व प्रचार सचिव मदन हिमाचली ने खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सनियो दीदग की 12वीं कक्षा की कला वर्ग की छात्रा शुभ्रा चौहान ने डायमंड ऑफ हिमाचल संस्था के द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता का आयोजन कुल्लू जिले के मनाली में 2 और 3 जुलाई को किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्रा को एक लाख रुपये का इनाम प्राप्त हुआ है। इससे पहले राजगढ़ और शिमला में हुई प्रतियोगिताओं में भी छात्रा ने क्रमश: पंद्रह सौ तथा 15000 रुपये की इनामी राशि जीती है। इस प्रतियोगिता के लिए विद्यालय की हिंदी प्रवक्ता सुमन पुंडीर ने छात्रा की तैयारी करवाई थी। 5 जुलाई को विद्यालय तथा एसएमसी द्वारा छात्रा को सम्मानित करने के लिए एक सम्मान एवं प्रोत्साहन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें ग्राम पंचायत प्रधान कल्पना चौहान, अनुशासन समिति के अध्यक्ष जयपाल, छात्रा के अभिवावक एवं अन्य परिजन भी उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्याम सिंह एवं सभी स्टाफ सदस्यों ने शुभ्रा को तथा उसके अभिभावकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी तथा अन्य विद्यार्थियों को भी ऐसे कार्यों के लिए प्रेरित किया। वहीं, छात्रा ने अपनी कामयाबी का श्रेय हिंदी प्रवक्ता सुमन पुंडीर सहित सभी अध्यापक -अध्यापिकाओं को दिया है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को आज कांगड़ा के दौरे पर आना था। भारी बारिश के चलते उनका ये दौरा रद्द हो गया है। कांगड़ा में सीएम को शाहपुर पुलिस थाने के नए भवन का शिलान्यास करने के बाद शाहपुर में ही जनसभा को संबोधित करना था। इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम को पालमपुर में दो दिवसीय ड्रोन कॉनक्लेव के समापन समारोह में शिरकत करनी थी, लेकिन बारिश के चलते चंडीगढ़ से वे कांगड़ा नहीं पहुंच पाए। ऐसे में अब वे चंडीगढ़ से वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़ेंगे और शाहपुर में कृषि मंत्री चंद्र कुमार और विधायक केवल सिंह पठानिया करेंगे पुलिस थाना भवन का शिलान्यास करेंगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के दिए बयान पर कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा दिए गए बयान निंदनीय, तथ्यों से परे और झूठ का पुलिंदा हैं। भाजपा ने कहा कि 2022 के आम चुनावों में कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों के साथ धोखा किया, चिटिंग की। उन्हें झूठी गारंटियां दीं और कहा कि 5 लाख बेरोजगारों को नौकरियां दी जाएंगी और एक लाख नौकरियां प्रतिवर्ष देते हुए 5 सालों में पूरा किया जाएगा। एक साल होने का हो आया, एक भी व्यक्ति को हिमाचल प्रदेश में नौकरी नहीं मिली है। यदि सरकार के मंत्रियों को जवाब देना है तो इस बात का जवाब दें कि 9 महीने बीत गए नौकरियां देने की प्रक्रिया क्यों बंद की? भाजपा ने सीधा-सीधा आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मियों को सरकार निकालने में जुट गई है। वो बेरोजगार जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर कोविड की महामारी में अस्पतालों में सेवाएं दीं, उनकी नौकरियां समाप्त की जा रही हैं और अब बैकडोर एंट्री करने के लिए कांग्रेस सरकार नए तरीके खोज रही है और बेरोजगार ठगा सा महसूस कर रहा है। भाजपा ने कहा कि झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आए मुख्यमंत्री, मंत्री व कांग्रेस के नेता सीधा उत्तर दें न कि पूर्व सरकार पर दोषारोपण करके अपनी गारंटियों से भागे।
विश्व धरोहर के रूप में विख्यात शिमला-कालका रूट पर चलती रेल में हिमालय साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा 8 और 9 जुलाई को पांचवीं बाबा भलखू स्मृति साहित्यिक रेल यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमाचल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में शिमला रेलवे स्टेशन से यात्रा को फ्लैग ऑफ करेंगे। इस यात्रा में देश और प्रदेश के विभिन्न भागों से स्थानीय लेखकों सहित 35 लेखक, पत्रकार, रंगकर्मी और लोक गायक शामिल रहेंगे। पहले दिन की रेल यात्रा शिमला स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापिस शिमला रेलवे स्टेशन आएगी। सभी लेखक दूसरे दिन बस से झाझा-चायल-बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव और घर जाएंगे। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से संपन्न होंगे। इस यात्रा में पूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग शिमला रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा और जोगिंद्र वोहरा का रहेगा। यह जानकारी आज मीडिया को हिमालय मंच के अध्यक्ष और प्रख्यात लेखक एसआर हरनोट ने दी। हरनोट ने बताया कि पहले दिन अतिथि लेखकों का स्वागत सम्मान किया जाएगा और साथ रेलवे स्टेशनों के नाम से कविता, कहानी, संस्मरण, गीत, लोकगीतों के सत्र आयोजित किये जायेंगे. हिमालय साहित्य मंच की सदस्य लेखिका दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' के कहानी संग्रह 'प्याली भर जुगुप्सा' का भी विमोचन होगा, जिसकी अध्यक्षता कानपुर से आईं वरिष्ठ पत्रकार रोमी अरोड़ा करेंगी और मुख्य वक्ता में कानपुर से पधारे वरिष्ठ लेखक और रंगकर्मी राजेश अरोड़ा और दिल्ली से आईं वरिष्ठ साहित्यकार ज्योत्स्ना मिश्रा शामिल रहेगी। मंच संचालन युवा लेखिका व फिल्म निर्माता डॉ.देवकन्या द्वारा किया जाएगा। इसी दौरान बरेली से आई उपन्यासकार सीमा असीम का नया उपन्यास जाग मुसाफिर का लोकार्पण भी होगा। हरनोट ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आपसी प्रेमभाव और साहित्यिक आदान प्रदान के साथ अपनी धरोहर को स्मरण करना भी है। यह यात्रा कालका शिमला और हिंदुस्तान तिब्बत रोड़ के सर्वेक्षण और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निरक्षर इंजीनियर बाबा भलकू और अन्य कामगारों को समर्पित होती है। यात्रा के दूसरे दिन लेखक भलकू के पुश्तैनी गांव झाझा जाते हैं और उनके परिजनों तथा ग्रामीणों से मिलते हैं। इस यात्रा में इस बार जो लेखक भाग ले रहे हैं उनमें डॉ. किरण सूद (देहरादून), डॉ. प्ररेणा ठाकरे (नीमच मध्य प्रदेश), राजेश अरोड़ा और रोमी अरोड़ा(कानपुर), ई. एसपी सिंह (पटना विहार), सीमा असीम(बरैली), ज्योत्स्ना मिश्र, ज्योति बक्सी और गायत्री मनचंदा (नई दिल्ली), संदीप वैद्य (मुंबई), रवि कुमार और अनिल शर्मा(बिलासपुर), रौशन जसवाल और विनोद रोहतकी(सोलन), जगदीश बाली और हितेंद्र शर्मा (कुमार सैन) सहित डॉ. विजय लक्ष्मी नेगी, डॉ. अनिता शर्मा, डॉ. कर्म सिंह, डॉ. देव कन्या ठाकुर, लेखराज चौहान, डॉ. मधु शर्मा कात्यायनी, जगदीश कश्यप, सुमन धनंजय, वीरेंद्र शर्मा, जगदीश गौतम, शांति स्वरूप शर्मा, यादव चंद शिमला से शामिल हैं।
प्रदेश के ऊना जिले में बुधवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद स्वां नदी के साथ लगती सभी खड्डें उफान पर हैं। खड्डों में एकाएक जलस्तर बढ़ गया। गांवों में लोगों के घरों में बारिश का पानी जा घुसा। सड़कें लबालब हो गईं। हरोली थाने के साथ लगती खड्ड में एक स्कॉर्पियो गाड़ी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई। गाड़ी काफी दूर तक बहती चली गई। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। गाड़ी के चालक ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। हरीश निवासी सेंसोवाल अपने पिता को हरोली तहसील के पास छोड़कर घर वापस जा रहा था। इस दौरान खड्ड को पार करते समय अचानक जलस्तर बढ़ गया। हरीश ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गाड़ी के बोनट पर आकर छलांग लगा अपनी जान बचाई। गाड़ी काफी दूर तक बहती चली गई। बता दें कि ऊना के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को तेज बारिश हुई है। इससे हरोली के साथ अंब, गगरेट, दौलतपुर चौक और अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण कर ही लक्षित वर्गों को समुचित लाभ प्रदान किया जा सकता है। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना, खनन निधि तथा युवा खेल प्रोत्साहन योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोलन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खण्ड कण्डाघाट और सोलन में निर्माणाधीन कार्यों एवं योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित बनाएं ताकि धन और समय की बचत हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें तथा निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य क्षेत्र विशेष की बेहतरी के लिए आवश्यक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत 06 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत सोलन विधानसभा क्षेत्र में लगभग 05 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से अधिकांश का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विकास खण्ड कण्डाघाट की ग्राम पचंायत जधाना के गावं भैंच कन्यारी में 15 लाख रुपये की लागत से खेल मैदान का निर्माण तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में 10 लाख रुपये की लागत से आउटडोर बैड़मिंटन कोर्ट एवं खेल मैदान के लिए राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला जेखडी में खेल मैदान निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने इन सभी कार्यों की औपचारिकताएं पूर्ण कर निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में खनन निधि से ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन में वर्षा जल संरक्षण के लिए 5.68 लाख रुपये की लागत