लोक अदालत के माध्यम से आम जनमानस को शीघ्र व सुलभ न्याय उपलब्ध करवाया जाता है। यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कांगड़ा की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि कि कांगड़ा जिले के सभी न्यायालयों में 9 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इनमें विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर होगा। लोक अदालत में श्रम विवाद और सेवा मामले, मोटर दुर्घटना दावे, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामले, बीमा संबंधी मामले, वैवाहिक मतभेद, दीवानी मामले, भूमि अधिग्रहण, पारिवारिक कानूनी मामले, समझौता योग्य फौजदारी मामले, सभी प्रकार के सिविल मामले, बैंक रिकवरी मामले, बिजली एवं जल विवाद के साथ साथ अन्य किसी भी श्रेणी के मामले निपटाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो मामले न्यायालय में अब तक दायर नहीं हुए हैं, उन मामलों का भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। शिखा लखनपाल ने लोगों से अनुरोध किया कि अपने मुकदमों को 9 सित्मबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में लाएं जिससे उनका सुलभ और शीघ्र समाधान हो सके।
हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के कारण हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। किसानों को भी आपदा से भारी नुकसान झेलना पड़ा है। जिला कांगड़ा की बात करें तो पौंग डैम से पानी छोड़े जाने इंदौरा तथा फतेहपुर के निचले क्षेत्रों में सड़कों, घरों तथा किसानों की जमीनों को भारी नुकसान पहुंचा है तथा अभी तक उनके घर तथा जमीन पानी में ही डूबी हुई हंै, जिसको लेकर भारतीय किसान संघ ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा तथा उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। जानकारी देते हुए भारतीय किसान संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष होशियार सिंह पठानिया ने बताया कि संघ द्वारा हिमाचल में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है, जिससे की हिमाचल की अर्थव्यवस्था को धरातल पर दोबारा लाने के लिए योजनाएं बनाकर सुचारु रूप से कार्य किया जाए। प्रदेश में आई इस आपदा पर सरकार तथा प्रशासन कार्य तो कर रहा है, परंतु उस गति से कार्य नहीं हो रहा, जिस गति से होना चाहिए। वे लोग जो बेघर हो चुके हैं, जिनकी पूरे जीवन की जमा पूंजी नष्ट हो चुकी है, उनको पुन: स्थापित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाना चाहिए।
राइट टू एजुकेशन फोरम ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के कारण राज्य भर के बच्चों की शिक्षा और उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित होने पर गहरी चिंता जाहिर की है। राइट टू एजुकेशन फोरम ने मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा के दौरान खराब हालात के मद्देनजर बच्चों की शिक्षा को फिर से सामान्य रूप से बहाल करने और बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरतलब है कि आरटीई फोरम शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के जमीनी क्रियान्वयन के जरिये देश भर में बच्चों के लिए समावेशी, समतामूलक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी एवं सार्वजनिक शिक्षा के लोक व्यापीकरण की मांग को लेकर 20 राज्यों में काम कर रहा है। धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान राइट टू एजुकेशन फोरम की स्टे्ट कन्वीनर आयेत्री सेन ने बताया कि इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान दलील दी गई थी कि मणिपुर के आदिवासी इलाकों में 200 स्कूल शुरुआती दौर में ही बंद कर दिए गए थे। कुछ स्कूलों को जला दिया गया या क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सुगनू में 11 स्कूलों के जलाए जाने की सूचना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक भारतीय बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। भारत में प्रत्येक बच्चे के लिए निर्बाध शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और मणिपुर सहित सभी राज्य सरकारों के पास आपातकालीन शिक्षा के लिए एक नीति होनी चाहिए। उन्होंन चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की आपात स्थितियों और अशांति एवं संघर्ष के दौरान, बच्चे अकसर बगैर किसी आवाज और प्रतिरोध के आसान और खामोश शिकार साबित होते हैं। ऐसे हालात उनके कोमल मस्तिष्क और जीवन पर गहरा शारीरिक- मनोवैज्ञानिक असर डालते हैं। क्षति पहु इस हिंसा में कई लोग अनाथ हो गए हैं और धीरे-धीरे उन्हें ष्बाल सुरक्षा एवं देखभाल घरोंष् में रखा जा रहा है। स्कूलों के आस-पास हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर सुरक्षा की चिंता और डर के कारण कई माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। हालाँकि, कई मामलों में, शिक्षकों ने बहादुरी का परिचय दिया और अपने छात्रों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर में शिक्षा विभाग ने विस्थापित बच्चों की शिक्षा में तेजी से बहाली का प्रयास किया है। लेकिन मणिपुर के सामने स्थितियों को सामान्य बनाने की बड़ी चुनौती है और राज्य सरकार तात्कालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक उपायों पर ध्यान देने और आगे की योजना बनाने की जरूरत है ताकि इस अशांति और हिंसा के कारण पड़े दीर्घकालिक प्रभावों से भी निजात पाया जा सके।
बडूखर में आज जय मां चामुंडा एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के सौजन्य से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इस मेडिकल कैंप में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव चेतन चंबियाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। स्वास्थ्य चेकअप कैंप में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने अपने रोगों का चेकअप करवाया। इस स्वास्थ्य कैंप अमनदीप अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों के स्वास्थ्य को जांच की। कैंप में फतेहपुर विधानसभा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र मंड बेला ठाकरा, बेला लुधिड़ाचां, कोडूबेला, मंड सरियाणा, मंझीर, मंड रियाली आदि के कई गांवों के लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। यह स्वास्थ्य कैंप कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव चेतन चंबियाल के सौजन्य से लगाया गया। मंड क्षेत्र के रहने वाले अर्जुन सिंह ने बताया कि इस स्वास्थ्य कैंप में लोगों के स्वास्थ्य की निशुल्क जांच की गई है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव चेतन चंबियाल ने कहा कि वह समाजसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंड क्षेत्र में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बाढ़ के बाद किसानों को अपने पुर्नवासन के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेतन चंबियाल ने कहा कि पुर्नवासन के लिए वह जनता साथ खड़े है जो भी जनता को मुश्किल आएगी, उसको हर तरीके से हल करने की कोशिश की जाएगी। चेतन ने कहा कि उनके पिता सैनिक थे, जो वतन की हिफाजत के लिए खड़े रहे ओर मैं मंड क्षेत्र में आए संकट के लिए जनता के साथ खड़ा हूं। मुझसे जो भी होगा मै तन मन धन जनता की सेवा में तत्पर रहूंगा। इस मौके पर विजय सेखड़ी, मोनू चौधरी, रिशू शर्मा, नीरज शर्मा, अर्जुन धीमान, संजीव कुमार, जितेंद्र पठानिया बीडीसी, बिक्रम, संदीप पाटिल आदि कई लोग मौजूद थे। इस मेडिकल कैंप में अमन अस्पताल पठानकोट के डॉक्टरों ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इस मेडिकल जांच टीम में डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. संजय कृष्ण धार, डॉ. विनेश चंबियाल, डॉ.नवनीत आदि ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण रूप से विकसित और शांतिप्रिय व्यक्तित्व रखने वाले व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनका पोषण विश्व और उनके आसपास के समाज के लिए कुछ बड़ी सोच रखने के लिए किया गया हो। एक बालक को केवल सूचनाएं प्रदान करने की प्रक्रिया के द्वारा नहीं बल्कि समग्र रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का मानना है, 'कक्षा में बैठने से ही कोई शिक्षित हो रहा है, हम ऐसा नहीं मान सकते। हमें बच्चे के मन और शरीर के संपूर्ण विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ उसमें अपनापन, साझा करने और दूसरों की देखभाल करने की भावना, प्रेम, अहिंसा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा।Ó एक सुंदर विचार है, जो प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा था, जिसे आज पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सदा यही चाहेगा कि उसका छात्र विजयी हो और एक अच्छा छात्र उस शिक्षक की जीत की कामना करेगा, जिसका ह्रदय विशाल है। छात्र जानता था कि उसके अल्प ज्ञान की विजय केवल दुख लाएगी, जबकि गुरु के महान ज्ञान की जीत केवल अच्छाई लाएगी। इस सोच ने छात्र और शिक्षक के मध्य एक स्वस्थ संबंध बनाया, जहां छात्र और शिक्षक अपनी वृद्धि और विकास की यात्रा पर एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करते थे। अच्छे शिक्षक का धैर्यवान होना जरूरी एक अच्छे शिक्षक को बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। एक शिक्षक का धैर्य छात्रों के जीवन में चमत्कार पैदा कर सकता है, भले ही वे सीखने में थोड़े धीमे हों। माता-पिता को घर पर केवल एक या दो बच्चों को संभालना होता है, जबकि शिक्षकों को छात्रों से भरे कक्ष को संभालना होता है। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों के लिए अधिक तनावपूर्ण और कठिन है। इसलिए शिक्षकों को अधिक केंद्रित होने की जरूरत है। ध्यान और श्वास अभ्यास जैसी विधियाँ शिक्षकों को शांत और केंद्रित रहने के लिए तैयार करने में काफी मदद कर सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे हर समय शिक्षकों को देख रहे होते हैं और उनसे सीख रहे होते हैं। शिष्य को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता आज शिक्षकों के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र कहां खड़े हैं और उन्हें वहां से अंतिम लक्ष्य तक जाने में प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां हम भगवान कृष्ण से सीख सकते हैं कि किस तरह वे कदम दर कदम धैर्य और प्रेम के साथ अर्जुन को अंतिम मंजिल तक ले जाते हैं। आरंभ में अर्जुन भ्रमित थे और उनके मन में बहुत सारे सवाल थे। जैसे-जैसे एक छात्र बड़ा होता है, उसे बहुत अधिक भ्रम होना स्वाभाविक है क्योंकि उसकी अवधारणाएं टूटती रहती हैं। उदाहरण के लिए, हम सीखते हैं कि सूर्य पूर्व में उगता है, बाद में हमें पता चलता कि वास्तव में ग्रह कैसे गति करते हैं। इसलिए एक अच्छा शिक्षक छात्र के मन में उठने वाले इन सवालों के दौरान मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध होता है। एक अच्छा शिक्षक जानकार होता है और छात्र को इन भ्रमों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करता है। साथ ही कई बार जरूरत पड़ने पर शिक्षक भ्रम पैदा भी कर सकते हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत शिक्षकों को एक नाजुक संयोजन के लिए प्रयास करना चाहिए जो है प्रेम के साथ दृढ़ता। ऐसे शिक्षक हैं, जो बहुत प्रेम करते हैं और कुछ अन्य केवल कठोर हैं। ऐसे बच्चे हैं जो विद्रोही हैं और ऐसे बच्चे हैं जो भीरु और शर्मीले हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत है। आपको उन्हें प्यार और उनकी देखभाल का एहसास कराना चाहिए और यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे आपके अपने हैं। लेकिन जो बच्चे शर्मीले और डरपोक हैं, उन्हें खुलकर आगे आने और बोलने में सक्षम बनाने के लिए आप थोड़ा दृढ़ हो सकते हैं। उनके साथ सख्ती से पेश आएं और प्रेम भी करें। अक्सर हम इसका विपरीत करते हैं। शिक्षक विद्रोही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं और शर्मीले बच्चों के साथ उदार बन जाते हैं। तब उनका व्यवहार का क्रम बेहतरी के लिए नहीं बदलेगा। आपको कठोर और कोमल दोनों होने की आवश्यकता है, अन्यथा आप छात्र का मार्गदर्शन उस दिशा की ओर नहीं कर पाएंगे जहां आप उन्हें ले जाना चाहते हैं।
पुलिस चौकी ढांगूपीर प्रभारी एएसआई राजपाल ठाकुर को आज राज्यपाल ने डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया। जिला चंबा बनीखेत के एक छोटे से गांव ढलोग के स्थाई निवासी राजपाल के पिता बलदेव राज ठाकुर जो होमगार्ड पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता माया देवी एक गृहिणी हंै। राजपाल ठाकुर को डीजीपी डिस्क अवॉर्ड जिला चंबा के तूनूहट्टी बैरियर पर बतौर प्रभारी कार्य करते हुए चरस व चिट्टा तस्करों की कमर तोड़ने के े लिए मिला है। इन्होंने वर्ष 2019 में एक विशेष केस में एक व्यक्ति से गाड़ी में साढ़े 13 किलो चरस बरामद की थी। राजपाल ठाकुर वर्ष 1998 में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे, 2004 में लोअर कोर्स को पूरा किया। वर्ष 2006 में यह मुख्य आरक्षी बने। इसके बाद वर्ष 2021 में बतौर एएसआई प्रमोट हुए व 9 अप्रैल 2022 से बतौर चौकी प्रभारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर डिवीजन के तहत मल्टी टास्क वर्कर भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया है। अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग विजय वर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर डिवीजन में 705 अभियार्थियों ने मल्टी टास्क वर्कर के 74 पदों के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि इस भर्ती संबंधित सारी प्रक्रिया विस चुनावों से पहले पूरी हो चुकी थी, लेकिन आचार संहिता लागू होने से इस भर्ती का परिणाम घोषित नहीं हो पाया। अब इस भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर उपमंडल में 29 पंचरुखी 24 और बालकरूपी में 21 लोगों की नियुक्ति हुई हैं। विजय वर्मा ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को उनके पत्ते पर नियुक्ति पत्र भेज दिए है साथ में लोक निर्माण विभाग कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगा दी है।
सुखाश्रय ने निराश्रित बच्चों के सपनों को साकार करने में स्वाभिमान के पंख लगा दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निराश्रितों को चिल्ड्रन आफ स्टेट का दर्जा दिया गया है। अब सरकार अभिभावक के रूप में निराश्रितों की उचित देखभाल सुनिश्चित कर रही है। सरकार की इस पहल में निराश्रित बच्चों को अपना भविष्य भी सुनहरा दिखाई दे रहा है। कांगड़ा जिला की बात करें तो विभिन्न बालश्रमों तथा चाइल्ड केयर संस्थानों तथा अन्य जगहों जीवन यापन कर रहे 1224 निराश्रित बच्चे लाभांवित होंगे। सुखाश्रय योजना के आरंभ होने पर निराश्रित बच्चों के चेहरों पर रौनक देखते ही बनती है। कांगड़ा जिला में सुखाश्रय योजना के तहत बालिका आश्रम गरली, तितली चिल्ड्रन होम, रामानंद गोपाल रोटरी हॉस्टल सलयाणा, होम फॉर लोकोमोटर डिसेबल्ड चिल्ड्रन, ओपन शेल्टर होम शामिल हैं। इन संस्थानों में बच्चों के उचित देखभाल के लिए सुखाश्रय कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा मदद मुहैया करवाई जा रही है। इन देखभाल संस्थानों में 81 निराश्रित बच्चे जीवन यापन कर रहे हैं इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला में सुखाश्रय योजना के तहत 1143 निराश्रित बच्चों की सरकार अभिभावक के तौर पर अपना फर्ज अदा करेगी। सुखाश्रय की मदद से 15 निराश्रित बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा राज्य में सुखविंदर सिंह सुक्खु की सरकार बनने के बाद सुखाश्रय योजना के आरंभ होने पर कांगड़ा जिला के 15 निराश्रित बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की राहें खोल दी हैं वहीं पर चार निराश्रित बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग में दाखिला दिया गया है इसी तरह से दो निराश्रित बच्चों को गृह निर्माण तथा एक को विवाह अनुदान के लिए स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। निराश्रित बच्चों की अभिभावक बनी सरकार अब हिमाचल में 27 वर्ष तक की आयु केे निराश्रित बच्चों की सरकार अभिभावक की भूमिका निभाएगी। अनाथ बच्चे किसी भी तरह की उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहे वो एमबीबीएस या आईआईटी ही क्यों न हो, इसकी पूरी फीस और हॉस्टल का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अतिरिक्त प्रतिमाह 4000 रुपये पॉकेट मनी अलग से दी जाएगी। अनाथ बच्चे साल में एक बार हवाई जहाज से शैक्षणिक भ्रमण कर पाएंगे। उनके भारत के किसी भी राज्य में आने जाने और ठहरने का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी। जिस भी प्रदेश में जाएंगे उन्हें तीन स्टार होटल में ठहराया जाएगा। 10 हजार उनको कपड़ों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। स्वरोजगार के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी इसके अतिरिक्त 27 वर्ष की आयु के उपरान्त घर बनाने के लिए भी जमीन भी सरकार उपलब्ध करवाएगी। पहली मर्तबा किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों की उठाई जिम्मेदारी ओपन शेल्टर होम के संचालक स्वास्तिक मस्ताना द्वारा सुखाश्रय योजना आरंभ करने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कोचिंग तथा त्यौहार भत्ता देने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु ने सभी निराश्रित बच्चों को स्वाभिमान से जीने के लिए पहल की है इस के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खु का धन्यवाद करते हैं। होम फॉर लोकोमोटर डिसेबल्ड चिल्ड्रन की संचालिका लीला ठाकुर का कहना है कि वह पिछले वर्षों से निराश्रित संस्थानों का संचालन कर रहे हैं लेकिन पहली मर्तबा किसी सरकार ने निराश्रित बच्चों के लिए सराहनीय कार्य किया है। लुथान में बनेगा आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि निराश्रित बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लुथाण में आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर के लिए भी भूमि भी चयनित की गई है।
पुलिस थाना नूरपुर प्रभारी एसएचओ सुरेंद्र धीमान और पुलिस चौकी ढांगू के इंचार्ज एएसआई राजपाल सिंह को राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था का बेहतर परिवेश कायम करने के लिए किए गए कार्यों के लिए शिमला में डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। सुरेंद्र धीमान एवं राजपाल सिंह को यह अवॉर्ड मिलने पर प्रेस ग्रुप ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
कहा- प्रभावितों के पुनर्वास को सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने शनिवार को जवाली विधानसभा में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सबसे पहले उन्होंने सिद्धपुरघाड़ में भारी बरसात व भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावितों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने कोहनाल में हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर कोहनाल की गुज्जर बस्ती में जनसभा को संबोधित करते हुए कृषि व पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई अधोसंरचना की तेजी से बहाली तथा प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के साथ उनके पुनर्वास को सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। जिसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस आपदा से उभरने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण के कार्यों को और गति देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इंसान बड़ी मेहनत से अपने लिए आशियाना बनाता है जिसके क्षतिग्रस्त होने के दुख को वे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1 लाख रुपए दिए जा रहे हैं जबकि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए घरों तथा भूमिहीन हुए परिवारों के लिए सरकार और मदद करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।
शनिवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में संस्कृत सप्ताह का समापन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन में समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि अध्ययन में नियमितता आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम को भी याद किया। कार्यक्रम के अंत में विगत सप्ताह भर से चल रहे संस्कृत सप्ताह के दौरान आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को कार्यक्रम की मुख्यातिथि एसडीएम शिल्पी बेक्टा व परिसर निदेशक प्रोफेसर मनमोहन पाठक ने पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो.मदन मोहन पाठक ने की।अपने उद्बोधन में उन्होंने नारी शक्ति के महत्व को प्रतिपादित करते मुख्यातिथि का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संस्कृत शिक्षक के रूप में उनके छात्र एवं छात्राएं प्रदेश भर के विभिन्न स्कूलों व महाविद्यालयों में अपना योगदान दे ही रहे हैं, लेकिन शीघ्र ही वेदव्यास परिसर में अन्य शिक्षकों की सहायता से वह ऐसा प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में उनके छात्र एवं छात्राएं प्रशासनिक सेवाओं में भी प्रदेश भर में अपना योगदान दें। इस अवसर पर सारस्वतातिथि के रूप में लालबहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली से पधारे डॉ. परमेश कुमार शर्मा ने संस्कृत के महत्त्व पर प्रकाश डाला व व्यवहार में संस्कृत लाने की बात कही। कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से आए डॉ. विवेक शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत वाङ्मय में निहित बहुमूल्य तथ्यों को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। अतिथियों का परिचय कार्यक्रम संयोजक कवि पंकज ने किया। इस कार्यक्रम के संचालन की डोर डॉ. के. मनोज्ञा के हाथ में रही।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन ज्योतिष विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डा शैलेश कुमार तिवारी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. मञ्जुनाथ एस् जि, अमित वालिया, डॉ. महीपाल सिंह, डॉ. मनोज श्रीमाल, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. प्रतिज्ञा आर्या, डॉ. सन्तोष गोडरा सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र छात्रएं उपस्थित रहे।
पालमपुर पुलिस ने ज्वालामुखी उपमंडल के खुंडिया निवासी युवक से 452 ग्राम चरस बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। युवक पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा कि युवक से पूछताछ जारी है। इसके पास यह चरस कहां से आई, इसकी बारीकी से जांच कर नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
जिला स्तरीय राष्ट्रीय पोषण सप्ताह को देखते हुए आज पोषण पर कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा के सौजन्य से ब्लॉक तियारा के अंतर्गत दाडनू आंगनवाड़ी में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सही खानपान का जीवन में कितना महत्व है। एक अच्छा पोषण हमें अच्छा स्वास्थ्य दे सकता है, इसके साथ ही बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। संपूर्ण पोषण से हम दिमागी तौर पर भी स्वस्थ रहते हैं। संतुलित आहार हमें हमें अच्छी ऊर्जा देता है। अव्यवस्थित खानपान होने से हम किन किन रोगों की चपेट में आ सकते हैं। इन सब के बारे में जानकारी देना है। कार्यक्रम में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वंदना ने बताया कि आजकल हम लोगों का खानपान तथा दिनचर्या अति व्यवस्थित हो गई है। संतुलित भोजन की जगह जंक फूड तथा प्रोसेस्ड फूड ने ले ली है। देर रात तक जागना तथा सुबह देर से उठना आजकल के युवा वर्ग की दिनचर्या का एक हिस्सा है, जिसके कारण छोटी उम्र में ही गैर संचारी रोग जैसे बीपी, शुगर,कैंसर आदि लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। अत: हमारे लिए अपना खानपान तथा दिनचर्या को सुव्यवस्थित रखना बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार देर सायं यहां एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में प्रति वर्ष पांच करोड़ पर्यटकों के आवागमन के लक्ष्य की पूर्ति के लिए हवाई सेवा की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य में हवाई सेवा को सुदृढ़ करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सभी ज़िला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में जिला हमीरपुर के जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, जिला चंबा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पीति के जिस्पा, सिस्सू और रंगरीक तथा जिला किन्नौर के शारबो में नौ हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर, रक्कड़, पालमपुर और जसकोट में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जबकि अन्य हेलीपोर्ट के लिए प्रक्रिया चल रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दूसरे चरण में शेष 7 हेलीपोर्ट स्थापित किए जाएंगे। यह हेलीपोर्ट जिला चंबा के पांगी और होली, जिला बिलासपुर के औहर, जिला सिरमौर के धारकियारी, जिला शिमला के चांशल पास, जिला ऊना के जनकौर हार और जिला के जिला सोलन के गनालग में निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रक्कड़ हेलीपोर्ट की स्थापना के लिए एफसीए स्वीकृति प्राप्त हो गई है और जसकोट, मनाली, जिस्पा, सिस्सू, रंगरिक, पांगी और होली सहित 6 हेलीपोर्ट के एफसीए मामले पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सेवा राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। बेहतर हवाई सेवा की सुविधा से पर्यटक कम समय में गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। पर्यटन स्थलों में आसान पहुंच से देश-विदेश के अधिक पर्यटक इन स्थानों में घूमने आएंगे जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख अंग है। यह क्षेत्र स्थानीय युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर भी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत आगामी समय में कई नई परियोजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी और राज्य सरकार पर्यटकों की यात्राओं को अधिक मनोरंजक, सुलभ एवं अविस्मरणीय बनाने के लिए क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये व्यय करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी किया जा रहा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
विधानसभा जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार पर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 200 रुपये घटाकर पीएम मोदी ने बहनों को बड़ी राहत दी है। अब उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सिलेंडर 400 रुपये सस्ता मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय का हम स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं। रविंद्र धीमान ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश भर और प्रदेश को राहत देने का कार्य कर रहे हैं। केंद्र में मोदी सरकार पूरे देश भर में 75 लाख नए उज्जवला कनेक्शन भी बांटेगी। उज्जवला योजना के तहत अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना की सब्सिडी पर वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 6,100 करोड़ रुपए खर्च किए थे। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी के नवीनीकृत भवन के उद्घाटन के उपलक्ष्य पर जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में 15 अगस्त का रेडक्रॉस लक्की ड्रॉ निकाला गया। सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी ओपी शर्मा ने बताया कि पुरस्कार विजेताओं की सूची जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लक्की ड्रा में टिकट नंबर 017165 के विजेता को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक्टिवा स्कूटी मिलेगी। इसी प्रकार टिकट नंबर 002478 विजेता को द्वितीय पुरस्कार के रूप में एलईडी टीवी तथा टिकट नंबर 046162 को तृतीय पुरस्कार के रूप में रेफ्रिजरेटर मिलेगा। टिकट नंबर 087199 को चतुर्थ पुरस्कार के रूप में वाशिंग मशीन, टिकट नंबर 068404 के विजेता को पंचम पुरस्कार में माइक्रोवेव ओवन मिलेगा। उन्होंने बताया कि टिकट नंबर 007800 और टिकट नंबर 016016 के विजेताओं को छठे पुरस्कार में इंडक्शन चूल्हा प्रति विजेता, टिकट नंबर 031347 तथा टिकट नंबर 068071 को सप्तम पुरस्कार में सिलाई मशीन प्रति विजेता मिलेगी। उन्होंने बताया कि टिकट नंबर 011514 व टिकट नंबर 017642 को सांत्वना पुरस्कार में नकद 2500 प्रति विजेता को दिया जाएगा। सचिव ने सभी लक्की ड्रा विजेताओ से अनुरोध किया है कि मूल टिकट को एक माह के भीतर जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कार्यालय धर्मशाला में जमा करवा दे, जिससे तय समय सीमा में पुरस्कार वितरित किया जा सके।
