प्रदेश सरकार की लोगों को घर-द्वार के नजदीक बेहतर और सुगम सुविधाएं उपलब्ध करवाने की पहल के तहत उपमंडल की बडूखर पंचायत स्थित कम्युनिटी हाल में 16 मई को प्रातः 10 बजे "प्रशासन जनता के द्वार" कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता विधायक मलेंद्र राजन करेंगे, जबकि सभी विभागीय अधिकारी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के पहले चरण में विकास खंड की चार पंचायतों बडूखर, भोग्रवां, पलाखी तथा सुरड़वां पंचायतों के लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा ताकि लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर बार-बार दफ्तरों के चक्कर ना लगाने पड़ें। एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रशासन द्वारा इस दौरान इंतकाल के लम्बित मामलों, राहत राशि के वितरण सहित अन्य राजस्व मामलों का भी समाधान किया जाएगा। इस मौके पर जन्म एवं मृत्यु और बीपीएल आदि प्रमाणपत्र भी जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम में पात्र लोगों के सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मामलों व अन्य विभागीय समस्याओं का अधिकारियों द्वारा निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल के नमूनों की भी जांच सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में न्यायालय में लंबित मामलों को शामिल नहीं किया जाएगा।
शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि शाहपुर नगर पंचायत के लिए सीवरेज योजना के लिए 56 करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृति हेतु भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही इसका कार्य आरंभ किया जाएगा। वे आज (सोमवार) को शाहपुर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत शाहपुर के सभी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल हेतु 2.27 करोड़ से बनाई जा रही पेयजल योजना को अगले पांच महीने में पूरा कर लिया जाएगा। विधायक ने स्वास्थ्य विभाग तथा नगर पंचायत शाहपुर के संयुक्त प्रयासों से किए गए विकास कार्यों के लोकार्पण किए। उन्होंने नागरिक अस्पताल शाहपुर के लिए करीब 55 लाख रुपये की विविध सौगातें दीं। अस्पताल में स्थापित 29 लाख रुपये के लैब ऑटोमेटिक एनालाइजर, सैल काउंटर, यूरिन एनालाइजर तथा टीबी जांच को सीबी नैट लैब का शुभारंभ किया। उन्होंने नगर पंचायत शाहपुर द्वारा 20 लाख से क्रियान्वित नागरिक अस्पताल शाहपुर के शौचालय ब्लॉक का जीर्णाेद्धार एवं प्रांगण सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण तथा 5 लाख रुपये से बने 8 किलोवाट के सौर ऊर्जा सयन्त्र का उद्घाटन किया। केवल पठानिया कहा कि अस्पताल में इन सुविधाओं के जुड़ने से शाहपुर विधानसभा के लोगों के साथ साथ ज्वाली विधानसभा तथा साथ लगते चम्बा जिला के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। पठानिया ने कहा यहां स्वास्थ्य सम्बन्धी लगभग सारे टेस्ट निशुल्क होंगें और उसी दिन उनकी रिपोर्ट भी मिल जाएगी। जिससे लोगों को सहूलितय तथा उनके समय तथा धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि सोलर संयन्त्र से औसतन 1000 यूनिट प्रति माह तैयार होगी। इससे हॉस्पिटल के बिजली के बिल में प्रतिमाह लगभग 6 हजार की बचत होगी। उन्होंने थायराइड जांच मशीन लेने के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की। विधायक ने नशा निवारण कमेटी शाहपुर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह कमेटी बहुत अच्छा कार्य कर रही है और इनको जो भी सहयोग सरकार की तरफ से चाहिए होगा वह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अभी अपने दिल्ली दौरे के दौरान के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले हैं और उन्होंने फोरलेन से जुड़ी शाहपुर बाजार वालों की समस्या से उनको फिर अवगत करवाया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में सोमवार को शिक्षा नीति और धर्म शिक्षा विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के उत्तराधिकारी स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी व मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन्होंने परिसर में अपने विशिष्ट व्याख्यान के दौरान भारत की नई पीढ़ी को उचित मार्गदर्शन देने का कार्य किया।गौरतलब है कि वाराणसी में धर्म संघ की स्थापना स्वामी करपात्री जी महाराज ने की थी व भारत हिंदू राष्ट्र बने यही उनके जीवन का लक्ष्य था। "धर्मो रक्षति रक्षिता" की उद्घोषणा के साथ-साथ भारत में राम राज्य की स्थापना के लिए स्वामी करपात्री जी महाराज जीवन पर प्रयासरत रहे। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रोहित सिंह ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में वेदव्यास परिसर में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं समस्त स्टाफ के समक्ष अपने विचार रखे। वहीं स्वामी अभिषेक करपात्री जी ब्रह्मचारी ने भगवान राम के जीवन से जुड़े हुई बहुत सारे वृतांत वेदव्यास परिसर के सभागार में मौजूद छात्र छात्राओं स्टाफ के समक्ष रखे। इस दौरान परिसर के निदेशक प्रोफेसर मदन मोहन पाठक सहित बी. एड. विभागाध्यक्ष डा शीशराम, डा श्रीनाथधर द्विवेदी, डा भूपेंद्र ओझा, डा अमित वालिया, डा दीप कुमार, डा विनोद शर्मा , डा श्यामशरण शर्मा, डा पीयूष त्रिपाठी, डा अमरचंद, डा राहुल झा, डा गोविंद पांडे, डा यज्ञदत्त, डा मुकेश शर्मा,आदि एसिस्टेंट प्रोफेसर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डाडासीबा तहसील में खाली चल रहे नायब तहसीलदार के पद पर नायब तहसीलदार जगजीत सिंह ने पद भार ग्रहण कर लिया है। यह पद छह महीने पहले नायब तहसीलदार अभी राय सिंह ठाकुर की ट्रांसफर के बाद से खाली हुआ था। नायब तहसीलदार जगजीत सिंह इससे पहले उप तहसील सियुतां जिला चंबा में अपनी सेवाएं दी हैं। डाडासीबा तहसील में तहसीलदार बीरबल और स्टाफ के कर्मचारियों ने नए नायब तहसीलदार का कार्यालय में नियुक्त होने पर स्वागत किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता राजस्व विभाग में लंबित कार्यो का जल्द से जल्द निपटारा करना है। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि लोगों को कार्यालय में हो रही समस्याओं को भी समय रहते हल किया जाए। नायब तहसीलदार की नियुक्ति होने से लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
सत श्री बाडुबाड़ा पब्लिक स्कूल भलग (मांगल) में सोमवार को मातृ दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चुनीलाल चौहान व सचिव चौहान कृष्णा विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र की प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ।इस अवसर पर बच्चों द्वारा बनाए गए बेज अपनी माताओं को लगाकर प्यार जाहिर करने के उपरांत उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर माताओं के लिए स्कूल में बहुत सारी उत्साह वर्धक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। सभी माताओं ने स्कूल में किए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली माताओं को सम्मानित भी किया।प्रधानाचार्य इंद्रा शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों के विकास और मनोरंजन तथा शिक्षा के गुणों का सुंदर मेल करते हुए माता और बच्चे के बीच मातृत्व और प्रेम पर प्रकाश डाला गया। स्कूल प्रबंधन समिति के सचिव चौहान कृष्णा ने स्कूल के कार्यक्रम को सराहा और कहा कि इसे बहुत ही अनूठे तरीके से पेश किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य इंद्रा शर्मा,स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चुनीलाल चौहान,कोषाध्यक्ष पवन ठाकुर,मुख्य सलाहकार धर्माराम,सचिव चौहान कृष्णा सहित अन्य उपस्थित रहे।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन आईटीआई दाड़लाघाट में सोमवार को मातृ प्रेरणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईटीआई दाड़लाघाट में सभी ट्रेडों में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं की माताओं को ट्रेडवाइज संस्थान में आमंत्रित करके सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षु व प्रशिक्षकों ने माताओं के सम्मान में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की, जिसमें म्यूजिकल चेयर, ऑब्जेक्ट पासिंग,सिंगिंग, डांस एक्टिंग इत्यादि गतिविधियां रही। इन गतिविधियों में प्रशिक्षुओं की माताओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने अपनी माताओं को टैग वेजेस और टाइटल देकर सम्मानित किया। इसके साथ-साथ संस्थान ने प्रशिक्षुओं की माताओं को उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बहुत ही भावुक क्षण आए जब प्रशिक्षुओं ने अपनी माताओं के बारे में अपनी संवेदनाओं को व्यक्त किया। माताओं ने भी बच्चों के प्रति अपने स्नेह और अनुभव को साझा किया। कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने माताओं का कार्यक्रम में पधारने पर धन्यवाद किया। उन्होंने मां के महत्व का हमारे जीवन में क्या स्थान है इस पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कार्यक्रम में विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षुओं की 157 माताओं ने भाग लिया।
जिला कांगड़ा के गरली के निकटवर्ती गांव रक्कड़ की आशिता शर्मा और अनन्या शर्मा ने सीबीएससी 12वीं (नॉन मेडिकल ) की बोर्ड परीक्षा में 97.4% अंक हासिल किये हैं। विदित रहे कि हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के रककड़ गांव की रहने वाली ये दोनों बहनें सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के असिस्टेंट एडवोकेट जनरल विनोद शर्मा व वरिष्ठ अधिवक्ता रीना शर्मा की बेटियां हैं और उन्होंने इसी वर्ष नोएडा के नामी स्कूल एलपीएस ग्लोबल स्कूल में प्लस टू में दाखिला लिया है और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
विधायक होशियार सिंह द्वारा हरिपुर में जन आशीर्वाद समारोह का आयोजन बड़े ही धूमधाम के साथ किया गया, जिसमें क्षेत्र के करीब 2500 लोगों ने भाग लिया। सर्वप्रथम हरिपुर बाजार से होते हुए एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। विधायक होशियार सिंह ने देहरा से उन्हें विजयी बनाने के लिए जनता का धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने जमकर सियासी बाण छोड़े। उन्होंने भाजपा नेता रमेश धवाला एवं रविंद्र रवि की तुलना खो-खो गेम से कर दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के ये दोनों नेता खो-खो खेलते खो गए। दोनों नेताओं को इन चुनावों में जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। विधायक केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर पर भी बरसे। विधायक ने बहुचर्चित मुद्दे नंदनाला पुल का भी जिक्र किया। कहा कि अब कार्य रुकवाने के लिए रेलवे वालों को फोन आना शुरू हो गए हैं। रानीताल में एक नेता आया और वहां किसी ने उन्हें बोला कि काम जोरों-शोरों से शुरू हो गया है। लेकिन कुछ नेताओं द्वारा उक्त काम को रुकवाने लिए प्रेशर बनाना शुरू कर दिया गया है, ताकि कहीं इस काम का क्रेडिट होशियार सिंह को न मिल जाए। विधायक ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव भी आ रहे हैं। उक्त नेता काम रोकने का फैसला सोच समझ कर लें।
साई इंटरनेशनल स्कूल सोलन में आज अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया गया। इस दिवस की शुरुआत सभा से हुई, जिसमें बच्चों को अपने परिवार के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर दिया गया। समूहों में छात्रों को अपनी तस्वीरों और उस पर चिपकाए गए नाम के साथ फैमिली ट्री बनाने के लिए कहा गया। इस दिन के महत्व को दर्शाने वाले चित्रों और उद्धरणों से बुलेटिन बोर्ड सजाए गए थे। शिक्षकों द्वारा यह संदेश देने के लिए मस्ती भरी गतिविधियां की गईं, जैसे फैमिली ट्री ,फोटो फ्रेम आदि। बच्चों को सिखाया गया कि परिवार एक पेड़ पर शाखाओं की तरह होता है, जो अलग-अलग दिशाओं में बढ़ता है फिर भी जड़ एक ही रहती है। यह छात्रों के लिए मस्ती और उत्साह से भरा दिन था और निश्चित रूप से उनके जीवन में एक यादगार दिन होगा। इस अवसर पर स्कूल चेयरमैन रमिंदर बाबा ने बच्चों को व स्टाफ को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की शुभकामनाएं दीं।
जिला सोलन के विकास खंड धर्मपुर में तैनात तकनीकी सहायक सोमवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से उनके आवास पर मिले तथा उन्हें मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में बताया गया कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें कई आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि विकास खंडों में तैनात तकनीकी सहायक गांवों में विकास कार्यों का प्राकलन आंकलन करते हैं तथा एक तकनीकी सहायक के पास तीन से चार पंचायतों का कार्यभार रहता है।समस्त तकनीकी सहायक जिन्हें वेतन मनरेगा मद से दिया जा रहा है वे भी कभी समय से नहीं मिलता तथा कोई एक दिन भी निश्चित नहीं है। कभी-कभी तो उन्हें तीन-चार महीनों से वेतन के लिए तरसना पड़ता है, जिसके कारण अपने-अपने परिवारों का पालन पोषण तथा एक पंचायत से दूसरी पंचायत में आने जाने में असमर्थ होते जा रहे हैं। जिला परिषद से प्रदेश भर में लगभग 1100 तकनीकी सहायक है, जिनमें से लगभग 650 सहायकों को जिला परिषद ग्रांट इन एड से वेतन मिलता है व मेडिकल, मातृत्व अवकाश, अर्जित अवकाश आदि सुविधाएं मिल रही है ,परंतु 450 तकनीकी सहायकों को इन सभी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। वहीं विनोद सुल्तानपुरी ने आश्वासन दिया कि तकनीकी सहायकों की मांग को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह के समक्ष रखा जाएगा। इस मौके पर संजू देवी, कमल, शिवानी सहित ब्लॉक धर्मपुर के तकनीकी सहायक मौजूद रहे।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन के ऐतिहासिक एवं विश्वविख्यात माता शूलिनी मंदिर में अब कीर्तन का आयोजन मंदिर के साथ निर्मित भवन में किया जाएगा। मनमोहन शर्मा ने कहा कि माता शूलिनी मंदिर के प्रांगण में कम स्थान होने के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से जहां कीर्तन के लिए श्रद्धालुओं को समुचित स्थान मिलेगा, वहीं माता शूलिनी की पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्तजनों को सुगमता से दर्शन होंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर के साथ निर्मित भवन में स्थापित हाॅल में भक्तजनों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यहां हाॅल में कीर्तन के लिए समुचित जगह उपलब्ध होने से अधिक संख्या में भक्तजन सुगमता के साथ कीर्तन कर सकेंगे। उपायुक्त ने कहा कि विगत कुछ समय से ज़िला प्रशासन को श्रद्धालुओं द्वारा अवगत करवाया जा रहा था कि माता शूलिनी मंदिर में मुख्य प्रागंण में कम जगह होने से कीर्तन के समय भक्तजनों को दर्शन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भक्तजनों ने अवगत करवाया था कि छोटा प्रांगण होने के कारण ऐसे समय में श्रद्धालुओं के पास मंदिर में बैठने का स्थान भी नहीं रहता है। इस संबंध में उपमण्डलाधिकारी सोलन और तहसीलदार सोलन से सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर भक्तजनों की सुविधा के दृष्टिगत कीर्तन का आयोजन मंदिर के साथ स्थापित भवन में हाॅल में करने का निर्णय लिया गया है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस हाॅल में कीर्तन का आयोजन सभी के लिए सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने कहा कि कीर्तन पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि मंदिर के साथ स्थापित हाॅल में कीर्तन करें ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कीर्तन भी सुचारू रहे। