विपत्ति के समय में एकजुट होकर संकट का सामना करना हम हिंदुस्तानियों की सबसे बड़ी खासियत है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के चलते पैदा हुए संकट के समय भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। राष्ट्रपति से लेकर मंत्री, सरकारी संगठनों से लेकर व्यक्तिगत और निजी संस्थाओं, उद्यमियों से लेकर फिल्मी हस्तियों तक ने प्रधानमंत्री राहत कोष में बढ़-चढ़कर योगदान किया है या दान देने का एलान किया है। बिलासपुर की ही जानी मानी संस्था कामधेनु हितकारी मंच के सदस्यों ने भी पांच लाख रुपये इस राहत कोष में भेजे हैं। यह जानकारी मंच के अध्यक्ष नानक राम ने पत्रकारों को दी। कामधेनु के इस योगदान के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने मंच का आभार प्रकट किया है।
कोरोना वायरस के संकट से जहां पूरा देश घबराया हुआ है। वहीं इससे बचाव के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग के साथ अन्य कई सामाजिक संस्थाएं कार्य कर रही है। सभी कोरोना वायरस के बचाव के बारे में जनमानस को बता रहें हैं तथा जितना भी हो सके घर पर रहने की सलाह दे रहें है। इसी कड़ी में जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में भी ब्लड बैंक स्टाफ कोरोना वायरस के इस संकट में दिन रात कार्य कर रहें है। जिला अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों को रक्त समय पर उपलब्ध हो सके इसके लिए वह दिन रात कार्य कर रहें है। यह बात व्यास रक्तदाता समिति के अध्यक्ष कर्ण चन्देल ने कही। उन्होंने कहा कोरोना वायरस के चलते पूरे देश मे कर्फ्यू लगा हुआ है। जिसके चलते ब्लड बैंकों में रक्त की कमी आ रही है। जिला अस्पताल ब्लड बैंक व मरीजों के फोन आने पर संस्था रक्त सेवकों को लेकर ब्लड बैंक रक्तदान करवाने जाती है। कर्ण चन्देल ने कहा कि जनता कर्फ्यू से लेकर आजतक तकरीबन रोज तीन यूनिट रक्त ब्लड बैंक में व्यास रक्तदाता समिति द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है। मंगलवार को भी एनीमिया के मरीज मंशा राम को चार यूनिट एबी पॉजिटिव रक्त उपलब्ध करवाया गया। एबी पॉजिटिव रक्त दाताओं में नवीन सोनी, तनवीर ने मंगलवार को रक्तदान किया जबकि दो यूनिट रक्त ब्लड बैंक से उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा कैंसर मरीज उर्मिला को भी तीन यूनिट रक्त शुभम राही, राज कुमार व अश्वनी ने रक्तदान किया। ब्लड बैंक स्टाफ में स्टाफ नर्स भावना ठाकुर, कमल किशोर, सुरेश कुमार, श्याम आदि का ब्लड बैंक में इस संकट पर भी दिन रात कार्य करने पर धन्यवाद किया है। व्यास रक्तदाता समिति के अध्यक्ष कर्ण चन्देल ने कहा कि कोरोना वायरस से घबराने की नही बल्कि इससे सावधानी बरतने की जरूरत है। इसकी कोई दवाई नही है। इसका इलाज बस घर पर रह कर अपनी सुरक्षा में ही है।
उपमंडल अधिकारी सदर बिलासपुर रामेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी की रोकथाम के मध्य नजर सम्पूर्ण हिमाचल में कर्फ्यू व जिला बिलासपुर में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144(1) लागू किए जाने पर सम्पूर्ण यातायात व्यवस्था बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपमंडल सदर, जिला बिलासपुर में आवश्यक वस्तुओं व आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति के लिए छोटे वाहनों की ही अनुमति प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति के लिए उपमंडल सदर के आवेदक कार्यालय की ई-मेल के माध्यम से ही अपने आवेदन पत्र अपने वाहन की आर0सी0 चिकित्सा सम्बधी प्रमाण पत्र व अन्य सहायक दस्तावेजों सहित इस कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि अपने आवेदन पत्र पर पूरा पता, मोबाईल नम्बर व व्हाटसप नम्बर भी अंकित करना सुनिश्चित करें।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक सीता राम मरडी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने युवा कांग्रेस के विरोध के बाद बिलासपुर जिला के बरमाणा में प्रवासी मजदूरों को मुर्गा बनाए जाने की पुलिस की हरकत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एक बड़ा ब्यान जारी किया और प्रदेश की पुलिस को आदेश जारी किए कि वो हिमाचल की जनता और प्रवासी लोगों के साथ प्यार से पेश आए और मारपीट या मुर्गा न बनाएं। आशीष ठाकुर ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा का भी आभार जताया और कहा कि जिस तरह से पुलिस कप्तान रात दिन जनता की सेवा में लगे हुए है वह बहुत ही सराहनीय है, बरमाणा की घटना के ऊपर आशीष ठाकुर ने कहा कि जैसे ही इस घटना के बारे में पुलिस अधीक्षक को पता चला तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से कारवाही करते हुए महिला कांस्टेबल को लाइन हाजिर होने के आदेश जारी कर दिए। यही नहीं बिलासपुर जिला से सम्बंधित सभी थाना प्रभारियों को भी आदेश जारी कर दिए कि पुलिस व्यवस्था में कोई कोताही न बरती जाए। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अगर सीता राम मरडी और दिवाकर शर्मा की तरह के पुलिस अधिकारी होंगे तो निश्चित तौर पर हिमाचल की जनता को इस मुश्किल दौर में ओर न ही भविष्य में किसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा ओर प्रदेश में कानून व्यवस्था भी सुदृढ़ बनी रहेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह ने राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड की ओर से 3.03 करोड़ और राज्य वन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी एसोसिएशन की ओर से 10 लाख रुपये के चैक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस अंशदान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। प्रधान अरण्यपाल, वन अजय कुमार और प्रधान अरण्यपाल (वन्य जीव) डाॅ. सविता, राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबन्ध निदेशक जेपी काल्टा और निदेशक सुदेश कुमार मोखटा तथा वन अरण्यपाल राजेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश के उद्योगपतियों, कारखानेदारों व पूंजीपतियों द्वारा केंद्र व प्रदेश सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाने की कड़ी निंदा की है। सीटू ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, श्रम सचिव, श्रमायुक्त, ईपीएफओ रीजनल कमिश्नर व ईएसआई निदेशक से मांग की है कि सरकार की अधिसूचनाओं की अनदेखी करके मजदूरों को आर्थिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने वाले उद्योगपतियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए व मजदूरों को वेतन इत्यादि अन्य सुविधाएं समय से नियमानुसार सुनिश्चित की जाएं। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा लागू किये गए लॉक डाउन व कर्फ्यू से सबसे ज़्यादा मजदूर वर्ग ही आर्थिक व मानसिक तौर पर प्रभावित हुआ है। इस स्थिति के चलते मजदूर भारी परेशानी में हैं। केंद्र सरकार के श्रम विभाग ने 20 मार्च, गृह मंत्रालय ने 29 मार्च व प्रदेश सरकार के श्रम विभाग ने 30 मार्च 2020 की अधिसूचनाओं में स्पष्ट गया किया है कि ऐसी स्थिति में मजदूरों के वेतन सहित सभी सुविधाएं समयानुसार प्रदान की जाएं व श्रम कानूनों की सख्ती से अनुपालना की जाए व इसकी अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि इन अधिसूचनाओं की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। प्रदेश सरकार के मुख्यालय शिमला शहर में ही इन अधिसूचनाओं को लागू नहीं किया जा रहा है व इस पर श्रम विभाग की ख़ामोशी चिंताजनक है। शिमला शहर के ख़लीनी में स्थित ईस्टबोर्न होटल में कार्यरत एक सौ बीस मजदूरों व कर्मचारियों की स्थिति दयनीय है क्योंकि होटल के मालिक व प्रबंधन ने उन्हें पिछले तीन महीने का वेतन नहीं दिया है। इस से मजदूरों व कर्मचारियों को खाने के लाले पड़ गए हैं। इन मजदूरों को जनवरी से मार्च 2020 का वेतन नहीं दिया गया है। इसी तरह इन मजदूरों का पिछले नौ महीने का ईपीएफ व ईएसआई जमा नहीं किया गया है। ये मजदूर इन मसलों को कई बार श्रम विभाग, ईपीएफओ व ईएसआई के समक्ष उठा चुके हैं परन्तु इन मजदूरों का शोषण बदस्तूर जारी है व ये मजदूर भूखे-प्यासे रहने को मजबूर हैं। ईस्टबोर्न प्रबंधन होटल में कार्यरत मजदूरों व कर्मचारियों के पिछले तीन महीनों के वेतन के रूप में लगभग चौरासी लाख रुपये डकारकर बैठा हुआ है। इसी तरह ईपीएफ का लगभग साठ लाख व ईएसआई का लगभग पच्चीस लाख रुपये का भी इस प्रबंधन ने गोलमाल किया है। इस तरह कुल लगभग एक करोड़ उनहत्तर लाख रुपये की राशि मजदूरों को न देकर अथवा उनके खातों में जमा न करके प्रबंधन लगातार मजदूरों का भारी शोषण कर रहा है। इस सबके चलते मजदूर भारी परेशानी में हैं। प्रेम गौतम ने कहा है कि प्रदेश सरकार ईस्टबोर्न प्रबंधन को तुरन्त दिशानिर्देश जारी करे कि वह केंद्र व प्रदेश सरकार की कोरोना महामारी के मध्यनजर जारी की गई अधिसूचनाओं को बिना किसी देरी के लागू करे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मजदूरों का पिछले तीन महीने का वेतन दो दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा है कि अगर प्रदेश सरकार तुरन्त इस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो फिर सीटू प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार, श्रम विभाग, ईपीएफओ, ईएसआई, होटल मालिक व प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा व मजदूरों के लिए न्याय मांगेगा।
'मानव को मानव हो प्यारा एक दूजे का बने सहारा' यह दोहा चरित्रार्थ किया अर्की ब्रांच के संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन जोन पांच द्वारा जरूरत मंद लोगों को राशन की किट बांटी गई।संत निरंकारी मंडल ब्रांच अर्की के मुखी गरीब दास ने बताया कि कोरोना जैसी भयंकर महामारी के चलते सोमवार को एसडीएम अर्की विकास शुक्ला व पुलिस विभाग के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को टिककरी सुना (जयनगर) पहुंच कर राशन की किट बांटी गई और साथ में अर्की अस्पताल से नेकराम की धर्मपत्नी जो कि 4 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी उनको अस्पताल से सोमवार को छुट्टी मिलने पर सुरक्षा के साथ जयनगर भी पहुंचाया गया।संत निरंकारी मंडल अर्की ब्रांच के द्वारा राशन किट में राशन सहित अन्य रोजमर्रा की सभी चीजें लोगों को दी गई।
