वर्तमान में ऐसी अफवाहें फ़ैल रही है की जो प्रवासी व बाहरी लोग या मजदूर अर्की क्षेत्र में रह रहे हैं उन्हें घरों तक छोड़ने के लिए बसे जा रही है। जबकि अभी तक प्रशासन या सरकार द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है तथा जो बाहरी मजदूर या प्रवासी लोग जहां वर्तमान में रह रहा है उसे वहीं रहने के लिए आदेश दिए गए हैं तथा कर्फ्यू के मध्य नजर राशन इत्यादि खरीद करने के सिवाय किसी को भी कहीं अन्य जाने की अनुमति नहीं है l एसडीएम विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी भी प्रवासी को किसी भी तरह की समस्या पेश आ रही है तो उन्हें प्रशासन की तरफ से अर्की व कुनिहार में क्वांरटाईन की व्यवस्था किया जाएगा। इसलिए उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह है किया है कि वे अपनी-अपनी पंचायतों में रह रहे ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों तक यह सूचना अवश्य पहुंचाएं कि बाहरी लोग या प्रवासी मजदूर अपने अपने ठिकानों पर ही रहे तथा किसी के बहकावे या अफवाह में ना आए। उन्हें यह भी भरोसा दिलाएं की प्रशासन व सरकार द्वारा उनकी हर संभव मदद की जाएगीl कोरोना महामारी के कारण ऐसे प्रवासी मजदूरों वह बाहरी लोगों का हिमाचल से बाहर अपने घरों राज्यों को जाना उनके तथा उनके परिवार व आस पड़ोस के लिए खतरनाक हो सकता है l हिमाचल प्रदेश में करोना वायरस का प्रकोप ना हो इसके लिए सरकार ने प्रभावी इंतजाम कर रखे हैं इसीलिए हिमाचल प्रदेश अभी तक सुरक्षित रह पाया है। अर्की थाना क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूर या बाहरी लोग अपने-अपने घरों मे ही रहे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला प्रशासन शहर और आस पास के गांव में जंहा से बाजार 3 से 10 किलोमीटर की दूरी में है उन लोगों को बाजार तक गाड़ियां लाने की अनुमति दे। देखने मे ऐसा आ रहा है कि शहर और गांव के लोग जिनको बाजार थोड़ा दूर पड़ रहा है वो लोग बिना गाड़ी के समान घर तक ले जाने में असमर्थ है और इस वजह से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बिलासपुर की जनता का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि बिलासपुर की जनता सरकार और प्रशासन के आदेशों का पालन करते हुए प्रदेश में कर्फ्यू को सफल बनाने में पूरा सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की भी तारीफ करते हुए कहा कि प्रशासन जितना हो रहा है आम जनता की मदद कर रहा है। पुलिस के लोग जिस तरह से बाहरी राज्यों के लोगों को मुसीबत से निकालने के लिए खाने और रहने की व्यवस्था कर रहा है वह सच मे सराहनीय है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि शहर में ओर गांव के बाजारों के आस पास पार्किंग की व्यवस्था की जाए जंहा लोग गाड़िया खड़ी कर सकें और रोजमर्रा की वस्तुएं बाजार से खरीद सकें साथ मे उन्होंने कहा कि प्रशासन यह भी सुनिश्चित करे कि एक गाड़ी में 2 से ज्यादा लोग न हो। अगर संख्या ज्यादा हो तो उनके ऊपर कारवाही करने से प्रशासन पीछे न हटे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आम जनता की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन आम जनता को रियायत देगा और लोगों को उचित सुविधा मिल पाएगी।
दाड़लाघाट में आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर मुनाफे से अधिक वसूली को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। नायब तहसीलदार ने दाड़लाघाट बाजार का निरीक्षण कर दुकानदारों से रेट लिस्ट चस्पा करने को कहा है। रविवार को नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा और ऑफिस कानूनगो रविदत्त के नेतृत्व में दाड़लाघाट की कई दुकानों का निरीक्षण किया गया। नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा ने बताया कि संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस के दौरान कफ्यू में कानून व्यवस्था सुचारू रूप से है तथा कहीं से भी राशन व सब्जी विक्रेताओं से अधिक वसूली का मामला सामने नही आया है। उन्होंने बताया कि उप तहसील दाड़लाघाट के तहत स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़लाघाट के भवन में 5 कमरे आरक्षित कर कफर्यू के दौरान जरूरत मंद प्रवासियों के ठहराव व खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय समाजिक संस्थाओं की सहायता से शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी मामला सामने नही आया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है।राज्यपाल ने कहा कि इस वैश्विक महामारी से निपटने और बचाव कार्यों के लिए सरकारें अपने स्तर पर बेहतरीन कार्य कर रही हैं। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को हर संभव राहत प्रदान की जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हर स्थिति की दक्षता से निगरानी की जा रही है तथा हर स्तर पर बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के लोगों से सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पूर्णत पालन करने का आह्वान किया।राज्यपाल ने आज राजभवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने उन्हें सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत करवाया।
कोरोनो वायरस के चलते कर्फ्यू के कारण कुनिहार क्षेत्र में कोई व्यक्ति भूखा न रहे इसका बीड़ा शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार व शम्भू परिवार के सदस्यों ने उठा लिया है। गुफा समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर, सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर, राज झाँझी, चमन लाल मल्होत्रा सहित अन्य सदस्यों ने सोशल डिस्टेंस रखते हुए दूरभाष पर सहमति बनाते हुए निर्णय लिया कि कोरोना वायरस की वजह से लगे कर्फ्यू के कारण कुनिहार जनपद या बाहर से यंहा रुका हुआ कोई गरीब मजदूर भूखा नही रहना चाहिए। समिति व शम्भू परिवार के सदस्य ऐसे लोगों तक पहुंचकर प्रसासन के सहयोग से अपनी ओर से राशन की किट बाँटगी। समिति व शम्भू परिवार ने क्षेत्र वासियों से अपील की है ऐसे कोई लोग उनके आसपास हो तो जरूर समिति से सम्पर्क करें। साथ ही अगर कोई व्यक्ति इस मुहिम में अपना सहयोग करना चाहता हो तो समिति के प्रधान, सचिव व कोषाध्यक्ष से 98053 50519, 94180 48772 व 98162 71806 नम्बरो पर सम्पर्क कर सकते हैं।
समय समय पर सरकार के खेबनहार बने नूरपुर के विधायक राकेश पठानियाँ कोरोना से लड़ने के लिए इस बार गरीवों मजलूमों के मसीहा बनकर सामने आए है। गत दिन जसूर में प्रवासी मजदूरों को राशन बांटकर और अब वह कोरोना से वचने के लिए सेनेटाइजर उपलव्ध करवाने में जुट गए है। नूरपुर में 20 हजार सेनेटाइजर की पहली खेप लाकर राकेश पठानियाँ ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई का विगुल फूंक दिया है। पुलिस प्रशासन की देखरेख में ये सेनेटाइजर लोगों में वितरित किये जायेंगे। विधायक राकेश पठानिया एसडीएम व डीएसपी को सेनेटाइजर की पेटियां सौंपते हुए निर्देश दिए है कि ये जरूरत मन्दों तक शीघ्र पहुंच जाने चाहिए। उन्होंने लोगों को शोशल डिस्टेंस बनाये रखने व कर्फ्यू का पालन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने लोगो को यह भी आश्वसन दिया कि नूरपुर में कोई भूखा नही रहेगा और उन्हें कम से कम असुविधा होगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि किसानों और बागवानों को पौध संरक्षण सामग्री जैसे स्प्रे तेल, फफूंदनाशक और उर्वरक आदि प्रदान करने के लिए प्रदेश में 300 पौध संरक्षण केंद्र खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि किसानों की सुविधा के लिए पौध संरक्षण सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानें खुली रहेंगी। इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए भी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी राज्यों से मधुमक्खी बक्सों के परिवहन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सेब और सब्जियों के लिए किसानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाए जाएंगे। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बागवानों की सुविधा के लिए उर्वरकों और स्प्रे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सेब बागीचों के लिए इन दिनों उर्वरकों की आवश्यकता है, इसलिए ऊपरी शिमला के लिए इन सामग्रियांे की आपूर्ति करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबन्धित न की जाए। उन्होंने कहा कि एंटी हेलगन में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की आपूर्ति करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार एवं आरडी धीमान, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, प्रधान सचिव जेसी शर्मा और सचिव देवेश कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा राजीव बिंदल के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम राज्य के भाजपा नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रत्येक कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित बनाने के लिए कहा कि कोरोना वायरस के कारण कर्फ्यू के दौरान राज्य में कोई भी व्यक्ति भोजन और आश्रय के बिना न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में फंसे औद्योगिक श्रमिकों और विभिन्न परियोजना स्थलों में निर्माण श्रमिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि सेब और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को विशेषतौर पर अन्य राज्यों से आए लोगों की पहचान में सहयोग करना चाहिए ताकि उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि लोगों को दैनिक जरूरतों की चीजें प्राप्त करने के लिए अपने घरों से बाहर न आन पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं की डलीवरी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों को फंसे हुए लोगों को गेहूं, चावल, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित आपदा राहत किट वितरित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने लोगों को इन वस्तुओं को वितरित करते समय सामाजिक दूरी बनाए रखने का आग्रह भी किया। इस अवसर पर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा भी उपस्थित थे।
कोरोना के कहर से बचने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश अनुसार लाॅकडाउन हुई जनता तथा हिमाचल में कर्फ्यू के दौरान सड़कों के जरिए पैदल ही अपने घरों को निकले लोगों की मदद के लिए हालांकि कई हाथ उठ रहे हैं लेकिन इन सबसे अलग बामटा पंचायत का एक युवक सिद्धार्थ ग्रेवाल मन्नू स्वेच्छा से लोगों की मदद में मैदान में डट गया है। ऐसे वक्त में जब युवा वर्ग को घर में घुटन महसूस हो रही है, तथा मोबाईल और टीवी तक सीमित होकर रह गए है, वहीं यह युवा अपने इस सेवाभाव से लोगों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन रहा है। पीजी कालेज का यह छात्र मन्नू कर्फ्यू में ढील से पूर्व अपनी मां और बहनों से खाना बनाने के लिए कहता है और समय खुलने पर अपनी स्कूटी से खाना व चाय आदि उठाकर नेशनल हाईवे की ओर निकल पड़ता है, रास्ते में पैदल अपने घरों की ओर मीलों का सफर तय कर रहे लोगों को वह चपाती, सब्जी और चाय बांट रहा है। यही नही शहर में पहुंचने पर वह सड़कों पर मुस्तैदी से डयूटी दे रहे पुलिस व गृह रक्षकों को चाय पिला रहा है सिद्धाथ ग्रेवाल मन्नू ने बताया कि इस काम को करने से उसे बहुत आनंद आ रहा है। ऐसी अनुभूति किसी भी कार्य में नहीं होती है। उन्होंने बताया कि वक्त के मारे लोग अपने घरों की ओर तो पैदल ही निकल पड़े हैं, किंतु रास्ते में उन्हें काफी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है। मन्नू ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि वे ऐसे मजबूर लोगों की मदद के आगे आएं क्योंकि ये वक्त है किसी पर भी आ सकता है।
