-प्राचार्य बोले, यातायात नियमों का पालन न करने से होती हैं अधिकतर दुर्घटनाएं - सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की बचाएं जान राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी-कंदरोड़ी के विद्यार्थियों द्वारा आज सड़क सुरक्षा रैली निकाली गई और सड़क सुरक्षा के नारे लगाए गए। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करके हम स्वयं की और सामने वाले की भी जान बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें दो पहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। कभी भी शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। हमेशा सीट बेल्ट बांधकर गाड़ी चलानी चाहिए। वाहन चलाते समय कभी भी मोबाइल फोन पर बात नहीं करनी चाहिए और हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन न करने के कारण होती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि यातायात नियमों का खुद भी अनुपालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
प्रदेश के विकास में नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित कर महत्वाकांक्षी एवं सार्थक बदलाव लाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गोकुल बुटेल ने यह जानकारी आज यहां डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग द्वारा दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के सहयोग से 5जी का उपयोग एवं क्षमता निर्माण विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए दी। गोकुल बुटेल ने कहा कि नागरिक सेवाओं का दायरा विस्तृत करने, रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने तथा दक्षता बढ़ाने के लिए 5जी तकनीक अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का शिक्षा, स्वास्थ्य, निगरानी, कृषि, बागवानी सहित अन्य क्षेत्रों में उपयोग सुनिश्चित किया गया है। इससे न केवल प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त करने में बल मिलेगा बल्कि प्रदेश को आगामी 10 वर्षों में आत्मनिर्भर और देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश विकास से बदलाव के नए दौर की ओर अग्रसर है तथा सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका इसमें सबसे अहम है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में 5जी तकनीक को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए सभी हितधारकों को हरसम्भव सहायता प्रदान की जा रही है। विभागों की कार्यप्रणाली में दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली कार्यान्वित की गई है। इसके साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक का उपयोग कर नागरिक सेवाओं को भी सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से नेटवर्क सेवाओं, आपसी समन्वय व प्रदेश में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के महत्त्व पर भी बल दिया।। उन्होंने कहा कि नशा निवारण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सार्थक भूमिका निभा सकता है। सचिव, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन ने प्रदेश में 5जी के उपयोग और आधारभूत संरचना सृजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5जी सेवाओं के प्रसार और नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार हिमाचल परिमंडल दीपिका खोसला व मिशन निदेशक, राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन नीरज कुमार ने 5जी से संबंधित क्षमता निर्माण के बारे में किए जा रहे प्रयासों एवं वस्तुस्थिति के बारे में अवगत करवाया। इस अवसर पर 5जी तकनीक के उपयोग व प्रसार से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस मुकेश रेपस्वाल, विभिन्न विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपिस्थत थे।
-पटाखे चलाने को समय निर्धारित, निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना जरूरी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की अनुपालना करते हुए कांगड़ा जिला के शहरी क्षेत्रों में भी दीपावली, गुरूपर्व, क्रिसमस तथा नववर्ष की पूर्व संध्या पर पटाखे चलाने के लिए समय निर्धारित कर दिया है। इस बाबत जिला दंडाधिकारी डा निपुण जिंदल की ओर से आदेश भी पारित किए गए हैं इन आदेशों के अनुसार इन पर्वों पर ग्रीन पटाखे यानि कम प्रदूषण वाले पटाखे ही चलाने की अनुमति है इसमें दीपावली 12 नवंबर को रात आठ बजे से लेकर रात दस बजे तक, गुरुपर्व 27 नवंबर को प्रात: चार बजे से पांच बजे तक तथा रात्रि नौ बजे से लेकर रात्रि दस बजे तक, तथा क्रिसमस 25 दिसंबर को रात्रि 11:55 से लेकर प्रात: 12:30 तक ही पटाखे चलाए जा सकते हैं। इसी तरह से नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को रात्रि 11:55 से लेकर प्रात: 12:30 बजे तक की पटाखे चलाए जा सकते हैं। पटाखे बेचने के लिए एसडीएम से अनुमति लेना होगा जरूरी बाजार में, सरकारी कार्यालय परिसरों, हेरिटेज बिल्डिंग तथा आवाज निषिद्व क्षेत्रों में पटाखों के चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला दंडाधिकारी के आदेशों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में पटाखे बेचने के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में उपमंडलाधिकारियों द्वारा चिह्न्ति या निर्धारित जगहों पर ही पटाखे बेचे जा सकते हैं। इन आदेशों की अवेहलना करने वाले के खिलाफ संबंधित उपमंडलाधिकारियों को कार्रवाई के लिए प्राधिकृत किया गया है। इसके साथ ही नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों को पटाखों से उत्पन्न होने वाले कूड़ा कचरा के वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन के लिए भी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों के तहत जरूरी हिदायतें: चिह्न्ति स्थानों पर पटाखों की दुकानों में बिना किसी रूकावट के आपातकालीन निकासी होना जरूरी है। पटाखों की दुकानों पर सेल्जमैन पटाखों की हैंडलिंग में दक्ष होने चाहिए। मार्केट या भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में पटाखे बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी, चिह्न्ति स्थानों पर पटाखों की दुकानों की आपसी दूरी कम से कम तीन मीटर होनी चाहिए। पटाखों की दुकानों के आसपास लैंप, मोमबती जलाने तथा स्मोकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
