हिमालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, शनिवार को शूलिनी विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत प्रोफेसर बिकास मेधी, प्रोफेसर और अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक एएमएस, फार्माकोलॉजी विभाग, पीजीआईएमईआर द्वारा दिए गए एक व्यावहारिक व्याख्यान के साथ हुई। प्रो बिकास ने खोजी नई दवा (आईएनडी और प्रक्रियात्मक कदम, आवश्यक डेटा, परीक्षण और परीक्षण, और एक नई दवा के निर्माण के लिए आने वाली बाधाओं) के महत्व और आवेदन पर बात की। डॉ. विपिन कुमार, प्रोफेसर, दून विश्वविद्यालय ने उत्तर पश्चिमी हिमालय में संभावित बाढ़ की भविष्यवाणी: नदी के किनारों के लिए निहितार्थ पर बात की, जिसमें उन्होंने उन कारणों और घटनाओं पर चर्चा की जो अनिश्चितताओं के साथ अचानक बाढ़ और उनके संभावित प्रभाव को जन्म दे सकती हैं या संकेत दे सकती हैं। और विसंगतियां जो बाढ़ प्रबंधन में हो सकती हैं। प्रो. बीडी जोशी, जीव विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभाग, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार, ने उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में नदियों पर जलविद्युत निर्माण के कारण उत्पन्न होने वाले मुद्दों और उनके प्रभाव और नुकसान के बारे में बात की, जिसके परिणामस्वरूप हिमालयी क्षेत्र को सामना करना पड़ता है। प्रो. सुरिंदर राणा प्रोफेसर, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ ने एंडोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड विधियों पर आधारित अपने शोध पर चर्चा की, जो कम से कम इनवेसिव तरीकों के साथ नेक्रोटाइज़िंग अग्नाशयशोथ और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों जैसे विकारों से निपटने के लिए लागू होते हैं। प्रोफेसर योगेश चावला, प्रोफेसर, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ ने अपनी विशेषज्ञ वार्ता में व्हीलचेयर, और अल्ट्रासाउंड उपकरणों के संशोधित संस्करणों के बारे में बात की, जो रोगियों के सामने आने वाली छोटी कठिनाइयों को दूर करने के लिए विभिन्न भारतीय राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा बनाए गए नए आविष्कार हैं, और इस बात पर जोर दिया गया कि चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान एक महत्वपूर्ण परिप्रेक्ष्य है जिसे पेश किया जाना चाहिए और रोगियों के लिए समाधान खोजने के लिए विलय किया जाना चाहिए जो कि लागू नियमित उपचार विधियों में कठिनाइयों का सामना करते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के डीन प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने सभी अतिथि वक्ताओं, प्रतिभागियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। दो दिनों के विचार-विमर्श के दौरान, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और पर्यावरण विज्ञान विभाग ने भारत भर के विभिन्न संस्थानों के निदेशकों, महानिदेशकों, प्रमुखों और डीन के स्तर के 30 से अधिक विशेषज्ञों की मेजबानी की। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश राज्य के भीतर और बाहर विभिन्न संस्थानों के 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पठियार में राजपूत कल्याण सभा तथा राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह में लोक निर्माण एवं युवा सेवाएं व खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने महाराणा प्रताप के विराट व्यक्तित्व को सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बताते हुए उनके आदर्शों व सिद्धांतों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाने व अमल में लाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सिद्धांत ही हमारी ताकत होते हैं, जिनपर मुश्किल समय में अडिग रहना जरूरी है। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है कि आज के समय में महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में किस तरह अमल में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्रवाद व जातिवाद में विश्वास नहीं है, सबका विकास सर्वत्र विकास ही हमारा ध्येय है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में प्रदेश के लिए 2400 करोड़ की स्वीकृति लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सरकार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में प्रदेश को केंद्र से 2400 करोड़ की स्वीकृति मिली है। यह धनराशि प्रदेश के दुर्गम व दूरदराज क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत तथा रखरखाव पर खर्ची जाएगी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के माध्यम से प्रदेश के भौगोलिक रूप से कठिन तथा दूरदराज इलाकों में ढांचागत विकास को बल दिया जाएगा। वहां की जरूरत के हिसाब से सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण तथा भवनों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश का एक समान नजर से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले को आईटी हब, और पर्यटन राजधानी के विकसित करने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्णायक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसमें सभी से सहयोग का आह्वान किया। विक्रमादित्य सिंह ने महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में खेल अधोसंरचना विकास तथा अन्य कार्यों के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने महाराणा प्रताप जी की 484वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को सभी के लिए शाश्वत प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का पराक्रम, साहस और स्वाभिमान हर भारतवासी की पूंजी है। उनके संघर्ष में उन्हें विविध वर्गों का साथ मिला, जो उनमें लोगों के अगाध विश्वास का प्रकटीकरण है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह विचार सोमवार को कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पठियार में राजपूत कल्याण सभा तथा राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने पठियार में महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस समारोह में सभी को महाराणा प्रताप जयंती की बधाई देते हुए देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाली हर महान विभूति को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश को जब भी जरूरत पड़ी यहां शूरवीरों ने हंसते हुए स्वयं को बलिदान किया है। उन्होंने वजीर राम सिंह पठानिया के महान बलिदान को भी स्मरण किया और कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से भी 10 साल पहले नूरपुर के वजीर राम सिंह पठानिया ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। ऐसे तमाम महान बलिदानियों के त्याग के बूते ही आज हमारा देश एक है। कुलदीप सिंह पठानिया ने राजपूत कल्याण सभा की विविध विकास एवं कल्याण कार्य के लिए एक करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मांग पर सरकार की ओर से समुचित धनराशि मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कांगड़ा हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा संसार चंद कटोच के नाम पर करने की राजपूत सभा की मांग का भी समर्थन दिया। उन्होंने सभा के जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए आगे भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इस मौके शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने राजपूत कल्याण ट्रस्ट व सभा के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने अपनी विधायक निधि से महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मैदान के सुधार कार्य के लिए 5 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीएम प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के दृष्टिकोण से काम कर रहे हैं, इसमें सभी का साथ व सहयोग अपेक्षित है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज चौपाल विधानसभा क्षेत्र प्रवास के दौरान विश्राम गृह चौपाल में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से भेंट की तथा जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि आम जन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग, एचआरटीसी और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ चौपाल क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रतिबद्धता के साथ कार्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर परिसर में गत 20 मई को महर्षि मार्कण्डेश्वर मेडिकल कॉलेज सोलन के अनुभवी विशेषज्ञों के तत्वावधान में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, स्त्री रोग परामर्श, बच्चों के रोग के लिए परामर्श, दांतों के रोग के लिए परामर्श, आंख के रोग संबंधी परामर्श, ब्लड प्रेशर की जांच एवं शुगर जांच की सुविधाएं उपलब्ध कारवाई गई। इस शिविर में महर्षि मार्कण्डेश्वर मैडिकल कॉलेज सोलन के मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. सौरया (S.R.) और डॉ. दीपीन्द्र (JR/PG), स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलीजा पाल (Asstt. Prof.) और डॉ. सोनल बाबर (JR/PG), बाल चिकित्सा विभाग से डॉ. अंकुश सांगवान (S.R.) शिविर में उपस्थित रहे। नेत्र विभाग से डॉ. आरज़ू असाती (S.R.) और मिस साक्षी( Optometry) तथा दंत विभाग से डॉ. सृष्टि राणा (JR/PG) नें पूरे समय उपस्थित रहकर अपने-अपने विभाग से संबंधित मरीज़ों की जांच करके उपचार संबंधी निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध की। इस निशुल्क चिकित्सा शिविर में कुल 103 मरीज़ों की जांच की गई। महर्षि मार्कण्डेश्वर मैडिकल कॉलेज सोलन के सभी चिकित्सक प्रातः 11:30 से 4:00 बजे तक पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर के परिसर में उपलब्ध रहे। यह अपने आप में एक अनूठा प्रयास था जिससे अनेक लोगों को लाभ एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हुई | शिविर में पाइनग्रोव स्कूल धरमपुरके मैडिकल स्टाफ में से डॉ. कल्पना त्यागी, नर्स मिस मृदुल, नर्स मिस किम्मी, नर्स मिस निशा, शिविर की समन्वयक मिस वंदना वर्मा एवं मिस रंजीता भी उपस्थित रहीं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में आयोजित हिमपन 2.0 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि आज प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हिमाचल प्रदेश में सभी महत्वपूर्ण संस्थान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो राज्य विश्वविद्यालय के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी, एनआईटी, एम्स, एनआईएफटी जैसे अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में आज विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थानों और शिक्षार्थियों के लिए हिमाचल का शांत वातावरण सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी सरकार प्रदेश में शिक्षा और नवाचार के लिए ओर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत से निजी संस्थान भी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बहुत बहुमूल्य विषय है, इससे जुड़े व्यवसाय में नैतिकता और पारदर्शिता को अपनाना बहुत जरूरी है। जन कल्याण और देश कल्याण के उद्देश्य से ही शिक्षण संस्थानों को कार्य करना चाहिए। कृषि कुमार प्रो. चन्द्र कुमार ने इस अवसर पर सामाजिक कार्याें और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। सीटी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज कार्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्वत जनों ने सहभागिता कर भारत द्वारा जी20 अध्यक्षता, राष्ट्र शिक्षा नीति, नवाचार और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इस दौरान धर्मशाला महाविद्यालय से प्रो. नरेश शर्मा और सी.टी विश्वविद्यालय के डॉ. महेंद्र सिंह अशावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में धर्मशाला नगर निगम के महापौर ओंकार नेहरिया, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा, सीटी ग्रुप के चेयरमैन सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, उप चेयरमैन हरप्रीत सिंह सहित प्रदेश भर से आए शिक्षाविद् और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला इंदौरा में तीन दिवसीय भारत स्काउट एंड गाइड प्रथम एवं द्वितीय सोपान ट्रेंनिंग एंड टेस्टिंग कैंप के कैंप फायर प्रोग्राम में विधायक मलेन्द्र राजन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को इस कैंप के माध्यम से मिलजुल कर कार्य करने और आपदाओं से निपटने की दक्षताओं को हासिल करने के लिए बेहद उपयोगी बताया तथा उन्हें समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध बचपन से ही प्रेरणादायक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य मोहन शर्मा ने बताया कि इस कैंप में कांगड़ा जिला के 5 सबडिविजंस के 68 स्कूलों से 665 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 12 से 17 वर्ष के विद्यार्थीयों ने टुकड़ियों में बंद कर अपने ट्रेनर्स के माध्यम से सामान्यता एवं आपदाओं के समय जीवन रक्षा से संबंधित क्रियाकलापों को सिखा इंदौरा क्षेत्र में इस तरह के विशाल आयोजन में सहयोग के लिए उन्होंने विधायक मलेन्द्र राजन, एसडीएम इन्दौरा सुरेंद्र ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारियों लोकल लीडरशिप ,भारत स्काउट एंड गाइड जिला कांगड़ा के अधिकारी गण, अध्यापक साथियों और अपने समस्त स्कूल स्टाफ का हार्दिक धन्यवाद किया। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र मनकोटिया, कुलदीप शर्मा,भारत स्काउट एंड गाइड जिला कांगड़ा एसोसिएशन के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर गाइड सेल नीरजा मिन्हास, राजेश कुमार, तरसेम सिंह, नीलम देवी, विजय रंधावा, सतीश कुमार, उमा कुमारी, प्रधानाचार्य अजय सैनी ,प्रवक्ता कुलदीप कुमार ,अमित कुमार, संजीव, निर्मल सिंह, सोहन लाल, रघुवीर सिंह, देवांशी, मंजू बाला, रेणुका आदि उपस्थित रहे रहे।
