पंजाब में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। हरपाल चीमा को वित्त विभाग दिया गया है। वहीं गृह और आबकारी मंत्रालय सीएम भगवंत मान के पास ही रहेगा। 19 मार्च को पंजाब में 10 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। जंडियाला के विधायक हरभजन सिंह ईटीओ को बिजली विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। गुरमीत सिंह मीत हेयर को शिक्षा मंत्री बनाया गया है। हरजोत सिंह बैंस को पर्यटन विभाग सौंपा गया है। डॉ. बलजीत कौर महिला एवं बाल विकास विभाग की बागडोर संभालेंगी। लालचंद कटारूचक्क को खाद्य आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। लालजीत भुल्लर को परिवहन मंत्री बनाया गया है। ब्रह्म शंकर जिंपा को जल आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डॉ. विजय सिंगला को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। पंजाब में अभी सात नए मंत्री बनने हैं। कई बड़े चेहरे अभी मंत्री पद से दूर हैं। इनमें अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप, अमन अरोड़ा, सर्वजीत कौर माणुके, जय सिंह रोढ़ी, डॉ. रवजोत ग्रेवाल और प्रो. बलजिंदर कौर का नाम शामिल है।
चीन के गुआंग्शी इलाके में 132 लोगों को लेकर जा रहा विमान सोमवार को क्रैश हो गया। चीन के सरकारी मीडिया सीजीटीएन की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बोइंग 737 विमान में 130 से ज्यादा लोग सवार थे और यहां गुआंग्शी इलाके के वुझोउ शहर के बाहरी हिस्से में गिरा। कहा जा रहा है कि इस हादसे के चलते पहाड़ पर आग लग गई। फिलहाल अथॉरिटीज ने बचाव दल को मौके पर भेजा है। राहत कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन अब तक हादसे की वजह सामने नहीं आ सकी है। विमान हादसे का कारण जानने के लिए ब्लैक बॉक्स की बरामदगी जरूरी है, जिसके तेजी से तलाश की जा रही है। हादसे का शिकार हुआ विमान 6 साल पुराना था। यह घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:11 पर हुई थी। विमान उस वक्त हादसे का शिकार हुआ, जब वह 3,225 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। विमान की दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर लैंडिंग होनी थी। चीन को एयरलाइन इंजस्ट्री की सेफ्टी के रिकॉर्ड के मामले में दुनिया के टॉप देशों में शुमार किया जाता है। एविएशन सेफ्टी नेटवर्क के मुताबिक चीन में आखिरी बार भीषण हवाई हादसा 2010 में हुआ था, जब एम्ब्रेयर ई-190 जेट क्रैश हो गया था। इस हादसे में कुल 44 लोग मारे गए थे, जबकि विमान में 96 लोग सवार थे। विमान में कुल 123 यात्री सवार थे, जबकि 9 लोग क्रू मेंबर थे। चाइना सेंट्रल टेलीविजन की रिपोर्ट में कहा गया है, 'चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का बोइंग 737 एयरक्राफ्ट तेंगशियांग काउंटी में क्रैश हुआ है, जो वुझोउ शहर के पास स्थित है। इस हादसे के चलते पहाड़ पर आग लग गई।' ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह विमान 2015 में आया था। इस विमान में कुल 162 सीटें होती हैं, लेकिन सवारियां थोड़ी कम थीं। इसमें 12 बिजनेस क्लास की सीटें थीं, जबकि इकॉनमी क्लास के लिए 150 सीटें इसमें हैं। अभी मरने वालों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
देशभर में जलवायु परिवर्तन और अन्य मानव जनित कारणों से वनों में आग लगने की घटनाएं सामने आती है लेकिन अब वन विभाग की नई पहल से जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाया जा सकेगा। वन विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयंसेवी तैनात किए जाएंगे, जिन्हें विभाग पंजीकृत करेगा। सेटेलाइट के माध्यम से जंगल में आग लगने पर मोबाइल फोन पर मैसेज आएगा। स्वयंसेवी आग पर काबू पाने में वन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करेंगे। रैपिड रिस्पांस टीम का किया है गठन : अप्रैल माह से वन विभाग ने फायर सीजन घोषित किया है। विभाग ने जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए अभी से कसरत शुरू कर दी है। प्रत्येक वन रेंज में एक रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में पांच कर्मचारी, एक वाटर टैैंकर व एक विशेष वाहन होगा। आग की सूचना मिलते ही यह टीम कुछ ही मिनट में घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। सभी वन रेंज में दो से तीन फायर वाचर भी तैनात किए जा रहे हैं। मौसम के तेवर बदलते ही विभाग ने पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों व ग्रामीणों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। इस तरह पाया जायेगा आग पर काबू : इस मास्टर प्लान के तहत प्रत्येक गांव से विभाग स्वयंसेवी पंजीकृत करेगा, जो जंगल में आग लगने पर विभाग को तुरंत सूचना देंगे और काबू पाने में भी सहयोग करेंगे। फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया के माध्यम से सभी पंचायत प्रतिनिधियों व स्वयंसेवियों को आग लगने पर मैसेज आ जाएगा। वन विभाग ने पहली अप्रैल से कर्मचारियों की छुट्टिïयों पर रोक लगा दी है। बड़ोग, चायल, कसौली, जाबली, अर्की, कुनिहार व आसपास के जंगल में सबसे अधिक आग की घटनाएं होती हैं। कोविड के कारण जिले में दो साल से पर्यटकों की संख्या कम रही। इस कारण आग की घटनाएं न के बराबर हुई है। इस वर्ष गर्मियों में पर्यटकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इस कारण आग की घटनाएं अधिक होने की संभावना है। पक्ष : डीएफओ वन विभाग सोलन श्रेष्ठानंद शर्मा का कहना है कि जंगलों में लगने वाली आग से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना गरीब परिवारों, महिलाओं को सुविधा देने में कारगर साबित हो रही है। इसमें सरकार पात्र लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन, चूल्हे और सिलेंडर प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना की बदौलत दिसम्बर 2019 में हिमाचल देश का पहला एलपीजी युक्त और धुआं मुक्त राज्य बना। धुएं से होने वाली बीमारियों से महिलाओं को निजात दिलाने के लिए हिमाचल सरकार अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत की गई थी, जिसका लाभ प्रदेश के हज़ारों परिवारों को मिला है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत 21.81 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल में 1.36 लाख निःशुल्क घरेलू कनेक्शन दिए गए, जबकि हिमाचल सरकार की गृहिणी सुविधा योजना के तहत करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर 3.23 लाख गृहिणियों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए है। वहीं बीते बजट में मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना में प्रदान किये जा रहे 2 रिफिल की बजाय अब 3 निशुल्क रिफिल देने की घोशणा की गई है। क्या है गृहिणी सुविधा योजना का उद्देश्य हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना का उद्देश्य उन गरीब लोगो को गैस चूल्हा उपलब्ध करवाना है जो अभी भी ईंधन के लिए लकड़ी का उपयोग करते है। इस योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाओ को लाभ प्रदान कर उनके और बच्चो के स्वस्थ की देखभाल करना है। इससे महिलाओ को ईंधन के लिए लकड़ी का प्रयोगनहीं करना होगा और पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा। लाभार्थियों का क्या कहना है मंडी के खलियार की पूजा और गोहर के ख्योड़ की ललिता ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत मिले मुफ्त गैस कनेक्शन और सिलेंडर से महिलाओं केे जीवन में आए सुधार को प्रदेश सरकार की बड़ी सौगात बताया है। वही ख्योड़ की ही एक और लाभार्थी तारा देवी का कहना है कि इस सुविधा के लिए वे ओर उनका पूरा परिवार प्रदेश सरकार के शुक्रगुजार हैं। बता दें, प्रदेश सरकार ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में हिमाचल में 3.23 लाख परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन और सिलेंडर दिए हैं। इस पर 119.90 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। दिसंबर 2019 में हिमाचल को चूल्हा धुआंमुक्त राज्य घोषित किया गया। हिमाचल यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बना है । जिला मंडी में 60 हजार 961 गृहिणियों को मिला लाभ अकेले मंडी जिले में ही 60 हजार 961 गृहिणियों की रसोई को धुंआ मुक्त करने का कार्य किया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण कनेट मंडी जिले के विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र में 3555, बल्ह में 4065, सुंदरनगर में 6813, नाचन में 5960, करसोग में 5825 गृहिणियों की रसोई धुंआ रहित हुई है। इसी तरह सराज विधानसभा क्षेत्र में 7047, सरकाघाट में 8250, धर्मपुर में 5250, जोगिन्दर नगर में 6136 और द्रंग में 8060 गृहिणियों की रसोई को प्रदेश सरकार ने धुंआ मुक्त करने का कार्य किया है। उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना से लाभ पाकर महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ समय की भी बचत हुई है। वे अपना समय अब अन्य आर्थिक गतिविधियों में लगाकर सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब अटल टनल रोहतांग के बाद मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीरतपुर से मनाली तक फोरलेन के तहत बन रही 14 यातायात सुरंगें व करीब 100 से अधिक छोटे बड़े पुल यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाएंगे। इससे अब चीन व पाकिस्तान सीमा तक सेना की पहुंच आसान होगी। रसद व जवानों को सीमा तक पहुंचाने में रक्षा मंत्रालय को हर साल करोड़ों रुपये खर्च नहीं करने होंगे। दरअसल राजमार्ग पर कीरतपुर से मनाली तक दो चरणों में फोरलेन का निर्माण कार्य हो रहा है। प्रथम चरण में कीरतपुर से नागचला तक करीब 84 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जायेगा और इसमें पांच यातायात सुरंग व 22 बड़े पुल बनाये जा रहे है। इस चरण का कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनाली से चंडीगढ़ की दूरी करीब 60 किलोमीटर कम होने से नौ घंटे का सफर मात्र पांच घंटे में तय होगा । साथ ही फोरलेन बनने से लोगों को स्वारघाट की उतराई व चढ़ाई से निजात मिलेगी। प्रथम चरण का कार्य 90 प्रतिशत पूरा प्रथम चरण में सड़क निर्माण का कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कुछ बड़े पुलों व सुरंगों का काम करीब 30 प्रतिशत बाकी है। दूसरे चरण में नागचला से मनाली तक फोरलेन बन रहा है। इस चरण में 11 सुरंगों व 20 से अधिक पुलों का निर्माण कार्य हो रहा है। पंडोह कटोली बाईपास के बीच नौ यातायात सुरंगें व 140 मीटर लंबे पुल बन रहे हैं। सुरंगों व पुलों का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जून तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रैफिक की समस्या से भी मिलेगा छुटकारा मंडी से टकोली के बीच अकसर पहाड़ दरकने से घंटों यातायात बाधित रहता है। इससे पर्यटकों, सेना व आम लोगों को कई प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सुरंगों व पुलों से लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। फोरलेन के निर्माण से कुल्लू मनाली, लाहुल-स्पीति व लेह लद्दाख तक पहुंचना भी आसान होगा ।
भेड़ पालकों को सुविधा देने के लिए अब वन विभाग ने दस्तावेज एकत्रित कर भेड़ पालकों के चरान परमिट डिजिटाइज करने का फैसला किया है। भेड़ पालक राज्य में कहीं भी अपने परमिट का नवीनीकरण करवा सकेंगे। वन विभाग द्वारा चरान परमिट के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन तैयार कर दी गई है और आगामी वित्त वर्ष में चरान परमिट पूरी तरह डिजिटाइज हो जायेंगे साथ ही चरान परमिट के नवीनीकरण की अवधि तीन से बढ़ाकर छह वर्ष कर दी गई है। जंगलों में चारा प्रजाति के पौधों को बढ़ावा भेड़ पालकों को चारागाह मार्गों में किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए अब जंगलों में चारा प्रजाति के पौधों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके लिए कैंपा तथा अन्य विभिन्न योजनाओं के तहत बजट का प्रावधान किया जा रहा है। अब चारागाह मार्गों को भी डिजिटाइज किया जा रहा है। पहले चरण में आठ चारागाह मार्गों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिला चंबा, कांगड़ा के अधिकतर प्रयोग होने वाले आवागमन के रास्तों में तीन-तीन कुल स्थानों को चिह्नित कर एकीकृत विकास योजना के तहत डंपिंग टैंक, सरोवर एवं अस्थायी शेड की सुविधा आगामी तीन महीने के भीतर विकसित की जाएगी। चारागाह क्षेत्रों में लैंटाना प्रमुखता से हटाया जा रहा है। हेल्पलाइन नंबर किए जाएंगे स्थापित :पठानिया वन मंत्री राकेश पठानिया का कहना है कि भेड़ पालकों के भेड़, बकरियों के चोरी रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं, पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि पशु चोरी की घटनाओं पर त्वरित पुलिस सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे और इन नंबरों के बारे में सभी भेड़ पालकों को सूचित किया जाएगा ताकि आपदा की स्थिति में भेड़ पालकों को त्वरित सहायता प्रदान की जा सके
- जी 23 के तेवर तल्ख, बदलाव की सुगबुगाहट तेज ( फ़ोटो साभार- कार्टूनिस्ट अरविंद ) 'घर की कांग्रेस' से 'सबकी कांग्रेस' बने पार्टी, इसी मांग को लेकर कांग्रेस का जी - 23 गुट फिर सक्रिय है। इस मर्तबा जी -23 गुट के नेताओं के तेवर भी कुछ तल्ख दिख रहे है और कुनबा भी बढ़ता दिख रहा है। नेता सामूहिक और समावेशी लीडरशिप की मांग कर रहे है। गांधी परिवार को भी खुलकर मश्वरा दिया जा रहा है कि पार्टी की कमान अब नए लोगों को सँभालने दे। निसंदेह पांच राज्यों में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस का एक बड़ा तबका बदलाव की वकालत कर रहा है। अलबत्ता, पार्टी का एक बड़ा धड़ा अब भी गाँधी परिवार की जय जयकार करने में लगा है लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि जल्द पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जानकार मानते है कि सम्भवतः कांग्रेस फिर विभाजित होने की दहलीज पर है। आजादी के पहले स्वतंत्रता संग्राम की धुरी रही कांग्रेस, आजादी के बाद अकेली सबसे बड़ी पार्टी थी। एक वक्त था जब इस 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' को केंद्र की सत्ता में पूरे 25 सालों तक कोई सीधी टक्कर देने वाला भी नहीं था। आज आलम ये है कि कांग्रेस देश के केवल पांच राज्यों तक ही सीमित रह गई है, जिनमें से तीन में वो सिर्फ गठबंधन सरकार का हिस्सा है। आजादी के बाद से अभी तक 17 लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें गैर-नेहरू-गांधी परिवार के सात लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाला है। यूँ देश की आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी के कुल 19 अध्यक्षों में सिर्फ पांच गांधी - नेहरू परिवार से रहे हैं। पर गौर करने लायक बात ये है कि अध्यक्ष पद पर इस परिवार का कब्ज़ा 37 सालों तक रहा है। वहीँ इन 75 वर्षों में से 53 वर्ष तक कांग्रेस ने सत्ता भोगी है। दिलचस्प बात ये है कि 53 में से 36 वर्षों तक प्रधानमंत्री की गद्दी गाँधी -नेहरू परिवार के पास रही है। पर अब 2014 से गाँधी परिवार की अगुवाई में कांग्रेस का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। ये है कारण है कि पार्टी के भीतर ही गाँधी परिवार के खिलाफ विद्रोह के सुर दिख रहे है। वहीँ कुछ नेता खुलकर गाँधी परिवार के खिलाफ बोलने से तो बच रहे है, लेकिन पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का मुद्दा उठा रहे है। तीन साल से पूर्णकालिक अध्यक्ष तक नहीं ! कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी पार्टी अध्यक्ष के पद पर 1998 से 2017 तक विराजमान रही है। 19 साल तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहने का उनका सबसे लंबा रिकॉर्ड है। कांग्रेस 2004 और 2009 में सोनिया के नेतृत्व में सत्ता पर काबिज हुई और इस दरमियान कांग्रेस के युवराज के तौर पर राहुल राजनीति में कदम रखकर पार्टी में अपनी मौजूदगी का अहसास कराते रहे। युवराज को महाराज बनाने का औपचारिक ऐलान साल 2017 में हुआ, जब राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। राहुल के नेतृत्व में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कांग्रेस की जीत हुई। किन्तु 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम में कांग्रेस की करारी शिकस्त ने राहुल को अध्यक्ष पद छोड़ने को विवश कर दिया। राहुल परंपरागत सीट अमेठी भी हार गए। तदोपरांत राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और तब से पार्टी के पास कोई पूर्ण कालिक अध्यक्ष तक नहीं है। सोनिया गाँधी ही बतौर कार्यकारी अध्यक्ष पार्टी की कमान संभाल रही है। हार का ठीकरा सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के सर क्यों ? उधर पांच राज्यों में मिली शिकस्त के बाद जैसा अपेक्षित था कांग्रेस में बैठकें हुई और इस बार एक्शन भी हुआ। पांचो राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों का इस्तीफा माँगा गया। कहते है सीडब्लूसी की बैठक में सोनिया गाँधी ने भी इस्तीफे की पेशकश की। यहाँ सवाल उत्तर प्रदेश को लेकर भी उठ रहे है जहाँ कमान खुद प्रियंका गाँधी संभाल रही थी। पूरे चुनाव के दौरान प्रियंका गाँधी खुद को पार्टी का चेहरा बता रही थी, फिर हार का ठीकरा सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के सर क्यों ?
