धर्मशाला में12 जून को गयातो मोनेस्टरी, घिआरी पुल आदि क्षेत्रों में प्रातः 9ः30 बजे से शाम कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल सिद्धपुर के सहायक अभियन्ता संतोष कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने या अन्य आकस्मिक आपदा की स्थिति में यह कार्य स्थगित या आंशिक रूप से किया जा सकता है। उन्होंने सर्वसाधारण जनता से बिजली विभाग को सहयोग करने की अपील भी की है।
क्रांति सूद/जोगिंदरनगर, मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। जोगिंदरनगर उपमंडल के द्रोबड़ी गांव में सोमवार देर रात एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। यह दर्दनाक घटना पति-पत्नी के बीच चल रहे झगड़े में बीच-बचाव के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी मुकेश और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। माहौल गरमागरम होने पर, जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी और मुकेश के पिता, प्रताप (59) ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि मुकेश को अपने पिता का हस्तक्षेप नागवार गुजरा। गुस्से में उसने पास पड़ी एक नुकीली चीज से अपने पिता प्रताप पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रताप तुरंत जमीन पर गिर पड़े। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। जोगिंदरनगर पुलिस ने मृतक की पत्नी नागण देवी की शिकायत पर आरोपी बेटे मुकेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जोगिंदरनगर में एक बेटे द्वारा अपने पिता की हत्या का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी और शोक का माहौल है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष और ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने उत्तरी भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री डेरा बाबा रुद्रानंद जी महाराज को अपनी आस्था का केंद्र बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लगातार श्रद्धापूर्वक डेरे पर माथा टेकने और आशीर्वाद लेने जाते हैं। रायजादा ने कहा कि ब्रह्मलीन वेदांताचार्य 1008 श्री श्री सुग्रीवानंद महाराज जी को प्रदेश सरकार द्वारा पूरा सम्मान दिया गया था, और उनकी संपूर्ण श्रद्धा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान अधिष्ठाता श्री श्री 1008 स्वामी हेमानंद महाराज जी का उन्हें सदैव आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता है, ऐसे में किसी भी प्रकार के अपमान का सवाल ही नहीं उठता। सोशल मीडिया पर विपक्षी दल द्वारा कुछ बातों को मुद्दा बनाने के प्रयासों पर रायजादा ने कहा कि यह भाजपा की 'हताशा और निराशा' का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल खुद ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं और फिर मुद्दा ढूंढते रहते हैं। रायजादा ने जोर देकर कहा कि किसी भी चित्र या बोर्ड, जिसमें महाराज श्री का चित्र हो, उसे अपमानित करने का प्रयास कभी नहीं हो सकता। उन्होंने सोशल मीडिया पर जो दिखाया गया उसे 'निश्चित रूप से दुखद' बताया और इसे विपक्षी दल की 'ओछी व गंदी राजनीति' करार दिया। उन्होंने कहा कि हम कभी ऐसी राजनीति को सोच भी नहीं सकते, यह विपक्षी दल की गिरावट है। सतपाल रायजादा ने बताया कि वे अभी शिमला में किसी आवश्यक काम से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि जैसे ही ऊना पहुंचूंगा, अखंड धून्ने पर आऊंगा, महाराज श्री से मुलाकात करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी श्रद्धालु की भावना आहत हुई है, तो वे उसके लिए खुले मन से क्षमा प्रार्थी हैं। रायजादा ने अंत में कहा कि डेरा बाबा रुद्रानंद का अखंड धून्ना उनके और उनके परिवार सहित उन सभी की श्रद्धा का केंद्र है, जिसके प्रति वे सदैव नतमस्तक हैं और रहेंगे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के बौद्धिक संपदा अधिकार कार्यालय (एसआईपीआरओ) ने मंगलवार को नवाचार, रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा पर शूलिनी इनोवेशन डे के चौथे संस्करण का आयोजन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की पेटेंट फाइलिंग की बढ़ती संस्कृति और इसके साहसिक विजन - एक छात्र, एक पेटेंट पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की शुरुआत एसआईपीआरओ के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने विश्वविद्यालयों में अच्छी तरह से स्थापित आईपीआर सेल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि शूलिनी के पास इन-हाउस पेटेंट फाइलिंग सुविधाएं हैं और वह छात्रों को नवाचार करने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है। अपने मुख्य भाषण में, शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने दर्शकों को यह कहकर प्रेरित किया, “नवाचार के लिए विचारों की जरूरत होती है, पैसे की नहीं। महान नवाचार महान विचारों से पैदा होते हैं।” उन्होंने वैश्विक सहयोग, प्रयोग और निडर नवाचार के महत्व पर जोर दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर विशाल आनंद ने शोध को सीखने और सामाजिक प्रभाव के साथ जोड़ने के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "हम उन छात्रों और शोधकर्ताओं को फंड देने के लिए तैयार हैं जो नवाचार करना चाहते हैं और पेटेंट दाखिल करना चाहते हैं।" चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने प्रति वर्ष एक शिक्षक, एक पेटेंट की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने संकाय सदस्यों को अपने विचारों को पेटेंट में बदलने और नवाचार की संस्कृति का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर संजय संधू ने युवा नवप्रवर्तकों से साहसिक कदम उठाने और अपने विचारों पर विश्वास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हर महान आविष्कार एक सरल विचार से शुरू होता है। उस विचार पर काम करने का साहस ही सच्चे नवप्रवर्तकों को अलग करता है।” अतिथि वक्ता प्रो.डॉ. मनु शर्मा, समन्वयक, टीईसी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ ने आईपीआर और उद्योग सहयोग पर अंतर्दृष्टि साझा की। प्रो. डॉ. रूपिंदर तिवारी, मेंटर, टीईसी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ ने जमीनी स्तर के नवाचार का समर्थन करने के लिए प्रौद्योगिकी सक्षम केंद्रों और मजबूत उद्योग-अकादमिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. सी. रमन सूरी, अध्यक्ष, टीईसी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की प्रबंधन समिति ने वैदिक युग से लेकर आधुनिक समय तक भारत की नवाचार की समृद्ध विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “आज के युग में, यदि आप अपने विचारों को जुनून के साथ आगे बढ़ाते हैं तो कुछ भी असंभव नहीं है।” उन्होंने समाज द्वारा संचालित नवाचार का भी आह्वान किया।
डिंपल शर्मा/ धर्मपुर-मंडी हिमाचल प्रदेश में मिड डे मील वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की मांग पर, शिक्षा निदेशक ने स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले वर्कर्स की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के आदेशों को रद्द कर दिया है। अब उनकी हाजिरी पहले की तरह रजिस्टर के माध्यम से ही लगेगी। सीटू मंडी जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, प्रभारी गुरदास वर्मा, और यूनियन प्रधान बिमला देवी ने बताया कि पिछले कुछ समय से मिड डे मील वर्कर्स पर ऑनलाइन हाजिरी के लिए सुबह 9:30 बजे स्कूल पहुंचने का दबाव बनाया जा रहा था। यूनियन ने इसका कड़ा विरोध करते हुए निदेशक प्राथमिक शिक्षा विभाग को मांग पत्र सौंपा था, जिसमें ऑनलाइन हाजिरी के आदेशों को रद्द करने की मांग प्रमुख थी। आज जारी हुए आदेशों से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के किसी भी स्कूल में मिड डे मील वर्कर की हाजिरी ऑनलाइन नहीं लगेगी, और न ही उन्हें सुबह 9:30 बजे बुलाया जाएगा. यूनियन ने इस फैसले के लिए शिक्षा निदेशक का धन्यवाद व्यक्त किया है। इस राहत के बावजूद, हिमाचल प्रदेश मिड डे मील वर्कर यूनियन ने अपनी अन्य मांगों को भी दोहराया है. यूनियन ने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को समय पर वेतन नहीं मिलता है, और कई शिक्षा खंडों में तो दो-तीन महीने तक वेतन नहीं दिया जाता। इससे वर्कर्स को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, और उन्हें पूरा वेतन एक साथ भी नहीं मिलता। यूनियन ने शिक्षा निदेशक से मांग की है कि मिड डे मील वर्कर्स को हर महीने की पहली तारीख को पूरा वेतन एक साथ दिया जाये। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और शिक्षा विभाग इन मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो मिड डे मील वर्कर यूनियन 14 और 15 जून को शिमला में होने वाले सम्मेलन में आंदोलन की रूपरेखा बनाएगी।
