उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज जारी प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम की लंबित देनदारियों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने निगम की वित्तीय हालात को सुधारने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि समय समय पर कर्मचारियों-पेंशनरों के देय लाभ जारी करने के लिए भी सरकार कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने के निगम के निदेशक मंडल के फैसले को आज अधिसूचित किया गया है। इससे निगम के करीब 15 हजार कर्मचारी और पेंशनरों को लाभ मिलेगा। इस निर्णय से अब निगम के कर्मचारियों को 31 फीसदी से बजाए 34 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। भत्ता 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निदेशक मंडल के एक्स ग्रेशिया लाभ में बढ़ौतरी किए जाने के फैसले पर भी आज आदेश जारी किया गया है। इसके तहत पूर्व में निगम के नियमित कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर न्यूनतम लाभ 35 हजार से बढ़ाकर 55 हजार रुपए और अधिकतम 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए किया गया है। इसी तरह अनुबंध कर्मचारी के लिए यह लाभ न्यूनतम 20 हजार से बढ़ाकर 35 हजार रुपए और अधिकतम लाभ 75 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में गठित पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल के निर्णयों को सिरे चढ़ाने के लिए निगम प्रयासरत है। निदेशक मंडल के निर्णयों के अनुसार पथ परिवहन निगम आय के साधन जुटाने और विभिन्न निर्णयों को अमलीजामा पहनाने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिहुवा के छतरी बाजार के समीप सोमवार को एक बोरवेल ड्रिलिंग मशीन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। इस हादसे में गाड़ी में सवार एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। घायल लोग शाहपुर अस्पताल में उपचाराधीन हैं। गाड़ी में सवार तीनों लोग राजस्थान से संबंधित बताये जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने मौके पर पहुंच कर खुद राहत बचाव अभियान की अगुवाई की। चीफ मेडिकल ऑफिसर सुशील शर्मा भी उनके साथ रहे। विधायक ने दुर्घटना में 1 व्यक्ति की मृत्यु पर शोक प्रकट किया। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को उनके निशुल्क इलाज और उचित देखभाल के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम करतार चंद को पीड़ितों को राहत मैन्युअल के अनुसार फौरी राहत प्रदान करने को कहा।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने महा जनसंपर्क अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित समूर कलां में विशाल जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में दो दर्जन से ज़्यादा पूर्व सैनिकों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की जिस पर अनुराग ने कहा कि देश के सैनिक देश की पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं। अनुराग ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि हमने इतने काम करके दिए, मगर इनसे कुछ भी पूछो तो यह बोलते हैं पैसे नहीं हैं। हमने ऊना में 25 करोड़ का जच्चा बच्चा अस्पताल बनाया। इनसे सड़क या अस्पताल की बात करो तो बोलेंगे पैसे नहीं है। भाजपा सरकार के जाने से हिमाचल का विकास थम गया है। हम सेवा करने आए थे, यह मेवा खाने आए हैं। ठाकुर ने कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कान खोलकर सुन लें, आज स्वयं इटली की प्रधानमंत्री मोदी को विश्व का सबसे लोकप्रिय नेता बताती हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति कहते हैं कि मोदी मैं आपका इंतजार कर रहा हूं। आपके कार्यक्रम हेतु मेरे पास टिकट खत्म हो गए हैं। पूरे विश्व ने देखा कि जब मोदी जी अमेरिकी संसद में भाषण देने गए तो कैसे वहां के सांसदों ने उनका ऑटोग्राफ लिया। आज अगर अमेरिकी संसद में मोदी-मोदी हुआ तो यह 140 करोड़ देशवासियों के लिए सम्मान की बात है। अनुराग ने कहा कि पीएम मोदी ने ऊना को 400 करोड़ का पीजीआई अस्पताल दिया। 200 करोड़ का बनकर आईआईआईटी तैयार है। 30 करोड़ का केंद्रीय विद्यालय बनकर तैयार हो जाएगा। बंगाना में 28 करोड का केंद्रीय विद्यालय बन रहा है। देश की चौथी वंदे भारत ट्रेन भी ऊना से ही चली। अगर मैं ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर तीनों जिलों की बात करूं तो मैंने इसी बार इन तीनों जिलों के लिए 620 करोड रुपए की सड़कें मंजूर कराई हैं। पार्लिमेंट के अन्य जिलों को मिला लिया जाए तो 710 करोड मंजूर हुए हैं। यह तो केवल 1 वर्ष में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की बात कर रहा हूं।
जिला परिषद कर्मचारी महासंघ इंदौरा इकाई ने मंगलवार को बीडीओ इंदौरा सुदर्शन सिंह को सामूहिक अवकाश हेतु ज्ञापन सौंपा। बता दें कि गत वर्ष उक्त संघ ने स्वयं को विभाग में मर्ज करने, छठे वेतन आयोग का लाभ लेने की मांग को लेकर हड़ताल पर गया था और उस समय सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों को उनकी सरकार आने पर पहले ही दिन से मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार को बने हुए 6 माह होने के बावजूद कर्मचारियों की मांग को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है, जिससे उक्त कर्मचारी वर्ग स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रेस के माध्यम से यह भी चेताया है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा न किया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।
प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ में मंदिर कमेटी प्रधान ओम प्रकाश कटोच की अध्यक्षता में आज बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से सावन महोत्सव धूमधाम से मनाने का प्रस्ताव पास किया गया। महोत्सव के दौरान 16 जुलाई को मासिक रामायण पाठ व शिव पुराण का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ग्यारह रामायणों का अखंड पाठ शुरू होगा, जिसका 17 जुलाई को भोग डाला जाएगा। 22 से 28 जुलाई को रूद्र्राभिषेक होगा और संतों व कथा वाचकों द्वारा श्रीमद्भागवत कथा, शिव कथा व श्री राम कथा श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए लंगर व ठहरने की व्यवस्था की गई है। सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकरी देते हुए कहा कि वैठक में मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य, जिसमें श्री शनिदेव जी का भब्य मंदिर, अतिरिक्त 6 कमरों का निर्माण इत्यादि की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर सभा के वरिष्ठ उपप्रधान वनारसी दास मेहता, अजीत सिंह, कृष्ण गोपाल शर्मा, कुलदीप सिंह, उपप्रधान युद्धवीर सिंह, महासचिव सुभाष शर्मा, सचिव गणेश दत्त शर्मा, कार्यालय सचिव जोगिंदर पाल भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा,सह प्रेस सचिव पवन शर्मा, कोषाध्यक्ष तिर्लोचन कंवर, मुख्य सलाहकार कृष्ण मन्हास, सुरजीत सिंह, संगठन मंत्री रमेश पठानिया, प्रचार मंत्री बलबीर सिंह, प्रेम सिंह,नवीन उप्पल मैनेजर देवेंद्र गौतम अशोक पठानिया, राजीव ठाकुर, विजय सिंह उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी द्वारा घोषित बीएड के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा का परिणाम शानदार रहा। प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि कॉलेज के प्रथम सेमेस्टर के सभी छात्रों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि अंजली देवी ने 78.5 प्रतिशत लेकर प्रथम स्थान और दिव्यांशी ने 78.2 प्रतिशत लेकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। वहीं अमीषा और साक्षी ने 78 प्रतिशत लेकर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन जेएस पटियाल ने और सभी अध्यापक वर्ग ने सभी परीक्षार्थियों को बधाई दी और आने वाले उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में रविवार को हिम जागृति मंच द्बारा बिग टैलेंट हंट शो का आयोजन किया गया। इसमें गुलेर के अमनदीप शर्मा ने मिस्टर आइकोनिक हिमाचल-2023 का खिताब अपने नाम किया। कार्यक्रम में मॉडल पंकज कुमार, सोनाली शर्मा व शिवानी कौशल ने जज की भूमिका निभाई। अमनदीप ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता को दिया। अमनदीप ने बताया कि उनकी माता हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती हैं। अमनदीप शर्मा ने इससे पहले भी बहुत से खिताब अपने नाम किए हैं। इनमें टैलेंट हंट ऑफ हिमाचल-2022, मिस्टर बेस्ट परफॉर्मर, मिस्टर स्टार ,जलसा शो कांगड़ा आदि कई खिताब शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने हिमाचली टोपी गाने में मॉडल की भूमिका निभाई है। वे गायक हरिश मंडियाल के पहाड़ी गाने बुढंका में नजर आएंगे, जिसका टीजर यू-ट्यूब पर आ गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक बयान जारी करते हुए जानकारी दी है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का प्रदेश अभ्यास वर्ग पालमपुर के ठाकुरद्वारा में 25 जून को संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय प्रताप, उत्तर क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री आनंद श्रीवास्तव, केंद्रीय कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य नागेश ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। आकाश नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रासंगिकता, इतिहास, आयाम, कार्य, गतिविधि, कार्यकर्ता व्यवहार, कार्य पद्धति, परिसर सक्रियता आदि विषयों पर प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश अभ्यास वर्ग में विभाग प्रमुख, विभाग संयोजक, जिला प्रमुख, जिला संयोजकों की घोषणा की गई। इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में पूरे हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिला से 220 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने रविवार सायं सोलन जिला के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के नाम पर आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला राज्य की समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ उच्च परंपराओं का भी पोषण करता है। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों के नाम देवी-देवताओं के नाम पर हैं, इसलिए इसे देवभूमि भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि 'हमारी संस्कृति, परंपराएं और कार्य देवी-देवताओं पर केंद्रित हैं। ये विश्वास ही हमें सकारात्मकता और आगे बढ़ने की ताकत देता है। उन्होंने मेले के सुचारु आयोजन के लिए माता शूलिनी मेला आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से ही यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न सामाजिक मुद्दों के माध्यम से युवा पीढ़ी को जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने राज्यपाल को हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त एवं मां शूलिनी मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल को हिमाचली शॉल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया। इससे पहले, राज्यपाल ने मां शूलिनी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की।
