जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता व महासचिव, व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के समन्वयक संदीप सांख्यान ने कोविड 19 जैसी महामारी के चलते चिकित्सा विभाग की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि यह मामला उन की ग्राम पंचायत से सम्बंधित है। जिला मुख्यालय बिलासपुर के साथ लगती ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा के वार्ड नं. 4 और 7 कन्टेनमेंट जोन घोषित किये गए है जबकि वार्ड नं. 2,3 और 5 बफर जोन घोषित किए गए हैं। यह अधिसूचना प्रशासन की तरफ से 27 जुलाई को जारी की गई थी। ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा के वार्ड नं. 4 में जो कोविड 19 पॉजिटिव व्यक्ति आया था उसको 27 तारीख को नेरचौक स्थित कोविड अस्पताल में ले जाया गया था लेकिन उनके परिजनों का कहना है कि जब से उनके घर के सदस्य को कोविड 19 पोजीटिव घोषित किया है तब से जिला बिलासपुर के मेडिकल विभाग का रवैया उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके घरों में डर और दुविधा का मौहाल बना है न तो जिला के चिकित्सा विभाग की तरफ से कोई ठीक जानकारी दी जा रही है और न ही कोई ठीक से कोई गाइडेंस दी जा रही है। चिकित्सा विभाग के कर्मचारी घर आकर यह कहते रहें है कि आपकी भी कोविड 19 की सैंपलिंग 5 दिन के बाद होगी लेकिन 6 दिन हो गए अब आगे कब होगी इसके बारे में कोई ठीक से जानकारी नहीं दी जा रही है। जो व्यक्ति कोविड 19 पोसिटिव आया है वह अपने रूटीन चेकअप के लिए पी जी आई चंडीगढ़ वहाँ से मिली डेट के अनुसार जाता रहता था। पी जी आई चंडीगढ़ में ही उसे कहा गया कि आप अपने चेकअप से पहले कोविड19 का टेस्ट बाहर किसी निजी लैब से करवा लें। अब यहां प्रश्न यह उठता है कि जब पी. जी. आई. चंडीगढ़ में भी कोविड 19 के टेस्ट की सुविधा है तो उनको बाहर से निजी लैब से टेस्ट करवाने को क्यों कहा गया? खैर उन्हीं के निर्देशों को मानते हुए उन्होंने अपना कोविड 19 का टेस्ट 25 जुलाई को करवा लिया और पी. जी. आई. में चेकअप के बाद वापिस अपने घर रघुनाथपुरा, बिलासपुर में आ गए जबकि उनके अंदर कोविड 19 के संकेत पहले भी कोई नहीं थे और अब भी कोई नही हैं और न ही इनके परिवार के किसी सदस्य में कोई कोविड 19 के संकेत न पहले थे और न ही अब हैं। ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा में कोविड 19 के पोजिटिव पाए गए व्यक्ति के सभी परिजनों, पड़ोसियों में डर और दुविधा का मौहल है, तो क्या यह चिकित्सा विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगता, की इस महामारी के प्रति इतना ज्यादा उदासीन रवैया क्यों है? जिला में जो चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस कोविड 19 की कार्य प्रणाली को देख रहे है, उनको चाहिए कि जो परिवार और उनके आस पड़ोस में प्रथम सम्पर्क में जिन व्यक्तियों के सैम्पल लेने है उनको लिया जाए क्योंकि जो 5 दिन का वेटिंग समय होता है वह बीत चुका है और ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा के वार्ड नं 4 और 7 के लोंगो की काउंसलिंग की जाए ताकि वह इस कोविड-19 के कारण डर और दुविधा के मौहल से बाहर आ सके। ऐसा भी लगता है कि कोविड 19 जैसी महामारी को लेकर चिकित्सा विभाग अभी भी तैयार नहीं है और न ही अपने फील्ड स्टाफ को ठीक से ट्रैनिंग दे पाया है और सही जानकारियों के अभाव में कई तरह के डर और दुविधाओं को जन्म दिया जा रहा है जिससे समाज में एक वैचारिक कुरीतियों का भी जन्म हो रहा है और जिसके कारण एक दूसरे के प्रति हीन भावना भी जन्म ले रही है जिसका डर यह है कि यह कहीं सोशल डिस्टेंसिनग से मानसिक डिस्टेंसिनग में न बदल जाए।
उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल रूकमणी कुंड में प्रतिबंध के बावजूद एक बार फिर से लोगों के नहाने का सिलसिला आरंभ हो गया है। आलम यह है कि विषेशतौर पर लोग कोरोना काल में इस कुंड में न नहाएं इसके लिए बाकायदा एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के प्रयासों से पुलिस विभाग ने इस स्थान पर कांस्टेबल की तैनाती कर दी थी जो 47 दिन तक मुस्तैद रहा लेकिन अब इस कर्मचारी के हट जाने के बाद स्थिति दोबारा पूर्व की तरह हो गई है। यह आलम तब हैं जब प्रदेश कोरोना मामलों की संख्या हजारों में हो रही है ऐसे में यदि कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति इस पानी में नहा जाता है तो कम से कम 15 पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। ईष्वर न करे ऐसा हो लेकिन यदि ऐसा होता है तो स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण के बाहर हो जाएगी। झंडूता विस क्षेत्र में स्थित औहर पंचायत के साथ रूकमणी कुंड में लोगों के बदस्तूर नहाने से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ सकता है। मनाही के बावजूद कोविड-19 के समय में यहां पर लोग प्रतिदिन स्नान करने के लिए आ रहे हैं जबकि प्रशासन ने मंदिरों को बंद कर रखा है स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहीं गलती से भी एक भी कोरोना मरीज रुक्मणी कुंड में स्नान कर गया तो इसकी भारी कीमत 15 पंचायतों के लोगों को भुगतनी पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि यहां से लगभग 15 पंचायतों के 25000 लोगों को पानी की सप्लाई जाती है। यदि समय रहते इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इलाका इस भयंकर बीमारी की चपेट में आ सकता है। रुकमणी सेवा समिति द्वारा प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया जिसके चलते लगभग 47 दिनों तक पुलिस कांस्टेबल भी आता रहा लेकिन पुलिस के चले जाने के बाद यह स्थान एक बार फिर से शराबियों व हूड़दगियों का अड्डा बनता जा रहा है। वह पुलिस के न होने के कारण इसमें बेधड़क होकर स्नान करते हैं जिसके चलते महामारी का खतरा बढ़ गया है। रुकमणी सेवा समिति के लोगों के द्वारा फोन पर झंडुत्ता पुलिस स्टेशन बात की गई तो वह कम स्टाफ का हवाला देकर पल्ला झाड़ते नजर आए जोकि भोली भाली जनता के साथ न्यायोचित नहीं है। स्थानीय लोगों वह मां रुकमणी सेवा समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है की इस महामारी के चलते रुक्मणी कुंड में स्थाई रूप से पुलिस की निगरानी रखी जाए ताकि लोगों को इस महामारी से सुरक्षित रखा जा सके। मां रुक्मणी कुंड सेवा समिति के अध्यक्ष अभिशेक चंदेल, तिलक राज प्रभात चंदेल संजीव चंदेल रविंद्र चंदेल अधिवक्ता अंकित चंदेल ने कहा कि यदि कोई यहां पर नहाता हुआ पाया जाता है तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। मां रूकमणी सेवा समिति के अध्यक्ष अभिशेक चंदेल ने बताया कि यह समय संवेदन शील है तथा सभी की जागरूकता से ही सभी बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी हैरानी का विषय है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग यहां पर स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 8 व 9 अगस्त को चनण छट्टी के व्रत का तर्पण होगा। स्थान के महत्व और बहते पानी को लेकर अधिकांश लोग यहां पर आएंगे लेकिन जिला प्रषासन को चाहिए कि लोगों की धार्मिक आस्था को देखते हुए अलग से पानी का स्त्रोत डेवलेप किया जाए तथा पुलिस प्रबंध भी किया जाए ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र गर्ग को प्रदेश मंत्रिमंडल में कैबिनेट स्तर का मंत्री बनाने पर घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता व भारतीय जनता पार्टी घुमारवीं मंडल के तमाम कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। मीडिया प्रभारी महेंद्र पाल रतवान ने मंडल की तरफ से केंद्रीय नेतृत्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय जगत प्रकाश नड्डा का, प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का, गर्ग को कैबिनेट में शामिल करने के लिए आभार व्यक्त किया है। रतवान ने कहा इससे पूर्व घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से आज दिन तक कोई भी विधायक मंत्री नहीं बनाया गया या पूरे जिला बिलासपुर व घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख जनता के लिए प्रदेश सरकार की बहुत बड़ी सौगात है। इसके साथ ही मंडल भाजपा ने विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख जनता का भी आभार प्रकट किया है यह उसी जनता के वोटों का नतीजा है कि आज गर्ग जी व विधानसभा क्षेत्र इस मुकाम तक पहुंचा है। जैसे ही गर्ग के कैबिनेट मंत्री बनने की सूचना स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता को मिली शहर में जगह-जगह मिठाईयां बांटकर आतिशबाजी कर कर लोगों ने खुशी का इजहार किया तथा विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कार्यकर्ता शिमला की ओर रवाना हुए जो इस ऐतिहासिक पल के वह बनने के लिए आतुर थे। इनमें प्रमुख रूप से भाजपा जिला महामंत्री नवीन शर्मा, मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य युवा मंडल कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, मंडल महासचिव राजेश शर्मा, राजेश ठाकुर जिला भाजपा कोषाध्यक्ष एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष हेमराज संख्या, संयोजक वार्ड संयोजक व्यापार मंडल नरेश शर्मा, महिला मोर्चा अध्यक्ष कमलेश कुमारी और पंचायत के पूर्व प्रधान देशराज शर्मा, युवा मोर्चा जिला महामंत्री दिनेश ठाकुर, देवेश चंदेल मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष, युवा मोर्चा महामंत्री विशाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता इसे ऐतिहासिक पल के गवाह बने। रतवान ने कहा कि जब भी मंत्री बनने के पश्चात राजेंद्र गर्ग घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में पहुंचेंगे तो उनका जिला व विधानसभा क्षेत्र में जगह जगह स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा।
सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा एवं प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत ने कहा कि भारत को शक्तिशाली एवं सुरक्षित राष्ट्र बनाने के लिए राफेल विमानों के आने से और मजबूती मिलेगी। विमानों का आगमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के प्रति कटिबद्धता को दर्शाता है जिसके लिए संपूर्ण राष्ट्र उनका आभार व्यक्त करता है। इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा एवं निर्मला राजपूत ने कहा कि इन विमानों के आने से भारतीय वायु सेना को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत की सामरिक और सैन्य शक्ति में आवश्यकता अनुसार बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे बेहतरीन है। वह हमारी एयरबेस पर लैंड किए हैं उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश हमारे देश पर बुरी नजर रखकर जो मंसूबा पाले हुए हैं। उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सैन्य शक्ति को बढ़ाना आवश्यक था। इस दिशा में रफेल लड़ाकू विमान अत्यंत प्रभावशाली साबित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भारत को शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाए जाने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे थे। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने देश को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र पोखरण में परमाणु विस्फोट करके बनाया था। लाडली फाउंडेशन जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बेस्ट ममता ने कहा कि यह 36 हजार फीट से लेकर 50 हजार फीट तक उड़ान भरने में सक्षम है। यह 3700 किमी इसकी रफ़्तार 1920 किमी प्रति घंटे (Rafale speed) है। यह 1312 फीट के बेहद छोटे रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है। यह 15,590 गैलन ईंधन ले जाने की क्षमता रखता है। राफेल, हवा से हवा में मारक मिसाइलें ले जाने में सक्षम है।
प्रदेश की जयराम सरकार ने बिलासपुर जिले को एक बड़ा तोहफा दिया है। घुमारवीं से विधायक राजेंद्र गर्ग को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। घुमारवीं को लंबे समय के बाद झंडी मिली है जिससे क्षेत्र वासियों में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार में शामिल होने वाले ने मंत्री राजेंद्र गर्ग 2017 में बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। उन्हें भाजपा के नेशनल अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का भी करीबी माना जाता है। 30 मई 1966 को बिलासपुर जिले के ठंडोड़ा गांव में सुंदरी देवी और बलदेव सिंह के घर पर उनका जन्म हुआ। आरंभिक शिक्षा बिलासपुर में प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी और ग्वालियर मध्य प्रदेश की जीवाजी यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने वहां से वनस्पति विज्ञान में एमएससी की डिग्री हासिल की। आरएसएस से जुड़े होने के साथ-साथ उन्होंने 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्वाइन की और 1986-87 में बिलासपुर जिला के संयोजक रहे। उसके पश्चात यह राज्य कार्यकारिणी में सचिव रहे और पूर्णकालिक संगठन सचिव की सेवाएं इन्होंने मध्यप्रदेश में दीं। जहां इन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्य 90 से 97 तक किया। बिलासपुर जिले के घुमारवीं से इन्होंने दैनिक भास्कर के संवाददाता के रूप में भी कार्य किया। 2006 से 2010 तक यह भाजपा प्रशिक्षण सेल के संयोजक रहे और इसी कार्यकाल में ही स्कूल शिक्षा बोर्ड के सदस्य चुने गए इसके अलावा हिमाचल प्रदेश टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड के सदस्य होने के साथ भाजपा के राष्ट्रीय दल के सदस्य भी रहे। 2017 में यह विधानसभा के लिए घुमारवीं से विधायक चुने गए। राजेंद्र गर्ग समाज सेवा में अधिक रुचि रखते हैं। इसके अलावा इनको कबड्डी खेलना पसंद है।