कुनिहार: कुनिहार विकास सभा ने हाल ही में एक वर्चुअल बैठक कर हिमाचल प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ तीव्र रोष व्यक्त किया है। सभा के मुख्य सलाहकार धनीराम तंवर, प्रधान गोपाल पंवर और अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतिदिन लोगों पर विभिन्न प्रकार के नए टैक्स थोप रही है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि किसी भी प्रकार के लाइसेंस बनाने के शुल्क को अब तीन गुना बढ़ा दिया गया है। सभा के सदस्यों ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार लगातार 'टॉयलेट पर टैक्स' लगाने जैसे विचारों पर बयान दे रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि कोई भी क्षेत्र टैक्स से अछूता नहीं है। विकास सभा ने विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते वित्तीय बोझ पर आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि एक तरफ सरकार जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अब अस्पतालों में रोगी पर्ची बनाने के लिए भी 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे गरीब आदमी के लिए इलाज करवाना और भी मुश्किल हो गया है। सभा ने सरकार की उन घोषणाओं को 'झूठा' करार दिया, जिनमें अखबारों के माध्यम से यह बताया गया था कि अस्पताल पर्ची शुल्क का फैसला वापस ले लिया गया है। सदस्यों का आरोप है कि यह शुल्क अभी भी लगातार वसूला जा रहा है। उन्होंने सरकार के इस बयान पर भी सवाल उठाया कि यह टैक्स हॉस्पिटल प्रबंधक कमेटी ने लगाया है, यह तर्क देते हुए कि बिना सरकार की अनुमति के कोई कमेटी ऐसा टैक्स नहीं लगा सकती। कुनिहार विकास सभा ने इस प्रकार की कार्रवाई को जनता को 'बेवकूफ बनाना' करार दिया है और सरकार से इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया को अब और भी सरल बना दिया गया है। तहसील कल्याण अधिकारी देहरा, विपुल शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) विभाग ने ई-कल्याण पोर्टल का शुभारंभ किया है। इस नए पोर्टल के माध्यम से, सभी पात्र लाभार्थी अब घर बैठे ही या अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर जाकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विपुल शर्मा ने स्पष्ट किया कि पेंशन संबंधी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अब कार्यालय जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि 15 जून के बाद कार्यालय में कोई भी मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी आवेदन केवल ऑनलाइन वेबसाइट https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan पर ही किए जा सकेंगे।
ग्राम पंचायत पलासला में विकास को नया आयाम देते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए पंचायत भवन का विधिवत लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह भवन पंचायत की प्रशासनिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन के साथ-साथ ग्रामीणों को सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्री धर्मानी ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आई आपदाओं के दौरान पंचायतों से प्राप्त सभी प्रस्तावों को सरकार ने तुरंत स्वीकृति प्रदान की है। सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। क्षेत्र की बस्तियों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए नाबार्ड के माध्यम से 22 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके माध्यम से छोटे लिंक मार्गों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ग्राम पंचायत पलासला में आंतरिक संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 19 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। मंत्री धर्मानी ने पंचायत भवन के भविष्य विस्तार की योजना पर भी बल दिया और संबंधित अधिकारियों को भवन की दूसरी मंजिल के लिए प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र स्वीकृत करवाई जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने पेयजल आपूर्ति की दिशा में हो रहे कार्यों की भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सतलुज नदी से पेयजल लिफ्ट योजना के अंतर्गत कपाहड़ा, पलासला, पापलाह, करलोटी और छत सडीयार ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए 19 करोड़ रुपये की परियोजना का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे जल्द ही क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पात्र लाभार्थी अब घर बैठे तथा अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर जा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। तहसील कल्याण अधिकारी देहरा विपुल शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति , अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण ( ईसोमसा ) विभाग ने ई-कल्याण पोर्टल का शुभारंभ किया है। पोर्टल के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अब घर बैठे स्वयं अथवा अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर जा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। अब पेंशन संबंधी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। इस संदर्भ में 15 जून के बाद कोई भी मैनुअल एप्लिकेशन कार्यालय में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन केवल ऑनलाइन वेबसाइट https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan पर ही कर सकते हैं।
प्रदेश में जल्द ही मानसून दस्तक देने वाला है। जिस सन्दर्भ में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि मानसून के सीजन में बारिश आरंभ होने से पहले आपदा से बचाव के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी नियमित तौर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए भी उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे ताकि आम जनमानस पहले से ही मौसम को लेकर पहले से अलर्ट रहें। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में मानसून आरंभ होने से पहले कूहलों तथा नालियों की साफ सफाई अत्यंत जरूरी है इस के लिए विकास खंड अधिकारी सभी पंचायतों में जल निकासी के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दें ताकि बारिश का पानी कहीं भी रूक न सके। इसके साथ ही भू-स्खलन को लेकर संवेदनशील सड़कों एवं अन्य जगहों की सूची पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन इत्यादि से होने वाले नुक्सान को कम करने की दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, आईपीएच तथा विद्युत विभाग को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जेसीबी मशीनें और आवश्यक उपकरण भी पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग को भी आवश्यक खाद्य वस्तुओं का दुर्गम क्षेत्रों में भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर बिलंब नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तथा उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम खोलने के लिए दिशा-निर्देश भी दे दिए गया हैं ताकि आपदा से त्वरित प्रभाव से निपटा जा सके। उपायुक्त ने कहा कि सभी विभागों को मानसून के सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आपदा प्रबंधन का कार्य सुचारू रूप से सके। उन्होंने कहा कि सभी उपमंडलाधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों तथा वालंटियर्स के साथ आपदा प्रबंधन को लेकर आवश्यक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में कलाकारों के ऑडिशन 11 जून से 14 जून तक आयोजित किए जाएंगे। यह ऑडिशन ऐतिहासिक ठोडो मैदान के साथ स्थित गीता आदर्श विद्यालय के सभागार में होंगे। ऑडिशन प्रातः 11.00 बजे से सांय 03.30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। ऑडिशन के लिए सभी कलाकारों को ऑनलाइन पंजीकरण ही करवाना होगा। आवेदन के लिए इच्छुक कलाकार hpsolan.nic.in पर उपलब्ध लिंक शूलिनी मेला-2025 पर आवेदन कर सकते हैं।
संत कबीर जी के जन्मदिवस के अवसर पर 11 जून, बुधवार को डाडा सीबा बस स्टैंड के पास कबीर जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। अनुसूचित जाति जनजाति व ओबीसी जन कल्याण महासभा जसवां परागपुर के अध्यक्ष अशोक मेहरा ने यह जानकारी दी। आयोजन की शुरुआत सुबह 10:00 बजे भजन-कीर्तन के साथ होगी। इसके तुरंत बाद, दोपहर 12:00 बजे के करीब भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी लोग प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। अशोक मेहरा ने बताया कि संत कबीर जी ने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से समाज को जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच की दीवारों, और बाहरी आडंबरों से दूर रहने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि संत कबीर दास जी मध्यकालीन युग के एक क्रांतिकारी संत थे, जिन्होंने अपने दोहों के ज़रिए पाखंडवाद और झूठे ढोंगों से दूर रहकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
ज्वाला चैस क्लब द्वारा अंडर-14 और सीनियर वर्ग के लिए शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन 15 जून को लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कथोग में किया जाएगा। क्लब के प्रधान, मोहिंद्र धीमान ने बताया कि इस प्रतियोगिता में पूरे हिमाचल प्रदेश से लगभग 150 खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। ज्वाला चैस क्लब इस आयोजन के लिए ज़ोर-शोर से तैयारी कर रहा है। मोहिंद्र धीमान ने इच्छुक खिलाड़ियों से आग्रह किया है कि वे 13 जून तक अपनी टूर्नामेंट फीस जमा कर गूगल फॉर्म भर दें। प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी ज्वाला चैस क्लब के फेसबुक पेज पर भी उपलब्ध है।