प्राइड इंस्टिट्यूट ऑफ नॉलेज एंड स्किल ने अपना 5वां वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में देव राइजिंग निधि के निदेशक रितेश शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इसके इलावा भारतीय मजदूर संघ दाड़लाघाट के अध्यक्ष सुरेश शर्मा व प्रकाश चंद विशेष रूप से मौजूद रहे। कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र व छात्राओं के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। संस्थान के डायरेक्टर जोगिंदर ठाकुर ने बताया कि पिछले कई वर्षों से यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुधारने एवं कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए नितेश शर्मा ने कहा कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के खासकर लड़कियों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में सुसज्जित इंस्टीट्यूट होने से गांव की लड़कियों में भी कंप्यूटर सीखने की जिज्ञासा बढ़ी है। यह इंस्टीट्यूट युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित हो रही है। समोराह में स्टूडेंट ऑफ ईयर पायल व बेस्ट परफॉर्मेंस हिमानी ठाकुर व भीमा देवी,यशवंती देवी,कुसम लता,नीलम व बबिता ठाकुर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके इलावा कार्यक्रम में इपिंग, चेस, कैरमबोर्ड व प्रश्नोत्तरी सहित विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अनिल राजपूत, भूपेंद्र शर्मा, खेमराज, प्रकाश चंद, सुरेश कुमार, लवनेश शर्मा, यशपाल शर्मा, जोगिंदर ठाकुर, पूनम, पूर्णिमा गुप्ता, दीक्षा शर्मा, यशश्वी स्टूडियो के एमडी पंकज गुप्ता, निहारिका गुप्ता, पूजा ठाकुर, कपिल गुप्ता, लक्षित गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने और क्षमता को सशक्त करने के लिए ऑडिट प्रवर्तन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने के लिए एक वृहद एवं महत्वाकांक्षी योजना कार्यान्वित करने जा रहा है। इसके दृष्टिगत राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल को कार्यान्वित करने का मुख्य ध्येय वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े राजस्व नुकसान को कम करना है। विभाग अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के नियोजन और विशेषज्ञों की तैनाती से कर चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है ताकि प्रदेश के राजस्व को मज़बूत किया जा सके। इस परियोजना के कार्यान्वयन से जीएसटी बकाएदारों का वास्तविक डेटा उपलब्ध होगा और निरीक्षण तथा त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों के कामकाज में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर सदैव बल दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा लेखा परीक्षा प्रवर्तन की आधुनिक तकनीक को अपनाने से सटीक डेटा तैयार करने, कर धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस परियोजना के कार्यान्वित होने से प्रदेश के वार्षिक राजस्व में 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी होगी। सीमित श्रम शक्ति के दृष्टिगत, कर हानि की पहचान करने के लिए करदाताओं के आंकड़ों का तुरंत विश्लेषण करने की एक महत्वपूर्ण चुनौती विभाग के समक्ष आयी है। एआई प्रौद्योगिकी उपयोग से इस चुनौती से निपटने की योजना तैयार की गई है। इससे कर चोरी के मामलों की त्वरित पहचान करने तथा राज्य के जीएसटी राजस्व को बढ़ाने के लिए सटीक जानकारी भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, इस परियोजना के माध्यम से समय-समय पर राजस्व संग्रह पैटर्न का विश्लेषण करने तथा प्रोत्साहन नीतियों पर निर्णय लेने में राज्य सरकार को मदद प्राप्त होगी। साथ ही, स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना विभागीय अधिकारियों की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व में वृद्धि के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि एआई प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन से विभाग को मौजूदा चुनौतियों से और अधिक कुशलता से निपटने में मदद मिलेगी। एआई को अपनाने और उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकों को शामिल करके, राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने, कर चोरी से निपटने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने में और अधिक सक्षम होगा। आधुनिक तकनीकों को नियोजित कर राज्य सरकार के इस तरह के प्रयास सरकारी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संतान सुख प्राप्ति के लिए श्रद्धा,विश्वास तथा आस से सैकड़ों दंपतियों ने बाबा भौडी सिद्ध गुफा में पुजारी से आशीर्वाद रूपी फल ग्रहण किया। बाबा भौडी सिद्ध विकास सभा सभा द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान तथा खाने का प्रबंध किया गया था। जयसिंहपुर विधानसभा की सुआं पंचायत में स्थित सिद्धेश्वर श्री बाबा भौडी सिद्ध "सिद्ध -पीठ" जोकि कलयुग में बाबा बालकनाथ जी के सात जन्मों में से शुरू के पांच जन्मों की तपोस्थली माना जाता है तथा यह गुफा मंदिर लगभग 2300 वर्ष पुराना है। प्रतिवर्ष बड़े महीने (ज्येष्ठ मास) के पहले रविवार को सिद्धेश्वर श्री बाबा भौडी सिद्ध गुफा मंदिर में पुजारी द्वारा श्री बाबा भौडी सिद्ध आशीर्वाद रूपी फल ऐसे दंपतियों (पति-पत्नी) को वितरित किया जाता है,जो बिना किसी ठोस कारण संतान सुख- प्राप्ति से वंचित होते हैं तथा निश्चय ही उन दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। यह प्रमाणित सत्य है। इस वर्ष जो वंचित रहे,वह निराश ना हों।अगले वर्ष यह दिन रविवार ,19 मई 2024 को है। वैसे तो हर रोज असंख्य श्रद्धालु भौडी सिद्ध में मन्नत मांगने तथा पूर्ण होने पर पहुंचते हैं, परंतु ज्येष्ठ महीने के प्रथम रविवार का दंपतियों के लिए विशेष महत्व है।
महाराणा प्रताप की 484वीं जयंती पर नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पठियार में राजपूत कल्याण सभा एवं राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा सयुंक्त तौर पर आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में लोक निर्माण, युवा सेवाएं तथा खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह विशिष्ट अतिथि और शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया विशेष अतिथि रहे।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम यानि एचआरटीसी को प्रदेश की लाइफलाइन माना जाता है। कहते है जहाँ कोई नहीं जाता वहां एचआरटीसी जाती है। हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों, संकरी सड़कों और खतरनाक राहों पर लगातार आगे बढ़ती एचआरटीसी प्रदेश के जन- जन को मुख्यधारा से जोड़ती है। एचआरटीसी का सफर शानदार भी है और भरोसेमंद भी। एचआरटीसी किसी को समय पर दफ्तर पहुंचाती है, तो किसी को समय पर स्कूल। जहाँ लोगों के पास निजी वाहन नहीं, जहाँ प्राइवेट बसें नहीं जाती वहां एचआरटीसी पहुँचती है। हिमाचल में यात्री परिवहन यानि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एकमात्र साधन बस है क्योंकि इस राज्य में रेलवे की उपस्थिति नगण्य है। पठानकोट को जोगिंदरनगर और कालका को शिमला से जोड़ने वाली नैरो गेज लाइन पर रेल इतनी धीमी गति से आगे बढ़ती है कि उनके माध्यम से रोज़ाना यातायात संभव नहीं। यहाँ एयर कनेक्टिविटी भी ख़ास नहीं, यानी बस ही जीवन धारा है। प्रदेश भर में निगम की 3 हजार 132 बसें चलती हैं। यह बसें 3 हजार 719 रूटों पर संचालित की जाती हैं। हालाँकि हिमाचल की ही कुछ सड़कों की तरह एचआरटीसी के हालात भी जर्जर होते जा रहे है। निगम लगातार घाटे में है। प्रदेश की इस जीवनधारा को सड़क तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाले हाथ हर महीने कमाई को तरस जाते है। हर महीने तनख्वाह और पेंशन का इंतज़ार करना पड़ता है। एचआरटीसी आम लोगों को गंतव्य स्थान तक ही नहीं पहुंचाती बल्कि हिमाचल की जनता को कम से कम किराये में सफर करवाती है और शायद यही कारण है कि आज एचआरटीसी खुद ही हांफने लगी है। एचआरटीसी का सफरनामा एचआरटीसी ने एक लम्बा सफ़र तय किया है। 1960 में मंडी-पठानकोट मार्ग पर लॉर्ड क्लेयर नामक एक निजी कंपनी द्वारा हिमाचल प्रदेश में पहली बार बस सेवा शुरू की गई थी। इसके बाद मंडी राज्य के राजा ने मंडी राज्य परिवहन का गठन किया और 1945 और 1946 में मंडी-बैजनाथ मार्ग पर बस सेवा शुरू की। 1958, में पहला निगम, "मंडी-कुल्लू सड़क परिवहन निगम" सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया। 1966 में पंजाब राज्य के पुनर्गठन के साथ, पंजाब के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों को हिमाचल में मिला दिया गया और मंडी-कुल्लू सड़क परिवहन निगम के परिचालन क्षेत्र पूरी तरह से हिमाचल में आ गए। हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्थापना 24 सितंबर 1974 को हुई और फिर 2 अक्टूबर, 1974 को इसे मंडी-कुल्लू पथ परिवहन कॉरपोरेशन के साथ मर्ज कर दिया गया। अपनी स्थापना के समय से ही हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर और केलांग जैसे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बस रूट नेटवर्क विकसित किया है। राज्य में यात्री परिवहन सेवाएं प्रदान करने के अलावा, हिमाचल सड़क परिवहन निगम राज्य के दूर-दराज के उन इलाकों में भी पहुंचते है जहां निजी ट्रक मालिक जाने से हिचकिचाते हैं, खाद्य और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए माल परिवहन सेवाएं संचालित कर रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने निसंदेह राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अन्य राज्यों की तुलना में, पहाड़ी इलाकों के कारण, कालका-शिमला और पठानकोट-जोगिंदर नगर के बीच संचालित नैरो-गेज ट्रेनों को छोड़कर, हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क नहीं है। राज्य में सड़क अवसंरचना बढ़ रही है जिससे परिवहन की मांग में वृद्धि हुई है। इस प्रकार, राज्य में यात्री परिवहन पूरी तरह से सड़क परिवहन पर निर्भर है और एचआरटीसी दिए गए संसाधनों में अपनी भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा है। हिमाचल के लगभग हर क्षेत्र में हिमाचल सड़क परिवहन निगम कठिन भूभाग और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद अपनी सेवाएं संचालित कर रहा है। इतना ही नहीं, निगम अंतर्राज्यीय मार्गों का भी संचालन कर रहा है और हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान को सीधी सेवाएं प्रदान कर रहा है। 