कांगड़ा जिला नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी कार्यान्वयन में प्रदेश में अव्वल रहा है। 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में जिले ने सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने जिले को पुरस्कार से नवाजा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य पर शिमला में हुए एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया। कांगड़ा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके एनआईसी कक्ष धर्मशाला से जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल, एडीएम रोहित राठौर , जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच समेत अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े रहे। इस मौके सभी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिलाई नशा मुक्त हिमाचल की शपथ ग्रहण की। डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिले को मिले पुरस्कार का श्रेय टीम भावना से किए काम को दिया और जिले में नशा मुक्त हिमाचल अभियान को आगे भी इसी प्रकार गतिमान रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विशेषकर जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। जागरूकता, सुधार और स्वास्थ्य पर ध्यान डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि कांगड़ा जिले में नशा निवारण पर जागरूकता बढ़ाने के साथ साथ नशे के शिकार लोगों के सुधार तथा उनके पुनर्वास व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की मजबूती पर फोकस किया गया है। साथ ही चरणवार सिविल अस्पतालों में नशा मुक्ति क्लिनिक सेवाएं शुरू की गई हैं। पहले चरण में जिले के 8 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवाएं दी जा रही हैं। वहां नशा मुक्ति के मामलों को डील करने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक और स्टाफ मौजूद हैं। साथ ही वहां नशा मुक्ति से जुड़ी सभी दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कैंपेन को बनाएं जनांदोलन, सबके सहयोग से होंगे सफल जिलाधीश ने कांगड़ा जिला वासियों से नशा मुक्त हिमाचल अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम नशे के खिलाफ जारी इस जंग में सफल होंगे। इन प्रयासों में प्रशासन के साथ समाज के हर तबके, हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता और सक्रिय सहयोग आवश्यक है। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में कांगड़ा जिले में विविध जागरूकता गतिविधियां आयोजित की र्गइं। जिलेभर में शिक्षण संस्थानों, गांवों-पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम किए गए। इनमें पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, महिला एवं युवक मंडलों, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत सभी वर्गों का सहयोग लिया गया। इसके अलावा नशा निवारण पर स्कूलों में वाद-विवाद, भाषण, नारा लेखन व चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई गईं। इस विषय पर युवाओं के साथ साथ अभिभावकों और अध्यापकों के लिए भी सेमिनार और वेबीनार कराए गए, साथ ही नशा मुक्त हिमाचल के संदेश को घर घर पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया का पूरा उपयोग किया गया। वहीं, इस दौरान प्रभात फेरियों और मैराथन के जरिए भी जागरूकता संदेश का प्रचार प्रसार किया गया। युवाओं के लिए अनेक खेल गतिविधियां आयोजित करने के साथ साथ नशा निवारण पर जागरूकता सामग्री वितरित की गई। पंचायतों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए। नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी अभियान के संदेश को जन जन तक ले जाने के प्रयास किए गए। धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी पुरस्कार वहीं, धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए पुरस्कृत किया गया। गुंजन संस्था के निदेशक संदीप परमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। बता दें, गुंजन संस्था नशा निवारण कार्यक्रमों के संचालन के साथ ही कांगड़ा जिले में नशा निवारण अभियान के कार्यान्वयन में जिला प्रशासन का निरंतर सहयोग करती रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवसÓ पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से उत्पन्न वैश्विक चुनौती तथा सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र पर इसके गंभीर परिणामों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में युवा नशीले पदार्थों की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और बौद्धिक क्षमताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने नशे की बुराई पर शिकंजा कसने के लिए समाज में इसके विरूद्ध संवेदनशीलता, सतर्कता और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नशीले पदार्थों की गर्त में फंसे लोगों के प्रभावी उपचार और पुनर्वास के लिए एक सुदृढ़ बुनियादी ढांचा बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के समीप नशीले पदार्थों की बिक्री निषेध है। अवैध रूप से युवाओं को नशीले पदार्थ उपलब्ध करवाने के मामलों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में केवल शिमला जिला में ही 400 मामले दर्ज किए गए और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के साथ नशीले पदार्थों के विरूद्ध लड़ाई के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। नशीले पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नारकोटिक्स अधिनियम में संशोधन की मांग करते हुए प्रदेश विधानसभा सेएक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा, सरकार राज्य में दो नशा मुक्ति सह-पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इनमें से एक केंद्र के निर्माण के लिए शिमला के निकट 50 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। सरकार द्वारा दोनों केंद्रों की स्थापना के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नशे के विरूद्ध लड़ाई में जन सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि लोग नशीले पदार्थों के तस्करों के बारे में पुलिस को जानकारी प्रदान करें, ताकि उन्हें समय पर पकड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज से नशे को उखाड़ फैंकने के लिए स्वयंसेवी संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान में समाज के सभी वर्गों को सम्मिलत करने के लिए निकट भविष्य में ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में नशे के विरूद्ध लड़ाई में सराहनीय कार्य के लिए विभिन्न संस्थानों और विभागों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला कांगड़ा, मंडी और ऊना के उपायुक्तों को उनके संबंधित जिलों में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज निदेशक, महिला एवं बाल विकास निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं और उच्च शिक्षा निदेशक को भी नशे के विरुद्ध छेड़े गए अभियान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। गैर सरकारी संगठनों में गुंजन संस्था धर्मशाला, मानव कल्याण समिति चौपाल और जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कुल्लू को नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों सहित जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े लोगों को नशीले पदार्थों की रोकथाम की शपथ दिलाई। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने नशे की बुराइयों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे की लत के गंभीर शारीरिक और मानसिक परिणाम होते हैं, जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज से नशे की बुराई को मिटाने के लिए सभी वर्गों की सहभागिता महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नशीले पदार्थों की रोकथाम के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते हैं।
आम आदमी पार्टी की मीटिंग ज्वालामुखी में 26 जून को हुई। पार्टी की मीटिंग में नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चर्चा की गई। इस मीटिंग में विकास धीमान, सीता राम भाटिया, राम स्वरूप धनोटिया, बिशंभर दास डोगरा, हरी ओम, प्रवीण कुमार, हुक्म चंद शयाल, धर्म चंद, हरनाम सिंह, व अमित कपूर उपस्थित रहे। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि जल्द ही आम आदमी पार्टी की जवालामुखी इकाई की कार्यकारिणी का गठन किया जाउगा। इसके लिए 9 जुलाई का दिन तय किया गया है।
कुनिहार के महाराजा पदमसिंह स्टेडियम में आज आयोजित किया जाने वाला कुश्ती मेला लगातार हो रही बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया। जानकारी देते हुए कुनिहार पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से भारी बरसात हो रही है, उसे देखते हुए यह कुश्ती मेला कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। मौसम साफ होने पर यह मेला करवाया जाएगा।
मूसलाधार बारिश की वजह से उफान पर आई मान खड्ड ने ब्यास प्रोजेक्ट की बड़ी पाइपलाइन को तोड़ कर रख दिया है। पाइपलाइन के टूट जाने से प्रोजेक्ट के तहत संचालित होने वाली 16 पेयजल योजनाएं ठप होने से 150 गांवों में पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। रविवार के दिन मरम्मत कार्य के लिए आई उतरी विभाग की टीमों को मानखड्ड में पानी के तेज बहाव के चलते बेरंग ही लौटना पड़ा। बता दें कि रविवार के दिन भी मानखड्ड में तेज बहाव बना रहा। इसका मुख्य कारण अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश बताया जा रहा है। हालांकि हमीरपुर जिला में रविवार को खास बारिश नहीं हुई लेकिन मानखड्ड का तांडव जारी रहा। इस कारण मरम्मत कार्य नहीं हो पाया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही जलस्तर में कमी होने पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ब्यास प्रोजेक्ट की पाइपलाइन कितनी जगह से टूटी है इसका सही पता पानी का बहाव कम होने पर ही लगाया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक ब्यास प्रोजेक्ट से नादौन सहित गलोड़ व बड़सर तक पानी की आपूर्ति की जाती है। मानखड्ड में ही 24 किलोमीटर की लंबी पाइपलाइन डाली गई है। हालांकि बड़सर तक इस पाइपलाइन की लंबाई 43 किलोमीटर बताई जाती है। ब्यास नदी से लेकर कश्मीर तक की पाइपलाइन मानखड्ड में है। इस पाइपलाइन के माध्यम से ही ब्यास के पानी को लगभग 16 पेयजल योजनाओं में पहुंचाया जाता है। वहां से इस पानी की आपूर्ति संबंधित क्षेत्रों में की जाती है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौजूदा राज्य सरकार की आबकारी नीति को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के दावों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। आज यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को आंकड़ों के सही स्रोत और उनकी सही जानकारी प्राप्त करने के बाद ही बयान देने चाहिए, क्योंकि झूठ बोलना उन्हें शोभा नहीं देता। जयराम ठाकुर का यह कहना कि वर्तमान आबकारी नीति से राज्य सरकार को सिर्फ 13 प्रतिशत राजस्व में वृद्धि हुई, सरासर गलत है। ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। मंत्रियों ने कहा कि अगर सरकार पिछली भाजपा सरकार शराब की दुकानों को 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ नवीनीकृत करने की नीति जारी रखती तो राज्य को सालाना लगभग 530 करोड़ रुपये का नुकसान होता। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को साफ करना चाहिए कि क्यों उन्होंने 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ शराब के ठेके देने की नीति अपनाई और इसमें क्या गोलमाल हुआ। उन्हें प्रदेश की जनता को यह भी बताना चाहिए कि पिछली सरकार में इस नीति से किन लोगों को फायदा मिला। अपने कार्यकाल में 'डबल इंजनÓ की सरकार का नारा देने वाली भाजपा ने प्रदेश को कर्ज की दलदल में क्यों धकेला। दोनों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने प्रदेश हित में शराब ठेकों के लिए नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष की नीति की तुलना में नीलामी से लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई तथा 1296 करोड़ रुपये के मुकाबले 1806 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया मार्च, 2023 में खत्म हुई, जिसमें 10 प्रतिशत अग्रिम लाइसेंस शुल्क 5 अप्रैल, 2023 से पहले जमा किया जाना था, परंतु मार्च, 2023 तक सरकारी खजाने में 66 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। साथ ही 24 जून, 2023 तक पिछले वित्त वर्ष की तुलना में रिकवरी 555 करोड़ रुपये के मुकाबले 686 करोड़ रुपये हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस धारकों को हर महीने की 7 तारीख तक 150 करोड़ रुपये मासिक लाइसेंस शुल्क भी देना होता है। ऐसे में अप्रैल और मई, 2023 के लिए कुल लाइसेंस शुल्क की एवज में 300 करोड़ रुपये की जगह आबकारी एवं कराधान विभाग को 366 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार के इन प्रयासों से जीएसटी संग्रह में भी वृद्धि हुई है। पिछले साल के मुकाबले 24 जून तक राज्य सरकार को 1065 करोड़ रुपये की जगह 1225 करोड़ रुपये मिले। राजस्व में वृद्धि से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर भी पैदा होंगे।
कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने जारी एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा के प्रत्याशी राकेश चौधरी कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और इस बात का प्रमाण एक वायरल वीडियो में साफ-साफ देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता अपने बयानों से प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रही है, लेकिन सच्चाई इस वायरल वीडियो में देखने को मिल रही है, जहां भाजपा के नेता खुद लड़ाई-झगड़े में शामिल दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सलूणी में हुई घटना में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता अपने बयानों से इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देने की नाकाम कोशिश करते रहे। इसके साथ ही शिमला में भी टैक्सी यूनियनों के विवाद को भाजपा ने क्षेत्रवाद का रंग दे दिया। सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। राज्य की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए वर्तमान राज्य सरकार का एजेंडा बिल्कुल साफ है, इसलिए भाजपा के नेता सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में अवश्य झांकें। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा ही हिमाचल में क्षेत्रवाद, जातिवाद और धर्मांधता से जुड़े मुद्दों को हवा दी है। भाजपा एक सोची-समझी रणनीति के तहत अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए भड़काऊ बयानबाजी कर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिशों में लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के इन हथकंडों से भली-भांति परिचित है और प्रदेश विधानसभा के चुनावों की तरह ही आने वाले लोकसभा चुनाव में भी उसकी इस राजनीति को नकार देगी।
भाजपा हिमाचल प्रदेश ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में हिमाचल से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने वर्तमान कांग्रेस सरकार को मनोहर चंबा हत्याकांड और प्रदेश में चल रही कानून अव्यवस्था को लेकर आड़े हाथ लिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा चंबा जिले मनोहर लाल की निर्मम हत्या के संबंध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती है। मनोहर के शरीर के 8 टुकड़े किए गए थे और इसलिए इस निर्मम हत्याकांड को महज एक हत्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि हिमाचल प्रदेश में इस तरह की अमानवीय घटना आज से पूर्व न देखी और न सुनी। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे हिमाचल को दहला कर रख दिया है। इस नृशंस हत्या में जिस परिवार की गिरफ्तारी हुई है, वह एक विशेष समुदाय से संबंध रखता है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि घटना के पीछे जिस आरोपी का हाथ बताया गया है, उसकी पृष्ठभूमि पहले से ही संदिग्ध रही है और उसका परिवार आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। गांव के लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बाहुबली ने कई बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कई वर्षों से कर रखा है। इस क्षेत्र में इस घटना से पहले भी कई भेड़ पालकों और फुहालों के गायब होने की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं। इस घटना के बाद चंबा जिला के साथ-साथ पूरे प्रदेश में आक्रोश का वातावरण बना हुआ है। भाजपा की इस हत्याकांड के संबंध में निम्न मांगें हैं: 1. सभी आरोपियों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से हो, ताकि इस परिवार की संदिग्ध गतिविधियों की सही जानकारी मिल सके। 2. इस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से प्रतिदिन सुनवाई हो और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। 3. जिला की ऊंची पहाड़ियों पर चारागाह परमिट की जांच की जाए और इसका आवंटन दोबारा से किया जाए। 4. हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले विशिष्ठ समुदायों के लोग, जो अनेक प्रकार के छोटे-बड़े कारोबार कर रहे हैं, उनकी बाकायदा नियमानुसार वैरिफिकेशन की जाए। जयराम और बिंदल ने कहा कि शिमला में लगातार लावारिस शवों के मिलने से ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के मात्र 6 महीने के कार्यकाल में ही 40 से अधिक हत्याएं, 150 से अधिक रेप केस और 183 अपहरण के मामले दर्ज हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में कहीं न कहीं स्टेट स्पॉन्सर्ड कानून अव्यवस्था चल रही है। इस अवसर पर राजभवन के बाहर भाजपा द्वारा प्रदर्शन भी किया गया जिसमें शिमला जिला अध्यक्ष और शिमला, शिमला ग्रामीण और कसुंपति के मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश आफत बना कर बरसी है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ आने से काफी नुक्सान हुआ है। कुल्लू-मंडी-रामपुर में बाढ़ से कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हमीरपुर में सुजानपुर के खैरी में रविवार को बादल फटने से पांच घरों में मलबा घुस गया। कांगड़ा के नगरोटा बगवां के उपरली मझेटली में बिजली गिरने से मां और डेढ़ साल का बच्चा झुलस गया। मंडी के सराज की तुंगधार और कुल्लू की मौहल खड्ड में बाढ़ से एक दर्जन वाहन बह गए और कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी के शिकारी देवी में शनिवार रात 200 लोग फंस गए, जिन्हें छह घंटे बाद निकाला गया। प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गईं हैं। 55 बिजली के ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर, मलबा और पेड़ गिरने से दूसरे दिन भी सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। नाहन-कुमारहट्टी और पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे भी कुछ समय के लिए बंद रहा। शिलाई के गंगटोली में खड़ी गाड़ी पर पत्थर गिरे। सतौन और पुरुवाला में खड्ड का पानी दुकानों में घुस गया। जलस्तर बढ़ने से गिरि नदी पर बने जटोन डैम का एक गेट खोलना पड़ा। प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को ऑरेंज और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर टीका टिप्पणी करने वालों पर निशाना साधा है और कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक तबके का उत्थान नहीं बल्कि आखिरी पंक्ति में बैठे आखरी व्यक्ति का उत्थान कैसे हो उस सोच को लेकर काम कर रहे हैं वह एक आम परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री बने हैं और आम लोगों की पीड़ा भी जानते हैं उसी को ध्यान में रखकर प्रदेश मैं कार्य कर रहे हैं उनके दिल में हिमाचल बसता है और मुख्यमंत्री बनने के बाद कार्यभार संभाला तो उस सबसे पहला काम उन्होंने अनाथ आश्रम पहुंचकर अनाथ आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों को हिमाचल को समर्पित कर दिया है इसके अलावा हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने के साथ शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं। रघुवीर बाली ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू उनके ही नेता नहीं है बल्कि उनकी तरह सैकड़ों नेताओं के भी नेता है वह युवाओं को आगे बढ़ाने की सोच के साथ काम कर रहे हैं इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को आगे ले जाने की सोच और बेरोजगारों को कैसे रोजगार दिलाया जाए इस पर काम कर रहे हैं मुख्यमंत्री ने व्यवस्था परिवर्तन का जो नारा दिया है। आज उस पर काम कर रहे है। प्रदेश में जो 40 सालों में नहीं हुआ वह सुख की सरकार में काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व के 5 सालों में जो एक्साइज पॉलिसी थी उसमें चंद लोगों को बुलाकर उन्हें ठेके दिए जाते थे जिससे काफी काम माय प्रदेश को हो रही थी लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में नई एक्साइज पॉलिसी लाई जिससे प्रदेश को हजारों करोड़ रुपए का फायदा हो रहा है टीका टिप्पणी कर रहे हैं ऐसे लोग हैं जो जिन्होंने कांटे बॉय और अब गुलाब मांग रहे हैं पूर्व की सरकार ने प्रदेश में इन्वेस्टर मीट करवाई और उस पर कई कई करोड़ खर्च किए गए लेकिन उसका कुछ भी फायदा हिमाचल को नहीं हुआ हिमाचल में कोई भी उद्योग नहीं लगा वही मुख्यमंत्री ने सचिवालय में ही इन वस्तुओ के साथ बैठक कर उद्योगों को लगाने की अनुमति दी है जिसे प्रदेश को काफी ज्यादा फायदा होगा।