पठानकोट पुलिस ने पांच कुख्यात तस्करों के एक समूह से 207 किलोग्राम भूकी बरामद की है, जिसकी कीमत लाखों रुपये है। एफआईआरयू/एस 15/61/85 एनडीपीएस एक्ट थाना नंगल भूर, पठानकोट के दर्ज होने के बाद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लुधियाना के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले सतविंदर सिंह, राकेश कुमार, तेजविंदर सिंह, गुरबाज सिंह और धर्मिंदर सिंह के रूप में हुई है. जबकि सतविंदर सिंह, राकेश कुमार और तेजविंदर सिंह पंजीकरण संख्या पीबी 11 बीआर 9443 के साथ हुंडई वर्ना कार में यात्रा कर रहे थे, गुरबाज सिंह और धर्मिंदर सिंह टाटा ट्रक में पंजीकरण संख्या पीबी 12 एम 7631 के साथ यात्रा कर रहे थे। इस मौके पर बोलते हुए पठानकोट के पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख ने कहा, "हम मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ,कड़ी कार्रवाई करना जारी रखेंगे। एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस पार्टी ने पंजीकरण संख्या पीबी 11 बीआर 9443 वाली एक हुंडई वेरना कार को रोका, जो पंजीकरण संख्या पीबी 12 एम 7631 के साथ एक टाटा ट्रक को एस्कॉर्ट कर रही थी। स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) के नेतृत्व में पुलिस टीम ) नांगल भूर थाना के एसआई शोहरत मान ने पुलिस पार्टी के साथ एक वरना कार एस्कॉर्टिंग ट्रक को रोका और ट्रक से 207 पोस्ता भूसा जब्त किया। सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी खख ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तेजी से कार्रवाई और समर्पण के लिए अभियान में शामिल टीम की भी सराहना की है। आरोपितों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए चल रहे प्रयासों में पठानकोट पुलिस के समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए सफल आवक्ष एक वसीयतनामा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह सतर्क रहेगी और इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। पठानकोट पुलिस ने भी नागरिकों से आगे आने और मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए बागवानी, वानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी और कृषि-व्यवसाय में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर लॉग इन करके आवेदन कर सकते हैं। सभी कार्यक्रमों की विस्तृत विवरणिका विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है। विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में स्थित बागवानी महाविद्यालय,वानिकी महाविद्यालय और नेरी और थुनाग में बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालयों के एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई। विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में बीएससी बागवानी और बीएससी वानिकी, एमएससी, एमबीए एग्री-बिजनेस, एमटेक खाद्य प्रौद्योगिकी और नेरी महविद्यालय में बीटेक बायोटेक्नोलॉजी और बीटेक खाद्य प्रौद्योगिकी प्रोग्राम के लिए आवेदन किया जा सकता हैं।
कांगड़ा जिले की प्रत्येक तहसील और उपतहसील में 15 तथा 16 मई को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सहायता कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंप में लाभार्थी किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लाभार्थियों को किस्त जारी करने के लिए प्रत्येक लाभार्थी की ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग तथा बैंक खाते से आधार सीडिंग का होना आवश्यक है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 14वीं किस्त उन्हीं किसानों को जारी होगी जिनके उक्त तीनों कार्य पूर्ण होंगे। इसके अतिरिक्त नए स्व पंजीकरण के कई मामले अनुमोदन के लिए लंबित हैं। इसलिए लाभार्थी किसानों की सुविधा के लिए जिले में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. भारती प्रवीन पवार ने कहा कि स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में नवाचार ही भविष्य की सुरक्षा का आधार है। डाॅ. भारती प्रवीन पवार आज हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िला के कसौली स्थित केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली के 119वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को मुख्यातिथि के रूप में सम्बोधित कर रही थीं। डाॅ. भारती प्रवीन पवार ने कहा कि प्रौद्योगिकी में बदलाव के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की प्रक्रिया नवीन रूप ले रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि रोगों के कारक भी नित नया रूप ले रहे हैं। कोविड-19 महामारी में वायरस के बदलते स्वरूप के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से हम सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार के सकारात्मक परिणाम टीकाकरण सहित कोरोना वैक्सीन के रूप में प्रत्यक्ष हैं। मंत्री ने कहा कि देश में टीकाकरण कवरेज में केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1905 में अपनी स्थापना के समय से ही केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान नवाचार अपनाकर रोगों के उपचार के लिए टीकों के उत्पादन में राह दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश को सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाने के लिए यह संस्थान अग्रसर है। अपनी 118 वर्षों की यात्रा में संस्थान ने मील के अनेक ऐतिहासिक पत्थर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में बीएसएल- III स्तर की प्रयोगशाला स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यहां तपेदिक रोग के टीकों के वाणिज्यिक उत्पादन के लिए परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा जताई कि संस्थान तकनीक के माध्यम से जन सेवा के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए भविष्य में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा। उन्होंने इस अवसर पर कोरोना टीकाकरण, आयुष्मान भारत और डी-संजीवनी सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने संस्थान को 118 वर्ष का उपलब्धियों भरा सफ़र पूर्ण करने पर बधाई दी।
हिमाचल की समृद्ध वन सम्पदा लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हिमालयी क्षेत्र में चीड़ की पत्तियां आसानी से विघटित न होने (नॉन-बॉयोडिग्रेडेबल) और अपनी उच्च ज्वलनशील प्रकृति के कारण आग लगने की घटना का मुख्य कारण बनती हैं। हर वर्ष प्रदेश में वनों में आग लगने की लगभग 1200 से 2500 घटनाएं होती है। इस समस्या के समाधान तथा वन संपदा से स्थानीय लोगोन की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार चीड़ की पत्तियों से संपीड़ित (कम्प्रेस्ड) बॉयोगैस के उत्पादन पर विचार कर रही है। राज्य सरकार और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के मध्य कम्प्रेस्ड बॉयोगैस (सीबीजी) उत्पादन के लिए हाल ही में एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है। प्रदेश में चीड़ की पत्तियों के माध्यम से जैव ईंधन का उत्पादन करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इससे पर्यावरण अनुकूल जैविक कचरे के उचित निपटारे में सहायता मिलेगी। प्रदेश के वन अपशिष्ट लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। अत्याधुनिक पायरोलेसिस और अन्य तकनीकों के माध्यम से चीड़ की पत्तियों के उपयोग से जैव ईंधन के उत्पादन से वनों की आग और ऊर्जा संकट जैसे मामलों से निपटने में भी मदद मिलेगी। हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार और ओआईएल सीबीजी सहित नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का दोहन और इसे विकास मंे सहयोग करेंगे। प्रदेश के कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों के बड़े भू-भाग मंे चीड़ के जंगल हैं। हाल ही में किए गए अनुसंधान से पता चलता है कि चीड़ कीे पत्तियों को सीबीजी में परिर्वतित किया जा सकता है जो ऊर्जा का एक स्थाई संसाधन हैं। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों मंे रहने वाले लोगों के लिए चीड़ से बायोगैस का उत्पादन रोजगार का एक अच्छा जरिया साबित हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश में खैर के पेड़ों के कटान से संबंधित दो मामले उच्चतम न्यायलय में 10 मई को सूचीबद्ध हुए हैं। प्रदेश सरकार खैर उत्पादक किसानों को राहत प्रदान करने के दृष्टिगत ‘दस वर्षीय कटान कार्यक्रम’ के अतंर्गत खैर के कटान पर लगाई गई शर्त हटाने तथा सुविधा अनुसार उन्हें खैर कटान की अनुमति प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायलय में अपना कानूनी पक्ष रखेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय राज्य सरकार के पक्ष में आता है तो इससे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खैर के पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग की अनुमति अनिवार्य नहीं रहेगी। कहा कि इससे किसान अपनी सुविधा और आर्थिक आवश्यकताओं के अनुसार इसका कटान करने में सक्षम हो सकेंगे। खैर की लकड़ी से प्राप्त ‘कत्था’ औषधीय गुणों से परिपूर्ण होने के कारण इसका विभिन्न दवाईयांे के उत्पादन मंेे उपयोग किया जाता है। ऐसे मंे राज्य सरकार की दलील है कि वनवर्धन (सिल्वीकल्चर) के दृष्टिगत खैर का कटान वन प्रबंधन सहित प्रदेश के राजस्व अर्जन के लिए भी बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खैर को दस साल के कटाई कार्यक्रम के दायरे से बाहर करने और राज्य के किसानों के पक्ष में भूमि संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में छूट से संबंधित सुझाव प्रदान करने के लिए पूर्व में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति द्वारा न्यायालय कोे अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है और इस रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिए जाने की संभावना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन 14 मई को सिरमौर जिला, 16 मई को महासू जिला और 18 मई को सोलन जिला के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। दौरे के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री एक बैठक में भाग लेंगे जिसके जिला पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, जिला में प्रदेश से पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, जिला के विधायक एवं 2022 के प्रत्याशी, मंडल अध्यक्ष एवं महामंत्री, मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री, प्रकोष्ठ के जिला संयोजक, जिला परिषद के सदस्य , बीडीसी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष नगर परिषद नगर पंचायत नगर निगम के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे।
पुलिस ने मोहली में तिलक सूद निवासी दुग्गल तहसील गोहर जिला मंडी से 505 ग्राम चरस बरामद की है। इस सन्दर्भ में पुलिस थाना धर्मशाला में जेर धारा 20-61-85 स्वापक औषधी एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम में मामला पंजीकृत किया गया है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी से दिल्ली के लिए वोल्वो बस को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वोल्वो बस के शुरू होने से जहां माता के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आगमन की सुविधा उपलब्ध होंगी वहीं प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा । उप मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में हाल ही के दिनों में 11 वोल्वो बसों को शामिल किया गया है, जिससे निगम के बेड़े में कुल 76 वोल्वो बसें हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस वोल्वो बस सेवा के साथ अन्य रूटों पर भी वोल्वो बस रूट प्रस्तावित है, जिसमें टापरी-चंडीगढ़ एयरपोर्ट, शिमला-जयपुर, शिमला-श्रीनगर एवं शिमला-दिल्ली एयरपोर्ट के लिए शामिल है। उन्होंने बताया कि यह वोल्वो बस प्रातः 10ः30 बजे वाया मुबारिकपुर, अंब, ऊना, चंडीगढ़ होते हुए रात्रि 8 बजे दिल्ली पहुंचेंगी। वहीं वापसी में दिल्ली से रात्रि 9ः45 बजे चलकर प्रातः 7ः30 बजे चिंतपूर्णी पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि इस वोल्वो बस में एक तरफ का किराया चिंतपूर्णी से दिल्ली का 1040 रुपए निर्धारित किया गया है वहीं चिंतपूर्णी से चंडीगढ़ तक का किराया 500 रुपए निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है इसी उद्देश्य से आज यह वोल्वो बस सेवा शुरू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त चिंतपूर्णी माता-खाटूश्याम जी, बाबा बालकनाथ जी-अमृतसर, बाबा बालकनाथ दियोटसिद्ध-दिल्ली के लिए भी बस सेवाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी बस सेवाओं की सभी औपचारिकताएं शीघ्र ही पूर्ण कर शुरू की जाएंगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री, चिंतपूर्णी विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रंजीत सिंह राणा, जिला महामंत्री प्रमोद कुमार, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, डीएम एचआरटीसी अवतार सिंह, डीएम एचआरटीसी कुशल सिंह, आरएम सुरेश धीमान एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रसिद्ध शक्तिपीठों की तर्ज पर प्रदेश के अन्य मंदिरों का भी विकास किया जाएगा। मंदिरों के विकास एवं उत्थान से ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने चिंतपूर्णी प्रवास के दौरान क्षेत्र को करोड़ों की सौगातें दीं। उन्होंने चिंतपूर्णी क्षेत्र में 4.26 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण किए, जिसमें 1 करोड़ 70 लाख की मुबारिकपुर-भरवाईं की स्मार्ट एलईडी लाइट्स का शिलान्यास, 32 लाख 21 हजार की माधो का टीला में शौचालय सुविधा का शिलान्यास व माधो का टीला में 1 करोड़ 84 लाख के सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त 20 लाख 44 हजार की लाइब्रेरी तथा प्रथम फेज के अंतर्गत मंदिर परिसर में स्थापित 19 लाख 99 लाख से स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकापर्ण किया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंदिर न्यास समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में माता श्री चिंतपूर्णी परिसर में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में बिजली, पानी व सड़क के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर चिंतपूर्णी विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रंजीत सिंह राणा, जिला महामंत्री प्रमोद कुमार, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी में हिमाचल प्रदेश की 19वीं राज्य स्तरीय वुशु प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में मंडी की टीम ओवरऑल विजेता बनी। वहीं, सांडा प्रतियोगिता में पहला स्थान मंडी, दूसरा स्थान शिमला और तीसरा स्थान सोलन की टीम ने हासिल किया। ताउलू प्रतियोगिता में पहला स्थान डब्ल्यूईसी मंडी, दूसरा स्थान मंडी जिला और तीसरा स्थान बिलासपुर की टीम ने हासिल किया। दो दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला खेल अधिकारी सोलन सविंद्र कैंथ ने किया। वहीं, समापन समारोह के अवसर पर असिस्टेंट कमिश्नर, स्टेट टैक्सेज एंड एक्साइज हिमाचल प्रदेश बीआर नेगी ने विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के आठ जिलों के 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। आईईसी विश्वविद्यालय की ओर से प्रतियोगिता के अलग-अलग वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 50 खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक, 50 खिलाड़ियों को रजत पदक और 100 खिलाड़ियों को कांस्य पदक से नवाजा गया। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के प्रो. वाइस चांसलर डॉ. रणदीप सिंह, रजिस्ट्रार विनोद कुमार, डीन अकैडेमिक अफेयर डॉ. विजय ठाकुर आदि उपस्थित रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश वुशु संघ के महासचिव पीएन अजाद वुशु संघ सोलन के अध्यक्ष जतिंदर राणा जी, प्रधान आनंद ठाकुर, महासविच श्याम लाल ठाकुर, कोषाध्यक्ष हरेदव सैणी, महासविच जिला कुल्लू के लूदर चंद, महासविच कांगड़ा पवन नाग, महासविच मंडी खेम चंद, राज्य कार्यालय सचिव रमेश कुमार, राज्य कोषाध्यक्ष पूर्ण चंद, हेम राज उपस्थित रहे।
उद्योग, संसदीय कार्य एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांगड़ा जिले को आईटी हब बनाया जाएगा। आईटी पार्क बनाने के लिए पालमपुर में 558 कनाल भूमि का चयन किया गया है। उद्योग मंत्री ने यह बात पालमपुर हलके के अंतर्गत भगोटला और घमरोता (राख) में आईटी पार्क के लिए चयनित की गई भूमि की स्पॉट विजिट करने के दौरान कही। मुख्य संसदीय सचिव शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति उनके साथ मौजूद रहे। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा में आईटी सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए हैं और कांगड़ा को आईटी हब बनाने के लिए विशेष प्रयास आरंभ किए गए हैं। उन्होंने भगोटला की स्पॉट विजिट कर इसे उपयुक्त स्थान बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 558 कनाल सरकारी भूमि उपलब्ध होने से आईटी पार्क बनाने में लाभ होगा। उन्होंने अधिकारियों को भी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग ने आइटी पार्क के लिए 3-4 स्थानों को चिन्हित किया है और मुख्यमंत्री ने उन्हें तथा सरकारी अधिकारियों को इन स्थानों की स्पॉट विजिट करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसे आगे बढ़ाने के लिये आज अधिकारियों के साथ दो स्थानों को देखा गया है। उन्होंने विभाग को आदेश दिये कि समयबद्ध जमीन के अधिग्रहण कर अन्य तारीख तक पूर्ण कर उद्योग विभाग के नाम ट्रांसफर करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये। उन्होंने कहा कि घमरोता (राख) की जमीन भी सरकारी मापदंडों के अनुरूप अगर उपयुक्त होगी तो इसे भी अधिग्रहण करने पर विचार किया जाएगा। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार पर खर्च होंगे दो हजार करोड़ चौहान ने कहा कि सरकार ने कांगड़ा जिला को विशेष पहचान देने के लिए कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांगड़ा में सरकार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को आईटी हब बनाने की दिशा में विशेष प्रयास हो रहा है। कांगड़ा में इंटरनेशनल लेवल का गोल्फ कोर्स और ज़ू बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिये कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिये भू अधिग्रहण के लिए 2000 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष त्रिलोक चंद, नगर निगम पालमपुर की महापौर पूनम वाली, पार्षद संजय राठौर, मदन दीक्षित, एसडीएम पालमपुर डॉ. अमित गुलेरिया, डीएफओ नितिन पाटिल, तहसीलदार सार्थक शर्मा, जीएम डीआईसी राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार गरीब परिवारों के पक्की छत के सपने को साकार करने के साथ उनके सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए कटिबद्ध है। यह विचार उन्होंने आज मंगलवार को जवाली विश्राम गृह में सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत मकान बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 68 पात्र लाभार्थियों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राशि के स्वीकृति पत्र वितरित किए, जबकि अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत 23 लाभार्थियों को सिलाई मशीनें भी वितरित कीं। कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए पूरी सेवा और समर्पण की भावना से कार्य कर रही है। हर वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए नए बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं ताकि लोगों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 9 लाख से अधिक पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। जिसमें से अकेले कांगड़ा ज़िला में ही 1 लाख 67 हज़ार लोगों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने इस मौके पर जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकतम का मौके पर निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। ज़िला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के कार्य में और पारदर्शिता सुनिश्चित बनाने के साथ लोगों को घर-द्वार पर सुविधा प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा नई ऐप विकसित की है जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति घर बैठे इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवा सकता है। कार्यक्रम में नगर पंचायत के अध्यक्ष राजेंद्र राजू, उपाध्यक्ष एवी पठानिया, कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह संसारी, कांग्रेस नेता अश्वनी चौधरी, सरन दास सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी, विभागों के अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का 24वां स्थापना दिवस कालीबाड़ी शिमला में मनाया गया। इसमें सभी जिलों के जिला प्रधान/सचिव, यूनिट प्रधान /सचिव, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा ने दीप प्रज्वलित करके इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम रूपरेखा के अनुसार सिटी यूनिट शिमला के चुनाव करवाए गए। उसके उपरांत जिला शिमला के चुनाव करवाए गए। तकनीकी कर्मचारी संघ जिला शिमला ने प्रदेश कार्यकारिणी का शिमला पधारने पर स्वागत किया। इस कार्यक्रम में तकनीकी कर्मचारी संघ के जो पदाधिकारी सेवानिवृत्त हुए थे, उनको सम्मानित किया गया। उसके पश्चात कार्यसमिति की बैठक आरंभ हुई। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखे। सरकार बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े 6000 पदों को जल्द भरे प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े 6000 पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करे। इसके साथ ही टी मेट को ALM और हेल्पर को सब स्टेशन अटेंडेंट प्रमोट करे इसके साथ कनिष्ठ अभियंता फीडिंग के 200 के करीब पद खाली चल रहे हैं, उनको 27% कोटे से लाइनमैन और इलेक्ट्रिशियन से प्रमोट करके भरा जाए। क्योंकि पूरे प्रदेश में बहुत से पद प्रमोशन न होने की वजह से खाली पड़े हैं, जिस वजह से आय दिन तकनीकी कर्मचारियों के साथ फील्ड में हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही सर्विस कमिटी की मीटिंग जो लंबे समय से लंबित पड़ी है, उसको करवाने में अभी तक बोर्ड प्रबंधन नाकाम रहा है। इस विषय को भी सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
जिला किन्नौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांगला में नेहरू युवा केंद्र किन्नौर व युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान एवं जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से कैच द रेन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह जानकारी जिला युवा अधिकारी अतुल शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि कैच द रेन कार्यक्रम पूरे जिले के 50 गांव में चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सभी ग्राम वासियों तथा युवाओं के सहयोग से वर्षा के जल सरक्षण हेतु चित्रकला, नारा लेखन, रैली, जनसंवाद, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अबतक लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक ठाकुर सेन ने युवाओं को कैच द रेन से संबंधित जानकारी दी और वर्षा के जल के सरक्षण हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नारा लेखन प्रतियोगिता में स्नेहा कुमारी प्रथम उन्होंने बताया कि नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान स्नेहा कुमारी, द्वितीय स्थान रमेश व तृतीय स्थान दीपिका ने हासिल किया जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्रेया, द्वितीय स्थान कनिष्का व तृतीय स्थान पुनीत ने हासिल किया। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांगला के प्रधानाचार्य बलविंदर सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
मणिपुर के तनावग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित निकाले गए हिमाचल के विद्यार्थियों ने सोमवार सायं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत प्रयासों के फलस्वरूप मणिपुर में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हिमाचल से संबंधित पांच विद्यार्थी सकुशल दिल्ली पहुंचे। विद्यार्थियों को विशेष उड़ान के माध्यम से इम्फाल से कोलकाता और उसके उपरांत दिल्ली लाया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर बच्चों का यात्रा खर्चा भी वहन किया। इससे पहले गत देर सायं हिमाचल भवन में पहुंचने पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने इन विद्यार्थियों की अगवानी की।
