अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ उपमंडल जयसिंहपुर के त्रैमासिक चुनाव आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जयसिंहपुर के सभागार में हुए। चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर रवि श्याल की अध्यक्षता में संपन्न हुए। उपमंडल जयसिंहपुर के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से महासंघ के पदाधिकारियों का चुनाव किया। इसमें अधीक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जयसिंहपुर के विनोद कुमार शर्मा को प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान नरेश सिंह, अधीक्षक (ग्रेड-2), लोकनिवि जयसिंहपुर, उप प्रधान सुरिंदर सिंह अधीक्षक (ग्रेड-2), विकास खंड कार्यालय, लंबागांव, महासचिव अजय कुमार वरिष्ठ सहायक तहसील कार्यालय जयसिंहपुर, सह सचिव कुलदीप कुमार लिपिक, बीआरसी कार्यालय लंबागांव व विकास खंड कार्यालय लंबगांव के पीआई ध्रुब सिंह को मुख्य सलाहकार चुना गया।
शिमला नगर निगम चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जन सुझावों को लेने का निर्णय लिया हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक विशेष ईमेल sujhav.mcelections@gmail.com (PEOPLE’S MANIFESTO) बनाया है। कोई भी नागरिक जो शिमला नगर निगम चुनावों में रुचि रखता हो और शिमला शहर की समस्याओं को दूर करने या इसके विकास के लिये कोई अपना सुझाव देना चाहता हो, वह लिखित तौर पर या ईमेल के जरिये इस माह के 16 अप्रैल तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सीधे भेज सकता है। कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह ने बताया है कि कांग्रेस शिमला शहर की समस्याओं व इसके विकास के लिये जन सुझावों पर गौर करते हुए शिमला नगर निगम में काविज होने के बाद जन भावनाओं के अनुरूप नगर के विकास की रूपरेखा तय करेगी।
विधायक पवन काजल ने सोमवार को विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नंदरूल में आयोजित वार्षिक मेले में भाग लिया। काजल ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में मेलों का आयोजन एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भी ग्रामीणों द्वारा मेलों का भव्य आयोजन करना उनकी सभ्यता व संस्कृति के संरक्षक के तौर पर है। युवा वर्ग को भी मेलों कि इस संस्कृति को सहेज कर रखने के लिए आगे आना चाहिए। काजल ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा नशे का प्रचलन चिंता का विषय है। उन्होंने विभिन्न समाजसेवी संगठनों से भी ग्रामीण क्षेत्रों से नशा माफिया विरुद्ध एकजुट होकर अभियान चलाकर युवा पीढ़ी को संरक्षित करने की अपील की। काजल ने कहा ग्राम पंचायत नंदरुल को हार जलाडी से जोड़ने के लिए बनेर खड्ड पर धीमी गति से चल रहे पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र में भी मांग रखी है। विधानसभा में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पुल का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा करने का आश्वासन उन्हें दिया है। काजल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा लगभग साढ़े तीन करोड़ के रखे गए पुल के शिलान्यास के 8 वर्षों बाद भी पुल का निर्माण न होना विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल इंगित करता है। काजल ने कहा ग्राम पंचायत नंदरूल में पेयजल समस्या के समाधान के लिए नई पेयजल योजना की डीपीआर बनाई गई है। कांगड़ा शहर से पंचायत तक की सड़क को चकाचक कर दिया गया है। उन्होंने मेला कमेटी को ग्यारह हजार रुपये की नगद राशि भी भेंट की। इस मौके पर मेला कमेटी द्वारा विधायक पवन काजल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। हरी सिंह प्रधान मेला कमेटी, संतोष राज सचिव, गुरदेव सिंह, मिलाप चंद, प्रताप चंद, जरनैल सिंह,राज कुमारी प्रधान ग्राम पंचायत भी उपस्थित रहे।
संसाधनों की कमी के कारण उच्च और व्यवसायिक शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ विद्यार्थियों का सपना प्रदेश सरकार पूरा करेगी। इसमें सहायक बनेगी सरकार की नवोन्मेषी एवं महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-24 में गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अंतर्गत 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर वित्तीय संस्थानों या बैंकों के माध्यम से शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सहभागी वित्तीय संस्थानों और बैंकों से विद्यार्थी यह ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें ट्यूशन फीस, आवास, किताबें एवं शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्च वहन करने में सहायता मिलेगी। इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पीएचडी, आईटीआई के पाठ्यक्रम, पॉलिटेक्निक, बी-फार्मेसी, नर्सिंग, जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) सहित कई व्यवसायिक पाठ्यक्रम इस योजना में शामिल होंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय संसाधनों के अभाव में राज्य में कोई भी गरीब बच्चा उच्च और व्यवसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रतिशत ब्याज दर सिर्फ उनमें जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए है, ताकि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार का संकल्प है कि धन की कमी के कारण कोई भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि योजना को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षा विभाग प्रयासरत है। इस योजना के माध्मय से गरीब विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच और उनकी क्षमता का सही उपयोग सुनिश्चित होगा तथा इससे उनकी आकांक्षाओं को पूर्ण करने में भी मदद मिलेगी। व्यवस्था परिवर्तन करने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में कार्य कर रही है और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना इन्हीं में से एक है। सरकारी संस्थानों में 18 वर्ष आयु से अधिक की 20 हजार मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार उन्हें इलेक्ट्रिक स्कूटी की खरीद पर 25 हजार रुपए का उपदान प्रदान करेगी। इससे छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने को प्रोत्साहित होंगी, वहीं ई-स्कूटी का उपयोग हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में भी सहायक होगा।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार नई सोच और नई ऊर्जा के साथ हिमाचल प्रदेश को विकास के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित करने के लिए सतत कार्यशील है। संजय अवस्थी गत दिवस अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगू में नवयुवक जनसुधार सभा मांगू तथा कुरगण लेंड लूजर सोसायटी द्वारा आयोजित देव जातर में सम्मिलित होने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर कुरगण प्रकाश (मंडोढ) देवता के जन्मोत्सव पर सभी को बधाई दी। उन्होंने देव जातर में उपस्थित मंडोढ देवता दाड़ला-डवारू, कराड़ा, कोलका एवं मांगू के समक्ष शीश नवाया और समूचे क्षेत्र एवं प्रदेशवासियों की समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि अपनी देव परम्पराओं के विषय में युवा पीढ़ी को अवगत करवाएं ताकि भावी पीढ़ियां देव संस्कृति से सदैव जुड़ी रहें। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने और युवाओं की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक कार्य में लगाने का आह्वान भी किया। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रदेशवासियों को सुशासन प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पहले ही बजट में 13 नई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं जहां विकास के मार्ग को प्रशस्त करेंगी वहीं लक्षित वर्गों को समयबद्ध लाभ प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि वायदे के अनुरूप पहले वर्ष में ही प्रदेश सरकार ने सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में 90 हजार रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। इस अवसर पर खण्ड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, कांग्रेस सेवा दल के ज़िला अध्यक्ष संजय ठाकुर, कुरगण लेंड लूजर सोसायटी के अध्यक्ष रत्न भट्टी, पंचायत समिति सदस्य राजेन्द्र भट्टी, प्रधान ग्राम पंचायत मांगू बलदेव राज, पूर्व पंचायत समिति की अध्यक्ष नीलम रघुवंशी, उप प्रधान ग्राम पंचायत मांगू राजेश पुरी, स्थानीय निवासी मेहर सिंह वर्मा एवं संत राम वर्मा सहित अन्य ग्रामीण, देव समाज से जुड़े व्यक्ति, उपमण्डलाधिकारी अर्की केशव राम, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता रवि कपूर, अन्य विभागों के अधिकारी, लेंड लूजर सोसाइटी तथा नवयुवक जनसुधार सभा मांगे के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
जामनाबाद पंचायत के गांव पनियारकड़ के कुल ओंकारेश्वर शिव शक्ति नागा पांडव मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित व्यास जगत राम शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का बखान किया। पंडित व्यास जगत राम शर्मा ने कहा कि भगवान तो इतने सरल हैं कि पता ही नहीं कौन से छोटे से गुण पर रीझ जाएं। उन्होंने कहा कि भक्त को अपना सर्वस्व प्रभु को समर्पण कर देना चाहिए। जो कुछ भी उसके पास हो उसे प्रभु का प्रसाद ही मानना चाहिए। अपनी प्रत्येक वस्तु में प्रसादी भाव को जगाना वास्तव में भागवत बुद्धि कहलाता है। वहीं, उपस्थित भक्ताें ने श्री कृष्ण की लीलाओं को सुनकर खूब आनंद लिया। इस दौरान मंदिर के संत जगन्नाथ भी उपस्थित रहे।
