भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के सभी प्रदेश पदाधिकारी, सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष, चारों संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं पालक, सभी जिला अध्यक्ष, सभी जिला प्रभारी एवं सह प्रभारी की बैठक का आयोजन वेबैएक्स के माध्यम से किया गया। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष विशेष रूप में उपस्थित रहे उनके साथ प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा भी उपस्थित रहे, बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री एवं भाजपा के जन संवाद अभियान के प्रभारी त्रिलोक जमवाल द्वारा किया गया। बैठक में सभी जिला अध्यक्षों एवं प्रभारियों ने अपना अपना वृत रखा। भाजपा के सभी सातों मोर्चा ने भी अपने किए गए कार्यों का वृत्त राष्ट्र संगठन मंत्री के समक्ष रखा। इसी प्रकार सांसद रामस्वरूप शर्मा ने मंडी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने हमीरपुर, भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर ने कांगड़ा और सरकार में मंत्री राजीव सैजल ने शिमला संसदीय क्षेत्र का वृत्त राष्ट्रीय संगठन मंत्री के समक्ष रखा। भाजपा के जन संवाद अभियान की प्रभारी त्रिलोक जमवाल ने बताया कि राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष जी द्वारा अनेकों विषयों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि पिछले 4 माह में कोविड-19 के संकट काल में भाजपा देश भर में 22 करोड़ लोगों तक सेवा कार्य के माध्यम से पहुंची और पिछले 20 दिनों में वर्चुअल बैठकों के माध्यम से भाजपा ने जन संवाद अभियान के अंतर्गत देश भर में 20 करोड़ लोगों से संवाद किया। त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि जन संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल में भी 156 वर्चुअल रैली एवं बैठकों के माध्यम से 4105859 लोगों तक भाजपा ने संवाद किया है। अगले 7 दिन तक भारतीय जनता पार्टी "मेरा बूथ-मेरा मंडल" अभियान चलाएगी जिसके अंतर्गत सभी कार्यकर्ता बूथ स्तर के सभी घरों तक संपर्क करेंगे और केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की उपलब्धियां घर-घर पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जो लोग बाहर से अपने घर वापस आए हैं उनसे भी भाजपा के कार्यकर्ता संपर्क करेंगे और उनका कुशल क्षेम पूछेगें, किस प्रकार की समस्याएं उन्हें अपने पूर्व कार्य क्षेत्र में आ रही थी और अब वह हिमाचल प्रदेश में किस प्रकार से रह रहे हैं और आगे वह क्या करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी वर्गों जैसे व्यापारी, सोसाइटी और अन्य से संपर्क करते हुए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के बारे में जानकारी भाजपा जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी लाभार्थियों के सम्मेलन भी वैर्तुअल रैली के माध्यम से करने जा रही है। उन्होंने बताया कि देश दोनों युद्ध जीतेगा चाहे वह सीमाओं पर हो या देश की आर्थिक मजबूती का हो, इसके अंतर्गत भाजपा चाइना से आए हुए वस्तुओं को प्रचलित नहीं करेगी और स्थानीय वस्तुओं को खरीदने का संकल्प कार्यक्रम शुरू करेगी, स्वदेशी को बढ़ावा देगी। भाजपा छोटे से गांव के उत्पाद को देश से जोड़ने का प्रयास करेगी, इन सभी वस्तुओं का पहले राष्ट्रीय ब्रांडिंग फिर अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग करेगी भाजपा। भाजपा ने इसके लिए " वोकल फ़ॉर लोकल " के नारे को अपनाया है। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष ने भाजपा की हिमाचल इकाई को सेवा कार्यों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं वर्चुअल रैलियों में अच्छे कार्य करने के लिए शुभकामनाएं भी दी।
नगर पंचायत अर्की द्वारा घरों व दुकानों का टैक्स बढ़ाने पर सभी शहरवासियों में रोष व्याप्त है। नगर पंचायत के इस तानाशाही व अराजकतापूर्ण टैक्स बढ़ोतरी के चलते "अर्की विकास मंच" व स्थानीय लोगो द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नगर पंचायत द्वारा 300 प्रतिशत से 800 प्रतिशत किराया बढ़ाने पर नगर पंचायत की कार्यवाही पर आगामी रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। विकास मंच अर्की के अध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा सभी स्थानीय लोगो को 300 प्रतिशत से 800 प्रतिशत तक किराए बढ़ाकर जमा करवाने के नोटिस जारी किये गए है जो कि सरेआम एक तानाशाहीपूर्ण निर्देश है। भारद्वाज ने कहा कि पंचायत के इस निर्णय से जिस व्यक्ति ने गत वर्ष 3000 रुपये का टैक्स जमा करवाया था उस व्यक्ति को इस वर्ष 11000 रुपये टैक्स जमा करवाने के नोटिस थमा दिए गए है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में लगभग 50 नगर पंचायतें है। किसी भी नगर पंचायत में इतना टैक्स नही है। भारद्वाज ने कहा कि यह मापदण्ड नगर निगम का अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्की ने मकानों की गलत पैमाइश के साथ ही खाली पड़ी जगहों की पैमाइश कर किराये के नोटिस थमा दिए है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नगर पंचायत द्वारा अंधाधुंध किराए की बढ़ौतरी लूट खसोट इसलिए कि गई है ताकि नगर पंचायत के अधिकारियों कर्मचारियो को वेतन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे लोगो को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन नगर पंचायत अर्की का 300 प्रतिशत से 800 प्रतिशत किराया बढ़ाना घृणास्पद कार्य है तथा अर्की विकास मंच व सभी निवासी किराया वृद्धि का जमकर विरोध करते है। साथ ही वह नगर पंचायत से मांग करते है कि जो वर्ष 18,19,20 पुराने किराए लिए गए थे। उसी तर्ज पर किराए के बिल दिए जाएं। एवम वर्ष 21 व 22 के लिए लोगो के साथ बैठ कर किराए बढ़ोतरी की चर्चा कर सहमति बनाए। यदि नगर पंचायत बढे हुए किराए के आदेशों को वापिस नही लेती है तो नगर पंचायत के सभी नागरिक व विकास मंच अर्की न्यायालय की शरण लेकर किराए पर स्टे लेने को बाध्य होगा।
संयुक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर के केबिनेट कार्यकारिणी की बेठक कोविड-19 के तहत आपसी दूरी को मध्यनज़र रखते हुए मात्र कम से कम 15-20 पदाधिकारियों को आमन्त्रित किया गया था। बैठक में प्रधान नरेन्द्र पण्डित के साथ संयोजक स्वतन्त्र सांख्यान भी मौजूद थे। बैठक मे महासचिव हुसेन अली ने उक्त मंडल की चार महीने में की गई सभी कार्यविधि को पटल पर रखा और ज़ो खर्च हुआ उसका भी ब्यौरा केसियर के माध्यम से दिया। इसके उपरान्त कोबिड-19 मे लॉकडाऊन के दौरान सयुंक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर ने आम जन और आम गरीब व्यापारियो को तकरीबन 1200 से उपर राशन कीट घर द्बार पहूंचा कर जो सराहनिया कार्य किया इस का भी विस्तृत ब्योरा दिया और जिन सदस्यो ने इस वितरण कार्य में बढ़ चढ़ कर अपना योगदान दिया उक्त मंडल ने उन सदस्यों को कोरोना-योद्धा नाम देकर मोमेंटो से संयोजक व प्रधान के करकमलो से सम्मानित करवाया। साथ में संयोजक, प्रधान, महासचिव और केशियर को भी सम्मानित किया। संयोजक स्वतंत्र संख्यांन व प्रधान नरेन्द्र पण्डित ने अपने-अपने सम्बोधन में सयुक्त व्यापार मण्डल बिलासपुर के सदस्यों के कार्य की पुरज़ोर सराहना की। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल संख्यांन, ज्ग्दीस कटोच, सयुंक्त सचिव रशिम महाजन, पुनीत शर्मा (बॉबी) सगठ्ंंन सचिव नगीन चंद, भूपेश चंदेल, पूर्व पार्षद ज्योती, रमेश ज़सस्ल, अरुण शर्मा, नरेंद्र गुप्ता, इन्द्र राज मेहता, वर्मा स्टुडियो, राजेश संख्यांन, विशाल सोनी, इन्द्र जीत मेहता, आन्च्ल,mबाबा स्वीट्स आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इकाई दाड़लाघाट द्वारा चीन के उत्पादों के बहिष्कार को लेकर दाड़ला चौक में चीन के उत्पाद के विरोध में चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका ओर भारतीय वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यालय प्रमुख प्रदीप शर्मा व खंड प्रमुख हरीश ठाकुर ने लोगों से अपील की कि वे चीन के उत्पादों को न खरीदें। राष्ट्रहित सर्वोपरि की बात को ध्यान में रख कर हम चीनी उत्पादों का बहिष्कार करें तथा शपथ लें कि हम चीन का सामान नहीं खरीदेंगे। इस दौरान प्रदीप शर्मा, हरीश ठाकुर, रजत, अश्वनी, अमर, कमलजीत, विशाल, मोहित, नरेश शर्मा, राकेश गौतम, पवन गौतम, भीम शर्मा, हेमराज, इंदर, नरेश शर्मा ने भाग लिया।
ग्राम पंचायत सरयांज में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉक्टर राजीव सहजल व भाजपा नेता रत्न सिंह पाल द्वारा विकास के लिए विशेष रुचि दिखाई है। कोविड-19 के दौरान इस पंचायत में पेयजल आपूर्ति योजनाओं की मुरम्मत व बढ़ौतरी के लिए, सामुदायिक भवनों व रास्तों के लिए करीब ₹20 लाख खर्च किए जा रहे हैं। किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने बताया कि सोलन जिला के केबिनेट मंत्री डॉक्टर राजीव सहजल के सहयोग से तथा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल के प्रयासों से सरयांज पंचायत के ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल समस्याओं से निजात दिलाने के लिए बुईला पेयजल योजना की लाइन का डाया बदलने तथा मुरम्मत के लिए ₹8 लाख की राशि स्वीकृत हुई है, जबकि धारठ गांव की पुरानी स्कीम पेयजल योजना की पाइपों को बदलना तथा इसका डाया चेंज करने के लिए ₹5 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। रमेश ठाकुर ने बताया कि सरयांज स्कूल के नजदीक फॉरेस्ट इंस्पेक्शन हट में पानी की व्यवस्था किए जाने के लिए डेढ़ लाख रुपए का प्रावधान करवाया गया है, जबकि इस इंस्पेक्शन हट की रिपेयर के लिए एक लाख की राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने बताया की उपरली पंबड के रास्ते की मरम्मत के लिए भी एक लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि पंबड के रास्ते के लिए ₹75000 रूपए अलग से स्वीकृत करवाए गए हैं, गांव में सामुदायिक भवन के लिए एक लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है, जबकि मनोल गांव के अटल महिला मंडल को शेड निर्माण करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए का प्रावधान करवाया गया है।पंचायत सरयांज के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में सुधार करने की मांग लम्बे समय से चली आ रही थी। बुईला व घारठ मुकनाटा पेयजल योजना में सुधार के लिए धन राशि स्वीकृत करवाने के लिए ग्रामीणों ने रत्न सिंह पाल का आभार व्यक्त किया है। भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष रमेश ठाकुर तथा सरयांज पंचायत के पूर्व उप प्रधान कमल कांत, अनुसूचित जाति भाजपा मोर्चा के मंडला अध्यक्ष संतराम भारद्वाज तथा धाराठ के नंद लाल वर्मा ने भी सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री डॉक्टर राजीव सहजल, रत्न सिंह पाल का आभार व्यक्त किया है।
सेब उत्पाद के परिवहन के लिए विस्तृत और व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बागवानों को अपने उत्पाद मंडियों तक ले जाने में असुविधा का सामना न करना पड़े। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि फल उत्पादकों की सुविधा के लिए एचपीएमसी ने पैकेजिंग सामग्री जैसे कार्टनस, सैपरेटर्स, ट्रे और अन्य संबंधित सामग्रियों की आपूर्ति के लिए 26 फर्में सूचीबद्ध की है। उन्होंने कहा कि इन फर्मों द्वारा लगभग 1.20 करोड़ कार्टन तैयार किए जा चुके हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश बागवानी विभाग ने नई दिल्ली की आजादपुर मण्डी और हरियाणा के सोनीपत की गनौर मण्डी में उत्पादकों के लिए विपणन सुविधा की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.17 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नियंत्रित वायुमण्डल भण्डार (सीए स्टोर) हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में सरकारी और निजी क्षेत्रों में चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 32 हजार मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध है। जय राम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को सेब उत्पाद क्षेत्रों में सड़कों और सम्पर्क मार्गों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि वाहनों का आवागमन सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि सेब के सीजन के दौरान कानून व व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए और विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए ताकि ट्रकों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को उन ठेकेदारों के साथ बैठक भी करनी चाहिए जो श्रमिकों को वापिस लाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि श्रमिकों की कमी के कारण बागवानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों को क्लर स्प्रे के उपयोग से बचने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल उन्हें अपने उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी और साथ ही श्रमिकों की समस्या भी हल करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाली श्रमिकों पर निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो राज्य सरकार देहरादून और अन्य स्थानों तक बसें भेजने पर भी विचार कर सकती है ताकि नेपाली श्रमिकों को राज्य में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में श्रमिकों को लाने के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी बात की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा क्योंकि इस वर्ष कोविड-19 संकट के कारण अन्य देशों से सेब का आयात इस वर्ष संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि सेब को मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से सेब उत्पादक क्षेत्रों में श्रमिक लाने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नेपाली श्रमिकों पर उत्पादकों की निर्भरता कम होगी, बल्कि बागवानी करने वालों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि एपीएमसी कृषि बाजार के पदाधिकारियों के आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा और संबंधित जिला अधिकारी उन्हें ट्राजिट पास जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि एपीएमसी को सभी मण्डियों और व्यक्तिगत यार्डों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना सुनिश्चित करेगा। बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानी उद्योग से प्रतिवर्ष प्रदेश की आर्थिकी में 5000 करोड़ रुपये का योगदान होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सेब सीजन के दौरान लगभग 5.83 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब का समर्थन मूल्य 8 रुपये से बढ़ाकर 8.50 रुपये प्रति किलोग्राम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में एंटी हेल नेट संरचना के निर्माण को प्रोत्साहित के लिए कुशे योजना आरम्भ की है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद किया कि बागवानी उत्पादकों को उनके उत्पाद के विपणन में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने उत्पाद के परिवहन, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सिरमौर व चम्बा जिलों से वैकल्पिक श्रमिक उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए मार्केट यार्डों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता पर बल दिया। हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि सेब की खरीद के लिए सरकार द्वारा स्थापित क्लेक्शन एंड प्रोक्योरमेंट केन्द्रों में होमगार्ड के जवानों को तैनात किया जाना चाहिए। निदेशक बागवानी डाॅ. एम.