कोरोना वायरस के चलते देश व प्रदेश में लगे 22 मार्च के कर्फ्यू के बाद लोगों की जिंदगी मानो ठहर सी गई है। जो जहां है उसी स्थिति में मजबूर होकर कहो, या प्रशाशन या पुलिस की मार से बचना कहो या फिर कोरोना का ख़ौफ़ कहो, जहां का तहां दुबका पड़ा है। बस लोगों को तो आदेश आ गया कि जो जहां है, वही रहे, परन्तु क्या प्रशासन इनकी बुनियादी या रोजमर्रा की वस्तुएं उपलब्ध करवा रहा है। ऐसा अभी कुछ खास देखने को नहीं मिल रहा है, जो लोग 1500 किलोमीटर दूर से यहां कमाने आए थे खासकर ट्रक ड्राइवर उनका हाल देखकर तो लग रहा है कि उनकी स्थिति सबसे दयनीय है बात हो रही है। अर्की के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र दाड़लाघाट की अम्बुजा सीमेंट कम्पनी में ट्रक यार्ड में लगे ट्रक में फंसे कई चालक अपनी व्यथा सुनाते हुए दीखे। ये दाड़लाघाट में स्थित उप तहसील में नायब तहसीलदार के पास अपनी व्यथा लेकर गए थे ताकि इन्हें घर जाने का पास मिल जाए परन्तु यहां का प्रशाशन भी ऊपरी आदेश के चलते पास देने हेतु मुकर गया। चालकों का कहना है कि क्षेत्र में होटल, ढाबे बन्द होने से उनको भोजन की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। उन्हें लग रहा है कि कोरोना वायरस से पहले तो वे भूख से मर जाएंगे क्योंकि गाड़ी में ये स्टोव या गैस चला नही सकते अगर कहीं से रोटी का जुगाड़ हो भी जाता है तो पानी की समस्या व शौच व स्नान की समस्या फिर सामने आकर मुंह बया करके खड़ी हो जाती है। यहां ट्रक यार्ड में इतनी फेसिलिटी नहीं है कि हम यहां किसी भी एक समस्या से छुटकारा पा सके। गौर रहे कि ट्रक यार्ड में सिर्फ ट्रक खड़े करने लायक ही जगह है, जहां पर चालको को सिर्फ आराम करने तक मात्र एक कमरा है जिसमे भी भारी गन्दगी का आलम है। वहीं पास होटल, ढाबे भी बन्द है व चालकों के पास इतना धन भी नहीं है कि वे अपना गुजारा कर सके। हालांकि वो सब तहसील में नायब तहसीलदार के पास भी अपना दुखड़ा लेकर गए थे, परन्तु वहां से भी उन्हें कोई उचित हल मिलता नही दिखा। चालकों ने आग्रह भी किया कि बेशक उन्हें कर्फ्यु पास भी न दिया जाए परन्तु रहने के लिये एक छत व खाना खाने के लिये 2 निवाले ही दे दिए जाएं, ताकि वो इस कठिन घड़ी में अपनी जिंदगी की जदोजहद में भरपेट तो सो सके। जब इस बारे सब तहसील दाड़लाघाट के नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राशन, सब्जी, दवाइयों की सप्लाई के लिए पास दिया जा रहा है, परन्तु कुछ चालकों को भी पास दे दिया गया है। परन्तु जितने भी ट्रक ऑपरेटर्स के चालक हैं उनके लिए यहाँ खाने का इंतजाम हो जायेगा, बाकी ऊपर से आए आदेश के अनुरूप ही हम कार्य कर रहे हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरा देश लॉक डाउन है। पंजाब सरकार व अन्य प्रदेश की सरकारों ने लोड गाड़ियों के लिए उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए राहत प्रदान की है। जो गाड़ियां रास्ते में रुकी हुई थी और जरूरी वस्तुओं वाली गाड़ियों को प्रतिदिन चलने के आदेश दिए हैं। वहीं गैर जरूरी सामान वाली गाड़ियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए और खाली करवाने के लिए वन टाइम राहत प्रदान भी की है। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दाड़लाघाट के सभी ट्रक ऑपरेटर्स ने अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश में भी लाॅकडाउन होने वाले दिन 22 मार्च से लेकर अभी तक लोड गाड़ियां रास्ते में ही खड़ी हैं। जिस कारण ट्रक चालक रास्ते में भूख के मारे परेशान है। इन लोड गाड़ियों में अंबुजा, अल्ट्राटेक, एसीसी की सीमेंट और क्लिंकर की गाड़ियां शामिल हैं। लोड गाड़ी होने के कारण ट्रकों के टायरों ओर कल पुर्जो को नुकसान हो रहा है और चालक लोड गाड़ी छोड़कर कहीं जा भी नहीं सकते हैं। एडीकेएम सोसाइटी दाड़लाघाट के प्रधान बालकराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोड गाड़ियों को उनके गन्तव्य स्थान तक कर्फ्यू पास जारी करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें। वही सभा प्रधान एडीकेएम बालकराम राम शर्मा ने अंबुजा सीमेंट प्रबंधक से भी आग्रह किया कि भाड़े की राशि जो कंपनी के पास जमा है उसे तुरंत सभा के खाते में जमा करवाया जाए।
प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार एवं जिला पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा से मांग की है कि जो भी बाहरी राज्यों के लोग हमारे प्रदेश में रोजगार के लिए आए है उनके खाने और रहने की उचित व्यवस्था की जाए क्योंकि इस महामारी में इनकी देख रेख की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है, पर देखने मे ऐसा आ रहा है कि प्रशासन उनकी देखरेख करने के अपितु उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। आशीष ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वो अपनी टीम को आदेश जारी करें कि स्थानीय एवम बाहरी राज्यों से आए लोगों के साथ क्रूरता न दिखाकर प्यार से पेश आए। उन्होंने बताया कि शनिवार को बरमाणा में ऐसा मामला देखने मे आया कि कुछ बाहरी राज्यों के लोग प्रदेश सरकार की ढीली व्यवस्था और भुखमरी के चलते यंहा से पलायन करने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन को चाहिए था कि उन्हें वंही रोककर उनके लिए उचित व्यवस्था करते पर इसके विपरीत उन लोगों को सड़क किनारे मुर्गा बनाया गया और मारपीट की गई। इससे भी बड़े दुर्भाग्य की बात है कि उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया,इस तरह से अन्य राज्यों में प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। आशीष ठाकुर ने पूछा है कि अगर अन्य राज्यों की पुलिस भी हमारे राज्य के लोगों के साथ इस तरह का बर्बतापूर्ण व्यवहार करेगी तो क्या यह सही है? आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली के ऊपर पूरा विश्वास है कि वो निकट भविष्य में इस तरह की स्थिति जिला बिलासपुर में उतपन्न नही होने देंगे और अपनी टीम को जनता के साथ अच्छे व्यवहार के लिए आदेश जारी करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ प्रकाश दरोच ने बताया कि पूरे प्रदेश की तरह बिलासपुर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग, एहतियात बरतते हुए कोविड-19 से बचाव हेतु पूरे सुरक्षा कदम उठा रहा है और मरीजों को जल्द उपचार व अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं देने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि जिला के अस्पतालों में सर्दी जुखाम के मरीजों को सर्वप्रथम उपचार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। ऐसे मरीजों को अन्य मरीजों की अपेक्षा पहले जांच करवाने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी के तहत काम किया जा रहा है। भारत में भी इस वायरस के मामले बढ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अन्य प्रभावित देशों से भारत आने वाले सभी पर्यटकों तथा भारत के नागरिकों की काउंसलिंग की जा रही है तथा उन्हें 14 दिन के लिए निगरानी में रखा जा रहा है। उन्होंने सभी बिलासपुर वासियों से अनुरोध किया कि वैसे ही अपना सहयोग निरंतर जारी रखें और स्वास्थ्य विभाग के सम्पर्क में रहें, घवराएं नहीं, सावधानी बरतें। सरकार व विभाग आपकी सेवा में रात दिन तत्पर है। इसके अलावा जिन लोगों में बुखार, खांसी व सांस लेने में दिकत है उन्हें सावधानी के तौर पर अस्पताल की आइसोलेशन फैसिलिटी में रखा जा रहा है तथा उनका लगातार निदान व उपचार प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। कोरोना वायरस के संबंध में कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता है। सावधानी के तौर पर सर्दी जुखाम से ग्रसित व्यक्क्तियों से अपने बचाव के लिए खांसते व छिंकती बार मुंह को रुमाल या टिशू तथा बाजू मोडकर भी मुंह को ढक सकते है प्रयाप्त दूरी रखें, हाथ न मिलाएं, मुंह और नाक स्पर्श करने के पहले व बाद साबुन से हाथ बार-बार लगभग 20 सैकिंड तक अच्छी तरह धोएं, इधर-उधर न थूकें, भीड-भाड बाली जगहों में जाने से बचें तथा मांस व अण्डों को खाने से पहले अच्छी तरह से पकाएं। अभि वादन के लिए हाथ न मिलाएं और न ही गले मिलें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर जिले में जो लोग प्रभावित देशों व अन्य राज्यों से आए हैं वे अपनी सूचना प्रशासन व नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में दें तथा वे अपने घर पर ही अन्य स्दस्यों से दूरी बनाकर कम से कम 14 दिन तक सावधानी बरतें, परिवार के अन्य स्दस्य भी उन्से दूरी बनाकर रखें, अतिआवश्यक होने पर घर से बाहर निकलें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड ना करें, सरकार के आदेशों का हमेशा पालन करें। सरकार ने पूरे देश व प्रदेश में तालाबंदी/कर्फयू भी लगाया हुआ है, आवश्यक सेवाओं को छोडकर, उन्होंने बिलासपुर की जनता से निवेदन किया है हर तरह से प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सभी बातों का कडाई से पालन करें ताकि कोविड-19 के नियंत्रण में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके वचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरुक करने के लिए जिला के महत्वपूर्ण स्थानों पर हौरडिंग, बोर्ड स्थापित किए गए हैं। प्रैस, रेडियो एस एम एस, जिंगल, हैंडविल, पम्फलैटस इत्यादि के द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है। आशा वर्कर, आगनवाडी कार्यकर्ता, हैलफर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरुक कर रहें हैं तथा कोरोना वाइरस के लिए घर-घर सर्वे भी कर रहे। पंचायत प्रतिनिधियों को भी लोगों को अपने स्तर पर जागरुक करने का निवेदन किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर ने बिलासपुर की जनता से अनुरोध किया है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग के लोगों पर भरोसा कायम रखें तथा घर से बाहर बहुत ही जरुरी होने पर निकलें एतिहात बरतें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड न करें। इस संदर्भ में बिभाग सभी से सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि जिला में इसके प्रसार को रोकने में मदद मिले। आपका सहयोग ही इस बिमारी से छुटकारा दिला सकता है। स्वास्थ्य विभाग भी अब अपने स्तर पर पूरे जिला में जागरुता फैलाने के उदेश्य से माईकिंग कर रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत उत्पन्न परिस्थितियों में सोलन जिला में किसी भी ज़रूरतमन्द व्यक्ति को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में ऐसे ज़रूरतमन्द व्यक्तियोें को चिन्हित कर लिया गया है तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय स्तर ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि परवाणु में परवाणु उद्योग संघ के सहयोग से ऐसे व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था की गई है। इसमें स्थानीय निवासी भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जिला में किसानों की उपज को मण्डियों तक लाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इस सम्बन्ध में व्यवस्था बना दी गई है और किसानों की उपज अब मडियों तक सुगमता से पंहुच रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारे की भी उचित व्यवस्था बनाई गई है और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस व्यवस्था को सुचारू रखें। डाॅ. सैजल ने निर्देश दिए कि जिला में दूध, दही, दवाओं एवं सब्जियों तथा फल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और राज्य के बाहर से जिला में आने वाली ऐसी सभी प्रकार की आपूर्ति में व्यवधान न आए। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कफ्र्यू के दौरान लोगों को परेशानी न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनहित में लिए जा रहे निर्णयों से समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीब परिवारों को अगले तीन महीने तक अतिरिक्त 05 किलो चावल या 05 किलो गेहूं एवं दाल उपलब्ध करवाने तथा महिलाओं के जनधन खातों में अगले 03 माह तक 500 रुपय प्रति माह उवलब्ध करवाने के निर्णय से जरूरतमन्द व्यक्तियोें को सही मायनों में सम्बल मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में अप्रैल तथा मई का राशन एकमुश्त अप्रैल माह में उपलब्ध करवाने के निर्णय के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के पास जरूरी सामान का पर्याप्त भंडारण है तथा हर रोज इसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से बिलासपुर शहर, घुमारवीं व झंडूत्ता में स्थानीय दुकानदारों व व्यापार मंडल के सहयोग जरूरी सामान की होम डिलीवरी शुरू करने की तैयारी कर ली गई। इसके साथ-साथ दवा विक्रेता संघ से मिलकर दवाईयां भी पहुंचाई जाएगी। उपायुक्त बोले कि बिलासपुर में लाकडाउन एवं कर्फ्यू के कारण आमजन कोई परेशानी न हो। इसके जिला प्रशासन की ओर से तमाम प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर की सीमावर्ती जिलों अथवा राज्यों से आने वालों को स्वारघाट में ठहराने व खाने पीने की व्यवस्था की जा रही है तथा यह प्रयास भी किया जा रहा है कि वहां पर मेडिकल परीक्षण कर ही उन्हें आगे भेजा जाए व उनका पलायन न हो पाए। इसके अलावा जिले के विभिन्न भागों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के कामगारों को भी मुफ्त राशन देने का प्रबंध किया जा रहा है। इसी के चलते शाहतलाई में मंदिर न्यास के माध्यम से 645 लोगों को निशुल्क राशन वितरित किया गया है। उन्होंने करोना वायरस के मामलों की जानकारी देते हुए कहा कि बिलासपुर जिले में अभी तक करोना संक्रमित व्यक्तियों के चार मामले सामने आए थे। उन सबकी रिपोर्टस नेगेटिव है। जिले में अभी 130 ऐसे लोग है जो विदेशों से लौटे हैं। इनमें 128 होम क्वारनटाईम हैं। इनमें से 13 लोग होम क्वारनटाईम का 28 दिन का पीरियड पूरा कर चुके हैं। उन्होंने लाकडाउन व कर्फ्यू में सहयोग देने के लिए लोगों का आभार जताया तथा कहा कि लोग पैनिक न हो। उन्होंने लोगों से कोरोना वायरस के बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस को अपनाने का आग्रह किया। पत्रकार वार्ता में एसपी दिवाकर शर्मा भी उपस्तिथ रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने आज एक वीडियो काफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा के संसदीय क्षेत्र के प्रभारियों के साथ संवाद के दौरान कोरोना महामारी के दौरान कफर्यू और लॉकडाउन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा में भाग लिया। वीडियो कांफ्रेसिंग में जहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान सरकारी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की ब्रीफिंग की, वहीं भाजपा अध्यक्ष और पदाधिकारियों द्वारा संगठन की ओर से किए जाने वाले सेवा कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। डा. बिन्दल ने जयराम ठाकुर सरकार व प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते कोविड-19 कोरोना के पोजिटिव केस ठीक होने की सूचना उत्साहवर्धक है उसकी बधाई भी दी व भाजपा संगठन के दिशा निर्देशों पर कार्य करने के लिए कमर कसे हुए हैं, ऐसा विश्वास दिया। डा. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को संवाद के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नडडा के आहवान पर हिमाचल के 7793 बूथों पर चिन्हित अभावग्रस्त लोगों को ‘आपदा राशन किट’ के माध्यम से 15 दिनों का राशन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जिला प्रभारी द्वारा अपने अपने जिला से दानदाताओं और अभावग्रस्त व्यक्तियों की सूची प्राप्त कर संसदीय क्षेत्र के प्रभारियों को सौंपा जा रहा है और शीघ्र ही इस कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भोजना के अभाव में भूखा न सोए, संगठन इस संकल्प को लेकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. बिन्दल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान आमजन को पेश आ रही समस्याओं से विस्तृत रूप से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं बेहतरीन हैं और जिन क्षेत्रों में कुछ समस्याएं हैं उन्हें जिला प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर संगठन के पदाधिकारी निपटाने का प्रयास कर रहे हैं। डा. बिंदल ने आम जन की समस्याओं के साथ, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को आ रही परेशानियों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके अलावा राशन, सब्जियां, दूध, डिपो में राशन की सप्लाई को भविष्य में भी अबाधित बनाए रखने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आदेश देने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्राबेरी जैसे किसान के उत्पाद के लिए भी व्यवस्था करने का आग्रह किया।
देश और दुनिया में फ़ैल रही कोरोना महामारी से मचे कोहराम के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए राहत को खबर आई है। काँगड़ा जिले के टांडा अस्पताल में कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ अब ठीक हो गया है। उसकी लेटेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बता दें की टांडा अस्पताल में 2 कोरोना मरीज़ो का इलाज चल रहा है। 21 मार्च को इन दोनों की रिपोर्ट्स पॉजिटिव आई थी जिन में से अब 32 वर्षीया युवक ठीक हो गया है। वहीं दूसरे मरीज़ का इलाज चल रहा है। इसके साथ ही 4 नए मामलो की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जिस से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अभी तक हिमाचल में कोरोना से 1 मौत हो चुकी है। कोरोना के इस मरीज़ का पहला सैंपल 19 मार्च को लिया गया था, जिसकी जांच टांडा अस्पताल में हुई थी, व रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। जिसके बाद इस मरीज़ का सैंपल पुने जाँच को भेजा गया और वह कोरोना पॉजिटिव था। सात दिन बाद टांडा में दुबारा जाँच करने पर इस मरीज़ का सैंपल नेगेटिव आया है। अब इसका सैंपल पुने भेजा जाएगा। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी स्वस्थ विभाग ने युवक को आइसोलेशन में रखा है।
हिमाचल प्रदेश दूध प्रसंघ ने प्रदेश के किसानों से दूध खरीद मूल्य में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ौतरी का निर्णय लिया है। पहली अप्रैल 2020 से मिल्कफैड किसानों को चार प्रतिशत फैट और 85 प्रतिशत एसएनएफ वाले प्रति लीटर दूध के 27 रुपये 80 पैसे देगा देगा जो वर्तमान में 25 रुपये 80 पैसे प्रति लीटर है ।हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंग के अध्यक्ष निहाल चन्द शर्मा ने आज यहां बताया कि इससे प्रदेश के लगभग 45 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह वृद्धि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा पेश किए गए बजट में घोषणा के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मिल्कफेड ने दुग्ध सहकारी सभाओं के सोसायटी कमीशन में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़ौतरी की है। वर्तमान में मिल्कफेड द्वारा सहकारी सभाओं को 4.5 प्रतिशत सोसायटी कमीशन के रूप में दिया जा रहा है, जो 0.5 प्रतिशत बढ़ाने के उपरान्त 5.0 प्रतिशत हो जाएगा और इसे 1 अप्रैल, 2020 से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से 950 से अधिक दुग्ध सहकारी सभाओं को लाभ मिलेगा और इन सभाओं को अपना खर्च चलाने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन कफ्र्यू के दौरान जो किसान पहले अन्य दुकानदारों, विक्रेताओं को अपना दूध बेचते थे और लाॅकडाउन के चलते दूध नहीं दे पा रहे है, मिल्कफेड उनका दूध भी खरीदेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपना दूध क्षेत्र में मिल्कफेड द्वारा लगाए वाहनों को या स्वयं मिल्कफेड के प्लांट/चिलिंग केन्द्रों में दे सकते है।
दुनिया में फ़ैल रही महामारी के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई जिस से आपका इन्सानियत पर यकीन दुबारा बन जाएगा। पंजाब व हिमाचल में लगे कर्फ्यू के चलते कई अस्पतालों में रक्त की कमी सामने आई है। इसी बीच नूरपुर व ज्वाली के 5 मरीजों को रक्त की सख्त जरूरत थी। मरीज़ो के परिजन खासा परेशान थे, एक माँ तो फ़ोन पर बिलख बिलख कर रो रही थी। पठानकोट ब्लड बैंक ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। उन्होंने नूरपुर ब्लड डोनर क्लब के अध्यक्ष राजीव पठानियाँ से सम्पर्क किया। समाज सेवा के जज्बे से ओतप्रोत राजीव पठानियाँ को फिर चैन कहाँ था। उन्होंने अपने रक्तवीरों से बात की, नूरपुर एस डी एम सुरिंदर ठाकुर से परमिशन ली व अपने 15 साथियों सहित निकले पड़े पीड़ित परिवारों के लिए फरिश्ता बन कर। कर्फ्यू में समस्याएं बहुत थी लेकिन किसी तरह वे सिविल अस्पताल पठानकोट पहुँच गए। उन्होंने 15 यूनिट रक्तदान किया। पीड़ित परिवारों ने इन फरिश्तों को ढेरों आशीष दिए व अस्पताल प्रशासन ने आभार प्रकट किया।
बिलासपुर के एसपी दिवाकर शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्होंने बिलासपुर के लोगों जैसा डिसिप्लिन इससे पहले कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बिलासपुर के लोग बधाई के पात्र हैं। शुक्रवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर कर्फ्यू के दौरान अपनी टीम द्वारा किए जा रहे फ्लैग मार्च के दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान पुलिस की टीम ने बिलासपुर के लोगों द्वारा किए जा रहे सहयोग के लिए तालियां बजाकर भी उनका स्वागत किया। एसपी ने बताया कि उन्हें जो सूचना मिल रही है। उसके अनुसार बिलासपुर में स्थिति काफी बेहतर है और लोग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 28 मार्च से कर्फ्यू में ढील 3 घंटे की दी जाएगी जो सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक रहेगी। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से ना निकले तो ही बेहतर होगा तथा अगर आवश्यक सामान लाने की जरूरत पड़ती है तो एक घर से एक ही व्यक्ति बाहर निकले। बिलासपुर के लोग तथा छात्र जो बाहरी राज्यों में रह रहे हैं उनके बारे में एसपी का कहना था कि वह स्थिति के सामान्य होने तक वही रहे। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जिन लोगों को किसी भी प्रकार की कोई जरूरत पड़ रही है। प्रशासन की ओर से व्यापक सहायता की जा रही है। उन्होंने किसी भी गड़बड़ी के लिए पुलिस को सूचना देने की भी अपील की है।