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला प्रशासन माता शूलिनी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है और भविष्य में भी सभी से सहयोग एवं परामर्श से इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के आदर्श केंद्रीय कारागार कांडा में बंदियों के लिए ‘हिमकेयर योजना’ का शुभारंभ किया। उन्होंने बंदियों को हिमकेयर कार्ड भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने जेलों और अन्य संस्थानों के बंदियों के लिए एकीकृत एसटीआई, एचआईवी, टीबी, हेपेटाइटिस (आईएसटीएचटी) अभियान के शुभारंभ की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस योजना के तहत बंदियों का पंजीकरण शुरू किया गया है और शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जेल बंदियों के कल्याण के लिए उनके प्रीमियम की किस्त अदा करेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एक योजना शुरू करने पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक, विशेष तौर पर वंचित वर्गों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना को कानूनी रूप प्रदान किया है जिसके तहत 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतंर्गत उनकी शिक्षा और छात्रावास का व्यय, चार हजार रुपये जेब खर्च और घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कारावास के बंदी हिमकेयर योजना के लाभ से वंचित थे और उन्हें बीमारी के दौरान उपचार के लिए धन अभाव का सामना करना पड़ता था। इसी बात को ध्यान मंे रखते हुए राज्य सरकार ने जेल के बंदियों को इस योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। सुक्खू ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 14 जून, 2023 तक राज्य की 14 जेलों के 3218 बंदियों और राज्य भर के किशोर गृह, नारी निकेतन और नशा मुक्ति केंद्र के 1278 आवासियों की जांच और उपचार करना है। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी, आईसीटीसी, एआरटी काउंसलर, लैब टेक्नीशियन, फ्रीजर पीयर मोबिलाइजर और पैरामेडिकल स्टाफ जैसे विभिन्न चिकित्सा पेशेवरों को समायोजित कर जिला स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग जेल बंदियों को एचआईवी, टीबी, एसटीआई और हेपेटाइटिस के लिए निःशुल्क परामर्श, उपचार और दवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बंदियों की रिहाई के बाद अन्य लोगों मंे बीमारी के संक्रमण को फैलने का खतरा बना रहता है इसे रोकने के लिए उनका समय पर उपचार अति आवश्यक है।
विकास खंड लंबागांव में पंचायत समिति लंबागांव की बैठक में जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत की। बैठक में विशेष तौर पर विकास खंड लंबागांव में विकास कार्यों की समीक्षा रही। बैठक में पंचायत समिति अध्यक्ष कुलवंत राणा व खंड विकास अधिकारी सिकंदर ने शॉल व टोपी से मुख्यातिथि गोमा को सम्मानित किया। अध्यक्ष पंचायत समिति द्वारा मांग रखी गई कि प्रत्येक समिति सदस्य को विधायक निधि एक लाख विकास कार्यों हेतु अनुदान स्वीकृत करने की मांग रखी, जिसे मुख्यातिथि महोदय ने तुरंत मांग स्वीकार करते हुए अनुदान देने की घोषणा की व समस्त पंचायत को निर्देश दिया गया कि विकास कार्यों को पूर्ण तीन महीने के भीतर करना सुनिशिचत करें। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी, पंचायत सचिव तकनीकी सहायक व ग्राम रोजगार सेवक व खंड के प्रसार अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने कहा है कि शिमला नगर निगम चुनावों में प्रचंड जीत का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व को ही जाता है, क्योंकि उनके मार्गदर्शन में पहले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की और उसके बाद 10 सालों बाद शिमला नगर निगम में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ अपनी जीत का परचम लहराया। किमटा ने आज यहां कहा कि प्रदेश से कांग्रेस की जीत का सिलसिला अब दक्षिण भारत में प्रवेश कर चुका है, जो जल्द ही अन्यों राज्यों से होता हुआ नई दिल्ली की सत्ता तक पहुंचेगा। उन्होंने इसके लिये कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि कुशल नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं की एकजुटता से यह सब संभव हो सका है। किमटा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार किसी ऐसे नेता को प्रदेश की बागडोर सौंपी गई है, जो जमनी स्तर से उठकर आज इस मुकाम पर पहुंचा है। शिमला नगर निगम से पार्षद से जिस व्यक्ति का राजनीतिक सफर शुरू हुआ हो वह लोगों की जमनी समस्याओं को भली भांति समझता हैं। यही बजह है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू ने टीसीपी के तहत आने वाले लोगों के घरों की छतों, एटिक की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय लेकर लोगों को एक बड़ी राहत दी हैं। लोगों की आवासीय समस्याओं को दूर करने की दिशा में प्रदेश कांग्रेस सरकार का यह एक बहुत ही बड़ा सराहनीय व ऐतिहासिक कदम है। किमटा ने प्रदेश में कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन बहाल करने के निर्णय को भी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण गारंटी को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जो भी अपनी गारंटी लोगों को दी है, उसे कांग्रेस सरकार चरणबद्ध तरीके से हर हाल में पूरा करेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल 16 मई को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। डाॅ. शांडिल 16 मई को प्रातः 10.30 बजे सोलन ज़िला के कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत ममलीग में जखड़ीयूं के समीप औद्योगिक भूमि का निरीक्षण करेंगे।
उद्योग, संसदीय कार्य एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान 16 मई को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। हर्षवर्धन चौहान 16 मई को प्रातः 11.30 बजे सोलन ज़िला के कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत ममलीग में जखड़ीयूं के समीप औद्योगिक भूमि का निरीक्षण करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन के सौजन्य से आज सोलन ज़िला के कुमारहट्टी की हरिपुर आंगनबाड़ी केंद्र में अंतरराष्ट्रीय कंगारू केयर जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता बीसीसी समन्वयक राधा चौहान ने की। राधा चौहान ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को कंगारू केयर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मां और शिशु के बीच स्किन-टू-स्किन कांटेक्ट को कंगारू केयर कहते है। इसके हर एक सेशन में मां कुछ घंटों तक शिशु को अपने सीने से लगाकर रखती है। इसके लिए शिशु को डायपर के अतिरिक्त कुछ नहीं पहनाया जाता। उन्होंने कहा कि कंगारू केयर से नवजात शिशु के शरीर के ऊतकों और अंगों तक पहंुचने वाली ऑक्सीजन में वृद्धि होती है। इससे शिशु के अंगों के विकास में मदद मिलती है और उसका वजन भी बढ़ता है। राधा चैहान ने कहा कि कंगारू केयर माता के अतिरिक्त शिशु के पिता, दादी या घर का कोई अन्य सदस्य भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि कंगारू केयर एक दिन में न्यूनतम एक घंटा देना आवश्यक है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से आहार विशेषज्ञ प्रेरणा हेटा ने कंगारू केयर के फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में विजेता रही महिलाओं को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। हरिपुर आंगनबाड़ी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीना भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
अत्याधिक प्रतियोगिता के वर्तमान युग में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान जीवन मे सफलता प्राप्त करने के दो उपयोगी पहलू हैं। स्वावलंबन आत्मविश्वास व आत्मसम्मान को बढ़ाने का काम करता है। स्वावलंबी होने के लिए प्रशिक्षित होना और अपनी क्षमताओं का विकास करना जरूरी है। सोमवार को भोरंज विधानसभा के लहराना गांव में प्रयास संस्था द्वारा आयोजित 35 दिवसीय ब्यूटी एंड वेलनेस कोर्स के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रशिक्षित हुई 62 युवतियों को प्रोत्साहित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी होने से उनका मतलब आत्मनिर्भर होने से अपने पैरों पर खड़े होने से है। जो स्वरोजगार शुरू करके हुआ जा सकता है। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु युवतियों को सर्टिफिकेट और मेकअप किट बांट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिला शक्ति को प्रेरित करते हुए कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वावलंबी बनाने के लिए अनुराग ठाकुर द्वारा अनेकों ट्रेनिंग कोर्स प्रयास संस्था की माध्यम से चलाये जा रहे हैं जहां अपने पैरों पर खड़ा होने की दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाले हजारों लोग महिलाएं युवक युवतियां अब तक प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी आजीविका आज खुद कमा पाने में सफल हुए हैं। इन अवसरों का लाभ बाकी जन को भी उठाना चाहिए। पूर्व सीएम ने यह विश्वास जताया कि आने वाले समय में ब्यूटी एंड वेलनेस कोर्स का यह प्रशिक्षण प्रशिक्षित हुई सभी युवतियों के काम आएगा वह अपना ब्यूटी पार्लर का काम शुरू करके पैसे भी कमाएंगी और अपने परिवार को भी लाभ पहुंचाएंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 43.07 करोड़ की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश सचिवालय आर्म्सडेल भवन चरण-3 का लोकार्पण किया। इस आठ मंजिला भवन में आधुनिक सुविधाएं और 123 चार पहिया और 60 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। इसमें डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, जनजातीय विकास कार्यालय, सम्मेलन कक्ष, मीटिंग हॉल, अधिकारियों और वाहन चालकों के लिए कमरे और एसबीआई और पीएनबी की शाखाओं के विभिन्न कार्यालय हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय का पुराना भवन एक विरासत भवन है, जहां जन कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नया भवन आधुनिक तकनीक के साथ सामंजस्य से कार्य करने की सरकार की कार्य प्रणाली को प्रदर्शित करता है। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से कार्यन्वित करने में कर्मचारियों के सहयोग के महत्व पर भी विशेष बल दिया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चार वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार आर्थिक रूप से विवेकपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कल्याणकारी निर्णयों में कर्मचारियों का सहयोग भी वांछित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए हैं और आने वाले समय में कई कड़े निर्णयों के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण सुधार किए जाएंगे। प्रदेश को विकास पथ पर तेजी से अग्रसर करने के लिए कार्यों के निष्पादन में तेजी लानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने में सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर राज्य सरकार का सहयोग करना चाहिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और आर्थिक तंगी के बावजूद राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि एनपीएस का पैसा केंद्र सरकार के पास है और राज्य सरकार की हिस्सेदारी वापस लाने में कर्मचारियों को सहयोग करना होगा। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूजा अर्चना भी की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में बेहतर विकल्प हैं। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन शहर के कोठों स्थित भाषा एवं संस्कृति विभाग के कला केंद्र में हिमालय कराटे अकादमी द्वारा आयोजित कराटे फाइट लीग के समापन समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि खेल युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह बनाने के साथ-साथ उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी यदि पूर्ण समर्पण के साथ अनुशासित रहकर खेल और व्यायाम की तरफ ध्यान दें तो नशे जैसी सामाजिक बुराई से सदैव दूर रहेंगे। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि जीवन में सफल होने के लिए नशे को न कहना सीखें। उन्होंने कहा कि नशा क्षणिक सुख और अस्थाई सफलता प्रदान कर सकता है, लेकिन जीवन में स्थाई सफलता और सामाजिक स्तर पर बेहतर जीवनयापन के लिए परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी की ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को व्यायाम, योग और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान एवं अवसर उपलब्ध करवाना है। इससे जहां युवा विभिन्न प्रतिस्पार्धाओं में अपना बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश तथा देश का नाम भी रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ नागरिक राष्ट्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि अपने शरीर का बेहतर ख्याल रखना भी ज्ञान का ही एक हिस्सा है और युवाओं को इसे अपनी शिक्षा के साथ-साथ आत्मसात करना चाहिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि कराटे मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं। यह खेल शारीरिक एवं मानसिक सक्रियता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्टार हिमालय कराटे अकादमी द्वारा कराटे लीग आयोजित कर एक सराहनीय पहल की गई है। ऐसी गतिविधियों से युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सकता है। खेलकूद गतिविधियां युवा में नेतृत्व क्षमता को निखारने में भी सहायक सिद्ध होती हैं। भावी पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता का जागृत होना देश व प्रदेश को शिखर तक पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभाता है और इस दिशा में खेल महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर अकादमी को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये देने की घोषणा भी की। स्टार हिमालय कराटे अकादमी के अध्यक्ष पीसी कश्यप ने कहा कि कराटे लीग में 21 राज्यों की 42 टीमों के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को कराटे में बेहतर भविष्य बनाने के लिए अकादमी एक सेतु के रूप में कार्य कर रही है। अकादमी का लक्ष्य इस क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना है। इस अवसर पर जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, ज़िला कांग्रेस समिति के महासचिव एवं जिला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, खंड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगमोहन मल्होत्रा, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल, स्टार हिमालय कराटे अकादमी के महासचिव रोहित जिंटा, प्रधान रजत सिंह तोमर, समाज सेवी बुद्ध राम ठाकुर, लक्ष्मी दत्त शर्मा सहित प्रतिभागी व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यूरो किड्स स्कूल कोटलानाला में 'मैजिक शो' का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने मैजिक के साथ-साथ ज्ञान भी अर्जित किया। स्कूल के डायरेक्टर शोभित बहल ने मीडिया को बताया कि यूरो किड्स प्ले स्कूल में आज हैदराबाद के मशहूर जादूगर एचजी लय द्वारा एक मैजिक शो का आयोजन किया गया। शोभित बहल का कहना है की इस तरह की गतिविधियों के आयोजन से बच्चो में सीखने की क्षमता की बढ़ोतरी होती है। स्कूल परिसर में आज मैजिशियन द्वारा बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ बच्चों को ऑब्जरवेशन सीडिंग और मेमोरी स्किल्स की जानकारी लय द्वारा दी गई और साथ ही बच्चों को अनुशासन और टीम वर्क के बारे में बताया शोभित बहल का कहना है कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में सीखने की क्षमता और ज्यादा बढ़ जाती है और यूरोकिड्स समय-समय पर स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधियां करवाता रहता है। वानी, अराध्या, अनाया, युवराज, रियांश गजल, अनायशा, लोक्यम, भानिश आदरीति, सैरिक, सात्विक, रियांश, भानिश, आराध्य, युवान, गजल, आण्वी, वान्या, लाव्यांश, गुरनुर, तवीशा, प्रियल, आद्विक आदि बच्चों ने भाग लिया।