स्वास्थ्य खंड इंदौरा के अंतर्गत क्षयरोग से ग्रस्त रोगियों को जांच हेतु अब प्रत्येक सुविधा सिविल अस्पताल इंदौरा में ही उपलब्ध होगी। सोमवार को क्षयरोग जांच हेतु ट्रूनैट मशीन का शुभारंभ सिविल हस्पताल इंदौरा में विधायक मलेंद्र राजन ने किया। सोमवार देर शाम रखे गए कार्यक्रम के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप महाजन, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिव मास्टर कमल किशोर, प्रधान भोपाल कटोच अनिल कटोच सहित अन्य गणमान्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पुलिस थाना इंदौरा के अंतर्गत एक सड़क दुर्घटना में 43 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इंदौरा-पठानकोट वाया डाह कुलाड़ा मार्ग पर झंगराड़ा नामक स्थान पर पेश आया। प्राप्त जानकारी अनुसार दो मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर में दोनों मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल इंदौरा लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृतक घोषित कर दिया, जबकि दूसरे को उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रैफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी दविंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मामले के बारे में पुलिस थाना प्रभारी इंदौरा कुलदीप शर्मा ने बताया कि राकेश कुमार पुत्र ओम प्रकाश, निवासी पंचायत डाह कुलाड़ा, तहसील इंदौरा मोटरसाइकिल पर डाह कुलाड़ा की ओर जा रहा था, वहीं शिव कुमार पुत्र रनदीप सिंह, निवासी बलखोड़, पंचायत डाह कुलाड़ा सामने से आ रहा था कि रास्ते मे झंगराड़ा रोड पर दोनों मोटरसाइकलों की भिड़ंत हो गई। हादसे में राकेश कुमार की मृत्यु हो गई, जबकि शिव कुमार घायल है। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवा दिया है। एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया क पुलिस थाना इंदौरा में इस बारे मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगामी छानबीन जारी है।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में मातृ दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की सह सचिव किरण लेखा ने मुख्यातिथि और मुख्याधापिका सुषमा शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी से यूकेजी तक के बच्चों और उनकी माताओं ने भाग लिया। मुख्यातिथि किरण लेखा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। एलकेजी कक्षा के बच्चों द्वारा वेलकम नृत्य पेश कर सबका स्वागत किया गया। उसके बाद हर बच्चे की माता ने अपने-अपने बच्चे के साथ मिलकर अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें हिमाचली नाटी, एकल नृत्य, सिरमौरी नाटी, भाषण आदि प्रस्तुति दी गई। इस समारोह में बच्चों की माताओं के लिए विभिन्न प्रकार की गेम्स का आयोजन भी किया गया था। उम्दा प्रदर्शन करने वाली माताओं को मुख्यातिथि द्वारा भेंट देकर सम्मानित किया गया।
करसोग के विधायक दीपराज भन्थल की अनूठी पहल के तहत आज करसोग क्षेत्र के स्कूली बच्चे शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना हुए। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली घुमाया जाएगा। इसके उपरांत बच्चों को आगरा भी घुमाया जाएगा। दल में 12 बच्चे तथा अन्य प्रतिनिधि शामिल हैं। इस टूअर के दौरान बच्चों के खाने और ठहरने की उचित व्यवस्था की गई है। इस दौरान बच्चों को जहां साइंस की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी, वहीं उन्हें विभिन्न स्थानों के बारे में भी अवगत करवाया जाएगा। बता दें कि युवा विधायक ने हाल ही में हुए जिला स्तरीय करसोग नलवाड़ मेले में बच्चों के लिए विज्ञान मेले का आयोजन करवाया था। इस स्पर्धा में विजेता रहे स्कूली बच्चों को विधायक ने 51 हजार रुपये की इनामी राशि भी भेंट की थी। इतना ही नहीं विधायक ने घोषणा की थी कि अव्वल रहे बच्चों को शैक्षिक भ्रमण के लिए भी भेजा जाएगा। ऐसे में सारी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर आज विधायक की पहल के तहत बच्चों को करसोग से शैक्षिक भ्रमण के रवाना किया गया। विधायक की इस पहल से जहां बच्चों में खुशी को लहर है, वहीं क्षेत्रवासियों ने युवा एमएलए दीपराज की खूब सराहना भी की है।
पूर्व सैनिक परिचालक वर्ग हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की संस्था ने सोमवार को गांव बह ढौंटा में साथी परिचालक के पीड़ित परिवार को 82 हजार 150 रुपये की आर्थिक मदद दी। यह आर्थिक मदद समस्त संस्था के सहयोग से संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह कौशल व संघ के उपनिदेशक संजय कुमार ने पीड़ित परिवार के घर जाकर मृतक मनजीत सिंह की पत्नी शैलजा को दी। गौरतलब है कि ब्लाक परागपुर की ग्राम पंचायत बह ढौंटा के मनजीत सिंह पुत्र लेट शमशेर सिंह की 20 अप्रैल को देहरा-होशियारपुर रूट पर अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। अधिकारियों ने उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कर दिया था, लेकिन 22 अप्रैल को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मनजीत सिंह अपने पीछे 14 वर्ष की बेटी पायल चौहान, 18 वर्ष का बेटा अनु चौहान, पत्नी शैलजा व 70 वर्षीय माता को छोड़ गए हैं।
ब्लॉक परागपुर के तहत ग्राम पंचायत न्याड़ के निकट सोमवार सुबह अचानक एक सुमो गाड़ी न. HP 36C 3761 व बाइक जीके न. HP 19F 1179 में जोरदार टक्कर होने का मामला सामने आया है। हादसे में बाइक सवार अंकित निवासी घंगरेट बुरी तरह जख्मी हुआ है। उसे उपचार हेतु पंजाब के जिला होशियारपुर के किसी निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, सुमो चालक करतार सिंह निवासी टिप्परी के खिलाफ पुलिस थाना देहरा में मामला दर्ज कर लिया गया है।
3 दिवसीय खंड स्तरीय जातरू मेला भावनगर का आयोजन जुलाई को होना तय हुआ है। यह जानकारी उपमंडलाधिकारी निचार जिला बिमला वर्मा ने खंड स्तरीय जातरू मेले की आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि पंचायत वासियों सहित खंड के लोगों के सक्रिय सहयोग से इस वर्ष मेले का आयोजन भव्य ढंग से किया जाएगा। बैठक में मेले के उद्घाटन व समापन समारोह में मुख्य अतिथि को आमंत्रित करने को लेकर चर्चा की गई तथा बैठक में निर्णय लिया गया कि मेले को आकर्षक बनाने के लिए जहां स्थानीय कलाकारों को आमंत्रित किया जाए वहीं मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम,नुकड़ नाटक, खेल प्रतियोगिताएं व अन्य प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि इस दौरान विभिन्न महिला मण्डलों को भी रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाए।
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में बतौर एनेस्थिसिया तैनात कंडाघाट के व्यक्ति डॉ. जितेंद्र कुमार का शव पक्का भरो के जंगल में मिला है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। डाक्टर का शव जंगल में मिलने के बाद फॉरेसिंक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मौके पर पहुंची फॉरेसिंक टीम ने कई तरह के साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि जहां शव बरामद हुआ, वहां से पुलिस को शराब की बोतल व सीरिंज भी बरामद हुई है। हैरत इस बात की भी है कि जहां पर शव मिला है, वहां घना जंगल है। डाक्टर ने अपनी गाड़ी को पक्का भरो से मट्टणसिद्ध जाने वाले बाईपास मार्ग पर खड़ा किया हुआ था। पक्का भरो से कुछ दूरी पर कार सडक़ किनारे खड़ा कर यह जंगल की तरफ चढ़ गया। जंगल में ही इसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूत्रों की माने तो मृतक विवाहित था तथा इसका एक छोटा बच्चा भी है। जानकारी के मुताबिक जिला सोलन के तहत कंडाघाट का एनेस्थिसिया डाक्टर हमीरपुर मेडिकल कालेज में सेवाएं दे रहा था। सोमवार को जितेंद्र अचानक अपने किराए के मकान से गाड़ी लेकर निकल गया। काफी समय तक जब वह किराए के मकान में नहीं पहुंचा और न ही अस्पताल पहुंचा तो तलाश शुरू हुई। मेडिकल कालेज के ही कुछ चिकित्सकों ने उसकी तलाश शुरू की। उसी दौरान एथेस्थिसिया चिकित्सक की गाड़ी पक्का भरो बाईपास मार्ग पर सडक़ किनारे पार्क दिखी। ढूंढने निकले चिकित्सकों ने उसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसी बीच वह इसे ढूंढते हुए साथ में लगते चढ़ाई वाले जंगल में पहुंचे तो वहां पर डाक्टर मृत अवस्था में पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज हमीरपुर भेज दिया है। वहीं मौके पर पहुंची फॉरेसिंक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर जिला रेड क्रॉस सोसायटी कांगड़ा ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लपियाणा में नि:शुल्क एकीकृत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। लपियाणा के वन विश्राम गृह में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने किया। जिला रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल इस मौके विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा कांगड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर में करीब 600 लाभार्थियों ने विभिन्न सुविधाओं का लाभ लिया। इस अवसर पर शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने सभी को विश्व रेडक्रॉस दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेड क्रॉस का सेवाभाव सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस पूरे विश्व में पीडि़त मानवता की सेवा व सहायता की प्रतीक है। उन्होंने रेड क्रॉस के अधिक से अधिक नए सदस्य बनाने एवं ज़मीनी स्तर पर लोगों को सोसायटी की गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास करने का आग्रह किया। पठानिया ने कहा कि लपियाणा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। आने वाले समय में यहां एम्बुलेंस 108 की सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा यहां सब सेन्टर तथा आंगनबाड़ी भवनों की हालत को भी सुधारा जाएगा । इससे पहले विधायक ने पीएचसी लपियाणा में 5.50 लाख रुपये से स्थापित डेंटल चेयर एवं एक्स-रे सुविधा का लोकार्पण किया ।
सीएमओ कांगड़ा डॉ. सुशील शर्मा की अध्यक्षता में आज वर्ल्ड थैलेसीमिया डे मनाया गया। प्रशिक्षण ले रही सीएचओ को इस बीमारी के बारे में जानकारी देने के लिए धर्मशाला कॉन्फ्रेंस हॉल में यह दिवस मनाया गया। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह बीमारी ब्लड से संबंधित है और यह एक जेनेटिक रोग है, जो कि बच्चों को अपने माता-पिता से प्राप्त होता है। हर वर्ष इस दिवस को मनाने का उद्देश्य, थैलेसीमिया की बीमारी के लिए जागरूकता को बढ़ाना है। इसका इस साल का थीम है बीमारी से जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनको याद करने हेतु तथा जो इस बीमारी से जी रहे व्यक्तियों के सहास मजबूत करना, ताकि बीमारी में मनोबल न गिर सके। इस बीमारी में हिमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और लाल रक्त कणिकाएं कम हो जाती हैं, जिसमें शरीर में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है। हर वर्ष एक नए विषय के साथ यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने इस बीमारी से प्राप्त जानकारी को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। आगे जानकारी देते हुए डॉ. वंदना ने थैलेसीमिया बीमारी के बारे में विस्तार से चर्चा की उन्होंने बताया कि यह बीमारी दो प्रकार की होती है, जिसमें माइनर, मेजर और उसके आगे भी प्रकार होते हैं। बीमारी में अल्फा थैलासीमिया और बिटा थैलासीमिया होते हैं, जिसमें हिमोग्लोबिन में अल्फा जींस कम हो जाते हैं। इसका पता ब्लड की जांच से ही लग सकता है जिनमें सीबीसी, आरबीसी रेटिकुलर आयरन स्टडी से पता चलता है। इसका इलाज ब्लड ट्रांसफ्यूजन बोन मैरो ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल थेरेपी से किया जाता है। यह यह बहुत महंगी ट्रीटमेंट है 3 और 6 महीने मे इंजेक्शन लगाया जाता है। कार्यक्रम में एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर रेड क्रॉस सोसाइटी सोलन के सौजन्य से एलआर शिक्षण संस्थान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रक्तदान किया। शिविर में रक्तदान करने आए विद्यार्थियों को बताया गया कि रक्तदान शरीर के लिए लाभदायक है। रक्तदान तमाम बीमारियों से सुरक्षित रखता है। शिविर में 40 यूनिट रक्त इकट्ठा हुआ। रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि एसडीएम कविता ठाकुर ने कहा कि रक्तदान महादान है। समय-समय पर सभी को रक्तदान करना चाहिए। वहीं, रेड क्रॉस सोसाइटी सोलन के अध्यक्ष कुल राकेश पंत ने कहा कि दान दिए गए रक्त से कई लोगों की जिंदगी बच सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रक्तदान के बारे में कई शंकाएं फैलाते हैं और रक्तदान करने से डरते हैं] जबकि निसंकोच रक्त दान करना चाहिये। इस अवसर पर कॉलेज के डिप्टी डायरेक्टर हुसैन जैदी ने मुख्य अतिथि एसडीएम कविता ठाकुर, रेड क्रॉस, सोसाइटी की टीम मेडिकल टीम और रक्त दाताओं का शिविर में आने पर धन्यवाद किया और इस आयोजन के लिए फार्मेसी संस्थान की प्रिंसिपल डॉक्टर श्वेता अग्रवाल एवं उनकी टीम का भी धन्यवाद किया।
राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में सोमवार को रेड क्रॉस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सिविल अस्पताल कुनिहार के मुख्य चिकित्सक डॉ. अरुण शर्मा ने बच्चों को रेड क्रॉस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका उद्देश्य हर परिस्थिति में घायलों व रोगियों की देखरेख व सहायता करना है। विश्व के अधिकांश ब्लड बैंकों का संचालन रेड क्रॉस व उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा ही किया जाता है। डॉ. अरुण ने बच्चों को समाज मे फैल रहे जानलेवा नशों के दुष्परिणामों बारे भी जागरूक किया व नशे से दूर रहने की अपील की। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्य बी एस ठाकुर ने भी बच्चों को रेड क्रॉस की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डॉ. अरुण का विद्यालय में आकर बच्चों को जागरूक करने के लिए धन्यवाद किया।