-कहा, जब तक सरकार सवर्ण आयोग का गठन नहीं करती, चैन से नहीं बैठेंगे -नैहरन पुखर में नुक्कड़ सभा को किया संबोधित देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमित ठाकुर ने कहा है कि सवर्णोंं के हित के लिए शुरू आंदोलन जारी रहेगा। जब तक सरकार सवर्ण आयोग का गठन नहीं करती, वह चैन से नहीं बैठेंगे। सभी को समानता दिलाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। रुमित शुक्रवार सुबह देहरा उप मंडल के तहत नैहरन पुखर में नुक्कड़ सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी दलों ने आज तक सवर्णों को सिर्फ वोट बैंक की खातिर इस्तेमाल किया है। लेकिन अब सवर्ण अपना और शोषण नहीं सहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी इस बार लोकसभा चुनाव में सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने लोगों से दलगत भावनाओं से ऊपर उठाकर सवर्ण समााज के हितों आने का भी आह्वान किया। रुमित ने बताया कि संगठन की बैठक पांच नवंबर को देहरा स्थित महाराणा प्रताप भवन में बुलाई गई है। इस मौके पर राजपूत कल्याण सभा देहरा के उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र चौहान, दयाल पंचायत के पूर्व उप प्रधान दविंदर सिंह पिंटू, सेवानिवृत्त एक्सईएन केवल सिंह ठाकुर, रिटायर्ड सूबेदार रंगील सिंह, सेवानिवृत्त एसडीओ ईश्वर सिंह चौहान, मोहित ठाकुर, रमेश ठाकुर, मनमोहन सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज सुरक्षा क्लब की ओर से सड़क सुरक्षा पर व्याख्यान का आयोजन किया। इस व्याख्यान का आयोजन सड़क सुरक्षा क्लब के संचालक डॉ. खुशी राम भगत के नेतृत्व में हुआ। व्याख्यान में महाविद्यालय के सड़क सुरक्षा क्लब के सभी छात्र व अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। इस व्याख्यान में सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्य प्रो. हरजिंद्र सिंह ने छात्रों को सड़क सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सर्वप्रथम उन्होंने इस व्याख्यान के उद्देश्य के बारे में समझाया और प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटना के बारे में आंकड़ों के माध्यम से समझाने की कोशिश की। प्रो. हरजिंद्र सिंह का कहना है भले हम थोड़ी देर से पहुंचे परंतु सुरक्षित रूप से पहुंचना जरूरी है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा ग्लोब स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफटी के रूप में विख्यात एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटना मौत का पांचवा प्रमुख कारण बन जाएगा। हमें सड़क दुर्घटना को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ज्यादातर मौतें हमारी लापरवाही के कारण होती है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुरजीत सिंह राणा ने सड़क सुरक्षा क्लब के द्वारा किए ने गए इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए उनहें बधाई दी।
राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ में कॉलेज केंद्रीय छात्र संघ की कार्यकारिणी के शपथ समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में नवनियुक्त केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारियों को महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज सूद द्वारा शपथ दिलवाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में कुमारी शीतल को अध्यक्ष कनिका धीमान को उपाध्यक्ष, सिंपल को सचिव व श्रेया पंडित को सहसचिव की शपथ दिलवाई गई। अन्य मनोनीत सदस्य में अंजना व अन्य गतिविधियों की श्रेणी में प्रीति देवी, नीतिका, अंजली, नेहा, खुशीराम, सोनाली ठाकुर, सुहानी ठाकुर व श्रेया गौतम को शपथ दिलवाई गई। महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज सूद जी ने नवनियुक्त कॉलेज केन्द्रीय छात्र संघ को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर प्रो. विकास चंद्र डॉ. सुषमा कुमारी, डॉ. जसपाल सिंह राणा, प्रो मीना, प्रो. शैलजा व प्रो. रविंद्र भी उपस्थित थे।
-कहा, 4 से 7 नवंबर होगा फिल्म फेस्टिवल का आयोजन जिला मुख्यालय धर्मशाला पिछले कुछ वर्षों से एक इवेंट सिटी के रूप में अपना स्थान न केवल देश बल्कि विश्व पटल में बना रहा है। पूर्व में हुए कईं महत्वपूर्ण आयोजनों के बाद अब 4 नवंबर से 7 नवंबर तक धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज वीरवार को इवेंट के आयोजकों से फिल्म फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर हुई मंत्रणा के बाद दी। उपायुक्त ने आयोजकों को फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग उपलब्ध करवाने की बात कही। पर्यटन राजधानी को देगा मजबूती उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी बनाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन इस दिशा में कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला लिटरेचर फेस्टिवल, कांगड़ा वैली कार्निवल, जी20 देशों की बैठकें, देश के पर्यटन मंत्रीयों की कॉन्फ्रेंस, क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच, मुख्य सचिवों की बैठक जैसे कईं महत्वपूर्ण इवेंट्स का आयोजन धर्मशाला में हाल ही के वर्षों में हुआ है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से जिले में पर्यटन को मजबूती मिलेगी। उपायुक्त कहा कि ने फिल्म फेस्टिवल में देश ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी शामिल की जाएंगी तथा इसमें देश-विदेश से कई लोग फेस्टिवल में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उठा सकेंगे फिल्म फेस्टिवल का लुत्फ डीसी ने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के नाम से विख्यात इस फिल्म फेस्टिवल का इस वर्ष 12वां एडिशन अप्पर धर्मशाला के नड्डी स्थित डल झील के समीप 'तिब्बतन चिल्ड्रेंस विलेज' में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार यह फेस्टिवल सबके लिए खुला होगा और काई भी व्यक्ति इसमें भाग ले सकता है। फिल्म मेकिंग के माध्यम से करें स्थानीय संस्कृति का प्रमोट उन्होंने कहा कि फिल्म मेकिंग और इससे जुड़े कार्यों में रूचि रखने वाले युवा इस आयोजन से बहुत कुछ सीख सकते हैं और फिल्म मेकिंग के माध्यम से अपनी स्थानीय कहानियों और कथाओं को प्रोमोट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल में बहुत से जाने-माने फिल्मकार धर्मशाला आएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके अनुभव का लाभ लेकर स्थानीय संस्कृति को फिल्म मेकिंग के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए। 4 स्क्रीन में दिखाई जाएंगी 90 से अधिक फिल्में फिल्म फेस्टिवल की प्रबंधक ऋतु सरीन ने बताया कि धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इस दौरान चार सक्रीनों के माध्यम से 90 से अधिक फिल्मों को दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन फिल्मों को देखने के लिए पेटीएम इनसाइडर या डीआईएफएफ डॉट सीओ डॉट आईएन से टिकट लेनी पड़ेगी। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में फिल्म फेस्टिवल से जुड़ते हुए इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की जसौर पंचायत में एक व्यक्ति ने अपने भाई और भाभी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी भाई ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या का कारण भूमि विवाद बताया जा रहा है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। नगरोटा बगवां के डीएसपी और एसडीएम घटनास्थल पर पुलिस टीम के साथ पहुंच गए है। जांच जारी है।
विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला के सहायक अभियंता रमेश चंद ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 नवंबर को विद्युत लाइनों की सामान्य रख-रखाव के चलते 11 केवी मंदल फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों मंदल, मसरेड़, भड़वाल, त्रैंबलू, हरनेड़, घियाना खुर्द, ढगवार, खटेहड़, मनेड़, अप्पर बगली, कोहाला, मटौर तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम द्वारा विभिन्न व्यवसायों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निगम के जिला प्रबंधक सौरभ शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित युवक/युवतियों को निगम की व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण निगम द्वारा कुल 16 व्यवसायों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिला प्रबंधक ने बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित युवक/युवतियां हथकरघा/खडडी, मोटर ड्राइविंग, मोटर मकैनिक/ऑटो रिपेयर, शू मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर, पलम्बर, इलेक्ट्रीशियन/मोटर वाइंडिंग, वैल्डिंग/स्टील फेबरीकेशन/ब्लैक स्मिथ, प्रूनिंग तथा ऑरचर्ड ऑपरेशन, कारपैन्टरी, फोम का सामान बनाना, ब्यूटीशियन, बांस का सामान बनाना, नाई का काम, कटिंग टेलरिंग और कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे करें आवेदन उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण हेतु आवेदक को सादे कागज पर प्रार्थना पत्र या निगम की वेबसाइट से आवेदन पत्र निकाल कर सभी आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रतियों सहित निगम के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर जमा करवाना होगा। यह रहेगी योग्यता कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं होना अनिवार्य है तथा शेष सभी व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रार्थी कम से कम दसवीं व आठवीं पास होना चाहिए। जिला प्रबंधक ने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति से संबंधित हो तथा हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। आवेदक के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 35 हजार रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए या वे आईआरडीपी/बीपीएल परिवार से संबंधित होना चाहिए। 18 से 35 वर्ष आयुवर्ग के युवक ही प्रशिक्षण हेतु आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए निगम के दूरभाष न. 01892223108 या इमेल द्वारा किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह के पदाधिकारी व अन्य कार्यकर्ता माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कुशल क्षेम लेने ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह चौहान से मिले। इस कांग्रेसी जत्थे में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह के ब्लॉक युवा अध्यक्ष, ब्लॉक इंटक महिलाअध्यक्षा, ब्लॉक अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष, ब्लॉक पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष, ब्लॉक कामगार विभाग, ब्लॉक पेन्शनर विभाग, ब्लॉक मत्स्य विभाग, ब्लॉक सेवा दल अध्यक्ष, ब्लॉक पंचायती राज अध्यक्ष, ज़िला खोजबीन विभाग अध्यक्ष, थुरल एनएसयूआई अध्यक्ष, नौरा एनएसयूआई अध्यक्ष, ब्लॉक इंटक अध्यक्ष, ब्लॉक किसान मोर्चा अध्यक्ष व अन्य कई विभागों के लगभग चौबीस विभागों के अध्यक्ष उपस्थित थे। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने का संदेश संजय सिंह चौहान के माध्यम से भेजा। उन्होंने यह भी कहा इतिहास में पहले कभी ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा जिसने प्रदेश की सेवा में अपनी जीवन की संचित पूंजी आपदा से निपटने में प्रदेशवासियों पर निछावर कर दी। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा की चिंता की कोई बात नहीं है माननीय मुख्यमंत्री बिलकुल स्वस्थ हैं और केवल लगातार थकान व खाने में बदपरहेजी के कारण चिकित्सकों ने उन्हें कुछ टेस्ट करवाने व आराम करने की सलाह दी है। अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कांग्रेस की कमेटी के पदाधिकारीयों की एक बैठक बुलाई जिसमें लोकसभा चुनाव 2024 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह की रहने वाली भागीदारी एवं तय रणनीति के ऊपर विशेष चर्चा की तथा प्रारूप तैयार किया। इस बैठक मेंअध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कांग्रेस की कमेटी के पदाधिकारीयों के एक लोकसभा चुनाव 2024 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुलह की रहने वाली भागीदारी एवं तय रणनीति के ऊपर विशेष चर्चा की तथा प्रारूप तैयार किया।
-सरकार की मदद से सब्जी उत्पादन में महकने लगा स्वरोजगार -सालाना 15 से 17 लाख रुपये की हो रही आमदनी सरकार से सिंचाई सुविधा के लिए उपदान पर मिले बोरवेल, स्प्रिंकल सिंचाई की सुविधा तथा पॉली हाउस तथा पावरग्रिड ने किसानों की जिंदगी में स्वाबलंबन के नए आयाम स्थापित किए हैं। मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती........स्वरों को चरितार्थ करते हुए अपने गांव की माटी में सोना उगाने की कांगड़ा उप मंडल के पंचायत नंदेहड़ के कोट क्वाला के किसान बलबीर सैणी की कोशिशों को सरकार की मदद से आत्मनिर्भरता के नए पंख लगाए हैं। पॉली हाउस में पनीरी तथा खेतों में सब्जियां उगाकर बलबीर सैनी प्रतिवर्ष 15 से 17 लाख की आमदनी अर्जित कर मिसाल कायम कर रहा है। यही नहीं अब उनके बेटे ने बीएससी की डिग्री हासिल करने के उपरांत सब्जी उत्पादन से ही अपने कैरियर को संवारने की पहल भी की है और अब उनके आसपास के किसानों ने भी प्रेरित होकर सब्जी उत्पादन का कार्य आरंभ किया है। उपमंडल कांगड़ा के कोट-क्वाला के प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी ने बताया कि माता-पिता पारंपरिक खेती-बाड़ी करते थे। उनकी रूचि भी खेती-बाड़ी में बहुत थी। सरकार की मदद से पारंपरिक खेती को आधुनिक रूप से करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से खेतों में सिंचाई की उपयुक्त व्यवस्था के लिए बोरवेल के लिए उपदान दिया गया इसके साथ ही स्प्रिंकल सिंचाई की सुविधा तथा उपदान पर पॉली हाउस भी दिया गया। इसके साथ उन्नत किस्म के बीज सब्जी उत्पादन के लिए कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध करवाए गए जिसके फलस्वरूप रबी तथा खरीफ दोनों की सीजन में सब्जी उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों में करेला, पंडोल, बैंगन, घीया , लौकी, भिंडी इत्यादि सब्जियों का उत्पादन करते हैं जबकि सर्दियों में धनिया, ब्रोकली, पालक, शलगम, मूली, गोभी, मेथी, आलू प्याज चुकंदर मटर इत्यादि का उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनकी सालाना आमदनी लगभग 15 से 17 लाख रुपए है। पॉलीहाउस में उगा रहे जहर मुक्त पनीरी प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी ने बताया कि पॉलीहाउस में जहरमुक्त सब्जियों की पनीरी भी तैयार कर रहे हैं, इसमें शिमला मिर्च, देसी मिर्च, टमाटर, करेला, घीया, पंडोल, कद्दू, लौकी, गठ गोभी, टमाटर, प्याज की हाइब्रिड पनीरी तैयार की जाती है। इस पनीरी की सप्लाई जम्मू, राजस्थान, इंदौरा, पठानकोट, मंडी बिलासपुर तथा देहरा तक जाती है तथा विभिन्न क्षेत्रों के किसान स्वयं ही पनीरी खरीदने के लिए उनके गांव आते हैं। खेतों में ही बिक जाती हैं सब्जियां प्रगतिशील किसान बलबीर सैणी का कहना है कि सब्जी उत्पादन के लिए उन्नत किस्म के बीजों का इस्तेमाल करते हैं जिसके चलते उनके खेतों में उत्तम क्वालिटी की सब्जियों की पैदावार हो रही है तथा लोग तथा सब्जी खरीददार उनके खेतों से ही नब्बे प्रतिशत उत्पाद उठा लेते हैं इसके अलावा दस प्रतिशत उत्पाद सब्जी मंडी में जाते हैं। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग की किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मार्केट कि हिसाब से सब्जियों के उचित दाम भी उनको प्राप्त हो रहे हैं। कृषि विवि के प्रशिक्षु भी सब्जी उत्पादन की सीखते हैं बारीकियां बलबीर सैणी ने बताया कि अब कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से प्रशिक्षु छात्र फील्ड विजिट के लिए उनके खेतों में आते हैं तथा सब्जी उत्पादन की बारीकियां सीखते हैं। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं ताकि स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। यही कारण है कि अब उनके बेटे ने भी डिग्री हासिल करने के बाद खेती बाड़ी को ही अपने कैरियर के रूप में चुना है। क्या कहते हैं अधिकारी उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि कांगड़ा जिला में किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिए नियमित तौर पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं तथा विभाग के अधिकारियों की ओर से किसानों को उनके खेतों में जाकर सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, विभाग की तरह से उपदान पर विभिन्न उपकरण तथा उन्नतशील बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि सब्जी उत्पादन में स्वरोजगार की असीम संभावनाएं हैं तथा कांगड़ा जिला में किसानों को उत्पादों की मार्केटिंग के लिए बेहतर व्यवस्था करने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं इस के लिए किसानों को उत्पाद बेचने के लिए विभिन्न स्तरों लिकेंज भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसान बेहतर आय अर्जित कर सकें।
11केवी फीडर संघोल चढ़ियार लाइन के जरूरी रखरखाव व मरम्मत कार्य के चलते कल को गांव कणाल जग्गियां, मक्कड़, बीजापुर, सिविल अस्पताल जयसिंहपुर, नेत्रू, हलेड, थनपाल चंबी, रामनगर तथा 11केवी हारसी- संघोल फीडर के जरूरी रखरखाव हेतु शनिवार को गांव संघोल, हारसी टिकरु, टंडर, संंध, दुहकी काथला खालटा व आसपास के गांवो सुबह 9 बजे से काम समाप्त होने तक विद्युत आपूर्ति वाधित रहेगी। सहायक अभियंता सुशील शर्मा ने जनता से सहयोग की अपील की है।
-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक कांगड़ा कार्यालय द्वारा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक पदों को भरने के लिए 9 नवंबर को आर्ट्स, 10 नवंबर को नॉन मेडिकल तथा 14 नवंबर को मेडिकल के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होने जा रही है। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र कुमार धीमान ने बताया कि इस दौरान टीजीटी आर्ट्स के 420, टीजीटी नॉन मेडिकल के 306 तथा टीजीटी मेडिकल के 172 पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में उपरोक्त तिथियों को प्रात: 10 बजे काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को इन पदों के लिए बैच आधार पर भरा जाएगा। वेबसाइट में उपलब्ध है सभी जानकारी उन्होंने बताया कि काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आवेदन प्रपत्र, शैक्षिणिक योग्यता, श्रेणी वाइस बैच की जानकारी, बायोडाटा फार्म व आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जानकारी उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा स्थित धर्मशाला की वेबसाइट www.ddekangra.in पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रार्थी बायोडाटा फार्म इस कार्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट या दूरभाष नंबर 01892-223155 पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
बाल विकास परियोजना लंबागांव के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पद के लिए सात अक्तूबर तक आवेदन मांगे गए थे। बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहित थापा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसका परिणाम आज निकाल दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए वंदना,सपना शर्मा, वर्षा चौहान, अंकिता, शिवानी, पूजा और आंगनबाड़ी सहायिका के लिए रेखा, वीना,सुनैना, मीनू, मंजू, ममता, शिवानी, शिवानी, शिल्पा, नीलम कुमारी, शानू व नरेश कुमारी को चयनित किया गया।
जवाहर नवोदय विद्यालय पपरोला में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान नौंवीं एवं 11वीं कक्षा की खाली सीटों पर लेटरल एंट्री के लिए 10 फरवरी 2024 को प्रवेश परीक्षा होगी। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 7 नवंबर कर दी गई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रेणु शर्मा ने बताया कि पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7 नवंबर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नौंवीं कक्षा में प्रवेश के लिए एक मई 2009 से 31 जुलाई 2011 तक जन्में तथा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान जिला कांगड़ा के मान्यता प्राप्त स्कूल में आठवीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। ग्यारहवीं कक्षा के लिए एक जून 2007 से 31 जुलाई 2009 तक जन्में तथा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान जिला कांगड़ा के मान्यता प्राप्त स्कूल में दसवीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी पात्र हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि आवेदन से संबंधित जानकारी नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट नवोदया.जीओवी.इन पर उपलब्ध है। इसके अलावा विद्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं भारतीय राज्य पेंशनर संघ के वारिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर्मचारी विरोधी साबित हुई है। शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जहां 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जारी की है, वहीं हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को केवल 34 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त ही जारी कर अपना पल्लू झाड़ रही है। जबकि हिमाचल सरकार को भी अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करना चाहिए था। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास को रीढ़ रहे कर्मचारियों को उनका हक देने में प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। शर्मा ने कहा कि यहीं नहीं वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक रिवाइज्ड लीव इन कैशमेंट तथा अन्य वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं, जिससे प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के प्रति भारी रोष पनपता जा रहा है। घनश्याम शर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की मनोदशा को समझा है व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सभी लाभ दिए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ तक नहीं दे पा रही है। शर्मा ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को सत्ता में आये एक वर्ष का समय हो गया, लेकिन अभी तक भाजपा सरकार के समय शुरु हुए विकास कार्य भी पूरे नहीं कर पाई है। प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार अब इन विकास कार्यों को पूरा करने के लिए बजट तक जारी नहीं कर पा रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जल शक्ति विभाग के पास बचे विकास के बजट को सरकार द्वारा वापस मंगवाना सरकार की मनोदशा को दर्शाता है।
-ऐसा शख्स, जिसने पशु-पक्षियों को समर्पित कर दिया अपना पूरा जीवन -जिन बेजुबानों की जिंदगी बचाई वो बन गए दोस्त, घर तक आते हैं मिलने को हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत शहर धर्मशाला के निवासी धीरज महाजन का मानना है कि भगवान की पूजा करने से पहले भगवान द्वारा बनाए गए जीवों की आप पूजा करें...उनसे प्यार करें...उनकी रक्षा करें, भगवान तो अपने आप ही खुश हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह इन बेजुबानों से बातें भी करते हैं, इनके दर्द को अपना दर्द समझते हैं। यह सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि कई पशु-पक्षी इनके दोस्त बन चुके हैं और इनसे मिलने इनके घर तक आते हैं। बचपन से ही धीरज महाजन को प्रकृति व पशु-पक्षियों से प्यार था। जानवरों पर हो रहे अत्याचार इनसे देखे नहीं जाते थे। पशु-पक्षियों से इतना स्नेह रखने वाले धीरज आज तक कई बेजुबानों का रेस्क्यू कर चुके हैं और बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस से कर चुके हैं। गौवंश और कुत्तों के अलावा इन्होंने अनेकों जंगली जीवों का भी रेस्क्यू किया है। इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें 15 अप्रैल, 2022 को 'हिमाचल प्रेरणा स्रोत' से सम्मानित किया गया था। धीरज का कहना है कि रेस्क्यू हमेशा असान नहीं होते। कुछ रेस्क्यू आपकी जान भी ले सकते हैं और वहीं दूसरी ओर किसी को नयी जिंदगी भी दे सकते हैं। कभी तोता तस्करों, कभी जंगली जीवों का शिकार करने वाले शिकारियों को तो कभी पालतू गाय को छोड़ने वाले लोगों को धीरज महाजन ने अपनी जान जोखिम में डालकर पकड़वाया है। धीरज कहते हैं, 'मेरी यह जिंदगी मेरी नहीं, बल्कि इन जीवों की है।'
-अवैध निर्माण पर करें उचित कार्रवाई, ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन पर करें विशेष फोकस उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला के स्थानीय नगर निकायों में अवैध निर्माण को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए इसके लिए सभी नगर निकाय अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। इस बाबत मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में कांगड़ा जिला के नगर निकायों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि नगर निकायों को आमदनी के स्रोत बढ़ाने के लिए भी आवश्यक प्लान तैयार करना होगा ताकि नगर निकायों को सुचारू तौर पर विकसित किया जा सके। इसके साथ ही बकाया हाउस टैक्स को प्राप्त करने के लिए भी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैें। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि नगर निकायों को सुंदर तथा स्वच्छ बनाने के लिए भी कार्य योजना तैयार करना अत्यंत जरूरी है इस के लिए नगर निकायों के अधिकारियों को नियमित तौर पर नागरिकों की भविष्य की सुविधाओं को देखते हुए प्लान तैयार करना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि शहरी निकायों में ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाना अनिवार्य है तथा इस के लिए आवश्यक फंड सभी नगर निकायों को उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन नगर निकायों ने ठोस कूड़ा कचरा संयंत्र के लिए साइट चिह्न्ति नहीं की है, उन नगर निकाय के अधिकारी तत्काल प्रभाव से ठोस कूड़ा कचरा संयंत्र के लिए साइट फाइनल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं ताकि नगर निकायों की स्वच्छता की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा के निष्पादन के लिए आवश्यक कदम उठाएं इस के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निकायों का समन्वय स्थापित किया जाएगा। लंबित कार्यों की भी रिपोर्ट तैयार करें उपायुक्त ने कहा कि नगर निकायों को विभिन्न मद्दों के तहत विकास कार्यों के लिए फंड उपलब्ध करवाए गए हैं जिन विकास कार्यों को अभी तक आरंभ नहीं किया गया है उसकी रिपोर्ट तैयार करके शीघ्र भेजी जाए इसके साथ ही लंबित विकास कार्यों की अपडेट स्थिति से अवगत करवाया जाए ताकि नगर निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा की जा सके। आवास योजना, स्वनीधि योजना पर भी हुई चर्चा उपायुक्त जिंदल ने शहरी आवास योजना, स्वनिधि योजना तथा शहरी स्वयं सहायता समूह योजना पर भी विस्तार से चर्चा की तथा इन योजनाओं के तहत शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश नगर निकाय के अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वनिधि योजना के तहत पात्र लोगों को लाभांवित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं इसके साथ ही शहरी स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कार्य योजना तैयार की जाए ताकि स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। नदियों तथा नालों को प्रदूषित होने से बचाएं उपायुक्त ने नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीवरेज तथा अन्य तरह की गंदे जल की निकासी से किसी भी तरह से खड्डों तथा नदियों का पानी दूषित नहीं हो इस के लिए विशेष ध्यान रखा जाए। इस बाबत ज्वालामुखी तथा देहरा नगर निकायों के अधिकारियों सतर्कता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में किसी भी स्तर पर नदियों तथा खड्डों के पानी को दूषित नहीं किया जाए इस के लिए कांगड़ा बाईपास के पास भी श्रद्वालुओं के लिए स्नानघर तथा कुकिंग एरिया बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, कांगड़ा, ज्वालामुखी, देहरा, बैजनाथ, नगरोटा, शाहपुर, नुरपुर, ज्वाली के नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