भरमौर पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉक्टर जनक राज के पांगी दौरे के दौरान सोमवार को विधायक की अध्यक्षता में प्रशासनिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का आयोजन पुस्तकालय भवन किलाड़ में किया गया। इस बैठक में घाटी के सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान विधायक डॉक्टर जनक राज ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी अपने कार्य में लापरवाही करता है और उस अधिकारी की शिकायत विधायक तक पहुंच रही है तो उस अधिकारी के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। बैठक में डॉ. जनक राज द्वारा सभी अधिकारियों को घाटी के विकास कार्यों को तुरंत अमलीजामा पहनाने के कड़े निर्देश दिए गए। विधायक द्वारा सर्वप्रथम पांगी घाटी को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग बीआरओ के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बीआरओ को आदेश जारी करते हुए कहा कि इस वर्ष में पांगी घाटी का यह मुख्य मार्ग संसारी नाला से लेकर कुल्लू मनाली प्रवेश द्वार शौर तक ब्लैक टॉप यानि तारकोल बिछ जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों की अहम समस्या का समाधान हो सके। बैठक के दौरान मौजूद हाल ही में ज्वाइन किए आवासीय आयुक्त रितिका जिंदल ने भी विधायक को पांगी घाटी की कुछ प्रमुख समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें पांगी घाटी की दूसरी समस्या रहेगी। बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से ना होने के कारण क्षेत्र के लोगों को कई दिनों तक अंधकार में रहना पड़ रहा है। जिसको लेकर विधायक डॉक्टर जनक राज द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हुए हैं। विधायक द्वारा लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पांगी घाटी की सभी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़ी हुई सड़कों पर तुरंत तारकोल बिछाई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सहूलियत मिल सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भरमौर पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज द्वारा विजेता होने के बाद पहली बार पांगी घाटी पहुंचे हुए हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी पहली बैठक कर रहे हैं। उन्होंने पांगी घाटी की मुख्य समस्याओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पांगी घाटी में केवल 6 से 7 महीने विकास करने के होते हैं उसके बाद पांगी किस दुनिया से कट जाती है और बर्फबारी के कारण पांगी घाटी में विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। इसीलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि 6 महीने के भीतर पांगी घाटी के सभी रुके हुए कार्य हो जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गतिविधि विकासार्थ विद्यार्थी शिमला ने आज से पूरे शिमला में "पंछी हमारे मित्र" नाम का एक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विकासार्थ विद्यार्थी शिमला, सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के साथ मिलकर शिमला के 15 से ज्यादा स्थानों में पक्षियों के लिए जल-पात्र रखकर छात्र समुदाय में प्रकृति व उसके जीव-जंतुओं के प्रति अपने कर्तव्यों आह्वान का शुरुआत की। विकासार्थ विद्यार्थी शिमला के जिला सयोंजक ने कहा कि गर्मियां आ रही है। इस दौरान पक्षियों को किसी भी प्रकार अन्न और जल की कमी न हो इसलिए एक सकोरा एक प्राण, सेल्फी विद सकोरा नाम से अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत शिमला में जगह 15 मिट्टी से निर्मित सकोरे लगाए हैं और इन सकोरों में अन्न और जल रखा है। उन्होंने कहा कि विकासार्थ विद्यार्थी ने यह अभियान पूरे देश भर में चलाया है। इस अभियान के माध्यम से पक्षी मित्र, सकोरा इंचार्ज जैसे प्रयोगों के नाम से SFD केवल सकोरा लगाने का नहीं उन्हें गर्मियों तक नियमित भरने और उनकी साफ सफाई के लिए भी विद्यार्थियों को नियुक्त कर रही है। एसएफडी के कार्यकर्ताओं ने देशभर में छात्रों के साथ मिलकर इस मुहिम की इन गर्मियों के आने के साथ ही शुरुआत की है। बढ़ते हुए तापमान और प्राकृतिक जल स्रोतों के सुख जाने के कारण पक्षियों और पशुओं को पीने के पानी की समस्या होती है जिससे इनकी मृत्यु तक हो जाती है एसएफडी ने इस पहल के माध्यम से परिसरों में छात्र समुदाय को पुनः जागृत करने का बीड़ा उठाया है, और कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि विभिन्न माध्यमों से हम समुदाय के बीच पहुंचकर इस कार्य को प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करते रहेंगे। ज्ञात हो कि स्टूडेंट फॉर डेवलपमेंट या विकासार्थ विद्यार्थी (एसएफडी), प्रतिवर्ष शैक्षणिक परिसरों में गर्मियां आते ही पक्षियों के लिए पानी के सिकोरे रखने की मुहीम वर्षों से चलता आ रहा हैं, जिसमें अनेकों की संख्या में प्रतिवर्ष छात्र उनके साथ जुड़ते हैं। इसके अलावा पर्यावरण से अन्य महत्वपूर्ण कार्य कारण की भी जिम्मेदारी वर्षों से एसएफडी लेता आया है। भारत देश में सभी प्राणियों के प्रति अपनत्व का भाव यहाँ की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा। इसका जीता-जागता उदाहरण हमारे साहित्य लेखन में स्पष्टरुप से दिखाई पड़ता है। खासतौर से पक्षियों में चातक (पपीहा) नामक जीव का मनोहक वर्णन पक्षियों के प्रति हमारे प्रेम देखभाल की परंपरा को दर्शाता है। अब ये भाव जनमानस में कहीं धुंधला होता जा रहा है जिसका परिणाम आज इन जीवों की कम होती संख्या के रूप में देखा जा सकता है। एक सकोरा एक प्राण और सेल्फी विद सकोरा के नाम से यह अभियान देश के अलग अलग प्रांतों में जनमानस के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
समृद्ध हिमाचल विविधताओं का राज्य है। यहाँ अलग-अलग जगहों पर परंपराएं, प्रथाएं और रीति-रिवाज सब भिन्न हैं। यहाँ एक ही धर्म और यहां तक की एक जाति में भी स्थान के आधार पर रीति रिवाज बिलकुल अलग होते हैं। इन रीति रिवाजों को अगर जानना है तो आप किसी त्यौहार, मेले और किसी शादी में पहुंच जाएं। यहाँ त्यौहार-मेले और शादियों में कुछ रिवाज़ अदा किये जाये है जिसको देख कर या जानकर आप भी चौंक जाएंगे। ऐसे ही कुछ रीति रिवाज़ो को लेकर पेश है फर्स्ट वर्डिक्ट की यह विशेष रिपोर्ट..... यहाँ बहन बनती है दूल्हा ! हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाके लाहौल-स्पीति में बहन अपने भाई के लिए दूल्हा बनती है। इसके बाद बड़े धूम धूमधाम से बारात लेकर बहिन दूल्हे के रूप धारण कर भाई की ससुराल पहुंचती है। इसके बाद बहन ही भाभी के साथ 7 फेरे लेती है और नई दुल्हन को ब्याह कर घर ले आती है। जी हाँ, आप बेशक यह पढ़कर चौंक गए होंगे लेकिन ये वास्तविक है और इस रिवाज़ का वर्षों से निर्वहन किया जा रहा है। अगर किसी लड़के की बहन ही न हो तो ऐसी स्थिति में उसका छोटा या बड़ा भाई दूल्हा बनकर जाता है। फिर शादी की सभी रस्में निभाकर दुल्हन को घर ले आता है। यह परम्परा शुरू क्यों हुई यह कह पाना काफी जटिल है लेकिन कहा जाता है कि यह परंपरा लड़के के किसी कारण शादी के दिन घर पर नहीं होने की स्थिति के लिए शुरू किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक परंपरा बन गई। अब तो बहन ही सिर सजाकर दूल्हा बनती है और दुल्हन को घर में लाती है। ब्याह में जोगी रस्म की अदायगी जनेऊ को काफी पवित्र सूत माना जाता है। पुराने समय की बात की जाए तो पहले कम उम्र में ही जनेऊ धारण करवा दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि बचपन में जनेऊ धारण किया जाए। हालांकि हर जगह जनेऊ धारण करने का अलग तरीका होता है। हिमाचल प्रदेश में जनेऊ धारण करने का तरीका काफी अलग है। कुछ लोगों के घरों में जनेऊ संस्कार बचपन में ही संपन्न हो जाता है जबकि कुछ लोग इसे विवाह से पहले संपन्न कराते हैं। कहा जाता है कि जब तक कोई पुरुष जनेऊ धारण नहीं करता तब तक वह विवाह नहीं कर सकता है। ऐसे में इस रस्म को शादी समारोह के दौरान ही संपन्न करा दिया जाता है और अगर घर में बड़े भाई का विवाह होता है तो कुछ लोग बड़े भाई के साथ ही छोटे भाई को भी जनेऊ धारण करा दिया जाता है। इस रस्म में लड़के को पहले महंदी लगाई जाती है और फिर उस पर हल्दी का लेप लगाया जाता है. इसके बाद उसे स्नान कराकर भिक्षा दी जाती है, जिस व्यक्ति को जनेऊ पहनाया जाता है उसे जोगी बनाकर कानों में कुंडल की जगह भल्ले, हाथ में एक चिमटा, सोठी और कांधे पर एक थैली टांगकर घर से थोड़ा दूर भेजा जाता है। इस दौरान उसकी मां, बहने और परिवार की बुजुर्ग महिलाएं उसकी झोली में भिक्षा डालती हैं। इसके साथ ही घर की महिलाएं जनेऊ धारण करने वाले पुरुष गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर उसे निभाने की कसम देकर उसे घर वापस लाती हैं। हिमाचल प्रदेश की इस अनोखी जोगी रस्म को शादी ब्याह के अवसर पर हंसी-मजाक के साथ निभाया जाता है। यहाँ शादी में फेरे नहीं लिए जाते... हिमाचल में सबसे अद्भुत शादी किन्नौर की मानी जाती हैं। यहां का विवाह आम शादियों से बिल्कुल अलग होता हैं। यहाँ दूल्हा और दुल्हन न अग्नि के फेरे लेते है और न ही मांग भरना अनिवार्य होता है। यहाँ शादी में बलि दी जाती है। यहां देवी-देवता की मर्जी से ही शादी होती है। शादी से पहले यहां मंदिर में बलि दी जाती है। इसके बाद देवता को घर लाया जाता है। दुल्हन के घर जाने से पहले पुजारी नदी और नालों के पास बुरी शक्तियों को भगाने की पूजा करते हैं। शादी से ठीक पहले दूल्हा-दुल्हन मंदिर में पूजा के लिए जाते हैं। दहेज लेने और देने दोनों पर रोक है, लेकिन वर पक्ष नई नवेली दुल्हन के भविष्य के लिए कुछ सम्पति देने का कागजी वादा करते है, जिसे "पिठ" कहा जाता है। जिला किन्नौर की एक और रिवाज़ काफी प्रचलित है वो है बहु पति विवाह यानि Polyandrous marriage। जिला किन्नौर में महिलाओं को 4 शादियां करने की आजादी है। ज्यादातर मामलों में महिलाएं एक ही परिवार भाइयों से शादी करती हैं। इस विवाह के बारे में स्थानीय लोग बताते है कि महाभारत काल के दौरान पांडव जब अज्ञातवास पर थे, तब वे यहां आए थे। सर्दियों के दौरान गांव की एक गुफा में द्रौपदी और कुंती के साथ उन्होंने कुछ वक्त बिताया था। बाद में यहां के स्थानीय लोगों ने भी कई पतियों वाली परंपरा को अपना लिया। शादी के बाद अगर कोई भाई पत्नी के साथ कमरे में है, तो वह कमरे के दरवाजे के बाहर अपनी टोपी रख देता है। जिससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जाता है कि पति-पत्नी एकांत चाहते हैं। ऐसे में उसके दूसरे पति कमरे में नहीं जा सकते। पत्थर मार कर मनाया जाता है मेला राजधानी शिमला से करीब 30 किलोमीटर दूर धामी के हलोग में दीपावली के अगले दिन पत्थर मारने का अनोखा मेला लगता है। सदियों से मनाए जा रहे इस मेले को पत्थर का मेला या खेल कहा जाता है। दीपावली से दूसरे दिन मनाए जाने वाले इस मेले में दो समुदायों के बीच पत्थर मारे जाते हैं। ये सिलसिला तब तक जारी रहता है जब तक कि एक पक्ष लहूलुहान नहीं हो जाता। वर्षों से चली आ रही इस परम्परा को आज भी निभाया जाता है। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि माना जाता है कि पहले यहां हर वर्ष भद्रकाली को नर बली दी जाती थी, लेकिन धामी रियासत की रानी ने सती होने से पहले नर बली को बंद करने का हुकम दिया था। इसके बाद पशु बली शुरू हुई। कई साल पहले इसे भी बंद कर दिया गया। इसके बाद पत्थर का मेला शुरू किया गया। मेले में पत्थर से लगी चोट के बाद जब किसी व्यक्ति का खून निकलता है तो उसका तिलक मां भद्रकाली के चबूतरे में लगाया जाता है। ऐसी दो रातें जब लोग नहीं निकलते है रात को घर से बाहर हिमाचल प्रदेश में साल में 2 दिन ऐसे भी आते हैं जब यहां काली शक्तियों का साया रहता हैं। हिमाचल की ऐसी मान्यता है जिसपर यकीन करना आम इंसान के बस में नहीं हैं, लेकिन प्रदेश के कुछ एक जिलों में इसका खासा प्रभाव देखने को मिलता है। लोगों की माने तो साल के दो दिन ऐसे होते हैं जब शिव के गणों, भूत प्रेत सभी को अपनी मन मर्जी करने की पूरी आजादी होती हैं। तांत्रिक काली शक्तियों को जागृत करने के लिए साधना करते हैं। इस रात को डगयाली (चुड़ैल) की रात का पर्व भी कहा जाता है। राजधानी शिमला में तो लोग अपने दरवाजे में टिम्बर के पत्ते लगाते हैं और अपने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भी करते हैं। माना जाता है कि इन 2 रातों में काली शक्तियां पूरे चरम पर होती हैं। इस माह सभी देवी-देवता सृष्टि छोड़ असुरों के साथ युद्ध करने अज्ञात प्रवास पर चले जाते हैं। इस माह की अमावस्या की रात को ही डगयाली या चुड़ैल की रात कहा जाता है। इनसे बचने के लिए ऊपरी शिमला में देवता रात भर खेलते हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस दौरान देवता बुरी शक्तियों से लड़ाई करने चले जाते हैं जिस डर के कारण लोग अपने घरों के बाहर दिए या मशाल जलाकर रखते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इस रात देवताओं और बुरी शक्तियों के बीच की लड़ाई में यदि देवता जीत जाते हैं तो पूरा साल सुख-शांति रहती है। इस दौरान लोगों को रात में बाहर निकलने से परहेज करने की भी बात करते है। बेहद अजीब परम्परा: यहाँ महिलाओं को पहनने पड़ते है कम कपड़े हिमाचल प्रदेश में कुल्लू में पीणी गांव में एक अजीबोगरीब परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। यहां हर वर्ष अगस्त माह में पांच दिन तक काला माह मनाया जाता है और इन दिनों में पति-पत्नी एक दूसरे से हंसी-मजाक भी नहीं करते। ये परंपरा पूर्वजों के समय से ही निभायी जा रही है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई महिला इस परंपरा का पालन नहीं करती है तो उसके घर कुछ अशुभ हो सकता है। अजीब बात ये भी है कि पिणी गांव की महिलाएं हर साल सावन के महीने में 5 दिन कपड़े बेहद कम पहनती हैं। कहा जाता है कि इस परंपरा का पालन नहीं करने वाली महिला को कुछ ही दिन में कोई बुरी खबर सुनने को मिल जाती है। इस दौरान पति-पत्नी एक दूसरे से पूरी तरह दूर रहते हैं। पुरुषों के लिए भी इस परंपरा को निभाना बहुत जरूरी माना जाता है। हालांकि, उनके लिए नियम कुछ अलग बनाए गए हैं। पुरुषों को सावन के पांच दिनों के दौरान शराब और मांस का सेवन करना वर्जित है । कहा जाता है कि बहुत समय पहले पिणी गांव में राक्षसों का बहुत आतंक था। इसके बाद ‘लाहुआ घोंड’ नाम के एक देवता पिणी गांव आए। देवता ने राक्षस का वध किया और पिणी गांव को राक्षसों के आतंक से बचाया। बताया जाता है कि ये सभी राक्षस गांव की सजी-धजी और सुंदर कपड़े पहनने वाली शादीशुदा महिलाओं को उठा ले जाते थे। देवताओं ने राक्षसों का वध करके महिलाओं को इससे बचाया। इसके बाद से देवता और राक्षस के बीच 5 दिन तक महिलाओं के कपड़े नहीं पहनने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि अगर महिलाएं कपड़ों में सुंदर दिखेंगी तो आज भी राक्षस उन्हें उठाकर ले जा सकते हैं। निसंदेह इस परम्परा को सुन कर या जानकर कर हर कोई चकते में आ सकता है।