न्यूअस एजुकेशनल इंस्टीट्यूट धर्मशाला में 15 और 16 सितंबर को मेगा आईटी जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला किसी भी विषय में स्नातक छात्रों को समर्पित है। संस्थान के निदेशक दिनेश शर्मा ने बताया कि इस रोजगार मेले में क्षेत्र के युवा भी नि:शुल्क भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस जॉब फेयर में आईटी प्रोफेशनल्स, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट, बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए., एमबीए, एमसीए, पीजीडीसीए, एमए, एमकॉम, एमएससी भाग ले सकते हैं। जॉब फेयर में बीटेक आदि के कम से कम 150 से 250 युवाओं के लिए खास मौका है। इस जॉब फेयर में टेलीपरफॉर्मेंस, जेनपैक्ट, टेक महिंद्रा, ईक्लर्क्स, जिंदल टेलीकॉम, प्रोवाना, कॉन्सेंट्रिक्स, टीटेक अहमदाबाद जैसी कंपनियां भाग ले रही हैं। प्रोफाइल के आधार पर शुरुआती वेतन 18000 से 45000 रुपये है। न्यूअस धर्मशाला के हेड मैनेजर नवनीत चंदेल ने कहा कि इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया आजकल नौकरियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उचित कौशल के अभाव के कारण युवा रोजगार से वंचित रह जाते हैं। आज किसी भी नौकरी के लिए आईटी स्किल का होना बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि 15 और 16 सितंबर को आयोजित होने वाले जॉब फेयर के लिए उम्मीदवारों को अपने बायोडाटा और एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ 15 सितंबर से पहले संस्थान में आकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके बाद उन्हें एडमिट कार्ड मिल जाएगा। बता दें कि न्यूअस धर्मशाला समय-समय पर जॉब फेयर के माध्यम से ऐसे नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता रहा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बठरा में श्रावण पूर्णिमा को विश्व संस्कृत दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में छात्रों द्वारा संस्कृत गीत गायन श्लोक को चरण और संस्कृत संवाद तथा संस्कृत शोभायात्रा का आयोजन किया गया। आचार्य रजनीश शास्त्री ने संस्कृत भाषा के बारे में बताते हुए कहा कि संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संस्कृत भारती द्वारा कथा अन्य संस्कृत संस्थाएं संस्कृत सप्ताह का आयोजन करती है। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। यह हमारे धर्म ग्रंथ वेद पुराण रामायण महाभारत और श्रीमद् भागवत गीता की भाषा है, जिसका ज्ञान सभी भारतीयों को अनिवार्य रूप से होना चाहिए। संस्कृत समारोह के अंत में प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने कहा कि सभी अपनी भारतीय संस्कृति को संजोए रखने के लिए संस्कृत भाषा का दैनिक जीवन में पूर्ण रूप से अनुसरण करें।
मचकुंड महादेव चरण सेवक गांव घियोरी द्वारा एसडीएम देहरा शिल्पी बेकटा को महादेव चरण सेवक और घियोरी प्रधान पूनम धीमान की उपस्थिति में बाढ़ आपदा राहत कोष के लिए 76250 रुपये डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा प्रदान किए गए। यह राशि पिछले एक सप्ताह मेें चरण सेवक दल द्वारा देहरा से लेकर गरली परागपुर बणी से होते हुए डाडा सीबा तक पैदल चलकर सुबह से शाम तक एकत्रित कर मिसाल कायम की। यह मुहिम आगे भी इस दल द्वारा जारी रहेगी। वहीं घियोरी प्रधान पूनम धीमान ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी संकट के इस दौर में लोग अपना सहयोग व मार्गदर्शन करते रहेंगे। इस सराहनीय कार्य के लिए किसी ने जो भी सहयोग दिया है उसके लिए महादेव चरण सेवक दल तहेदिल से अभिनंदन व आभार व्यक्त करता है।
छह सितंबर को मनाई जाएगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी नाग मंदिर करियाडा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के सुअवसर पर शनिवार को 5 विद्वानों द्वारा प्रदेश और मंदिर से जुड़े भक्तों की खुशहाली के लिए महामृत्युंजय का जाप शुरू किया। मंदिर के मुख्य पुजारी कुलदीप गुलेरिया और पंडित भवानी शंकर के द्वारा सभी की मनोकामना व सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। नाग मंदिर करियाडा के मुख्य पुजारी कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि 6 सितंबर को कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। 6 तारीख को सुबह हवन 11 बजे और दिन में सभी आये हुए भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। वहीं रात के समय महामाई के जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हिमाचल की गायिका बंदना धीमान और फस्ट ग्रूव डांस स्टुडियो ज्वालामुखी के बच्चे अपनी प्रस्तुति देंगे।
राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत पहली सितंबर को बाल विकास परियोजना प्रागपुर के अंतर्गत 6वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत ग्राम पंचायत बढल से की गई। इस दौरान सीडीपीओ अनिल कुमार न बताया छठवें राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य मोटे अनाज को विभिन्न रूप से अपने आहार में शामिल करना और भोजन में विविधता लाना है ताकि कुपोषण के हर प्रकार को दूर किया जा सके। 6 माह तक केवल एवं केवल मां का दूध,उसके उपरांत मां का दूध और ऊपरी आहार। इस शिविर में उपरोक्त जानकारी का प्रसार बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रागपुर अनिल कुमार द्वारा किया गया और ये सूचित किया गया कि पूरे सितंबर माह के द्वारा परियोजना के समस्त 364 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम बाल विकास परियोजना परागपुर के सौजन्य से एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से विभिन्न समुदाय के सहयोग से गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। उपरोक्त शिविर में पर्यवेक्षक बढल संदीप कुमार एवं वृत्त ढलियारा के पर्यवेक्षक अजय कुमार उपस्थित रहे थे। इस कार्यक्रम में 25 महिलाएं एवं कई महिलाएं उपस्थित रही। देहरा:कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने धार धंगड में किया राहत शिविर का निरीक्षण विनायक ठाकुर/देहरा कृषि मंत्री चन्द्र कुमार देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत धंगड पंचायत के धीयूं में 26 प्रभावित परिवारों से मिले। इसके पश्चात, उन्होंने धंगड़ पंचायत में आपदा प्रभावितों के लिए बनाए राहत शिविर का निरीक्षण किया तथा प्रभावितों को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों की समस्याओं को सुना तथा उन्हें सरकार द्वारा हर संभव सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया।इसके बाद, कृषि मंत्री ने पीर बिंदली में क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया तथा एसडीएम देहरा को जरूरी निर्देश दिए।
हिमालयन आईटीआई लगवलियाना में फिर से 2 सितंबर को युवाओं को रोजगार मिलेगा। मैटा कासट और डोलपीन टायर लुधियाना 14000 रुपये प्रतिमाह सैलरी पर 100 बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी। इसमें वे युवा भाग ले सकते हैं, जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष के बीच में है। और इसमें ट्रेड इलेक्ट्रीशियन, फीटर, मोटर मकैनिक व्हीकल, डीजल मकैनिक, टर्नर, मशीनिस्ट,वेल्डर,पलम्वर, इलेक्ट्रॉनिकस में पास छात्र भाग ले सकते हैं। प्रधानाचार्य आनंद कुमार का कहना है कि इच्छुक विद्यार्थी अपने साथ पासपोर्ट साइज 4 फोटो, दसवीं, बारहवीं तथा आईर्टीआई का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट की दो कापी आदि दस्तावेज लेकर सुबह 10 बजे हिमालयन आईटीआई के प्रांगण में पहुंच जाएं। कंपनी की तरफ से ओर भी सुविधाएं दी जाएंगी।
कहा- उपमंडल स्तर पर भी रेडक्रॉस की शाखाएं की जा रही गठित धर्मशाला में रेडक्रॉस सोसाइटी के नवीनीकृत भवन का किया शुभारंभ उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा जिला कांगड़ा में जनसेवा और लोकहित के अनेक कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला में रेडक्रॉस सोसाइटी को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि रेडक्रॉस सोसाइटी के सेवा प्रकल्प जरूरतमंदों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि जिले में रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब उपमंडल स्तर पर भी रेडक्रॉस सोसाइटी का निर्माण किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला रेडक्रॉस सोसायटी के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन करने के उपरांत जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी जिले में एकीकृत चिकित्सा शिविर, दिव्यांग जनों के लिए सहायक उपकरण वितरण, क्लॉथ बैंक सरीखे कई महत्वपूर्ण प्रकल्पों की अगुआई लगातार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्यों का संचालन ठीक से हो, इसके लिए पुराने भवन के जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत महसूस हो रही थी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने इसके लिए लगभग 16 लाख 50 हजार रूपये व्यय किए और आज यह भवन नए स्वरूप में दोबारा लोकार्पित किया गया। इस दौरान जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्य शशी शर्मा ने ग्यारह हजार रूपये तथा अर्चना हकीम ने पांच हजार रूपये का चेक जिला रेडक्रॉस सोसायटी को उपायुक्त के माध्यम से भेंट किया। उपकरण तथा पुरस्कार किए वितरित जिला रेडक्रॉस भवन के उद्घाटन के बाद उपायुक्त ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण भी वितरित किए। उन्होंने इस वर्ष 26 जनवरी के लक्की ड्रॉ के विजेताओं को भी सामान भेंट किया। उन्होंने तहसील हरिपुर के गांव बंगोली के शुभम चौधरी को प्रथम पुरस्कार के रूप में सकूटी और छठा पुरस्कार प्राप्त करने वाली तहसील कांगड़ा के गांव सनौरा की अनुपमा शर्मा को इंडक्शन चूल्हा भेंट किया। आपदा प्रभावितों के काम आया क्लॉथ बैंक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी और धौलाधार क्लीनर्स संस्था के साथ मिलकर धर्मशाला के प्रयास भवन में एक क्लॉथ बैंक स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस क्लॉथ बैंक में कपड़ों के अलावा जूते, पुस्तकें और अन्य उपयोग की चीजों को भी एकत्रित किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए व्यक्तियों को इस क्लॉथ बैंक के माध्यम से कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं भेंट की गई। उन्होंने कहा कि जिले के लोग इस वस्त्र भंडार में अधिक से अधिक वस्तुएं भेंट करें, जिससे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सके। रेडक्रॉस करेगी टांडा सराय का संचालन उन्होंने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन मरीजों के तीमारदारों के ठहरने और खाने की व्यवस्था के लिए सराय भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ 75 लाख की लागत से निर्मित इस नवनिर्मित सराय का संचालन भी जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टांडा अस्पताल सराय भवन में मरीजों और उनके तीमारदारों के ठहरने के लिए 56 बेड की सुविधा रहेगी। उन्होंने बताया कि सराय भवन में मरीजों और तीमारदारों के लिए न्यूनतम दामों में रहने और अच्छा भोजन उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएगें। एकीकृत चिकित्सा शिविर किए आयोजित उपायुक्त ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा कांगड़ा में अभी तक पांच एकीकृत चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को चिकित्सा सहायता, परामर्श, उपकरण और दवाईयां आदि वितरित करने के साथ स्वास्थ्य चचाएं भी करवाई गई हैं। यह रहे उपस्थित रहे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य श्रीनिवास वरखेडी के संरक्षकत्व तथा वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो. मदनमोहन पाठकके कुशल मार्गनिर्देशन में सरल संस्कृत अनुष्ठान समिति के तत्वावधान में बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में विगत दस दिवस से चल रहे कार्यालय कर्मचारियों एवं संस्कृतेतर अध्यापकों के लिए संस्कृत सम्भाषण शिविर का समापन हो गया। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. मदन मोहन पाठक व मुख्यातिथि के रूप में परिसर के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश पांडेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में परिसर के कर्मचारी कमलकिशोर द्वारा मंगलाचरण से किया गया। स्वागत भाषण डॉ गोविंद शुक्ल ने किया। तदुपरांत कार्यक्रम के मुख्यातिथि डा. सुरेश पांडेय ने सभी को संस्कृत की महत्ता बताते हुए संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परिसर निदेशक प्रो मदन मोहन पाठक ने सभी को संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि परिसर में संस्कृत मय वातावरण बने इसके लिए सभी को मिलकर प्रयत्न करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान परिसर के संगणक(कंप्यूटर )विषय के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर अमित वालिया सहित अंग्रेजी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष सरोच व इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डा रामनारायण ठाकुर सहित सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव कथन में कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। जिससे सभी में संस्कृत सम्भाषण के प्रति रुचि जाग्रत हो। दस दिवसीय सरल संस्कृत सम्भाषण कक्षा के मुख्य प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम के संचालक डॉ. यज्ञदत्त ने बड़े ही सरल माध्यम से सभी को संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम में परिसर के सभी कार्यालयीय कर्मचारी, अध्यापक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आयोग के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा के 15 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की सूचियां लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानानुसार 2 सितंबर को प्रारूप में प्रकाशित कर दी जाएंगी। प्रारूप में प्रकाशित मतदान केंद्रों की सूचियां 2 सितंबर से 8 सितंबरतक कार्यालय समय के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय, कांगड़ा स्थित धर्मशाला, जिला के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं उप मंडल अधिकारी (नागरिक) व समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के नि:शुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त उपरोक्त मतदान केंद्रों की सूचियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश, शिमला की विभागीय वेबसाइट पर भी देखी जा सकती हैं। उपायुक्त ने जिला कांगड़ा के समस्त नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण के संबंध में अपनी कोई आपत्ति/ सुझाव प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो वे अपना अभ्यावेदन उपरोक्त समस्त स्थानों में 8 सितंबरतक प्रस्तुत कर सकते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा में इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीनों का प्रथम स्तरीय निरीक्षण 16 सितंबरसे किया जाएगा। इस बाबत शुक्रवार को डीसी कार्यालय में समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी डा निपुण जिंदल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने समस्त राजनीैतिक दलों के पदाधिकारियों को इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीनों का प्रथम स्तरीय निरीक्षण के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की प्रतियां भी उपलब्ध करवाई गई तथा समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को 16 सितंबर से प्रत्येक दिन ईवीएम के निरीक्षण के समय अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है तथा कार्य में किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी उपस्थित अधिकारियों या कंपनी के अभियंताओं को सूचित करें, ताकि शंकाओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जा सके।
बहरापन जागरूकता सप्ताह को देखते हुए जिला स्तरीय बहरापन जागरूकता शिविर का आयोजन पपरोला पंचायत घर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बहरापन के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकार डॉक्टर अनुराधा ने बताया कि बहरापन कैसे हो सकता है, कैसे हम इसे रोक सकते हैं और इसके क्या लक्षण होते हैं इस पर ध्यान देना चाहिए। कान को चोट इत्यादि से बचाना चाहिए, ज्यादा शोर वाले स्थानों पर जाने से बचें, कभी भी संगीत को ज्यादा ध्वनि में ना सुने, यदि आप किसी शोर-शराबे की जगह काम करते हैं तो ईयर प्लग का प्रयोग करें, कान का मैल कभी भी खुद नहीं निकालना चाहिए, इन सभी कारणों से सुनने की क्षमता कम हो सकती है या पूर्णतया जा सकती है। कानों में किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, समय रहते यदि हम उचित चिकित्सा सहायता ले लें तो बहरेपन को काफी हद तक रोक सकते हैं ढ्ढ उन्होंने आगे बताया के जन्म के बाद ही छोटे बच्चों में उसके शैशवकाल से ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चा ठीक ढंग से सुन पा रहा है या नहीं इसके लिए आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों की घर पर देखभाल करने का कौशल सिखाया गया है, जिसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ता जन्म से लेकर 18 महीने तक समय-समय पर बच्चे के विकास पर नजर रखती हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो समय पर उसका इलाज करवाया जा सके, कानों में किसी भी प्रकार का संक्रमण या दिक्कत होने पर जल्दी से जल्दी डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए है ताकि ताकि बहरेपन बहरेपन को रोका जा सके ढ्ढ गर्भवती माता में मिसल रूबेला के टीकाकरण से भी इस पर लोग रोक लगाई जा सकती है कार्यक्रम में उपस्थित जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी श्रीमती जगदंबा मेहता ने बताया की बहरेपन के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं गर्भावस्था में मिस्र रूबेला होने से भी बहरापन हो सकता है गर्भावस्था के दौरान थायरोक्सिन की कमी से गर्भावस्था के दौरान कुछ ऐसी, एंटीबायोटिक जैसे स्ट्रेप्टोमाइसिन अमीकासिन आदि दवाइयां के सेवन, शिशु में सही पोजीशन में अगर दूध न पिलाया जाए तब भी बच्चों में कान से पस निकलने और बहरापन जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं अगर कानों में किसी भी नुकीली चीज से छेड़छाड़ करने पर या मैल निकालने कान का पर्दा फट सकता है और बहरापन भी हो सकता है कान पर जोर से थप्पड़ या चोट से भी कानों में नुकसान हो सकता है। इस जागरूकता शिवर का उद्देश्य है सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी आशा वर्कर्स और सेवा प्रदाताओं के माध्यम से जानकारी को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया आज के कार्यक्रम का का उद्देश्य है की भावनाओं को और इन लक्षणों को हम कैसे पहचान सकते हैं और इन लक्षणों को कैसे रोका जा सकता है बचपन में बहरेपन की पहचान से बच्चों में जल्दी होने से कोलिया ट्रांसप्लांट भी करवाया जा सकता है।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते बनखंडी शेरलोहारा के निवासी लाल चंद नरोत्रा पुत्र नानक चंद पीडब्ल्यूडी में लगभग 29 साल 9 महीने सेवाएं देने के उपरांत मेट के पद से सेवानीवृत्त हो गए। लाल चंद नरोत्रा पीडब्ल्यूडी हरिपुर में बतौर मेट के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत्ति होने पर एसडीओ गुरबचन सिंह ने उन्हें सम्मानित भी किया। इसके अतिरिक्त उनके परिवार ने उनका घर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया, वहीं कार्यक्रम स्वरूप रात्रि माता के जागरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें गायक सौरव शर्मा, संजीव कुमार ने दरबार में हाजरी लगाई।