यहाँ लोग निष्ठाभाव से श्री गुरु नानक देव की शरण में आते हैं और कभी भी खाली पेट नहीं लौटते। अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब जो स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, न सिर्फ करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है बल्कि ये वो पवित्र स्थान है जहाँ दुनिया का सबसे बड़ा लंगर होता है। गुरु के लंगर में रोज लाखों लोग लंगर चखते हैं और ये दुनिया का सबसे बड़ा किचन भी है। गुरु के लंगर में बनाया जाने वाला भोजन पूरी तरह से शाकाहारी होता है। इस लंगर में आमतौर पर रोटियां, दाल, सब्जी और मीठा होता है। श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए इस लंगर में लगभग 2 लाख रोटियां आधुनिक मशीनों से तैयार की जाती हैं। इसे दुनिया की सबसे बड़ी रसोई माना जाता है, जहां एक घंटे में लगभग 25 हजार रोटियां तैयार की जाती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां परोसे जाने वाली सभी भोजन सामग्रियां भक्तों द्वारा भेंट की होती हैं। लंगर की परंपरा श्री गुरु नानक देव जी ने शुरु की थी और श्री गुरु अमरदास जी ने इसे आगे बढ़ाया। कहते हैं मुगल बादशाह अकबर ने भी गुरु के लंगर में आम लोगों के साथ बैठकर प्रसाद खाया था। कहा जाता है यहां रोज लगभग 12000 किलो आटा, 13000 किलो दाल, 1500 किलो चावल और 2000 किलो सब्जियों का इस्तेमाल होता है। रोजाना लगभग दो लाख रोटियां बनाई जाती हैं। जबकि खीर बनाने के लिए 5000 लीटर दूध, 1000 किलो चीनी और 500 किलो घी का इस्तेमाल होता है। इस लंगर को तैयार करने में रोज 100 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर और 5000 किलो लकड़ी का इस्तेमाल होता है। खाना बनाने के लिए करीब 500 स्टाफ के अलावा सैकड़ों आम लोग वालंटियर्स के तौर पर काम करते हैं। यहां दो किचन हैं, जहां 24 घंटे काम होता है। लोगों को लंगर में खाना खिलाने के लिए वालंटियर्स हर रोज तीन लाख बर्तन धोते हैं। लाखों लोग यहां सेवा भाव से जाते है। देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के साथ ही आम जनों को खाना खिलाया था। ऐसा करने वाले वो देश के पहले प्रधानमंत्री भी हैं। सद्भावना का अद्धभुत उदाहरण अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर न केवल सिखों का एक केंद्रीय धार्मिक स्थान है, बल्कि सभी धर्मों की समानता का प्रतीक भी है। हर कोई, चाहे वह किसी भी जाति, पंथ या नस्ल का क्यों न हो, बिना किसी रोक टोक के अपनी आध्यात्मिक शांति के लिए इस स्थान पर जा सकता है। लंगर हॉल में सभी लोग पंगतों में बैठते हैं। इनमें धर्म, जाति, लिंग और उम्र का कोई भेद नहीं होता है। जो बोले, सो निहाल... के साथ खाने की शुरुआत होती है लेकिन ऐसी कोई बाध्यता नहीं है कि सभी को ये बोलना होगा। यहां दाल-सब्जी तो थाली में परोसी जाती है लेकिन रोटियां थाली में नहीं दी जाती, दोनों हाथ पसार कर रोटियां लेनी होती हैं। ये माना जाता है कि रोटी ईश्वर की नेमत है और इसे इसी भाव के साथ लेना चाहिए। सेवा भाव ही सर्वोपरि लंगर का सारा कामकाज सेवा भावना और मन से किया जाता है, इसलिए यहां सब-कुछ अच्छा होता है। यहां इस्तेमाल होने वाली सभी वस्तुओं की क्वालिटी की परख की जाती है। भोजन में क्या-क्या पकेगा, यह पहले से ही तय होता है। इतनी बड़ी रसोई से रोजाना खाना बनाने के लिए श्रद्धालु सेवा भी करते हैं। इसके अलावा कमाई का दसवां भाग गुरुद्वारों की सेवा में अर्पित करते हैं। इसकी वजह से गोल्डन टेंपल में 24 घंटे लंगर चलता है। क्या होता है लंगर ? लंगर में विभिन्न जातियों के लोग, छोटे-बड़े सब एक ही स्थान पर बैठकर भोजन करते हैं। पूरी दुनिया में जहां भी सिख बसे हुए हैं, उन्होंने इस लंगर प्रथा को कायम रखा है। सिख समुदाय में खुशी के मौकों के अलावा त्योहार, गुरु पर्व, मेले व शुभ अवसरों पर लंगर आयोजित किया जाता है। इसके अलावा गुरुद्वारों मेंं भी नियमित लंगर होता है। श्री गुरु राम दास जी ने रखी थी नींव स्वर्ण मंदिर यानी श्री हरमंदिर साहिब की नींव श्री गुरु राम दास जी ने 1577 ई. में रखी थी और 15 दिसंबर, 1588 को श्री गुरु अर्जन देव जी जो पांचवें सिख गुरु थे। उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब का निर्माण भी शुरू कर दिया था। पहली बार 16 अगस्त, 1604 ई. को श्री हरमंदिर साहिब स्थापित किया गया था। स्वर्ण मंदिर जो श्री हरमंदिर साहिब के नाम से जाना जाता है, पंजाब के समृद्ध इतिहास में एक अभिन्न भूमिका निभाता है। वास्तव में यह धार्मिक विरासत न सिर्फ सिखों के लिए बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में सामने आता है। पवित्र सरोवर से घिरा हुआ है स्वर्ण मंदिर स्वर्ण मंदिर के आस-पास के कुंड को अमृत सरोवर के नाम से जाना जाता है जिसे भक्तों द्वारा बहुत पवित्र माना जाता है। पूजा करने से पहले सभी श्रद्धालु सरोवर के पवित्र जल में स्नान करते हैं। लोगों का मानना है कि पवित्र कुंड के पवित्र जल में डुबकी लगाने से आध्यात्मिक संपत्ति प्राप्त की जा सकती है। पहले कुछ धर्म गुरुओं का मानना था कि अमृत सरोवर में डुबकी लगाने से सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं। 500 किलोग्राम से भी अधिक सोने का इस्तेमाल स्वर्ण मंदिर में इस्तेमाल किए गए सोने की बात की जाए तो इसमें 500 किलोग्राम से भी अधिक सोने का इस्तेमाल किया गया है। इसके सोने के सभी कोट देश के विभिन्न हिस्सों के कुशल कलाकारों द्वारा बनाए गए थे। महाराजा रणजीत सिंह ने स्वर्ण मंदिर पर परत चढ़ाने में केवल 7 से 9 परतों का ही इस्तेमाल किया था। लेकिन धीरे-धीरे नवीनीकरण के दौरान मंदिर में 24 परतें चढ़ाई गई।
विद्युत बोर्ड परवाणू से प्राप्त जानकारी के अनुसार परवाणू-1st और 11 केवी परवाणू- 6th फीडर के नियोजित सामान्य रखरखाव के दृष्टिगत 20 मार्च को प्रातः 10:00 बजे से सांय 15:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इस अवधि में क्षेत्र सेक्टर-1, कसौली रोड, ईएसआई अस्पताल, एमसी कार्यालय परवाणू, मैसर्ज़ माइल स्टोन, मैसर्ज़ आरएस इंडस्ट्री, मैसर्ज़ सवास्तिक इंडस्ट्रीज़, मैसर्ज़ हिमाचल पावर प्रोडक्ट, मैसर्ज़ आनंद एंकेमको, पुलिस स्टेशन, पोल फैक्ट्री साइड, गेब्रियल रोड और परवाणू मार्केट तथा 20 मार्च को प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सेक्टर-2 में मैसर्ज़ आधुनिक पैकेजर्स (यूनिट-I और II), सेक्टर-2 में मैसर्ज़ मोरपेन लेबोरेटरी (यूनिट-I और II), सेक्टर-2 में मैसर्ज़ आर्गे हेल्थक्राफ्ट, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ बालाजी इंडस्ट्रीज़, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ शिवालिक इंड, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ माइक्रोटेक न्यू टेक्नोलॉजी, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ पुलकित इंडस्ट्री के पास 11/0.4 केवी, 250 केवीए डीटीआर और मैसर्ज़ वीए लाइफसाइंसेज में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। एक्सईएन राहुल वर्मा ने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की जाती है।
सवर्ण आयोग की मांग को लेकर शिमला पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव हुआ है। संकटमोचन के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव में शिमला के एएसपी सुशील कुमार सहित चार जवान घायल हो गए। उनके सिर में चोट आई है। पुलिस टीम उन्हें तुरंत आइजीएमसी अस्पताल ले गई है। राजधानी शिमला में देवभूमि सवर्ण समाज संगठन के कार्यकर्ता शिमला में टूटीकंडी क्रॉसिंग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तीन घंटे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बात करने नहीं आए तो शिमला के लिए कूच किया जाएगा। हजारों लोग इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे है। देवभूमि सवर्ण समाज संगठन की मांग है कि सरकार सामान्य वर्ग आयोग नहीं, बल्कि सवर्ण आयोग का गठन करे। साथ एक्ट के तहत इसकी स्थापना हो। इसके अलावा आयोग में ये गैर राजनीतिक और योग्य लोगों की नियुक्तियां होनी चाहिए। एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसमें कार्रवाई का प्रावधान हो।
सवर्ण समाज संगठन के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने देवभूमि पार्टी का एलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी और सभी 68 सीटों पर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे। रूमित के इस एलान के बाद कार्यकर्ता बिखर गए। 12:00 PM : अल्टीमेटम : तीन घंटे में नहीं आये सीएम तो शिमला शहर की तरफ कूच राजधानी शिमला में देवभूमि सवर्ण समाज संगठन के कार्यकर्ता शिमला में टूटीकंडी क्रॉसिंग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तीन घंटे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बात करने नहीं आए तो शिमला के लिए कूच किया जाएगा। हजारों लोग इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे है। देवभूमि सवर्ण समाज संगठन की मांग है कि सरकार सामान्य वर्ग आयोग नहीं, बल्कि सवर्ण आयोग का गठन करे। साथ एक्ट के तहत इसकी स्थापना हो। इसके अलावा आयोग में ये गैर राजनीतिक और योग्य लोगों की नियुक्तियां होनी चाहिए। एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसमें कार्रवाई का प्रावधान हो।
पंजाब में बेहतरीन जीत दर्ज करने के बाद अब आम आदमी पार्टी की नज़रें हिमाचल की सत्ता पर है। अब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस भाजपा के नेताओं का आम आदमी पार्टी में शामिल होने का सिलसिला शुरू हो गया है। भाजपा के पूर्व पार्षद के पार्टी में शामिल होने के बाद अब कॉंग्रेस को झटका लगा है। हिमाचल के प्रदेश के नालागढ़ के रहने वाले धर्मपाल चौहान जो की कांग्रेस के प्रदेश सचिव और भूतपूर्व सोलन ज़िला परिषद चेयरमैन रहे हैं, आम आदमी पार्टी का दामन थाम चुकले है । दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता द्वारा उन्हें पार्टी में शामिल किया गया है । इस मौक़े पर संगठन चेयरमैन सतीश ठाकुर मौजूद रहे । धर्मपाल चौहान ने कहा कि आम आदमी पार्टी को चुनने का एकमात्र कारण यही है कि आम आदमी पार्टी मौजूदा स्थिति में एकमात्र ऐसी पार्टी है जो आम जनता के बारे में सोचती है और जो भी कहती है वह कर के दिखाती है। केजरीवाल आज पूरे देश में जनता के नायक हैं और उनके काम और सेवा भाव का में क़ायल हूँ। उन्होंने कहा वे भूतपूर्व में कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रह कर सचिव पद छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए है । कांग्रेस में परिवारवादी नेता ही पार्टी और देश को खोखला करने में लगे हैं । साथ ही उन्होंने केजरीवाल और हिमाचल प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता का आभार जताया। वहीं प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी की नीतियों से प्रभावित हो कर हिमाचल में आम आदमी के साथ साथ भाजपा कांग्रेस के नेता पार्टी में शामिल हो रहे है और पंजाब के बाद अब हिमाचल में आम आदमी पार्टी जीत का परचम लहरायेगी। हिमाचल की जनता भाजपा कांग्रेस के शासन से दुखी हो गई है और आम आदमी पार्टी हिमाचल की जनता को विकल्प देने जा रही है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार उद्यमियों को निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हुए हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां भारतीय उद्योग परिसंघ के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कही जिसका विषय "विकास की गति को पुनः प्राप्त करना" रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग एवं उद्योगपतियों ने कोविड महामारी के दौरान बहुत ही सराहनीय भूमिका का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों ने यह सुनिश्चित किया कि वे इस चुनौतिपूर्ण समय से न केवल स्वयं उबरेंगे बल्कि उन्होंने जरूरतमंद लोगोें तक राहत प्रदान करने में भी अपना सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं प्रारम्भ की हैं लेकिन महामारी ने इन योजनाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश राज्य में दो ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैकिंग सुधारने में भी सफल रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यापार से सम्बन्धित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं अथवा की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उदारीकरण के वर्तमान दौर में प्रदेश सरकार का यह प्रयास रहा है कि व्यापार में न्यूनतम हस्तक्षेप हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के लिए 261 करोड़ रुपये से स्थापित होने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की स्वीकृति प्राप्त करने में सफल रही हैं और इसकी स्थापना के लिए सोलन जिला के नालागढ़ में 265 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना से प्रदेश में चार हजार से पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर होगा और अनुमानित दस हजार लोगों को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार की बल्क ड्रग पार्क योजना के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है और ऊना जिला में 1405 एकड़ भूमि पर इस पार्क को स्थापित करने के लिए 1190 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 8000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 50000 करोड़ रुपये का टर्नओवर सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क से राज्य के लगभग 15000 युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए रेल सम्पर्क स्थापित करने का मामला पुरजोर ढंग से उठा रही है। उन्होंने कहा कि परवाणु में 180 बीघा भूमि में एक नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा और 200 बीघा अतिरिक्त भूमि शीघ्र ही चिन्हित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है जोकि राज्य के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की गति को पुनः प्राप्त करने के विषय पर आयोजित इस वार्षिक अधिवेशन के परिणाम इसकी भावना को बनाए रखने में दीर्घकालिक सिद्ध होंगे। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने राज्य सरकार और उद्योग जगत के मध्य एक सेतु के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ आभार जताते हुए कहा कि इससे राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और उद्योगपतियों के सक्रिय सहयोग से प्रदेश में कोविड महामारी के बावजूद 41000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग करने में राज्य सरकार सफल रही है। उन्होंने राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उद्यमियों का आभार भी व्यक्त किया। भारतीय उद्योग परिसंघ के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष अभिमन्यु मुंजाल ने भी इस अवसर पर अपना संबोधन दिया। भारतीय उद्योग संघ के निवर्तमान अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया कि बृहद् परवाणु औद्योगिक विकास प्राधिकरण और काला अम्ब-पावंटा साहिब विकास प्राधिकरण की स्थापना पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना प्रदान करते हुए इन्हें रहने योग्य बनाने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन दो औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने का निर्णय मील पत्थर साबित होगा और यह राज्य में विश्वस्तरीय स्टेट ऑफ आर्ट औद्योगिक नगर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। सीआईआई हि.प्र. राज्य परिषद को मिले नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष: सुबोध गुप्ता तथा गगन कपूर को क्रमशः सीआईआई हिमाचल प्रदेश राज्य परिषद वर्ष 2022-23 का अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सुबोध गुप्ता माइक्रोटेक ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबन्धन निदेशक है, जिनका पावर सोल्यूशन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुभव है तथा गगन कपूर पुलकित इंडस्ट्रीज के मालिक हैं, जो पैकेजिंग एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. धीमान, आदित्य अग्निहोत्री, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति तथा अन्य उद्योगपति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ने युक्रेन में फसे बच्चों की जानकारी सदन में सांझा की और बताया कि हिमाचल प्रदेश के 441 छात्र प्रदेश में सकुशल लौट गए हैं। 8 छात्र युक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच गए जो फिलहाल अपनी मर्जी से वंही रुके हुए हैं। प्रदेश के केवल 9 छात्र ही अब युक्रेन में हैं जिनमें 7 पोलैंड और रोमानिया में हैं जबकि 2 छात्र सुमि में फसे थे वे भी पश्चिमी क्षेत्र की सीमा में पहुंच गए हैं और मिशन गंगा के तहत उन्हें देश लाने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार युक्रेन और रूस से बातचीत कर रहा है जिसके फलस्वरूप बच्चों को सकुशल देश वापसी का क्रम जारी है।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में विधानसभा में आयोजित की गई। बैठक में मल्टी टास्क वर्करों, समेत विभिन्न विभागों में पदों को भरने के अलावा कई अन्य बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों के 8000 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। शिक्षा विभाग में इन पदों को एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के माध्यम से भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 200 पद भरने की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत बीडीओ के पांच पद पदोन्नति आधार पर भरे जाएंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1300 नए घर बनाने की मंजूरी दी गई है साथ ही। इसके अलावा कैबिनेट में ये निर्णय लिया गया की बाढ़ और बारिश की वजह से मकान बहने या नुकसान की स्थिति में प्रभावितों को 1.30 लाख रुपये मिलेंगे। कैबिनेट में नई आबकारी नीति को मंजूरी नहीं मिली है। नीति को अब अगली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एक संशोधन विधेयक विधानसभा के सत्र में आएगा। शहरी निकाय अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है, जिसके तहत शिमला नगर निगम में वार्डों की संख्या 41 किए जाने की मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट में शिक्षा विभाग में विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की मंजूरी प्रदान की गई है।