गाँव हार, डाकघर नेहरनपुखर, तहसील देहरा में इस वर्ष विश्वविख्यात संत सद्गुरु कबीर साहिब जी की जयंती 11 जून 2025 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस शुभ अवसर पर गाँववासियों के सहयोग से दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 10 जून को शाम 3:00 बजे एक भव्य शोभा यात्रा के साथ होगी,11 जून की सुबह 9:00 बजे कबीर साहिब जी की वाणी का गुणगान किया जाएगा, जिसमें पंजाब से पधारे पाठीगण अपनी मधुर वाणी में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से ओतप्रोत करेंगे। कार्यक्रम के बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
जिला पुलिस कांगड़ा के तहत रक्कड़ थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब बीड़ बिलिंग से दिल्ली जा रही नॉर्दन ट्रैवेल की एक वोल्वो बस खराब हो गई। जांच में पता चला कि बस का ड्राइवर शराब के अत्यधिक नशे में था, जिससे बस चलाने की स्थिति में नहीं था। इस घटना के चलते बस में सवार 45 यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, रात के समय फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही उपमंडल पुलिस अधिकारी ज्वालामुखी और पुलिस थाना रक्कड़ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों के लिए एक नई बस का इंतजाम किया और सभी यात्रियों को सकुशल दिल्ली के लिए रवाना किया। पुलिस ने मौके पर ही बस ड्राइवर का मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk and Driving) के आरोप में15,000 रुपए का चालान किया। इसके अतिरिक्त, नॉर्दन ट्रैवेल के संचालक को सभी यात्रियों का किराया भी वापस करने का निर्देश दिया गया। एस.पी. देहरा, मयंक चौधरी ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों और टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों से अपील की है कि वे अपनी बसों और उनके ड्राइवर-कंडक्टर की नियमित जांच करने के बाद ही बसों को चलाने की अनुमति दें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर जिला पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को कोटखाई क्षेत्र के दरबार नामक स्थान के समीप गिरी खड्ड में कपड़े धोते समय एक मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान गांव दरबार निवासी 47 वर्षीय कांता शर्मा और उनकी 30 वर्षीय बेटी ममता शर्मा के रूप में हुई है। यह दुखद घटना दोपहर करीब 12:30 बजे के आसपास हुई, जब दोनों महिलाएं अपने घर के नजदीक गिरी खड्ड पर कपड़े धोने गई थीं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अंकुश ठाकुर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस को घटनास्थल पर कांता शर्मा का शव पानी से बाहर मिला, जबकि ममता शर्मा का शव कुछ दूरी पर बहाव में पड़ा हुआ था। खड्ड के किनारे दो बाल्टियां, एक कंबल, कुछ कपड़े, एक जोड़ी जूते-चप्पल और सर्फ एक्सेल का पैकेट भी पड़ा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, खड्ड का पानी बेहद गहरा था और वहाँ चट्टानें भी थीं, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।मृतकों के परिजन सुनील शर्मा (कांता के पति और ममता के पिता) ने पुलिस को बताया कि सुबह 9 बजे वह और उनका बड़ा बेटा लव शर्मा खेत में काम के लिए निकल गए थे। घर पर कांता, ममता और छोटा बेटा कुश शर्मा मौजूद थे। दोपहर तक जब कांता और ममता ने फोन नहीं उठाया, तो सुनील ने अपने छोटे बेटे कुश को फोन किया। कुश ने बताया कि मां और बहन करीब 12:15 बजे कपड़े धोने गिरी खड्ड गई थीं। बाद में जब कुश उन्हें देखने गया, तो उसने पाया कि ममता खड्ड में डूब गई थी और कांता का पता नहीं चल रहा था। परिवार और स्थानीय लोगों की मदद से कांता का शव भी पानी से बाहर निकाला गया। महिला कांस्टेबल द्वारा दोनों शवों का निरीक्षण किया गया, जिसमें किसी प्रकार की संदिग्ध चोट के निशान नहीं पाए गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों महिलाओं की मौत कपड़े धोते समय पैर फिसलने और पानी में डूबने से हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शवों को उनके परिजन सुनील शर्मा को सौंप दिया गया है। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आगे की कार्रवाई जारी है। मां-बेटी की एक साथ हुई इस मौत से गांववासी गहरे सदमे और दुख में हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज से दो दिवसीय किन्नौर जिले के दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जनजातीय जिले में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, साथ ही महत्वपूर्ण 450 मेगावॉट की शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना की प्रगति की निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू आज सुबह सवा 11 बजे आर्मी हेलीपैड चोलिंग पहुँचेंगे। इसके बाद उनका मुख्य फोकस कड़छम में निर्माणाधीन 450 मेगावॉट की शोंगटोंग-कड़छम बिजली परियोजना पर रहेगा। वह बैराज साइट पवारी में चल रही निर्माण गतिविधियों का जायजा लेंगे और परियोजना पर काम कर रहे इंजीनियरों व मजदूरों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वामित्व वाली एक महत्वपूर्ण रन-ऑफ-रिवर परियोजना है, जिसका निर्माण हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। सरकार ने अगले साल दिसंबर तक इस परियोजना से हर हाल में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के निर्माण कार्य में हो रही देरी को देखते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं और इससे पहले भी वह एक बार परियोजना स्थल का दौरा कर चुके हैं। दोपहर बाद, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रिकांगपिओ में सभा-भवन और कल्पा में बनने जा रहे राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत: यूथ हॉस्टल कल्पा का लोकार्पण करेंगे। शाम 04:30 बजे: आइस स्केटिंग रिंक कल्पा में वन अधिकार अधिनियम-2006 के लाभार्थियों से मिलेंगे और भू-पट्टे वितरित करेंगे। अपने दौरे के दूसरे दिन, मुख्यमंत्री सुक्खू किन्नौर शिपकी लॉ जाएंगे। यहाँ वह बॉर्डर टूरिज्म गतिविधियों का शुभारंभ करेंगे, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उनके साथ स्थानीय वि
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में पुलिस ने एक युवक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी सुलेमान की हुई है, जिसके खिलाफ 27 मई को ही देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन रविवार को जैसे ही वह पांवटा साहिब लौटा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। सुलेमान को आज सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, पांवटा के बद्रीपुर क्षेत्र में सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले सुलेमान ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में टूटे हुए जहाज के टुकड़ों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाली लाइन लिखी हुई थी। इसके अलावा, आरोपी ने अपनी पोस्ट में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली भाषा का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुलेमान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अब्दुल्लागढ़ का रहने वाला है। पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि सुलेमान के खिलाफ धारा-152 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से संचालित महिला पतंजलि योग समिति हिमाचल प्रदेश की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला सोलन जिला के शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में समापन हुई। कार्यशाला में राज्य प्रभारी देवकी शर्मा ने जिलों में अच्छा कार्य करने पर जिला प्रभारियों को सम्मानित किया। कार्यशाला के प्रातः कालीन सत्र में सुबह 5 बजे से राज्य प्रभारी देवकी शर्मा ने यौगिक जॉगिंग की कार्य योजना के बारे में चर्चा व हवन-यज्ञ के साथ कार्यशाला का समापन किया गया। बहनों ने अपने अनुभव साझा किए और अधिक से अधिक महिलाओं को योग से जोड़ने का संकल्प लिया। इस कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग के लिए महिला पतंजलि योग समिति हिमाचल प्रदेश ने शिव ताण्डव गुका कुनिहार विकास समिति के अध्यक्ष राम रतन तनवर व गुमान सिंह को इस कार्य को सफल बनाने के लिए सम्मानित किया तथा उनका आभार वक्त किया।
पुलिस थाना भून्तर की टीम द्वारा सिऊंड में गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी के दौरान 10 ग्राम चिट्टा बरामद की गई है । आरोपी की पहचान साहिल परमार (36 वर्ष) पुत्र सुरेश परमार निवासी गांव कहुधार डाकघर व तहसील भून्तर जिला कुल्लू के रूप में हुई है । उक्त व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस थाना भून्तर में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही करने के उपरांत बरामदा नशा की खरीद फरोख़्त का पता लगाया जा रहा है ।