से टैंक निर्मित किया जाएगा। इस टैंक के निर्माण से संस्थान में बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को समयबद्ध व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न महिला मण्डलों से आग्रह किया कि विधायक निधि के तहत विभिन्न सामान के लिए स्वीकृत राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करें। डॉ. शांडिल ने कई वर्षों से लम्बित कार्यों को शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बजट घोषणा को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए वन विभाग द्वारा 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ के अंतर्गत वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान राज्य के 15 वन मंडलों में लगभग 257 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने के दृष्टिगत एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ की शुरूआत की गई है। इसके तहत राज्य में बंजर पहाड़ियों के बड़े हिस्से पर पौधरोपण के माध्यम से चयनित भूमि में पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियों का पौधरोपण कर पूरी पहाड़ी को हरित आवरण प्रदान किया जाएगा। वन विभाग द्वारा इस वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान मिशन के अंतर्गत पौधरोपण के लिए विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। इनमें कुल्लू वन मण्डल में 30 हेक्टेयर, नाहन और सोलन में 25-25 हेक्टेयर, पार्वती में 22 हेक्टेयर और किन्नौर वन मण्डल में 20 हेक्टेयर भूमि पौधरोपण के लिए चिन्ह्ति की गई है। इस मिशन का लक्ष्य हरित आवरण को बढ़ाने के साथ-साथ पहाड़ी चोटियों पर जंगली खरपतवारों को खत्म करना भी है। इस पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। इसके अतिरिक्त वन विभाग को अन्य विभागीय योजनाओं के तहत लगभग 10,000 हेक्टेयर भूमि पर पौध लगाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने चिन्हित क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियां लगाने की योजना बनाई है ताकि प्रदेश में इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने वन अधिकारियों को पौधरोपण की निगरानी और उत्तरजीविता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार के इस विस्तृत दृष्टिकोण से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलने के साथ-साथ प्रदेश का सतत् विकास भी सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान यहां के विविध पारिस्थितिकीय तंत्रों से है। प्रदेश में शिवालिक, पश्चिमी हिमालय और ट्रांस-हिमालयी क्षेत्रों के साथ-साथ ट्रांस-हिमालयी और हिमालयी जैव-भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं। सरकार प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण तथा प्रदेश के हरित भू-भाग को बढ़ाने की दिशा में ठोस एवं अग्रगामी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षित कर, उन्हें स्वच्छ प्राकृतिक विरासत देने में 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ मील पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बरसात के दौरान पौधरोपण गतिविधियों के लिए आवंटित धन का प्रभावी उपयोग तथा इस योजना की सफलता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन संगठित प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल अपने वन क्षेत्र को बढ़ाकर हरित भविष्य की परिकल्पना को साकार करते हुए अन्य राज्यों के समक्ष एक उदाहरण स्थापित करेगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। आज जारी एक प्रेस वक्तव्य में दोनों नेताओं ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक होते रहे, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने आंखें मूंदे रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान पैसे लेकर चुनिंदा व्यक्तियों को पेपर बेचे जाते रहे और यह गोरखधंधा बेरोकटोक जारी रहा। उन्होंने कहा कि आज जितनी भी परीक्षाओं के परिणाम लटके हुए हैं, उनके लिए जय राम ठाकुर जिम्मेदार हैं। यही नहीं पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला भी पूर्व भाजपा सरकार की देन है और मुख्यमंत्री रहते हुए जय राम ठाकुर ने किसी भी दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने उन पोस्ट कोड के परीक्षा परिणाम निकालने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, जो विजिलेंस जांच के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भर्तियों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं और अन्य के परिणाम भी शीघ्र घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के साथ भी उठाया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई सके। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर वर्तमान अब वर्तमान सरकार के छह माह के कार्यकाल पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। जबकि वर्तमान सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठा रही है। अनिरूद्ध सिंह तथा आशीष बुटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा विभाग में कैबिनेट ने लगभग छह हजार अध्यापकों के पद भरने को स्वीकृति प्रदान की है और अन्य विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में सरकारी क्षेत्र में और पद भी सृजित किए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सुनिश्चित हो सकें।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू 6 से 10 जुलाई तक जिला हमीरपुर का दौरा करेंगे और इस अवसर पर जनता की शिकायतें सुनने के अलावा जिले में विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने इस वर्ष मई माह के दौरान कांगड़ा जिला का 10 दिवसीय दौरा किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नादौन में 6.54 करोड़ रुपये की लागत के जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह और 17.22 करोड़ रुपए के बहुउद्देशीय हॉल का शिलान्यास करेंगे। वह नादौन में 6 जुलाई को मिनी सचिवालय परिसर का लोकार्पण भी करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री 7 जुलाई को जल जीवन मिशन के तहत 24 करोड़ रुपये के ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति भवन, धनेटा का शिलान्यास करेंगे। वह अखिल भारतीय राफ्टिंग मैराथन के शुरुआती बिंदु का निरीक्षण करने के अलावा मौलाघाट में इलेक्ट्रिक बस डिपो और हेलीपैड स्थल का भी दौरा करेंगे।
उप मुख्यमंत्राी मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश की महत्वकांक्षी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति का मामला केंद्र से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिना सिंह परियोजना, सुखाहार परियोजना एंव वीत एरिया सिंचाई योजनाओं पर प्रदेश के खेतों की सिंचाई निर्भर कर रही है। प्रदेश इस समय सिंचाई में राष्ट्रीय औसत से नीचे चल रहा है। इसलिए केंद्र से सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी का आग्रह किया जाएगा। यह बात मुकेश अग्निहोत्री ने कृषि मंाी चंद्र कुमार से मुलाकात के बाद कही। चंद्र कुमार ने उप मुख्यमंत्री से आठ सालों से लटकी सुखाहार योजना को विशेष तरजीह देने की वकालत की। सिंचाई योजनाओं परचंद्र कुमार ने अपने तर्क देते हुए निचले इलाकों में खेतों तक पानी पहुंचाने के मास्टर प्लान पर काम करने की वकालत की। उधर, मुकेश अग्निहोत्री ने दलील दी की केंद्र सभी योजनाएं नब्बे-दस के अनुपात में मंजूर करे। उन्होंने कहा कि बीबीएनबी से पानी उठाने की केन्द्र द्वारा शर्त हटाने का फायदा तभी होगा जब बडी योजनाओं को केन्द्र मंजूर करेगा। दलील दी कि सुखाहार योजना की पुरानी कीमत 153 करोड़ थी जबकि संषोधित मूल्य 220 करोड़ के आसपास पहुंच गया है। उन्होंने चंद्र कुमार को भरोसा दिया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निवेश मंजूरी समिति की बैठक 17 जुलाई को होगी। उसके एजेंडे में इस योजना को भी रखा जाएगा। इसी तरह फीना सिंह परियोजना अधर में लटकी हुई है। इसकी प्रस्तावित कीमत 643 करोड़ है जिस पर 300 करोड़ रूपए राज्य खर्च चुका है। केंद्र के प्रोजेक्ट मंजूर करने की कमेटी की बैठक 10 जुलाई को है। उन्होंने कहा कि यह एजेण्डे में शामिल है और केंद्र को इसमें हिमाचल की मद्द करनी चाहिए। वैसे भी केन्द्र के नियमों में भी शामिल है कि जिस योजना पर 50 फीसद राज्य खर्च कर लेगा उसमें बकाया राशि केंद्र देगा इसलिए केंद्र को 313 करोड रूपए जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊना जिला की वीत क्षेत्र 75 करोड़ सिंचाई योजना एंव कुटलैहड़ के भरमौती से 46 करोड़ रूपए सिंचाई उपलब्ध करवाने की योजना मंजूर करने के लिए भी केंद्र से पत्राचार किया जा रहा है।