राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की आज मध्य प्रदेश में पहुंच गई है। राहुल गांधी सुबह करीब सात बजे बुरहानपुर के रास्ते से मध्य प्रदेश पहुंचे। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बोंदरली गांव से भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुई, जो शाम 6 बजे ये यात्रा बुरहानपुर शहर पहुंचेगी। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के मध्य प्रदेश पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं व आम लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा, विपक्ष के लोगों ने कहा था कि हिंदुस्तान 3600 किमी लंबा है। इसे पैदल तय नहीं किया जा सकता। हम मध्य प्रदेश आ गए हैं। 370 किमी यहां चलेंगे। यह तिरंगा श्रीनगर तक जाएगा और हम डरने वाले नहीं है। यह यात्रा हिंदुस्तान में फैलाए जा रहे नफरत, हिंसा और डर के ख़िलाफ़ है।
हिमाचल की राजधानी शिमला में एशिया के पहले ओपन एयर आइस स्केटिंग रिंक में जल्द ही स्केटिंग का रोमांच शुरू होने वाला है। ऐसे में लंबे समय से स्केटिंग का इंतजार कर रहे स्केटिंग के दीवानों के लिए यह खुशी की खबर है। हालांकि आजकल मैदान में गड्ढे पड़ जाने के चलते उसकी साफ-सफाई का कार्य चल रहा है और इसे जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। मैदान को समतल करने के बाद जल्द स्केटिंग व अन्य आइस के खेल शुरू होंगे। आइस स्केटिंग क्लब के आयोजन ने जानकारी दी है कि पिछले साल 16 दिसंबर को स्केटिंग शुरू की गई थी। इस बार 30 नवंबर तक मैदान को समतल कर लिया जाएगा। पहली दिसंबर से बर्फ को जमाने का कार्य शुरू किया जाएगा और यदि मौसम ने साथ दिया तो 6 दिसम्बर तक स्केटिंग शुरू हो जाएगी।
नालागढ़ में कल कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के तहत 11 KV विद्युत उपकेन्द्र मंझोली और 11 केवी ढेरोवाल-11 फीडर के मरम्मत के चलते 23 नवंबर को बिजली बंद रहेगी। विद्युत उप मण्डल नंबर 01 के सहायक ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण सुबह 9 बजे से सांय 6 बजे तक बहरामपुर, तेलीवाल, गिहार, नथू, पलास्सी और औद्योगिक इकाइयां सैनी स्टोन क्रेशर, बरसन स्टोन क्रेशर, हिमालय स्टोन क्रेशर, जय नैना देवी क्रेशर, बंसल जनरेशन, सुपर फ्रीज़ इंडस्ट्री, ग्रीन हॉक सॉल्यूशन, बैंस पाइप, शारदा इंडस्ट्री में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
शिमला के कोटखाई के तहत आने वाले बाघी व आसपास के क्षेत्रों में चेरी की फसल में फैले संक्रमण को रोकने के लिए प्लान तैयार कर लिया गया हैं। बुधवार को बागवानी निदेशालय में बागवानी विभाग के कार्यकारी निदेश सुदेश मोक्टा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई हैं। इस बैठक में नौणी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ बागवानी विभाग के एचडीओ और बागवान भी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया हैं कि चेरी की फसल में इन्फेक्शन रोकने के लिए संक्रमित पौधों का उखाड़ा जाएगा। ताकि बागीचों में यह संक्रमण ज्यादा न फैले। इसके अलावा बागवानों को पर्चे बांटकर फाइटोप्लाजमा बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। चेरी से संक्रमित पौधों को बचाने के लिए बनाई गई योजना के लिए यूनिवर्सिटी सरकार व विभाग को फंड के उपलब्धता के लिए भी लिखेगा, क्योकि बैठक में नौणी यूनिवसिर्टी के प्रतिनिधियों ने फंड की कमी का जिक्र भी किया हैं। वहीं अप्रैल के महीने सेब के बागीचों को 3 जोन में बांटा जाएगा। इसमें रेड जोन, ओरेंज जोन और ग्रीन जोन होंगे। रेड जोन में पूरी तरह से संक्रमित क्षेत्र होंगे, ओरेंज जोन मेें कम संक्रमित जोन और ग्रीन जोन संक्रमित रहित क्षेत्र हैं। इस दौरान भी नौणी यूनिवर्सिटी की टीमें बागीचों का निरीक्षण करेगी। गौरतलब है कि बाघी क्षेत्र में चेरी के बगीचों में इसी साल सितंबर माह में अज्ञात बीमारी से 90 फीसदी पौधे सूख गए थे। इसके बाद बागवानी विभाग ने नौणी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की और बीमारी का पता लगाने के निर्देश दिए थे। कमेटी ने कई दिन तक बाघी क्षेत्र में डेरा डाले रखा। कमेटी की कई दिनों की जांच में पता चला कि बाघी व आसपास के क्षेत्रों में फाइटोप्लाज्मा वायरस से चेरी के बगीचे सूख रहे हैं। इसके बाद नौणी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बागवानों को कुछ छिड़काव का सुझाव दिया। कोटगढ़ के बागवान दीपक सिंघा का कहना है कि फाइटोप्लाजमा के कारण चेरी के 80 से 90 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं। इससे अगले साल फसल लगने की संभावनाएं खत्म हो गई है। यदि इस बीमारी को कंट्रोल नहीं किया गया तो यह साथ लगते नारकंडा, थानाधार, कंडियाली, कुमारसैन आदि क्षेत्रों में भी फैल जाएगी। इससे क्षेत्र के बागवान चिंतित है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी नारकंडा के साथ लगते क्षेत्र में चेरी का बगीचा है। यहां आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बागवानों की रोजी-रोटी चेरी पर निर्भर है। दीपक सिंघा ने इस बीमारी को रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
दिल्ली नगर निगम के चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महाबल मिश्रा रविवार (20 नवंबर) को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। कांग्रेस से एक बार सांसद और तीन बार विधायक रह चुके महाबल मिश्रा ने पहाड़गंज में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में एक जनसभा के दौरान 'आप' की सदस्यता ग्रहण की है। बता दें कि दिल्ली नगर निगम के 250 पार्षदों को चुनने के लिए चार दिसंबर को मतदान होगा। मतगणना सात दिसंबर को होगी। एमसीडी के एकीकरण के बाद निगम का यह पहला चुनाव होगा। बता दें कि महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा पहले से ही आम आदमी पार्टी के नेता हैं। विनय द्वारका से 'आप' विधायक हैं। दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के मतदाताओं पर महाबल मिश्रा की खासी पकड़ बताई जाती है।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के बाहरी इलाके शालतेंग में भारतीय सेना की शाखा 2 राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस ने तीन कथित हाइब्रिड आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं। कश्मीर जोन पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया, ''सेना (2 आरआर) और श्रीनगर पुलिस ने तीन एके राइफल, दो पिस्तौल, नौ मैगजीन और 200 कारतूसों की बड़ी खेप के साथ श्रीनगर के बाहरी इलाके में तीन हाइब्रिड आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है।'' इससे पहले रविवार (20 नवंबर) को ही अनंतनाग के बिजबेहरा में सुरक्षाबलों के एक तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का पूर्व सहयोगी सज्जाद तांत्रे मारा गया। तांत्रे को हाल में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) की हिरासत से रिहा हो गया था।
गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर काफी गहमा-गहमी दिख रही है। प्रदेश में 27 साल से सरकार चला रही बीजेपी के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। पार्टी एक बार फिर से राज्य में कमल खिलाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। लेकिन बागी नेता पूरा गेम बिगाड़ने में लगे हैं। बागियों पर अब बीजेपी ने सख्त एक्शन लिया है। गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने पार्टी से बगावत करने वाले 7 नेताओं को निष्कासित कर दिया है। इन नेताओं ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय नामांकन किया है। पार्टी से निष्कासित होने वाले नेताओ में मधु श्रीवास्तव, अरविंद लादानी, दीनू पटेल, हर्षद वसावा और धवल सिंह झाला सहित 7 लोगों का नाम है। प्रदेश अध्यक्ष ने इसको पार्टी के विरुद्ध कार्य करने के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी व पहाड़ों की रानी शिमला पर तीसरी आंख का पहरा लग गया है। राजधानी का चप्पा चप्पा अब तीसरी आंख की निगरानी में होगा। नगर निगम शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शिमला में विभिन्न जगहों पर 210 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे है। इसके लिए निगम ने 71 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इन कैमरों का कंट्रोल कैथ्यू पुलिस लाइन में रहेगा, जहां से शहर की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। शिमला में आने जाने वाला हर एक व्यक्ति तीसरी आंख की पैनी नजर से बच नहीं पाएगा। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस विभाग आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर अपराधियों की धरपकड़ सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए बाकायदा हिमाचल पुलिस द्वारा रोडमैप तैयार किया गया है। हिमाचल में अपराध करने के बाद अपराधी फरार हो जाते है। ऐसे अपराधियों को पकड़ना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। CCTV लगने के बाद ऐसे अपराधियों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी। इसके अलावा यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर नकेल कसने के लिए 5 इंटेलिजेंस ट्रैफिक मोनिटरिंग सिस्टम (ITMS) भी लगाए गए है। आगामी 1 से डेढ़ माह में ये सारा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