मंडी की ग्राम पंचायत टांडू के महेड़ चौहट्टा निवासी विप्लव सकलानी ने एक नन्हे खरगोश के बच्चे की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है। शुक्रवार रात की है जब विप्लव सकलानी अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें घर से थोड़ी दूरी पर एक खरगोश का बच्चा दिखाई दिया। विप्लव ने बिना समय गंवाए उस नन्हे जीव को उठाया और उसे अपने घर ले आए, ताकि रात के समय कोई शिकारी जानवर उसकी जान न ले सके। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विप्लव सकलानी ने तत्परता दिखाते हुए मंडी वन मंडल के डीएफओ (वन मंडल अधिकारी) वासु डोगर से फोन पर संपर्क किया और उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी दी। डीएफओ वासु डोगर ने उस समय अवकाश पर होने के बावजूद मामले को गंभीरता से लेते हुए रेंज ऑफिसर से बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिया कि खरगोश के बच्चे को मंडी के भ्यूली स्थित वन कार्यालय में तैनात फाेरैस्ट गार्ड हेमराज को सौंप दिया जाए। विप्लव सकलानी और उनकी पत्नी संजना ने शनिवार सुबह वन विभाग के कार्यालय पहुंचकर खरगोश के बच्चे को सुरक्षित रूप से फॉरेस्ट गार्ड हेमराज के सुपुर्द कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने विप्लव दंपत्ति के जज्बे और जागरूक पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज में वन्य जीवों के प्रति जिम्मेदारी का भाव पनपता है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पति-पत्नी दोनों ने एक साथ दुनिया को अलविदा कह दिया। डोहगी पंचायत के सुरेंद्र कुमार ने बुधवार-गुरुवार को रात अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस दुखद घटना के बाद, उनकी पत्नी ने भी कल रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, महिला लंबे समय से किसी मानसिक परेशानी से जूझ रही थीं। सुरेंद्र कुमार ही उनकी देखभाल करते थे और उनकी हर जरूरत का ख्याल रखते थे। पति-पत्नी के बीच गहरा लगाव था और सुरेंद्र अपनी पत्नी को लेकर काफी चिंतित रहते थे। गुरुवार को जब सुरेंद्र कुमार का शव घर के आंगन में लाया गया, तो महिला अपने पति के शव को देखकर बेसुध होकर गिर पड़ीं। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई थी कि परिजनों को तुरंत उन्हें बंगाणा अस्पताल ले जाना पड़ा। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर कर दिया। शुक्रवार शाम तक उनकी सेहत में थोड़ा सुधार बताया जा रहा था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान ही महिला ने दम तोड़ दिया। इस तरह, पति की आत्महत्या के सदमे को महिला बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उन्होंने भी अपने प्राण त्याग दिए। इस घटना से सुरेंद्र कुमार की 90 वर्षीय बुजुर्ग मां रमी देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति को खोए हुए उन्हें लंबा अरसा हो गया था और अब दो दिनों के भीतर उन्होंने अपने बेटे और बहू दोनों को खो दिया। वही सुरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी रेशमा देवी अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। इनमें से एक बेटा अभी अविवाहित है, जबकि अन्य सभी शादीशुदा हैं। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है और इलाके में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के लिए यह दोहरी क्षति असहनीय है।
हिमाचल प्रदेश में एक और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है और इस भ्रष्टाचार के मामले में भी कांग्रेस सरकार का संरक्षण झलक रहा है, यह आरोप भाजपा प्रवक्ता चेतन ब्रागटा ने सरकार पर लगाए। चेतन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। सोलन जिला के नालागढ़ पुलिस चौकी में यह मामला आता। इस भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी अधिकार भी संलिप्त है और जल्द ही उनका नाम इस मामले से जुड़ सकता है और सरकारी अधिकारी तभी संरक्षण देते हैं जब सरकार का संरक्षण स्वयं होता है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ की दिनेश प्रिंटिंग प्रेस में 1200 पर्चियां छापी गई। इन पर्चियों के माध्यम से शूलिनी मेले के आयोजन के लिए दुकानदारों और आम लोगों से पैसा इकट्ठा किया जाना था। मगर सोलन जिला के नालागढ़ में एक डिपो संचालक ने प्रिंटिंग प्रेस में जाकर फर्जी पर्चियां छपवा डाली। डिपो संचालक को फूड इंस्पेक्टर ने एक ऑरिजनल पर्ची दी थी। इसके आधार पर 1200 फर्जी पर्चियां छापी गई। इसमें स्कैनर और डीसी सोलन की ईमेल-आईडी भी प्रकाशित है। उन्होंने बताया की पर्ची में प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी नहीं लिखा था। इसलिए उसकी भूमिका भी संदेह में है। फूड इन्सपैक्टर में डिपो संचालक को एक ऑरिजनल स्पिल मुहैया कराई थी। फूड इन्सपैक्टर की भूमिका की जांच की जा रही है। मां शूलिनी के नाम से होता है मेले का आयोजन बता दें कि सोलन जिला के लोगों की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के नाम से सोलन में हर साल मेला लगता है। उन्होंने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से भ्रष्टाचार पूरे प्रदेश में व्यापक रूप से फैला है। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, भ्रष्टाचार के मामलों में कई सरकारी अधिकारियों ने अपनी जान भी गवा दी है। भाजपा हिमाचल प्रदेश मांग करतीं है कि पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जांच होनी चाहिए और जो भी व्यक्ति इस भ्रष्टाचार को करता सम्मिलित पाया गया है उसे पर भी कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। सरकारी अधिकारियों पर भी एक्शन लेने से सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए, जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, पूरी जांच में तथ्यों को मिटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
हमीरपुर जिले के सलौणी में स्थित उप रोजगार कार्यालय मैहरे में युवाओं को मिलने वाले बेरोजगारी भत्ते के छह लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घोटाला तब सामने आया जब कुछ बेरोजगार युवाओं को उनके खातों में बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला। उन्होंने इसकी शिकायत कार्यालय में की, जिसके बाद हुई जांच में छह लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ। महिला आउटसोर्स पर 2017 से कार्यालय में सेवाएं दे रही थीं। एक साल पहले से ही उसे नौकरी से निकाला गया था। आरोप है कि उसने 2021-22 के दौरान धोखाधड़ी कर इस गबन को अंजाम दिया। वह युवाओं को मिलने वाली धनराशि को उनके खातों में ट्रांसफर करने के बजाय सीधे अपने खाते में डलवा रही थी। जिसके बाद मामला पिछले साल जांच के लिए हेड ऑफिस शिमला भेजा गया था। हेड ऑफिस से मिले निर्देश पर जिला रोजगार अधिकारी ने अब पुलिस ने महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। वही डीएसपी लालमन शर्मा ने बताया कि गबन के मामले में डाटा एंट्री ऑपरेटर महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे पांच दिन की रिमांड मिली है।
हिमाचल प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। राज्य के छह जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे लोग चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। इन जिलों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी शामिल हैं, जहां गर्मी का असर एक बार फिर से तेज हो गया है। मौसम विभाग ने मैदानी जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, जो रविवार से प्रभावी होगी। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा और गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। 11 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा। इस दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी का प्रभाव और बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। 12 और 13 जून को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते, राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के आसार जताए गए हैं। यह उन क्षेत्रों के लिए थोड़ी राहत की खबर हो सकती है, जहां तापमान काफी बढ़ गया है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह हल्के बादल छाए रहे, लेकिन धूप भी खिली थी। दोपहर होते-होते बादल छंट गए और तेज धूप ने लोगों को गर्मी का एहसास कराया। मैदानी जिलों जैसे कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना के अलावा सोलन, सिरमौर और मंडी के कुछ इलाकों में दोपहर के समय तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को काफी परेशान किया। केवल मैदानी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि गर्मी का असर पूरे प्रदेश में फैल रहा है।