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग ठाकुर एक दिवसीय दौरे पर ऊना पहुंचे। अनुराग गगरेट स्थित पांवढ़ा में कंदवाड़ी के स्वामी अमरज्योति के गौशाला पहुंचे व 108 फुट लंबे राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण व निर्माणाधीन शूटिंग रेंज का अवलोकन किया। अनुराग ने कहा कि विकास ही हमारी प्राथमिकता है और मोदी सरकार ने ऊना को सौग़ातें देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री ने देश की चौथी वंदे भारत ट्रेन की सौगात हिमाचल को दी, जिसके शुभारंभ के लिए ख़ुद वे ऊना आए थे। हिमाचल में अब हिंदुस्तान की सबसे आधुनिक ट्रेन भाजपा के कारण ही चल पड़ी है। हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं का विस्तार हो, हिमाचल को कनेक्टिविटी से जुड़ी कोई समस्या ना हो इसके लिए मोदी सरकार नई ट्रेनें चलाने से लेकर ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इत्यादि पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 - 24 के लिए हिमाचल प्रदेश में रेलवे विस्तार के लिए 1838 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन के लिए 1000 करोड़ ,चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन को 450 करोड़ रुपये , नंगल- तलवाड़ा रेल लाइन के लिए 452 करोड़ रुपए वर्ष 2023-24 के बजट में मंज़ूर किए गये हैं। रेल विस्तार के लिए 1838 करोड़ की यह मंज़ूरी यूपीए शासन काल के वर्ष 2009 - 2014 से 17 गुना ज्यादा है । वर्तमान में प्रदेश में 19556 करोड़ से 258 किलोमीटर की 4 परियोजनाओं पर काम जारी है। अनुराग ने कहा कि गौ संरक्षण व संवर्धन व विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए विख्यात श्रद्धेय गुरु योगीराज अमर ज्योति के गौशाला का अवलोकन गौसेवा कर अभिभूत हूं। यहां वर्तमान में 125 से अधिक गायों का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है। देश विदेश में इस स्तर का संस्थान, खास तौर पर गायों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य अत्यंत सराहनीय है। हिमाचल प्रदेश व देश भर में आने वाली पीढ़ियां सदैव गुरुदेव की आभारी रहेंगी और इससे प्रेरणा ले जीवन को बड़े स्तर पर जीने का तरीका सीखेंगी। अनुराग ने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र के ऊना ज़िले के गगरेट विधानसभा में वर्षों से मांग थी कि यहां के लोहारली खड्ड पर 500 मीटर लंबे डबल लेन की मंजूरी, दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन का लोकार्पण, अम्ब रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन का विधुतीकरण व फुटओवर ब्रिज का विस्तार, उना रेलवे स्टेशन पर दूसरे प्लेटफ़ॉर्म एवं फुटओवर ब्रिज की मंज़ूरी, पुराने का का विस्तार, नई रेलगड़ियां की मंज़ूरी व चुरारू तकराला अंबाला कैंट-दौलतपुर चौक पैसेंजर स्पेशल ट्रेन व रायमेहतपुर सहारनपुर-ऊना हिमाचल पैसेंजर एक्सप्रेस का ट्रेन समेत प्रमुख गाड़ियों का स्टापेज 500 करोड़ से जिला उना में पीजीआई सेंटर, 200 करोड़ से सलोह में ट्रिपल आईटी का निर्माण कर क्लासेज कराना, जीतपुर बेहड़ी में एथनॉल प्लांट की स्वीकृति कराना ऊना समेत पूरे हिमाचल के लिए मोदी सरकार की ओर से बड़ा तोहफ़ा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक का राजेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य सुशील कालिया सहित अन्य भाजपा के नेता उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह स्थित हिमगिरी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में अंडर-14 खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ करने के लिए दो मुख्य अतिथि पहुंच गए। इससे समारोह स्थल पर जमकर हंगामा हुआ। दरअसल खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ के लिए स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने चुराह विधायक व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया था, जबकि स्कूल प्रधानाचार्य की ओर से कांग्रेस नेता यशवंत सिंह खन्ना को मुख्य अतिथि बनाया गया था। ऐसे में जब दोनों प्रतियोगिता का शुभारंभ करने पहुंचे तो हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान हंसराज के समर्थकों ने मौके पर नारेबाजी की। इस बीच दोनों के समर्थकों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। काफी देर तक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। आखिरकार हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच चुराह विधायक नाराज होकर अपने समर्थकों संग कार्यक्रम से लौट गए। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों का भी कांग्रेसीकरण करने के आरोप लगाए। सवाल ये भी उठ रहे हैं कि स्कूल प्रबंधन की ओर से दो नेताओं को मुख्यातिथि क्यों बनाया गया, जिससे हंगामा खड़ा हो गया।
हिमाचल जैसी कठिन भूगौलिक परिस्थितियों में किसानों तथा बागबानों की आमदनी बढ़ाने के लिहाज से ड्रोन तकनीक काफी मददगार साबित होगी। कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की मदद से मौसम का सही पूर्वानुमान, सिंचाई की बेहतर सुविधा, कीटनाशकों का प्रभावी छिड़काव, फसल के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की जा सकती है। यह उद्गार कृषि एवं पशु पालन विभाग मंत्री प्रोफेसर चौधरी चंद्र कुमार ने मंगलवार को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के सभागार में दो दिवसीय ड्रोन उत्सव के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इससे पहले मुख्यातिथि प्रोफेसर चंद्र कुमार ने ड्रोन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक का युग है और वर्तमान समय में तकनीक तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बहुत परिवर्तन आए हैं इसको ध्यान में रखते हुए कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को अनुसंधान कार्यों पर जोर देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान एवं शोध को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाने के लिए भी सार्थक कदम उठाने चाहिए ताकि किसान लाभांिवत हो सकें। चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने राज्य में ड्रोन तकनीक को अपनाने पर जोर दिया है और पालमपुर में ड्रोन उत्सव इस दिशा में कारगर सिद्ध होगा उन्होंने कहा कि शाहपुर आईटीआई में ड्रोन प्रशिक्षण आरंभ किया गया है और आने वाले समय में प्रदेश के 11 अन्य आईटीआई में ड्रोन मैकेनिक इत्यादि कोर्स आरंभ करने का प्रावधान किया गया है उन्होंने कहा कि पुलिस ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुचारू बनाए हैं। इससे पहले मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा एवं शहरी विकास आशीष बुटेल ने कहा कहा कि प्रदेश में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल का लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक की शुरुआत पालमपुर नगर निगम की मैपिंग एवं अन्य विकास कार्य में की जाए। उन्होंने किसान और बागवानों को कीटनाशक छिड़काव एवं बीज इत्यादि लगाने के लिए क्लस्टर बनाकर ड्रोन उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।
आगामी लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आज मंगलवार को निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी देहरा शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम देहरा ने कहा की 21 जुलाई से 21 अगस्त तक सभी बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य किया जाएगा। इस दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जायेंगे तथा जिन मतदाताओं का स्थानांतरण या मृत्यु हो चुकी है उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अगस्त माह के दौरान सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन नोडल अधिकारियों के माध्यम से करवाया जाएगा। 17 अक्टूबर 2023 को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा तथा 17 अक्टूबर 2023 से 30 नवंबर 2023 तक सभी मतदान केंद्रों पर दावे तथा आक्षेप दाखिल किए जा सकेंगे । मतदान सूचियों का अंतिम प्रकाशन 5 जनवरी 2024 को किया जाएगा।
कोठी पंचायत के लोगों को जब से गंबर खड्ड से पानी दिया जा रहा है तभी से पानी की समस्या बनी हुई है। लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल रहा है। विभाग से इस समस्या के हल के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, पर समस्या का कोई हल नहीं हो रहा है। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनि राम तनवर ने अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग मंडल अर्की को एक पत्र के माध्यम समस्या हल करने की मांग करते हुए कहा है कि कुनिहार की कोठी पंचायत में 4-5 दिनों से लोगों को पेयजल प्राप्त नहीं हो रहा है। आश्चर्य की बात है कि भरी बरसात में भी लोगों को पेयजल की समस्या लगातार चली आ रही है। कभी कहा जाता है कि ट्रांसफार्मर जल गया, कभी कहा जाता है मशीन खराब हो गई। उन्होंने कहा है कि जब से गंबर खड्ड से पेयजल योजना बनाई गई है, तभी से लगातार कभी भी पानी की समस्या सुचारू नहीं हुई है। उन्होंने विभाग के अधिशासी अभियंता से समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई है। वहीं, इस बारे जब विभाग के सहायक अभियंता प्रवेश ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकारा की समस्या है और इसके स्थायी समाधान के लिए विभाग कार्य कर रहा है। जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगों तथा कैंपस व हॉस्टल के मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन की मुख्य मांगे थीं कि यूजी व पीजी के परीक्षा परिणाम को जल्द घोषित किया जाए। विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम को जल्द सुदृढ़ किया जाए। विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था की जाए व नियमित रूप से सफाई की जाए। विश्वविद्यालय में नए हॉस्टलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा दी जाए। हॉस्टलों में खाने की गुणवत्ता को बढ़ाया जाए। सभी छात्रावासों को 24 घंटे खुला रखा जाए। छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं। धरने-प्रदर्शन को शुरू करते हुए कामरेड आशा जिंटा सभी बिंदुओं पर भूमिका बांधी तथा कन्या छात्रावासों में आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया।