शिमला नगर निगम चुनाव की रणभूमि पर आगामी चुनावी महासंग्राम के लिए राजनीतिक दलों ने अपने सियासी अस्त्र -शस्त्र तैयार कर लिए है। चुनावी रणभेरी बज चुकी है और अब रण कौशल दिखाने की बारी है। चुनाव प्रचार 30 अप्रैल को थम जाएगा और प्रत्याशियों के पास जनता का भरोसा जीतने के लिए एक महीने से भी कम समय बाकी है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अपने आप में बेहद खास हैं। भाजपा के सामने जहां शिमला नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीँ नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए ये साख का सवाल है। इसी तरह ये चुनाव सीपीआईएम के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का अवसर है, तो आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए भी ये अहम है। ऐसे में स्वाभाविक है कि शिमला नगर निगम चुनाव में जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा। नगर शिमला पर अपना झंडा फहराने के लिए सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी फुल एक्शन मोड में दिख रही है। पूरी एक्शन फाॅर्स तैयार की गई है जिसमें पार्टी के धुरंधर शामिल है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, तो वहीँ कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे। स्क्रीनिंग कमेटी में उद्योग मंत्री के साथ ही मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, हरीश जनारथा के अलावा आशीष बुटेल, विनय कुमार को कमेटी में रखा गया है। यह स्क्रीनिंग का काम देखेंगे और किसे चुनाव में उतारना है, इसका निर्णय लेंगे। कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे,वहीं हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल को संयोजक लगाया गया है। मेंबर की भूमिका में विधायक नंदलाल, मोहन लाल ब्राक्टा, अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी भी शामिल है। इसके अलावा नरेंद्र कटारिया, रजनीश किमटा, दयाल प्यारी और हरदीप सिंह बावा को भी स्थान मिला है। वहीं कांग्रेस ने इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी की कमान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सौंपी गई है, तो सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा को इस कमेटी संयोजक बनाया गया हैं। इनके अलावा महेश्वर सिंह चौहान, संजय अवस्थी, रघुबीर सिंह बाली, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र बुशहरी, रामकुमार, सुरेश कुमार, राजेश शर्मा, सुनील शर्मा बिट्टू, अमित नंदा, रितेश कपरेट को मेंबर लगाया गया। कांग्रेस की इन फेहरिस्तों को देख कर स्पष्ट दिख रहा है पूरी कांग्रेस सरकार नगर निगम शिमला के चुनावी मैदान में उतरेगी। ये पार्टी के लिए अच्छे संकेत भी है और वहीँ अगर पार्टी बेहतर नहीं कर पाती तो पूरी सरकार की किरकिरी होना भी लाज़मी है। उधर चुनाव के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। भाजपा ने इस बार शिमला नगर निगम चुनाव के लिए विधायकों और पूर्व विधायकों को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को प्रवासी वार्ड प्रभारी नियुक्त किया है। शिमला नगर निगम चुनाव का प्रभारी सुखराम चौधरी को नियुक्त किया गया है। तो वहीं हर वार्ड पर एक विधायक की ड्यूटी लगाई गई है। ज़ाहिर है यहाँ कब्ज़ा बरकरार रखने को भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ेगी। 'आप' के लिए करो या मरो : आम आदमी पार्टी ने शिमला के सभी वार्डों में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पर ये देखना रोचक होगा कि पार्टी यहाँ पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरती है या खानापूर्ति के लिए चुनाव लड़ती है। जाहिर सी बात है अगर पार्टी शिमला नगर निगम चुनाव में भी बेहतर नहीं कर पाई तो हिमाचल में पार्टी के भविष्य पर सवाल तो उठेंगे ही। प्रत्याशी खर्च सकेंगे अधिकतम एक लाख नगर निगम शिमला चुनाव के दौरान प्रत्याशी एक लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इससे अधिक व्यय यदि प्रत्याशी द्वारा प्रचार पर किया जाता है तो सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है। 86,650 मतदाता करेंगे मतदान नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सभी 34 वार्डों की मतदाता सूची का प्रारूप जारी कर दिया। इस बार नगर निगम चुनाव में 86,650 मतदाता नगर निगम की सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। इसमें पुरुष 45,544 और 41,106 महिलाएं मतदाता शामिल हैं। जिला प्रशासन की नई मतदाता सूची के प्रारूप में सबसे बड़ा वार्ड संजौली चौक बना है। संजौली चौक वार्ड में 4,062 मतदाता है। वहीं, सबसे छोटा वार्ड मल्याणा है। यहां पर कुल 962 मतदाता हैं।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष हमलावर दिखा। प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर जहां सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली वहीं, विपक्ष के नेताओं ने पिछली सरकार के काम भी गिनवाए। भाजपा के नेताओं ने संस्थानों के डी-नोटिफाई, लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने के विरोध और आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के मुद्दे पर जमकर सरकार को घेरा। इन्हीं मुद्दों पर फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया द्वारा भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व ऊना सदर से विधायक सतपाल सत्ती से खास चर्चा की गयी। पेश है चर्चा के मुख्य अंश...... सवाल : बजट सत्र के दौरान विपक्ष को कई बार बोलने का मौका दिया गया इसके बावजूद भी विपक्ष द्वारा कई दफा वॉक आउट किया गया, क्या कारण रहा ? जवाब : विपक्ष द्वारा 3 दिन विभिन्न मुद्दों पर वॉक आउट किया गया, सबसे पहले मुद्दा था लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने का, इस सम्मान योजना को उन लोगों के लिए शुरू किया गया था, जिन लोगों ने इमरजेंसी के दौरान 19 महीने जेल में काटे थे। परन्तु कांग्रेस ने सरकार बनते ही इस सम्मान योजना को बंद कर दिया। हमने इसका विरोध किया लेकिन हमारी बात को नहीं सुना गया, जिस वजह से हमने सदन से वॉक आउट कर दिया। इसके साथ ही शिमला नगर निगम चुनाव से पहले भी कई अनियमितताएं देखने को मिली, नगर निगम के लिए वोट कौन बना सकता है और कौन नहीं, इस नियम को बार-बार बदला गया है। कांग्रेस धक्काशाही करके नगर निगम शिमला के चुनावों को जीतना चाहती है, इसलिए इस तरह के हथकंड़े अपना रही है। हमने इस पर चर्चा करना चाही तो उसे भी नहीं सुना गया। इसी तरह हमने विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में रखा लेकिन कांग्रेस के लोगों ने किसी भी विषय पर ठीक तरह से चर्चा नहीं होने दी जिस वजह से हम सदन से बाहर आ गए। कई विषयों पर हमने चर्चा भी की और मुद्दों को सदन में रखा। हम बिना वजह सदन से वॉक आउट करने पर विश्वास नहीं रखते है। यदि सरकार ठीक तरह से कार्य करेगी तो हम भी साथ देंगे, लेकिन यदि हमारी बात को सदन में सुना नहीं जाएगा तो हम भी सरकार की बात को नहीं सुनेंगे। सवाल : नई सरकार के पहले बजट को भाजपा ने केंद्र की कॉपी बताया मगर कांग्रेस का कहना है की केंद्र की कॉपी होना कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं है, आप इस पर क्या कहेंगे ? जवाब : भाजपा ने जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में कई स्कीमों को चलाया और केंद्र सरकार का भी हमें उसमें पूरा सहयोग मिला। आज के समय में भी प्रदेश में जो योजनाएं चल रही है इसमें केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है, फिर चाहे वह जल जीवन मिशन हो या फोरलेनिंग का कार्य, सभी कार्य केंद्र सरकार की मदद से हो रहे है। हम कंस्यूमर स्टेट है और हमारे पास इतने साधन नहीं है कि हम अपने स्तर पर इन सब कार्यों को कर सके। नरेंदर मोदी जब से प्रधानमंत्री बने है तब से उन्होंने प्रदेश को हक़ से ज्यादा दिया है और प्रदेश का विशेष ध्यान रखा है। इसके नाते हम यह कह सकते है कि पिछली सरकार द्वारा कई जनहित की योजनाएं चलायी गयी है, जैसे हिमकेयर योजना जिससे कोई भी व्यक्ति अपने इलाज के दौरान 5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है, महिला गृहणी सशक्तिकरण योजना जिससे आज प्रदेश में कोई भी घर एलपीजी गैस के बिना नहीं है, इसका पूरा श्रेय केवल भाजपा को जाता है। कांग्रेस की सरकार हाल ही में प्रदेश में बनी है, इस समय जो भी उद्घाटन कांग्रेस के मंत्रियों या मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे है वह सब जयराम ठाकुर की सरकार में स्वीकृत हुए थे। इनके समय में अभी किसी भी कार्य की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा, डेढ़ से दो साल बाद जो कार्य होंगे वह कांग्रेस सरकार के काम होंगे लेकिन अभी जो कार्य चल रहे है वह कार्य भाजपा सरकार की देन है। यह सरकार केवल जनता को दुःख देने के लिए हैं। इन्होने संसथान बंद कर दिए, बिजली को महंगा कर दिया और इसके साथ ही इन्होने लाखो युवाओं को रोज़गार देने का वादा किया था लेकिन आउटसोर्स पर लगे हज़ारों कर्मचारियों को बहार का रास्ता दिखा दिया। मेडिकल कालेज, हेल्थ इंस्टीटूशन खाली हो गए है, जल शक्ति विभाग में स्कीमों को चलने वाला कोई नहीं बचा है। कांग्रेस सरकार का नौजवानों के प्रति अन्यायपूर्ण रवैया है जिसका हम विरोध करते है। इस विषय का हम विधानसभा के अंदर और बहार विरोध करेंगे। यदि सरकार ठीक तरह से चलती है तो हम साथ देंगे नहीं तो सरकार का विरोध किया जाएगा। सवाल : पिछली सरकार के समय में फोरलेन के मुआवजे को लेकर विरोध हुआ है। आप भी लोअर हिमाचल से आते है और यदि देखा जाये तो लोअर हिमाचल में काफी विरोध इसे लेकर देखने को मिला है, इसपर आपका क्या पक्ष है ? जवाब : मेरे क्षेत्र में कहीं भी विरोध नहीं हुआ है, हमारे क्षेत्र में जो भी सड़कें बनी है वहां सभी को मुआवजा मिला है। मेहतपुर से अम्ब सड़क के लिए 107 करोड़ रूपए आया था और उसमे जो भी जमीन आई उनके मालिकों को मुआवजे दिए गए है। मौजूदा समय में भी जो सड़के बन रही है जैसे किरतपुर साहिब से मनाली, परवाणू से शिमला, उन सब के मुआवजे भी दिए गए है। हम मानते है कि किसान की इच्छा होती है कि उसे उसकी जमीन का ज्यादा से ज्यादा मुआवजा मिले जिसमें कोई गलत बात नहीं है। आजकल पठानकोट हाईवे के साथ साथ कांगड़ा जिले में विभिन्न सड़कों का कार्य चल रहा है और वहां पर भी मुआवजे को लेकर आवाज़ उठ रही है। उन्हें भी उचित मुआवजा मिलना चाहिए, यह जनता का हक़ है, हम इसका समर्थन करते है, लेकिन पिछली सरकार के समय मुआवजा नहीं मिला ऐसा कहना उचित नहीं है, क्यूंकि यह केंद्र सरकार का पैसा है और उनके माध्यम से ही पैसा दिया जाता है। इसमें हमारी सरकार की कोई कमी नहीं थी और केंद्र की स्कीमों में भी कोई कमी नहीं है। ऊना में पीजीआई का कार्य शुरू हुआ है, एम्स के कार्य का एक पोरशन 1347 करोड़ में समाप्त कर हम आगे बढ़ रहे है। मेडिकल कालेज का कार्य भी आगामी एक से डेढ़ साल में पूरा हो जायेगा और केंद्र सरकार द्वारा अरबों रूपए उसके लिए दिया जा रहा है। इसके साथ ही मदर चाइल्ड हॉस्पिटलस भी प्रदेश में बनने है। ऐसे ही बहुत सारे कार्य प्रदेश में केंद्र सरकार की मदद से हो रहे है। हम भी कोशिश करेंगे की प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा पैसा आये ताकी प्रदेश का विकास हो सके। प्रधानमंत्री ने पहले भी प्रदेश के लिए कोई कमी नहीं रखी है और आगे भी हमें पूरा विश्वास है कि वह प्रदेश को पूरा सहयोग देंगे। प्रदेश को हज़ारों करोड़ का बल्क ड्रग पार्क दे दिया, मेडिकल डिवाइस पार्क दे दिया जो कांग्रेस की कल्पना से बाहर की बाते है। कांग्रेस उन कार्यों के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती जो केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदेश की जयराम सरकार को दिए है। कांग्रेस पार्टी आने वाले पांच वर्षों में यदि उन कार्यों को पूरा कर देगी तो वो भी इनकी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। सवाल : काँगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने की बात की गयी है। ऊना भी कांगड़ा के साथ लगता जिला है क्या इससे ऊना को भी लाभ होगा ? जवाब : कांगड़ा बहुत सुन्दर जिला है और उसे टूरिज्म कैपिटल बनाने की बात सरकार ने की है, जिसका हम स्वागत करते है। लेकिन सरकार इसमें कुछ कर के दिखाए तो बात बनेगी। इन्होंने पहले भी धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी बनाने की बात कही थी लेकिन वहां इन्होंने एक रूपए का कार्य भी नहीं किया। धर्मशाला में विधानसभा बना दी गयी लेकिन वहां केवल 4 दिन तक सत्र चलता है, जब तक सेटल होने की बात आती है तब तक विधानसभा समाप्त हो जाती है। भाजपा ने कांगड़ा के लिए बहुत कुछ किया है, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एजुकेशन बोर्ड, सेंट्रल यूनिवर्सिटी भाजपा की देन है। इसके साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी भाजपा की देन है, जिससे कांगड़ा में पर्यटन को चार चाँद लगे है। केवल नाम देने से कुछ नहीं होगा, उसे तरजीह देना भी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही कैबिनेट में कांगड़ा को इग्नोर किया गया है, कांग्रेस के 10 विधायक होने के बावजूद भी केवल 1 मंत्री पद दिया गया है और शिमला से 7 विधायक होने के बावजूद भी 3 मंत्री दिए गए है। कांगड़ा को कांग्रेस पार्टी द्वारा इग्नोर किया गया है। कांग्रेस की सरकार जब जब भी आती है तो लोअर हिमाचल के साथ हमेशा अन्याय करती है, उसी तरह का अन्य क्षत्रों में भी कांग्रेस ऐसा ही कर रही है। सवाल : इस बार मुख्यमंत्री भी लोअर हिमाचल से है, आपको क्यों लगता है कि इस बार भी लोअर हिमाचल को इग्नोर किया जाएगा? जवाब : कांग्रेस को लगता है कि अप्पर हिमाचल में उनका कैडर है और उनकी ज्यादा सीटें आती है इसलिए व अप्पर हिमाचल में ज्यादा जोर लगाते है। भाजपा का रुख साफ़ है कि हर क्षेत्र में काम किया जाए क्यूंकि सीटें तो आती जाती रहती है। पिछली बार भाजपा की कांगड़ा से ज्यादा सीटें थी, इस बार कांग्रेस की है और अगली बार हमारी आ जाएगी। इसके नाते सभी क्षेत्रों का विकास सम्मान होना चाहिए। केवल टूरिज्म कैपिटल का नाम देने से कुछ नहीं होगा, उसे लेकर कांग्रेस क्या कार्य करती है यह आने वाले पांच वर्ष बताएंगे। यदि यह पांच साल टिकते है तो इनके पांच सालों के किए गए काम का लेखा जोखा हम पांच वर्षों के बाद बताएंगे।