प्रदेश में पिछले एक साल के दौरान जीएसटी संग्रह में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी, 2022 में हिमाचल प्रदेश में जीएसटी संग्रह 322.41 करोड़ रुपये रहा, जो फरवरी, 2021 में 276.74 करोड़ रुपये था। वर्तमान वित्त वर्ष में फरवरी, 2022 तक संचयी जीएसटी संग्रह 3826.76 करोड़ रुपये जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के दौरान 2856.11 करोड़ रुपये था। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी राजस्व में सकारात्मक वृद्धि पिछले कुछ महीनों में सुधार की दिशा में किए गए विभिन्न नीति और प्रशासनिक उपायों के कारण संभव हुई है। विभाग ने जीएसटीएन द्वारा विकसित विभिन्न आईटी उपकरणों की मदद से काफी संख्या में जीएसटी चोरी के मामलों का पता लगाया है। उन्होंने कहा कि आईटी उपकरण संदिग्ध करदाताओं पर नजर रखने के लिए रिटर्न, चालान और ई-वे बिल डेटा का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में सिस्टम क्षमता में वृद्धि, रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि के बाद गैर-फाइलर्स को नकारना, फील्ड कर्मियों के प्रदर्शन की निगरानी, भौतिक सत्यापन एवं ई-बिलों को ब्लॉक करना जैसी कई पहल की गई हैं। ई-वे बिल और गैर-फाइलरों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के पारित होने से पिछले कुछ महीनों में रिटर्न दाखिल करने में लगातार सुधार हुआ है। यूनुस ने कहा कि विभाग ने जनवरी, 2022 के महीने में हितधारकों की समस्याओं के समयबद्ध निवारण के लिए टैक्स हाट कार्यक्रम शुरू किया और साथ ही उन्हें विभाग द्वारा प्रशासित जीएसटी और अन्य संबद्ध करों के तहत होने वाले नए बदलावों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, व्यापार और उद्योग के मुद्दों को प्राथमिकता और शीघ्रता से हल करने के उद्देश्य से व्यापारी सुविधा प्रकोष्ठ भी बनाया गया है। यह आशा की जाती है कि इन पहलों से आने वाले समय में जीएसटी राजस्व में और सकारात्मक वृद्धि होगी।
प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है है। सरकार ने 2025 तक 15 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा है। सरकार द्वारा शिमला, मंडी, बद्दी और धर्मशाला को इलेक्ट्रिक वाहन टाउन बनाने का प्रस्ताव रखा है । इसके लिए राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार की जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने से ज्यादा उद्योग खोले जाएंगे। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बता दें की इलेक्ट्रिक वाहनों का रख-रखाव खर्च कम होता है और पेट्रोल और डीजल वाहनों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रति किलोमीटर खर्च कम होता है व छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को घर पर ही बिजली के सॉकेट से जोड़ कर चार्ज किया जा सकता है । इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त होने वाली बैटरी कई वर्षों तक चलती है और इन वाहनों द्वारा ध्वनि प्रदूषण न के बराबर होता है। मंडी के पड्डल मैदान में अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर परिवहन विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई । परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन का हब बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने राज्य में वर्ष 2025 तक 15 फीसदी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदर्शनी में लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाई गई । प्रदर्शनी में इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न मॉडल प्रदर्शित किए गए । उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और यह वाहन सभी प्रकार की टेस्टिंग प्रक्रिया से गुजरते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष बल मिलता है, क्योंकि इनके प्रयोग से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता।
नौकरियां : 30 हजार नए पद भरे जायेंगे मानदेय : करीब डेढ़ लाख लोगों का बढ़ा मानदेय नीति : आउटसोर्स और एसएमसी के लिए नहीं बनी नीति सीएम जयराम ठाकुर ने अपने कार्यकाल के अंतिम बजट में कर्मचारी वर्ग को साधने की भी भरपूर कोशिश की है। बजट से जितना मांगा उतना भले न मिला हो, लेकिन कर्मचारियों की झोली खाली रही ऐसा नहीं कहा जा सकता। प्रदेश के पौने तीन लाख कर्मचारी हर बार की तरह इस बार भी बजट से कई उम्मीदें लगाए बैठे थे। कोई स्थाई नीति मांग रहा था, कोई पेंशन, कोई वेतन में बढ़ोतरी, तो किसी को पूर्णतः सरकारी कर्मचारी बनने की आस थी। मोटे तौर पर देखा जाए तो इस बजट में एक भी घोषणा ऐसी नहीं थी जो प्रदेश के हर कर्मचारी पर असर डालती, लेकिन अलग-अलग सभी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे लगभग 65 हजार अस्थाई कर्मचारियों के मानदेय में जयराम ठाकुर ने इजाफा कर राहत देने की कोशिश की है। पिछले कुछ समय में कर्मचारियों को काफी कुछ मिला है, नया वेतनमान, डीए, फैमिली पेंशन, दो साल का अनुबंध काल इत्यादि, शायद इसीलिए बजट में इस बार असंगठित वर्ग को राहत पहुंचाने का प्रयास रहा। कई कर्मचारी इस बजट की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे है, तो कई अब भी दिल में मलाल लिए बैठे है। कर्मचारियों को क्या व कितना मिला और क्या नहीं, इस पर पेश है ये विश्लेषण आउटसोर्स कर्मचारी : न्यूनतम वेतन बढ़ा पर नीति नहीं बनी हिमाचल प्रदेश के 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को बजट से काफी उम्मीदें थी। दरससल आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याएं हल करने के लिए बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक के दौरान कर्मचारियों को ये आश्वासन मिला था की उनके लिए बजट में पॉलीसी का प्रावधान किया जाएगा। ये बैठक कमेटी के अध्यक्ष व जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई थी। आउटसोर्स कर्मचारी काफी हद तक आश्वस्त थे कि जैसा कहा गया है वैसा ही होगा। परन्तु इस बजट से प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को झटका लगा है। बजट में इनके लिए न तो पॉलीसी का प्रावधान हुआ और न उस पर कोई चर्चा। हालाँकि, नीति तो नहीं मिली लेकिन आउटसोर्स कर्मियों के वेतन में न्यूनतम 4,200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करने का प्रावधान जरूर किया गया है, जिसके बाद आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम वेतन 10,500 रुपये प्रतिमाह हुआ है। बजट में कंपनियों द्वारा आउटसोर्स कर्मियों का शोषण कम करने के लिए पे-स्लिप देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पे-स्लिप में सर्विस प्रोवाइडर कर्मी को लिखित रूप से समस्त कटौतियां जैसे ईपीएफ इत्यादि एवं कर्मी को प्राप्त होने वाले कुल भुगतान को दिखाना होगा। श्रम विभाग इन दिशा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करेगा। उधर,आउटसोर्स कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं है। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का कहना है कि उन्होंने हमेशा ही वित्तीय लाभ से अधिक नौकरी की सुरक्षा मांगी है। संघ का कहना है कि हमने प्रदेश सरकार से स्थायी नीति बनाने, समयावधि पूर्ण होने पर नियमित करने व समान वेतनमान की मांग की थी, जो पूरी नहीं हुई। आउटसोर्स कर्मचारी कई वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, परंतु सरकार अभी तक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई स्थाई नीति नहीं बना पाई है। अलग-अलग विभागों में अलग-अलग नीतियां हैं। वेतन और मानदेय के मामले में भी असमानता की स्थिति बनी हुई है। बता दें की प्रदेश के विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती न केवल पिछली सरकार ने की, बल्कि जयराम सरकार ने भी यह सिलसिला जारी रखा, लेकिन इनके लिए स्थायी नीति नहीं बनाई गई। शास्त्री व भाषाध्यापक को टीजीटी पदनाम, सरकार से खुश : इस बजट में शास्त्री व भाषाध्यापक को टीजीटी पदनाम देने का निर्णय लिया गया है जिससे ये शिक्षक काफी खुश है। 2010 के बाद नियुक्त सभी प्रवक्ताओं को पीजीटी नाम दिया गया था, जिसका प्रवक्ता संघ ने लंबे समय तक विरोध किया। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहली मार्च, 2019 को कैबिनेट में निर्णय कर स्कूल प्रवक्ता का पदनाम प्रवक्ता स्कूल न्यू किया। प्रवक्ताओं का नाम प्रवक्ता न कर प्रवक्ता स्कूल न्यू करने पर प्रवक्ता वर्ग में असंतोष था। अध्यापक लगातार न्यू शब्द हटाने की मांग कर रहे था। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश के 18000 शिक्षकों में खुशी की लहर है। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद, संयुक्त समिति शास्त्री व भाषाध्यापक ने भी प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बजट में शास्त्री एवं भाषाध्यापकों को टीजीटी पदनाम की घोषणा का स्वागत किया है। इससे शास्त्री एवं भाषाध्यापकों का वनवास समाप्त होगा। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डा. मनोज शैल संयुक्त समिति ने कहा कि शास्त्री एवं भाषाध्यापकों की लंबित मांग को पूरा करने की ऐतिहासिक घोषणा मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में की है। शास्त्री एवं भाषाध्यापक एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार पात्र होते हुए भी इससे वंचित थे और लगातार इसके लिए वर्षों से निवेदन कर रहे थे। एसएमसी शिक्षक : नहीं मिली नीति, नाखुश है शिक्षक : बजट में एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 1000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा की गई है। इनकी सेवाएं पहले की तरह जारी रखी जाएंगी। इन्हें नहीं हटाया जाएगा। 1000 रु की वृद्धि से ये शिक्षक भी पूर्णतः संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे। 2555 एसएमसी शिक्षकों को भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट से कई उम्मीदें थी। यह कर्मचारी यह आस लगाए बैठे थे कि वे एसएमसी शिक्षकों के लिए अनुबंध या नियमित नीति लाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बता दें कि शिक्षा विभाग में एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2012 में भाजपा की पिछली सरकार में हुई थी। ये नियुक्तियां वीरभद्र सरकार ने भी जारी रखी। 2017 में फिर भाजपा सरकार बनी और इसको चार साल पूरे हो चुके हैं पर अब तक इस सरकार में भी एसएमसी शिक्षकों के लिए कुछ खास नहीं हुआ, बस हर वर्ष इनके कार्यकाल को बढ़ा दिया जाता है। कंप्यूटर शिक्षक नाखुश, 1000 रुपये वेतन वृद्धि ऊंट के मुँह में जीरा : प्रदेश में तैनात कम्प्यूटर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि पंजाब सरकार के फार्मूले पर उनकी सेवाएं भी अब रेगुलर की जाए, क्योंकि उन्हें बहुत वर्ष आउटसोर्स पर सेवाएं देते हुए हो गए हैं। पंजाब सरकार ने सोसायटी बनाकर ऐसे शिक्षकों की सेवाएं सोसायटी में ही रेगुलर कर दी है परन्तु हिमाचल में ऐसा नहीं हो पाया। हालांकि इनके वेतन में 1000 रुपए की वृद्धि की गई है। प्रदेशभर के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहे अध्यापकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट को निराशाजनक बताया है। प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष रोशन मेहता, महासचिव राकेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से स्थायी नीति की मांग की थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में सबसे शोषित वर्ग में कम्प्यूटर अध्यापक आते हैं। सरकार ने 1000 रुपए की घोषणा करके ऊंट के मुंह में जीरा के समान कार्य किया हैं। पुरानी पेंशन : मिला सिर्फ समस्या सुलझाने का वादा कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन पर बजट में तो कोई प्रवधान नहीं हुआ, मगर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदन में ओल्ड पेंशन स्कीम पर समस्या सुलझाने का वादा कर कर्मचारियों के ज़ख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है। उन्होंने सदन में कहा कि कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए आंदोलित हैं। वह कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। जो सुझाव आएंगे, उन पर विचार होगा। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत के लिए भी अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उधर, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में एनपीएस कर्मचारी नेताओं सहित आधा दर्जन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चूका है। इतने बड़े प्रदर्शन के बावजूद मुख्यमंत्री कर्मचारियों से मिलने नहीं गए। नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता : अधूरी रही मांग, हज़ारों कर्मचारी निराश नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता की मांग करने वाले कर्मचारी इस बजट से निराश नजर आ रहे है। हर बार की तरह इस बार भी उनकी मांग अधूरी रह गई। बजट से पहले हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन ने मांग की थी कि सरकार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने के वायदे को पूरा करे। संगठन ने कहा की भाजपा ने चुनाव से पूर्व अनुबंध नियमित कर्मचारियों से वरिष्ठता का जो वादा किया था, उसे चार साल बीत जाने पर भी पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष इस मांग को 50 से अधिक बार उठाया जा चुका है। मुख्यमंत्री खुद भी कह चुके हैं कि आपकी यह मांग जायज है। जेसीसी की बैठक में भी इस मांग पर कमेटी गठन की बात कही गयी, लेकिन उस पर भी कोई कमेटी नहीं बनी। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार 2008 में पहली बार तत्कालीन भाजपा सरकार ने लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन बोर्ड द्वारा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को अनुबंध आधार पर नियुक्त किया। निश्चित वैधानिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद भी कमीशन पास कर्मचारियों को प्रदेश के इतिहास का सबसे लंबा अनुबन्ध काल दिया गया। उसके बाद आई सरकार ने अनुबंध अवधि को कम किया लेकिन कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से अपना कर्मचारी नहीं माना। सरकार कर्मचारी के सेवा की गणना उनके नियमितीकरण से कर रही है, ना कि उनकी प्रथम नियुक्ति से। यह लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा बोर्ड जैसी संवैधानिक संस्थाओं की मान्यता पर प्रश्नचिन्ह लगाने जैसा है। कमीशन और बैच के आधार पर नियुक्त यह कर्मचारी सभी नियमों और सेवा शर्तों को पूरा करके नियुक्त हुए हैं। इसलिए इनकी सर्विस को प्रमोशन और अन्य सेवा लाभों के लिए नियुक्ति की तिथि से गिना जाए न कि नियमितीकरण की तिथि से। कर्मचारियों की ये मांग इस बजट में भी अधूरी ही रही। अच्छी पहल : 500 चिकित्सकों के पद भरेगी सरकार हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा अधिकारियों के विशेषज्ञ काडर को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। नए मेडिकल कॉलेज नाहन, चंबा, नेरचौक, और हमीरपुर में फैकल्टी और अन्य श्रेणियों के पद भरे जाएंगे। सीएम ने चिकित्सा अधिकारियों के 500 नए पदों को भरने की घोषणा की है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधा तो सुधरेगी ही, साथ ही प्रदेश के मेडिकल संस्थानों से पास हुए डॉक्टरों को नौकरी भी मिल पाएगी। ये आम जनता की ही नहीं बल्कि प्रदेश के चिकित्सक संगठनों की भी मांग थी। फिलवक्त प्रदेश में करीब 2600 चिकित्सकों का काडर था, जो अब बढ़ा दिया गया है। ...................... इस बजट का मुख्य आकर्षण कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी रहा। सीएम ने करीब डेढ़ लाख कर्मियों, श्रमिकों, पैरा वर्करों आदि का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। -आउटसोर्स कर्मियों के वेतन में न्यूनतम 4,200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी। प्रत्येक आउटसोर्स कर्मी को अब न्यूनतम 10,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। -दिहाड़ीदारों को 50 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 350 रूपए प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी। पंचायत चौकीदार के लिए नीति भी जल्द आएगी। -एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी, यथावत रहेगी सेवाएं, बनेगी नीति। -आईटी टीचर्स के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी। पद बढ़ोतरी प्रतिमाह मानदेय आशा वर्कर 1825 4700 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 1700 9000 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 900 6100 आंगनबाड़ी सहायिका 900 4700 सिलाई अध्यापिका 900 7950 मिड डे मील वर्कर 900 3500 राजस्व नम्बरदार 900 3200 जल रक्षक 900 4500 वाटर कैरियर 900 3900 पैरा फिटर / पंप ऑपरेटर 900 5500 पंचायत चौकीदार 900 6500 राजस्व चौकीदार 900 5000 मल्टी पर्पस वर्कर 900 3900 ............................................................................................................... खुला नौकरियों का पिटारा highlights आशा कार्यकर्ता : 780 पद - गृहरक्षकों की होगी भर्ती - भरे जायेंगे चतुर्थ श्रेणी के पद कर्मचारियों के साथ - साथ सरकार ने बजट में बेरोज़गारों का भला करने का प्रयास किया है। कुल 30 हजार पदों को भरने की बात कही गई है। स्वास्थ्य विभाग में विषेशज्ञ डॉक्टर, डॉक्टर, नर्सें, रेडियोग्राफर,ओटी सहायक, लैब तकनीशियन, डेंटल हाइजीनिस्ट, फार्मासिस्ट, एमआरआई तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन व अन्य तकनीशियनों के 500 से अधिक पद भरे जाएंगे। 780 आशा कार्यकर्ताओं के नए पद भरे जाएंगे। साथ ही 437 पद आशा फैसिलिटेटर व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के 870 पद भी भरे जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न श्रेणियों के 264 पद भरे जाएंगे। हमीरपुर, नाहन, चंबा तथा नेरचौक में स्थित नए आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में समुचित फैकल्टी व अन्य श्रेणियों के पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों में खाली फंक्शनल पदों को भी सरकार भरेगी। जलशक्ति विभाग में पैरा फिटर, पंप ऑपरेटर तथा मल्टी टास्क पार्ट टाइम वर्कर के पद भरे जाएंगे। इसमें शिक्षा विभाग में विभिन्न शिक्षकों की भर्ती, पुलिस आरक्षी भर्ती, बिजली बोर्ड के तकनीकी पद जैसे लाइनमैन, जूनियर टी मेट इत्यादि, एचआरटीसी में ड्राइवर तथा कंडक्टर इत्यादि की आवश्यक भर्तियां, राजस्व विभाग के कर्मी, पशुपालन विभाग के डॉक्टर व कर्मी, शहरी निकायों के लिए स्टाफ, पंचायत सचिव, पंचायतों के लिए तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सहायक, विभिन्न विभागों में लिपिक, जेओए आईटी, तकनीकी शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के अध्यापक एवं इंस्ट्रक्टर, रेशम विभाग के इंस्पेक्टर तथा विभिन्न विभागों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के पद भी भरे जाएंगे । आगामी वर्ष में शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग में अंशकालीन मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा। गृह रक्षकों की आवश्यक भर्ती करने का भी सरकार ने निर्णय लिया है।