प्रदेश कांग्रेस पार्टी के सचिव एवं मीडिया को-ऑर्डिनेटर पुनीत मल्ली ने भाजपा नेता विपिन परमार व त्रिलोक कपूर पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार पर टिप्पणी करने की बजाए व केंद्र की मोदी सरकार से देश में बढ़ रही महंगाई के बारे में सवाल करें। पुनीत मल्ली ने कहा कि आज राशन व सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, गैस की कीमतों में लगातार बढोतरी हो रही है, गरीब व मध्यवर्ग आदमी रोटी के लिए भटक रहा है, जबकि भाजपा नेता घटिया ब्यान बाजी कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इस बात को भली भांति जानती है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान विपन सिंह परमार को स्वास्थ्य मंत्री पद से क्यों हटाया गया था। उन्होंने कहा त्रिलोक कपूर जो पालमपुर से बुरी तरह चुनाव हारे उन्हे भी इस बात का ज्ञान कर लेना चाहिए जनता ने उन्हे जीत क्यों नही दिलाई। मल्ली ने कहा कि हिमाचल के बाद केंद्र में भी परिवर्तन की लहर चल चुकी है। केंद्र में मोदी सरकार अब चंद दिनों की मेहमान है, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने देश की जनता की भावनाओं के साथ खिलबाड़ किया है। उन्होंने कहा कि जयराम ने पांच सालों तक विकास के नाम पर लोगों को मुर्ख बनाया, जिसका सबक जनता ने भाजपा को दे दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत प्रदेश में विकास को गति दी है। प्रदेश आर्थिक रुप से मजबूत कैसे हो इस पर कार्य किया जा रहा है। जनता के हक्कों को सुरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंद दिनों में ही जो सौगातें जिला कांगड़ा को दी हैं वे पूर्व भाजपा की सरकार पांच सालों में भी नही दे पाई, जो कि ब्यानबाजी करने वाले ऐसे भाजपा नेताओं के लिए यह शर्म की बात है। पुनीत मल्ली ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा चारो खाने चित होगी तथा केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
मंडी जिला के अतिरिक्त सत्र न्यायालय एवं विशेष न्यायालय सुंदरनगर ने 2.369 किलोग्राम चरस बरामदगी मामले में तीन दोषीयों को 12-12 साल का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं न्यायालय ने जुर्माना अदा ना करने की सूरत में दोषियों को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायालय एवं विशेष न्यायालय सुंदरनगर पंकज शर्मा के न्यायालय में विचाराधीन मामले में दोषी कुलदीप कौशिक पुत्र भगवान निवासी बसंत बिहार लाढीत रोड रोहतक हरियाणा, लतिल उर्फ शिव नाथ पुत्र देवानन्द गांव गॅसवाला तहसील सदर गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा और प्रेम सिहं पुत्र हुकमी राम गांव फगवाणा तहसील सैंज जिला कुल्लु हिमाचल प्रदेश को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत 12-12 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये की सजा सुनाई है। पंजाब रोडवेज की बस से बरामद हुई थी चरस उप जिला न्यायवादी सुंदरनगर विनय वर्मा ने कहा कि वर्ष 2019 में पुलिस थाना सुंदरनगर की टीम नेशनल हाईवे-21 चंडीगढ़-मनाली पर स्थित पुंघ में मौजूद थी। इसी दौरान सुंदरनगर की तरफ से पंजाब रोडवेज की बस नंबर पीबी-65-एडी-1201 की चेकिंग के दौरान दोषी कुलदीप कौशिक के पि_ू बैग से 2.369 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इस पर पुलिस थाना सुंदरनगर ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा मामले में तफतीश के दौरान पाया गया कि दोषी कुलदीप कौशिक और ललित ऊर्फ शिव नाथ को प्रेम सिंह ने यह चरस भुंतर के रोपा से खरीदी थी। इस बात की पुष्टि पुलिस द्वारा दोषियों की कॉल डिटेल तथा लोकेशन खगांलने के बाद हुई थी। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में 25 गवाहों के ब्यान दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्पेशल जज सुंदरनगर के न्यायालय ने आरोपी कुलदीप कौशिक, ललित उर्फ शिव नाथ तथा प्रेम सिंह को 12 साल का कठोर कारावास तथा 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
चंबा शहर के पुराना बस अड्डा पार्किंग स्थल में मनमाने तरीके से पार्किंग शुल्क वसूले जाने की शिकायत पर विजिलेंस विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दबिश दी। टीम ने पार्किंग स्थल पर मौजूद कर्मचारी से पार्किंग शुल्क से पूछताछ करने के साथ वाहन पार्किंग की काटी गई रसीदों सहित अन्य रिकार्ड को भी कब्जे में लिया। इस मामले में अब जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई विजिलेंस विभाग के एएसपी अभिमन्यु वर्मा की अगवाई में अमल में लाई गई। बताते चलें कि चंबा शहर के पुराने बस अड्डे को परिवहन निगम ने वाहन पार्किंग के लिए ठेकेदार को ठेके पर दिया हुआ है। इस पार्किंग स्थल में बाकायदा घंटों के हिसाब से वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां पर वाहन चालकों से पार्किंग के मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतें काफी समय से विजिलेंस विभाग को मिल रही थी। इन शिकायतों के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है। उधर, विजिलेंस विभाग के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पार्किंग स्थल का रिकार्ड कब्जे में लेने के साथ ही परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से पार्किंग नीलामी की कॉपी सहित अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 5 जुलाई को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे पांच करोड़ की लागत से बनने वाले मॉडर्न पुलिस थाना शाहपुर के भवन का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर आज सोमवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह शाहपुर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने यह बात कही। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि यह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का पहला आधिकारिक कार्यक्रम है। उन्होंने विभागों के अधिकारियों को इसे सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे इसके लिए सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी के तहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
सिरमौर में बाल संरक्षण गृह में रह रहे 23 अनाथ तथा अर्ध अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत अनेक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उपायुक्त ने बताया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2023- 24 की कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा की गई तथा निदेशालय महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश को भेजने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके अंतर्गत जरूरत मंद एवं देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों विशेषकर अनाथ बच्चों को विभिन्न प्रकार की आधुनिक एवं विशिष्ट सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए प्रति बच्चा 1000 रुपये अतिरिक्त फंड दिए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त बच्चों को प्रति माह भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये का धन उपलब्ध करवाने का भी अनुमोदन प्रदान किया गया, जिससे बच्चों को प्रत्येक माह माता बाला सुंदरी मंदिर, श्री रेणुका जी मंदिर, सुकेती फॅासिल पार्क, माता भंगायनी मंदिर हरिपुरधार इत्यादि पर्यटन स्थलों तथा स्थानीय बाजार में भ्रमण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के मनोबल, आत्मविश्वास, प्रतिबद्धता को बढ़ाने के लिए समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति जिनमें उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, पुलिस अधिकारी व अन्य अधिकारी समय-समय पर बतौर मार्गदर्शक के रूप में अपना ज्ञान व अनुभव सांझा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे का जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ एक संयुक्त खाता खोला जाएगा जिसमें 14 वर्ष तक के बच्चे के खाते में प्रति माह 1000 रूपये, 15 से 18 वर्ष के बच्चों के खाते में 2500 तथा एकल नारी के खाते में 2500 रूपये जमा करवाए जाएंगे जिसके लिए समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। उपायुक्त ने बताया कि बैठक में यह भी अनुमोदित किया गया इन बच्चों को प्रति वर्ष अन्य राज्यों में 15 दिनों का शिक्षण भ्रमण करवाया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बच्चों का प्रति माह स्वास्थ्य जांच की जाए। एलईडी,स्पोर्ट्स किट , टेबल टेनिस इत्यादि सामान उपलब्ध करवाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोम दत्त, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रमा रेटका, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सिरमौर अभयकांत अग्रवाल, श्रम अधिकारी जतिन्दर बिंद्रा, बाल संरक्षण अधिकारी सोहन पुंडीर, जिला समन्वयक कौशल विकास निगम मोनिका ठाकुर सहित,, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बैठक मेें उपस्थित रहे।