कथोग स्थित लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान की एनएसएस इकाई एवं रेड रिबन इकाई ने आज विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में ब्लॉक मेडिकल अफसर जवालामुखी डॉ. संजय बजाज, एसडीएम जवालामुखी डॉ. संजीव चंदेल और डीएसपी जवालामुखी विकास धीमान ने शिरकत की। शिक्षण संस्थान के प्राचार्य एवं निर्देशक डॉ. एमएस आशावत ने बताया कि वर्ल्ड रेड क्रॉस डे मनाने का उद्देश्य असहाय, घायल सैनिकों तथा नागरिकों की सेवा करना है और संसार के अंदर एक शांतिपूर्वक माहौल और वातावरण को बनाये रखना है। ब्लॉक मेडिकल अफसर डॉ. संजय बजाज ने बताया कि रेडक्रॉस एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी है, जिसका प्रमुख उद्देश्य रोगियों, घायलों तथा युद्ध बंदियों की देखरेख करना है। इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्वंयसेवक दिवस के रूप में मनाया जाता। उन्होंने बताया कि योग, व्यायाम, अच्छी नींद और न्यूट्रिशन से भरे भोजन को अपनी रोजमर्रा में शामिल करें। इस अवसर पर संस्थान के स्टाफ के सदस्य मौजूद रहा। इस कार्यक्रम में छात्रों द्वारा जागरुकता रैली निकली गई, जिसे मुख्यातिथि ने हरी झंडी देकर रवाना किया। वहीं सब डिविजनल मजिस्ट्रेट डॉ. संजीव चंदेल ने वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के महत्व के बारे में छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया और इस दिन को मनाने के बारे में बताया। वहीं, पुलिस उपाधीक्षक विकास धीमान ने नशे के दुष्प्रभावों और ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि नशा आज हमारे देश के लिए एक अभिशाप बन चुका है। इस बुराई से लड़ने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। तभी हम इस अभिशाप को जड़ से खत्म कर सकते हैं। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि नशे से दूर रहे और नशे के प्रति सभी लोगों को जागरूक करें।
भारतीय मानक ब्यूरो के सौजन्य से कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्टैंडर्ड राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता पीने के पानी विषय पर आयोजित की गई। इसमें पाठशाला की 50 छात्राओं ने भाग लिया। भारतीय मानक ब्यूरो की अधिकारी शबनम की विशेष उपस्थिति में यह प्रतियोगिता आयोजित हुई। स्टैंडर्ड राइटिंग प्रतियोगिता में जमा दो कक्षा की छात्रा गरिमा ने पहला, कक्षा नवीं की छात्रा तनवी ने दूसरा, जमा दो की छात्रा पूजा ने तीसरा व हसिनी भारद्वाज ने चौथा स्थान प्राप्त किया। इन छात्राओं को विद्यालय प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा द्वारा नकद पुरष्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर विद्यालय की सभी छात्राएं व स्टाफ मौजूद रहे।
जिला कांगड़ा में लगातार हो रही बरसात व भारी तूफान के चलते लाखों रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है। उपमंडल धर्मशाला की बात करें तो यहां पिछले दो दिनों से चल रही आंधी-तूफान ने लोगों को घरों में दुपकने पर मजबूर कर दिया है। तूफान के कारण बिजली विभाग को भी करारा झटका लगा है। एक्सईएन विकास ठाकुर ने बताया कि पेड़ गिरने के कारण बिजली की तारे टूटने के कारण विद्युत विभाग को काफी नुकसान हुआ है। विभाग के कई ट्रांसफार्मरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में बाधा आई है, वहां विभाग के कर्मचारियों द्वारा इसे दोबारा सुचारू किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल 9 तथा 10 मई को सोलन ज़िला के प्रवास पर रहेंगे। डाॅ. शांडिल 9 मई को प्रातः 10.30 बजे केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में संस्थान के 119वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के साथ उपस्थित रहेंगे। वे 10 मई को प्रातः 11.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर तथा 108 ईएमआरटी केंद्र में केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के साथ उपस्थित रहेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला सहित देश विदेश के पर्यटकों को बाबा भलकू के अविस्मरणीय कार्यों की जानकारी देने के लिए सोलन ज़िला के कण्डाघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भव्य बाबा भलकू प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा। डॉ. शांडिल गत शाम कंडाघाट एवं आस-पास के क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर लेन कार्य के निरीक्षण के उपरांत ज़िला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि कालका-शिमला रेलमार्ग के निर्माण में कंडाघाट उपमंडल के झाझा गांव के निवासी स्व. बाबा भलकू का विशिष्ट योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस रेलमार्ग की सबसे लंबी बड़ोग सुरंग के निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों में बाबा भलकू का योगदान तत्कालीन अंग्रेज इंजीनियरों द्वारा भी दस्तावेज के रूप में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को यह पता होना चाहिए कि देश व प्रदेश के ऐसे ज्ञानवान व्यक्तियों द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों सहित अन्य विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट विकास खंड के दौलग गांव के समीप से बनाए जा रहे फ्लाई ओवर के साथ बाबा भलकू की स्मृति में भव्य प्रवेश द्वार निर्मित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को उचित निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने निर्देश दिए कि चंबाघाट से कैथलीघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग के 22.911 किलोमीटर लंबे निर्माण कार्य को इस वर्ष दिसम्बर तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कंडाघाट बाजार में स्कूली बच्चों, किसानों, बागवानों और स्थानीय जनता की सुविधा के लिए एक फुटओवर ब्रिज निर्मित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कंडाघाट में फोरलेन कार्य के दृष्टिगत निर्मित की जा रही सुरंग के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर सलोगड़ा से वाकनाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर-लेन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि फोर-लेन निर्माण कार्य में भूमि की कटिंग करते समय कृषि योग्य भूमि को नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि समूचे क्षेत्र में पारंपरिक एवं अन्य जल स्त्रोतों का समूचित संरक्षण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर फोर-लेन कार्य के कारण मार्ग में किए जा रहे बदलाव को उचित एवं दूर से दिखने वाले सूचना पट्ट के माध्यम से दर्शाने के निर्देश दिए। श्रम एवं रोजगार मंत्री को इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि चंबाघाट से कैथलीघाट तक 22.911 किलोमीटर लम्बे फोर लेन राजमार्ग के निर्माण पर 598 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्मित की जा रही 667 मीटर लंबी सुरंग का 460 मीटर हिस्सा बना लिया गया है। शेष 207 मीटर हिस्से का निर्माण कार्य जारी है। इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि इस मार्ग पर बेर खास, सोलन ब्रूरी, सलोगड़ा, सिलहारी और वाकनाघाट में लोगों की सुविधा के लिए पांच फुटओवर ब्रिज निर्मित किए जाने हैं। इनके निर्माण पर 5.7 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के सचिव एवं मीडिया कोआर्डिनेटर पुनीत मल्ली ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की नीतियां पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष व आम जनता को खुश व भला करने वाली है तथा इन नीतियों से जनता के चेहरों पर खुशी झलकती नजर आ रही है। भाजपा पर हमला बोलते हुए पुनीत मल्ली ने कहा कि प्रदेश में भाजपा का ग्राफ तेजी से गिरता जा रहा है। प्रदेश में भाजपा की गलत नीतियों की सजा जनता बराबर उसे दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा के नेताओं ने जनता को भटकाने का काम किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सबसे मजबूत मुख्यमंत्री के रुप में उभर कर सामने आ रहे हैं। जनता के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा नेताओं में बौखलाहट का दौर चला हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने डबल इंजन की सरकार के नाम पर पांच सालों तक लोगों को गुमराह किया। पूर्व भाजपा की सरकार केंद्र से बेरोजगारों के लिए कोई योजना नही ला सकी। रोगजार के नाम पर बेरोजगारों से भाजपा ने छल किया। केंद्र तथा प्रदेश भाजपा ने मिलकर प्रदेश की जनता के हित्तों से खिलबाड़ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी गारंटियों को पूरा कर रही है, जनता व कर्मचारी वर्ग में खुशी की लहर देखी जा रही है, जबकि उसके विपरित भाजपा नेता लगातार घटिया ब्यानबाजी कर अपने कद को ऊंचा रखने का प्रयास कर रहे हैं। पुनीत मल्ली ने कहा कि केंद्र में भी भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है। वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी तथा भाजपा राज में चल रही कमर तोड़ महंगाई से जनता को राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में हो रहे चुनावों में मोदी की गिरती छवि को बचाने के लिए भाजपा अब साजिश कर रही है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है उन राज्यों में कांग्रेस मजबूती से जनता की आवाज को उठा रही है। उन राज्यों में नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्रीय शक्तियों का दुरुपयोग कर ईडी सीबीआई आईटी जैसी संस्थाओं को भेजकर कांग्रेस नेताओं को डरा धमका रही है। मल्ली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार झूठ बोलकर लोगों की आंखों में झूल झौंक रहे हैं मगर जनता चुनावों का इंतजार कर रही है ताकि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सके।
थाना डमटाल पुलिस के तहत भदरोया में एक होटल में वेश्यावृत्ति का धंधा किया जाता था, जिस पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की व हरियाणा के एक व्यक्ति व लड़की को किया गिरफ्तार किया है। जानकारी देते हुए थाना डमटाल के प्रभारी कल्याण सिंह ने बताया कि पुलिस टीम एक्साइज टोल बैरियर भदरोया के आसपास पेट्रोलिंग पर थी, तभी कृष्ण सिंह निवासी जिला कठुआ ने जानकारी दी कि भदरोया में आरडी होटल में वेश्यावृत्ति का धंधा किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरडी होटल में छापा मारकर व्यक्ति व लड़की को गिरफ्तार किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एक बार फिर संकट मोचक के रूप में उभर कर सामने आए हैं। दरअसल, मणिपुर हिंसा के बीच हिमाचल प्रदेश के कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री को फोन कर वहां से रेस्क्यू करने के लिए उनकी मदद मांगी। मुख्यमंत्री को फोन करने के तुरंत बाद इन पांच बच्चों को इम्फाल ईस्ट से रेस्क्यू किया गया, जिनमें एक लडक़ी भी शामिल है। इनमें से तीन बच्चे एनआईटी के विद्यार्थी, जबकि दो नेशनल स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी मणिपुर के विद्यार्थी हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चों में से तीन मंडी, एक कुल्लू और एक हमीरपुर जिला का रहने वाला है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सारी रात खुद स्वयं रेस्क्यू मिशन की निगरानी की।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चीफ पार्लिमेंट सेक्रेटरी की नियुक्तियों के विरोध में भाजपा ने प्रदेश उच्च न्यायालय में एक पिटीशन लगाई है और इन नियुक्तियों को चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि सीपीएस ऑफिस ऑफ प्रॉफिट है और यह नियुक्तियां संविधान के खिलाफ है पूर्व कांग्रेस सरकार ने एक बार पहले भी सीपीएस की नियुक्तियां की थी जो कि रद्द कर दी गई थी और इसके बाद वर्तमान सरकार ने फिर वही गलती दोहराई है इस पिटीशन को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सतपाल जैन हमारे वकील है। उन्होंने कहा की हमें 100 % विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा, हमें लोकतंत्र और न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। जल्द ही सभी सीपीएस को अपने पद छोड़ने पड़ेंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कई युवा विधायकों ने चुनाव जीत कर विधानसभा की देहलीज़ लांघी है l कोई कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा तो कोई भाजपा के सहारे चुनाव जीत पहुंचा l मगर इन युवा विधायकों में से एक विधायक ऐसा भी है जिसने बिना किसी राजनीतिक पार्टी के सहारे सबको धुल चटा दी l हम बात कर रहे है निर्दलीय चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे आशीष शर्मा की l आशीष ने पहले भले ही किसी पार्टी का हाथ न थमा हो मगर अकेले दम पर जीत हासिल करने के बाद आशीष ने अपने क्षेत्र के विकास और जनता के हित के लिए सत्ता में आई कांग्रेस का हाथ थामा l अब आशीष शर्मा मुख्यमंत्री सिंह सुक्खू के करीबी नेताओं में से एक है और उनके विधायक बनने के थोड़े ही समय में हमीरपुर की परिस्थिति बदलती नज़र आ रही है l हमीरपुर प्रगति के पथ पर अग्रसर है l विधायक बनने के कुछ ही समय बाद हिमाचल के हमीरपुर जिला मुख्यालय में बनने वाले नए बस स्टैंड के लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। यहां बाइपास पर आधुनिक बस अड्डा बनेगा और आगामी समय में इसके लिए जितने भी बजट की जरूरत होगी, सरकार उपलब्ध कराएगी। 