हिमाचल सरकार का पहला बजट सत्र समाप्त हो चुका है। इस दौरान प्रदेश के कई मुद्दों को लेकर सदन गरमाया। सदन में एक बार फिर फर्जी डिग्री का मामला गूंजा और इस मसले को सदन में उठाया सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने। फर्जी डिग्री मामले और सदन में गूंजे अन्य मसलों को लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट द्वारा सुजानपुर विधायक राजिंदर राणा से खास चर्चा की गयी। पेश है चर्चा के मुख्य अंश...... सवाल : इस बजट सत्र में भी आपने फर्जी डिग्री मामला उठाया, इस मामले में क्या नए अपडेटस आए है ? जवाब : मैंने 2020 में भी पिछली सरकार में इस मामले को उठाया था। 2007 के दिसंबर महीने में भाजपा की सरकार प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में बनी और 2008 में भाजपा की सरकार प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट लेकर आई जिसमें प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने को लेकर कई शर्तें तय हुई थी। जिस व्यक्ति द्वारा मानव भारती विश्वविद्यालय खोला गया था उस व्यक्ति द्वारा दो बार अप्लाई किया गया, लेकिन कैबिनेट में इनका मामला रिजेक्ट हो गया। विश्वविद्यालय खोलने के लिए 50 बीघा भूमि की शर्त थी लेकिन उस व्यक्ति के पास केवल 30 बीघा ही भूमि थी। मैंने सदन में कहा कि तीसरी बार ऐसी कौन सी बात या डील हुई जो इनको विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति दे दी गई। 1998 में राजकुमार राणा ने हिमाचल के बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की मान्यता ली और उसे मिली भी। उस समय पर भी इसके ऊपर 420 के मामले दर्ज हुए और यहाँ से भाग कर यह व्यक्ति हरियाणा चला गया और करनाल में इसके द्वारा यह गोरखधंधा फिर से शुरू किया गया। यदि व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि थी तो उसे ऐसी यूनिवर्सिटी को शुरू करने कैसे दी गई। हिमाचल में 17 निजी विश्वविद्यालय खोल दिए गए, सोलन में एक पंचायत में तीन यूनिवर्सिटी खोल दी गई है। हिमाचल एक छोटा राज्य है यहाँ इन विश्वविद्यालयों में बच्चे कहाँ से आएंगे। मानव भारती के अलावा भी अन्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी संदेह के घेरे में आ जाती है। शांता कुमार के द्वारा भी इस मुद्दे को कई बार उठाया गया है। मैंने यह भी कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक जो जाँच हुई है उसके अनुसार 5 से 6 लाख फर्जी डिग्रियां बेचीं गई है, हालाँकि पुलिस द्वारा की गई जाँच में 41 हज़ार डिग्री की जाँच हुई जिसमें 36 हज़ार फर्जी पाई गई है। इसका मतलब है कि करीब 5 लाख डिग्रियां बिक चुकी है। यदि एक डिग्री 4 लाख के अनुसार भी बेची गई होगी तो यह 20 हज़ार करोड़ का घोटाला है। हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों में यह डिग्रियां बेचीं गई है और विदेश तक में यह डिग्रियां बेचीं गई है। फर्जी डिग्री लेकर जो व्यक्ति किसी कॉलेज में प्रोफेसर लगेगा, तो वो अनपढ़ आदमी दूसरों को क्या पढ़ायेगा। यह देश के नौजवानों के साथ और देश के साथ गद्दारी है। भाजपा ने जो लोग गिरफ्तार किये उनकी जमानत हो गई। यदि उस व्यक्ति की जमानत हो गई तो पुलिस और सरकार डबल बेंच पर क्यों नहीं गई या सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई। इस लिए यह मामला सीबीआई का बनता है और इसलिए मैंने इस मामले को सीबीआई को देने की बात सदन में कही है। शांता कुमार भी स्टेटमेंट देते रहे है कि असली गुनाहगार तो बहार घूम रहे है और उन पर हाथ नहीं डाला जा रहा है। इस मामले को सीबीआई को दिए जाना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों ने 2008 में एक आपराधिक पृष्ठ्भूमि वाले व्यक्ति को विश्व विद्यालय खोलने की इजाजत दी थी और शर्तें पूरी न होते हुए भी इजाजत दी गई थी, उस समय की इस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। उनके खिलाफ जाँच न होना और उनके खिलाफ एफआईआर न होना भी सवाल खड़े करता है। इसे लेकर हमारे द्वारा सीबीआई जाँच की मांग की गई है और शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री से इस विषय को लेकर चर्चा करेंगे और इस विषय को आगे बढ़ाएंगे। सवाल : कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कई आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली गई, इस पर आप क्या कहेंगे ? जवाब : देखिए जो आउटसोर्स से सम्बंधित प्रश्नों के जवाब सदन में आ चुके है। आउटसोर्स की बात की जाए तो एक ऐसी कंपनी प्रदेश में काम कर रही थी जिसने हज़ारों करोड़ों रूपए वहां से कमाया, अब एजेंसी बदल गई क्यूंकि उसका कॉन्ट्रैक्ट पीरियड पूरा हो चुका है तो उसमें विपक्ष को हल्ला करने की जरूरत नहीं है। कर्मचारियों की बात करें तो पांच वर्षों तक इनकी सरकार रही तब इन्होंने क्या किया, तब क्या इनकी सरकार सो रही थी। अब कौन से पंडित ने इन्हें मुहूर्त निकाल कर दिए कि अब आप इस विषय को लेकर आवाज़ उठाइए। यह केवल सुर्ख़ियों में बने रहने की बात है और कुछ नहीं है। सवाल : भाजपा कह रही है कि जो कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुके है उन्हें रिन्यू किया जाना चाहिए था, कर्मचारियों की नौकरियां नहीं जानी चाहिए थी, इसपर आप क्या कहेंगे? जवाब : जिस व्यक्ति को टेंडर दिए गया था उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुका है और जो कर्मचारी थे उन्हें फिर से नौकरी पर रखा जाएगा। सवाल : लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने को लेकर भी विपक्ष द्वारा खूब हंगामा किया गया, आप क्या मानते है, यह सम्मान राशि दिया जाना ठीक था या नहीं ? जवाब : विपक्ष के साथियों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि सत्ता में जो पार्टी आती है वह कुछ लोगों को कमिटमेंट करके आती है। सत्ता परिवर्तन जब होता है तो नई सरकार यह देखती है कि उन्हें सरकार कैसे चलानी है। यदि पिछली सरकार ने कुछ गलत कार्य किये है और कोई गलत फैसले लिए है तो उनको ठीक करना नयी सरकार का कार्य है और वह सरकार कर रही है। सवाल : भाजपा कह रही है कि देश में जब इमरजेंसी लगी थी तब जो लोग जेल गए थे उन लोगों को सम्मान देने के लिए इस योजना को चलाया गया था। क्या कांग्रेस इमरजेंसी का समर्थन करती है ? जवाब : इमरजेंसी किन हालातों में लगाई गई थी इन विषयों पर जाने की जरूरत है। जब देश में हालात बेकाबू हो जाये तो इमरजेंसी जैसी स्थिति होती है और राष्ट्रपति शासन लगता है। यह कोई नयी बात नहीं है और हालातों के अनुसार फैसले लेने पड़ते है। हम न समर्थन कर रहे है और न विरोध कर रहे है जैसे उस समय की स्थिति होगी उस हालत को देखते हुए सरकारों ने फैसला लिया होगा।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा द्वारा 12 अप्रैल को उपमंडल शाहपुर की हारचक्कियां तहसील के तहत लपियाणा के वन विश्राम गृह में होने वाले एक दिवसीय नि:शुल्क एकीकृत चिकित्सा शिविर को स्थगित कर दिया गया है। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव ओपी शर्मा ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा द्वारा जिला प्रशासन कांगड़ा के सहयोग से लपियाणा में दिनांक 12 अप्रैल को होने वाले निःशुल्क एकीकृत चिकित्सा शिविर को पंचायत उपचुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस एकीकृत शिविर की अगली तिथि शीघ्र निर्धारित की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नगर निगम शिमला के चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा फर्जी वोट बनाने की शिकायत की गई है। कश्यप ने कहा की नगर निगम शिमला की चुनाव प्रक्रिया में वोट बनाने का क्रम जारी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करते हुए भारी संख्या में फर्जी वोट बनाकर नगर निगम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उप मुख्यमंत्री एवं सरकार के कुछ मंत्रियों के घरों में भारी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फर्जी वोट बनाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया बैनमोर वार्ड में भी सामने आया है, जहां एक ही कमरे में 18 से 20 लोगों द्वारा वोट बनाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं अन्य वार्डो में सामने आ रही हैं। एक स्वस्थ एवं सुदृढ़ लोकतंत्र की स्थापना के लिए आवश्यक है कि चुनावो में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, लेकिन खेद का विषय है कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम शिमला के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए निम्न स्तर की राजनीति पर उतर आई है और जाली वोटों के सहारे नगर निगम पर कब्जा करना चाहती है। कश्यप ने कहा की भट्टाकुफर में तो हमारे कार्यकर्ताओं के वोट का आवेदन तक नहीं ले रहे पर दूसरी ओर कांग्रेस नेता बोरियों में भर कर वोट लेकर आ रहे हैं। इसपर चुनाव आयोग तो ध्यान देना चाहिए।
