पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने बताया कि जिला में कर्फ्यू स्थिति नियंत्रण में है, सभी लोग इसका पालन कर रहे है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले 46 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में 32 मस्जिदें और 2 मदरसे है जिनका निरीक्षण किया गया है। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि अफवाहों से बचे और फेसबुक तथा व्हट्सऐप को जिम्मेदारी से हैंडल करें। उन्होंने बताया कि फेसबुक तथा व्हट्सऐप के माध्यम से क्षति पहुंचाने वाली सुचनाएं या अफवाहें फैलाने से गुरेज करें। उल्लंघना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
भाजपा के 40वें स्थापना दिवस पर संपूर्ण हिमाचल वासियों को बधाई देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि आज भाजपा 40 वर्ष में प्रवेश कर गई है, दो सांसदों की पार्टी से शुरू हुइ पार्टी आज 303 सांसदों वाली पार्टी है। जिस पार्टी में एक भी राज्य से सरकार नहीं थी आज अनेक राज्यों में सरकारों का सफल संचालन भाजपा कर चुकी है। जिस पार्टी के लाखों सदस्य होते थे, आज उसके 18 करोड़ सदस्य हैं व दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। जिस पार्टी ने अटल बिहारी वाजपाई जैसा महान नेता व प्रधान प्रधानमंत्री भारत को दिया और जिस पार्टी ने विश्व स्तर का नेता नरेन्द्र मोदी के रूप में देश को एक युग परिवर्तित करने वाला प्रधानमंत्री दिया। बिन्दल ने कहा कि हमें गर्व है कि भाजपा राष्ट्रीयता के विचारों पर काम करने वाली पार्टी है, जो कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जहां सामान्य सा कार्यकर्ता देश का प्रधानमंत्री, प्रदेश का मुख्यमंत्री व पार्टी का देश व प्रदेश का अध्यक्ष बन सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की इस संकट की घड़ी में भाजपा अपने मूल सिद्धान्त पर चल रही है, पहले देश फिर पार्टी सबसे बाद में मैं, इसलिए पार्टी सभी क्षेत्रो में सेवा कार्यों में जुटी है। स्थापना दिस के अवसर पर पार्टी के कार्यकर्ता अभावग्रस्त लोगों को भोजन व राशन बांटने में लगे हैं। भाजपा का युवा मोर्चा मुख्यमंत्री राहत कोष व प्रधानमंत्री राहत कोष में धन पहुंचाने के लिए जनता को प्रेरित कर रहा है। महिला मोर्चा घर-घर में फेस मास्क बना कर वितरित करने में लगा है। पार्टी उन सभी डाक्टरों, नर्सों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करती है जो इस कष्ट की घड़ी में अपनी व अपने परिवार की चिंता छोड़ कर समाज सेवा में जुटे हैं। जगत प्रकाश नडडा राष्टीय अध्यक्ष भाजपा के आहवान पर भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आज एक समय के भोजन का त्याग करेगा व उन अभावग्रस्त बन्धुओं को स्मरण करते हुए उन्हें सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ओकओवर में भाजपा के 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा दीन दयाल उपाध्याय के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वर्ष 1980 में 06 अप्रैल को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा का गठन किया गया था। भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल एवं संगठन मंत्री पवन राणा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया और उसके बाद भाजपा के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को पुष्पांजलि अर्पित की। भाजपा के स्थापना दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा ने पूरे प्रदेश में आज स्वयं सदस्यों द्वारा बनाए हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क का वितरण किया, इसी कड़ी में शिमला महिला मोर्चा ने सब्जी मंडी में जनता को मास्क का वितरण किया और कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस के पर्व को झंडा दिवस के रूप में भी मनाया और सभी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने घर पर भारतीय जनता पार्टी का ध्वजारोहण किया साथ ही सभी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर एक धन्यवाद पत्र लिखा जिसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए और कार्य करने वाले कोरोना वायरस से लड़ने वाले योद्धाओं जैसे पुलिसकर्मी, डॉक्टर एवं नर्स, सफाई कर्मचारी, बैंक व पोस्ट आफिस के कर्मचारी व सरकारी कर्मचारियों को दिए। कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भण्डारी, कृषि उत्पाद विपणन समिति के अध्यक्ष नरेश शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा दीन दयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी।
ग्राम पंचायत सेवड़ा चण्डी के 8 गांव के लोग इन दिनों पानी की एक एक बूंद के लिए तरस रहे है। पानी न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। माँगल-च्याण्डा उठाऊ पेय जल योजना से सेवड़ा चण्डी पंचायत के पजीणा, मंडप, परयाब, चीलाउणी, कांगरी, सोरा व खाली सहित अन्य गांव के लोगों की इस पेयजल योजना से प्यास बुझती है। इन गांवों के करीब डेढ़ हजार लोग को योजना के तहत पानी न मिलने से दूर-दूर जाकर प्राकृतिक जल स्त्रोत व हैंपपम्प का सहारा लेना पड़ रहा है। सेवड़ा चण्डी पंचायत के उप प्रधान जय चन्द शर्मा व स्थानीय लोग यशपाल, भगतराम, नेकराम, सुरेश कुमार, राजेन्द्र, लीला दत्त, नीलम देव, राज कुमार, सुनील, चिंगु राम, भीम चन्द, किरपा राम, नीम चन्द, अमीर चन्द का कहना है कि उन्हें एक सप्ताह से पानी नहीं मिल रहा है। वहीं यह पेयजल योजना महीने में छह दिन चलती है और अधिकतर समय तक खराब रहती है। लोगों ने कहा कि उन्हें पहले रोजाना पानी मिलता था लेकिन अब हर तीसरे दिन पानी मुहैया करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना में पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी अब स्थिति ऐसी हो गई है कि एक सप्ताह से उनके नल में एक भी बून्द पानी की नही आ रही है, सेवड़ा चण्डी के उप प्रधान जय चन्द शर्मा ने कहा वे इस समस्या को लेकर कई बार विभाग के आला अधिकारियों को बता चुके है लेकिन अभी तक उनकी समस्या का हल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस को लेकर लोगों में रोष है। जब इस बारे जल शक्ति विभाग दाड़लाघाट के एसडीओ महेश कुमार शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली के ट्रांसफार्मर की क्वाइल जलने के कारण स्कीम नहीं चल पा रही है जिस कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर को ठीक करवाया जा रहा है जल्द ही लोगों को पानी उपलब्ध हो जाएगा।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु लगाए गए कर्फ्यू के कारण क्षेत्र में लगे सीमेंट उद्योग में कार्यरत कई ट्रक चालक संकट की इस घड़ी में अपने भोजन हेतु जूझ रहे हैं। इसे देखते हुए ट्रक यूनियन दाड़लाघाट के सदस्यों ने ट्रक यार्ड में फंसे हुए ट्रक चालकों की तलाश कर उन्हें राशन वितरित किया। एसडीटीओ के प्रधान रत्न मिश्रा की अगुवाई में चालकों व अन्य जरूरत मंद लोगों को खाने पीने की जरूरी वस्तुएं वितरित की गईं। एसडीटीओ के प्रधान रत्न मिश्रा ने बताया कि लॉकडाऊन के कारण ट्रक की हार्ड और इधर उधर फंसे चालकों को राशन दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उधर ग्राम पंचायत धुंधन में भी उन्होंने संकट की इस घड़ी में 8 जरूरतमंद मजदूर सदस्यों को राशन वितरित किया।
विश्व भर में फैली हुई महामारी कोरोना के चलते पूरे देश में लॉक डाउन की स्थिति से कामकाज बिल्कुल ठप हो गया है, जिसमें की प्रदेश में आए प्रवासी मजदूर सहित प्रदेश के मजदूरो की दिहाड़ी बंद होने से कई परिवारों के ऊपर रोजी रोटी का संकट आ गया है, जिसके चलते कई समाजसेवी संस्थाएं व लोग निर्धन व भूखे लोगों को राहत सामग्री बांट रहे हैं। इसी कड़ी में अध्यक्ष मांगल कांग्रेस चौहान कृष्णा, मांगल के प्रधान दीपचंद शर्मा, उपप्रधान श्याम लाल चौहान, नौजवान समाजसेवी बाबूराम चौहान, मस्तराम चौहान, वरिष्ठ कांग्रेसी एवं समाज सेवक हरीराम समतयाड़ी व बागा से सुखराम नंबरदार ने भी इस नेक कार्य में अपना हाथ बढ़ाया व माँगल व आसपास के अति गरीब परिवारों को भोजन सामग्री का सामान दिया गया।उन्होंने किरपा राम, सुंदर राम, रीमा देवी, जमना देवी, धनीराम, लक्ष्मी देवी, इंदिरा देवी, पवन कुमार, जीतराम, कांता देवी, रूपलाल, भैखलीया राम, नंदी, कैली देवी को राशन सामग्री वितरित की गई।
कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला में किसानों की सहायता के लिए कृषि हेल्पलाईन आरम्भ की गई है। यह जानकारी कृषि विभाग के उप निदेशक डाॅ. पी.सी. सैनी ने प्रदान की। डाॅ. पी.सी. सैनी ने कहा कि किसानोें की विभिन्न समस्याओं तथा उनकी वर्तमान आवश्यकताओें के दृष्टिगत यह हेल्पलाईन आरम्भ की गई है। किसान अपनी कृषि सम्बन्धी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाईन पर सम्पर्क कर सकते है। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाईन के तहत विभाग के जिला में तैनात 15 अधिकारियों के मोबाईल एवं दूरभाष नम्बर किसानों की सहायता के लिए जारी किए गए हैं। किसान उक्त अधिकारियों से सोमवार से शनिवार तक प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं। किसान अपनी कृषि सम्बन्धी समस्या के समाधान के लिए उप निदेशक, कृषि विभाग डाॅ. प्रकाश चन्द सैनी से मोबाईल नम्बर 94184-52036 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230734, जिला कृषि अधिकारी सोलन डाॅ. सीमा कंसल से मोबाईल नम्बर 98161-54207 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230734, परियोजना निदेशक आतमा सोलन डाॅ. रविन्द्र जसरोटिया से मोबाईल नम्बर 94187-85407 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230009, परियोजना उपनिदेशक आतमा सोलन डाॅ. अजब कुमार नेगी से मोबाईल नम्बर 94183-33549 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230009, विषय वाद विशेषज्ञ डाॅ. धर्मपाल गौतम से मोबाईल नम्बर 82197-66435 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230009, विषय वाद विशेषज्ञ, खण्ड सोलन डाॅ. हीरालाल आजाद से मोबाईल नम्बर 70180-17994 तथा दूरभाष नम्बर 01792-220899, विषय वाद विशेषज्ञ, खण्ड धर्मपुर डाॅ. अन्जु ठाकुर से मोबाईल नम्बर 94180-12897 तथा दूरभाष नम्बर 01792-264226, विषय वाद विशेषज्ञ, खण्ड कण्डाघाट डाॅ. नवदीप कौंडल से मोबाईल नम्बर 82191-70865 तथा दूरभाष नम्बर 01792-257193, विषय वाद विशेषज्ञ, खण्ड कुनिहार डाॅ. मनोज कुमार शर्मा से मोबाईल नम्बर 94180-07695 तथा दूरभाष नम्बर 01796-260213, विषय वाद विशेषज्ञ, खण्ड नालागढ़ डाॅ. प्रेम कुमार से मोबाईल नम्बर 94595-64208 तथा दूरभाष नम्बर 01795-220017 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान, कृषि उत्पादन विपणन समिति सोलन के सचिव डाॅ. रविन्द्र शर्मा से मोबाईल नम्बर 82196-64721, भू मण्डलीय मृदा संरक्षण अधिकारी, अर्की डाॅ. रमेश ठाकुर से मोबाईल नम्बर 94180-90205 तथा दूरभाष नम्बर 01796-220616, भू मण्डलीय मृदा संरक्षण अधिकारी, नालागढ़ डाॅ. सतनाम से मोबाईल नम्बर 70183-21249 तथा दूरभाष नम्बर 01795-222322, मृदा परीक्षण अधिकारी सोलन डाॅ. तपेन्द्र गुप्ता से मोबाईल नम्बर 94184-85067 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230734 एवं बीज परीक्षण अधिकारी सोलन डाॅ. मीनाक्षी शर्मा से मोबाईल नम्बर 94590-71033 तथा दूरभाष नम्बर 01792-230734 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी के.