-समलोटी में एनएसएस के पंद्रह दिवसीय शिविर का हुआ समापन -विधायक ने बेस्ट एनएसएस वॉलंटियर तानिया और साहिल को किया सम्मानित पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरित कर समाज सेवा का अवसर प्रदान करती है और उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं भविष्य में उन्हें कर्तव्यनिष्ठ, संवेदनशील तथा उपयोगी नागरिक के रूप में संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मंगलवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समलोटी में एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर के समापन समारोह बतौर मुख्यातिथि एनएसएस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों के निर्माण के लिए एनएसएस शिविर आयोजित करना बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि परिश्रम के अलावा सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं होता थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में एक उद्देश्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए और कभी भी मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होने दे। उन्होंने कहां प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य अब ठीक है और जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने उपरांत वे अपने विधानसभा के क्षेत्र में उन्हें बुलाकर विकास को और गति देंगे। इससे पहले पाठशाला के प्रधानाचार्य नारायण दत्त शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए एनएसएस कैंप के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एनएसएस शिविर का आयोजन 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक किया गया। इस शिविर में 52 छात्र-छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत भाटिया ने मुख्य अतिथि को इस शिविर की सारी दिनचर्या के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को श्रमदान सिखाया गया है। मुख्यातिथि ने बेस्ट वालंटियर एनएसएस छात्रा तानिया और बेस्ट वालंटियर एनएसएस छात्र साहिल डोगरा को स्मृति चिन्ह से पुरस्कृत किया। उन्होंने राज्य स्तर पर बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने पर वंशिका और सिल्वर मेडल जीतने पर राखी चैधरी को भी स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया। मुख्यातिथि ने एनएसएस शिविर में छात्रों को 11000 रुपये की राशि अपनी ओर से स्वीकृत की। इस अवसर पर एसडीम मुनीष शर्मा, पाठशाला के प्रधानाचार्य नारायण दत्त शर्मा, एक्शन पीडब्ल्यूडी राकेश वालिया, कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत भाटिया, कार्यक्रम अधिकारी कुमारी आरती, शारीरिक अध्यापक कैलाश शर्मा, दिवाकर शर्मा, अमरचंद वर्मा, सुमित्र सिंह मसंद, ओंकार चंद, रमेश चंद, तेजपाल, निर्मल पाराशर, प्रकाश चंद, पाठशाला के अध्यापक, अध्यापिकाएं और अन्य छात्र मौजूद रहे।
जयसिंहपुर उप मंडल के अंतर्गत पड़ते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक सरीमोलग स्कूल में मंगलवार को मोटिवेशन फिटनेस क्लब द्वारा स्कूल के बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कियागया। इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. मदनलाल व समस्त स्टाफ मौजूद रहा। मोटिवेशन फिटनेस क्लब के अध्यक्ष विकास राणा ने स्कूल के बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया और स्कूल के बच्चों को योगा करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ बच्चों को खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया ताकि बच्चे शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ व मजबूत अन सकें।
-'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम में हिमाचल की रही शानदार भागीदारी 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत वीरभूमि हिमाचल के गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचे 143 युवाओं ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में अर्पित की। इसी विशाल कलश की मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान का निर्माण होगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने बताया कि हमारी वीरभूमि हिमाचाल वीरों की जननी है, वीरों की भूमि है। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश बलिदानियों की भूमि है। यहां गांव के गांव हमारे वीरों के किस्सों से पटे पड़े हैं। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। पूरे देश ने पिछले दो वर्षों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। लाखों कार्यक्रम हुए, करोड़ों लोग इससे जुड़े। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम की शुरुआत करने को कहा तो पूरे देश के 6 लाख से ज्यादा गांवो और 7500 ब्लॉक्स में अमृत कलश यात्राएं निकलीं और मिट्टी इक_ा की गई और हिमाचल प्रदेश ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे देश से इक_ी की गई इस मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान बनेगा। आज विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक युवाओं का हुजूम देश की मिट्टी को नमन और वीरों का वंदन करने हेतु जमा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का विधिवत समापन कर देशवासियों को संबोधित करेंगे। आज कर्तव्य पथ पर आपकी विशाल कलश देख सकते हैं जिसमें पूरे देश के 6 लाख गांव से आई मिट्टी रखी गई है।तमिलनाडु से लेकर जम्मू कश्मीर तक और नागालैंड से लेकर गुजरात तक संपूर्ण देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। आज तपती धूप में पूरे देश से युवा नई दिल्ली में एकत्रित हैं। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का जोश देखते ही बनता है।
-स्कूल की रिधिमा एवं अंशिका का राष्ट्र स्तर के लिए हुआ चयन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैत में छात्राओं की अंडर-19 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 27 से लेकर 30 अक्तूबर तक हुआ। इस प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संघोल की छात्राओं ने ताईक्वांडो में अच्छा प्रदर्शन किया। इसमें अंशिका ने गोल्ड, वर्षा कुमारी हीर ने सिल्वर, पलक ने सिल्वर, सिमस व रिधिमा ने ब्रांज मेडल हासिल किया। इसके अतिरिक्त अंडर 17 के ट्रायल भी हुए, जिसमें रिधिमा ठाकुर व अंशिका का चयन राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ। इन सभी छात्राएं स्कूल पहुंचीं तो इनका भव्य स्वागत किया गया। संघोल स्कूल की प्रधानाचार्य अंजू शर्मा ने इनका सारा श्रेय ताईक्वांडो कोच अश्वनी कुमार तथा डीपी अरुण कुमार को दिया। इसके अतिरिक्त समस्त अध्यापक वर्ग तथा एसएमसी समिति की अध्यक्ष तथा सदस्यों ने इन छात्राओं को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।
-अर्पित शर्मा, शिवानी राणा व दिव्य ज्योति रहे अव्वल कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज रेड रिबन क्लब व रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में क्षयरोग पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन रेड रिबन क्लब की संयोजक प्रोफेसर किरण शर्मा एवं रेड क्रॉस सोसाइटी की संयोजक से प्रोफेसर सर्जनी के नेतृत्व में हुआ। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के सभी छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता में अर्पित शर्मा, शिवानी राणा व दिव्य ज्योति ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल ने मेधावी छात्रों को बधाई दी व उनका हौसला अफजाई की। इस अवसर पर प्रोफेसर रविंद्र कुमार, डॉक्टर अर्पित कायस्थ, प्रोफेसर रजनी मौजूद रहे।