पक्ष -विपक्ष की तीखी नोक झोंक, बयानबाज़ी और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का पहला बजट सत्र अपेक्षाओं के अनुकूल खूब हंगामेदार रहा। विपक्ष में बैठी भाजपा पूरे सत्र में आक्रमक दिखी और ठीक उसी तरह वॉकआउट को अपने विरोध का तरीका बनाया जैसा विपक्ष में रहते कांग्रेस करती थी। सदन में सत्ता पक्ष को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई। नई सरकार को हिमाचल के विकास पर लगा ग्रहण तक कह दिया गया। पूरे सत्र के दौरान भाजपा दो बार काम रोको प्रस्ताव लाई और वॉकआउट को अपना हथियार बनाया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने सदन में एक मजबूत विपक्ष के तौर पर दमदार मौजूदगी दर्ज करवाई। दिलचस्प बात ये है कि बतौर मुख्यमंत्री मिस्टर कूल इमेज बनाये रखने वाले जयराम ठाकुर ने विपक्ष में आते ही तेवर के जेवर पहन लिए है। जयराम हर छोटे बड़े मुद्दे पर लगातार सुक्खू सरकार को घेर रहे है। कभी अपने बयानों से तो कभी सदन में अपने तेवरों से, जयराम ठाकुर ने एक किस्म से स्पष्ट सन्देश दिया है कि वे ही विपक्ष का चेहरा है, फिलवक्त वे ही हिमाचल में भाजपा का चेहरा है। विपक्ष में आते ही जयराम ठाकुर का सियासी रंग बदले बदले से है। जयराम अब तल्ख़ भी है और ताव में भी दिख रहे है। जयराम के निशाने पर बेशक हिमाचल सरकार हो लेकिन सियासी चश्मे से देखे तो सन्देश भाजपा के भीतर उनके विरोधियों के लिए भी स्पष्ट है, बात साफ़ है कि अभी तो फेस जयराम है। अलबत्ता जयराम के बदले तेवरों ने भाजपा में ऊर्जा का संचार किया है लेकिन पार्टी अब भी सहज नहीं दिख रही। कारण साफ़ है और वो है हिमाचल में भाजपा का लचर दिख रहा संगठन। दरअसल जल्द शिमला नगर निगम का इम्तिहान है और अगले साल आम चुनाव, पर माहिर मानते है कि भाजपा के संगठन में वो धार नहीं दिख रही जिसके लिए पार्टी जानी जाती है। बहरहाल संगठन के सरदार को बदलने की कयासबाजी जरूर जारी है, लेकिन बदलाव कब होगा, इस पर अब भी संशय बना हुआ है। पर इस बीच जयराम ठाकुर सत्ता से बेदखल होने के बावजूद लगातार हिमाचल भाजपा में मजबूत होते जरूर दिख रहे है। ऐसे में यदि प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव होते है तो क्या ये बदलाव जयराम ठाकुर के मनमुताबिक होंगे या पार्टी आलाकमान प्रदेश भाजपा में संतुलन बनाने का प्रयास करेगा, ये देखना भी रोचक होने वाला है। विस चुनाव : जयराम के क्षेत्र में 'दमखम', बाकि जगह था 'दमकम' ! हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर निगाह डाले तो भाजपा 25 सीटें लेने में कामयाब रही थी। खास बात ये है कि जयराम ठाकुर के गृह ज़िले मंडी में भाजपा को दस में से नौ सीटें मिली और मंडी संसदीय क्षेत्र के लिहाज से देखे तो 17 में से 12 सीटों पर भाजपा का परचम लहराया। जबकि अन्य तीन संसदीय क्षेत्रों में भाजपा के सांसद होने के बावजूद पार्टी 51 में से सिर्फ 13 सीटें जीत पाई थी। इनमें से हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री है तो शिमला सांसद सुरेश कश्यप हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष। रोचक बात ये है कि भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसद भी हमीरपुर और कांगड़ा संसदीय क्षेत्रों से है। इंदु गोस्वामी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से ताल्लुख रखती है, तो सिकंदर कुमार और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से।
एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर आज रछियालु गांव के लोगों ने एसडीएम के समक्ष सामूहिक मांगें रखीं। अधिकतर ग्रामीणों ने कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के हित में बनने जा रहा है, तो उसमें हमारी मुख्य मांग यही रहेगी कि मुआवजा एक समान होना चाहिए और हर एक परिवार को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। रछियालु गांव के पास 72 कनाल सरकारी भूमि है, वहां पर एक सुपर मॉडल गांव का निर्माण होना चाहिए, ताकि लोगों को वहां बसाया जाए। गांव में बिजली, पानी और शिक्षा का अच्छा प्रावधान होना चाहिए। इन शर्तों पर सरकार अमल करती है तो हम गांववासी तैयार हैं। इस अवसर पर गांव में शाहपुर के एसडीएम करतार चंद, कांगड़ा के एसडीएम नवीन तंवर, पर्यटन विभाग की तरफ से सहायक पर्यटन विकास अधिकारी संजय शर्मा, कांगड़ा के डीएसपी मदन धीमान, पंचायत प्रधान संजू कुमारी उपप्रधान मुख्तियार खान सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
'गुस्सा न करें, यह व्यवस्था परिवर्तन है' मीठे से शब्दों में तीखी बातें कहने वाले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के वक्तव्य सरकार के पहले बजट सत्र में खूब छाए रहे। सियासत की पिच पर विपक्ष के हर वार को मुख्यमंत्री इतनी कुशलता से बेअसर करते रहे मानो हर बॉल पर चौके और छक्के लगा रहे हो। अकेले मुख्यमंत्री ही नहीं पूरा सत्ता पक्ष इस बार विपक्ष पर हावी रहा, ये कहना गलत नहीं होगा। निसंदेह भाजपा बतौर विपक्ष खूब आक्रामक रहती है और रही भी, मगर सुक्खू सरकार को हल्के में निपटाना बिलकुल भी आसान नहीं होगा और ये बात हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के इस पहले बजट सत्र में स्पष्ट हो गई है। दरअसल बजट सत्र के शुरू होने से पहले कयासों का बाजार गर्म था कि नई सरकार के नए मुखिया जो पहले कभी मंत्री भी नहीं रहे, उनके थोड़े कम अनुभवी होने का फायदा भाजपा उठाएगी, मगर हुआ एक दम उलट। विपक्ष के हर सवाल का जवाब सरकार के पास मौजूद था और जवाबी हमला भी तैयार था। कहीं भी अनुभव की कोई कमी महसूस नहीं होने दी गई। जब मांग हुई तो कई बार विपक्ष को बोलने का मौका भी दिया गया। ख़ास बात ये है कि सिर्फ सीएम या एकाध विधायक ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने सदन में विपक्ष पर पलटवार भी किये और छाप भी छोड़ी। बजट सत्र में विपक्ष द्वारा सदन में कई मसले उठाए गए। डिनोटिफाइड संस्थानों को दोबारा खोलने की मांग की गई। विपक्ष बजट सेशन में ज़ंजीरों और तालों में लिपट कर भी पहुंचा और मुख्यमंत्री को 'लॉक प्रिय मुख्यमंत्री' की उपाधि भी दी गई। मगर इस पूरे प्रकरण को सिक्योरिटी ब्रीच बता सरकार ने किनारे किया। जब विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा मांगी तो चर्चा की अनुमति दी गई और जस्टिफाई भी किया गया कि संस्थानों को किन परिस्थितियों में बंद किया गया। जरूरत पड़ने पर इन्हें खोलने से भी सरकार गुरेज़ नहीं करेगी, ये भी स्पष्ट किया गया। फिर सत्र में विपक्ष द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का मसीहा बनने की कोशिश भी की गई, मगर बात यहां आकर अटक गई कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले पांच साल जयराम सरकार के आगे रोते गिड़गिड़ाते रहे, मगर सरकार इन कर्मचारियों का डाटा ही एकत्रित नहीं कर पाई और न इनके लिए कोई पॉलिसी पूर्व सरकार ला पाई। इसी तरह सरकार का पहला बजट पेश हुआ तो उसे विपक्ष ने दिशाहीन करार दिया और दावा किया कि ये केंद्र सरकार का कॉपी पेस्ट बजट है मगर उसमें भी एक्सपर्ट्स को कोई ख़ास कमिया नज़र नहीं आई। विश्लेषण के बाद बजट फिजूल खर्चों को कम कर आय के साधन बढ़ाने की दृष्टि में कार्य करने वाला साबित हुआ और सरकार ने कहा कि अगर केंद्र जैसा बजट हिमाचल सरकार लेकर आए तो इसमें भाजपा को एतराज कैसा। लोकतंत्र प्रहरी योजना को बंद करने का मसला उठा तो कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आरएसएस के लोगों को समर्थन देने की जिम्मेदारी हिमाचल सरकार के कर्ज तले दबे कंधो पर होना जायज नहीं है। जब बात विधायक निधि की हुई तो फाइनैंशल मैनेजमेंट का हवाला दिया गया। यानी ओवरऑल देखा जाए तो विपक्ष के पास ऐसा कुछ नहीं था, जो सरकार को पूरी तरह बैकफुट पर लाने में कारगर साबित हो पाता। यहाँ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं का खास जिक्र भी जरूरी है जो सेशन में स्टार बनकर उभरे। सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पहली बार मंत्री बने हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी और लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सरकार की ढाल बने दिखाई दिए। खासकर मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी और उनकी सदन में उपस्थिति पर भी विपक्ष पर तीखे हमले बोले। जिस तरह अग्निहोत्री 5 साल तक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पूर्व सरकार को घेरते रहे ठीक वैसे ही उन्होंने बजट सेशन में भी विपक्ष को आईना दिखाने में कमी नहीं छोड़ी । इंडस्ट्री मिनिस्टर एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी सदन में सरकार की ढाल बने रहे और हर मसले पर विपक्ष के हमले पर तीखा पलटवार करते रहे। जगत सिंह नेगी और विक्रमादित्य सिंह भी अपने अंदाज़ में विपक्ष को आड़े हाथ लेते रहे। वहीँ फतेहपुर विधायक भवानी सिंह पठानिया के प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर करने को लेकर आए सुझाव सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन रहे।
एसडीएम कांगड़ा ने कहा कि कांगड़ा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार तैयार हो गई है। उसकी एक प्रति एसडीएम कार्यालय में या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार के कार्यालय में व प्रत्येक मतदान केंद्र पर अभिहित अधिकारियों के पास कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध है। निर्वाचक नामावली के तैयार किए जाने की अहर्क तारीख 01-04 -2023 है। यदि उपरोक्त अहर्क तारीख के संदर्भ में नामावली में किसी नाम के सम्मिलित किए जाने के लिए कोई दावा या किसी नाम के सम्मिलित किए जाने के लिए कोई आक्षेप किया जाता है या प्रविष्टि की विशिष्टीयों की बाबत कोई आक्षेप हो तो वह 20-04-2023 को या इससे पूर्व प्रारूप 6, 6क, 7, 8 या में से समुचित हो उस प्रारूप में दाखिल किया जाए। सभी पात्र नागरिक, जो वर्ष 2023 में किसी भी बाद की योग्यता तिथियों पर 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने जा रहे हैं, अर्थात पहली जुलाई, 2023 या पहली अक्तूबर, 2023 को भी शामिल करने के लिए अपना दावा दायर कर सकते हैं। नोटिस की तारीख से शुरू होने वाले फार्म-6 में रोल में उसका नाम, और उस पर संबंधित योग्यता तिथि के संदर्भ में वर्ष की संबंधित तिमाही में विचार किया जाएगा और निर्णय लिया जाएगा। हर ऐसा दावा या आक्षेप या तो मेरे कार्यालय में या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार) के कार्यालय में या संबंधित मतदान केंद्र पर अभिहीत अधिकारी के समक्ष पेश किया जाये या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), कांगड़ा, जिला कांगड़ा पते पर डाक द्वारा भेजा जाए।
सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल गग्गल द्वारा आज करेरी ग्राम पंचायत भवन में निःशुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया। इस कैंप में डॉ. मुनीष, डॉ. श्वेता व डॉ. वरुण द्वारा 170 लोगों के स्वस्थ्य की जांच की गई। इसमें सामान्य मेडिसिन, स्त्री रोग, आंखों की समस्या जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच की गई। कैंप में शुगर और बीपी के मुफ्त टेस्ट किए गए तथा जांच के उपरांत लोगों को दवाइयाें का वितरण भी किया गया। इस मौके पर मार्केटिंग सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल गग्गल के जीएम आशुतोष चौधरी, ग्राम पंचायत प्रधान सुषमा देवी, उपप्रधान करतार चंद व समस्त ग्रामवासी उपस्तिथ रहे।
द एसवीएन स्कूल बड़ोरघाटी कुनिहार में सरस्वती पूजा व हवन के साथ नए सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग व पुष्पा गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पंडित अजय व आशीष वशिष्ठ ने मंत्रोच्चार के साथ बच्चों को सनातन धर्म के बारे में अवगत करवाया। विद्यालय के सभी अध्यापकों व बच्चों ने यज्ञ में आहुतियां डालकर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। पूजा समाप्त होने के बाद सभी बच्चों व अध्यापकों को प्रसाद वितरित किया गया। विद्यालय के निदेशक लुपिन गर्ग व सोना ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्या की देवी मां सरस्वती सभी पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें और आप सभी को हर क्षेत्र में उन्नति प्रदान करें। इस मौके पर स्कूल प्रधानाचार्य उमा शर्मा, कमलेश कुमारी, लालिमा जोशी, शिखा शर्मा, मुकेश रतेवाल, आकाश ठाकुर, पुनम, कृष्णा, शीतल, मधु, कुशुम, सीमा, शांता, दिव्या पांडे, सैमुअल सांगमा व बच्चों सहित अभिभावक मौजूद रहे।