उपायुक्त एवं जिला दण्ड़ाधिकारी बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने बताया कि बिलासपुर जिला में आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्फ्यू में ढ़ील के समय में बदलाव किया गया है। पहले यह ढील 6 घंटे के लिए दी गई थी जिसे अब 3 घंटे करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव के दृष्टिगत मिले निर्देशों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 28 मार्च से आगामी आदेशों तक प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रतिदिन रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए दुकाने खुली रहेंगी। उन्होंने कहा की इस तीन घंटे की ढील के दौरान आमजन बाजार से अपनी दिनचर्या का सामान जैसे दूधए राशनए फलए सब्जी तथा दवाईयां इत्यादि की खरीदारी कर सकते है। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आवश्यकता अनुसार ही सामान खरीदे तथा व्यर्थ में सामान का भण्डारण न करे। इसके अलावा एक परिवार से केवल एक सदस्य ही खरीदारी करने बाहर निकले और वो भी बिना वाहन के और सोशल डिस्टैंसिंग का विशेष ध्यान रखे तथा आपस में एक मीटर से अधिक की दूरी बनाऐ रखना सुनिश्चित करें ताकि इस महामारी के संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग खरीदारी के लिए बहार न निकलें। उन्होने बताया कि यह ढील केवल रोजमर्रा की जरुरी वस्तुएं खरीदने के लिए दी जा रही है इसलिए लोग खरीदारी पूरी होते ही तुरंत अपने घरों में वापिस चले जाएं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति इधर.उधर न घूमे व किसी भी स्थान पर एक समय में चार से ज्यादा व्यक्ति इक्ठठे न हो। अगर कोई व्यक्ति सोशल डिस्टैंसिंग की पालना करते हुए नहीं पाया जाता है तो उसके विरूद्व कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि जिला प्रशासन कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभाव की रोकथाम के साथ-साथ लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है और सभी को इसमें सहयोग करना होगा। जिलाधीश ने कहा कि आंगनबाड़ी के बच्चों को एक महीने का एडवांस राशन प्रदान किया जाएगा। इसके लिए डीपीओ आईसीडीएस सतनाम सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विशेष व्यक्तियों व विशेष स्कूलों के बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिला कल्याण अधिकारी सुरेश शर्मा को अधिकृत किया गया है। वह राशन से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में मदद करेंगे। पेमेंट के आधार पर भी होगी दवा व राशन की सप्लाई डीसी ने कहा कि बुजुर्गों व अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को भी भुगतान की सुविधा के आधार पर दवा व राशन की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए ईजी डे व विशाल मेगा मार्ट के साथ संपर्क किया गया है। आवश्यक सेवाओं के लिए जारी होंगे पास उपायुक्त ने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे कि राशन, रसोई गैस, तेल की सप्लाई करने वाली एजेंसियों को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विजय सिंह हमलाल पास जारी करेंगे। सभी कंपनियां व एजेंसियों अपने कर्मचारियों को स्वयं पहचान पत्र जारी करेंगी। सब्जी मंडियों के आढ़तियों को जारी होंगे पास संदीप कुमार ने कहा कि सब्जी मंडी में आने वाले आढ़तियों को एपीएमसी के सचिव सर्वजीत डोगरा पास जारी करेंगे। उपायुक्त ने अपील की है कि लोग अनावश्यक रूप से खरीददारी न करें। आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी लेकिन सभी का सहयोग अनिवार्य है। लोगों के लिए बैंक सुबह 7 बजे से 10 बजे तक खुलेंगे उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि बैंक आम लोगों के लिए सुबह 7 बजे से 10 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद 12 बजे तक बैंक अपना अंदरूनी कार्य करेंगे। डीसी ने कहा कि 10 बजे तक जो ग्राहक बैंक के अंदर दाखिल होंगे उन्हें बैंक मैनेजर समय अंकित कर पास जारी कर देंगे। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं उपायुक्त ने कहा कि कुछ लोग अपनी मर्जी से मलेरिया की दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न खाएं। यह घातक हो सकता है। उन्होंने इस बारे में दवा विक्रेताओं भी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। पशु चारे के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें उपायुक्त ने कहा कि पशु चारे की समस्या आ रही है और इस समस्या को दूर करने के लिए उप निदेशक पशु पालन विभाग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति के लिए बनाया हेल्प सेंटर डीसी ने कहा कि आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए एक हेल्प सेंटर बनाया गया है। जरूरतमंद व्यक्ति मदद मांगने के लिए 01975-226040, 9882528521, 7018067907 पर संपर्क किया जा सकता है। जिन व्यक्तियों को डायलिसिस या फिजियोथेरेपी की सुविधा की आवश्यकता है, वह 9418440747 पर संपर्क करें। उन्हें घर से पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान की जाएगी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी ज़िलाधीशों से विडीओ कॉनफ़्रैन्स कर कोरोना वाइरस की स्थिति का जायज़ा लिया और तय किया है कि कर्फ़्यू की अवधि में आवश्यक वस्तुओं को ख़रीदने के लिए अब रोज़ाना सिर्फ़ तीन घंटे की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को शहरी क्षेत्र/ज़िला मुख्यालयों में कर्फ़्यू की अवधि में जनता को उनके घर पर ही आवश्यक वस्तुओं को पहुँचाने के विकल्प तलाशने व उसे सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए है। प्रदेश की जनता से अपील है कि आप कर्फ़्यू को सफल बनाने में हमें अपना सहयोग दें। जबकि वीरवार को सरकार ने ये समयावधि छह घंटो की कर दी थी जो कि काफी ज्यादा थी। इस फैसले को न तो विपक्ष और न ही प्रदेश की जनता ने स्वीकार किया था जिसके बाद दोबारा इसे तीन घंटे किया गया। शुक्रवार सुबह से ही लोग जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए निकले और दूध ब्रेड सब्जी इत्यादि की खरीददारी की गई। हालांकि शुक्रवार को सब्जी दूध ब्रेड इत्यादि खरीद के लिए लोगों की भीड़ कम थी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों के तहत जारी अपने आदेशों में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधित आदेशों के अनुसार किराना, दूध, बै्रड, फल, सब्जी, मीट, मछली, अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ तथा पशु चारा एवं कीटनाशक का विक्रय कर रही दुकानें अब प्रातः 08ः00 बजे से दिन में 11.00 बजे तक खुली रहेंगी ताकि लोग इस अवधि में आवश्यक सामान क्रय कर सकेें। एपीएमसी की सोलन तथा नालागढ़ स्थित सब्जी मंडियां अब प्रातः 07.00 बजे से 11.00 बजे तक कार्य करेंगी। इस अवधि में लोग केवल अपने आवास से आवश्यक खरीददारी करने या आवश्यक सेवाओं तक एवं वापिस आवास ही आ-जा पाएंगे। एक परिवार अथवा आवास से एक ही व्यक्ति को समीम की दुकान से आवश्यक वस्तुएं क्रय करने की अनुमति होगी। वाहनों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस अवधि में सभी को ‘सोशल डिस्टैन्सिग’ प्रक्रिया का पालन करना होगा। इन आदेशों के अनुसार मदिरा विक्रय करने वाली दुकानें बन्द रहेंगी। इस सम्बन्ध में शेष शर्तें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार ही रहेंगी। यह आदेश 27 मार्च, 2020 की सांय 05.00 बजे से प्रभावी हो जाएंगे।
इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन है जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन्ही दिक्कतों को लेकर कुछ संस्थाएं व समाजसेवक अब लोगों की सहायता के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाने लगे है। उपमंडल के दाड़लाघाट पुलिस थाने में कार्यरत हेड कांस्टेबल कमला वर्मा जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट में ट्रक यार्ड में थी तो वहाँ खड़े 6 ट्रकों में जम्मू कश्मीर के ट्रक ड्राइवर कर्फ़्यू के चलते काफी परेशान थे जिसको देखते हुए कमला वर्मा ने उन्हें 10 दिन का राशन उपलब्ध करवाया है। वहीं छामला के नजदीक 16 सालों से किराये के कमरे में रह रही नेपाली मूल की महिला जिसके दो बच्चे है और पति की मृत्यु होने के बाद इसके ऊपर भी दिहाड़ी न लगने से संकटो का पहाड़ था, इस मौके पर भी हेड कांस्टेबल कमला वर्मा ने उसे खाने पीने की वस्तुएं उपलब्ध करवाई है। कमला वर्मा ने कहा कि इस मुश्किल समय में सभी लोगों को जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना चाहिए ताकि लोगों की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
प्रदेश सहित उपमंडल में हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। वीरवार रात से रुक रुक कर हो रही बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। वहीँ इस बार पशुओं के लिए हरे चारे में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। लोगों का कहना है कि मौसम ने जहाँ अपना करवट बदला है, वहीँ किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। स्थानीय लोग बाबूराम, कृष्ण चन्द, परमानंद, बालक राम, कामेश्वर शर्मा, जमना देवी, आशा, कौशल्या, सत्या, रामेश्वरी का कहना है किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई फसल गेंहू, सरसो व तारामीरा के लिए यह बारिश फायदेमंद है। वहीँ गोभी, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, आलू, मूली, शलगम सहित अन्य सब्जियों के लिए भी यह बारिश वरदान बनी है। लोगों ने कहा कि इस बार गर्मियों में पानी की किल्लत से पूरी निजात मिलेगी। गौरतलब है कि इन दिनों लोगों को हरे चारे की समस्या से जूझना पड़ता था जिसके लिए यह बारिश काफी उपयोगी मानी जा रही है।
दाड़लाघाट में प्रातः कर्फ्यू में छूट मिलते ही लोगों की भीड़ राशन की दुकानों पर एकत्रित हो गई, लेकिन कोरोना वायरस का खौफ लोगों में इतना दिखाई दे रहा था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। पुलिस ने जिन दुकानों पर अधिक भीड़ इकट्ठी होती दिखी, उन दुकानों पर 1 मीटर की दूरी पर रंगीन गोले उकेर दिए। लोगों को उन गोलों में ही खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने को कहा। लोगों ने भी प्रशासन की बात को मानते हुए बखूबी नियमों का पालन किया। लोग तब तक अपने गोले में खड़े रहे जब तक उनसे अगले वाले व्यक्ति ने गोला नहीं छोड़ा। पुलिस प्रशासन ने करयाना, सब्जी तथा दवाईयों की दुकानों पर इसी प्रकार की डिस्पेंसिंग दूरी बनाने हेतु लोगों को प्रेरित किया। इस व्यवस्था से दुकानदारों ने भी काफी राहत महसूस की। उचित दुकान की व्यवस्था देखने वाले सुरेंद्र शुक्ला ने कहा की इस व्यवस्था से सामान देने में काफी आसानी रही और ग्राहकों को जल्दी निपटाया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश में प्रतिदिन प्रातः 7ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी जाएगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को कम से कम असुविधा हो। मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लगाए गए कफ्र्यू की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां से प्रदेश के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से बात कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के लोगों से वर्तमान स्थिति के कारण घरों से बाहर ना आने का आग्रह किया और कहा कि यह कफ्र्यू लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। उन्होंने उपायुक्तों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जनता को आवश्यक वस्तुएं लेने में कोई असुविधा न हो और कफ्र्यू में छूट की अवधि के दौरान लोगों के मध्य उचित सामाजिक दूरी बनी रहे। कर्फ्यू में छूट केवल लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने की सुविधा प्रदान करने के कारण दी गई है और वे इस अवधि में बिना किसी कारण बाहर न निकलें। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 31 मार्च, 2020 तक बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश आवश्यक और आपातकाल सेवाओं से सम्बन्धित कार्यालयों के लिए मान्य नहीं होंगे। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को घर पर रहने, सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं तथा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। कर्मचारियों से अपना स्थान न छोड़ने को भी कहा गया है क्योंकि आवश्यकता के समय उन्हें किसी भी समय ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू में छूट के दौरान किसानों और बागवानों के लिए उर्वरक भी उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि उनको कृषि संबंधी गतिविधियों में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए 104 और 1077 हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। जय राम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से आग्रह किया है कि उचित सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए वे आवश्यक वस्तुएं अपने घर के नजदीक की दुकानों से ही खरीदें क्योंकि यह कोरोना वायरस संक्रमण को खत्म करने का उचित उपाय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्फ्यू में छुट के दौरान शराब के ठेके खुले रहेंगे। छूट के दौरान घर से केवल एक व्यक्ति को ही आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए बाहर आने की इजाजत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दालों की अधिक खरीद के लिए तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों से शीघ्र मामला उठाने का निर्णय लिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदेश में दालों की कमी न हो। प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि इन सेवाओं के माध्यम से समाज को कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों और प्रयासों से अवगत करवाने में बहुत सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के कर्मचारियों की आवाजाही पर नरमी बरती जाए क्योंकि उन्हें दूरसंचार टावरों की मुरम्मत और रख-रखाव आदि के लिए विभिन्न स्थानों पर जाने की आवश्यकता होती है। उन्होंने सोलन, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के उपायुक्तों को विशेषरूप से यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि फार्मा उद्योगों में उत्पादन प्रभावित न हो क्योंकि इनमें कई जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने उपायुक्तों से समाज के कमजोर वर्गों के लिए भोजन और आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था करने को भी कहा। ऐसे लोगों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए स्कूल भवनों का उपयोग किया जा सकता है। राज्य में फंसे पर्यटकों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि स्थिति सामान्य होने पर वे यहां से प्रशासन की अच्छी स्मृतियां लेकर लौटें। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 2257 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 636 निगरानी के 28 दिन पूरा कर चुके हैं। कोविड-19 के लिए 34 व्यक्तियों की जांच आज की गई और सभी नकारात्मक पाए गए हैं। कोरोना वायरस के लिए राज्य में अब तक 133 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने उपायुक्तों को शहरी क्षेत्रों के प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोरों के माध्यम से लोगों को होम डिलीवरी की संभावना का पता लगाने का भी निर्देश दिए, जो सामाजिक दूरी को बनाए रखने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने कहा कि शहरी स्वच्छता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए ताकि वे संक्रमण के संपर्क में न आएं। शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सामाजिक दूरी का महत्व समझाने के उद्देश्य से बेहतर समन्वय और लोगों को जागरूक करने के लिए शामिल करना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में लोगों को जागरुक करने के अलावा कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए सभी प्रयास सुनिश्चित कर रहा है। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि कफ्र्यू में ढील के दौरान सामाजिक दूरी की प्रभावी ढंग से निगरानी करने में पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने कहा कि कफ्र्यू में छूट के दौरान शराब के ठेकों के अंदर और बाहर भीड़ को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रमुख सचिव ओंकार शर्मा, सचिव रजनीश और देवेश कुमार तथा निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क हरबंस सिंह ब्रस्कोन शामिल हुए।
कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी मेडिकल काॅलेजों में श्रम शक्ति को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने सैन्य और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त या रिलीज हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों, संकाय सदस्यों और पैरामेडिकल स्टाफ को चिकित्सा अधिकारी और पेरामेडिकल स्टाफ के पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव दिया है। उनके पास समकक्ष या एनालाॅग पद पर काम करने का अनुभव के साथ साथ इन पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक, व्यावसायिक योग्यता और क्वालिफाइंग सेवा होनी चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, यह प्रस्ताव पूरी तरह से अस्थायी आधार पर एक स्टाॅप-गैप व्यवस्था के रूप में है और बिना किसी नोटिस दिए या किसी भी कारण बताए बिना समाप्त या वापिस लिए जा सकता है। यह प्रस्ताव 1 अप्रैल, 2020 से अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा। उन्हें पद के न्यूनतम वेतन बैंड और ग्रेड वेतन के बराबर निर्धारित मासिक वेतन या मानदेय का भुगतान किया जाएगा। पूर्व सशस्त्र बल और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल काफलेज के प्रधानाचार्य के कार्यालयों में नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले या मेडिकल काॅलेज में समतुल्य या अनुरूप पदों में उपलब्ध रिक्तियों का उपयोग परिलब्धियों या मानदेय के आहरण के लिए किया जाएगा।
हिमाचल सहित पूरे भारतवर्ष में फैले कोरोना संकट की वजह से जहां इक्कीस दिन का लाॅकडाऊन करके लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प कर दी गई है व लोगों को घर के अंदर ही रहने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोगों की सेवा में तत्पर है, ये पहले की भांति ही अपनी ड्यूटी निभाकर देश सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। हम बात कर रहे है दाड़लाघाट में घर घर से कूड़ा इकट्ठा करने वाले सफाई कर्मचारियों की जो लोगों को कूड़े कचरे से निजात दे रहे हैं। ये लोग सुबह सुबह आकर सभी के दरवाजों से कूड़ा उठाकर उसका उचित ढंग से निष्पादन कर रहे है व लोगो को एक तरह से स्वच्छता का संदेश दे रहे है। हालांकि ये लोग अपने आप को भी कोरोना से बचने के लिये हाथों में ग्लब्ज और मुंह को मास्क से अच्छे तरीके से ढंके हुए है ताकि समाज सुरक्षा के साथ ये अपनी भी सुरक्षा कर सके, परन्तु सिर्फ इनक़े द्वारा ही यह काम पूरा नही होगा बल्कि क्षेत्र में लोगो को भी खुद जागरूक होना होगा तभी इस कोरोना वायरस संक्रमण ने निपटा जा सकता है।
सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के मध्यनजर किए गए लॉक डाउन व कर्फ्यू की स्थिति में प्रदेश में कार्यरत संगठित व असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दी जाए तथा उनकी आर्थिक व राशन के रूप में उनकी मदद सुनिश्चित की जाए। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति से सबसे ज़्यादा नुकसान मजदूर वर्ग को ही हुआ है। इस स्थिति में मजदूर भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी में हैं। रातोंरात उनका रोजगार खत्म हो गया है। हमीरपुर के नादौन में लगभग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके उत्तर प्रदेश निवासी एक मजदूर ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। इस से साफ हो रहा है कि मजदूरों की स्थिति आने वाले दिनों में और बुरी होने वाली है। जेब में पैसा न होने के कारण प्रदेश में सैंकड़ों मजदूर पैदल मार्च करके घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। ऐसे अनेकों उदाहरण कांगड़ा-पठानकोट, मैहतपुर-नंगल, कालाअंब-हरियाणा, बद्दी-चंडीगढ़, पौंटा साहिब-उत्तराखंड व परवाणू-कालका सीमा में देखने को मिले हैं। विजेंद्र मेहरा ने कहा है सबसे बुरी स्थिति असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की है। प्रदेश में मनरेगा में लगभग बारह लाख जॉब कार्ड होल्डर हैं। इसके सिवाए असंगठित क्षेत्र में मिस्त्री, मजदूर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, कारपेंटर, प्लम्बर आदि के रूप में लगभग तीन लाख निर्माण मजदूर कार्यरत हैं। इन पन्द्रह लाख लोगों में से ज़्यादातर लोग हर रोज़ दिहाड़ी लगाकर गुज़र -बसर करने वाले लोग हैं। कोरोना के कारण इनका रोजगार पूरी तरह खत्म हो गया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण बोर्ड से जो दो हज़ार रुपये मासिक आर्थिक सहायता की घोषणा की है वह भी कानून अनुसार बोर्ड में पंजीकृत लगभग एक लाख मजदूरों पर ही लागू होती है। हालांकि यह भी नाकाफी है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इन सभी पन्द्रह लाख मजदूरों के परिवार को आगामी तीन महीनों के लिए प्रति माह पांच हज़ार रुपये की मदद राज्य सरकार दे व साथ ही तीन महीने का प्रति माह 35 किलो मुफ्त राशन एकमुश्त इन्हें दिया जाए। इन मजदूरों में लगभग एक लाख से ज़्यादा मजदूर प्रवासी हैं व वे अपने प्रदेश में लौटने में असमर्थ हैं अतः राशन कार्ड न होने के बावजूद भी पांच हज़ार रुपये के साथ उन्हें भी राशन की यही व्यवस्था लागू की जाए। प्रेम गौतम ने कहा है कि प्रदेश के निजी उद्योगों व अन्य स्थापनाओं में लगभग दो लाख से ज़्यादा मजदूर कार्यरत हैं। लॉक डाउन के कारण ये उद्योग व स्थापनाएं लगभग बन्द हो चुके हैं। मज़दूरों को छुट्टी देकर घर भेजा जा रहा है। इन सभी के प्रबंधनों ने मजदूरों को आदेश दिया है कि लॉक डाउन व कर्फ्यू के कारण दी गयी यह छुट्टी अवैतनिक होगी व उन्हें उसका वेतन नहीं मिलेगा। शिमला नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भरयाल टूटू में भी यही फार्मूला अख्तियार किया गया है। ऐसे वातावरण में इन मजदूरों का जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार इन सभी निजी उद्योगों,निजी स्थापनाओं व सरकारी क्षेत्र में कार्यरत आउटसोर्स कम्पनियों को सख्त दिशानिर्देश जारी करें कि इन सभी मजदूरों को पूरे माह का वेतन हर हाल में दिया जाए व उनकी छुट्टियां वेतन सहित होंगी।
शिमला में कैन्सर, डिलीवरी केस, थेलेसीमिया, दिल के आपरेशन एवं अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान खतरे में देखकर उमंग फाउंडेशन ने कर्फ्यू में उत्तर भारत का पहला रक्तदान शिविर मशोबरा में राधा कृष्ण मंदिर में लगाकर अंधेरे में उम्मीद की किरण जगा दी। कैम्प में 40 लोगों ने रक्तदान किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक संदेश में संकट के दौर में रक्तदान के लिए सभी रक्तदाताओं को बधाई दी है। टीएस नेगी ब्लड डोनर एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित शिविर में संग्रह किया गया रक्त आईजीएमसी ब्लड बैंक को दिया गया है। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजय श्रीवास्तव ने बताया कि रक्तदान शिविर मशोबरा के युवा रक्तदाताओं के नाम रहा। अर्चना शर्मा शिविर की पहली रक्तदाता थीं। 10 दिन पहले 18वां जन्मदिन मनाने वाले ध्रुव गोयल रक्तदान करने वालों में सबसे युवा, उनकी मां निधि गोयल और पिता राजेश गोयल ने भी खून दान किया। आईजीएमसी ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ एमएल कौशल ने आठवीं बार और व्यापार मंडल के महासचिव अतुल शर्मा ने भी आठवीं बार रक्तदान किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जसवीर और अनिल भी रक्तदान करने वालों में शामिल थे। टीएस नेगी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के संयोजक तेजू नेगी और शिविर के समन्वयक विनोद योगाचार्य ने कहा कि मशोबरा के युवाओं को रक्तदान शिविर से बहुत प्रेरणा मिलेगी। इसमें मशोबरा व्यापार मंडल, राधाकृष्ण मंदिर समिति के अलावा जिला प्रशासन एवं पुलिस ने भी सहयोग दिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष दीप मोदी ने कहा कि अब हर नवरात्र में मंदिर में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। शिविर में कोरोना संबंधी सभी सावधानियां अपनाई गईं। सभी बेड, कुर्सियाँ एवं अन्य सामग्री सैनेटाईज़ की गई और दो व्यक्तियों के बीच में एक मीटर की दूरी सुनिश्चित की गई। आइजीएमसी ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ एम एल कौशल ने कहा कि इस शिविर से मरीज़ों को बहुत राहत मिलेगी।