एम. शर्मा ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सेब को मण्डियों तक पहुंचाने की तैयारियों के संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, के.के. पंत, सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, एचपीएमसी की प्रबन्ध निदेशक देव स्वेता बनिक, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन और अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को खोलने पर राज्य सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी। केद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की गाइडलाइन आने के बाद ही शिक्षण संस्थानों (स्कूल व कॉलेजों) को खोला जाएगा। 30 जून को केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन आ जाएगी। स्कूल खोलने या फिर शिक्षकों को ही स्कूल बुलाने पर भी तीस जून को ही निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा विभाग पहली जुलाई से राज्य के सभी स्कूलों में दोबारा से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर देगा। शनिवार को राज्य सचिवालय में समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इसमें शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं कैसे आयोजित करनी है, इस पर भी बैठक में चर्चा की गई। हालांकि केंद्रीय गाइडलाइन में परीक्षाओं को लेकर क्या निर्देश आते हैं इसका अभी इंतजार किया जा रहा है। लेकिन सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए जो पैटर्न अपनाया है, उसी को यूजी कक्षाओं में भी लागू किया जा सकता है। हालांकि ये सभी बातें केंद्रीय गाइडलाइन आने के बाद तय होंगी।
उदयपुर गांव के लोगों को रेत के अवैध खनन के चलते पेश आ रही समस्याओं का प्रशासन द्वारा समाधान कर दिया गया है। गौरतलब है कि चंबा नगर के साथ लगते उदयपुर क्षेत्र के कुछ लोग अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त विवेक भाटिया से मिले थे। उपायुक्त ने एसडीएम चंबा के अलावा खनन विभाग को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा था। निर्देशों पर अमल करते हुए चंबा उपमंडल प्रशासन द्वारा रावी नदी के किनारे की तरफ जाने वाले रास्ते को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बैरियर लगाकर बंद कर दिया है। एसडीएम चंबा शिवम प्रताप सिंह ने भी आज मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन अवैध खनन पर पूरा अंकुश रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र से वैध तरीके से खनन करने की व्यवस्था को शुरू करने के मकसद से आगामी मंगलवार को कमेटी इस पूरे स्थल का निरीक्षण भी करेगी। उन्होंने बताया कि उदयपुर पंचायत द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी इस संबंध में जारी कर दिया गया है। ग्रामीणों जिनमें लखदाता युवा मंडल के पदाधिकारी भी शामिल थे ने प्रशासन के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अवैध खनन गतिविधियों से उन्हें जो दिक्कतें आ रही थीं प्रशासन ने तुरंत कदम उठाकर दूर कर दिया।
प्रदेश सरकार मौजूदा शैक्षणिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के साथ राज्य में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो और वह अपनी क्षमताओं के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले सकें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य परियोजना निदेशालय रूसा, प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रूसा के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नैक (एनएएसी) द्वारा मान्यता पर निर्भर करता है, जिसके कारण विभिन्न काॅलेजों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आरंभ होगी तथा इससे सभी काॅलेज नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कलस्टर विश्वविद्यालय मण्डी की स्थापना रूसा के दिशा-निर्देशों अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विश्वविद्यालय के लिए 55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 27.50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अधोसंरचना, 26 महाविद्यालयों में अधोसंरचना, चम्बा जिला के लिल्लह कोठी में नए माॅडल डिग्री काॅलेज, डीएवी सेंटनरी महाविद्यालय कोटखाई और राजकीय महाविद्यालय चम्बा के स्तरोन्नयन के लिए रूसा के अन्तर्गत वर्ष 2018 में 92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 929 उच्च और 1871 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के अतिरिक्त 138 राजकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न घटकों में 3,671.95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान भवनों और शैक्षिक अधोसंरचना के लिए 116.37 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन मदों पर 114.36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि 1171 निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 314 कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भवनों के निर्माण और अधोसंरचनात्मक कार्यों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप योजनाएं जैसे छात्रवृति योजनाएं जैसे रूसा, स्वच्छ भारत अभियान, खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत स्काउटस एंड गाईडस, इंस्पायर अवार्ड योजना, अटल टिंकरिंग लैब, साप्ताहिक आयरन फॅालिक ऐसिड सप्लिमेंटेंशन प्रोग्राम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रोग्राम, होस्टल सुविधाएं प्रदान करने के लिए आदि योजनाओं को अक्षरशः लागू करें, ताकि इन योजनाओं के लाभ अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं पर 98.98 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग कोविड-19 महामारी के मद्ेदनजर छात्रों को पढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों जैसे दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जा रहा है। बैठक में बताया गया की मुख्यमंत्री द्वारा की गई 194 घोषणाओं मे से 140 घोषणाओं को लागू कर दिया गया है तथा 54 घोषणाओं पर प्रक्रिया जारी हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राज्य में लगभग विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 10097 पीटीए, पैट और पैरा-शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विभिन्न ऐजेंसियों द्वारा सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्जा दिया गया है। विशेष सचिव शिक्षा राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और निदेशक प्राथमिक शिक्षा रोहित जम्वाल ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राखिल काहलों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल का कहना है कि बिलासपुर जिले में अधिकतर जोर सैंपलिंग पर दिया जा रहा है और अभी तक जो भी मामले पॉजिटिव पाए गए हैं बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के हैं । उन्होंने बताया कि जिला से अब तक 3340 लोगों के सैंपल केाविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 3203 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 43 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। 83 सैंपल आज भेजे गए हैं। कुल शेष 94 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। 27 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर के शिवा आयुर्वेदिक कॉलेज में कोविड सेंटर बना रखा है वहां पर पॉजिटिव मरीजों का उपचार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बाहर से अब आने वाले लोगों के लिए नए नियम के अनुसार केवल अति आवश्यक कार्य के लिए ही अनुमति दी जायेगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में वार्ड नंबर 2 और 8 को केंटोनमेंट जॉन बना रखा है और इस जॉन से अधिकांश सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पथ परिवहन निगम के जिस कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी वह भी उपचार के बाद ठीक हो गई थी और उनके संपर्क में आए सभी लोग अब ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की यह कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाएं और लोगों से आग्रह किया कि वे सावधानी बरतें और केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सोलन द्वारा मॉल रोड़ पर चीन के पुतले को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तथा चीन के खिलाफ विरोद्ध प्रदर्शन भी किया। प्रेदश कार्यकारिणी सदस्य उमेश शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत-चीन के सीमा में लंबे समय से चली आ रहे विवाद और चीन द्वारा कथनी-करनी में भेद कर पीठ पीछे कायराना हमला करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। चीन लगातार वास्तविक लाइन नियंत्रण, गलवान घाटी क्षेत्र में हिंसक घटनाओं अंजाम दे रहा है। भारतीय सेना के लगभग 20 जवान झंडप में शहीद हो गए है। भारत शहीदों की इस शहादत को सदैव याद रखेगा और शहीदों का बलिदान कभी भी व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत का प्रत्येक नागरिक देश के साथ, देश की सेना के साथ खड़ा है। आज देश में सशक्त, अनुभवी और सुझ-भूझ नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में है देश के हर नागरिक को देश के प्रधानमंत्री और देश की सेना पर विश्वास है, आज देश के प्रधानमंत्री के आवाह्न "आत्म निर्भर भारत" पर खरा उतरने की आवश्यकता है और "आत्म निर्भर भारत " को देश व्यापी अभियान के रूप में लेने की आवश्यकता है। विश्व के सुप्रसिद्ध और भारतीय मूल के वैज्ञानिक सोनम वांग्चुक द्वारा कि गई अपील को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी को अपनाना चाहिए। उनके द्वारा दिए गए "वाल्लेट और बुलेट" के मंत्र को जीवन में अपनाना चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश के प्रत्येक नागरिक से अपील करती है कि चीन में बनी वस्तुओं का बहिष्कार कर भारत में बनी वस्तुओं का प्रयोग करे तथा आत्म निर्भर भारत में सहयोग दें और अपने देश की सेना का मनोबल और सम्मान बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गलवान में देवभूमि हिमाचल प्रदेश की मिट्टी में जन्म लिए 21 वर्षीय बेटे ने भी शहादत का जाम पिया है। जो हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनें है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सोलन ने चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और चीनी पुतले को जलाकर उसका बहिष्कार किया और साथ ही सम्पूर्ण देशवासियों से विद्यार्थी परिषद अपील भी करती है कि जब सेना का जवान अपने देश की सुरक्षा के लिए सरहद पर अपने प्राण न्योछावर कर सकता है तो हम भी उसमे अपना सहयोग चीनी सामानों का बहिष्कार करके कर सकते है। जहाँ एक ओर हमारी सेना सरहद पर चीन को करारा जवाब देने के लिए तैयार है वही हम भी उसको आर्थिक रूप से आघात करेंगे और स्वदेशी वस्तुओं का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करेंगे। उमेश ने चीन को चेतावनी देना चाहती है कि यदि वे समय रहते अपनी कायराना हरकत से अभी भी बाज नहीं आता तो आने वाले समय मे उसे और भी कई प्रकार से नुकसान झेलना पड़ सकता है और भारत का प्रत्येक नागरिक भारतीय सेना के साथ खड़ा है, भारत को अपने देश की सेना पर गर्व है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की परिस्थिति आने पर अपनी सेना और अपने देश के साथ खड़ा है और विकट परिस्थिति आने पर भी युद्ध भूमि से आने में भी नही कतराएंगे।