आस्था का प्रतीक बाबा क्यालु मंदिर ठाकुरद्वारा में वार्षिक भंडारा एवं मेले का आयोजन 16 मई को किया जाएगा। जानकारी देते हुए लंगर के संचालक राणा प्रताप सिंह, कमेटी के प्रधान गुरदीप सिंह व पंचायत प्रधान गणेश कुमार ने बताया के 15 मई को रामायण का पाठ आरंभ किया जाएगा और 16 मई को सुबह 7 बजे रामायण पाठ का भोग व हवन डालकर सुबह 7 बजे से ही लंगर का शुभारंभ कर दिया जाएगा। गुरदीप सिंह ने बताया कि 16 मई को दिन के समय पंजाब व हिमाचल से आई हुई धार्मिक भजन गायन पार्टियां बाबा जी की महिमा का गुणगान करेंगी और रात को अजय कौशल एंड पार्टी गंगथ बाले व मिठू एंड पार्टी ठाकुरद्वारा बाले महामाई का जागरण करेंगे।
हिमाचल प्रदेश नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राष्ट्रीय कांग्रेस राज्य अध्यक्ष प्रतिभा सिंह एवं अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी से मिला तथा पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए उनके सक्रिय सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। एनपीसी कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन बहाली के बाद अत्यंत हर्षित है। संघ पुराणी पेंशन योजना बहाली हेतु मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के सम्मान में 28 मई को धर्मशाला में ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व आभार समारोह का आयोजन कर रहा है। गौरतलब है कि जब नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ वर्ष 2022 में निरंतर संघर्ष कर रहा था तो प्रियंका गांधी स्वयं सोलन मे क्रमिक अनशन पर बैठे कर्मचारियों के मंच पर गई और वहीं उन्होंने अपनी 10 गारंटियों में सबसे पहले पुरानी पेंशन योजना की गारंटी दी थी तथा कर्मचारियों को आश्वस्त किया था कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो पहली ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी और हुआ भी वही। प्रदीप ठाकुर के साथ महासचिव भरत शर्मा राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वज्ञ जिला सिरमौर अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर शिमला जिला अध्यक्ष कुशाल शर्मा, कांगड़ा जिला अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास,चंबा जिला अध्यक्ष सुनील जरयाल, महिला राज्य महासचिव पूजा सबरवाल, राजूराम शर्मा, रामलाल सूर्याआदि मिले। सिरमौर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने सभी कर्मचारियों से निवेदन किया है कि वे सपरिवार हजारों की संख्या में 28 मई को धर्मशाला में आयोजित होने वाले समारोह में भाग लें।
पालमपुर में जल शक्ति विभाग पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर व मल्टी पर्पस वर्कर यूनियन की राज्य स्तरीय मीटिंग I&PH, PWD INTUC के प्रदेश अध्यक्ष सैनी की अध्यक्षता में हुई। इसमें जल शक्ति विभाग में पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर व मल्टी पर्पस वर्कर यूनियन के नवनियुक्त वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकुश शर्मा ( महेश ) ने अपनी मांगें रखीं। अंकुश शर्मा ने सरकार से जल्द मांगें पूरी करने का आग्रह किया है। अंकुश शर्मा का कहना है कि पैरा पॉलिसी में जल्द बदलाव किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें 6 - 8 - 12 साल का नहीं, बल्कि केवल 4 सालों के कार्यकाल के बाद अनुबंध पर लाया जाए। 2 साल डेली वेज व 2 साल कांन्ट्रैक्ट पर लाया जाए। 4 साल टोटल कार्यकाल के बाद रेगुलर किया जाए। पैरा कर्मचारियों को व डिप्लोमा होल्डर को उचित प्रोमोट करके आगे लाया जाए व सैलरी पर भी ध्यान दिया जाए, क्योंकि 4400 रुपये प्रति माह में किसी का घर नहीं चलता। ये कर्मचारियों का शोषण है।
एचआरटीसी को हिमाचल प्रदेश की जीवन रेखा माना जाता है। आज हिमाचल के लगभग हर कोने तक एचआरटीसी की बसें पहुँचती है जो हिमाचल की कठिन भौगौलिक परिस्थितयों के बावजूद भी जन-जन को मुख्यधारा से जोड़ती है। मगर हिमाचल के दूर दराज़ क्षेत्रों तक पहुँचने वाली इन बसों को सड़क तक पहुँचाने में जिन लोगों ने हम भूमिका निभाई आज वो ही सड़को पर उतरने को मजबूर हो गए है। हम बात कर रहे एचआरटीसी के 8000 सेवानिवृत कर्मचारियों की। पूरी उम्र सरकार के लिए जिन कर्मचारियों ने काम किया, आज बुढ़ापे में उन्हीं का साथ सरकारों ने छोड़ दिया। यह हालात है हर महीने अपनी पेंशन का इंतज़ार करने को मजबूर हुए एचआरटीसी के पेंशनरों का। हिमाचल पथ परिवहन के सेवानिवृत कर्मचारी अक्सर सरकार से गुहार लगाते हैं कि उन्हें समय पर उनकी पेंशन नहीं मिल रही। इन सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए ये एक या दो नहीं बल्कि हर महीने की कहानी बनकर रह गई है। अपना पूरा जीवन एचआरटीसी को समर्पित करने वाले ये कर्मचारी अब बुढ़ापे में अपने एक मात्र सहारे पेंशन को लेकर हर महीने परेशान रहते हैं। इन पेंशनर्स का कहना हैं कि समय पर पेंशन न मिलने के कारण इनके लिए जीवन यापन तक करना मुश्किल हो गया है। ये पेंशनर इस बुढ़ापे में अपनी दवाई का खर्चा भी नहीं उठा पा रहे हैं। हालात ये है कि जब ये सेवानिवृत कर्मचारी अपनी मांगो के लिए सड़कों पर उतरे तो पिछली सरकार द्वारा इन पर एफआईआर दर्ज की गई। नई सरकार भी इनपर कुछ ख़ास मेहरबान नहीं दिखती, न तो इन पर दर्ज मामले वापस लिए गए और न ही इनके मसले हल किए गए। एचआरटीसी पेंशन कल्याण संगठन के अध्यक्ष सत्याप्रश शर्मा का कहना है कि फाइनेंसियल क्राइसिस के नाम पर हर बार उनकी पेंशन में विलम्ब कर दिया जाता है। जो पैसा आता है उससे पहले बाकि काम निपटाए जाते है, कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है और फिर कहीं जाकर सेवानिवृत कर्मचारियों की बारी आती है। उन्होंने कहा कि ऐसा एक भी महीना नहीं गुज़रता जब इन्हें बिना एमडी ऑफिस के चक्कर काटे पेंशन मिल जाए। समय पर पेंशन न मिलना तो महज़ एक समस्या है मगर इसके अलावा भी ये सेवानिवृत कर्मचारी कई परेशानियां झेल रहे है। सरकार ने अब तक उन्हें उनके एरिअर का भी भुगतान नहीं किया है। 2015 से डीए का एरियर पेंडिंग है। रिवाइज्ड पे स्केल भी इन कर्मचारियों को सात महीने बाद मिला और बीते सात महीनों का जो एरियर बना वो भी पेंडिंग है। रिवाइज्ड ग्रेचुटी और रिवाइज्ड लीव एकाश्मेंट जैसे और भी कई भुगतान बाकी है। रोडवेज बनाने की मांग : सेवानिवृत कर्मचारियों का मानना है कि यदि सरकार चाहे तो उनकी समस्या हल हो सकती है। उनके पेंशन के भुगतान के लिए एक अलग ट्रस्ट बनाया जा सकता है जो ये सुनिश्चित करे कि सेवानिवृत कर्मचारियों को समय पर उनकी पेंशन मिले। साथ ही कर्मचारियों की ये भी मांग है की एचआरटीसी को रोडवेज बनाया जाए ताकि प्रदेश सरकार के बाकि कर्मचारियों की तरह ही इन्हें सभी लाभ मिल पाए। सीएम की माता की पेंशन भी डिले ! एचआरटीसी पेंशनर कल्याण संगठन का कहना है कि खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पिता एचआरटीसी में ड्राइवर रह चुके हैं, मगर इसके बावजूद भी एचआरटीसी पेंशनर्स के बारे में कोई सुध नहीं ले रहा। स्थिति इतनी खराब है कि मुख्यमंत्री की माता को मिलने वाली पेंशन भी समय पर नहीं आती है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की सेवा में जिन लोगों ने पूरी जिंदगी लगा दी, उन्हें अब पेंशन के लिए तरसना पड़ रहा है। पेंशनरों की मुख्य मांगें : - महीने के पहले हफ्ते में जारी हो पेंशन - मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान - 5, 10 और 15 फीसदी पेंशन वृद्धि का लाभ - 2015 से ग्रेच्युटी सहित अन्य भत्तों का भुगतान
कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और पार्टी ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर भी माथपच्ची शुरू हो गई है। सीएम पद की रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार सबसे आगे हैं और इन दोनों में से किसी एक नेता का चुनाव पार्ट के लिए सरदर्द साबित हो सकता है। सिद्धारमैया ज्यादा अनुभवी और वरिष्ठ नेता हैं और उनके पास सरकार चलाने का अनुभव है, जबकि डीकेएस चुनौती देने वाले नेता हैं और सोनिया गांधी करीबी हैं। ऐसे में आलाकमान के लिए फैसला मुश्किल होने वाला है। वैसे माहिर मान रहे है कि अगर सभी विधायकों के बहुमत के साथ भी फैसला लिया जाता है तो सिद्धारमैया अधिक स्वीकार्य मुख्यमंत्री चेहरा हो सकते है। सिद्धारमैया : बड़ा कद, लम्बा राजनैतिक अनुभ राज्य में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता सिद्धारमैया को फिर से मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। सिद्धारमैया साल 2013 से लेकर साल 2018 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं। ऐसे में सिद्धारमैया पार्टी की पहली पसंद हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने कार्यकाल के दौरान कई सामाजिक-आर्थिक सुधार योजनाएं शुरू की थी जिन्होंने उन्हें आर्थिक कमजोर वर्ग के बीच ख़ासा लोकप्रिय बनाया। पर अपनी पिछली सरकार के दौरान उन्होंने कुछ ऐसे फैसले भी लिए थे जिनसे लिंगायत, विशेष रूप से हिंदू वोटरों के बीच में उनकी लोकप्रियता घटी, मसलन टीपू सुल्तान को इतिहास से हटाकर उनका महिमामंडन करना, जेल से आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे पीएफआई और एसडीपीआई के कई कार्यकर्ताओं को रिहा करना इत्यादि। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी उनके नेतृत्व में रिपीट करने में कामयाब नहीं रही थी जिसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ गठबंधन सरकार बनाई। हालाँकि वो सरकार महज एक साल ही चल सकी। अब दोबारा बहुमत मिलने पर क्या कांग्रेस फिर सिद्धारमैया को सीएम पद सौपेंगी, ये देखना रोचक होगा। डीके शिवकुमार: प्रदेश अध्यक्ष, कमतर नहीं दावा चुनाव नतीजे के एक दिन पहले ही डीके शिवकुमार ने एक ट्वीट किया है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि डीके शिवकुमार की दावेदारी कम नहीं है। दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले डीके शिवकुमार ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी तीन सालों की मेहनत का ट्रेलर का वीडियो साझा करते हुए, एक किस्म से अप्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश कर दी है। डीके शिवकुमार कनकपुरा सीट से लगातार 9वीं बार विधायक हैं। इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने में शिवकुमार की अहम् भूमिका है। हालाँकि मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप में उन्हें साल 2019 में दिल्ली के तिहाड़ जेल में दो महीने बिताने पड़े थे। शिवकुमार कई बार कह चुके है कि जेल में रहने के दौरान उनके साथ नियम पुस्तिका के खिलाफ सबसे कठोर व्यवहार किया गया था क्योंकि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध थी। अब कांग्रेस क्या राज्य के सबसे अनुभवी नेता माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर उन्हें वरीयता देगी, इस पर सबकी निगाह टिकी है। सरप्राइज की सम्भावना भी खारिज नहीं ! कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी कर्नाटक से आते है और खरगे के नाम को लेकर भी कयास लगते रहे है। कर्नाटक कांग्रेस में दो ताकतवर गुट यानी सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार गुट आमने- सामने है और दोनों नेताओं के समर्थक खुलकर एक दूसरे पर वार करते नजर आए हैं। दोनों नेताओं के बीच खींचतान बनी हुई है, ऐसे में क्या खरगे सरप्राइज हो सकते है, ये देखना रोचक होगा। हालाँकि इसकी संभावना कम है पर राजनीति में कुछ भी मुमकिन होता है। लोग बदलाव चाहते थे और बदलाव हुआ - सीएम सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम में कांग्रेस की जीत का श्रेय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिया। सुक्खू ने कहा कि कर्नाटक के लोग बदलाव चाह रहे थे और बदलाव हो गया है। कर्नाटक में लंबे समय से 40 हजार सरकारी नौकरी के पदों पर भर्ती नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में गवर्नेंस नाम की चीज ही नहीं थी। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी बतौर स्टार प्रचारक कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचार किया था। कर्नाटक की जीत ने दिए 2024 के संकेत : प्रतिभा सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोगों ने भाजपा की धुव्रीकरण की राजनीति को पूरी तरह ठुकरा दिया हैं। हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की शानदार जीत से साबित हो गया है कि देश में भाजपा के खिलाफ हवा चल रही हैं। उन्होंने कहा कि देश मे अब भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई हैं, और 2024 में केंद्र में कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार बनेगी।