65 करोड़ आय, करीब 134 करोड़ व्यय : वर्तमान में एचआरटीसी 1355 करोड़ के घाटे में है। परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एचआरटीसी की मासिक आय 65 करोड़ रुपये है, जबकि इसका खर्च करीब 134 करोड़ रुपये है। यानी कि प्रतिमाह राज्य सरकार की ओर से 69 करोड़ का खर्च उठाया जाता है। इसके बावजूद एचआरटीसी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रही है। वहीं एचआरटीसी को महिलाओं और बच्चों को रियायती यात्रा की पेशकश के साथ-साथ कुछ पैसेंजर्स के साथ दूरदराज के क्षेत्रों में बसों के संचालन की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है। वेतन और पेंशन में भी देरी : घाटे के कारण हर माह एचआरटीसी के कर्मचारियों को वेतन का इंतज़ार करना पड़ता है। न कर्मचारियों का वेतन समय पर आता है और न पेंशनरों की पेंशन। सरकार का कहना है कि इस भारी नुकसान के कारण कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में देरी होती है। नई सरकार, जगी आस... सुधार का ब्लूप्रिंट तैयार एचआरटीसी की आर्थिक हालत रातों रात नहीं बिगड़ी, बल्कि आहिस्ता -आहिस्ता ऐसा हुआ है। सरकारों ने वादे किये, दावे किये लेकिन धरातल पर सुधार के लिए कोई व्यापक कदम नहीं उठाये गए। ये ही कारण है, धीरे होते होते एचआरटीसी आज हांफ रही है। अब मौजूदा सरकार ने एचआरटीसी की हालत सुधारने के लिए व्यापक बदलाव करने का आश्वासन दिया है। सरकार एचआरटीसी कर्मचारियों की सुध लेने का वचन भी दोहरा रही है और बड़े बदलाव के लिए तैयार भी है। खुद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पास परिवहन महकमा है और एचआरटीसी को लेकर अग्निहोत्री का स्टैंड क्लियर है। सीएम सुक्खू भी निजी तौर पर इसमें रूचि ले रहे है। ये एक सुखद संकेत भी है और इस आस का संदर्भ भी कि एचआरटीसी के दिन अब फिरने वाले है। समय पर वेतन -पेंशन और नया वेतनमान : उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एचआरटीसी कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनका वेतन हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाएगा। सरकार ने ये भी वादा किया है कि एचआरटीसी कर्मियों और पेंशनरों को नया वेतनमान दिया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ खर्च आएगा। पेंशनरों को लंबित पेंशन के लिए सरकार ने 9 करोड़ देने की स्वीकृति दी है। पैसा मिलते ही पेंशन जारी की जाएगी। निगम कर्मियों के वेतन-भत्ते देने के लिए हर माह सरकार 69 करोड़ देती है। इसे एकमुश्त देने की सरकार से मांग की गई है। 39 माह का नाइट ओवरटाइम लंबित है, पिछली साल का भी देंगे लेकिन पहले अपनी सरकार के कार्यकाल की अदायगी करेंगे। एचआरटीसी पहला निगम है, जिसमें कर्मियों को ओपीएस देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में एचआरटीसी के चालकों-परिचालक को ओवरटाइम और रात्रि भत्ते की देनदारी दो माह के भीतर दो किस्तों में देने की बात कही है। करीब 11 करोड़ की देनदारी लंबित है। मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने के साथ चिकित्सा प्रति पूर्ति बिलों का शीघ्र भुगतान करने की भी घोषणा की है । सुधार का फार्मूला : मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए कम सवारियों वाले रूट बंद किए जाएंगे। रूटों पर चलने वाले चालकों-परिचालकों की फीडबैक पर ये रूट बंद होंगे। राजनीतिक आधार पर चलाए गए रूटों पर सवारियां नहीं होंगी, तो बस भी नहीं चलेगी। दो-दो सवारियां लेकर बसें 40 से 50 किलोमीटर चल रही हैं। तेल का खर्च नहीं निकल रहा है। ब्लैक स्पॉट को लेकर भी चालकों-परिचालकों से फीडबैक लेंगे। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को दुरुस्त करेंगे। 225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने को मंजूरी : मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि सरकार ने कैबिनेट में 225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने की मंजूरी दी है। ये बसें मौजूदा ई-बसों से ऊंची और लंबी होंगी। चार्जिग के बाद मौजूदा बसों के मुकाबले अधिक दूरी तय करेंगी। इनके लिए रूट चिह्नित किए गए हैं। 225 नई ई-बसें आने के बाद ई-बसों का बेड़ा 300 हो जाएगा। मौजूद समय में निगम के बेड़े में 3123 बसें हैं। 3219 रूट चलाए जा रहे है। 1199 बसें जीरो बुक वैल्यू हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें 202 तुरंत हटाई जाएंगी। 15 साल पुरानी 167 बसें पहले ही हटा दी गई हैं। कुछ 600 नई बसें खरीदेंगे। इनमें 196 खरीद ली हैं जो 150 डीजल, 15 ई-बसें धर्मशाला, 20 ई-बसें शिमला और 11 वोल्वो शामिल हैं। 300 डीजल बसें खरीदने की भी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वोल्वो माफिया पर लगेगा अंकुश शिमला और मनाली सहित अन्य क्षेत्रों के लिए रोजाना करीब 250 अवैध वोल्वो चलती हैं। इनमें बड़ी संख्या में सैलानी सफर करते हैं। इन वोल्वो से सालाना 9 लाख टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए तमिलनाडु हाईकोर्ट के फैसले को आधार बनाया गया है। प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर ही हिमाचल टैक्स की वसूली कर दी जाएगी। ये है एक्शन प्लान : - धार्मिक स्थलों के लिए चलेंगी लग्जरी बसें - 30 जून से पहले पंजीकृत करवाने होंगे जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर - ठियोग, ढली और करसोग में नए डीजल पंप स्थापित होंगे - एचआरटीसी के अधिकृत ढाबों की होगी समीक्षा - निजी बसों के साथ विवादास्पद टाइम टेबल की होगी समीक्षा - बेरोजगारों को दिए जाएंगे 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर के 500 रूट - फील्ड में भेजे जाएंगे सालों में दफ्तरों में जमे चालक-परिचालक - आय बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों के परिवहन निगम और रोडवेज का होगा अध्ययन - ढली में बनेगा आधुनिक बस अड्डा
सोलन नगर निगम चुनाव, भाजपा हारी। अर्की और जुब्बल कोटखाई उपचुनाव, भाजपा हारी। विधानसभा चुनाव में शिमला संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ 14 सीटें भाजपा हारी, और अब शिमला नगर निगम चुनाव में भी भाजपा को शिकस्त मिली। बीते दो साल में शिमला संसदीय क्षेत्र में भाजपा के लिए कुछ भी अच्छा नहीं घटा है। पार्टी सिंबल पर हुआ हर चुनाव भाजपा हारी है। वो भी तब तक प्रदेश अध्यक्ष की कमान शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप के हाथ में थी। नतीजे बयां कर रहे है कि शिमला संसदीय क्षेत्र में मिशन 2024 भाजपा के लिए अग्निपथ है। वहीँ सांसद सुरेश कश्यप के लिए भी राह आसान नहीं होने वाली। हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए कांग्रेस को इस बार सबसे ज़्यादा लीड शिमला संसदीय क्षेत्र से मिली है। 17 विधानसभा सीटों में से 13 सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराया है। हालाँकि वर्तमान में इस सांसदीय क्षेत्र से सांसद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप है। ऐसे में जाहिर है कि शिमला सांसदीय क्षेत्र में भाजपा की शिकस्त का ठीकरा उनके सर ही फूटा है। विधानसभा चुनाव के बाद शिमला नगर निगम पर भी भाजपा को करारी हार मिली है। अब बैक टू बैक झटके खा रही भाजपा की राह 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आसान नहीं होने वाली है। ऐसे में ये देखना रोचक होगा कि 2024 में शिमला संसदीय क्षेत्र में इस दफा भाजपा किस रणनीति पर आगे बढ़ेगी। यहाँ ये भी जहन में रखना होगा कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश के सियासी समीकरण बदल चुके है, ऐसे में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को फूंक -फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट में मौजूदा सांसद सुरेश कश्यप और पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप के अलावा भी कई नाम है। दरअसल 2009 के लोकसभा चुनाव में वीरेंद्र कश्यप ने ही दशकों बाद शिमला संसदीय क्षेत्र में कमल खिलाया था और 2014 मे भी वीरेंद्र कश्यप ही यहाँ से सांसद बने थे। ऐसे में वीरेंद्र कश्यप एक मजबूत दावेदार माने जा रहे है। इसके अलावा डॉ राजीव सैजल का नाम भी अभी से चर्चा में है। डॉ राजीव सैजल पूर्व जयराम सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे है, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा। बावजूद इसके सैजल की दावेदारी कमतर नहीं आंकी जा सकती। कांग्रेस में कौन होगा चेहरा ? विधानसभा चुनाव की जीत से उत्साहित कांग्रेस अभी से इलेक्शन मोड में नज़र आ रही है। यूँ तो शिमला संसदीय क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन पिछले तीन लोकसभा चुनाव में यहाँ कांग्रेस लगातार हारी है। अब तख़्त पलटने के लिए यहाँ कांग्रेस को भी किसी मजबूत चेहरे की दरकार है। कांग्रेस के उम्मीदवारों कि लिस्ट में पूर्व सांसद केडी सुल्तानपुरी के बेटे विनोद सुल्तानपुरी भी शामिल माने जा रहे है। विनोद सुल्तानपुरी इस दफा पूर्व मंत्री डॉ राजीव सैजल को हराकर विधानसभा पहुंचे है और लोकसभा चुनाव के लिए एक दमदार चेहरा माने जा रहे है। इसके अलावा इस लिस्ट में कई और नाम शामिल है जो कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार हो सकते है। मोहन लाल ब्राक्टा, विनय कुमार भी इस फेहरिस्त में है। एक और नाम जिसका जिक्र करना जरूरी है वो नाम है कर्नल धनीराम शांडिल, जो पहले भी दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके है। सुक्खू मंत्रिमंडल में 5 मंत्री शिमला संसदीय क्षेत्र से जिला शिमला के कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर, कुसुम्पटी के विधायक अनिरूद्ध सिंह और शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह को सुक्खू कैबिनेट में शामिल किया गया है, जबकि रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा को सीपीएस बनाया गया है। 5 में से 4 सीटें कांग्रेस को देने वाले सोलन जिला से सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल मंत्री बने हैं तो अर्की के विधायक संजय अवस्थी और दून के विधायक रामकुमार चौधरी को सीपीएस का पद दिया गया है। वहीँ सिरमौर जिला से शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान मंत्री बने हैं। शिमला संसदीय सीट का इतिहास इतिहास पर नज़र डाले तो अब तक 2009, 2014 और 2019 में ही भाजपा को इस सीट पर जीत मिली है। इस सीट पर कांग्रेस के कृष्णदत्त सुल्तानपुरी के नाम लगातार छह बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रहा है।1977 में भारतीय लोक दल के प्रत्याशी बालकराम ने जीत हासिल की थी, लेकिन 1980 से 1998 तक लगातार कृष्णदत्त सुल्तानपुरी ने इस सीट पर कांग्रेस को ही काबिज रखा फिर 1999 में कर्नल धनीराम शांडिल ने हिमाचल विकास कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2004 में कर्नल शांडिल कांग्रेस के टिकट पर फिर मैदान में उतरे और जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। 200 9 में इतिहास बदला और पहली दफा इस सीट पर भाजपा काबिज़ हुई। तब भाजपा से वीरेंद्र कश्यप ने जीत दर्ज कर ये सीट भाजपा की झोली में डाली। 2014 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर वीरेंद्र कश्यप भाजपा की सीट बचाने में कामयाब रहे और 2019 में भाजपा के सुरेश कश्यप ने फिर शिमला लोकसभा सीट पर भाजपा को ही जीत दिलाई। एससी के लिए आरक्षित है शिमला संसदीय सीट वर्तमान में शिमला संसदीय सीट एससी रिजर्व्ड सीट है। दरअसल 1967 में शिमला संसदीय एससी सीट बनी है। इससे पहले यह सीट मंडी-महासू लोकसभा सीट हुआ करती थी। फिर दूसरे चुनाव में इसे महासू कर दिया गया। 1962 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह महासू सीट से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़े थे और भारी मतों से जीत दर्ज कर सांसद बने थे। विधानसभा चुनाव में 13 सीटों पर कांग्रेस काबिज शिमला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 17 विधानसभा सीटें आती है। जिला सोलन और सिरमौर की सभी पांच -पांच विधानसभा सीट और जिला शिमला की 7 विधानसभा सीटें इस संसदीय क्षेत्र में आती है। अगर 2022 के विधानसभा के चुनावी परिणामों पर नजर डाले तो 17 विधानसभा सीटों में से 13 पर कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि केवल 3 विधानसभा सीट भाजपा के खाते में गई है और एक विधानसभा सीट पर निर्दलीय ने बाजी मारी है। ये निश्चित तौर पर भाजपा के लिए चिंता का सबब है। -अब तक के सांसद 1977 बालकराम भारतीय लोक दल 1980 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1984 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1989 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1991 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1996 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1998 कृष्णदत्त सुल्तानपुरी कांग्रेस 1999 धनीराम शांडिल हिमाचल विकास कांग्रेस 2004 धनीराम शांडिल कांग्रेस 2009 वीरेंद्र कश्यप भाजपा 2014 वीरेंद्र कश्यप भाजपा 2019 सुरेश कश्यप भाजपा -शिमला संसदीय सीट पर जिला सोलन के उम्मीदवारों का दबदबा इतिहास तस्दीक करता है कि शिमला सांसदीय सीट पर जिला सोलन के उम्मीदवारों का दबदबा रहा है। केवल दो ही मौके ऐसे रहे है जब शिमला संसदीय सीट पर सांसद जिला सोलन से न रहा हो। 1977 में जिला शिमला के बालक राम कश्यप ने शिमला संसदीय सीट पर जीत दर्ज की और 2019 में जिला सिरमौर से सुरेश कश्यप ने। 1980 से 1998 तक लगातार कृष्णदत्त सुल्तानपुरी शिमला से सांसद रहे है। कृष्णदत्त सुल्तानपुरी जिला सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुख रखते थे। 1999 में हिमाचल विकास कांग्रेस के प्रत्याशी धनीराम शांडिल ने इस सीट को फतह किया और 2004 में कांग्रेस के टिकट पर फिर जीत हासिल की। वे भी जिला सोलन से ही है। वहीँ शिमला संसदीय सीट को पहली दफा भाजपा की झोली में डालने वाले वीरेंद्र कश्यप भी जिला सोलन से ही संबंध रखते है। उम्मीदवार पर मोदी फैक्टर को तवज्जो ! निसंदेह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के लिए सबसे बड़े 'वोट कैचर' है और बीते दो लोकसभा चुनाव भी पार्टी ने उन्हीं के चेहरे पर जीते है। जनता ने उम्मीदवार पर मोदी नाम को तवज्जो दी है जो भाजपा की एकतरफा जीत का कारण बना है। बेशक माहिर मानते है कि दस साल की सत्ता के बाद भाजपा को कुछ एंटी इंकम्बैंसी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन अगर मोदी लहर चलती है तो कांग्रेस के अरमानों पर फिर पानी फिर सकता है। बहरहाल मोदी फैक्टर पर सबकी निगाह रहने वाली है।