आज राष्ट्र की हालत कोरोना माहमारी के कारण कंगाल होती जा रही है, दुसरीं ओर भाजपा अपने कार्यलयों को बनाने और सजाने में व्यस्त है। चुनावी वायदों की तरफ तो भाजपा का कोई ध्यान ही नही है कि किस कदर उन्होंने जनता को ठगा है। यह बात प्रदेश के पूर्व सचिव एवम राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के सयोंजक हिरापाल ने अपने व्यक्तव्य में कही। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों की संख्या 15 लाख के लगभग देश मे हो चुकी है परन्तु न प्रदेश में और न समूचे देश मे इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। लोग बेरोजगारी के कारण भूखे मर रहे है और किसी को तो एक समय की रोटी भी नसीब नही हो रही है। जिस वक्त बीमारी का प्रकोप कम था उस वक़्त देश मे लॉक डाउन था और आज जब बीमारी का प्रसार हद से ज्यादा हो चुका है तो प्रदेशो की सारी सीमाएं खोल दी गई है। ऐसा करने से जहां मरीजो की संख्या बढ़ी है और देश ख़ुद लॉक डाउन की व्यवस्था मांग रहा है। राष्ट्र को आश्वासन देने वाले मोदी केवल मन की बात कह कर परिस्थिति को नियंत्रण करने में बुरी तरह से फेल है। आज स्थिति यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों को तो मास्क और सोशल डिस्टेंस रखने की बात कर रहे है और खुद नियमो का पालन नही कर रहे है जो कि एक हास्यपद बात है। अगर परिस्थितयां यही रही तो शायद ही लोगो को भविष्य में कोई राहत के क्षण आने की कोई संभावना है। सरकारी तन्त्र पर कोई नियंत्रण नही और वह लूट पाट करने में व्यस्त है। प्रशासन की ओर से जनता में कोई किसी प्रकार का जागरूकता अभियान नही चलाया जा रहा है और प्रशासन टांग पर टांग धरे बैठा है जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नही है। यही हाल रहा तो देश की हालत भाजपा राज में इतनी पिछड़ सकती है जिसे पटड़ी में लाने के लिए सालों लग जाएंगे।
आर्थिकी को सुधारने के लिए पशु पालन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा पशु पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि पशु पालन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। पशुपालकों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है ताकि लोग अच्छी किस्म के पशु तैयार करके खेतीबाड़ी के साथ-साथ पशु पालन व्यवसाय से भी जुड़ सके। जिला बिलासपुर में आवारा/घायल पशुओं के उपचार के लिए पहल करते हुए गत वर्ष जिला में पशु आघात निदान केन्द्र की शुरूआत की गई। इसमें आवारा घायल पशुओं का इलाज किया जा है। इसके अतिरिक्त जिला में पशुपालन विभाग द्वारा इस वर्ष में जून माह तक 42 हजार 597 पशुओं का उपचार तथा 55 पशुओं का बधियाकरण और पशु शल्य चिकित्सा/आपात स्थिति में 775 पशुओं का उपचार किया गया। जिला में आवारा पशुओं को आश्रय देने के लिए 12 गौ सदन कार्यरत है जिनमें लगभग 890 पशुओं को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिला में श्री नैना देवी जी की ग्राम पंचायत बरोटा-दबवाला और सदर बिलासपुर की ग्राम पंचायत धार टटोह में काऊ सैचुरी प्रस्तावित है जिसकी औपचारिकताएं पर्ण की जा रही है। जिला बिलासपुर में पशु पालकों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है ताकि पशुपालकों की आर्थिकी को मजबूत करके उनके जीवनस्तर को बेहतर बनाया जा सके। जिला बिलासपुर में गत वर्ष 6 हजार 429 पशुओं का पंजीकरण किया गया जबकि इस वर्ष जून तक 5 हजार 717 पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। पशुओं का मुंह-खुर रोग से बचाव करने के लिए गत वर्ष 1 लाख 52 हजार 526 पशुओं का टीकाकरण किया गया जबकि इस वर्ष में जून माह तक 36 हजार 316 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। गलघोटू व लगड़ा बुखार रोग से बचाव हेतु गत वर्ष 98 हजार 750 पशुओं का टीकाकरण किया गया। पेट के कीडे मारने हेतु गत वर्ष 1 लाख 26 हजार 419 पशुओं को दवाई पिलाई गई जबकि इस वर्ष में जून माह तक 20 हजार 202 दवाई पिलाई जा चुकी है। बाह्य परजीवी को मारने के लिए गत वर्ष 1 लाख 39 हजार 70 पशुओं को दवाई पिलाई गई जबकि इस वर्ष जून माह तक 27 हजार 849 पशुओं को दवाई पिलाई जा चुकी है। पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए गाभिन पशु आहार कार्यक्रम (एस.सी.एस.पी.) के अंतर्गत चालू वर्ष में 6 लाख 25 हजार रुपये का पशु आहार 50 प्रतिशत उपदान पर 205 पशुपालकों को 550.80 क्विंटल का पशु आहार उपलब्ध करवाया गया। सामान्य बी.पी.एल. गाभिन पशु आहार कार्यक्रम के अंतर्गत 45 लाख 30 हजार रुपये का पशु आहार 50 प्रतिशत उपदान पर 740 पशु पालकों को 1 हजार 997 क्विंटल पशु आहार उपलब्ध करवाया गया। 200 चूजे योजना के अंतर्गत 50 अनुसूचित जाति के परिवारों को प्रति लाभार्थी 200 चूजे और चूजो के खाने व पानी के बर्तन, आहार 100 प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए जाएंगे जिस पर 6 लाख 66 हजार 660 रुपये व्यय होंगे। रूरल बैक्यार्ड गोट योजना के अंतर्गत 80 बी.पी.एल. परिवारों को 880 बकरे/बकरियां 95 प्रतिशत अनुदान पर वितरित करने का कार्य चल रहा है जिसपर 5 लाख 9 हजार 760 रुपये वितरित किए जाएंगे। गत वर्ष कृषक बकरी पालन योजनाके अंतर्गत 83 परिवारों को 349 बकरियां वितरित की गई। जिला में इस वर्ष उत्तम पशु पुरस्कार योजना के अंतर्गत 100 परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा जिसपर 1 लाख रुपये व्यय किए जा जाएंगे। जिला में 5 हजार ब्राईलर चिक्स स्कीम के अंतर्गत इस वर्ष 5 लाभार्थियों का चयन किया गया है जिनमें से चार लाभार्थियों को 1 हजार चूजे उपलब्ध करवाए जा चुके है। बैक्यार्ड पोल्ट्री चिक्स योजना के अंतर्गत इस वर्ष 30 हजार चूजे 26 रुपये की कीमत पर पशुपालक के घर-द्वार तक उपलब्ध करवाए जाएंगे। उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य/प्रजनन डाॅ. लाल गोपाल ने बताया कि गत वर्ष जिला के चयनित 300 गांवों में 5 हजार 473 पशुओं का निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया गया। इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत अगस्त, 2020 से 31 मई, 2021 तक जिला के सभी 1063 गांवों में पशुओं का निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।
देश में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हनन पूरे जोर शोर से हो रहा है। यह वक्तव्य जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल कृष्ण शर्मा, राजेन्द्र ठाकुर, तेजस्वी शर्मा, हेम राज ठाकुर व संदीप सांख्यान ने दिया। इन्होंने केंद्र की सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस संविधान पर देश टिका रहता है उस संविधान की धज्जियां आज सरेआम उड़ाई जा रही है। केंद्र सरकार ने सारे स्वायत्त संस्थाओं की मर्यादा तार तार कर दी है। इन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र की सरकार राजस्थान में लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ कर रही है उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। इस संयुक्त वक्तव्य में इन्होंने कहा कि चाहे कर्नाटक की सरकार हो, चाहे गोवा की सरकार हो या फिर मध्यप्रदेश की सरकार हो या फिर देश के उत्तरी पूर्वी राज्यों की सरकारें हो हर जगह केंद्र की सरकार छल-कपट से अपना वर्चस्व बनाने की जुगत में लगी रहती है और देश मे एक काला अध्याय लिखती रहती है जो कि अति दुर्भाग्यपूर्ण है जिस तरह की राजनीति केंद्र की सरकार बंगाल पर झारखंड में अपनाने जा रही है वह पहले से ही सवालों के घेरे में आ चुकी है। देश की आजादी के बाद यह पहली ऐसी केंद्र सरकार है जिसमे सत्ता हथियाने में सारी मर्यादायें तोड़ दी हैं और राजनीति में सबसे ज्यादा पैसे के लेन देन का दौर आरम्भ कर दिया है। इन्होने कहा कि केंद्र की सरकार को अगर किसी राज्य में अगर जनमत नहीं मिलता है तो वहां यह पैसे का सहारा ले लेती है। इस तरह की राजनीति भाजपा को कुछ समय तक तो वाहवाही लूटने के लिए तो ठीक होगी पर आने वाले देश की नई राजनैतिक पीढ़ी के लिए कोई अच्छा मार्ग नहीं दिखा पाएगी अपितु इस तरह की राजनीति से देश में भ्र्ष्टाचार के नए रिकॉर्ड पेश किए जा रहें है। इन्होंने कहा कि हैरानी की बात तो तब होती है कि जब देश के सर्वोच्च पद पर बैठे लोग भी मूक दर्शक बन कर तमाशबीन बन गए है। कुछ भी हो यह देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और ऐसे में लोकतंत्र के संवैधानिक मूल्यों से छेड़छाड़ करना कभी भी बर्दाश्त नही किया जा सकता।
बरमाणा थाना के अंतर्गत आने वाली रानीकोटला पंचायत के ढाढस गाँव से सोमवार रात को को एक पल्सर 150 बाइक चोरी हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हर रोज की तरह प्रशांत शर्मा ने रात को करीब दस बजे अपने घर के पास अपनी पल्सर बाइक नंबर एचपी 24 बी 8518 को खड़ा किया और सोने चला गया सुबह करीब पांच बजे जब प्रशांत दूध देने के लिए सड़क के पास जा रहा था तो उसने देखा कि उसकी बाइक गायब है। प्रशांत ने बताया कि उसकी बाइक के साथ अन्य तीन बाइक व एक बुलेट मोटर साइकल तीन कार व एक ट्रेक्टर खडा था परन्तु बाकी सब वैसे की वैसे खड़ी थी मात्र उसकी बाइक ही गायब थी। प्रशांत ने बाइक के चोरी होने की शिकायत पुलिस चौकी खारसी में दर्ज करवा दी है। गाँव में चोरी की इस वारदात से सभी लोग सहमे हुए है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे है।
एसीसी प्रबंधन वर्ग ठेका श्रमिक नियम व उन्मूलन अधिनियम 1970 का उलंघन करने के साथ साथ अपनी कम्पनी लफार्ज होलसियम के द्वारा बनाए गये स्वास्थ्य/सुरक्षा नियम तथा जॉब सेफ्टी एनैलाइजिज/सेफ औपरेटिंग प्रोसिजर का उल्लँघन कर रहा है। यह आरोप वुधवार को दी गागल सीमेन्ट काँटरैक्टर वर्कर यूनियन बरमाणा के अध्यक्ष शिवराम साँख्यान ने लगाते हुए कहा कि ठेकेदारोँ को विशेष कार्य के लिए केन्द्रीय श्रम विभाग की ओर से एसीसी की सिफारिश पर लाइसेंस प्रदान किये गए हैं और उसी आधार पर कम्पनी ने ठेकेदारों को वर्क ओडर इशू करते हैं परन्तु प्रबंधन वर्ग सभी कानून व नियमो पर ताक पर रख कर ठेका श्रमिकों को अलग अलग किसी भी प्रकार के जोखिम भरे कार्य पर टराँसफर करके ठेका श्रमिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है जोकि सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि पैकिंग व लोडिँग के लिए दो ठेकेदारो का 25-30 वर्षो से लाइसेंसी ठेका चल रहा है। परन्तु मैनेजमेंट कानून को ताक पर रखकर वहाँ पर अन्य कई ठेकेदारों के श्रमिकों को जिन्होंने कभी ये काम नहीं किया है और लाईसेंस और वर्क आर्डर भी दूसरे काम का है वहाँ पर ट्रांसफर कर रहा है। गैस्ट हाउस व कैंटीन के श्रमिक जो 25 वर्षोँ से कैटरिँग का कार्य उद्योग से बाहर करते थे उनसे पिछले लगभग एक वर्ष से उधोग का जोखिम भरा कार्य करवाया जा रहा है। अन्य ठेका श्रमिकों को भी ऐसे कई कार्य पर कानून व नियमों को ताक पर रख कर टराँसफर किए जा रहे है जबकि कम्पनी के सुरक्षा नियम अनुसार नए कार्य पर नियुक्त किए जा रहे श्रमिक को उस कार्य का कम से कम 4 साल का अनुभव होना जरुरी है। सुरक्षा नियम के उल्लंघन करने वाले श्रमिक की नौकरी तक जा सकती है। ये नियमों का उल्लंघन है जो बाद मे श्रमिक पर ही थोपा जाएगा। शिव राम संख्यान ने बताया कि एसीसी में ठेका श्रमिकों की संख्या कम हो गई है जिस कारण से प्रत्येक ठेका श्रमिक पर वर्क लोड बढ गया है तथा प्रबंधन वर्ग नयी भर्ती करने के बजाए श्रमिकों को कानून/नियमो को ताक पर रखकर उनका नेचर आफ जौब बदल कर जान जोखिम डाल रहा है और 1-1 मजदुर पर 3-3 मजदूरो का काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिव राम संख्यान से जिला प्रशासन से मांग की है कि वह मजदूरो की सुरक्षा वा कानून को ध्यान में रखते हुए खुद इस उद्योग में व्यवस्थाओ की जांच करे और इस संधर्भ में उचित कार्यवाही करे।
पूर्व प्रधान कोठीपुरा पंचायत रत्न लाल ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार, प्रशासन व कोठीपुरा पंचायत के प्रतिनिधियों की नाकामी की वजह से कोरोना के मामले उनकी पंचायत में आए दिन लगातार बढ़ते जा रहे है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बाहरी राज्यों के लोग शाम को गांव की दुकानों में एकत्रित हो जाते हैं जिससे वँहा पर संक्रमण फैलने की आशंका है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार बाहरी राज्यों के मजदूरों को क्वारंटाइन किए बिना ही काम पर लगा देते है। इस बारे में उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों व एसडीएम सदर से भी बातचीत की पर उनकी तरफ से भी कोई उपयुक्त जबाब नहीं मिल पाया। अगर प्रसााशन उनकी बात पर गौर फरमाता तो आज जिस तरह तेजी से मामले आ रहे है शायद न आते। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों पर भी सवालिया निशाना उठाते हुए कहा है कि उनको स्थानीय जनता की जान ओर माल की कोई परवाह नही है। रत्न लाल ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि संक्रमण से स्थानीय लोगो को बचाने के लिए उचित कार्यवाही अमल में लाए और बाहरी राज्यों से आ रहे मजदूरों को काम पर लगाने से पहले क्वारंटाइन किया जाए और जो ठेकेदार सरकार के आदेशों का पालन न करे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ में स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि निकट भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सके। अन्यथा ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा और उस आंदोलन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन व सरकार की होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि भारत जनसंख्या के आधार पर विश्व भर में दूसने नम्बर वाला बहुत बडा देश है इसी को मध्य नजर रखते हुए सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व जनसंख्य दिवस 2020 के तहत बिलासपुर जिले में कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या पखवाडा बनाया गया जिसमें पहला दम्पति संपर्क पखवाडा जो 27 जून से 10 जुलाई तक व दूसरा जनसंख्या स्थिरता पखवाडा 11 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि दम्पति संपर्क पखवाड़ा 27 जून से 10 जुलाई तक मनाया गया। इसके अन्तर्गत पात्र दम्पतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न तरीकों की जानकारी घर-घर जा कर स्वास्थ्य कर्मियों और आशा वर्कस द्वारा मौखिक, हैंडबिल बांटकर व बैनरों के माध्यम से दी गई और इच्छुक पात्र दम्पतियों ने इन तरीकों में से परिवार नियोजन के लिए अपनी इच्छानुसार स्थाई और अस्थाई तरीकों का चयन किया। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाडा मनाया गया। इसके अन्तर्गत पात्र दम्पतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न स्थाई और अस्थाई तरीकों जो उन्होंने दम्पति संपर्क पखवाडा के अंतर्गत में चुने है, उन इच्छुक पात्र दम्पतियों को उन चुने हुए तरीकों की सेवाएं सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने बताया कि इस पखवाडे में पूरे जिले में स्थाई तरीकों में 5 महिलाओं की नलबंदी की गई तथा अस्थाई तरीको में 3342 पुरुषों को 33425 निरोध वितरित गए। महिलाओं में ओ0पी0 1658 महिलाओं को, छाया 44 महिलाओं को ई.सी.पी 790 महिलाओं को, अन्तरा इन्जैक्शन 20 महिलाओं को लगाए गए तथा 231 महिलाओं को आई.यू.सी.डी व 76 महिलाओं को पी.पी.आई.यू.सी.डी (प्रसव के बाद) लगाई गई। उन्होंने आमजन को सन्देश देते हुए कहा कि “आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेवारी", “खुशहाल परिवार का मंतर-दो बच्चों में हो तीन साल का अन्तर”, “छोटा परिवार सुखी परिवार।"