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला नगर निगम के कसुम्पटी वार्ड 27 में आयोजित कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम कसुम्पटी वार्ड के पार्षद व मंडल भाजपा के उपाध्यक्ष रचना शर्मा द्वारा आयोजित किया गया। सम्मान कार्यक्रम के साथ-साथ प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया। हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में रचना शर्मा भाजपा की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ी। उन्हें बड़े मार्जन से जीत मिली, जिसके बाद आभार व परिवार मिलन का कार्यक्रम प्रीतिभोज पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कसुम्पटी वार्ड के प्रमुख कार्यकर्ताओं को पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सम्मानित किया। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज व जिला भाजपा व मंडल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। रचना शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की कर्मठ मेहनत के चलते हमें इस वार्ड से सफलता मिली है और हम लगातार विकास को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सभी कार्यकर्ताओं को वार्ड में बेहतर काम करने के लिए शाबाशी दी वहीं पार्षद निर्वाचित हुई रचना शर्मा को बधाई दी ।उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं को सम्मानित करते हुए उनकी मेहनत पर पीठ थपथपाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीड की हड्डी हंै। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शिमला नगर निगम में जनता की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि हमने नगर निगम में पहले भी विकास के काम करवाए हैं,भाजपा सरकार ने और केंद्र ने कोई कसर नहीं रखी, अब भाजपा के पार्षद जनता के हितों की रक्षा नगर निगम में करेंगे। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी पार्षद रचना शर्मा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इस अवसर पर इस मौके पर ज़िला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार,ज़िला महामंत्री अंजना, कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष जतिंद्र भोटका ,शिमला के अध्यक्ष राजेश शारदा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा,पार्षद रचना शर्मा, कुसुम ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा देवी, निशा ठाकुर, प्रतिभा बाली, संजना चौहान, कल्पना शर्मा, केशवानन्द झीना, जयराम गोल्डी, सुदर्शन आज़ाद, राजेश सैनी, पारस जैन,बीपी शर्मा, गौरव शर्मा,विशाल,हितानी सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिमाचल डांस चैंपियनशिप का सेमीफाइनल शिमला के आईजीएमसी ऑडोटोरियम में हुआ। इसमें परवाणू के रहने वाले दिव्यांशु शर्मा ने सीधा फाइनल में जगह बना ली है। दिव्यांशु का प्रदर्शन ज्यूरी को इतना पसंद आया कि उन्होंने उसे सीधा फाइनल का टिकट दे दिया। उनका कहना था कि उन्होंने इस तरह की परफोर्मेंस बहुत समय बाद देखी है। बता दें कि दिव्यांशु शर्मा India's Talent fight season-2 के मंच पर दिख चुके हैं। दिव्यांशु का सपना है कि वह एचडीसी की ट्रॉफी जीतकर अपने माता-पिता एवं अपने गुरुओं का नाम रोशन करे। दिव्यांशु के पिता का नाम नरेश शर्मा और माता का पूजा शर्मा है। वह परवाणू के सीनियर सकेंडरी स्कूल में 11वीं का छात्र है।
आलमपुर में शनिवार की शाम को विक्की मैहरा के घर में लगभग सात फुट लंबा (धामण ) रैट स्नेक सांप देखा गया, जो कि आंगन में क्यारियों के साथ बैठा हुआ था। जब विक्की मैहरा की नजर उस पर पड़ी तो वे बहुत डर गए और शोर मचाया। शोर सुनते ही आसपास के सभी घरों के लोग बाहर निकल आए। इसकी सूचना स्नेक मैन के नाम से हिमाचल के मशहूर माथुर धीमान को सूचित किया। माथुर धीमान व उनकी 14 वर्षीय बेटी खुशी धीमान मौके पर पहुंचे और सांप का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू करते समय बार-बार बेटी खुशी के हाथ को सांप ने बुरी तरह लपेट रहा था, लेकिन उसके लिए यह आम बात है। यह सांप लगभग 7 फुट का था जबकि विक्की की लंबाई 6 फुट से ऊपर है। माथुर धीमान ने बताया कि यह सांप बिल्कुल विषहीन होता है, लेकिन बहुत लंबा और मोटा होता है इसको देखते ही बड़ों-बड़ों को पसीने आ जाते हैं। इसका मुख्य आहार पक्षियों के बच्चे और चूहे होता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि शिमला में होने वाली प्रस्तावित गठबंधन दलों की बैठक देश की भावी राजनीति के लिए एक मिल का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए चुना जाना प्रदेश के साथ साथ कांग्रेस के लिए बहुत ही बड़ी गर्व की बात है। शिमला एक बार फिर से राजनीति के एक नए अध्याय का गवाह बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी शिमला देश की राजनीतिक के महत्व की वार्ताओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और प्रदेश कांग्रेस इसका स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव देश की राजनीति की दिशा व दशा तय करेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने इसकी शुरुआत कर दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा के दलों के साथ आगे बढ़ेगी जिससे देश मे भय, नफरत व ध्रुवीकरण की राजनीति का अंत हो सके। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि 2003 में तत्कालीन प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार के समय जुलाई में ही शिमला में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का चिंतन शिविर हुआ था जिसमें यूपीए की नींव रखी गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार फिर से यूपीए गठबंधन को मजबूती मिलेगी और इसका विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली जाकर इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस सारे कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
कांग्रेस ने देश में 21 महीने तक आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया था। यह बात हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपातकाल काला दिवस पर कसुम्पटी मण्डल भाजपा द्वारा आयोजित कसुम्पटी वार्ड 27 के कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कही ।इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादाओं को केवल अपने स्वार्थ के लिए स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने तोड़ने का काम किया और न्यायालय का फैसला अपने विरोध आता देखकर आपातकाल लगा दिया और लोकतंत्र की आवाज को दबा दिया, कोई व्यक्ति सरकार के विरुद्ध आवाज नहीं उठा सकता था। उन्होंने कहा कि मीडिया पर पाबंदी लगी ,तानाशाही का शासन हुआ और सैकड़ों हजारों लोगों को यातनायें दी गई, केवल सत्ता के लिए आपातकाल को थोपा गया ।उन्होंने कहा कि आज भी आपातकाल के जख्म हरे है। आज भी जिन लोगों ने आपातकाल की यात्राएं सही हं,ै उनकी रूह कांपती है। विभिन्न प्रकार से यातनाएं दी गई ।उन्होंने कहा कि एक आजादी की लड़ाई अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ी गई और दूसरी लड़ाई अपनी ही सरकार के विरुद्ध लोगों को लड़नी पड़ी। जयराम ठाकुर ने कहा कि 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया गया। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से सरकार की नींव हिली और यह आपतकाल लंबा चलाने का प्रयास हुआ, लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज के आगे सरकार को झुकना पड़ा और 21 महीने के बाद आपातकाल हटा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेताओं को आपातकाल पर जवाब देना चाहिए जो अपात्काल को सही ठहराते हैं उनका भारत जैसे लोकतंत्र में आपातकाल को सही करार नहीं दिया जा सकता। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जिन लोगों ने आपातकाल के दौरान जेल काटी लड़ाई लड़ी उनके सम्मान में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना शुरू की गई ,इसके तहत लोकतंत्र के इन प्रहरियों को सम्मानजनक राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बंद किया है और राज्यपाल के पास अध्यादेश पड़ा है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से काम किया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस के माथे पर कलंक है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को शॉल टोपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार, जिला महामंत्री अंजना,कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष जतिंद्र भोटका, शिमला के अध्यक्ष राजेश शारदा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा,पार्षद रचना शर्मा, कुसुम ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा देवी, निशा ठाकुर, प्रतिभा बाली, संजना चौहान, कल्पना शर्मा, केशवा नन्द झीना, जयराम गोल्डी,सुदर्शन आज़ाद, राजेश सैनी, पारस जैन, बीपी शर्मा, गौरव शर्मा सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे । मोदी ने विश्व में बढ़ाया भारत का मान पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही की अमेरिका यात्रा के दौरान जिस प्रकार से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मान सम्मान मिला है ,वह अपने आप में गौरवान्वित करता है। उन्होंने कहा कि देश का सम्मान बढ़ाने के लिए मोदी बधाई के पात्र हैं। हिमाचल के विकास को बढ़ाया आगे पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने हिमाचल को योजना दी है।आज हिमाचल लोग विकास के पथ पर आगे बढ़ा है ,उन्होंने की लगातार प्रदेश को विकास में आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविार को गेयटी थिएटर शिमला में नशे के विरूद्ध पुलिस विभाग के 'प्रधाव' अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं के पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को नशे के विरुद्ध एकजुट प्रयासों की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एक समर्पित विशेष कार्य बल बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने नशीले पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को नशे के चंगुल से छुड़ाने के लिए जागरूकता अभियान बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नारकोटिक्स एक्ट को और कड़ा बनाने संबंधी मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है, ताकि ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास में सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में दो अत्याधुनिक नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रत्येक केंद्र की स्थापना के लिए 50 बीघा भूमि चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नागरिकों का कल्याण और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों की चुनौती से निपटने के लिए प्रयासरत है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण पर बल देते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने पुलिस विभाग को और कार्यकुशल बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में चार नए पुलिस स्टेशन स्वीकृत किए हैं, जिनमें से तीन कीरतपुर-मनाली फोरलेन राजमार्ग पर और एक कांगड़ा जिले के बीड़ में स्थापित होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य की विकट वित्तीय स्थिति के बावजूद, सरकार नागरिकों को जन कल्याण पर केंद्रित प्रशासन प्रदान करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि वे सुगम सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस बार के बजट में कई हरित पहल की हैं, जिसके परिणाम शीघ्र ही दृष्टिगोचर होंगे। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से शीघ्र ही हिमाचल देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक बनकर उभरेगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नशे के खिलाफ पुलिस के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग पुनर्वास केंद्रों से ठीक होने वाले व्यक्तियों को आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा के जोड़ने के लिए उनके कौशल में निखार लाना है। कार्यकारी पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