-जयराम लाएं चुनावी वर्ष में 51 हजार करोड़ का शगुनी बजट खजाना ठन - ठन गोपाल और सरकार सब पर मेहरबान। ये ही जयराम ठाकुर के पांचवें बजट का सार है। बहरहाल बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपना पांचवा बजट पेश कर चुके है और इसके विश्लेषण का सिलसिला जारी है। जैसा अपेक्षित था विपक्ष को बजट कोरी घोषणाओं का पुलिंदा लगा, तो सत्ता पक्ष ने इसको 'सबके विकास' का बजट बताया। सियासत से इतर अगर मोटे तौर पर बजट का आंकलन किया जाए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी वर्ष में एक संतुलित बजट देने का प्रयास किया है। कोशिश की गई है कि हर वर्ग को बजट से कुछ राहत जरूर मिले। हालांकि आर्थिक सुधारों को लेकर बजट में सरकार की कोई दिशा नहीं दिखी, जो इस बजट की मुख्य खामी है। जयराम ठाकुर ने 51365 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। 51 हज़ार करोड़ से अधिक के इस बजट में जयराम ठाकुर ने कोशिश की है कि हर वर्ग को राहतों का शगुन दिया जा सकें। जाहिर है उनकी निगाहें मिशन रिपीट पर टिकी है और इस बजट के जरिये चुनावी बिसात बिछाई गई है। पर प्रदेश पर बढ़ते कर्ज का बोझ निसंदेह सरकार की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। बजट में सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं तो कर दी, पर उनको अमल में लाने के लिए रोकड़ा कहाँ से और कैसे आएगा, इस पर स्पष्टता नहीं है। या यूँ कहे, स्पष्ट है कि जयराम सरकार के जहन में केंद्र की मदद और नया कर्ज ही एकमात्र विकल्प है। प्रदेश की आय बढ़ाने के लिहाज से कोई स्पष्ट कदम इस बजट में नहीं दिखता। सरकारी खजाने की बात करें तो खजाना खाली है और घाटे के बजट में भी सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। कोई नया कर नहीं लगाया गया है। कुल अनुमानित राजस्व घाटा 3903 करोड़ है, जबकि सकल घरेलु उत्पाद ( GDP ) का 4 .98 प्रतिशत राजकोषीय घाटा ( Fiscal Deficit ) है। किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए 3 प्रतिशत से अधिक राजकोषीय घाटा अच्छा संकेत नहीं माना जाता। वित्त वर्ष 2022 -23 के लिए जो 'सबके विकास' का बजट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेश किया है उसे लागू करने के लिए करीब 9600 करोड़ का नया कर्ज लेना होगा। अगर मौजूदा करीब 63 हजार करोड़ के कर्ज में इसे जोड़ा जाएं तो वित्त वर्ष खत्म होते -होते हिमाचल पर करीब 72 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज होगा। अगर हिमाचल की मौजूदा आबादी को करीब 70 लाख माना जाएं तो प्रत्येक हिमाचली पर करीब एक लाख रुपये का कर्ज होगा। वर्ष कर्ज 2018-19 50773 करोड़ 2019-20 56107 करोड़ 2020-21 60993 करोड़ चालु वित्त वर्ष लगभग 63 हजार करोड़ कोशिश : कर राजस्व में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य आम तौर पर बजट में टैक्स से लेकर अन्य संसाधनों से कर राजस्व में 10 फीसद बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा जाता है, किन्तु प्रदेश में इस बार नई पहल की है। सरकार के प्रयास से प्रदेश के कर राजस्व में कुछ बढ़ोतरी हुई है। इसे जारी रखते हुए सरकार ने 15 फीसद वृद्धि करने का फैसला लिया है। ऐसे में 2022-23 में नौ हजार 282 करोड़ रुपये कर राजस्व के रूप में प्राप्त होने की संभावना है। कर राजस्व में 15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। हालांकि बजट में सरकार ने कर का बोझ नहीं बढ़ाया है। 100 में से 41 रुपये वेतन -पेंशन पर, 21 रुपये ऋण -ब्याज पर होंगे व्यय : बजट अनुमान के अनुसार 100 रुपये में से सरकार का 41 रुपये वेतन और पेंशन पर व्यय होगा। जबकि 21 रुपये ऋण और ब्याज अदायगी पर खर्च होंगे। सरकार का पूंजीगत व्यय ( Capital Expenditure ) और अन्य गतिविधियों पर खर्च शेष 29 रुपये में से होंगे। वेतन 26 रुपये पेंशन 15 रुपये ब्याज अदायगी 10 रुपये ऋण अदायगी 11 रुपये स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट 9 रुपये अन्य 29 रुपये डेढ़ लाख लोगों क बढ़ा मानदेय, जन प्रतिनिधियों पर भी कृपा : इस बजट में सरकार ने करीब डेढ़ लाख लोगों का मानदेय बढ़ाया है। यानी प्रदेश की कुल आबादी के लिहाज से देखा जाएं तो करीब दो प्रतिशत लोगों का मानदेय में इजाफा किया गया है। जिनका मानदेय बढ़ाया गया है उनमें करीब चालीस हजार जनप्रतिनिधि भी शामिल है। जन प्रतिनिधियों पर सरकार की मेहरबानी कोई नई बात नहीं है। राज्य सरकार पूर्व विधायकों पर मेहरबान दिख रही है और उन्हें चार प्रतिशत ब्याज पर वाहन व भवन निर्माण के लिए 30 लाख कर्ज देने की व्यवस्था की जा रही है। जबकि पहले 15 लाख ही कर्ज मिलता था। अब अगर विधायक रहते इन्होंने 65 लाख से कम कर्ज लिया होगा तो 15 लाख और मिल सकेंगे। यानी कुल 30 लाख मिलेंगे। इस समय प्रदेश में करीब 130 पूर्व विधायक हैं। वहीं, इससे पहले सरकार द्वारा विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों को एक करोड़ देने की व्यवस्था की गई थी। अजीब है लेकिन खुद कर्ज में डूबती जा रही सरकार यह कर्ज देगी और इसमें सालाना सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज देना होगा। अब इतना होगा जन प्रतिनिधियों का मानदेय : पद बढ़ोतरी प्रतिमाह मानदेय (रुपये में) नगर निगम महापौर 3000 15000 उपमहापौर 1500 10000 पार्षद 1000 6500 नगर परिषद अध्यक्ष 1500 8000 उपाध्यक्ष 1000 6500 पार्षद 500 3000 नगर पंचायत अध्यक्ष 1000 6500 उपाध्यक्ष 1000 5000 पार्षद 500 3000 पद बढ़ोतरी प्रतिमाह मानदेय (रुपये में) जिला परिषद अध्यक्ष 3000 15000 उपाध्यक्ष 2000 10000 सदस्य 1000 6000 पंचायत समिति अध्यक्ष 2000 9000 उपाध्यक्ष 1500 6500 सदस्य 1000 5500 पंचायत प्रधान 1000 5500 उपप्रधान 500 3500 सदस्य (प्रति बैठक ) 50 300 बजट : वित्तीय वर्ष 2022 -23 कुल बजट : 51,365 करोड़ राजस्व प्राप्तियां : 36, 375 करोड़ राजस्व व्यय : 40, 278 करोड़ राजकोषीय घाटा : 9, 602 करोड़ विकासात्मक परिव्यय : 12, 921 करोड़ राजस्व घाटा : 3, 903 करोड़ 10 नई योजनाओं की सौगात : मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना मुख्यमंत्री असहाय बाल पुनर्वास योजना मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना श्रेष्ठ शिक्षा गुणवत्ता योजना मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना बाल प्रतिभा छात्रवृति योजना मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना कौशल आपके द्वार मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना गरुड़ योजना इसके लिए जयराम को जय श्री राम : बढ़ाया सामाजिक सुरक्षा कवच का दायरा : बजट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर दिव्यांग, एकल नारी, वृद्ध, विधवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। निसंदेह यह ऐसा वर्ग है, जिन्हें इस आर्थिक सहायता से आवश्यक राहत मिलेगी। साथ ही अब प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को बिना आय सीमा के ओल्ड आगे पेंशन मिलेगी। माना जा रहा है कि प्रदेश में 2022-23 के दौरान करीब सात लाख जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिलेगा। इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि कांग्रेस के शासन में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 500 करोड़ से कम राशि खर्च होती थी। SC-ST हेतु ऋण सेटलमेंट पॉलिसी का ऐलान : बजट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति लोगों द्वारा फाइनेंशियल कॉरपोरेशन से लिए गए ऋण की वन टाइम सेटलमेंट के लिए पॉलिसी का ऐलान किया है। इसके लिए 12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खिलाड़ियों की डाइट-मनी में बढ़ोतरी : बजट में खिलाड़ियों की डाइट-मनी 120 रुपए से बढ़ाकर 240 रुपए करने तथा प्रदेश से बाहर डाइट मनी 200 से बढ़ाकर 400 रुपए करने का ऐलान किया गया है। 25 और 50 रुपये वाली छात्रवृत्ति योजनाएं बंद : जयराम सरकार ने अच्छा कदम उठाते हुए करीब तीन दशक बाद छात्रवृत्ति के तौर पर विद्यार्थियों को दी जा रही 25 से 50 रुपये की नाममात्र राशि वाली योजनाओं को बंद कर दिया है। इन योजनाओं को मर्ज कर मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना नाम से प्रदेश सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत स्कूलों में 1500 से 2000 रुपये सालाना तक अब नई योजना में छात्रवृत्ति दी जाएगी। जबकि कॉलेजों में 100 से 200 रुपये की छात्रवृत्ति योजना को पांच से छह हजार रुपये तक बढ़ा दिया है। डॉक्टरों के 500 पद सृजित करने का ऐलान : बजट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चिकित्सा अधिकारियों के 500 नए पद सृजित करने का ऐलान किया है। इन पदों के सृजित होने के बाद प्रदेश में चिकित्सा अधिकारियों का कॉडर 2400 से बढ़कर लगभग 2900 हो जाएंगा। 30 हजार नई नौकरियां, कई वर्गों का बढ़ा मानदेय : प्रदेश सरकार 30 हजार नौकरियां देगी। विभिन्न श्रेणियों के पद भरे जायेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत,जल शक्ति विभाग सहित अन्य में हजारों कर्मचारियों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा बजट में कई वर्गों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया गया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय 1700, आशा कार्यकर्ता 1825 रुपये तक बढ़ाया गया है। एसएमसी व आईटी शिक्षकों के एक हजार रुपये बढ़े है। सिलाई अध्यापिका, जल रक्षक व मिड डे मील वर्कर्स, पंचायत व राजस्व चौकीदार और नंबरदार के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। अब मिलेंगे तीन निशुल्क सिलेंडर : ‘उज्जवला योजना’ और ‘गृहिणी सुविधा योजना’ को 2022-23 में भी जारी रखा जाएगा तथा इनका और विस्तार किया जाएगा। दोनों योजनाओं के लाभार्थियों को कनेक्शन के समय उपलब्ध करवाए गए मुफ्त सिलेंडर सहित तीन निशुल्क सिलेंडर उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके लिए 70 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 50 करोड़ रुपये अधिक हैं। इन्हें मिलेगा GI TAG : ज्योग्राफिकल इंडिकेशन एक्ट 1999 के अंतर्गत राज्यों के उत्पादों जैसे मंडी की सेपु बड़ी, किन्नौरी सेब, लाल चावल, हिमाचली टोपी, सिरमौरी लोहिया, हिमाचली धाम, मंडी के धातु शिल्प, हिमाचली वाद्य यंत्र तथा किन्नौरी आभूषण के पंजीकरण की प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी।
वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है। ये मौजूदा सरकार के कार्यकाल का आखिरी और 5वां बजट था। 63 हजार करोड़ के कर्ज के बीच चुनावी साल में लोक लुभावना बजट पेश करना तलवार की धार पर चलने समान था। जयराम सरकार ने ही अपने चार साल के कार्यकाल में लगभग 22000 करोड़ का ऋण लिया है और हालत ये है कि पुराना कर्ज चुकाने के लिए भी ऋण लेना पड़ रहा है। जाहिर है ऐसे में इस बजट से बहुत ज्यादा उम्मीदे नहीं की जा रही थी। बावजूद इसके खजाना खाली के साथ ही जयराम ठाकुर ने संतुलित बजट देने का प्रयास किया। 3 घंटे 2 मिनट के बजट भाषण में जयराम ठाकुर ने सभी वर्गों का ख्याल रखने का प्रयास किया। उधर, जैसा अपेक्षित था नेताओं ने बजट को सियासी चश्मे से देखा। विपक्ष ने बजट की कमियां और खामियां गिनाई और सात ही सियासी पोस्टमार्टम भी किया। इस चुनावी बजट करार दिया और बढ़ते कर्ज के बीच हुई घोषणाओं पर सवाल भी उठायें। सरकार द्वारा पेश किये इस बजट को विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन करार दिया। बजट को लेकर क्या रहा नेताओं का पक्ष, पेश है ये विशेष रिपोर्ट ............................................... ये सरकार कर्ज की बैसाखी से ही चलेगी : मुकेश अग्निहोत्री नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का सदन में प्रस्तुत किया हिमाचल का बजट केवल दशाहीन और दिशाहीन है। इस बजट में सरकार द्वारा प्रेदश के विकास का कोई जिक्र नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार पहले ही कर्ज में डूबी है हुई है, ऐसे में इस बजट में की गयी घोषणाओं के लिए धनराशि कहां से आएगी इस बात का जवाब भी जयराम सरकार के पास नहीं है। इस बजट से साफ है कि सरकार कर्ज की बैसाखी से ही चलेगी। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि बजट में कर्मचारियों के मसलों को लेकर भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। सभी कर्मचारी वर्ग जो इस बजट से आस लगाए बैठे थे उनके बारे में सरकार ने कोई जिक्र तक नहीं किया है। इस बजट में संशोधित वेतनमान का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर भी जो कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे थे, उस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किये गए इस बजट से प्रदेश के विकास की राशि और कम होगी। प्रदेश में 14 लाख बेरोजगार हैं, उनके बारे में कोई जिक्र नहीं है। नेशनल हाईवे का कोई उल्लेख नहीं है। प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों के बारे में कोई चिंता नहीं है। कुल मिलाकर ये बजट महज आंकड़ों का दस्तावेज है। बजट में अर्थव्यवस्था सुधार के कोई उपाय नहीं : प्रतिभा सिंह सासंद प्रतिभा सिंह का कहना है कि बजट को लोकलुभावन बनाने की पूरी कोशिश की गई है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि पिछले बजट में की गयी घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुई है और इस बजट में की गई घोषणाओं को पूरा करने का समय अब मुख्यमंत्री के पास बचा नहीं है। प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था किसी से छिपी नहीं है और इस बजट में अर्थव्यवस्था सुधार के कोई भी उपाय नहीं सुझाए गए हैं। ये बजट पूरी तरह से दिशाहीन है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से निपटने की भी इस बजट में कोई कारगर योजना नहीं है। यह बजट महज आंकड़ों का दस्तावेज है, जो आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत राजनीतिक लाभ लेने के लिए लोगों को लुभाने के लिए बनाया गया है। चार साल के कार्यकाल में केवल माफिया का विकास हुआ : सुखविंदर सिंह सुक्खू पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट के बाद दी प्रतिक्रिया में जहां प्रदेश में हाल ही में हुए शराब प्रकरण को लेकर सरकार का घेराव किया है तो वहीँ कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी के लिए भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि वर्तमान सरकार के चार साल के कार्यकाल में केवल माफिया का विकास हुआ है। हाल ही में राज्य में शराब कांड हुआ है जिसमे कई लोगो की जान गई, लेकिन सरकार ने इस विषय पर एक बार भी चर्चा नहीं की।सुक्खू का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ 2021 में पूर्व कांग्रेस विधायक सोहन लाल शर्मा ने सुंदरनगर में आंदोलन करके अवगत भी करवाया था ,लेकिन बावजूद इसके आज खोखो में शराब बिक रही है और शराब माफिया की जांच करने के लिए गठित एसआइटी में पुलिस अफसर उसी जगह के हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि सरकार को माफिया पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की जरूरत है, जिसमें सरकार नाकाम रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन वर्तमान सरकार कर्मचारी विरोधी है। सुक्खू ने ऐलान किया है कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद सरकारी विभागों के कर्मचारियों, निगम वार्डों के कर्मचारियों, नगर निगम सभी को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। कुल मिलाकर बजट एक रटारटाया दस्तावेज :राजेंद्र राणा चुनावी वर्ष में सरकार द्वारा की जा रही हर घोषणा पर विपक्ष हमलावर रुख इख्तियार किये हुए है। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किये गए बजट को विधायक राजेंद्र राणा ने पूरी तरह से नीरस व संवेदनहीन बताया है। राजेंद्र राणा का कहना है कि सरकार द्वारा चुनाव की दृष्टि से पेश किए गए बजट में एक बार फिर जनता को ठगने का असफल प्रयास किया है। पिछले बजट में हुई घोषणाएं अभी तक धूल चाट रही हैं, जिन पर सरकार की न कोई जवाबदेही, न ही कोई सफाई आई है। प्रदेश कर्जे के पहाड़ में निरंतर दबा जा रहा है। यह बजट प्रदेश के लिए शिगूफा साबित हो रहा है। कुल मिलाकर यह बजट एक रटा रटाया दस्तावेज साबित हो रहा है, जिससे प्रदेश के आमजन को कोई आस नहीं बन पा रही है। राजेंद्र राणा का कहना है कि प्रदेश में 14 लाख शिक्षित बेरोजगार मारे-मारे फिर रहे हैं। इनके भविष्य को लेकर इस बजट में न तो सरकार ने कोई चिंता जताई है और न कोई सटीक बात की है। कर्मचारियों के प्रति सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर लगातार संवेदनहीन बनी हुई है। कर्मचारियों के लिए भी इस बजट में कुछ नहीं कहा गया है। राजेंद्र राणा का कहना है कहा कि कोरोना काल में लाखों लोग जिनकी नौकरियां छूट गई हैं, गुजर बसर के लिए प्रदेश में मारे-मारे फिर रहे हैं। सरकार के पास इस वर्ग के लिए भी कोई योजना बजट में संबोधित नहीं हुई है। करुणामूलक नौकरियों की आस में लोग घर बैठे-बैठे बुजुर्ग होते जा रहे हैं लेकिन सरकार इसको लेकर भी संवेदनहीन बनी हुई है। मध्यम तबके के व्यापारी से लेकर हर आम तबके के लोगों को बजट में कोई आस नहीं दिखी है। ................................................................................................... सर्व स्पर्शी और सर्व हितकारी है बजट :प्रेम कुमार धूमल जयराम सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की जहां विपक्ष के नेता कटाक्ष कर रहे है तो वहीं सत्तापक्ष के नेता इस बजट कि प्रशंसा कर रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस बजट की सराहना की है। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि यह बजट विकास की राह पर अग्रसर हिमाचल प्रदेश को गति प्रदान करेगा। बजट में वृद्धों, गृहिणियों, विधवाओं, बच्चों, किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ी सौगात की घोषणा की गई है। धूमल का कहना है कि जयराम सरकार द्वारा पेश किया गया ये बजट प्रदेश की 70 लाख जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला बजट है। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि वर्तमान सरकार ने इस बजट को किसान, बागवान, युवाओं, महिलाओं, सीनियर सिटीजन व आम जनता को ध्यान में रख कर बनाया है। ये बजट सर्व स्पर्शी और सर्व हितकारी है जो कठिन आर्थिक परिस्थितियों में प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट प्रदेश के भविष्य को उज्जवल बनाने वाला है। हिमाचल को नई दिशा व दशा देने वाला बजट : अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए 51365 करोड़ के बजट को केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने एक संतुलित बजट बताया है। अनुराग ठाकुर का कहना है कि जो विपक्ष इस बजट को दिशाहीन बता रहे है उन्हें शायद ये मालूम नहीं है कि ये बजट हिमाचल को नई दिशा-दशा देने वाला बजट है। अनुराग ठाकुर का कहना है कि प्रदेश की जयराम सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट विकासोन्मुखी है। इस बजट में कर्मचारियों, कारोबारियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों समेत समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखने का पूरा प्रयास किया गया है। इस बजट से हिमाचल के हर वर्ग का सशक्तिकरण होगा और प्रदेश के विकास में भागीदारी का पूरा अवसर मिलेगा। अनुराग ठाकुर का कहना है कि हिमाचल में भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने पहाड़ी प्रदेश के विकास के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। हर बार की तरह इस बार के भी केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ने हिमाचल का विशेष ध्यान रखने का काम किया था जोकि मोदी के हिमाचल के प्रति विशेष स्नेह को दिखाता है। अनुराग ठाकुर का कहना है कि जिस प्रकार केंद्रीय बजट में हिमाचल के विकास का ध्यान रखा गया उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी हिमाचल कि जनता के हित के लिए ये बजट बनाया है। ऐतिहासिक एवं आम आदमी का बजट : सुरेश भारद्वाज विपक्ष को घेरते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का कहना है कि ये कोई लोकलुभावन बजट नहीं है बल्कि आम आदमी का बजट है । सुरेश भारद्वाज का कहना है कि प्रदेश सरकार के इस बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट व्यावहारिक है और सभी वर्गों को इस बजट से लाभ होगा। कोविड-19 महामारी के दौरान शहरी युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना आरम्भ की गई थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना पर 5 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। सुरेश भारद्वाज का कहना है कि शहरी बेरोजगार युवाओं को रोजगार की गारंटी, पात्रता एवं अन्य शर्तों से संबंधित विधेयक भी विधानसभा में पेश किया जाएगा। हिमाचल देश का पहला राज्य होगा जहां मनरेगा कि तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में आजीविका के लिए कानून बनाया जाएगा। सुरेश भारद्वाज का कहना है कि इस बजट में जो भी घोषणाएं मुख्यमंत्री द्वारा की गई है वो आम जनता के हित में है। मुख्यमंत्री का वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा 60 वर्ष की गयी है, जबकि पहले यह आयु सीमा 70 वर्ष थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 40000 अतिरिक्त पात्र लोगों को पेंशन प्रदान की जाएगी। ऐसे सभी वर्ग जो वर्तमान में 850 रुपये प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उन सबकी पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। दिव्यांगजनों व विधवाओं को दी जा रही पेंशन को 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों की पेंशन को 1500 रुपए से बढ़ाकर 1700 रुपए प्रतिमाह किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 1300 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। कुल मिलाकर ये बजट हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए बनाया गया है जयराम सरकार जनता का दर्द समझती है: सुरेश कश्यप सरकार के कार्यकाल के इस अंतिम बजट की जहाँ भाजपा के नेता सराहना कर रहे है वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने भी इस बजट को शानदार एवं जानदार बताया है। सांसद सुरेश कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतरीन बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट शानदार एवं जानदार है, जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। हिमाचल के बजट में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा को बड़ा कर 60 वर्ष कर दिया गया है, मुख्यमंत्री की इस घोषणा से एक बड़ा सामाजिक लाभ होगा, इस बजट में पशुपालन क्षेत्र के लिए भी 469 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस कर्मयोगी सरकार ने पहाड़ी गाय के संरक्षण हेतु उत्कृष्ट फार्म स्थापित किए जाने का प्रावधान भी किया है और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 583 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सांसद सुरेश कश्यप का कहना है कि जयराम सरकार के बजट में किसानों- बागवानों की सुविधा हेतु प्रदेश में एक और फूल मंडी स्थापित की जाएगी और साथ ही उज्ज्वला और गृहिणी सुविधा योजना के तहत अब 3 निःशुल्क सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे महिलाओं एवं जनता को बड़ा लाभ होगा। यह सच में वो सरकार है, जो जनता का दर्द समझती है। सुरेश कश्यप का कहना है कि हिमकेयर योजना का जनता को बड़ा लाभ हुआ है, जो कि प्रत्यक्ष रूप से दिखता है, जनता के लिए यह बजट खुशखबरी लेकर आया है।
हिमाचल प्रदेश एक बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी राज्य है। सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से कुछ हिंदी और पहाड़ी है। हिमाचल प्रदेश के नौनिहालों को हिमाचल की स्थानीय बोलियों के बारे में जागरूक करने के लिए अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जायेगा। इसका मकसद विद्यार्थियों को शुरुआत से स्थानीय बोलियों के प्रति जागरूक कर बोलियों को संरक्षित करना है। प्राथमिक स्तर पर नौनिहाल विभिन्न जिलों के प्रचलित शब्दों को जानेंगे। इसके लिए सभी जिलों के शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान ने मैपिंग भी शुरू कर दी है। -बच्चों को मिलेगी हिमाचल संस्कृति कि जानकारी विश्व भर में हिमाचल कि अपनी अलग ही पहचान है यहां कई तरह की बोलियां और लोक संस्कृति हैं। प्रदेश में अब तक नौनिहालों को स्कूलों में अन्य राज्यों का इतिहास पढ़ाया जाता है, जबकि हिमाचल के इतिहास की जानकारी न होने के कारण लोग इसे भूलते जा रहे हैं। इसलिए बच्चों को अगर हिमाचल की स्थानीय लोक संस्कृति और स्थानीय भाषा में पढ़ाया जाएगा तो उन्हें समझने में आसानी रहेगी और पढ़ने के साथ साथ अपनी संस्कृति की भी जानकारी मिलेगी। प्रचलित वस्तुओं और शब्दों को किया जायेगा डिक्शनरी में शामिल : प्राथमिक स्तर पर डाइट जो मैपिंग तैयार करेगा, उसमें लोक संस्कृति पर अधिक फोकस रखा जायेगा। इसमें एक डिक्शनरी तैयार कि जाएगी, जिसमें स्थानीय लोक संस्कृति अधिक रहेगी। डाइट को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय प्रचलित वस्तुओं और शब्दों को डिक्शनरी में ज्यादा से ज्यादा डालें। जैसे कुल्लू शॉल, चंबा के रूमाल के बारे में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। डिक्शनरी तैयार करने के लिए स्थानीय लोगों की मदद भी ली जाएगी। पक्ष : नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में शिक्षण सामग्री में बदलाव करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों को प्राइमरी से ही स्थानीय लोक संस्कृति और बोली में कुछ पाठ पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए डाइट अपने-अपने जिले में मैपिंग कर वहां की डिक्शनरी तैयार करेंगे। जिससे विद्यार्थियों को हिमाचली लोक संस्कृति के बारे में अवगत करवाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब पर्यटन नगरी मनाली के बाद कुल्लू कार्निवाल का आयोजन भी किया जायेगा। विश्व में जब कोरोना वायरस की दस्तक हुई तो हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र पर सबसे ज़्यादा असर देखने को मिला। कोरोना काल में पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप हो चूका था लेकिन अब ठप हो चुके कारोबार को गति देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के मनाली के बाद अब पहली बार कुल्लू कार्निवाल का आयोजन भी किया जायेगा। 21 मार्च से 30 मार्च तक चलने वाले इस कार्निवाल के आयोजन से उद्यमियों, व्यापारियों, दस्तकारों, शिल्पकारों व पर्यटन कारोबारियों को लाभ मिलेगा। स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे स्वयं सहायता समूह : कुल्लू कार्निवाल में न केवल प्रदेश बल्कि देश के विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारियों के लिए मंच प्रदान किया जायेगा। इसमें कारोबारियों के साथ साथ कुल्लू जिला के सभी विकास खंडों से चयनित 25 स्वयं सहायता समूह भी स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। स्थानीय उत्पादों के अलावा हस्तकला क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न राज्यों की नेशनल स्तर की विजेता संस्थाओं को भी कार्निवाल में बुलाया जाएगा। 25 फूड कोर्ट में लोग स्थानीय तौर पर तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। कुल्लू कार्निवाल के आयोजन से हिमाचल प्रदेश कि संस्कृति को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ ही हिमाचली व्यंजनों को भी पहचान मिलेगी। पहली संध्या में फैशन शो बनेगा आकर्षण का केंद्र : इस कार्निवल में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पहली संध्या में फैशन शो का आयोजन भी किया जायेगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों के परिधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। 9 मार्च को कुल्लू के अटल सदन में स्थानीय मॉडल के चयन के लिए ऑडिशन भी होंगे। इस दौरान विजेता मॉडल को 10 हजार का नकद पुरस्कार मिलेगा। सांस्कृतिक संध्याएं बढ़ाएगी शोभा: कार्निवाल के दौरान सांस्कृतिक संध्याएं भी चार चांद लगाएंगी। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रेष्ठ सांस्कृतिक दलों को प्रस्तुतियों देने के लिए बुलाया जाएगा। पहली संध्या में 21 मार्च को कुल्लू सहित चार सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां होंगी। इनका आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से अटल सदन में होगा। जिला की समृद्ध लोक संस्कृति और हस्तशिल्प को मिलेगा प्रोत्साहन : उपायुक्त उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है कि कार्निवाल का उद्देश्य जिला की समृद्ध लोक संस्कृति और हस्तशिल्प व हथकरघा को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।10 दिन तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा 21 मार्च को किया जायेगा, जबकि समापन 30 मार्च को होगा। इस दौरान ढालपुर मैदान में बड़े स्तर पर क्रॉफ्ट बाजार भी सजेगा। इसमें 100 से अधिक स्टॉल होंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में ड्रोन प्रशिक्षण के लिए पहला फ्लाईंग स्कूल कांगड़ा जिला के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहपुर में स्थापित किया जाएगा जिसके लिए आज तकनीकी शिक्षा निदेशक विवेक चंदेल और केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय की स्वायतशासी संस्था इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह संस्थान सरकारी कर्मचारियों के साथ ही आम लोगों का भी ड्रोन के उपयोग के बारे में मार्ग-निर्देशन करेगा और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022-23 के बजट संबोधन में राज्य में चार ड्रोन फ्लाईंग स्कूल स्थापित करने की घोषणा की है। प्रदेश में ड्रोन सुविधा का उपयोग दवाईयों की आपूर्ति, कृषि, वानिकी, राहत एवं बचाव, निगरानी, यातायात व मौसम संबंधी निगरानी, अग्निशमन, व्यक्तिगत उपयोग व ड्रोन आधारित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में किया जा सकेगा। यह प्रदेश में संसक्त, स्वचालित और तीव्र सम्भार तंत्र (लॉजिस्टिक्स) की सुविधा भी प्रदान करेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में उम्मीदवारों को जमीनी प्रशिक्षण के लिए भूमि और भवन तथा सिम्यूलेटर की स्थापना के लिए एक कमरा उपलब्ध करवाया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने राज्य के 100 सरकारी कर्मचारियों को तीन वर्षों के लिए 15 प्रतिशत विशेष रियायत प्रदान करने और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बीपीएल श्रेणी के 100 छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को तीन वर्षों के लिए श्रेणी एक, लघु, मल्टी-रोटर प्रशिक्षण 55 हजार रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी की दरों पर प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। इस अवसर पर उप-सचिव तकनीकी शिक्षा ललित विक्रम गौतम, अतिरिक्त निदेशक (आईटी) राजीव शर्मा व ड्रोन प्रशिक्षक चिराग शर्मा भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिरमौर जिला के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल को आज यहां संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ट्रांस-गिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र और हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से यह मामला उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के साथ लगते जौनसार क्षेत्र को पहले ही जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे सिरमौर जिला के ट्रांस-गिरी क्षेत्र को जनजातीय दर्जा प्रदान करने का मामला एक बार पुनः केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल इस क्षेत्र के विकास के लिए अतिरिक्त एवं विशेष बजट का प्रावधान सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों की चिरलंबित मांग भी पूरी होगी। सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, विधायक रीना कश्यप, हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पन्डा और हाटी समुदाय के विभिन्न प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-पुराने दिनों को याद करके कहा पहली बार सांसद बना था तब से मिल रहा प्रोफ़ेसर साहब से आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदेश के विस्तृत दौरे पर हिमाचल पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल शनिवार को हमीरपुर के दौरे के दौरान समीरपुर पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल से आशीर्वाद भी लिया। केंद्रीय राज्यमंत्री सपरिवार समीरपुर पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री का घर पहुंचने पर सहर्ष स्वागत अभिनंदन किया और काफी देर तक दोनों वरिष्ठ नेताओं में चर्चा भी हुई। हमीरपुर पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि हमीरपुर दौरे के दौरान दो प्रमुख काम जो उन्होंने किए हैं, पहला है मां ज्वालाजी के दर्शन और दूसरा प्रो. प्रेम कुमार धूमल के दर्शन करना और उनसे आशीर्वाद लेना। उन्होंने कहा कि जब पहली बार सांसद बन के लोकसभा पहुंचे थे, तब से ही उन्हें आदरणीय प्रोफेसर साहब का आशीर्वाद और मार्गदर्शन एक बड़े भाई के रूप में मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के लोगों को हर गांव-गांव तक पेयजल पहुंचाने का काम किया था। अब इसी योजना को अब केंद्र की मोदी सरकार आगे बढ़ा रही है और हर घर जल, नल से जल योजना को अतिशीघ्र ही हिमाचल प्रदेश में शत शत शत लक्ष्य के साथ पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर धूमल व उनकी पत्नी शीला धूमल ने केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनकी पत्नी व उनके परिवार को हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक शॉल टोपी पहना कर उनका स्वागत किया। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में मोदी सरकार बेहतरीन काम कर रही है। देश विश्व के पटल पर बड़ी शक्ति बनकर उभरा है और केंद्र की योजनाओं से हर राज्य में विकास का पहिया तीव्र गति से आगे दौड़ रहा है और आमजन खुशहाल हो रहा है। मोदी सरकार की कामयाबी की बड़ी वजह उनके साथ कैबिनेट में मौजूद उनकी बेहतरीन टीम भी है और उसी टीम के एक महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