हिमाचल एमराल्ड ताइक्वांडो एकेडमी खुंडिया में 9 अप्रैल को बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा करवाई गई, जिसमें 27 बच्चों ने भाग लिया। इसमें अर्शिता, शिवांश, उदय अनन्या, आरूष राणा, विभा, आर्यन, नीजल, प्राची, श्रुति, अतीक, अंशिका चौधरी, ऋषिका धीमान, अरमान राणा, दिव्यांश, अनिकेत, मनिका और दिशीता ने परीक्षा पास कर येलो बेल्ट प्राप्त की। वहीं, अथर्व, अंशिका, वंशिका और साइना ने येलो-1 बेल्ट प्राप्त की। ऋषभ चौधरी ने ग्रीन बेल्ट और आदि कुमार, खुशी देवी, आदित्य शर्मा और प्रांजल धीमान ने ब्लू-1 बेल्ट हासिल की। यह परीक्षा हिमाचल ताइक्वांडो एकेडमी खुंडिया के संचालक सुनील कुमार और मीना कुमारी की देखरेख तथा मास्टर शिवराज और कविता के सहयोग से आयोजित की गई। एकेडमी के संचालक सुनील कुमार का कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों को ताइक्वांडो जैसी खेलों में भाग लेने के लिए भेजना चाहिए, ताकि वे खुद की रक्षा करने के गुर सीख सकें।
जंगती युवा स्पोर्ट्स क्लब भावानगर द्वारा 21 दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भावानगर के सतलुज ग्राउंड में करवाई ड्रीम वन क्रिकेट प्रतियोगिता में पुरुषों की 64 एवं महिलाओं की 6 टीमों ने भाग लिया। पुरुष वर्ग में इलेवन स्टार दूनी की टीम विजेता बनी। विजेता टीम ने ट्रॉफी सहित एक लाख, एक हजार एक सौ एक रुपये की इनामी राशि हासिल की। वहीं, उप विजेता रही स्पार्टन इलेवन कांगोस की टीम ने ट्रॉफी सहित 50,000 रुपये की राशि हासिल की। दूसरी ओर महिला वर्ग में स्पार्टन इलेवन गर्ल्स कांगोस ने ट्रॉफी अपने नाम की। विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 15000 रुपये एवं उप विजेता रही जन साईरग गर्ल्स की टीम को ट्रॉफी सहित 10,000 रुपये इनाम के तौर पर दिए गए। प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में पूर्व अधिशासी अभियंता गुमान नेगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समापन कार्यक्रम में तेजिंदरा वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष शेर सिंह नेगी, व्यापार मंडल भावनगर के प्रधान डॉ. कुलदीप मेहता सहित कई अन्य व्यक्ति भी पहुंचे थे। कार्यक्रम को स्पॉन्सर कर रहे व्यापार मंडल भावानगर के सचिव डॉ. आनंद नेगी व जंगती युवा स्पोर्ट्स क्लब के सदस्यों ने सभी लोगों का भव्य स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने लोगों और सरकार की चिंता फिर बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन रविवार को भी कोरोना से तीन लोगों की मौत हो गई। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में उपचाराधीन सोलन, करसोग और शिमला के तीन पुरुष मरीजों ने दम तोड़ दिया। तीनों मृतकों की उम्र 50, 58 और 65 साल थी। अवकाश के चलते रविवार को प्रदेश में 1,716 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 137 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के तबादलों पर रोक लगा दी है। रविवार को कांगड़ा में 34, शिमला 26, मंडी 23, हमीरपुर 14, सिरमौर 11, बिलासपुर नौ, सोलन सात, कुल्लू छह, चंबा पांच और ऊना में दो लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 176 मरीजों ने कोरोना को मात दी। प्रदेश में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 1764 पहुंच गई हैं। वही स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि कोरना से निपटने के लिए अस्पतालों में व्यवस्था पूरी है। विशेष परिस्थितियों में ही कर्मचारियों के तबादले होंगे। गौरतलब है कि गत शनिवार को पिछले आठ माह बाद एक ही दिन में तीन मरीजों की जान गई है।
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति की ओर से बीते कल जालंधर में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता समिति के पंजाब चेयरमैन सुरिंदर मन्हास, समिति पंजाब अध्यक्ष दीपक भारद्वाज, सुधा शर्मा जिला अध्यक्ष महिला विंग व आचार्य मुनीश पठानकोट ने की। प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिला पठानकोट के रहने वाले पुराने हिंदू नेता अनिल तारा भारद्वाज को राष्ट्रीय सचिव व हिमाचल प्रदेश प्रभारी व हिंदू तख्त का प्रचारक नियुक्त किया गया। अभिषेक भरद्वाज को जिला पठानकोट से जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद पठानकोट के युवाओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर डमटाल स्थित माता मंदिर में उनका स्वागत किया गया। पंजाब चेयरमैन सुरिंदर मन्हास ने कहा कि अनिल तारा भारद्वाज को एक बड़ी ज़िम्मेवारी दी गई है। वहीं अभिषेक भारद्वाज को पठानकोट से जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने ने कहा कि समिति की ओर से हर मेहनती और हिंदुत्व की विचारधारा को मन में लेकर चलने वाले हर व्यक्ति का हमेशा मान-सम्मान किया जाता है। उन्हें आशा है की अनिल तारा भारद्वाज व अभिषेक भारद्वाज को जो जिम्मेवारी समिति की ओर से दी गई है, वह उसे निष्ठा के साथ निभाएंगे । इस मौके पर अंकित मेहरा (युवा नेता ), दीप मेहरा (समाजसेवक), पवन मित्तल, अर्जुन मित्तल, अरुण शर्मा (युवा नेता), आशु शर्मा, अनूप तारा, विवेक कटोच, सौरव कुमार, रकित महाजन, दीपू कोच, सोनू ,विजय, सौरव मेहरा ,सिद्धार्थ आदि युवा भारी संख्या में मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट की बैठक नम्होल विश्राम गृह में हुई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष सुखराम नड्डा ने की। अध्यक्ष प्रेम केशव ने बताया कि बैठक में बोर्ड प्रबंधन से आग्रह किया गया कि 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक मिलने वाले लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। इसके अलावा महंगाई भत्ते की क़िस्त भी देय है। प्रेम केशव ने बताया कि विद्युत बोर्ड की ओर से 15 वर्ष पूरे होने के वावजूद राशि में कटौती की जा रही है, जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में नंद लाल शर्मा, परस राम, रोशन, मस्त राम, जगदीश, लेखराम, ध्यान सिंह, दिलाराम, सुखराम, सुंदर, नानक चंद, दिलाराम, किशोर चंद्र, धनीराम सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
हरोली विस क्षेत्र के गोंदपुर जयचंद में राजिंद्र कुमार (23) पंजाब गढ़शंकर के गांव डल्लेवाल की हत्या के मामले में आरोपी युवक विशाल सहोता (23) गांव सासन को पुलिस द्वारा सोलन जिला के सनवाल टोल बैरियर के पास देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस हत्या के पहले दिन से ही आरोपी की तलाश करने के लिए सीसीटीवी फुटेज व मृतक के मोबाइल फोन के जरिए जांच करने में जुट गई थी। बता दें कि 8 अप्रैल को हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित गांव गोंदपुर जयचंद की खड्ड में 23 वर्षीय युवक का शव लहूलुहान हालत में मिला था। जिसकी सूचना मिलते ही आला अधिकारियों सहित पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचा। जहां मृतक की पहचान पंजाब की गढ़शंकर तहसील के गांव डल्लेवाल निवासी राजिंद्र कुमार के तौर पर की गई थी। जिसकी तेजधार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं पुलिस को मृतक के मौसेरे भाई ने जानकारी में बताया था कि राजिंद्र कुमार 8 अप्रैल सुबह 11 बजे बाइक पर अपने दो दोस्तों के साथ घर से निकला था। देर शाम तक घर वापस न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। वहीं, एसपी अर्जित सेन ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस इस मामले पर पहले दिन से ही कार्रवाई करने में जुट गई थी और मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी को सोलन जिला से हिरासत में ले लिया है।
एसपी ऊना अर्जित सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला उन्नाव पंजाब के बॉर्डर के साथ सटा हुआ है, ऐसे में पंजाब और हिमाचल के बॉर्डर की लंबाई कई किलोमीटर हैं। बॉर्डर एरिया में इससे पहले भी एक मर्डर की वारदात हो चुकी है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद पंजाब में भाग जाते हैं। ऐसे में उन्होंने अपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए दस ने पुलिस चेक पोस्ट स्थापित किए जाने का प्रपोजल तैयार किया है, ताकि अपराधिक गतिविधियों करने बालो पर लगाम लगाई जा सके। पुलिस के मुताबिक ये 10 नई चेक पोस्ट मारवाड़ी, अजोली, बाथरी, पोलिया, बंगला, आशापुरी, सेहजोवाल, सिंघा, गोंदपुर जयचंद और बदोली में चेक पोस्ट खोलने का प्रस्ताव उन्होंने दिया है। अधिकारी के मुताबिक टाहलीवाल चौकी के अधीन यह मर्डर हुआ है, लेकिन पुलिस ने फिर भी मैन पावर की कमी के चलते इस केस में उन्होंने एक आरोपी को जल्द पकड़ने में सफलता हासिल की है। उन्होंने टाहलीवाल पुलिस चौकी को पुलिस थाना बनाए जाने की भी सरकार से मांग की है यह एरिया इंडस्ट्री जोन में आता है और बॉर्डर पर होने के चलते यहां पर उद्योग में काम करने के लिए लोग बाहरी राज्यों से आते है।
कांगड़ा विस हलके के विधायक पवन काजल ने कहा विधानसभा क्षेत्र के गाहलियां पंचायत में मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा डिनोटिफाई किए पीएचसी को दोबारा शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा गाहलियां पंचायत व साथ लगते आधा दर्जन पंचायतों के लिए 8 करोड रुपए की लागत से पेयजल योजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है और आने वाले समय में चंगर क्षेत्र की पंचायतों में पेयजल समस्या का स्थाई समाधान कर दिया जाएगा। काजल रविवार को गाहलियां पंचायत में आयोजित वार्षिक मेले में बोल रहे थे। उन्होंने कहा मेले हमारी सभ्यता व संस्कृति के परिचायक हैं और युवा पीढ़ी को मेलों के आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि हम अपने पुराने धरोहर को सहेज कर रख सके। उन्होंने युवा वर्ग को नशे से दूर रहने व ग्रामीणों को नशा माफिया विरुद्ध एकजुट होकर अभियान शुरू करने की अपील की। उन्होंने मेला कमेटी को ग्यारह हजार रुपये की नकद राशि भेंट की। इस मौके पर ग्राम पंचायत गाहलियां श्री राधा कृष्णा मंदिर मेला कमेटी प्रधान अनूप सिंह, उप प्रधान ज्ञान चौधरी, परमिंद्र सिंह पटियाल, मलक सिंह, किशोरी लाल मेहता, सुरेश शर्मा, राम स्वरुप, प्रदीप भाटिया, देवी लाल, नंद लाल संधू, रणजीत सिंह, लकी शर्मा भी उपस्थित रहे। इससे पहले विधायक काजल ने खोली पंचायत में चल रही श्रीमद् भागवत कथा और ईच्छी पंचायत में आयोजित भंडारे में शिरकत की।