नेरचौक मेडिकल काॅलेज में डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक पद पर सेवाएं देने के बाद डाॅ. एनके भारद्वाज ने बिलासपुर चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाल लिया है। यहां पर रिक्त चल रहे चिकित्सा अधीक्षक पद पर अपनी सेवाएं देने के लिए डाॅ. भारद्वाज बिलासपुर पहुंच गए है। इससे पहले डाॅ. भारद्वाज मंडी एमओएच, दीन दयाल उपाध्याय शिमला अस्पताल व हमीरपुर में अस्पताल में भी अपनी सेवांए दे चुके है। दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे डाॅ. भारद्वाज अब बिलासपुर में लोगों को अपनी सेवाएं देंगे। पत्रकारों से बात करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. भारद्वाज ने बताया कि शुरूआती दौर में उनकी पहली प्राथमिकता यह रहेगी कि दूर-दराज क्षेत्र से आने वाले लोगों को यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएं ताकि उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी के साथ उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बाॅयो बेस्ट के निष्पादन के लिए कुछ अहम निर्णय भी लिए जाएंगे। जिला अस्पताल में बाॅयो बेस्ट के निष्पादन के लिए बेहतर सुविधा नहीं है जिसके चलते जल्द ही इसके लिए एक खाका तैयार किया जा रहा हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि यहां पर काफी लंबे समय से जंग खा रहे सामान को भी साफ किया जाएगा। उनका कहना है कि यहां पर उन्होंने पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तो अधिकतर स्थानों में काफी लंबे समय से जंग खा रहे सामान भी है जिनको जल्द ही साफ किया जाएगा ताकि अस्पताल परिसर की सुंदरता बरकरार रहेे। उन्होंने बिलासपुर की समस्त जनता से आग्रह भी किया है कि कोविड-19 के समय में अस्पतालों में कम आए। अगर अधिक जरूरी है तभी अस्पताल पहुंचें। उन्होंने बताया कि अस्पताल में हर चिकित्सक को आदेश जारी किए गए हैं कि सोशल डिस्टेसिंग सहित पूरी एहतियात बरतने के बाद ही मरीजों की जांच की जाए। अगर कोई भी व्यक्ति संदिग्ध पाया जाता है तो तुंरत इसका कोविड टेस्ट किया जाए ताकि किसी भी तरह की कोई लापरवाही न बरती जा सके। गौरतलब है कि इससे पहले यहां पर डाॅ. राजेश आहलूवालिया चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनात थे लेकिन पिछले माह ही वह अपनी सेवाओं से पदमुक्त यानि सेवानिवत हो गए जिसके चलते अब यहां पर डाॅ. एनके भारद्वाज ने पदभार संभाल लिया है और यहां पर लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
बिलासपुर में सोमवार को राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ एवं हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की ओर से चलाए जा रहे सरकार जगाओ सप्ताह के तहत यहां पर जिला इकाई ने प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्र सिंह ठाकुर की अगुवाई में उपायुक्त राजेश्वर गोयल के माध्यम से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले अढाई वर्षो ने न तो कर्मचारियों की मांगों पर कोई चर्चा हुई और न ही जेसीसी की बैठक नही हो पाई है जबकि छह माह के अंतराल पर सरकार के जेसीसी की बैठक होना अनिवार्य है। प्रदेश एवं केंद्र सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये के कारण पूरे देश में गत 24 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक पूरे देश मेें सरकार जगाओ सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी देश के सामाजिक व आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं बल्कि कोविड जैसी वैश्विक महामारी के दौर में भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश व केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश में पंजाब का इंतजार किए बिना वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, अंधाधुंध निजीकरण की प्रथा को बंद करने, श्रमिक व कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापिस लेने, रदद श्रम कानूनों के पुन बहाल करने व कर्मचारियों तथा श्रमिकों को वेतन विसंगतियों को दूर कर उन्हे पूरा वेतन मिले। इस अवसर पर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ठाकुर, अतिरिक्त महासचिव विनोद भारद्धाज, जिला उप प्रधान रतन लाल ठाकुर, चमन शर्मा व अशोक कुमार सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी घुमारवीं युवा मोर्चा की तरफ से पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन बकरोंवा पंचायत के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में विशेष रुप से जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान घुमारवीं मंडल अध्यक्ष सुरेश ठाकुर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य स्वदेश ठाकुर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बृजलाल ठाकुर मंडल महासचिव राजेश शर्मा, स्थानीय पंचायत उप प्रधान प्रीतम सिंह चंदेल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पंकज चंदेल, जिला युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष कमल महाजन जिला युवा मोर्चा महासचिव दिनेश ठाकुर सहित दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 1000 पौधों का रोपण किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी कार्यकर्ताओं को प्रकृति मैं वृक्षों का महत्व के बारे में जिला अध्यक्ष स्वतंत्र संख्या द्वारा संदेश दिया गया वह प्रकृति में वृक्षों का होना कितना अनिवार्य है इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जानकारी मंडल भाजपा मीडिया प्रभारी महेंद्र पाल रतवान ने दी। रतवान ने कहा इस प्रकार के कार्यक्रम स्थानीय युवा मोर्चा मंडल स्तर के कार्यकर्ता पूरे विधानसभा क्षेत्र में आयोजित करेंगे। वह लोगों में वृक्षों का होना कितना अनिवार्य है इसके लिए संदेश देंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 5565 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 5334 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 73 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि 1 और पाॅजिटिव केस जिला में बाहर से आया हैं। उन्होंने बताया कि 121 सैंपल आज भेजे गए। 50 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं तथा 24 का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक लोग बाहर से अपने-अपने घरों को आ रहें हैं सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जो रैड जोन क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इंस्टीटूशनल क्वारंटाइन में रखा जा रहा है और 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है और नैगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारंटाईन में भेजा जा रहा है। उन्होंने होम क्वारंटाइन के बारे में दिशा निर्देश देते हुए बताया कि व्यक्ति को चाहिए कि वे हवादार एक कमरे में रहें जिसमें कि पृथक शौचालय साथ हो को प्राथमिकता दी गई है। अगर उसी कमरे में कोई दूसरा परिवार का सदस्य ठहरा हो तो वह आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य बनाए रखें। घर के भीतर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों व सह बीमारी वाले व्यक्ति दूर रहें। घर में केवल अपने कमरे तक ही सीमित रहें। किसी भी स्थिति में सामाजिक, धार्मिक, शादी व शोक मनाने इत्यादि जगहों पर न जाएं। उसे हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करना चाहिए अपने हाथों को हमेशा साबुन, पानी से अच्छी तरह धोएं या एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि घरेलू वस्तुओं जैसे गिलास, कप, खाना खाने के बर्तन तौलिया, बिस्तर इत्यादि को दूसरों के साथ सांझा न करें। हर समय मास्क पहने, मास्क को प्रत्येक 6 से 8 घण्टे में बदलें और उसका सही निपटारा करें। प्रयोग किए गए मास्क को पुनः उपयोग में न लाएं। मरीजों के द्वारा/देखभाल करने वाले/निकट संपर्क वाले लोगों द्वारा घर में देखभाल के दौरान प्रयोग किए गए मास्क का निपटारा ब्लीचिंग घोल 5 प्रतिशत या 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड घोल से विसंक्रमित करने के पश्चात उसे जला दे या गहरा दबा दें। प्रयोग किए गए मास्क पूरी तरह से संक्रमित हो जाते हैं। यदि खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हों तो उसे नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में सम्पर्क करें व 104 या 011-23978046 फोन पर करें। उन्होंने बताया कि घर पर संगरोध व्यक्ति की देखभाल परिवार के केवल एक ही सदस्य को करनी चाहिए। भीगी हुई चादर को हिलाने से बचें या चमडी को प्रत्यक्ष रुप में न छुएं। सफाई करते समय तथा भीगी हुई चादर को संभालती बार डिस्पोजल दस्तानों का प्रयोग जरुर करें। दस्तानों को उतारने के बाद हाथों को साफ करें। आंगतुकों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अगर संगरोध किया हुआ व्यक्ति लक्षण मय हो जाता तो सभी निकटतम संपर्कों को 14 दिन तक घर पर ही संगरोध किया जाए और उसके बाद अतिरिक्त 14 दिनों तक निगरानी में रखा जाए जब तक कि उसकी लैब रिपोर्ट नेगेटिव नहीं हो जाती। उन्होंने बताया कि वातावरण स्वच्छताः संगरोध किए हुए व्यक्ति के कमरे, बैड, मेज इत्यादि को 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल से विसंक्रमित करें। प्रतिदिन शौचालय को साफ करें तथा घरेलू बलीच घोल/फिनायल सेविसंक्रमित करें। कपडों व दूसरे वस्त्रों को अलग से साधारण डिटरजैंट से साफ करें व धूप में सुखाएं।
बिलासपुर पुलिस की एसआईयु टीम ने रविवार शाम को नशा तस्करों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए एक पिकअप जीप के चालक से भारी मात्रा में चरस बरामद की है। नशे का गोरख धंधा करने वाले व्यापारियों पर नकेल कसते हुए एसआईयु टीम को रविवार को गंभरपुल के पास यह बड़ी सफलता मिली। एसआईयु टीम प्रभारी सुरेन्द्र कुमार, आरक्षी बाबू राम व प्रदीप कुमार की इस टीम ने इस बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसआईयु टीम रविवार शाम को इस क्षेत्र पर गश्त पर थी। इस दौरान इस टीम ने गंभर पुल के पास भेडली नामक जगह पर नाका लगाया तथा हर आने जाने वाले वाहन की चेकिंग कर रहे थे इस दौरान एक छडोल की तरफ से पिकअप जीप नंबर एचपी 66 ए 1478 आई। एसआईयु टीम ने इस जीप को चेकिंग के लिए रोका और जब जीप की बॉडी चेक की तो देखा यह जीप पूरी तरह से खाली थी जिस पर एसआईयु टीम को इस पर शक हुआ और उन्होंने जीप चालक से खाली जाने का कारण पूछा तो जीप चालक घबरा गया और सही ज़वाब नही दे पाया जिस पर एसआईयु टीम को इस जीप चालक पर शक हुआ। जीप की तलाशी के दौरान एसआईयु टीम को चालक की सीट के पीछे रखे एक बैग पर पड़ी जब जीप चालक से इस बैग के बारे में पूछा गया तो वह घबरा गया और कोई जवाब नही दे पाया जिसके बाद एसआईयु टीम ने इस बैग को जब खोल कर चेक किया तो इसमें से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। जब एसआईयु टीम ने इस चरस का वजन किया तो यह 2 किलो 506 ग्राम निकली। एसआईयु टीम ने चरस व जीप को अपने कब्जे में लेकर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक की शिनाख्त राम लाल पुत्र सेस राम उम्र 43 वर्ष गाँव दसमेड डा सुचेहण तहसील सैंज जिला कुल्लू के रूप में हुई है। एसआईयु की टीम ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गौर तलब है कि एसआईयु की यह टीम लगातार नशा तश्करो को पक्कड़ रही है और आज तक काफी लोगो को नशे के साथ गिरफ्तार कर चुकी है।
एसीसी भारतीय मजदूर संघ के ठेकेदार मजदूरों ने बीएमएस की असन्तुष्ट व मजदूर विरोधी कार्यप्रणाली से रुष्ट होकर कार्यकारिणी आध्यक्ष शिव राम सांख्यान की अध्यक्षता में बरमाणा पंजीकृत संख्या 997 के तहत बरमाणा, लघट में आम सभा कर रविवार को एक नए मजदूर संगठन का गठन किया गया। इस सभा में एसीसी ठेकेदार बीएमएस के लगभग 95 प्रतिशत मजदूरों ने संघ से किनारा कर नए संगठन से जुड़े। नई यूनियन का नाम "दी गगल सीमेंट कांट्रेक्टर्स वर्कर्स यूनियन" रखा गया। एसीसी ठेकेदार मजदूरों की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर प्रतिलपियां भारत सरकार व श्रम मंत्रालय को भी भेज दी गई है। कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से शिवराम सांख्यान को अध्यक्ष के पद के लिए चुना गया। वहीँ पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवी राम ठाकुर, उपाध्यक्ष रत्न लाल, बलदेव सिंह, देवेंद्र कुमार, राजेन्द्र कुमार, और महासचिव बाबूराम सांख्यान, राजेन्द्र कुमार, कार्यालय सचिव नेकराम, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार, सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, प्रेस सचिव बलदेव सिंह चंदेल, सलाहकार बाबूराम, संगठन मंत्री झूलन सिंह, सह संगठन मंत्री राम लाल को चुना गया। प्रेस सचिव बलदेवसिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकारिणी के गठन के बाद एसीसी सयंत्र निदेशक को एक कॉपी सौंप दी गई है जिसके साथ सलग्न कर मजदूरों की मांगों को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा गया है।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ खंड घुमारवीं के प्रधान सुरेश चन्देल के नेतृत्व में राज्य कर्मचारी महासंघ के आहवान पर उपमंडलाधिकारी घुमारवीं शशी पाल शर्मा के माध्यम से सरकार को सरकार जगाओ अभियान के अंतर्गत ज्ञापन दिया गया। खंड प्रधान सुरेश चन्देल ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि वेतन आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, फ्रिज डी ए बहाल करना, सयुंक्त सलाहकार समिति की बैठक सरकार तुरन्त बुलाए, निजीकरण और ठेका प्रणाली बन्द करे, कर्मचारी और श्रमिक विरोधी नीतियां सरकार बापिस ले, कर्मचारियों और श्रमिकों की वेतन विसंगतियां दूर करे और पूरा बेतन दे। चन्देल ने बताया कि यह मांगे उपमंडलधिकारी घुमारवीं के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। इस अवसर पर खंड महासचिव रंगीला राम ठाकुर, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश गौतम, उपप्रधान संजीव शर्मा, संगठन सचिव नीरज कुमार, कपिल देव, ओमी कुमार, जगदीश चंद, मनोज कुमार, सोहन सिंह उपस्थित थे।