2013 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह को एसपी सोलन जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार देर शाम मुख्य सचिव प्रभोद सक्सेना द्वारा इस बावत अधिसूचना जारी की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। बता दें कि सोलन में एसपी के पद पर तैनात आईपीएस वीरेंद्र शर्मा 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा को कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। सोमवार को सुक्खू सरकार द्वारा आईपीएस गौरव सिंह के तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कटिबद्ध है, ताकि ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों को घर द्वार पर बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध हो सके। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मशीवर के सेर चिराग गांव में 25 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित पशु औषधालय भवन तथा 03 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय माध्यमिक पाठशाला रांवी बस्सी के स्कूल मैदान का लोकार्पण करने के उपरांत रांवी बसी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रयासरत है। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग विद्यालयों के माध्यम से जहां ग्राम स्तर पर बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने का कार्य होगा वहीं तकनीकी शिक्षा में उन पाठ्यक्रमों को जोड़ा गया है जो रोज़गार परक होने के साथ-साथ युवाओं की आर्थिकी को भी मज़बूत करेंगे। सरकार भविष्य की तकनीक अपनाने पर बल दे रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि विकास एक सतत् प्रक्रिया है और निरंतरता से ही विकास से जन-जन लाभान्वित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आर्थिकी में कृषि एवं दुग्ध उत्पादन का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही हिम गंगा योजना आरम्भ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 'हिम गंगाÓ योजना के कार्यान्वयन पर 500 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत पशुपालकों को दूध का वास्तविक मूल्य दिया जाएगा और दुग्ध खरीद तथा विपणन की व्यवस्था में व्यापक सुधार लाया जाएगा। श्रम एवं रोज़गार मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश में राजनीति से ऊपर उठ कर विकास को तरजीह दी है। कांग्रेस पार्टी ने गांवों के विकास और लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकास कार्यों का निष्पादन पूरी गुणवत्ता तथा समयबद्धता से सुनिश्चित बनाया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकास की दृष्टि से सोलन विधानसभा क्षेत्र का एक विशेष स्थान है। विधानसभा क्षेत्र को शिखर पर ले जाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों के सुधारीकरण पर बल दिया जाएगा ताकि क्षेत्र के किसानों बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए। डॉ. शांडिल द्वारा इस अवसर पर राजकीय माध्यमिक पाठशाला रांवी बस्सी के परिसर में चारदीवारी के लिए 02 लाख रुपये, गेट निर्माण के लिए 02 लाख रुपये, कोटला में मेले के आयोजन के लिए मैदान निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में 03 लाख रुपये, सामुदायिक भवन सेर चिराग के लिए प्रथम किश्त के रूप में 03 लाख रुपये, रांवी बस्सी सड़क को पक्का करने के लिए 02 लाख रुपये तथा संपर्क मार्ग शील शमलोग से फागो गांव तक पक्का रास्ता बनाने के लिए 02 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में राजकीय माध्यमिक पाठशाला रांवी बस्सी के स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृति कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि ने स्कूल के बच्चों को सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 5100 रुपये की राशि देने की घोषणा की।
देहरा में एक महिला डॉक्टर का पीछा करके उसे तंग करने के अरोप में एक शिक्षक को सलाखों के पीछे धकेला गया है। पीड़ित महिला डॉक्टर की शिकायत पर देहरा पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। कहा जा रहा है उपरोक्त शिक्षक लंबे समय से बेवजह पीछा करके बह महिला डॉक्टर को तंग करता आ रहा था, लेकिन सोमवार को हद उस वक्त हो गई जब उपरोक्त शिक्षक महिला डॉक्टर के संस्थान पर पहुंच गया, जिससे वहां अचानक हंगामा खड़ा हो गया पीड़ित महिला डाकटर व अन्य लोगो ने तुरंत इस बात की सूचना पूलिश थाना को दी और पुलिस ने एन मौके पर पहुंच कर उपरोक्त शिक्षक को गिरफ्तार किया। आरोपी सरकारी स्कूल में शिक्षक है व शादीशुदा बताया जा रहा है। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि अरोपी टीचर बिगत कई दिनो से लगातार महिला डॉक्टर का पीछा करके तंग करता आ रहा था। तंग करने के आरोप में शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उसे अरेस्ट किया गया है। मामले में छानबीन की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ करती दिखाई दे रही है। हिमाचल प्रदेश का बागवान पिछले 6 महीने से चिल्ला-चिल्लाकर यूनिवर्सल कॉर्टन की मांग कर रहा है, परंतु सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। भाजपा नेता ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री चिंतित है और न ही उप मुख्यमंत्री और आज जब बागवानी मंत्री पराला सेब मंडी में पहुंचे तो बागवानों ने सरकार के फैंसले की कलई खोल कर रख दी। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने निर्णय किया कि पेटी 24 किलो की होगी। उनको यह ध्यान नहीं आया कि बागवान अपने बगीचे में कंडा कहां से लाएगा, कहां से तोलेगा और इससे 24 किलो का जो दुष्परिणाम है वह इस कदर पहुंचा कि बाजार में 2 किलो सेब की कटौती शुरू हो गई जिसके कारण बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेटी में 2 किलो की कटौती किस नियम के तहत की जा रही है, इसकी जानकारी सरकार द्वारा बागवानों के सामने रखी जानी चाहिए। सेब किलो के हिसाब से बेचा जाए इसमे बागवान को कोई आपत्ति नही है। सेब के प्रत्येक दाने का उचित दाम बागवान को मिले लेकिन 24 किलो का वजन ही क्यों ? यह एक बड़ा सवाल आज बागवानों के मन में उठ रहा है। भार तोलने की मशीन की हर बागवान को आवश्यकता रहेगी। जिसकी किमत मार्केट में 8000 से 15000 रुपये तक है। क्या सरकार सभी बागवानों को ये मशीनें उपलब्ध करवाने में सक्षम है ? सरकार इसका भी जवाब दे। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक गणना के अनुसार जिस बागवान के 1000 पेटी सेब होती है, अब उस बागवान को 24 किलो वजन के कारण लगभग 1250 से 1300 तक पेटियां भरनी पड़ेगी। मतलब कि बागवान को 250 से 300 पेटियां अतिरिक्त भरनी पड़ेगी। इससे होगा क्या, इससे बागवान का खर्चा बढ़ेगा, जैसे खाली कार्टन, उसके अंदर लगने वाला ट्रे, सेप्रेटर आदि मैटीरियल, लेबर कॉस्ट, कैरिज, ट्रांसपोर्ट इत्यादि। ऐसे में इससे बागवान को लाभ के बजाय उल्टा नुकसान हो रहा है। दुसरा बागवान ने 24 किलो पेटी के हिसाब से सेब मंडी तक पहुंचाया भी, तो क्या माप-तोल पर दोनों पक्षों की सहमति बन पाएगी ? नही बन पाएगी वो इसलिए क्योकि 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है। रणधीर शर्मा ने कहा कि आज बागवानों ने कृषि मंत्री के पसीने छुड़वा दिए। उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर बागवानों के सेब के वजन को कम नहीं होने देगी। भारतीय जनता पार्टी सरकार से मांग करती है कि वो इस विषय के उपर निर्णय करें और जहां वजन में कटौती हो रही है उसका समाधान करे। रणधीर शर्मा ने मंत्री चंद्र कुमार से पूछे प्रश्न 1. क्या एपीएमसी एक्ट 2005 लागु होगा? 2. दो किलो की कटौती किस नियम के तहत की जा रही है 3. भार तोल की मशीने सरकार बागवानो को उपलब्ध करवाएगी 4. जब यूनिवर्सल कार्टन माकेर्ट में नही है तो 24 किलो की ही बंदिश क्यो रणधीर शर्मा में कहा कि सेब सीजन चरम पर है पर अभी तक लिंक रोड और रोड की हालत खस्ता है। सरकार कब इन सड़कों को दुरुस्त करेगी और हिमाचल के बागबानों को राहत पहुंचाने का कार्य करेगी। इन रस्तों की हालत खस्ता होने के कारण हिमाचल के बागवानों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विदेश से वकालत की पढ़ाई कर लौटी आस्था अग्निहोत्री ने सीधे हरोली क्षेत्र में अपने जनसंपर्क को बढ़ाया और पिता मुकेश अग्निहोत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ी। इसी बीच एडवोकेट आस्था अग्निहोत्री में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कानून विभाग में पीएचडी के लिए दाखिला लिया और पढ़ाई शुरू की। आस्था अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुनील देषटा के मार्गदर्शन में लगातार मेहनत की और अपने विषय इंटरनेशनल हुमेटेरियन लॉ एंड द चैलेंजिस ऑफ न्यू टेक्नोलॉजी इन आर्म्ड कनफ्लिक्ट ए क्रिटिकल एनालिसिस पर लगातार रीसर्च की और बेहतरीन खोज कर तर्कसंगत थीसिस लिखने का काम किया आस्था अग्निहोत्री ने चुनौतीपूर्ण विषय चुना और कर्मठता के साथ इस विषय पर काम करते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई को पूरा किया। आस्था ने डॉक्टर इन फिलासफी इन लॉ विभाग में मार्गदर्शक गाइड डॉक्टर सुनील देष्टा जोकि वरिष्ठ प्रोफेसर है हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में के उनके सफल मार्गदर्शन में अपने थीसिस को पूरा किया और पढ़ाई को पूरा करने के उपरांत अपने थिसज विश्वविद्यालय में सीमिट करवाएं और विधिवत रूप से अब आस्था अग्निहोत्री एडवोकेट डॉक्टर आस्था अग्निहोत्री बन गई है, उनके नाम के साथ अब डॉक्टर जोड़ दिया गया है ,उनकी पढ़ाई पूरी हो गई है। अब केवल विश्वविद्यालय की ओर से उनके पीएचडी होने की नोटिफिकेशन होनी है ।बता दें कि डॉक्टर सुनील देषटा के मार्गदर्शन में आस्था अग्निहोत्री ने कड़ी मेहनत करते हुए 302 पेज का थिसीज लिखा है ,जिसमें 7 चैप्टर है और इसमें आधुनिक हथियार ,साइबर, आर्म्ड कनफ्लिक्ट्स इन सब विषयों पर तर्कसंगत विचार रखे गए हैं ,जहां इनकी बेहतरीन बातों को रखा गया है वही क्या कमियां है क्या सुधार हो सकता है इन विषयों को भी रखा गया है । डॉ. आस्था अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके मार्गदर्शक सुनील देष्टा ने बेहतरीन गाइड किया और कठिन विषय पर मैं अच्छा प्रदर्शन उम्मीदों के अनुसार कर पाई हूं। उन्होंने कहा कि सफलता का श्रेय माता-पिता को है ।