हिमाचल प्रदेश में सत्ता गवाने के करीब पांच महीने बाद भाजपा को कर्नाटक में भी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा सरकार की कर्नाटक से विदाई हो गई है और निसंदेह ये पार्टी के लिए बड़ा झटका है। उधर कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है और 130 प्लस के आंकड़े के साथ सत्ता में वापसी की है। कर्नाटक की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और ऐसे में 'किंगमेकर' बनने का ख्वाब देख रही जेडीएस को भी बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक में कांग्रेस ने कई मुद्दों पर भाजपा को पीछे छोड़ दिया। फिर चाहे वो भ्रष्टाचार का मुद्दा हो या ध्रुवीकरण का। बजरंग दल पर बैन की बात करके मुस्लिम वोटों को अपने पाले में कर लिया। वहीं, 75 प्रतिशत के आरक्षण का दांव चलकर भाजपा के हिंदुत्व के कार्ड को फेल कर दिया। कांग्रेस ने कर्नाटक में दलित, ओबीसी, लिंगायत, हर तबके वोटर्स को अपने पाले में करने में कामयाबी हासिल की। कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को रिकॉर्ड 73.19 प्रतिशत मतदान हुआ था ,जिसे सत्ता विरोधी लहर के साथ जोड़ कर देखा जा रहा था। हुआ भी ऐसा ही और कर्नाटक की जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके साथ ही राज्य में चला आ रहा सत्ता परिवर्तन का रिवाज भी कायम रहा। उधर, देशभर में राजनीतिक संकट से जूझ रही कांग्रेस के लिए कर्नाटक जीत बड़ी है। एक के बाद एक लगातार हार रही देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए पहले हिमाचल प्रदेश और अब कर्नाटक चुनाव संजीवनी साबित हो सकते है। इसी वर्ष के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव भी है, ऐसे में कर्नाटक की जीत पार्टी का मनोबल बढ़ानी वाली है। वहीँ लोकसभा में भी कर्नाटक की 28 सीटें है, उस लिहाज से भी कांग्रेस के लिए ये सुखद संकेत जरूर है। वहीँ भाजपा के लिए कर्नाटक की हार आत्ममंथन का संदर्भ जरूर है। पार्टी को ये समझना होगा कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर राज्यों के चुनाव नहीं जीते जा सकते है। भाजपा को स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय मुद्दों की अहमियत भी समझना होगा। पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ जैसे पार्टी के बड़े चेहरों ने कर्नाटक में पूरी ताकत झोंकी और इनके कार्यक्रमों में भीड़ भी उमड़ी, लेकिन ये भी वोटों में तब्दील नहीं हुई। नतीजे बयां करते है कि कर्नाटक चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण पर जमीनी मुद्दे भारी पड़े है। 'बजरंगबली' और 'दी केरल स्टोरी' जैसे मुद्दों पर जनता ने आम मुद्दों को तरजीह दी और इसी की बिसात पर कांग्रेस को सत्ता नसीब हुई। बहरहाल कांग्रेस के लिए ये पिछले 6 महीने में दूसरी बड़ी जीत है और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल निसंदेह इस जीत से बढ़ेगा। कर्नाटक में भी रिवाज बरकरार : कर्नाटक में 38 साल से सत्ता रिपीट नहीं हुई है। आखिरी बार 1985 में रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व वाली जनता पार्टी ने सत्ता में रहते हुए चुनाव जीता था। वहीं, पिछले पांच चुनाव (1999, 2004, 2008, 2013 और 2018) में से सिर्फ दो बार (1999, 2013) सिंगल पार्टी को बहुमत मिला। भाजपा 2004, 2008, 2018 में सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसने बाहरी सपोर्ट से सरकार बनाई। रिकॉर्ड मतदान, पिछले चुनाव से 1% ज्यादा 10 मई को 224 सीटों के लिए 2,615 उम्मीदवारों के लिए 5.13 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले। चुनाव आयोग के मुताबिक, कर्नाटक में 73.19% मतदान हुआ है। यह 1957 के बाद राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा है। भाजपा ने ऐसी बनाई थी सरकार : 2018 में भाजपा ने 104, कांग्रेस ने 78 और जेडीएस ने 37 सीटें जीती थी। किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। भाजपा से येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन सदन में बहुमत साबित न कर पाने की वजह से 23 मई को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार बनी। 14 महीने बाद कर्नाटक की सियासत ने फिर करवट ली। कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों की बगावत के बाद कुमारस्वामी को कुर्सी छोड़नी पड़ी। इन बागियों को येदियुरप्पा ने भाजपा में मिलाया और 26 जुलाई 2019 को 119 विधायकों के समर्थन के साथ वे फिर मुख्यमंत्री बने, लेकिन 2 साल बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाया। ये रहे भाजपा की हार के 6 कारण : ' चुनाव प्रचार के दौरान ही कर्नाटक चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई थी। इस बार चुनाव में भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही थी और कांग्रेस काफी आक्रामक थी। ऐसे में भाजपा की इस हार का मतलब साफ है। 1 मजबूत चेहरा न होना: कर्नाटक में बीजेपी की हार का बड़ा कारण मजबूत चेहरे का न होना माना जा रहा रहा है। दरअसल पार्टी ने येदियुरप्पा की जगह बसवराज बोम्मई को आगे बढ़ाया लेकिन वे कोई कमाल नहीं कर सके। दूसरी तरफ कांग्रेस में कई दमदार चेहरे है जो फ्रंट फुट से पार्टी को लीड करते दिखे। 2 भ्रष्टाचार के आरोपों ने पहुंचाया नुकसान : ये मुद्दा पूरे चुनाव में हावी रहा। चुनाव से कुछ समय पहले ही भाजपा के एक विधायक के बेटे को रंगे हाथों घूस लेते हुए पकड़ा गया था। इसके चलते भाजपा विधायक को भी जेल जाना पड़ा। एक ठेकेदार ने भाजपा सरकार पर 40 प्रतिशत कमिशनखोरी का आरोप लगाते हुए फांसी लगा ली थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे को पूरे चुनाव में जोरशोर से उठाया। 3 नहीं चला ध्रुवीकरण का दांव : कर्नाटक में एक साल से बीजेपी के नेता हलाला, हिजाब से लेकर अजान तक के मुद्दे उठाते रहे। चुनाव के दौरान बजरंगबली और दी केरल स्टोरी मुद्दे बनाये गए, लेकिन जनता ने जमीनी मुद्दों पर वोट किया। 4 . आरक्षण का मुद्दा पड़ा भारी : कर्नाटक में भाजपा ने चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण खत्म करके लिंगायत और अन्य वर्ग में बांट दिया। पार्टी को इससे फायदे की उम्मीद थी, लेकिन ऐन वक्त में कांग्रेस ने बड़ा पासा फेंक दिया। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में आरक्षण का दायरा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 फीसदी करने का ऐलान कर दिया। 5 . टिकट बंटवारे ने बिगाड़ा बाकी खेल : भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर भी बड़ी चूक हुई। पार्टी के कई दिग्गज नेताओं का टिकट काटना भाजपा को भारी पड़ा। पार्टी नेताओं की बगावत ने भी कई सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचाया है। करीब 15 से ज्यादा ऐसी सीटें हैं, जहां भाजपा के बागी नेताओं ने चुनाव लड़ा और पार्टी को बड़ा नुकसान पहुंचाया। 6. दक्षिण बनाम उत्तर की लड़ाई का भी असर : इसे भी एक बड़ा कारण मान सकते हैं। इस वक्त दक्षिण बनाम उत्तर की बड़ी लड़ाई चल रही है। भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है और मौजूदा समय केंद्र की सत्ता में है। ऐसे में भाजपा नेताओं ने हिंदी बनाम कन्नड़ की लड़ाई में मौन रखना ठीक समझा। वहीं, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने मुखर होकर इस मुद्दे को कर्नाटक में उठाया। कांग्रेस की जीत के 6 बड़े कारण 'कर्नाटक में 2004, 2008 और फिर 2018 में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। 2013 में कांग्रेस ने 122 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। सूबे में मुख्य लड़ाई लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रही है। कांग्रेस ने कई बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है, जबकि भाजपा को कभी भी पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। कांग्रेस की इस जीत के पीछे कई बड़े कारण है। 1. आरक्षण का वादा दे गया फायदा : कर्नाटक चुनाव में भाजपा ने चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण खत्म करके लिंगायत और अन्य वर्ग में बांट दिया। पार्टी को इससे फायदे की उम्मीद थी, लेकिन ऐन वक्त में कांग्रेस ने बड़ा पासा फेंक दिया। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में आरक्षण का दायरा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 फीसदी करने का एलान कर दिया। आरक्षण के वादे ने कांग्रेस को बड़ा फायदा पहुंचाया। 2. खरगे का अध्यक्ष बनना : ये भावनात्मक तौर पर कांग्रेस को फायदा दे गया। कांग्रेस ने चुनाव से पहले मल्लिकार्जुन खरगे को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। खरगे कर्नाटक के दलित समुदाय से आते हैं। ऐसे में कांग्रेस ने खरगे के जरिए भावनात्मक तौर पर कर्नाटक के लोगों को पार्टी से जोड़ दिया। 3. राहुल गांधी की यात्रा : राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से जम्मू कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी। इस यात्रा का सबसे ज्यादा समय कर्नाटक में ही बीता। ये राहुल गांधी की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा रहा। इस यात्रा के जरिए राहुल ने कर्नाटक में कांग्रेस को मजबूत किया। 4 नहीं बंटा मुस्लिम वोट : एक वजह ये भी मानी जा रही है कि कर्नाटक चुनाव में मुस्लिम वोट बीजेपी के खिलाफ पीएफआई और बजरंग बली के मुद्दे पर एकजुट हो गया। एकमुश्त मुस्लिम वोट कांग्रेस को मिला। 5 प्रियंका गाँधी रही हिट : कर्नाटक में राहुल गांधी से ज़्यादा प्रियंका गांधी ने प्रचार किया। प्रियंका ने 35 रैलियां और रोड शो किए। दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस ने प्रियंका को उतारकर नया प्रयोग किया और उनको इंदिरा गांधी से जोड़कर प्रेजेंट किया, इसका फायदा मिला। 6 मजबूत स्थानीय नेतृत्व : इस चुनाव में कांग्रेस का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट रहे हैं रीजनल लीडर और लोकल मुद्दे। कांग्रेस ने चुनाव में क्षेत्रीय नेताओं को आगे रखा और जमीनी मुद्दों को अपने एजेंडे में रखा, जो वोटों में परिवर्तित हुआ। कांग्रेस को बड़े मार्जिन से जीत मिली है।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आज जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मुकेश अग्निहोत्री ने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में विभाग के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक वृहद योजना (मास्टर प्लान) तैयार करेगा ताकि विभिन्न स्तर पर जारी कार्यों का विस्तृत विवरण प्राप्त होने के साथ ही इन कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जल जनित रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सोशल मीडिया, फोक मीडिया, विज्ञापन जैसे माध्यमों का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे आगामी वर्षा ऋतु में होने वाले जल जनित रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सकेगा। वर्षा एवं हिम जल संचय, भू-जल पुनर्भरण एवं स्रोत स्थिरता की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने अधिकारियों को पेयजल की गुणवत्ता और जल संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पेयजल के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं इसमें सुधार की दिशा में कार्य कर रही है। बेहतर एवं सुलभ सिंचाई सुविधा से प्रदेश के किसानों कीे आर्थिकी में भी बढ़ोतरी सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक कार्यों की वृतवार चर्चा की गई। उप-मुख्यमंत्री ने सभी विकासात्मक परियोजनाओं को गति प्रदान करने तथा इन्हंे समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस बैठक में जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता संजीव कौल, सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
धर्मशाला विधानसभा हलके के तहत उथड़ाग्रां पंचायत के रसेहड़ गांव में दर्दनाक हादसे पर विधायक सुधीर शर्मा ने गहरा दुख प्रकट किया है। रविवार दोपहर बाद हुए हादसे की सूचना मिलने पर धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने प्रशासन समेत अपनी टीम को मौके पर पहुुंचाया। विधायक सुधीर शर्मा के निर्देशों पर प्रशासन की ओर से पहुंचे तहसीलदार धर्मशाला ने पीडि़तों को 25-25 हजार रुपए की फौरी राहत प्रदान की है। विधायक सुधीर शर्मा 13 मई की शाम को धर्मशाला हलके में कार्यक्रमों के बाद शिमला गए थे। सुधीर शर्मा ने कहा है कि पीडि़तों को प्रदेश सरकार की ओर से हरसभंव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन दुख की घड़ी में पूरी प्रदेश सरकार इस हादसे से पीडि़त लोगों के साथ है। गौर रहे कि रविवार दोपहर बाद धर्मशाला के उथड़ाग्रां में एक कैंटर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इसके चलते एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। इस कैंटर में लोग गेहूं की कटाई कर उसे लाद कर ला रहे थे, लेकिन उथड़ाग्रां के पास संपर्क मार्ग पर कैंटर अनियंत्रित हो गया और सडक़ से करीब 100 मीटर नीचे लढक़ गया जिसके चलते चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल महिला ने टांडा अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से तीन लोग एक ही परिवार के थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने कहा है कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेना चाहिए। आज सुन्नी में आदर्श महिला मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नारी जन चेतना उत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए हिमराल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आपसी मेलजोल भी बढ़ता हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई है। हिमराल ने इस आयोजन के लिए विशेष तौर पर लोक निर्माण मंत्री शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से उनका यह क्षेत्र विकास के मामले में निरंतर आगे बढ रहा हैं। हिमराल ने प्रदेश के छह बार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह प्रदेश सदैव उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा चूंकि शिमला ग्रामीण उनका निर्वाचन क्षेत्र भी था इसलिए उनके प्यार व स्नेह का दिखाया पथ हमें निरन्तर आगे बढ़ने को प्रेरित करता रहेगा। हिमराल ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंकों ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि स्वम् सहायता समूह इसमें एक प्रमुख हैं। उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त उन्हें अपना कारोबार शुरू करने व उद्योग स्थापित करने के लिए भी रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य चुन्नी लाल गर्ग, रमेश ठाकुर, भीष्म हिमराल मोहिंदर वर्मा मोनिका नेगी, कला, उर्मिला, अनु सोनी, कृतिका हिमराल, कार्तिक शर्मा, आदि मौजूद रहे।
जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष व हरोली भाजपा के नेता समाजिक कार्यकर्ता धर्मेंद्र राणा ने रविवार को भाई लालदास युवा क्लब ललडी द्वारा करवाए गए क्रिकेट टूर्नामेंट में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और अपने संबोधन में कहा कि खिलाड़ी बेहतर खेल खेलें टीम की भावना से खेले। उन्होंने कहा कि खेल हमें जीवन का अनुशासन सिखाता है। उन्होंने कहा कि हार जीत खेल का हिस्सा है, इसलिए जीतने वाली टीम आगे के लिए बेहतर करें और हारने वाला और मेहनत करें क्योंकि न तो हार सदा रहती है और ना ही जीत सदा रहती है। उन्होंने कहा कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है। धर्मेंद्र राणा ने कहा कि आज खेल का महत्व इसलिए भी है कि हम अपने शरीर को स्वस्थ रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल जरूरी है ताकि हम नशे से दूर है। उन्होंने कहा कि अपनी संगत ठीक करें, नशे से दूर रहकर समाज के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि अपने परिवार का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से हम बेहतर समाज को बना सकते है और युवा पीढ़ी को नशे से भी बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाई लालदास युवा क्लब बेहतरीन काम कर रहा है और उनका यथासंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी खेलों का महत्व दे रही है, खेलों के लिए स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है, यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेलो इंडिया के माध्यम से खेल का संदेश दे रहे हैं। वही हम सब के लिए गर्व की बात है कि हमारे सांसद अनुराग ठाकुर खेल मंत्री हैं और वे खेलों के लिए अधिक महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा तैयार कर रहे हैं और हिमाचल को भी अनेक खेल मैदान और खेल के लिए बजट का प्रावधान कर रहे हैं। वही इस अवसर पर उप प्रधान रघुवीर व करनैल भी उपस्थित रहे।
कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र में पर्यटन आकर्षण को बढ़ाने के लिए नई पहल की गई है। शाहपुर के ऐतिहासिक चंबी मैदान में पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलून का लुफ्त लेने का इंतजाम किया गया है। लोग यहां गरम हवा के गुब्बारे की सवारी का आनंद ले सकेंगे। बता दें, इससे पहले पर्यटक सिर्फ मनाली में हॉट एयर बैलून की रोमांचक सवारी का आंनद ले पाते थे, लेकिन अब निजी उद्यम द्वारा चंबी में भी ये रोमांच उपलब्ध होगा। शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने इस सुविधा का शुभारंभ करते हुए कहा कि हॉट एयर बैलून की सवारी एक ऐसा अनुभव है जो कांगड़ा के आकर्षण को और बढ़ाएगा और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा। वे इसके लिए निजी उद्यमियों के साथ बातचीत के साथ लगातार प्रयासरत थे, जिसका सुखद परिणाम मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के संकल्प को पूरा करने में सरकारी और निजी दोनों स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारा फोकस कांगड़ा आने वाले पर्यटकों को परंपरागत पर्यटन गतिविधियों के साथ ही नए आकर्षण मुहैया करवाने पर है, ताकि यहां आने का उनका अनुभव यादगार बने। ऐतिहासिक स्थलों, खूबसूरत घाटियों और साहसिक खेल गतिविधियों सहित क्षेत्र के अनछुए पर्यटन स्थलों को निखारने की दृष्टि से काम किया जा रहा है। इससे क्षेत्र और प्रदेश की आर्थिक मजबूती के साथ साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए और प्रचूर अवसर बनेंगे।
परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक ने पूर्व की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से समय से चालक-परिचालकों के अधिक समय भत्ते एवम् रात्रि भत्ते का भुगतान वर्तमान सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से प्रदान किए जाने का स्वागत किया है l परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक, चालक संगठन द्वारा दिनांक 15 मई 2023 से रात्रि बस सेवाओ के संचालन को बंद करने की मांग का समर्थन नहीं करता है। महासंघ इंटक का मानना है की पूर्व की सरकार में जब वेतन तथा रात्रि एवम् अधिक समय भत्ते के समय पर नहीं मिल रहे थे तो उस समय महासंघ इंटक ने समन्वय समिति के साथ मिलकर कर्मचारियों की आवाज को उठाने का प्रयास किया तो उक्त संगठन ने पूर्व सरकार के इशारे पर कभी भी निगम के कर्मचारियों की लंबित मांगों को सिरे नहीं चड़ने दिया था। महासंघ इंटक शीघ्र ही माननीय उप मुख्यमंत्री से चर्चा करके निगम कर्मचारियों के रुके हुए भत्तों एवम् अन्य मांगों पर भी चर्चा करके उन मांगो का भी समाधान करवाएगा। परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा,महामंत्री देश राज, नासिर मोहम्मद,उपाध्यक्ष चेत राम नायक, रणजोध सिंह, केलांग इकाई के प्रधान जीवन सिंह,महामंत्री हुक्म चंद,कुल्लू इकाई के प्रधान अजय कुमार,महामंत्री खेम सिंह चंद,मंडी इकाई के प्रधान प्रवीण जमवाल,कार्यकारी प्रधान मोहिंदर कुमार,महामंत्री महेश कुमार,सुंदरनगर इकाई महामंत्री धनी राम,धर्मशाला इकाई प्रधान मदन लाल,महामंत्री सुरेश कुमार, जस्सूर इकाई अध्यक्ष सुदर्शन कुमार,पठानकोट के महामंत्री कपिल देव,कार्यकारी प्रधान रणदीप कुमार,नगरोटा के प्रधान अनिल चौधरी,देहरा के प्रधान ओम कुमार,अध्यक्ष नवीन कुमार,प्रदेश प्रचार सचिव संजीव सिंह,शिमला मंडल प्रभारी समर चौहान,धर्मशाला मंडल प्रधान राय सिंह,तारादेवी इकाई के महासचिव निक्का राम,सरकाघाट के प्रधान जग्रेश्वर सिंह,धर्मपुर के प्रधान अमृत कुमार, सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों सर्व श्री संजय कुमार,अब्दुल रफीक,विजय राम,भूपेंद्र कुमार,संजय राणा,डिंपल डोगरा,नरेंद्र कुमार,पीतांबर लाल, बृज लाल,विजय कार्की,संतोष कुमार,सतीश कुमार,जमील खान,रूपेंद्र घंडवाल,अमित कुमार,मनोहर लाल,पवन सेन,राजेश सागर,मनमोहन शर्मा,यश पाल ने भी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री से निगम की अन्य लम्बित मांगों को भी शीघ्र निराकरण करने हेतु संगठन को वार्ता के लिए बुलाए जाने का भी अनुरोध करता है।
कर्नाटक में कांग्रेस को बंपर जीत मिलने पर कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल की थाप पर नाच कर और लोगों में लड्डू बांटकर जीत की खुशी मनाई जा रही है। वही पांवटा के पूर्व विधायक किरनेश जंग ने जस्ट ज्ञान जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार के मास्टर प्लान कर्नाटक की जनता के आगे फीका पड़ गया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए कांग्रेस को चुना है। यहां के लोगों ने धर्म की राजनीति को नकारा है और सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलने वाली कांग्रेस को सेवा का मौका दिया है। उन्होंने कहा आने वाले समय में पूरे देश के लोग इसी तरह से कांग्रेस में अपना भरोसा दिखाएंगे और 2024 में केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मद्दे को ध्यान में रखकर कर्नाटक की जनता ने अपना वोट किया और कांग्रेस को सेवा का मौका दिया है।
प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं आम लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है और यह बदलाव लोगों के वास्तविक जीवन में दिखाई भी दे रहा है। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी अब गांव में रह कर, अपने घर व आस-पास छोटे-छोटे कार्य शुरू कर अब अपनी आजीविका कमा, अपने परिवार का सहयोग करने के साथ अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रही है। करसोग उपमंडल के कलैहणी गांव की संतोषी देवी ने मशरूम की खेती कर इसे साबित किया है। संतोषी देवी ने जनवरी, 2023 में खंड विकास कार्यालय करसोग के माध्यम से राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत मशरूम की जैविक खेती करने का 10 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के पश्चात, अपने घर के एक कमरे में ढीगंरी मशरूम की खेती करना शुरू किया। प्लस-टू पास संतोषी देवी ने घर के कमरे में 17 बैगों में ढीगंरी मशरूम की जैविक खेती की, जिसमें उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा ढीगंरी मशरूम की फसल मिली। आम तौर पर ढीगंरी मशरूम की फसल तैयार होने के बाद, उसकी 2 से 3 बार कटाई की जाती है। लेकिन संतोषी देवी द्वारा उगाई गई मशरूम की फसल की, उन्होंने 4 से 5 बार कटाई कर अच्छी आय अर्जित की। संतोषी देवी करसोग बाजार में हिम ईरा नाम से दुकान भी चला रही है, जहां पर अपने घर में तैयार किए जाने वाले जैविक ढीगंरी मशरूम को 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम बेचा जाता है। संतोषी देवी का कहना है कि इस कार्य को शुरू करने से पहले, उनकी अपनी कोई स्वतंत्र आय नहीं थी। घर के कार्यो में ही समय बीत जाता था। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं के लिए आजीविका मिशन के अन्तर्गत ढीगंरी मशरूम की खेती करने संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी खंड विकास कार्यालय करसोेग से मिली। उसके पश्चात ढीगंरी मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण हासिल किया और इसे अपनी स्वतंत्र आय का जरिया बनाया। इनका कहना है कि परिवार के लोगों ने भी इस कार्य में सहयोग किया और अब वे इस कार्य से प्रतिमाह 4 से 5 हजार और 50 से 60 हजार रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रही है। जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। संतोषी देवी ने बताया कि इस कार्य को शुरू करने के लिए उन्होंने केवल मात्र 500 रुपये खर्च किए। इनका कहना है कि मशरूम की अन्य विभिन्न किस्मों को उगा कर इस कार्य को साल भी किया जा सकता है, जो आय का एक बेहतर विकल्प है। आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूह बनाकर, अन्य महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले विभिन्न उत्पादों को भी संतोषी देवी अपनी हिम ईरा दुकान पर बेच रही है। जिससे एक ओर जहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं को, उनके द्वारा घरों में तैयार किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के उत्पाद बेचने के लिए बेहतर प्लेटफाॅर्म उपलब्ध रहा है वहीं वे उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में भी सहयोग कर रही है। इनका कहना है कि सफलता कभी भी, किसी भी क्षेत्र में हासिल की जा सकती है, बशर्ते उसके लिए कड़ी मेहनत और लग्न से कार्य करने की आवश्यकता है। करसोग के सहायक आयुक्त एवं बीडीओ अमित कल्थाईक का कहना है कि महिलाओं को अर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। जिनमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन भी एक है। इस योजना का लाभ उठा कर क्षेत्र की महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाएं है।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों से सुजानपुर बस स्टैंड की मरम्मत का कार्य और मैदान के चारों तरफ की सड़क को नए सिरे से पक्का किया जा रहा है। यह जानकारी सुजानपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि सुजानपुर चोरी पटलांनदर मुख्य मार्ग के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा सीआरएफ के तहत ₹32 करोड़ का प्रावधान करवाया गया है। सुजानपुर बस स्टैंड की मरम्मत का कार्य और मैदान के चारों तरफ की सड़क को पक्का करवाने का कार्य भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पूर्व में रही भाजपा सरकार के समय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कहने पर उस समय के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुजानपुर बस स्टैंड के लिए 50 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया था और विधिवत इसकी होली मेले के समापन पर घोषणा की थी। वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि सुजानपुर बस स्टैंड की अति दयनीय स्थिति बनी हुई थी लेकिन यहां के विधायक बस स्टैंड के नाम पर केवल झूठी घोषणाएं और झूठे वायदे ही कर रहे थे। उन्होंने झूटी घोषणाओं के सिवाय इस बस स्टैंड के लिए कुछ नहीं किया। केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से ही बस स्टैंड पर दुकानदारी करने वाले दुकानदारों को पकी छत नसीब हुई थी जिसके चलते आज वह किसी भी मौसम में बेधड़क अपना व्यापार यहा कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि यहां की अति निर्धन वर्ग के दुकानदारों को पक्की दुकाने बनाने के नाम पर भी यहां के विधायक ने उनसे झूठ बोला था। उन दुकानदारों को पक्की दुकानें किससे बना कर दी। यह बात भी आज हर किसी को पता है भाजपा नेताओं ने कहा कि सुजानपुर की सूरत और सीरत बदलने का प्रयास लगातार केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से हुआ है और हो रहा है और आगे भी होता रहेगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर सुजानपुर की पंचायत दाडला में हेलीपैड बनाने के लिए 4 करोड रुपए का प्रावधान हुआ है इसका श्रेय भी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को जाता है।
[2:51 pm, 14/05/2023] Bhawna Fv: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बिजली बोर्ड प्रबंधन वर्ग पर प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारी हित में लिए गए राजनीतिक फैसलों के कार्यन्वयन व धरातल तक पहुंचाने में देरी का आरोप लगाया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करना प्रदेश सरकार का कर्मचारी हित मे लिया गया एक राजनीतिक फैसला है। इसमें अफसरशाही द्वारा अगर और लेकिन करना न तो प्रदेश सरकार चाहेगी और न ही यह कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा जिन प्रदेश के सरकारी उपक्रमों में वर्ष 2003 से पहले पेंशन रुल 1972 थे और उसके बाद के कर्मचारी नई पेन्शन प्रणाली में NSDL(नेशनल सेक्युरिटी डिपोजिटरी लिमिटेड) में नई पेंशन शेयर को जमा कर रहे है, उन सब उपक्रमों के कर्मचारी प्रदेश सरकार की पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना में अन्तनिर्हित है। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व हिमाचल पथ परिवहन निगम ऐसे राज्य सरकारी उपक्रम है जहां पेंशन रुल 1972 पहले से लागू है और वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारी पुरानी पेंशन के हकदार है। लेकिन दोनों निगमों के प्रबंधन वर्ग में सरकार के इस बारे जारी आदेश की अवहेलना करते हुए कर्मचारियों के वेतन से न्यू पेन्शन शेयर की कटौती करी है जबकि प्रदेश सरकार ने यह इस माह से बंद कर दी है। उन्होंने कहा बिजली बोर्ड में वर्ष 2003 के बाद नियुक्त हुए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 9000 कर्मचारी प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से लाभान्वित होंगे लेकिन बिजली बोर्ड के प्रबंधन वर्ग द्वारा इसके लागू करने में की जा रही देरी से कर्मचारियों में अभी संशय बना है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि अप्रैल माह के कर्मचारियों के वेतन से कटा गया न्यू पेंशन शेयर को आगे NSDL में जमा न किया जाए और बिजली बोर्ड़ में भी शीघ्र पुरानी पेंशन की अधिसूचना जारी कर कर्मचारियों से प्रदेश सरकार की तर्ज पर ऑप्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। [2:55 pm, 14/05/2023] Bhawna Fv: अनेकों को जीवन देने में सक्षम अंगदान - डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि अंगदान श्रेष्ठदान है और इसलिए यह महादान की श्रेणी में आता है। डाॅ. शांडिल आज सोलन शहर स्थित चिल्ड्रन पार्क में लायंस क्लब सोलन द्वारा अंगदान जागरूकता विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित लोगों का सम्बोधन कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने कहा कि मृत्यु के उपरांत अंगदान करने से जहां बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाए जा सकते है। वहीं पीड़ित मानवता की अनंत सेवा भी की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंगदान जागरूकता के लिए व्यापक कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि मृत्य का आंकड़ा बताता है कि अगर शत प्रतिशत अंगदान किया जाए तो अंग की कमी से होने वाली मृत्य पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। डाॅ. शांडिल ने कहा कि परिवार से एक व्यक्ति के चले जाने का दुःख असहनीय होता है लेकिन उसके अंग से मिलने वाले नए जीवन से वह स्वयं और अपने परिवार को गौरवान्वित महसूस करा सकता है। उन्होंने लायंस क्लब सोलन के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां युवा पीढ़ी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला वहीं मानव जीवन के लिए अंगदान की अहमियता के बारे में जानकारी भी मिली। उन्होंने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम करने के लिए लायंस क्लब सोलन को प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर 30 लोगों ने अंगदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस समिति के महासचिव एवं ज़िला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन मल्होत्रा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, लायंस क्लब सोलन के अध्यक्ष विशाल सूद, परियोजना अध्यक्ष विकास दत्ता, सह अध्यक्ष कमल वीग और नवदीप थरेजा, आईजीएमसी से एस.ओ.टी.टी.ओ की टीम के ट्रांसप्लांट को ऑर्डिनेटर नरेश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी भारती कश्यप, मेट्रन हरिप्रिया सहित प्रतिभागी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि अंगदान श्रेष्ठदान है और इसलिए यह महादान की श्रेणी में आता है। डाॅ. शांडिल आज सोलन शहर स्थित चिल्ड्रन पार्क में लायंस क्लब सोलन द्वारा अंगदान जागरूकता विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित लोगों का सम्बोधन कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने कहा कि मृत्यु के उपरांत अंगदान करने से जहां बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाए जा सकते है। वहीं पीड़ित मानवता की अनंत सेवा भी की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंगदान जागरूकता के लिए व्यापक कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि मृत्य का आंकड़ा बताता है कि अगर शत प्रतिशत अंगदान किया जाए तो अंग की कमी से होने वाली मृत्य पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। डाॅ. शांडिल ने कहा कि परिवार से एक व्यक्ति के चले जाने का दुःख असहनीय होता है लेकिन उसके अंग से मिलने वाले नए जीवन से वह स्वयं और अपने परिवार को गौरवान्वित महसूस करा सकता है। उन्होंने लायंस क्लब सोलन के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां युवा पीढ़ी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला वहीं मानव जीवन के लिए अंगदान की अहमियता के बारे में जानकारी भी मिली। उन्होंने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम करने के लिए लायंस क्लब सोलन को प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर 30 लोगों ने अंगदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस समिति के महासचिव एवं ज़िला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन मल्होत्रा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, लायंस क्लब सोलन के अध्यक्ष विशाल सूद, परियोजना अध्यक्ष विकास दत्ता, सह अध्यक्ष कमल वीग और नवदीप थरेजा, आईजीएमसी से एस.ओ.टी.टी.ओ की टीम के ट्रांसप्लांट को ऑर्डिनेटर नरेश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी भारती कश्यप, मेट्रन हरिप्रिया सहित प्रतिभागी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