सी. चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आने वाले एवं आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत चालकों की सुविधा के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार कफ्र्यू अवधि में आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत एवं आवश्यक सामग्री के परिवहन में संलग्न चालकों की सुविधा के लिए नालागढ़ उपमण्डल में टायर पंचर की कुछ दुकानें अगले आदेश तक प्रतिदिन हर समय खुला रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल में जोगिन्द्र सैणी, रोपड़ रोड, नालागढ़ समीप हिसार पम्प (मोबाईल नम्बर 98053-19954), रमेश कुमार, किशनपुरा (मोबाईल नम्बर 70183-21891), राकेश कुमार, मानपुरा (मोबाईल नम्बर 86799-59270), हरिओम, बद्दी (मोबाईल नम्बर 98595-10010) तथा सन्दीप कुमार, सैणी टायर, चैंकीवाला (मोबाईल नम्बर 75600-10031) की कार्यशाला आगामी आदेशों तक प्रतिदिन हर समय खुली रहेंगी। सोलन, कण्डाघाट एवं अर्की उपमण्डल में टायर पंचर की दुकानें खोलने के सम्बन्ध में पूर्व में आदेश जारी किए जा चुके हैं। इन सभी को कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग, साफ-सफाई एवं सरकार द्वारा समय-समय पर जारी नियमों का पूरा पालन करना होगा। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बद्दी, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ सहित टायर पंचर दुकान मालिकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नवयुवक संगठन सोलन तथा जगदम्बा रामलीला मण्डल सोलन द्वारा कोविड-19 रिलीफ फण्ड, जिला सोलन में 62 हजार रुपए का अंशदान किया गया है। नवयुवक संगठन सोलन ने कोविड-19 रिलीफ फंड सोलन में 51,000 रुपए तथा जगदम्बा रामलीला मण्डल द्वारा कोविड-19 रिलीफ फंड सोलन में 11,000 रुपए का अंशदान किया गया। उपायुक्त सोलन केसी चमन को दोनों संगठनों ने उक्त राशि के चैक भेंट किए। केसी चमन ने कोविड-19 रिलीफ फंड में अंशदान के लिए दोनों संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जहां केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता प्रदान की जा रही है वहीं विभिन्न स्वंय सेवी संगठनों की सहायता से जिला प्रशासन आमजन के हित में अनेक गतिविधियों को सफलतापूर्वक सम्पन्न कर रहा है। उन्होंने उक्त दोनों संगठनों सहित सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें और सभी से आग्रह करें कि यथासम्भव अपने घर पर ही रहें। केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन सदैव लोगों की सहायता एवं सेवा के लिए प्रयासरत है। इस अवसर पर नवयुवक संगठन सोलन के योगेश जोशी, पवन गोयल, दीपक शर्मा, सुनील शर्मा तथा अजय बंसल एवं जगदम्बा रामलीला मण्डल के हरीश मारवाह, करणजीत, जगमोहन खन्ना और विवेक सूद उपस्थित थे।
बिलासपुर जिले का एक युवा सैनिक मातृ भूमि की रक्षा करता हुआ शहीद हो गया है। जानकारी के अनुसार, जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत हटवाड़ के देहरा गांव का निवासी सूबेदार संजीव कुमार कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में तैनात थे। इस दौरान वह आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हो गए। सोमवार को घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर बताया जा रहा है कि शहीद संजीव कुमार की पार्थिव देह को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है। संजीव कुमार 4 पैरा कमांडो में सेवारत थे। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार को दोपहर बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव देहरा-हटवाड़ पहुंचेगा। यहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। वहीं, शहादत की सूचना मिलते ही बिलासपुर की जनता शोक से गमगीन हो गई है।
कोरोना के खिलाफ जंग ए आजादी का ऐलान कर चुके नूरपुर के विधायक राकेश पठानियाँ ने अपनी विधायक निधि से हिमाचल प्रदेश की पहली स्टीम वैपोराइज़्ड सैनिटाइजर मशीन को सिविल हॉस्पिटल नूरपुर को समर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने खुद इसका डेमो दिया और अस्पताल परिसर में डॉक्टरों व नूरपुर के एस डी एम सुरेंद्र ठाकुर को अपने हाथों से इस मशीन से सेनेटाइज किया। उन्होंने कहा कि आज से अस्पताल के अंदर आने जाने वालों व पूरे हॉस्पिटल को sanitize किया जाएगा। इस मशीन के भापयुक्त सैनिटाइजर का छिड़काव से न तो कपड़े गीले होंगे व न ही चमड़ी को किसी प्रकार का नुकसान होगा। इस मशीन के लगने से मरीज और डॉक्टर के बीच इलाज़ के दौरान घबराहट व भय भी खत्म हो जाएगा । उन्होंने कहा वे शीघ्र टांडा में भी ऐसी मशीनें भेजेंगे ताकि हमारे मेडिकल स्टाफ बिना भय के कोरोना के खिलाफ जंग लड़ सके। विधायक के इस कार्य की समूचे उपमंडल में चर्चा हो रही है । इससे पूर्व भी राकेश पठानियाँ नूरपुर ही नही चम्बा तक सेनेटाइजर बांट कर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दे चुके है । अब तो उनके विरोधी भी यह कहने लगे हैं - " यार, यह बन्दा है तो विंदास "
एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के दूसरे दिन सिरमौर में 70,406 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसके बाद जिला में अभी तक 1,06,022 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ आर के परुथी ने बताया की कोरोना वायरस को लेकर जिला सिरमौर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया गया है जिसके अंतर्गत कोरोना संक्रमण की जांच को लेकर घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कल देर साएं तक जिला के धगेड़ा खंड में 12,049 और पच्छाद खंड में 13,374 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसी प्रकार, राजपुर खंड में 25,890, संगड़ाह खंड में 7945 और शिलाई खंड में 11,148 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। उन्होंने बताया की जिला सिरमौर मे इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला व पुरुष, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य के सदस्य एक दल के रूप कार्य कर रहे हैं, जिनमें आशा कार्यकर्ता भी घर-घर जा कर हरेक व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री व स्वास्थ्य की जांच कर रही है। सर्वे का कार्य सुबह 9 से शाम 4 बजे के बीच किया जा रहा है। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक संघ हिमाचल प्रदेश के महासचिव रविदत्त भारद्वाज ने बताया कि हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरे हिमाचल प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने में पुरजोर योगदान दे रहे हैं।
राज्य सरकार समाचार पत्रों, टीवी चैनलों तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कोविड-19 से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक समाचारों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई कर रही है ताकि समाज में किसी तरह का भय पैदा न हो। सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश ने सूचना एंव जन सम्पर्क विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में गठित फेक न्यूज माॅनिटरिंग युनिट द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए बताया कि मीडिया द्वारा कोविड-19 की रोकथाम से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सूचनाएं लोगों तक पहुॅचाई जा रही हैं जिससे लोग जागरूक हो रहे हैं। उन्होेंने मीडिया से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश, जिसकी प्रतियां मीडिया को जारी कर दी गई है, को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 से सम्बन्धित अप्रमाणिक समाचारों को प्रकाशित नहीं करने का आग्रह किया ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रेस परिषद ने भी मीडिया को ऐसे भ्रामक समाचारों का प्रचार-प्रसार करने से परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए संकट की इस घड़ी में कोविड-19 से सम्बन्धित कोई भी सूचना जारी करने से पहले उसकी पुष्टि करना सुनिश्चित करें ताकि आम जनमानस में किसी तरह का भय उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में चलने वाले अप्रमाणिक समाचारों को तुरन्त हटाने की कार्रवाई की जाए। इससे पूर्व निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क एवं फेक न्यूज माॅनटरिंग युनिट के अध्यक्ष हरबंस सिंह ब्रसकोन ने युनिट के सदस्यों के साथ बैठक की और उन्हें कोविड-19 से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक समाचारों को प्रकाशित नहीं करने बारे केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने की आवश्यकता पर बल दिया। हरबंस सिंह ब्रसकोन ने माॅनिटरिंग युनिट के सभी सदस्यों को कोरोना वायरस से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक व भ्रामक समाचारों पर नजर रखने के लिए कहा ताकि उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने बताया कि माॅनिटरिंग युनिट द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार fakenews-unit@hp।gov।in ई-मेल आईडी बनाई गई है ताकि लोग कोविड-19 से सम्बन्घित चल रही अप्रमाणिक सूचनाओं की शिकायत इस पर दर्ज कर सकें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सा जांच के लिए स्वेच्छा से सामने न आने वाले दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के धार्मिक समागम में शामिल होने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्दी तथा नालागढ़ क्षेत्रों के सात कोरोना वायरस पाॅजिटिव व्यक्तियों के नजदीकी लोगों को चिन्हित किया जाए तथा वायरस को फैलने से रोकने के लिए उन्हें क्वारटीन में रखा जाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्यौरा छुपाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जय राम ठाकुर ने पुलिस अधीक्षकों को चिकित्सा दलों को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे अपना दायित्व प्रभावी रूप से तथा बिना किसी डर के निभा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में आरंभ एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत अपना पूर्ण सहयोग दें। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणों से संबंधित जानकारी संकलित कर रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के तहत गत दो दिनों में 13।5 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों को अब हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि फसल कटाई का समय होने के दृष्टिगत कफ्र्यू के दौरान किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस संबंध में एक प्रणाली बनाई जानी चाहिए, ताकि किसानों को समस्या न आए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान किसानों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के दृष्टिगत 4352 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 1892 व्यक्तियों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक कुल 13 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं, जिसमें सात व्यक्तियों को चिकित्सा प्रदान की जा रही है, एक व्यक्ति को डिस्चार्ज कर दिया गया, एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा शेष चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि अब सीआरआई कसौली में कोविड-19 की जांच सुविधा आरंभ कर दी गई है, जहां सोलन तथा सिरमौर जिलों से कोविड-19 के सैंपलों की जांच की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि आज कोविड-19 के लिए 26 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 21 सैंपल टांडा मेडिकल काॅलेज तथा पांच सैंपल आईजीएमसी शिमला में लिए गए। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल काॅलेज में 21 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है तथा शिमला के आईजीएमसी के पांच मामलों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। उन्होंने कहा कि गत शनिवार को टांडा मेडिकल काॅलेज में लिए गए 33 सैंपलों की तकनीकी कारणों के दृष्टिगत जांच नहीं हो पाई है तथा इनकी जांच दोबारा की जाएगी। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस आर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू भी बैठक में उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों के मामले आने के उपरान्त दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत पूर्व में जारी आदेशों में संशोधन किया है। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल में नगर परिषद नालागढ़ के अधीन आने वाला पूरा क्षेत्र तथा उपमण्डल की 22 ग्राम पंचायतों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन ग्राम पंचायतों में रडियाली, गोलजमाला, नवाग्राम, किरपालपुर, किश्नपुरा, खेड़ा, धबोटा, बघेरी, कुंडलू, ब्रूना, जोघों, जगतपुर, पंजेहरा, बैरछा, मस्तानपुरा, बगलैहड़, गोलमजाला, खिलियां, घोलोवाल, कश्मीरपुर, हरिपुर संडोली तथा करसोली शामिल हैं। आदेशों के अनुसार उक्त क्षेत्रों में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वाहनों के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति एवं वाहन को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। उक्त पूरे क्षेत्र में अब आगामी आदेशों तक कफ्र्यू में कोई छूट नहीं होगी तथा कोई भी दुकान एवं बैंक नहीं खोला जा सकेगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस क्षेत्र में सभी आवश्यक एवं अन्य वस्तुओं, दवा उत्पादों का उत्पादन करने वाले उद्योग कार्यरत रहेंगे। इस क्षेत्र में सभी आवश्यक एवं अन्य वस्तुओं, दवा उत्पादों का उत्पादन करने वाले उद्योगों के कामगार एवं कर्मचारी अनुमति युक्त वाहनों में निर्धारित समय प्रातः 06.00 बजे से 08.00 बजे तक तथा सांय 06.00 बजे से 08.00 बजे तक आ-जा सकेंगे। किसी भी कामगार एवं कर्मचारी को पैदल आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। उक्त क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं का परिवहन भी जारी रहेगा। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे। अन्य शर्तें पूर्ववत रहेंगी।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में 03 अप्रैल से 08 अप्रैल, 2020 तक कार्यान्वित किए जा रहे ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ अभियान के तहत अभी तक 43136 लोगों से सम्पर्क स्थापित किया गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ राजन उप्पल ने दी। डाॅ उप्पल ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की टीमों द्वारा जिला में इन 43136 व्यक्तियों से सम्पर्क स्थापित कर इनकी कोरोना वायरस के सम्बन्ध में स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग की यह टीमें घर-घर जाकर लोगों को कोविड-19 के विषय में जागरूक भी कर रही हैं। लोगों को अवगत करवाया जा रहा है कि खांसी, जुखाम तथा बुखार होने पर अपने परिजनों एवं अन्य से दूरी बना कर रखें। खांसते या छींकते समय मुंह को ढक लें ताकि अन्य किसी के विभिन्न बीमारियों से संक्रमित होने का खतरा न रहे। ऐसी हालत में तुरन्त समीप के स्वास्थ्य केन्द्र के सम्पर्क करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि वे अति आवश्यक होने पर ही केवल कफ्र्यू ढील के समय घर से बाहर निकलें। इस समय मास्क का प्रयोग करें। लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि अपने हाथ बार-बार कम से कम 20 सैकेण्ड तक धोएं। एल्कोहल युक्त सैनिटाईजर का प्रयोग करें। लोगों को बताया जा रहा है कि फल एवं सब्जियों कोे दो से तीन घण्टे तक पानी में रखने के उपरान्त अच्छी तरह धोकर ही प्रयोग में लाएं। उन्होेने जिलावासियोें से आग्रह किया कि ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ अभियान के तहत घर-घर आने वाली विभाग की टीमों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि पूरे जिला में कोरोना संक्रमण का पता लगाया जा सके।
सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में सात व्यक्तियों के कोराना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के उपरान्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा उनके सम्पर्क में आए विभिन्न व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। यह जानकारी आज यहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ राजन उप्पल ने प्रदान की। डाॅ उप्पल ने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों में से 04 बद्दी में तथा 03 नालागढ़ में पाए गए हैं। इनमें से बद्दी के 04 कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों को व्यक्तिगत आग्रह पर दिल्ली स्थित अस्पताल में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के 03 कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों को इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज इन संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आए 11 लोगों के रक्त नमूने जांच के लिए केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान, कसौली भेजे गए हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नालागढ़ से 03, इएसआई अस्पताल काठा से 03 तथा गुप्ता अस्पताल बद्दी से 05 लोगों के सैम्पल लिए गए हैं। डाॅ उप्पल ने कहा कि नालागढ़ उपमण्डल में गत दिवस कुल 53 सैम्पल एकत्र किए गए थे। इनमें से बद्दी में कोरोना वायरस जांच के लिए 07 रक्त नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें से 04 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। नालागढ़ में एकत्र 46 रक्त नमूनों में से 03 व्यक्तियों को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से कोरोना वायरस की जांच एवं पुष्टि की दिशा में अग्रसर है।
कोविड- 19 वायरस ने विश्व महामारी का रूप धारण कर लिया है। भारत वर्ष भी इस महामारी से अछूता नही रहा है। भारत वर्ष में एक बहुत बड़ी जनसंख्या है जो अपनी रोजमर्रा की आवश्यकता दैनिक कमाई से पूरा करते हैं। ऐसे परिवारो मे बजुर्ग दिव्यांग बीमार एवं बच्चे इत्यादि है जो अपनी आवश्यकताओं को परिवार के एक ऐसे सदस्य पर निर्भर है जो प्रतिदिन दिहाड़ी लगा कर अपनी व परिवार की जरूरतों को पूरा करते हैं। लेकिन वर्तमान समय में कर्फ़्यू के चलते जब घर के मुखिया घर से बाहर नही जा सकते ऐसे में ये आश्रित वर्ग गहरे संकट में आ चुके है। यद्यपि सरकार यथासंभव इनकी आवश्कताओं को पूरा करने में तत्त संकल्पित है। सरकार के प्रयत्नों के साथ साथ कुछ स्वयं सेवी संस्थाये भी ऐसे वर्गों की सहायता के लिए आगे आ रही है। ऐसा ही कार्य गणपति एजुकेशनल सोसाईटी कुनिहार भी पिछले 8-10 दिनों से कर रही है। गौर रहे कि यह संस्था पिछले 10 वर्षों से चालीस दिव्यांग बच्चों का जिम्मा उनकी शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य सम्बंधित आवश्कताओं के लिए लिया है। लेकिन ऐसे समय में जब इन बच्चों के अविभावक घर से बाहर नही जा सकते है तो ऐसे में संस्था इन गरीब परिवारों को खाने की सामग्री भी उपलब्ध करा रही है। संस्था कुनिहार के आसपास व दिगल क्षेत्र के जरूररत मन्द परिवारों में खाने पीने की आवश्यक सामग्री बाँट रही है। संस्था के प्रधान रोशन लाल शर्मा ने बताया कि संस्था कुनिहार में प्रवासी लोगो को भी खाने की सामग्री बांट रही है तथा इस कार्य मे संस्था को स्थानीय लोगो का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील की है की ऐसे मुश्किल समय में दिव्यांग तथा जरूरत मन्दो की सहायता के लिये जितना हो सके सहयोग करें।
प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के दौरान लोगों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाने के विशेष प्रबन्ध करके ऐसी समस्या का सामना कर रहे लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक दवाइयां प्राप्त करने में समस्या का सामना कर रहे व्यक्ति प्रदेश के अन्य भागों अथवा प्रदेश के बाहर उपलब्ध दवाइयों की मांग हेल्पलाइन नंबर 0177-2626076 और 0177-2626077 अथवा टोल फ्री नंबर 1070 पर दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को दवाइयां निकटतम दवाइयों की दुकान पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति निकटतम दवाइयों की दुकान पर दवाई की पर्ची दिखाकर दवाई प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकता है। यदि व्यक्ति को अपने स्थान पर दवाई की आवश्यकता है, तो वह निकटतम दवाइयों के दुकानदार को व्हाट्सएप के माध्यम से दवाई की पर्ची सांझा कर दवाई प्राप्त कर सकता हैं। यदि दुकानदार दवाई व्यक्ति के स्थान पर पहुंचाने में समर्थ है, तो इस प्रकार भी दवाई प्राप्त की जा सकती है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य औषधी नियंत्रक तथा औषधी निरीक्षक नागरिकों को आवश्यक दवाइयांे की आपूर्ति सुनिश्चित करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को दवा की कीमत तथा अपने स्थान पर दवा पहुंचाने का शुल्क वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी तथा गैर सरकारी संस्थाएं जरूरतमंद व्यक्ति को दवाइयो की दुकान से दवाइयां उसके स्थान पर दवा पहुंचाने के लिए स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान कर सकती हैं।
देश और प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण जैसी वैश्विक महामारी की चुनौती से जूझ रहा है। इस संकट तथा मुश्किल घड़ी में कई सामाजिक संस्थाएं इस जंग को जीतने हेतु लोगों तथा सरकार को अपना अमूल्य सहयोग देने आगे आ रही हैं। इसी कड़ी में अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग बागा ने अर्की तथा बिलासपुर के एसडीएम को 2000 पात्र मजदूरों को राशन के रूप में सहायता प्रदान की है। सीमेंट उद्योग के प्रशासनिक प्रमुख मेजर नरेश मावा तथा लाइजनिंग हेड प्रदीप अहलूवालिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि अल्ट्राटेक उद्योग प्रबंधन ने इस महामारी से प्रभावित मजदूरों तथा अन्य पात्र लोगों को सहयोगार्थ 1000 लोगों को राशन किट व अर्की एसडीएम विकास शुक्ला तथा 1000 पात्र लोगों को राशन किट बिलासपुर एसडीएम रामेश्वर दत्त को भेंट किए।
लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट, प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संस्थापक ईशान अख्तर एवं आयुषी इंस्टीट्यूट फैशन डिजाइनिंग के प्रबंधक एवं लाडली फाउंडेशन के सदर मंडल अध्यक्ष रीना ठाकुर की संयुक्त अगुवाई में कोरोना वायरस के चलते प्रभाव को देखते हुए बिलासपुर के साथ लगती पंचायतों में रहने वाले लोगों तथा स्थानीय नागरिकों को मास्क एवं सैनिटाइजर बांटे गए। लाडली फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट में जिला प्रशासन राजेश्वर गोयल अनुरोध किया कि अगर सामाजिक क्षेत्र में युवा स्वयंसेवकों की जरूरत पड़ती है तो शहर के सभी प्रमुख संस्थाओं का सहयोग लेकर युवा समाजसेवी की टीम हमारी तैयार है। रेनबो स्टार क्लब के संस्थापक ईशान अख्तर ने बताया कि सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर मास्क व सैनिटाइजर बांटे जा रहे हैं । तथा राशन की दुकानों के बाहर जो लोग सामान लेने आ रहे थे उनके सैनिटाइजर के साथ हाथ भी धुलाई गए । लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत नोनी के प्रधान निर्मला राजपूत, रेखा बिष्ट, रीना ठाकुर, पंडित सत्यदेव शर्मा, ईशान अख्तर, तनवीर खान ने बताया कि लगभग 8000 मास्क जिला बिलासपुर के ब्लॉकों में बांटने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए लाडली फाउंडेशन, प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब, हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (सर्वधर्म समभाव) देश की उन्नति व समाज सेवा के लिए कटिबद्ध है।
कोरोना वायरस के इस संकट में लगे कर्फ्यू लौकडाउन के चलते जो व्यापारी रोजमर्रा का सामान जनता को उपलब्ध करवा रहें है व्यापार मंडल ने उनका धन्यवाद किया है। व्यापार मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता, महासचिव सुरेंद्र गुप्ता, चीफ पैटर्न कमलेन्द्र कश्यप मुख्य सलाहकार शान अली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण टाडू, उपाध्यक्ष नवीन वर्मा, रामलाल, दीपक शर्मा, अनुसौरभ, सह सचिव चन्द्र शेखर हांडा, राज वर्मा, सलाहकार राजपाल दबड़ा, नरेंद्र खन्ना, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, आयोजक मंत्री अजय चन्देल, करीम खान, प्रेस सचिव अर्पण सन्त, असिस्टेंट सेकेट्री राजेश कुमारी जम्वाल ने संयुक्त रूप से प्रेस को जारी बयान के माध्यम से उन सभी व्यापारियों का धन्यवाद किया व उन्होंने सब्जी, दूध, ब्रेड व किरयाना व्यापारियों से निवेदन किया कि वह सभी प्रशासन द्वारा जो भी निर्देश उन्हें दिए गए है उनका वह सभी पालन करें। दुकान पर ग्राहकों में उचित दूरी बनाए रखे, किसी से भी हाथ ना मिलाएं, मास्क अवश्य लगा कर रखें तथा समय समय पर अपने हाथ सेनेताईज़र से साफ करते रहें क्योंकि इस संकट में आपके द्वारा दिया गया छोटे से छोटा योगदान भी देशहित में बड़ा होगा। यह समय राष्ट्र प्रेम की लौ प्रज्वलित करने का है। उन्होंने कहा आपका यह योगदान कोरोना की चेन तोड़ने व संकट से बचने के लिए अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होगा। उन्होंने कहा कि देश सेवा सिर्फ सुरक्षाकर्मियों का काम नही है बल्कि देश सेवा का मौका आज हम को भी मिला है इसलिए आप बढ़ चढ़ कर कोरोना को हराने में सहयोग करें। ध्यान रहे बचाव में ही बचाव है। सुनील गुप्ता ने कहा कि सरकार व प्रशासन का मेलों व अन्य कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय एक दम सही था क्योंकि इसी कारण कोरोना वायरस हिमाचल में भय नही बना पाया है। उन्होंने सभी व्यापारियों से 5 अप्रेल को रात 9 बजे से 9 बजकर 9 मिनट तक प्रधनांमत्री नरेंद्र मोदी के आह्वाहन पर सामूहिक शक्ति दिखाने का आह्वाहन किया है। व्यापरमण्डल ने व्यास रक्तदाता समिति व ब्लड बैंक बिलासपुर का भी धन्यवाद किया है जो इस विकट स्थिति में भी अपना कार्य ईमानदारी से कर रहें है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद लगे लौकडाउन में अब तक जरूरतमंद मरीजों को व्यास रक्तदाता समिति के अध्यक्ष कर्ण चन्देल द्वारा तकरीबन 50 यूनिट रक्त अभी तक उपलब्ध करवाया जा चुका है। उम्मीद करते है कि व्यास रक्तदाता समिति व ब्लड बैंक स्टाफ आगे भी मरीजों को इस संकट में भी रक्त की कमी नही आने देंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिन्दल ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग पर संवाद के दौरान कफर्यू और लाॅकडउन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस वीडियो कॉन्फरेंस में सरकार और संगठन द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए बेहतर तालमेल के साथ प्रयासों को अधिक सघन बनाने पर चर्चा हुई। डा राजीव बिन्दल ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में कफर्यू और लाॅकडानउन के दृृष्टिगत सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बेहतर तालतमेल का परिणाम है आज हिमाचल में कोरोना के कारण चल रहे कफर्यू और लाडॅडाउन में आम जन का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है और जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक सीधे पहुंच रही हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। डा. बिन्दल ने कहा कि कफर्यू और लाॅक डाउन को देखते हुए देश के कुल 20.39 करोड़ जनधन खातों में से अभी तक 4.09 करोड़ खातों में 500 रुपये प्रति खाता राशि जमा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.35 लाख लोगों को गैस सिलेंडर के पैसे उनके खाते में डाले गए हैं जिससे गरीब को भी भारी राहत दी गई है। इसके साथ ही बीपीएल को 5 किलो चावल एक किलो दाल मुफत में इस बार राशन में दिया जा रहा है। उधर, 6 अप्रैल भाजपा स्थापना दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ बिंदल ने कहा कि भाजपा अपने स्थापना दिवस पर एक जुट होकर कोरोना पर प्रहार करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रहित की पार्टी है और आज वैश्विक महामारी करोना वायरस से लड़ना ही राष्ट्रहित है। 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी स्थापना दिवस पर महिला मोर्चा की सभी कार्यकर्ता बहनें बूथ स्तर तक संपर्क बनाते हुए यह सुनिश्चित करेंगी कि हर घर में बहनें अपने परिवारजनों के उपयोग के लिए मास्क बनाएं, जिसकी बनाने की विधि बहत साधारण है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर युवा मोर्चा एवं पार्टी के सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री राहत कोष व मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वयं भी दान करेंगे व जनता को भी प्रेरित करेंगे। दान की राशि सौ रुपये से लेकर दानदाताओं की क्षमता के अनुसार हो सकती है। यह राशि मुख्यमंत्री हिमाचल और प्रधानमंत्री के कोविड फंड में डाली जाएगी। डॉ बिंदल ने बताया की आरोग्य सेतु मोबाईल ऐप को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की जाएगी और इस ऐप को बूथ स्तर पर बड़ी मात्रा में कार्यकर्ता एवं जनता से डाउनलोड करवाया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से कोराना वायरस के प्रति निरंतर ओैर अद्यतन जानकारी मिलती है और इसके माध्यम से कोरोना वायरस को लेकर सेल्फ एसेसमेंट भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कल तक हिमाचल में 71956 लोगों को पका हुआ भोजन और 30814 लोगों को राशन किट दी जा चुकी है।
विधानसभा क्षेत्र पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने लोगों से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर रविवार 5 अप्रैल रात्रि 9 बजे अपने अपने घरों में दिया, मोमबती अथवा टार्च अवश्य जलाएं जिसका तात्पर्य करोना वायरस जैसी महामारी से निराश व हताश हुए लोगों को आशा की ओर ले जाना है। उन्होने कहा कि दिया अथवा मोमबती जलाने से पहले अपने घरों की लाईटों को जरूर बुझा दें । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपादा की यह लड़ाई पूरा देश मिलकर लड़ रहा है और 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए प्रकाश करके अंधकार को चुनौती देने के साथ साथ देशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करना भी है। उन्होंने इस दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का भी आह्वान किया। उन्होने कहा कि इस राष्ट्रीय आपादा से लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है परंतु सरकार द्वारा जारी की गई एडवायजरी की अनुपालना करना जरूरी है । उन्होने बताया कि पच्छाद भाजपा मंडल द्वारा कोविड-19 सॉलिडेरिटी रिस्पोंस फंड के लिए दो किश्तों में 67 हजार रूपये की राशि प्रदान की गई है ।
हिमाचल में पांचवीं व आठवीं के सभी छात्रों को पास कर दिया जाएगा और बाद में ग्रेड कार्ड उन्हें दिए जाएंगे। कोरोना के चलते संकट की घड़ी में सरकार ने यह फैसला लिया है, ताकि छात्रों का साल खराब न हो, वहीं उनकी पढ़ाई पर भी कोई फर्क न पड़े। जयराम सरकार के डिटेंशन पॉलिसी में राहत देने से सवा लाख के करीब छात्र अगली कक्षा में प्रोमोट होंगे। इससे पहले सरकार ने सभी गैर बोर्ड परीक्षाओं के छात्रों को प्रोमोट करने का फैसला लिया था। अहम यह है कि सरकार ने पांचवीं कक्षा का जो हिंदी का पेपर रद्द हुआ था, उसे भी दूसरी बार न करवाने का फैसला लिया है। इससे साफ है कि अब लंबे समय से इंतजार रहे छात्रों के लिए राहत भरी यह खबर है। कम अंक होने के बाद भी वह दूसरी कक्षा में बैठ पाएंगे। फिलहाल सरकार ने शिक्षा विभाग को आदेश जारी किए है और कहा है कि जल्द प्रोपोजल बनाया जाएं, ताकि आगे दूसरे कार्यों को भी जल्द किया जाएं। विभागीय जानकारी के अनुसार सरकार शिक्षा विभाग की सलाह के बाद गैर बोर्ड कक्षाओं को पास तो करेंगे, लेकिन उसके बाद स्थिति सामान्य होने के बाद परीक्षाओं का आकंलन होगा, जिससे यह देखा जाएगा कि छात्रों ने फाइनल परीक्षाओं में कितना कार्य किया था। विटंर स्कूलों की बात करें, तो पांचवीं व आठवीं के जिन छात्रों को फेल किया था, उनके रि-एग्जाम भी शिक्षा विभाग नहीं ले पाया था। ऐसे में यह सारी औपचारिकताएं कर्फ्यू खत्म होने के बाद शिक्षा विभाग लेता है, तो पूरा साल ऐसे ही चला जाएगा। यही वजह है कि अब यह योजना बनाई जा रही है कि विंटर स्कूलों में भी इन दोनों बोर्ड की कक्षाओं के छात्रों को भी प्रोमोट कर पास किया जाए। गौर हो कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल ही डिटेंशन पॉलिसी को लागू किया है। शिक्षा में गुणवत्ता लाई जा सकें, इस मकसद से डिटेंशन पॉलिसी को लागू किया था, लेकिन हालात को देखते हुए इस फैसले को फिलहाल टालने का निर्णय भी सरकार ने लिया है। उधर, प्रदेश सरकार की ओर से बोर्ड से यह भी पूछा गया है कि क्या शिक्षकों को घर पर ही परीक्षाएं चैक करने के लिए दी जा सकती है, अगर ऐसा हो जाता है, तो स्कूल के शिक्षकों को उनके छात्रों को ही पेपर चैक करने को कहा जाएं, ताकि मई तक दसवीं व बाहरवीं कक्षा के रिजल्ट को भी घोषित किया जा सकें। फिलहाल शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस पर स्कूल शिक्षा बोर्ड से जवाब मांगा है, देखना होगा कि बोर्ड इस पर क्या जवाब सरकार को देता है।