माह नवंबर, 2021 में पुलिस चौकी नारकंडा में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमे शातिरों ने केवाईसी अपडेट करने के लिए शिकायतकर्ता से ओटीपी मांगा और शिकायतकर्ता ने ओटीपी शेयर कर दिया। ओटीपी शेयर करने से शिकायतकर्ता के खाते से 1,40,000 रुपए कट गए, जिस पर साइबर सेल शिमला ने कार्रवाई करते हुए 1,40,000 रुपए को शिकायकर्ताओं के खाते में वापस करवा दिया है। शिमला पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि कोई भी बैंक इस तरह की जानकारी नहीं मांगता है। अतः आप अपने खाते की जानकारी जैसे कि OTP, CVV इत्यादि साझा न करें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर इसकी सूचना तुरंत नज़दीकी पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 पर दर्ज करवाए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपना पांचवा बजट पेश कर चुके है और इसके विश्लेषण का सिलसिला शुरू हो चुका है। जैसा अपेक्षित था विपक्ष को बजट कोरी घोषणाओं का पुलिंदा लग रहा है, तो सत्ता पक्ष इस 'सबके विकास' का बजट बता रहा है। सियासत से इतर अगर मोटे तौर पर बजट का आकलन किया जाए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी वर्ष में एक संतुलित बजट देने का प्रयास किया है। कोशिश की गई है कि हर वर्ग को बजट से कुछ राहत जरूर मिले। हालांकि आर्थिक सुधारों को लेकर बजट में सरकार की कोई दिशा नहीं दिखी, जो इस बजट की मुख्य खामी है। जयराम ठाकुर ने 51365 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। 51 हज़ार करोड़ से अधिक के इस बजट में जयराम ठाकुर ने कोशिश की है कि हर वर्ग को राहतों का शगुन दिया जा सकें। आपको बताते है चुनावी वर्ष में जयराम ठाकुर के इस शगुनी बुगट के 51 बड़े ऐलान 1 . EMPLOYEES : कई वर्गों का बढ़ा मानदेय -बढ़ा आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय, मासिक 1825 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 4700 प्रतिमाह मिलेंगे -आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1700 की बढ़ोतरी, 9 हजार प्रतिमाह दिया जाएगा वेतन -मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 900 की बढ़ोतरी, 6100 प्रतिमाह हुआ वेतन -आउटसोर्स कर्मियों को 4200 की प्रतिमाह वृद्धि, 10500 न्यूनतम वेतन मिलेगा -सिलाई अध्यापिकाओं को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 7950 प्रतिमाह मिलेंगे -मिड डे मील वर्कर्स को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3500 प्रतिमाह मिलेंगे -शिक्षा विभाग के वाटर करियर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3900 प्रतिमाह मिलेंगे -जल रक्षक को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 4500 प्रतिमाह मिलेंगे -मल्टी पर्पस वर्कर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3900 प्रतिमाह मिलेंगे -पेरा फिटर तथा पंप ऑपरेटर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 5550 प्रतिमाह मिलेंगे -पंचायत चौकीदार को 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 6500 प्रतिमाह वेतन -पंचायत चौकीदार के लिए नीति जल्द -राजस्व लम्बरदार को 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ 3200 प्रतिमाह वेतन -एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी, यथावत रहेगी सेवाएं, बनेगी नीति -आईटी टीचर्स के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी -एसपीओ के मानदेय में 900 रूपए की बढ़ोतरी 2 . EMPLOYEES : भाषा अध्यापकों और संस्कृत शिक्षकों का पदनाम अब टीजीटी हिंदी और टीजीटी संस्कृत किया जाएगा। पीजीटी का पदनाम अब प्रवक्ता स्कूल किया जाएगा। 3 . JOBS : 30 हज़ार नई नौकरियों का खुला पिटारा - 780 नई आशा कार्यकर्ता के पद भरे जाएंगे -437 पद आशा फैसिलिटेटर के भरे जाएंगे -870 कम्युनिटी हेल्थ अफसर के पद भरे जाएंगे -राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में 264 पद भरे जायेंगे -जल शक्ति विभाग में पेरा फिटर, मल्टी टास्क ऑपरेटर, पंप ऑपरेटर के पद भरे जायेंगे -एचआरटीसी में ड्राइवर तथा कंडक्टर के पद भरे जायेंगे -पशुपालन विभाग में डॉक्टर व अन्य पद भरे जायेंगे -गृहरक्षकों की नई भर्ती की जाएगी 4. Development : विधायक क्षेत्र विकास निधि की राशि 2 करोड़ रुपये करने की घोषणा। विधायक ऐच्छिक निधि 10 से 12 लाख करने की घोषणा। 5. Rural Development : नाबार्ड से पोषित की जाने वाली विधायक प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र के वर्तमान सीमा को बढ़ाकर 150 करोड़ किया 6. RELIEF: उज्जवला योजना के तहत अब तीन सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। यानी अब एक अतिरिक्त सिलेंडर मिलेगा। पहले दो सिलेंडर मिल रहे थे। 7. नगर निकाय प्रतिनिधियों का बढ़ा मानदेय नगर निगम : -महापौर नगर निगम को 15000 रुपये प्रतिमाह -उप महापौर नगर निगम को 10000 रुपये प्रतिमाह -पार्षद नगर निगम को 6050 रुपये प्रतिमाह नगर परिषद : -अध्यक्ष नगर परिषद को 8000 रुपये प्रतिमाह -उपाध्यक्ष नगर परिषद को 6500 रुपये प्रतिमाह -पार्षद नगर परिषद 3000 रुपये प्रतिमाह नगर पंचायत : -प्रधान नगर पंचायत को 6500 रुपये प्रति माह -उप प्रधान नगर पंचायत को 5000 रुपये प्रतिमाह -सदस्य नगर पंचायत को 3000 रुपये प्रतिमाह 8 . पंचायत प्रतिनिधियों का बढ़ा मानदेय : जिला परिषद अध्यक्ष : 15 हज़ार जिला परिषद उपाध्यक्ष : 10 हज़ार जिला परिषद सदस्य : 6 हज़ार पंचायत समिति अध्यक्ष : 9 हज़ार पंचायत समिति उपाध्यक्ष : 6550 पंचायत समिति सदस्य : 5550 पंचायत प्रधान : 5550 उप प्रधान : 3500 सदस्य: 300 प्रति बैठक 9 . SOCIAL SECURITY : वृद्धावस्था पेंशन के लिए बिना किसी आय सीमा के आयु सीमा 60 वर्ष हुई। करीब 40 हजार नए लोगों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा पेंशन। 10 .SOCIAL SECURITY : कुष्ठ रोगी पेंशन: 60 से 69 वर्ष तक के कुष्ठ रोगियों की पेंशन 850 से 1000 रुपये हुई। 11. SOCIAL SECURITY : दिव्यांग, विधवाओं, एकल नारियों की पेंशन 1000 से बढ़ाकर 1150 रुपये हुई । 12. SOCIAL SECURITY : 70 से अधिक उम्र के बुजुर्गों, 70 फीसदी से अधिक विकलांगों को पेंशन 1500 से बढाकर 1700 रुपये किया गया। 13 .SOCIAL SECURITY : विधवा पुनर्विवाह अनुदान राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 65 हजार हुई। 14. SOCIAL SECURITY : मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना शुरू होगी। इस योजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 15. SOCIAL SECURITY : अटल पेंशन योजना 2000 से बढ़कर 3000 हुई 16. HEALTH : हिमकेयर कार्ड की नवीनीकरण अवधि एक साल से बढ़कर तीन साल, अब इसका लाभ कैदियों को भी मिलेगा। 17. HEALTH : मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना शुरू। हर विधानसभा क्षेत्र में होगा एक मोबाइल क्लिनिक। एक डॉक्टर के साथ होगी टीम और बेसिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 18. HEALTH : चिकित्सा अधिकारियों के 500 नए पद सृजित किये जायेंगे। 19. HEALTH : 50 नई एम्बुलेंस मुहैया करने की घोषणा, 15 करोड़ होंगे खर्च। 20. HEALTH : टांडा में पेट स्कैन तथा नेरचौक में मिलेगी पैट स्कैन एवं एमआरआई की सुविधा। 21. HEALTH : हृदय रोगों से पीड़ित लोगों के लिए आईजीएमसी व टांडा के अलावा नाहन व हमीरपुर में भी लैब, 20करोड़ रूपए होंगे 22. स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि : -लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए एक संगीत महाविद्यालय शुरू होगा। -एक राज्य सम्मान भी शुरू करने की घोषणा 23 .SPECIAL : 100 करोड़ की लागत से ताबो में बौद्ध प्रशिक्षण संस्थान बनेगा। 12769 लाभार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। 24 . AGRICULTURE : वर्ष 2022-23 के अंत तक 50 हज़ार एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के तहत लाया जाएगा। 50 हजार किसान पंजीकृत होंगे। 25 . AGRICULTURE : 15 करोड़ की लागत से चार नई अनाज मंडियां स्थापित होंगी। रामपुर, ऊना माजरी बिलासपुर व काँगड़ा में बनेगी आनाज मंडियां। 26 . AGRICULTURE : प्राकृतिक कृषि के लिए बनाया जाएगा वेब पोर्टल। स्थापित किये जाएंगे बिक्री केंद्र। 27 . AGRICULTURE : प्रदेश में ड्रैगन फ्रूट की खेती की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। 28 . AGRICULTURE : प्रदेश में गेहूं और मक्की उत्पादन को बढ़ाने के लिए तथा प्रदेश की अपनी किस्मों के संवर्धन के लिए बीज उत्पान के वर्तमान आवंटन को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया गया। 29 . HORTICULTURE : बागवानी नीति तैयार की जाएगी। 30 . HORTICULTURE : पराला फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट होगी शुरू 91 करोड़ रुपये की लागत से पराला में बन रहे फल प्रसंस्करण इकाई में 2022-23 के दौरान उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। परवाणु और जड़ोल में स्थित फल प्रसंस्करण इकाई का 17 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन किया जाएगा। इसके साथ ही पांवटा साहिब, कांगनी तथा शाट में बन रहे मार्केट यार्डस को सितंबर, 2022 तक किसानों व बागवानों को समर्पित कर दिया जाएगा। परवाणु में बन रहे मार्केट यार्ड को भी मार्च, 2023 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इन पर 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 31. FLORICULTURE : पुष्प क्रांति योजना के अंतर्गत 11 करोड़ रूपए व्यय होंगे। 32. POLICY : इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को 2021 को मंजूरी। 33. G.I TAG : ज्योग्राफिकल इंडिकेशन एक्ट 1999 के अंतर्गत राज्यों के उत्पादों जैसे मंडी की सेपु बड़ी , किन्नौरी सेब, लाल चावल, हिमाचली टोपी, सिरमौरी लोहिय , हिमाचली धाम, मंडी के धातु शिल्प, हिमाचली वाद्य यंत्र तथा किन्नौरी आभूषण के पंजीकरण की प्रक्रिया आरम्भ होगी। 34 .TECHNOLOGY : ड्रोन के इस्तेमाल के लिए गरुड़ योजना की घोषणा। चार ड्रोन फ्लाइंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 35 .TRANSPORT : 220 नई बसें खरीदी जाएंगी, जिसमें 50 इलेक्ट्रिक बसें होंगी. 36 .TRANSPORT : परिवहन करों का पड़ोसी राज्यों के करों से युक्तिकरण होगा 37. ENVIRONMENT : अक्षय ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी वाला देश का पहला राज्य बनने के लिए प्रयास। प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए ठोस नीति बनाई जाएगी। 38 . TAXATION : जीएसटी एकत्रीकरण व्यवस्था को सरल बनाने के लिए एक जीएसटी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। 39 . SPORTS : खेलों को लेकर खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने की घोषणा की। 240 राज्य के भीतर और राज्य के बाहर 400 रुपये की गई। राज्य के भीतर पहले 120 थी और राज्य के बाहर 200 रुपये थी। 40 . गौवंश संरक्षण : शराब की बोतल पर एक रुपये और सेस लगाया जाएगा, जिसे गोवंश के लिए दिया जाएगा। एक रुपये सेस पहले से लागू था अब यह दो रुपये हो गया है। 41 . CYBER SECURITY : धर्मशाला और मंडी में साइबर पुलिस थाने खोले जाएंगे। अभी सिर्फ शिमला में साइबर थाना कार्यरत है। यह थाने आईजी रेंज स्तर के होंगे। 42. ROAD INFRASTRUCTURE : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-तीन के तहत 45 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। पर्यटन सड़कों के रखरखाव की सीमा को 5 एवं 6 वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया गया। इस हेतु 350 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। सड़कों को आधुनिक तरीके से उखाड़कर निकलने वाले मैटीरियल को रिसाइकल कर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश में 2065 किलोमीटर सड़कें पक्की होंगी। प्रदेश में 75 पुलों का निर्माण किया जाएगा। पक्की सड़कों की लंबाई 40 हजार किलोमीटर से अधिक होगी। 43 . EDUCATION : शिक्षा क्षेत्र के लिए 8412 करोड़ का प्रावधान छह सूत्रीय कार्य योजना तैयार की जाएगी। जिला के शीर्ष विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला में 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा आरंभ। छात्रवृत्ति राशि बढ़ाई गई। शोधार्थियों के लिए भी राशि बढ़ाई गई। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में करियर परामर्श दर्शन प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे। शहीदों और दिव्यांग जवानों के बच्चों को हर महीने 1500 रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में अप्रैल से शुरू होगा। 44 . RELIEF : दिहाड़ीदारों को 50 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 350 रूपए प्रतिदिन दिहाड़ी 45 . SPECIAL : मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना : कुपोषण से बच्चों को मुक्त करने के लिए बजट में बाल पोषण योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इस योजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 46 . आंगनबाड़ी : 1000 नए आंगनबाड़ी भवन बनेंगे। मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे। इन पर 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 47 . INDUSTRY : औद्योगिक निवेश नीति 2019 को 2025 तक जारी रखा जाएगा। 48 . INDUSTRY : मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जायेगा। जबकि अनुसूचित जाती जनजाति व दिव्यांग को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। 49 . INDUSTRY : मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ के विकास के लिए सरकार द्वारा 332 करोड़ होंगे खर्च। 50 . 2772 करोड़ का बजट प्रावधान जल शक्ति विभाग को : वित्त वर्ष में 4 उठाऊ पेयजल योजनाओं को लोकार्पित किया जाएगा। 65 करोड़ की लागत से एम्स बिलासपुर और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए कोल डैम उठाऊ पेयजल योजना को हरी झंडी दी गई है। 110 करोड़ की लागत से तरखोला और अन्य गावों के लिए पेयजल योजना स्वीकृत। 121 करोड़ की लागत से सिराज और बालीचौकी क्षेत्र के 19 पंचायतों के लिए पेयजल संवर्धन योजना तथा 147 करोड़ की लागत से कमलाह व मंडल क्षेत्र के विभिन्न गांव के लिए पेयजल योजना भी स्वीकृत। 56 करोड़ की लागत से डलहौज़ी क्षेत्र के अंतर्गत सलूणी मांजी इतियादी क्षेत्रों में पेयजल संवर्धन योजना को भी ऐलान। 51 . ADVENTURE TOURISM : माउंटेन बाइकिंग ट्रैक होगा शुरू।
-गत वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1500 किलोमीटर लम्बी सड़कें बनाई गई -1200 लम्बी सड़कों को उन्नयन किया जाएगा -23 पुलों का निर्माण किया जाएगा -महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के रखरखाव की सीमा को 5 एवं 6 साल से कम करके तीन वर्ष करने की घोषणा, 350 करोड़ होंगे व्यय -सड़कों की मरम्मत के समय जहां भी सड़कों को उखाड़ कर दोबारा बिछाने की आवश्यकता हो वहां आधुनिक तकनीक से उखाड़ा जाएगा, उखड़ी गई सामग्री को री साइकिल कर उपयोग में लाया जाएगा ताकि कम समय और कम लागत में कार्य हो
2772 करोड़ का बजट प्रावधान जल शक्ति विभाग को जल जीवन मिशन में 17 लाख 28 हज़ार ग्रामीण परिवारों में से 15 लाख 69 हज़ार परिवारों को नल के कनेक्शन दिए गए हैं इस वित्त वर्ष में 4 उठाऊ पेयजल योजना को लोकार्पित किया जाएगा 65 करोड़ की लागत से एम्स बिलासपुर और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए कोल डैम उठाऊ पेयजल योजना 110 करोड़ की लागत से तरखोला और अन्य गावों के लिए पेयजल योजना 121 करोड़ की लागत से सिराज और बालीचौकी क्षेत्र के 19 पंचायतों के लिए पेयजल संवर्धन योजना 147 करोड़ की लागत से कमलाह व मंडल क्षेत्र के विभिन्न गांव के लिए पेयजल योजना 56 करोड़ की लागत से डलहौज़ी क्षेत्र के अंतर्गत सलूणी मांजी इतियादी क्षेत्रों में पेयजल संवर्धन योजना