अर्की नगर पंचायत में रह रहे प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सामाजिक संस्थाएँ हाथ बढ़ाने लगी हैं। पहले मुटरू महादेव समिति अर्की ने अर्की में रह रहे प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित किया था तथा अब अर्की विकास मंच द्वारा अर्की नगर पंचायत में प्रवासी मजदूरों तथा अन्य स्थानीय गरीब लोगों के लिए सहायता हेतु खाद्य सामग्री वितरित की गई। जिसमें आटा, दाल, चीनी, नमक व चाय इत्यादि शामिल है। जानकारी देते हुए विकास मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने बताया कि विकास मंच द्वारा सदस्यों के साथ मिलकर अर्की नगर पंचायत में रह रहे लगभग 250 परिवारों को यह खाद्य सामग्री वितरित की तथा उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। प्रत्येक वार्ड में यह व्यवस्था संचालकों द्वारा की जाएगी ताकि सोशल डिस्टेंस भी बना रहे और भीड़ भी कम हो सके। इस अवसर पर हरीश गुप्ता, योगेश वर्मा, प्रभा भारद्वाज, महेंद्र गुप्ता, सोनू सोनी, अजय गुप्ता, गगन चतुर्वेदी, कुलराज किशोर भारद्वाज, सुनील भारद्वाज, हुकमचंद ठाकुर, शुभम, हितेश सहित अन्य मौजूद रहे ।
वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में कार्यरत प्रधानाचार्य रूप राम शर्मा मगलवार को सेवा निर्वत हो गए। उन्होंने शिक्षा विभाग मे 34 वर्षो तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान उन्होंने गणित व विज्ञान विषयों पर रोचक विधी से पढ़ाने केे बहुत से तरीके विकसीत किए। इसके अतिरिक्त उन्होंने बाल आश्रम टुटी कंडी में लगभग 6 वर्ष तक पढ़ाया। उन्हें प्रदेश सरकार ने विद्यालय प्रमुख के नाते तीन बार स्वछता पुरस्कार से भी नवाजा। उन्होंने कहा कि वे सेवा निर्वति के बाद भी विभाग को नि:स्वार्थ सेवा देने को तैयार है। उन्होंने इस अवसर पर सभी अध्यापकों व साथियों का आभार प्रकट किया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदेश की जय राम ठाकुर सरकार को बधाई दी और कहा कि प्रदेश की जनता की सेवा करने में जयराम ठाकुर सरकार कामयाब है। डा. बिन्दल ने कहा कि प्रदेश, देश व दुनिया वालों के लिए यह कष्ट का समय है जब लॉक डाउन हुआ है, तालाबन्दी है, लोग घरों में बन्द हैं, ऐसी सूरत में हर व्यक्ति को भोजन सामग्री, औषध, पानी, बिजली, मिलता रहे, यह सरकार की प्राथमिकता है और उसे भाजपा सरकार अच्छे से कर रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता प्रदेश व देश की सरकारों की कार्यशैली की प्रशंसा भी कर रहे हैं। परन्तु चंद कांग्रेस नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए सरकार के फैसलों की अलोचना करते दिखाई देते हैं। इन कांग्रेस नेताओं की भाषा में भी अन्तरविरोध है। डा. बिन्दल ने कहा कि वह प्रतिपक्ष के नेतागणों से कहना चाहेंगे कि संकट की इस घड़ी में सरकार के बेहतरीन प्रयासों की राजनीति कारणों से आलोचना करना हिमाचल की जनता को पसंद नहीं आ रहा है। जनता सब देख रही है, व नोट कर रही है और इसका जवाब उचित समय पर देगी। प्रतिपक्ष के नेता स्पष्ट करें कि कर्फ्यू लॉकडाउन को जब सारी दुनिया पालन कर रही है तो उनके पास कोई और दूसरा रास्ता क्या ? यदि दूसरा रास्ता नहीं बता सकते तो समाज हित में चल रहे कार्यों को चलने दें। यदि सहयोग नहीं कर सकते तो विरोध भी अनुचित होगा।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने आरोप लगाया है कि बिलासपुर जिला मे क्वारंटाइन किये गए युवाओं के साथ अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर ज़िला के नगर परिषद भवन के हॉल में नालागढ़ ओर बद्दी में काम करने वाले युवाओं को जो कि घर वापसी कर रहे थे उन्हें प्रशासन ने क्वारंटाइन करने के लिए भेड़ व बकरियों की तरह भरा है। देखने मे ऐसा आ रहा है कि उस हॉल में 30 से 35 युवाओं को एक साथ रखा गया है। ठाकुर ने कहा कि युवाओं ने उन्हें बताया कि उन्हें स्वच्छ पानी तक की भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा नही करवाई जा रही है न ही उनका लगातार चेकअप हो रहा है। आशीष ठाकुर ने कहा कि अगर उक्त युवाओं में से एक भी युवा संक्रमित पाया गया तो बाकी युवाओं को भी संक्रमण फैल सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्वारंटाइन किये जा रहे युवाओं को रहने, खाने और स्वास्थ्य की उचित सुविधाएं मुहैया करवाई जाए ताकि हम कोरोना जैसी महामारी को अपने प्रदेश में फैलने से रोक सकें।
भाजपा नेता एवं सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस के विभिन्न नेतागण को सलाह देते हुए कहा की इस वैश्विक महामारी कारोना वायरस के कठिन समय पर सरकार के साथ खड़े हो और दलगत राजनीति से उठकर कार्य करें व बेबुनियाद बयानबाजी करके ध्यान ना भटकाए। उन्होंने कहा कांग्रेस के कुछ नेता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जो युद्ध महामारी कोरोना वायरस के विरुद्ध चल रहा है वह निर्णायक समय पर पहुंच गया है अगर इस युद्ध को जीतना है तो इस दलगत राजनीति से ऊपर उठना पड़ेगा और तभी हम इस वैश्विक महामारी पर काबू पा सकते हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस के नेता अपने गिरेबान में झांके और देखें कि सरकार किस प्रकार सकारात्मक कार्य कर रही है उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़कर सभी से निवेदन किया था कि लक्ष्मणरेखा बनाएं और उसको ना तोड़े, तो इस समय हम लोगों को किस प्रकार से राज्य में ला सकते हैं, अगर वह लोग राज्य में आते हैं तो कारोना वायरस का बहुत बड़ा जोखिम प्रदेशवासियों के लिए बढ़ जाता है। यह निर्णय हमें प्रशासन और जिला के डिप्टी कमिश्नरो के ऊपर छोड़ देना चाहिए जब उन्हें उचित समय लगेगा तो उन लोगों को राज्य में लाया जाएगा । ऐसा नहीं है कि सरकार को उनकी चिंता नहीं है तभी तो सरकार ने हिमाचल भवन दिल्ली और चंडीगढ़ में इस प्रकार के लोगों की व्यवस्था भी की है। उन्होंने कहा हमें लगता है कि प्रदेश की जनता को किसी भी प्रकार के जोखिम में नहीं डालना चाहिए , वैसे भी प्रशासन किसी भी बड़े हादसे के समय जनता को छूट दे रहा है और उचित माध्यम से परमिशन भी दे रहा है। उन्होंने कहा करोना की लड़ाई में देश एवं प्रदेश की सरकार जोरों से कार्य कर रही है, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी समस्त टीम प्रदेश के कोने-कोने में अधिकारियों से संपर्क में है और लोगों से सीधे संवाद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने निर्णय समय-समय पर बदलती है क्योंकि हर रोज धरातल पर रिव्यू बैठके होती है और जिस प्रकार के फीडबैक बैठक में आते हैं उसी के हिसाब से निर्णय किए जाते हैं। जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार पहले दिन से ही करोना वायरस को रोकने में लगी हुई है, तभी देश में हिमाचल प्रदेश ऐसा राज्य है जिसमें कोरोना वायरस के कम से कम मरीज़ सामने आए हैं और जो मरीज़ आए भी है वह ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है गरीबों के घर राशन पहुंचा रही है ,सभी समस्याएं सुन रही है और किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो तो वह भी घर द्वार पहुंचा रही है इसके लिए जयराम सरकार बधाई के पात्र है । उन्होंने कहा मुख्यमंत्री रोज प्रदेश की स्थिति को रिव्यू कर रहे हैं और जिस प्रकार से रिपोर्ट आ रही है उसी के हिसाब से निर्णय ले रहे हैं कि जनता में किसी भी प्रकार का त्रास ना बने ।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा है कि जिला बिलासपुर में सभी आवश्यक वस्तुओं का पूर्ण भंडारण है और किसी भी स्थिति में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इस समय पूरे जिले को लॉक डाउन किया गया है और कर्फ्यू के तहत हर नगरवासी तथा ग्रामीण लोग भी प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले की सभी सीमाएं पूरी तरह से सील कर दी गयी हैं और अनाधिकृत रूप से आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जो भी इस मामले में पकड़ा जाता है उन्हें 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 10 स्थान बनाए गए हैं। उपायक्त ने बताया कि चार पांच बसें भी इस कार्य के लिए लगाई गई है। उन्होंने आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की कोई झूठी खबर या अफवाह ना फैलाएं अन्यथा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उपायुक्त ने बताया कि जिले में विदेशों से 139 लोग आए थे। जिन में से 27 लोगों को 28 दिनों के लिए क्वॉरेंटाइन में रखा गया है जबकि 112 लोग घरों में ही क्वॉरेंटाइन पर रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 4 सैंपल करोना वायरस के आए थे जो चारों के चारों नेगेटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर व अन्य कस्बों में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी करने का भी प्रावधान किया गया है। वहीं दवाइयां फेस मास्क और सैनिटाइजर भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी है। उन्हें भी राशन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन 4 दिनों में काफी परिवार कवर किए जा चुके हैं। इस कार्य में मंदिर ट्रस्ट, प्रशासन, डिजास्टर मैनेजमेंट के अलावा व्यापार मंडल व अन्य संस्थाएं भी सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि पंचायतों में भी इस तरह की सहायता करने का आदेश सभी पंचायतों को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई है। इस छूट के मद्देनजर लोग से अपील की गई है कि वह इस मामले में उन्हें सहयोग दें।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) नियमन 2020 की धारा 2 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला सोलन के सभी ग्राम पंचायत प्रधानों एवं सचिवों को जिला में इस महामारी की निगरानी, रोकथाम एवं नियन्त्रण के उद्देश्य से ‘निगरानी कर्मी’ पदनामित किया है। इन आदेशों के अनुसार महामारी की रोकथाम के उद्देश्य से इन निगरानी कर्मियों के उत्तरदायित्व एवं भूमिका भी निर्धारित की गई है। सभी निगरानी कर्मी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत यह सुनिश्चित बनाएंगे कि ऐसे सभी व्यक्तियों जिन्होंने विदेश गमन किया हो अथवा राज्य से बाहर यात्रा की हो को चिन्हित कर उनका अंकन निर्धारित डाटाबेस में किया जाए। यदि किसी ऐसे व्यक्ति का अंकन डाटाबेस में होने से छूट जाता है तो सम्बिन्धित खण्ड विकास अधिकारी तुरन्त यह कार्य सुनिश्चित बनाएंगे। निगरानी कर्मी अपने क्षेत्र में पूर्ण निगरानी रखेंगे तथा यह सुनिश्चित बनाएंगे कि जिन लोगों को घर पर क्वारेनटाईन किया गया है वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि क्वारेनटाईन किए गए व्यक्ति किसी निर्देश का उल्लघंन करते हैं तो निगरानी कर्मी इसकी जानकारी सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी को प्रदान करेंगेे। निगरानी कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनकी ग्राम पंचायत में विदेश अथवा अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा प्रशासन के अभिलेख में अंकित की जाए। यदि निगरानी कर्मियों को अपने क्षेत्र में किसी व्यक्ति केे स्वास्थ्य के विषय में सन्देह होता है तो वे तुरन्त सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी अथवा खण्ड विकास अधिकारी को सूचना प्रदान करेंगे या नियन्त्रण कक्ष में टोल फ्री नम्बर 104 एवं दूरभाष नम्बर 01792-221234 पर सूचित करेंगे। निगरानी कर्मी किसी व्यक्ति द्वारा कफ्र्यू आदेशों के उल्लघंन की जानकारी सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी को देंगे। इस सम्बन्ध में सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट के सौजन्य से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन दाड़लाघाट जोन पांच द्वारा जरूरत मंद लोगो को राशन की किट बांटी गई। संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट के संयोजक शंकर दास निरंकारी ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी के चलते सोमवार को क्षेत्र के आसपास जरूरत मंद लोगों को राशन की किट बांटी गई। इस राशन किट में राशन सहित अन्य रोजमर्रा की सभी चीज लोगों को दी गई। उन्होंने बताया की इस दौरान करीब 15 राशन की किट लोगों को दी गई।