मीनाक्षी सोनी/ हमीरपुर: उपमंडल सुजानपुर के पत्रकारों की बैठक सुजानपुर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रेस क्लब हमीरपुर के अध्यक्ष दिनेश कंवर ने की जबकि महासचिव सुरेंद्र कटोच एवं कार्यकारिणी सदस्य अश्वनी वालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने प्रेस क्लब सुजानपुर के गठन की चर्चा की और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रेस क्लब सुजानपुर का पंजीकरण शीघ्र किया जाए। इस मौके पर पत्रकारों द्वारा पत्रकार गौरव जैन को अध्यक्ष और पत्रकार सुरजीत सिंह को महासचिव चुना गया। प्रेस क्लब के नव निर्वाचित अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि सदस्यों की सहमति के साथ ही कार्यकारिणी का गठन शीघ्र कर लिया जाएगा और पंजीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी जाएगी। बैठक में प्रेस क्लब हमीरपुर द्वारा रजत जयंती समारोह के लिए दिए गए निमंत्रण को भी स्वीकृति दी गई । गौरव जैन ने कहा कि प्रेस क्लब सुजानपुर इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपना पूर्ण सहयोग देगा। बैठक में पत्रकार संजय गुप्ता, राजीव जसवाल, राजन मेहता, विपुल गुप्ता, राकेश कटोच, इत्यादि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के नादौन क्षेत्र के युवा राहुल गढ़वाल ने पैरामोटर ग्लाइडिंग के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह प्रदेश के पहले ऐसे व्यक्ति बने हैं, जिन्होंने पैरामोटर ग्लाइडिंग का आधिकारिक लाइसैंस प्राप्त किया है। अपनी अदम्य लगन, जुनून और मेहनत से राहुल ने न केवल अपने सपनों को पूरा किया, बल्कि हिमाचल प्रदेश के साहसिक खेलों के मानचित्र पर भी नया मुकाम स्थापित किया है।राहुल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्थानीय विधायक संजय रत्न ने ज्वालामुखी में एक विशेष समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। विधायक ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि हमारे बीच से एक ऐसा युवा निकलकर सामने आया है जिसने पैरामोटर ग्लाइडिंग के क्षेत्र में प्रदेश को देश-विदेश में पहचान दिलाई। राहुल की सफलता न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि यह प्रदेश के अन्य युवाओं को भी साहसिक खेलों की ओर प्रेरित करेगी। राहुल गढ़वाल ने पिछले कुछ महीनों में ज्वालामुखी क्षेत्र में कई सफल पैरामोटर ग्लाइडिंग ट्रायल्स किए हैं, जिनसे स्थानीय लोग आश्चर्यचकित और उत्साहित हैं। उनके साहस और कौशल की वजह से उपमंडल के हर कोने में उनके पैरामोटर उड़ानों की चर्चा हो रही है। स्थानीय युवाओं में भी अब इस खेल को अपनाने की लहर तेज हो रही है। विधायक संजय रत्न ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार साहसिक खेलों, खासकर पैराग्लाइडिंग और पैरामोटरिंग को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर नई पैराग्लाइडिंग साइट्स का चयन किया जा चुका है, जिससे यहां पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रदेश की वादियों में हवा से बातें करते मानव परिंदों की संख्या में वृद्धि होगी, जो पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
शनिवार को दयानंद आदर्श विद्यालय सोलन के प्रांगण में अंतरसदनीय वैदिक मंत्रोच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्रिंसिपल उषा मित्तल ने बताया कि इस प्रतियोगिता का संचालन विद्यालय के संगीत शिक्षक संतोष कुमार और एक्टिविटी इंचार्ज अंजना के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी वैदिक संस्कृति, नैतिक मूल्यों और धर्म का बोध कराना है। इससे वे अपने धर्म व संस्कारों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यालय अपने संस्थापक सदस्यों के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रगति कर रहा है। ऐसी पहल न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाती है, बल्कि उनका मानसिक विकास भी सुनिश्चित करती है। इस प्रतियोगिता में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। समारोह का मंच संचालन प्रियांशी और दीपांशी ने कुशलतापूर्वक किया।प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों को चार सदनों की टीमों में विभाजित किया गया था। पवन शास्त्री ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के विजेता विरजानंद हाउस की वंशिका, अक्षिता और इशिता रहीं, जबकि श्रद्धानंद हाउस की हर्षिता, सलोनी और नाभ्या ने भी विजेता स्थान प्राप्त किया। दयानंद हाउस की रक्षिता, तान्या और आरती तथा विवेकानंद हाउस की इच्छा, लक्षिता और दीक्षा को उपविजेता घोषित किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतियोगिता में भाग लेना, जीतने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शादी के नाम पर एक युवक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बंजार उपमंडल के ज्ञान चंद ने आरोप लगाया है कि एक युवती ने पहले उन्हें प्रेमजाल में फंसाया, फिर शादी की और बाद में उनकी पुश्तैनी जमीन बिकवाकर लाखों रुपये अपने खाते में डलवा लिए। इसके बाद वह नकदी और गहने लेकर फरार हो गई। पीड़ित युवक अब न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रहा है। ज्ञान चंद ने मंडी में मीडिया को बताया कि 2024 में उनकी शादी मंडी जिले के बालीचौकी क्षेत्र की एक युवती से हुई थी, जिसकी शादी उनके भाई ने तय की थी। शादी के बाद, युवती ने कथित तौर पर ज्ञान चंद की 18 बिस्वा पुश्तैनी जमीन बिकवा दी और पूरी रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली। अप्रैल 2025 में, वह घर में रखे 20 हजार रुपये नकद और जेवर लेकर भी गायब हो गई। ज्ञान चंद ने बताया कि जब भी वह युवती से अपनी शादी को पंचायत में दर्ज करवाने की बात करते थे, तो वह टालमटोल करती थी। उसने पतलीकूहल पुलिस थाने में भी शिकायत दी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि युवती की पहले दो शादियां कर चुकी थी और इस बात की जानकारी उसे बाद में मिली। युवक ने बताया कि अब हाल ही में ठगी करने वाली युवती ने सुंदरनगर में चौथी शादी कर ली है। कुल्लू पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, युवती को ट्रेस कर लिया गया है और जल्द ही दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बयान लिए जाएंगे। कुल्लू पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, युवती का पता लगा लिया गया है और जल्द ही दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
कुनिहार: हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों में सरकार के प्रति गहरा असंतोष बढ़ता जा रहा है। पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक में यह मुद्दा ज़ोर-शोर से उठाया गया कि जब माननीयों को अपने भत्तों में बढ़ोतरी करने के लिए कोई वित्तीय संकट आड़े नहीं आता, तो कर्मचारियों और पेंशनरों के मामले में यही संकट सामने क्यों आ जाता है। पेंशनर भवन तालाब कुनिहार में प्रधान विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। पेंशनरों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से मांग की कि संशोधित वेतनमान का एरियर भुगतान और महंगाई भत्ते की बकाया किस्तों का भुगतान तुरंत किया जाए, अन्यथा वे संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। पेंशनरों ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने कहा था कि संशोधित वेतनमान का एरियर भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 के बाद से एरियर का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। पेंशनरों ने कहा कि जुलाई 2022 से मार्च 2024 तक के महंगाई भत्ते की किस्त का एरियर अभी तक नहीं दिया गया है इसे जल्द देने के आदेश किया जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों की एकमुश्त की एवज में 15 वर्ष तक कटने वाली राशि को भी घटाकर 10 वर्ष 8 माह के पश्चात पेंशन के साथ समायोजित करने के आदेश दिए जाए। जबकि कुछ राज्यों ने ऐसे आदेश पारित कर दिए है। वहीं 65,70 और 75 वर्ष के सेवानिवृत कर्मचारियों को 5,10 व 15 प्रतिशत के लाभ को मूल वेतन पर देकर पेंशन में समायोजित किया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार से यह भी अनुरोध किया गया कि एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत कर्मचारियों के वित्तीय लाभ संशोधित वेतनमान का अभी तक कोई भी भुगतान नहीं हुआ है। जबकि एक जनवरी 2022 के बाद से सेवानिवृत कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जा चुके हैं। जो की अन्याय व पक्षपात वाला निर्णय है। वही बैठक में सरकार से अनुरोध है कि पेंशनरों की जे सी सी की बैठक भी जल्द बुलाई जाए। ताकि लम्बित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जा सके। इस प्रकार सेवा निवृत कर्मचारियों से अन्याय न किया जाए।
शिक्षा क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने और मेधावी छात्रों को पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन मंडी ने एक अनूठी पहल की है। 'डीसी फॉर ए डे' अभियान। इस अभिनव कार्यक्रम के तहत, सरकाघाट क्षेत्र के डून गांव की अन्वी सिंह को एक दिन के लिए मंडी की उपायुक्त बनने का गौरव प्राप्त हुआ। अन्वी, विक्रम सिंह ठाकुर और अनीता वर्मा की बेटी हैं, आलोक भारती विद्यालय, कोटली की छात्रा हैं। उसने हाल ही में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में जिले में टॉप किया और प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने ही उन्हें यह विशेष अवसर दिलाया। शुक्रवार की सुबह 9 बजे, अन्वी अपने पिता और दादा के साथ उपायुक्त अपूर्व देवगन की उपस्थिति में कार्यालय पहुंचीं। जिलाधीश की कुर्सी पर बैठते ही उनके निजी स्टाफ ने औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया। 'एक दिन की डीसी' के रूप में अन्वी के सामने पहली चुनौती भूकंप पर पूर्वाभ्यास की निगरानी करना था। उन्होंने वीसी रूम में सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और फिर इस महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास की बारीकी से निगरानी की। इसके बाद, उन्होंने उपायुक्त कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के बारे में जानकारी हासिल की और फील्ड निरीक्षण के लिए भी गईं। इस दौरान, अन्वी ने लोगों की शिकायतें भी सुनीं और संबंधित विभागों को उनके तत्काल निपटारे के आदेश दिए। अन्वी ने इस दिन को अपने जीवन का सबसे यादगार पल करार दिया और बताया कि इस अनुभव से उन्हें प्रशासनिक कार्यों की कई व्यवहारिक बातें पता चलीं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने उन्हें एक उपायुक्त के रूप में जिम्मेदारियों के निर्वहन के बारे में विस्तार से समझाया। अन्वी ने इस अवसर के लिए उपायुक्त मंडी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि जिला प्रशासन बच्चों को जीवन में बेहतर प्रदर्शन के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रहा है। 'अपना विद्यालय' और 'अपना पुस्तकालय' अभियान के साथ अब 'डीसी फॉर ए डे' जैसी पहल भी की गई है। उन्होंने अन्वी को बधाई देते हुए कहा कि सभी बच्चों में बेहतर करने की क्षमता होती है, उन्हें केवल उचित मार्गदर्शन और सही दिशा की आवश्यकता होती है, जिससे वे अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अन्वी ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है और यह अनुभव उन्हें भविष्य में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए और भी प्रेरित करेगा।