नगर निगम : -महापौर नगर निगम को 15000 रुपये प्रति माह -उप महापौर नगर निगम को 10000 रुपये प्रति माह -पाषर्द नगर निगम को 6050 रुपये प्रति माह नगर परिषद : -अध्यक्ष नगर परिषद को 8000 रुपये प्रति माह -उपाध्यक्ष नगर परिषद को 6500 रुपये प्रति माह -पार्षद नगर परिषद 3000 रुपये प्रति माह नगर पंचायत : -प्रधान नगर पंयायत को 6500 रुपये प्रति माह -उप प्रधान नगर पंयायत को 5000 रुपये प्रति माह -सदस्य नगर पंयायत को 3000 रुपये प्रति माह
बढ़ा मानदेय : जिला परिषद अध्यक्ष : 15 हज़ार जिला परिषद उपाध्यक्ष : 10 हज़ार जिला परिषद सदस्य : 6 हज़ार पंचायत समिति अध्यक्ष : 9 हज़ार पंचायत समिति उपाध्यक्ष : 6550 पंचायत समिति सदस्य : 5550 पंचायत प्रधान : 5550 उप प्रधान : 3500 सदस्य: 300 प्रति बैठक
मंत्री जयराम ठाकुर ने सुबह 11 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया । बता दें की शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने कार्यकाल का आखिरी एवं पांचवां बजट पेश कर रहे हैं। इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने घोषणा की हिमाचल प्रदेश में एक हजार आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में 18925 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 2136 आंगनबाड़ी केंद्र विभागीय भवन में चलाए जा रहे हैं। माडल आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 32 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए भी अपना पिटारा खोला है SOCIAL SECURITY वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा 60 वर्ष किया वृद्धावस्था पेंशन को बिना किसी आय सीमा के आयु सीमा को 60 वर्ष करने की घोषणा 40 हजार नए लोगों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा पेंशन 60 से 69 वर्ष तक के कुष्ठ रोगियों की पेंशन 850 से 1000 रुपये करने की घोषणा दूध के दाम दो रूपये बढ़ाने की घोषणा : गोवंश संरक्षण के लिए नया कानून बनाने का विचार मौजूदा कानून को सख्त किया जाएगा गाय को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी दूध के दाम दो रूपये बढ़ाने की घोषणा जिला परिषद सदस्यों का मानदेय बढ़ा : जिला परिषद अध्यक्ष : 3000 से बढ़कर 15000 उपाध्यक्ष : 2000 से बढ़कर10000 सदस्य- 1000 से बढ़कर 6000 पंचायत प्रतिनिधियों के लिए CM जयराम ने खोला पिटारा : जिला परिषद अध्यक्ष : 15 हज़ार जिला परिषद उपाध्यक्ष : 10 हज़ार जिला परिषद सदस्य : 6 हज़ार पंचायत समिति अध्यक्ष : 9 हज़ार पंचायत समिति उपाध्यक्ष : 6550 पंचायत समिति सदस्य : 5550 पंचायत प्रधान : 5550 उप प्रधान : 3500 सदस्य: 300 प्रति बैठक सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी : वृद्धापेंशन के लिए आयु सीमा घटाकर 60 वर्ष हुई। 60 साल से ऊपर के सब लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी। आय सीमा में पूरी तरह से छूट मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 40 हजार नए लोगों को मिलेगी। 60 से 69 वर्ष तक के कुष्ठ रोगियों को पेंशन 850 से 1000 रुपये करने की घोषणा। दिव्यांग, विधवाओं, एकल नारियों को पेंशन 1000 से बढ़ाकर 1150 रुपये करने की घोषणा। 70 से अधिक उम्र के बुजुर्गों, 70 फीसदी से अधिक विकलांगों को पेंशन 1500 से 1700 रुपये की करने की घोषणा। विधवा पुनर्विवाह अनुदान राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 65 हजार करने की घोषणा मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना शुरू होगी: इस योजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च होंगे मुख्यमंत्री असहाय बाल पुनर्वास योजना शुरू होगी पशुपालकों की सहायता के लिए कॉल सेंटर बनेंगे HEALTH SECTOR : स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा -- बजट में मुख्यमंत्री ने घोषणा की प्रदेश में पांच सौ डाक्टर के नए पद सृजित किए जाएंगे। वर्तमान में 2500 के करीब चिकित्सकों का काडर है। आयुष वैलनेस सेंटर में महिला एवं पुरुष योग प्रशिक्षकों के रूप में आरोग्य मित्र लगाए जाएंगे। हिमकेयर कार्ड की नवीनीकरण अवधि एक साल से बढ़कर तीन साल,इस का लाभ कैदियों को भी मिलेगा मुख्यमंत्री मोबाइल क्लिनिक योजना शुरू हर विधानसभा क्षेत्र में होगा एक मोबाइल क्लिनिक एक डॉक्टर के साथ होगी टीम , बेसिक सुविधाएं होंगी चिकित्सा अधिकारियों के 500 नए पद सृजित किये जायेंगे 50 नई एम्बुलेंस मुहैया करने की घोषणा, 15 करोड़ होंगे खर्च टांडा में पैट स्कैन तथा नेरचौक में मिलेगी पैट स्कैन एवं एमआरआई की सुविधा हृदय रोगों से पीड़ित लोगों के लिए आईजीएमसी व टांडा के अलावा नाहन व हमीरपुर में भी लैब, 20 करोड़ रूपए होंगे जाने पेयजल के लिए क्या है बजट में ख़ास : जल जीवन मिशन में 17 लाख 28 हज़ार ग्रामीण परिवारों में से 15 लाख 69 हज़ार परिवारों को नल के कनेक्शन दिए गए हैं इस वित्त वर्ष में 4 उठाऊ पेयजल योजना को लोकार्पित किया जाएगा 65 करोड़ की लागत से एम्स बिलासपुर और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए कोल डैम लोक निर्माण विभाग को 4373 करोड़ बजट का प्रावधान : गत वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1500 किलोमीटर लम्बी सड़कें बनाई गई 1200 लम्बी सड़कों को उन्नयन किया जाएगा 23 पुलों का निर्माण किया जाएगा महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के रखरखाव की सीमा को 5 एवं 6 साल से कम करके तीन वर्ष करने की घोषणा, 350 करोड़ होंगे व्यय सड़कों की मरम्मत के समय जहां भी सड़कों को उखाड़ कर दोबारा बिछाने की आवश्यकता हो वहां आधुनिक तकनीक से उखाड़ा जाएगा INDUSTRY : औद्योगिक निवेश नीति 2019 को दिसंबर 2022 के स्थान पर दिसंबर 2025 तक जारी रखा जाएगा मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जायेगा मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाती जनजाति व दिव्यांग को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ के विकास के लिए सरकार द्वारा 332 करोड़ होंगे खर्च ENVOIRNMENT : प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए ठोस नीति बनाई जाएगी अक्षय ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी वाला देश का पहला राज्य बनने के लिए प्रयास BIG ANNOUNCEMENT : गौ वंश संरक्षण और संवर्धन के लिए शराब की बिक्री के लिए 1 रुपये अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा शिक्षा क्षेत्र के लिए 8412 करोड़ का प्रविधान : जयराम सरकार ने बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 8412 करोड़ का प्रविधान किया गया है। शिक्षा के लिए छह सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिला के शीर्ष विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला में 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा आरंभ की गई है और इसका विस्तार किया जाएगा। छात्रवृत्ति राशि भी बढ़ाई गई। शोधार्थियों के लिए भी राशि बढ़ाई गई। दो सौ स्कूलों में आयुष वाटिकाएं स्थापित की जाएंगी, इसमें दुर्लभ पौधे लगाए जांएगे। इन्हें मिलेगा GI TAG : ज्योग्राफिकल इंडिकेशन एक्ट 1999 के अंतर्गत राज्यों के उत्पादों जैसे मंडी की सेपु बड़ी, किन्नौरी सेब, लाल चावल, हिमाचली टोपी, सिरमौरी लोहिया, हिमाचली धाम, मंडी के धातु शिल्प, हिमाचली वाद्य यंत्र तथा किन्नौरी आभूषण के पंजीकरण की प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी। बड़ी घोषणाएं : परिवहन करों का पड़ोसी राज्यों के करों से युक्तिकरण होगा आबकारी विभाग में नशा निवारण प्रकोष्ठ स्थापित होगा जीएसटी एकत्रीकरण व्यवस्था को सरल बनाने के लिए एक जीएसटी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा ड्रोन के इस्तेमाल के लिए गरुड़ योजना की घोषणा स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि : लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए एक संगीत महाविद्यालय शुरू होगा। एक राज्य सम्मान भी शुरू करने की घोषणा 100 करोड़ की लागत से ताबो में बौद्ध प्रशिक्षण संस्थान बनेगा। 12769 लाभार्थियों को आवासीय सुविधा देंगे नदियों तथा उनकी सहायक नदियों पर 14 नए निगरानी केंद्रों की स्थापना जो नदियों के जल की गुणवत्ता पर निगरानी रखेगी हिमाचल में खेल डाइट मनी को 120 से 240 प्रति दिन करने का निणर्य हिमाचल में सरकार के इस वित्त वर्ष के दौरान 12789 आवासीय सुविधा देने का लक्ष्य खुल गया नौकरियों का पिटारा : जयराम सरकार ने बजट में नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। बजट पेश करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने घोषणा करते हुए कहा की प्रदेश में 780 आशा कार्यकर्ताओं के पद भरे जाएंगे। 870 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा अन्य विभिन्न श्रेणियों के पद भरे जाएंगे। शिक्षा, बिजली बोर्ड सहित राजस्व विभाग में भी भर्तियां होंगी। 2022 में 30 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। गृह रक्षकों की भी भर्ती होगी। आउटसोर्स कर्मियों को सैलरी स्लिप का प्रविधान किया गया है। 780 नई आशा कार्यकर्ता के पद भरे जाएंगे 437 पद आशा फैसिलिटेटर के भरे जाएंगे 870 कम्युनिटी हेल्थ अफसर के पद भरे जाएंगे राष्ट्रिय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में 264 पद भरे जायेंगे जल शक्ति विभाग में पेरा फिटर, मल्टी टास्क ऑपरेटर, पंप ऑपरेटर के पद भरे जायेंगे एचआरटीसी में ड्राइवर तथा कंडक्टर के पद भरे जायेंगे पशुपालन विभाग में डॉक्टर व अन्य पद भरे जायेंगे ग्रहरक्षको की नई भर्ती की जाएगी आउटसोर्स, आशा वर्कर, आगनबाड़ी सहित जाने किसका बढ़ा मानदेय : बढ़ा आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय, मासिक 1825 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 4700 प्रतिमाह मिलेंगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1700 की बढ़ोतरी, 9 हजार प्रतिमाह दिया जाएगा वेतन मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 900 की बढ़ोतरी, 6100 प्रतिमाह हुआ वेतन अटल पेंशन योजना 2000 से बढ़कर 3000 हुई आउटसोर्स कर्मियों को 4200 की प्रतिमाह वृद्धि, 10500 न्यूनतम वेतन मिलेगा सिलाई अध्यापिकाओं को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 7950 प्रतिमाह मिलेंगे मिड डे मील वर्कर्स को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3500 प्रतिमाह मिलेंगे शिक्षा विभाग के वाटर करियर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3900 प्रतिमाह मिलेंगे जल रक्षक को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 4500 प्रतिमाह मिलेंगे मल्टी पर्पस वर्कर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 3900 प्रतिमाह मिलेंगे पेरा फिटर तथा पंप ऑपरेटर को मासिक 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 5550 प्रतिमाह मिलेंगे दिहाड़ीदारों को 50 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 350 रूपए प्रतिदिन दिहाड़ी पंचायत चौकीदार को 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ अब 6500 प्रतिमाह वेतन पंचायत चौकीदार के लिए नीति जल्द राजस्व लम्बरदार को 900 रूपए की बढ़ोतरी के साथ 5000 प्रतिमाह एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी, यथावत रहेगी सेवाएं, बनेगी नीति आईटी टीचर्स के मानदेय में 1000 रूपए की बढ़ोतरी एसपीओ के मानदेय में 900 रूपए की बढ़ोतरी
-2 किलोमीटर की दूरी पर हुए थे हमले -घर लौटकर केंद्र सरकार का जताया आभार -केंद्र सरकार के सहयोग से यूक्रेन से घर तक की निशुल्क यात्रा -बेटी के घर लौटने के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस रूस यूक्रेन वार में फंसी नाहन की रितिका सैनी अब घर लौट आई है। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। रितिका सैनी ने बताया कि उन्होंने 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर घंटों लाइनों में खड़ा होकर भारी परेशानियों से जूझते हुए फ्लाइट ली। रितिका सैनी ने बताया कि जब वह यूक्रेन में फंसी थी तब महज 2 किलोमीटर दूरी पर बमबारी होने के चलते वह लोग दहशत में थे। रितिका ने बताया कि वह इवेनो से रोमेनिया के लिए 550 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंची तो वहां पर 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। ऐसे में उन्हेँ यह 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी थीं। रितिका सैनी ने बताया कि जब वह 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर बॉडर पर पहुंची तो उन्हें वहां पर कैंप में रखा गया। यहां पर घूमने करीब 10 घंटे खड़ा होकर लाइनों में इंतजार करना पड़ा। यूक्रेन से लौटी छात्रा रितिका की माता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जब उनकी बेटी यूक्रेन में फंसी थी तो वह लोग बहुत डरे हुए थे लेकिन अब यूक्रेन से केंद्र सरकार की मदद द्वारा उनकी बेटी घर कुशल लौट आई जिसके बाद उन्होंने राहत ली है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों के शिमला जिला संयुक्त मंच इकाई ने 28-29 मार्च की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के सिलसिले में कालीबाड़ी हॉल शिमला में जिलाधिवेशन का आयोजन किया। अधिवेशन में फैसला लिया गया कि अपनी मांगों को पूर्ण करने के लिए मजदूर व कर्मचारी हिमाचल प्रदेश में दो दिन की ऐतिहासिक हड़ताल करेंगे। मंच ने केंद्र सरकार को चेताया है कि अगर मजदूरों व कर्मचारियों की मांगों को पूर्ण न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। अधिवेशन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा,महासचिव अजय दुलटा,रमाकांत मिश्रा,बालक राम,हिमी देवी,विनोद बिरसांटा,दलीप सिंह,सुनील मेहता,पूर्ण चंद,रंजीव कुठियाला,इंटक प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल मेहरा,महासचिव बी एस चौहान,गौरव चौहान,नरेंद्र चंदेल,पूर्ण चंद,राहुल नेगी,एटक प्रदेश प्रेस सचिव संजय शर्मा,इंद्र सिंह डोगरा,मस्सी लाल,प्रेम सिंह,शिव राम,एचपीएमआरए प्रदेशाध्यक्ष हुक्म चंद शर्मा,केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति वाइस चेयरमैन बलबीर सूरी,एजी ऑफिस एसोसिएशन उपाध्यक्ष राजेन्द्र,ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण आदि शामिल रहे। अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एनपीएस कर्मियों के शांतिपूर्वक आंदोलन को पुलिस बल के ज़रिए कुचलने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे प्रदेश सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने एनपीएस कर्मियों से एकजुटता प्रकट की है व ऐलान किया कि 28-29 जनवरी की हड़ताल में ओल्ड पेंशन स्कीम एक प्रमुख मुद्दा बनेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की मज़दूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों की खुली आलोचना की। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया कि अगर उसने पूँजीपतिपरस्त नीतियों को बन्द न किया तो आंदोलन तेज होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि मजदूर विरोधी चार लेबर कोड निरस्त किये जाएं। वर्ष 2003 से नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की जाए। सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बन्द किया जाए व नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन योजना को वापिस लिया जाए। मजदूरों का न्यूनतम वेतन 21 हज़ार रुपये घोषित किया जाए। आंगनबाड़ी,आशा व मिड डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए। मनरेगा में दो सौ दिन का रोजगार दिया जाए व छः सौ रुपये दिहाड़ी लागू की जाए। भारी महंगाई पर रोक लगाई जाए। आउटसोर्स व ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए। आउटसोर्स के लिए ठोस नीति बनाई जाए। मोटर व्हीकल एक्ट में मालिक व मजदूर विरोधी बदलाव बन्द किये जाएं।
A seven days training programme on ‘Commercial Floriculture and Value Addition’ was organized by Regional Horticultural Research and Training station, Dhaulakuan and Centre for Skill Development in Agricultural and Allied Sciences, UHF Nauni. The training was sponsored by Himachal Pradesh Kaushal Vikas Nigam, Shimla Under Skill Development Programme. Training Coordinator Dr Priyanka Thakur informed that 20 farmers from Nahan, Narag, Mehat, Shillai, Pachhad, Sainwala, Dadahu, Bharapur, Dhaulakuan took part in the training. Training was imparted on various aspects of floriculture like nursery production and maintenance of annual and perennial plants in open, sunken bed and polytunnels; commercial cut and loose flower production of gerbera, rose, marigold, dahlia, tuberose, gladiolus and chrysanthemum. The trainees were also apprised about insect and pest management; advanced systems like hydroponics for multiplying foliage potted plants, vertical gardening and off-season flower production in Chrysanthemum. Farmers were also exposed to ornamental landscaping techniques like hedging and topiary making and lawn making with hands-on training. A full day exposure and interaction visit of the trainees was conducted where they interacted with progressive farmers Ravi Swaroop (Gerbera grower) and Dalip Chauhan (Rose grower), and learnt practical aspects of commercial floriculture. In addition, hands-on training on dehydration techniques of native and naturalized plant parts in the form of floral craft items was also conducted. Dr AK Joshi, Associate Director of the station distributed the certificates and urged the participants to start their own enterprise in floriculture.