2 सालों में इस बस अड्डे का कार्य पूरा किया जाएगा। वहीँ हेलीपोर्ट के लिए अमरोह चौक-नेरी रोड किनारे भूमि का प्रावधान कर लिया गया है। यहां से चंडीगढ़ और शिमला के लिए हेलीटैक्सी की सुविधा लोगों को मिलेगी l आशीष शर्मा का विज़न है की वे आगामी समय में क्षेत्र के गसोटा महादेव मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे ताकि धार्मिक पर्यटन बढे और क्षेत्र के लोगों को रोज़गार के अवसर मिल सके l वहीँ नादौन में बन रहे मेडिकल कॉलेज के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है क्यूंकि इस मेडिकल कॉलेज से सिर्फ नादौन ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लोग लाभान्वित होंगे l आमजन से जुड़ाव आशीष की ताकत : आशीष शर्मा उन चुनिंदा विधायकों में से एक है जो सिर्फ सदन में गरजते ही नहीं बल्कि अपने क्षेत्र की जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हरदम हल करने के लिए तत्पर रहते है l आशीष शर्मा अपने क्षेत्र के लोगों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास करते दिखाई देते है l दरअसल वे लम्बे समय से समाजसेवा में जुटे रहे है और इसी जनसेवा का दायरा बढ़ाने के लिए राजनीति को उन्होंने चुना है ल ये उनका सेवाभाव और लोगों से जुड़ाव ही है कि वे बगैर किसी राजैनतिक दल के टिकट के दमदार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे हैl राजनीति सेवा का जरिया, पेशा नहीं "राजनीति मेरे लिए जनसेवा का जरिया है, पेशा नहीं। मेरा जीवन जनसेवा को समर्पित है और ये ही राजनीति में आने का उद्देश्य। मैंने हमेशा अपने क्षेत्र की उन्नति को लेकर कई स्वपन देखे है और अब उन्हें साकार करने में कोई कसर नहीं छोडूंग। मैंने हमीरपुर की जनता का कोटि - कोटि आभारी हूँ कि उन्होंने अपने इस बेटे को विधायक चुनकर उसे विकास का सारथी बनने का अवसर दिया। ये भी सौभाग्य का संदर्भ है कि माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी जिला हमीरपुर से आते है और निसंदेह इसका लाभ हमीरपुर को होगा। मैंने हमीरपुर निर्वाचन क्षेत्र के विकास को वचनबद्ध हूँ और यक़ीनन हमीरपुर विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। एक बात और कहना चाहता हूँ कि हमीरपुर में हर वर्ग, हर क्षेत्र, हर तबके को साथ लेकर समान विकास होगा।" Note- ADVT
भाजपा कार्यालय शिमला में एक विशिष्ठ बैठक नगर निगम चुनाव को लेकर संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, नगर निगम चुनाव के प्रभारी एवं विधायक पोंटा साहब सुखराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल, त्रिलोक जम्वाल एवं अनेक पूर्व मंत्री, विधायक व पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक में भाग लिया। 34 वार्डों में भाजपा ने चुनाव लड़ा और 9 जीते हुए पार्षदों व शेष चुनाव लड़े उम्मीदवारों ने बैठक में भाग लिया। नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अपने वक्तव्य में कहा कि नगर निगम में कांग्रेस की जीत सत्ता के दुरुपयोग की जीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता का जमकर दुरुपयोग किया और प्रदेश के विभिन्न स्थानों के वोट शिमला में बनाए गए। हर वार्ड में वोटों को बनाते हुए नगर निगम क्षेत्र में हजारों वोट बनाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी मेहनत से और बड़ी निष्ठा से चुनाव में काम किया, बेहतरीन तरीके से चुनाव प्रचार किया। बैठक में भाजपा के सभी जीते हुए 9 पार्षदों का अभिनंदन किया गया, जिसमें अप्पर ढली से कमलेश मेहता, फागली से कल्याण धीमान, पंथाघाटी से कुसुम ठाकुर, रुल्दुभट्टा से सरोज ठाकुर, कृष्णा नगर से बिट्टू कुमार पाना, पटयोग से आशा शर्मा, न्यू शिमला से निशा ठाकुर, भराड़ी से मीना चौहान और कसुम्पटी से रचना शर्मा उपस्थित रहीं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिंदल ने बताया कि चर्चा में यह विषय निकल कर सामने आया कि कांग्रेस पार्टी ने शिमला नगर निगम के चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग कर शिमला नगर निगम में अपनी जीत दर्ज की है। चुनाव के प्रथम दिन से ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने नगर निगम शिमला के चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया, पहले कांग्रेस के नेताओं ने नगर निगम शिमला के रोस्टर के साथ छेड़छाड़ की। उसके बाद जिस प्रकार से नगर निगम शिमला में 20,000 से अधिक वोट बने उससे भी नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभावित किया गया, चुनाव के बीच में कर्मचारियों को डीए की किस्त देना और विभिन्न पदों की नौकरियों को रेगुलर करने की घोषणा भी चुनाव को प्रभावित करने के लिए ही की गई। कांग्रेस पार्टी ने इन चुनावों में सत्ता का पूर्ण रूप से दुरुपयोग किया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम शिमला में सीटें जीती। वहीँ पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अब नगर निगम शिमला का चुनाव हो गया है और हमें अपनी सुस्ती को छोड़कर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जुटना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि हर पोलिंग बूथ पर जहां-जहां जो जो कमी रही है, उस कमी को सब मिलकर दूर करेंगे, जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पास सबसे बड़ा संगठन है सबसे अच्छे कार्यकर्ता है आवश्यकता है और हमें पूरा मन बना कर जुट जाने की आवश्यकता है।
फतेहपुर विधायक भवानी पठानिया सियासत का वो चमकता सितारा है जिसने बेहद कम समय में सबको अपना मुरीद बना लिया है। भवानी वो नाम है जिन्होंने सियासत में आकर न तो अपना नजरिया बदला और न ही काम करने का तरीका, बल्कि अपनी अलहदा कार्यशैली से अपनी एक अलग जगह बना ली है। कॉर्पोरेट जगत में दशकों तक अपनी बेजोड़ कार्यशैली से छाप छोड़ने वाले भवानी सियासत में आकर भी उसी नियम कायदे से काम करते है l बाकायदा एक्सेल शीट्स तैयार होती है, प्रायोरिटी लिस्ट तय होती है, किसी भी योजना पर काम करने से पहले फिजिबिलिटी एनालिसिस होता है और फिर विधायक उस हिसाब से जनता की समस्याओं का निवारण करते है l भवानी की सोच बिलकुल स्पष्ट है, जनता का एक एक पैसा पूरी पारदर्शिता से व्यय हो और उसका जनहित में सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल हो l भवानी सिंह पठानिया की एक और बात निराली है और वो है लोगों में घुलमिल जाना l इसे भवानी की सादगी ही कहेंगे की वर्षों तक कॉर्पोरेट जगत में ऊँचे ओहदे पर काम करने वाले भवानी स्थानीय लोगों के साथ परिवार जैसा रिश्ता रखते है आम जनता और उनके बीच कोई दीवार नहीं है। जब जो चाहे अपने विधायक से आकर मिल सकता है और विधायक भी निरंतर अपने लोगों के बीच पहुंच जाते है। दूसरी बार के विधायक भवानी का कुल कार्यकाल अभी करीब डेढ़ साल का ही है लेकिन उनका और सुजानपुर की जनता का रिश्ता बेहद मजबूत है। हर बात को रखने का भवानी का अपना तरीका है। बेहद हल्के ढंग से भवानी बेहद गंभीर मसलों पर अपनी बात रख जाते है। भवानी पठानिया के सेंस ऑफ़ ह्यूमर के भी बहुत लोग कायल है। विरासत को बखूबी संभाला : फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सुजान सिंह पठानिया का गढ़ था। जनता से उनका जुड़ाव इस कदर था की जब भी पठानिया चुनावी मैदान में उतरते तो ये लगभग स्पष्ट हो जाता की जनता का प्यार किसे मिलेगा। पूर्व मंत्री स्व. सुजान सिंह पठानिया 1977 से लेकर सात बार एमएलए रहे। जब 2021 में उनका देहांत हुआ तो लगा मानों अब परिस्थितियां बदल जाएगी l उनके निधन के बाद उप-चुनाव हुआ और उनके बेटे भवानी पठानिया मैदान में उतरे l भवानी एक बैंकर थे और उस वक्त शायद ही किसी ने ये सोचा हो की बैंकिंग की दुनिया छोड़ कर भवानी राजनीती में टिक पाएंगे l परिवारवाद को लेकर भी खूब हो हल्ला मचा मगर इसके बावजूद भवानी पठानिया ने खुद को साबित किया और शानदार तरीके से चुनाव जीता l यही नहीं भवानी ने अगला चुनाव पूर्व सरकार में मंत्री रहे राकेश पठानिया के खिलाफ लड़ा मगर राकेश पठानिया भी भवानी के तिलिस्म के आगे नहीं टिक पाए और भवानी शानदार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे l आज परिस्थितियां ऐसी है की भवानी सिंह पठानिया मंत्री पद की रेस में है जबकि उन्हें राजनीती में आए अभी ठीक से दो साल भी पूरे नहीं हुए l वित्तीय योग्यता आ सकती है प्रदेश के काम : भवानी पठानिया आर्थिक और वित्तय मामलों के जानकार है और उन्हें लम्बा अनुभव है । वे प्रदेश की आर्थिकी को बखूबी समझते है l प्रदेश की बिगड़ी आर्थिकी को संभालने के लिए भवानी अक्सर आसान भाषा में कई सुझाव सामने रखते है जो हर किसी को समझ आ जाए l जानकार मानते है की भवानी की ये योग्यता प्रदेश के आर्थिकी को पटरी में लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है l ये ही कारण है की राजनैतिक माहिर मानते है की मौजूदा सरकार में भवानी पठानिया को महत्वपूर्ण ज़िम्मा मिल सकता हैl वहीँ समर्थक मानते है की कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्री पद मिल सकता है । Note- ADVT
साइबर ठगी को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को चंबा पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों से 14 सिम कार्ड, दस मोबाइल फ़ोन सहित कुछ एटीम, पासबुक और चेकबुक भी बरामद किए हैं। चंबा लाकर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश सुनाए हैं। अब पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले में संलिप्त अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी हासिल कर रही है। लिहाजा इस मामले में और गिरफ्तारियां भी जल्द हो सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार गत वर्ष अगस्त माह में साइबर ठगों ने चंबा शहर के एक युवक को झांसे में फंसा कर उसके पिता के बैंक खाते से करीब 6 लाख रुपये की धनराशि पर हाथ साफ कर लिया था। पुलिस में दी गई शिकायत में युवक ने बताया था कि कुछ दिन पूर्व उसके पिता ने अपनी कार को बेच दिया था। कार पर लगे फास्टैग के खाते में शेष करीब 4100 रुपये रिफंड करवाने के उद्देश्य से उसने फास्टैग का टोल फ्री नंबर गूगल पर तलाशा। फर्जी वेबसाइट पर क्लिक करने के कारण वह साइबर शातिरों की झांसे में फंस गया। पहले उसने टोल फ्री नंबर पर फोन किया, जिसके उपरांत शातिरों ने शिकायतकर्ता को किसी अन्य नंबर से फोन किया। इसके बाद उन्होंने युवक से बैंक खाते से संबंधित कुछ जानकारी साझा करने को कहा। युवक की ओर से जानकारी दी गई तो शातिरों ने उसे मोबाइल में एनी डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करने को कहा। यह वही एप है, जिसके माध्यम से शातिर ठगी को अंजाम देते हैं। युवक की ओर से अपने पिता के मोबाइल में एप डाउनलोड की गई और शातिरों ने उसे 9 अंकों का एक कोड साझा करने को कहा। शातिरों के आग्रह पर युवक ने उन्हें कोड भी बता दिया। परिणामस्वरूप उसके मोबाइल का पूर्ण नियंत्रण शातिरों के कंप्यूटर में पहुंच गया। शातिरों ने उसके पिता के बैंक खाते से करीब 6 लाख रुपये उड़ा लिए। इसके बाद शिकायकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच को अंजाम दिया और एक टीम को चंबा से पश्चिम बंगाल भेजा गया। जहां पुलिस दल ने दो आरोपियों को धर दबोचा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंबा विनोद कुमार धीमान ने कहा कि पुलिस ने दो साइबर शातिरों को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वालों से सावधान रहने का आह्वान भी किया है।