प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल के हर वर्ग और हर व्यक्ति को परेशान किया हुआ है। आपदा की इस घड़ी में पीड़ित प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द राहत दिलाने की बजाए सुखविंदर सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार केंद्र के सहयोग को नजरअंदाज करते हुए अकारण शोर मचाए जा रही है। उनका यह शोर कांग्रेस की नाकामी को खुद ही साबित कर रहा है। प्रदेश भाजपा मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु ने जारी एक ब्यान में कांग्रेस सरकार से कहा कि बिना मतलब के शोर मचाने की बजाए लोगों के राहत देने की ओर काम करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से हर कोई आहत एवं परेशान है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता के दर्द को समझते हुए केंद्र सरकार से मिलकर हर संभव सहायता कर रहे हैं। डा. राजीव बिंदल और जयराम ठाकुर की ओर से दिए गए फीडबैक के आधार पर केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए आर्थिक सहयोग किया। दुर्भाग्य की बात है कि इसके बावजूद सीएम सुक्खू और उनके नेता इस सहयोग को नकार रहे हैं और कह रहे हैं कि केंद्र सहयोग नहीं कर रहा है।
भाजपा संगठनात्मक जिला देहरा के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार पर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 200 रुपये घटाकर पीएम मोदी ने बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। इसी प्रकार उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सिलेंडर 400 रुपये सस्ता मिलेगा। इस निर्णय का हम स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को केंद्र सरकार से सीखना चाहिए कि किस प्रकार से जनता के पक्ष में काम किया जाता है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश भर और प्रदेश को राहत देने का कार्य कर रहे हैं वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार डीजल में वैट बढ़ोतरी कर प्रदेश में महंगाई को बढ़ावा दे रही है। केंद्र की मोदी सरकार पूरे देश भर में 75 लाख नए उज्ज्वला कनेक्शन भी बांटेगी। उज्जवला योजना के तहत अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना की सब्सिडी पर वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 6,100 करोड़ रुपए खर्च किए थे। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है। उन्होंने कहा की प्रदेश के प्रत्येक घर में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की पूर्व जयराम सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश गृहिणी सुविधा योजना का शुभारंभ किया गया था। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को 26 मई 2018 को लांच किया गया था। इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिकों को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए थे। केंद्र सरकार द्वारा भी ऐसी ही एक योजना का संचालन किया जाता है जिसका नाम उज्जवला योजना है। उज्जवला योजना के माध्यम से भी निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश ग्रहणी सुविधा योजना के माध्यम से उन ग्रहणीयो को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं जो केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के दायरे में नहीं है। गृहिणी सुविधा योजना के संचालन से हिमाचल प्रदेश देश का पहला एलपीजी युक्त एवं धुआं मुक्त राज्य बना है। इसके अलावा धुएं से होने वाली बीमारियों से भी महिलाओं को निजात मिली है। प्रदेश में उज्जवला योजना के अंतर्गत 21.81 करोड़ रुपए की लागत से 1.36 लाख निशुल्क घरेलू कनेक्शन प्रदान किए गए हैं एवं हिमाचल प्रदेश सरकार की ग्रहणी सुविधा योजना के माध्यम से 120 करोड़ रुपए की लागत से 3.23 लाख ग्रहणीयो को गैस सिलेंडर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा की वैश्विक एलपीजी बेंचमार्क (दाम) अप्रैल 2020 से अप्रैल 2022 के दौरान 303त्न बढ़ गई थीं तब मोदी सरकार इस दौरान देश में एलपीजी की कीमतें केवल 63त्न बड़ाने दी। यह दिखाता है कि केंद्र की मोदी सरकार ने किस प्रकार से जनता को रात देने के लिए उत्तम कार्य किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि गगल में प्राइवेट मेडिकल स्टोर से निषेध ड्रग्स पकड़े गए हैं। इसके साथ ही एक होलसेल स्टोर है, जिससे भी सप्लाई की जा रही है। स्टोर में आठ घंटे तक पुलिस की ओर से छानबीन की गई। इसमें एटीजोमाल, ट्रमाडोल, साइकोजोंन सहित अन्य निषेध को बेचा जा रहा है, जिसमें 1629, 935 टैबलेट, 10 इंजेक्शन सहित अवैध स्टॉक एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया है। साथ ही गगल पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। इसमें मेडिकल स्टोर के ऑनर को अरेस्ट किया गया है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
उपमंडल जयसिंहपुर में 33 के. वी. कंगेहन-जयसिंहपुर लाईन के जरूरी रखरखाव के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों में 2 सितम्बर को बिजली गुल रहेगी। सहायक अभियंता सुशील शर्मा ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि गाँव जयसिंहपुर, संघोल, हारसी, करनघट, हड़ोट, लोअर लम्बागाँव, अप्पर लम्बागाँव, तलवाड, कोटलू, नाहलना, धुपकियारा, कोसरी, सुआं, उतरापुर व आसपास के गाँवो में सुबह 9:00 बजे से काम समाप्त होने तक विधुत आपूर्ति बाधित रहेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
कहा, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से मिलेगा पर्यटन को बूस्ट, आपात स्थितियों में भी मिलेगी मदद धर्मशाला के रक्कड़ में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत पहले चरण की स्वीकृति मिल गई है। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए लगभग 25 कनाल भूमि के लिए वन स्वीकृति वांछित थी। उन्होंने बताया कि रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण को लेकर एफसीए के तहत लगाई गई आपत्तियों का प्रशासन द्वारा निराकरण करने के बाद स्टेज वन की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि अब वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत दूसरे चरण की स्वीकृति मिलने के बाद रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। जिलाधीश ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन पर्यटन राजधानी कांगड़ा में दो स्थानों में हेलीपोर्ट बनाए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार धर्मशाला के रक्कड़ और पालमपुर में इसका निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पालमपुर में चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय में लगभग 82 कनाल भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पालमपुर में हेलीपोर्ट के निर्माण में लगभग 9 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पालमपुर में चयनित स्थान पर हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं धर्मशाला के रक्कड़ में लगभग 6 करोड़ रूपये की लागत से 25 कनाल भूमि में हेलीपोर्ट बनकर तैयार होगा। उन्होंने बताया कि पालमपुर में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है तथा धर्मशाला में स्टेज टू की वन स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य किया जाएगा। डीसी ने कहा कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी यह उपयोगी होगा। इससे मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को एयरलिफ्ट करने में भी मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त इन हेलीपोर्ट को किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान निकासी स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है और संकट के समय में राहत प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र में हेलीपोर्ट से जुड़ी सेवाएं अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यटन राजधानी में एयर क्नेक्टिविटी होगी सुदृढ़ डीसी ने बताया कि पर्यटन राजधानी कांगड़ा में एयर क्नेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हेलीपोर्ट निर्माण के अलावा कांगड़ा एयरपार्ट के विस्तार की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य प्रगति पर है और रनवे की लम्बाई 1372 मीटर से बढ़ाकर 3010 मीटर की जाएगी ताकि यहां पर बड़े विमान भी उतर सकें। युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर डीसी ने कहा कि पर्यटन विकास के अलावा सामरिक दृष्टि से भी यह परियोजनाएं अति महत्वपूर्ण हैं। इससे जहां जिला कांगड़ा के साथ प्रदेश में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा, वहीं देश की सुरक्षा के लिहाज से भी इनका महत्व है। उन्होंने बताया कि जिले में बेहतर एयर क्नेक्टिविटी से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।