ऑनलाइन ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां राजस्थान के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 94.30 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। यह घटना धर्मशाला के सिद्धबाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां पीड़ित अधिकारी अपने ससुराल में रहते हैं। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर निवेश के आकर्षक झांसे देकर पूर्व अधिकारी को अपने जाल में फंसाया। शुरुआती दौर में उन्हें लगभग दो लाख रुपये के मुनाफे का लालच दिया गया, जिसके बाद पीड़ित ने ठगों के बताए विभिन्न बैंक खातों में नौ से दस किस्तों में पैसे भेजने शुरू कर दिए। ठगों ने उन्हें तीन करोड़ रुपये के भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाया और इसी लालच में पूर्व अधिकारी ने 94.30 लाख रुपये की मोटी रकम उनके खातों में जमा करा दी हालांकि, इस बड़ी राशि के बदले में उन्हें कोई पैसा वापस नहीं मिला। अपनी ठगी का एहसास होने पर पीड़ित पूर्व अधिकारी ने साइबर क्राइम थाना नॉर्थ जोन धर्मशाला में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि व्हाट्सएप पर ऑनलाइन निवेश से अधिक मुनाफा कमाने की पोस्ट देखकर उन्होंने मात्र एक महीने में ही लाखों की राशि गंवा दी। एएसपी साइबर क्राइम थाना उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला, प्रवीन धीमान ने बताया कि पूर्व सरकारी अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 50 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एएसपी धीमान ने जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश के ऐसे झांसों में न आएं और सतर्क रहें।
कसौली (हेमेंद्र कंवर) – पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन, पट्टा-महलोग इकाई की मासिक बैठक जिया लाल ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सरकार द्वारा पेंशनरों के लंबित देय भत्तों की अदायगी न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। अध्यक्ष जिया लाल ठाकुर ने विशेष रूप से जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के साथ हो रहे "क्रूरतापूर्ण व्यवहार" पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस अवधि के पेंशनरों को संशोधित वेतनमान के अनुसार न तो पूरा पेंशन एरियर मिला है, और न ही लिव-इन कैशमेंट, ग्रेच्युटी या कम्यूटेशन जैसे लाभ प्राप्त हुए हैं, जबकि अन्य अवधि के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ये सभी भुगतान एकमुश्त मिल चुके हैं। ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में बार-बार आग्रह के बावजूद न तो पेंशनर्स की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन किया गया है और न ही उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान असंभव हो रहा है। बैठक में महंगाई भत्ते की किश्तों के एरियर (जुलाई 2023 से जनवरी 2025 तक) और लंबित चिकित्सा बिलों के शीघ्र भुगतान के लिए बजट प्रावधान की मांग भी की गई। इस अवसर पर देव करण कौशल, ए आर भाटिया, पूर्ण चंद वर्मा, गुलाब सिंह ठाकुर सहित कई गणमान्य पेंशनर उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार से इन मांगों पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर हाल ही में एक महत्वपूर्ण विदेशी दौरे से लौटने के बाद, जनता की समस्याएं सुनने और समाधान हेतु संवाद स्थापित करने के लिए सीधे देहरा विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे। यह जन संवाद कार्यक्रम कल प्रातः 09:30 बजे, जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह, देहरा में आयोजित होगा। यह जानकारी भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ज़िला अध्यक्ष, अजय खट्टा ने दी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनता के लिए अपने मुद्दे सीधे सांसद के समक्ष रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर विदेश में पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद के विरुद्ध भारत का पक्ष मज़बूती व स्पष्टता से रख कर आ रहे है जिससे हम सभी गौरवान्वित हैं। अजय खट्टा ने सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे इस जन संवाद में भाग लें और सक्रिय रूप से अपनी समस्याएं और सुझाव रखें ताकि सांसद जी उनके समाधान हेतु आवश्यक कदम उठा सकें।
विश्व पर्यावरण दिवस पर ज्वालामुखी विधानसभा मंडल खुंडियां क्षेत्र के खुंडियां बूथ में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर भाजपा मंडल खुंडियां के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।वहीं भाजपा मण्डल खुंडिया के अध्यक्ष संजय राणा ने कहा कि हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें अपनी पृथ्वी, अपने पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। यह केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक प्रतिज्ञा है कि हम अपने ग्रह को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। यह दिन दुनिया भर के लोगों को पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर सोचने और उनके समाधान के लिए प्रेरित करता है, ताकि हम सब मिलकर एक बेहतर और टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर सकें। हमारा पर्यावरण, जिसमें हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु शामिल हैं, हमारे जीवन का आधार है। लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण यह गंभीर खतरों का सामना कर रहा है - प्रदूषण, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता का नुकसान। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें तुरंत और सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है, और इसी दिशा में 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
भरमौर/प्रिंस कुमार – मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर स्थित प्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने के लिए स्थानीय निवासियों ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। अनिल कुमार, नसीब, नंद लाल और सुरेंद्र सहित अन्य स्थानीय लोगों ने आज अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM), भरमौर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अस्थायी दुकानों के नियमन की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मंदिर क्षेत्र में ऐसे व्यक्तियों को दुकानें आवंटित न की जाएं जो धार्मिक आचरण और मर्यादाओं का पालन नहीं करते।
हिमाचल प्रदेश में पहली प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन 9 से 12 जून 2025 तक काथली, कैथलीघाट में किया जाएगा। बता दे कि 9 से 11 जून तक इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कंपलेक्स शिमला में 10 मीटर ऑफ पिस्टल स्पर्धाएं होगी। वहीं 9 से 12 जून तक कैथलीघाट में 50 मीटर राइफल 50 मीटर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता केवल व्यक्तिगत स्पर्धा में आयोजित की जाएगी। प्रविष्टियों और प्रवेश शुल्क केवल एनआरआई की ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के सचिव ईश्वर रोहाल ने बताया कि सभी चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगी। केवल ट्रैप के लिए मैनुअल रूप से रजिस्ट्रेशन मौके पर की जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित समय के भीतर अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस चैंपियनशिप में ट्रैप इवेंट शामिल होगा। यह चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश के शूटरों के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जिसमें वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं और राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं।