-अभिषेक और कनिका धीमान ने हासिल किया प्रथम स्थान राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर जसपाल सिंह राणा के निर्देशन में स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत थीम के अंतर्गत फिट इंडिया फ्रीडम रन- 4 कॉलेज परिसर से स्वस्थानी माता मंदिर व मंदिर से कॉलेज परिसर तक आयोजित की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज सूद ने दौड़ का विधिवत प्रारंभ करते हुए सभी प्रतियोगियों, स्वयंसेवियों व छात्रों को स्वच्छता के नियमों का पालन करते हुए स्वच्छता व स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा आह्वान किया कि सभी छात्रों को ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस दौड़ में अभिषेक बीए तृतीय वर्ष ने प्रथम स्थान, वंश बीए प्रथम वर्ष ने दूसरा स्थान तथा अभिषेक बीकॉम प्रथम वर्ष ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में कनिका धीमान बीकॉम तृतीय वर्ष ने प्रथम स्थान, प्रीति ठाकुर बीकॉम तृतीय वर्ष ने दूसरा स्थान तथा प्रीति ठाकुर बीए द्वितीय वर्ष ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रो. विकास वमा, डॉ. सुषमा, प्रो. मीना, प्रो. रविंद्र, प्रो. शैलजा तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर जसपाल राणा उपस्थित रहे।
-विधायक गोमा ने ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया -सुजानपुर में अंडर-12 राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में मिला सम्मान सुजानपुर में आयोजित अंडर-12 राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्नेक मैन के नाम से मशहूर विधानसभा जयसिंहपुर आलमपुर के माथुर धीमान को साहसिक कार्यों के लिए किया सम्मानित किया गया। जेबीटी अध्यापक माथुर धीमान को विधायक यादविंदर गोमा द्वारा उनके साहसिक कार्यों के लिए ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बता दें कि माथुर धीमान अब तब तीन हजार से अधिक जहरीले सापों का रेस्क्यू कर उन्हें जंगलों में छोड़ चुके हैं।
डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने वाहन चालकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नियमों की अवेहलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएसपी ने कहा कि दोपहिया वाहन चालक जब भी रास्ते पर चलें तो हेलमेट का प्रयोग करें, वहीं कार चालक सीट बेल्ट का इस्तेमाल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कार या बाइक चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों, ट्रिपल राइडिंग, अंडर एज ड्राइविंग, बिना हेलमेट, गलत दिशा में ड्राइविंग, ओवर स्पीड, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यातायात नियमों की अवहेलना करने की वजह से दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीएसपी ने कहा कि आमजन के साथ यातायात पुलिस कर्मचारियों को नम्रतापूर्वक व्यवहार कर उनका सहयोग लेकर यातायात-व्यवस्था को सुचारू बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट व खराब सड़कों को चिह्नित करें, ताकि संबंधित विभाग को अवगत कराकर उन्हें ठीक करवाया जा सके। डीएसपी ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। अगर हर वाहन चालक जागरूक होकर ट्रैफिक नियमों का पालन करें तो वास्तव में सड़कों पर होने वाले हादसों पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग से पहले वाहन चलाने से भी परहेज करना चाहिए। डीएसपी ने कहा कि शिक्षित वर्ग के लोग भी यातायात नियमों की अवहेलना करते हैं, जिसके कारण हादसों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने स्कूली बच्चों से कहा कि वो अपने घरवालों को भी यातायात नियमों के बारे में जागरूक करके अभियान में सहयोग करें। नियमों से अनजान युवा वर्तमान में हादसों का शिकार हो रहे हैं। वाहन चलाते समय कोई भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, ताकि बिना हेलमेट के बिना होने वाले हादसों में कमी आ सके वहीं उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के ग्राफ में कमी लाने के लिए सड़क एवं यातायात के नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क पर अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे लापरवाही कारण होता है। ऐसे में यातायात के नियम चालकों को सही एवं सुरक्षित वाहन चलाने की सीख देते हैं। यातायात नियमों की जानकारी केवल वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि एक आम आदमी, एक राहगीर को भी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा करके कभी भी गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। ऐसे लोग स्वयं तो काल का ग्रास बनते ही हैं साथ ही अन्य मासूम लोगों के लिए भी काल साबित होते हैं।
जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत जाने वाले नाहलना गांव की बेटी आदित्री ठाकुर ने चीन के शैपाई में आयोजित एशिया महिला रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत करके जयसिंहपुर विधानसभा का नाम व अपने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। आदित्री ठाकुर के पिता अशवनी ठाकुर चंडीगढ़ पीजीआई में नौकरी करते हैं व माता सपना ठाकुर चंडीगढ़ में ईएसआई हॉस्पिटल में नर्स है। आदित्री ठाकुर चंडीगढ़ मे रायन इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती है। आदित्री ठाकुर आजकल अपने पैतृक गांव नाहलना में आयी हुई है, जिससे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। आदित्री ठाकुर ने इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों व दादा गगन सिंह, दादी व माता- पिता को दिया है।
-वाहन तक पहुंचने में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की ली मदद परागपुर के साथ लगते पुली इलाके में शुक्रवार देर शाम बाइक को टक्कर मारकर भागे वाहन की पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस इसे जब्त कर देहरा थाने ला रही है। पुलिस परागपुर से लेकर रानीताल तक कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से वाहन तक पहुंची है। बताया जा रहा है कि यह वाहन कांगड़ा की किसी फर्म के नाम पर पंजीकृत है। बता देें कि हादसे के बाद से ही देहरा थाने के यातायात प्रभारी एएसआई रवि कुमार टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश में जुटे थे। गौरतलब है कि इस हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। साथ ही सड़क किनारे चल रही एक महिला भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गई थी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया था।