उपमंडल के अंतर्गत सब तहसील दाड़लाघाट में कार्यरत ऑफिस कानूनगो रविदत्त का सोमवार सुबह हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वह दाड़ला मोड़ पर नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा के साथ दुकानों की चैकिंग करने गए थे, वही मौके पर उन्हे हार्ट अटैक का दौरा पड़ने पर मौके पर निधन हो गया। उनके निधन पर एसडीएम अर्की विकास शुक्ला, तहसीलदार सन्तराम शर्मा, नाजर परविंदर, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा, राजेन्द्र सिंह, विजेंदर कुमार, कर्म चंद कानूनगो, जगदीश ठाकुर, राजेश गुप्ता सहित अर्की एसडीएम कार्यालय व तहसील कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवगंत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हुए इस दुःख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी गहरी सवेंदनाए व्यक्त की है।
अर्की, दाड़लाघाट, भराड़ीघाट, शालाघाट, पिपलुघाट सहित अन्य स्थानों में सुबह कर्फ़्यू के दौरान कुछ घण्टों की रियासत मिलने के बाद लोग राहत की सांस ले रहे है। सोमवार को भी दुकानें खुलते ही दवाइयां, राशन, सब्जियां व फलों की दुकानों पर लोगों ने उचित दूरी बनाकर सामान की खरीददारी की। वहीँ कोरोना वायरस को देखते हुए लोग मास्क लगाते हुए दिखाई दिए। इसके साथ ही अब लोगों ने परिवार के एक ही सदस्य को खरीददारी करने के लिए दुकानों पर पहुंचना शुरू किया है। इसी के साथ दुकानों पर भी उचित दूरी बनाए रखने को लेकर दुकानदार भी सूचना को लगाकर सामाजिक दूरी बनाकर रखने की लोगों से अपील कर रहे है, वहीँ लोग इसका बखूबी पालन करते हुए नजर आ रहे है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन द्वारा गश्त के दौरान लोगों की गाड़ियां चैक की जा रही है। वहीँ बेवजह घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी जा रही है। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों की समस्याओं को दूर करने को लेकर प्रयासरत है। उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी बनाकर रखने व प्रशासन को सहयोग देने की अपील की है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में राजभवन में मुख्य सचिव एवं प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक का अयोजन किया गया, जिसमें कोरोना महामारी को लेकर राज्य में उठाए गए एहतियाती उपायों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर राज्यपाल ने इस महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न पगों की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में हैं और आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत कर्मी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में एक महिला को छोड़कर कोई भी मामला कोरोना पाजीटिव नहीं है। लेकिन, सामाजिक दूरी बनाए रखने और प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए ताकि स्थिति आगे भी नियंत्रण में रहे। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला बहाल रहनी चाहिए ताकि खाने-पीने व अन्य सामग्री की कोई कमी न हो। आवश्यक सामान की गृह आपूर्ति सेवा इस दिशा में कारगर सिद्ध हो सकती है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में और टेलीमेडिसन केंद्र विकसित करने पर बल दिया। दत्तात्रेय ने प्रदेशवासियों से मुश्किल की इस घड़ी में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है, इसलिए विशेषकर कामगार वर्ग जहां है, वहीं रहे और सामाजिक दूरी बनाए रखें। उनके खान-पान की व्यवस्था की गई है और इसमें कई स्वयंसेवी संगठन भी आगे आ रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची ने राज्यपाल को बताया कि मुख्यमंत्री दैनिक रूप से स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और उचित निर्देश दिए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है। खाद्य आपूर्ति की श्रृंखला व्यवस्था बहाल है और क्षमता निर्माण में तेजी लाई गई है। बैठक में राज्यपाल को अवगत करवाया गया कि अब तक 2870 लोगोें को निगरानी में रखा गया, जिसमेें से 857 लोगों ने 28 दिनों की आवश्यक निगरानी अवधि पूरी कर ली है। 1730 लोग अभी भी निगरानी में हैं, जबकि 173 लोग प्रदेश छोड़कर जा चुके हैं। प्रदेश मेें अभी तक एक व्यक्ति की कोरोना वायरस से मृत्यु हुई है, जो तिब्बती निवासी था और अमेरिका से आया था। एक अन्य को छुट्टी दे दी गई है और एक अन्य 63 साल की महिला टांडा अस्पताल में क्वारंटाइन में है। आई.सी.एम.आर द्वारा कोविड-19 के मामलों के नमूनों की जांच के लिए अभी तक आईजीएमसी शिमला एवं मेडिकल कालेज टांडा की प्रयोगशाला को अधिकृत किया गया है। अब, सीआरआई कसौली व क्षेत्रीय अस्पताल मण्डी को भी अधिकृत करने के लिए आईसीएमआर व भारत सरकार को लिखा गया है। इस महामारी को अधिक प्रभावी ढंग से रोकने व नियंत्रण करने के लिए 14 मार्च, 2020 को हिमाचल प्रदेश एपेडेमिक डिजीज़ (कोविड-19) रेगुलेशन-2020 अधिसूचित कर दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आर.डी धीमान ने प्रदेश में उपलब्ध वेंटीलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जांच व उपचार सुविधा की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुण्डू ने भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न पगों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खुले बाज़ार और उचित मूल्य की दुकानों में चावल, गेहूॅं आटा, दालों, तेल और चीनी जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुओं का पर्याप्त भण्डारण है। वह कोविड-19 वायरस के संक्रमण के कारण प्रदेश में लगाए गए कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रबन्धों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते मध्य प्रदेश और तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से दालों की आपूर्ति करने के समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होेंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आग्रह किया है कि हिमाचल प्रदेश के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों के चालकों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर कुछ ढाबे खोलने की अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले बाज़ार में थोक और परचून विक्रेताओं के साथ-साथ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के भण्डारों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावी तरीके से सुनिश्चित बनाई जाए। कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और अन्य पौध संरक्षण सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जय राम ठाकुर ने बागवानी विभाग को निर्देश दिए कि बागवानों व किसानों तक इनकी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसानों की मांग के अनुरूप सभी प्रकार की पौध संरक्षण सामग्री उन्हें घरों के समीप उपलब्ध करवाई जाए ताकि बागवानी केन्द्रों में भीड़ इकट्ठा न हो। उन्होंने कहा कि पड़ौसी राज्यों से मधुमक्खियों के लगभग 20 हजार बक्से मंगवाए जा रहे हैं जिन्हें मांग के अनुरूप बागवानों को वितरित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि बागवानों के लिए गुजरात से 25 लाख वर्ग मीटर एन्टी हेलनेट की मांग भी की गई है जिसे शीघ्र मंगवा लिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के बागवानों और किसानों को आश्वासन दिया कि एन्टी हेलनेट की कोई कमी नहीं होगी और इन्हें समय से वितरित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि फार्मास्यूटिकल और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी औद्योगिक इकाइयां प्रभावी तरीके से कार्य करें ताकि जीवन रक्षक दवाओं की कोई कमी न हो। उन्होंने इस बात ध्यान रखने के लिए भी कहा कि औद्योगिक इकाई प्रबन्धन अपने श्रमिकों को बिना विलम्ब वेतन प्रदान करे। ये प्रयास होने चाहिए कि आवश्यक वस्तुओं के प्रसंस्करण अथवा उत्पादन में शामिल औद्योगिक इकाइयां उत्पादन आरम्भ करें क्योंकि इससे श्रमिकों के प्लायन की समस्या का समाधान करने में भी सहायता मिलेगी। जय राम ठाकुर ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति योजनाओं का उचित रख-रखाव किया जाए और लोगों को पेयजल की सुचारू आपूर्ति हो। जल शक्ति और बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार एवं आर.डी धीमान, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, सचिव डाॅ. आर.एन बत्ता एवं अमिताभ अवस्थी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की महाप्रबन्धक मानसी सहाय ठाकुर, निदेशक आबिद हुसैन सादिक, जल शक्ति विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ आर.के पुरी और बागवानी विभाग के निदेशक एम.एम शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय अवस्थी ने प्रेस के नाम जारी ब्यान में कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगे कर्फ्यू व लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक परेशानी उन प्रवासी मजदूरों को हुई है जो खासतौर पर अर्की विधानसभा क्षेत्र में स्थापित दो सीमेंट उद्योग में कार्यरत प्रवासी मजदूरों, आउटसोर्स पर ठेकेदार के माध्यम से उद्योग में काम कर रहे हैं तथा ट्रांसपोर्टर सहित ट्रक ड्राइवर व अन्य स्टाफ जो सीमेंट ढूलाई व क्लिंकर की ढूलाई में लगा है। ये सभी अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। संजय अवस्थी ने सीमेंट उद्योग प्रबंधन से अपील की कि वे इन लोगों को उचित जानकारी हासिल कर इन्हें सहायता प्रदान करें। उनकी स्वास्थ्य जांच कर इन्हें राशन व स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से भी अनुरोध किया है कि अर्की क्षेत्र व जिले के अन्य भागों से बहुत से युवा रोजगार के उद्देश्य से बद्दी, नालागढ़ आदि स्थानों में उद्योगों में कार्यरत है। कर्फ्यू की वजह से उद्योगों के बंद होने के कारण वे अपने घर नहीं आ सके हैं, ऐसे लोगों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन तुरंत करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रधानों व सचिव के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को राशन, मास्क व सेनीटाइजर देने की घोषणा की है, लेकिन पंचायतों को ये सब सामान अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया है, इसकी व्यवस्था भी सरकार तुरंत करें।
कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए बिलासपुर में लगे कर्फ्यू के दौरान जरूरतमंद लोगों को खाना मुहैया करवाने के मद्देनजर मंदिर न्यास श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बिलासपुर ने भी अपना कदम बढ़ाया है, जिसमें मंदिर में जो चढ़़ावे के रूप में अनाज या राशन उपलब्ध था। उसे जिला रेडक्रॉस सोसायटी बिलासपुर को दे दिया गया है, ताकि इस अनाज को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सके। कर्फ्यू के दौरान जिला रेडक्रॉस सोसायटी, बिलासपुर प्रेस क्लब व बाबा विश्वकर्मा मंदिर समिति सहित अन्य सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा खाना मुहैया करवाया जा रहा है। इस राशन को भी खाने के रूप में तैयार कर वैन के माध्यम से जगह-जगह जाकर लोगों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। मंदिर के पुजारी पंडित बाबूराम शर्मा ने बताया कि मंदिर अध्यक्ष एसडीएम सदर व मंदिर अधिकारी तहसीलदार के दिशा-निर्देशानुसार जो अनाज चढ़ावे के रूप में मंदिर में था, उसे रेडक्रॉस सोसायटी को दे दिया जाए। पांच क्विंटल चावल, 28 लीटर तेल मंदिर न्यास द्वारा दिए गए राशन में पांच क्विंटल चावल, 28 लीटर तेल, 50 किलोग्राम गुड़, 180 किलोग्राम माह दाल, 46 किलोग्राम मूंगी दाल, एक क्विंटल चन्ने की दाल, दस किलोग्राम मलका दाल, 61 पैकेट नमक, 25 किलोग्राम चीनी, 60 किलोग्राम गेंहू का आटा, 30 किलोग्राम मक्की का आटा, 2।6 किलोग्राम हलदी, दो किलोग्राम डालडा, तीन किलोग्राम काले चन्ने, सात किलोग्राम सुजी आदि सामान शामिल है।
शहरी विकास, नगर नियोजन एवं ग्राम नियोजन व आवास मंत्री सरवीण चैधरी ने जिला वासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें ताकि सभी मिलजुल कर इस महामारी से निजात पा सके। सरवीण चैधरी ने इस सम्बन्ध में रविवार को गठित जिला स्तरीय समन्वयक समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। कोरोना वायरस कोविड-19 के खतरे को शून्य करने के लिए बैठक में सामाजिक उचित दूरी का पूर्ण पालन किया गया तथा उपस्थित सभी अधिकारियों ने बैठने के लिए एक-एक मीटर दूरी अपनाई। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को शून्य करने के लिए कफ्र्यू लगाया गया है। उन्होंने जिला बिलासपुर की जनता से आग्रह किया कि कफ्र्यू का पूर्ण पालन कर जिला प्रशासन को अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए की इस परिस्थिति में किसी भी जरूरमंद व्यक्ति को भूखा न रहने दिया जाए और ऐसे जरूरमंद व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भोजन उपलब्ध करवाया जाए। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में उपमण्डल स्तर पर जरूरमंद लोगों की मेपिंग की जा रही है ताकि उन्हें रहने, खाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने बताया कि झंडूता सब-डिबिजन के मंदिर ट्रस्ट में 28 लोगों के ठहरने तथा खाने की सुविधा, संत निरंकारी सभा घुमारवीं 50 लोगों को रहने, खाने की सुविधा, स्वारघाट के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 70 लोगों को, गड़ामोड़ा के हाई स्कूल गड़ा में 25 लोगों की ठहरने की सुविधा तथा मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर उप-मण्डल में 105 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है जिसमें धौलरा मंदिर में 15 लोगों की ठहरने तथा खाने की व्यवस्था, एम.सी. हाॅल में 55 लोगों की ठहरने की व्यवस्था जिसमें रेड क्राॅस सोसाईटी द्वारा भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा और गुरूद्वारा में 35 लोगों की खाने और ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक जिला में विदेश तथा दूसरे राज्यों 139 लोग आए है जिनमें से 27 लोगों ने अपना 28 दिन का क्वारन्टीन टाइम पूरा कर लिया है और शेष 112 लोग होम क्वारन्टीन में है और सुरक्षित है। जिला में अब तक कोई भी मामला कोरोना वायरस का नहीं है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एडीएम विनय धीमान, ए.एस.पी. अमित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक प्रताप चैहान, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य उपस्थित रहे।
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने जिलावासियों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों में ही रहें और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने सभी से यह आग्रह भी किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें और सही सूचना के लिए आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। जिला में सभी आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और जिला प्रशासन नियमित रूप से विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बना रहा है। उपायुक्त ने कहा कि अब यदि जिला में कोई भी व्यक्ति अन्य राज्यों से प्रवेश करेगा तो उसे पहले 14 दिन के लिए जिला की सीमाओं पर स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के साथ लगती जिला की सभी सीमाओं पर स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्र स्थापित कर दिए गए हैं। के.सी. चमन ने जिला के परवाणु, बद्दी एवं नालागढ़ में स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यहां सुविधाओं एवं अन्य आवश्यकताओं के सम्बन्ध में उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला की अन्य राज्यों के साथ लगती सीमाओं का निरीक्षण कर पुलिस प्रशासन को उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाहर से आए स्थानीय निवासियों एवं अन्य के सम्बन्ध में सजग है। सभी ग्राम पंचायत प्रधानों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे व्यक्तियों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध करवाएं और इन्हें 14 दिन के लिए क्वारेनटाईन में रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कर्फ्यू ढील के समय में सोशल डिस्टैन्सिग का पालन करें और आवश्यक वस्तुएं क्रय करने के लिए पैदल ही जाएं। उन्होंने सभी से आग्रह किया इस समय में वाहन का प्रयोग न करें। उन्होेंने प्रवासी श्रमिकों से आग्रह किया कि जिला में अपने-अपने स्थान पर बने रहें और पलायन न करें। जिला प्रशासन उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि जेलों में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनुपालना करते हुए हिमाचल प्रदेश विधि सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चैहान की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने प्रदेश की जेलों में कैद विचाराधीन कैदियों को अधिकतम तीन महीनें की अस्थाई जमानत पर रिहा करने का निर्णय लिया गया है। समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि यह जमानत केवल हिमाचल प्रदेश के विचाराधीन कैदियों को ही दी जाएगी जो सात साल से कम का मुकदमा भुगत रहे हैं, पिछले तीन महीनों अथवा इससे अधिक अवधि से जेल में हैं और पहली बार अपराध में शामिल हुए हैं। विचारधीन कैदियों को अस्थाई जमानत का निर्णय कोविड-19 का संक्रमण रोकने और सामाजिक दूरी सुनिश्चित बनाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला दण्डाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक जमानत पर छूटने वाले कैदियों को उनके घरों तक पहुंचाने का प्रबन्ध करेंगे। इन कैदियों को जेल अधिकारियों द्वारा उचित स्वास्थ्य जांच के उपरान्त ही जमानत पर छोड़ा जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों में भीड़ कम करने के उउद्देश्य से अस्थाई जमानत के लिए प्रार्थना-पत्र ऑनलाइन द्वारा भी भरे जा सकते हैं। देश भर में जारी लाॅकडाउन की स्थिति में विदेशी और बाहरी राज्यों के कैदियों को अस्थाई जमानत पर छोड़ने पर विचार नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन्हें सात साल तक की सजा हुई है, उन पात्र अपराधियों को पैरोल अथवा फरलो पर भेजने के लिए सक्षम प्राधिकरण उनके प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई करेगा। सक्षम प्राधिकरण सीआरपीसी की धारा 432 के तहत अपराधियों की रिहाई के मामलों पर भी शीघ्रता से कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के भीतर और अन्य राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों से आग्रह किया है कि वे जहां हैं, वहीं बने रहें, क्योंकि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत अन्तरराज्यीय और राज्य के अन्दर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों के साथ वीडियो काॅंफ्रेंस के माध्यम से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले और राज्य के बाहर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। जो लोग पहले ही राज्य में प्रवेश कर चुके हैं उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थ्तापित क्वारन्टिन केन्द्रों में रखा जाए। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जो लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं उनके लिए भोजन और ठहरने की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बनाए कि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे। फंसे हुए लोगों की सुविधा के लिए स्कूलों और डाइट भवनों में बनाए गए कैम्पों में स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे फंसे हुए लोगों को उसी स्थान पर बने रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन लोगों की हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के बाहर से और प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले में आए लोगों की पहचान करने के कार्य में पंचायती राज संस्थानों की सहायता ली जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली और चण्डीगढ़ में फंसे हिमाचलवासियों की सुविधा के लिए नई दिल्ली और चण्डीगढ़ स्थित हिमाचल भवनों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। हिमाचल भवनों में इन लोगों को भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जायेंगे। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने उपायुक्तों से कहा कि लोगों के एक जिले से दूसरे जिले और बाहरी राज्यों से निर्गमन पर पूर्ण रोक लगाई जाए। इसके अतिरिक्त श्रमिकों और अन्य राज्यों के कर्मियों को भी प्रदेश के बाहर जाने के लिए नहीं कहा जाए और उन्हें शिविरों में ही रखा जाए। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने कहा कि किसी भी अन्य राज्य से लोगों को लेकर आने वाले वाहनों को हिमाचल प्रदेश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और आर.डी. धीमान तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन भी बैठक में शामिल थे।