जिला शिमला के ठेयोग में आग लगने से चार कमरों का मकान जलकर राख हो गया। यह आग मतियाना में शड़ी गांव के साथ लगते कुफ्टू में बाला राम के मकान में लगी। आग से लाखों का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार आग रविवार सुबह तड़के पांच बजे के करीब लगी। ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी तेजी से बढ़ी की देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि आग बुझाने के लिए आस-पास के ग्रामीण लोग भी पहुंचे लेकिन आग ने इतना विकराल रूप ले लिया था कि लोग आग पर काबू नहीं पा सके। बताया जा रहा है कि जब आग लगी उस समय घर में कोई नहीं था वहा रहने वाले लोग शनिवार दोपहर को अपने रिश्तेदार के पास गए हुए थे। आग लगने का कारण अभी मालूम नही हो पाया है।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि कोरोना संक्रमण द्वारा उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए पूरा देश और प्रदेश सामूहिक प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री द्वारा स्थापित हिमाचल प्रदेश कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पांस फंड में 21 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा एक दिन का वेतन लगभग 5,47,500 रुपये की राशि भी इस फंड में दान की गई है। उन्होंने कहा कि विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण के तहत इस घड़ी में एकजुटता का संदेश देते हुए यह कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सब सामूहिक और व्यक्तिगत तौर पर संकट की इस घड़ी से निपटने के लिए अपना-अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हम लाॅकडाउन व कफ्र्यू के नियमों का पालन करते हुए अपने घरों में डटे रहे, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचे, बाहर से आने वाले आदमी की सूचना तुरंत प्रशासन पुलिस अथवा 1077 नंबर पर देना सुनिश्चित करें ताकि व्यक्ति परिवार, समाज और प्रदेश को संभावित खतरे से बचाया जा सके।
राजस्व-आपदा प्रबंधन, हिमाचल प्रदेश के प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि कोविड-19 से उत्पन्न स्थित के प्रबंधन के लिए राज्य में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि 24 मार्च से शुरू होने वाले, 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लाॅकडाउन को आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधान के तहत, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू किया गया है जिसमें इस अवधि के दौरान प्रदान की जाने वाली छूट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के तहत अपराध और दंड का प्रावधान है, जिसके तहत, किसी सरकारी कर्मचारी या एनडीएमए, एसडीएमए या डीडीएमए द्वारा अधिकृत व्यक्ति को कर्तव्यों का पालन करने में रूकावट पैदा करना, सरकार या एनडीएमए, एसडीएमए या डीडीएमए द्वारा जारी किसी निर्देश का पालन करने से इनकार करना, सरकारी फायदे प्राप्त करने के लिए झूठे दावे करना, आपदा में राहत पहंुचाने के लिए नियत पैसे की हेराफेरी करना, आतंकित करने वाली झूठी चेतावनी देना दण्डनीय अपराध हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी न्यायालय, आपदा प्रबंधन अधिनियम के अधीन किसी भी अपराध का संज्ञान अधिनियम की धारा 60 के अन्तर्गत ले सकता है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत सरकारी कर्मचारी द्वारा सामान्य हित में जारी किए गए आदेशों या निर्देशों की अवज्ञा करने का दोषी पाए गए व्यक्ति को कानून के तहत दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के निर्देशों को लागू करना सुनिश्चित करें और किसी को भी राष्ट्रीय आपदा अधिनियम का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर कानून के तहत दंडित किया जाए। उन्होंने कहा कि झूठी सूचना का किसी भी रूप में प्रसार करने वाले व्यक्ति को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी 31 मार्च को यह बताया है कि आपदा प्रबंधन उन लोगों को दंडित करने के लिए अधिनियम की धारा 54 का उपयोग किया जा सकता है जो आपदा या इसकी गंभीरता या प्रभाव के रूप में गलत सूचना या चेतावनी देते हैं जिससे आमजन में घबराहट पैदा होती है।
उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि हमीरपुर जिला में निषेधाज्ञा के दौरान लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। जिला वासियों को दैनिक आवश्यकता की वस्तुएं उन्हें घर-द्वार पर ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं और जरूरतमंदों को भी राशन की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रभावित देशों से यात्रा कर जिला में लौटे कुल 296 लोगों को घर में ही संगरोध (क्वारंटीन) कर निगरानी पर रखा गया था, जिनमें से 110 लोग निगरानी अवधि पूर्ण कर चुके हैं और 179 अभी भी निगरानी में हैं। इनकी देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मी नियमित तौर पर मुआयना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त 7 लोग पहले ही प्रवासन (माइग्रेट) पर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला में स्थापित विभिन्न संगरोध/एकांत(क्वारंटीन/आइसोलेशन) सुविधा स्थलों (स्वास्थ्य विभाग को छोड़कर) में अभी तक 54 लोग रखे गए हैं। इनमें राधा स्वामी सत्संग व्यास कोहला में 24, लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह भोटा में 10, एपीएमसी भवन जाहू में 8, लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह सुजानपुर में 7, विद्युत बोर्ड विश्राम गृह हमीरपुर में 4 तथा लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह बड़सर में एक व्यक्ति को रखा गया है। उपायुक्त ने कहा कि जिला में जरूरतमंदों, गरीब परिवारों व प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभी तक जिला के सभी उपमंडलों में 9,332 राशन किट्स के माध्यम से 1773 क्विंटल राशन सामग्री वितरित की जा चुकी हैं। इससे 36 हजार से अधिक जरूरतमंद लोग लाभान्वित हुए हैं। शहरी निकायों में अभी तक 11,918 लोगों को घर-द्वार पर आपूर्ति व्यवस्था के माध्यम से राशन, फल-सब्जी, दूध-ब्रेड व दवाएं इत्यादि उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला में पशुओं के लिए चारा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में लगभग 1690 क्विंटल चारा यहां प्राप्त हो चुका है जिसे विभिन्न माध्यमों से पशुपालकों व पंजीकृत गौसदनों को वितरित किया जा रहा है। जिला में खाद्यान्न का भी पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। रसोई गैस, पैट्रोल व डीजल भी समुचित मात्रा में उपलब्ध है। सेनीटाइजर्स व मास्क भी आवश्यकता अनुसार उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मास्क बनाने तथा वितरित करने में पंचायत स्तर पर भी समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे घरों में ही रहें और बिल्कुल न घबराएं। अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपना सहयोग बनाए रखें। सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दें ताकि कोरोना महामारी की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।
कोरोना वायरस संक्रमण रोग को हराने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के आहवान पर हर नागरिक घरों में बैठकर तथा सामाजिक दूरी अपनाकर अपना अहम रोल अदा कर रहा है। ऐसे में समाजसेवी संस्था कहलूर विकास सेवा संस्थान के युवाओं ने पूरे शहर को सेनेटाइज करने का जिम्मा उठाया है। संस्था के करीब दस युवा हर रोज सुबह दस बजे से पैदल ही निकल जाते हैं तथा संबंधित क्षेत्र को सेनेटाइज कर शाम को घर लौटते हैं। युवाओं की इस कार्यशैली की सर्वत्र सराहना हो रही है। करीब एक सप्ताह से इस पुनीत कार्य में जुटे यह युवा डियारा सेक्टर, रौड़ा सेक्टर, चंगर सैक्टर, धौलरा वार्ड, पुलिस लाइन व पुलिस कालौनी को सेनेटाइज कर चुके हैं। कहलूर विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष सन्नी कुमार व महासचिव भरत डोगरा ने बताया इस काम को करने के लिए सभी सदस्यों ने एकजुटता दिखाई है तथा स्वयं के खर्चे पर काम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्हें सामान की आवश्यकता पड़ रही है लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें पूरा सामान नहीं मिल पा रहा है। बावजूद इसके वे अपने खर्चे पर सामान की खरीदारी भी कर रहे है। जिसमें मास्क, दस्ताने, सीप्रेट, फिनायल, अन्य कैमिकल एवं कीटनाषक दवाई तथा जलपान आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि कैमिकल का छिड़काव करने के लिए स्प्रे टैंक को दिन में तीन से चार बार भरना पड़ता है ऐसे में दस्ताने खराब होते हैं। किंतु सामान के अभाव के कारण काफी समय तक यही दस्ताने उन्हें चलाने पड़ने हैं। उन्होंने बताया कि काफी समय तक दस्ताने पहने रखने के कारण हाथों में खुजली होने लगती है। इन पदाधिकारियों ने बताया कि सामान को लेकर उन्होंने सीएमओ से भी भेंट की जहां पर सीएमओ बिलासपुर ने उनके जज्बे को सराहते हुए तुरंत फोन पर अपने अधीनस्थ कर्मचारी को सामान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इन युवाओं का आरोप है कि स्टोर में बैठे कर्मचारी उन्हें अधिकारियों द्वारा निर्देशित मात्रा से कम सामान देते हैं। जिससे फील्ड में उन्हें दिक्कत पेश आती है तथा फिर वे स्वयं पैसे एकत्रित कर।सामान की उपलब्धतता को बरकरार रखते है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने ही खर्चे पर छह स्प्रे मशीनें खरीद ली हैं। जिससे काम में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें प्रशासन की ओर से पर्याप्त मात्रा में सामान मिलता है तो वे षहर का कोना-कोना सेनेटाइज करने का मादा रखते हैं।।उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर से गुहार लगाई है कि उन्हें उचित एवं पर्याप्त सामान मुहैया करवाया जाए ताकि वे बिलासपुर को कोरोना मुक्त करने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग कर सके। उन्होंने बताया कि उनके टीम में अन्य।पदाधिकारी एवं सदस्यों में शामिल विवेक आनंद, अमित कुमार, बसंल लाल, अजय राणा, विनोद कुमार, निषांत, जतिन व विक्रम सिंह का अहम योगदान है।
सयुंक्त व्यापार मंडल बिलासपुर जरूरत मंद और निसहाय लोगों और छोटे कारोबारियों की पड़ताल कर उनको राशन किट देकर कर रहा है। सयुंक्त व्यापार मंडल बिलासपुर ने कोरोना की रोकथाम के लिए हिमाचल सरकार की कार्य प्रणाली की सराहना की। गौर तलब है कि संयुक्त व्यापार मंडल बिलासपुर अपने थोक व्यापारियों के सहयोग से अपनी उप समितियों के द्बारा हर जरुरत मंद ,निसहाय, बिधवा, अपंग और छोटे कारोबारी परिबारो को घर-घर राशन किट पहुचां रहा है । ये राशन किटे सयुंक्त व्यापार मंडल बिलासपुर अपने कार्यलय हाल मे तैयार कर रहा है जिसमें आटा, चावल, दाल, चीनी, आलू, प्याज, बेसन, नमक, साबुन और सोयाबीन की बड़ीयाां पेक होती है और ब्यक्ति की ज़रूरत को मध्यनज़र रखते हुये कम ज्यादा का भी प्रावधान किया गया है। सयुंक्त व्यापार मंडल बिलासपुर की ये टीम डिसटेन्स को मध्यनज़र रखते हुये बहुत मेहनत से यह पुण्य कार्य कर रही हैं ज़िसमे संयोजक स्वतन्त्र सान्ख्यान कि देखरेख में प्रधान नरेंद्र पण्डित, महासचिब हुसेनअली के साथ मुख्य नगीन चंद, रशिम महाजन ,अभिनव लक्की, पुनीत शर्मा, ,भूपेश चंदेल, भोलाजी, इन्द्रराज , ज्योती,डोगरा,अरुण शर्मा इत्यादि शामिल है नगीन चंद को स्पेशल ज़िम्मेवारी दी गई है और इसी के साथ महीपाल संख्यांन को खाध्य पदार्थ की गुणबता को जांच की ज़िम्मेवारी दी गई है जिससे ज़रूरत मंद को आछा राशन बितरित हो। इसी सन्दर्भ में संयुक्त व्यापार मंडल बिलासपुर के अन्य पदाधिकारी व सदस्य अपने अपने स्तर पर इस महापुण्य मानव सेवा में तन मन, धन से सहयोग कर रहे हैं और साथ मे कुछ समाजिक व्यक्ति भी अपना योगदान कर रहे है कुछ व्यक्ति कार्य कर रहे टीम को चाय पानी की भी स्बेछा से सेबा कार्य कर रहे है । गौर तलब है सयुंक्त व्यापार मंडल बिलासपुर के इस 《कोरोना महामारी 》पुनीत कार्य पर जिला प्रशासन ज़रूरत के अनुसार पास भी ज़ारी कर रहा है ताकि संयुक्त व्यापार मंडल बिलासपुर को मानब सेवा मे कोई दिक्कत पेश ना आए संयुक्त व्यापार मंडल बिलासपुर तय दिल से जिला प्रशासन के साथ सभी सहयोगियों का अभार ब्यक्त करता है और हर ब्यापारी और जन मानस सेआशा करता है कि देश में फेली कोरोना बीमारी से लड़ने के लिये आपसी दुरी बनाये रखने का पूरा पालन करे और सरकार की बताई गाईड लाईन पर अमल करे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 महामारी के कारण लगाए गए कर्फ्यू के दृष्टिगत प्रदेश के सेब बागवानों की मांगों के प्रति संवेदनशील है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश के बागवानों को कीटनाशक, खाद तथा पौधों के संरक्षण की अन्य सामग्री की कोई कमी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों तथा बागवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को बागवानों को घरद्वार के समीप अथवा गांव के आधार पर कीटनाशक, खाद तथा पौधों के संरक्षण की अन्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि बागवानों को समयबद्ध आधार पर मधुमक्खी के बक्से तथा एंटी हेलनेट की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गुजरात से एंटी हेलनेट की आपूर्ति में तेजी लाई जाए, ताकि इन्हें समय पर बागवानों को उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, सरकारी तथा निजी क्षेत्रों में एंटी हेल गन के लिए सिलेंडरों की आपूर्ति भी करेगी। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों की मांगों के प्रति संवेदनशीलता तथा बागवानी विभाग को समय पर कीटनाशक, खाद तथा पौधों के संरक्षण की अन्य सामग्री उपलब्ध करवाने हेतु तुरंत कदम उठाने के निर्देश देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कार्टन बक्सों तथा ट्रे के उत्पादन को आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया जाए, ताकि इनके निर्माण में शामिल औद्योगिक इकाइयां शीघ्र उत्पादन कर सकें। इससे सेब सीजन के दौरान सेबों तथा अन्य फलों की पैकिंग के लिए बक्सों तथा ट्रे की आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक पंडित सत्यदेव शर्मा एवं प्रमुख युवा समाजिक कार्यकर्ता ईशान अख्तर एवं प्रांत महामंत्री निर्मला राजपूत ने अल्पसंख्यक मुस्लिम वर्ग से अनुरोध किया कि सभी मुस्लिम प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देश ना माने उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। जो भी लोग तबलीग जमात दिल्ली मरकज से वापस हिमाचल आए हैं वह इसकी सूचना जिला प्रशासन प्रदेश सरकार तथा व स्वास्थ्य विभाग को दे। खुद भी ठीक रहे अपने परिवार को भी ठीक रखें तभी हमारा समाज गांव, जिला, प्रदेश, देश ठीक रह पाएगा। बेहतर इंसान बनते हुए आगे आकर कोरोना को खत्म करने में सहयोग दें। कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों का कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं। इन्होंने कहा कि जहां कोरोना वायरस को डब्ल्यूएचओ द्वारा महामारी घोषित किया जा चुका है। वहीं पर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस भयानक महामारी को आम ले रहे हैं। कई जगह लोग इस्तेमाल में लाए जाने वाले मास्क को सड़क पर इधर-उधर फेंक रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यदि यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से छूने से ही फैल सकता है। इस और कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि यदि कोई व्यक्ति संक्रमित होता है तो इसके द्वारा मास्क को इस्तेमाल किया जाना और फिर उसे फैंका जाना यह एक बड़े खतरे का कारण बन सकता है। लोगों को स्वयं इसके प्रति जागरूक होना चाहिए यही नहीं इधर उधर फेंके जाने से शहर में हजारों की संख्या में घूम रहे आवारा पशु भी इसके कारण संक्रमित हो सकते हैं इस और भी जनता एवं प्रशासन को ध्यान देना होगा। जिससे कि इस भयानक संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
सम्पूर्ण विश्व को अपने जाल में जकड़ने वाली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से बचाव हेतु ग्राम पंचायत दाड़ला के सभी सदस्यों तथा एसएचओ दाड़ला ने पंचायत के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों को सैनिटाइज़ किया। यह कार्यक्रम पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उपप्रधान लेखराज चंदेल, एसएचओ मोती सिंह नेगी की अगुवाई में संपन्न किया गया। सार्वजनिक स्थानों में बस स्टैंड, हॉस्पिटल, अंबुजा चौक, स्यार, बैंक एटीएम, पुलिस चौकी कार्यालय उचित मूल्य की दुकान तथा अन्य भीड़ वाली दुकानों को सेनिटाइज़ किया गया।इस कार्य को अंजाम देने में पंचायत सदस्य नरेंद्र चौधरी, रमेश, मदन, पुष्पेंद्र शर्मा, अरुण कुमार गौतम, बिमला तथा पुलिस चौकी से कमला वर्मा, घनश्याम चौधरी तथा समाजसेवी जगदीश्वर शुक्ला, समाजसेवक अनिल गुप्ता इत्यादि शामिल रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत लोगों का आह्वान किया है कि वे इस संकट को माहमारी बनने से रोकने के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ केन्द्र, प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का पूर्ण पालन करें। के.सी. चमन सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में कोरोना वायरस के खतरे से प्रभावी रूप से निपटने के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जिला दण्डाधिकारी ने इससे पूर्व जिला के परवाणु में पुलिस बैरियर पर पुलिस तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं अधिकारियों तथा कर्मचारयों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बैरियर पर आने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने बद्दी स्थित ईएसआई अस्पताल में आईसोलेशन व्यवस्थाएं भी जांची। के.सी. चमन ने बैठक में अधिकारियों को बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में निर्देशों का पूर्ण पालन करने एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों को उनके घर-द्वार पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए ‘होम डिलीवरी प्रणाली’ को अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। उन्होेंने निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए क्षेत्रवार स्थानीय दुकानदारों को चिन्हित करें ताकि लोगों को शीघ्र एवं विश्वसनीय तरीके से वस्तुएं प्राप्त हो सकें। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि इस संकट काल में कफ्र्यू का पूर्ण पालन करवाने में ग्राम पंचायतों को भी अपना कत्र्वय सही प्रकार से निभाना होगा। यदि ग्राम स्तर पर कोरोना वायरस से किसी की मृत्यु होती है अथवा कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्ति पाया जाता है तो सम्बन्धित ग्राम पंचायत को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी ताकि ऐसी परिस्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि कोरोना वायरस का फैलाव समुदायिक स्तर पर न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ सहित जिला की सभी सीमाओं पर पंहुचने वाले चालकों एवं अन्य की थर्मल स्केनिंग में कोई कोताही न बरती जाए। इस कार्य के लिए सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में समुचित संख्या में टीमें तैनात रहें। उन्होंने इन क्षेत्रों में तैनात टीमों के लिए ई-शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में विभिन्न निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है तथा दैनिक आधार पर अनुश्रवण के माध्यम से आवश्क वस्तुओं की आपूर्ति एवं उपभोक्ताओं तक इनकी पंहुच की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं एवं दवाओं इत्यादि की कोई कमी नहीं है। के.सी. चमन ने लोगों से आग्रह किया कि यथा सम्भव घर पर ही रहें और अति आवश्यक होने पर ही केवल कफ्र्यू ढील के समय ही कम से कम बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है तथा इस क्षेत्र में प्रवासी कामगारों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक प्रबन्ध किए गए है। क्षेत्र सहित पूरे जिला में तैयार किए गए आईसोलेशन एवं क्वारेनटाईन केन्द्रों में सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। स्टील बर्ड हैलमेट कम्पनी के वरिष्ठ कर्मचारी की धर्म पत्नी की पीजीआई चण्डीगड़ मे मृत्यु के उपरान्त उनके सम्पर्क में अपने वाले व्यक्त्यिों को क्वारेनटाईन कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने इस अवसर पर क्षेत्र के उद्योगों, कामगारों, परिवहन इत्यादि की भी सम्ीक्षा की और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा ने विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के प्रधान सुरेंद्र शुक्ला तथा उपप्रधान लेखराज चंदेल ने कोरोना वायरस संक्रमण जैसी महामारी के चलते अपनी पंचायत के उन सभी मकान मालिकों से, जिन्होंने अपने मकान किराए पर चढ़ा रखे हैं अनुरोध किया है कि मकान मालिक लोगों को पुलिस स्टेशन में अपना रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भेजें। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन मकान मालिकों ने नेपाल मूल के या बाहरी राज्यों के लोगों को भी यदि मकान किराए पर दे रखे हैं उनका रजिस्ट्रेशन भी वे पुलिस चौकी में करवाना सुनिश्चित करें। सुरेन्द्र शुक्ला ने कहा है कि किराए का मकान आवास के रूप में हो या दुकान के रूप में किराए पर दिया गया हो उन सभी का रजिस्ट्रेशन पुलिस चौकी में करवाना अनिवार्य है। सभी मकान मालिक यह भी सुनिश्चित करें कि उनके किराएदार कर्फ्यू के दिनों में इधर-उधर बिल्कुल भी न जाए न ही किसी अन्य को अपने रूम में आने दें। उन्होंने कहा कि इस बीमारी ने संपूर्ण विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है इसके बचाव हेतु पंचायत द्वारा इसीलिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला दण्डाधिकारी के.सी. चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आने वाले एवं आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत चालकों की सुविधा के लिए आदेश जारी किए हैं। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल ने दी। उन्होंने कहा कि इन आदेशों के अनुसार कफ्र्यू अवधि में आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत एवं आवश्यक सामग्री के परिवहन में संलग्न चालकों की सुविधा के लिए सोलन उपमण्डल के उपरान्त सोलन के परवाणु तथा कण्डाघाट एवं अर्की उपमण्डल में भी टायर पंचर की कुछ दुकानें अगले आदेश तक प्रतिदिन हर समय खुला रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के सोलन उपमण्डल के परवाणु के सैक्टर 6 स्थित गुरू ऑटो वक्र्स, पैराडाईस होटल परवाणु (मालिक भूपेन्द्र मोबाईल नम्बर 99925-50743) को आगामी आदेशों तक प्रतिदिन हर समय खुला रखने के आदेश दिए गए हैं। कण्डाघाट उपमण्डल में वाकनाघाट क्यारीमोड़ स्थित हीरा ऑटो (मालिक जनक भारद्वाज मोबाईल नम्बर 98575-50850), कण्डाघाट के साहरी पेट्रोल पम्प के समीप वर्कशाॅप (मालिक शैलेन्द्र मिस्त्री मोबाईल नम्बर 82639-75872) को आगामी आदेशों तक प्रतिदिन हर समय खुला रखने के आदेश दिए गए हैं। अर्की उपमण्डल में पंवर्स मोटर्स, गांव दसेरन, भराड़ीघाट (मालिक भूप सिंह पंवर मोबाईल नम्बर 98163-62503), भीमाकाली टायर्स, चमाकड़ीपुल (मालिक पवन कुमार मोबाईल नम्बर 98172-87144), हरीश कुमार टायर्स, सायर, दाड़लाघाट (हरीश कुमार मोबाईल नम्बर 98160-89572), कुशाल ऑटोमोबाईलस, दानोघाट (कुशाल मोबाईल नम्बर 98166-53839), यशी ऑटोमोबाईल्स, वार्ड नम्बर-7, समीप पेट्रोल पम्प अर्की (वेद नेगी मोबाईल नम्बर 70186-84880), जग्गा टायर सर्विस, शिमला रोड कुनिहार (राजीव कुमार मोबाईल नम्बर 98164-17281), राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 पर धमोग (दाड़लाघाट) में राज रिट्रेड (राज कुमार मोबाईल नम्बर 86290-10033), राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 पर क्यारड में जे.