पाइनग्रोव स्कूल में 12 से 14 मई तक उत्तर क्षेत्रीय विद्यालयों और ए एफ एस की क्षेत्रीय सम्मलेन की मेजबानी की। जिसमें 38 प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि, निदेशक, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और छात्र इस मेगा कार्यक्रम में भाग लिया। एएफएस इंटरकल्चरल प्रोग्राम एक अंतर्राष्ट्रीय युवा विनिमय संगठन है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक नागरिक बनाना और उनके समुदायों के सामाजिक कारणों में शामिल होना है। एफएस अधिक न्यायसंगत और शांतिपूर्ण दुनिया बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और ज्ञान विकसित करने में लोगों की मदद करने के लिए इंटरकल्चरल सीखने के अवसर प्रदान करता है। सबसे पहले अमेरिकन फील्ड सर्विस एफएस को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की सेना के लिए एक स्वयंसेवक एम्बुलेंस सेवा के रूप में शुरू किया गया था। यह अब एक अंतर्राष्ट्रीय , स्वैच्छिक, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन (न्यूयॉर्क, यूएसए में मुख्यालय) के रूप में विकसित हुआ है और 60 से अधिक देशों (भारत सहित) में फैला हुआ है और इसके लगभग 250 सदस्य स्कूल पैन-इंडिया हैं। एएफएस का भारत में प्रथम सम्मलेन है। मुख्य अतिथि, श्री संजय कुंडू (आईपीएस), हिमाचल प्रदेश के डीजीपी और विशिष्ट अतिथि, श्री जहूर एच. जैदी (आईपीएस), हिमाचल प्रदेश के आईजी ने समारोह के उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई। इसके साथ-साथ अपनी वाणी से ज्ञान के मोती बिखेरकर प्रतिनिधियों के साथ अपने विचार साझा करके महती सभा को संबोधित किया। मुख्य अतिथि, श्री संजय कुंडू ने अपने वक्तव्य में कहा कि पाइनग्रोव स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एज़े सिंह ने स्वयं वो कार्य कर दिखाया जो दो तीन पीढ़ियाँ कर पाती हैं | उन्होंने नैसले, रेड बुल, ओबराय के क्लार्क होटल की विश्व की पहली होटल परंपरा की नई शरुआत तथा अनेक अन्य उदाहरण देकर कहा कि सच्चा नेता स्वयं से शुरुआत करता है। जब भी कहीं यात्रा करो तो अपने पास कोई एक पुस्तक अवश्य रखें एवं उसे पढ़ें तथा एक महीने में एक पुस्तक पढ़ने का उद्देश्य बना लें। विद्यालयों को विद्यार्थियों के कद बढाने पर अवश्य विचार करना चाहिए क्योंकि आजकल के युवक और युवतियों का कद छोटा रह रहा है। इसके लिए तैराकी, वालीबाल, बास्केटबाल तथा अन्य खेलों के माध्यम से प्रयास किये जाएं| एएफएस इंडिया की राष्ट्रीय निदेशक, सुश्री दीया बैजल; एएफएस रीजनल हेड - नॉर्थ जोन और सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर, श्री राशिद शरफुद्दीन और मैनेजर - एएफएस सेंडिंग एंड स्कूल रिलेशनशिप सुश्री मंजुला देवी ने भी अपनी शानदार उपस्थिति के साथ इस अवसर की शोभा बढ़ाई। भावपूर्ण संगीत और नृत्य प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और विशिष्ट अतिथियों और वैश्विक शिक्षा के प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा 'इंस्पायर एंड इमेजिन' विषय पर केंद्रित गहन और उत्तेजक चर्चाओं के लिए बॉल रोलिंग शुरू कर दी। मेयो कॉलेज अजमेर के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र कुलकर्णी ने 'इन मैटर्स ऑफ लीडरशिप, लीडर्स मैटर' विषय पर एक सत्र का संचालन किया। लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र कुलकर्णी अपने भाषण में कहा कि नेता को स्वयं से प्रेरणास्पद प्रयास करने चाहिए और सबसे सहानुभूति रखनी चाहिए | डॉ. सुमेर सिंह ने स्कूल के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के लिए 'रीइमैजिनिंग एएफएस' पर अपना पांडित्य प्रस्तुत किया, जबकि श्री जयंत कृष्णा ने छात्रों के लिए 'सर्वांगीण सफलता के लिए एक वैश्विक मानसिकता का पोषण' पर विशेष रूप से एक समृद्ध सत्र लिया। विशिष्ट अतिथियों ने कसौली में मोहन मीकिन ब्रेवरी का दौरा किया, जबकि छात्रों ने धर्मपुर में पीए पिनियंस वॉच फैक्ट्री की यात्रा का भी आनंद लिया। पाइन स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह ने ए एफ एस के सदस्यों, प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि, निदेशक, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और छात्रों का आभार प्रकट किया।
पाइनग्रोव स्कूल में 12 से 14 मई तक उत्तर क्षेत्रीय विद्यालयों और ए एफ एस की क्षेत्रीय सम्मलेन की मेजबानी की। जिसमें 38 प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि, निदेशक, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और छात्र इस मेगा कार्यक्रम में भाग लिया। एएफएस इंटरकल्चरल प्रोग्राम एक अंतर्राष्ट्रीय युवा विनिमय संगठन है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक नागरिक बनाना और उनके समुदायों के सामाजिक कारणों में शामिल होना है। एफएस अधिक न्यायसंगत और शांतिपूर्ण दुनिया बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और ज्ञान विकसित करने में लोगों की मदद करने के लिए इंटरकल्चरल सीखने के अवसर प्रदान करता है। सबसे पहले अमेरिकन फील्ड सर्विस एफएस को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की सेना के लिए एक स्वयंसेवक एम्बुलेंस सेवा के रूप में शुरू किया गया था। यह अब एक अंतर्राष्ट्रीय , स्वैच्छिक, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन (न्यूयॉर्क, यूएसए में मुख्यालय) के रूप में विकसित हुआ है और 60 से अधिक देशों (भारत सहित) में फैला हुआ है और इसके लगभग 250 सदस्य स्कूल पैन-इंडिया हैं। एएफएस का भारत में प्रथम सम्मलेन है। मुख्य अतिथि, श्री संजय कुंडू (आईपीएस), हिमाचल प्रदेश के डीजीपी और विशिष्ट अतिथि, श्री जहूर एच. जैदी (आईपीएस), हिमाचल प्रदेश के आईजी ने समारोह के उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई। इसके साथ-साथ अपनी वाणी से ज्ञान के मोती बिखेरकर प्रतिनिधियों के साथ अपने विचार साझा करके महती सभा को संबोधित किया। मुख्य अतिथि, श्री संजय कुंडू ने अपने वक्तव्य में कहा कि पाइनग्रोव स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एज़े सिंह ने स्वयं वो कार्य कर दिखाया जो दो तीन पीढ़ियाँ कर पाती हैं | उन्होंने नैसले, रेड बुल, ओबराय के क्लार्क होटल की विश्व की पहली होटल परंपरा की नई शरुआत तथा अनेक अन्य उदाहरण देकर कहा कि सच्चा नेता स्वयं से शुरुआत करता है। जब भी कहीं यात्रा करो तो अपने पास कोई एक पुस्तक अवश्य रखें एवं उसे पढ़ें तथा एक महीने में एक पुस्तक पढ़ने का उद्देश्य बना लें। विद्यालयों को विद्यार्थियों के कद बढाने पर अवश्य विचार करना चाहिए क्योंकि आजकल के युवक और युवतियों का कद छोटा रह रहा है। इसके लिए तैराकी, वालीबाल, बास्केटबाल तथा अन्य खेलों के माध्यम से प्रयास किये जाएं| एएफएस इंडिया की राष्ट्रीय निदेशक, सुश्री दीया बैजल; एएफएस रीजनल हेड - नॉर्थ जोन और सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर, श्री राशिद शरफुद्दीन और मैनेजर - एएफएस सेंडिंग एंड स्कूल रिलेशनशिप सुश्री मंजुला देवी ने भी अपनी शानदार उपस्थिति के साथ इस अवसर की शोभा बढ़ाई। भावपूर्ण संगीत और नृत्य प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और विशिष्ट अतिथियों और वैश्विक शिक्षा के प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा 'इंस्पायर एंड इमेजिन' विषय पर केंद्रित गहन और उत्तेजक चर्चाओं के लिए बॉल रोलिंग शुरू कर दी। मेयो कॉलेज अजमेर के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र कुलकर्णी ने 'इन मैटर्स ऑफ लीडरशिप, लीडर्स मैटर' विषय पर एक सत्र का संचालन किया। लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र कुलकर्णी अपने भाषण में कहा कि नेता को स्वयं से प्रेरणास्पद प्रयास करने चाहिए और सबसे सहानुभूति रखनी चाहिए | डॉ. सुमेर सिंह ने स्कूल के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के लिए 'रीइमैजिनिंग एएफएस' पर अपना पांडित्य प्रस्तुत किया, जबकि श्री जयंत कृष्णा ने छात्रों के लिए 'सर्वांगीण सफलता के लिए एक वैश्विक मानसिकता का पोषण' पर विशेष रूप से एक समृद्ध सत्र लिया। विशिष्ट अतिथियों ने कसौली में मोहन मीकिन ब्रेवरी का दौरा किया, जबकि छात्रों ने धर्मपुर में पीए पिनियंस वॉच फैक्ट्री की यात्रा का भी आनंद लिया। पाइन स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह ने ए एफ एस के सदस्यों, प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि, निदेशक, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और छात्रों का आभार प्रकट किया।
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का मुख्य औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संभावित उद्यमियों को उद्योग अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं आरंभ की गई हैं जिनके फलस्वरूप ‘व्यापार में सुगमता’, सूचकांक में प्रदेश की वरीयता भी सुधरी है। राज्य में उद्योग-मित्र वातावरण प्रदान करना तथा निवेश को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश के पसंदीदा निवेश गंतव्य रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कई नई नीतियां अपनाई हैं जिनके तहत नए उद्योग स्थापित करने के लिए सस्ती दरों पर बिजली, राज्य वित्त निगम तथा राष्ट्रीय बैंकों के माध्यम से आसान ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कम दरों पर पट्टे पर भूमि उपलब्ध करवाई जा रही है तथा नए उद्योगों को बिक्री या खरीद कर पर छूट भी दी जा रही है। प्रदेश के बाहर निकटतम रेलवे स्टेशन से कच्चे माल के परिवहन भाड़े पर रियायत के अलावा अन्य सीमांत लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत डेंटल क्लिनिक के लिए मशीनरी एवं उपकरण, ई-टैक्सी की खरीद, एक मेगावाट तक सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना, मत्स्य पालन परियोजना तथा अन्य उद्यमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। ई-टैक्सी की खरीद पर सभी पात्र वर्गों को 50 प्रतिशत का उपदान प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार विनिर्माण, पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवासीय इत्यादि क्षेत्रों में लगभग 20 हजार करोड़ का निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है जिससे लगभग 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा 50 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित 99 प्रतिशत उद्यम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी में शामिल हैं। उद्योग विभाग इन उद्यमों का विस्तृत सर्वेक्षण आयोजित करवाएगा जिससे इनकी समस्याओं का पता लगाया जाएगा तथा उनका उचित निवारण होगा। एक जिला एक उत्पाद की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में यूनिटी मॉल स्थापित किया जाएगा। यह ब्यूरो संभावित निवेशकों को एक छत तले सभी स्वीकृतियां प्रदान करने की सुविधा देगा। निवेशकों को ‘आओ और काम शुरू करो’ की सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और प्रदेश आदर्श निवेश हितैषी राज्य बनकर उभरेगा। प्रदेश सरकार एच.पी. टिनैंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट, 1972 के अनुच्छेद-118 के संबंधी मामलों की स्वीकृतियों के विलंब पर भी ध्यान देगी। उद्योगपतियों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर अधोसंरचना स्थापित की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के संचालन को और सुदृढ़ किया जाएगा और औद्योगिक इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में सामाजिक और शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर कार्य कर रही है ताकि उन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गत शनिवार को कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई , जिसमे मुख्यमंत्री ने कहा कि कीरतपुर से मनाली तक लगभग 191 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क का लगभग 182 किलोमीटर भाग प्रदेश के तीन जिलों बिलासपुर, मंडी तथा कुल्लू से होकर गुजरेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेहतर यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए प्रदेश की सरकार तीन नए ट्रैफिक-कम-टूरिस्ट-पुलिस स्टेशन स्थापित करेगी। यह पुलिस स्टेशन बिलासपुर, मंडी व कुल्लू जिला में खोले जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को इन थानों के कार्यक्षेत्र के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोरलेन सड़क पर ट्रामा सेंटर चिन्हित किए जाएंगे, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नेरचौक, मंडी तथा तीनो जिलों के क्षेत्रीय अस्पताल शामिल हैं। इससे आपात स्थिति में प्रभावितों को शीघ्र उपचार सुनिश्चत हो सकेगा। इस राजमार्ग पर निश्चित स्थानों पर एंबुलेंस, रिकवरी वाहन इत्यादि की व्यवस्था भी होगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के सुचारू संचालन तथा दुर्घटना इत्यादि की संभावनाएं न्यून करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं प्रदेश पुलिस के समन्वय से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साईन, स्वचालित यातायात पटल सह वर्गक, सड़क किनारे एवं ओवरहैड वाहन गति को दर्शाते डिस्प्ले पटल, ऑप्टिक फाइबर कनेक्टिविटी सहित आपात सहायता कॉल बॉक्स भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने गति सीमा से संबंधित डिस्प्ले पटल की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से एकीकृत कमांड केंद्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने अवगत करवाया कि यह फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग आगामी 15 से 20 जून, 2023 तक पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों एवं राहगीरों की सुरक्षा के दृष्टिगत घाटी की तरफ को क्रैश बैरियर, पैदल पथ तथा ओवर ब्रिज तैयार किए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव, गृह, भरत खेड़ा , प्रधान सचिव, परिवहन, आर.