हिमाचल भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने शहर में खाद्य पदार्थ की आपूर्ति की स्थिती को जाना। इस बारे में व्यापार मंडल सोलन से रोजमर्रा मे इस्तेमाल होने वाले सामान के होलसेल और खुदरा व्यापारियों के पास उपलब्ध सामान की जानकारी ली। गुलेरिया ने कहा है की किसानो की फसले तैयार हो रही है कुछ तैयार है जैसे सब्जियां इत्यादी इन्हे मंडियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन से बात की जा रही है। वही प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार दिनरात सभी जरूरी प्रावधानों व व्यवस्थों में लगी है। उन्होंने लोगों से लॉक डाउन के दौरान घरों में ही रहने का आह्वान किया है। साथ ही पुलिस, प्रशासन, बिजली,पानी व स्वास्थ्य में लगे कर्मियों का सहयोग व प्रोत्साहन करने की अपील की है। किसान निश्चिंत रहे उनकी फसलो को मंडियों तक पहुचाने की व्यवस्थाएं करवाई जाएगी साथ ही पशुचारा पशुओं को दिए जाने वाली दवाईयो की उपलब्धता के लिए भी प्रशासन व सरकार से तालमेल बनाया जा रहा है। बहार से हिमाचल में ने वाले तुड़ी वाहन कैसे हिमाचल में पहुंचे इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। पुरषोतम गुलेरिया ने कहा की हिमाचल प्रदेश के कुछ बच्चे बहारी राज्यो में पीजी में रह रहे थे अब पीजी बंद हो गऐ है। उन बच्चो को वहां से लाने के बारे मे सरकार और प्रशासन से बात की जा रही है। सोलन मे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले समान की कमी ना हो उसके लिए नजदीक की मंडियों से बात की जा रही है। उन्होने कहा की पूर्ण रूप से प्रयास किया जा रहा है की शहर मे खाने पीने के सामान की कमी न हो। इस समय व्यापारी वर्ग भी सेवा भाव से काम में लगा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ग कुछ घंटो में कमाई नही कर सकते फिर भी लोगों को रोजमर्रा का सामान मिलता रहे इसलिए अपनी दुकाने खोल रहे है। गुलरिया ने इसके लिए व्यापारियों का आभार जताया। साथ ही उन्हे शाबाशी भी दी कि वह लोग इस समय मे अपना पूर्ण सहयोग दे रहे है। सोलन व्यापार मंडल को भी सराहना की जो प्रशासन और दुकानदारो को समय समय पर वास्तविक स्थिति से आवगत करवा रहा है। उन्होंने कहा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी बूथ प्रभारियों को अपने अपने बूथ में पांच पांच लोगों को खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। गुलरिया ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार व् प्रशासन पूर्ण तालमेल से कार्य कर रहे है।
करणी सेना हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए हर सम्भव क़ानूनी तरीक़े से प्रयास कर रही है। यह जानकारी देते हुए करणीसेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बताया कि बिलासपुर में विभिन स्थानों पर करणी सेना ज़िला बिलासपुर के कार्यकर्ता, महिला शक्ति, महिला मंडल सदस्य और पदाधिकारी 2 दिन से लगातार दवा छिड़काव कर रहे है। इस महामारी के समय जिला बिलासपुर महिला शक्ति अध्यक्ष सीमा चंदेल, प्रदेश संगठन महामंत्री शशि शर्मा, संजय, अमित, रवी कुमार, महिला मंडल सदस्य वीना शुक्ला के साथ अन्य पदाधिकारीयों ने बिलासपुर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 3-3 सदस्यों की टीम बनाकर दवा छिड़काव किया और सभी नागरिकों को एहतियात और घर पर रहने की सलाह भी दी। प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बताया की करणी सेना हर ज़िला में सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास कर रही है और कई जगह पर निशुल्क मास्क और हैंड़ सेनीटाइज़र वितरण भी कर रही है। इस महामारी के समय सबको साथ चलकर राजनीति से उठकर काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानों में आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता को लेकर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावी तरीके से जारी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के कारण लोगों को आवश्यक वस्तुओं की किसी प्रकार कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को रोका नहीं जाए क्योंकि ऐसा करने से राज्य में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक को यह निश्चित करना चाहिए कि आटा मीलें गेहूं पिसाई के लिए निर्बाध आपूर्ति जारी रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के भंडारों में गेहूं और चावल आदि का पर्याप्त भंडार है।हिमाचल प्रदेश में भी गेहूं आटा, चावल के पर्याप्त भंडार के साथ-साथ 1200 मीट्रिक टन से अधिक नमक और 4000 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का भंडार है इसलिए किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में इस समय चना और मसूर सहित दालों का भी पर्याप्त स्टाॅक है। अधिकारियों को अन्य राज्यों से दालों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित बनानी चाहिए। कर्फ्यू में ढील के समय उचति मूल्य की दुकानों में लोगों को आवश्यक वस्तुओं के वितरण के समय सामाजिक दूरी बनाए रखने का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के 1500 मीट्रिक टन के भंडारण क्षमता वाले चैतूड़ू और सिद्धपुर भंडारों, जिनका उद्घाटन होना बाकी है, उनका इस्तेमाल 350 से 400 मीट्रिक टन दालों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के भंडारण के लिए किया जाए।निगम की दवा दुकानों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं के घरों को एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि घबराहट में खरीददारी नहीं करें क्यूंकि प्रदेश में आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के सचिव अमिताभ अवस्थी, महाप्रबंधक मानसी सहाय ठाकुर एवं निदेशक आबिद हुसैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
पूरे विश्व में फैले हुए कोरोना संक्रमण से दुनिया के लगभग सभी देशों में तबाही का आलम हो चुका है। इस तबाही से बचने के लिए दाड़लाघाट में चल रहे कर्फ्यू में दूसरे दिन कर्फ्यू में प्रातः 8:00 से 12:00 तक खरीदारी करने के लिए मिली छूट में दाड़लाघाट व साथ लगते गांव के लोगों को मानो संजीवनी मिल गई। कोई दवा लेने मेडिकल स्टोर की ओर दौड़ा, किसी ने तेज कदमों से किराना दुकान का रुख किया। कोई दूध-ब्रेड के लिए जूझता रहा, किसी ने अगले कई दिनों के लिए सब्जियां खरीदीं। जिसे कुछ नहीं खरीदना था, वह परिवार के साथ इस बहाने खुली हवा में सांस लेने निकला।कर्फ्यू में ढील की जैसे ही घोषणा हुई, सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा।लोगों के चेहरों पर कोरोना वायरस किधर की कोई भी चिंता नही थी। भीड़ देख दुकानदारों ने झटपट दुकानें खोली और जरूरत के सामान दिए। अम्बुजा चौक व बस स्टैंड में करियाना सब्जी व दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। वहीँ स्यार, बरायली, कंसवाला सड़क, अम्बुजा गेट वाली सड़कों पर भी रौनक छाई रही। हालांकि लोगों के चहरों पर आशंका भी झलक रही थी। कई लोग तो अपनी स्कूटर, मोटरसाइकिल व कारों को लेकर ही सड़क पर आ गए थे जिन्हें पुलिस ने कड़ाई से रोक लिया। सर्वाधिक भीड़ करियाना दुकानों पर दाड़लाघाट सहित कर्फ्यू ग्रस्त इलाकों में लोग खरीदारी के लिए निकले। लोगों ने बताया कि ज्यादा दिक्कत राशन और दूध के लिए हुई। लोगों के अनुसार खासकर दूध की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है दूध एकदम खत्म हो जाता है इसलिए ढील मिलते ही लोगों ने सबसे पहले दूध व राशन खरीदा। सबसे ज्यादा भीड़ करियाना व सब्जी की दुकानों में देखने को मिली। कई लोग तो बिना मास्क लगाए ही सड़कों पर घूमते हुए दिखे जिससे लाॅकडाऊन करने का कोई भी फायदा नहीं दिखा। अगर इसी तरह लोग कर्फ्यू की डील में घूमते हुए दिखते रहे तो इस महामारी से लड़ने का या कर्फ्यू में घरों में रहने का कोई औचित्य नहीं होगा। लोगों को चाहिए कि वह संयम, व सतर्कता बरतें व पूरी तरह मास्क व सेनिटाइज़र लगा कर बाहर निकलें तभी इस जंग को जीता जा सकता है।
कर्फ्यू के दूसरे दिन अर्की के लोगों को फल, सब्ज़ियां आदि खरीदने हेतु सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया। इस दौरान उपमंडल मुख्यालय पर लोग खरीददारी के लिए निकल पड़े। हालांकि प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के चलने पर पूरी तरह से पाबन्दी लगा रखी थी। साथ ही पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद दिखी। एस डी एम विकास शुक्ला ने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने का उचित प्रबंध किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे डर कर ज्यादा मात्रा में वस्तुएं एकत्रित न करें। अपितु जिस वस्तु की आवश्यकता हो उसे ही खरीदें। उन्होंने लोगों से खरीदारी करते समय सामुदायिक दूरी बना कर रखने की भी अपील की है।
‘कोरोना महामारी’ की रोकथान के लिए प्रदेश भर में कफर्यू और लाॅकडाउन के दृष्टिगत किसी भी गरीब और अभावग्रस्त परिवार को राशन की कमी न हो और राशन के अभाव में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, इस उददेश्य से भाजपा ने संगठन स्तर पर पूरे प्रदेश के लिए एक विशेष योजना ‘‘भारत लाॅकडाऊन के दौरान सेवा’’ तैयार की है। इस योजना को अगले एक दो दिनों में अमली जामा पहनाने के लिए भाजपा द्वारा ग्रास रूट स्तर पर अपने पदाधिकारियों को कार्य आवंटित कर तैनात किया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार प्रदेश के हर परिवार की राशन और आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण रूपेन चिंता कर रही है और संगठन भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन करने का प्रयास करेगा। डा राजीव बिन्दल ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा के आवाहन पर प्रदेश के 7793 बूथों में कम से कम 5 दानदाता प्रति पोलिंग बूथ जो 15 दिन का राशन देंगे की सूची प्रदेश भाजपा तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने हिमाचल में यह सुनिश्चत और प्रयास करने के लिए कहा है कि कोई भी व्यक्ति प्रदेश में भोजन के बिना न रहे। डा। बिंदल ने कहा कि बूथ स्तर पर दानदाताओं और अभावग्रस्त लोगों की सूची बनाने का कार्य बूथ पालक, प्रदेश कार्य समिति सदस्य, जिला प्रभारी और प्रदेश उपाध्यक्षों के जिम्मे सौंपा गया है। डा राजीव बिंदल ने कहा कि दानदाता और अभावग्रस्त लोगों को सूचीबद्ध करने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी संगठन ने जिला प्रभारियों को दी है। जिला प्रभारी अपने-अपने पालक जिलों में दानदाताओं और अभावग्रस्त परिवारों की सूचियां तैयार कर संसदीय क्षेत्रवार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्षों कृपाल परमार, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र, राम सिंह मंडी संसदीय क्षेत्र, संजीव कटवाल हमीरपुर संसदीय क्षेत्र और रतन पाल, शिमला संसदीय क्षेत्र को सौंपेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष इन संकलित सूचियों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सूचीबद्ध कार्य करने वाले पदाधिकारियों और समस्त कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि सूचीबद्ध करने का यह कार्य घर से बाहर निकले बिना फोन पर ही करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिन्दल ने संगठन के सभी कार्यकर्ताओं का आहवान किया है कि करोना महामारी जैसी राष्ट्रीय आपदा के समय सभी कार्यकर्ता सेवा के लिए तत्पर रहें और जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता और सहयोग करने का प्रयास करें व यह भी सुनिश्चित करें कि कफर्यू कामयाब हो।