एनएसयूआई के 53वें स्थापना दिवस पर एनएसयूआई की कांगड़ा इकाई ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता इकाई के ज़िला अध्यक्ष निखिल जम्बाल ने की। इसमें युवा कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष पंकज कुमार पंकू और युवा कांग्रेस कांगड़ा के अध्यक्ष ईशांत चौधरी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने सभी रक्तदाताओं का धन्यवाद किया, साथ ही सभी छात्रों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। ईशांत चौधरी ने कहा कि हमारे लिये बहुत गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी अपना राजनीतिक सफ़र इसी संगठन से शुरू किया और इस संगठन से निकलकर वे आज प्रदेश मुख्यमंत्री बने। इस अवसर पर रोहित कुमार, प्रिंस, सौरव, कार्तिक, अखिल और अधिराज मनकोटिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अलूनिया क्लब पुराना कांगड़ा द्वारा पुराना कांगड़ा के समिति मैदान में क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें लगभग 48 टीमों ने भाग लिया। इसमें सहोड़ा क्लब ने जयंती क्लब पुराना कांगड़ा को हराकर क्रिकेट टूर्नामेंट को जीता। मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद अमित वर्मा ने अलूनिया क्लब को 15 हजार रुपये देकर उन्हें भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिताएं करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता समय-समय पर होती रहनी चाहिए। कांगड़ा जनहित संगठन द्वारा इस माह के अंत में एक और क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करवाया जा रहा है। इसमें इन दोनों टीमों को फ्री एंट्री दी जाएगी।
मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र के सुप्रसिद्ध लुटरू महादेव मंदिर में ब्रह्यलीन परमहंस महंत राम कृपाल भारती महाराज की द्वितीय पुण्य तिथि पर आयोजित प्रतिमा स्थापना समारोह में उपस्थित रहे। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर लुटरू महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा सभी की सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर कहा कि ब्रह्यलीन परमहंस महंत राम कृपाल भारती महाराज को समूचे क्षेत्र में धर्म की मीमांसा एवं भक्तजनों तक धर्म ग्रंथों की सरल जानकारी पहुंचाने के लिए स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्यलीन परमहंस महंत राम कृपाल भारती महाराज ने अपने अंतिम समय तक जन-जन की सहायता के लिए कार्य किया। परमार्थ के कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए राम कृपाल भारती महाराज सदैव जन स्मृतियों में रहेंगे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को श्रेष्ठ विचारों को आत्मसात करने और सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। राम कृपाल भारतीमहाराज जीवन पर्यन्त सनातन धर्म की इस विशेषता से लोगों को लाभान्वित करते रहे। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि ब्रह्यलीन परमहंस महंतराम कृपाल भारती महाराज के दिखाए मार्ग का अनुसरण करें। संजय अवस्थी ने तदोपरांत विश्राम गृह अर्की में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके उचित निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि अर्की का विकास सर्वोपरि है और अर्की विधानसभा क्षेत्र को प्रदेश में विकास का आर्दश बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर लुटरू महादेव मंदिर के महंत विजय भारती, महंत हरिओम भारती व शिष्य, लुटरू महादेव गुफा के पुजारी लोकेश कौशिक, अर्की कांग्रेस अध्यक्ष सतीश कश्यप, मंडी गोविंदगढ़ के महंत विजय भारती, लुटरू महादेव सेवा समिति अर्की के उपाध्यक्ष बंटी, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कालिया, व्यापार मंडल अर्की अध्यक्ष अनुज गुप्ता, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, खंड कांग्रेस अर्की अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष सीडी बसंल, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, उपमंडलाधिकारी अर्की केशव राम, अन्य विभागों के अधिकारी, खेम चंद शर्मा, ओपी भारद्वाज सहित क्षेत्रवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी अश्वनी राज शाह के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह मूलरूप से कांगड़ा ज़िला के रहने वाले थे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनका प्रशासनिक सेवा में कार्यकाल अतुलनीय रहा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
संत निरंकारी भवन घुरकड़ी में आज सप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में महात्मा मदन अपने प्रवचनों की अमृत वर्षा करते हुए कहा के सत्संग में बिताया हुआ समय कभी व्यर्थ नहीं जाता। जैसे हाथों में लगाई हुई मेहंदी अपना रंग दिखा ही देती है, वैसे ही सत्संग में बिताया हुआ समय कभी भी व्यर्थ नहीं जाता। वह कभी ना कभी अच्छे आने वाले समय का संकेत दे ही देता है। सत्संग में संतो महापुरुषों के हर वचन ध्यान से सुनना और ग्रहण करना केवल एक प्रथा का रूप बनाकर सत्संग में आने से कोई लाभ नहीं होगा। सत्संग में केवल शरीर को बिठा देना ही काफी नहीं है, बल्कि मन से संत महात्माओं के वचनों एवं उनकी भावनाओं को श्रवण कर ग्रहण करना है यही एक महानता है और सत्संग में आने वालों की केवल श्रद्धा और भक्ति देखनी चाहिए। इस अवसर पर सत्संग में महात्मा दीनानाथ महात्मा स्वरूप चंद राजेश कुमार किशोरी लाल सहित कई महात्मो ने सत्संग में ज्ञान की डुपकी लगाई।
हिमाचल सामाजिक निकाय महासंघ द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित स्वर्ण जयंती एवं हिमाचली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्यमंत्री ने हिमाचलवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में प्रदेश की पहचान और संस्कृति को बनाए रखने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य के तीव्र विकास के लिए गंभीरता से रणनीति बना रही है और कहा कि राज्य सरकार चार साल के भीतर राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की दूरदर्शी नीतियों और कार्यक्रमों के कारण राज्य में सकारात्मक और रचनात्मक परिवर्तन देखने के लिए राज्य के बाहर रहने वाले हिमाचलियों को आने वाले वर्षों में राज्य का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य पर काम करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने एक ऐसा बजट पेश किया है जो सभी क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित है, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान पर। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई अन्य पहल भी कर रही है जैसे सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ना, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, सड़कों के काम में तेजी लाना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है और इस क्षेत्र में और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल 2026 तक 'ग्रीन स्टेट' बनने की ओर बढ़ रहा है और उन्होंने हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए सरकार के विजन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के माध्यम से राज्य में अनाथ बच्चों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए अनूठे कदम के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा आदि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की पहल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूमि जोत में लड़कियों को अधिकार देकर महिलाओं को भी सशक्त बना रही है।
महाविद्यालय इंदौरा में आज एनएसयूआई का 53वां स्थापना दिवस मनाया गया। महाविद्यालय इकाई द्वारा पौधा लगाकर व गरीब बच्चों में फल बांटकर स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर इकाई अध्यक्ष यौवन गुलेरिया, उपाध्यक्ष साजन गुलेरिया, कनव ठाकुर, गुशु ठाकुर, राहुल, आदित्या, रोनी, अभिराम, कार्तिक, आदित्या आदि उपस्थित रहे।
नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर भाजपा की ने विशेष बैठक का आयोजन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में किया। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष विजय परमार, जिला प्रभारी डी जी ठाकुर , मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, दिनेश ठाकुर एवं शिमला मंडल के महामंत्री सुशील चौहान उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व मंत्री विधायक एवं नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी द्वारा की गई है। भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि हमारी सभी 34 वार्डों की बैठकें हो चुकी है और हमारे प्रवासी प्रभारी अपनी रिपोर्ट अगले 3 दिनों में पार्टी को सौंपेंगे । उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को चुनाव समिति की बैठक शिमला में होगी जिसमें भाजपा के नगर निगम में 34 प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम मेनिफेस्टो और दृष्टि पत्र के लिए एक टीम की घोषणा भी करेंगे जिसमें भाजपा सरकार और नगर निगम की उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 13, 17 और 18 अप्रैल को भाजपा के प्रत्याशी नामांकन भरेंगे, उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 100 वे एपिसोड का प्रसारण होगा इसको नगर निगम की दृष्टि से बूथ स्तर पर किया जाएगा और यह नगर निगम चुनाव के प्रचार का आखरी दिन होगा। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे भी हमारे समक्ष आए हैं जय कई कांग्रेस नेता वहां बड़ी तादाद में वोट बनाने का प्रयास कर रहे हैं जहां आपत्ति दर्ज की जा सकती है, जैसे कई मंत्रियों के घरों में बड़ी तादाद में वोटों का आवेदन किया जा रहे हैं । हम चुनाव आयोग से दरख्वास्त करते हैं कि ऐसे आवेदनों को खारिज किया जाए क्योंकि मंत्री के घर अस्थाई होते हैं और कुछ ऐसे धार्मिक स्थल भी हमारे सामने आए हैं जिसमें बड़ी तादाद में वोट बनाए जा रहे हैं। कल नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी की अध्यक्षता में हमारा एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से भी इस सिलसिले में मिलेगा और भाजपा का पक्ष उनके समक्ष भी रखेगा। कांग्रेस सरकार के पिछले 3 महीने निराशाजनक रही है और हिमाचल की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है, हमें पूरा विश्वास है कि नगर निगम शिमला के चुनावों में भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और जिताऊ उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जालंधर लोकसभा उप चुनाव के प्रभारी मुकेश अग्निहोत्री आजकल जालंधर के दो दिवसीय प्रवास पर हैं। उप मुख्यमंत्री के प्रभारी नियुक्त होने के उपरांत यह उनका जालंधर क्षेत्र का दूसरा दौरा है, जहां वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उप चुनाव के संदर्भ में समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने आज जालंधर लोकसभा उपचुनाव के संदर्भ में पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा व जालंधर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी करमजीत कौर व अन्य नेताओं के साथ समीक्षा बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने चुनाव के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया तथा आगामी रणनीति तैयार की।