वर्तमान में ऐसी अफवाहें फ़ैल रही है की जो प्रवासी व बाहरी लोग या मजदूर अर्की क्षेत्र में रह रहे हैं उन्हें घरों तक छोड़ने के लिए बसे जा रही है। जबकि अभी तक प्रशासन या सरकार द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है तथा जो बाहरी मजदूर या प्रवासी लोग जहां वर्तमान में रह रहा है उसे वहीं रहने के लिए आदेश दिए गए हैं तथा कर्फ्यू के मध्य नजर राशन इत्यादि खरीद करने के सिवाय किसी को भी कहीं अन्य जाने की अनुमति नहीं है l एसडीएम विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी भी प्रवासी को किसी भी तरह की समस्या पेश आ रही है तो उन्हें प्रशासन की तरफ से अर्की व कुनिहार में क्वांरटाईन की व्यवस्था किया जाएगा। इसलिए उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह है किया है कि वे अपनी-अपनी पंचायतों में रह रहे ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों तक यह सूचना अवश्य पहुंचाएं कि बाहरी लोग या प्रवासी मजदूर अपने अपने ठिकानों पर ही रहे तथा किसी के बहकावे या अफवाह में ना आए। उन्हें यह भी भरोसा दिलाएं की प्रशासन व सरकार द्वारा उनकी हर संभव मदद की जाएगीl कोरोना महामारी के कारण ऐसे प्रवासी मजदूरों वह बाहरी लोगों का हिमाचल से बाहर अपने घरों राज्यों को जाना उनके तथा उनके परिवार व आस पड़ोस के लिए खतरनाक हो सकता है l हिमाचल प्रदेश में करोना वायरस का प्रकोप ना हो इसके लिए सरकार ने प्रभावी इंतजाम कर रखे हैं इसीलिए हिमाचल प्रदेश अभी तक सुरक्षित रह पाया है। अर्की थाना क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूर या बाहरी लोग अपने-अपने घरों मे ही रहे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला प्रशासन शहर और आस पास के गांव में जंहा से बाजार 3 से 10 किलोमीटर की दूरी में है उन लोगों को बाजार तक गाड़ियां लाने की अनुमति दे। देखने मे ऐसा आ रहा है कि शहर और गांव के लोग जिनको बाजार थोड़ा दूर पड़ रहा है वो लोग बिना गाड़ी के समान घर तक ले जाने में असमर्थ है और इस वजह से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बिलासपुर की जनता का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि बिलासपुर की जनता सरकार और प्रशासन के आदेशों का पालन करते हुए प्रदेश में कर्फ्यू को सफल बनाने में पूरा सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की भी तारीफ करते हुए कहा कि प्रशासन जितना हो रहा है आम जनता की मदद कर रहा है। पुलिस के लोग जिस तरह से बाहरी राज्यों के लोगों को मुसीबत से निकालने के लिए खाने और रहने की व्यवस्था कर रहा है वह सच मे सराहनीय है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि शहर में ओर गांव के बाजारों के आस पास पार्किंग की व्यवस्था की जाए जंहा लोग गाड़िया खड़ी कर सकें और रोजमर्रा की वस्तुएं बाजार से खरीद सकें साथ मे उन्होंने कहा कि प्रशासन यह भी सुनिश्चित करे कि एक गाड़ी में 2 से ज्यादा लोग न हो। अगर संख्या ज्यादा हो तो उनके ऊपर कारवाही करने से प्रशासन पीछे न हटे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आम जनता की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन आम जनता को रियायत देगा और लोगों को उचित सुविधा मिल पाएगी।
दाड़लाघाट में आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर मुनाफे से अधिक वसूली को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। नायब तहसीलदार ने दाड़लाघाट बाजार का निरीक्षण कर दुकानदारों से रेट लिस्ट चस्पा करने को कहा है। रविवार को नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा और ऑफिस कानूनगो रविदत्त के नेतृत्व में दाड़लाघाट की कई दुकानों का निरीक्षण किया गया। नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा ने बताया कि संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस के दौरान कफ्यू में कानून व्यवस्था सुचारू रूप से है तथा कहीं से भी राशन व सब्जी विक्रेताओं से अधिक वसूली का मामला सामने नही आया है। उन्होंने बताया कि उप तहसील दाड़लाघाट के तहत स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़लाघाट के भवन में 5 कमरे आरक्षित कर कफर्यू के दौरान जरूरत मंद प्रवासियों के ठहराव व खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय समाजिक संस्थाओं की सहायता से शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी मामला सामने नही आया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है।राज्यपाल ने कहा कि इस वैश्विक महामारी से निपटने और बचाव कार्यों के लिए सरकारें अपने स्तर पर बेहतरीन कार्य कर रही हैं। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को हर संभव राहत प्रदान की जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हर स्थिति की दक्षता से निगरानी की जा रही है तथा हर स्तर पर बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के लोगों से सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पूर्णत पालन करने का आह्वान किया।राज्यपाल ने आज राजभवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने उन्हें सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत करवाया।
कोरोनो वायरस के चलते कर्फ्यू के कारण कुनिहार क्षेत्र में कोई व्यक्ति भूखा न रहे इसका बीड़ा शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार व शम्भू परिवार के सदस्यों ने उठा लिया है। गुफा समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर, सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर, राज झाँझी, चमन लाल मल्होत्रा सहित अन्य सदस्यों ने सोशल डिस्टेंस रखते हुए दूरभाष पर सहमति बनाते हुए निर्णय लिया कि कोरोना वायरस की वजह से लगे कर्फ्यू के कारण कुनिहार जनपद या बाहर से यंहा रुका हुआ कोई गरीब मजदूर भूखा नही रहना चाहिए। समिति व शम्भू परिवार के सदस्य ऐसे लोगों तक पहुंचकर प्रसासन के सहयोग से अपनी ओर से राशन की किट बाँटगी। समिति व शम्भू परिवार ने क्षेत्र वासियों से अपील की है ऐसे कोई लोग उनके आसपास हो तो जरूर समिति से सम्पर्क करें। साथ ही अगर कोई व्यक्ति इस मुहिम में अपना सहयोग करना चाहता हो तो समिति के प्रधान, सचिव व कोषाध्यक्ष से 98053 50519, 94180 48772 व 98162 71806 नम्बरो पर सम्पर्क कर सकते हैं।
समय समय पर सरकार के खेबनहार बने नूरपुर के विधायक राकेश पठानियाँ कोरोना से लड़ने के लिए इस बार गरीवों मजलूमों के मसीहा बनकर सामने आए है। गत दिन जसूर में प्रवासी मजदूरों को राशन बांटकर और अब वह कोरोना से वचने के लिए सेनेटाइजर उपलव्ध करवाने में जुट गए है। नूरपुर में 20 हजार सेनेटाइजर की पहली खेप लाकर राकेश पठानियाँ ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई का विगुल फूंक दिया है। पुलिस प्रशासन की देखरेख में ये सेनेटाइजर लोगों में वितरित किये जायेंगे। विधायक राकेश पठानिया एसडीएम व डीएसपी को सेनेटाइजर की पेटियां सौंपते हुए निर्देश दिए है कि ये जरूरत मन्दों तक शीघ्र पहुंच जाने चाहिए। उन्होंने लोगों को शोशल डिस्टेंस बनाये रखने व कर्फ्यू का पालन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने लोगो को यह भी आश्वसन दिया कि नूरपुर में कोई भूखा नही रहेगा और उन्हें कम से कम असुविधा होगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि किसानों और बागवानों को पौध संरक्षण सामग्री जैसे स्प्रे तेल, फफूंदनाशक और उर्वरक आदि प्रदान करने के लिए प्रदेश में 300 पौध संरक्षण केंद्र खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि किसानों की सुविधा के लिए पौध संरक्षण सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानें खुली रहेंगी। इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए भी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी राज्यों से मधुमक्खी बक्सों के परिवहन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सेब और सब्जियों के लिए किसानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाए जाएंगे। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बागवानों की सुविधा के लिए उर्वरकों और स्प्रे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सेब बागीचों के लिए इन दिनों उर्वरकों की आवश्यकता है, इसलिए ऊपरी शिमला के लिए इन सामग्रियांे की आपूर्ति करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबन्धित न की जाए। उन्होंने कहा कि एंटी हेलगन में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की आपूर्ति करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार एवं आरडी धीमान, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, प्रधान सचिव जेसी शर्मा और सचिव देवेश कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा राजीव बिंदल के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम राज्य के भाजपा नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रत्येक कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित बनाने के लिए कहा कि कोरोना वायरस के कारण कर्फ्यू के दौरान राज्य में कोई भी व्यक्ति भोजन और आश्रय के बिना न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में फंसे औद्योगिक श्रमिकों और विभिन्न परियोजना स्थलों में निर्माण श्रमिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि सेब और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को विशेषतौर पर अन्य राज्यों से आए लोगों की पहचान में सहयोग करना चाहिए ताकि उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि लोगों को दैनिक जरूरतों की चीजें प्राप्त करने के लिए अपने घरों से बाहर न आन पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं की डलीवरी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों को फंसे हुए लोगों को गेहूं, चावल, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित आपदा राहत किट वितरित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने लोगों को इन वस्तुओं को वितरित करते समय सामाजिक दूरी बनाए रखने का आग्रह भी किया। इस अवसर पर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा भी उपस्थित थे।