मां शूलिनी मेला की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने पूरे पंडाल के साथ मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरी सांस्कृतिक रात्रि में जिला सिरमौर व कुल्लू के सांस्कृतिक दलों के साथ साथ कुमार साहिल, सुमन सोनी, सोलन की रिया श्रेया जग्गी और मेधा-शिवानी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दूसरी संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि मंत्री डॉ. शांडिल ने किया। इससे पूर्व गंज बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में शीश नवाया और सभी के खुशहाल जीवन की कामना की। मां शूलिनी मेला के अवसर पर सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी भव्य शोभा यात्रा के साथ तीन दिनों के लिए गंज बाज़ार स्थित इसी प्राचीन पीठ की ओर प्रस्थान करती हैं और इस मंदिर में ही अपनी बहन के पास निवास करती हैं। जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उपमहापौर राजीव कौड़ा, पार्षदगण, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेंद्र सेठी, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, अजय कंवर, शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, कांग्रेस पार्टी एवं युवा कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन एवं मां शूलिनी मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त एवं मेला अधिकारी अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अन्य गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में दर्शक इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 10वीं एचपी पुलिस हाफ मैराथन-2023 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 10वीं हाफ मैराथन के माध्यम से नशे की बुराई के विरुद्ध समाज के प्रत्येक वर्ग ने भारी बारिश के बावजूद जिस उत्साह का प्रदर्शन किया। वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नशे की बुराई का संदेश लेकर इस दौड़ में बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि 'रन फॉर ड्रग फ्री, सेफ एंड ग्रीन हिमाचलÓ के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में पुलिस विभाग का यह प्रयास निश्चित रूप से कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि समाज से नशे की बुराई को समाप्त कर देवभूमि की गरिमा को बनाए रखने के प्रयास निरंतर जारी रखे जाने चाहिए। उन्होंने इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को इस तरह के जागरूकता अभियानों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, तभी समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह से खत्म कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से हिमाचल को नशामुक्त बनाने में योगदान देने और नशे के विरूद्ध हर अभियान में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर राज्यपाल ने राज्य पुलिस द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यकारी पुलिस महा निदेशक, सतवंत अटवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और 10वीं हाफ मैराथन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस हाफ मैराथन में पर्यटन विभाग ने भी सहयोग किया है। इस अवसर पर पुलिस एवं अन्य विभागों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जल स्रोतों में भारी गाद इकठ्ठा हो गई है। इसके चलते अगले कुछ दिन तक शिमला शहर में जल आपूर्ति में कमी रहेगी। वहीं, एसजेपीएनएल ने उपभोक्ताओं से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने का किया अनुरोध किया है। जल स्रोतों में गंदगी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों सहित हानिकारक रोगाणुओं के बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में एसजेपीएनएल ने जनता से पानी को 10 मिनट तक उबालने के बाद पीने का अनुरोध किया है।
हिमाचल प्रदेश मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है। कृषि और संबद्ध गतिविधियां प्रदेश की कुल आबादी के लगभग 70 प्रतिशत को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार उपलब्ध करवाती हैं। सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 13.62 प्रतिशत है। पशुपालन भी कृषि संबंधी गतिविधियों का अभिन्न अंग है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियां प्रमुखता से की जाती रही हैं। प्रदेश में पारम्परिक पद्धति के साथ-साथ नई पहल से पशुपालन के फलस्वरूप हिमाचल में संपन्न पशुधन है। 19वीं पशुधन जनगणना के अनुसार, हिमाचल में पशुधन की कुल संख्या 48,44,431 है। इनमें 21,49,259 गाय, 7,16,016 भैंस शामिल हैं। इसके अलावा भेड़, बकरी, घोड़े और मुर्गियां इत्यादि अन्य पशुधन भी ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान करते हैं। राज्य में दूध आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने एक नई योजना हिम-गंगा की घोषणा की है। इस योजना के तहत पशुपालकों को लागत आधारित दूध का सही मूल्य प्रदान किया जाएगा और दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा अपने पहले बजट में हिम-गंगा योजना के लिए 500 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा योजना के प्रथम चरण (वर्ष 2023-24) के लिए हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ को 20 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्रदान करने की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए महिलाओं से जुड़ी दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं की पहचान कर उन्हें भी संगठित किया जाएगा। इस योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत जिला कांगड़ा और हमीरपुर के पशुपालकों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके उपरान्त चरणबद्ध ढंग से इस योजना को अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति द्वारा जिला कांगड़ा में 150 और जिला हमीरपुर में 50 दुग्ध आधारित समितियां गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले छह माह के दौरान लगभग 48 नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां गठित की गई हैं। हिमाचल में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने और दुग्ध संबंधी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए जिला कांगड़ा के डगवार में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन से लेकर विपणन संबंधी गतिविधियां एनडीडीबी की सहायता से की जाएंगी। एनडीडीबी संयंत्र के संचालन और दुग्ध उत्पादों के विपणन के लिए अपने खर्च पर दो सलाहकार भी उपलब्ध करवाएगा। लगभग तीन लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले पूर्ण स्वचालित डगवार दुग्ध संयंत्र में उच्च गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र के स्थापित होने से जिला कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चम्बा जिलों के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी से 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता के पाऊडर संयंत्र स्थापित करने के साथ ही 11 संयंत्रों के उन्नयन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया गया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने प्रतिज्ञा पत्र में किसानों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर खरीदने के लिए किए गए वायदे को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। हिमगंगा योजना के शुभारंभ से प्रदेश सरकार इस वायदे को पूरा करने की ओर अग्रसर है।
कांगड़ा वैली कार्निवल के बैनर तले पुलिस मैदान धर्मशाला में सजे समर शॉपिंग फेस्टिवल में फुलकारी सूट और जयपुरी कुर्ती की खूब धूम है। वहीं यहां मिल रही खानपान और मनोरंजन की फुल वैरायटी का भी लोग पूरा लुत्फ उठा रहे हैं। बता दें, 15 जून को आरंभ हुआ यह समर शॉपिंग फेस्टिवल 29 जून तक चलेगा। फेस्टिवल में सस्ते दामों में देश-विदेश के बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध हैं। वहीं, यहां तरह तरह के व्यंजनों का स्वाद लेने का शानदार अवसर होने के साथ ही बच्चों के मनोरंजन को झूले, वॉटर बोट सुविधा सहित तमाम इंतजाम हैं। इन उत्पादों की अधिक डिमांड समर शॉपिंग फेस्टिवल में रोजाना की आवश्यकताओं समेत सजावट, फैशन के उत्पादों और फर्नीचर तक की खरीदारी के बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। वहीं कुछ आइटम ऐसी हैं, जिनकी लोगों में अधिक डिमांड है। इनमें बनारसी साड़ी, फुलकारी सूट, जयपुरी कुर्ती, अफगान ड्राइ फ्रूट, सहारनपुरी फर्नीचर, बदोई कारपेट, कश्मीरी शॉल, क्रॉकरी और बॉम्बे क्लोथ एवं लहंगे की खूब मांग है। परिवार के साथ आउटिंग को परफेक्ट प्लेस समर शॉपिंग फेस्टिवल में एक ही स्थान पर शॉपिंग, डाइनिंग और मनोरंजन के पैकेज से लोग काफी खुश हैं। यह परिवार के साथ आउटिंग को परफेक्ट प्लेस बन गया है। परिवार सहित समर शॉपिंग फेस्टिवल का आनंद ले रही पंजाब की सुजाता का कहना है कि शॉपिंग के साथ ही यहां खाने की बेहतरीन वैरायटी का लुत्फ लेने का अवसर मिलना अपने आप में मजेदार है। वहीं धर्मशाला की रीना, ज्वालामुखी के प्रवेश, बैजनाथ के पंकज बताते हैं कि फेस्टिवल में साउथ इंडियन फूड, दिल्ली 6 की चटपटी चाट, सिक्किम समेत अन्य राज्यों की खाने की स्वादिष्ट डिशेज का आंनद लेना अपने आप में शानदार अनुभव है। वहीं बच्चों के मनोरंजन को तरह तरह के झूले, वॉटर बोट सुविधा सहित अन्य इंतजाम बहुत मजेदार हैं। क्या कहते हैं कि जिलाधीश जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार पहली बार धर्मशाला में कांगड़ा वैली कार्निवल का आयोजन किया गया है। इसमें 16 से 19 जून तक आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं को लोगों ने खूब पसंद किया। वहीं कार्निवल के तहत समर शॉपिंग फेस्टिवल का भी आयोजन किया गया है, जिसके जरिए प्रयास हैं कि लोगों को पुलिस मैदान में पूरे परिवार के साथ खरीदारी, खानपान और बच्चों को खेलकूद, मनोरंजन के अच्छे अवसर मिलें। कांगड़ा के पर्यटन राजधानी के रूप में विकास में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