कृषि मंत्री बोले-पेयजल, सड़क तथा विद्युत को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर करें कार्य शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को लेकर नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करना जरूरी होगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को भी कारगर कदम उठाने चाहिए ताकि आपदा की स्थिति में जान माल के नुकसान को कम किया जा सके। यह बात बुधवार को धर्मशाला के मिनी सचिवालय में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कृषि एवं पशु पालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आपदा प्रबंधन के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक पहलु पर विचार जरूरी है तथा उसी के आधार पर योजनाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा। चंद्र कुमार ने कहा कि बार बारिश के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ है तथा राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से लोगों के राहत तथा पुनर्वास के लिए कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब मानसून धीरे-धीरे समापन की ओर है तथा अब सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अपने विभागों से संबंधित परियोजनाओं की बहाली के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी उपायुक्तों तथा संबंधित विभागों को 165 करोड़ की धनराशि जारी की गई है ताकि प्रारंभिक तौर पर मुख्य मार्गों, पेयजल योजनाओं और विद्युत योजनाओं की बहाली सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप, भू-स्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है और आपदा संबंधित जोखिम को कम करने के लिए ऐसी घटनाओं से प्राप्त डाटा का संकलन और इसकी निरंतर निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी ढलानों के कटान, मलबा प्रबंधन और निर्माण से निकलने वाले मलबे के लिए निर्धारित बिन्दुओं की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण जो लोग बेघर हुए हैं उनके पुनर्वास के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं इस के लिए राजस्व विभाग सभी पहलुओं पर विचार करे ताकि आपदा प्रभावितों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने भी रिलीफ मैन्युल में राहत राशि को पांच गुणा से लेकर दस गुणा तक बढ़ाया है इसके साथ ही बारिश के कारण क्षतिग्रस्त फसलों के नुक्सान के लिए भी मुआवजा राशि तय कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावितों को समय पर राहत राशि मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मिनी सचिवालय में सुनीं लोगों की जनसमस्याएं कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने बुधवार को मिनी सचिवालय में लोगों की समस्याएं सुनीं तथा अधिकतर का मौके पर निपटारा भी सुनिश्चित किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए धर्मशाला के मिनी सचिवालय में माह में दो बार लोगों की समस्याएं सुनीं जाएगी। इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे, ताकि समस्याओं एवं शिकायतों को अधिकारियों के सामने ही दूर किया जा सके। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया, कांग्रेस के सचिव पुनित मली तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां में पिछले दिनों खेलो इंडिया के तहत हुई जिला स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में देहरा उपमंडल की सात खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अलग-अलग कटेगरी में इन लड़कियों ने पांच गोल्ड और दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं। 45 किलोग्राम भार वर्ग में अक्षिता ने सिल्वर और 49 किलोग्राम वर्ग में प्रियंका ने गोल्ड मेडल जीता है। 55 वर्ग में निधि ठाकुर को गोल्ड, 71 में कृतिका राणा को गोल्ड और 76 वर्ग में शिवानी ठाकुर ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 81 किलोग्राम भार वर्ग में मनीषा ठाकुर और 87 में पूजा ठाकुर ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इनमें से पांच लड़कियां ढलियारा स्थित एक शिक्षण संस्थान की छात्राएं हैं। वहीं देहरा के विधायक होशियार सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बोले-केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे भाजपा नेता प्रदेश में बरसात से हुई तबाही पर केंद्र से हिमाचल को कोई मदद नहींं की गई है। यह बात पशु पालन एवं कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर भाजपा नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने अगर प्रदेश की मदद की है तो भाजपा नेता इस पर श्वेत पत्र जारी करें। चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल व उत्तराखंड में बरसात से भारी नुकसान हुआ है। मगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी इन हलातों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र से भाजपा के नेता हेलिकाप्टरों में आए और तबाही का मंजर देख घूम फिर कर दिल्ली लौट गए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कुल्लू और मंडी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पहुंचकर हिमाचल को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक हिमाचल को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। केंद्र सरकार से आपदा के लिए जो सहायता सेंक्शन होती है उसी सहायता की एक किस्त प्रदेश को अभी तक मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के संसाधनों से 1000 करोड़ से अधिक की राशि आपदा प्रभावितों को राहत के तौर पर पहुंचाने का काम किया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि पौंग बांध के कारण हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है। कृषि भूमि पानी की भेंट चढ़ गई है। हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। धर्मशाला व मैक्लोडगंज में बनी बहुमंजिला इंमारतों को लेकर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भूकंप जॉन में आता है इसलिए ऐसे होटल व अन्य भवन मालिकों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने टाउनिंग एक्ट की अवहेलना की होगी। उन्होंने कहा कि जहां तक होगा ऐसे होटलों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। सीएम रह चुके जयराम को मालूम होना चाहिए किस हेड से आती आपदा राहत राशि : कृषि मंत्री नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दिल्ली में मुख्यमंत्री का केंद्रीय नेताओं का आभार व्यक्त करने और प्रदेश कांग्रेस के नेताओं द्वारा आपदा में राजनीति करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि आपदा राहत राशि किस हेड से आती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को कोई विशेष राहत नहीं दी गई है। अगर भाजपा नेता अपने स्तर पर केंद्र का आभार व्यक्त करती है तो कर सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार को अगर कोई विशेष राहत पैकेज मिलेगा तो उसका आभार भी व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल मैनुअल आधार पर ही दो किस्तें जारी करने की बात कही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नसीहत देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर को सोच समझकर ही कोई बयान देना चाहिए।
देहरा ब्लॉक में नियुक्त कृषि व पशु सखियों ने जवालमुखी मंदिर में मोटे अनाजों से बने व्यजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान लोगों ने व्यंजनों की काफी तारीफ भी की। प्रदर्शनी में रागी की बर्फी, लड्डू, चॉकलेट, मीठी रोटी, कंगनी की खीर, कोधरे की चाय आदि व्यंजन कृषि व पशु सखियों के द्वारा बनाए गए थे। इस मौके पर ब्लॉक विकास अधिकारी कुलदीप कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने मोटे अनाजों से बने व्यंजनों की काफी तारीफ की और उनसे होने वाले लाभ के बारे में बताया। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023-24 को मोटे अनाजों का वर्ष घोषित किया है। इस मौके पर नीना कुमारी, सविता, अमिता, अभिनंदन, मुकेश व दीपक ठाकुर मौजूद रहे।
शाहपुर में सीवरेज योजना का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शीघ्र शिलान्यास करवाया जाएगा, ताकि शाहपुर नगर पंचायत को साफ तथा स्वच्छ बनाया जा सके। यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया ने मंगलवार को शाहपुर के वार्ड नं चार में विधायक आपके द्वार कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि सीवरेज योजना के कार्यान्वयन को लेकर शाहपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधियों तथा जल शक्ति विभाग के साथ आवश्यक बैठक भी आयोजित की जाएगी, ताकि सीवरेज का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी व शाहपुर को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों के विकास के लिए कृतसंकल्प है तथा इसी दिशा में नौ माह के कार्यकाल में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास की कई सौंगातें प्रदान की गई हैं। पठानिया ने कहा कि लोगों की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक आपके द्वार कार्यक्रम आरंभ किया गया है तथा आम जनमानस को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य तथा शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी कारगर कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने सूबेदार उत्तम सिंह के रास्ते की समस्या के बारे राजस्व विभाग के अधिकारियों को तुरंत जमीन की पैमाइश करने के आदेश दिए गए हैं।
लोटस इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल गरली स्थित सदवां में मंगलवार को खेल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा के भाषण से हुई। उन्होंने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए खेल दिवस के बारे में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को अवगत करवाया। उसके बाद सभी विद्यार्थियों ने खेल के मैदान में कई खेलों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल व दौड़ में भाग लिया।