थाना क्षेत्र रक्कड़ के अंतर्गत नादौन से लगभग 10 किलोमीटर दूर कोल्हापुर में रविवार रात्रि एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक प्रवासी व्यक्ति की मौत हो गई। व्यक्ति नेपाली मूल का माना जा रहा है, लेकिन अभी तक इसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है, जिसके चलते पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा है व शिनाख्त के लिए 72 घंटे के लिए देहरा अस्पताल में रखा गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है तथा आगामी कार्यवाही पर अमल किया जा रहा है। कोल्हापुर के प्रधान विपिन कुमार ने बताया कि उन्हें लगभग सुबह 4:30 बजे फोन पर सूचना मिली कि सड़क किनारे कोई व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। उन्होंने जाकर देखा तो व्यक्ति सड़क के किनारे पर पड़ा हुआ था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस थाना रक्कड़ से थाना प्रभारी गुरदेव सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन जारी कर दी। थाना प्रभारी गुरदेव सिंह ने बताया कि मामला दर्ज किया गया है व शव को पोस्टमार्टम हेतु देहरा ले जाया जा रहा है वहां पोस्टमार्टम के बाद शव की शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक रखा जाएगा। शिनाख्त के तौर पर उन्होंने बताया कि लगभग दर्मयानी लंबाई का यह व्यक्ति लगभग 50 साल का प्रतीत हो रहा है। इसने हरे रंग की टी शर्ट व काले रंग का लोअर पहना हुआ है यदि कोई परिचित हो तो वह आकर थाना रक्कड़ में संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव रजनीश किमटा ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के " मुख्यमंत्री सिर्फ तीन चार विधानसभा क्षेत्रों का ही दौरा कर पाए हैं और बाकी आर्थिक तंगी की हालत का हवाला देकर शिमला में ही डटे हुए हैं" बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर शायद ये भूल गए हैं कि उनके समय हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री कार्यालय के जो हालात थे और जिस तरह से भ्रष्टाचार के साथ तबादला उद्योग पनपा हुआ था, उसे दुरुस्त करने में समय तो लगेगा ही और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठकर उन कमियों को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं। रजनीश किमटा ने कहा कि पूर्व भाजपा की सरकार में जयराम ठाकुर दिल्ली के ही दौड़ में दिखाई देते थे और उन्होंने कभी भी डबल इंजन की सरकार वाली फीलिंग हिमाचल प्रदेश की जनता को नहीं दी थी। मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे भी कर रहे हैं और दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े आर्थिक पैकेज को लेकर भी आ रहे हैं। रजनीश किमटा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की जनता में जाहिर कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में घूमकर प्रदेश का विकास नहीं होगा, अगर मुख्यमंत्री कार्यालय मजबूत होगा यहां पर सभी अफसरों की जवाबदेही को तय किया जाएगा और समय के साथ सभी विकास के कामों को पूरा किया जाएगा तभी हिमाचल प्रदेश का विकास होगा।
प्रेस क्लब और बिजली बोर्ड सोलन के बीच रविवार को एक क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ। मुकाबले में बिजली बोर्ड ने प्रेस क्लब को पराजित किया। बिजली बोर्ड के कप्तान एक्सईएन राहुल वर्मा ने टॉस जीते पहले बल्लेबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिजली बोर्ड की टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 241 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में प्रेस क्लब की पूरे मुकाबले में कभी भी हावी नहीं दिखी। हालांकि टीम ने तेज गति से रन बनाए लेकिन लगातार गिरते विकेटों ने बाकी कसर पूरी कर दी। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनीष शारदा ने बिजली बोर्ड टीम को बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे। इस तरह के मुकाबले न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है बल्कि दौड़ भाग भरी जिंदगी में आपसी मेल जोल के लिहाज से भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।
चंडीगढ़ में आयोजित एमराल्ड ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में खुडिंया के 11 बच्चों ने मेडल जीतकर पूरे हिमाचल प्रदेश और खुडिंया क्षेत्र का नाम रोशन किया,जिसमें ल़डकियों के वर्ग में बृंदा गोल्ड, भैरवी गोल्ड,मनिका गोल्ड,अशिॅता कांस्य, ऋषिका धीमान सिल्वर मेडल औऱ और लड़कों के वर्ग में अतीक गोल्ड, अरमान सिल्वर, ऋषभ सिल्वर, अनिकेत कांस्य, दिव्याशं सिल्वर और शिवांश ने गोल्ड मेडल हासिल किया। बोर्ड ब्रेकिंग ( जिसमेंलकड़ीकेबोर्ड को पंच या किक से तोड़ना होता है) में ऋषिका ने कांस्य पदक जीता l इस बार सब फ्रेशर्स बच्चे खेलने गए थे, जिसमें सबसे कम उम्र 4 साल के बच्चे ने पार्टीसिपेट किया l सुनील कुमार और मीना कुमारी का कहना है कि हमारे बच्चे बहुत मेहनत करते हैं परंतु हमारे क्षेत्र में पूरी सुविधा ना होने की वजह से वंचित रह जाते l हम चाहते कोई संस्था आगे आए, जो इन बच्चों की सहायता करे, ताकि बच्चे नेशनल तक पहुंच सके।
वन्य प्राणी विभाग की जमीन पर मोटर पैराग्लाइडिंग करवाने को लेकर सवालिया निशान लग गए हैं तथा पर्यटन विभाग की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी संस्थान मनाली द्वारा 12 मई को करवाए गए मोटर पैराग्लाइडिंग ट्रायल करवाने पर सवालिया निशान लग गए हैं। मौके पर आई टेक्निकल टीम ने इस इको सेंसटिव जोन में प्रशासन के आदेशानुसार ट्रायल करवाया और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मोटर पैराग्लाइडिंग द्वारा हवा में उड़ने का लुत्फ भी उठाया गया। एक तरफ तो साफ निर्देश हैं कि वन्य प्राणी विभाग पर ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए जिससे प्रवासी पक्षियों को कोई नुकसान हो लेकिन ऐसे में मोटर पैराग्लाइडिंग कैसे हुई है क्योंकि इसकी मोटर में डीजल इंजन लगा हुआ था तथा इससे ध्वनि भी निकल रही थी जोकि नियमों के अनुसार गलत है। बुद्धिजीवियों ने कहा कि पौंग झील का क्षेत्र गुलेर, नगरोटा सूरियां, फतेहपुर, देहरा, जवाली इत्याद में फैला हुआ है तो इन सभी जगहों को छोड़कर आखिरकार विभाग ने ख़ैरियां के कोहली नामक स्थान को ही क्यों चिन्हित किया। इसमें कहीं न कहीं राजनीतिक झलक दिखाई दे रही है जबकि इको सेंसटिव जोन को छोड़कर कर जवाली, नगरोटा सूरियां या फतेहपुर में भी पर्यटन के साधन विकसित किए जा सकते हैं। वहीं पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा ने बताया कि कुछ पक्षी यहां पूरा साल रहते हैं जोकि पौंग झील के आसपास के क्षेत्रों में विचरण करते हैं लेकिन पौंग झील के समीप की जा रही अवैध गतिविधियों से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा । वन्यजीव परिक्षेत्र में ध्वनि ,वायु, जल प्रदूषण से संबंधित कोई भी गतिविधि नहीं करवाई जा सकती है। क्या कहा जिला पर्यटन अधिकारी ने इस बारे में जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि एक निजी रिसोर्ट की ओर से प्रस्ताव आया था जिसके तहत एक टेक्निकल टीम ने मौका किया है। उन्होंने कहा कि ये भूमि वाइल्ड लाइफ की बताई जा रही है जिस वजह से दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल टेक्निकल टीम जल्द ही रिपोर्ट पेश करेगी तथा साथ ही वाइल्ड लाइफ विभाग से भी इस बारे बात की जाएगी। डीएफओ रेजीनोड रोयस्टोन के बोल..... इस बारे में वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि पर्यटन विभाग के द्वारा इको सेंसटिव रहित भूमि का निरीक्षण टेक्निकल टीम के द्वारा किया जा रहा है अगर संभावना बनती भी है तो केवल वाटर गेम्स ही करवाई जा सकती हैं। मोटर पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों नहीं करवाई जा सकती। अभी टेक्निकल टीम की रिपोर्ट आनी है तथा किसी को किसी प्रकार की गतिविधि करने की परमिशन नहीं है। अगर कोई ऐसी गतिविधि करता हुआ पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर उनके क्षेत्र जसवां-परागपुर के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उनके क्षेत्र में पूर्व में स्थापित किए गए कार्यालयों को शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है जबकि यह क्षेत्र के अनुसार व्यवहारिक नहीं है। उनका कहना है कि यदि सरकार अन्य क्षेत्रों में कार्यालय खोलना चाहती है तो वहां दूसरे कार्यालय खोले जा सकते हैं, लेकिन उनके क्षेत्र से कार्यालयों को उठाकर दूसरी जगह स्थापित करना क्षेत्र के साथ भेदभाव को दर्शाता है । उन्होंने बीते दिनों शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार जिस प्रकार एचआरटीसी में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की बात कर रही है वह भी अपने आप में व्यवहारिक निर्णय नजर नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बड़े बेड़े को चलाने के लिए पहले इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की जरूरत है जो कि अभी प्रदेश में उपलब्ध नहीं है ऐसे में सरकार का मुख्य ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की ओर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए है ऐसे मे कई रूटो पर सवारियां कम होने पर भी चलाई जाती है । घाटे वाले रूटों को बंद करना भी उचित नहीं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने दो हजार रुपए का नोट सरकुलेशन से बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए आम जनता को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। इस कदम में बाद कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा बेवजह पैनिक क्रिएट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दो हजार का नोट बंद करना समय की आवश्यकता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने आम जनता को नोट बदलवाने और अपने नोटों को खाते में जमा करवाने के लिए पर्याप्त समय दिया है। ऐसे में किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। विपक्ष के कुछ नेता लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आम जनता 30 सितंबर तक सुविधा अनुसार दो हजार रुपए के नोट या तो बदलवा सकती है या अपने खाते में जमा कर सकती है।