उन्होंने कहा कि पिता मुकेश अग्निहोत्री राजनीति में रहते हुए भी उन्हें प्रेरित करते हैं और माता सिमी अग्निहोत्री प्रोफेसर है तो बेहतर गाइड करने का काम करती हैं । वही हिमाचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुनील देषटा ने कहा कि आस्था अग्निहोत्री ने बेहतरीन काम किया है ,मन लगाकर के पढ़ाई की है और 7 चैप्टर में बहुत अच्छा लिखा है, बेहतर खोज की है । उन्होंने आस्था अग्निहोत्री को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को पर्यटन राज्य के रूप से विकसित करने के लिए सरकार वचनबद्ध है। राम कुमार ने कहा कि दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सौडी में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सौडी के स्थानीय लोगों का मानना है कि सौडी के वनों में अज्ञातवास के दौरान महाबली भीम यहां आए थे और उन्होंने यहां से छलांग लगाई थी। मान्यता है कि इसी कारण उनके दाए पांव का निशान यहां चट्टान पर छपा है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि यह क्षेत्र दून विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में है तथा बहुत खूबसूरत व रमणीक स्थल है। क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बद्दी से यहां तक डबल लेन मार्ग बना हुआ है। भौगोलिक दृष्टि और कम लागत से यहां बेहतर अधोसंरचना विकसित की जा सकती है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सौडी के प्रधान पवन कुमार सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
राज्य विद्युत परिषद पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक का सोमवार को आयोजन इकाई अध्यक्ष रत्न तनवर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में इकाई महासचिव रमेश कश्यप ने बोर्ड की गतिविधियों के बारे में सदस्यों को अवगत करवाया। उसके बाद अध्यक्ष ई. रत्न तनवर ने बोर्ड के अकाउंटस विंग द्वारा 31.12.2015 के बाद रिटायर्ड कर्मचारियों की डेढ़ वर्ष बाद भी पे फिक्शेसन न करने में उदासीन रवैया अपनाने व बोर्ड प्रबंधकों द्वारा उन पर पकड़ न होने के कारण हो रही देरी व असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार झेल रहा रिटायर्ड कर्मी बोर्ड की ओर अपना पे स्केल व डीपी का एरियर के लिए देख रहा है। इसके अलावा मांग की गई कि बोर्ड एरियर का भुगतान तत्काल रूप से एकमुश्त करे, ताकि पेंशनर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बिना चिंता के कर सकं। सदस्यों ने बोर्ड से आग्रह किया कि फिक्सड मेडिकल भत्ते की ऑप्शन के लिए रिटायर्ड कर्मचारियों को एक मौका प्रदान किया जाए, ताकि लोग अपनी ऑप्शन को रिवाइज कर सकें। साथ ही सेवारत कर्मचारियों की तरह पेंशनर्स को भी उनकी दी गई सेवाओं के सम्मान में विद्युत भत्ता प्रदान किया जाए।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जो सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृव में चल रही है, इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलग दावे हैं और मंत्रियों के अलग दावे हैं। मुख्यमंत्री कहते है कि हम 97 प्रतिशत हिंदु आबादी वाले प्रदेश में हिंदुवादी भाजपा को हराकर सत्ता में आए हैं। इसके जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य कहते है कि मेरे से बड़ा कोई हिन्दू नहीं है परन्तु मुख्यमंत्री अपने बयान पर कायम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज देशभर में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए बहस छिड़ी हुई है। इस बहस में लोक निर्माण मंत्री कहते हैं कि समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए और आज कांग्रेस पार्टी के वयोवृद्ध नेता चौधरी चंद्र कुमार ने बयान दिया है कि समान नागरिक संहिता कानून की कोई जरूरत नहीं है। उन्होनें यहां तक कह दिया कि विक्रमादित्य जो कह रहे हैं वो न तो सरकार का मत है और न ही कांग्रेस पार्टी का मत है। डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि वह स्पष्ट करे कि वो समान नागरिक संहिता के पक्ष में है या विरोध में। उन्होनें यह भी कहा कि वोटों के लालच में कांग्रेस पार्टी समान नागरिक संहिता का विरोध कर रही है और एक-दो लोगों को इस काम पर लगाया हुआ है कि वे विषय को विषयांतर करते रहे। अत: हिमाचल की जनता के सामने यह स्पष्ट रूप से आना चाहिए कि समान नागरिक संहिता कानून के बारे में सरकार का अधिकारिक मत क्या है और कांग्रेस का अधिकारिक मत क्या है।
पर्यटन राजधानी कांगड़ा में टूरिज़्म से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति और वर्तमान स्थिति जानने के उद्देश्य से आज सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। प्रधान सचिव टूरिज़्म देवेश कुमार शिमला से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इससे जुड़े। इस दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान और सहायक आयुक्त सुभाष गौतम ने जिले में पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट्स का ब्योरा देते हुए बताया कि जिले में टूरिज़्म से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। इन परियोजनाओं पर हो रहा कार्य उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिले में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारिकरण, धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर, बनखंडी में जूलॉजिकल पार्क, नगरोटा बगवां में ओल्ड एज वेलनेस रिजॉर्ट एवं हाई एंड फाउंटेन, नरघोटा में प्रस्तावित टूरिज्म विलेज, आइस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स मैदान, जिले मे बन रहे तथा प्रस्तावित आईटी पार्क, गग्गल में प्रस्तावित एयरो सिटी, धर्मशाला में धौलाधार बायोडायवर्सिटी पार्क, पालमपुर के मैंझा में वैडिंग रिसॉर्ट, हेलीपोर्ट निर्माण तथा पौंग में पर्यटन व साहसिक खेल गतिविधियों समेत अन्य विकास परियोजनाओं के निर्माण को लेकर कार्य किया जा रहा है। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया में लाई जा रही तेजी: डीसी उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कईं परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि को संबंधित विभागों के नाम करवाने की प्रक्रिया को आगामी कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। इससे संबंधित सभी औपचारिकताओं पर तेज गति से आगे बढ़ा जा रहा है। एयरपोर्ट विस्तार देगा पर्यटन को पंख, इस हफ्ते फिर आएगी सीडब्ल्यूपीआरएस की टीम डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार पर्यटन राजधानी कांगड़ा में पर्यटन गतिविधियों को नए पंख लगाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारिकरण से संबंधित औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जल और विद्युत अनुसंधान शाला (सी.डब्ल्यू.पी.आर.एस) पुणे की टीम इस सप्ताह दोबारा सर्वेक्षण के लिए यहां आएगी। उन्होंने बताया कि विस्तारिकरण के दौरान भूमि अधिग्रहण, मुआवज़ा आवंटन, पुनर्वास व इससे संबंधित प्रक्रिया को कुश्लतापूर्वक करने के लिए प्रशासन द्वारा एनआईसी के सहयोग से एक साफ्टवेयर भी तैयार किया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आज राजभवन में महाराष्ट्र निवासी संजय मयूरी ने शिष्टाचार भेंट की। दैनिक जीवन में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजय मयूरी महाराष्ट्र से भारत भ्रमण के लिए लगभग 20,000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा के माध्यम से वह पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दे रहे हैं। राज्यपाल ने संजय मयूरी को उनके सार्थक अभियान के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका साहस अन्यों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल के अधिकारों से संबंधित सभी लंबित मुद्दों का सर्वमान्य समाधान निकालने के लिए दृढ़ता से कदम उठा रही है। अरसे से यह मुद्दे लंबित होने के कारण हिमाचल और यहां के लोगों को वांछित लाभ नहीं मिल पाए हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार कार्यभार संभालने के उपरांत से ही राज्य हित से जुड़े मुद्दे विभिन्न मंचों पर केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के साथ उठा रही है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बोर्ड की परियोजनाओं से जल प्राप्त करने की व्यवस्था हिमाचल के हितों की बेहतरीन पैरवी से ही सम्भव हुई है। अब राज्य सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ पर अपने वैध अधिकारों के लिए प्रयास और तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 स्पष्ट रूप से चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश को 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार देता है। प्रदेश को शुरू से ही इस अधिकार से वंचित रखा गया है, जो हिमाचल तथा यहां के लोगों के साथ अन्याय है। अब राज्य सरकार चंडीगढ़ में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी सहित राज्य के सभी वैध अधिकारों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज बुलंद कर रही है। राज्य सरकार ने इस मामले से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। उप-समिति द्वारा विस्तृत चर्चा के उपरांत मंत्रिमण्डल के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। सरकार