पधर (मंडी)। उपमंडल पधर के नारला क्षेत्र में शुक्रवार को एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, विशेष रूप से भूस्खलन जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की परख करना था। इस अभ्यास में उपमंडल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग सक्रिय रूप से शामिल हुए। ड्रिल के तहत एक काल्पनिक परिदृश्य को दर्शाया गया, जिसमें नारला के पास एक यात्री बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। साथ ही, नारला तक जाने वाली मुख्य सड़क मलबे के कारण अवरुद्ध हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पीडब्ल्यूडी की जेसीबी मशीन को घटनास्थल पर भेजा और कुछ ही समय में सड़क को खोल दिया गया। इंसिडेंट कमांडर एवं तहसीलदार पधर डॉ. भावना वर्मा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम, पुलिस बल, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य आरंभ किए। रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। बचाव अभियान के दौरान कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत कार्यों में सेवानिवृत्त सैनिकों, रेड क्रॉस के स्वयंसेवकों, आपदा मित्रों, और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिससे प्रशासन को समय पर और प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद मिली। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई थीं। पधर स्कूल मैदान में कमांड पोस्ट और स्टेजिंग एरिया स्थापित किया गया, जबकि सामुदायिक भवन पधर को राहत शिविर के रूप में प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रशासनिक अमला, रेस्क्यू टीम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सभी सहयोगी इकाइयाँ आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें और जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्र तीसा में कल शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में सास और दामाद की हालत गंभीर है। यह घटना तीसा में शाम करीब 4 बजे हुई, जब एक तेज रफ्तार कार पर पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर आ गिरा, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 150 फीट नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में 55 वर्षीय देई देवी, पत्नी किशनचंद, निवासी लठरुंड की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके दामाद खेमराज (36), पुत्र देवीचंद, निवासी थनेईकोठी ने अस्पताल में है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थर गिरने के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद, स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने दोनों मृतकों खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया और फिर तीसा अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती उपचार के बाद, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां आज उनका पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। वही घायल का उपचार चल रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि खेमराज अपनी सास देई देवी को अपने घर ले जा रहा था। देई देवी कई दिनों से अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जता रही थीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था और यह हादसा उनकी इस चाहत को हमेशा के लिए अधूरा छोड़ गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।
जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुहीं के गाँव रजियाना के वार्ड नंबर 2 में इन दिनों आवारा मवेशियों का आतंक छाया हुआ है। इन बेसहारा जानवरों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है और हाल ही में एक दुखद घटना भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, मोहिंदर नाथ सुपुत्र गोपाल कृष्ण की गौशाला में बंधी एक दुधारू गाय पर देर शाम आवारा मवेशियों ने हमला कर दिया, जिससे गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से मोहिंदर नाथ को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासी नरेश शर्मा उर्फ काकू पंडित ने बताया कि गाँव में आवारा मवेशियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम को लोग घर से सैर के लिए निकलने से भी कतराने लगे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इससे पहले कि कोई बड़ी अनहोनी हो, इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दिया जाए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही नेहरन पुखर में बेसहारा मवेशी के हमले से एक पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया था, और एक मजदूर की दुखद मौत भी हुई थी। ये घटनाएँ आवारा मवेशियों की समस्या की गंभीरता को दर्शाती हैं और तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर ज़ोर देती हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर कसौली ने भारतीय हिमालय क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े सफाई अभियान में अहम भूमिका निभाई। इस अभियान का नेतृत्व वेस्ट वॉरियर्स नाम की संस्था ने किया और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से 7000 से ज़्यादा लोगों को एक साथ जोड़ा गया। सभी ने मिलकर एक दिन में 7000 किलो से ज़्यादा कचरा साफ किया। कसौली में करीब 1315 लोगों ने सफाई अभियान में भाग लिया। सफाई धर्मपुर स्कूल रोड, साईं मंदिर पानवा, गड़खल सनावर ITI रोड, कसौली कैंट, चामिया, शालाघाट अर्की और कुमारहट्टी बाज़ार जैसी जगहों पर की गई। इन जगहों से लगभग 1471 किलो कचरा एकत्र किया गया, जिसे अब वेस्ट वॉरियर्स की टीम रीसाइक्लिंग के लिए प्रोसेस कर रही है। अभियान में कई तरह के लोगों ने हिस्सा लिया — स्थानीय समुदाय, महिला मंडल, युवाओं के समूह, स्कूल, कॉलेज, प्रशिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और सरकारी विभाग जैसे वन विभाग और नगर निगम भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर यह दिखाया कि जब लोग साथ आते हैं, तो बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। यह सफाई अभियान सिर्फ कसौली तक सीमित नहीं था। हिमाचल प्रदेश के मनाली, धर्मशाला, शिमला, बीड़ और रेणुकाजी जैसे क्षेत्रों में भी सफाई हुई। उत्तराखंड में देहरादून, उत्तरकाशी, कॉर्बेट, आसन और केंपटी फॉल्स जैसे इलाकों में भी यह अभियान पहुंचा। वेस्ट वॉरियर्स संस्था हिमालयी क्षेत्रों में बेहतर कचरा प्रबंधन सिस्टम बनाने पर काम करती है। ऐसे अभियानों के ज़रिए यह संस्था सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को उनके पर्यावरण की ज़िम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करती है। इस विश्व पर्यावरण दिवस ने यह दिखाया कि जब हजारों लोग एक मकसद के लिए एक साथ आते हैं, तो असली बदलाव संभव है। यह अब तक का सबसे बड़ा पहाड़ी सफाई अभियान था और यह एक याद दिलाने वाला उदाहरण है कि बदलाव तब आता है जब हम सब मिलकर कदम उठाते हैं।
देहरा:डी.ए.वी. देहरा में विश्व पर्यावरण दिवस को बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और विद्यालय परिवार में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण गतिविधि के साथ हुई, जिसने इस विशेष दिवस को एक नया आयाम दिया। छात्रों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने हाथों से पौधे लगाए। इसके बाद, सभी छात्रों ने पोस्टर गतिविधि के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के विषय पर अपने विचारों की सुंदर और रचनात्मक अभिव्यक्ति की। छात्रों ने पौधों की रोपण प्रक्रिया को एक नाटक मंचन द्वारा बड़े ही आकर्षक रूप से प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। रसायन विज्ञान के शिक्षकों ने भी इस कार्यक्रम में सराहनीय योगदान दिया। उन्होंने खाद बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर छात्रों में कृषि प्रचलन और टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने का प्रयास किया। प्रधानाचार्यविश्वास शर्मा जी ने समस्त विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण हेतु लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "प्रकृति हमारी अनमोल धरोहर है, जिसके लिए पर्यावरण संरक्षण हमारा परम कर्तव्य है।" उन्होंने सभी से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और उसका पालन करने का आह्वान किया।
प्रिंस कुमार/भरमौर:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीडब्ल्यूडी विभाग से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक रैफलू राम ने सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण पेश करते हुए सीनियर सेकेंडरी स्कूल छतराड़ी के विद्यालय परिसर के विकास के लिए अपनी जेब से ₹11,000 का चेक विद्यालय को भेंट किया। उन्होंने यह चेक विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र ठाकुर को सौंपा। रैफलू राम द्वारा किए गए इस योगदान की पूरे क्षेत्र में भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने यह नेक पहल न केवल एक समर्पित नागरिक के रूप में की, बल्कि एक अभिभावक और समाज सेवक के रूप में भी मिसाल पेश की है। प्रधानाचार्य राजेंद्र ठाकुर ने उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कदम हमें यह एहसास कराते हैं कि स्कूलों का विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, अपितु समाज के सामूहिक सहयोग से भी संभव है। गौरतलब है कि रैफलू राम पीडब्ल्यूडी विभाग में बतौर बेलदार अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके दोनों बेटे वर्तमान में इसी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए उनके इस योगदान से न केवल संस्थान को लाभ मिलेगा, बल्कि अन्य लोगों को भी समाज सेवा की प्रेरणा मिलेगी। विद्यालय प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय ने रैफलू राम की इस सराहनीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है।