लेह में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जम्मू शहर में शनिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के साथ हुई। लेह में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कश्मीर में भी शीत लहर जारी है। यहां कई जिलों में रात का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे चल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, अगले 24 घंटे में जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कश्मीर के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान भी 15 डिग्री के आसपास चल रहा है। राजधानी श्रीनगर में बीती रात का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विश्व विख्यात पर्यटन स्थल पहलगाम में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 4.2, काजीकुंड में माइनस 0.4, कुपवाड़ा में माइनस 1.4, गुलमर्ग में माइनस 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज़ मैदान में भाषा एवं संस्कृति विभाग और राज्य संग्रहालय की ओर से विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। रिज मैदान पर लगा ये क्राफ्ट मेला स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि सैलानियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां हाथ से बनी वस्तुएं सबको पसंद आ रही है। चाहे बात की जाए कुल्लू-किन्नौरी शॉल से लेकर चंबा रुमाल तक या बुद्धिस्म को दर्शाने वाली थांका पेंटिंग की। पांच दिवसीय तक चलने वाले इस कला शिल्प मेले यह प्रदर्शनियाँ लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इन सबके बीच अगर बात की जाए चम्बा रुमाल की तो रेशम के धागों से कॉटन और खादी के इस रुमाल पर की गई कारीगरी को देख कर हर कोई आश्चर्यचकित हो रहा है। चंबा के इस एक रुमाल की कीमत 250 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक है। इन महंगे रुमाल को बनाने के लिए 25 दिन लग जाते हैं। इस बाबत रुमाल कारीगर ने बताया कि इसके लिए विशेष धागा कई बार दिल्ली या अमृतसर से मंगवाना पड़ता है और कसीदाकारी किए रुमाल एक लाख रुपये तक बिकते है। इसी बीच बौद्धधर्म को दर्शाने वाली थांका पेंटिंग भी लोगों को खूब भा रहा है। एक थांका पेंटिंग का दाम एक लाख रुपये है। इस पेंटिंग का दाम सुन कोई इसे ख़रीदे या न ख़रीदे पर लोग इसे देखने की लिए दूर- दूर से पहुंच रहे है।
रामपुर में कुमारसैन के जाबली में SIU शिमला की टीम को ट्रैफिक नाके के दौरान चरस तस्कर को दबोचने में सफलता मिली है। आरोपी युवक की पहचान 19 वर्षीय दीवान सिंह पुत्र नोख सिंह गांव कानों तहसील बंजार जिला कुल्लू के तौर पर हुई है। SDPO रामपुर चंद्रशेखर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार को SIU शिमला की टीम ASI अम्बिलाल की अगुवाई में गश्त पर थी, इस दौरान नेशनल हाईवे-5 पर दुर्गा माता मंदिर जाबली के समीप ट्रैफिक नाके पर लिप्पा से सोलन की ओर जा रही HRTC बस HP-25ए-3324 को तलाशी के लिए रोका गया। पुलिस की तलाशी के दौरान बस की 10 नम्बर सीट पर बैठा युवक हड़बड़ा गया, जिसके आधार पर उससे पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में युवक कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाया। तलाशी लेने पर युवक के बैग से 802 ग्राम चरस बरामद हुई। SIU टीम ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया और मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
'कांग्रेस आ रही है' पार्टी के होर्डिंग्स और प्रचार सामग्री पर छापा ये नारा अब पार्टी के नेताओं की जुबां पर आ गया है और पुरे आत्मवश्वास के साथ पार्टी के तमाम बड़े नेता दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता वापसी का दावा कर रहे है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज एक सुर में रिवाज बदलने का सियासी राग दोहरा रहे है। रिकॉर्ड मतदान और प्रदेश का सियासी इतिहास भी कांग्रेस के दावे को मजबूत करता है। इसके अलावा माहिर मानते है कि पुरानी पेंशन और महंगाई जैसे मुद्दे भी संभवतः कांग्रेस के पक्ष में गए है। बेहतर टिकट आवंटन और सीमित बगावत भी कांग्रेस के दावे को और बल दे रहे है। यानी कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो कहा जा सकता है कि कांग्रेस आ सकती है। हालांकि, जनादेश आठ दिसंबर को आएगा और तब तक इन दावों और विश्लेषणों में कितना दम है, इसके लिए इंतजार करना होगा। बहरहाल, अगर कांग्रेस सात में आई तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा, ये फिलवक्त सबसे बड़ा और पेचीदा सवाल है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में एक से बढ़कर एक दिग्गज नेता है, सब सियासी महारथी और सब दावेदार। कम से कम आठ चेहरे ऐसे है जिनका नाम उनके समर्थक खुलकर मुख्यमंत्री के लिए प्रोजेक्ट कर रहे है। हालांकि ये तमाम नेता खुद शांत है और उम्मीद से विपरीत इस अनुशासन के लिए निसंदेह पार्टी बधाई की हकदार भी है। वरना वीरभद्र सिंह के निधन के बाद एक बड़ा वर्ग ये मानता था कि पार्टी में 'अपनी डफली अपना राग' की स्थिति खुलकर सामने आ जाएगी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस को लेकर सबसे बड़ा सवाल ये था कि पार्टी किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। पर कांग्रेस ने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया और लड़ा भी। आगे भी ये एकजुटता और अनुशासन कायम रह पाता है या नहीं, ये तो समय के गर्भ में छिपा है पर चुनाव तक तो कांग्रेस ने कमाल कर के दिखा ही दिया। अब ज्यूँ ज्यूँ नतीजों का दिन नजदीक आ रहा है, पार्टी के भीतर की खलबली मचना स्वाभविक है। जाहिर है कई दिग्गज नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर निगाह गड़ाएं हुए है और अब पार्टी आलाकमान का आशीर्वाद और समर्थक विधायकों का संख्याबल ये तय करेगा कि किसके अरमान पूरे होते है। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की बात करें तो प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर और आशा कुमारी वो प्रमुख नाम है जिनके समर्थक खुलकर उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे है। इनके अलावा एक और नाम समर्थकों द्वारा जमकर प्रोजेक्ट किया जा रहा है, वो है युवा नेता विक्रमादित्य सिंह। हालांकि ये वर्तमान स्थिति में व्यावहारिक नहीं लगता, पर इससे विक्रमादित्य की लोकप्रियता का अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है। बहरहाल मौजूदा परिवेश में नजर डाले तो सीएम पद की दौड़ में शामिल इन नेताओं में से किसकी इच्छा पूरी होती है, ये समर्थक विधायकों का संख्याबल भी तय करेगा। पार्टी के भीतर इसे लेकर सिसायत जरूर चरम पर है, पर सुखद बात ये है कि पार्टी के भीतर की ये सियासत अनुशासन के दायरे में हो रही है। 5नए सियासी गठजोड़ संभव कांग्रेस के टिकट आवंटन पर निगाह डाले तो होलीलॉज के निष्ठावानों के अलावा सबसे ज्यादा टिकट सुक्खू कैंप को मिले है। दोनों तरफ के निष्ठवानो में से किसके कितने समर्थक जीतकर आते है, ये सीएम पद के चयन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। इन दोनों के बीच ठाकुर कौल सिंह भी है जो जिला मंडी में कांग्रेस की प्रचंड जीत का दावा कर रहे है। कौल सिंह और होलीलॉज का सियासी गठजोड़ एक बार फिर मुमकिन है और ऐसे में प्रतिभा सिंह या ठाकुर कौल सिंह का दावा मजबूत हो सकता है। जानकार मान रहे है कि अगर प्रतिभा सिंह के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो होलीलॉज, कौल सिंह ठाकुर के साथ जा सकता है। हालांकि ये सिर्फ कयास है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी होलीलॉज के करीबी रहे है, ऐसे में उनका नाम भी खारिज नहीं किया जा सकता। आशा कुमारी भी दावेदार है और संभवतः होलीलॉज कैंप के साथ ही आगे बढ़ रही है। उधर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तो अपने समर्थकों के साथ मजबूत दिख ही रहे है। रामलाल ठाकुर और हर्षवर्धन चौहान जैसे अन्य नेता किस रणनीति पर आगे बढ़ते है, ये देखना भी रोचक होगा। क्या होलीलॉज के समानांतर एक और सियासी गठजोड़ होता है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होने वाला है। क्या होलीलॉज निष्ठावानों की गिनती भी कम -ज्यादा होगी, इस पर भी निगाह टिकी है। कमतर नहीं दिख रहे सुक्खू अपनी शर्तों पर सियासत करते आएं सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दावे को कमतर आंकना किसी के लिए भी बड़ी भूल सिद्ध हो सकता है। जो नेता वीरभद्र सिंह से टकराते हुए खुद की सियासी जमीन बचा ले, वो आसानी से हार कैसे मान सकता है। सुक्खू के जिन समर्थकों को टिकट मिला है उनमें से अधिकांश अपनी अपनी सीटों पर अच्छा करते दिख रहे है। इसके अलावा होलीलॉज कैंप के बाहर के कई अन्य नेता भी खुद का दावा कमजोर पड़ने पर अपने समर्थकों सहित सुक्खू का साथ दे सकते है। यानी सुक्खू संख्याबल के मामले में भी कम नहीं माने जा सकते। पार्टी आलाकमान के भी वे नजदीकी माने जाते है। 'प्रतिभा' की 'प्रतिभा' पर संशय नहीं हिमाचल प्रदेश को आज तक महिला मुख्यमंत्री नहीं मिली है और ऐसे में प्रतिभा सिंह एक मजबूत दावेदार है। पार्टी आलाकमान को वीरभद्र सिंह के नाम के असर का बखूभी इल्म है और उपचुनाव के नतीजों में इसका असर भी दिख चूका है। इस बार भी चुनाव सामग्री में जिस तरह वीरभद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल किया गया है वो इसे साफ़ दर्शाता है। मंडी संसदीय उपचुनाव जीतकर प्रतिभा सिंह भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है और शायद ये ही बतौर प्रदेश अध्यक्ष उनकी नियुक्ति का अहम् कारण बना। जानकार मानते है कि अब भी बतौर मुख्यमंत्री प्रतिभा सिंह का दावा मजबूत है। सबसे वरिष्ठ कौल सिंह ठाकुर करीब 50 साल लम्बे राजनीतिक सफर में कौल सिंह ठाकुर ने पंचायत समिति से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का फासला तय किया है। वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे है और कांग्रेस ने निष्ठावान सिपाही है। जानकार मानते है कि अगर मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सहमति नहीं बनती है तो कौल सिंह ठाकुर वो नाम है जिसपर वरिष्ठता का हवाल देकर आलाकमान सबको मना सकता है। होलीलॉज से भी कौल सिंह ठाकुर के सम्बंध बेहतर दिख रहे है, ऐसे में वरिष्ठता का लाभ उन्हें मिल सकता है। होलीलॉज के समर्थक पर टिकी मुकेश की दावेदारी मुकेश अग्निहोत्री ने नेता प्रतिपक्ष रहते हुए बीते पांच साल में जयराम सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुकेश भी सीएम पद के प्रबल दावेदार है, हालांकि उनकी दावेदारी होलीलॉज के भरोसे ज्यादा टिकी दिखती है। दरअसल जिस तरह सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अपने कई समर्थक और निष्ठावान चुनावी मैदान में है, उस तरह मुकेश अग्निहोत्री का अपना कोई अलग कैंप नहीं दिखता। ऐसे में क्या होलीलॉज उन्हें प्रोजेक्ट करता है, ये देखना रोचक होगा। संभवतः मुकेश होलीलॉज के साथ ही आगे बढ़ेंगे, लेकिन उनकी दावेदारी को हल्का नहीं लिया जा सकता। वे होलीलॉज की पसंद भी हो सकते है।