डिग्री कॉलेज धर्मशाला का त्रिगर्त सभागार दो दिनों तक कलाकार-साहित्यकारों के सुंदर भावों से सराबोर रहा। धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल का दूसरा संस्करण आज शनिवार को मधुर समृतियों के साथ सम्पूर्ण हुआ। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने इस अवसर पर यहां आए सभी कला और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंनें कहा कि दो दिन तक चले धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे संस्करण से धर्मशाला साहित्य और कला के विभिन्न रंगों का साक्षी बना। इस अवसर पर पूर्व मंत्री विप्लव ठाकुर भी उपस्थित रहीं। धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल 2023 के समापन के दौरान आए हुए प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया गया। उपायुक्त ने बताया कि फेस्टिवल में साहित्य-कला क्षेत्र के नामचीन लोगों के साथ नवोदित और प्रतिभाशाली लेखक-कलाकार-कवियों ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान साहित्य और कला प्रेमियों को अपने पसंदीदा साहित्यकारों से रूबरू होने का अवसर मिला। इस दौरान साहित्यकारों ने आकर्षक चर्चा सत्रों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि आयोजन में मनोरंजन, प्रेरणा और शिक्षा का समन्वय रहा। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्थानीय कला को बढ़ावा देने के लिए लाइव कांगड़ा पेंटिंग पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया। धर्मशाला के वातावरण ने बनाया इसे और भी सुनहरा उपायुक्त ने कहा कि साहित्य और कला से जुड़े लोगों के लिए विचारने और काम करने के लिए धर्मशाला से बेहतर कोई अन्य जगह नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि धर्मशाला को दिन-रात निहारती और अपने आंचल में पालती धौलाधार की ऊँची चौटियां स्वयं ईश्वर द्वारा रचित एक खूबसूरत कविता और कला जैसी है। उन्होंने कहा कि इस वातावरण को देखकर उनके मन में विचार आया कि यहां कला और साहित्य से जुड़े लोगों का संगम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी के तहत जिला प्रशासन ने धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत करने की पहल की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की इस पहल को कला और साहित्य से जुड़े लोगों ने न केवल सराहा अपितु बड़े उत्साह से भाग लेते हुए इसे सफल भी बनाया। बता दें, दो दिवसीय धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल-2023 में नीलेश कुलकर्णी, सगुण जैन, सुनैनी गुलेरिया शर्मा, सिद्धार्थ, मनीष जैन, नवनीत शर्मा, विनीत मोहिल, सहर घरचोरलू, डॉ. प्रत्यूष गुलेरी, चंद्ररेखा ढडवाल, अभ्युदिता गौतम, ईशान, सीमा शर्मा, शिवम, प्रोफेसर रोशन शर्मा, कर्नल वीपी सिंह, निखिल शर्मा, कर्नल आशीष बेदी, डॉ. मनदीप प्रकाश, मुबारक संधू, देव हिंदवी, जन्मजय गुलेरिया, मीनाक्षी कँवर, आशिशा चक्रवर्ती, हरिंदर चीमा, भुचुंग डी सोनम, समीर राहत, पायल, हरदीप और चांदपुरी ने साहित्यिक चर्चा सत्रों में भाग लिया। इस मौके उन्होंने अपने व्याख्यानों के जरिए अपना अनुभव व ज्ञान साझा किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी रोहित राठौर, एसडीएम धर्मशाला शिल्पी बेक्टा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज डेरा राधा स्वामी ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से भेंटवार्ता की। इस दौरान उनके साथ सुलाह के विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, त्रिलोक कपूर, पूर्व विधायक अरुण कुमार कूका, मुल्ख राज प्रेमी व विशाल नहेरिया भी मौजूद रहे।
कृषि पर आधारित हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन एक प्रमुख घटक है। प्रदेश में कुल पशुधन आबादी लगभग 44.10 लाख है और इनकी देखभाल प्रत्येक ग्रामीण परिवार का एक अनिवार्य हिस्सा है। पशुधन की समय पर उचित देखभाल और पशुपालकों की आजीविका में वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ करने की दिशा में एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कि पशुधन को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान किया जाए और पशुपालकों को पशु औषधालयों पर जाने और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ उठाने जैसे अतिरिक्त खर्चों से बचाया जाए। इस उद्देश्य से प्रदेश में ‘संजीवनी’ परियोजना आरंभ की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में पशुधन के लिए कृत्रिम गर्भाधान, दवाएं, टीकाकरण, सर्जरी, बांझपन परीक्षण इत्यादि पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनका लाभ उठाने या उचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पशुपालकों को अपने पशुओं को निकटतम पशु औषधालयों में ले जाना पड़ता है। इससे यात्रा और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च होता है। कई बार समय पर उपचार के अभाव में पशु बीमार होकर दम तोड़ देते हैं। ऐसे में प्रदेश में मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक स्थापित करने का प्रस्ताव है और यह क्लीनिक किसानों के घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाएंगे। पशुपालन विभाग ने ‘संजीवनी’ परियोजना के लिए इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (बीएफआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम-पशुपालन विभाग-मोबाइल पशु चिकित्सा वैन (एनएडीसीपी- एएचडी-एमवीयू) के तहत ‘संजीवनी’ परियोजना घर-घर तक पशुधन देखभाल सुविधा सुनिश्चित करेगी और विभिन्न पशु चिकित्सा सेवाएं सिर्फ एक फोन कॉल पर उपलब्ध होंगी। परियोजना के तहत पशुधन स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न मामलों के लिए निदेशालय स्तर पर एकीकृत कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र पशुपालकों को टेली-मेडिकल-परामर्श, सरकारी योजनाओं की जानकारी, विशेष रूप से पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम, शिकायत निवारण, प्रश्न-समाधान आदि जैसे विभिन्न पहलुओं पर व्यक्तिगत सहायता प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के 12 जिलों में स्थित 44 खंडों में किसानों को सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। राज्य में केंद्रीकृत कॉल सेंटर को इन 44 मोबाइल पशु चिकित्सा एम्बुलेंस के साथ एकीकृत किया जाएगा। कॉल सेंटर मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक वाहन और कार्यरत पशुधन क्लीनिक के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा। इससे पशु औषधालयों तक जाने और बीमार पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण दवाएं प्राप्त करने पर किसानों का अतिरिक्त खर्च व समय बच सकेगा। पशु चिकित्सा सेवाओं में उपचारात्मक सेवाएं, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, निवारक देखभाल और पशुपालन से संबंधित सभी जानकारी घर-द्वार पर उपलब्ध होंगी। एकीकृत टेलीमेडिसिन और सेवा प्रबंधन मंच के माध्यम से पशुपालन विभाग की फील्ड पशु चिकित्सा सेवाओं को तैनात किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से पशु चिकित्सकों और किसानों को आपस में जोड़ेगा। मोबाइल ऐप सेवा वितरण, निर्धारित दवाओं और पशुओं की बीमारियों से संबंधित डेटा की दक्षता को भी ट्रैक करेगा। पशु चिकित्सा सेवाओं के अलावा किसानों को उनके पशुओं के लिए पोषण देखभाल पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। ‘संजीवनी’ परियोजना पशुपालकों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक किसान-हितैषी पहल है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन को सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित होगी। विशेषतौर पर छोटे डेयरी किसानों को घर-द्वार पर समग्र रूप से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में यह एक गतिशील मंच साबित होगा।
नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर भाजपा की एक विशेष बैठक का आयोजन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर में हुआ। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष विजय परमार, जिला प्रभारी डी जी ठाकुर , मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, दिनेश ठाकुर एवं शिमला मंडल के महामंत्री सुशील चौहान उपस्थित रहे।
जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पक्का टियाला से गुराला सड़क मार्ग के किनारे ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने के चलते इस मार्ग की हालत खस्ता हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही से कुछ वर्ष पहले बनाया गया सड़क मार्ग बुरी तरह से उखाड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग स्पष्ट करे कि निजी कंपनियों द्वारा उखाड़ी जा रही सड़कों की रिपेयर के लिए इनके द्वारा कितना बजट विभाग के पास जमा करवाया गया है, क्योंकि बड़े पैमाने पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। लोगों का यह भी कहना है कि अभी हाल ही में सड़क का निर्माण किया गया था। अब इस सड़क के किनारे खुदाई करना बिलकुल गलत है। बरसात के दिनों में यह सड़क साइड से बैठ जाएगी, जिससे लोगों को आवागमन करने में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। वहीं, इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग विभाग डाडासीबा के एसडीओ राजन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क के साइड में खुदाई करने की परमिशन विभाग ने दी है। इसकी अदायगी विभाग को ठेकेदार द्वारा की गई है। अगर कार्य के दौरान कोई कमी है तो सड़क की रिपेयरिंग की जाएगी।
हिमाचल एटक के प्रदेशाध्यक्ष कामरेड जगदीश भारद्वाज ने आज लखनऊ में चल रही एटक की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया।
पुलिस चौकी डाडासीबा के तहत पड़ते गांव लंडीयारा में पुलिस ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति से संतरा मार्का 2 पेटी देसी शराब बरामद की है। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विकास खंड कांगड़ा के तहत पड़ती पंचायत जमानाबाद के गांव पनियाकड़ में आज सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ कलश यात्रा और शोभा यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा और शोभा यात्रा श्री ब्रजेश्वरी मंदिर कांगड़ा से चलकर पनियाकड़ गांव के कुल ओंमकारेश्वर शिव शक्ति नागा पांडव मंदिर जमानाबाद पहुंची। शोभा यात्रा में मंदिर प्रबंधक संत जगन्नाथ, कथा वाचक पंडित व्यास जगत राम शर्मा भी शामिल रहे। संत जगन्नाथ ने बताया कि प्रतिदिन 12:15 से 4:15 बजे तक यज्ञ चार्य एवं कथा प्रवक्ता परम पूजनीय पंडित जगत राम शर्मा के मुखारविंद से अमृत वर्षा की जाएगी और शाम को 8:00 से 10:00 बजे तक मंदिर में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयाेजन किया जाएगा। कथा के बाद प्रतिदिन कथा श्रवण करने वाले भक्तों के लिए लंगर व्यवस्था का भी प्रबंध किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि 14 अप्रैल शुक्रवार को हवन यज्ञ पूर्णाहुति डालकर महापुराण कथा को विराम देकर भोग प्रसाद बांटा जाएगा। कथा प्रवक्ता पूजनीय व्यास जगतराम शर्मा ने भी कहा कि उन्हें परम पूजनीय गुरु संत चोलाधारी नाथ जी की अपार कृपा से कथा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और जो गुरुजी की तपोस्थली में यह शुभ कार्य हो रहे हैं। यह गुरु जी की तपस्या, साधना और अपने गुरुजी के प्रति सच्ची निष्ठा के कारण ही संभव हो रहा है।