कोरोना काल में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना जरूरी है, ताकि इस जानलेवा वायरस से आसानी से लड़ा जा सके। इसके लिए सुबह की सैर व व्यायाम के साथ योग, प्राणायाम भी जरूरी है। ऐसे में जिस स्थान पर इस प्रकार की क्रियाओं को किया जाता है, वहां पर स्वच्छ एवं स्वस्थ माहौल का होना भी जरूरी है। यह आषय को लेकर रविवार को पीजी कालेज के हाॅकी खेल मैदान के इर्दगिर्द उगी अवांछित झाड़ियों को उखाड़ने का संकल्प लेकर युवाओं ने सफाई अभियान सीनियर खिलाड़ी विकास टेस्सू की अगवाई में किया। विकास ने बताया कि अभी बरसात का मौसम भी आरंभ हो चुका है तथा ऐसे में मैदान के चारों ओर उगी झाड़ियों को नष्ट किया जाना आवश्यक है ताकि कोई सांप, बिच्छु आदि न आ सके। उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ झाड़ियों को काटा गया। उन्होंने बताया कि पीजी कालेज हाॅकी के इस मैदान में अधिकांश लोग सुबह और शाम की सैर के लिए अपने परिवार के साथ आते हैं। ऐसे में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए मैदान में स्वच्छता का होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीजी कालेज के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता डा.परवेश शर्मा मौंटी के कुशल मार्गदर्शन में हर साल इस अभियान को चलाया जाता है ताकि यह मैदान सुंदर और सुरक्षित रह सके। उन्होंने बताया कि डा.परवेश शर्मा उन्हें जरूरत का सामान उपलब्ध करवाते हैं और सारा काम सहजता से हो जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अधिकांश लोग सड़कों या गलियों में घूमते नजर आते हैं लेकिन मैदान सबसे सुरक्षित स्थान होता है। उन्होंने कहा कि नगर के उत्साही युवा भी अपनी फिजिकल फिटनेस के लिए मैदान में आते हैं जो कि बहुत अच्छी बात है। विकास टेस्सू ने कहा कि मैदान यदि स्वच्छ होते हैं तो सुबह-सुबह मैदान की सुंदरता को निहार कर पूरा दिन बेहतर गुजरता है। वहीं खेल प्रेमी रितेष कुमार, विषाल सागर, राहुल दबड़ा, गौरव शर्मा और विकास शर्मा ने बताया कि बरसात से पूर्व दो तीन बार हाॅकी मैदान में स्वच्छता अभियान छेड़ा जाता है ताकि मैदान में किसी प्रकार की गंदगी न फैले और माहौल खुशनुमा बना रहे। उन्होंने बताया कि रविवार को इस श्रमदान में शुभम राही, धीरज कुमार, अंशुल चंदेल, कपिल जायसवाल, मोहम्मद साहिल, सिद्धार्थ गरेवाल, अभिशेक सांख्यान, अभिषेक डोगरा, रजत पटियाल जट्ट, ओम ठाकुर, मोक्ष, जितेंद्र, राजेष कुमार, अरूण ठाकुर, आयुश चोपड़ा, नईम मोहम्मद आदि ने अहम भूमिका निभाई।
बिलासपुर के अध्यात्मिक स्थल हनुमान टीला में निर्मित की गई महर्षि व्यास की 31 फीट उंची विशालकाय प्रतिमा का अनावरण शीघ्र किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए काला बाबा के परम शिष्य व मेंबर ट्रस्ट संजीव शर्मा उर्फ पप्पा ने बताया बाबा कल्याण दास की हार्दिक इच्छा थी कि महर्षि व्यास की प्रतिमा हनुमान टीला में स्थापित की जाए क्योंकि बिलासपुर महर्षि व्यास की तपोस्थली रही है। इसका निर्माण सुप्रसिद्ध चित्रकार व मूर्तिकार विजयराज उपाध्याय द्वारा किया जा रहा है और श्रीश्री 1008 बाबा कल्याण दास चैरिटेबल ट्रस्ट इसे बनवा रहा है। इन दिनों विशालकाय प्रतिमा के रंग रोगन का कार्य चला है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के चेयरमैन पूर्व मंत्री व श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक ठाकुर रामलाल के प्रयासों से यह सब कुछ संभव हो पाया हैे। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि शीघ्र ही हनुमान टीला में श्री श्री 1008 बाबा कल्याण दास की भी एक विशाल 31 फीट की प्रतिमा का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संजीव शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट के चेयरमैन ठाकुर रामलाल के कार्यकाल में बाबा कल्याण दास ट्रस्ट नित नए आयाम स्थापित कर रहा है और ट्रस्ट कई नए कार्यों को अंजाम भी दे चुका है। उन्हीं के प्रयासों के चलते वृंदावन स्थित आश्रम की दूसरी मंजिल का कार्य भी पूर्ण करवाया जा चुका है जिसे संत राधिका दास ने दिन रात मेहनत कर पूर्ण करवाया । महर्षि व्यास की 31 फीट उंची विशालकाय प्रतिमा के रंग रोगन का जिम्मा ट्रस्ट के सचिव एडवोकेट ज्ञानचंद रतन ने संभाला हुआ है जिसका कार्य दिन रात चला हुआ। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के चेयरमैन ठाकुर रामलाल के अथक प्रयासों से ही भुंतर आश्रम को बाबा कल्याण दास ट्रस्ट के नाम करवाया जा सका है जो कि मणिकरण रोड पर स्थित है । इसी के साथ देसूजोधा में स्थित 25 बीघा भूमि व राधा कृष्ण मंदिर को भी ट्रस्ट के नाम करवाना चेयरमैन के ही प्रयासों का फल है, यही नहीं उनके प्रयत्नो से ही इनकम टैक्स में रुका हुआ पैसा वापस मिल सका है। चेयरमैन रामलाल ठाकुर के प्रयत्नों से हुए कार्यों से बाबाजी के हजारों शिष्यों में ट्रस्ट के प्रति विश्वास बना है । यही कारण है कि शिष्य दिन रात ट्रस्ट की उन्नति के लिए तन मन धन से लगे हुए हैं । उन्होंने बताया कि शीघ्र ही विशाल मूर्ति को आम जनता के दृश्य अवलोकन के लिए खोला जाएगा ताकि आम जनता विशालकाय मूर्ति की खूबसूरती के दर्शन कर सकें।
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जिला बिलासपुर के सभी मंडलों के प्रभारियो की घोषणा कर दी है। इस बारे में जानकारी देते हुए भाजयुमो के जिला मिडिया प्रभारी नीरज कतना ने बताया कि भाजयुमो के जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा ने इस बारे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व भाजपा के ज़िला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान व जिला के नेतृत्व से विचार विमर्श करने के बाद इन प्रभारियो के नाम की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिला में 5 संगठनात्मक मंडल है और इन सभी मंडलों में मंडल प्रभारी की घोषणा कर दी गई है जिसके तहत बिलासपुर सदर से दिनेश ठाकुर, घुमारवीं से मनोज चंदेल, झंडूता से पवन ठाकुर, श्री नैनादेवी जी उप्पर से मनोज ठाकुर , श्री नैनादेवी जी लोअर से रोहित ठाकुर को मंडल प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये सभी प्रभारी तुंरत प्रभाव से इन मंडलो में पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों को करवाने में अपनी भागेदारी सुनिश्चित करेंगे तथा पार्टी द्वारा तय पौधरोपण के महाअभियान को सफल बनाने व अपने अपने मंडल में 1000 पौधे लगाने व पार्टी के अन्य कार्यकर्मो को सफल बनाने में अपनी भूमिका तय करें।
विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि घुमारवीं से शाहतलाई वाया बरठीं सड़क को एम डी आर के अंतर्गत स्वीकृति करवाई गई है। उन्होंने ग्राम पंचायत सुंहाणी, सुंहाणी, ठूहक, मन्नण, बरड़ में लोगों की समस्याओं को सुना अधिकांश समस्याओं को मौके पर हल किया गया। उन्होंने समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश विभिन्न विभागों अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विधान सभा क्षेत्र झंडूता को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए अनेकों विकासात्मक कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि विकास के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है ।उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र झंडूता में सड़कों के लिए राशि स्वीकृत करवाई जा रही है। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि 2 करोड़ 39 लाख रुपये से सुंहाणी से डून सड़क की अपग्रेडेशन के लिए स्वीकृति करवाये। इस सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस सड़क में नालियों, पुलियां, सड़क को चैड़ा व पक्का करने का कार्य प्रगति पर है। सुंहाणी बाजार से श्मशान घाट सड़क पर नालियां, पुलियों सड़क को पक्का करने की प्रशानिक स्वीकृति ली जा रही है। री रडोह पुल के लिए लगभग 7 करोड़ रु की स्वीकृति करवाई। इस पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र किया जाएगा। सुंहाणी से डूहक वाया मोरथला सड़क का काम शीघ्र ही शुरू करवाया जायेगा। उन्होंने ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र झंडूता को जल जीवन मिशन के तहत निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से पेयजल की समस्या के समाधान में सहायता मिलेगी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र झंडूता में हर घर मे नल से माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 22 करोड़ 50 लाख रुपये से जल शक्ति विभाग के अनुभाग बरठीं की पेयजल योजनाओं तथा 4 करोड़ 71 लाख रुपये से उठाऊ पेयजल योजना बरठीं सरगल भाबा कोटला का सम्बर्धन किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक ने गांव डूहक में पेयजल की समस्या को हल करने के लिए पुरानी पेयजल की पाईपों को बदलने के लिए जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए तथा डूहक गांव में 2 लाख 50 हजार रुपये से शेड बनाने की घोषणा की। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह चन्देल, ग्राम पंचायत प्रधान कुसम लता, पूर्व बी डी सी वाइस चेयरमैन मंगल ठाकुर, एस डी ओ लोक निर्माण विभाग सुरजीत सिंह कैंथ, बी डी सी सदस्य पृथ्वी सिंह उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत बागी बनोला और धार टटोह के गांव सोलग में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक सुभाष ठाकुर ने पौधा रोपण किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के जीवन चक्र को संतुलित बनाए रखने में पेड़ पौधो का अमुल्य योगदान होता है। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि अधिक से अधिक पौधे लगाए और दूसरे लोगों को भी पौधे लगाने के लिए पे्ररित करें। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों को रोपित करने तक ही सीमित न रहें अपितु उनका संरक्षण बच्चों की तरह करें ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि लोग वनों की महत्ता के बारे में जागरूक हों ताकि अधिक से अधिक पौधा रोपण कर वन क्षेत्र कर बढ़ाकर स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण बनाया जा सके। उन्होंने लोगों से आहवान करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ों को अवैध कटान न करें और कहा कि जब भी परिवार में कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसकी खुशी में एक पौधा अवश्य लगाए, भविष्य में वहीं पौधा खाया भी देगा और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदूषित पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को सकारात्मक सोच पैदा करनी होगी और ग्रामीण स्तर तक लोगों को पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए और वनों का संरक्षण करने के लिए आगे आना होगा। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बिनोला और धार टटोह के गाँव सोलग में आमला भेड़ा, लीची, पपीता, करयाला, अमरूद, खैर और अन्य प्रकार के फलदार पौधे लगाए। युवा मोर्चा अध्यक्ष विनोद ठाकुर ने बताया कि पूरे चुनाव क्षेत्र में 2000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारतीय संस्कृति में पेड़ पौधों को देव तुल्य माना गया है इसलिए हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि वातावरण शुद्ध रहे। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, सदर मंडल के अध्यक्ष हँसराज ठाकुर, युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश ठाकुर, पंचायत उप प्रधान संजीव डोगरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक शर्मा, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रोहित ठाकुर जिला सचिव रविंदर चैधरी, मंडल महामंत्री सोनू ठाकुर, मंडल सचिव पंकज विपिन, सदर आईटी संयोजक विनीत सह संयोजक परमिंदर, संगम, रघुवीर सिंह, रवि कांत, प्रवीण, राजेश, प्रीतम, पंकज, अरुण, अजय विक्रम, सनी उपस्थित रहे।
आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी बिलासपुर ब्रांच के निवेशकों का एक प्रतिनिधि मण्डल हिमाचल प्रदेश एस.सी.वैल्फेयर बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य दिनेश कुमार की अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर से मिला तथा उनके कार्यालय के माध्यम से केन्द्रीय को-आर्पोरेट एवं वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि हिमाचल में आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी की तकरीबन 20 ब्रांचें काम कर रही थीं तथा जिला बिलासपुर की ब्रांच में करीब 10 हजार लोगों का करोड़ों रूपयों का निवेश एडवाईजरों के माध्यम से करवा रखा था। ज्ञापन में कहा गयया है कि संस्था दिसम्बर 2018 तक सुचारू रूप से कार्य कर रही थी पिछले 20 वर्षाें से ऐसा कभी नहीं हुआ कि संस्था द्वारा पूर्ण अवधि दावों का भुगतान समय पर न किया गया हो। संस्था में लिक्विडेटर हटाकर प्रशासक या नवीन बोर्ड की नियुक्ति कर निवेशकों का भुगतान करवाने की गुहार लगाई। सभी आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी के एडवाईजर व कर्मचारियों ने संस्था को पूर्ण रूप से चालू कर निवेशकों की राशि का जल्द से जल्द भुगतान करवाने की गुहार लगाई। संस्था में अधिकतम गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की राशि का निवेश है व इस समय सभी बहुत परेशानियों से गुजर रहे हैं व इस समय बहुत से लोगों के निवेश की राशि का भुगतान न होने के कारण अपना जीवनकाल समाप्त करने का प्रयास भी कर चुके हैं क्योंकि बहुत से लोगों ने अपने जीवनकाल की बची जमापूंजी का पैसा इसी संस्था में लगा दिया था जिससे उन्हें प्रति महीना पैंशन भी मिलती थी। आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी के एडवाईजर व कर्मचारियों ने संस्था पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त कर संस्था को पूर्व की भांति सेवा और संचालन की अनुमति प्रदान करने की भी मांग रखी। इस मौके पर आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी बिलासपुर के एडवाईजर देवेन्द्र सिंह, परवेज, सुन्दर राम सहगल, शौकत अली, आशा पुण्डीर, रीना, युद्धवीर सिंह, शैलजा गौतम, खेमराज, राकेश कुमार, देवराज बंसल, व कर्मचारी विक्रान्त वर्मा सहित अन्य 81 लोग मौजूद थे।