अप्रैल 1983 में कांग्रेस आलाकमान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल को हटाकर वीरभद्र सिंह को हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था। इसके बाद वीरभद्र सिंह के जीवित रहते जब भी कांग्रेस की सरकार बनी, सीएम वे ही बने। कुल 6 बार सीएम रहे वीरभद्र सिंह के निधन के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुए है और यदि कांग्रेस सरकार बनाती है तो सीएम कौन होगा, ये देखना रोचक होने वाला है। ऐसा नहीं है कि 6 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना वीरभद्र सिंह के लिए आसान रहा हो। अपने सियासी तिलिस्म के बूते कई बार वीरभद्र सिंह ने हारी हुई बाजी पलट दी और साबित किया क्यों उनका कोई सानी नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव 1987 में होने थे लेकिन वीरभद्र सिंह ने समय से पहले वर्ष 1985 में ही चुनाव करवा दिए। 1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद पुरे देश में कांग्रेस के पक्ष में लहर थी जिसे वीरभद्र भाप गए थे और उनका ये निर्णय ठीक साबित हुआ। 1985 में वीरभद्र सिंह दूसरी बार सीएम बने। 1990 आते -आते प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर हावी थी और कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद बाबरी मस्जिद प्रकरण के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को भी बर्खास्त कर दिया और 1993 में फिर चुनाव हुए। शांता सरकार से कर्मचारियों की नाराजगी के चलते कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल ये था की मुख्यमंत्री कौन होगा। दरअसल पंडित सुखराम भी सीएम पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन वीरभद्र सिंह की सियासी गणित पंडितजी पर भारी पड़ी और वीरभद्र तीसरी बार सीएम बने। तब कौल सिंह ठाकुर ने वीरभद्र सिंह का साथ दिया था और ये टीस आज भी पंडितजी के परिवार की जुबां से छलक ही जाती है। 1993 में पंडित सुखराम सीएम बनते -बनते रह गए थे और ताउम्र सीएम नहीं बन पाएं। इसके बाद 1998 का चुनाव आया। तब वीरभद्र सिंह रिपीट को लेकर आश्वस्त थे। तब तक पंडित सुखराम और कांग्रेस की राह अलग हो चुकी थी और पंडित जी हिमाचल विकास कांग्रेस बना चुके थे। उस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में कांटे का मुकाबला हुआ लेकिन निर्दलीय जीते रमेश धवाला और पंडित सुखराम आखिरकार भाजपा के साथ गए और पांच साल भाजपा और हिमाचल विकास कांग्रेस की सरकार चली। दिलचस्प बात ये है कि वीरभद्र सिंह 1998 में सीएम पद की शपथ भी ले चुके थे लेकिन उन्हें सुखराम का साथ नहीं मिला और बहुमत न होने के चलते उन्हें कुछ ही दिनों में इस्तीफा देना पड़ा। 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सत्ता वापसी हुई लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह ही होंगे ये तय नहीं था। नतीजे आने के बाद विद्या स्टोक्स भी दावेदारी की तैयारी में थी। कहते है मैडम स्टोक्स अपना दावा ठोकने दिल्ली चली गई थी। पर पीछे से शिमला में वीरभद्र ने बाजी पलट दी और मीडिया के सामने विधायकों की परेड कराकर उनके दावे पर पूर्ण विराम लगा दिया। इस तरह मैडम स्टोक्स को मात देकर वीरभद्र सिंह पांचवी बार सीएम बने। 2007 में कांग्रेस फिर सत्ता से बाहर हुई और 2012 में पार्टी ने फिर वीरभद्र सिंह के चेहरे पर चुनाव लड़ा और वीरभद्र सिंह छठी बार सीएम बने। 2012 में अपने ही अंदाज में चेताया था आलकमान को 2007 में सत्ता से बाहर होने के बाद वीरभद्र सिंह ने 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ा और केंद्रीय मंत्री बन गए। पर 2011 में वे केंद्र से फिर प्रदेश की सियासत में लौट आएं। तब कांग्रेस कौल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आगे बढ़ती दिख रही थी और वीरभद्र सिंह को फेस घोषित करने से पार्टी बच रही थी। इसी दौरान चुनाव से चंद दिन पहले वीरभद्र सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर कहा कि अगर सोनिया गाँधी चाहे तो वे फिर कांग्रेस को सत्ता में ला सकते है। तब वीरभद्र सिंह ने आलकमान को चेताते हुए कहा था 'मैं ढोलक बजाऊंगा और मेरी सेना नृत्य करेगी।' दबाव रंग लाया और आलाकमान ने वीरभद्र सिंह को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद वे ही सीएम बने।
कांग्रेस के कई बड़े नेता अपनी अपनी सम्बंधित सीटों पर कांटे के मुकाबले में फंसे दिख रहे है। इनमें से कई तो मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी है। नजदीकी मुकाबले में इन सीटों पर कुछ भी संभव है, ऐसे में जाहिर है आठ दिसम्बर को कई नेताओं के अरमानो पर पानी फिर सकता है। डलहौज़ी सीट पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता आशा कुमारी और भाजपा के डीएस ठाकुर में कांटे का मुकाबला दिख रहा है। इस सीट पर सभी की निगाह टिकी है और यहाँ कुछ भी मुमकिन है। शायद ये ही कारण है कि चुनाव के दौरान आशा कुमारी ने अपनी सीट पर भी अधिकांश समय दिया। अन्य क्षेत्रों में आशा कुमारी प्रचार करती नहीं दिखी। इसी तरह सोलन सीट से कर्नल धनीराम शांडिल नजदीकी मुकाबले में फंसे दिख रहे है। उनका मुकाबला उनके दामाद और भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेश कश्यप से है। दोनों के बीच 2017 में भी मुकाबला हुआ था, जिसे शांडिल ने महज 671 वोट के अंतर से जीता था। शिलाई में वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान और बलदेव तोमर में मुकाबला है। यहाँ हाटी फैक्टर के सहारे भाजपा जीत की उम्मीद में है और यदि हाटी फैक्टर चला है तो हर्षवर्धन की मुश्किल बढ़ सकती है। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर ठियोग से चुनाव लड़ रहे है और बहुकोणीय मुकाबले में फंसे दिख रहे है। यहाँ निर्दलीय इंदु वर्मा, सीपीआईएम के राकेश सिंघा और भाजपा के अजय श्याम मैदान में है। इस सीट पर कुलदीप का असल इम्तिहान है। वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की सीट हरोली पर भी भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी है। यहाँ से प्रो रामकुमार मैदान में है और भाजपा नियोजित रणनीति के तहत यहाँ चुनाव लड़ती दिखी है। हालांकि मुकेश ने पुरे दमखम से चुनाव लड़ा है। इस सीट पर कितना अंतर रहता है इस पर निगाह जरूर टिकी है।
क्या हिमाचल प्रदेश में भाजपा संगठन में सर्जेरी की दरकार है, ये वो सवाल है जो या तो आठ दिसंबर के बाद तूल पकड़ेगा या गायब हो जायेगा। दरअसल, पिछले साल हुए मंडी संसदीय उपचुनाव और तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव में करारी शिकस्त के बाद भाजपा संगठन को लेकर कई सवाल उठे थे। तब कयास लग रहे थे कि पार्टी चेहरा बदल सकती है और संगठन में भी बदलाव संभव है। मंथन हुआ, चिंतन हुए लेकिन बदलाव नहीं हुआ। सरकार का फेस जयराम ही रहे और संगठन सुरेश कश्यप के हाथों में ही रहा। तब बदलाव न करने का निर्णय सही था या नहीं, ये भी आठ दिसम्बर को तय होगा। जाहिर है नतीजे प्रतिकूल रहे तो जवाब उन लोगों को देना होगा जिनके भरोसे पार्टी रिवाज बदलने का दावा करती रही है। पूर्व अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की जगह भाजपा ने 2019 के अंत में डॉ राजीव बिंदल को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी थी। बिंदल ने चार्ज लेते ही कई नियुक्तियां की और भाजपा संगठन में उनकी कार्यशैली की छाप स्पष्ट दिखने लगी। इसके बाद कोरोना काल में हुए स्वास्थ्य घोटाले में बिंदल का नाम उछला तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया। दिलचस्प बात ये है की स्वास्थ्य महकमा सीएम के पास था और इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया। हालांकि इसके बाद बिंदल को क्लीन चिट मिली। बिंदल के स्थान पर सुरेश कश्यप को नया अध्यक्ष बनाया गया। तब तक पार्टी की परफॉरमेंस अव्वल थी। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप कर चुकी थी और दो उपचुनाव भी जीत चुकी थी। पर सुरेश कश्यप के आने के बाद पार्टी सिंबल पर हुए चार नगर निगम चुनाव में से पार्टी को दो में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद एक लोकसभा उपचुनाव और तीन विधानसभा उपचुनाव भी पार्टी हार गई। जाहिर है ऐसे में सवाल उठना तो लाजमी है। अब विधानसभा चुनाव के नतीजे भी यदि प्रतिकूल रहते है तो बतौर अध्यक्ष सुरेश कश्यप की परफॉरमेंस पर बात तो होगी ही। पर यदि भाजपा हिमाचल प्रदेश में रिवाज बदलने में कामयाब रही तो प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप को भी इसका श्रेय मिलेगा। ऐसा हो पाया तो सुरेश कश्यप और जयराम ठाकुर मिलकर इतिहास रच देंगे। गजब का तालमेल, पक्ष में गया या नहीं ? डॉ राजीव बिंदल और सुरेश कश्यप दोनों का काम करने का तरीका अलग है। पर बिंदल ने अध्यक्ष रहते जो टीम नियुक्त की थी अमूमन उसी टीम के साथ कश्यप ने काम किया है। यानी अध्यक्ष तो बदला लेकिन भाजपा की टीम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा आम तौर पर भाजपा में सरकार और संगठन दोनों अलग -अलग काम करते है, सामंजस्य होता है लेकिन दोनों स्वायत्त तरीके से काम करते है। पर सुरेश कश्यप के रहते सरकार और संगठन दोनों पर जयराम ठाकुर का ही पूर्ण प्रभाव दिखा। संगठन, सरकार की छाया बना दिखा। अब ये गजब का तालमेल भाजपा के पक्ष में गया या नहीं, ये नतीजे ही तय करेंगे। भीतरघात और बगावत ने बढ़ाई टेंशन ! भीतरघात की आशंका से झूझ रही भाजपा की चिंता कुछ वायरल ऑडियो भी बढ़ा रहे है। बीत दिनों एक पूर्व मंत्री का बताया जा रहा वायरल ऑडियो ये दर्शाने के लिए काफी है कि किस कदर पार्टी में अनुशासनहीनता है। हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा करीब एक तिहाई सीटों पर बागियों का होना भी ये बताता है कि पार्टी में किस हद तक अंसतोष की स्थिति है।