डी. नज़ीम, , सचिव, स्वास्थ्य, एम. सुधा देवी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय गुप्ता, निदेशक, परिवहन अनुपम कश्यप सहित संबंधित विभागों एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं जिला पार्षद संजय राणा ने कर्नाटक में कांग्रेस को मिली ऐतिहासिक जीत को लेकर कहा कि देश में तेजी के साथ परिवर्तन की लहर चल पड़ी है तथा 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में केंद्र से मोदी सरकार का भी सुपड़ा साफ होना तय हो गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान देश की जनता का जो समर्थन कांग्रेस को मिला, उसका रुझान कर्नाटक विधान सभा चुनाव में साफ देखा जा रहा है। संजय राणा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्टार प्रचारक के तौर पर अपनी भूमिका निभाई है, तथा सभी ने मिलकर जनता के बहुमुल्य समर्थन से कर्नाटक में भाजपा को चारों खाने चित कर अपनी जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की हुई जीत का असर भी कर्नाटक चुनावों में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता ने नफरत की राजनीति को भी नकार दिया है तथा जनता ने भाजपा तथा मोदी सरकार को उसका सही आईना दिखाया है। संजय राणा ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों से अब देश की जनता पूरी तरह से तंग हो चुकी है तथा सत्ता से भाजपा को पुरी तरह से बाहर करना चाहती है। राणा ने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के साथ ही जनता की सोच भी बदल रही है तथा यह बदलाव अब लोकसभा चुनावों में भी भाजपा देखेगी।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार जोगेंद्र हाब्बी ने भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा जिला सिरमौर में प्रतिवर्ष आयोजित की जा रही लोकनृत्य प्रतियोगिता में लगातार दस बार प्रथम स्थान प्राप्त कर "इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स " तथा "एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स " में नाम दर्ज करवाकर लोक नृत्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड्स व एशिया बुक आफ रिकॉर्ड्स की विशेषज्ञ समिति ने हाब्बी को बधाई देते कहा कि लगातार दस-ग्यारह वर्षों की मेहनत और लगन से प्रथम स्थान बरकरार रखते हुए हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं। कुछ समय पूर्व ही हाब्बी का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज हुआ था और अब एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी नाम दर्ज कर चुके हैं, जिससे जिला सिरमौर की लोक संस्कृति का विश्व स्तर पर पहचान व मान और अधिक बढ़ा है। जोगेंद्र हाब्बी ने इन दोनों रिकॉर्ड्स का श्रेय अपने गुरु पद्मश्री विद्यानंद सरैक व सहयोगी कलाकारों को दिया और आसरा तथा चूड़ेश्वर मंडल के सभी कलाकारों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने अनुकरण कर लगातार मेहनत के परिणाम स्वरूप प्रथम पुरस्कार को अब तक लगातार बरकरार रखा है। दस-बारह वर्षों से आयोजित की जा रही इन प्रतियोगिताओं में लगभग साठ से अधिक लोक कलाकारों ने हाब्बी के नेतृत्व में लोक नृत्य प्रतिस्पर्धा में भाग लिया जिसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित सुप्रसिद्ध लोक कलाकार गोपाल हाब्बी, प्रदेश के जाने-माने लोक गायक धर्मपाल चौहान व रामलाल वर्मा और सरोज ने दस बार भाग लेकर लगातार प्रथम स्थान बरकरार रखने में भरपूर सहयोग दिया। इसके अलावा बलदेव, अमीचंद, चमन, संदीप, अनुजा, सीमा, रीना, सुनपति, लक्ष्मी, प्रिया, सरस्वती, जितेंद्र, हंसराज, चिरंजीलाल, सोहनलाल, चेतराम, कृष्ण लाल, मुकेश, देवीराम, अनिल, रमेश, सुनील, बिमला, पायल, आदि कलाकारों ने भी कई बार इन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर दल को प्रथम स्थान प्राप्त करने में पूर्ण सहयोग दिया है। हाब्बी ने कहा कि हमारा दल सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में जिला सिरमौर का आदिकालीन ठोडा नृत्य, ढीली नाटी, रिहाल्टी गी, दीपक नृत्य, परात नृत्य, सिरमौरी मुंजरा, रासा व हुड़ग नृत्य, झुरी, सिंहटू तथा भड़ाल्टू नृत्य आदि लोक विधाओं को कोरियोग्राफ कर तथा समय सीमा में बांधकर एक गुलदस्ते के रूप में सिरमौरी हाटी जनजातीय संस्कृति के वास्तविक स्वरूप को प्रस्तुत करता आया है। हाब्बी दल का नेतृत्व एवं निर्देशन करते हुए स्वयं भी मुख्य लोक नर्तक के रूप में सांस्कृतिक दल की अगुवाई करते आए हैं। उन्होंने बताया कि निसंदेह जिला सिरमौर की संस्कृति में एक कशिश व आकर्षण है तथा पद्मश्री विद्यानंद सरैक द्वारा गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत सिखाई गई लोकनृत्य विधाओं को प्रदर्शित कलाकारों ने अपने हुनर व फन से लगातार दस बार जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके अलावा इन्हीं लोक कलाकारों के दल ने विभिन्न विभागों व संस्थानों द्वारा आयोजित लोकनृत्य प्रतिस्पर्धाओं में आठ बार राज्य स्तर पर एक बार राष्ट्रीय स्तर पर तथा एक बार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जीत हासिल कर सिरमौरी संस्कृति का लोहा मनवाया है। जोगेंद्र हाब्बी ने सभी कलाकारों की ओर से निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग और जिला भाषा अधिकारी का इस प्रकार की लोक नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित कर कलाकारों को अपना हुनर दिखाने का अवसर प्रदान करने के लिए तथा प्रतिस्पर्धाओं के निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों का निष्पक्ष एवं निर्विवाद निर्णय के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते कहा कि हम सदैव इसी प्रकार हिमाचल व सिरमौर जनपद की समृद्ध संस्कृति को विश्व स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
बिलासपुर जिला के उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरोटा पंचायत के सरस्वती विद्या मंदिर में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज एनजीओ प्रयास आयोजित कार्यक्रम में डंगार, देलग व दधोल क्षेत्र की 210 महिलाओं ब्यूटी एंड वैलनेस ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और ब्यूटी किट वितरित किए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि एनजीओ के माध्यम से हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में 4000 महिलाओं को ब्यूटी एंड वैलनेस निशुल्क ट्रेनिंग कोर्स करवाए जा रहे हैं जिसमे बिलासपुर जिला कि 500 से अधिक महिलाएं शामिल है। जिसके अंतर्गत आज ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं को सर्टिफिकेट और ब्यूटी किट वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि महिलाए वह आधारशिला हैं जिसके बिना किसी भी मजबूत परिवार, समाज और देश की परिकल्पना ही नहीं की जा सकती। इतिहास गवाह है कि, महिलाओं ने लगभग सभी क्षेत्रों में अपना परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार के लिए हुनर होना आवश्यक है इसीलिए उनका प्रयास है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए निशुल्क कोर्सों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई है। उन्होंने बताया कि 9 करोड़ 60 लाख परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया और कोरोना काल के दौरान 3 अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत 9 लाख लोगो को घर द्वार जाकर सवास्थ्य सेवाए उपलब्ध करवाई गई है। मोबाइल स्वास्थ्य सेवा स्वास्थ्य की सभी आधुनिक जांच सुविधाओं, आवश्यक दवाओं, नर्स और डाक्टर से लैस रहती है और लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य जांच किया जाता है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में ही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा एम्बुलेंस में 100 से अधिक महिलाओं रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि उनके सांसद बनने के बाद बिलासपुर जिला का बहुत विकास हुआ है आज बिलासपुर में फोरलेन, एम्स, रेलवेलाइन, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि कीरतपुर से नरचौक फोरलेन को 1 महीने तक के लिए ट्रायल बेसिस पर खोलने का अनुरोध केंद्रीय परिवहन मंत्री से किया गया है ताकि इस मार्ग पर पेश आने वाली कमियों में सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि किरतपुर से नेरचौक का सफर 87 किलोमीटर से घटकर 57 किलोमीटर रह जाएगा और मात्र 40 मिनट में यह दूरी तय होगी जिससे क्षेत्र के सभी लोगों को बेहतर यातायात की सुविधा मिलेगी लोगों के पैसे के साथ समय की भी बचत होगी और इंधन की खपत भी कम होगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 2 सालों में बिलासपुर में ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे लाइन निर्माण के प्रथम चरण में केंद्र सरकार द्वारा 1500 करोड रुपए जबकि इस वर्ष द्वितीय चरण में 1000 करोड रुपए स्वीकृत किए गए है। रेलवे का कार्य पूरा होने से इस क्षेत्र के सभी लोगों का विकास होगा। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान बिलासपुर से हमीरपुर सड़क को चौड़ा करने के लिए 300 करोड़ रुपए किए गए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि उनके सांसद बनने के बाद सरस्वती विद्या मंदिर के विभिन्न विकास कार्यों के लिए उन्होंने अपने सांसद निधि से लगभग अब तक 5 करोड रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध करवाई है । इस अवसर पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग बीडीसी चेयरमैन रमेश ठाकुर मंडल महामंत्री राजेश शर्मा व राजेश ठाकुर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति तैयार करेगी। इस नीति के प्रारूप प्रस्ताव पर आज यहां आयोजित बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी अकेलेपन एवं मोबाइल में सिमटती गतिविधियों के कारण आसानी से नशे की गिरफ्त में आ रही है, विशेष तौर पर पिछले 4-5 सालों में प्रदेश में नशाखोरी के मामलांे में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बाहर निकालने तथा उनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश में इसके लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (एनआईएमएचएएनएस) के सहयोग से एक स्टेट ऑफ द आर्ट नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए लगभग 50 बीघा भूमि का चयन करने के लिए उन्होंने सम्बन्धित विभागों को उचित निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र एक समग्र सोच के साथ गुरुकुल पद्धति पर आधारित होंगे जहां पर नशे की गिरफ्त में आये व्यक्तियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए कार्य किया जाएगा और एक सादे जीवन एवं सामुदायिक सहयोग के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त करने के साथ ही उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। साथ ही नशा मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे व्यक्तियों की मदद कर उन्हें व्यापक एवं बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है। इस केंद्र के माध्यम से उन्हें शैक्षणिक एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने में भी मदद की जाएगी, ताकि वे दोबारा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। इस केन्द्र में उनमें खोया आत्म विश्वास पुनः जागृत करने और जीवन में उन्नति के लिए उचित सलाह के साथ ही उपचार उपरान्त उनकी समुचित निगरानी भी की जाएगी। उन्हें परिवार एवं समाज से दृढ़ नैतिक एवं अन्य सहयोग उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि वे समग्र रूप से सामान्य जीवन में लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए दीर्घावधि के लिए योजना बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रस्तावित नीति के प्रथम चरण में नशा मुक्ति के लिए पुलिस व स्वास्थ्य विभाग तथा सलाहकार बोर्ड की मदद ली जाएगी, द्वितीय चरण में इनके पुनर्वास के लिए स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल, शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और बागवानी विभाग के समन्वय से कार्य किया जाएगा। तृतीय चरण में समाज में इनके पुनः संयोजन के लिए शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सहकारी बैंकों एवं समितियों का सहयोग लिया जाएगा। चौथे चरण में निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने प्रस्तावित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
आज नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल प्रियंका गांधी से शिमला में मिला l संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी क्रमिक अनशन के दौरान सोलन में आई थी और उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली की गारंटी कर्मचारियों को दी थी, जिसके बाद उन्होंने जनसभा में भी अपने संबोधन में कर्मचारियों को हिमाचल प्रदेश की पहली कैबिनेट की बैठक में पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया थाl उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रियंका गांधी का धन्यवाद किया गया । पुरानी पेंशन बहाली को पहली गारंटी के रूप में रखने के लिए प्रियंका गांधी ने कर्मचारियों से जो वादा किया था उसे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने पहली कैबिनेट की बैठक में पूरा किया। आज कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल हुई है, जिसके लिए कर्मचारी सदैव उनके ऋणी रहेंगे । इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोकसभा सांसद एवं कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व अन्य नेताओं का भी धन्यवाद किया गया । इस मौके पर संगठन महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ, जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मिन्हास, जिला चंबा अध्यक्ष सुनील जरियाल, जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, जिला शिमला के अध्यक्ष कुशाल शर्मा, जिला हमीरपुर अध्यक्ष राकेश कुमार, उपाध्यक्ष सफी मोहम्मद, राज्य उपाध्यक्ष उत्तमचंद, जिला चंबा महासचिव विजय, जिला कांगड़ा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष, राज्य मुख्य प्रवक्ता अनिरुद्ध गुलेरिया, राज्य अतिरिक्त महासचिव अंकुर शर्मा, राज्य उपाध्यक्ष अजय राणा, अमर, जयकिशन, राजूराम शर्मा, रामलाल सूर्या, उमेश राणा इत्यादि कर्मचारी उपस्थित रहे ।


















