कोरोना वायरस के कारण निषेधाज्ञा के मद्देनजर उपमंडल करसोग के सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को घर से बाहर उपचार, दवाई के लिए व किसी परिवार में अचानक मृत्यु होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना आवश्यक है तो उस स्थिति में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01907222201 पर संपर्क करें इसके अतिरिक्त कार्यालय के व्हाट्सएप नंबर 9817039278 मैं लिखित रूप से आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन पत्र में यह भी दर्शाया जाना होगा कि आपको किस स्थान से किस स्थान तक प्रस्थान किया जाना अपेक्षित है तथा किस वाहन में यात्रा की जानी है। वाहन नंबर उपलब्ध करवाना भी सुनिश्चित करें। एक वाहन में चालक के अतिरिक्त एक ही व्यक्ति को जाने की अनुमति दी जा सकती है। आवेदन पत्र सही पाए जाने की स्थिति मैं आपको व्हाट्सएप के माध्यम से सविकृति प्रदान की जाएगी।
शिमला में कर्फ्यू के दौरान वीरवार को ढील दी गई जिसकी शुरुआत 8 बजे से शुरू हो गई। पुराना बस स्टैंड शिमला में जैसे ही दुकानें खुली सभी लोग सब्जी दूध ब्रेड और राशन लेने के लिए पंचायत घर व उसके आसपास की दुकानों में इकट्ठे हो गए है। पुलिस के जवान भी लोगों से आग्रह किया कि ज्यादा भीड़ नहीं लगाएं परंतु कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील दी गई है इसलिए लोगों का हुजूम दुकानों के बाहर पहले से ही लग गया था। लोग 2/3 दिनों का राशन ले गए। सब्जियां दुकानो में पंचायत भवन में सब्जी मंडी से सब्जियां यहाँ को आती है। इसी प्रकार शिमला के विभिन्न हिस्सों में लोग अपना जरूरी सामान खरीदने बाहर निकले। कुछ गाड़ियां भी इस दौरान सड़को पर नजर आई। इस बीच उपायुक्त शिमला ने लोगों से ये अपील भी की 1) एलपीजी की डिलीवरी प्रतिदिन की जाएगी और इसे आपके घरों तक पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए हमने पहले ही व्यवस्था कर ली है। इसे केवल कर्फ़्यू में ढील के घंटों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे समय पर वितरित किया जाएगा पहले की तरह आपके घर पर । 2) बागीचों के लिए कीटनाशक / कीटनाशक की दुकानें खोलने के निर्देश दिए गए हैं। 3) कर्फ्यू के दौरान किसी भी आकस्मिक आवश्यकता के मामले में, जिसके लिए आपको हमारे हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करना होगा ताकि हम आपकी मदद कर सकें। इस नंबर का उपयोग किसी भी स्पष्टिकरण/ जानकारी को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। 4) कर्फ्यू में ढील की शुरुआत हो गई है जो तीन घंटे के लिए है। यह फिर से कम करने के लिए आराम किया जाएगा, कृपया एक दूसरे से न्यूनतम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 के बीच सेवानिवृत्त हुए चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा पुनर्राेजगार केरोना वारस सीओवीआईडी-19 के संक्रमण के कारण पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल काॅलेजों में उपलब्ध श्रमशक्ति को मजबूत करने की दृष्टि से उन चिकित्सा अधिकारियों, संकाय सदस्यों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की सेवानिवृत्ति को स्थगित करने और इसे अगामी अवधि तक बढ़ाने करने का आदेश दिया है जो 30 जून, 2020 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यह आदेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा अनुसंधान में काम करने वाले सभी श्रेणियों के चिकित्सा अधिकारी, संकाय सदस्य और पैरामेडिकल स्टाफ पर लागू होगा जो 31 मार्च, 30 अप्रैल और 31 मई, 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जो चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल कर्मचारी 31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 की अवधि में सेवानिवृत्त हुए हैं, उनको भी अंतिम पद पर 1 अप्रैल, 2020 से आगामी आदेशों तक पुनर्रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए उनकी लिखित सहमति, उपलब्धता और स्वस्थता को ध्यान में रखा जाएगा। वे जिले के संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्यांे के कार्यालयों में अपनी ड्यटी के बारे में रिपोर्ट करेंगे, जिन्हें आवश्यकता के आधार पर पनर्रोजगार के आदेश जारी करने और अपने अधिकार क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात करने के लिए अधिकृत किया गया है। सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार को इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रसारित मानक अवधि और शर्तों द्वारा विनियमित किया जाएगा। सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार देने के उददेश्य से जिले अथवा मेडिकल काॅलेजों में समतुल्य या अनुरूप पदों में उपलब्ध रिक्तियां वेतन और परिलब्धियों के आहरण के लिए उपयोग की जाएंगी। प्रमोशनल पदों के विरुद्ध विस्तार या पुनर्राेजगार के मामले में, यदि कोई और पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है या इस उद्देष्य से मौजूदा या प्रत्याशित रिक्तियों के खिलाफ पैनल नहीं बना है, तो वर्तमान पद या पदों का उपयोग किया जाएगा। यदि विस्तार या पुनर्राेजगार प्रदान करने के लिए कोई उपयुक्त पद उपलब्ध नहीं है, तो इस उद्देश्य के लिए एक्स-कैडर पद या पदों का सृजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आने की अपील की है ताकि रक्त बैंकों में खून की कमी न हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान शिविर लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सभी उपायुक्तों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और रक्त बैंकों के प्रभारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संगठनों को रक्तदान शिविर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि रक्तदान शिविरों के दौरान भीड़भाड़ से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और रक्तदाताओं और अन्य लोगों को आपस में उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठनों को रक्तदाताओं को इस तरह आमंत्रित करना चाहिए ताकि शिविरों में भीड़ न बढ़े।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के चलते लगाए गए कर्फ्यू के प्रति कुनिहार व आसपास के लोग गम्भीरता दिखा रहे है। बुधवार को ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रहे। सुबह 8 से 12 बजे तक कुछ लोग जरूरी सब्जी, फल व राशन के लिए घरों से निकले व खरीददारी के बाद वापस घर चले गए। मंगलवार को जँहा लॉक डाउन के दौरान सड़को पर बाइक,स्कूटर व छोटे वाहन चालकों की भीड़ थी तो वन्ही बुधवार को सड़के सुनसान रही। थाना कुनिहार के एस एच ओ जीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था व कर्फ्यू का सही पालन करवाने के लिए मोर्चा संभाला हुआ है। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यह कड़े कदम उठाए है जिसका हमे पालन करना है ताकि हम व हमारे परिवार सुरक्षित रह सके। एस एच ओ जीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लोग कर्फ्यू का पालन कर रहे है। पुलिस हर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने लोगो से अपील की है कि अत्याधिक जरूरत के लिए ही जिला उपायुक्त कार्यालय के आदेशानुसार तय किए गए समय में ही बाजार का रुख करें व कर्फ्यू का पालन करते हुए भीड़ इकठ्ठी न करें। उन्होंने उन सभी विभागों के कर्मचारियों जो बिजली, पानी, स्वास्थ्य आदि अन्य सेवाएं दे रहे है को अपने साथ आई कार्ड रखने की अपील की है ताकि पुलिस आने जाने वालों की सही पहचान कर सके।
कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने आवश्यक सेवाओं के लिए कर्मियों के सुचारू परिवहन एवं आवश्यक वस्तुओं को समय पर गन्तव्य स्थल पर पंहुचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय राजस्व कर्मचारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगर परिषद एवं नगर पंचायत, कोषागार, कैंट बोर्ड, विद्युत बोर्ड, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, सब्जी मण्डी, बीएसएनएल, विभिन्न बैंक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुर्वेद विभाग तथा विभिन्न निजी टैलीकाॅम सेवा प्रदाताओं, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के कर्मियों को अपने विभागाध्यक्ष द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखने होंगे। इन सभी विभागों, संस्थाओं एवं सेवाओं के विभागाध्यक्ष कार्य के लिए कर्मचारियों के आने-जाने के लिए प्रयुक्त किए जा रहे निजी पूलड् वाहनों के वाहनों के प्रवेश पत्र जारी करने के लिए भी प्राधिकृत हैं। इन आदेशोें के अनुसार बैंकों की नकदी एवं कर्मियों को ले जा रहे वाहनों को अपने वाहन पर ‘बैंक डयूटी’ अंकित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों तथा पैरा मेडिकल कर्मियों को अपने वाहन पर ‘डाॅक्टर अथवा चिकित्सा कर्मी’ दर्शाता बैनर प्रदर्शित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभिन्न आवश्यक वस्तुएं ला रहे वाहनों को ‘आवश्यक वस्तु’ लिखा बैनर प्रदर्शित करना होगा। ऐसे वाहनों के लिए भी अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला दण्डाधिकारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों, उपायुक्त सोलन के सहायक आयुक्त, सहायक आयुक्त परवाणु, जिला के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को सम्बन्धित विभागों, संस्थानों एवं व्यक्तिगत आग्रह पर अन्य प्रवेश पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किया है।
कोरोना वायरस को देखकर प्रदेश में लगे कर्फ्यू के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुएं व दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए अर्की प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। एस डी एम अर्की विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि लोगों की सुविधा हेतु उपमंडल में 54 दुकानदारों को डोर टू डोर सामान पहुंचाने के लिए अधिकृत किया गया है। किसी भी व्यक्ति को यदि राशन, सब्जी या दवाई की आवश्यकता हो तो वह उक्त दुकानदारों से उनके फोन नंबर पर संपर्क कर सकता है। अधिकृत किए गए दुकानदार को अपने वाहन द्वारा व्यक्ति को घर पर ही सामान उपलब्ध करवाना होगा। नगर पंचायत अर्की में राशन की दुकान हेतु अनुराग गुप्ता को अधिकृत किया गया है। उनसे 98572 07075 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही सब्जी विक्रेता कालिया ट्रेडर्स से 9816247176 तथा दवा विक्रेता कवर मेडिकोज से 9817499909 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य को भी अधिकृत किया गया है । कुनिहार में विजय कुमार 9817206000, प्रदीप पूरी 9816645041 ग्राम पंचायत मान में अजय 9805353086 डूमहर में सुरेश 9418120211 बलेरा में खेमचंद 9817840732 बातल में हेमराज 9817930694 बखालग में गोपाल 9816337695 शेरपुर में विजय कुमार 8894126767 कशलोग में आसाराम 9816700145 चंडी कशलोग में बलदेव 7831833696 मांगू में प्रताप चंद 9817459507 दाढ़लाघाट में सुरेंद्र शुक्ला 9418061452 कराडाघाट में भगत राम 9882739766 कंधर में देवी राम 9805446790 बेरल में बाबूराम 9816229457 नवगांव में खेमराज 98164 21096 भराडीघाट में दौलत राम 9805840383 पिपलुघाट में रामलाल 9418336123 सऱयांज में सोहनलाल 9805059429 मांजू में मदनलाल शर्मा 9129201127 गलोग में रमेश डबल 8894306003 डमलाना घाटी में सतीश कुमार 9882208809 दाती में हीरालाल 9816111044 बथालग में रमेश कुमार 8894306003 कंसवाला पारनू में विद्यासागर 9816075352 कूंन क्यारघाटी में भूपेंद्र 9418116346 सारमा में प्रेम 9418504848 कशयालू में नरेंद्र 9805614496 जयनगर में राकेश कुमार 9418679985 भूमती में बाल किशन 9805302325 शालाघाट में मोहनलाल 9817118401 बजोलु में रतीराम 9736159639 उचित मूल्य की दुकान अर्की में अमर सिंह 9816292901 खनलग में मदनलाल शर्मा 9129201127 गयाना मैं मोहनलाल 9816004309 डवारू में रतीराम 9882661722 धुन्दन में नरेश कुमार 9318659506 बहली ताल में प्रीतम सिंह 9817459524 जलाना में संजय 9736883561 शहरोल में हरिराम 9459025728 बांजन में जीतराम 9418120811 चाखड़ में दिवाकर सेन 9805879310 दानोघाट में खेमराज 9805271638 जावड़ा में राजेन्द्र वर्मा 9459246753 सन्याडी मोड में खेमराज 9816421096 चइयाँ में लालचंद 98169 68674 खरड़हटी में मंसाराम 9816528452 मलावन में महेश कुमार 9418191220 छयोड खड्ड में कमलेश पाल 9418057090 सानण में सुनील 9817930694 तथा कोलका में मोहनलाल 9817118401