हिमाचल प्रदेश चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चूका है और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। किसकी सरकार बनेगी और किसकी नहीं, इस सवाल के साथ-साथ एक और सवाल भी सियासी गलियारों में गूंज रहा है। ये सवाल है कि क्या इस बार सरकार बनाने में निर्दलीय अहम भूमिका निभाएंगे ? दरअसल, इस बार 412 प्रत्याशियों में से 99 प्रत्याशी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन 99 निर्दलीयों में से मुख्य तौर पर करीब एक दर्जन चेहरों पर फिलवक्त दोनों मुख्य राजनैतिक दलों की निगाह टिकी है। निर्दलीयों की लम्बी फेहरिस्त में कम से कम एक दर्जन नाम ऐसे है जो अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव जीतने की स्थिति में दिखाई दे रहे है। इनमें से कितने जीतते है, ये तो आठ दिसम्बर को पता चलेगा, लेकिन इनमें से किसी को कम नहीं आँका जा सकता। दोनों पार्टियां यदि स्पष्ट बहुमत नहीं ले पातीं तो निर्दलीय चुनाव जीते नेता निश्चित तौर पर निर्णायक भूमिका में आ जाएंगे। बता दें की इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले बागियों में दो सीटिंग विधायक और 6 पूर्व विधायक शामिल है। पिछले चुनाव बतौर निर्दलीय जीत कर इस चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए बने देहरा विधायक होशियार सिंह और भाजपा की ज्यादा नहीं बनी और उन्हें फिर निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। जबकि आनी से मौजूदा विधायक किशोरी लाल का टिकट भाजपा ने काटा तो वे भी निर्दलीय मैदान में उतर गए। इनके अलावा 6 पूर्व विधायकों ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ा है। इनमें कांग्रेस से गंगूराम मुसाफिर, सुभाष मंगलेट, जगजीवन पाल का नाम शामिल है, तो भाजपा से तेजवंत नेगी, केएल ठाकुर और मनोहर धीमान बागी होकर चुनाव लड़ रहे है। जाहिर है निर्दलीय मैदान में उतरे इन आठ विधायकों और पूर्व विधायकों को कम नहीं आँका जा सकता। ये सभी वो चेहरे है जो फिर विधानसभा पहुंचने का दमखम रखते है। वहीं यदि कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला होता है तो इनमें से जीतने वालों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। इन आठ के अलावा कई निर्दलीय उम्मीदवार ऐसे है जो इस चुनाव में उलटफेर करने का दमखम रखते है। इनमें प्रमुख नाम है अर्की से राजेंद्र ठाकुर, हमीरपुर से आशीष शर्मा और ठियोग से इंदु वर्मा। राजेंद्र ठाकुर पूर्व कांग्रेसी है और अर्की उपचुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। अब राजेंद्र ठाकुर खुलकर कह रहे है कि अगर वे विधायक बने तो वे उसके साथ जायेंगे जिसकी सरकार बनेगी। वहीं आशीष शर्मा ने चुनाव के दौरान कांग्रेस ज्वाइन की और दो दिन में छोड़ भी दी। आशीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हमीरपुर में उनका दावा मजबूत है। वहीँ ठियोग से इंदु वर्मा पुरे दमखम से चुनाव लड़ी है। बड़सर से भाजपा के बागी संजीव शर्मा और जसवां परागपुर से निर्दलीय कैप्टन संजय पराशर को भी कम नहीं आँका जा सकता। अभी से जुटे दोनों राजनैतिक दल आठ दिसम्बर को नतीजे आएंगे और उससे पहले दोनों मुख्य राजनैतिक दल निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले नेताओं से संपर्क में है ताकि जरुरत पड़ने पर उनको साथ लिया जा सके। हिमाचल प्रदेश की सियासी अतीत पर निगाह डाले तो 1998 में एक निर्दलीय विधायक के हाथ में सत्ता की चाबी थी। जाहिर है कि ऐसे में दोनों प्रमुख राजनैतिक दल अभी से उन संभावित निर्दलीय उम्मीदवारों को साधने में जुट गए है जो विधानसभा की दहलीज लांघ सकते है। तब ध्वाला बने थे भाजपा के लिए हीरो साल 1998 के चुनाव में भी एक निर्दलीय ने प्रदेश की सियासत की स्थिति बेहद दिलचस्प बना दी थी। तब भाजपा के लिए निर्दलीय उम्मीदवार रमेश ध्वाला हीरो बनकर उभरे थे। रमेश ध्वाला को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था, वह बागी बनकर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीते थे। इस चुनाव में न तो भाजपा को बहुमत मिला और न ही कांग्रेस को। सरकार बनाने की जोर आजमाइश जारी थी। ध्वाला ने बीजेपी को समर्थन देने के लिए शर्त रख दी कि प्रेम कुमार धूमल के बदले शांता कुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस ने बीजेपी को समर्थन दे दिया था। इस तरह बीजेपी के साथ भी विधायकों की संख्या 32 हो गई। हालांकि वो अब भी बहुमत के आंकड़े से पीछे थी। अब ध्वाला बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना समर्थन देने के लिए शिमला की ओर चल पड़े। कहते है की ध्वाला जैसे ही शिमला पहुंचे, उन्हें कांग्रेस नेताओं ने अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें सीधे होली लॉज ले गए। वीरभद्र सिंह समेत तमाम नेताओं ने उन्हें कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया। तमाम तरह के प्रलोभन भी दिए गए। कहा जाता है की धवला को डराया धमकाया भी गया था। ध्वाला ये सब खुद स्वीकार कर चुके हैं। फिर अचानक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ध्वाला ने बताया कि वे वीरभद्र सिंह को अपना समर्थन देते हैं। उन्होंने एक और विधायक के समर्थन का दावा किया था। वीरभद्र सिंह ने तत्कालीन राज्यपाल रमा देवी के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। रात के 2 बजे विधायकों की परेड हुई और वीरभद्र सिंह की सरकार बन गई। रमेश ध्वाला को सरकार में मंत्री पद भी दिया गया। हालाँकि ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, ध्वाला भाजपा के बागी थे और कांग्रेस को डर था की वे समर्थन वापस ले सकते है, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री आवास में रखा गया था। कुछ दिनों बाद नरेंद्र मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि रमेश ध्वाला को हम वापस लाएंगे और कांग्रेस की सरकार गिरेगी। कहा जाता है कि सीएम आवास में काम करने वाले एक कर्मचारी के ज़रिये नैपकिन पर रमेश धवाला के लिए एक संदेश लिखकर भेजा गया। फिर उसी कर्मचारी के जरिये ध्वाला ने भी मैसेज भेजा कि उन्हें सीएम आवास से निकाला जाए, तो वे बीजेपी के साथ आ जाएंगे। ध्वाला वहां से निकले और सीधे नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे। फिर नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल को फोन कर बताया कि सरकार का एक विधायक उन्हें समर्थन दे रहा है, इसलिए बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए। कहा जाता है की उस वक्त राज्यपाल ने बीजेपी को मना कर दिया। परन्तु कुछ समय बाद जब दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी। तब राज्यपाल ने खुद प्रेम कुमार धूमल को फोन किया कि आइए और सरकार बनाने का दावा पेश कीजिए। 12 मार्च 1998 को विधानसभा का सत्र बुलाया गया। रमेश ध्वाला और हिमाचल विकास कांग्रेस के सभी विधायक भी आए। दूसरी ओर वीरभद्र सिंह दावा करते रहे कि उनके पास अब भी रमेश ध्वाला का समर्थन है। अंत में जब बहुमत साबित करने की बात आई तो उससे पहले ही वीरभद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया और उनकी सरकार गिर गई।
(IGNOU) में जनवरी सत्र 2023 के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। सोलन राजकीय महाविद्यालय के इग्नू केंद्र के समन्वयक डॉ राजेंद्र कश्यप ने बताया की (IGNOU) में जनवरी सत्र 2023 के लिए पुनः पंजीकरण शुरू कर दिया है। यह पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। जो भी शिक्षार्थी जनवरी 2022 सत्र में दाखिला ले चुके है वह अपना पुनः पंजीकरण 31 दिसंबर से पहले करवाले। साथ ही समन्वयक डॉ राजेंद्र कश्यप ने बताया कि इग्नू की दिसंबर 2022 में होने वाली परीक्षा से संबंधित असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2022 है। जो भी छात्र इग्नू की दिसंबर 2022 की परीक्षा के लिए अपना परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए है वह भी विलंब शुल्क Rs1100/- के साथ ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकते है और अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू केंद्र राजकीय महाविद्यालय से संपर्क कर सकते है।
राजधानी शिमला के ठियोग में प्रदेश स्तरीय रेटिड शतरंज प्रतियोगिता शुरू हो गई है। यह प्रतियोगिता प्रदेश शतरंज संघ द्वारा ठियोग में 18 से 20 नवंबर तक होगी। प्रतियोगिता का शुभारंभ ठियोग के एसडीएम सौरभ जस्सल ने किया। प्रदेश संघ के अध्यक्ष अरुण कंबोज ने जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता ठियोग के शिमला हिल्स होटल में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में पुरुष, महिला, वरिष्ठ नागरिक, अंडर-19,अंडर-13 और जिला शिमला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को नगद और ट्राफी देकर सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में सभी आयु वर्ग में अंतरराष्ट्रीय रेटिड अंक पाने के लिए खेली जाएगी और अंतरराष्ट्रीय रेटिड पाने के लिए जिला शिमला में पहली बार इस तरह का आयोजन किया जा रहा है।