देवभूमि हिमाचल के ऊना जिला के तलमेहड़ा गांव की रामगढ़ धार पर स्थित धौम्येश्वर मंदिर भी सदाशिव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण पचास के दशक में हुआ था। सदाशिव मंदिर में हर वर्ष लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। खास बात यह है कि मंदिर समिति द्वारा कई समाजिक कार्य करवाएं जा रहे हैं। सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव में सन् 2013 से बतौर प्रधान पद प्रवीण शर्मा को काम करने का मौका मिला और उनके कार्यकाल में निरंतर सामजिक कार्यों का दायरा बढ़ता रहा है। गऊओं की सेवा : सदाशिव मंदिर में पिछले 8 वर्षों से गऊओं की सेवा की जा रही है। शुरूआती में सिर्फ 2 गऊओं की सेवा शुरू की गई। इसके बाद गऊओं की संख्या बढ़ती गई। मौजूदा समय में मंदिर ट्रस्ट द्वारा गऊ की सेवा की जा रही है। इसके लिए अलग से गऊशाला बनाई गई है। गऊओं की संख्या बढ़ती होते मंदिर ने गऊशाला को बढ़ाने का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसमें करीब 100 से अधिक गऊ एक साथ बांधी जा सकती है। मंदिर में जलाई जाने अखंड जोत गऊओं के दूध के तैयार किए गए देसी घी से जलाई जाती है। गऊसेवा के बाद अब नंदीशाला का निर्माण किया गया है, जहां पर 100 से अधिक नंदी को रखा जाए। ये वह नंदी है, जो आस-पास के क्षेत्र में बेसहारा घूमते रहते थे। दिव्यांगों व वृद्धों के लिए लगाई लिफ्ट : ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को काफी परेशानी पेश आती है। ऐसे में मंदिर द्वारा लिफ्ट लगा दी गई है। जिसके माध्यम से श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच जाते है। 24 घंटे लगा रहता है लंगर : मंदिर में सैंकड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने की भी काफी व्यवस्था है। मंदिर में दर्जनों सराएं है, जहां पर श्रद्धालु रूक सकते हैं। यहां करीब 5000 से अधिक क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। मंदिर में 24 घंटे लंगर की भी व्यवस्था रहती है। दिन व रात किसी भी समय कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचता है, तो लंगर की व्यवस्था हमेशा रहती है। आस्था के साथ जरूरतमंदों का भी सहारा : आस्था का यह केंद्र केवल श्रद्धालुओं की मन्नतों को ही पूरा नहीं करता बल्कि यहां चढ़ाया गया दान अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन का सहारा बन रहा है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर जरूरतमंदो की मदद की जाती है। निर्धन कन्याओं की मदद के लिए उनकी शादी में वर्तमान में 21 सौ रुपए का शगुन भी दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य सामग्री भी दी जाती है। अब तक मंदिर ट्रस्ट करीब 900 शादियां करवाई जा चुकी है। यही नहीं मानवता की सेवा के क्रम को बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट की ओर से किडनी, कैंसर से पीड़ित मरीजों का उपचार भी करवाया जाता है। तलमेहड़ा क्षेत्र के विकास की अनेक योजनाएं चढ़ावे में मिली राशि का सदुउपयोग कर तैयार की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यात्री निवास, शौचालय, पार्किंग व लंगर जैसी व्यवस्थाएं हैं। मंदिर में करवाई जाती शादियां : सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव में सन् 2013 से बतौर प्रधान पद प्रवीण शर्मा को काम करने का अवसर मिला। प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में समस्त प्रबंधन कमेटी के सहयोग से नई सोच से मंदिर में विकास व समाजिक जन कल्याणकारी कार्यों शुरू करवाया गया। इसी सोच के तहत गरीब कन्याओं की शादी मंदिर में ही करवाने का निर्णय लिया। ट्रस्ट द्वारा मंदिर में गरीब कन्या की शादी करवाई जाती है, जिसका सारा खर्च मंदिर द्वारा किया जाता है। इसके अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था मंदिर द्वारा की जाती है। अनाथ बच्चों की पढ़ाई में ट्रस्ट कर रहा सहयोग : सदाशिव मंदिर ट्रस्ट न केवल गरीब कन्याओं की शादी के लिए बल्कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पूरा खर्च उठाती है। अब तक कई अनाथ बच्चों की मंदिर ट्रस्ट द्वारा पढ़ाई करवाई गई है। मंदिर के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने बताया कि अगर किसी के माता-पिता नहीं है और पढ़ाई करना चाहते हैं, तो मंदिर द्वारा पूरा पढ़ाई करवाई जाती है। ग्रेजूशन के अलावा अगर कोई बच्चा आईटीटाई व डिप्लोमा करना चाहता है, तो ट्रस्ट पूरी मदद करेगा। देवों के देव महादेव और समस्त देवी देवताओं की कृपा से सदाशिव मंदिर निरंतर सामाजिक कार्यों में जुटा है। सनातन संस्कृति में सेवा ही परम धर्म है और इसी विचार के साथ हम प्रयासरत है कि अधिक से अधिक सेवा कार्य कर सके। हम सदस्य गण सेवक है, हम माध्यम मात्र है, सब महादेव की कृपा और इच्छा से हो रहा है और निश्चित तौर पर ये क्रम आगे भी जारी रहेगा। -प्रवीण शर्मा, प्रधान, सदाशिव मंदिर Note- ADVT ReplyForward
हिमाचल यानी हिम का आँचल l हिमाचल प्रदेश की वादियां जितनी ख़ूबसूरत है उतना ही ख़ूबसूरत इसका नाम है और उतनी ही दिलचस्प इसके नामकरण की कहानी भी l ये कहानी एक लम्बे संघर्ष की है जिसका साक्षी बना दरबार हॉल आज भी प्रदेश में मौजूद है l कई ऐतिहासिक फैसलों का गवाह रहा सोलन का दरबार हॉल खुद में हिमाचल के नामकरण का इतिहास समेटे हुए है। इसी दरबार हॉल में हिमाचल का नामकरण हुआ था और इसी दरबार हॉल में 28 रियासतों के राजाओं ने राज -पाट छोड़ प्रजामण्डल में विलय होने के लिए सहमति दी थी। बघाट रियासत के राजा दुर्गा सिंह संविधान सभा के चेयरमैन थे और उन्हें प्रजामण्डल का प्रधान भी नियुक्त किया गया था। उनकी अध्यक्षता में 28 जनवरी 1948 को दरबार हॉल में हिमाचल प्रदेश के निर्माण हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में डॉ यशवंत सिंह परमार व स्वतंत्रता सैनानी पदमदेव की उपस्तिथि को लेकर भी तरह-तरह की कहनियां है। कहा जाता है कि डॉ परमार वर्तमान उत्तराखंड राज्य का जौनसर-बाबर क्षेत्र का कुछ हिस्सा भी हिमाचल प्रदेश में मिलाना चाहते थे, किन्तु राजा दुर्गा सिंह इससे सहमत नहीं थे। साथ ही डॉ परमार प्रदेश का नाम हिमालयन एस्टेट रखना चाहते थे, जबकि राजा दुर्गा सिंह की पसंद का नाम हिमाचल प्रदेश था। ये नाम संस्कृत के विद्वान आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने सुझाया था जो राजा दुर्गा सिंह को बेहद भाया। अंत में राजा दुर्गा सिंह की चली और नए गठित राज्य का नाम हिमाचल प्रदेश ही रखा गया। 28 रियासत के राजाओं ने जब एक स्वर में प्रांत का नाम हिमाचल प्रदेश रखने की आवाज बुलंद की, तो डॉ. परमार ने भी इस पर हामी भर दी। एक प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को मंजूरी के लिए भेजा गया। सरदार पटेल ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर हिमाचल का नाम घोषित किया। राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही इमारत : मौजूदा समय में दरबार हॉल का इस्तेमाल लोक निर्माण विभाग कर रहा है। ऐतिहासिक दरबार हॉल में जर्जर दीवारें अपनी अनदेखी की कहानी बयां कर रही हैं। सोचने वाली बात तो ये है की जिलेभर के सरकारी भवनों को बनाने और रखरखाव करने वाले लोक निर्माण विभाग का कार्यालय इस जर्जर भवन में चल रहा है। दरबार हॉल को उचित पहचान मिलना तो दूर इस स्थान का अस्तित्व तक खतरे में है। दरबार हॉल में राजशाही के दौर की तीन कुर्सियां आज भी मौजूद हैं। आज भी दरबारी द्वार पर की गई बेहद सुंदर नक्काशी को देखा जा सकता है। आज भी ये दरबार हॉल अपनी खूबसूरती और अपने शानदार इतिहास का लोहा न सिर्फ सोलन बल्कि समूचे प्रदेश में कायम करता है। पर विडम्बना ये हैं कि राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही यह ईमारत आज धीरे-धीरे लचर व्यवस्था की बलि चढ़ रही है।
औद्योगिक शहर परवाणू की तस्वीर बदलने में ठाकुर दास शर्मा का अतुलनीय योगदान है l साधारण व्यक्तित्व के धनी ठाकुर दास शर्मा एक ऐसी शख्सियत है जिन्होंने अपनी काबिलियत के बूते फर्श से अर्श तक का सफर तय कियाl ठाकुर दास शर्मा एक गरीब साधारण परिवार में जन्मे मगर शुरुआत से ही उनके मन कुछ बड़ा कर दिखाने का जज़्बा था l इसी जज़्बे को साथ लिए वे सफलता के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहे और आज वे एक स्थापित उद्योगपति है और न सिर्फ उद्योग जगत में अपितु सामाजिक एवं राजनीति के क्षेत्र में भी अपनी आभा बिखेर रहे है। हर जरूरतमंद के लिए इनका दरवाजा हमेशा खुला है। ठाकुर दास शर्मा का मानना है की जीवन सिर्फ लेने का नहीं बल्कि देने का नाम है इसीलिए वे समाज सेवा में विश्वास रखते है l ये ही समर्पण भाव ठाकुर दास शर्मा को राजनीति में ले आया l ठाकुर दास शर्मा परवाणू नगर परिषद् के अध्यक्ष भी रहे है और बतौर अध्यक्ष उन्होंने विकास की नई इबारत लिखी l दबी जुबां विरोधी भी उनकी तारीफ करते है l वर्तमान में वे पार्षद है और निसंदेह शहर का एक बड़ा तबका और उनके समर्थक उन्हें फिर बड़ी भूमिका में देखना चाहते है l इनका काम बोलता है परवाणु के विकास में ठाकुर दास शर्मा का अहम योगदान रहा है। ठाकुर दास शर्मा 2015 से जनवरी 2021 तक नगर परिषद् परवाणु के अध्यक्ष रहे है और बतौर अध्यक्ष इनका कामकाज बेहतरीन रहा। ये ही कारण है कि नगर परिषद् का अगला चुनाव भी पार्टी ने ठाकुरदास शर्मा के चेहरे को आगे रखकर लड़ा और कांग्रेस विजयी रही। वर्तमान में ठाकुर दास शर्मा ब्लॉक कांग्रेस कसौली के अध्यक्ष है और नगर परिषद् में पार्षद भी। सन्देश : देव कृपा और प्रकृति की मेहरबानी और मेहनतकश लोगों ने हिमाचल के अब तक के सफर को शानदार बनाया है। इसके लिए सभी का साधुवाद। हिमाचल की तरक्की के इस सफर को बांका हिमाचल के जरिये संजोने के लिए मैं फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया समूह का आभार प्रकट करता हूँ। जय हिमाचल। फोटो कैप्शन ... ठाकुर दास शर्मा का मानना है की जीवन में सिर्फ भौतिकवाद ही ज़रूरी नहीं है इंसान का अध्यात्म के साथ जुड़ाव भी ज़रूरी है l ठाकुर दास स्वयं भी ब्रह्मकुमारी के अनुयायी है। ठाकुरदास शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता / अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कसौली पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद परवाणू / पार्षद नगर परिषद परवाणू Note- ADVT
प्रदेश में 13 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा मोटर अधिनियम के तहत किए चालानों के भुगतान करने के लिए लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा प्रदेश के करीब तीन लाख 15 हजार लोगों को उनके मोबाइल नंबर पर पेंडिंग चालानों के मैसेज भेजे भेजे हैं। हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा भेजे जा रहे एसएमएस में ऑनलाइन लिंक पर क्लीक करके लोगों से चालान का भुगतान करने का आग्रह किया जा रहा है।
सुधीर शर्मा का नाम हिमाचल प्रदेश की सियासत में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। सुधीर शर्मा का काम ही उनका परिचय है। वर्तमान में सुधीर शर्मा दूसरी बार धर्मशाला से विधायक है और अब तक के उनके कार्यकाल में धर्मशाला ने विकास के नव आयाम स्थापित किये है। ये सुधीर शर्मा की ही इच्छाशक्ति का नतीजा है कि चाहे स्मार्ट सिटी हो या नगर निगम का दर्जा, हर जगह धर्मशाला को तवज्जो मिली। 2012 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो धर्मशाला से सुधीर शर्मा विधायक बने और वीरभद्र सरकार में मंत्री भी। 2012 से 2017 तक का ये सफर धर्मशाला को प्रगति की ओर ले गया। एक बार फिर 2022 के चुनाव में सुधीर शर्मा ने जीत हासिल की है। अब धर्मशाला फिर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। सुधीर शर्मा ने अब तक धर्मशाला में अथाह विकास करवाया है और इस टर्म के लिए भी सुधीर विकास का एजेंडा तैयार कर चुके है l विधायक प्राथमिकता बैठक में इलाके की समृद्धि व उन्नति के लिए रखी गई मांगों के लिये उनके द्वारा मंज़ूरी ले ली गई है l धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में 26 संपर्क सड़क मार्गों का किया जाएगा निर्माण व संवर्धन - नाबार्ड के सहयोग से क्षेत्र में इन 13 संपर्क सड़क मार्गों का होगा निर्माण * हीरू दुशालनी संपर्क मार्ग * ग्राम पंचायत कण्ड करडियाना में वार्ड 4,5 के लिए संपर्क मार्ग *चकबन टीला से भरेड़ी धरूं पटोला के लिए संपर्क मार्ग *अलखन से जुल बगियाड़ा व जुल से फाटी गांव तक संपर्क मार्ग *अल्खन से बंजर अंद्राड संपर्क मार्ग *मान टी एस्टेट दाड़ी से खनियारा के लिए संपर्क मार्ग *गमरू से हीरू संपर्क मार्ग *न्यू बाघनी तपोवन बृह घिआना संपर्क मार्ग * खिडकू से सलिग *डल लेक नड्डी से मैकलोडगंज *कण्ड करडियाना से इक्कु खड़ पटोला * धर्मकोट से नड्डी तक संपर्क मार्ग का निर्माण -ग्रामीण आधारभूत विकास निधि के अंतर्गत बनेंगे 4 संपर्क मार्ग * मोहली ठेहड सोकनी दा कोट से पंचायत घर पटोला तक संपर्क मार्ग *चीलगाड़ी से रोडीकुट वाया निचला सकोह गदियाडा संपर्क मार्ग के शेष कार्य का निर्माण * खनियारा कसवा अंद्राड टिक्करी के सुधारी करण *योल बरवाला बंनरोडू का सुधारीकरण 6 पुलों का होगा निर्माण *ग्राम पंचायत पद्दर और ग्राम पंचायत रसेहड़ को जोड़ने हेतु इक्कू भागण खड़ पर केटी पुल का निर्माण * न्यू बाघनी तपोवन को जोड़ने के लिए रसा नाले पर पुल निर्माण * बड़ोई चौक से पटोला वाया सकोली सड़क हेतु भागन खड्ड पर पुल निर्माण * मैकलोडगंज भागसूनाग टऊ चोला को जोड़ने हेतु चरान खड्ड पर पुल निर्माण *हीरू दुशालन गमरु चोला संपर्क सड़क हेतु चुरान खड्ड पर पुल निर्माण *ढगवार चकवन से मसरेहड़ सड़क को जोड़ने के लिए घुरलू नाले पर पुल निर्माण लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत 14 सिंचाई योजनाओं को पहनाया जायेगा अमलीजामा -पीएमकेएसवाई व आरआईडीएफ परियोजना के अंतर्गत नौ लघु सिंचाई योजनाओं को मिली मंजूरी * बहाव सिंचाई योजना झेयोल *मंदल नोड खड़ कुहल का निर्माण *बहाव सिंचाई योजना अपर सुक्कड़ और लोअर सुक्कड मनुनी खड्ड से निर्माण * बहाव सिंचाई योजना चडुल कूहल का इक्कू खड्ड से निर्माण * समलेतर नाग कूहल, लोअर सकोह कूहल का निर्माण * शेष पांच सिंचाई योजनाओं की डीपीआर बनाने को विभाग को सूचित किया गया है। - तीन पेयजल योजनाओं को भी स्वीकृति * पेयजल योजना सालिग जठेहड़, खनियारा, दाड़ी, सिधबाड़ी, रामनगर, श्यामनगर, एवम कनेड बरवाला का नवीनीकरण एवम संवर्धन * अप्पर तंगरोटी, लोअर तंगरोटी व बलेहड़ के लिए पेयजल योजना * पेयजल योजना सकोह, सराह, चैतडु के स्त्रोत का संवर्धन - नाबार्ड के सहयोग से जल जीवन मिशन के अंतर्गत दो स्कीम को भी मिली मंज़ूरी *ठेहड़ पटोला तथा साथ लगते अन्य गांव के लिए अलग पेयजल योजना * टऊ चोला जुल व साथ लगते क्षेत्रों के लिए अलग पेयजल योजना लोगों को साफ व बेहतर पीने का पानी उपलब्ध हो सके उसके लिए क्षेत्र में दस नलकूप लगाए जायेंगे ताकि पानी की समस्या दूर हो सके, इसके साथ ही शहरी क्षेत्र की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्र को भी सीवरेज की सुविधा से जोड़ने हेतु डीपीआर बनाने के निर्देश विभाग को दे दिए गए हैं। एडीबी के सहयोग से ग्राम पंचायत कण्ड बगियाडा व जुहल में पेयजल योजना का निर्माण करने की स्वीकृति भी मिल गई है। खेल स्टेडियम को 48 लाख की किश्त जारी ग्राम पंचायत कण्ड करियाणा में खेल स्टेडियम के निर्माण लिए 25 लाख व ग्राम पंचायत नरवाणा खास में खेल स्टेडियम के निर्माण हेतु 15 लाख व ग्राम पंचायत मनेड में खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए 8 लाख रुपए की पहली किश्त जारी करवा दी गई है, जिससे तीनों पंचायतों में शीघ्र ही खेल स्टेडियमों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा । नई तकनीक से बनेगा ढगवार दुग्ध संयत्र ढगवार दुग्ध संयत्र का नई तकनीक से जीर्णोधार करवाया जायेगा ताकि क्षेत्र के दूध उत्पादकों को आधुनिक ढंग से दुग्ध उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा सके व दूध का उचित मूल्य प्रदान किया जा सके। साथ ही वर्षों पुरानी सब्जी उत्पादकों की मांग को ध्यान में रखते हुए सब्जी मंडी पास्सू के नवनिर्मित भवन के साथ अतिरिक्त भवन व दुकानों का निर्माण करवाया जायेगा । पिछली कांग्रेस सरकार में सुधीर शर्मा ने जो बजट स्वीकृत करवाया था उसके अनुरूप कार्य नहीं हुआ व सब्जी मंडी का भवन अधूरा रह गया लेकिन अब वहां अतिरिक्त भवन व दुकानों का निर्माण करवाया जायेगा। उसके बाद विनियमित सब्जी मंडी धर्मशाला को सब्जी मंडी पासु के स्थाई भवन में शिफ्ट कर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। पासू में बनने वाले मुख्यमंत्री लोक भवन का भूमि पूजन भी शीघ्र ही कर दिया जाएगा जिसके लिए 40 लाख की पहली किश्त उपलब्ध करवा दी गई है । महिलाओं के लिए शक्ति दर्शन देवी दर्शन, महिला बैंक, सोलर रसोई माताओं- बहनों के लिए शक्ति दर्शन देवी दर्शन कार्यक्रम तथा साथ ही महिला बैंक जिसमे आय के साधन बढ़ाने के लिए इच्छुक महिलाओं के लिए धर्मशाला में सहकारिता के तहत योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। अगस्त से सोलर रसोई योजना की शुरुआत भी धर्मशाला के ग्रामीण इलाक़ों से शुरू कर दी जायेगा, जिसका लाभ हर घर को मिलेगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा में प्रधानाचार्य राजेश कुमार वैद्य की अध्यक्षता में रेड क्रॉस डे मनाया गया। इस दौरान 24 एनसीसी कैडेट्स को "ए" प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया। प्रधानाचार्य एनसीसी "ए" सर्टिफिकेट के बारे में बताते हुए कहा कि एनसीसी कैंप के दौरान फायरिंग तथा फिजिकल ट्रेनिंग तथा 2 साल के बाद इन विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाती है, जिसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को यह प्रमाण पत्र दिया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एनसीसी में शामिल होने का बहुत लाभ मिलता है। इन विद्यार्थियों को किसी भी प्रतियोगिता में अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। इस मौके पर कॉमर्स प्रवक्ता अजय सपेहियाने भी बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके अलावा भाषण और प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान एनसीसी केयरटेकर अधिकारी मुकेश शर्मा ने भी बच्चों को एनसीसी में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रवक्ता सुनील कुमार, प्रवक्ता अनूप शर्मा, प्रवक्ता सविता बदन, प्रवक्ता अनुपम, डीपी जाकिर हुसैन, कुलतार सिंह, लाल सुदेश, प्रियंका, आशा कुमारी व अन्य उपस्थित रहे।
मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा संचालित खुशियों के बैंक में जमा हुए कपड़ों को लेबर कॉलोनी में जरूरतमंद लोगों को वितरित किया गया। इस मौके पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता, पुष्पा खंडूजा व नीरज बंसल मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि खुशियों के बैंक लगभग पिछले 1 वर्ष से चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों के द्वारा अपने घर में पड़े ग़ैर जरुरतन सामान जैसे कपड़े, खिलौने, बर्तन, कापी, किताबें इत्यादि जमा करवाए जाते हैं तथा संस्था के द्वारा इन सामान को सलम एरिया व लेबर कॉलोनी में जाकर जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जाता है। वहीं संचालक पुष्पा खंडूजा व नीरज बंसल ने लोगों से भी अपील की अगर आपके घर में कोई भी गैर जरूरी सामान है तो वे खुशियों के बैंक माजरा में जमा करवा सकते हैं। जमा हुए सामान को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के सदस्य कार्य कर रहे हैं। अभी तक संस्था के द्वारा लगभग 3 लाख पुराने व नए कपड़े वितरित किए जा चुके हैं।
1923 में एक प्रसिद्ध रूसी कलाकार ने रूस से अपनी यात्रा की शुरुआत की और कई देशो में घूमने के बाद आखिरकार हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसने का फैसला कर लिया, वो शख्सियत थे निकोलस रोरिक। निकोलस का जन्म रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था, लेकिन अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने भारत में ही गुजारा था। निकोलस अपनी पत्नी हेलेना और दो बेटों जॉर्ज और स्वेतोस्लाव रोरिक के साथ हिमाचल की कुल्लू घाटी के नग्गर में आ बसे थे। प्राचीन समय के प्रतिभाशाली चित्रकारों में निकोलस का नाम तो शामिल है ही लकिन उनके बेटे स्वेतोस्लाव को भी सबसे प्रतिभाशाली चित्रकार के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि आज अपनी विश्व स्तरीय चित्रकला के लिए रोरिक परिवार को भारत से लेकर रूस तक याद किया जाता है। 1874 में सेंट पीटर्सबर्ग में एक कुलीन परिवार में जन्मे निकोलस रोरिक ने 1917 की रूसी क्रांति के बाद रूस से बाहर रहने का फैसला किया। बताया जाता है कि निकोलस भारत की कला संस्कृति का गहन अध्ययन करना चाहते थे और इसकी शुरूआत उन्होंने मुंबई के एलीफेंटा की गुफाओं से की थी। फिर ये सफर कोलकाता तक पहुंचा और इसके बाद निकोलस दार्जिलिंग पहुंचे वहां पांचवें दलाई लामा जिस घर में रूके थे उसे निकोलस ने अपना निवास-स्थान बनाया। जहां से हिमालय पर्वत श्रृंखला के सुन्दर और मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता था। दार्जीलिंग के कुछ महीने के प्रवास के दौरान उन्होंने 'हिज कंट्री 'शीर्षक से चित्र श्रृंखला बनाई जिसमें हिमालय पर्वत श्रृंखला को उच्च आध्यात्मिक सुंदरता के साथ चित्रित किया। हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी की वादियों से निकोलस इतने प्रभावित हुए कि दो दशकों से भी अधिक समय कुल्लू घाटी में बिताया। अपनी चित्रकारी कि कला से निकोलस ने नग्गर, कुल्लू और लाहौल को दुनिया के कलात्मक मानचित्र पर लाया। आज, इन उत्कृष्ट कृतियों को दुनिया भर में प्रदर्शित किया जाता है। मास्को में रोरिक के अंतर्राष्ट्रीय केंद्र से लेकर चित्रकला परिषद बैंगलोर, इलाहाबाद संग्रहालय, भारत में हॉल एस्टेट नग्गर और न्यूयॉर्क में रोएरिच संग्रहालय तक निकोलस कि चित्रकला देखने को मिलती है। न केवल कुल्लू घाटी बल्कि रोरिक परिवार लाहौल के प्रति भी बेहद जुनूनी थे। कहा जाता है कि लाहौल के ठाकुर प्रताप चंद ने उन्हें प्रसिद्ध शशूर गोम्पा के पास केलांग के ऊपर गुंगशुल गाँव में बसाने में मदद की थी। तब पूरा लाहौल निकोलस और स्वेतोस्लाव के लिए एक स्टूडियो था, जिन्होंने वहां 130 से ज्यादा उत्कृष्ट कृतियों को चित्रित किया था, उन्होंने विशेष रूप से गुंगशूल में ये कार्यशाला बनाई थी जिसे अंतिम रूप दिया गया था। - स्वेतोस्लाव रोरिक को मिल चूका है "पद्म भूषण" अवार्ड निकोलस रोरिक के बेटे स्वेतोस्लाव रोरिक भी एक प्रभावशाली चित्रकार थे। स्वेतोस्लाव ने कम उम्र में ही चित्र बनाना शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि उन्होंने कला प्रोत्साहन सोसाइटी स्कूल की कक्षाओं में भाग लिया, होम थिएटर सेटिंग्स के लिए डिज़ाइन तैयार किए, और यहाँ तक कि थिएटर डिज़ाइन स्केच पर अपने काम में अपने पिता की मदद भी की। अपने पिता कि तरह ही स्वेतोस्लाव ने भी चित्रकला में एक अलग पहचान बनाई है। संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए, और शांति के लिए उनके योगदान के लिए, स्वेतोस्लाव रोएरिच को भारत के सर्वोच्च नागरिक आदेश "पद्म भूषण", सोवियत आदेश "लोगों की दोस्ती" सहित विभिन्न देशों के ओवरनैटल पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। स्वेतोस्लाव रोरिक पंडित जवाहर लाल नेहरू के अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के विजेता भी थे। वह बल्गेरियाई ऑर्डर ऑफ किरिल और मेथोडी के साथ-साथ बुल्गारिया के वेलिकोटिरन विश्वविद्यालय के मानद डॉक्टर के खिताब के धारक रहे थे। रोरिक आर्ट म्यूजियम रोरिक आर्ट गैलरी में अलग-अलग तरह की कलात्मक चीजों को संजोया गया है। रोरिक आर्ट गैलरी, निकोलस रोरिक के घर यानि रोरिक हाउस में ही बनाई गई है, जहां निकोलस रोरिक की तरह तरह की पेंटिंग्स को रखा गया है। साथ ही यहाँ निकोलस रोरिक और उनके परिवार की चीजों को भी बंद कमरों में उसी तरह रखा गया है जैसे उनके समय में हुआ करती थी। साथ ही उनकी विंटेज कार को भी संजोकर रखा गया है। हालांकि अब निकोलस रोरिक और उनके परिबार के इस घर के अंदर जाने की अनुमति किसी को नहीं पर घर की खिडकियों से स्न्धेर देख रोरिक परिवार के रहन सहन को महसूस जरुर किया जा सकता है। इस घर के हर कोने हर जगह सिर्फ और सिर्फ कला ही झलकती है। रोरिक हाउस के बहार ही एक पेड़ के नीचे कई तरह के पत्थर की मुर्तियां राखी गई है। कहा जाता है ये सभी मूर्तियां निकोलस रोरिक अलग अलग जगह से लेकर आगे थे | - एक पेंटिंग की कीमत थी 12 मिलियन डॉलर रोरिक के चित्रों के मूल्य का अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि 2013 में लंदन में नीलाम हुई उनकी एक पेंटिंग की कीमत 12 मिलियन डॉलर थी। कहा जाता है कि रोएरिच ने हिमालय की अपनी यात्रा के दौरान परिदृश्य का गहन अध्ययन किया था। और पहाड़ उनके चित्रों में रंग सूर्योदय और सूर्यास्त के समय बर्फीली चोटियों के जादू को फिर से जगाते हैं। ये भी माना जाता है कि रोएरिच की विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं में रुचि थी और उनके चित्रों में एक सम्मोहक गुण। - रोरिक के प्रसिद्ध चित्र रोएरिच के कुछ सबसे प्रसिद्ध चित्रों में शामिल हैं बुद्ध द विनर (पूर्व सेवाओं का बैनर), 1925; सेंट सर्जियस द बिल्डर, 1925; नंगा पर्वत (बर्फीले पहाड़ों के नीचे की घाटी), 1935-36; हिमालय (माइट ऑफ द स्नो), 1945; मास्टर की कमान, 1947, पवित्र हिमालय, 1933, आदि।