कोरोना के कहर से बचने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश अनुसार लाॅकडाउन हुई जनता तथा हिमाचल में कर्फ्यू के दौरान सड़कों के जरिए पैदल ही अपने घरों को निकले लोगों की मदद के लिए हालांकि कई हाथ उठ रहे हैं लेकिन इन सबसे अलग बामटा पंचायत का एक युवक सिद्धार्थ ग्रेवाल मन्नू स्वेच्छा से लोगों की मदद में मैदान में डट गया है। ऐसे वक्त में जब युवा वर्ग को घर में घुटन महसूस हो रही है, तथा मोबाईल और टीवी तक सीमित होकर रह गए है, वहीं यह युवा अपने इस सेवाभाव से लोगों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन रहा है। पीजी कालेज का यह छात्र मन्नू कर्फ्यू में ढील से पूर्व अपनी मां और बहनों से खाना बनाने के लिए कहता है और समय खुलने पर अपनी स्कूटी से खाना व चाय आदि उठाकर नेशनल हाईवे की ओर निकल पड़ता है, रास्ते में पैदल अपने घरों की ओर मीलों का सफर तय कर रहे लोगों को वह चपाती, सब्जी और चाय बांट रहा है। यही नही शहर में पहुंचने पर वह सड़कों पर मुस्तैदी से डयूटी दे रहे पुलिस व गृह रक्षकों को चाय पिला रहा है सिद्धाथ ग्रेवाल मन्नू ने बताया कि इस काम को करने से उसे बहुत आनंद आ रहा है। ऐसी अनुभूति किसी भी कार्य में नहीं होती है। उन्होंने बताया कि वक्त के मारे लोग अपने घरों की ओर तो पैदल ही निकल पड़े हैं, किंतु रास्ते में उन्हें काफी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है। मन्नू ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि वे ऐसे मजबूर लोगों की मदद के आगे आएं क्योंकि ये वक्त है किसी पर भी आ सकता है।
कोरोना वायरस के चलते देश व प्रदेश में लगे 22 मार्च के कर्फ्यू के बाद लोगों की जिंदगी मानो ठहर सी गई है। जो जहां है उसी स्थिति में मजबूर होकर कहो, या प्रशाशन या पुलिस की मार से बचना कहो या फिर कोरोना का ख़ौफ़ कहो, जहां का तहां दुबका पड़ा है। बस लोगों को तो आदेश आ गया कि जो जहां है, वही रहे, परन्तु क्या प्रशासन इनकी बुनियादी या रोजमर्रा की वस्तुएं उपलब्ध करवा रहा है। ऐसा अभी कुछ खास देखने को नहीं मिल रहा है, जो लोग 1500 किलोमीटर दूर से यहां कमाने आए थे खासकर ट्रक ड्राइवर उनका हाल देखकर तो लग रहा है कि उनकी स्थिति सबसे दयनीय है बात हो रही है। अर्की के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र दाड़लाघाट की अम्बुजा सीमेंट कम्पनी में ट्रक यार्ड में लगे ट्रक में फंसे कई चालक अपनी व्यथा सुनाते हुए दीखे। ये दाड़लाघाट में स्थित उप तहसील में नायब तहसीलदार के पास अपनी व्यथा लेकर गए थे ताकि इन्हें घर जाने का पास मिल जाए परन्तु यहां का प्रशाशन भी ऊपरी आदेश के चलते पास देने हेतु मुकर गया। चालकों का कहना है कि क्षेत्र में होटल, ढाबे बन्द होने से उनको भोजन की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। उन्हें लग रहा है कि कोरोना वायरस से पहले तो वे भूख से मर जाएंगे क्योंकि गाड़ी में ये स्टोव या गैस चला नही सकते अगर कहीं से रोटी का जुगाड़ हो भी जाता है तो पानी की समस्या व शौच व स्नान की समस्या फिर सामने आकर मुंह बया करके खड़ी हो जाती है। यहां ट्रक यार्ड में इतनी फेसिलिटी नहीं है कि हम यहां किसी भी एक समस्या से छुटकारा पा सके। गौर रहे कि ट्रक यार्ड में सिर्फ ट्रक खड़े करने लायक ही जगह है, जहां पर चालको को सिर्फ आराम करने तक मात्र एक कमरा है जिसमे भी भारी गन्दगी का आलम है। वहीं पास होटल, ढाबे भी बन्द है व चालकों के पास इतना धन भी नहीं है कि वे अपना गुजारा कर सके। हालांकि वो सब तहसील में नायब तहसीलदार के पास भी अपना दुखड़ा लेकर गए थे, परन्तु वहां से भी उन्हें कोई उचित हल मिलता नही दिखा। चालकों ने आग्रह भी किया कि बेशक उन्हें कर्फ्यु पास भी न दिया जाए परन्तु रहने के लिये एक छत व खाना खाने के लिये 2 निवाले ही दे दिए जाएं, ताकि वो इस कठिन घड़ी में अपनी जिंदगी की जदोजहद में भरपेट तो सो सके। जब इस बारे सब तहसील दाड़लाघाट के नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राशन, सब्जी, दवाइयों की सप्लाई के लिए पास दिया जा रहा है, परन्तु कुछ चालकों को भी पास दे दिया गया है। परन्तु जितने भी ट्रक ऑपरेटर्स के चालक हैं उनके लिए यहाँ खाने का इंतजाम हो जायेगा, बाकी ऊपर से आए आदेश के अनुरूप ही हम कार्य कर रहे हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरा देश लॉक डाउन है। पंजाब सरकार व अन्य प्रदेश की सरकारों ने लोड गाड़ियों के लिए उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए राहत प्रदान की है। जो गाड़ियां रास्ते में रुकी हुई थी और जरूरी वस्तुओं वाली गाड़ियों को प्रतिदिन चलने के आदेश दिए हैं। वहीं गैर जरूरी सामान वाली गाड़ियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए और खाली करवाने के लिए वन टाइम राहत प्रदान भी की है। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दाड़लाघाट के सभी ट्रक ऑपरेटर्स ने अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश में भी लाॅकडाउन होने वाले दिन 22 मार्च से लेकर अभी तक लोड गाड़ियां रास्ते में ही खड़ी हैं। जिस कारण ट्रक चालक रास्ते में भूख के मारे परेशान है। इन लोड गाड़ियों में अंबुजा, अल्ट्राटेक, एसीसी की सीमेंट और क्लिंकर की गाड़ियां शामिल हैं। लोड गाड़ी होने के कारण ट्रकों के टायरों ओर कल पुर्जो को नुकसान हो रहा है और चालक लोड गाड़ी छोड़कर कहीं जा भी नहीं सकते हैं। एडीकेएम सोसाइटी दाड़लाघाट के प्रधान बालकराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोड गाड़ियों को उनके गन्तव्य स्थान तक कर्फ्यू पास जारी करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें। वही सभा प्रधान एडीकेएम बालकराम राम शर्मा ने अंबुजा सीमेंट प्रबंधक से भी आग्रह किया कि भाड़े की राशि जो कंपनी के पास जमा है उसे तुरंत सभा के खाते में जमा करवाया जाए।
प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार एवं जिला पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा से मांग की है कि जो भी बाहरी राज्यों के लोग हमारे प्रदेश में रोजगार के लिए आए है उनके खाने और रहने की उचित व्यवस्था की जाए क्योंकि इस महामारी में इनकी देख रेख की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है, पर देखने मे ऐसा आ रहा है कि प्रशासन उनकी देखरेख करने के अपितु उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। आशीष ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वो अपनी टीम को आदेश जारी करें कि स्थानीय एवम बाहरी राज्यों से आए लोगों के साथ क्रूरता न दिखाकर प्यार से पेश आए। उन्होंने बताया कि शनिवार को बरमाणा में ऐसा मामला देखने मे आया कि कुछ बाहरी राज्यों के लोग प्रदेश सरकार की ढीली व्यवस्था और भुखमरी के चलते यंहा से पलायन करने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन को चाहिए था कि उन्हें वंही रोककर उनके लिए उचित व्यवस्था करते पर इसके विपरीत उन लोगों को सड़क किनारे मुर्गा बनाया गया और मारपीट की गई। इससे भी बड़े दुर्भाग्य की बात है कि उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया,इस तरह से अन्य राज्यों में प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। आशीष ठाकुर ने पूछा है कि अगर अन्य राज्यों की पुलिस भी हमारे राज्य के लोगों के साथ इस तरह का बर्बतापूर्ण व्यवहार करेगी तो क्या यह सही है? आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली के ऊपर पूरा विश्वास है कि वो निकट भविष्य में इस तरह की स्थिति जिला बिलासपुर में उतपन्न नही होने देंगे और अपनी टीम को जनता के साथ अच्छे व्यवहार के लिए आदेश जारी करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ प्रकाश दरोच ने बताया कि पूरे प्रदेश की तरह बिलासपुर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग, एहतियात बरतते हुए कोविड-19 से बचाव हेतु पूरे सुरक्षा कदम उठा रहा है और मरीजों को जल्द उपचार व अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं देने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि जिला के अस्पतालों में सर्दी जुखाम के मरीजों को सर्वप्रथम उपचार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। ऐसे मरीजों को अन्य मरीजों की अपेक्षा पहले जांच करवाने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी के तहत काम किया जा रहा है। भारत में भी इस वायरस के मामले बढ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अन्य प्रभावित देशों से भारत आने वाले सभी पर्यटकों तथा भारत के नागरिकों की काउंसलिंग की जा रही है तथा उन्हें 14 दिन के लिए निगरानी में रखा जा रहा है। उन्होंने सभी बिलासपुर वासियों से अनुरोध किया कि वैसे ही अपना सहयोग निरंतर जारी रखें और स्वास्थ्य विभाग के सम्पर्क में रहें, घवराएं नहीं, सावधानी बरतें। सरकार व विभाग आपकी सेवा में रात दिन तत्पर है। इसके अलावा जिन लोगों में बुखार, खांसी व सांस लेने में दिकत है उन्हें सावधानी के तौर पर अस्पताल की आइसोलेशन फैसिलिटी में रखा जा रहा है तथा उनका लगातार निदान व उपचार प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। कोरोना वायरस के संबंध में कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता है। सावधानी के तौर पर सर्दी जुखाम से ग्रसित व्यक्क्तियों से अपने बचाव के लिए खांसते व छिंकती बार मुंह को रुमाल या टिशू तथा बाजू मोडकर भी मुंह को ढक सकते है प्रयाप्त दूरी रखें, हाथ न मिलाएं, मुंह और नाक स्पर्श करने के पहले व बाद साबुन से हाथ बार-बार लगभग 20 सैकिंड तक अच्छी तरह धोएं, इधर-उधर न थूकें, भीड-भाड बाली जगहों में जाने से बचें तथा मांस व अण्डों को खाने से पहले अच्छी तरह से पकाएं। अभि वादन के लिए हाथ न मिलाएं और न ही गले मिलें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर जिले में जो लोग प्रभावित देशों व अन्य राज्यों से आए हैं वे अपनी सूचना प्रशासन व नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में दें तथा वे अपने घर पर ही अन्य स्दस्यों से दूरी बनाकर कम से कम 14 दिन तक सावधानी बरतें, परिवार के अन्य स्दस्य भी उन्से दूरी बनाकर रखें, अतिआवश्यक होने पर घर से बाहर निकलें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड ना करें, सरकार के आदेशों का हमेशा पालन करें। सरकार ने पूरे देश व प्रदेश में तालाबंदी/कर्फयू भी लगाया हुआ है, आवश्यक सेवाओं को छोडकर, उन्होंने बिलासपुर की जनता से निवेदन किया है हर तरह से प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सभी बातों का कडाई से पालन करें ताकि कोविड-19 के नियंत्रण में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके वचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरुक करने के लिए जिला के महत्वपूर्ण स्थानों पर हौरडिंग, बोर्ड स्थापित किए गए हैं। प्रैस, रेडियो एस एम एस, जिंगल, हैंडविल, पम्फलैटस इत्यादि के द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है। आशा वर्कर, आगनवाडी कार्यकर्ता, हैलफर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरुक कर रहें