रविवार सुबह चंबा जिले में खड़ामुख-होली मार्ग पर एक बड़ा हादसा पेश आया है। यहां खड़ामुख के पास एक आल्टो कार अनियंत्रित होकर चमेरा डैम में जा गिरी। हादसे के समय कार में कितने लोग सवार थे अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन मान जा रहा है कि कार में चार से पांच लोग सवार हो सकते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय कार होली से चंबा की तरफ जा रही थी। इसी दौरान खड़ामुख से कुछ पिछे अचानक से चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और कार सिधे डैम में जा गिरी। घटना की पुष्टि करते हुए डीएसपी हेडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि अभी तक कार में सवार लोगों की संख्या का पता नहीं चल पाया है।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी मंडी रेंज ने जिला कुल्लू के पतलीकूहल में भागमल (45) पुत्र चुन्नी लाल निवासी मंडी के कब्जे से 7 लाख रुपये मूल्य की 2.300 किलोग्राम चरस और 838 ग्राम अफीम बरामद की है। पुलिस थाना पतलीकूहल में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
पहाड़ों में इन दिनों हजारों की संख्या में पर्यटकों पहुंच रहे है और इससे हिमाचल को आमदनी भी हो रही है। इसके साथ ही यह भी एक सत्य है कि जितनी ज्यादा संख्या में पर्यटक पहाड़ों में पहुंच रहे है उतना ही ज्यादा कचरा भी साथ लेकर आ रहे हैं, अब इसे जागरूकता का आभाव समझे या जान पूछ कर किया जाने वाला कार्य। प्रदेश के सभी स्थानों की भांति जिला सिरमौर के चूड़धार के लिए भी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। लोग ट्रैक पर खान-पीने की वस्तुएं लेकर जाते हंै, लेकिन उसका कचरा साथ में वापिस न लाकर पहाड़ों पर ही फेंक देते हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोग जो पहाड़ों पर दुकानें लगाते हंै वे भी अपनी दुकान के आसपास ही कूड़ा फेंक देते हैं। इससे न केवल प्रदूषण फैलता है, बल्कि पहाड़ों की सुंदरता पर भी दाग लगता है। प्रसिद्ध पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर अपनी टीम के साथ चूड़धार ट्रैक पर पहुंची और उन्होंने शिरगुल देवता के दर्शनों के साथ पहाड़ों की सफाई भी की। इस दौरान बलजीत की टीम ने यहां से करीब 35 किलो कचरा एकत्र किया। बलजीत कौर ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी लोग पहाड़ों पर जाते हैं और अपने साथ खाने पीने की वस्तुएं लेकर जाते हंै तो उन सभी का कचरा अपने साथ वापिस लेकर आएं। यदि पहाड़ों पर कचरा फेंका जाएगा तो इससे प्रदूषण के साथ पहाड़ों की सुंदरता भी खराब होती है। बलजीत ने चूड़धार के रास्ते और चूड़धार पर लगाई जाने वाली दुकानों के लोगों से भी आग्रह किया कि वे लोग भी अपनी दुकानों के आसपास कूड़ा न फैलाएं और लोगों को भी कूड़ा फेंकने से रोके और जागरूक करें। बलजीत ने कहा कि इस बार हमारी टीम ने इस सुंदर पहाड़ी से 35 किलो कचरा एकत्र किया है, लेकिन अभी भी यहां और कचरा बाकी है, जिसके लिए हम आने वाले समय में एक और बड़ी टीम बना कर चूड़धार की सफाई करेंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी इस कार्य में सहयोग की अपील की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ तस्वीरें सांझा कर यह जानकारी दी हैं।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 जून, 1975 अर्थात आजादी के बाद के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे बड़ा काला अध्याय लेकर आया। देश में कांग्रेस पार्टी का शासन था, कांग्रेस पार्टी का एक छत्र राज था, इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी। उच्च न्यायालय का फैसला इंदिरा गांधी को अपने पद से उतारता था, परंतु अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए एवं प्रधानमंत्री बने रहने के लिए उन्होंने लोकतंत्र की हत्या कर दी। आधी रात्रि समय जब पूरा देश गहरी नींद में सो रहा था, इंदिरा ने देश में आपातकाल लगा दिया। रातों-रात 50 हजार से अधिक छोटे-बड़े नेताओं को जेल की काल कोठरी के पीछे डाल दिया। अखबारों की, मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली गई। सभी मीडिया हाउसिज पर पहरा बिठा दिया गया और वहीं छपने लगा जो इंदिरा कहती थीं। जिन्होंने विरोध किया उन्हें नेस्ते नाबूत कर दिया। आपातकाल के खिलाफ देशभर में आंदोलन शुरू हुए, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ व अन्य संगठनों ने किया। सत्याग्रह करने वाले नेताओं/कार्यकर्ताओं पर बर्बरता की इंतहा हुई। उन पर झूठे मुकदमे दर्ज हुए और अंग्रेजों द्वार किए गए अत्याचारों को पीछे छोड़ दिया गया। ''इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिराÓÓ यह स्लोगन देश पर चस्पा किया गया। डॉ. बिंदल ने कहा कि मुझे याद आता है वह समय जब मैं मेडिकल का छात्र था और अखबारों पर लगाई गई सेंसरशीप का विरोध मुखर होकर करना शुरू किया। जुनून इस कदर बढ़ा कि अपने कमरे में साईकलोस्टाईल मशीन रखकर एक पन्ने का हस्तलिखित अखबार छापना शुरू किया। प्रतिदिन प्रात: 4 बजे विश्वविद्यालय एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर वह साइकलोस्टाईल पत्रक हम साइकलों पर जाकर डाल आते थे। दो महीने तक पुलिस ने बहुत तलाश की, अंततोगत्वा हमारी चेन पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस द्वारा थाने में 15 दिन लगातार जो यातनाएं दी गई उन्हें स्मरण कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तत्पश्चात हमारे उपर एक झूठा मुकद्मा दर्ज किया और डीआईआर (डिफेंस इंडिया रूल) के अंतर्गत करनाल जेल में डाल दिया गया। पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट से साढ़े चार महीने बाद राहत मिली। मेरे जैसे डेढ़ लाख लोग इस आपातकाल के शिकार हुए। डॉ. बिंदल ने कहा कि मेरे देश ने मुगलों की गुलामी के खिलाफ 600 साल संघर्ष किया। लाखों-लाखों लोगों ने बलिदान दिया। अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ 200 साल मेरे देश ने लड़ाई लड़ी। अंततोगत्वा त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा के बाद 1947 में देश को आधी-अधूरी आजादी प्राप्त हुई। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जल्दी सत्ता प्राप्त करने के लिए देश का विभाजन स्वीकार किया। देश ने लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर देश को चलाने का निर्णय किया। 800 साल के संघर्ष के बाद जो लोकतंत्र भारत में आया था, उस लोकतंत्र को केवल 28 साल के बाद इंदिरा गांधी ने तानाशाही में तबदील कर दिया। इस तानाशाही के खिलाफ देश ने दूसरी लड़ाई लड़ी। सभी राजनीतिक दल जनता पार्टी के बैनर तले एकत्र हुए और 19 महीने की तानाशाही को 1977 में समाप्त किया और पुन: लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना की गई। डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि देश ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए दूसरी लड़ाई न लड़ी होती तो भारत देश तानाशाह देश होता और विकास से कोसों दूर होता। सत्ता की लोलुप्ता का शायद सबसे बड़ा जीता जागता सबूत 1975 की 25 जून को लगाई गई एमरजेंसी है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से नया ग्रीनहाउस बनाने के लिए 85 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नूतन पॉलीहाउस परियोजना नामक योजना का लाभ कई सारे किसान उठा रहे हैं। इस योजना का लाभ ज्वालामुखी उपमंडल की ग्राम पंचायत लहासन के लहासन गांव के लाल चंद भी उठा रहे हैं। वह पहले अपनी भूमि में गेहूं, मक्का एवं चारा उगाते थे। कृषि विभाग देहरा से लाल चंद ने मुख्यमंत्री नूतन पॉलीहाउस योजना के बारे जानकारी प्राप्त की तथा यह भी जाना कि इस योजना से उन्हें 85 फीसदी फीसदी तक अनुदान मिलेगा। उन्होंने तुरंत ही कृषि विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट में जाकर आवेदन किया और उसके पश्चात 3 ग्रीनहाउस (105) बनाए। इन ग्रीनहाउस से उनकी आय में काफी वृद्धि हुई तथा उन्हें फसल विविधिकरण में भी सहायता मिली, जिसके उपरांत उन्होंने सब्जी का उत्पादन करने का लाभ भी मिला कृषि विकास खंड के कृषि विकास अधिकारी आदित्य महाजन ने बताया कि किसान मुख्यामंत्री पॉलीहाउस योजना के तहत 85 फीसदी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं तथा अपनी आय में वृद्धि भी कर सकते हैं।
देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहा शिमला शहर आज भी पर्यटकों को बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित करता है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इनकी बढ़ती संख्या के अनुरूप शहर में सड़क अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं प्रदान करने पर वर्तमान प्रदेश सरकार विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला शहर में सर्कुलर रोड पर वाहनों की भीड़-भाड़ कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से 100 करोड़ रुपये की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य शहर में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ पर्यटकों एवं आंगतुकों को आवाजाही की निर्बाध सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के तहत आवंटित धनराशि में से लगभग 77 करोड़ रुपये भूमि एवं निजी ढांचागत निर्माणों इत्यादि के अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 20 करोड़ रुपये का प्रावधान सड़कों के विकास और विस्तारीकरण के लिए किया गया है। इसके अतिरिक्त, मेट्रोपोल से प्रदेश उच्च न्यायालय जंक्शन तक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को इस कार्य में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व-विख्यात पर्यटन स्थल शिमला पहुंचने वाले पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को सुविधाएं प्रदान करने पर प्रदेश सरकार विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को इस संबंध में सर्वेक्षण करने तथा संकरे एवं तंग स्थलों की पहचान कर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए 97 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है और आवश्यकता अनुसार राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए विभिन्न पार्किंग स्थल भी विकसित किए जाएंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल में पर्यटन उद्योग के विकास के लिए अनुकूल नीतिगत बदलावों एवं पर्यटन मित्र दृष्टिकोण से कार्य कर रही है साथ ही, पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में भी तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। कांगड़ा घाटी को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है और यहां बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है और प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के दृष्टिगत विभिन्न सुविधाओं का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि मई, 2023 तक प्रदेश में लगभग 72 लाख पर्यटक पहुंचे और प्रदेश सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में पर्यटकों की इस संख्या को पांच करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार एक नई पर्यटन नीति भी लाएगी जिससे पर्यटन क्षेत्र को और बढ़ावा मिलेगा।