परमार्थम हिमालयन सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास संस्था निहारखन बासला ने शनिवार को ब्रह्म्पुखर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस रक्तदान शिविर में 80 लोगो ने रक्तदान किया। संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र भड़ोल ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनकी संस्था समय पर पर अलग अलग जगह पर ऐसे रक्तदान शिविरों का आयोजन करती थी ताकि हर स्थान पर लोग रक्तदान के लिए जागरूक हो सके। परन्तु लोकडाउन के चलते अब सरकार के आदेशो की पालना करते हुए वह इन शिविरों का आयोजन नही कर पा रहे है। लॉकडाउन के चलते ब्लड बैंक बिलासपुर में भी रक्त की कमी हो गई है ब्लड बैंक बिलासपुर में जितनी रक्त की जरुरत है उतने रक्तदाता वहा पहुँच नही पा रहे है जिसकी वजह से ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई थी। इस कमी को देखते हुए संस्था ने आज ब्रह्म्पुखर में इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमे संस्था के सदस्यों के अलावा क्षेत्र के लोगो ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने बताया की इस रक्तदान शिविर में 80 लोगो ने रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर के बाद ब्लड बैंक बिलासपुर में काफी हद तक रक्त की कमी दूर हो जाएगी। इस रक्तदान शिविर का आयोजन ब्लड बैंक प्रभारी डा दीक्षा शर्मा की अगवाई में किया गया। डा दीक्षा शर्मा ने इस रक्तदान शिविर के दौरान शिविर में आए सभी लोगो की पहले थर्मल स्कैनिग की और सही पाए जाने के बाद उनका रक्त लिया। डा दीक्षा शर्मा ने बताया कि इस रक्तदान शिविर के दौरान लॉकडाउन के चलते सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन किया। इस शिविर के दौरान सभी लोगो को मास्क लगाए गये तथा सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया ! सभी लोगो के हाथ धुलवाए गए तथा सभी नियमो का सख्ती से पालन किया गया।
अगर आप फेसबुक यूजर हैं और आपका फेसबुक अकाउंट स्लो है तो सावधान रहे, कहीं ऐसा न हो कि साइबर अपराधी आपकी आईडी हैक कर दोस्तों के साथ ही ठगी कर दें। इसी तरह का एक मामला दाड़लाघाट क्षेत्र में समाने आया है। ये मामला ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के गांव बागा निवासी राम चंद ठाकुर की फेसबुक आईडी को हैक कर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक साइबर अपराधी पहले फेसबुक आईडी हैक कर उसके दोस्तों व रिश्तेदारों को मैसेज कर रहे हैं। उसके बाद किसी रिश्तेदार या अन्य की बीमारी का बहाना बनाकर मदद की गुहार करते हैं। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल मामला दर्ज नही किया गया है। शुक्रवार को दाड़लाघाट क्षेत्र के गांव बागा निवासी का फेसबुुक अकाउंट हैक करने का खुलासा उस समय हुआ जब उसके एक दोस्त ने उससे फोन कर मदद मांगने का कारण पूछा, राम चंद ठाकुर का मित्र पुनीत निजी फाइनेंस कंपनी दाड़लाघाट में कार्यरत है। वीरवार को पुनीत ने फोन कर पूछा कि फेसबुक पर रुपये की मदद मांगने कर क्या जरूरत पड़ गई। उसके बाद उसने अपना फेसबुक अकाउंट देखा। उसके चैटिंग मैसेंजर पर अनेक लोगों के मैसेज आए थे, जिसमें वह अपने दोस्तों से रुपये की मदद मांग रहा है। इस दौरान पुनीत ने ऑनलाइन माध्यम गॉगल पे से 15 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए। इसके बाद राम चंद ठाकुर ने पासवर्ड बदलकर पुलिस को सूचना दी लेकिन फिलहाल पुलिस द्वारा अभी कोई मामला दर्ज नही किया है। भाई को रुपये की सख्त जरूरत का किया था बहाना फेसबुक चैटिंग में उसमें लिखा है भाई मुझे रुपये की सख्त जरूरत है, मेरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दो। उसके फेसबुक अकाउंट पर और कोई दूसरा व्यक्ति चैटिंग कर रहा है जो मेरे दोस्तों से 15 हजार रुपए की मांग कर रहा है। उसकी मदद के लिए उसके दोस्त पुनीत ने उसके गॉगल पे के खाते में मोबाइल नंबर के द्वारा 8814942455 पर 15 हजार रुपये डलवा दिए। इसके बाद दाड़लाघाट निवासी कमल ठाकुर, सन्नी भाटिया, बॉबी ठाकुर, दीक्षा ठाकुर, अभिषेक ठाकुर के पास भी मैसेज डालकर रुपए की मांग की गई। लेकिन उक्त व्यक्तियों द्वारा इस हैकर से बात की लेकिन उसकी मांग को इन्होंने पूरा नही किया। वही इन्होंने तुरंत राम चंद ठाकुर को इस बाबत सारी कहानी से अवगत करवाया। बीमारी या अन्य परेशानी का हवाला देकर मांगते हैं मदद पीड़ितों ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े लोग फेसबुक आकउंट हैक कर फेसबुक दोस्तों से बीमारी या अन्य परेशानी के बहाने रुपये की मदद की मांग की जाती है लेकिन ये हैकर उसी व्यक्ति को संदेश भेजते है जिसके साथ इससे पहले भी बात हुई हो। ऐसे में सामने वाला व्यक्ति कैश देने की ऑफर करता है तो यह हैकर अस्पताल में होने का बहाना बनाकर व अर्जेंट होने की मार्मिक अपील करते हुए अकाउंट नंबर या पेटीएम,गॉगल पे जैसे अन्य एप्प पर ही डिमांड करता है।
नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने नुरपुर के अस्प्ताल में कोरोना टेस्ट के लिए 12 लाख रुपये मूल्य की एक नई मशीन अस्पताल प्रशासन को समर्पित की। कोरोना जांच की इस टरनेट मशीन से 30 मिनट में ही कोरोना की रिपोर्ट आ जाती है। विधायक राकेश पठानियाँ ने कहा कि एक तरफ कोरोना की जंग में हमारे अग्रणी योद्धाओं को इस मशीन से लाभ होगा वहीं लोगों को भी इस मशीन से बहुत लाभ मिलेगा। इस अवसर पर विधायक राकेश पठानियाँ ने नूरपुर अस्पताल में 2.5 करोड की लागत से बन रहे नए एमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और इस वार्ड को 3 महीने के अंदर बनाने का आदेश दिया और उन्होंने तय समय मे ही इस अस्पताल को जनता को समर्पित करने का भी भरोसा दिया। इस अवसर पर उन्होंने मरीजों का कुशलक्षेम भी पूछा और तीमारदारों से अस्पताल बारे और उनकी समस्याओं बारे बातचीत भी की। इस अवसर पर नूरपुर के एस डी एम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर और एस एम ओ दिलबर सिंह और अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
वन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने रोहड़ू और ठियोग वन मंडल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘वन समृद्धि, जन समृद्धि’ योजना के अंतर्गत इस वर्ष 10 कलस्टरों में 120 बीघा भूमि पर औषधीय पौधे लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। रोहड़ू वन मंडल के अंतर्गत इस वर्ष 143 हेक्टेयर वन भूमि में एक लाख 50 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। वन मंत्री ने अधिकारियों को अवैध कटान मामलों में सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन मंत्री ने कहा कि गत वर्षों में इन वन मंडलों के अंतर्गत 220 हेक्टेयर वन भूमि में से 161 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटा लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोहड़ू वन मंडल में ‘नई राहें नई मंजिलें योजना’ के अंतर्गत 583 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ठियोग वन मंडल में गत तीन वर्षों में उत्कृष्ट नर्सरियां विकसित की गई हैं, जिनमें समस्त आधुनिक सुविधाएं और पौधों के विकास के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करवाया गया है। वन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील नाकों पर लगी चैक पोस्ट को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य अरण्यपाल डाॅ. अजय शर्मा, शिमला वन वृत्त के मुख्य अरण्यपाल आर.के. गुप्ता सहित संबंधित मंडलों के अन्य वन मंडल अधिकारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 जून, 2020 को सोलन के सपरून चैक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 05 के फोरलेन कार्य तथा कुछ विद्युत उप केन्द्रों में आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत विभिन्न क्षेत्रों में प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण बाड़ा, कलोल, बड़ोग, कोरों, कैंथड़ी, नगाली, आंजी, शमलेच, देहूंघाट, उदय विहार, कायलर, इनकम टैक्स ऑफिस, कोटलानाला क्षेत्र, टैंक रोड, फाॅरेस्ट रोड, शामती, डिग्री काॅलेज, जेबीटी, ऑफिसर्स काॅलोनी, खलीफा लाॅज, सूर्य विहार, फ्लोरा, पिकअप यूनियन, खनोग, गलानग, मतियूल, चिलाडी, शयोंथल, धरांजटी, चिलकाला कोगडी एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम लि. (एचपीएमसी) के प्रवक्ता ने बताया कि निगम द्वारा सेब सीजन 2020 के मध्यनजर बागवानों को समय रहते तथा उचित मूल्यों पर पैकिंग सामग्री जैसे कार्टन, ट्रे और सेपरेटर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 26 फर्मों का चयन (ऐमपेनल) किया है। प्रवक्ता ने बताया कि एचपीएमसी द्वारा सेब की पैकिंग सामग्री के तय दामों की सूची निगम की वेबसाईट पर उपलब्ध करवाई गई है। प्रवक्ता ने सभी बागवानों से निवेदन किया है कि वे अपने मांगों की बुकिंग हेतु एचपीएमसी की सम्बन्धित शाखाओं से सम्पर्क करें तथा पैकिंग सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बिलासपुर के नौजवान अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत के चलते बिलासपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है तथा बिलासपुर के युवाओं में डर पैदा हो चुका है। शनिवार को नगर सुधार समिति का प्रतिनिधि मण्डल समिति के प्रधान दिनेश कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिला तथा इस रहस्यमयी मौत की उच्चस्तरीय जांच करने के बारे में ज्ञापन उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा। ज्ञापन में निम्नलिखित तथ्यों पर जांच करने हेतु कहा गया जैसे-स्वर्गीय अंशुल शर्मा पुत्र चमन लाल शर्मा एक तंदुरूस्त नौजवान था दिनांक को किन परिस्थितियों में वह घर से अपने पैतृक गांव जिला मण्डी की तरफ घर में बिना बताए चला गया। स्वर्गीय अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत से पहले उसकी किन-किन से फोन पर बात हुई तथा किस-किस व्यक्ति से वो मिला था। ऐसी क्या मजबूरी थी कि स्वर्गीय अंशुल शर्मा ने आत्महत्या कर ली तथा फेसबुक पर जो वीडियो वायरल हुआ है वोआत्महत्या से कितनी देर पहले का है। फेसबुक पर वायरल वीडियों से पूरा हिमाचल सकते में है तथा यहां पर डर का माहौल बना हुआ है। इसकी सच्चाई क्या है? स्वर्गीय अंशुल शर्मा की किन-किन लोगों से अधिकतम फोन पर बात हुआ करती थी तथा उन लोगों का क्या कारोबार है यह भी जांच का विषय है। ऐसी क्या मजबूरी व डर स्वर्गीय अंशुल शर्मा को था कि वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया। अगर गहनता से इस रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच करवाई जाए तो इसमें कई नशा माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सकता है तथा इस मौत से कई नशा माफियों के रहस्यमयी पर्दे उठने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस न्यायिक जांच द्वारा किसी बेकसूर को सजा न मिल सके तथा दोषियों को बक्शा न जाए तथा सच्चाई को जनता के सामने लाया जा सके और मृतक के परिवार वालों को न्याय मिल सके तथा मृतक की आत्मा को शांति मिल सके। इस मौका पर महामंत्री राजेन्द्र गौतम, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, देवेन्द्र सिंह, तुलसी राम ठाकुर, नरेष सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, चम्पा देवी, कुलदीप शर्मा, ओम प्रकाश मैहता, धनीराम सौंखला, नसीम मुहम्मद, धर्मपाल, रामहरि, मनोहर लाल, ज्ञान चन्द आदि उपस्थित थे।
उपण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर ने डेंगू, पीलिया, स्क्रब टाईफस, आन्त्रशोथ (गेस्ट्रोएनट्राइटिस), अतिसार तथा हैजा जैसे विभिन्न जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित खण्ड स्तरीय समन्वय समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की। रोहित राठौर ने कहा कि वर्षा ऋतु में विभिन्न जलजनित एवं अन्य रोग होने की सम्भावना अधिक रहती है। इनसे बचाव के लिए आवश्यक है कि उपमंडल सोलन में पारम्परिक जल स्त्रोतों के साथ-साथ विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं को समय पर साफ किया जाए तथा घर के आसपास पानी एकत्र न होने दिया जाए ताकि मच्छर पनपने की सम्भावना न के बराबर रहे। उन्होंने कहा कि लोगों को यह भी समझाया जाना चाहिए कि पारम्परिक जल स्त्रोत समुचित देखभाल एवं साफ-सफाई के साथ ही दीर्घावधि तक लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उपमंडल में पेयजल भंडारों एवं पारम्परिक जल स्त्रोतों की आवश्यकतानुसार एवं समबयबद्ध क्लोरिनेशन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी पेयजल स्त्रोतों से समय-समय पर जल के नमूने एकत्र किए जाएं तथा पेयजल पीने योग्य न पाए जाने पर पेयजल स्त्रातों के निरीक्षण के लिए गठित समिति नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाए। उन्होंने कहा कि सोलन उपमंडल में उपायुक्त सोलन के निर्देशानुसार पंचायत स्तर पर पेयजल स्त्रोतों की गुणवत्ता जांच के लिए रेंडम सैंपलिंग की जाए ताकि जलजनित रोगों से बचा जा सके और पेयजल को शुद्ध रखा जा सके। उन्होंने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर भी ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए। रोहित राठौर ने कहा कि सभी क्षेत्रों में ऐसे पेयजल स्त्रोतों के पास सूचना पट्ट लगाए जाएं जहां का जल पीने योग्य नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल उन्हीं प्राकृतिक जल स्रोतों, बावड़ियों का पानी प्रयोग में लाएं जो सुरक्षित हैं। जिन बावड़ियों पर पानी न पीने के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं वहां का पानी प्रयोग में न लाएं। उन्होंने खण्ड चिकित्सा अधिकारी चण्डी को निर्देश दिए कि जन-जन को क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध करवाएं। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जलजनित रोगों की दवा एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मी, स्वयंसेवी संस्थाएं, आशा कार्यकर्ता समन्वय स्थापित कर कार्य करें। रोहित राठौर ने निर्देश दिए कि उपमंडल के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अतिसार रोधी दवा तथा ग्लूकोज एवं अन्य चिकित्सीय द्रव्यों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि अतिसार एवं अन्य जलजनित रोगों के फैलने के संबंध में सूचना तुरंत उपलब्ध करवाई जाएं। खण्ड स्तर पर इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के त्वरित कार्यवाही बल तैयार रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए घरों में उपयुक्त कीटनाशक का छिड़काव एवं बाहर फोगिंग की जाए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के समय में जिस समर्पण एवं कर्मठता के साथ विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए दिन-रात कार्य किया है वह सभी के एिल अनुकरणीय एवं प्रशंसनीय है। डाॅ. सैजल सोेलन जिला के परवाणू में पुलिस, गृह रक्षा तथा अग्निशमन विभाग के अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के उपरान्त स्थानीय निवासियों एवं जन-प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने तदोपरांत परिधि गृह परवाणू में हिमुडा के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी कोविड-19 महामारी के समय में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट काल में लोग एकजुट होकर न केवल रोगियों को सहायता प्रदान कर रहे हैं अपितु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के आदेशों का पालन भी सुनिश्चित बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दृढ़ संकल्प एवं एकनिष्ठ भावना के साथ कोरोना को समाप्त करने के लिए जन सहयोग के साथ समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही अनुसन्धान के साथ कोविड-19 पर लगाम लगाने में सफलता प्राप्त होगी। सहकारिता मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से पार पाने के सरकारी प्रयास जन सहयोग के बिना सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वेच्छा से सोशल डिस्टेन्सिग का पालन नहीं करेंगे, घर से बाहर सदैव मास्क पहन कर नहीं जाएंगे और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा नहीं जा सकता। उन्होेंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने के यह तीन नियम कोविड-19 के विरूद्ध श्रेष्ठ सुरक्षा चक्र हैं और इन्हें न मानकर लोग अपने परिवार एवं पूरे समाज को खतरे में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इन तीन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इस दिशा में लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। लोग न केवल स्वयं इन तीन नियमों का पालन करें अपितु अन्य से भी इनकी अनुपालना करवाएं। उन्होेंने कहा कि यदि लोग बिना मास्क के आने-जाने वाले तथा सोशल डिस्टेन्सिग न करने वाले लोगों से इनके पालन का आग्रह करें तो ही नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और ऐसे व्यक्तियों का होम क्वारेन्टीन पूरा करवाएं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, जिला भाजपा उपाध्यक्ष दौलत ठाकुर, भाजपा महिला मोर्चा कसौली मंडल की अध्यक्ष ममता ठाकुर, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंगला, सहायक आयुक्त परवाणू विक्रम सिंह नेगी, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू योगेश रोल्टा, उप अग्निशमन अधिकारी टीसी ठाकुर सहित स्थानीय निवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में इस समय अराजकता और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हर रोज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसी न किसी युवा के नशा करके अथवा समाज विरोधी नशा व्यापार के जाल में फंस जाने के कारण मानसिक रोगी होकर अपने प्राण त्याग देने तक को विवश होने के समाचार प्राप्त हो रहे है। उन्होने कहा कि अस्पतालों में बिना इलाज के सैकड़ों रोगियों के प्राण चले जाने के मामले दिन प्रति –दिन बढ़ते चले जा रहे हैं, जिससे आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होने कहा कि यह कोई कम चिंता का विषय नहीं है कि देश की युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर भटकती अथवा गलत लोगों के चुंगल में फंस कर अपने जीवन को समाप्त करने पर तुली नजर आ रही है, जिस ओर सरकार और उसका तंत्र कोई ध्यान नहीं दे रहा है। देश की युवा पीढ़ी को बचाने और उनके जीवन को सुरक्षित किए जाने की ओर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम न उठा पाने और उनके प्रति अपना उत्तरदाईत्व न निभा पाने के कारण युवा पीढ़ी नशे व गलत तत्वों के जाल में फंस कर अपने जीवन की इहलीला समाप्त कर रही है और हजारों परिवार तबाही का शिकार हो रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस काल में जिला बिलासपुर में चिट्टा अथवा नशे का व्यापार चलाने के आरोप लगाए जाते थे, किन्तु अब सत्ता में आने पर इसे रोकने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होने कहा कि महज कुछ नशाखोरों को पकड़ने अथवा जेल में डालने से नहीं बल्कि इसके वास्तविक समगलरों को पकड़ने और जेल में ठोकने की आवश्यकता है, ताकि नशे के व्यापार पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सके और बेसमझ युवक–युवतियाँ इस नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद करने से बच सकें। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को नशा रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और गाँव –गाँव में घर -घर जाकर लोगों को जागरूक करने तथा नशे के दुष्प्रभावों बारे सचेत अथवा जागरूक करने की नीति निर्धारित करनी चाहिए ताकि हिमाचल के लाखों युवाओं का जीवन नर्क बनने से रोका जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करके पुलिस के माध्यम से केस बनाने पर नहीं बल्कि नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे युवाओं को समझाने और इस रास्ते पर जाने से रोकने के गंभीर प्रयास करने चाहिए। उन्होने कहा कि युवाओं को जेलों में बंद करके नहीं बल्कि उन्हें समझा कर सही रास्ते पर लाने के लिए जागरूक करके उनके बहुमूल्य जीवन को बचाया जाना चाहिए। बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सीमाओं पर जब हर जगह पुलिस का कडा पहरा है, तो फिर यह नशा प्रदेश में कहाँ से और किसके द्वारा लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि बिना मिलीभगत के सीमाओं से नशा प्रवेश होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता है, इसलिए इस बारे में सरकार को इस माले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाने चाहिए।
बिलासपुर की डोगरा हौजरी में तैयार होने वाली पीपीई किट अब विदेशों तक पहुुंचेगी। डोगरा हौजरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे पर आधारित पीपीई किट व सूट के चार सेंपल को भारत सरकार की संस्था द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर द्वारा पास हुआ है। अब सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिलने के बाद डोगरा हौजरी ने पीपीई किट व सूट बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है और यह अब घरेलू मांग को पूरा करने के बाद विदेशों तक भी जाएगी। पूरे हिमाचल में डोगरा हौजरी के पीपीई किट व सूट के चार सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिली है। यहां पर आयोजित एक सादे समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कुलदीप चंदेल ने कहा कि डोगरा हौजरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे को सर्वपरि मानते हुए चरितार्थ किया है। इस अवसर पर डा. अरूण पटियाल मुख्यतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के एमडी ऋषभ डोगरा ने कहा कि उन्होंने इस कार्य को पूरा करने में जिला प्रशासन का पूर्ण सकारात्मक सहयोग मिला। उन्होंने स्वयं की प्ररेणा से अपे्रल माह से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने इसके लिए पूरा अध्ययन करने के बाद द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर को पीपीई सूट के सैंपल भेंजे। जहां से 21 जून को उनके सैंपल को मंजूरी मिली क्योंकि उनके पास इससे संबंधित पूरी तकनीकी व मशीन उपलब्धता मौजूद थी। यह पीपीई सूट लगभग साढ़े चार सौ रूपये में उपलब्ध होगा। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के चैयरमैन इंद्र सिंह डोगरा, प्रेम डोगरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
झण्डुता चुनाव क्षेत्र के युवा कांग्रेसी नेता तथा प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव सुधीर कुमार सुमन ने केन्द्र की मोदी सरकार को लोकतंत्र का गला घोंटने वाली तानाशाह सरकार करार दिया है। सुमन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अन्तर्गत चुन कर सत्ता में बैठी सामन्तवादी मोदी सरकार अब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने के लिए दीमक की तरह डटी हुई है और लोकतंत्र की सजग प्रहरी व सरकार में विपक्षी पार्टी की सार्थक आवाज और आलोचना को देशद्रोही बताकर उसे दबाने में लगी हुई है। सुधीर सुमन ने बताया कि मोदी सरकार की सामन्तवादी व तानाशाही सोच का ही परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार में संसदीय सचिव रहे पूर्व विधायक नीरज़ भारती द्वारा मोदी सरकार के काम की, की गई सार्थक और सही आलोचना को देशद्रोह बता कर उन पर मुकदमा दर्ज किया गया है जिसकी हम सभी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मोदी सरकार के तानाशाही रवैये की जोर दार निन्दा करते हैं। युवा कांग्रेस के नेताओं ने उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) झण्डुता के माध्यम से महामहिम राज्यपाल हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजे ज्ञापन में मांग की हैं कि नीरज़ भारती पर दर्ज देशद्रोह के झूठे मुकदमे को वापस लिया जायें अन्यथा यूथ कांग्रेस मोदी सरकार के विरूद्ध इस आन्दोलन को और तेज़ करेगी। इस कार्यक्रम में सुधीर कुमार सुमन के अलावा प्रदेश सचिव अब्दुल खालिक, पूर्व जिला परिषद विजय कौशल, लोकसभा युवा कांग्रेस हमीरपुर के महासचिव लोकेश जोशी, झंडुत्ता युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष जावेद खान, कार्तिक चंदेल, नीतीश चंदेल, पंकज, अतुल शर्मा, आशीष सुमन, जितेंद्र युवा नेता भी उपस्थित थे।
किन्नौर युवा कांग्रेस पदाधिकारियों प्रदेश युंका सचिव कुलवंत नेगी, तीनो ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत नेगी, श्यामननंद नेगी, महासचिव दयाल नेगी, यशवंत नेगी, कार्यालय सचिव भरत नेगी, मीडिया प्रभारी केसर नेगी, सचिव धर्मेश नेगी, सोमेश्वर नेगी, वेद, रोबिन नेगी, व अन्य ने रिकोंग पीओ में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि नेगी निगम भंडारी ने पार्टी विरोधी कार्य करने व क्षेत्र में कांग्रेस को कमज़ोर करने की कोशिश की है। प्रेस को सम्बोधित करते हुए किन्नौर युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी केसर नेगी ने कहा कि किन्नौर में अधिवक्ता प्रताप नेगी के अध्यक्षता में एक निर्वाचित यूथ कांग्रेस इकाई कार्य कर रही है जिसे प्रदेश युवा कांग्रेस, स्थानीय ज़िला कांग्रेस कमेटी व स्थानीय विधायक की मान्यता प्राप्त है। पिछले कईं वर्षो से इस इकाई ने ज़मीन पर कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए कार्य किया व पंचायती राज चुनावों व विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रतियक्षियों की जीत में अहम भूमिका निभाई है। वहीं नेगी निगम व उनके शुभचिंतकों ने हमेशा पार्टी प्रतियक्षि को कमज़ोर करने की कोशिश की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और इस प्रयोजन के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी डाॅ. अजय भंडारी को हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। डाॅ. अजय भंडारी की नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पूर्वतर हो, के लिए होगी।
कुनेड पंचायत में शनिवार सवेरे रीछ ने एक महिला पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान कलमो देवी पत्नी लक्ष्मण वासी गांव रंडियारा के तौर पर की गई है। पुलिस ने मृतका के शव का सीएचसी चूड़ी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार कलमो देवी अपने खेतों में घास काटने के कार्य में जुटी हुई थी। इसी दौरान अचानक रीछ ने कमलो देवी पर हमला कर दिया जिससे महिला ने मदद हेतु चीखना चिल्लाना आरम्भ किया। मौके पर पहुंचे लोगों को देखकर रीछ भाग खड़ा हुआ, लेकिन तब तक कमलो देवी की मौत हो चुकी थी। बाद में लोगों ने पुलिस व वन विभाग को सूचित किया। परिजनों ने लोगो के सहयोग से महिला के शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए चूड़ी लाया। उधर, पंचायत प्रधान भगत राम ने खबर की पुष्टि की है।
आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष व पूर्व में रहे बीडीटीएस के प्रधान लेखराम वर्मा ने शुक्रवार को बरमाणा में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र व हिमाचल राज्य सरकार का डीजल व पेट्रोल की बढाई गई कीमतों को लेकर विरोध किया। इस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों के निर्णय को रोल बैक किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़े लोग इससे प्रभावित न हो। उन्होंने कहा की डीजल की कीमते पैट्रोल की कीमत से भी ज्यादा हो गई है जो चिंता का विषय है। इस से ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटरों की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी। आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कीमतें अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कम और देश में पिछले दो हफ्तों से बढ़ रही है। बरमाणा में भी शुक्रवार को को डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अन्य राज्यों की भांति ट्रांसपोटरों ने आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष के अगुवाई में जोरदार विरोध किया। इस अवसर पर बरमाणा औसती यूनियन के प्रधान रतन लाल ठाकुर ने भी कहा कि एक तरफ देश में कोविड -19 महामारी की आपदा है जिससे आम लोगों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है तो ऐसे समय में सरकार को ऐसा नही करना चाहिए था। वर्मा ने जिला प्रशासन को जताया कि इस दौरान सभी उपस्थित ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लॉ एंड आर्डर को बनाए रखने के लिए हम सभी पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। इसमें प्रबंधन समितियों को भी इन योद्धाओं का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने मौजूदा प्रबंधन समिति पर ऐसे समय में घर में बैठने का आरोप लगाया। कहा जबकि इन लोगों को इस आपदा के दौरान ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटर, चालक व परिचालक की सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजी रोटी का ध्यान रखना चाहिए था। इस अवस्था में इन प्रबंधन समितियों ने घर में छुप कर अपनी नाकामियों का परिचय दिया है क्योंकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े चालक व परिचालक हमारी अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है। क्या इस दौरान इनका ख्याल रखा जा रहा है? प्रशासन से मांग की कि प्रबंधन समितियों से गाईड लाइन की अनुपालना करवाई जाए। उन्होंने कहा कि होम अफेयर गाईड लाइन 21 के तहत वाहन लुक आफ्टर की पालना नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चालक और परिचालक के खाने की क्या व्यवस्था, ठहरने की व्यवस्था माल की ढुलाई के दौरान रास्ते में उचित ठहराव, विश्राम व्यवस्था, गाड़ी का सनेटाइज होना, चालकों को ग्लव्स, उनकी सुरक्षा स्वास्थ्य को लेकर कपम्लेंट वैन्यू कहां है, इन सभी बातों की प्रबंधन समितियां पालना करें। फेडरेशन सरकार व प्रबंधन समितियों से मांग करती है कि ऑपरेटरों ने लगातार कई वर्षों से अपनी मेहनत से ट्रांसपोर्ट संस्था को सींचा है और आज इस मुश्किल की घडी पर ऑपरेटर, चालक व परिचालक सभी के एकाउंट्स में 10 हजार रूपए जमा करवाकर पुण्य का काम कर सहायता करें। वर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों का टीडीएस रुका हुआ है संस्था इस वक्त इसे दिलवाने में कोशिश करे। इस राशि के मिल जाने से जहां ऑपरेटरों का रुका हुआ धन इक्कठा मिलेगा वहीं मौजूदा कोरोना महामारी के चलते ऑपरेटरों को राहत भी मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऑपरेटरों ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए ऋण लिया है उसमे कोविड के खत्म होने तक ब्याज मुक्त होना चाहिए। इसके अलावा ऑपरेटरों के हितों का ख्याल रखते हुए सरकार से फरियाद की कि इस आपदा की अवधि तक गाड़ियों की इन्शुरेन्स, पासिंग, लोन की किश्ते माफ़ की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि इनकी जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित की जाए।
एक कारगिल योद्धा सूबेदार मेजर, आनरेरी कप्तान का, वेटरन इंडिया एवं सर्व साधारण बुजुर्गो के लिए समर्पित, संग्रहित, एक छोटी सी कहानी जीने की असली उम्र तो 60 साल है। बुढ़ापे में ही असली ठाठ है। ना बचपन का होम वर्क, ना जवानी का संघर्ष, ना 40 की परेशानियां, बेफिक्र दिन, और सुहानी रात। जीने की असली उम्र तो... ना स्कूल की जल्दी, ना ऑफिस की किट किट, ना बस की लाइन, ना ट्रैफिक का झमेला, सुबह रामदेव का योगा, दिन भर खुली धूप, दोस्तों यारों के साथ, राजनीति पर चर्चा आम है। जीने की असली उम्र तो .... ना ममी डैडी की डांट, ना ऑफिस में बॉस की फटकार, पोतो पोतियों के खेल में, बेटे बहू का प्यार, इज़त से झुकते सिर, सबके लिए आशीर्वाद व दूवाओं की भरमार। जीने की असली उम्र तो .... ना स्कूल की डिसिप्लिन, ना ऑफिस में बोलने कि कोई पाबन्दी, ना घर पर बुजुर्गो की रोक टोक, खुली हवा में हंसी के ठहाके, बेफिक्र बातें, किसी को भी कहने के लिए आजाद है। जीने की असली उम्र तो,60 साल है। दोस्तों, मैं किसी से बेहतर करू, क्या फ़र्क पड़ता है । मैं किसी का बेहतर करू, बहुत फ़र्क पड़ता है । जय हिन्द, जय भारतीय सेना, जय वेटरन इंडिया । कप्तान शाम लाल शर्मा शिमला
अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार को मुख्यमंत्री द्वारा अटल आदर्श विद्यालय की सौगात देने पर शुक्रवार को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व अर्की भाजपा मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार प्रकट करने शिमला पहुंचा। जँहा प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से भेंट कर कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोले जाने की नोटिफिकेशन किए जाने के लिए आभार प्रकट किया। इसके अलावा प्रतिनिधि मण्डल ने कुनिहार में पुलिस थाना व छात्र विद्यालय कुनिहार के मैदान को 20 लाख देने की घोषणा पूरी होने पर भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और आग्रह किया कि जल्द ही कुनिहार आकर इस अटल आदर्श विद्यालय की नींव रखकर अपने कर कमलों द्वारा इसका श्री गणेश करें। pra तिनिधि मण्डल में हाटकोट पँचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, रावमापा छात्र कुनिहार के एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, व्यापार मण्डल कुनिहार से विशाल कंवर, सुभाष भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह ठाकुर, जिला मीडिया सहप्रभारी इंद्रपाल शर्मा, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, कौशल्या कंवर, प्रतिभा कंवर,अनिल गर्ग, सुरेश जोशी, राजीव शर्मा, विजय सिंह, हँसराज ठाकुर, नवनीत आदि मौजूद रहे।
नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस का आयोजन राज्य पुलिस मुख्यालय में किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए अधिक सतर्कता और सतत प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी से न केवल एक व्यक्ति या परिवार बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए अधिक प्रयास करने की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि पुलिस प्रशासन इस बुराई को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने लोगों से नशे के विरूद्ध अभियान में पुलिस से सहयोग करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से जाना जाता है तथा इसकी संस्कृति, जीवन शैली, विचारधारा बहुत समृद्ध है, परंतु यह दुर्भाग्य की बात है कि राज्य में नशाखोरी की समस्या एक विकराल रूप धारण कर चुकी है तथा यदि इसे शीघ्र न रोका गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। दत्तात्रेय ने राज्य सरकार द्वारा गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए ड्रग फ्री हिमाचल ऐप्प को आरंभ करने की पहल का स्वागत किया तथा कहा कि हम तकनीक की सहायता से समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पुलिस के खूफिया विभाग को सुदृढ़ करने की भी सलाह दी। उन्होंने गैर सरकारी संस्थाओं को नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान में शामिल करने का भी सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस विश्व समुदाय द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए हमारे सांझे प्रण और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हम दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मोर्चों पर हमारा पुलिस बल बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, गैर सरकारी संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रत्येक व्यक्ति को समाज को नशाखोरी की बुराई से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारा पुलिस बल इन संस्थाओं को इस अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, शिक्षक, चिकित्सक तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशिक्षित करके स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा पदार्थों के प्रतिमान तथा अधिकतम उपयोग पर एक राष्ट्रीय सर्वे किया गया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 10 से 75 वर्ष की आयु के 14.6 प्रतिशत लोग शराब का प्रयोग करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 16 करोड़ है। लगभग 5.2 प्रतिशत लोग जिनकी संख्या अनुमानतः 5.7 करोड़ है, शराब के कारण प्रभावित हैं, जिसका अभिप्राय यह है कि भारत में हर तीसरे शराब पीने वाले व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता है तथा हम इस प्रकार यह समझ सकते हैं कि यह समस्या कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि नशा व्यापारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं, परंतु इनमें से अधिकतर लोग पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता नशा व्यापारियों के बारे में पड़ोसी राज्यों से जानकारी सांझा करना है। उन्हांेने कहा कि उन्हीं की पहल पर हिमाचल के पड़ोसी राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राज्यस्थान आदि राज्य इस सामाजिक बुराई जो हमारे समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुकी है, को रोकने के लिए सांझा रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक पंचकुला में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि नशा तस्करी पर जानकारी सांझा करने तथा संयुक्त रूप से निगरानी करने के लिए पंचकुला के सांझा सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मादक पदार्थों का इस्तेमाल एक वैश्विक समस्या है तथा हमें अपने समाज के अस्तित्व को बचाने के लिए इसका पूरी ताकत से विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के तस्करों को पकड़ने के लिए अधिक सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग मादक पदार्थों की तस्करी में सम्मिलित पाए जाएंगे, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में युवाओं द्वारा सिंथैटिक ड्रग का प्रयोग करना चिंता का सबब है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मादक पदार्थों के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों पर जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशेड़ियों द्वारा चरस का अधिक प्रयोग किया जाता रहा है, परंतु अब सिंथैटिक ड्रग का सेवन एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की आदत न केवल व्यक्ति बल्कि उससे संबंधित लोगों तथा पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के प्रयोग तथा तस्करी के कारण अपराध, बीमारी, सड़क हादसे, घरेलु हिंसा, गाली-गलौच, नौकरी छूटना तथा बेघर होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए लंबी अवधि की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकांे को भी अपने बच्चों के असाधारण व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के विरूद्ध अभियान को एक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए तथा किसी भी अभियान की कामयाबी के लिए जन भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द पकड़ने तथा तस्करी पर जानकारी सांझा करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की लत से व्यक्ति का शारीरिक तथा मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने अपराध का प्रभावी विश्लेषण करने के लिए फिंगर प्रिंट ब्यूरो को एफएसएल जुन्गा से वापिस लेकर पुलिस विभाग के तहत सीआईडी विंग के नियंत्रण में लाने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों की सुविधा के लिए पंथाघाटी के नजदीक राजपत्रित अधिकारियों के लिए मैस निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि साईबर क्राईम प्रयोगशाला को पुलिस विभाग को वापिस सौंपने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिमला में पुलिस विभाग के गैर राजपत्रित कर्मचारियों के लिए मैस की मांग तथा पुलिस आरक्षी को अगले वेतनमान प्रदान करने के लिए आठ साल की सेवा शर्त को छूट देने की मांग को भी सरकार द्वारा जांचा जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पहल पर ही नशीले पदार्थों की समस्या को हल करने के लिए पड़ोसी राज्य संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों का नशाखोरी में संलिप्त पाया जाना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिमला जिसे एक समय देश के शिक्षा हब के रूप में जाना जाता था, अब नशेड़ियों तथा नशा तस्करों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशाखोरी के विरूद्ध प्रेरित करने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों की तरफ अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेलों तथा अन्य पाठेत्तर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग विद्यार्थियों और युवाओं को नशाखोरी के खिलाफ प्रेरित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई में पहले से फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ग्रामीण महिला मंडलों और युवक मंडलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण हुए लाॅकडाउन में कई युवाओं को सही मार्गदर्शन और पुनर्वास की आवश्यकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार ने कहा कि नशाखोरी एक सामाजिक बुराई है, जिस पर आम लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने तथा इनकी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए अग्र सक्रियता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों को रोकने के लिए जागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि नशाखोरी तथा नशा तस्करी के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं तथा समाज को बचाने के लिए उन्हें रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से प्रभावी रूप निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिंगर प्रिंट ब्यूरो को राज्य पुलिस के तहत लाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि साईबर अपराध प्रयोगशाला को पुलिस बल के अधीन वापिस लाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिमला में पुलिस मैस बनाने तथा राज्य की राजधानी शिमला में विभागीय कार्य से आने वाले जवानों को सहायता प्रदान कर रही गैर सरकारी संस्थाओं के लिए मैस बनाने का भी आह्वान किया। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन ने इस अवसर पर कांगड़ा जिला में नशा तस्करी के मामलों पर प्रस्तुति दी। सिरमौर जिला के पुलिस अधीक्षक एके शर्मा ने जिला सिरमौर में नशा तस्करी पर अपने विचार सांझा किए। कुल्लू जिला के पुलिस अधीक्षक गौरव ने भी नशा तस्करी विशेषकर कुल्लू जिला में सिंथैटिक दवाओं के इस्तेमाल पर अपने विचार सांझा किए।