हैं तथा कोरोना वाइरस के लिए घर-घर सर्वे भी कर रहे। पंचायत प्रतिनिधियों को भी लोगों को अपने स्तर पर जागरुक करने का निवेदन किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर ने बिलासपुर की जनता से अनुरोध किया है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग के लोगों पर भरोसा कायम रखें तथा घर से बाहर बहुत ही जरुरी होने पर निकलें एतिहात बरतें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड न करें। इस संदर्भ में बिभाग सभी से सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि जिला में इसके प्रसार को रोकने में मदद मिले। आपका सहयोग ही इस बिमारी से छुटकारा दिला सकता है। स्वास्थ्य विभाग भी अब अपने स्तर पर पूरे जिला में जागरुता फैलाने के उदेश्य से माईकिंग कर रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत उत्पन्न परिस्थितियों में सोलन जिला में किसी भी ज़रूरतमन्द व्यक्ति को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में ऐसे ज़रूरतमन्द व्यक्तियोें को चिन्हित कर लिया गया है तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय स्तर ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि परवाणु में परवाणु उद्योग संघ के सहयोग से ऐसे व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था की गई है। इसमें स्थानीय निवासी भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जिला में किसानों की उपज को मण्डियों तक लाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इस सम्बन्ध में व्यवस्था बना दी गई है और किसानों की उपज अब मडियों तक सुगमता से पंहुच रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारे की भी उचित व्यवस्था बनाई गई है और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस व्यवस्था को सुचारू रखें। डाॅ. सैजल ने निर्देश दिए कि जिला में दूध, दही, दवाओं एवं सब्जियों तथा फल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और राज्य के बाहर से जिला में आने वाली ऐसी सभी प्रकार की आपूर्ति में व्यवधान न आए। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कफ्र्यू के दौरान लोगों को परेशानी न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनहित में लिए जा रहे निर्णयों से समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीब परिवारों को अगले तीन महीने तक अतिरिक्त 05 किलो चावल या 05 किलो गेहूं एवं दाल उपलब्ध करवाने तथा महिलाओं के जनधन खातों में अगले 03 माह तक 500 रुपय प्रति माह उवलब्ध करवाने के निर्णय से जरूरतमन्द व्यक्तियोें को सही मायनों में सम्बल मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में अप्रैल तथा मई का राशन एकमुश्त अप्रैल माह में उपलब्ध करवाने के निर्णय के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के पास जरूरी सामान का पर्याप्त भंडारण है तथा हर रोज इसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से बिलासपुर शहर, घुमारवीं व झंडूत्ता में स्थानीय दुकानदारों व व्यापार मंडल के सहयोग जरूरी सामान की होम डिलीवरी शुरू करने की तैयारी कर ली गई। इसके साथ-साथ दवा विक्रेता संघ से मिलकर दवाईयां भी पहुंचाई जाएगी। उपायुक्त बोले कि बिलासपुर में लाकडाउन एवं कर्फ्यू के कारण आमजन कोई परेशानी न हो। इसके जिला प्रशासन की ओर से तमाम प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर की सीमावर्ती जिलों अथवा राज्यों से आने वालों को स्वारघाट में ठहराने व खाने पीने की व्यवस्था की जा रही है तथा यह प्रयास भी किया जा रहा है कि वहां पर मेडिकल परीक्षण कर ही उन्हें आगे भेजा जाए व उनका पलायन न हो पाए। इसके अलावा जिले के विभिन्न भागों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के कामगारों को भी मुफ्त राशन देने का प्रबंध किया जा रहा है। इसी के चलते शाहतलाई में मंदिर न्यास के माध्यम से 645 लोगों को निशुल्क राशन वितरित किया गया है। उन्होंने करोना वायरस के मामलों की जानकारी देते हुए कहा कि बिलासपुर जिले में अभी तक करोना संक्रमित व्यक्तियों के चार मामले सामने आए थे। उन सबकी रिपोर्टस नेगेटिव है। जिले में अभी 130 ऐसे लोग है जो विदेशों से लौटे हैं। इनमें 128 होम क्वारनटाईम हैं। इनमें से 13 लोग होम क्वारनटाईम का 28 दिन का पीरियड पूरा कर चुके हैं। उन्होंने लाकडाउन व कर्फ्यू में सहयोग देने के लिए लोगों का आभार जताया तथा कहा कि लोग पैनिक न हो। उन्होंने लोगों से कोरोना वायरस के बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस को अपनाने का आग्रह किया। पत्रकार वार्ता में एसपी दिवाकर शर्मा भी उपस्तिथ रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने आज एक वीडियो काफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा के संसदीय क्षेत्र के प्रभारियों के साथ संवाद के दौरान कोरोना महामारी के दौरान कफर्यू और लॉकडाउन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा में भाग लिया। वीडियो कांफ्रेसिंग में जहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान सरकारी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की ब्रीफिंग की, वहीं भाजपा अध्यक्ष और पदाधिकारियों द्वारा संगठन की ओर से किए जाने वाले सेवा कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। डा. बिन्दल ने जयराम ठाकुर सरकार व प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते कोविड-19 कोरोना के पोजिटिव केस ठीक होने की सूचना उत्साहवर्धक है उसकी बधाई भी दी व भाजपा संगठन के दिशा निर्देशों पर कार्य करने के लिए कमर कसे हुए हैं, ऐसा विश्वास दिया। डा. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को संवाद के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नडडा के आहवान पर हिमाचल के 7793 बूथों पर चिन्हित अभावग्रस्त लोगों को ‘आपदा राशन किट’ के माध्यम से 15 दिनों का राशन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जिला प्रभारी द्वारा अपने अपने जिला से दानदाताओं और अभावग्रस्त व्यक्तियों की सूची प्राप्त कर संसदीय क्षेत्र के प्रभारियों को सौंपा जा रहा है और शीघ्र ही इस कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भोजना के अभाव में भूखा न सोए, संगठन इस संकल्प को लेकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. बिन्दल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान आमजन को पेश आ रही समस्याओं से विस्तृत रूप से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कफर्यू और लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं बेहतरीन हैं और जिन क्षेत्रों में कुछ समस्याएं हैं उन्हें जिला प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर संगठन के पदाधिकारी निपटाने का प्रयास कर रहे हैं। डा. बिंदल ने आम जन की समस्याओं के साथ, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को आ रही परेशानियों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके अलावा राशन, सब्जियां, दूध, डिपो में राशन की सप्लाई को भविष्य में भी अबाधित बनाए रखने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आदेश देने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्राबेरी जैसे किसान के उत्पाद के लिए भी व्यवस्था करने का आग्रह किया।
देश और दुनिया में फ़ैल रही कोरोना महामारी से मचे कोहराम के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए राहत को खबर आई है। काँगड़ा जिले के टांडा अस्पताल में कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ अब ठीक हो गया है। उसकी लेटेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बता दें की टांडा अस्पताल में 2 कोरोना मरीज़ो का इलाज चल रहा है। 21 मार्च को इन दोनों की रिपोर्ट्स पॉजिटिव आई थी जिन में से अब 32 वर्षीया युवक ठीक हो गया है। वहीं दूसरे मरीज़ का इलाज चल रहा है। इसके साथ ही 4 नए मामलो की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जिस से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अभी तक हिमाचल में कोरोना से 1 मौत हो चुकी है। कोरोना के इस मरीज़ का पहला सैंपल 19 मार्च को लिया गया था, जिसकी जांच टांडा अस्पताल में हुई थी, व रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। जिसके बाद इस मरीज़ का सैंपल पुने जाँच को भेजा गया और वह कोरोना पॉजिटिव था। सात दिन बाद टांडा में दुबारा जाँच करने पर इस मरीज़ का सैंपल नेगेटिव आया है। अब इसका सैंपल पुने भेजा जाएगा। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी स्वस्थ विभाग ने युवक को आइसोलेशन में रखा है।
हिमाचल प्रदेश दूध प्रसंघ ने प्रदेश के किसानों से दूध खरीद मूल्य में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ौतरी का निर्णय लिया है। पहली अप्रैल 2020 से मिल्कफैड किसानों को चार प्रतिशत फैट और 85 प्रतिशत एसएनएफ वाले प्रति लीटर दूध के 27 रुपये 80 पैसे देगा देगा जो वर्तमान में 25 रुपये 80 पैसे प्रति लीटर है ।हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंग के अध्यक्ष निहाल चन्द शर्मा ने आज यहां बताया कि इससे प्रदेश के लगभग 45 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह वृद्धि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा पेश किए गए बजट में घोषणा के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मिल्कफेड ने दुग्ध सहकारी सभाओं के सोसायटी कमीशन में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़ौतरी की है। वर्तमान में मिल्कफेड द्वारा सहकारी सभाओं को 4.5 प्रतिशत सोसायटी कमीशन के रूप में दिया जा रहा है, जो 0.5 प्रतिशत बढ़ाने के उपरान्त 5.0 प्रतिशत हो जाएगा और इसे 1 अप्रैल, 2020 से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से 950 से अधिक दुग्ध सहकारी सभाओं को लाभ मिलेगा और इन सभाओं को अपना खर्च चलाने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन कफ्र्यू के दौरान जो किसान पहले अन्य दुकानदारों, विक्रेताओं को अपना दूध बेचते थे और लाॅकडाउन के चलते दूध नहीं दे पा रहे है, मिल्कफेड उनका दूध भी खरीदेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपना दूध क्षेत्र में मिल्कफेड द्वारा लगाए वाहनों को या स्वयं मिल्कफेड के प्लांट/चिलिंग केन्द्रों में दे सकते है।