सोलन: वीरवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोलन जिले में एक महत्वपूर्ण अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का आगाज सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) राहुल जैन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) डोल का जुब्बर के प्रांगण से किया। इस अवसर पर उनके साथ मंडल वन अधिकारी सोलन एच.के. गुप्ता और उपनिदेशक गुणवत्ता जिला सोलन राजिंदर वर्मा भी उपस्थित रहे। स्कूल के सभी स्टाफ सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। अभियान के तहत, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हरियाली फैलाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की गई। इसमें भाग लेने वाले छात्रों और उनकी माताओं को ऑनलाइन प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, सोलन जिले के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के सभी 1078 स्कूलों में कुल 75,000 पौधे लगाए जाएंगे। यह वृहद पौधारोपण अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ियों के लिए एक हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (IIU) ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। यह आयोजन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. जगदेव सिंह राणा तथा कुलपति प्रो. संजय कुमार बहल के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रकृति के प्रति प्रेम और जागरूकता का वातावरण देखने को मिला। सैकड़ों पौधे विभिन्न स्थानों पर रोपे गए, जिनमें नीम, पीपल, बरगद, आम, जामुन जैसे पर्यावरण के लिए लाभकारी वृक्ष शामिल थे। इस अवसर पर डॉ. जगदेव सिंह राणा ने कहा कि धरती आज गंभीर पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है ऐसे में वृक्षारोपण एक महत्वपूर्ण कदम है। आज लगाया गया हर पौधा एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव है। इस अभियान में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के सदस्यों ने भी भाग लिया। प्रशासनिक कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र और कर्मचारी सभी ने मिलकर पौधारोपण किया और हर लगाए गए पौधे को संरक्षितकरने का संकल्प लिया। पौधों को उचित स्थानों पर इस तरह रोपा गया कि वे आने वाले वर्षों में परिसर की हरियाली और जैव विविधता को बढ़ावा दे सकें।
कपिल गुप्ता/ सुबाथू: आर्य पब्लिक हाई स्कूल सुबाथू में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्कूल के मुख्याध्यापक पूर्ण ठाकुर ने बताया कि इस मौके पर विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण से जुड़े अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से बच्चों ने रचनात्मक तरीके से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। प्रतियोगिता के परिणामों की बात करें तो, हिंदी भाषण में इशिका ने प्रथम, जन्नत ने द्वितीय और इवांशु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, अंग्रेजी भाषण में सूरज और परिधि ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि कुणाल द्वितीय और कोमल तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के अंत में, स्कूल से एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जो स्कूल से शुरू होकर पूरे बाजार की परिक्रमा करते हुए वापस स्कूल पहुंची, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
डिंपल शर्मा/धर्मपुर मंडी: हिमाचल प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त एस.एस. गुलेरिया ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) 2005 आम नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र की प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना, सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, जवाबदेही तय करना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। गुलेरिया धर्मपुर में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारियों (PIOs) के ज्ञानवर्धन हेतु आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को उन सभी निर्णयों की जानकारी होनी चाहिए जिनसे उनका जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि आरटीआई आवेदनों को किस तरह से प्रभावी और सरल तरीके से निपटाया जाए। उन्होंने सभी जनसूचना अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सद्भावनापूर्ण तरीके से कार्य करें और कानून का पारदर्शिता से शत-प्रतिशत पालन करना अपनी जिम्मेदारी समझें। गुलेरिया ने जोर दिया कि आरटीआई एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और किसी भी आपत्ति का समाधान समय पर किया जाना चाहिए। उन्होंने आरटीआई की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में उपस्थित अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की विभिन्न जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया और आरटीआई अधिनियम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष बल दिया।उन्होंने कार्यालयों में कार्यालय मैन्यूल के अनुरूप रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उनका कहना था कि ऐसा करने से आरटीआई में सूचना देने में कोई कठिनाई नहीं होगी। इस अवसर पर एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा, डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद, तहसीलदार धर्मपुर रमेश कुमार, नायब तहसीलदार धर्मपुर संजीव कुमार, नायब तहसीलदार टीहरा शशिपाल मोदगिल, नायब तहसीलदार मण्डप ओमशिखा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी व अन्य जनसूचना अधिकारी उपस्थित रहे।
वीरवार को दयानंद आदर्श विद्यालय सोलन के प्रांगण में कक्षा छठी और सातवीं के विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश डिक्लेमेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों की स्पीकिंग स्किल्स और आत्मविश्वास को बढ़ाना था। विद्यालय की प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि विद्यालय नियमित रूप से ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है, जिससे बच्चों में एक अच्छा वक्ता बनने और नेतृत्व की प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया जा सके। उन्होंने बताया कि विद्यालय को चार सदनों में विभाजित किया गया है, और प्रतियोगिता में विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जिनमें कक्षा छह में जूनियर कैटेगरी में विरजानंद सदन की सानवी और विवेकानंद सदन की भूमिका ने पहला, दयानंद सदन के विवान और श्रद्धानंद सदन की मन्नत ने दूसरा स्थान हासिल किया। वही सीनीयर कैटेगरी में रुद्र की आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस रही। विरजानंद सदन के वंश शर्मा और विवेकानंद सदन की प्रिशा ने पहला स्थान झटका तो श्रद्धानंद सदन की प्रांशिता दूसरे स्थान पर रही। इस प्रतियोगिता को जज करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल ऊषा मित्तल, सुमिति चंदेल, रोमिला कंवर और फूला धर ने निभाई। कार्यक्रम का मंच संचालन सलोनी और काश्वी द्वारा किया गया। अंत में, प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगी।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबीधार में पर्यावरण दिवस पर रैली का आयोजन किया गया।जिसमें स्कूली बच्चों के साथ-साथ स्कूल के अध्यापकों ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में स्कूल प्रधानाचार्य धर्मदास सिमर, एनएसएस प्रभारी अंजना नेगी, इको क्लब प्रभारी अजीव कुमार और आतिथ्य एवं पर्यटन प्रभारी राहुल ठाकुर मौजूद रहे।
कपिल गुप्ता/सुबाथू: आज 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र (GTC) के ऐतिहासिक सलारिया स्टेडियम में एक भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। जिसमें 158 अग्निवीरों के एक ऊर्जावान दल ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय सेना में अपना स्थान बनाया। इन जांबाज अग्निवीरों ने भारतीय गणराज्य के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली, जो उनके देश सेवा के संकल्प को दर्शाता है। इन अग्निवीरों ने 31 सप्ताह से अधिक का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिसमें शारीरिक फिटनेस, बैटल क्राफ्ट, फील्ड क्राफ्ट, हथियारों के उपयोग और रणनीति के विभिन्न पहलुओं को गहराई से सीखा गया। यह कठोर प्रशिक्षण उन्हें भारतीय सेना की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। अब ये अग्निवीर पहली और चौथी गोरखा राइफल्स की प्रसिद्ध गोरखा बटालियनों का हिस्सा बनेंगे। इन बटालियनों का 200 से अधिक वर्षों का वीरता और बलिदान का एक समृद्ध और गौरवशाली इतिहास है, जिसे ये युवा सैनिक आगे बढ़ाएंगे। परेड का निरीक्षण ब्रिगेडियर पुनीत शर्मा, कमांडेंट 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी रंगरूटों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और भारतीय सेना के ध्वज को सदैव ऊंचा रखने के लिए प्रेरित किया। परेड के बाद उत्कृष्ट समन्वय के साथ मधुर पाइप बैंड का शानदार प्रदर्शन किया गया। समारोह का समापन एक उत्कृष्ट पीटी प्रदर्शन से हुआ, जिसने दर्शकों को इस आयोजन को और अधिक समय तक देखने के लिए उत्सुक कर दिया। लगभग 300 दर्शकों (सेवारत व्यक्तियों, पूर्व सैनिकों, भर्ती हुए सैनिकों के माता-पिता और रिश्तेदारों सहित) ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।


















