बिलासपुर के युवा गायक मनोहर दरोच का बुधवार 29 जुलाई को एक गीत "बेडिया रे ठेकेदारा" लांच होने जा रहा है । इस गीत के माध्यम से मनोहर दरोच ने बिलासपुर में बने भाखड़ा डैम के दर्द को बयाँ किया है। "बेडिया रे ठेकेदारा" बिलासपुर जिले का एक सुप्रसिद्ध लोकगीत है। ये लोकगीत हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के भाखड़ा विस्थापितों के दर्द को बयां करता है। इस लोकगीत को बहुत सारे गायकों ने अपनी अपनी आवाज़ में हर एक बड़े मंच पर गाया है। करीब दो साल पहले मनोहर दरोच ने इस गाने की रिकार्डिंग की अब जाकर इस गाने का विडियो तैयार हुआ। इस गीत की वीडियो रिकॉर्डिंग बिलासपुर के मशहूर गोविंदसागर झील लुहनु के सांडू मैदान इत्यादि महमोहक जगह पर शूट किया गया है। इस गाने को अजय भट्ट द्वारा म्युजिक दिया गया है वहीँ इस गीत का निर्देशन जितेंद्र भाटिया द्वारा किया गया। मनोहर दरोच ने बताया कि बुधवार 29 जुलाई को यह गीत श्रुति सिनेमा यूट्यूब चैनल पर लांच होगा। गौरतलब है कि “9 अगस्त 1961 को जब भाखड़ा बांध में पानी भरना शुरू हुआ और विशाल गोबिंद सागर झील बनी उस समय पूरे बिलासपुर की आंखों में आंसू थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस प्रॉजेक्ट को आधुनिक भारत का मंदिर करार दिया था। मगर दूसरी तरफ लोग दुखी थे, जिन्होंने अपना घर, खेत, मंदिर, मैदान इत्यादि सबकुछ डूबते हुए देखा। लोग खुद को दिलासा दे रहे थे। सब अपना सामान उठाकर नए आशियाने की तलाश में निकल गए। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने विस्थापित लोगों को बसाने और सभी सुविधाएं देने का विश्वास दिलाया। कुछ लोगों को हरियाणा के हिसार, सिरसा और फतेहगढ़ में जमीन दी गई। लोगों को मजबूरी में अपनी बसी-बसाई दुनिया छोड़कर दूसरी जगह जाकर बसना पड़ा। देश के लिए बिलासपुर के लोगों ने यह बड़ी कुर्बानी दी है। लगभग 350 गांवों के 52 हजार लोगों को विस्थापित किया गया था। इनमें से कुछ तो हरियाणा चले गए तो कुछ हिमाचल में अन्य जगहों पर बस गए। इन सब विस्थपितो के दर्द को इस गीत में व्यक्त किया गया है। इससे पूर्व मनोहर दरोच के "लिखे जो खत तुझे" कवर सोंग, "चल भक्ता" माता रानी का भजन, "भोले नाथ" शिव भजन मार्किट में आ चुके है जिन्हें लोगो ने खूब पसंद किया है। मनोहर दरोच का मानना है कि जिस तरह से लोगो ने उनके गीतों को अपना प्यार दिया है उसी तरह से वह सब इस गीत को भी अपना प्यार देंगे।
घुमारवीं प्रशासन ने गांव करंगोड़ा निवासी एक चालक को होम क्वारंटाइन किया गया है। जानकारी के अनुसार इस चालक ने अपनी टैक्सी के माध्यम 17 जुलाई को बाहरी राज्य से आए हुए एक व्यक्ति को जिला हमीरपुर के एक गांव में छोड़ा था। उस व्यक्ति की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के उपरांत उस व्यक्ति की ट्रैवल हिस्ट्री जानी गई। पॉजिटिव आए व्यक्ति ने बताया कि घुमारवीं से वह टैक्सी के माध्यम से अपने गांव पहुंचा था। इस रिपोर्ट के आधार पर घुमारवीं प्रशासन ने उक्त चालक को होम क्वारंटाइन कर दिया है। एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने बताया कि इस व्यक्ति का सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा।
कारगिल युद्ध में चार परमवीर चक्र हमारे जवानों को दिए गए थे जिनमें से दो को मरणोपरांत यह सम्मान मिला था लेकिन बिलासपुर हिमाचल के संजय कुमार और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के योगेंद्र सिंह यादव को जीवित यह सम्मान मिला था। संजय कुमार को बिलासपुर की आन बान और शान कहा जा सकता है। इसके अलावा कारगिल युद्ध के जिन अन्य दो जांबाजों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया उनमें कैप्टन मनोज कुमार पांडे व कैप्टन विक्रम बत्रा शामिल हैं। सबसे पहले हम चर्चा करेंगे परमवीर चक्र विजेता सूबेदार संजय कुमार की। संजय कुमार कारगिल युद्ध में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार संजय कुमार आज भी वह मंजर याद करते हैं तो उनका खून खौल जाता है। वर्तमान में देहरादून अकादमी में तैनात सूबेदार संजय कुमार कारगिल युद्ध के समय राइफलमैन थे। 4 और 5 जुलाई 1999 के दौरान उन्होंने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। कारगिल युद्ध के दौरान एरिया फ्लैट टॉप पर कब्जा करने में संजय कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजय कुमार का जन्म 3 मार्च 1976 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में हुआ था। संजय कुमार की तैनाती कारगिल में मास्को वैल्यूप्वाइंट पर थी। यहां दुश्मन ऊपर से लगातार हमले कर रहा था। संजय ने अपने 11 साथियों में से दो को गंवा दिया था जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस परिस्थिति में भी संजय ने दुश्मनों का कड़ा मुकाबला किया और एक समय ऐसा भी आया जब उनके राइफल की गोलियां खत्म हो गई। तीन गोली लगने के बावजूद संजय कुमार ने अपने मिशन में कामयाबी हासिल की। उन्होंने आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन दुश्मन सैनिकों को भी मार गिराया। उनके बहादुरी को सलाम करते हुए उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता पदक परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। योगेन्द्र सिंह यादव ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को कारगिल युद्ध के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस के लिए उच्चतम भारतीय सैन्य सम्मान परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव कारगिल युद्ध के दौरान जूनियर कमीशनन्ड ऑफिसर (JCO) थे। वर्तमान में वह सूबेदार मेजर हैं। ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को 19 साल की उम्र में परमवीर चक्र प्राप्त हुआ। योगेन्द्र सिंह यादव सबसे कम उम्र के सैनिक हैं जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ। योगेंद्र सिंह यादव का जन्म 10 मई 1980 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के सिकंद्राबाद के औरंगाबाद अहीर गाँव में हुआ था। उनके पिता करण सिंह यादव ने 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में भाग लेते हुए कुमाऊं रेजीमेंट में सेवा की थी। यादव 16 की आयु में भारतीय सेना में शामिल हुए। कैप्टन मनोज कुमार पांडे कैप्टन मनोज कुमार पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रुधा गांव में 25 जून 1975 को हुआ था। बचपन से ही पांडे में देश सेवा का जुनून सवार था। यही कारण था कि उन्होंने भारतीय सेना को चुना। 1997 में मनोज कुमार पांडे गोरखा राइफल्स का हिस्सा बने। उन्हें पहाड़ों पर चढ़ने और घात लगाकर दुश्मनों पर हमला करने में महारत हासिल थी। यही कारण था कि सियाचिन में तैनाती होने के बावजूद भी उन्हें कारगिल युद्ध के समय बुला लिया गया। मनोज कुमार ने अपनी बटालियन का नेतृत्व करते हुए 2 महीने में ही कुकरथांग और जबूरटॉप जैसी चोटियों को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त करा लिया। इसके बाद उन्हें खोलाबार पर कब्जा करने की जिम्मेदारी दी गई। यह काम सबसे मुश्किल माना जा रहा था। खोलाबार की ओर बढ़ते हुए उन्हें पाकिस्तानी सेना के गोलियों का सामना करना पड़ा। घायल होने के बावजूद भी उन्होंने पाक सेना का 4 बंकर खत्म कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने दुश्मन सेना के कई जवानों को मौत के घाट भी उतार दिया। इस परिस्थिति में भी उन्होंने अपने साथियों को कवर दी। वह 3 जुलाई 1999 को शहीद हो गए। उनके बहादुरी को सलाम करते हुए मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता पदक परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। कैप्टन विक्रम बत्रा हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले के घुग्गर में 9 सितंबर 1974 को कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म हुआ था। 6 दिसंबर 1997 को कैप्टन बत्रा जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 13वीं बटालियन में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए। दो साल बाद ही उन्हें प्रमोट कर कैप्टन रैंक दी गई। कैप्टन विक्रम बत्रा कारिगल के हीरो माने जाते हैं। कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल युद्ध में पांच सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट जीतने में अहम रोल निभाया था। पाकिस्तानी घुसपैठिये टाइगर हिल पर कब्जा करके बैठे थे और नीचे भारतीय सेना पर लगातार फायरिंग कर रहे थे ऐसे में योजना बनाई गई टाइगर हिल पर चढ़ने की। पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए पांच इंपॉर्टेंट पॉइंट को जीतना बेहत जरूरी था। कैप्टन विक्रम बत्रा ने हर पॉइंट जीतने में मदद दी। कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा अपने एक साथी को बचाते-बचाते शहीद हो गये। कहते है कि दुश्मनों की गोलीबारी के दौरान उन्होंने अपने साथी से अंतिम शब्दों में यह कहा था कि 'तुम हट जाओ। तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं।’ कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा से जुड़े एक वाकये को उनके साथी ने शेयर करते हुए कहा कि जब भी बत्रा गोलियों से दुश्मनों को भून देते थे तो वह कहते 'ये दिल मांगे मोर'। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान वीरता के लिए भारत का सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मरणोपरांत परमवीर चक्र से उन्हें सम्मानित किया गया था।
विधायक जीत राम कटवाल ने ग्राम पंचायत बड़गांव गल्लू के गांव बड़गांव बार्ड 5, दमेडा वार्ड 3, पंचायत घर बड़गांव में लोगों की समस्याओं को सुना अधिकांश समस्याओं को मौके पर हल किया गया। उन्होंने समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र झंडूता में सड़क, बिजली और पानी को प्राथमिकता के अधार पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली की कम वोल्टेज की समस्या हल करने के लिए लगभग 6 करोड़ 25 लाख रुपये से 33 के वी का सबस्टेशन कोटधार की ग्राम पंचायत कोसरिया के गांव कुट बंगड में लगाया जाएगा। कोटधार क्षेत्र में बिजली की कम वोल्टेज की समस्या को हल करने के लिए विभिन्न स्थानों पर 15 नये बिजली के ट्रांसफार्मर लगाए गए। इस कार्य पर एक करोड़ 35 लाख 54 हजार रुपये खर्च किए गए। पुराने 6 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई ताकि कम वोल्टेज की समस्या का हल हो सके। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 6 बिजली के ट्रांसफॉर्मर शीघ्र ही लगाये जायेंगे और पुराने ट्रांफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस वर्ष कोटधार क्षेत्र में लकड़ी के सभी खम्बों को बदला जाएगा तथा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना तथा उज्वला योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र झंडूता में 7354 मुफ्त गैस कनेक्शन वितरित किये जा चुके है। हिमाचल प्रदेश ऐसा पहला राज्य होगा जिसमे हर घर मे गैस कनेक्शन होगा। विधानसभा क्षेत्र झंडूता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रत्येक किसान को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि कोटधार क्षेत्र में लगभग 55 करोड़ रुपये विभिन्न पेयजल योजनाओ पर खर्च किये जा रहे है। बड़गांव में पेयजल समस्या को हल करने के लिए जय श्री देवी में नया पेयजल भण्डारण बनाने के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह चन्देल, सहायक विकास आयुक्त एव खण्ड विकास अधिकारी धर्मपाल, तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत, एस डी ओ विद्युत राजेश खरयाल, एस डी ओ लोक निर्माण विभाग सचिन नड्डा, एस डी ओ जल शक्ति विभाग रत्न देव, ग्राम पंचायत प्रधान कमला देवी, इंस्पेक्टर फूड एंड सिविल सप्लाई अमित, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर प्रतिभा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, की वर्ष 2020-21 की पहली जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अशोक कुमार गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी बिलासपुर, प्यारे लाल, जिला रोजगार अधिकारी, राकेश कुमार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर, आर० के० गौतम, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बिलासपुर, हंस राज ए०सी० (एफ और ए) उपायुक्त कार्यालय, प्रोमिला शर्मा, महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, मनोज प्रबन्धक और राज कुमार, डी.ई.ओ. ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न प्रकार की कुल 45 परियोजनांए समिति के समक्ष रखी गई, जिनकी कुल लागत 11.97 करोड तथा अनुदान राशि 2.74 करोड़ रूपये प्रस्तावित थी, जिनका अध्ययन व समीक्षा करने के बाद समिति ने 44 परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया। बैठक में इन 44 परियोजनाओं में लगभग 11.72 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इन ईकाइयों में लगभग 200 लोगों को रोजगार उपलब्ध होना प्रस्तावित है। इन सब इकाईयों को स्थापित होने के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से 2.68 करोड़ की सपसीडी दी जाएगी। महाप्रबन्धक प्रोमिला शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 27 औद्योगिक ईकाइयों को 1.04 करोड़ रूपये की अनुदान राशि आबंटित की जा चुकी है तथा पिछले वर्षो में 44 ईकाइयों को 1.59 करोड़ रू० की अनुदान राशि दी गई। वित वर्ष 2020-21 में 6 और औद्योगिक ईकाइयां स्थापित हो चुकी है, जिन्हे अनुमोदन के लिए अध्यक्ष के समक्ष रखा गया व अध्यक्ष महोदय ने इन सबको अनुमोदित किया। इन 6 ईकाइयों को 26.22 लाख रूपये की अनुदान राशि दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष बिलासपुर जिला को कुल 250 ईकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है तथा 6.17 करोड़ की राशि आबंटित है, उन्होने बैंको को कहा कि अपने स्तर पर सभी शाखाएं दो-दो ऋण प्रकरण चुनें तथा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में आवेदन करवाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिपेक्षय में सरकारी नौकरी पाना सरल नहीं है, अतः आई०टी०आई० डिप्लोमा धारक व अन्य बेरोजगार युवा इस योजना का लाभ उठा के अपना उद्योग व व्यवसाय शुरू कर सकते हैं जिससे न केवल वे स्वयं स्वावलम्बी बनेेंगे बल्कि अन्य 3-4 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की आगामी बैठक अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी व इच्छुक प्रार्थी विभाग की वैब साईट- www.emerginghimachal.hp.gov.in पर आनलाईन आवेदन दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, बिलासपुर - 8988067787, प्रसार अधिकारी (उद्योग) झण्डूता/सदर- 7018880421, प्रसार अधिकारी (उद्योग) घुमारवी/श्री नैना देवी जी - 9817690041 से भी सम्पर्क कर सकते है।