तीन रिक्त मंत्री पद और तीन कसौटियों पर खरा उतरने की चुनौती। सुक्खू कैबिनेट के विस्तार की अटकलों के बीच एक बार फिर जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी में राजनैतिक संतुलन को लेकर चर्चा हो रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि सुक्खू कैबिनेट में क्षेत्रीय असंतुलन दिखता है, किसी एक ज़िले से तीन मंत्री है तो सियासी तौर पर सबसे वजनदार ज़िले के हिस्से में महज एक पद। इसी तरह कैबिनेट में अब तक 6 राजपूत चेहरे है, जबकि सिर्फ एक -एक ब्राह्मण, एससी और ओबीसी है। यानी इस पैमाने पर कैबिनेट का संतुलन राजपूत समुदाय की तरफ ज्यादा ही झुका सा है। इसी तरह अगर पार्टी की अंदरूनी राजनीति की बात करें मोटे तौर पर पार्टी में अब तक सब ठीकठाक है। कांग्रेस के लिए अंदरूनी समीकरणों में संतुलन और सामंजस्य बिठाना कुछ खास मुश्किल नहीं रहा। पर आहिस्ता - आहिस्ता अब दिल्ली की मुलाकातें और बंद कमरों में हो रही बातों को लेकर कयासबाजी हो रही है। मामला 'आउट ऑफ़ कंट्रोल' न सही लेकिन विरोधियों को इसमें संभावना जरूर दिख रही होगी। प्रबल सम्भावना है कि जल्द सुक्खू कैबिनेट का स्वरुप बदलेगा और ऐसे में मंत्री पद के तमाम चाहवानों का बेक़रार होना लाजमी है। हालांकि कुछ जानकार अब भी मानते है है कि सीएम सुक्खू अब भी किसी जल्दबाजी में नहीं है और संभव 'वॉच एंड होल्ड' की नीति पर ही टिके रहें। पर अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव है और ऐसे में संभवतः अब ज्यादा विलम्ब न हो। साल 2022 में कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ सत्ता पर काबिज हुई। तत्पश्चात पदों का बंटवारा हुआ, किसी को थोड़ा कम मिला तो किसी को थोड़ा ज्यादा। कैबिनेट के कुल 12 में से 9 पदों पर नियुक्तियां हो गई, जबकि तीन पद खाली रख लिए गए। जाहिर है मंशा साफ़ थी कि वक्त और मौके की नजाकत के लिहाज से संतुलन बरक़रार रखने में इनका इस्तेमाल किया जायेगा। अब इन तीन मंत्री पदों के जरिये पार्टी को क्षेत्रीय और जातीय के साथ -साथ, पार्टी के भीतर भी संतुलन सुनिश्चित करना है। पर ये तीन पद कब भरे जाएंगे, फिलवक्त निगाह इसी पर है। पद तीन और चाहवान कई : पद बेशक सिर्फ तीन हो लेकिन दावेदारों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। इनमें सबसे पहला नाम है धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा का, क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखा जाए तो सुधीर जिला काँगड़ा से आते है और ब्राह्मण फेस भी है। दूसरा नाम ज्वालामुखी से विधायक संजय रत्न का है। संजय रतन भी ब्राह्मण समुदाय से है और कांगड़ा से भी। इसके अलावा जयसिंहपुर से विधायक यादविंदर गोमा भी मंत्री पद की दौड़ में है। गोमा एससी चेहरा है और वे भी जिला काँगड़ा से संबंध रखते है। जानकार मानते है कि जिला कांगड़ा को दो मंत्री पद मिल सकते है। वहीँ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के करीबियों में गिने जाने वाले घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश धर्माणी मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में मंत्री नहीं बन पाए हैं। धर्माणी ब्राह्मण फेस है और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिहाज़ से भी मंत्री पद के प्रबल दावेदार है। इसके अलावा जिला हमीरपुर से सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा और बड़सर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे है। जातीय समीकरणों पर गौर करे तो राणा राजपूत है और लखनपाल ब्राह्मण चेहरा है। हालाँकि क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज़ से प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से है ऐसे में इस संसदीय क्षेत्र को और पद मिलना मुश्किल जरूर लगता है। बहरहाल शेष तीन पदों को भरते वक्त क्या सीएम सुक्खू का निर्णय ही अंतिम होगा या आलाकमान इसमें दखल देता है, इस पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। निगाहें होलीलॉज पर भी टिकी है, अलबत्ता संगठन की कमान प्रतिभा सिंह के पास हो लेकिन सरकार में चहेतों को प्रतिनिधित्व को लेकर उनका क्या रुख रहता है, ये देखना दिलचस्प होगा।
हिमाचल की सियासत में इन दिनों 'व्यवस्था परिवर्तन' का नारा बुलंद है। सत्ताधारी कांग्रेस के इस दावे और इरादे पर भाजपा मुखर है। किन्तु प्रदेश के साथ -साथ भाजपा में भी व्यवस्था परिवर्तन की दरकार दिख रही है। लगातार सियासी चौसर पर शह-मात खा रही भाजपा ने प्रदेश की कमान तो नए हाथों में दे दी है, लेकिन जरूरत तो पार्टी में 'टॉप टू बॉटम' बदलाव की है। जाहिर है भाजपा भी इससे वाकिफ है और अब निगाहें इसी संभावित बदलाव पर टिकी है। 2024 के लिहाज़ से भी पार्टी संगठन में सशक्त टीम का होना वक्त की जरुरत है। 2019 के लोकसभा चुनाव की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने प्रदेश में हुए दो उपचुनाव भी जीते थे और उसके बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की जगह डॉ राजीव बिंदल को अध्यक्ष बनाया गया था। बिंदल ने आते ही नई टीम बनाई, हालांकि अहम पदों के बंटवारे में तब आकार ले रहे जयराम गुट की छाप दिखी। जबकि माना जाता है कि जमीनी संगठन काफी हद तक बिंदल के मन मुताबिक था। फिर 6 महीने में बिंदल की कुर्सी स्वास्थ्य घोटाले की भेंट चढ़ी और तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की रज़ा से सुरेश कशयप हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष बने। कश्यप ने चार्ज लेने के बाद जमीनी संगठन में ज्यादा बदलाव नहीं किये। शायद ये ही कारण है कि संगठन के शीर्ष पर बैठे नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच खाई सी दिखती रही। इसकी तस्दीक ये बात भी करती है कि बीते विधानसभा चुनाव में हिमाचल भाजपा ने अपनी सबसे बड़ी बगावत को देखा, जब करीब एक तिहाई सीटों पर बागी खड़े हो गए। बगावत थामने में संगठन फेल हो गया। नतीजन, जिला मंडी में जयराम ठाकुर के जादू के बावजूद उनका मिशन रिपीट का सपना अधूरा रहा। अब समय ने फिर करवट ली है और सुरेश कश्यप को हटाकर वो ही बिंदल अध्यक्ष बने है जिनकी जगह कश्यप ने ली थी। बिंदल तेजतर्रार नेता है और सियासत के माहिर खिलाड़ी। माना जा रहा था संगठन में आवश्यकतानुसार व्यापक बदलाव होगा लेकिन उनकी ताजपोशी के एक महीने में कुछ ख़ास नहीं बदला। जानकार मान रहे है कि बिंदल संगठन में फ्री हैंड चाहते है और जल्द परिवर्तन होगा और वो भी उनके मन मुताबिक। लाजमी है संतुलन के लिहाज से कुछ चेहरे एडजस्ट किये जाएँ लेकिन फ्रंट ब्रिगेड में बिंदल की ही छाप दिखेगी। बहरहाल निगाहें इसी अपेक्षित बदलाव पर टिकी है। आग का दरिया है और डूब के जाना है... माना जा रहा है कि मण्डल स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आवश्यक बदलाव होंगे। हालांकि पार्टी के लिए ये बदलाव करना भी आसान नहीं है, आग का दरिया है और डूब के जाना है। दअरसल पार्टी को यहाँ कई फैक्टर्स ध्यान में रखने होंगे। गुटों के संतुलन के साथ साथ बदलाव में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना भी बेहद जरूरी होगा। बहरहाल समर्थकों को उम्मीद ये है कि एक सशक्त संगठन के साथ भाजपा 2024 में फिर 2014 और 2019 जैसा जादू दोहराएगी। ReplyForward
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन कर्मचारियों को अब तक पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं हो पाई है जिससे ये काफी रुष्ट है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम व विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा की विद्युत बोर्ड लिमिटेड 1-1-16 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों व मौजूदा कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का लाभ अदा करने की उचित व्यवस्था नहीं कर पाया है। आज सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित पेंशन ग्रेच्यूटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन न मिलने का मुख्य कारण कर्मचारियों का संशोधित वेतनमान के बाद वेतन निर्धारण व सत्यापन का कार्य पूरा ना हो पाना है। उन्होंने बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से मांग की हैं कि पेशनरों व कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का लाभ टाइमबॉन्ड अवधि में अदा करने के लिए पेंशन व वेतन सत्यापन ब्रांच में अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त किया जाए ताकि पेंशनरों व कर्मचारियों में पनप रहा आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप धारण ना करे। खरवाड़ा ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के पेंशनरों को 3% महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की और कहा की पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना भी अति शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने बिजली बोर्ड लिमिटेड में अतिरिक्त कार्यभार वाला प्रबंध निदेशक व निदेशक वित्त लगाने की बजाय स्थाई प्रबंध निदेशक व निदेशक वित्त नियुक्त करने की मांग की है। खरवाड़ा ने बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से 66 केवी व इस के ऊपर की क्षमता वाले संचार लाइनों, विद्युत केंद्रों व विद्युत गृहों का हस्तांतरण एचपीपीटीसीएल व एचपीपीसीएल को देने की मुहिम को बंद करने की मांग की। खरवाड़ा ने कहा बिजली बोर्ड का प्रबंधक वर्ग 10 जून 2010 को हिमाचल सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते का सम्मान करें क्योंकि इस समझौते के तहत बिजली बोर्ड की संपत्तियों का हस्तांतरण बिजली कर्मचारियों की सहमति के बिना करना संभव नहीं है। उन्होंने प्रदेश में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया को बंद करने की मांग करते हुए कहा कि यह योजना बिजली कर्मचारियों, उपभोक्ताओं व बिजली बोर्ड लिमिटेड के हितों के खिलाफ है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग को कर्मचारियों व पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित व जरूरी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है। ये है मांगें 1. केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल, 2022 को बापिस ले और बिजली बोर्ड में स्मार्ट मीटरिंग बंद की जाए। यूनियन का मानना है कि यह सब बिजली कंपनी के निजीकरण के लिए लाए जा रहे है। 2. बिजली बोर्ड में वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तर्ज पर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। 3. बिजली बोर्ड के उत्पादन व संचार विंग के काम को बिजली बोर्ड के पास ही रखा जाए क्योंकि इसको अलग करने से बिजली उपभोक्ताओं की दरों में बृद्धि होगी। 4. प्रदेश में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग की जिससे इन कर्मचारियों का समायोजन सम्बंधित महकमों किया जा सके। 5. बिजली बोर्ड में टीमेट व हेल्पर की पदोन्नति कर इन पदों व अन्य खाली पड़े पदों को शिघ्र भर्ती करे बिजली बोर्ड मैनेजमेंट।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ‘माई सीएम-माई प्राइड’ पहल का शुभारंभ किया। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित इस सुविधा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री के साथ खींची गई अपनी फोटो डाउनलोड कर सकेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करने के उपरांत इस अनूठी सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस इंटरैक्टिव फीचर के लिए सूचना एवं जन संपर्क विभाग के प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘माई सीएम-माई प्राइड’ का शुभारंभ राज्य सरकार की तकनीकी प्रगति को अपनाने और प्रदेशवासियों के साथ सुदृढ़ संबंध स्थापित करने के की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनता की सुविधा के लिए सरकारी विभागों में प्रौद्योगिकी को शामिल करने और कामकाज में पारदर्शिता व जवाबदेही लाने के लिए कृतसंकल्प है। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने भी ‘माई सीएम-माई प्राइड’ पहल के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की। सूचना और जन संपर्क विभाग की निदेशक किरण भड़ाना ने इस पहल के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि क्यूआर कोड-आधारित प्रणाली नागरिकों को एक सहज और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी और विधायक सुदर्शन बबलू भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लक्षित वर्गों की आर्थिक स्थिति में आशातीत सुधार लाने और विभिन्न जन समस्याओं को समयबद्ध आधार पर सुलझाने के लिए वचनबद्ध है। डाॅ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र के चायल में देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी को आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने इससे पूर्व चायल के काली टीबा स्थित माता काली के मंदिर में पूजा-अर्चना की और सभी के स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए चरणबद्ध प्रयास कर रही है। आरम्भ में प्रदेश के सभी ज़िला स्तरीय अस्पतालों में पेट स्केन एवं अन्य आधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध आधार पर प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक शल्य चिकित्सा आरम्भ की जाएगी। इससे जटिल शल्य क्रियाओं को बेहतर तरीके से करना संभव होगा। इस अवसर पर एमओएच सोलन डाॅ. अमित रंजन, खंड विकास अधिकारी कांडाघाट नरेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर पहली बार राष्ट्रीय सम्मेलन 'हिस्टकॉन' का आज शूलिनी विश्वविद्यालय में उद्घाटन किया गया। हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध क्षमता का पता लगाने के लिए प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद और उद्यमी एक साथ आए। उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रोफेसर वीपी कंबोज, पूर्व निदेशक सीएसआईआर-सीडीआरआई। इस अवसर पर हिमालयन फोरम फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन का शुभारंभ पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आर.