आईजीएमसी शिमला द्वारा इंडियन एसोसिएशन ऑफ गैस्ट्रो इन्टेस्टाइनल एण्डो सर्जियन (आईएजीईएस) के संयुक्त तत्वावधान में सर्जरी के क्षेत्र में तीन दिवसीय फेलोशिप प्रोग्राम और सम्मेलन का आज से आरम्भ किया गया है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भाग लिया। इस सम्मलेन में राज्यपाल ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन से स्वास्थ्य और शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में किस प्रकार से नई टेक्नोलॉजी और ज्ञान का इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा और प्रशिक्षु डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने में लाभ होगा। उन्होंने बताया कि एलोपैथी और नई तकनीकों के साथ-साथ हमारी संस्कृति में पुराने समय से उपलब्ध चिकित्सीय ज्ञान को संजोने और बढ़ाने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य चिकित्सा के तहत एलोपैथी,आयुर्वेद और होम्योपैथी के सिवा हमारे संस्कृति मे बहुत से ऐसे विधाएं है, जो स्थानीय स्तर पर है और उन्हें पहचानने व अपनाने की जरूरत है। राज्यपाल ने लाहौल स्पीति की प्राचीन पद्धति किमची और कांगड़ा की कान-गढ़ा चिकित्सा का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल मे ऐसे बहुत ज्ञान और प्राचीन पद्धतिया है जो दर्शाती हैं कि चिकित्सा के क्षेत्र में कितना व्यापक ज्ञान प्राचीन समय से ही उपलब्ध है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन में देश भर से लगभग 200 प्रतिष्ठित शल्य चिकित्सक हिस्सा लें रहे है। आईआईएमसी के शल्य चिकित्सा के विभागाध्यक्ष डॉ आर.एस. जोबटा ने बताया कि फेलोशिप कार्यक्रम में शल्य चिकित्सा की बारीकियों और नई तकनीकों के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा और खास बात यह है कि हिमाचल के लगभग 90% सर्जन इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं जिससे हिमाचल में शल्य चिकित्सा के नई तकनीकों का इस्तेमाल बेहतर ढंग से किया जा सकेगा और प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में भी यह डॉक्टर लोगों को बेहतर सुविधाएं दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में प्रतिभागियों के लेप्रोस्कोपिक कौशल को निखारने तथा मिनिमल इनवेसिव सर्जरी की नई चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
हिमाचल में कसौली के राजकीय स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चामियां के 4 छात्रों ने जिला स्तरीय लोक कला उत्सव में अपनी छाप छोड़ी है। स्कूल के रोहित ने लोक गीत गायन में प्रथम व लोक वाद्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया, साथ ही स्कूल की तमन्ना ने कबाड़ से जुगाड़ (पाइन आर्ट) में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्कूल की जिया राणा ने क्सालिकल नृत्य में और हर्षिता ने द्विआयामी चित्रकला में दूसरा स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम ऊंचा किया। स्कूल के रोहित और तमन्ना अब राज्य स्तर पर लोक कला उत्सव में जिला सोलन का प्रतिनिधित्व करेंगे। पिछ्ले कल इन सभी बच्चों को उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी ने सम्मानित किया।
हिमाचल प्रदेश में कल से मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 19 नवंबर यानि कल से ऊंचाई वाले क्षत्रों में भारी बारिश और बर्फ़बारी का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होगा, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश होगी। इससे लोगों को सूखी ठंड से काफी राहत मिलेगी। वही शिमला, कुल्लू, मंडी, किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात होने की संभावना भी जताई गई है, जबकि इन जिलों के निचले क्षेत्रों में बारिश होने का अंदेशा है वही कुछ जिले कोहरे की चपेट में रहेंगे जिसमे बिलासपुर ,मंडी , हमीरपुर शामिल है। अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहने वाला है। जिला लाहौल स्पीति का न्यूनतम तापमान और पर्यटक नगरी मनाली का तापमान भी जमाव बिंदु के पास पहुंच गया है। वही अन्य जिले का तापमान शिमला का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री, सुंदर नगर का 4, भुंतर का 3, कल्पा का एक, धर्मशाला का 8, ऊना का 6 और धर्मशाला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वही आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना जताई गई है।
कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी के खुंडियां क्षेत्र में आर्जीमोन सीड मिले सरसों के तेल के सेवन से एक व्यक्ति की मृत्यु का मामला सामने आया है। जिसके बाद डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने लोगों से यह अपील की है कि पिछले दिनों जिस किसी ने भी खुले बाजार से सरसों खरीदी हो वे उसका या उससे निकलवाये तेल का उपयोग न करें। खुंडियां क्षेत्र के मामले में प्रभावित परिवार ने खुले बाजार से सरसों खरीदकर कोल्हू से उसका तेल निकलवाया था, जिसके सेवन से परिवार के एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक तेल में आर्जीमोन सीड मिला होने के कारण व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ा और उसकी दुखद मृत्यु हो गई। उपायुक्त ने बताया कि यह खुली सरसों खुंडियां बाजार से खरीदी गई थी। पड़ताल के बाद पता चला है कि इस सरसों के बीज का विक्रेता परागपुर में है, जिसके कारण संभव है कि इस बीज का विक्रय अन्य क्षेत्रों में भी हुआ हो। ऐसे में पिछले दिनों जिस किसी ने भी खुले बाजार से सरसों खरीदी हो वे उसका या उससे निकलवाये तेल का इस्तेमाल न करें। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इस विषैले सरसों के बीज या उससे निकले तेल के सेवन से ड्रॉप्सी नामक बीमारी होती है शरीर में विशेषकर पैरों, एड़ियों और टांगों में सूजन आना इसके लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में यदि किसी भी व्यक्ति ने खुली सरसों या उससे निकलवाये तेल का पिछले दिनों सेवन किया है और उनके शरीर में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो वह तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना उपचार करवाएं। डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि स्वास्थ विभाग और पूरे जिले में स्वास्थ संस्थानों और अधिकारियों को इसके उपचार संबंधित निर्देश दे दिए गए हैं।
शिमला में करीब 1 माह तक अपने निजी आवास छराबडा में रहने के बाद प्रियंका गांधी वापिस दिल्ली लौट गई है। चुनावी थकान मिटाने के बाद सुबह सड़क मार्ग से प्रियंका गांधी शिमला से चंडीगढ़ की तरफ रवाना हो गई है। हिमाचल विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने अकेले ही चुनाव प्रचार की कमान संभाली और पांच रैलियां व रोड शो किए। इस बीच सोनिया गांधी भी शिमला आई लेकिन उन्होंने चुनावी प्रचार नही किया। हिमाचल में 12 नवंबर को 14 वीं विस के लिए मतदान हुआ जिसके नतीजे 8 दिसम्बर को आएंगे।
ज्वालामुखी पुलिस थाना के अंतर्गत एक मलकीती जमीन से 4 चन्दन के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। पुलिस थाना ज्वालामुखी में शिकायतकर्ता के तौर पर वन विभाग में बतौर बीओ ज्वालामुखी राजेश कुमार ने पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने राकेश और त्रिपुरारी मिश्रा की मलकिती जमीन से 16 नवम्बर की रात को 4 चंदन के पेड़ काटे दिए हैं। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी चन्द्रपाल ने की।
राजधानी शिमला में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। वीरवार को शिमला में माल रोड पर बीएसएनएल के कार्यालय में फोन का बिल जमा करवाने पहुंचे एक व्यक्ति के हाथों से नोटों से भरा बैग छीनकर एक उत्पाती बंदर भाग गया। देखते ही देखते बीएसएनएल कार्यालय के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। दुकानदारों और नगम निगम के कर्मचारियों ने भी बैग वापस लेने के बहुत प्रयास किए। बताया जा रहा है की बैग में 75 हजार रुपये थे। कुछ देर में बंदर के वहाँ से जाने के बाद बैग में 70 हज़ार रुपए मिल गए है। एक हजार रुपये के नोट बंदर ने फाड़ दिए और करीब 4 हजार रुपये गायब हैं। प्रत्यक्ष दर्शी ने बताया कि व्यक्ति बीएसएनएल काउंटर पर बिल जमा करवा रहा था और अचानक बंदर अंदर आया और झपटा मारकर पैसे का बैग छीन कर भाग गया।
देश में कोरोना संक्रमण फ़िलहाल थमा नहीं है। भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 635 नए मामले दर्ज हुए है। इस दौरान 11 लोगों ने संक्रमण से अपनी जान गंवा दी। वहीं वर्तमान में कोरोना सक्रमण की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 46 लाख 67 हजार 311 हो गई है। इसी के साथ देश में कोरोना के एक्टिव केस संख्या 7 हजार 561 से घटकर 7 हजार 175 रह गए। देश में पिछले 24 घंटो में एक हज़ार से लोग ठीक भी हुए है। अभी तक कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 5 लाख 30 हजार 546 पहुंच गई है। नए आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 7 हजार 175 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.02 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में एक्टिव मरीजों की संख्या में 386 की कमी दर्ज की गई है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.79 फीसदी है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 22 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि 19 नवंबर को ऊपरी कुछ इलाकों में बारिश - बर्फ़बारी हो सकती है। वहीं बीते दिनों हुई बर्फ़बारी के बाद लाहौल-स्पीति में 90, कुल्लू में 6, कांगड़ा में 3 और चंबा में 2 सड़कें बंद हैं। कुल मिला कर पुरे प्रदेश भर में 102 सड़के पर आवाजाही ठप रही, जिससे लोगों को काफी दिक्तो का सामना करना पड़ा। अटल टनल में बर्फ़बारी के बाद भी लाहौल-कुल्लू के बीच बस से सफर जारी है। वहीं सोमवार को बर्फ़बारी और धुंध के कारण लाहौल,समेत अटल टर्नल रोहतांग सोमवार और मंगलवार दो तीन के लिए बंद रही।
देश के महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद किया जा रहा है। शिमला में भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। स्कैंडल प्वाइंट पर स्थित लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी व नगर निगम आयुक्त सहित शहर की जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। लाला लाजपत राय ने देश को आजाद करवाने के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। लाजपत राय ने अपनी पढ़ाई के दौरान लाहौर में भारत को पूर्ण राज्य दिलाने का फैसला कर लिया था और इस सोच के साथ उन्होंने 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में प्रदर्शन किया। जिसमें वह अंग्रेजों द्वारा किए गए लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल हो गए थे।17 नवंबर1928 को इनकी मृत्यु हो गई थी। लाजपत राय ने उसी दौरान कह दिया था कि उनके सिर पर पड़ने वाली एक-एक लाठी अंग्रेजी हुकूमत को खत्म करने के लिए कील का काम करेगी।