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला बिलासपुर के प्रधान इंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 21 जुलाई को वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से राज्य प्रधान एन आर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विपन डोगरा, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महासचिव मंगत राम नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला के कर्मचारियों ने भाग लिया। इंद्र ठाकुर ने बताया कि इस बैठक में जो निर्णय लिया गया कि 24 जुलाई से 30 जुलाई तक सरकार जगाओ अभियान चलाया जाएगा इसका जिला बिलासपुर कार्यकारणी ने समर्थन किया। जिला प्रधान इंद्र ठाकुर ने बताया कि बहुत दुख की बात है कि सरकार के बने हुए ढाई साल होने पर भी सरकार ने कर्मचारियों की मांगो और समस्याओं के बारे में एक भी सँयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नही की जो कि एक कर्मचारियों के लिए दुर्भगय की बात है। ठाकुर ने बताया कि जिला बिलासपुर 24 जुलाई से 30 जुलाई तक राज्य कार्यकारणी के दिशा निर्देशानुसार कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगा ताकि सरकार जाग जाए। ठाकुर ने बताया कि 24 जुलाई को आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील वर्कर व 108 एम्बुलेंस कर्मचारी, 25 जुलाई को बिजली बोर्ड, परिवहन कर्मचारी, 26 जुलाई को बोर्डो के कामगार, 27 जुलाई को सरकारी कर्मचारी, 28 जुलाई को बैंक और बीमा कर्मचारी, 29 जुलाई को असंगठित क्षेत्रो के श्रमिक,और 30 जुलाई को निजी क्षेत्रों के कर्मचारी और मजदूर सरकार को ज्ञापन सौंपेगे। ठाकुर ने कहा कि 27 जुलाई को जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ उपायुक्त महोदय और खंड स्तर की सभी कार्यकारिणी उपमंडल अधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजेगे ताकि सरकार कर्मचारियों की पीड़ा को समझ सके। ठाकुर ने कहा कि सरकार की कर्मचारियों के मुद्दों के प्रति लाचारी और संवेदनहीनता पर दुख और क्षोभ भारी मन से प्रकट किया है कर्मचारियों का मानना था कि वर्तमान सरकार राष्ट्रवादी विचार धारा रखने के कारण और संवेदनशील कर्मचारी मामलों पर कर्मचारियों के बहुसंख्यक प्रतिनिधित्व करने वाले उनके महासंघ से सौहार्दपूर्ण वातावरण में बहुत सारे पिछली सरकार द्वारा उपेक्षित कामो को करने में सहयोग करेगी। लेकिन सहयोग तो दूर रहा 6 दिसंबर 2019 को महासंघ के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाकर भी आज दिन तक सयुंक्त सलाहकार समिति की बैठक नही करवा पाई। इससे यह दर्शाता है कि सरकार कर्मचारियों के प्रति कितना स्नेह या संवेदना रखती है। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की लम्बे समय से लटकी समस्याओं जिसका राज्य महासंघ ने 56 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को दिया है यदि उस पर बैठक नही हुई तो महासंघ कोई कड़ा कदम उठाने में विवश हो जाएगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को सचेत करते हुए कहा है कि जो 5 जून को केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े एक पुराने कानून में संशोधन किया है और दो नए अध्यादेश पारित किए हैं। अगर उनको हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों पर लागू करने की कोशिश की तो कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करेगी। ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा कि इस तरह के अध्यादेशों व कानूनों से प्रदेश के किसानों और बागवानों को दूर रखा जाना चाहिए इसके एवज में किसानों व बागवानों को अधिक सुविधाएं देनी चाहिए न कि ब्रिटिश समय के भारत जैसे काले कानून बनाने चाहिए और हिमाचल प्रदेश का किसान व बागवान कम जोत होने पर भी बहुत मेहनती है उनकी इस मेहनत को ऐसे तुगलकी फरमानों के सामने झोकना ठीक नहीं होगा नहीं तो एक व्यापक आंदोलन का सामना करने के लिए भी प्रदेश सरकार तैयार रहे। उन्होंने कहा कि उन दोनों अध्यादेशों से किसानों को नुकसान ज्यादा होगा और निजी क्षेत्र की खेती में लगी कंपनियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2016 को बरेली की एक किसान रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा था कि साल 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं सालगिरह मनाएगा, उस समय तक उनकी आय दोगुनी हो चुकी होगी। बीते फरवरी को इस घोषणा के चार साल हो गए, लेकिन अभी तक इसका कोई सटीक आकलन नहीं हुआ है कि किसानों की आय कितनी बढ़ी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारें देश और प्रदेश में किसानों और बागवानों को झूठे सब्ज बाग दिखा रही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि योजनाओं और कानूनों के इस मकड़जाल को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने 5 जून को एक पुराने कानून (आवश्यक वस्तु अधिनियम) में संशोधन सहित दो नए कानूनों "फार्मर एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्युरेंस एंड फार्म सर्विसेज आर्डिनेंस (एफएपीएएफएस 2020)” और "द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स प्रमोशन एंड फेसिलिएशन (एफपीटीसी2020)" को अध्यादेश के जरिए लागू किया है। और अगर इन कानूनों का ढंग से अध्ययन किया जाए तो साफ लगता है कि इससे किसानों व बागवानों को फायदा नहीं हो पायेगा लेकिन उन कंपनियों को फायदा हो जाएगा जो इनकी खड़ी फ़सलों को यह कम्पनियां खरीदती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देशभर के किसान संगठन, मंडी समितियों में काम करने वाले छोटे व्यापारी और कर्मचारी इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं तो हिमाचल प्रदेश में भी इन कानूनों का विरोध होगा। राम लाल ठाकुर का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में 58 प्रतिशत योगदान देने वाले किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार अध्यादेश के जरिए कानून बना रही है उसको हिमाचल प्रदेश में लागू नही किया जाना चाहिये और सरकार जिसे किसानों की मुक्ति का मार्ग बता रही है दरअसल वही उनके लिए सबसे बड़ा बंधन बनने जा रहे हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि “सरकार ने कानून के जरिए पूरी कृषि का निजीकरण किया है। कृषि सुधारों और किसानों की आय बढ़ाने के नाम पर सरकार पूरी कृषि व्यवस्था को एग्रो-बिजनेस से जुड़ी बड़ी कंपनियों के हवाले करने जा रही है और यह विषय काफी चिंताजनक है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि पिछले करीब 29 वर्षों में 3.5 लाख किसान खुदकुशी कर चुके हैं। ठाकुर ने कहा कि भारत में एग्रो-बिजनेस से जुड़ी कई देशी-विदेशी कंपनियां दशकों से इसकी मांग कर रही थीं, जिसे विरोधों के चलते कभी लागू नहीं किया गया है हालांकि कई राज्यों ने इसको प्रायोगिक तौर पर मंजूरी भी दे दी थी जबकि कोरोना महामारी के कारण पूरा देश बंद है, बाहर आने-जाने तक पर पाबंदी है, विरोध प्रदर्शन तो दूर की बात है तो ऐसे में अध्यादेश के जरिए उन कानूनों को बनाना जिनका दशकों से विरोध हो रहा है, सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत गाँव भेल कुठेड़ा में खण्ड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा के आदेशानुसार खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चन्देल की अध्यक्षता में जनसँख्या स्थिरता पखवाड़े में जागरूक शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने इस शिविर के माध्यम से लोगो को जनसंख्या वृद्धि से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जनसँख्या वृद्धि होने से गरीबी, बेरोजगारी को बढ़ावा मिल रहा है। चन्देल ने बताया कि लड़का लड़की एक समान है ऐसा कोई काम नही जो लड़का कर सकता है और लड़की नहीं कर सकती और जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए हम दो हमारे एक का नारा देना चाहिए जिससे देश की जनसंख्या को नियंत्रण किया जा सके। चन्देल ने शिविर में आए लोगो को परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों के बारे में भी विस्तार से बताया व दम्पतियों को बच्चों के बीच मे अन्तर रखने के लिए अस्थाई साधन जिसमे निरोध, माला एन, छाया टेबलेट भी बांटी गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण करने के लिए पुरुषों को परिवार नियोजन का ऑपरेशन करवाने के लिए 1100 रुपये और महिला द्वारा ऑपरेशन करवाने पर 600 रुपये पोषण के लिए प्रोत्साहित राशी भी रखी है। चन्देल ने बताया कि यदि कोई दम्पति एक लड़की पर परिवार नियोजन का ऑपरेशन करवाता है तो सरकार इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के अंतर्गत 35 हजार की एफ डी लड़की के नाम और यदि दो लड़कियों के बाद ऑपरेशन करवाए तो 25 हजार की राशि दोनों लड़कियों को दी जाती हैं। चन्देल ने शिविर में आए लोगो को आयुष्मान भारत, हिम केअर, सहारा योजना के बारे में भी बिस्तार से बताया और इन योजनाओ का लाभ उठाने की सलाह दी। जागरूकता स्थिरता पखवाड़े में महिलाओं की भाषण प्रतियोगिता और नाटक प्रतियोगिता भी करवाई गई। भाषण प्रतियोगिता में किरण ठाकुर प्रथम स्थान, दीक्षा ठाकुर द्वितीय स्थान और ममता देवी तृतीय स्थान पर रही और स्वास्थ्य विभाग ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को नगद इनाम दिए।
प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव रजनीश मेहता ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि कोविड-19 संकट में प्रदेश के जिन युवाओं की नौकरी छूट चुकी है वह अब प्रदेश सरकार की घोर उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। कार्यालयों में कागजों वा फाइलों में चिंता करने वाला सरकारी सिस्टम दावे तो बड़े-बड़े कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत पर इन बेरोजगार हुए युवाओं को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। महामारी व महंगाई के चंगुल में फंसा यह वर्ग हाल बेहाल है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार हुए युवाओं के असल हालात यह है कि महामारी के खौफ से अब यह वर्ग रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर जाना नहीं चाहता है और प्रदेश में उन्हें कोई काम नहीं मिल पा रहा जिस कारण से महामारी के दौर में बेरोजगार हुए युवा गहरे अवसाद और तनाव में हैं जबकि सरकार 4 महीने बीत जाने के बाद भी इन युवाओं की कोई सुध नहीं ले पा रही है। ऊपर से दिनों दिन बढ़ रही महंगाई के कारण इन बेरोजगार युवाओं के परिवारों को इनके मूलभूत सुविधाओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है लेकिन प्रदेश सरकार यह मानकर चल रही है कि लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद लोगों को शायद अल्लादीन का चिराग मिल गया है और जिस कारण से सरकार इन पर महंगाई का बोझ निरंतर लादने में लगी हुई है। दुर्भाग्य यह है कि सरकार मुद्दे की कोई भी बात सुनने और समझने को राजी नहीं है ताजा घटनाक्रम में अब रही सही कसर बस किराया बढ़ाकर पूरी कर दी है जबकि बढ़े हुए किराए को लेकर लोग सड़कों पर हैं और सरकार इन युवाओं की समस्या से बेखबर बनी हुई है। हर छोटी-मोटी घटना को इवेंट बनाने की आधी भाजपा सरकार कभी वर्चुअल रैलियां तो कभी बधाइयां देकर समय काट रही है। मेहता ने कहा कि अब नए बधाई सेशन में बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि उनका नया अध्यक्ष बनने से पार्टी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। बीजेपी के लोगों का यह वक्तव्य अपने स्तर पर सही हो सकता है लेकिन जिन लोगों ने प्रचंड बहुमत देकर सरकार से विकास की आस लगाई थी वह लोग कोरोना दौर में हाल बेहाल हैं।
पूर्व सांसद सुरेश चंदेल बिल्कुल स्वस्थ हैं। वीरवार की सुबह पीजीअई चंडीगढ़ में उनका आपरेशन किया गया। बुधवार को बिलासपुर में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें पहले तो बिलासपुर अस्पताल ले जाया गया उसके बाद बिलासपुर में डाकटरों ने उनकी गंभीर हालत देख कर उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ के लिए रेफर किया। उनके पुत्र पीयुष चंदेल ने बताया कि बुधवार को उन्हें पेट में गंभीर दर्द उठा जिसे पीजीआई में डाक्टरों ने इसे अपेंडिक्स बताया। उन्होंने बताया कि वीरवार को उनका आपरेशन सफलतापूर्वक हो गया। अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। अपने आप को योग और आयुर्वेद से फिट रखने वाले चंदेल का एकदम अस्वस्थ हो जाना समर्थकों को चिंता में डाल गया था। गौर रहे कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान सुरेश चंदेल ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। इससे पहले वह भाजपा से लोकसभा सांसद भी बने व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
घुमारवीं मंडल भाजपा युवा मोर्चा की बैठक युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सौरभ ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें 24 जुलाई से 31 जुलाई तक युवा मोर्चा द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश ठाकुर जिला युवा मोर्चा महामंत्री दिनेश ठाकुर, जिला कार्यकारिणी सदस्य पंकज नड्डा विशेष रुप से उपस्थित थे। पौधारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विशाल रतवान, अजय कुमार, मदन वर्मा, सिद्धार्थ पटियाल, सुनील कुमार, सुभाष, सुशील, राकेश, ऋषभ ,विशाल व अभिषेक को प्रभारी नियुक्त किया गया।
बिलासपुर जिले के झडुंता में हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति वैटरन सैनिकोंकी मीटिंग की गई बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति के अध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा ने की। बैठक में जिला सैनिक समिति वैटरन सैनिक का गठन किया गया ताकि जिले में सैनिकों व उनके आश्रितों को जो समस्या आती है उनकी सहायता व समाधान में सहयोग किया जा सके। हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति वैटरन सैनिक समिति का गठन 2017 में किया गया था परन्तु जिला सैनिक समिति का पुनगठन किया गया। कैप्टन बालक राम शर्मा ने सैनिकों समस्याओं, वीर नारियों, सैनिक विधवाओं की समस्याओं समाधान के लिए काम करगे यह समितियों का विस्तार तहसील,बलाॅक पंचायत लेबल तक बिस्तार करने पर बल दिया गया। बिलासपुर जिला समिति में सर्वसम्मति से हवलदार दिवाकर दत्त शर्मा अध्यक्ष चुना गया है उप प्रधान कैप्टन हंस राज सचिव सूबेदार मेजर सोमलाल कोषाध्यक्ष विपिन शर्मा मुख्य सलाह सूबेदार मेजर श्याम सिंह परमार सह सलाहकार कैप्टन जोगिनद्र सिंह को बनाया गया। बैठक में अन्य कई वैटरन सैनिकों ने भाग लिया।