मंत्रिमंडलीय उप-समिति के निष्कर्षों और सिफारिशों पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली हिस्सेदारी में प्रदेश के बकाया की वसूली के लिए सभी विकल्प तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर, 2011 में प्रदेश में बीबीएमबी की सभी परियोजनाओं में 7.19 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी देने का निर्णय दिया था। वर्तमान में, हिमाचल को अपना हिस्सा तो मिल रहा है, लेकिन राज्य को 13,066 मिलियन यूनिट बिजली का बकाया अभी भी जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा, राज्य ने प्रदेश में स्थापित सभी बीबीएमबी परियोजनाओं में न्यायोचित ढंग से अपनी बिजली हिस्सेदारी बढ़ाने की भी मांग की है, क्योंकि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से ही इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी की बिजली परियोजनाओं से वर्तमान में पंजाब को 51.8 प्रतिशत, हरियाणा को 37.51 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश को केवल 7.19 प्रतिशत बिजली आवंटित होती है। उन्होंने कहा कि भागीदार राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए उदारतापूर्वक हिस्सेदारी बढ़ाने पर विचार किया जाए, क्योंकि इन बिजली परियोजनाओं के निर्माण के कारण प्रदेश के हजारों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और प्रदेश की हजारों हेक्टेयर भूमि भी जलमग्न हो गई थी। उन्होंने इन परियोजनाओं में भागीदार राज्यों के बीच समान वितरण की आवश्यकता पर बल देते हुए दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश की उचित हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है तथा न्याय मिलने तक राज्य के मुद्दों को विभिन्न मंचों पर पूरी शिद्दत से उठाया जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय में बेलेट्रिस्टिक शूलिनी लिटरेचर सोसाइटी द्वारा 'महाराष्ट्र के लोक नृत्य और इसके प्रदर्शन की राजनीतिÓ विषय पर एक सत्र की मेजबानी की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाराष्ट ्रकी सांस्कृतिक विरासत और इसके पारंपरिक नृत्यों से जुड़ी सामाजिक गतिशीलता पर प्रकाश डालना था। सत्र की मुख्य वक्ता सेजल माधवी यादव थीं, जिन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न लोक नृत्यों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर गहराई से अपने विचार साझा किए। यादव की प्रस्तुति ने इन कला रूपों के महत्व और क्षेत्र के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के साथ उनके संबंधों के बारे में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। शूलिनी विश्वविद्यालय से प्रोफेसर धर अपनी गहन टिप्पणियों को साझा किया, जिससे बातचीत और समृद्ध हुई। स्कूल ऑफ चित्रकूट लिबरल आर्ट्स की प्रमुख डॉ. पूर्णिमा बाली ने अपने समापन भाषण में शुद्ध लोक नृत्य रूपों की प्रामाणिकता को संरक्षित करने और फिल्म अध्ययन के क्षेत्र में उनके अनुकूलन के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखने के महत्व को व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 7 जुलाई को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 7 जुलाई प्रात: 9 बजे से प्रात: 9.20 बजे तक तथा सायं 5.00 बजे से 5.20 तक मॉल रोड, अप्पर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद कॉपलेक्स, न्यायालय परिसर, लोक निर्माण विभाग कालोनी, क्लीन, सेर क्लीन, सन्नी साईड, विवान्ता मॉल, चिल्ड्रन पार्क, पुराना उपायुक्त कार्यालय पुस्तकालय, क्षेत्रीय अस्पताल, अस्पताल मार्ग, फोरेस्ट रोड, जौणाजी, शिल्ली, अशवनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाइ, हरट, ब्रूअरी, सलोगड़ा, मनसार, घलूथ, गण की सेर, कडहारी, कोठी, कथोग, बजरोल, नडोह, शामती, डमरोग, ऑफिसर कालोनी, कोटलानाला, कथेड, मिनी सचिवालय, चामुण्डा कालोनी, लक्कड़ बाजार, गंज बाजार, शिल्ली मार्ग, उपायुक्त आवास क्षेत्र, मोहन कालोनी, मधुबन कालोनी, हरि मंदिर क्षेत्र, राजगढ़ मार्ग, नगर निगम क्षेत्र, रेनॉल्ट शोरूम एवं आस-पास के क्षेत्र, चैक बाजार, सरकुलर मार्ग, धोबीघाट, आईटीआई, पुराना बस अड्डा, सेंट लयूक्स, अंबुशा होटल, चेस्टर हिल्स, अमित अपार्टमेंटस, सुंदर सिनेमा, जौणाजी मार्ग, डिग्री कॉलेज, ठोडो मैदान क्षेत्र, खनोग, मतियूल, खलीफा लॉज, धोबीघाट, जेबीटी मार्ग, सूर्य विहार, तहसील, टैंक रोड़, खुन्डीधार, र्साइंटिस्ट कालोनी, नया बस अड्डा, पुलिस लाईन, सब्जी मंडी, सेरी, चंबाघाट चैक, बसाल मार्ग, बसाल, गुगाघाट, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र बसाल, घडयाल, डांगरी, शिरी, धाला, पट्टी, दयोली की सेर, गारा, पोकन, बारन, धरोट, सलुमना, ब्लेसिंग हेल्थ केयर, सूर्य किरण, बावरा, गरीब बस्ती, एनआरसीएम, करोल विहार, डीआईसी कालोनी, मेहर सिंह कालोनी, बेर की सेर, जरोह, बेर पानी, बेर गांव, बेर खास, कोनार्क होटल एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी दिन कंडाघाट, डोलग, परौंथा, ढेडघराट, धाली, हाथों, पलेच, मही, कडाहर, मोहली, वाकनाघाट, कैथलीघाट, शालाघाट, छावशा, डुमैहर, कदोर, गरू, पोघाट, कून, आंजी सुनारा, साधुपुल, दोची, सोनाघाट, सैंज, चायल, नगाली, हिन्नर, कुरगल, झाझा, धंगील, आलमपुर, टिक्कर, भलावग, जनेडघाट, खिन्ना, झांजा, मेला मैदान, हरट, नेरी, गण की सेर, मनसार, झोखडी, हॉटमिक्स के आस-पास के क्षेत्र, ग्रानी, सलोगड़ा के कुछ क्षेत्र, सेवला, बरड बस्ती, तरनतारन, पडग, विनसम होटल, धाउंसी एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि इसी दिन आंजी, शमलेच, शराणु, नगाली, शुमती, चेवा, बडोग, बारा, कलोल, कोरो-कैंथली, लघेचघाट, पॉवर हाउस रोड़, डाकघर सपरुन, आयुर्वेदिक अस्पताल, हाउसिंग बोर्ड कालोनी फेज 1 और 2, रबौन, एससीईआरटी, निगम विहार, देहूंघाट, पडगल, कायलर, दयोंठी, तार-फैक्टरी, घट्टी, लावीघाट, डोमिनोज, गुरूद्वारा, ज़िला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल 4 जुलाई को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल सुबह 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में खंड विकास अधिकारी सोलन और कंडाघाट से संबंधित लंबित विधायक एवं खनन निधि के निपटान के बारे में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तदोपरांत खनन निधि से संबंधित खनन अधिकारी के साथ उपायुक्त कार्यालय सोलन में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। डॉ. शांडिल तत्पश्चात मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना के संबंध में जिला खेल अधिकारी सोलन के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री इसके उपरांत सोलन विधानसभा क्षेत्र में आगंनबाड़ी भवनों से संबंधित उपायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक करेंगे।
प्राथमिक शिक्षक संघ फेडरेशन के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल राज्य कार्यकारिणी के पूर्व मुख्य सलाहकार एवं मंडल इंदौरा के प्रधान अनिल भारद्वाज के नेतृत्व में इंदौरा के विधायक मलेंद राजन से मिला। उन्हें शिक्षा निरीक्षण विंग के उपनिदेशक व उसी विंग के प्रधानाचार्य के कथित तौर पर तानाशाही पूर्ण रवैये व प्राथमिक शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप के साथ ज्ञापन दिया। उनके साथ पीटीएफ फतेहपुर के प्रधान बलवीर संधु, नुरपुर के प्रधान मुलतान सिंह सहित कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विंग के उपनिदेशक द्वारा कई पाठशालाओं के अध्यापक वर्ग से कथित रुप से दुर्व्यवहार किया जाता रहा है।
विद्युत उपमंडल डाडासीबा के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 जुलाई को 33/ 11 केवी फीडर जौड़बड में लाइन में पेड़ों की टहनियों की कटाई करनी है। इसलिए विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। जौड़बड फीडर के अंतर्गत आने वाले गांव बठरा, अपर बलभाल, उझे खास, जौड़बड, न्याड़, लग, टिपरी, जलेबी, सयूल ,बठरा, हटली, गुलारधार, दिंदिंयां, मस्तयाल, पका टियाला व जब्बर आदि में विद्युत आपूर्ति सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
उपमंडल रे में कुछ दिनों से लगातार बिजली विभाग की लापरवाही देखने को मिल रही है। उपमंडल रे के अंतर्गत लगभग 50 के करीब गांव आते हैं, जिसमें लगभग 40 हजार के करीब उपभोक्ता आते हैं, जिन्हें लगभग पिछले 10 दिनों से बिजली की आंख मिचौली से परेशान होना पड़ रहा है। हर 15 मिनट के बाद आधे घंटे का कट लग जाता है। गर्मी के इन दिनों में लोगों का जीना बेहाल है। दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी यही हाल है। इस संदर्भ में कई बार बिजली विभाग वालों को आगाह भी किया गया, किंतु विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। संजवा में एक हफ्ते में दो बार खराब हो चुका ट्रासफार्मर संजवा में पिछले एक हफ्ते में दो बार ट्रासफार्मर ओवरलोडिंग के कारण खराब हो चुके हैं। स्थानीय लोग कई दिनों से इस गर्मी में बिना बिजली के गुजर-बसर कर रहे हैं। ट्रासफार्मर खराब होने के कारण पूरे गांव की बिजली पिछले एक हफ्ते से बाधित है। वहीं किसानों को धान की फसल में देरी हो रही है, वह जिन लोगों ने धान की फसल लगा ली है। उनकी फसल पानी के बिना खराब होने की कगार पर है। लोगों का कहना है की हमारी बिजली विभाग से यही गुजारिश है कि बिजली की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि लोगों को और नुकसान ना झेलना पड़े। लोगों ने बताया कि कई बार 1100 के माध्यम से भी सरकार समस्या बताई गई, किंतु इससे भी कोई हल नहीं निकल पाया। सत्ता