पुलिस चौकी डाडासीबा के तहत लोअर बठरा में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वहां पर मौजूद लोगों ने कार मे फंसे लोगों को बाहर निकाला व उपचार हेतु सिविल अस्पताल डाडासीबा पहुंचाया। कार चालक बलबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह पत्नी अशोक कुमारी को साथ लेकर डाडासीबा अस्पताल में दवाई लेने गए थे और वापस घर जा रहे थे। इस दौरान लोअर बठरा में सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास कार की ब्रेक फेल होने से कार की रफ्तार तेज हो गई और एक बड़ी ढांक से कार टकराकर कार सीधी हो गई। स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस की सहायता से मरीजों को सिविल अस्पताल डाडासीबा में पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू कर दिया है। उधर, इस संबंध में डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने बताया कि डाडासीबा पुलिस मौके पर पहुंची है व मामले की छानबीन की जा रही है।
राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी में आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया, जिसमें कबड्डी और वॉलीबॉल की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता मे बीसीए, बीए, बीकॉम और बीएससी के छात्रों ने भाग लिया। कबड्डी में प्रथम स्थान पर बीसीए की टीम, द्वितीय स्थान पर बीए की टीम और तृतीय स्थान पर बीकॉम की टीम रही। वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लड़कियों में प्रथम स्थान पर बीए और द्वितीय स्थान पर बीएससी की टीम रही और लड़कों में प्रथम स्थान पर बीकॉम और द्वितीय स्थान पर बीए और तृतीय स्थान पर बीसीए रही। इस दौरान प्राचार्य डॉक्टर सुशील बस्सी, प्राध्यापक वर्ग, कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर विशाल ठाकुर व प्रो. संजय कुमार मौजूद रहे।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रिटायर प्राचार्य डॉ. रमन कुमार ने बतार मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मुख्य अतिथि ने सर्व प्रथम मेजर ध्यान चंद के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की। रमन कुमान ने बताया कि यह दिन हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद जी की याद में उनके जन्म दिवस पर मनाया जाता है। उन्होंने छात्रों को खेलों में भाग लेने के लाभ बताए। उन्होंने छात्रों को खेलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अंजू रानी चौहान ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया तथा उन्हें हाकी सम्राट मेजर ध्यान चंद जी के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। ही उन्होंने महाविद्यालय के छात्रों से खेल प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए उनकी पीठ थपथपाई। इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा इंटर फैकल्टी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न संकायों की दस टीमों ने भाग लिया। कबड्डी में कंप्यूटर विज्ञान संकाय तथा वॉलीबॉल में विज्ञान संकाय की टीम विजेता रही। इसके अलावा बैडमिंटन, चैस, टेबल टेनिस और वेट लिफ्टिंग आदि खेलों का आयोजन भी किया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने भी भाग लिया। खेल प्रतियोगिताओं का संचालन शारीरिक शिक्षा विभाग प्रमुख प्रोफेसर सुशील भारद्वाज ने किया। इसके अलावा वरिष्ठ प्रोफेसर स्वदीप सूद, गुलशन धीमान, प्रोफेसर बृजेश रनौत, प्रो कंचन रनौत, प्रो सुनीता शर्मा, प्रो संजीव जसवाल, प्रो संजीव ठाकुर, प्रो जगदीप, प्रो राजीव ठाकुर, प्रो सुरेश राणा, प्रो बलवित, प्रो पीतांबर सिंह, आरती कौशल, कुशमाक्षी पटियाल, शर्मिता पठानिया, पूर्णेंदु बैंस, शगुन नाग, शैलजा सूद, कपिल सूद, प्रो वंदना राणा, रमेश भट्टी व राज कुमार मनकोटिया आदि ने विभिन्न खेलों का संचालन एवं निरीक्षण किया तथा जज की भूमिका भी निभाई।
डाडासीबा में सैर मेले का महादंगल 17 सितंबर को होगा। इसमें नामी पहलवान अखाड़े में अपनी कुश्तियों के जौहर दिखाएंगे। इस उपलक्ष्य में डाडासीबा लखदाता कांजू पीर मेला दंगल कमेटी की बैठक मंगलवार को राधाकृष्ण मंदिर परिसर में दंगल कमेटी प्रधान रवि दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा व कोषाध्यक्ष अशोक मेहरा उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सैर मेले का आयोजन 17 सितंबर को किया जा रहा है। इस दंगल प्रतियोगिता में हिमाचल पंजाब और हरियाणा के पहलवानों के बीच जोर अजामाइश होगी। इस मौके पर उन्होंने हिमाचल व पंजाब के कुश्ती प्रेमियों सहित सभी स्थानीय निवासियों से इस दंगल में ज्यादा से ज्यादा पहलवानों से हिस्सा लेने की अपील की। इस मौके पर कमेटी के सदस्य प्रमोद जसवाल, संजय शर्मा, राजेंद्र पाल, गुरबचन, रणजीत सिंह, बबली सूद, पंडित अक्षय शर्मा, केवल मैहरा, विमल शर्मा, रितेश शर्मा, नरेश कुमार, पूर्व प्रधान रामकुमार, प्रवीण शर्मा, लकी व बलवीर उपस्थित रहे।
डिप्टी सीएम बोल- आपदा से प्रभावित लोगों को सहारा देना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कांगड़ा जिला में जहां पर बरसात से नुकसान हुआ है और प्रभावित जल सिंचाई विभाग की योजनाओं का भी निरीक्षण कर रहे हैं। वही उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा आज जिला मुख्यालय धर्मशाला में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई थी, जिसमें जिला में हुई बारिश से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा व जानकारी ली गई। इस मौके पर जिला के तमाम अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश आज बड़ी आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश में आपदा से 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार का मुख्य लक्ष्य बेसहारा हुए लोगों को सहारा देना है, ताकि इस आपदा की घड़ी में उनके दुख को बांटा जा सके। उन्होंने कहा कि 400 के करीब मकान कांगड़ा जिला में पूर्ण से ढ़ह गए हैं, लेकिन राहत की बात यह कि लोगों की जान बची है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में 9 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा जिले में 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। रिलीफ कैंप में अभी भी 500 लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिक आंकलन कर रहे हैं कि आपदा का क्या कारण रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राहत और पुर्नवास कार्यों में लगा हुआ है। जलशक्ति विभाग को काफी नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की हर मदद के लिए जहां लोग आगे आए हैं तो वहीं अन्य राज्यों द्वारा भी प्रदेश को मदद की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रमुख और मुख्य लक्ष्य सरकार पुर्नवास ही है, प्रभावितों को उनके मकान देना वैकल्पिक जमीन देना सरकार की प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उन कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित करेगी, जिन्होंने आपदा के दौरान बेहतर कार्य किया है। वहीं कांगड़ा में पहाड़ियों का दरकना ओर खिसकना चिंताजनक है मकान नहीं टूटे हैं लोगों के दिल टूटे है, हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ खड़ी है।
भाजपा के पूर्व मंत्री एवं संसदीय क्षेत्र प्रभारी बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सरकार आपसी मतभेदों में उलझी हुई है, जिसका प्रभाव सीधा-सीधा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर हो रहा है। सरकार का एक मंत्री लगातार बयान दे रहा है कि ये नुकसान खनन के कारण हुआ है और सरकार का दूसरा मंत्री और कुछ विधायक इस बात को डिफेंड करने में लगे हैं कि खनन के कारण यह नुकसान नहीं हुआ है। कांग्रेस के नेताओं के विरोधाभासी बयान अधिकारियों को कार्य करने में बाधा पहुंचा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य इसके कारण प्रभावित हो रहा है और पिक एण्ड चूज करते हुए सहायता दी जा रही है। भाजपा ने इस मामले में सीपीएस की घेराबंदी शुरू कर दी है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विधायक के स्वयं के क्रशर हैं, ऐसे में उन्हें खनन अच्छा लग रहा है। दरअसल सीपीएस राम कुमार चौधरी ने बद्दी में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस वर्ष अगर सरसा नदी में माइनिंग नहीं हुई होती तो 16 फुट हाइट का पानी गया होता। इस कारण बद्दी से लेकर नालागढ़ तक जितने भी गांव सरसा नदी के साथ लगते हैं, वे सभी तबाह हो जाते। उन्होंने बताया को लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अवैध खनन पर लगाम लगाने को लेकर सशक्त नीति बनाई जाएगी। वह जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह एवं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से अवैध खनन की समस्या को समाप्त करने को लेकर एक सशक्त नीति बनाने का मामला उठाएंगे ताकि अवैध खनन को नियंत्रित किया जा सके। दूसरी ओर बारिश से हुई तबाही के मामले पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। हाल ही में विक्रमादित्य सिंह ने कुल्लू दौरे के दौरान अपने बयान में कहा कि यह सब चीजें अवैध खनन से हुई हैं। नदी और नालों का रुख बदल गया है। इस अवैध खनन में किसका हाथ है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बड़ी मात्रा में पानी आया है, इससे तबाही हुई है। एक दो स्थानों पर अवैध खनन हो सकता है। क्या पूरे कुल्लू जिले में अवैध खनन हुआ है। कुल्लू में जो त्रासदी हुई है। वह बाढ़ से हुई है। ब्यास नदी के किनारे माइनिंग लीज नहीं दी गई है। हर्षवर्धन विक्रमादित्य के बयान से सहमत नहीं हैं। नदी नालों के 100 मीटर के बाहर माइनिंग की अनुमति दी जाती है। विक्रमादित्य सिंह का बयान समझ से परे है। उन्होंने कहा की इस लड़ाई से प्रदेश भर में असमंजस का माहौल है।


















