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सड़क सुरक्षा तथा सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने सम्बन्धी चर्चा की गई। बैठक के दौरान राजेश्वर गोयल ने बताया कि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्री बाहनों में क्षमता से अधिक यात्री न हो इसके लिए निरन्तर निरीक्षण किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना सम्भावित सड़कों को चिन्हित करके उन स्थानों पर साईन बोर्ड लगाए गए है ताकि वाहन चालक सावधानी से गाड़ी चलाए। उन्होंने बताया कि जिला में सड़क किनारे गाड़ियों की पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे है ताकि लोगों को अपनी गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा मिल सके। उन्होंने वाहन चालकों से आहवान किया कि सड़क पर सावधानी पूर्वक वाहन चलाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विद्या देवी सहित एस.डी.एम. सदर रामेश्वर दास तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ की जिला इकाई ने भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस बड़ी धूम-धाम से मनाया और इस अवसर पर उन्होने संघ का झण्डा फहरा कर जोरदार नारों के बीच संघ की गतिविधियों और कार्यकलापों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। जिला अध्यक्ष रणजीतसिंह ठाकुर ने कहा कि 23 जुलाई 1955 को इस संगठन की नींव दतोपंत ठेगड़ी द्वारा रखी गई थी, तब से लेकर अब तक यह संगठन मजदूरों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होने बताया कि इस अवसर पर रुद्राक्ष के पौधो का रोपण भी किया गया और संकल्प लिया की पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा।उन्होने कहा कि भारतीय मजदूर संघ भारतीय संस्कृति व इसके इतिहास की रक्षा करने और समाज को जोड़ने तथा आपसी भाईचारा स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य निरंतर जारी रखे हुए है, ताकि देश की एकता व अखंडता को अक्षुण रखा जा सके। उन्होने कहा कि यह संगठन देश का सबसे बड़ा संगठन है, जिसने मजदूरों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनसे होने वाले हर अन्याय को समाप्त करवाने और उन्हें न्याय दिलाने का काम किया है और यही कारण है कि इस समय देश भर में इस संगठन के करोड़ों सदस्य है। इस अवसर पर मजदूर संघ के सदस्य व पदाधिकारी अमित कुमार, सुरजीतसिंह, राकेश ठाकुर, धर्मपाल, राकेश गुप्ता, सुशील कुमार, वासु देव, कमाल किशोर, मनोज कुमार, अमरनाथ, सरदार अमरजीत, विकास ठाकुर और सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।
रेड क्राॅस सोसाइटी की स्थापना गरीब असहाय व जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए की गई है। मानवता के सहायतार्थ स्थापित जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर वर्तमान में कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी लोगों की सहायता करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा कोविड-19 के चलते लोगों की सहायता के लिए अनेक कार्य किए जा रहे है। सोसाइटी द्वारा डियारा सेक्टर को फूड गे्रन कैम्प बना कर नगर परिषद तथा आस पास की पंचायतों में रह रहे 815 प्रवासी लोगों को 26 मार्च से 20 अप्रैल तक 25 दिन के लिए लगभग 35 हजार 650 भोजन पैकेट उपलब्ध करवाए गए। वर्तमान में सोसाइटी द्वारा प्रवासी परिवारों को भोजन बनाने की व्यवस्था के लिए सूखा राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा कोरोना पाॅजिटिव और सहायता में लगे स्टाॅफ विशेष तौर पर डॉक्टर, सहायक मेडिकल स्टाॅफ, सफाई कर्मचारी तथा सुरक्षा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन समय भोजन की व्यवस्था की गई है। लाॅकडाऊन अवधि के दौरान रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा 41 मरीजों को ई.जी.एम.सी. शिमला तथा पी.जी.आई. चण्डीगढ़ छोड़ने के लिए एम्बुलैंस सेवा उपलब्ध करवाई गई। सोसाइटी द्वारा रेड क्राॅस से जुडे स्वयं सेवकों को आॅनलाईन बैब पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि स्वयं सेवक किसी भी प्रकार की आपदा के समय लोगों की सहायता करने में सक्षम बन सके। इसके अतिरिक्त जन सेवा में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस, सफाई कर्मचारियों तथा घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले लोगों को लगभग 3 हजार पानी की बोतलें उपलब्ध करवाई गई। सोसाइटी द्वारा भोजन से जुडी किसी भी प्रकार की मांग को सम्बन्धित विभागों, सामाजिक संस्थाओं या व्यक्तियों के साथ तालमेल करके तुरंत पूरा करना सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी व्यक्ति को भोजन सम्बन्धी परेशानी का सामना न करना पड़े। सोसाइटी द्वारा रैड क्राॅस स्वयं सेवकों के माध्यम से 35 लोगों को दवाईयों, एम्बुलैंस सेवा तथा स्वास्थ्य सहायक भी उपलब्ध करवाए जा रहे है। लाॅकडाऊन अवधि के दौरान सोसायटी द्वारा तीन रक्त दान शिविरों का आयोजन किया गया ताकि जरूरतमंद लोगों को तुरंत रक्त उपलब्ध करवाया जा सके इन शिविरों में 317 युनिट रक्त एकत्रित किया गया है। कर्फ्यू में ढील के दौरान सोसायटी के स्वयं सेवियों द्वारा प्रशासन के निर्देशानुसार विभिन्न स्थानों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा मास्क व सेनेटाईजर बांटे जा रहे है। रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा कहलूर सेवा विकास संस्थान के सहयोग से नगर परिषद और आस पास की पंचायतों में जहां लोगों का अधिक आना जाना होता है उस जगह को निरन्तर सेनेटाईज किया जा रहा है। जिसमें सेनेटाईजर की व्यवस्था जिला रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा की जा रही है। जिला बिलासपुर में अकेले रह रहे वरिष्ट नागरिकों जिनके परिवारजन किसी कारणवश लाॅकडाउन की वजह से उनसे दूर है उनकी रेड क्राॅस सोसाइटी के वॉलंटियर्स द्वारा हर प्रकार से सहायता की जा रही है। सोसाइटी द्वारा लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने हेतु समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ा जा रहा है। कोविड-19 के सम्बन्ध में लोगों को गीत, कविता, चित्रकला तथा नारा लेखन के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। विश्व रेड क्राॅस दिवस पर सोसाइटी द्वारा रक्त दान शिविर संगोष्ठी तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने बताया कि कोरोना काल में जिला रेड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा मानवता का कार्य करते हुए जरूरतमंद, गरीब लोगों की हर सम्भव सहायता की गई। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में रेड क्राॅस सोसाइटी से जुड़कर मानव सेवा के इस पुण्य कार्य में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश चंद दडोच ने बताया कि समुदाय को कोविड-19 के बचाव के साथ-साथ अन्य जल जनित बीमारियों के स्वास्थय पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्व की 80 प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित जल से होने वाले रोगों के कारण होती हैं, जिनमें डायरिया प्रमुख है। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष में हर साल लगभग 2 लाख बच्चे दस्त रोग के कारण मर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जल प्राकृतिक रूप से स्वच्छ होता, लेकिन जल के प्रदूषित होने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां जैसे हैजा, टाइफाइड, पेचिश, पीलिया, आंत्रशोथ दस्त रोग उल्टी, कृमि रोग पोलियो तथा जल भराव के कारण मच्छर पैदा होने से मलेरिया तथा डेंगू इत्यादि रोग उत्पन्न हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों तथा बरसात के मौसम में विशेष कर दस्तरोग शिशुओ और बच्चों तथा आम लोगों में हो जाता है जिसका अगर समय पर उसका उपचार न किया गया तो निर्जलीकरण से मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों को गंदा न करें, उनमें स्नान न करें न ही कपड़े धोए, पेयजल स्रोतों के चारों ओर कंक्रीट की दीवार लगानी चाहिए ताकि वर्षा का पानी उसमें न जाए, शौच खुले में न जाएं, शौच जाने के लिए शौचालय का ही प्रयोग करें, पीने के लिए क्लोरीन युक्त नल के जल या हैण्ड पम्प के पानी का ही उपयोग करें आवश्यकता पडने पर बावरियों और कुएं के पानी को उबाल कर ही पीएं, या 15 से 20 लीटर जल मे 1 गोली क्लोरीन की अवश्य पीस कर डालें या 1000 लीटर पानी, 2.5 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालें, उसके कम से कम आधे घण्टे पश्चात ही पानी उपयोग में लाए। पानी को साफ बर्तन में ढक कर रखें। बर्तन से पानी निकालने के लिए हमेशा हैंडल वाले गिलास का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें, खाने पीने की चीजों को ढक कर रखें, खाना खाने से पहले तथा शौच जाने के पश्चात साबुन व पानी से हाथ अच्छी तरह से धोएं। दस्त रोग के कारण प्राय शरीर में पानी की कमी हो जाती है। दस्त होने पर ओ.आर.एस. का घोल पिलाएं। उन्होंने बताया कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों को ओ.आर.एस. के घोल का पैकेट मुफ्त दिया जाता है तथा दस्त रोग से पीडित बच्चों का ओ.आर.एस. व जिंक की गोलियों से उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि अगर दस्त के साथ खून आए या दस्त ठीक न हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह ले। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इन बीमारियों के कारणों व बचाव तथा उपचार के प्रति जागरूक रहें।
हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा की गई 25 प्रतिशत किराए में वृद्धि की जिला कांग्रेस कमेटी निंदा करती है और इसे प्रदेश सरकार का जन विरोधी फैसला करार देती है। यह बात बिलासपुर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा किए गए प्रदर्शन के उपरांत जिला प्रधान अंजना धीमान ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ पहले ही डीजल- पेट्रोल की कीमतों ने लोंगो का जीना दूभर कर रखा है उसके ऊपर से गाड़ियों की इंश्योरेंस की कीमतें दुगनी ही चुकी है, नई गाड़ियों का पंजीकरण करवाना पहले से ही महंगा है ऊपर से इस लॉक डाउन और आर्थिक मंदी के दौर में बस किरायों में कई गई वृद्धि एक बहुत ही गलत फैसला है। इस मौके पर पूर्व विधायक बीरू राम गौतम, तिलक राज शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता तेजस्वी शर्मा, हेम राज ठाकुर, संदीप सांख्यान, कर्ण चंदेल, विवेक कुमार, ज्ञान चंद गंभीर, कैप्टन ओम प्रकाश चंदेल ब्लॉक कांग्रेस झंडूता के अध्यक्ष सतीश चंदेल, बलदेव ठाकुर, गोपाल कृष्ण शर्मा, अमरजीत, रोहित गौतम, गौरव शर्मा, अंकुश ठाकुर, रशपाल, मजीद खान, आशीष ठाकुर, बिमला सहगल, अमित शर्मा, अनुराग पंडित, विजय ठाकुर, सूबेदार सीता राम, पारस गौतम भी उपस्थित रहे। इन कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद जिला बिलासपुर व राज्य की जनता पर अब और आर्थिक बोझ पड़ चुका है। यह उत्तरी भारत के राज्यों में होने वाली अभी तक की सबसे बड़ी पुब्लिक ट्रांसपोर्ट किराए में वृद्धि है। एक तरह तो प्रदेश सरकार ने सरकारी व निजी ऑपरेटर बसों को 100 फीसदी सवारियां बिठाने को मंजूरी दे दी थी तो अब इस तरह से 25 प्रतिशत की वृद्धि करना एक अनुचित फैसला है। राज्य में इस समय साधारण बसों का किराया मैदानी इलाकों में प्रति किमी 1.12 रुपये और पहाड़ियों में 1.75 रुपये है। इसी तरह, मैदानी इलाकों में डीलक्स बसों का किराया 1.37 रुपये प्रति किमी और पहाड़ी इलाके में 2.17 रुपये प्रति किमी है। वोल्वो और वातानुकूलित बसों के लिए, मैदानों में किराया 2.74 रुपये प्रति किमी और पहाड़ी इलाके में 3.62 रुपये है। वहीं न्यूनतम बस का किराया पांच रुपये था जो कि अब 7 रुपये कर दिया गया है जबकि प्रदेश में बसों का किराया मैदानी इलाकों की वनस्पति कम होना चाहिए क्योंकि यहां पर आर्थिक तौर पर किसान वर्ग रहता है और उनकी आर्थिकी मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अपेक्षा कम होती है क्योंकि हिमाचल जैसे राज्य की अर्थव्यवस्था खेतीबाड़ी पर ज्यादा निर्भर होती है और मैदानी क्षेत्रों के लोगो की अर्थ व्यवस्था उद्योगों पर ज्यादा निर्भर करती है, तो ऐसे में यह अनावश्यक बस किराए वृद्धि प्रदेश की जनता के लिए ठीक नहीं है। प्रदेश के पड़ोसी राज्य जहां बसों के किराये घटाए जा रहें है वहीं पर हिमाचल प्रदेश में बसों के किराए बढ़ाये जा रहे है यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण हैं।