प्रदेश सरकार द्वारा पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षकों को नियमित करने पर हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् ने प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज तथा सभी कैबिनेट मंत्रियों व शिक्षा विभाग का आभार प्रकट किया है। परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल, महासचिव अमित शर्मा कोषाध्यक्ष सोहनलाल, उपाध्यक्ष जंगछुब नेगी, अमरसेन, परमदेव, तेजस्वी शर्मा, संरक्षक डॉ अरुण शर्मा, डॉ दुनीचंद शर्मा, संगठन मंत्री योगेश अत्रि , प्रवक्ता शांता कुमार, बिलासपुर के प्रधान राजेंद्र शर्मा, हमीरपुर के सुनील धीमान, ऊना के बलबीर चंद, शिमला के दिग्विजयेंद्र कालिया, सिरमौर के रामपाल तथा किन्नौर के प्रधान वांगछेन नेगी ने संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षक काफी अरसे से नियमित होने के वनवास को झेल रहे थे। प्रदेश सरकार ने इनके वनवास को समाप्त किया है। इसके लिए प्रदेश सरकार व सभी शिक्षक बधाई के पात्र हैं। संस्कृत शिक्षक परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल ने कहा कि प्रदेश में सेवारत शास्त्री अध्यापक व भाषा अध्यापक भी अनेक वर्षों से टीजीटी पदनाम पाने के लिए वनवास काट रहे हैं। गत वर्ष माननीय मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री जी ने टीजीटी पदनाम देने का आश्वासन दिया था तथा माननीय शिक्षा मंत्री जी ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज के माध्यम से घोषणा भी कर दी थी लेकिन अभी तक हमारा यह स्वप्न पूरा नहीं हुआ है। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् प्रदेश सरकार से विनम्र निवेदन करती है कि गत वर्ष 11 अगस्त को संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ पर शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित कार्यक्रम में जो आश्वासन हमें मिला था उस आश्वासन को इस वर्ष 31 जुलाई से शुरू होने वाले संस्कृत सप्ताह के शुभारम्भ पर पूरा कर वर्षों से उपेक्षित शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर उनके वनवास को भी समाप्त करें। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्माचारी हितैषी है और सभी कर्मचारियों/शिक्षकों की हर मांग को सरकार ने पूरा किया है। अब केवल शास्त्री व भाषा अध्यापकों की मांग शेष है । अतः इस मांग को भी शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए। सरकार सराहनीय कार्य कर रही है हर कार्य के लिए वित्तीय प्रावधान भी कर रही है फिर हमारे कार्य के लिए ही क्यों यह समस्या आ जाती है? अतः प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से निवेदन है कि आप स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर न्याय करें।
हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट पर एक जीप में ठूस ठूस कर पशुओ को ले जाने पर चालान हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वारघाट थाने की एक टीम एएसआई राम नाथ की अगवाई में यातायात नियन्त्रण चैकिंग कर रही थी। इस दौरान स्वारघाट बाजार में बिलासपुर की तरफ से एक जीप नं. यू पी 11 बीटी 3845 आई जिसे इस टीम ने चेकिंग के लिए रोका जब इस जीप की चेकिंग की गई तो उन्होंने देखा कि गाड़ी के अन्दर 5 भैंसें व 1 कट्टड़ी ठूंस- ठूंस कर भरी हुई थी जिन्हें सांस लेना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जीप चालाक के खिलाफ 5 भैंसों व 1 कटड़ी को ठूस ठूस कर भरने पर मुकदमा दर्ज किया गया जीप चालाक जाहिद पुत्र शाहिद निवासी गांव गंगोड डा0 व थाना सरसावा तह0 व जिला सराहनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
नुरपुर कांग्रेस ने शुक्रवार को गलवान घाटी में हुए शहीद सैनिको के सम्मान में श्रदांजलि कार्यक्रम का आजोजन किया जिसमें जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नुरपुर मुख्यरूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर शहीदों के सम्मान के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। अजय महाजन ने कहा कि हमे अपने सैनिको पर गर्व है और उन्ही की वजह से हम सुरक्षित है। उन्होनें कहा कि हमारी तीनो ही सेनाएं हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं और किसी भी दुश्मन में इतनी हिम्मत नही कि हमारी एक इंच भी जमीन का वह अतिक्रमण कर सके। उन्होंने गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों में हिमाचल के हमीरपुर से भी एक शहीद ने शहादत पाई है। उन्होंने हिमाचल सरकार से अपील की है कि वे भी शहीद के परिजनों को पंजाब की तर्ज पर 50 लाख रुपए व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। इस अवसर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षक सुशील मिंटू , पूर्व ब्लॉक समिति अध्यक्ष सन्देश डडवाल बलदेव पप्पी व शाम सिंह मौजूद रहे।
जिला सिरमौर के वैली आयरन स्टील कम्पनी धौलाकुंआ में 4 मजदूरों के कोरोना पॉजीटिव पाएं जाने के बाद 13 जून, 2020 को लेबर कॉलोनी के संपूर्ण क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया था तथा पॉजिटिव आए व्यक्तियों की कांटेक्ट लिस्ट में सभी लोगों के टेस्ट किये जा चुके हैं। इसलिए अब इस क्षेत्र में थोड़ी छूट दी गई है जिसके तहत जिला प्रशासन ने अब मज़दूरों के लेबर कॉलोनी से फ़ैक्टरी परिसर तक आवागमन का एक निश्चित समय तय कर दिया है। यह जानकारी जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी ने दी। उन्होने बताया कि मज़दूर लेबर कॉलोनी से फ़ैक्टरी परिसर तक प्रातः 5:30 से 6 बजे, दोपहर 1:30 से 2:30 बजे तथा रात्री 9:30 से 10 बजे तक की समय अवधी के दौरान ही आवाजाही कर सकेगे। आवाजाही के दौरान मज़दूरों को मुंह पर मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि 13 जून, 2020 को जारी आदेशों के तहत कोई भी मजदूर घोषित कन्टेंनमेंट क्षेत्र से बाहर नही जा पाएंगे। फ़ैक्टरी प्रबंधन मज़दूरों की आवाजाही, सोशल डिस्टेंसिंग यानि दो गज की दूरी और मास्क पहनाना सुनिश्चित करेगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन के लिए खुद जिम्मेवार होगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 269, 270 और 188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51, 54 और 56 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सोलन जिला से शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के लिए 269 व्यक्तियों के रक्त नमूने केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली भेजे गए। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.के गुप्ता ने दी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि इन 269 रक्त नमूनों में से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ से 38, नागरिक अस्पताल बद्दी से 60, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से 52, ईएसआई काठा से 42, एमएमयू कुम्हारहट्टी से 09, ईएसआई बरोटीवाला से 19, ईएसआई परवाणू से 13, नागरिक अस्पताल अर्की से 26 तथा ईएसआई झाड़माजरी से 10 सैम्पल कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि गत दिवस भेजे गए 308 सैम्पल में से 02 व्यक्तियों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव प्राप्त हुई है। शेष सभी रिपोर्ट नेगेटिव हैं। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि अभी तक सोलन जिला में कोविड-19 के कुल 91 रोगी हुए हैं। जिला में वर्तमान में 45 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 15 व्यक्तियों का ईएसआई काठा में, 12 व्यक्तियों का नौणी में, 13 व्यक्तियों का श्रमिक छात्रावास नालागढ़ में उपचार किया जा रहा है। मानकों के अनुसार 04 व्यक्तियों का घर पर ही उपचार किया जा रहा है। 01 रोगी को उपचार के लिए इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला भेजा गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे क्वारेनटाइन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनुपालना न केवल बाहर से आने वाले व्यक्तियों के परिवारों अपितु समाज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में सहायक सिद्ध होगी। डाॅ. गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर शीघ्र समीप के स्वास्थ्य संस्थान से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में किसी भी सहायता के लिए हैल्पलाईन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से माँग करती है कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किए गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा क्वारेनटाइन केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 30 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तेलयांग पिंकी एवं श्वेता भास्कर, सांयकालीन ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के प्रदीप एवं विक्रम तथा रात्रि ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के शुभम दीक्षित एवं एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के प्रदीप राणा सेवाएं प्रदान करेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन डयूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तासो मुन्या एवं श्याम गौरी सांयकालीन डयूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के दीपक कुमार एवं धीरज गुप्ता तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के हरदेव कुमार एवं कमल किशोर सेवाएं प्रदान करेंगे। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक क्वारनेटाइन केंद्र पर सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की मारिया मुबाशिर एवं पुनियो नाबिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।
The two days awareness and training workshop for COVID-19 preparedness in hotels and restaurants being organized for owners concluded on Friday at The Oberoi Cecil Shimla. The program was designed with a vision to educate and build confidence amongst the hoteliers and restaurateurs of Shimla. The leading hospitality brand The Oberoi Group that runs three hotels in Shimla played a major role in giving training to the stakeholders through there highly trained staff. The presentation was given to the participants highlighting basic requirements for the implementation of standard operating procedures issued by the State Government. The awareness campaign was a grand success with over 100 participants from hotels, Restaurants, B&B, and homestay units participated in this awareness campaign. The objective of the awareness campaign is to prepare the hotels and restaurants to provide safe and hygienic accommodation &food to the tourists visiting Shimla post-COVID. The safety and hygiene essentials like disinfectants, equipment were also exhibited by the local suppliers for the knowledge of participants. The tourism industry Stakeholders Association is intending to organize training and awareness programs for managerial and other staff of the hotels and restaurants in a phased manner. Shimla has become the first tourist destination in the country that has taken a proactive step to educate the stakeholders about the safety norms before the revival of tourism in the state. Mr. Anil Walia advisor TISHA said the tourism industry in Himachal is at a grinding halt since March 2020. Many tourists want to come to Shimla for a change. We urge the Government to allow restricted entry to tourists with confirmed hotel reservation into the state for the hotels which have adopted the SOP's issued by the Himachal Government and are fully prepared to offer safe and hygienic accommodation to the tourists. The Tourism industry is looking forward to reopening of state borders for the Tourists by the Government of Himachal Pradesh. The Government in the first unlock opened hotels for local guests however in the second phase of unlocking government should allow tourists from other states to visit Shimla. Anil Bhardwaj Senior Vice President said the opening of doors for tourists coming from Punjab, Haryana, Chandigarh, and other cities except for the 13 cities which have been marked as COVID High cities by the District Administration. This can give a start to the Tourism Industry and we are sure when the borders will open the hotel industry may start getting 25 to 30 % occupancy. Tourism Industry stakeholders Association is thankful to The Oberoi Cecil; Wildflower Hall and Clarkes for encouraging the hotel owners of Shimla to prepare themselves for providing safe stay to the tourists coming to Himachal.