सी. सोबती। इस अवसर पर इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी का पहला खंड, जिसका शीर्षक 'शूलिनिव्यानुवाच' है, का भी विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर कंबोज ने वैश्विक टीका उत्पादन बाजार में भारत की स्थिति के बारे में बात की क्योंकि इसे टीकों के सबसे बड़े वैश्विक उत्पादकों में से एक के रूप में स्थान दिया गया है, जिसे विशेष रूप से महामारी के दौरान देखा गया है। प्रोफेसर आलोक धवन द्वारा एक विशेष व्याख्यान दिया गया, जिन्होंने सुरक्षित पेयजल के लिए समाधान बनाने और नैनोमैटेरियल टॉक्सिकोलॉजी के अनुप्रयोगों और महत्व को पहचानने पर शोध साझा किया। बाद में, एनआईपीईआर, भारत के निदेशक, प्रो. दुलाल पांडा ने कैंसर कीमोथेरेपी के लिए स्पाइन पॉइज़न पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की, जो भारत में कैंसर के मामलों की बढ़ती संख्या का मुकाबला करने के लिए एक नया दृष्टिकोण है। उत्तराखंड में बाढ़ से होने वाली मौतों और उसके परिणाम के बारे में, जिसका राज्य पर पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभाव पड़ा, प्रो. वाई.पी. सुंदरियाल ने अपने भाषण में कहा कि अचानक आई बाढ़ के पीछे मानवजनित गतिविधियों की बढ़ती संख्या और मानव निर्मित परिवर्तन मुख्य कारण हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और समावेशी विकास के लिए सभी स्तरों पर आतंकवाद का विरोध किया जाना चाहिए। डॉ. शांडिल आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर सोलन जिला के चायल में आतंकवाद विरोधी दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इसके उपरांत डॉ. शांडिल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्व. राजीव गांधी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की विनाशकारी प्रकृति के बारे में जागरुकता बढ़ाने और सद्भाव, भाईचारे, शांति, एकता और मानवता की विशेषता वाले समाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देश में स्व. प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर आतंकवाद विरोधी दिवस आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य देश के भीतर सभी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों का दृढ़ता से विरोध और निंदा करना है। आतंकवाद की प्रदूषित सोच के कारण देश ने एक युवा और प्रभावशाली प्रधानमंत्री को खो दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी दूरदर्शी सोच और ऊर्जावान नेतृत्व के धनी थे। राजीव गांधी को देश में सूचना प्रौद्योगिकी का जनक कहा जाता है। उनके अथक प्रयासों से ही आज देश सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिखर को प्राप्त कर पाया है। डॉ. शांडिल ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने और उन्हें सशक्त बनाने में स्व. राजीव गांधी की दूरगामी सोच महत्वपूर्ण सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश जिस सकारात्मक परिवर्तन के साथ आगे बढ़ रखा है उसकी नींव स्व. राजीव गांधी ने ही रखी थीं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने लोकतंत्र में देश के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया था। उनकी इस सोच और निर्णय ने युवाओं को देश का जागरूक मतदाता बनाया। उन्होंने कहा कि आज के दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में भी आयोजित किया जाता है। युवाओं को यह स्मरण रखना होगा कि आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ ही देश को विकास के मार्ग पर प्रशस्त किया जा सकता है। प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, जिला युवा कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष दीप वर्मा, ग्राम पंचायत नगाली के प्रधान कौशल्य शर्मा, ग्राम पंचायत सकोडी के उप प्रधान राजेंद्र, ग्राम पंचायत बंाजनी के उप प्रधान राधा कृष्ण, पूर्व बीडीसी कंडाघाट के अध्यक्ष मदन ठाकुर, ग्राम पंचायत बांजनी के पूर्व प्रधान प्रेम कश्यप, ग्राम पंचायत झाजा के पूर्व प्रधान सुरेंद्र, खंड कांग्रेस समिति के महासचिव मनीष शर्मा, जिला कांग्रेस समिति के सचिव हेमराज, खंड कांगे्रस समिति के उपाध्यक्ष इंद्रपाल, खण्ड कांग्रेस सोलन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, सचिव मोहित ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ऊना पहुंचने पर बीजेपी कार्यालय में भाजपा की जिला बैठक के समापन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में जिन नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ा है, ऐसे नेताओं को पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगाए क्योंकि ऐसे नेताओं के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को हराने में उनकी अहम भूमिका रही हैए इसलिए ऐसे नेताओं को पार्टी में वापस लेने पर कोई सवाल ही नहीं बनता। वहीं बीजेपी नेता जवाहर ठाकुर को पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस पर राजीव बिंदल ने तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि जवाहर ठाकुर द्वारा मीडिया में जाकर टिप्पणी करना सही नहीं है। मीडिया में जाना कोई लोकतंत्र नहीं है। अगर किसी कार्यकर्ता को अपनी बात कहनी है, वह हमसे कह सकता हैए हम उसकी बात को सुनेंगे और अगर किसी नेता में कमी हैए उसका हम समाधान करेंगे। परंतु अगर कोई पार्टी की टांग को नंगी करता है तो यह किसी के हित में नहीं है। बिंदल ने कहा कि केंद्र सरकार के 9 वर्ष 30 मई को पूरे होने जा रहे हैंए जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी 1 महीने में एक बड़ा अभियान चलाने जा रही है। इसमें मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना है। डोर टू डोर कॉपेन करके मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा की 25 जून को विशेष एक कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा। 25 जून देश के इतिहास में काला दिवस के तौर पर जाना जाता हैए क्योंकि इस दिन इंदिरा गांधी ने अपनी गद्दी को बचाए रखने के लिए आपातकाल लगाया था उस दिन बीजेपी भी एक जन सम्मेलन करेगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, विधायक सतपाल सत्ती व अन्य गणमान्यों के साथ ऊना ज़िले की पार्टी कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित किया व हिमाचल प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष राजीव बिंदल जी व संगठन महामंत्री सिद्धार्थन का स्वागत किया। अनुराग ठाकुर ने कहा 'मोदी है तो मुमकिन है' यह बात आज हर देशवासी महसूस करता है। अगर 9 वर्षों में हम इतना आगे पहुंच सकते हैं तो सोचिए अगले 5 वर्षों में देश और हिमाचल कहां तक जा सकता हूं। उन्होंने कहा कि अगले 2 वर्षों में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं तो सोचिए 5 वर्षों बाद क्या होगा इस दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए अनुराग ने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्ष आने वाले 30 मई को पूरे होने वाले हैं। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जनसंपर्क के द्वारा जन समर्थन जुटा रही है। अगले 1 माह में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी अध्यक्ष सभी कार्यकर्ताओं को देंगे। हमारे उना से विधायक सतपाल सत्ती पिछले 9 वर्षों से प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। इनका भी मार्गदर्शन हमें मिलता रहेगा। हमारे नए संगठन मंत्री सिद्धार्थन जी का भी आज पहली बार उना आगमन हुआ है। हम उनका भी स्वागत और अभिनंदन करते हैं।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में आदर्श सेवा दल मार्किट समिति द्वारा पीएनबी एटीएम के सामने 5वां विशाल भगवती जागरण का आयोजन किया गया। इसमें लक्ष्मी ज्योति, गौरव भारद्वाज, प्रीत भट्ट, गुलशन ने माता रानी के भजनों ने भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद लक्ष्मी ज्योति, गौरव भारद्वाज, प्रीत भट्ट, गुलशन ने चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है.., बम बम भोले.., शिव की बारात.., एक के बाद एक कई भजन सुनाकर माहौल भक्तिमय बना दिया। इसके अलावा दीक्षित आर्ट ग्रुप कसौली, ध्वनि बैंड पटियाला व नैना साउंड एंड दरबार द्वारा भोले शंकर, पार्वती, काली मां, दुर्गा मां, बजरंगबली हनुमान की भव्य झाकियों ने जागरण देखने आए सैकड़ों भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। जागरण में मौजूद लोगों ने इन भजनों का खूब आंनद लिया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के ग्रामीण व आदर्श सेवा दल मार्किट समिति के सदस्यों सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद, हिमाचल प्रदेश में देश के अन्य सभी पहाड़ी राज्यों की तुलना में उच्चतम सड़क घनत्व वाला सुदृढ़ सड़क नेटवर्क है। वर्तमान राज्य सरकार प्रदेशवासियों व बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां की सड़कों को सुरक्षित व सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के नैसर्गिक सौन्दर्य व साहसिक एवं धार्मिक पर्यटन का आनंद उठाने के लिए प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। दुर्गम पहाड़ियों में सर्पीले रास्तों पर इन पर्यटकों के वाहन, उच्च गति से चलने वाली गाड़ियां और पैदल चलने वाले यात्रियों से सड़कों पर एक ऐसा विषम यातायात मिश्रण बनता है जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लापरवाह चालकों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की प्रमुख चिंता है और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा नीति अधिसूचित कर दी गई है और हिमाचल भारत का पहला राज्य है जहां सड़क दुर्घटना डेटा प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया। इससे दुर्घटना संबंधित जानकारी एकत्रित करने और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करने मंे सहायता मिली है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन नये यातायात-पर्यटक पुलिस थाने स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये थाने बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिले में खोले जाएंगे। यह इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेट सिस्टम प्रत्येक थाने में स्थापित कंट्रोल रूप से संचालित किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम फोरलेन पर दुर्घटना आदि की स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने मंे सहायक सिद्ध होगा। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के सुचारू संचालन और दुर्घटनाओं आदि की संभावनाओं को कम करने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राज्य पुलिस के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत आपातकालीन कॉल बॉक्स के साथ-साथ उच्च तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरे, स्वचालित ट्रैफिक काउंटर-कम-क्लासीफायर्स, व्हीकल ऐक्चुएटिड स्पीड डिस्प्लेस प्रदर्शन और ओवरहेड ड्राइवर फीडबैक सिस्टम, परिवर्तनीय यातायात संदेश चिन्ह (वेरयेबल मैसेज साईन), वीडियो घटना का पता लगाने वाली प्रणाली और मेट डिवाइस भी स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा टोल प्लाजा पर कमांड और नियंत्रण केंद्र तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऑप्टिक फाइबर के माध्यम से कनेक्टिविटी भी स्थापित की जा रही है। राज्य सरकार की यह नवीन पहलें हिमाचल प्रदेश में यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुखद बनाने में मददगार साबित होंगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि किसी भी संस्थान की असली पहचान न तो उसका भवन होता है और न ही दीवारें, बल्कि उसकी वास्तविक पहचान सदैव उसकी कार्यशैली और उपलब्धियों से प्रदर्शित होती है। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला ने शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों से अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्थान अकादमिक और बौद्धिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। राज्यपाल आज यहां ऐतिहासिक भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के शोधार्थियों (अध्येताओं एवं सह-अध्येताओं) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व का यह संस्थान पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के भारत में ज्ञान और शोध की प्राचीन परंपरा को पुनर्स्थापित करने के स्वपन को साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी भारतीयों को अपने देशपर गर्व करने का एक और अवसर प्रदान कर रहा है और लंबे समय से अंतःविषय अनुसंधान और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि यह नवाचार के लिए एक उत्प्रेरक रहा है और इसने हमारे देश के बौद्धिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान मूलतः मानविकी और सामाजिक विज्ञान में गहन सैद्धांतिक अनुसंधान के लिए समर्पित है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि संस्थान ने बौद्धिक जिज्ञासा और अकादमिक शोध की भावना को बढ़ावा दिया है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईएएस जैसे शोध संस्थान अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्यशील हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अपनी व्यापक उद्यमशीलता के माध्यम से विभिन्न व्याख्यान शृंखलाओं, साप्ताहिक सेमिनारों और अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र के माध्यम से देश और दुनिया के प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आयोजन कर ज्ञान संचित किया है, जो किसी भी संस्थान के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि लगभग दो लाख प्रतिष्ठित विद्वानों की पुस्तकों से सुसज्जित संस्थान का पुस्तकालय एक बड़ी धरोहर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संस्थान निरंतर अनुसंधान और शोध की संस्कृति को आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने संस्थान के पुस्तकालय में भारतीय भाषाओं पर आधारित ग्रंथों के एक अलग संग्रह पर बल दिया। इससे पहले, राज्यपाल ने संस्थान द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों और केंद्रीय हिंदी निदेशालय की दो अन्य पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने छायाचित्र प्रदर्शनी, पुस्तकालय, वायसराय के कार्यालय एवं कक्ष का अवलोकन किया तथा संस्थान के ऐतिहासिक महत्व में गहरी रुचि दिखाई। राज्यपाल ने पद्मभूषण प्रो. कपिल कपूर को भी सम्मानित किया। आईआईएएस की अध्यक्षा प्रोफेसर शशिप्रभा कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि वेदों से अमृत्व की कामना भारत में हुई। अमृत्व का अर्थ भारतीय संस्कृति को उच्च विचारों के द्वारा भावी पीढ़ी तक रूपांतरित करना है। उन्होंने अपनी मृत्यु के उपरांत संस्कृत और दर्शनशास्त्र की अपनी पुस्तकों का संग्रह आईआईएएस को दान करने की घोषणा की। आईआईएएस के निदेशक प्रोफेसर नागेश्वर राव ने कहा कि संस्थान के पुस्तकालय में 2 लाख पुस्तकों और पत्रिकाओं का संग्रह है और इस वर्ष 13 शोध पुस्तकें प्रकाशित की हैं जबकि 7 प्रकाशनाधीन हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ऐतिहासिक और शैक्षिक महत्व का है, जहां भारतीय परंपराओं पर आधारित शोध पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस अवसर पर संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर ने भारत की ज्ञान परंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता ज्ञान केन्द्रित, संस्कृति मूल्य और समाज कर्तव्य आधारित रही है। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, संस्थान के शोधार्थी, संस्थान के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, विधायकसतपाल सत्ती जी व अन्य गणमान्यों के साथ ऊना ज़िले की पार्टी कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक में पदाधिकारियों को सम्बोधित किया व हिमाचल प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष राजीव बिंदल जी व संगठन महामंत्री सिद्धार्थन जी का स्वागत- अभिनंदन किया। संवाददाताओं से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्ष आने वाले 30 मई को पूरे होने वाले हैं। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जनसंपर्क के द्वारा जन समर्थन जुटा रही है। अगले 1 माह में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी अध्यक्ष जी सभी कार्यकर्ताओं को देंगे। हमारे उना से विधायक सतपाल सत्ती जी पिछले 9 वर्षों से प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। इनका भी मार्गदर्शन हमें मिलता रहेगा। हमारे नए संगठन मंत्री सिद्धार्थन का भी आज पहली बार ऊना आगमन हुआ है। हम उनका भी स्वागत और अभिनंदन करते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने भारत को संविधान देने वाले बाबासाहेब अंबेडकर को भी अपमानित व प्रताड़ित किया। वह पीएम मोदी ही थे, जिन्होंने आने के बाद उन्हें उनका सही सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदैव तुष्टीकरण की राजनीति की है और उस के बल पर ही वोट लिया है। भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस आज भी लोगों के बीच कोई बड़ी बात लेकर नहीं जा पाती है। इससे पूर्व सभा को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में क्षेत्र में कहा कि किरतपुर से सुंदरनगर 87 किलोमीटर सड़क है जो 57 किलोमीटर रह जाएगी। अभी जहां इसे पूरा करने में 3 घंटे 35 मिनट के आसपास समय लगता है वो कुछ हीं दिनों में मात्र 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसमें कुल मिलाकर 14 टनल बनेंगे। किरतपुर से मनाली जाने में 7 घंटे लग जाते थे अब ज्यादा से ज्यादा 3 घंटे लगेंगे। जालंधर से आने वाली सड़क को दुगना चौड़ा कराने का ठेका दिया जा चुका है। हमीरपुर- धरमपुर- मंडी के लिए 1200 करोड़ की लागत से दोगुनी चौड़ी सड़क बन रही है। हमीरपुर से बिलासपुर तक की 300 करोड़ में चौड़ी सड़क पहले ही बन चुकी है। अब मटौर से लेकर हमीरपुर- बिलासपुर- शिमला तक जो 200 किलोमीटर से ज्यादा की सड़क है वह 180 किलोमीटर के आसपास रह जाएगी। इसने लगभग 40 किलोमीटर की कमी आने से आज शिमला से धर्मशाला पहुंचने में जो 6 घंटे का समय लगता है वह मात्र 3 घंटे रह जाएगा।"
सोलन युवा कांग्रेस ने स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शतल गांव में जाकर छोटे बच्चों को फल, जूस, बिस्कुट आदि बांटकर उनको श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सोलन ज़िला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित ठाकुर ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माता थे। उन्होंने हमेशा युवाओं को आगे लाने और प्रोत्साहित करने का कार्य किया। मताधिकार की आयु को 21 वर्ष से कम कर के 18 वर्ष करना या संचार क्रांति लाना इसके उदाहरण है। सोलन युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी ने कहा कि देश राजीव गांधी जी की शहादत को हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर सोलन विधानसभा के अध्यक्ष अंकुर ठाकुर, उपाध्यक्ष पुनीत नारंग, ज़िला महासचिव जय प्रकाश, विशाल शर्मा, सचिन कश्यप, अंकित आदि भी मौजूद रहे।
संगडाह उपमंडल की ग्राम पंचायत शामरा गांव नाईचना निवासी वांशिका पुत्री रमेश ने साइंस स्ट्रीम में 484 नंबर लेकर मेरिट में 9वां स्थान प्राप्त किया। वांशिका एसवीएन पब्लिक स्कूल नाहन में पढ़ती है। वंशिका ने बताया कि उसका सपना डाक्टर बनना है। इसके लिए वह अभी से ही मेहनत कर रही है। उसने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है। उसने कहा कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसने लगातार 5/6 घंटे तक पढ़ाई की है। वहीं स्कूल प्रबंधक के अनुसार उनके स्कूल में पिछले चार-पांच साल में सीनियर सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई कराई जा रही है और अभी तक उनके पास साइंस स्ट्रीम ही है। हर बार मेरिट लिस्ट में आने से एक या दो पॉइंट से बच्चे रह जाता थे, लेकिन इस बार उनको विश्वास था जो इस बच्ची ने पूरा किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं आधुनिक भारत के निर्माता राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर आज जिला कांग्रेस सोलन ने कांग्रेस भवन में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। जिला कांग्रेस ने उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका बलिदान देश एवं कांग्रेस पार्टी संगठन के लिए सदैव प्रेरणा रहेगा। उनके द्वारा देश में सूचना अवं पंचायत नगर निकाय को शक्तियां देकर आवमरणीय कार्य किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कमेटी ने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में फल व जूस भी वितरित किया।
जिला सिरमौर के शिलाई उप मुख्यालय की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जरवा जुनेली के छात्र जयेश शर्मा ने 12वीं कला संकाय में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पहला स्थान पाने पर जयेश ने विद्यालय, क्षेत्र व जिला का रोशन किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य केदार सूर्यवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 10+2 कक्षा में सत्र 2023 की परीक्षा में कला संकाय में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में 500 में से 487 (97.4%) अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जिससे पाठशाला का मान प्रदेशभर में ऊंचा हुआ है। उन्होंने बताया कि पाठशाला के 22.92% छात्रों ने 80% से अधिक अंक प्राप्त कर पाठशाला को अच्छा परिणाम दिया है। यह लगातार दूसरा 10+2 कक्षा का परिणाम है, जिसमें पाठशाला में छात्रों ने बोर्ड में प्रथम दस रैंक में स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा की जयेश पाठशाला का नियमित छात्र रहा जो कक्षा से कभी अनुपस्थिति नहीं रहता था।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किया जमा दो (10+2) के परीक्षा परिणाम में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरा जिला कांगड़ा का परीक्षा परिणाम अति सराहनीय रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम 98.44% रहा। विज्ञान ब बणिज्य संकाय का परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा और कला संकाय का परिणाम 96% रहा | विज्ञान संकाय में 9 बच्चों ने 90% से ऊपर अंक हासिल किए, जबकि कॉमर्स में 2 विद्यार्थियों ने 90% से ऊपर अंक हासिल किए। विज्ञान संकाय में अर्चित ने 96% अंक हासिल करके प्रथम स्थान हासिल किया, वाणिज्य संकाय में रिया भारती ने 93% अंक हासिल कर प्रथम स्थान हासिल किया जबकि कला संकाय में शगुन ने 89% अंक हासिल करके प्रथम स्थान हासिल करने के साथ ही विद्यालय का नाम रोशन किया । विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार शर्मा ने इस सराहनीय परिणाम के लिए सभी प्रवक्ता साथियों का मनोबल बढ़ाते हुए, उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की तथा आह्वान किया कि भविष्य में भी इसी तरह कड़ी मेहनत और लगन के द्वारा विद्यालय को सफलता के शिखर तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी समस्त विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई प्रेषित करी, था बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
अग्रवाल सभा सोलन की तरफ से अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों का सोलन आगमन पर अभिनदंन व स्वागत किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल, राष्ट्रीय मंत्री अशोक गर्ग, अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के नवनियुक्त हिमाचल प्रदेशाध्यक सुमित सिंगला हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश गर्ग विशेष अतिथि के रूप में उपस्तिथ थे। इस अवसर पर अग्रवाल सभा के प्रधान दिनेश गर्ग, सतीश बंसल, मासचिव राकेश अग्रवाल, राकेश गुप्ता सरंक्षक ने पदाधिकारियों का हिमाचली टोपी व शाल पहनकर स्वागत किया।
जमा दो का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें वैदिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शानन का परीक्षा परिणाम शत- प्रतिशत रहा। विद्यालय की होनहार छात्रा कनिका ने 97% अंक लेकर शिक्षा बोर्ड में टॉप दस में स्थान सुनिश्चित किया। कुमारी कनिका पहले से ही होनहार छात्रा रही है और दसवीं कक्षा में भी 99% अंक प्राप्त किए थे। विद्यालय में पीयूष ठाकुर 96% लेकर द्वितीय और प्राशुल अवस्थी 94% लेकर तृतीय स्थान पर रहें । सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए। परिक्षा परिणाम की सूचना मिलते ही विद्यालय में खुशी का माहौल छा गया व स्कूल परिसर मे मिठाई बाँटी गयी। निर्देशक मेघ सिंह ठाकुर ने और प्रधानाचार्य कंचन ठाकुर ने जमा के उतीर्ण हुए सभी बच्चों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी तथा आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
शिमला जिले की ठियोग तहसील के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्यारा के प्रिंस ने कला संकाय मे 93.6% अंक लाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रिंस पुत्र संत राम ग्राम रावग पंचायत क्यारा ने इस उपलब्धि से अपने परिवार सहित पूरे गांव और पंचायत का नाम रोशन किया है।