भाजयुमो जिला बिलासपुर की बैठक बुधवार को ऑनलाइन वेबक्स के माध्यम से हुई जिसमे ज़िला के सभी पदाधिकारी, मंडलो के अध्यक्ष व प्रदेश के पदाधिकारी ने अपनी उपस्थित दर्ज करवाई। यह जानकारी देते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के ज़िला प्रवक्ता पवन ठाकुर ने कहा कि बैठक में जिला के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने आगामी कार्यकमों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि युवा मोर्चा 24 जुलाई से 31 जुलाई तक ज़िला बिलासपुर के 5 मंडलो में 50 जगह पौधरोपण के कार्यक्रम करेगी व 5000 पौधे युवा मोर्चा लगाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में युवा मोर्चा इस कार्यक्रम को एक अभियान के रूप में लेकर काम करेगा व प्रदेश में 75000 पौधे लगाकर एक इतिहास रचेगा। इस कार्यक्रम के लिए 5 मंडलों के लिए 5 प्रभारी भी नियुक्त किए जायँगे। इस बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने युवा मोर्चा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मोर्चा पार्टी का मुख्य अंग है और ये युवा मोर्चा ही आगामी चुनावों की दिशा भी तय करेगा इसलिए सभी पार्टी के द्वारा दिए सभी कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लें व अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ें। इस बैठक में पार्टी के ज़िला प्रभारी व कौशल विकास निगम के संयोजक नवीन शर्मा ने भी ज़िला की टीम को संबोधित किया व अपना मार्गदर्शन दिया। इस बैठक में जिला के महामंत्री दिनेश ठाकुर व मनोज चंदेल, कोषाध्यक्ष कमल महाजन, कार्यकारणी सदस्य पंकज व मंडलो के अध्यक्ष विनोद ठाकुर, सोनू ठाकुर, प्रेम ठाकुर, देवांश चंदेल, सौरव सहित 40 पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाई बहन के पवित्र बंधन रक्षा बंधन पर भाजपा महिला मोर्चा ने फैसला लिया है कि इस बार रक्षा बंधन पर जोकि इस बार 3 अगस्त को आ रहा है पर भाजपा महिला मोर्चा की सभी बहनें कोरोना महामारी के चलते इस बार जवानों को राखी बांधने नहीं जाएंगी यह फैसला कोरोना महामारी के चलते लिया है ताकि जवानों को किसी भी प्रकार का कोई रिस्क न हो। भाजपा महिला मोर्चा बिलासपुर जिला महासचिव अंजना चंदेल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस बार कोरोना वॉरियर्स को राखी बांधने का कार्यक्रम हर मंडल में करेंगे। जिसके तहत सफाई कर्मचारी, पुलिस के लोग, डॉक्टर्स आदि को राखी बाँध कर रक्षा बंधन को मनाएंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के किसी भी नियम को तोड़ा नही जायेगा और सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जायेगा। इस दौरान सभी मास्क पहन कर ही इस कार्यक्रम को मनाएंगे। इसके अलावा महिला मोर्चा की कोई भी सदस्य बाजार से राखी खरीद कर नही लायेंगी सभी सदस्य घर पर ही राखी का निर्माण करेंगे और स्वयं निर्मित राखी बना मुफ्त में वितरण करेंगी। इस कार्य के लिए एक दिन सभी मंडल किसी जगह पर जाकर स्वयं कार्यकर्ता द्वारा बनाई राखियों को बांटेंगी। उन्होंने बताया कि इस सारे कार्यक्रम के लिए महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष शोभा डढवाल को प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है जिसके तहत सभी जिला प्रभारी उन्हें रिपोर्ट करेंगे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर की अगुवाई में युवा कांग्रेस के कार्यकर्तायों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार आए दिन जनविरोधी फैसले जनता पर थोपने से गुरेज नही कर रही है, तथा कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से जूझ रहा है ऐसे समय मे केंद्र व प्रदेश सरकार को चाहिए था कि आम जनमानस को राहत दी जाए पर ये सरकार उसके विपरीत फैसले ले रही है जिससे आम जनमानस का जीना दुश्वार हो गया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि पिछले कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार ने जो 25 प्रतिशत बसों के किराए में बढ़ोतरी की है उसका युवा कांग्रेस पूर्ण रूप से विरोध करती है। उन्होंने कहा कि जय राम सरकार हिमाचल प्रदेश में पहली सरकार उभरकर सामने आई है जिसने अपने 2 वर्ष ओर 7 महीने के कार्यकाल में बसों के किराए में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढोतरी की है। युवा नेता ने कहा की अगर सरकार बस ऑपरेटरों को राहत देने की सोच रही थी तो क्यों नही सरकार ने डीज़ल के ऊपर से टैक्स दर कम कर दी, भारत पुरे विश्व मे इकलौता देश है जंहा सबसे ज्यादा यानी कि 69% टैक्स तेल के ऊपर आम जनता से वसूला जा रहा है जिसने आम जनता की कमर तोड़ दी है। भारत सरकार 20 रुपये प्रति लीटर की दर से कच्चा तेल आयात कर रही है और 80 रुपये के हिसाब से आम लोगो को मुहिया करवा रही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि ऑपरेटरों के रोड टैक्स में वो कटौती करते ताकि आम जनता को आर्थिक बोझ न झेलना पड़ता, धरना प्रदर्शन के बाद। आशीष ठाकुर के नेतृत्व में युवाओं ने एडीएम बिलासपुर विनय धीमान से मुलाकात की ओर उनके माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि वो खुद इस मसले में हस्तक्षेप करें और प्रदेश सरकार को निर्देश जारी करें कि जल्द से जल्द बसों के किराए की वृद्धि के निर्णय को तुरन्त प्रभाव से निरस्त किया जाए ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके। इस मौके प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस पवन ठाकुर, लोकसभा सचिव वीरेंद्र सन्धु, सदर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा, सर्वेश उपमन्यु, जतिन ठाकुर, अरुण ठाकुर, विवेक चन्देल, वसीम मूसा, कमल किशोर, साहिल, दिनेश, आशीष, सुनील ठाकुर, थुमन ठाकुर, ऋषव, राहुल ठाकुर, मनीष, शिवांक, विक्रम व अन्य युवा उपस्थित रहे।
71वें वन मण्डल स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन बिलासपुर जिला के सिहडा में आयोजित किया गया। इस मौके पर बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुभाष ठाकुर तथा झंडुता विधानसभा क्षेत्र से विधायक जीत राम कटवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सुभाष ठाकुर ने लोकाठ व जीत राम कटवाल ने दाडू में पौधे रोपित किए। वन महोत्सव आयोजन पर सिहडा में एक हेक्टेयर भूमि पर 500 पौधे रोपित किए गए जिनमें आंवला, दाडू, खैर तथा कचनार के पौधे शामिल है। वन मण्डल बिलासपुर के अंतर्गत इस वर्ष 254 हेक्टेयर भूमि पर लगभग एक लाख पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि वन क्षेत्र को बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल वन कृत बिलासपुर आर.एस. पटियाल, वन मण्डल अधिकारी एस.बी. पटेल, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण बी.एन. पराशर, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुभाष ठाकुर ने ग्राम पंचायत तलवाडा का दौरा किया तथा विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस मौके पर विधायक सुभाष ठाकुर ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना तलवाडा छाडल का प्रांकलन मंजूर हुआ है जिसकी लागत 6 लाख 44 हजार 500 रुपये है तथा इस स्कीम के तहत जिन घरों में नल नहीं है उन्हें सरकार की आरे से नल लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव तलवाडा के लिए उठाऊ सिंचाई योजना तलवाडा को (एचपीशिवा) प्रोजेकट के तहत इस योजना का सुधार किया जाएगा जिसके लिए 74.94 लाख के टैण्डर जल्द ही लगाए जा रहे है। पंचायत तलवाडा में नई पेयजल की पाईप लाईनें विछाई गई है जिन्हे पेयजल भण्डारण टैंक से जोड़ने पर पानी की समस्या का हल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव मलोह में पेयजल भण्डारण टैंक का निर्माण किया गया है जिसकी क्षमता लगभग 24 हजार लीटर है और इस पर 2 लाख 56 हजार 564 रुपये खर्च किए गए है। उन्होंने बताया कि 11 किलोमीटर लम्बी वाडा दा घाट-कुठेडा-तलवाडा सम्पर्क सड़क का उन्नयन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करने के लिए 11.75 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे जिसका टैंडर हो चुका है। उन्होंने बताया कि कोटला में सीर खडड पर शीघ्र ही फुट ब्रिज का निर्माण किया जाएगा जिससे लोगों को आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडें। उन्होंने बताया कि वाडा दा धार-कुठेडा वाया भपराल तलावाडा सड़क पर ब्लैक स्पोटों के सुधार पर 6 लाख 38 हजार 584 रुपये खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि पंचायत तलवाडा में विभिन्न विकास कार्यों पर 14वें वित्त आयोग के तहत 39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे जिनमें से की 33 लाख रुपये की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की गई है। इस अवसर पर प्रधान तलवाडा पंचायत विमला, बीडीसी मैहरी काथला उर्मिला शर्मा, पूर्व बीडीसी निर्मला, जिला परिषद भारत भूषण, उप प्रधान कुठेड़ा राकेश, उप प्रधान मैहरी काथला देश राज, पूर्व जिला परिषद अन्जना शर्मा, बीडीसी कुठेडा निशु शर्मा, सचिव भारतीय जनता युवा मोर्चा सोनु ठाकुर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण वी.एन. पराशर, एसडीओ लोक निर्माण विभाग चुनी लाल शर्मा, जे.ई लोक निर्माण विभाग अखिलेश, जे.ई. विद्युत विनोद, जे.ई ब्लोक चडडा उपस्थित थे।
उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में बेटी बचाओ बेटी पढाओ व पोषण अभियान समीक्षा बैठक सम्पन्न की गई। उक्त बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना का शुभारम्भ 4 नवम्बर 2018 को हुआ था जिसके अंतर्गत जिला में विभिन्न विभागों के माध्यम से एसआरबी में सुधार लाने व बेटीओं कि शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए प्रचार अभियान व सोशल मीडिया कैम्पैन, मात्र शिशु सम्मलेन, लोगो, गुड्डा गुड्डी बोर्ड, कैम्पस के माध्यम से जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढाओ का सोशल मीडिया कम्पेन जैसे फेसबुक पेज बना के लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाये तथा साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढाओ के फेसबुक पेज से लोगों को जोडा जाए। बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रचार के लिए होर्डिंग को भी लगाया जाए। बेटी बचाओ बेटी पढाओ के संचालन से जिला में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण व एसआरबी में सुधार दर्ज हुआ है। उपायुक्त ने इसके आतिरिक्त पोषण अभियान के अंतर्गत समीक्षा बैठक में पोषण के विभिन घटकों पर विभिन विभागों से चर्चा कि तथा साथ ही निर्देश दिये गये कि पोषण अभियान के अंतर्गत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सभी विभाग तालमेल कर के उचित कदम उठायेंविशेषकर एसएएम व एमएएम बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने हेतु आवश्यक कदम उठाय जाए। इसके आतिरिकत नुटरी गार्डन जिसमे आंगनवाडी केन्द्रों में हरी सब्जियां लगाना ताकि बच्चों को सही पोषक तत्व मिल सके और “वोह दिन” महामारी के दौरान सवच्छता इत्यादि पर भी चर्चा कि गई। उक्त बैठक में एसडीएम सदर, एसडीएम झंडूता, जिला चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, उप अधीक्षक पुलिस ने भाग लिया।
कोरोना काल में पहले ही आमजन पर मुसीबत, परंतु ऊपर से सरकार के जनविरोधी फैसले हमेशा जनता याद रखेगी। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर पूर्व प्रवक्ता व महासचिव पवन कौशल ने यह बात कही। इन्होंने कहा कोविड-19 से आमजन की कमर पहले ही बिना कारोबार के हर वर्ग की टूटी पड़ी है परंतु सरकार ने राहत देने की बजाय महंगाई का तोहफा देकर प्रदेश में एक मिसाल पैदा कर दी।बिजली सब्सिडी, डीजल पेट्रोल महंगा व राशन में परिवारों की कटौती इत्यादि निर्णय तो प्रदेश व केंद्र सरकार पहले ही ले चुकी है। कौशल ने कहा अब बसों के किराए में 25 प्रतिशत किराया वृद्धि कर आमजन पर महंगाई की ओर मार दे दी है जबकि आमजन को इस समय राहत की आवश्यकता थी लेकिन सरकार जनता का दुख दर्द भूल कर किस दबाव में ऐसे फैसले जनता के ऊपर थोप रही है जोकि पूरी तरह से जन हितैषी करार दिया। पवन कौशल ने कहा सरकार के इस महंगाई के चक्रव्यूह में मध्यम वर्गीय परिवार पूरी तरह से पिस रहे हैं। जबकि सरकार को राहत के तौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक पैकेज ऐसे संकट के समय उपलब्ध करवाना चाहिए था। क्योंकि पिछले 4 महीने से आम लोगों के कारोबार ठप पड़े हैं उल्टा बिजली, पानी बिल व अन्य टैक्स बिना कारोबार व आय के बावजूद मजबूरन जनता को देने पड़ रहे हैं। कौशल ने कहा सरकार मास्क पहनने पर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है अच्छी बात है परंतु मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक पैकेज देने के लिए क्यों नहीं अध्यादेश जारी करती इस पर भी विचार करें। इन्होंने कहा कोविड-19 के चलते जब तक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं होती निजी बस टैक्स माफ करें और पेट्रोल डीजल के रेट कम करें, ना कि बस किराया 25 प्रतिशत बढ़ाकर जनता पर बोझ डाले। किराया बढ़ोतरी पेट्रोल डीजल में रेट में कमी कर, वही बिजली सब्सिडी 125 यूनिट के ऊपर कटौती, कई परिवारों राशन कटौती जैसे निर्णय को इस समय वापस ले। अन्यथा मजबूरन लोगों को सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा जिसके लिए सरकार के जनविरोधी फैसले ही जिम्मेवार होंगे।
कोविड-19 की बजह से शिक्षा संस्थानों के बंद होने पर भी विभाग द्वारा विद्यार्थियों को निरन्तर शिक्षा प्रदान करने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है। यह बात बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कही उन्होंने बताया कि अध्यापकों के लिए भी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कलस्टर स्तर पर किया जाता है ताकि अध्यापक नई तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर सके। वह सोमवार को शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रही योजनाओं तथा क्रिया कलापों हेतु गठित जिला स्तरीय निगरानी कमेटी की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान राजेश्वर गोयल ने बताया कि उन्होंने बताया कि इस वर्ष खण्ड स्तर पर 1112 प्राथमिक एवं 1060 अप्पर प्राईमरी अध्यापकों के लिए निष्ठा अध्यापक प्रशिक्षक आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में सीखने की क्षमता बठाने के लिए अध्यापकों द्वारा प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रेरणा कलास तथा अप्पर प्राईमरी कलाओं के लिए प्रयास प्लस कार्यक्रम का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा में माता-पिता की भागीदारी को सुनिश्चित बनाने के लिए ई-सम्वाद कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जिला खण्ड व कलस्टर स्तर पर हर माह की एक से 5 तारीख के बीच समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि विभाग की निगरानी समिति द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2019-20 को दौरान जिला की विभिन्न पाठशालाओं में 850 सरप्रार्रण तथा 498 नियमित निरीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 से 23 मार्च तक पांच खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा अपने खण्ड में 28 स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी स्कूल के पास अपने नाम स्कूल की जमीन नहीं है तो वह इस मामले को सम्बन्धित एस.डी.एम., तहसीलदार से उठाए। उन्होंने बताया कि जिन पाठशालाआं में आपदा प्रबन्धन किए अभी उपलब्ध नहीं है वहीं शीघ्र ही यह कीट उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए कुल 5928 विद्यार्थियों को विभिन्न बजीफा, योजनाओं के तहत पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र में 6 से 12वीं कक्षा के 5672 प्राथमिक पाठशालाओं के 17588 तथा अप्पर प्रार्रमरी पाठशालाओं के 12889 विद्यार्थियों को निःशुल्क कि किताबें वितरित की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आनलाईन क्विज कम्पीटिशन का आयोजन किया गया जिनमें बिलासपुर जिला से सबसे अधिक 8151 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से आहवान किया कि वे पाठशालाओं में किए जा रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाए तथा उनमें गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखे। बैठक में उप निदेशक उच्च शिक्षा महेन्द्र सिंह धीमान सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


















