- 14 मार्च को युवा कांग्रेस करेगी विधानसभा का विशाल घेराव शिमला. प्रदेश की जयराम सरकार के ख़िलाफ़ विभिन्न मुद्दों को लेकर 14 मार्च को हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस शिमला में विधानसभा का घेराव करने जा रही है। प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने आज कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि जयराम सरकार की जनविरोधी नीतियों से प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। समस्त प्रदेश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है और सरकार मस्त है। फर्क़ साफ़ है ड्राइवर लाइसेंस से ले कर स्टील,डिश टेलीविजन रिचार्ज, सीमेंट,सिलेंडर और सरसों, पेट्रोल सभी की कीमतें बढ़ी है। कमर्शियल गैस, दूध, डालडा की कीमतों में भारी वृद्धि कर प्रदेश की जनता को महाशिवरात्री का तोहफा है। युवा लगातार बढ़ती बेरोज़गारी से परेशान है, लेकिन सरकार नये रोज़गार पैदा करने के अवसर नहीं बना पाई। निगम भंडारी ने कहा कि लगातार बढ़ती महगाई ने हर घर की हालत पर प्रभाव डाला है। सेंटर ऑफ मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमि के मुताबिक बेरोजगारी दर फ़रवरी 2020 हिमाचल में 13.9% थी, जिसके मुताबिक हिमाचल प्रदेश प्रथम पांच राज्यों में अपना नाम दर्ज करवा चुका है। कर्मचारी वर्ग अपने हक़ों की सुरक्षा के लिये आज सड़कों पर संघर्ष कर रहा है और उनकी सुनवाई तो दूर की बात है उनके संघर्ष को कुचलने के लिये तुग़लकी फ़रमान निकाले जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे धरना प्रदर्शन जय राम सरकार की विफलताओं को दर्शाता है। पिछले 3 महीनों में जितने धरने प्रदर्शन हुए हैं उतने पिछले 4 साल में नहीं हुए। प्रदेश में कानून व्यवस्था शून्य के समान है जिसमें नशे का कारोबार और वितरण बिना किसी रोकटोक के प्रदेश के हर कोने में चल रहा है। भाजपा सरकार की सबसे बड़ी मनमानी का सबूत किन्नौर (जंगी ठोपन) जल विद्युत परियोजना है जहां संबंधित पंचायतों की एनओसी के बिना मशीनों को काम पर उतारा गया । नदी के जल के परिवर्तन के कारण इस के प्राकृतिक बहाव में बदलाव हो रहा है, जो एक गंभीर विषय है। युवा कांग्रेस पहले भी इसका विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
पुरानी पेंशन स्कीम बहाली को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन उग्र होता दिख रहा है। प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी विधानसभा का घेराव करने शिमला पहुंचे है और प्रदर्शन करते हुए विधानसभा के गेट तक पहुंच गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और एतिहातन विधानसभा के गेट पर ताला लगा दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने कर्मचारियों को 103 टनल के पास रोकने के लिए पानी की बौछार की लेकिन कर्मचारी आगे बढ़ते चले गए। इससे पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदेशभर से शिमला पहुंचे कर्मचारी शिमला की टूटीकंडी क्रॉसिंग में जुटे और विधानसभा की तरफ कूच किया। कर्मचारियों ने ढोल नगाड़ों के साथ जमकर नारेबाजी की और चेताया की 'जो ओपीएस बहाल करेगा वो ही प्रदेश पर राज करेगा'। प्रदर्शन के चलते शिमला में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और चौड़ा मैदान में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। हालाँकि पुलिस बल भी कर्मचारियों को विधानसभा तक पहुँचने से नहीं रोक पाया।
Dharamshala: On the First Day of Tibetan Losar (Tibetan New Year), Central Tibetan Administration’s Sikyong Penpa Tsering, Kalons, Speaker Khenpo Sonam Tenphel, Deputy Speaker Dolma Tsering, Parliamentarians and staff along with the monks of Namgyal Monastery gathered at Tsuglagkhang to celebrate the Tsetor, a ceremony that was practised since second Dalai Lama. The ritual observance began with a prayer service followed by an offering of the mandala to His Holiness the Dalai Lama’s throne from the heads of CTA’s three pillars. His Holiness the Dalai Lama also greeted Tibetans on 2149th Tibetan New Year (Losar) from his residence in Dharamshala.
मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल के तहत एचआरटीसी की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से महिला समेत दो की मौत हो गई है और करीब 15 यात्री घायल बताएं जा रहे है। हादसा ग्राम पंचायत गाहर के झीड़ गांव के पास पेश आया है। मिली जानकारी के अनुसार हादसा वीरवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। जानकारी मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य को अंजाम दिया। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।
हिमाचल प्रदेश की विकास दर 2021-22 में 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जोकि पिछले वर्ष 2020-21 में माइनस 5.2 प्रतिशत थी। वीरवार को विधनसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह दी जानकारी। उन्होंने बताया कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 2021-21 में 1 लाख 56 हजार 675 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में अग्रिम अनुमानों के अनुसार 1 लाख 75 हजार 173 करोड़ रुपये होने की संभावना है। जबकि प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 1 लाख 83 हजार 333 रुपये से बढ़कर 2021-22 में 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ दो लाख 01 हजार 854 रुपये तक पहुंचना अनुमानित है। वर्ष 2021-22 के दौरान कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत, विनिर्माण क्षेत्र में 11.3 प्रतिशत, निर्माण क्षेत्र में 13.3 प्रतिशत, व्यापार, होटल, रेस्तरां इत्यादि में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर अनुमानित है। वर्ष 2020-21 में प्रचलित कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय 201854 लाख रुपये रहने का अनुमान है, जो कि राष्ट्रीय अनुमानित प्रति व्यक्ति आय से 51528 प्रति अधिक है। वर्ष 2021-22 के दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10.1% की वृद्धि रहने का अनुमान लगाया गया है।
ओपीएस की बहाली को लेकर शिमला में कर्मचारियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विधानसभा के घेराव के लिए हजारों कर्मचारी टूटीकंडी से विधानसभा के लिए रवाना हुए जिन्हें 103 पर पुलिस बल ने रोक लिया है। कर्मचारियो ने चक्का जाम कर दिया है। विपक्ष ने सत्तापक्ष पर जबरन आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कर्मचारी प्रदेश की रीढ़ की हड्डी है। सरकार ओपीएस को लेकर कर्मचारियों को कुचलने के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जीवन का सबसे गलत फैसला ओपीएस को बंद करने का किया। अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने पहले बिना परमिशन के कर्मचारियों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी और दंडात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी। प्रदेश में माफिया राज पर कार्यवाही करने के बजाए सारी फोर्स कर्मचारियों को रोकने को लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को भाजपा कांग्रेस में बांट दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार जाने वाली है। कांग्रेस की सरकार जब बनेगी तो ओपीएस को लागू किया जाएगा। सरकार को सभी निरकुंश अदिसूचनाओं को रद्द करके कर्मचारियों की मांगों को सुनना चाहिए। भाजपा ने कर्मचारियों को पहले भी कुचला है आज भी यही देखने को मिला है। यह हिमाचल प्रदेश के लिए काला दिन है जब कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
यूक्रेन में फंसे हिमाचल प्रदेश के 198 छात्र सकुशल वापस पहुंच गए हैं। जबकि अभी भी 249 छात्र यूक्रेन या समीपवर्ती देशों में फंसे है। इनमे से 53 बच्चे खारकीव में फंसे हैं। 163 बच्चों से संपर्क स्थापित हो गया है और फंसे 86 बच्चों से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यूक्रेन में हिमाचलियों के फंसे होने पर ये जानकारी सदन में दी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की सकुशल वापसी का प्रयास कर रही हैं। वहीँ डलहौजी से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि जो लाए जा रहे हैं, वे वही हैं जो बॉर्डर पार कर चुके हैं खारकीव, सूमी और कीव में फंसे बच्चों को भी जल्द लाया जाए। सीएम ने आश्वस्त किया कि इस बारे में भी ज़रूरी प्रयास होंगे।
शिमला. विधानसभा के बजट सत्र में वीरवार को एक बार फिर विपक्ष ने हंगामा कर वाकआउट किया। दरअसल नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार न करने पर आपत्ति जताई और वे इस पर चर्चा करवाने पर अड़े रहे। प्रस्ताव की नामंजूरी पर विपक्ष के सदस्यों ने सदन में सरकार के खिलाफ नारे लगाए और वाकआउट कर दिया। उधर कांग्रेस के वाकआउट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष पर जमकर प्रहार किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व का संकट है और हालत ये है कि सीपीएम वाले इन्हें बता रहे थे कि कैसे नारेबाजी करनी है। लगता है इन्होंने अपनी पार्टी सीपीएम को आउटसोर्स कर दी है। सीएम ने तंज कस्ते हुए कहा कि पुरे देश में कांग्रेस पार्टी ही आउटसोर्स होने वाली है। अपने भाषण के दौरान सीएम ने सदन से कर्मचारियों से भी अपील की। सीएम ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांग को शांतिपूर्वक तरीके से रखें। उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील है। सरकार ने वह सब कुछ किया है, जो संभव है। इस बीच आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश की विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
विधानसभा के बजट सत्र में गुरूवार को फिर जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सदन में हंगामा कर दिया। किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी ने न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली के मसले को उठाया। जबकि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार न करने पर आपत्ति जताई। वे इस पर चर्चा करवाने पर अड़े रहे। इस प्रस्ताव की नामंजूरी पर विपक्ष के सदस्यों ने सदन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालाँकि नारेबाजी के बीच ही स्पीकर ने सदन में प्रश्नकाल शुरू किया। इसके उपरांत 11 बजकर 17 मिनट पर विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
- जो ओपीएस बहाल करेगा वो ही प्रदेश पर राज करेगा पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदेशभर से शिमला पहुंचे कर्मचारी शिमला की टूटीकंडी क्रॉसिंग में जुट गए हैं और विधानसभा की तरफ कूच कर रहे है। मंडी से शुरू हुई पदयात्रा शिमला पहुंच गई है। कर्मचारी ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे है। 'जो ओपीएस बहाल करेगा वो ही प्रदेश पर राज करेगा' के नारों के साथ कर्मचारी प्रदर्श कर रहे है। प्रदर्शन के चलते कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और चौड़ा मैदान में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। उधर विधानसभा के मुख्य गेट पर सन्नाटा पसरा हुआ है और विपक्ष ने प्रश्न काल से पहले ही सदन में हंगामा कर दिया है। जानकारी मिल रही है की इस विषय पर मुख्यमंत्री आज शाम को मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमे इस विषय पर आम सहमति बनाने पर चर्चा होगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 3 मार्च को कर्मचारियों के छुट्टी लेने पर रोक लगा दी है। इस संदर्भ में मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को लिखित में आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल कल प्रदेश के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली और पे कमीशन की विसंगतियों को लेकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में प्रस्तवित प्रदर्शन से एक दिन पहले सरकार ने सिविल सर्विस रूल्स 3 और 7 का हवाला देते हुए ये आदेश जारी किए हैं। इसके चलते प्रदर्शन, घेराव, हड़ताल, बायकॉट, पेन डाउन स्ट्राइक और सामूहिक अवकाश लेने और इस तरह की अन्य गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा। वहीँ ऐसे कर्मचारियों पर मामला भी दर्ज हो सकता है, साथ ही संबंधित विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विधानसभा का बजट सत्र जारी है, ऐसे में कर्मचारियों को छुट्टियां देने पर रोक लगाई गई है।
एशिया के सबसे ऊँचे खेल मैदान में “चायल क्रिकेट क्लब “द्वारा आयोजित परमवीर चक्र गुरवचन सिह सलारिया मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन हो गया। इस मौके पर होटल एसोसिएशन चायल के अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। बता दें की यह प्रतियोगिता पिछले दो महीनों से चायल मैदान में चल रही थी। इस क्रिकेट प्रतियोगिता में 45 टीमों ने भाग लिया। “चायल क्रिकेट क्लब द्वारा इस प्रतियोगिता को जितने वाली टीम के लिए 1 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन कर इस खिताब को सिद्ध बाबा क्लब चायल ने अपने नाम किया , वहीँ दूसरे स्थान पर किलर किंग्स चायल रहा। किलर किंग्स चायल को भी उपविजेता रहने पर कमेटी की तरफ से 50 हजार रूपए का नगद इनाम दिया गया। इस मौके पर देवेन्द्र वर्मा ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि युवाओं को नशा न करके खेलों के प्रति अपनी रूचि को बढ़ाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण में भूमिका निभाने का आवाहन किया व फ़ौज मे सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर क्लब के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर उर्फ़ डिंपल व उपाध्यक्ष विशाल वर्मा ने भी युवाओं को संबोधित किया ।
मंडी. आज महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। प्रदेश भर के शिवालयों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। सुबह से शिव दर्शन के लिए मंदिर के बाहर कतारों में श्रद्धालु ओम नम: शिवाय के जयकारों का उदघोष करते हुए पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से करीब आठ बजे बाबा भूतनाथ को महाशिवरात्रि का निमंत्रण दिया गया। डीसी मंडी ने पूजा-अर्चना कर यज्ञ में पूर्णाहुति डाली। इससे पहले उन्होंने टारना माता और माधोराय मंदिर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद बाबा भूतनाथ मंदिर तक देव ध्वनी की धुनों पर छोटी जलेब निकाली गई। छोटी जलेब में प्रमुख देवी-देवता शुकदेव ऋषि थट्टा, देव डगांडू, देव झाथी वीर के रथ के साथ पुलिस बैंड, पुलिस दल, होमगार्ड के जवान और पुलिस के घोड़े भी शामिल हुए। बड़ादेव कमरुनाग के आगमन के साथ सोमवार को छोटी काशी मंडी में महाशिवरात्रि मेले के कारज शुरू हो चुके हैं। मंडी शिवरात्रि का शुभारंभ दो मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे, जबकि आठ मार्च को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर मेले का समापन करेंगे।
यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस बीच वहां फंसे भारतीयों को सख्त एडवाइजरी जारी हुई है जिसमें कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक और छात्र आज ही कीव छोड़ दे। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि रूसी सेना 24 घंटे के भीतर कीव शहर पर ताबड़तोड़ हमले को अंजाम दे सकती है, इसलिए एहतियातन भारतीय नागरिकों एवं छात्रों को शहर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। यूक्रेन में मौजूदा स्थिति पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित हुई है जिसमें फैसला लिया गया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह सहित विशेष दूत उक्रैन मेंफंसे भारतीयों की निकासी के समन्वय के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों की यात्रा करेंगे।
यूक्रेन पर रूस के हमले में एक भारतीय छात्र की जान चली गई है। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई इलाकों में हमला और तेज कर दिया है। रूस के हमले में यूक्रेन के कई नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और इसी गोलीबारी में एक भारतीय छात्र की भी मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार यूक्रेन के खार्किव में मंगलवार सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई। छात्र का नाम नवीन है और वह कर्नाटक का रहने वाला था।


















