हिमाचल प्रदेश के इन इलाकों में बीती रात महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही तीव्रता
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बीती रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। बुधवार रात करीब 9:33 बजे मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, बिलासपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिला मंडी के जोगिन्दरनगर में भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गए है। भूकंप का केंद्र जोगिन्दनगर में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराए में था। वहीं इस दौरान कुछ लोग घरों से बाहर भी निकल गए। वहीं डीसी मंडी अरिंदर चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा की भूकंप से कहीं भी नुकसान की सूचना नहीं है।
हिमाचल के मनाली, नारकंडा, शिकारी देवी व बिजली महादेव में बीते 24 घंटे के दौरान इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। वहीं मैदानी इलाकों में विंटर सीजन की पहली बारिश हुई। हिमाचल समेत उत्तराखंड और कश्मीर घाटी में ताजा बर्फबारी के बाद पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ेगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। 17 और 18 नवंबर को फिर बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि पहाड़ों पर ताजा हिमपात के बाद उत्तर भारत में धुंध छाने से विजिबिलिटी कम होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा। इससे सुबह व शाम के वक्त ठंड से बचने के लिए लोगों को आग जलाने की नौबत आएगी। वहीं प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच सोमवार को मनाली शहर, शिमला के नारकंडा, हाटू पीक, मंडी की शिकारी देवी, कमरूनाग और कुल्लू के बिजली महादेव में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। प्रदेश की चोटियां और कई रिहायशी इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं।
भारत में कोरोना संक्रमण का कहर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। देश में पिछले 24 घंटे में कोविड के 547 नए मामले सामने आए और 1 संक्रमित ने अपनी जान गंवा दी। अब कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4 करोड़ 46 लाख 66 हजार 924 हो गई है। पिछले 24 घंटे में एक हजार से अधिक लोग ठीक भी हुए। इसी के साथ कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 9 हजार 468 रह गई। देश में अब तक करीब 220 करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 20 हजार 465 ने कोरोना से बचाव करने के लिए वैक्सीन ली। कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 5 लाख 30 हजार 532 पहुंच गया।
उत्तराखंड की बेटी ने एक बार फिर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर चमोली गढ़वाल की धावक मानसी नेगी ने नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने ये मेडल 37वें जूनियर नेशनल गेम्स में 10 किलोमीटर वाक रेस में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुआ जीता है। जानकारी के अनुसार आसाम के गुवाहाटी में खेले जा रहे 37वें जूनियर नेशनल गेम्स के 10 हजार मीटर वॉक रेस में मानसी ने 47:30.94 मिनट का समय निकालकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। दूसरे स्थान पर हरियाणा की रचना और तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र की सेजल अनिल सिंह रही। मानसी नेगी की जीत पर जहां प्रदेश को उनपर गर्व है। वहीं सीएम धामी ने भी उन्हें नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई दी है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को रविवार को गुजरात में उस वक्त विरोध का सामना करना पड़ा, जब वो एक रैली को संबोधित कर रहे थे। ओवैसी की पार्टी गुजरात में करीब तीन दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इस बीच सूरत में एक जनसभा के दौरान मुस्लिम युवकों ने ही ओवैसी को काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया और मोदी-मोदी के नारे लगाए। असदुद्दीन ओवैसी के विरोध का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि सांसद ओवेसी की इसपर अभी तक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ओवैसी सूरत पूर्वी सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए सभा करने पहुंचे थे। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान भी उनके साथ मौजूद थे। ओवैसी ने मंच पर जैसे की अपना भाषण शुरू किया वहां मौजूद लोगों ने उनका नारे लगाकर विरोध कर दिया। युवकों ने मोदी-मोदी के नारे लगाकर उनको काले झंडे दिखाए।
केरल के कोट्टयम जिले में एक गैर सरकारी संगठन की ओर से चलाए जा रहे आश्रय गृह से नौ लड़कियां सोमवार सुबह लापता हो गई है। इस बात की जानकारी पुलिस ने दी। यह एनजीओ का नाम समाख्या है। इसके द्वारा संचालित आश्रय गृह को सामाजिक न्याय विभाग और बाल कल्याण समिति से मान्यता भी प्राप्त है। पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित लड़कियों सहित लापता लड़कियों की तलाश की जा रही है। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें सुबह शिकायत मिली कि लड़कियां आश्रय गृह से लापता हो गई हैं।’’ पुलिस ने कहा कि आश्रितों को सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर आश्रय गृह में रखा गया था।
अमृतसर समेत पंजाब के कुछ हिस्सों में सोमवार तड़के 3 बजकर 42 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 4.1 रिक्टर स्केल की मांपी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के पंजाब में था। भूकंप की गहराई 120 किलोमीटर बताई गई। इससे पहले, नेपाल में शनिवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आने के कारण इसके झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से लेकर उत्तराखंड तक महसूस किए गये। यह भूकंप उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 101 किलोमीटर पूर्व -दक्षिण-पूर्व में में आया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बाली रवाना होने से पहले कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम के मूल्यों को लेकर चलेगा। दरअसल, भारत एक दिसंबर से जी-20 समूह की अध्यक्षता करेगा। इंडोनेशिया प्रधानमंत्री मोदी को जी-20 की अध्यक्षता सौंपी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता 'वसुधैव कुटुम्बकम' थीम पर आधारित होगी। पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे देश और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण में, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो बाली शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में भारत को जी-20 की अध्यक्षता सौंपेंगे। भारत आधिकारिक तौर पर 1 दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। मैं अगले साल होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए सभी जी-20 सदस्यों को अपनी ओर से व्यक्तिगत निमंत्रण दूंगा। ''
देश में आज से 5वीं वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। आज दक्षिण भारत को पहली वंदे भारत ट्रेन मिली है। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने केएसआर रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। बता दें कि 5वीं वंदे भारत ट्रेन बेंगलुरु से चलकर मैसूर से होते हुए चेन्नई जाएगी। बता दें कि अब दक्षिण भारत के बीच बड़े शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक अब चेन्नई और बेंगलुरु के बीच का सफर बहुत कम समय में पूरा किया जा सकता है। फिलहाल बेंगलुरु और चेन्नई के बीच शताब्दी एक्सप्रेस, डबल डेकर, चेन्नई मेल और चेन्नई मेल जैसी कई ट्रेनें चल रही है। वहीं वंदे भारत की बात करें तो यह ट्रेन 160 किलोमीटर की अधिकतम स्पीड से चल सकती है। ट्रेन के शेड्यूल की बात करें तो यह ट्रेन (20607) चेन्नई से मैसूरु 5 बजकर 50 मिनट पर चलेगी। इसके बाद यह 10.20 मिनट बेंगलुरु सिटी जंक्शन पहुंचेगी और फिर वहां से 5 मिनट बाद मैसुरु के लिए रवाना हो जाएगी और 12.20 पर यह यात्रियों को मैसेज पहुंचा देगी। वहीं बेंगलुरु से 14.50 को चलकर यह ट्रेन 19.30 मिनट पर यह चेन्नई पहुंच जाएगी
हिमाचल प्रदेश के बीते कई चुनावों पर निगाह डाले तो अक्सर बगावत का दंश भाजपा से ज्यादा कांग्रेस पर भारी पड़ता आया है। पर इस बार के विधानसभा चुनाव में बगावत ने भाजपा का सुकून उड़ाया हुआ है। प्रदेश में 68 विधानसभा सीटें है और एक चौथाई से भी ज्यादा सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में है। ये आँकड़ा ये समझने के लिए काफी है कि भाजपा का चुनाव प्रबंधन हर बार की तरह सटीक नहीं रहा है। सवाल टिकट आवंटन पर भी उठ रहे है। बगावत की आग से पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का गृह जिला भी अछूता नहीं है। ये हालत तब है जब पार्टी नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक कई उम्मीदवारों को मनाने में कामयाब रही, अन्यथा स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती थी। बहरहाल इस बगावत का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है ये तो आठ दिसम्बर को ही पता चलेगा, पर फिलवक्त पार्टी डैमेज कंट्रोल कर रिवाज बदलने के अपने दावे पर कायम जरूर है। विदित रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 5 नवंबर को सोलन और सुंदरनगर की जनसभाओं में ये कह चुके है कि प्रत्याशी को देख कर नहीं बल्कि कमल का फूल देखकर वोट करें। जाहिर है इसका असर भी नाराज समर्थकों-कार्यकर्ताओं पर पड़ सकता है। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मोर्चा संभाले हुए है और बगावत की आग के बावजूद भाजपा मिशन रिपीट का दावा कर रही है। बिलासपुर : सुभाष शर्मा भाजपा ने यहाँ से त्रिलोक जम्वाल को टिकट दिया है। सुभाष ठाकुर का टिकट काटा गया है। भाजपा सुभाष ठाकुर को मनाने में तो कामयाब रही, लेकिन टिकट के एक अन्य दावेदार सुभाष शर्मा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। झंडूता : राजकुमार कौंडल भाजपा ने मौजूदा विधायक जीतराम कटवाल को ही फिर टिकट दिया है। नाराज होकर पूर्व विधायक रिखी राम कौंडल के बेटे राजकुमार कौंडल चुनावी मैदान में है। मंडी : प्रवीण शर्मा पंडित सुखराम के पुत्र और वर्तमान विधायक अनिल शर्मा मंडी सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार है। वहीँ टिकट के दावेदार रहे प्रवीण शर्मा ने बगावत कर दी है। प्रवीण के साथ काफी नेता-कार्यकर्ता भी है जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती है। सुंदरनगर : अभिषेक ठाकुर पूर्व विधायक रूप सिंह के पुत्र अभिषेक यहाँ से भाजपा के बागी है। पार्टी ने फिर मौजूदा विधायक राकेश जम्वाल को टिकट दिया है। फतेहपुर : कृपाल परमार फतेहपुर फ़तेह करने की राह में भाजपा के लिए कृपाल परमार सबसे बड़ा रोड़ा है। भाजपा ने मंत्री और नूरपुर से मौजूदा विद्याक राकेश पठानिया को यहाँ से टिकट दिया है जिससे नाराज हकार पूर्व प्रत्याशी कृपाल परमार ने बगावत कर दी है। पिछले चार चुनाव भाजपा यहाँ से हारी है। इंदौरा : मनोहर धीमान 2017 में भाजपा ने तब निर्दलीय विधायक रहे मनोहर धीमान को पार्टी में शामिल तो किया लेकिन टिकट नहीं दिया। तब मनोहर धीमान को मना लिया गया लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। पार्टी ने रीता धीमान को टिकट दिया है जिसके बाद मनोहर ने बगावत कर दी है। शाहपुर : पंकु कांगडिया मंत्री सरवीण चौधरी के खिलाफ युवा नेता पंकु कांगडिया ने बगावत कर दी है और चुनावी मैदान में है। एंटी इंकम्बैंसी के साथ -साथ बगावत ने शाहपुर में सरवीण की मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ाई है और इस बार यहाँ दिलचस्प मुकाबला तय है। कांगड़ा : कुलभाष चौधरी कांग्रेस से भाजपा में आए पवन काजल के विरोध में यहाँ से कुलभाष चौधरी ने बगावत का एलान कर दिया और निर्दलीय मैदान में है। धर्मशाला : विपिन नेहरिया दल बदल कर भाजपा में पहुंचे राकेश चौधरी को पार्टी ने टिकट दिया, जबकि मौजूदा विधायक विशाल नेहरिया का टिकट काट दिया गया। विशाल नेहरिया तो बागी नहीं हुए लेकिन पार्टी के एक अन्य नेता विपिन नेहरिया ने बगावत का बिगुल फेंक दिया और चुनावी मैदान में है। देहरा : होशियार सिंह 2017 में बतौर निर्दलीय जीते होशियार सिंह कुछ माह पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए लेकिन भाजपा ने उनका टिकट काट दिया। अब दोनों की राह फिर जुदा हो चुकी है और होशियार सिंह भी चुनाव लड़ रहे है। ख़ास बात ये है कि पार्टी ने यहाँ से ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला को मैदान में उतारा है। नालागढ़ : केएल ठाकुर कांग्रेस से बीते दिनों भाजपा में आएं मौजूदा विधायक लखविंद्र राणा को यहाँ से पार्टी ने टिकट दिया है। इसके चलते पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। ठाकुर बीते पांच साल लगातार सक्रिय रहे, बावजूद इसके पार्टी ने कांग्रेस से आएं लखविंदर राणा को टिकट दिया। खफा होकर कई कार्यकर्ता और समर्थक भी केएल के साथ हो लिए है। किन्नौर : तेजवंत नेगी भाजपा ने यहां से सूरत नेगी को टिकट दिया है। पूर्व विधायक तेजवंत नेगी पिछला चुनाव महज 120 वोट से हारे थे, बावजूद इसके उन्हें मौका नहीं मिला। खफा होकर तेजवंत ने बगावत कर दी। आनी : किशोरी लाल मौजूदा विधायक किशोरी लाल का टिकट यहाँ से भाजपा ने काटा है। अब किशोरी लाल निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। बंजार : हितेश्वर सिंह बंजार से भाजपा ने मौजूदा विधायक पर फिर से दाव खेला है। इसके बाद टिकट के चाहवान हितेश्वर सिंह ने बगावत का ऐलान कर दिया। हितेश्वर सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह के बेटे है। उनके बागी चुनाव लड़ने के चलते पार्टी ने कुल्लू सीट से महेश्वर सिंह का टिकट भी अंतिम समय में बदल दिया। कुल्लू : राम सिंह भाजपा ने अंतिम समय में महेश्वर सिंह का टिकट बदलकर नरोत्तम ठाकुर को दिया है। इसके बाद महेश्वर सिंह ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया। पार्टी महेश्वर सिंह को मनाने में जुटी रही और मना भी लिया गया, लेकिन एक अन्य कद्दावर नेता राम सिंह मैदान में उतर गए और अब चुनाव लड़ रहे है। चम्बा सदर : इंदिरा कपूर यहाँ से पार्टी ने पहले इंदिरा कपूर को टिकट दिया लेकिन मौजूदा विधायक पवन नय्यर की नाराजगी के चलते अंतिम समय में उनकी पत्नी नीलम नय्यर को टिकट थमा दिया। इसके बाद इंदिरा कपूर अब निर्दलीय चुनाव लड़ रही है। हमीरपुर : नरेश दर्जी नरेश दर्जी हमीरपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है और माना जा रहा है कि वे भाजपा के वोटों में ज़्यादा सेंध लगा सकते है। दर्जी की मौजूदगी ने इस चुनाव को रोचक बना दिया है। बड़सर : संजीव शर्मा भाजपा ने बड़सर से पूर्व प्रत्याशी बलदेव शर्मा की पत्नी माया शर्मा को टिकट दिया है। दरअसल यहाँ से भाजपा नेता राकेश शर्मा बबली भी टिकट के उम्मीदवार थे, किन्तु कुछ समय पहले उनका दुखद निधन हो गया। उनके निधन के उपरांत उनके भाई और भाजपा नेता संजीव शर्मा ने टिकट पर दावा जताया, लेकिन पार्टी ने माया शर्मा को मौका दिया। भोरंज : पवन कुमार पवन कुमार पूर्व में भाजयुमो भोरंज के मीडिया प्रभारी रह चुके हैं, लेकिन भाजपा से टिकट न मिलने के कारण इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। पवन कुमार वर्तमान में समीरपुर वार्ड से जिला परिषद सदस्य हैं, इससे पूर्व भोरंज वार्ड से जिला परिषद सदस्य और दो बार अलग-अलग वार्डों से पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। पार्टी ने भोरंज से अनिल धीमान को टिकट दिया है।
विद्युत परिषद पेंशनर्ज कल्याण एसोसिएशन सब इकाई कुनिहार की त्रैमासिक बैठक कुनिहार तालाब रेस्टोरेंट में इकाई अध्यक्ष डीआर चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इकाई अध्यक्ष डीआर चौहान व सचिव पीआर कश्यप ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में पेंशनरो के कई मुद्दों पर चर्चा की गई । जिसमें 1 जनवरी 2016 के बाद विद्युत परिषद से सेवा निवृत्त पेंशनरो की अभी तक संसोधित वेतनमान से पे-फिक्सेशन नही की गई है। पेंशनरों कोक इसका इंतज़ार करते हुए लगभग 5 महीने से ज्यादा का समय हो गया है। वहीं दूसरी ओर अभी तक विद्युत परिषद द्वारा घोषित 20 फीसदी एरियर की पहली किश्त अक्तुबर माह की पेंशन के साथ नही दी गई, जिससे की समस्त सेवानिवृत्त कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। बैठक में डी आर चौहान, पी आर कश्यप, जगदीश चन्देल, प्रेम अग्रवाल, प्रभुराम चौधरी, कामेश्वर तनवर, मेहर चन्द तनवर, राम स्वरूप ठाकुर, नन्द लाल कंवर, जोगिंदर सिंह, अतर सिंह, प्रेम लाल शर्मा आदि सदस्य मौजूद रहे।
विधानसभा चुनाव प्रचार के अभियान के तहत कांग्रेस प्रत्याशी अजय महाजन लगातार नुक्कड़ सभाओं को संबोधित कर रहे हैं और भाजपा की नाकामियों पर जमकर हमला बोल रहे हैं। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में चुनावी हलचल प्रतिदिन ज़ोर पकड़ रही है। गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व विधायक राकेश पठानिया को नूरपुर से टिकट ना मिलने के बाद और निक्का को भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के पश्चात् नूरपुर विधानसभा से बड़ी मात्रा में कट्टर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थन कांग्रेस की ओर बनता नजर आ रहा है। बीते दिनों में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अजय महाजन के साथ अनेकों परिवार और लोग भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हैं। वहीँ दूसरी ओर सुखार, सुलियली, जोंटा पंचायत, गांव नियाड़, लोहरपुरा, डन्नी उन अनेकों पंचायतों और गांव में से हैं जहां लगातार भाजपा समर्थक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहे हैं। अजय महाजन रणबीर सिंह निक्का के खोकले वादों पर और भरपूर धनबल के उपयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कच्चे मकानों के मालिकों को मुद्रित पर्ची बांटने और विधानसभा चुनाव जीतने पर उन्हें पक्के मकान देने का वादा करने के लिए भाजपा प्रत्याशी रणबीर निक्का पे भी सवाल किया। अजय महाजन ने विश्वास जताया नूरपुर के मतदाता इस तरह के चुनावी हथकंडों के झांसे में आने वाले नही हैं और आने वाले समय में विरोधियों को उनके घमंड का जवाब भी नूरपुर की जनता देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदरनगर के ज्वाहर ग्राउंड में जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मंडी आना था, लेकिन बारिश की वजह से नहीं आ पाए थे। इसके लिए उन्होंने लोगों से क्षमा मांगी। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता के निधन पर शोक जताया। इससे पहले PM महाराणा प्रताप चौक से ज्वाहर पार्क तक रोड शो निकाला। लोगों ने PM फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने गाड़ी में बैठे-बैठे लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम ने कहा कि देवभूमि से मेरा नाता इतने निकट रहा है की यहां आना बहुत होता था। निहरी की चढ़ाई भी चढ़ी है। कांगड़ा, मंडी, शिकारी की पहाड़ी भी पैदल मापी है। बीबीएमबी झील कैसे भूल सकता हूं। जब भी यहां आता तो चाय पीता था। दुकानदारों से गपशप मारता था। ठाकुर गंगा सिंह, दिले राम, दामोदर जी से बहुत कुछ सीखा। देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी के निधन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 106 वर्षीय श्याम सरण नेगी ने 30 से ज्यादा बार मतदान किया था। दुनिया को अलविदा कहने से पहले भी उन्होंने वोट डालकर अपना कर्तव्य निभाया। श्याम सरण नेगी ने दो दिन पहले ही अपना कर्तव्य निभाया और पोस्टल बैलेट से मतदान किया। हर देशवासी, युवाओं और हर नागरिक को सदा सर्वदा उनसे प्रेरित होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भावुक मन से श्याम सरण नेगी को श्रद्धाजंलि देता हूं और परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि 12 नवंबर को पड़ने वाला वोट अगले 25 साल की विकास यात्रा तय करेगा। नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि विरोधियों ने 5-5 साल में सरकार बदलने की बात आप लोगों के दिमाग में भर रखी है। इससे हिमाचल का आपका नुकसान हो रहा है। पीएम ने कहा कि आप अगर सरकार से जवाबदेही चाहते है, तो हिमाचल में भाजपा सरकार को दोबारा मौका दीजिए। उन्होंने कहा कि अगर आपने यहां ऐसे लोगों को बिठा दिया जो आगे ही न बढ़ने दें, तो काम में रुकावट आएंगी। कांग्रेस ने अपने शासन में हिमाचल का जितना नुकसान किया है, उसकी भरपाई के लिए भाजपा को बार बार जिताना जरूरी है।
देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी का जन्म 1917 को किन्नौर जिला के कल्पा गांव में हुआ। 106 साल के श्याम शरण अपने पुश्तैनी गांव में रहते हैं। 1940 से 1946 तक वन विभाग में गार्ड की नौकरी की। उसके बाद शिक्षा विभाग में चले गए और कल्पा लोअर मिडिल स्कूल में अध्यापक बने। देश में 1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ। लेकिन किन्नौर में भारी हिमपात के चलते 6 महीने पहले अक्टूबर 1951 में ही चुनाव हो गए। पहले चुनाव के समय श्याम शरण किन्नौर के मूरंग स्कूल में अध्यापक थे। चुनाव करवाने में उनकी ड्यूटी लगी थी, लेकिन वोट डालने का इतना शौक था और ड्यूटी शोंगठोंग के मुरंग में थी और वोट कल्पा में डालना था तो उन्होंने सुबह-सुबह वोट देकर ड्यूटी पर जाने की इजाजत मांगी। सुबह-सुबह ही वह अपने मतदान स्थल पर पहुंच गए। 6:15 बजे मतदान पार्टी पहुंची। नेगी ने जल्दी मतदान करवाने का निवेदन किया। मतदान पार्टी ने रजिस्टर खोल कर उन्हें पर्ची दी। मतदान करते ही इतिहास बन गया और श्याम शरण नेगी आजाद भारत के पहले मतदाता बन गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके नेगी के निधन पर शोक जताया। उन्होंने श्याम सरन नेगी की सराहना की और उन्हें देश के लोकतंत्र को मजबूत करने की एक अहम कड़ी बताया। उन्होंने लिखा कि नेगी का वोट डालने के प्रति उत्साह हमारे युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करता है। वहीं सुंदरनगर में अपने सम्बोधन के दौरान भी पीएम मोदी ने श्याम सरन नेगी को याद किया। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी को श्रद्धांजलि दी।
भारत के पहले वोटर रहे श्याम सरन नेगी अपने अंतिम सफर पर निकल गए हैं। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर शोंगठोंग स्थित सतलुज किनारे श्यमशान घाट तक ले जाया गया। जहां पर होमगार्ड बैंड बजाकर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। इस दौरान किन्नौर पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। नेगी के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं, चुनाव ऑब्जर्वर, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक, SP विवेक चहल, SDM कल्पा शशांक गुप्ता सहित प्रशासन की टीम यात्रा में शामिल हुई और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं श्याम सरन नेगी के परिवार को सांत्वना देने के लिए केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त करीब 4 बजे किन्नौर पहुंचेंगे। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निवासी 106 वर्षीय वयोवृद्ध श्याम सरन नेगी ने शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।
भारत के पहले वोटर रहे श्याम सरन नेगी दुनिया को अलविदा कह दिया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निवासी 106 वर्षीय श्याम सरन नेगी ने शनिवार को अंतिम साँस ली। आजादी के बाद भारत में 1951-52 में जब पहले आम चुनाव हुए थे तो श्याम सरन नेगी ने ही उसमें सबसे पहले मतदान किया था। वहीं इस बार भी वह दुनिया से जाने से पहले भी अपना फर्ज अदा करके गए। जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन ने कहा कि हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022 के लिए नेगी ने पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डालने की इच्छा जताई थी, लेकिन तबियत खराब होने के कारण उनके घर पर ही पोस्टल बैलट पेपर से मतदान करवाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुलिस बैंड और पूरे राजकीय सम्मान के साथ नेगी को अंतिम विदाई दी जाएगी।
मोरबी के केबल पुल पर हुए हादसे को लेकर एक बड़ी कार्रवाई हुई है। मोरबी में हुए पुल हादसे के बाद वहां के नगरपालिका के चीफ अफसर संदीप सिंह झाला को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले को लेकर पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की थी। संदीप सिंह झाला से लगभग 4 घंटे तक पूछताछ की गई। यह कार्रवाई नगर विकास विभाग की ओर से की गई है। इस हादसे को लेकर पुलिस ने पहले ही 9 लोगों को अरेस्ट किया था। अरेस्ट किए गए लोगों में पुल के मरम्मत करने वाली ओरेवा कंपनी के मैनेजर दीपक भाई नवीनचंद्र भाई पारेख (44), एक और मैनेजर नवीन भाई मनसुख भाई दवे, टिकट क्लर्क मनसुख भाई वालजी भाई टोपिया(59), एक और टिकट क्लर्क मदनभाई लाखा भाई सोलंकी, ब्रिज रिपेयरिंग कॉन्ट्रेक्टर प्रकाशभाई लालजी भाई परमार और एक और कॉन्ट्रेक्टर देवांग भाई लालजी भाई परमार (31) और साथ ही सिक्योरिटी गार्ड अल्पेशभाई, दिलीपभाई और मुकेश भाई शामिल हैं।
भारत में कोरोना संक्रमण का कहर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। देश में पिछले 24 घंटे में कोविड के 1216 नए मामले सामने आए और 18 संक्रमितों ने अपनी जान गंवा दी। अब कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4 करोड़ 46 लाख 58 हजार 365 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 1591 मरीज ठीक भी हुए। इसी के साथ कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 15 हजार 705 रह गई। देश में अब तक करीब 220 करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 1 लाख 97 हजार 659 ने कोरोना से बचाव करने के लिए वैक्सीन ली। कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 5 लाख 30 हजार 479 पहुंच गया। 24 घंटे में कुल 18 मौत के मामले में केरल के 15 लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का दोबारा मिलाते हुए हुए वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े गए हैं। संक्रमण से मौत के तीन मामले सामने आए हैं, उनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज शामिल हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज दुनिया में पीएम नरेंद्र मोदी के कारण देश की तस्वीर बदल गई है आज मोबाइल उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर है, स्टील उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर है, सौर ऊर्जा में हम पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं, ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि आज न तो हरियाणा में कांग्रेस की सरकार है और न ही हिमाचल और पंजाब में। जेपी नड्डा ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश को बल्क ड्रग पार्क मिल रहा है। आने वाले समय में फार्मा में हिमाचल प्रदेश का बल्क ड्रग पार्क दुनिया के नक्शे पर देखा जाएगा। यही नहीं, यहां मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ-साथ विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल गिहारी वाजपेयी ने हिमाचल इकोनॉमिक पैकेज दिया लेकिन 7 साल में कांग्रेस ने छीन लिया और कहा कि हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हमारी सरकार है तो हिमाचल को हम अकेले नहीं दे सकते।
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में परिवर्तन प्रतिज्ञा रैली में अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रोजगार, पेंशन, महंगाई को लेकर भाजपा कुछ नहीं करेगी। भाजपा नेता अपने लिए, अपने स्वार्थ के लिए चुनाव मैदान में खड़े हैं। सोच समझकर वोट डालें। उन्होंने कहा कि जनता समझें, नीयत साफ किसकी है और किसकी खोटी। प्रियंका गाँधी ने आगे कहा कि पुलिस भर्तियों में घोटाले, पीपीई किट घोटाला, शिक्षक भर्ती में घोटाला और प्रदेश में अब ड्रग्स भी फैला हुआ है। भाजपा के राज में ये घोटाले हैं। उद्योगपतियों के लिए सब कुछ हो सकता है, आपके लिए कुछ नहीं। क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं? प्रियंका गाँधी ने कहा कि हिमाचल में 4 हजार सैनिक सेना में जाते थे। अग्निपथ योजना से अब सिर्फ 400 से 500 युवा सेना में जा पाएंगे। उनमें से भी 75 फीसदी 4 साल बाद घर भेज दिए जाएंगे। कांग्रेस आपके लिए गारंटी लेकर आई है। हमारी सरकारों ने करके दिखाया है। पहली कैबिनेट में ओपीएस देंगे। हिमाचल के 1 लाख रोजगार देंगे। 63 हजार पद खाली पद भरेंगे। 5 साल में 5 लाख रोजगार देंगे। उन्होंने कहा कि हर घर लक्ष्मी योजना में महिलाओं को प्रतिमाह 1500 देंगे। ड्रग्स से हम लड़ेंगे। देश में पहली इलेक्ट्रिक बस कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चली। यह स्वर्गीय जीएस बाली की देन है। भाजपा ने हिमाचल को कर्ज में डुबोया है। प्रदेश पर 70 हजार करोड़ का कर्ज है। कर्मचारियों को पेंशन का टेंशन है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बढ़ते प्रदूषण के चलते शुक्रवार को प्राइमरी स्कूल बंद करने का एलान किया है। उनकी यह घोषणा कल (शनिवार) से लागू हो जााएगी। इसके साथ ही, आउट डोर एक्टिविटी पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं सीएम केजरीवाल ने फौरन केन्द्र सरकार से इस बारे में कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण काफ़ी ज़्यादा हो गया है। लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है। ये सिर्फ़ दिल्ली की नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत की समस्या है। दिल्ली के अलावा हरियाणा और यूपी के कई शहरों में हवा बेहद ख़राब चल रही है। केजरीवाल ने आगे कहा कि इसके लिये कई लोकल कारण है। उन्होंने कहा ये समय राजनीति का या गाली देने का नहीं है। दिल्ली सीएम ने कहा कि पंजाब में पराली जल रही तो इसके लिए हम खुद जिम्मेदार हैं, क्योंकि वहां पर हमारी सरकार है। दिल्ली सीएम ने कहा कि इस मामले में किसानों के साथ मिलकर कई कदम उठाए जाएंगे और अगले साल तक इसके नतीजे दिख जाएंगे।


















