" जगत सिंह नेगी खुद एक बागवान है और एक आम बागवान की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। उम्दा बात ये है कि नेगी खुद व्यवस्था परिवर्तन की जरुरत को मानते है और अपने छोटे से कार्यकाल में ही उन्होंने 'बॉटम टू टॉप' आवश्यक बदलाव करने के संकेत भी दिए है। साफ़गोई से व्यवस्था और तंत्र की खामियों को स्वीकारना और समाधान पर तार्किक चर्चा करना उनसे उम्मीद का बड़ा कारण है। " बागवानी हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है। प्रदेश की अकेली सेब अर्थव्यवस्था ही छ हज़ार करोड़ से ज्यादा की है। वहीं अधीनस्थ गतिविधियों का भी बहुत बड़ा बाज़ार है। बागवानी ने निसंदेह प्रदेश को एक दिशा दी है जिससे आर्थिक दशा भी सुधरी है। हिमाचल प्रदेश की जलवायु प्रकृति का वरदान है और प्रदेश में बागवानी को लेकर अथाह संभावनाएं है। सेब के अलावा भी प्रदेश में कई फलों के लिए उपयुक्त वातावरण है। हालांकि कभी मौसम की मार, तो कभी पोस्ट हार्वेस्ट पेश आने वाली समस्याएं बागवानों के सामने बड़ी चुनौती है। पैकिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, मार्केटिंग हो या फ़ूड प्रोसेसिंग; आज के प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में टिकने के लिए हर स्तर पर पेशेवर दृष्टिकोण से कार्य करना अनिवार्यता बन चूका है। हर क्षेत्र में विशेषज्ञता की दरकार है। बड़े बागवानों के लिए तो ये काफी हद तक मुमकिन होता है, किन्तु छोटे बागवानों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकारी तंत्र पर ही ये बागवान निर्भर है। दरअसल, सरकार ही इनकी आस है। कुछ महीने पहले ही व्यवस्था परिवर्तन के वादे के साथ हिमाचल प्रदेश में नई सरकार आई है। पिछली सरकार से जो वर्ग खफा थे उनमें बागवान भी शामिल है और ये वर्ग परिवर्तन का सूत्रधार भी बना। अब प्रदेश में बागवानी विभाग क जिम्मा जगत सिंह नेगी को दिया गया है जो न शरीफ खुद एक बागवान है बल्कि विपक्ष में रहते बागवानों के मुद्दों पर तत्कालीन सरकार के खिलाफ मुखर भी रहे है। सरकार को अभी ज्यादा वक्त नहीं मिला है ऐसे में किसी निष्कर्ष पर निकलना जल्दबाजी जरूर होगा लेकिन बागवानों को लेकर जगत सिंह नेगी का रवैया सकरात्मक जरूर है। बागवानी से जुड़े कई मूल मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने जगत सिंह नेगी से चर्चा की और उनका पक्ष जाना। जगत निगह नेगी खुद एक बागवान है और एक आम बागवान की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। उम्दा बात ये है कि नेगी खुद व्यवस्था परिवर्तन की जरुरत को मानते है और अपने छोटे से कार्यकाल में ही उन्होंने 'बॉटम टू टॉप' आवश्यक बदलाव करने के संकेत भी दिए है। साफ़गोई से व्यवस्था और तंत्र की खामियों को स्वीकारना और समाधान पर तार्किक चर्चा करना उनसे उम्मीदों का बड़ा कारण है। एचपीएमसी है सुधार की धुरी : हार्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कारपोरेशन ( एचपीएमसी ), ये वो सरकारी उपक्रम है जो करीब पांच दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ वाईएस परमार द्वारा प्रदेश में बागवानों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। 10 जून 1974 को विश्व बैंक की सहायता से ये उपक्रम अस्तित्व में आया और इसका मुख्य उद्देश्य था बागवानों को पोस्ट हार्वेस्ट ( तुड़ान ) के बाद की गतिविधियों में सहायता प्रदान करना। विशेषकर 80 के दशक में एचपीएमसी ने आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में शानदार काम किया। फिर 21 वीं शताब्दी की शुरुआत में एक दौर ऐसा भी आया जब फ़ूड प्रोसेसिंग में कदम रख एचपीएमसी के फ्रूट जूस ने तहलका मचा दिया। पर समय के साथ अव्यवस्था हावी होती गई और बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद एचपीएमसी के उत्पादों का मार्किट शेयर कम होता रहा। मंत्री जगत सिंह नेगी बेझिझक स्वीकारते है कि एचपीएमसी के प्रोडक्शन प्लांट्स में आज व्यापक बदलाव की आवश्यकता है। आज के गलाकाट प्रतिस्पर्धी दौर में आधुनिक मशीने चाहिए, नई तकनीक चाहिए और व्यावसायिक नजरिया चाहिए। वर्ल्ड बैंक से मिले प्रोजेक्ट पर चर्चा करने पर नेगी ने बेहद साफ़ शब्दों में बताया कि परवाणू प्लांट में जिस पैसे का इस्तेमाल तकनीक और मशीनों पर किये जाना चाहिए था, उस पर बिल्डिंग को प्राथमिकता दी गई। जाहिर है नेगी का निशाना पूर्व सरकार पर था लेकिन असल चुनौती तो अब उनके सामने है। जगत सिंह नेगी का कहना है कि प्रोसेसिंग में फ्यूचर अब छोटे प्लांट्स का है, इतने बड़े प्लांट्स की जरुरत नहीं है। एचपीएमसी की तकनीक पुरानी है और अब समय कोल्ड प्रेस्ड प्लांट्स का है। पहले कंसन्ट्रेट बनाये जाते थे और फिर जूस तैयार होता था, लेकिन अब सीधे जूस तैयार होते है। बदलाव समय की जरुरत है। बागवानी मंत्री का स्पष्ट कहना है कि ये सरकार की प्राथमिकता में है और सुनहरा दौर वापस लाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी कहते है कि मुंबई, चेन्नई, दिल्ली सहित देश के कई मेट्रो शहरों में एचपीएमसी के पास सम्पतियाँ है, जो आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। प्रदेश में भी एचपीएमसी के पास कई सम्पतियाँ है। जरुरत है तो इनका उचित रखरखाव और आवश्यक बदलाव कर इनके सही इस्तेमाल करने की। 10 जून 1974 को विश्व बैंक की सहायता से एचपीएमसी की स्थापना हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बागवानों के लिए पोस्ट हार्वेस्ट (तुड़ाई) सुविधाओं को उलब्ध करवाना था, ताकि बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो सके। करीब अपने पांच दशक के सफर में एचपीएमसी ने बागवानों के हित में कई अहम कार्य किये है, विशेषकर शुरूआती सालों में। तुड़ान के बाद फलों की पैकिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, मार्केटिंग और फ़ूड प्रोसेसिंग की दिशा में कई बड़े निर्णय हुए और आधारभूत ढांचा भी निरंतर मजबूत हुआ। पर बीते कुछ समय में एचपीएमसी की कार्यशैली को लेकर निरंतर सवाल उठे है। वर्तमान में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी स्वीकार करते है कि सुधार की दरकार है। आरोप : एक कंपनी को दिया दस साल का ठेका ! आज के दौर में किसी भी उत्पाद की पैकिंग और सही मार्केटिंग बेहद जरूरी है और ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता पर कोई सवाल नहीं है। पर अगर एचपीएमसी के उत्पादों को देखे तो ब्रांड वैल्यू के बावजूद ये पिछड़े हुए दीखते है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी इस कमी को स्वीकरते है। नेगी कहते है कि पूरी व्यवस्था बिगड़ी हुई है और इसे ठीक करने में वक्त लगेगा। मसलन पैकिंग के मामले पर वो कहते है कि पिछली सरकार ने जूस के टेट्रा पैक बनने के ठेका एक निजी कंपनी को दस साल के लिए दे दिया। किसी को लाभ पहुँचाने के लिए एक दो पेज का एग्रीमेंट कर लिया गया। अब मामला कोर्ट में है। ऐसे कई निर्णयों के चलते व्यवस्था में जरूरी बदलाव करना जटिल है, फिर भी वे हरसंभव विकल्प पर कार्य कर रहे है। उद्देश्य को लेकर स्पष्टता : बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी एचपीएमसी की भूमिका को लेकर बिलकुल स्पष्ट है। जब उनसे पूछा गया कि वे राजस्व मंत्री भी है और क्या एचपीएमसी सरकार की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा, तो नेगी दो टूक कहते है कि एचपीएमसी का उदेश्य व्यपार करना नहीं है। इसका उद्देश्य बागवानों को प्रोसेसिंग, स्टोरेज और अन्य वलूर एडेड सुविधाएँ मुहैया करवाना, उन्हें सस्ता मटेरियल देना। जगत सिंह नेगी मानते है कि यदि बागवानों कि आर्थिकी मजबूत होगी और अप्रत्यक्ष तौर पर प्रदेश का राजस्व बढ़ना भी स्वाभविक होगा। अर्थव्यवस्था का पहिया इसी तरह चलता है। यूनिवर्सल कार्टन और प्रति किलो भाड़ा : हिमाचल सरकार ने हाल ही में बागवानों का एक बड़ा मसला हल किया है l हिमाचल का सेब अब कार्टन के हिसाब से नहीं बल्कि किलो के हिसाब से बिकने वाला है l कृषि सचिव ने इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी है जिसके मुताबिक, बागवान एक पेटी में अधिकतम 24 किलो सेब ही भर सकेंगे l इस कदम से अब सेब बागवान बिचौलियों के शोषण से बच सकेंगे l इससे पहले बिचौलियों के दबाव में सेब बागवानों को एक पेटी में कभी 28 तो कभी 30 किलो सेब डालने पड़ रहे थे l पेटी में सेब की मात्रा बढ़ाने के बावजूद बागवानों को पेटी के हिसाब से ही दाम मिल रहा था l ऐसे में अब प्रति किलोग्राम दाम मिलने से बागवानों को फायदा होगा l इस समस्या का समाधान सरकार ने किया है मगर बागवान इसके बाद अब फ्रेट को लेकर चिंतित थे l हालांकि अब सरकार ने बागवानों की ये समस्या भी दूर कर दी है l बागवानों को ट्रांसपोर्टरों के शोषण से बचाने के लिए सरकार ने वजन के आधार पर सेब की ढुलाई का निर्णय लिया है l इस पर जगत सिंह नेगी ने कहा की जल्द सरकार की ओर से उपायुक्तों को आदेश जारी किए जाएंगे। उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम यह व्यवस्था लागू करेंगे और मनमानी करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। अब तक प्रदेश में सेब ढुलाई की दरें पेटी के आधार पर तय होती हैं। हिमाचल प्रदेश पैसेंजर एंड गुड्स टैक्सेशन एक्ट 1955 के तहत प्रति किलोमीटर प्रतिकिलो के आधार पर सेब ढुलाई का किराया तय किया जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा की ये सुनिश्चित किया जाएगा कि बागवानों को उपज का सही दाम मिले और ट्रांसपोटेशन के नाम पर बागवानों का शोषण न हो। इम्पोर्ट ड्यूटी और जीएसटी को लेकर केंद्र पर निशाना : बाहर से आने वाले सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 100 फीसदी न होना भी बागवानों क लिए बड़ी समस्या बना हुआ है l ये यूँ तो केंद्र सरकार का मसला है मगर बागवानी मंत्री का कहना है कि वे इसे लेकर काफी गंभीर है व केंद्र से इसके बारे बात करेंगे l जगत सिंह नेगी का कहना है की केंद्र सरकार 2014 से लेकर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की बात कहती है मगर अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया है। वो कहते है की पहले सिर्फ 3 या 4 देशों से सेब इम्पोर्ट किया जाता था, मगर अब करीब दर्जन देश है जहाँ का सेब भारत आ रहा है। अफगानिस्तान के रास्ते भी कुछ देशों का सेब भारत आता हैl हम लगातार इस इम्पोर्ट को कम करने की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि केंद्र से जुड़े और भी कई मसले है। वे मानते है कि बागवानी से जुड़ी कई वस्तुओं पर केंद्र सरकार ने जीएसटी 18 प्रतिशत कर बागवानों की कमर तोड़ने का काम किया है l मार्किट इंटरवेंशन स्कीम के तहत दाम घटा दिए गए, जो कि सही नहीं है l सेब राज्य नहीं फल राज्य बनाना है : हिमाचल में जितनी आर्थिकी सेब से आती है उतनी ही अन्य फलों से भी आ सकती है, हालाँकि बाकि फलों को उतनी तवज्जो मिलती नहीं दिखती l अन्य फलों की पैदावार बढ़ने से बागवानों की आर्थिकी दोगुनी हो सकती है जिसपर सरकार काम कर रही है l जगत नेगी बताते है कि सरकार शिवा प्रोजेक्ट के तहत ट्रॉपिकल क्षेत्रों जैसे बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, काँगड़ा, में सिट्रस फ्रूट्स की पैदावार पर फोकस कर रही है l इन क्षेत्रों में सरकार अमरुद, अनार जैसे फलों पर बड़े प्रोजेक्ट्स ला रही है l इसके मैन प्रोजेक्ट का एमओयू एशियाई डेवलपमेंट बैंक के साथ होना है जिसमें 6000 हेक्टेयर का टारगेट रखा गया है। राज्य में सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन (HP-SHIVA) प्रोजेक्ट का पायलट चरण चल रहा है। इसका मकसद हिमाचल को फल राज्य के तौर पर विकसित करना है। ये सब - ट्रॉपिकल फलों की खेती को बढ़ावा देगा। राज्य में बीते ढाई सालों से इस प्रोजेक्ट का पायलट चरण लागू है। इसके अंतर्गत 4 जिलों के तकरीबन 17 क्लस्टर में विभिन्न सब-ट्रॉपिकल फलों के बगीचे लगाए गए हैं। इनसे बागवानों को अच्छी आमदनी हो रही है। शिवा परियोजना में फसल तैयार करने से लेकर मंडी तक पहुंचाने के लिए संकल्पना की गई है। यानी बगीचा लगाने के लिए प्लांटिंग मटेरियल देने, सिंचाई टैंक बनाने, ड्रिप-इरिगेशन लगाने, अच्छी मंडियां बनाने, फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए फैंसिंग लगाने के लिए अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। बगीचों में सिंचाई की सुविधा के लिए टैंक बनाने का काम जल शक्ति महकमा कर रहा है। बागवानी मंत्री इस पहल की सफलता को लेकर आश्वस्त है और नतीजे उम्मीद मुताबिक आएं तो हिमाचल की पहचान सिर्फ सेब राज्य की नहीं बल्कि फल राज्य की होगी। व्यापक सुधार को सरकार प्रतिबद्ध बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का कहना है कि सरकार बागवानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और एचपीएमसी में हर स्तर पर व्यापक सुधार पर काम कर रही है l सरकार द्वारा नए प्लांट्स, नए सीए स्टोर्स बनाए जाएंगे l पुराने प्लांट्स को ठीक किया जाएगा व पराला में 100 करोड़ का एक नया प्लांट इस सीजन में तैयार किया जाएगा जिसकी क्रशिंग कैपेसिटी 22 टन प्रतिदिन होगी l वहीं एप्पल वाइन प्रोडक्शन पर भी फोकस किया जाएगा l जगत सिंह नेगी नई सोच और नए विजन के साथ आगे बढ़ने पर जोर दे रहे है और उनका मानना है कि एचपीएमसी के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए l ताजा फलों की मार्केटिंग के अलावा एचपीएमसी की कार्यसूची में फ़ूड प्रोसेसिंग भी शामिल था। सरप्लस उत्पादन का जूस या अन्य उत्पाद बनाकर उसे मार्किट में बेचे जाने की दिशा में एचपीएमसी ने क्रांतिकारी कदम उठाया था। एक दौर था जब एचपीएमसी के फ्रूट जूस न केवल देशभर में लोकप्रिय थे बल्कि विदेशों में भी सप्लाई हो रहे थे। आज भी एचपीएमसी फ़ूड प्रोसेसिंग कर रहा है, लेकिन निसंदेह बीते दो दशक से इसका ग्राफ लगातार गिरा है। समय के साथ एचपीएमसी ने न टेक्नोलॉजी में सुधार किया और न ही मार्केटिंग तंत्र में। हालांकि आज भी एचपीएमसी एक प्रतिष्ठत ब्रांड है लेकिन लचर व्यवस्था के चलते काफी पीछे जरूर रह गया है।


















