परिवर्तन तो हो गया, पर व्यवस्था नहीं बदली स्थानीय लोगों ने बताया कि हिमाचल में सत्ता परिवर्तन व व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सरकार में सत्ता परिवर्तन तो हो गया, परंतु व्यवस्था परिवर्तन नहीं हो पाया। एक-दो दिन की बात हो तो समझ आती है, किंतु बिजली विभाग वालों का हर दिन का यही काम है। हर 15 मिनट के बाद आधे घंटे का कट लगा दिया जाता है, जिससे गर्मी के दिनों में काफी परेशानी होती है। गर्मी में छोटे बच्चों को सुलाना मुश्किल हो जाता है, स्कूल में छुट्टियां होने के कारण बच्चे घर में रहते हैं, लेकिन गर्मी के कारण बच्चों को पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी यही हाल है। रात को भी 15 मिनट आधे घंटे बाद उनके द्वारा बिजली काटी जाती है। बिजली के कटों से प्रभावति हो रहा कारोबार बिजली की समस्या से दुकानदारों को भी काफी समस्याओं का सामना उठाना पड़ रहा है। कुछ स्थानीय दुकानदारों से फर्स्ट वर्डिक्ट ने बात की तो उनका कहना है कि दिन में कई बार बिजली के कट लगते हैं। लगभग 15 से 20 मिनट या आधे घंटे का कट लगता है, जिससे कि फ्रिज में रखा हुआ सामान जैसे आइसक्रीम, पेस्ट्री, केक इत्यादि जो कि खराब होने वाली चीजें हैं,काफी मात्रा में खराब हो रही है, जिससे कि दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, बीएसएनल उपभोक्ताओं को बिजली के बिना नेटवर्क नहीं होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इस संदर्भ में जब अधिषाशी अभियंता बिजली विभाग फतेहपुर अमन चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इलाके ओवरलोडिंग के कारण कहीं ट्रासफार्मर जल रहे हैं तो कहीं लाइन खराब हो रही है, जिस कारण कुछ समय के लिए विभाग को बिजली बंद करनी पड़ती है। विभाग हमेशा लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए प्रयासरत रहता है। जो ट्रासफार्मर खराब हो चुके हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द बदल दिया जाएगा। डिवीजन में ट्रासफार्मर न होने के कारण यह सम्सया आ रही हैं।
जिला नूरपुर पुलिस द्वारा नशा माफिया के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जवाली के सिद्धाथा क्षेत्र में विशाल पुत्र चंदन कुमार, निवासी चलवाड़ा से 77.75 ग्राम चिट्टा, 630 नशीले कैप्सूल व 11690 रुपये नकदी बरामद की है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की है। पुलिस के अनुसार विशाल चिट्टा सप्लाई का सरगना है तथा यह युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहा था। पुलिस को विशाल के खिलाफ काफी शिकायतें मिल रही थीं तथा पुलिस काफी समय से विशाल को चिट्टा सहित पकड़ने के लिए उसका पीछा कर रही थी। आखिरकार पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली है। उधर, एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने 77.75 ग्राम चिट्टा, 630 नशीले कैप्सूल सहित 11690 रुपये नकदी सहित नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है।केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि नशा माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
ठारी माता व म्हासू देवता मंदिर परिसर में 120 साल बाद आयोजित 5 दिवसीय शांत महायज्ञ में तीन जनपदों जिला सिरमौर, जौनसार अथवा देहरादून तथा अपर शिमला के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रविवार को संपन्न इस आयोजन में जंग बाजा कहलाने वाली दमेनू, ढोल, शहनाई व रणसिंघा आदि की लाक धुनों पर सिरमौरी शस्त्र डांगरा व तलवारों के साथ ठारी देवी मां का होजूरे जयघोष किया गया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार ठारी शांत पूजन में 400 के करीब गांवों से लगभग 30,000 पाशी व शाठी खेमे के लोग पहुंचे और पांडव व कौरवों के वंशज कहलाने वाले उक्त समुदाय के लोग पहली बार किसी शांत मे 1 साथ पंहुचे। इस धार्मिक अनुष्ठान में शनिवार को जहां उद्योग मंत्री एवं स्थानीय विधायक हर्षवर्धन चौहान पहुंचे, वहीं रविवार को सांसद सुरेश कश्यप, विधायक सुखराम चौधरी व डीसी सुमित खीमटा सहित कई गणमान्य लोगों ने पूजा अर्चना की। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार रियासत काल में टटियाना व संगड़ाह के अलावा जौनसार में मौजूद चौंतरे कहलाने वाले 2 देव चबूतरे पर बड़े-बड़े विवाद सुलझाने अथवा न्याय दिलाने का काम होता था। शाठी पाशी खेमों के दंगे सुलझाने के लिए इन गांवों के सयाणे कहलाने वाले बुद्धिजीवियों के अलावा कई मामलों राजा के प्रतिनिधि भी मध्यस्थता करते थे। सिरमौर जिला के ब्राह्मण समुदाय के सबसे बड़े इस गांव में मायाराम शर्मा, गुमान सिंह, रमेश शर्मा व कपिल आदि स्थानीय लोगों के अनुसार 28 जून से 2 जुलाई तक चले शांत महायज्ञ के दौरान 30000 के करीब लोग पहुंचे थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के प्रत्येक गांव तक सभी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. शांडिल आज सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत कोठों के गांव कोटी कलां में 11 लाख रुपये से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश का विकास तभी संभव है, जब गांव विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कें, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है, ताकि लोगों का जीवन सरल बन सके। इसके लिए सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, ताकि प्रदेश के हर वर्ग को विकास की धारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के कारण पिछड़े इलाकों तक सुविधाएं पहुंचाना एक कठिन कार्य है, परंतु प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि राज्य का कोई भी कौना मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सड़कें किसी भी गांव को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कोठी कलां गांव तक सड़क बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के उपरंत सड़क निर्माण के आरंभिक कार्य के लिए 10 लाख रुपये देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने सामुदायिक भवन कोटी कलां के रखरखाव के लिए 1.50 लाख रुपये अतिरिक्त धनराशि के रूप से देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, पूजा, संगीता ठाकुर, रजत थापा, विजय ठाकुर तथा ईशा सूद, ग्राम पंचायत कोठों की प्रधान जयवंती, उप प्रधान सुनील ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, खंड कांग्रेस समिति के महासचिव कुनाल सूद, खंड कांग्रेस समिति सोलन के सचिव विनेश धीर, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह मैहता, नरेंद्र, वार्ड सदस्य सुशांत सिंह ठाकुर, मोनिका, बिमला, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोलन के माध्यम से शास्त्री अध्यापक के 3 व भाषा अध्यापक के 2 पदों पर बैचवाइज भर्ती की जानी है। यह जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन संजीव कुमार ने दी। संजीव कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए काउंसलिंग 4 जुलाई को प्रात: 10.30 बजे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन के कार्यालय में होगी। उप निदेशक ने कहा कि 2017 तक के बैच पास अभ्यर्थी के लिए 5 पदों पर शास्त्री (दृष्टिबाधित, बधिर और सुनने में मुश्किल, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग ठीक, बौनापन, एसिड अटैक पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) तथा भाषा अध्यापकों (दृष्टिबाधित तथा बधिर और सुनने में मुश्किल) की भर्ती के लिए काउन्सलिंग की जानी है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों का बैठने, खड़े होने, पढ़ने-लिखने, देखने, अंगुलियों का जोड़-तोड़, चलना, संवाद करना तथा सुनने में सक्षम होना अनिवार्य है। उप निदेशक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार श्रम एवं रोज़गार निदेशालय शिमला के कार्यालय द्वारा प्रयोजित नहीं किए जाने वाले उम्मीदवार जो रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत है, भी इस काउंसलिंग में भाग ले सकते है। अभ्यर्थी आवश्यक शैक्षणिक प्रमाणपत्र (मूल तथा फोटोकापी), बायोडाटा फार्मा को भरकर, नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, रोज़गार कार्यालय का पंजीकरण पत्र, शिक्षक योग्यता परीक्षा प्रमाण पत्र (जेबीटी, टीईटी या बीएड), हिमाचल प्रदेश द्वारा अधिकृत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया चरित्र प्रमाण पत्र, अधिकृत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हिमाचली प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र लाना सुनिश्चित करें।
पुलिस चौकी टैरेस के तहत बेहड़ गांव के समीप मोड़ पर ट्रक को इतनी तेजी व लापरवाही से काटा कि ट्रक का पिछला हिस्सा सामने से आ रहे एक मोटरसाइकिल से टकरा गया। इससे मोटरसाइकिल पर सवार तीन लड़के नीचे गिर गए और घायल हो गए। वहीं, ट्रक चालक मौके से ट्रक लेकर फरार हो गया। पुलिस थाना देहरा में मामला दर्ज किया गया है। मामले की पुष्टि डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने की है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में कल से सत्र 2023-24 का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर सरस्वती पूजन के साथ सप्तशती पाठ व हवन करवाया जाएगा। 2023-24 सत्र में प्राक्शास्त्री प्रथम वर्ष के लिए 99 छात्रों का नामांकन हुआ है। उपरोक्त जानकारी वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो. मदनमोहन पाठक ने दी।


















