दुनिया में फ़ैल रही महामारी के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई जिस से आपका इन्सानियत पर यकीन दुबारा बन जाएगा। पंजाब व हिमाचल में लगे कर्फ्यू के चलते कई अस्पतालों में रक्त की कमी सामने आई है। इसी बीच नूरपुर व ज्वाली के 5 मरीजों को रक्त की सख्त जरूरत थी। मरीज़ो के परिजन खासा परेशान थे, एक माँ तो फ़ोन पर बिलख बिलख कर रो रही थी। पठानकोट ब्लड बैंक ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। उन्होंने नूरपुर ब्लड डोनर क्लब के अध्यक्ष राजीव पठानियाँ से सम्पर्क किया। समाज सेवा के जज्बे से ओतप्रोत राजीव पठानियाँ को फिर चैन कहाँ था। उन्होंने अपने रक्तवीरों से बात की, नूरपुर एस डी एम सुरिंदर ठाकुर से परमिशन ली व अपने 15 साथियों सहित निकले पड़े पीड़ित परिवारों के लिए फरिश्ता बन कर। कर्फ्यू में समस्याएं बहुत थी लेकिन किसी तरह वे सिविल अस्पताल पठानकोट पहुँच गए। उन्होंने 15 यूनिट रक्तदान किया। पीड़ित परिवारों ने इन फरिश्तों को ढेरों आशीष दिए व अस्पताल प्रशासन ने आभार प्रकट किया।
बिलासपुर के एसपी दिवाकर शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्होंने बिलासपुर के लोगों जैसा डिसिप्लिन इससे पहले कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बिलासपुर के लोग बधाई के पात्र हैं। शुक्रवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर कर्फ्यू के दौरान अपनी टीम द्वारा किए जा रहे फ्लैग मार्च के दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान पुलिस की टीम ने बिलासपुर के लोगों द्वारा किए जा रहे सहयोग के लिए तालियां बजाकर भी उनका स्वागत किया। एसपी ने बताया कि उन्हें जो सूचना मिल रही है। उसके अनुसार बिलासपुर में स्थिति काफी बेहतर है और लोग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 28 मार्च से कर्फ्यू में ढील 3 घंटे की दी जाएगी जो सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक रहेगी। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से ना निकले तो ही बेहतर होगा तथा अगर आवश्यक सामान लाने की जरूरत पड़ती है तो एक घर से एक ही व्यक्ति बाहर निकले। बिलासपुर के लोग तथा छात्र जो बाहरी राज्यों में रह रहे हैं उनके बारे में एसपी का कहना था कि वह स्थिति के सामान्य होने तक वही रहे। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जिन लोगों को किसी भी प्रकार की कोई जरूरत पड़ रही है। प्रशासन की ओर से व्यापक सहायता की जा रही है। उन्होंने किसी भी गड़बड़ी के लिए पुलिस को सूचना देने की भी अपील की है।
उपायुक्त एवं जिला दण्ड़ाधिकारी बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने बताया कि बिलासपुर जिला में आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्फ्यू में ढ़ील के समय में बदलाव किया गया है। पहले यह ढील 6 घंटे के लिए दी गई थी जिसे अब 3 घंटे करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव के दृष्टिगत मिले निर्देशों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 28 मार्च से आगामी आदेशों तक प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रतिदिन रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए दुकाने खुली रहेंगी। उन्होंने कहा की इस तीन घंटे की ढील के दौरान आमजन बाजार से अपनी दिनचर्या का सामान जैसे दूधए राशनए फलए सब्जी तथा दवाईयां इत्यादि की खरीदारी कर सकते है। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आवश्यकता अनुसार ही सामान खरीदे तथा व्यर्थ में सामान का भण्डारण न करे। इसके अलावा एक परिवार से केवल एक सदस्य ही खरीदारी करने बाहर निकले और वो भी बिना वाहन के और सोशल डिस्टैंसिंग का विशेष ध्यान रखे तथा आपस में एक मीटर से अधिक की दूरी बनाऐ रखना सुनिश्चित करें ताकि इस महामारी के संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग खरीदारी के लिए बहार न निकलें। उन्होने बताया कि यह ढील केवल रोजमर्रा की जरुरी वस्तुएं खरीदने के लिए दी जा रही है इसलिए लोग खरीदारी पूरी होते ही तुरंत अपने घरों में वापिस चले जाएं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति इधर.उधर न घूमे व किसी भी स्थान पर एक समय में चार से ज्यादा व्यक्ति इक्ठठे न हो। अगर कोई व्यक्ति सोशल डिस्टैंसिंग की पालना करते हुए नहीं पाया जाता है तो उसके विरूद्व कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि जिला प्रशासन कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभाव की रोकथाम के साथ-साथ लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है और सभी को इसमें सहयोग करना होगा। जिलाधीश ने कहा कि आंगनबाड़ी के बच्चों को एक महीने का एडवांस राशन प्रदान किया जाएगा। इसके लिए डीपीओ आईसीडीएस सतनाम सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विशेष व्यक्तियों व विशेष स्कूलों के बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिला कल्याण अधिकारी सुरेश शर्मा को अधिकृत किया गया है। वह राशन से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में मदद करेंगे। पेमेंट के आधार पर भी होगी दवा व राशन की सप्लाई डीसी ने कहा कि बुजुर्गों व अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को भी भुगतान की सुविधा के आधार पर दवा व राशन की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए ईजी डे व विशाल मेगा मार्ट के साथ संपर्क किया गया है। आवश्यक सेवाओं के लिए जारी होंगे पास उपायुक्त ने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे कि राशन, रसोई गैस, तेल की सप्लाई करने वाली एजेंसियों को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विजय सिंह हमलाल पास जारी करेंगे। सभी कंपनियां व एजेंसियों अपने कर्मचारियों को स्वयं पहचान पत्र जारी करेंगी। सब्जी मंडियों के आढ़तियों को जारी होंगे पास संदीप कुमार ने कहा कि सब्जी मंडी में आने वाले आढ़तियों को एपीएमसी के सचिव सर्वजीत डोगरा पास जारी करेंगे। उपायुक्त ने अपील की है कि लोग अनावश्यक रूप से खरीददारी न करें। आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी लेकिन सभी का सहयोग अनिवार्य है। लोगों के लिए बैंक सुबह 7 बजे से 10 बजे तक खुलेंगे उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि बैंक आम लोगों के लिए सुबह 7 बजे से 10 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद 12 बजे तक बैंक अपना अंदरूनी कार्य करेंगे। डीसी ने कहा कि 10 बजे तक जो ग्राहक बैंक के अंदर दाखिल होंगे उन्हें बैंक मैनेजर समय अंकित कर पास जारी कर देंगे। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं उपायुक्त ने कहा कि कुछ लोग अपनी मर्जी से मलेरिया की दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न खाएं। यह घातक हो सकता है। उन्होंने इस बारे में दवा विक्रेताओं भी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। पशु चारे के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें उपायुक्त ने कहा कि पशु चारे की समस्या आ रही है और इस समस्या को दूर करने के लिए उप निदेशक पशु पालन विभाग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति के लिए बनाया हेल्प सेंटर डीसी ने कहा कि आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए एक हेल्प सेंटर बनाया गया है। जरूरतमंद व्यक्ति मदद मांगने के लिए 01975-226040, 9882528521, 7018067907 पर संपर्क किया जा सकता है। जिन व्यक्तियों को डायलिसिस या फिजियोथेरेपी की सुविधा की आवश्यकता है, वह 9418440747 पर संपर्क करें। उन्हें घर से पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान की जाएगी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी ज़िलाधीशों से विडीओ कॉनफ़्रैन्स कर कोरोना वाइरस की स्थिति का जायज़ा लिया और तय किया है कि कर्फ़्यू की अवधि में आवश्यक वस्तुओं को ख़रीदने के लिए अब रोज़ाना सिर्फ़ तीन घंटे की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को शहरी क्षेत्र/ज़िला मुख्यालयों में कर्फ़्यू की अवधि में जनता को उनके घर पर ही आवश्यक वस्तुओं को पहुँचाने के विकल्प तलाशने व उसे सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए है। प्रदेश की जनता से अपील है कि आप कर्फ़्यू को सफल बनाने में हमें अपना सहयोग दें। जबकि वीरवार को सरकार ने ये समयावधि छह घंटो की कर दी थी जो कि काफी ज्यादा थी। इस फैसले को न तो विपक्ष और न ही प्रदेश की जनता ने स्वीकार किया था जिसके बाद दोबारा इसे तीन घंटे किया गया। शुक्रवार सुबह से ही लोग जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए निकले और दूध ब्रेड सब्जी इत्यादि की खरीददारी की गई। हालांकि शुक्रवार को सब्जी दूध ब्रेड इत्यादि खरीद के लिए लोगों की भीड़ कम थी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों के तहत जारी अपने आदेशों में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधित आदेशों के अनुसार किराना, दूध, बै्रड, फल, सब्जी, मीट, मछली, अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ तथा पशु चारा एवं कीटनाशक का विक्रय कर रही दुकानें अब प्रातः 08ः00 बजे से दिन में 11.00 बजे तक खुली रहेंगी ताकि लोग इस अवधि में आवश्यक सामान क्रय कर सकेें। एपीएमसी की सोलन तथा नालागढ़ स्थित सब्जी मंडियां अब प्रातः 07.00 बजे से 11.00 बजे तक कार्य करेंगी। इस अवधि में लोग केवल अपने आवास से आवश्यक खरीददारी करने या आवश्यक सेवाओं तक एवं वापिस आवास ही आ-जा पाएंगे। एक परिवार अथवा आवास से एक ही व्यक्ति को समीम की दुकान से आवश्यक वस्तुएं क्रय करने की अनुमति होगी। वाहनों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस अवधि में सभी को ‘सोशल डिस्टैन्सिग’ प्रक्रिया का पालन करना होगा। इन आदेशों के अनुसार मदिरा विक्रय करने वाली दुकानें बन्द रहेंगी। इस सम्बन्ध में शेष शर्तें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार ही रहेंगी। यह आदेश 27 मार्च, 2020 की सांय 05.00 बजे से प्रभावी हो जाएंगे।
इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन है जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन्ही दिक्कतों को लेकर कुछ संस्थाएं व समाजसेवक अब लोगों की सहायता के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाने लगे है। उपमंडल के दाड़लाघाट पुलिस थाने में कार्यरत हेड कांस्टेबल कमला वर्मा जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट में ट्रक यार्ड में थी तो वहाँ खड़े 6 ट्रकों में जम्मू कश्मीर के ट्रक ड्राइवर कर्फ़्यू के चलते काफी परेशान थे जिसको देखते हुए कमला वर्मा ने उन्हें 10 दिन का राशन उपलब्ध करवाया है। वहीं छामला के नजदीक 16 सालों से किराये के कमरे में रह रही नेपाली मूल की महिला जिसके दो बच्चे है और पति की मृत्यु होने के बाद इसके ऊपर भी दिहाड़ी न लगने से संकटो का पहाड़ था, इस मौके पर भी हेड कांस्टेबल कमला वर्मा ने उसे खाने पीने की वस्तुएं उपलब्ध करवाई है। कमला वर्मा ने कहा कि इस मुश्किल समय में सभी लोगों को जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना चाहिए ताकि लोगों की दिक्कतों को दूर किया जा सके।


















