राधा स्वामी सत्संग डेरा परौर में आयोजित 2 दिवसीय समागम में लाखों की तादाद में संगत पहुंची। संगत को डेरा प्रमुख गुरिंद्र सिंह ढिल्लों महाराज ने अपने प्रवचनों से निहाल किया। इस दौरान उन्होंने अनुयायियों के सवालों के जवाब भी दिए। डेरा प्रमुख रविवार को होने वाले बड़े समागम में भी संगत को प्रवचन सुनाएंगे।
भाजपा द्वारा एसडीएम शिमला को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन उनके रीडर भीमी राम द्वारा स्वीकार किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि हम भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपसे निवेदन है कि कुछ बिंदु नगर निगम चुनाव को लेकर हमारे समक्ष आए हैं और इन बिंदुओं पर आप उचित कार्रवाई करेंगे। ये बिंदु हैं - • कई नगर निगम के वार्डों में बड़ी संख्या में वोटों का आवेदन किया जा रहा हैं। जैसे लोअर बाजार में मस्जिद में 100 से ज्यादा संख्या में खानों के वोट बनाने का आवेदन आपके समक्ष आया है। • शिमला नगर निगम के कई वार्डों में मंत्रियों के घरों पर बड़ी संख्या में वोटों का आवेदन किया जा रहा है। जैसे बेनमोर वार्ड में कुछ उधारण सामने आए है। • वोट का आवेदन करते समय जो लोग उस वोट को वेरीफाई कर रहे हैं, उनका वोट अभी सप्लीमेंट सूची में प्रकाशित नहीं हुआ है, ऐसे आवेदनों को आप खारिज करें। • कई लोग जो वोट बनाने आ रहे हैं वह प्रशासन को सरकार का दबाव दिखाने का प्रयास कर रहे हैं अगर ऐसा हो रहा है तो उसपर आप सख्ती से कार्यवाही करें। पार्टी को पूरा विश्वास है कि प्रशासन उत्तम रूप से अपना कार्य कर रहा है और हम आशा करते हैं कि अगामी नगर निगम चुनाव फ्री एंड फेयर इलेक्शन के रूप में होगा। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, कर्ण नंदा, सुनील धर, रोहित सचदेवा, सुदीप और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसाल में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री लोक भवन तथा सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया और इनके शीघ्र निर्माण के निर्देश जारी किए। डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि बसाल में 30 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री लोक भवन का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन के शेष कार्य के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री लोक भवन के कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने तथा कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण से लोगों को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। मंत्री ने बसाल में लगभग 03 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन के कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है और इस सम्बन्ध में प्रदेश सरकार द्वारा सभी उपायुक्तों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गत दिवसकेंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से प्रदेश को शीघ्र कोरोना बचाव वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना से बचाव के लिए भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें तथा खांसी, जु़खाम, बुखार की स्थिति में तुरन्त समीप के स्वास्थ्य संस्थान में अपना परीक्षण एवं उपचार करवाएं। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनीं और इनके उचित निपटारे का आश्वासन दिया। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बसाल की प्रधान रिचा ठाकुर ने बसाल स्थित हेलीपैड की फेंसिंग करवाने, करोल एवं जराश गांव में नियमित जलापूर्ति और एंबुलेंस मार्ग को चौड़ा करने की मांग की।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 9 अप्रैल को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। अवस्थी प्रातः 10.00 बजे अर्की के सुप्रसिद्ध लुटरू महादेव मंदिर में आयोजित मूर्ति स्थापना समारोह में भाग लेंगे। उसके बाद 12.00 बजे से 2.00 बजे तक लोक निर्माण विभाग के अर्की स्थित विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनेंगे। मुख्य संसदीय सचिव दोपहर बाद 2.30 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगू में नव युवक जन सुधार सभा मांगू तथा कुरगन लैंड लूज़र ट्रांसपोर्ट सोसाइटी द्वारा आयोजित देव जातरा में सम्मिलित होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बड़े लंबे समय से प्रदेश सरकार से मांग कर रही है हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति की नियुक्ति की जाए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में काफी लंबे समय से केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जिस कारण हिमाचल प्रदेश में बहुत से छात्रों को अपनी समस्याओं को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बहुत से विकास कार्य इस कारण से रुके हुए हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति को लाने में असमर्थ है। अभी तक कुलपति के पद पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने में विफल हो गई है। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार विश्वविद्यालयों में हस्तक्षेप करके शिक्षा के ढांचे को तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 06 अप्रैल, 2023 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद बैठक में सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी व तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के कुलपति की भी अतिरिक्त सामान्य छुट्टी रद्द कर दी गई।एक तो पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला बिना स्थाई कुलपति के चल रहा है। और अब सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी व तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर भी बिना कुलपति के हो जाएगा। यह बहुत गंभीर विषय है कि हिमाचल प्रदेश के तीनों विश्वविद्यालय बिना कुलपति के चलेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी वह तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में स्थाई कुलपति की नियुक्ति की जाए। अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के ईसपुर, हरोली- रामपुर पुल व पोलिया ड्रग पार्क का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की चर्चा की, वहीं हरोली रामपुर पुल पर बन रहे रेन शेलटर का निरीक्षण भी किया और ड्रग पार्क में होने वाले कार्यों को लेकर के चर्चा की। इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस प्रकार से विकास का एजेंडा आगे बढ़ रहा है, हमारा प्रयास रहेगा कि जैजों तक जो रेलवे लाइन है उसका विस्तार ऊना तक बाया पोलिया, टाहलीवाल किया जाए, ताकि औद्योगिक क्षेत्र को रेल लाइन के साथ जोड़ने का काम किया जा सके। इस योजना को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे और इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, यह वक़्त की जरूरत है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इसके अलावा टाहलीवाल क्षेत्र में गैस सप्लाई के लिए गैस पाइपलाइन पहुंची हुई है, इस पर भी मंथन किया जा रहा है कि इस पाइपलाइन को ड्रग पार्क तक कैसे विस्तार देना है, ताकि आने वाले समय में ड्रग पार्क में लगने वाले उद्योगों को इसका लाभ मिल सके. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विकास एजेंडा है और यह सरकार जनता की सरकार है प्रदेश का हर कोने में विकास हो और हिमाचल आत्मनिर्भर बने इसके लिए काम होगा .उन्होंने कहा कि सरकार हर गारंटी सरकार पूरा करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने साफ स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में नशे के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंथेटिक ड्रग, चिट्टा इस नशे को खत्म करने के लिए फ्री हैंड पुलिस को दिया गया है । उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति नशे में शामिल हो, वह किसी भी दल का हो, वह कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो? पुलिस किसी को भी माफ नहीं करेगी। मुकेश अग्निहोत्री जिनके पास जल शक्ति विभाग भी है ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार रोडमैप तैयार किया जाए, विस्तृत योजना हर विधानसभा क्षेत्र की तैयार की जाए ,पानी सिंचाई ,सीवरेज व ड्रेनेज इन सब को ले करके एक मुकम्मल डॉक्यूमेंट बनाया जाए कि हर विधानसभा क्षेत्र में क्या क्या जरूरत आने वाले समय की है? ताकि आगे आने वाले समय में विकास को बेहतरीन ढंग से करते हुए चरणबद्ध ढंग से उन जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।
ज्वालामुखी में जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग में अंडर-17 में भव्या ने प्रथम, हर्षिता ठाकुर ने द्वितीय तथा ईशा नरयाल ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर-13 में सानवी परिहार ने प्रथम, अर्शिया चौधरी ने द्वितीय और ओजस्वी चोराही ने तृतीय हासिल किया। अंडर-9 में डायल रियालच ने प्रथम, सिया धीमान ने द्वितीय और जैस्मिन ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं, लड़कों के वर्ग में अंडर-17 में अर्णव शर्मा ने प्रथम रसेश गुलेरिया ने द्वितीय और सतीश कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर-13 में केशव सूद ने प्रथम, अयान राणा ने द्वितीय आदविक शर्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर-9 में कानव धीमान ने प्रथम, अयान सिंह ने द्वितीय और उमेश भड़ियाल ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रत्येक वर्ग में दो लड़कों और दो लड़कियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हो गया है। विजेताओं को समाजसेवी मोहिंदर धीमान ने पारितोषिक देकर सम्मानित किया। इस जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आगाज लॉरेटे ग्लोबल स्कूल कथोग में एसबीआई से सेवानिवृत्त प्रबंधक धर्म चंद ने किया। इस मौके पर जिला शतरंज संघ के सचिव जगदीश चंदेल मुख्य ऑर्बिटर विकास धीमान,ऑर्बिटर, विपन कुमार,राकेश कुमार,संदीप रियाल्च,जीवन कुमार, रविंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
शरण कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन घुरकड़ी की छात्राओं ने द्रोणाचार्य पीजी महाविद्यालय रैत में आयोजित नवरंग कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्राओं ने सभी प्रतियोगिताओं में अपनी भागीदारी दी। मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्राओं शिल्पा और सीमा ने तृतीय स्थान हासिल किया, जबकि डेकलामेशन में बीएड प्रथम वर्ष की अर्शिया ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस अवसर पर इन विजेता छात्राओं को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र भेंट किए। शरण कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुमन शर्मा ने कॉलेज पहुंचने पर सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं को बधाई दी तथा कहा कि जीतना हमारा मकसद नहीं, विभिन्न प्रतियोगताओं में छात्राएं आगे आकर अपनी प्रतिभा को निखारें यही हमारा प्रयास है। छात्राओं की हिचक को समाप्त कर उन्हें आगे लाने की कोशिश करना ही शरण कॉलेज का मुख्य लक्ष्य है।


















