दी ग्रीन वैली गुडस कैरियर सोसाइटी संसारपुर टैरस में चुनाव के बाद नवचयनित कमेटी के साथ पूर्व कामगार बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने मीटिंग की। इस दौरान कमेटी सदस्यों ने सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया को सम्मानित भी किया। इस दौरान उपस्थित कमेटी सदस्यों व उपस्थित ट्रक ऑपरेटर्स ने औद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टैरस में उद्योगों व ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के मध्य हो रहे काम के बारे में चर्चा की। उपस्थित लोगों ने संसारपुर टैरस में उद्योग बढाने पर सरकार से अपील की व सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर शमशेर चंद, सजेश ठाकुर, राकेश कुमार, सुनील कुमार व बालकृष्ण शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी स्थित केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट-सेन्ट्रल इन्स्टिटूट ऑफ पेट्रोकेमिकल एंजीनिरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी) में विभिन्न डिप्लोमा एवं पोस्ट ग्रेस्जुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आज यहां यह जानकारी दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सिपेट में तीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलाॅजी (डी.पी.एम.टी), डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेकनोलाॅजी (डी.पी.टी) तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एवं टेस्टिंग (पी.जी.डी-पी.पी.टी) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा 11 जून को आयोजित की जाएगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 मई निर्धारित की गई है।
राजस्व, उद्यान एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज शनिवार को औषधीय, वैज्ञानिक एंव औद्योगिक उददेश्य के लिए भांग के पौधे की खेती को वैध करने के लिए सिफारिश हेतु गठित कमेटी अपने उत्तराखंड के स्टडी टूर के दौरान नाहन पहुंची। समिति के सदस्यों में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक हंसराज, विधायक जनकराज, विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, विधायक सुरेन्द्र शौरी, विधायक केवल सिंह पठानिया, सदस्य सचिव अतिरिक्त आयुक्त आबकारी एवं कराधान डा. राजीव डोगरा एवं विशेष आमंत्रित सदस्य एडवोकेट देवेन कृष्ण खन्ना शामिल रहे। राजस्व मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने सर्किट हाउस नाहन में एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि समिति उत्तराखंड के मुख्य स्थलों का भ्रमण कर यह पता लगाएगी कि भांग की खेती को किस प्रकार से औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उदेदश्य के लिए प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रवास के दौरान भांग की खेती से प्राप्त होने वाले राजस्व तथा लोगों को मिलने वाले रोजगार की जानकारी भी समिति प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भांग की खेती की अपार संभावनाएं हैं और औषधीय, वैज्ञानिक एंव औद्योगिक उददेश्य के लिए भांग के पौधे की खेती को वैध करने के लिए समिति व्यापक स्तर पर स्टडी करने के साथ लोगों से फीड बैक भी प्राप्त कर रही है। विधायक रेणुका जी विनय कुमार, विधायक नाहन अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा, काग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रूपेन्द्र सिंह ठाकुर व अन्य गणमान्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंदौरा में जिला स्तरीय तीन दिवसीय स्काउट एंड गाइड कैंप का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस कैंप में जिला के पांच सब डिवीजन के 68 स्कूलों से 665 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। रात्रि में होने वाले "कैंप फायर प्रोग्राम" के मुख्य अतिथि इंदौरा एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर होंगे तथा कल के मुख्य समारोह में विधायक मलेन्द्र राजन बतौर मुख्य अतिथि पधारेंगे वविद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। स्कूल प्रधानाचार्य मोहन शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं के विकास के लिए स्काउट एवं गाइड कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इस कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलजुल कर कार्य करने तथा राष्ट्र सेवा की भावना के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जिला काँगड़ा जिला मुख्य आयुक्त एवं डिप्टी डायरेक्टर (उच्च शिक्षा) रेखा कपूर ने अपना संदेश जारी करते हुए कहा है की सभी नन्हे स्काउट्स और गाइड्स को नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत अपने स्तर पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर इंदौरा ग्राम पंचायत प्रधान भोपाल कटोच, एसएमसी प्रधान देवेंद्र कुमार, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट्स) तरसेम, जिला संगठन आयुक्त (गाइड्स) नीशा नेहरिया, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट्स) राजेश गुलेरिया, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड्स) नीलम, के साथ–साथ राज्य सह संगठन आयुक्त नीरज बाला, उप जिला संगठन आयुक्त (स्काउट्स) विजय रंधावा, जिला सह सचिव रेणुका गुप्ता, सीनियर ट्रेनर सतीश कुमार आदि ने भाग लिया।
सोलन के अटल शिक्षा कुञ्ज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फार्मेसी की ओर से फेयरवेल पार्टी "हास्ता ला विस्ता" का आयोजन किया गया। इस फेयरवेल पार्टी में फार्मेसी के छात्र-छात्राओं के अलावा विश्वविद्यालय स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम में फार्मेसी विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए जूनियर्स की तरफ से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं, अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने रैंप वॉक, थीम गेम्स, नृत्य आदि पर शानदार प्रतुतियां दीं। फेयरवेल पार्टी में मिस्टर फेयरवेल अमन उपाध्याय और मिस फेयरवेल प्रियंका को चुना गया। इसके अलावा मिस्टर टैलेंटेड पारिश, मिस टैलेंटेड अंकिता, मिस्टर पर्सनैलिटी अंकित और मिस पर्सनैलिटी प्रेमलता, मिस्टर चार्मिंग कर्ण और मिस चार्मिंग स्नेहलता, मिस्टर डिसिप्लिन्ड सौम्य यादव और मिस डिसिप्लिन्ड शबनम को चुना गया। फेयरवेल पार्टी में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फार्मेसी विभाग के प्लेसमेंट हासिल कर चुके छात्र-छात्राओं को बधाई दी। वहीं, अन्य छात्र-छात्राओं को भी जल्द से जल्द प्लेसमेंट दिलवाने के लिए आश्वस्त किया गया। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
एसवीएन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की कक्षा बारहवीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। विद्यालय अध्यक्ष टीसी गर्ग ने बताया कि विज्ञान संकाय की छात्रा यशिका जोशी ने 478/500 अंक लेकर स्कूल में प्रथम स्थान, जिला में द्वितीय व हिमाचल में 15वें स्थान रहकर स्कूल के इतिहास को दोहराया है। स्कूल प्रधानाचार्य पद्मनाभम ने बताया कि आस्था शर्मा ने 452/500 अंक लेकर द्वितीय व समृद्धि ने 433/500 अंक लेकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाणिज्य संकाय में प्रियंका शर्मा ने 478/500 अंक लेकर प्रथम,जतिन भार्गव ने 437/500 अंक लेकर द्वितीय स्थान व अमन कुमार ने 433 /500 अंक लेकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। कला संकाय में दीक्षा देवी ने 400/500 अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों, अध्यापकों और सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। विद्यालय अध्यक्ष टीसी गर्ग ने बताया कि हर वर्ष विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहता है और अपने परीक्षा के उच्चतम स्तर को छूता है। यह विद्यालय शिक्षा और अनुशासन के लिए हमेशा अलग ही पहचान रखता है। पूरे क्षेत्र में शिक्षा और अनुशासन में इस विद्यालय का कोई मुकाबला नहीं है। यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में हर वर्ष उत्तम परीक्षा परिणाम के लिए जाना जाता है।
ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं में देश भक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायत मांगल में दंगल कमेटी समत्याडी द्वारा कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। दंगल का शुभारंभ ट्रांसपोर्टर एवम समाजसेवी जुल्फी राम शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि दंगल हिमाचल, पंजाब, हरियाणा के पहलवानों का गौरव होते हैं। इसमें कुश्ती खेलने वाले युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि खेलों में हिमाचल की बेटियां भी कम नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने का मुख्य कारण युवाओं में देश भक्ति की भावना को मजबूत करना है। करीब पांच घंटे तक पहलवानों के करतब देखकर लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया। इस कुश्ती में अंडर 20 कुश्ती भी करवाई गई, जिसमें नीरज व राहुल के बीच मुकाबला हुआ। नीरज ने यह मुकाबला जीत लिया। दंगल की बड़ी माली का खिताब कमलजीत धूमछेड़ी के नाम रहा। हिमाचल केसरी में सोनू बागा विजेता रहा। विजेता पहलवानों को दंगल कमेटी की ओर से घोषित पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर समाजसेवी जुल्फी राम,पंचायत प्रधान मांगल उर्मिला देवी,उप प्रधान सीता राम,पंचायत प्रधान बागा सुरेंद्रा पंवर,जिला सोलन कांग्रेस सचिव चौहान कृष्णा,प्रधान आदर्श महिला मंडल बागा सुखदेई चौहान,यूनिट हेड अल्ट्राट्रेक सीमेंट बागा विवेक माथुर,दंगल कमेटी के प्रधान हरिराम पंवर,बलदेव राज चौहान,राकेश चौहान,सूबेदार जगत राम,संजय पंवर,संजीव पंवर,नगीन, दौलत राम,प्रेमलाल,सुरजीत सेन,देवेंद्र कुमार,पूर्ण चन्द,सहित अन्य मौजूद रहे।
जिला सोलन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घनागुघाट की मीनाक्षी शर्मा ने बारहवीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम में वाणिज्य संकाय में 500 में से 487 अंक लेकर मेरिट में सातवां स्थान झटका है। मीनाक्षी शर्मा की इस उपलब्धि से स्कूल में खुशी का माहौल है। मीनाक्षी शर्मा का सपना बड़े होकर वाणिज्य विषय के पद पर प्राध्यापक बनकर बच्चों का उज्जवल भविष्य बनाना है। मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि उसने माता-पिता के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन से इस मुकाम को पाया है। उन्होंने कहा कि यदि लग्न से परिश्रम करते रहे और अपना ध्यान केवल लक्ष्य पर स्थापित करेंगे तो अवश्य ही सफलता प्राप्त होती है। उनके पिता योगराज शर्मा दिहाड़ीदार मजदूरी का कार्य करते है व मां मधु शर्मा गृहिणी हैं। प्रधानाचार्य सुनीता ठाकुर ने बताया कि मीनाक्षी ने 500 में से 487 अंक (97.4 प्रतिशत) लेकर प्रदेश भर में सातवां स्थान हासिल किया है। मीनाक्षी प्रतिभाशाली छात्रा है,आरंभ से ही वह विविध प्रतियोगिताओं में तथा विद्यालय गतिविधियों में अग्रणी रहती है। इस विशेष उपलब्धि के लिए विद्यालय के सभी अध्यापक तथा मीनाक्षी एवं उसके अभिभावक बधाई के पात्र हैं। वहीं इसी उपलब्धि पर मुख्य संसदीय सचिव व विधायक अर्की संजय अवस्थी,पंचायत प्रधान घनागुघाट मधुबाला,उपप्रधान प्रवीण कुमार व पंचायत शिवनगर प्रधान इंद्रा शर्मा,उपप्रधान हीरा सिंह कौंडल व पंचायत समिति सदस्य दीपिका ने मीनाक्षी शर्मा एवं विद्यालय परिवार को बधाई दी है। प्रधानाचार्य सुनीता ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए होनहार छात्रा व उसके परिजनों को बधाई दी है।
राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की कक्षा जमा 2 का वार्षिक परीक्षा परिणाम सराहनीय रहा। विद्यालय प्रधानाचार्य बीएस ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई कक्षा जमा दो की परीक्षा में साइंस व कॉमर्स विषय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। वहीं आर्ट्स में दो बच्चे असफल रहे। साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स में विद्यालय से 68 छात्र- छात्राओं ने परीक्षा दी। विद्यालय का परीक्षा परिणाम 97 प्रतिशत रहा। इसमें तेजस्वनी ने 90 प्रतिशत अंक लेकर विद्यालय में प्रथम स्थान व आरुषि 89 प्रतिशत दूसरा व तिशा ने 85 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रधानाचार्य बीएस ठाकुर,एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर व सदस्यों ने बच्चों, उनके माता पिता व अध्यापकों को बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए बधाई दी है।


















