भाजपा ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) को लेकर कांग्रेस पर हमला किया है। पार्टी के महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने आरोप लगाया कि भारत के लोगों ने अपने जरूरतमंद साथी नागरिकों की मदद के लिए इसमें दान किया था, परंतु इस पैसे को कांग्रेस से संबंधित परिवार के ट्रस्ट में हस्तांतरण किया गया। भाजपा महामंत्री ने कहा, 'भारत के लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को पीएमएनआरएफ में दान किया था। इस सार्वजनिक धन को एक परिवार द्वारा संचालित एक फाउंडेशन में हस्तांतरित करना न केवल एक संगीन धोखाधड़ी है बल्कि भारत के लोगों के लिए एक बड़ा धोखा भी है।' जम्वाल ने कहा कि 2017 में दोकलम गतिरोध के दौरान राहुल गांधी गुप्त रूप से भारत में चीन के राजदूत के साथ दिल्ली में वार्ता कर रहे थे। आज गलवां घाटी को लेकर भी कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन को मोटी रकम मिली है, जिसके बारे में कांग्रेस देश की जनता को स्पस्टीकरण दे, कि यह किस मेहरबानी के एवज़ में इस फाउंडेशन चीनी सरकार ने पैसा दिया। उन्होंने कहा कि गलवां घाटी में हुई घटना पर भी कांग्रेस राजनीति कर रही है। ये वही कांग्रेस है, जब 2017 के अगस्त में चीन और भारत का विवाद चल रहा था, उस समय राहुल गांधी चीन के राजदूत के साथ गुपचुप मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने कहा गलवां घाटी के विषय को लेकर सभी राजनीतिक दल जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ खड़े है वहीं कांग्रेस वीर जवानों को शहादत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में है।
कूह लेंगड़ी- बल्ह चुरानी के स्वर्गीय हंसराज के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के चंगर सेक्टर स्थित आवास पर उन्हें कोई डेढ़ माह पूर्व स्वारघाट में कोरोना वायरस के चलते क्वारन्टाईन के दौरान हुई हंस राज की संदिग्ध मौत पर जिला प्रशासन द्वारा दोषी डाक्टर व अन्यों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने बारे पूरा विवरण देते हुए उनसे न्याय दिलवाने का आग्रह किया। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में सभी ग्रामीणों ने उनके आवास से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली और जिलाधीश कार्यालय के बाहर जोरदार नारों के बीच धरना दिया। बंबर ठाकुर ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 मई को जब हंस राज को जिला प्रशासन द्वारा स्वारघाट में क्वारन्टाईन किया गया था तो वहाँ हंसराज के बाथ रूम में गिर कर घायल होने की बात कही गई ,जो वहाँ बेहोश पड़ा रहा, जहां अधिकारियों और डाक्टरों को सूचना मिलने के बावजूद भी उसे कोई आधे घंटे बाद दूर से ही देखा गया। बाद में डाक्टर ने उसे मिर्गी का दौरा पड़ने की बात कही और उसे बिना किसी जांच अथवा हाथ लगाए ही डाक्टर चला गया। उन्होने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपने सिर पर हाथ रख कर हंस राज भारी पीड़ा से कहराता और तड़पता रहा, किन्तु उसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। उनका कहना था कि हंस राज के सिर पर गहरा जख्म था, जिससे खून बह रहा था, जिसे भी बंद तक करने को जिला प्रशासन के संबन्धित अधिकारियों व डाक्टरों ने कोई कदम नहीं उठाए। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि हंस राज की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई होती तो उसे सरकार की नीति के अनुसार आज तक कोई भी आर्थिक अनुदान क्यूँ नहीं दिया गया है। हंस राज के भाई देशराज ने बताया कि हंसराज बरमाना से मध्य प्रदेश के द्तिया के लिए सवारी लेकर गया था और वहाँ से लौट कर घर आ रहा था जब उसे स्वारघाट में कवारन्टाईन किया गया था और वह किसी भी तरह से किसी भी रोग से ग्रस्त नहीं था। देश राज ने कहा कि उनके भारी आग्रहों के बाद डाक्टर शाम 4 बजे देखने के लिए आए और उन्होने बिना किसी उपचार के उसे बिलासपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उन्होने कहा कि जब उसे बिलासपुर अस्पताल में लाया जाना था तो सुरक्षा कर्मियों और एंबुलेंस कर्मियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया और उन्हें ही एम्बुलेंसे में डालने के आदेश दिए गए। यहाँ शाम को 6 बजे एस एच ओ के साथ चार पुलिस कर्मी आए और उन्होने हंस राज को खड़े होने को कहा लेकिन व खड़ा नहीं हो पाया था और उनके द्वारा उसे घसीटते हुए कमरे से बाहर ले जाया गया। उन्होने कहा कि उनके द्वारा बार-बार मांगने के बावजूद आज तक उन्हें हंस राज की मृत्य का प्रमाण पत्र तक नहीं दिया गया है। हाई कोर्ट के जज से करवाई जाए निष्पक्ष जांच बंबर ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि हंस राज की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हाई कोर्ट के जज से निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश दिए जाएँ। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी बाद में धरना स्थल पर एस डी एम रामेश्वर ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि हंस राज की बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी जिस पर बंबर ठाकुर ने कहा कि आज तक प्रशासन ने सरकार के आदेशों के अनुसार परिजनों को 4 लाख की राशि से क्यूँ वंचित रखा है और क्वारन्टाईन के दौरान मौत होने पर आर्थिक सहायता क्यूँ नहीं दी जा रही है। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में इस संदर्भ में ए डी एम विनय धीमान से एक प्रतिनिधि मण्डल मिला, जिन्होने इस संदर्भ में उपायुक्त से बातचीत करके उपयुक्त कार्यवाही करने की बात कहीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उचित कार्यवाही नहीं की जाती धरना निरंतर जारी रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय दवा दुरूपयोग और अवैध तस्करी निषेध दिवस के संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर अनंत राम ने लोगों को ओ.पी.डी. क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर तथा एच.आर.टी.सी. कार्य शाला में कर्मियों को जागरूक किया गया तथा जागरूकता सामग्री का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण शर्मा तथा क्लिनिकल साईकौलोजिसट ज्योत्सना गौतम ने बताया कि जन जागरूकता के माध्यम से दवा के दुरुपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ मादक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए हर वर्ष 26 जून को यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है और हर वर्ष इस संदर्भ में नया संदेश दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस दिवस पर ‘बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान’ संदेश दिया गया है, जिसके तहत विश्व में दवा समस्या की समझ में सुधार करने की आवश्यकता और बदले में बेहतर ज्ञान प्रदान करने पर जोर दिया गया है। विश्व में दवा दुरुपयोग के कारण लगभग 10 प्रतिशत युवाओं की मौत हो जाती है। भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू उपयोग से जुड़ी बीमारियों की वजह से 10 लाख लोग काल का शिकार बन रहे हैं तथा प्रतिदिन 2200 लोग असमय जीवन से हाथ धो रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थय पर्यवेक्षिका नरगिस, स्वास्थ्य कार्यकर्ता पवना शर्मा तथा किरण गुप्ता उपस्थित रही।
पूर्व वन मंत्री एवं श्री नयना देवी विस क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोविड 19 के तहत छेडे गए सातवें कार्यक्रम के दौरान वह समूचे चुनाव क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में अब थर्मल स्कैनर बांटेगे तथा इसके माध्यम से हुई थर्मल स्कैंनिंग का संपूर्ण ब्यौरा बाद मेें उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भी प्रेषित किया जाएगा व प्रदेश व अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी को भेजा जाएगा। वह यहां पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह कोविड 19 जैसी विकट परिस्थितियों में हमेशा आमजन के साथ रहे व लोगों के स्वास्थ्य हितों के मध्य नजर पूरे चुनाव क्षेत्र में मास्क एवं हैंड सैनीटाईजर बांटे व उन्हें जागरूक किया। उसके बाद विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों तथा बिलासपुर नगर परिषद व श्री नयना देवी नगर परिषद में सैनीटाईजेशन करवाया जिसके अंतर्गत लगभग 50 हजार लीटर सैनीटाईजर प्रयोग में लाया। अब फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। लेकिन पहले पूरे श्री नयना देवी चुनाव क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में बाहर से आने वाले तथा अन्य सभी लोगों की थर्मल स्कैंनिंग बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के की जाएगी ताकि इसका सही रिकार्ड तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि थर्मल स्कैनिंग का पूरा रिकार्ड तैयार किया जाएगा जिसे सरकार व पार्टी संगठन को भी भेजा जाएगा। यह प्रदेश का ऐसी पहला चुनाव क्षेत्र है, जहां पर इस तरह की गतिविधियां चल रही है ताकि आमजन कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौर में स्वस्थ्य रहे व भय मुक्त होकर रह सके। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव संदीप सांख्यान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन शिमला द्वारा लोगों विशेषकर युवाओं पर पड़ रहे मादक दवाओं के कुप्रभाव के बारे में जागरूक करने के लिए प्रकाशित लघु पुिस्तका ‘नशीले पदार्थों का सेवन जीवन के लिए घातक’ का विमोचन किया। जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह लघु पुस्तिका मादक दवाओं के दुरूपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लिखी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तिका युवाओं को इस बुरी आदत को छोड़ने तथा स्वस्थ जिंदगी जीने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने समाज से इस बुराई के उन्मूलन में गैर सरकारी संस्थाओं का भी सहयोग मांगा। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने लघु पुस्तिका के विमोचन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मादक दवाओं के दुरूपयोग पर लोगों को जागरूक करने के लिए इस पुस्तिका की एक लाख प्रतियां वितरित की जाएंगी। शिक्षा मन्त्री सुरेश भारद्वाज, अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था प्रभा राजीव, कल्याण अधिकारी हाकम चन्द भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बिलासपुर के एक युवा अंशुल शर्मा की मौत को लेकर शुक्रवार को भाजयुमो सदर मंडल ने मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त बिलासपुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। विनोद ठाकुर ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से अंशुल की रहस्मय मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है और ज्ञापन को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश को कॉपी प्रेषित करवाई। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच हो की अंशुल ने अपने प्राण देने से पहल फेसबुक लाइव के माध्यम से बहुत से लोगों के नाम लिए। विनोद ने कहा कि भाजयुमो ज्ञापन के माध्यम से यह कहना चाहता है कि जिन लोगों के नाम अंशुल ने लिए हैं वो लोग क्यों अंशुल को पिछले कई महीनों से प्रताड़ित कर रहे थे। ऐसा क्या कारण था कि अंशुल को अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी। जब अंशुल ने फेसबुक लाइव किया तो फेसबुक लाइव की वीडियो किसने डिलीट की। ऐसे कौन लोग थे जो अंशुल का पीछा कर रहे थे जिसकी वजह से अंशुल इतना डरा हुआ था तो मंडी पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की। फेसबुक लाइव पर अंशुल ने उन लोगों के फोन को चेक करने की बात कही थी फोन में ऐसा क्या था कि अंशुल इतना घबरा गया था। ज्ञापन में मांग की गई है कि पिछले 6 महीनों की फोन की डिटेल निकाली जाए ताकि यह ज्ञात हो कि किस तरह का यह माफिया है जो पिछले इतने समय से सक्रिय था। उन्होंने कहा कि भाजयुमो बिलासपुर को उड़ता बिलासपुर नहीं बनना देना चाहता। भाजयुमो ने कहा कि इस मामले की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना घटित न हो।