वेद मंदिर योल में पिछले दो महिनों से चल रहे यज्ञ अनुष्ठान में सम्मिलित होते हुए आज उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आहुतियां डालीं। उन्होंने इस अवसर पर वेदों की ऋचाओं पर यज्ञ में आहुतियां डालते हुए जिला वासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि मन, शरीर, बुद्धि, आत्मा और वातावरण की शुद्धि करने में सक्षम यज्ञ अनुष्ठान हमारी जीवंत संस्कृति और सनातन परम्पराओं के द्योतक हैं। उन्होंने कहा कि वेद सबके सुख की कामना करते हैं और वेदों की ऋचाएं शांति का संदेश देती हैं। बता दें कि वेद मंदिर योल में अप्रैल माह से वेदों की पावन ऋचाओं के साथ यज्ञ किया जा रहा है। जिसमें योगाचार्य स्वामी राम स्वरूप की अध्यक्षता में वेदों की ऋचाओं के उच्चारण के साथ अनुष्ठान हो रहा है। जन कल्याण के उद्देश्य से हो रहे इस यज्ञ की पूर्णाहुति कल डाली जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय नशा-निवारण दिवस के अवसर पर जिला किन्नौर में नशा-निवारण जागरूकता अभियान के तहत आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की श्रृखंला में आज जिला के विभिन्न विद्यालयों में नशे से दूर रहने विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि आज जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तांगलिग, राजकीय उच्च पाठशाला बड़ा-कम्बा, राजकीय उच्च पाठशाला पानवी, राजकीय उच्च पाठशाला कंगोस व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ तथा सापनी में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें नारा-लेखन, प्रश्नोत्तरी व भाषण प्रतियोगिता शामिल रही। इस दौरान विद्यार्थियों ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर अपने विचार विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रकट किए। विद्यालय के विद्यार्थियों ने नशे पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि नशा मनुष्य को मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है।
उपमंडल स्तर पर स्थापित कंट्रोल कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा ताकि आपदा से त्वरित प्रभाव से निपटा जा सके।य ह जानकारी उपमंडल अधिकारी देहरा शिल्पी बेक्टा ने आज उपमंडल कार्यालय में हुए बैठक में दी।उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण जोकि उपायुक्त महोदय कांगड़ा स्थित धर्मशाला के कार्यालय से उपमंडल को उपलब्ध करवाए जायेंगे। जल स्त्रोतों की हो सफाई और डीसिल्टिंग उपमंडल अधिकारी ने कहा की आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व उपमंडल स्तर के सभी क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी देहरा , प्रागपुर , नगरोटा सूरियां और नगर परिषद देहरा के माध्यम से नदी , नालों, कुहलो,चेक डैम और अन्य प्राकृतिक जल स्त्रोतों की साफ सफाई सुनिश्चित की जाए। उपमंडल स्तर पर जेसीबी मशीनों की मैपिंग एसडीएम ने विभागों को निर्देश दिए की आपात स्थिति में उपयोग में आने वाली सभी मशीनरी जो भी विभागों के पास उपलब्ध है की सूची तैयार रखे और 27 जून से पूर्व एसडीएम कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करे। सक्षम सूचना तंत्र हो विकसित एसडीएम देहरा ने बैठक में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए की बरसात की ऋतु से पूर्व पूरे उपमंडल में स्थानीय जनता तक सूचनाओं और संदेशों को पहुंचाने का मजबूत सूचना तंत्र तैयार किया जाए।उन्होंने कहा की मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी नियमित तौर पर लोगो तक पहुंचाने के लिए भी उपयुक्त कदम उठाए जाए। सचेत ऐप का करे उपयोग एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए की बरसात की ऋतु के समय उपमंडल की स्थानीय जनता को सचेत ऐप का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतु प्रेरित करे। एसडीएम ने बैठक में सभी तहसीलदार नायब तहसीलदार को निर्देश देते हुए कहा की बारिश के मौसम में बाढ़ तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास कैंप लगाने के लिए भी पहले से स्थान निश्चित करके रखे।उन्होंने कहा की आपदा के समय में तुरंत प्रभाव से स्थान चुनना और वहां व्यवस्थाएं करना कठिन होता है इसलिए रिलीफ कैंप के लिए स्थान पहले से निर्धारित होना चाहिए।
नशा मुक्त हिमाचल अभियान के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आज नशे के खिलाफ डीएवी पब्लिक स्कूल देहरा के छात्र व छात्राओ द्वारा देहरा बाजार में रैली निकाली गई। इस अवसर पर पुलिस विभाग से एसएचओ संदीप पठानिया और तहसील कल्याण अधिकारी आदर्श शर्मा ने बच्चो को नशे से कैसे बचा जा सकता है के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान स्कूल के शिक्षक भी उपस्थित रहे।
**पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला लिंगड़ स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक ख़ूबसूरती के साथ प्राकृतिक रूप से उगने वाली जड़ी-बूटियाँ और सब्ज़ियां भी भरपूर मात्रा में पाई जाती हैं। उन्हीं में से एक है लिंगड़ ( लिंगडु ,लिंगडी)की यह सब्ज़ी,यह उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में पाई जाती है। लिंगड़ का सब्ज़ी के अलावा आचार भी बनाया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू और मंडी में इसे लिगुंड , कांगड़ा घाटी में इसे कांगड़ी बोली में लुंगडू कहा जाता है, चंबा में इसे कसरोद के नाम से जाना जाता है। दार्जिलिंग और सिक्किम में नियूरो कहा जाता है। त्रिपुरा में मुइखोनचोक और उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में इसे लिंब्रा कहते हैं। इसका वानस्पतिक नाम फिडेलहेड फर्न है। लिंगड़ न केवल स्वाद में अच्छा है बल्कि यह स्वस्थ के लिए भी लाभप्रद होता है। लिंगड को सब प्रकार के विटामिन्स,मिनरल्स और माइक्रोन्यूट्रियंट्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। आजकल के दिनों में यह प्राय जंगलों में देखने को मिलता है और लोग इसे आचार के उपयोग के लिए प्रयोग कर रहे हैं और बाजारों में भी आजकल लिंगुड उपलब्ध है। सब्जी बनाने की विधि सही लिंगुड़े का चुनाव कर इस पर लगे रोंये को बारीकी से साफ कर पानी में अच्छी तरह से धो लें। धोने के पश्चात लिंगोड़ों को काटने के बजाय हाथ से तोड़ तोड़कर टुकड़े करें। तोड़ते समय जो रेसे निकले उन्हें सभी निकाल दें। यानि इन्हें सब्जी में न डालें। सब्जी बनाने के लिए मुलायम डंठलों और घुमावदार हिस्से को ही उपयोग में लाएं साथ ही कुछ मात्रा में मुलायम पत्तियां भी अवश्य मिलाएं। सब्जी बनाने के लिए एक लोहे का कढ़ाई ले और सरसों का तेल आवश्यक मात्रा में डालें। तेल गर्म होने पर सरसों के बीजों का डाल दें। उसके बाद तोड़े हुए लिगुडे डाल कर तब तक घुमाते रहें जब तक कि तेल सभी तोड़े हुए लिगुड़ों में अच्छी तरह से मिल जाये। एक-दो मिनट तक धीमी आंच पर कढ़ाई पर चलाते हुए पकाएँ। कुछ समय के लिए ठक्कन रख कर पकने के लिए छोड़ दें। फिर सिलबट्टे में पिसे हुए मसालों को गाढ़ा कर सब्जी में अच्छी तरह मिला लें और कुछ देर डककर पकने को छोड़ दें। समय-समय पर चलाते रहें। यदि मसाले जल रहे हो हो हल्के पानी के छोटे मार लें क्योंकि लिंगुड़े की सब्जी में पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती है। सब्जी पकने पर सुगंध आने लगती है। सुगंध आने लगे तो आग बुझा दें और सब्जी को ढककर ही रखें। 5 मिनट के बाद आप स्वादिष्ट लिगुडे की सब्जी का आनंद ले सकते हैं।
एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को छात्रों की विभिन्न समस्याओं के बारे में ज्ञापन दिया। एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि काफ़ी दिनों से छात्रों को परीक्षा फॉर्म में तकनीकी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है जिस कारण कई छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए इसलिए पीजी के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि आगे बढ़ाई जाए। दूसरी ओर विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा अंतिम चरण पर है, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक यूजी अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं गया है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पीजी परीक्षा के फॉर्म भरने की आज अंतिम तिथी है परंतु अभी तक विश्वविद्यालय के द्वारा अभी तक पीजी के पहले तीसरे और पाँचवे सेमेस्टर का परिणाम जारी नहीं किया गया है। इस दौरान पर प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता , महासचिव परवीन मिन्हास, यासिन भट, अरविंद ठाकुर, इकाई अध्यक्ष योगेश यादव, रजत भारद्वाज, पवन नेगी, चंदन महाजन, विक्रांत शर्मा, रणदीप ठाकुर, रमेश कुमार, यशवंत ठाकुर, गिरीश कुमार, गौरव नेगी, विजय कुमार , सुमनदीप अशांत जरियाल , सचिन ठाकुर मौजूद रहे।
केंद्र में मोदी सरकार के सफल 9 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व शहरी विकास मंत्री, कसुम्पटी से पूर्व प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज के नेतृत्व में कसुम्पटी वार्ड में जनसंपर्क अभियान चलाया गया । इस जनसंपर्क अभियान में कसुम्पटी वार्ड की पार्षद रचना शर्मा प्रमुखता से पूर्व मंत्री के साथ रही, जबकि मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, जिला भाजपा महामंत्री अंजना शर्मा भी उपस्थित रही। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश भी इस विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दायित्व सम्भालने के बाद जब जापान गये तो उन्होंने भारत में भी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का सपना देखा। आज भारत में 20 से ज़्यादा हाई स्पीड ट्रेन चल रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में आई पारदर्शिता, भृष्टाचार मुक्क्त हो रहा भारत है। यह बड़ी उपलब्धि है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज अगर सरकार एक रुपया भी देश के आम आदमी कि लिये भेजता है तो वह पूरा 1 रुपया लाभार्थी को मिलता है। आज बिचौलियों का खेल ख़त्म हो गया है। यह जनधन खातों की मदद से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि देश में अटकाने, भटकाने और लटकाने की संस्कृति खत्म कर दी है। अब जो काम शुरू किए जाते हैं, वे निर्धारित समय में पूरे भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले पाँच साल हिमाचल विकास में मील का पत्थर साबित हुई है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता केशवानन्द झीना, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ,भारतीय जनता पार्टी वरिष्ठ कार्यकर्ता सुदर्शन आज़ाद, जयराम शर्मा गोल्डी, राजेश सैनी, पारस जैन, विशाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लोटस इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल में शनिवार को कार्टून मेकिंग और बेस्ट फ्रॉम वेस्ट गतिविधि करवाई गई। कार्टून मेकिंग में कक्षा तीसरी से पांचवी के विद्यार्थियों ने भाग लिया। वहीं दूसरी और कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बेस्ट फ्रॉम वेस्ट गतिविधि में भाग लिया। उन्होंने कार्ड बोर्ड, फूल पत्तों , धागों से पुराने समाचार पत्रों को सुंदर आकार देकर जैसे फूलदान, चौक बॉक्स, बुक्शेल्फ आदि चीजें बनाएं जिन्हें देखकर सभी दंग रह गए। अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विद्यार्थियों की प्रशंसा की।