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन किया गया है, लेकिन कुछ लोग इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को दाड़लाघाट पुलिस ने एक दुकान होटल ढाबा पण्डित बैष्णव भोजनालय के दुकानदार के खिलाफ कारेवाई की गई है। होटल ढाबा के मालिक से पुछने पर अपना नाम घनश्याम पुत्र परसराम शर्मा गांव दाती ब्राहम्णा डा घनागुघाट तह अर्की बताया। पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दुकान मालिक पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनयूएस की धारा 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने की है। बुधवार समय 12:15 बजे रात ओझघट में खुफिया सूत्रों से पुलिस को जानकारी मिली कि बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड नंगाली में रात के समय कर्मचारियों द्वारा काम किया जा रहा है, जबकि हिमाचल सरकार द्वारा लागू किया गया है। पुलिस ने बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड पहुंचकर वहां फैक्ट्री का का गेट खुला पाया और अंदर फैक्ट्री में सभी लाइट जली हुई पाई। वह फैक्ट्री में बैटरियां चार्जिंग पर लगाई हुई पाई गई। मौके पर अंदर फैक्ट्री में फैक्ट्री कर्मचारी काम करते हुए पाए गए। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि मनमोहन सिंह ने आदेश में फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। वर्तमान समय में वायरस के प्रकोप फैला हुआ है जिस वजह से जिला उपायुक्त महोदय हैं दिनांक 24 3 2020 जिला सोलन में कर्फ्यू के आदेश दिए हैं। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों के बावजूद भी बेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मैनेजमेंट अधिकारी मनमोहन सिंह विनय कुमार प्रोडक्शन मैनेजर ने अपने कर्मचारियों से फैक्ट्री में काम करवाकर महामारी का खतरा पैदा करना, मानव जीवन को खतरे में डालना, राज्य सरकार व उपायुक्त सोलन के आदेश की अवहेलना करना पाया गया। इस संदर्भ में पुलिस थाना सोलन में मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। बुधवार अर्की में एक मामला दर्ज हुआ है जिसके मुताबिक राकेश सूद और पत्नी मधुबाला सूद 17 मार्च ओमान से लौटे थे और अर्की जिला के निवासी कुलदीप सूद के घर रह रहे थे, उन्हें 21 मार्च से को कोरोना के कारण आइसोलेट रहने को कहा गया था। आइसोलेशन के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों से से संपर्क में आने के कारण परिवार के अन्य सदस्यों को भी पृथक रहने का परामर्श लिया गया था। बार-बार हिदायत देने के बावजूद परिवार के सदस्यों ने अपने आप को पृथक नहीं रखा। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों व उपायुक्त के आदेशों के बावजूद उपरोक्त लोगों ने आदेशों की अवहेलना की इस संदर्भ में पुलिस थाना अर्की में उनके खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी के चारों संसदीय क्षेत्रों के सांसदों ने कोरोना वायरस को लेकर गंभीरता दिखाई है कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के चलते सभी सांसदों ने अपनी सांसद निधि से अपने अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए मास्क , सैनिटाइजर, वेंटिलेटर एवं इक्विपमेंट खरीदने के लिए दी है। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने डिप्टी कमिश्नर हमीरपुर को चिट्ठी लिखकर 51 लाख रुपए की राशि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दी, इसी प्रकार मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने 50 लाख रुपए की राशि , शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने 60 लाख की राशि और कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने 66 लाख की राशि इस महामारी से लड़ने के लिए स्वीकृत की है। कुल मिलाकर सभी सांसदों ने 2 करोड़ 27 लाख की राशि अपने अपने एम पी लैड फंड , सांसद निधि में से हिमाचल प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दी है। यह राशि उस समय आई है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगाया है यह वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए कल प्रधानमंत्री ने पूरे देश को संबोधित करते हुए कहा है कि अगर इस बीमारी से लड़ना है तो हमें अपने अपने घरों में रहना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से हम इस कोरोना वायरस को रोक सकते हैं और हमें इस महामारी के प्रति खुद भी जागरूक रहना है और सब को जागरूक रखना है। ऐसी में हिमाचल प्रदेश के चारों सांसद अनुराग ठाकुर, रामस्वरूप शर्मा, सुरेश कश्यप और किशन कपूर ने यह पहल की है जिससे हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में वेंटिलेटर और अन्य इक्विपमेंट इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए खरीदे जा सकते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने इस पहल को वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने प्रदेश तथा जिला वासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें ताकि सभी मिलकर इस महामारी से प्रदेश एवं जिलावासियों को बचा सकें। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे को न्यून करने के लिए अपनाई जा रही ‘सोशल डिस्टैन्सिग प्रक्रिया’ का पूर्ण पालन किया गया तथा सभी उपस्थित जन ने एक-एक मीटर की दूरी बनाकर बैठने का पूर्ण पालन किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि गत दिवस प्रदेश में कोरोना वायरस के खतरे को न्यून करने के लिए कफ्र्यू लागू किया गया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कफ्र्यू का पूर्ण पालन करें और इस दिशा मेें जिला प्रशासन को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि गत दिवस ही प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी 21 दिनों तक पूरे देश में लाॅकडाउन करने की घोषणा की है। हम सभी को इसका पूरा पालन करना होगा ताकि कोरोना वायरस को हराया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि इस अवधि में पूरे जिला में आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, दवा इत्यादि की कोई कमी न रहे। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की अन्य जिलों तथा राज्यों से आने वाली आपूर्ति को भी निर्बाध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रधानमन्त्री तथा प्रदेश के मुख्यमन्त्री द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा सभी अधिकारियों द्वारा इनकी अनुपालना सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। उन्होंने किसानों एवं पशु पालकों के लिए भी आवश्यक आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपूर्ति के सम्बन्ध में सरकार के निर्देशों का पालन होना चाहिए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया कि कोराना वायरस के विषय एवं सरकार द्वारा जारी निर्देशों के सम्बन्ध में अफवाहों पर ध्यान न दें। इस सम्बन्ध में परेशानी आने पर स्थापित हैल्पलाईन नम्बरों पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को चैत्र नवरात्र एवं नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, सम्पन्नता एवं स्वास्थ्य सहित नव स्फूर्ति का संचार करेगा। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विद्युत, जल, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तथा खाद्याान्न भण्डार की जानकारी भी प्राप्त की। उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्बन्ध में हैल्पलाईन नम्बर 01792-221234, 104 तथा कफ्र्यू के सम्बन्ध में 24ग्7 हैल्पलाईन पर सोलन जिला के निवासी 01792-297707 पर सम्पर्क करें। उन्होंने आधिकारिक जानकारी के लिए जिला सोलन की वैबसाईट अथवा उपायुक्त सोलन के फेसबुक पेज से सूवना लेने का आग्रह भी किया। पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा तथा योगेश दत्त जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजन उप्पल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक मिलाप शांडिल, एपीएमसी सोलन के सचिव रविन्द्र शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं केंद्रीय वित्त एवं कार्पोरेट अफेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना वायरस की गम्भीर समस्या को ध्यान में रखते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए अपनी सांसद निधि से 51 लाख रुपए देने का निर्णय लिया है। यह राशि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी सामान जैसे मास्क, सेनेटाइजर इत्यादि की खरीद व स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्यों पर व्यय की जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया है कि इस महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए अपने घरों में ही रहें और सरकार तथा जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों की अनुपालना करें। उन्होंने कर्फ्यू के दौरान सभी से संयम बनाए रखने का आग्रह किया है।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें सरकार ने अप्रैल और मई महीने का एकमुश्त राशन उपलब्ध करवाने की बात कही। साथ मे उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में जितने भी गरीबी रेखा से नीचे के परिवार है उन्हें मुफ्त में राशन मुहिया करवाया जाए। इस आपदा की घड़ी में गरीब दिहाड़ी, मजदूरी करने वाले, रेहड़ी, फड़ी वाले लोग जिनका गुजर बसर बहुत मुश्किल से हो रहा है उनके पास आज राशन खरीदने के लिए पर्याप्त संसाधन नही है। उन्होंने साथ मे कहा कि सरकार प्रदेश में आर्थिक पैकेज की घोषणा करे और जितने भी सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेश में जितने भी सक्षम लोग है उनसे आह्वान करे कि इस घड़ी में वो सरकार का साथ दे और उचित अनुदान सरकार के राहत कोष में जमा करवाये ताकि प्रदेश की आम जनता को उचित सुविधायें सरकार की तरफ से मुहिया हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार के कर्फ्यू लगाने के निर्णय की भी तारीफ की ओर उन्होंने जनता से आह्वान किया है की इस आपदा की घड़ी में वो केंद्र और प्रदेश सरकार के आदेशों का पालन करें और घर पर ही रहें। साथ मे उन्होंने जनता को प्रेरित करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस से घबराने की आवश्यकता नही है सिर्फ सयम से काम ले और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखे और सार्वजनिक स्थानों में जाने से परहेज करें, आज यह लड़ाई भारत वर्ष की लड़ाई है और हम सबको एकजुटता दिखाकर इससे खिलाफ लड़ना है। आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें भारत वर्ष की जनता पर पूरा विश्वास है कि सभी सरकार के आदेशों का पालन करते हुए एकजुटता से इसके खिलाफ लड़ेंगे और कोरोना को हराएंगे।


















