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में भांग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन पुलिस थाना दाड़लाघाट के सौजन्य से किया गया। एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर ने बताया कि भांग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत परिसर व साथ लगती निजी भूमि व सरकारी भूमि में भांग को उखाड़ा गया व इस क्षेत्र में साफ सफाई आदि की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों व बच्चों को नशे की बुराइयों बारे भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु स्थानीय लोगों, सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्यों ने भी अपना पूर्ण सहयोग दिया। इस अवसर पर एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर, एएसआई मदन सिंह, मंजीत, सुनील, मदन, राकेश, रवि, शंकर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कुछ समय पूर्व हुई नेशनल हाईवे 205 की सड़क मरम्मत आज फिर जैसी की तैसी हो गई है। शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक नेशनल हाईवे में पिछले दिनों टयरिंग उखड़ने से सड़क में जगह-जगह गड्ढे देखे जा सकते है। ज्ञात रहे कि सड़क लगभग 3-4 करोड़ रुपए से पक्की की गई थी, लेकिन अब यह उखड़ गई है। कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ चुकी है कि शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क पर करोड़ो रुपए खर्च किए गए, जबकि सड़क कुछ दिनों बाद ही किस प्रकार से उखड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से लगभग 3-4 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, जिसका टेंडर बिलासपुर के ठेकेदार को दिया गया, लेकिन घटिया सामग्री व कोलतार की वजह से सड़क उखड़ गई है और हैरानी की बात तो यह है कि जो गड्ढे पहले भरे थे वो आज यथास्थित वैसे ही है, दोबारा से सड़कों पर ये गड्ढे देखे जा सकते है। विभाग और ठेकेदार की इस कार्यप्रणाली से लोग काफी नाराज है, लोगो के अनुसार जैसी सड़क पहले थी उसी स्थिति में सड़क दोबारा आ रही है, खासी परेशानी दो पहिया वाहनों को होती है जिसका डर गड्डो में गिरने का रहता है, वहीं कई जगह सड़क के किनारे सड़क पूरी उखड़ चुकी है जिससे वाहनों को पास लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभी कुछ समय पहले इस नेशनल हाइवे में सड़क में पड़े गड्ढो को भरा था, लेकिन इसमें सही तरिके से कार्य न होने की वजह से ही इस सड़क में हजारों गड्ढे यथा स्थिति में दोबारा आ चुके है जो कि विभाग ओर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। लोगो ने मांग की है कि इन गड्डो को जल्द भरा जाए ताकि इन गड्डो में गिर कर कोई जान माल की हानि न हो। स्थानीय लोगों में प्रेम केशव, जगदीश ठाकुर, अनिल गुप्ता, सुरेन्द्र वर्मा, हेमन्त वर्मा, जयसिंह ठाकुर, हेतराम, मनोज, रमेश भाटिया सहित अन्य व्यक्तियों ने बताया कि विभाग के ढुलमुल रवैये व ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री लगाने के कारण सड़क का यह हाल हुआ है। स्थानीय व्यापारियों में पंकज गुप्ता, राजेंद्र कपिल, शुभम, दिनेश, पवन, रितिक, संजू, मदन, संदीप, दीपक गजपति ने बताया कि यह सड़क शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट नेशनल हाईवे 205 तक बनाई गई है, जिसकी दूरी लगभग 35 किलोमीटर की है। उपरोक्त व्यक्तियों ने बताया कि इस कार्य मे ठेकेदार व विभाग की लापरवाही झलक रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे 205,शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक सड़क में बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये है कि विभाग द्वारा सड़क तो बना दी गई लेकिन सड़क के साथ नाली का निर्माण न करने से सड़क की साइड धसक रही है और सड़क पर न तो नाली बनाई है जिससे बारिश के दिनों में बारिश का पानी सड़क में आने से सड़क की साइड कई जगह से धसक गई है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर जिस समय सड़क की मुरम्मत की जा रही थी अगर उस समय सड़क के साथ नालियों का निर्माण किया जाता तो सड़क इतनी क्षतिग्रस्त नही होनी थी जिससे बारिश के दिनों में सड़क की साइड काफी जगहों से धसक रही है और लोगों का कहना है कि यदि सड़क में गड्ढे पड़ते रहे व सड़क की साइड इसी तरह से धसकती रही तो सड़क पूरी तरह से धसक जाएगी व गड्ढे पड़ जाएंगे और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जब इस बारे एनएचएआई के इंजीनियर अमन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नालियों का एस्टीमेट बना दिया गया है। जल्द ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सड़कों में जो गड्ढे पड़े है, उसका कार्य ठेकेदार को दे दिया है,ए क सप्ताह के अंदर गड्ढे भरने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हर वर्ष 26 जून को 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' मनाया जाता है। इसी कड़ी में रुद्रा पब्लिक स्कुल धुन्धन के प्रधानाचार्य ईशान भाटिया के द्वारा ऑनलाइन बच्चों को बताया कि नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण के लिए 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसंबर 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था और तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इसे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि किसी भी देश का भविष्य बच्चे व युवा होते है और किसी देश के बच्चे व युवाओ को नशे की लत लग जाती है तो वह देश शीघ्र ही गुलामी की कगार पर पहुंच जाता है। इस लिए जरूरी है कि बच्चों व युवाओ को नशे से दूर रहना चाहिए तथा अपने साथियों व अन्यो को भी इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि शारिरिक स्वास्थ्य के साथ देश भी सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर ऑनलाइन स्लोगन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई।
हमीरपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा व जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा है कि राजीव गांधी फाउंडेशन को जो चीन से चंदा मिलने की बात सामने आई है उसका हिसाब कांग्रेस के नेताओं को देश की जनता को देना चाहिए। जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा ने कहा कि यूपी की पूर्व केंद्र सरकार में जो 3 सी का खेल खेला गया, उसकी सच्चाई अब देश की जनता के सामने आ चुकी है। कांग्रेस करप्शन और चीन का जब गठबंधन हुआ तब देश कि सुरक्षा से समझौता कर देशहित को अनदेखा किया गया था। अब असली सच्चाई सामने आने पर कांग्रेसी तिलमिलाए हुए हैं और जनता के ध्यान भटकाने को झूठे बयान दे रहे हैं, जबकि सच्चाई तो यह है कि चीन की हिमाकत को सही ढंग से रौंदने का हौंसला केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों से देश में आया है। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि सरहदों पर अपने सैनिकों और अपनी जमीन गवाने का इतिहास कांग्रेस सरकारों का रहा है। भाजपा की सरकारों में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने नीति होती है। चाहे अटल जी की सरकार में कारगिल युद्ध जीत कर अपनी जमीन से दुश्मनों को खत्म करने की बात हो या फिर मोदी जी की सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के होंसले पस्त करने की बात हो। हां कांग्रेसी सबूत मांग कर सेना के पराक्रम पर हमेशा सवाल जरूर उठाती रहती है।
It was the day for the students of the Dagshai Public School to make their fathers feel very special on Father’s Day. Away from their school, it was really a time when dagshainians spent their time preparing greeting cards, messages, and goodies to present their fathers on this day. Under the guidance of the Administrative Officer Mrs. Jaspal Kaur who always takes initiative to motivate teachers and students to generate new ideas to show their hidden talents on different occasions. The students sent pictures and video messages dedicated to their fathers, “The Real Heroes of their life” in their online school groups. The music lovers sang songs dedicated to their fathers. Students shared the memorable moments they experienced with fathers. Teachers shared their ideas with the students to celebrate and spend quality time with their fathers. Principal Dr. Jaspal Singh and Executive Director S. Amarjit Singh congratulated all the students and their parents on the occasion.
मन मे यदि समाज सेवा का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी किसी के हौंसले को कम नही कर सकती है। ऐसा ही जज्बा लेकर चले मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सदस्यों ने लगभग तीन पंचायतों ( ग्राम पँचायत प्लानिया, पलोग व रोहांज- जलाना) के सैकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिए जन सहयोग से लगभग दो किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण किसी भी सरकारी संस्था के सहयोग के बिना स्वयं ही कर दिया। ज्ञात रहे कि बथालगं-जावड़ा-पलोग सम्पर्क सड़क मार्ग जो कि अर्की मुख्यालय से जुड़ने के लिए लगभग पांच वर्षों से लंबित था, वह सम्पर्क सड़क मार्ग अब जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों व पलोग पँचायत के पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से अर्की मुख्यालय के लिए जाने वाले रौड़ी-मांजू-अर्की सड़क मार्ग से जुड़ गया है। ज्ञात रहे कि शिमला-मंडी राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित गांव बथालगं से पलोग के लिए वाया जावड़ा ग्राम होते हुए लगभग आठ किलोमीटर सड़क बनी थी। इस सम्पर्क सड़क का निर्माण कार्य अगस्त 2001 में शुरू हुआ था तथा वर्ष 2007 में इस सड़क मार्ग पर बस सेवा भी आरम्भ हो गई थी। एवम यह सड़क लोक निर्माण विभाग द्वारा पलोग गांव तक बनाई गई थी। वर्ष 2015 में ग्रामीणों ने लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर राहु गांव से होते हुए इस सड़क को रौड़ी- मांजू - अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने की कोशिश भी की परंतु कुछ लोगों की निजी भूमि इस सम्पर्क सड़क मार्ग में आने के चलते आम सहमति न होने के कारण यह सड़क रौड़ी-मांजू -अर्की सड़क से जुड़ नही पाई और इस सम्पर्क सड़क का कार्य अधर में लटक गया जिसके चलते लगभग ग्यारह गांवों के सैंकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिये पलोग से वाया बथालगं होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। इस कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रही थी। हालांकि समय समय पर बहुत से बुद्धिजीवियों ने इस सड़क को जोड़ने के लिये भरसक प्रयास भी किये पर हर बार मायूसी ही हाथ लग रही थी। अंत मे मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर इस इस सम्पर्क सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने बारे में मुहिम छेड़ी। इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए समिति के उपाध्यक्ष मेहरचंद कौशल ने व्यक्तिगत तौर पर उन लोगों के घर घर जाकर मनाने की जिम्मेवारी ली जिनकी जमीन इस सड़क मार्ग में आ रही थी। अंत मे उनके अथक प्रयासों व समिति के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों के चलते ग्रामीणों ने इस सड़क मार्ग को रौड़ी- मांजू अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी। अब इस सम्पर्क सड़क का निर्माण होने से धरैल, पन्जैहली, जावड़ा, दोची, घ्याना, घ्यान्टू, घाट, चरिंडी, शीलडु, बागी व पलोग गांव के लोग लाभान्वित होंगे। समिति द्वारा इस सड़क मार्ग को बनाने के लिए समाजसेवी गोपाल सिंह कौशल को अध्यक्ष बना कर एक उप समिति का गठन किया गया है। कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क को बनाने के लिए समिति ने किसी भी सरकारी संस्था से कोई भी सहायता नहीं ली है। समिति के द्वारा स्थानीय गांवों के लोगों से ही धनराशि एकत्रित की गई और उस धनराशि से इस सड़क का निर्माण किया गया है। इस सड़क के बनने से जहां लोगों को अब अर्की मुख्यालय तक पहुंचने में अब समय भी कम लगेगा वहीं अब लोगों को कुनिहार बाजार तक पहुंचने के लिए भी वाया मांजू दूरी काफी कम हो जाएगी। उपाध्यक्ष मेहर चंद कौशल व स्थानीय लोगो का कहना है कि इस सम्पर्क सड़क मार्ग के निर्माण से अर्की मुख्यालय के लिये आवागमन हेतु लगभग 20 किलोमीटर व शिमला मुख्यालय के लिए 13 किलोमीटर की दूरी कम हुई है। इस सड़क मार्ग के निर्माण से लोगो मे उत्सव का माहौल है। पलोग पँचायत के प्रधान योगेश चौहान ने समिति के सभी सदस्यों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सामूहिक प्रयासों से बनाई गई इस सड़क पर खुशी प्रकट करते हुए सभी का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पलोग पंचायत के लगभग नौ गांवों के ग्रामीणों को मांजू स्थित पँचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वाया खनलग होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब इस सड़क के बनने से ये दूरी आधे से भी कम हो जाएगी। जन कल्याण समिति के प्रधान जिया लाल शर्मा व महासचिव कृष्ण चंद शर्मा का कहना है की वे शीघ्र ही सम्पर्क सड़क निर्माण हेतु भूमि देने वाले लोगों से एनओसी लेकर सरकार व स्थानीय प्रशासन को सौंपेंगे ताकि लोकनिर्माण विभाग इस सड़क मार्ग का रखरखाव करे।


















