सी. सर्विस सैन्टर (जगदीश मोबाईल नम्बर 98054-22259) तथा रत्न आॅटोजोन कुनिहार (रंजन ठाकुर मोबाईल नम्बर 98051-42610) आगामी आदेशों तक प्रतिदिन हर समय खुले रहेंगे। इन सभी को कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग, साफ-सफाई एवं सरकार द्वारा समय-समय पर जारी नियमों का पूरा पालन करना होगा। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक सोलन, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन, उपमण्डलाधिकारी सोलन, कण्डाघाट एवं अर्की सहित टायर पंचर दुकान मालिकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्हें निर्देश दिए कि प्रदेश में पशुओं के चारे की सुचारू व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि राज्य में चारे की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें चारे की आपूर्ति की दैनिक आधार पर निगरानी करनी चाहिए, ताकि संबंधित एजेंसियांे से और अधिक चारे की आपूर्ति के लिए संपर्क किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न सरकारी एवं निजी मत्स्य पालन केन्द्र हैं एवं इन मत्स्य पालन केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में मत्स्य आहार उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और मत्स्य आहार ले जाने वाले वाहनों को अनुमति भी दी जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने राज्य के विभिन्न भागों में स्थापित गौसदनों में पर्याप्त मात्रा में चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चारे की आपूर्ति के लिए गैर सरकारी संस्थाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि राज्य में चारे और पशु आहार की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। निदेशक पशुपालन विभाग डाॅ. प्रियादर्शनी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
प्रशिक्षण सेना भर्ती कार्यालय शिमला के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस शिमला द्वारा रामपुर शहर में 16 से 25 अप्रैल, 2020 को आयोजित की जाने वाली भर्ती रैली विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण महामारी के कारण आगामी आदेशों तक स्थगित की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी को अगले आदेश प्राप्त होने पर सूचित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत लगभग 12 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया है, जिनका पंजीकरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह भर्ती शिमला, सोलन, किन्नौर और सिरमौर के युवाओं के लिए आयोजित की जानी थी।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश में मास्क बांटने वाली है। इसके लिए मास्क हैंड मेडिड बनाने का काम जारी है और अगले 4 दिनों में 1 लाख मास्क बांटने का लक्ष्य रखा गया है। युवा कांग्रेस ने कहा कि महामारी के वक़्त मास्क एक उपयोगी हथियार है। सभी विधानसभा अध्यक्षों को निर्देश दिये गया है कि वह अपनी अपनी विधानसभा में 8 से 10 हजार मास्क बांटने का काम करें। अभी तक बहुत से युवा कांग्रेस के साथियों ने बाजार से खरीद कर तकरीबन 70 हजार के करीब मास्क अलग अलग विधानसभा में बांट लिए है। बाजार में मास्क की कमी को देखते हुए युवा कांग्रेस ने फैसला लिया है कि युवा कांग्रेस होम मेड मास्क तैयार करके लोगों को बंटेगी। पहली कड़ी में एक लाख मास्क बांटे जाएंगे। बहुत सारी जगह पर घरों पर मास्क त्यार किये जा रहे है। प्रदेश सरकार भी मास्क उपलब्ध करवाने में असफल साबित हो रही है। आने वाले समय में भी इसी तरह से घर घर में हर विधानसभा में मास्क बनाने का काम युद्ध स्तर पर चला रहेगा।
मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने शनिवार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मनाली के पुराने भवन में लॉक डाउन के दौरान रह रहे गृह रक्षक के जवानों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को जवानो के सोने के लिए 22 फोल्डिंग चारपाई सहित बिजली के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनता से अपील भी की इस संकट की घड़ी में दिन रात ड्यूटी कर रहे पुलिस के जवानों की सहायता करें। गौरतलब है जयराम सरकार कर्फ्यू एवं लॉक डाउन की स्थिति में भी प्रदेश कि जनता की सुविधाओं का पूरा खयाल रख रही है। जनता को इस दौरान परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे है। ऐसे में जनता को अनुशासित रखने वाले जवानो की सुविधा को भी अनदेखा नहीं किया जा रहा है।
उद्योगी क्षेत्र परवाणू मे जगह-जगह सभी वार्डों में नगर परिषद एवं फायर ब्रिगेड द्वारा औद्योगिक इकाइयों के बाहर सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया जिससे विश्व भर में चल रहे करो ना वायरस को दूर भगाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर हिमाचल प्रदेश एवं पुलिसकर्मी डॉक्टर्स सफाई कर्मचारी सभी अपनी अपनी जगह अपना कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल रविवार को इन सभी को सम्मानित करने के लिए एक संदेश दिया है जोकि रात्रि 9:00 बजे से लेकर 9 मिनट के लिए सभी अपने-अपने घरों के बाहर दीप थालिया तालियां एवं शंख बजाकर इन लोगों का अभिनंदन करेंगे इस महामारी से निबटने के लिए सभी प्रयास जारी है जिसमें पूरे देशवासियों को सहयोग भी मिलता नजर आ रहा है।
“गैया खाये साल में जितने का आहार उस से दस गुण मोल के देती है उपहार" धर्मशाला से सराह गौशाला में पिछले दिनों चारे को लेकर कई दिक्कतें आ रही थी। जब पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा को इन दिक्कतों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई तो उन्होंने तुरंत ही उनके संपर्क में जो समाज सेवी संस्थाएं थी उनसे चर्चा की। जिसके बाद यूनाइटेड यूथ ऑफ मॉडर्न इंडिया (UYMI) और स्वामी रामानंद ट्रस्ट संसाल (Swami Ramananda Trust Sansal) ने 100 बोरी फ़ीड सराह गौशला के लिए, 20 बोरी फ़ीड कांगडा गौशाला के लिए और 1800 किलोग्राम हरा चारा सराह गौशाला के लिए भेजने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने निजी स्तर पर भी तूड़ी व हरे चारे का प्रावधान करने का निर्णय लिया है।
आंगनबाड़ी वर्करज एवं हेल्परज़ यूनियन अर्की की प्रधान विमला ठाकुर ने मीडिया के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा की कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए महासंकट के कारण आज देश व प्रदेश की जनता काफी परेशानी में है। महामारी के फैलाव को रोकने व इस पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही आशा वर्करज व आंगनवाड़ी वर्करज को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करज पहले भी दर्जनों तरह के कार्य करके समाज के प्रति अपनी भूमिका को बेहद संवेदनशील तरीके से निभाती रही हैं व वर्तमान में भी सरकार की सबसे ज़्यादा योजनाओं को जनता के घर द्वार पहुंचाने का कार्य आंगनबाड़ी वर्करज ही कर रही हैं व इस आपातकालीन स्थिति में अगर प्रशासन कोरोना की डोर टू डोर मैपिंग के कार्य में आंगनबाड़ी वर्करज को शामिल करता है तो वर्करज व परिवार के स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी आईसीडीएस विभाग व प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी बनती है। परन्तु खेद का विषय है कि आज भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भेदभाव जारी हैं। आंगनबाड़ी वर्करज को कार्य करने के लिए बाध्य तो किया जा रहा है परन्तु उन्हें सरकार की ओर से कोई मेडिकल किट उपलब्ध नहीं करवाई गई है ना ही अन्य कर्मचारियों की तरह बीमा सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है और ना ही उन्हें उचित दैनिक आर्थिक मदद अथवा दैनिक भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की है कि कोरोना मैपिंग करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित आधुनिक मेडिकल किट उपलब्ध करवाई जाए। मैपिंग के दौरान डयूटी करने पर 100 रुपये के बजाए 300 रुपये दैनिक भत्ता दिया जाए स्वास्थ्य कर्मियों व आशावर्कर की तर्ज़ 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। राज्य मंत्रिमंडल ने कोविड-19 की स्थिति की पूर्ण समीक्षा की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से की गई सभी तैयारियां एवं वर्तमान स्थिति के बारे में प्रस्तुति के द्वारा राज्य मंत्रिमंडल को जानकारी दी गई। इसके उपरांत व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग में आवश्यकतानुसार विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति की जाएगी। साथ ही केबिनेट ने एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मण्डी को समर्पित कोविड-19 अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई। उन्होंने आगे यह भी बताया कि सभी मंत्रिमंडल सदस्यों ने प्रदेश में किए जा रहे एक्टिव केस फांइडिंग अभियान को भी सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए और विभाग के इस कदम को सराहा। राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन प्रदान करने और स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर छूट/घटाने का निर्णय लिया। अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टैम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 10 प्रतिशत क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज़ डीड पर लिया जाएगा। इसी तरह जिन उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टैम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 20 प्रतिशत क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज़ डीड पर लिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित एंकर उद्यमों, जिनकी निश्चित पूंजी निवेश 200 करोड़ रुपये से ज्यादा है और नियमित तौर पर 200 से ज्यादा बोनाफाईड हिमाचलियों को रोजगार प्रदान किया है, वह स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर रियायत के लिए 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत के उपयुक्त दरों पर क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज़ डीड पर के लिए पात्र होंगे। मंत्रिमंडल ने सोलन जिला के बद्दी के मौजा केंडुआल स्थित उद्योग विभाग की 30 बीघा भूमि मैसर्ज जेबीआर एन्वायरमेंट टैक्नाॅलाॅजीज (बद्दी) प्राईवेट लिमिटेड को पट्टे पर 25 वर्ष की अवधि के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की टोकन मनी पर एकत्रित ठोस कचरा प्रबन्धन परियोजना स्थापित करने के लिए देने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने देश के साथ राज्य में कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजामुद्दीन तबलीगी जमात, जिसके कारण देश में कोरोना वायरस का आंकड़ा प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है, के लोगो पर कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि किसी भी यात्रा इतिहास वाले व्यक्ति की पहचान जल्द से जल्द की जाए ताकि कोरोना वायरस अन्य लोगों तक न पहुॅच सके। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्रा करके आए लोगों को घर पर क्वारनटाईन किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय शहरी निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए शामिल किया जाए जिनका राज्य के भीतर अथवा राज्य से बाहर यात्रा का इतिहास है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान शुरू किया गया है जिसके तहत कोविड-19 के लक्ष्णों के बारे में जानकारी लेने के लिए 8000 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत टीमें घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य की जानकारी लेंगी और गूगल फार्म के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के साथ सांझा करेंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि एक्टिव केस फाइंडिंग टीमों को मास्क, दस्ताने और सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाएं ताकि वे बिना किसी भय के कुशलतापूर्वक अपने कार्य को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात द्वारा कोरोना फैलने का मामला नहीं होता तो राज्य में कोरोना वायरस का कोई भी मामला नहीं था क्योंकि टांडा मैडिकल कालेज में दाखिल महिला की कोरोना वायरस की रिपोर्ट हाल ही में नैगेटिव पाई गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में अब तक 4038 लोगों को कोरोना वायरस की निगरानी में रखा गया है जिसमें से 1655 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि आज कोविड-19 के 29 लोगों की जांच की गई जिसमें से टांडा मैडिकल कालेज के 23 सैंपल नैगेटिव पाए गए हैं और आई.जी.एम.सी. शिमला से लिए गए 6 सैंपलों की रिपोर्ट भी नैगेटिव पाई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लिए प्रदेश में कुल 296 लोगों की जांच की जा चुकी है और अब तक कुल 6 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर.मरड़ी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर.डी.धीमान तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुण्डु भी बैठक में उपस्थित थे।
संगठनात्मक जिला नूरपुर के भाजपा के जिला महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने कोरोना राहत कोष कांगड़ा में 51 हजार रुपये दान के रूप में दिए है । रणवीर सिंह ने कहा है कि यह एक राष्ट्रीय आपदा है और हम सभी को आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए । उन्होंने लोगो से अपील की है कि इस राष्ट्रीय आपदा के समय सभी सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें और कोरोना को हराने के लिए घर पर ही रहे । उन्होंने लोगों का आहवाहन करते हुए कहा कि वे सरकार का सहयोग करें क्योंकि इस वायरस के लिए अभी तक कोई वेकसीन नही बनी है अतः लॉक डाउन का पालन करना ही इसका उपचार है।
कोविड-19 महामारी के कारण लाॅकडाउन के तहत स्कूल बंद होने की स्थिति में प्रदेश में स्कूली बच्चों के अभ्यास व सीखने की क्षमता की निरंतरता को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ‘समय दस से बारह वाला, हर घर बनें पाठशाला’ कार्यक्रम आरम्भ किया जा रहा है। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इसके तहत शिक्षा विभाग द्वारा दैनिक डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी, जो शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को सम्प्रेषित की जाएगी। प्रदेश में सभी छात्र प्रातः 10 बजे से 12 बजे के बीच सीखने और अभ्यास करने में अपना समय बिताएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को शैक्षणिक वीडियो व अभ्यास के माध्यम से कार्यक्रम को संचालन किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के खण्ड व जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। शिक्षक प्रतिदिन के आधार पर बच्चों के अभिभावकों के व्हट्सएप गु्रप पर इस सामग्री को सांझा करेंगे, जोकि छात्रों को मनोरंजक व आकर्षित गतिविधियों और कहानियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र अभ्यास के माध्यम से वीडियो में दिखाई गई बातों का अभ्यास कर पाएंगे तथ व्हट्सएप के तहत अपने शिक्षकों से सही उत्तर व स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत साक्षरता और संख्यात्मकता के साथ-साथ दि टीचर ऐप पर शिक्षा शास्त्र पर नवीन शिक्षण विधियों के संबंध में सूचनात्मक वीडियो पाठ्यक्रमों की सामग्री योजना भी शिक्षकों के लिए बनाई जाएगी, जो कि शिक्षकों को इस अवधि के दौरान अपनी रचनात्मकता व कौशल को विकसित करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छुट्टियों के दौरान छात्रों के सीखने के स्तर में गिरावट को रोकेगा बल्कि छात्रों में रूचि पैदा करके अध्ययन में व्यस्त रखने के लिए भी कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से छुट्टी के दौरान छात्रों के अभ्यास व पुर्नावृति कमी के चलते बच्चों के सीखने की क्षमता की निरंतरा बनी रहेगी।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से संबंधित फर्जी समाचारों के प्रसार की जांच के लिए ‘फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट’ का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इसके बचाव संबंधी उपाय किए जा रहे है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विशेष रूप से हम प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक ओर सोशल मिडिया से अपेक्षा करते हैं कि वे जिम्मेदारी की भावना बनाए रखें। डर का माहौल पैदा करने वाले अप्रमाणिक समाचार प्रसारित न करें। लोगों के संदेह को दूर करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य मंचों सहित सभी मीडिया के माध्यम से भारत सरकार द्वारा दैनिक बुलेटिन भारत के महाधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किए जाने के 24 घंटों के भीतर सक्रिय किया जाएगा। हम इस महामारी के बारे में खुली चर्चा में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। मीडिया को विभिन्न जानकारियों को आधिकारिक विवरण से प्रकाशित करना चाहिए। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी मीडिया को सलाह दी है कोविड-19 को लेकर सही समाचारों का प्रसार सुनिश्चित करे। फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल, सोशल मीडिया में कोरोना वायरस से संबंधित झूठे और गलत समाचारों के प्रसार पर निगरानी रखे इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस से संबंधित सूचना को मिडिया के साथ सांझा करे। यूनिट संबंधित अधिकारियों, एजेंसियों को कानून के प्रावधान के अनुसार सुधारात्मक उपायों और उचित कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगी। निदेशक, सूचना एवं जन संपर्क, हरबंस सिंह ब्रसकोन फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट के अध्यक्ष होंगे, जबकि एस.पी. साईबर क्राईम संदीप धवाल, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विनोद शर्मा, संयुक्त निदेशक आईटी अनिल सेमवाल, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क प्रदीप कंवर, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क महेश पठानिया, उप निदेशक सूचना एवं जन संपर्क धर्मेंद्र ठाकुर, उप निदेशक (तकनीकी) सूचना एवं जन संपर्क यू.सी. कौंडल और प्रबंधक आईटी हिमाचल प्रदेश सचिवालय किशोर शर्मा सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधान के अनुसार सभी सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्मों को अपने उपयोगकर्ताओं को होस्ट करने, प्रदर्शित करने, अपलोड करने, संशोधित करने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, अपडेट करने या सांझा करने के लिए सूचित करने की आवश्यकता है, जो सार्वजनिक आदेशों को प्रभावित कर सकते हैं और गैर कानूनी हो सकते हैं।
जिला दण्डाधिकारी शिमला अमित कश्यप ने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार जिला में एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत 795 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके तहत शिमला शहरी क्षेत्र में 134 जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों में 661 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य की पूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आंगनबाड़ी, आयुर्वेद, स्वयंसेवी तथा आशा वर्करों की सेवाएं ली जाएगी वहीं शहरी क्षेत्र में इनके अतिरिक्त सैहब सोसायटी व डाक सेवा कर्मियों की सहायता भी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि 7 दिन तक चलने वाले इस अभियान के तहत लगभग 1590 व्यक्ति अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सदस्य सायं 5 बजे तक शहरी क्षेत्रों में 50 घरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 घरों में प्रतिदिन जांच कार्य करेंगे। जांच कार्य की जानकारी ऑन लाईन अपलोड की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन टीमों के सदस्य जहां लोगों की जांच का कार्य करेंगे वहीं कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों जिसमें सामाजिक दूरी, निरंतर साबुन से हाथों का धोना तथा स्वच्छता आदि के बारे में भी जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस कार्य में आने वाले कर्मचारियों को सहयोग प्रदान कर इस महामारी को खत्म करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
जिला दण्डाधिकारी अमित कश्यप ने संकटकाल में विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी व अन्य धार्मिक संस्थाओं द्वारा सामुदायिक सहायता के तहत जरूरतमंदों और गरीबों को वितरीत किए जा रहे पके भोजन अथवा राशन का वितरण संबंधित क्षेत्रों के उपमण्डलाधिकारियों के माध्यम से करने की अपील की ताकि किसी प्रकार की दोहराव की संभावना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थाएं उपमण्डलाधिकारी को सूचित करने के उपरांत ही इस क्रम में राशन वितरीत करें। उन्होंने कहा कि प्रायः देखा गया है कि संस्थाएं अपने स्तर पर राशन वितरीत कर रही है, जिसके तहत एक ही जगह पर दो या तीन से अधिक बार राशन वितरीत किया जा रहा है। इसके चलते जरूरतमंद व्यक्ति इससे वंचित रह रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए संबंधित क्षेत्रों के उपमण्डलाधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनाती की गई है, जिसके पास क्षेत्र के राशन की आवश्यकता के आंकड़ें प्रतिदिन के आधार पर उपलब्ध रहते हैं। संबंधित संस्थाएं अथवा लोग उपमण्डलाधिकारी को सूचित कर इन जानकारियों के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों व क्षेत्रों में वितरण कार्य करेंगे तो अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने संकट के इस समय में समावेशी सहयोग की अपेक्षा के तहत सभी संस्थाओं से इस दिशा में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार के दोहराव से बचने के लिए इस प्रक्रिया को अपनाया जाना अत्यंत आवश्यक है ताकि सेवा के इस कार्य की परस्पर पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।


















