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर और शशि दत्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार, सुखविन्द्र सुक्खू की सरकार पूरे प्रदेश के अंदर स्वयं ही कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने में लगी है। प्रदेश में जनता का विश्वास सरकार के ऊपर से लगातार उड़ता चला जा रहा है। कांग्रेस के मंत्रियों के बयान बाजी से प्रतीत होता है कि मंत्री एक दूसरे को निपटाने में लगे है। तोमर ने कहा कि चंबा में जो दुर्दांत हत्याकांड हुआ उसने कानून व्यवस्था को बिगाड़ने में कांग्रेस पार्टी को सरकार ने अहम भूमिका निभाई। समय रहते कार्यवाही न करना और जनता का विश्वास कार्यवाही न करने से सरकार पर से उठ जाना, यही वजह है कि अभी तक इतने दिन बीत जाने पर भी चंबा का जनमानस उद्वेलित है, आक्रोशित है, ऐजिटेटिड है। चंबा हत्याकांड में सरकार केवल अपना चेहरा बचाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि नालागढ़ में पुलिस की लापरवाही से, एक व्यक्ति की कथित असावधानी से एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है जिससे जनता में रोेष स्वाभाविक है। सिरमौर में पुलिस राह चलते युवकों पर प्रहार करती है, युवक के कान का पर्दा फट जाता है और न सरकार, न प्रशासन, काई व्यक्ति गौर नहीं करता और कानून व्यवस्था बिगड़ने लगती है। उन्होनें कहा कि ऊना में दिन दिहाड़े छुरा बाजी होती है, सरकार जागती नहीं है और कानून व्यवस्था लचर होती है। शिमला में झगड़ा होता है, सिर फूटते हैं और सरकार के मंत्री झगड़े में घी डालने का काम करते हैं और पूरी सरकार गुत्थमगुत्था हो जाती है तथा कानून व्यवस्था चरमराती है। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह अव्यवस्था स्टेट स्पोंर्स्ड है तथा सरकार के लोगों द्वारा ही प्रदेश की शांति को बिगाड़ने का काम किया जा रहा है। भाजपा का मानना है कि सरकार कांग्रेस द्वारा दी गई 10 गारंटियों से भागने के लिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें आपस में लड़ाने में लगी है और प्रदेश की स्थिति को बिगाड़ रही है। कांग्रेस नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा से प्रदेश के विकास को ठेस पहुंच रही है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल अपने मण्डी प्रवास को जाते हुए थोड़ी देर के लिए लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह कुनिहार रुके। जहाँ उन्होंने भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष ड़ी के उपाध्याय व अन्य कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रदेशाध्यक्ष ने मण्डल में चल रहे पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान की फीडबैक लेकर सभी से 2024 के लोक सभा चुनाव के लिए एकजुटता से कार्य करने की अपील की। इस अवसर पर भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष डीके उपाध्याय, भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रवक्ता प्रतिभा कंवर,कौशल्या कंवर, सुरेश जोशी, हीरा लाल चंदेल, नवनीत शर्मा, प्रीतम तनवर, अभिनव झांझी, चैतराम तनवर, स्यामनन्द, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन ने आज बोर्ड़ मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर OPS लागू करने में की जा रही देरी पर विरोध जताया और इसके लिए सीधे सीधे बिजली बोर्ड प्रबंधन को दोषी ठहराया। यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करना प्रदेश सरकार का राजनीतिक फैसला है और इसके कार्यन्वयन में अफसरशाही द्वारा की जा रही देरी से अफसरशाही के खिलाफ कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों के नई पेंशन प्रणाली का शेयर काटना अभी तक बंद नही किया है। बोर्ड़ प्रबंधन ने माना था कि इस माह से शेयर नहीं काटा जाएगा और इस बारे आदेश समय रहते जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन बिजली बोर्ड के फील्ड कार्यालय में अब वेतन बढ़ाना शुरू कर दिया गया है, लेकिन इस बारे कार्यलय आदेश अभी तक जारी नहीं हो पाने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोष देखने को मिला जिसके चलते आज बोर्ड मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा गेट मीटिंग कर बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और जताया कि यदि बोर्ड में समय रहते पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई और एनपीएस शेयर काटना इस माह से बंद नहीं किया तो यूनियन आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होगी। यूनियन ने आरोप लगाया कि वर्तमान बोर्ड प्रबंधन पुरानी पेंशन के बारे में मुख्यमंत्री के आदेशों की अवेहलना कर रहा है जो कर्मचारियों के आक्रोश का मुख्य कारण है। मुख्यमंत्री ने कई बार इस बारे बोर्ड प्रबंधन को आदेश जारी किए हैं, लेकिन मामला अधर में लटका पड़ा है। यूनियन के महामंत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड के चैयरमैन रामसुभग सिंह बिजली बोर्ड के संचालन में बुरी तरह से विफल रहे है और बिजली बोर्ड की स्मार्ट मीटरिंग, ऊर्जा क्षेत्र में निजी वितरण कंपनी का प्रवेश और इसकी संचार व वितरण ढांचे को तहस नहस करने में लगे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि रामसुभग सिंह बतौर बिजली बोर्ड चैयरमैन बोर्ड के कर्मचारियों का विश्वास खो चुके है इन्हें तुरंत बिजली बोर्ड से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यूनियन इन तमाम मामलों को मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित 27 जून की बैठक में भी उठाएगी।
पालमपुर। उपमंडल के सलोह में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान के सौजन्य से शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुण्य जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जिलाध्यक्ष रिसर्च विभाग सिरिल चंद्र ने कहा कि वीरभद्र सिंह एक कर्मठ, ईमानदार व सशक्त नेतृत्व के स्वामी थे। अप्रैल 1983 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने बाद वीरभद्र सिंह ने हर पल प्रदेश को उन्नति की राह पर चलाया। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अरुण राणा ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल मुख्यमंत्री ही नहीं थे, बल्कि गरीबों के लिए एक वरदान भी थे। राजा साहब न केवल प्रदेश कांग्रेस बल्कि राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत थे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रिसर्च विभाग सिरिल चंद्र, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अरुण राणा, पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष बलदेव सिंह, अनुसूचित जाति के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी के धर्म सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी से अशोक कुमार, जिला प्रवक्ता बाल किशन, प्रमोद कुमार, उप प्रधान रमेश चंद, अमन ठाकुर, लवली कटोच, प्रधान कर्म चंद, युवा कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी बलारू, महिंद्र पटियाल, भाग सिंह सहित कई उपस्थित थे।
शनि मंदिर हरिपुर में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का जन्म दिवस विकास दिवस के रूप में मनाया गया। इस आयोजन में डॉ राजेश शर्मा कोषाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस, नरदेव कंवर प्रदेश अध्यक्ष मत्स्य विभाग, हिमाचल कांग्रेस व हरिओम शर्मा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देहरा उपस्थित रहे। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह को भावविनी श्रद्धांजलि अर्पित की व प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने वीरभद्र सिंह की जीवनी व विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। पुष्प रैणा महासचिव ब्लॉक पंचायती राज ने पूर्व मुख्यमंत्री को समर्पित एक बहुत ही अच्छी कविता उपस्थित लोगों को सुनाई। इस मौके पर नरदेव कंवर ने बताया कि देहरा बनखंडी दरकाता के चिड़ियाघर के लिए स्वीकृत 500 करोड़ की राशि में से 260 करोड़ की राशि सरकार द्वारा पहले किस्त के रूप में रिलीज कर दी गई है। प्रागपुर में गोल्फ कोर्स का काम भी शीघ्र लगने वाला है। केंद्र यूनिवर्सिटी का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ राजेश ने 2024 के लोकसभा चुनाव में आज से ही तैयारी करने का आग्रह किया। हरिओम शर्मा ने इस मौके पर बताया कि सुख की सरकार जन-जन के द्वार कार्यक्रम देहरा में शुरू कर दिया गया है। जिसमें हर पंचायत बूथ पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही है तथा उन्हें मौके पर भी निपटने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बूथ कमिटीयो का भी पुनर्गठन किया जा रहा है। जो काम 5 जुलाई 2023 से पहले पहले पूरा किया जाएगा। इस उक्त कार्य में नरदेव कंवर व डॉक्टर राजेश ने पूरे सहयोग की घोषणा की। इस अवसर पर जिला महासचिव इंद्र शर्मा ब्लॉग कांग्रेस के संगठन, मंत्री पवन कुमार, इंदिरा देवी, जोगेंद्र राजकुमार, किरण गुलेरी, यशपाल महाजन, इस्लामुद्दीन, पुष्पेंद्र ठाकुर उपाध्यक्ष मत्स्य विभाग हिमाचल कांग्रेस उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोग टाली मे 26 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध दिवस से पूर्व 19 जून से 22 जून तक तीन दिनो तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया जिनमें 19 जून को शपथ आयोजित की गई , 20 जून को भाषण प्रतियोगिता ,पोस्टर बनाना, प्रश्नोत्तरी एवं नारा लेखन आदि गतिविधियां आयोजित की गई जबकि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष पर योग के माध्यम से द्रव्य पदार्थों से कैसे मुक्ति पाएं इस विषय पर संगोष्ठी एवं विभिन्न यौगिक क्रियाए करवाई गई। इन गतिविधियों मे विद्यालय में गठित चारों सदनों टैगोर, लक्ष्मीबाई, विवेकानंद एवं भगत सदन प्रभारियों भूपेंद्र चौहान, अल्का भलेइक, ललीता चौहान, रामानंद सागर, राम लाल ठाकुर , राजूराम शर्मा ,एकता धीमान व सुरेश ठाकुर ने विभिन्न गतिविधियों को आयोजित करने में सक्रिय भूमिका अदा की। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य सुरेंद्र पुंडीर एवं शारीरिक शिक्षक रामलाल सूर्या ने मादक पदार्थो के सेवन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। भाषण प्रतियोगिता बसवारी में वरिष्ठ वर्ग में कनिका प्रथम तमन्ना द्वितीय एवं अदिति ठाकुर ने तृतीय स्थान हासिल किया जबकि कनिष्ठ वर्ग में पलक शर्मा प्रथम आदित्य द्वितीय तथा गुंजन ठाकुर तृतीय स्थान पर रही इसी प्रकार चित्रकारी प्रतियोगिता में वरिष्ठ वर्ग में सिमरन प्रथम, रौनक बोनोलटा व मेहक द्वितीय एवं अदीती ठाकुर ने तृतीय स्थान हासिल किया। जबकि कनिष्ठ वर्ग में पलक प्रथम, शिवांशी द्वितीय तथा अश्विन एवं आदित्य दोनों ही तृतीय स्थान पर रहे।


















