बढल ठोर बस स्टैंड सड़क किनारे बिना वजह दिन भर खड़ी गाड़ियों के कारण यहां जाम लगना आम बात हो गई है। इस कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी तो हो ही रही है, साथ ही किसी बड़े हादसे का अंदेशा भी बना हुआ है। हालांकि समय-समय पर पुलिस भी ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसती आ रही है, बावजूद इसके न मानू की तर्ज पर कई बिगड़ैल चालक अपनी गाड़ियों को वहीं सड़क किनारे पार्क करके चले जाते हंै। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से बढल ठोर से डाडा सीबा व तलवाड़ा के लिए बसें जाती हैं मसलन बस स्टैंड में बस के इंतजार में पहले ही सवारियां खड़ी रहती हैं और ऊपर से इसी सड़क पर उक्त गाड़ियां पार्क होने से बसें सवारियों को बिठाने के लिए खड़ी हो जाती हैं, जिससे वहां हमेशा हादसे का डर बना रहता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का हल किया। क्या कहते हैं एसएचओ इस संदर्भ मे देहरा थाना प्रभारी संदीप पठानिया ने बताया कि बढल ठोर सड़क किनारे बेवजह गाड़ियां खड़ी करना ठीक नहीं है। पुलिस गश्त के दौरान अगर यहां कोई भी गलत ढंग से गाड़ी पार्क की मिलती है तो ऐसे चालकों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है और सैलानियों की सुविधा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए शीघ्र ही टूरिस्ट हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी और इसे 1100 हेल्पलाइन से जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों में पर्यटकों का अधिक दिन तक ठहराव हो, इसके लिए कि प्रदेश सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म पर्यटन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वन क्षेत्रों में 11 ईको-पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें पालमपुर वन मंडल में स्वार, सौरभ वन विहार, न्यूगल पार्क, बीड़-बिलिंग, पार्वती वन मंडल में कसोल, खीर गंगा व सुमारूपा, सिराज में सोझा, कोटगढ़ में नारकंडा और शिमला वन मंडल के तहत शोघी कैंपिंग स्थल व पोटर हिल कैंपिंग स्थल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। इसी दिशा में अनेक नवोन्मेषी पहल की जा रही हैं। प्रदेशवासियों और पर्यटकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से यू.वी.अल्ट्रा फिल्टरेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
-विधायक केवल सिंह पठानिया ने विजेता खिलाड़ियों की थपथापाई पीठ रैत में राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता में हाकी में सिरमौर ने अपना दबदबा कायम किया जबकि टेबल टेनिस में मंडी की छात्राएं पहले स्थान पर रहीं। सोमवार को राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा के लिए कारगर कदम उठा रही है तथा सभी विद्यालयों में खेल गतिविधियों के लिए आधारभूत संरचना भी विकसित की जा रही है ताकि प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर भी चरणबद्व तरीके से मैदानों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलें जीवन का अभिन्न अंग हैं तथा खेलों के माध्यम से ही युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सकता है। इस प्रतियोगिता में 12 जिलों की 470 छात्राओं तथा 150 ऑफिशियल ने भाग लिया । विजेताओं को मिला सम्मान मुख्यातिथि केवल सिंह पठानिया ने इस खेलकूद प्रतियोगिता में हॉकी में विजेता रही सिरमौर जिला की छात्राओं तथा उपविजेता रही उना की छात्राओं को पुरस्कृत किया इसी तरह से टेबल टेनिस की विजेता मंडी तथा उपविजेता कांगड़ा, वेटलिफ्टिंग में विजेता ऊना, उपविजेता कांगड़ा, बॉक्सिंग में विजेता शिमला तथा उपविजेता मंडी जिबकि ताइक्वांडो में विजेता सिरमौर, उपविजेता हमीरपुर की टीम को पुरस्कृत किया इस प्रतियोगिता के ओवर आल चैंपियन माजरा स्पोर्ट्स हॉस्टल की टीम को नवाजा गया। इससे पहले स्कूल के प्रधानाचार्य तथा ऑर्गेनाइजेशन सक्रेटरी अजय समयाल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। एडीपीओ अतुल कटोच ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त तथा खेलकूद प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आये हुए स्टाफ का धन्यवाद किया तथा आभार जताया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उपनिदेशक शिक्षा महेंद्र धीमान, अधिशासी अभियंता विद्युत अमन चौधरी, अधिशासी अभियंता जलशक्ति कैप्टन अमित डोगरा, बीडीओ रैत कंवर सिंह, प्रधानाचार्य अनिल जरयाल, शमशेर चौधरी, रिशु समयाल, नरेेंद्र, कुलदीप, खाद्य निरीक्षक सुरेश कुमार,प्रधान सिहवां अजय बबली, प्रदीप बलोरिया, कैप्टन जनमेज, कैलाश शर्मा, कुलभूषण, कुलदीप शर्मा, करतार चंद, विभिन्न स्कूलों के डीपी,पीटी, अध्यापक वर्ग, स्कूली छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
थाना देहरा की संसारपुर टैरस चौकी के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र में कमरे में युवक की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मदन लाल (३२) पुत्र गुरबख्श सिंह निवासी मलहोट तहसील झंडुता, जिला बिलासपुर, संसारपुर टैरस में औद्योगिक क्षेत्र में दुकान करता था व सुबह १० बजे के करीब वो दुकान से अपने कमरे पर चला गया। शाम करीब पांच बजे तक भी वो दुकान पर नहीं आया तो उसके आसपास के लोगों ने जब उसके कमरे पर जाकर देखा तो वो कमरे में मृत पड़ा मिला। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना संसारपुर टैरस पुलिस को दी। वहीं, पुलिस इंचार्ज एएसआई संजीव कुमार व टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। संजीव कुमार ने बताया कि कमरे में बिजली की तारें पड़ी थीं व युवक के हाथ पर करंट लगा है। वहीं, एसएचओ देहरा संदीप पठानिया ने बताया कि प्रथम दृष्टयता में मौत की वजह करंट लगना हो सकती है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारणों की पुष्टि होगी। उन्होंने कहा कि युवक का शव कल पोस्टमार्टम के लिए देहरा भेजा जाएगा।
संसारपुर टैरस चौकी के तहत ग्राम पंचायत रिडी कुठेड़ा में कुठेड़ा के समीप एक मोटरसाइकिल सड़क किनारे खंभे से टकरा गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक युवक को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शाम को दो युवक मोटरसाइकिल पर चिंतपूर्णी से संसारपुर टैरस की तरफ आ रहे थे कि रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल एक खंभे से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों युवकों सुनील कुमार (34) पुत्र कालीदास, निवासी ईच्छी कांगड़ा व सुनील कुमार (28) पुत्र यशपाल सिंह निवासी माहला जंडौर को बीबीएमबी अस्पताल तलवाड़ा पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने सुनील कुमार पुत्र कालीदास को मृत घोषित कर दिया।
भारत की जनजातियां देश के लगभग सभी राज्यों में फैली हुई है। अलग- अलग राज्यों में इनके रीति-रिवाज और रहन सहन भी एकदम अलग होते हैं। जनजातियां, भारतीय आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति भारत की अमूर्त राष्ट्रीय विरासत का एक अभिन्न अंग है। यह उद्गार प्रोफेसर नारायण ने रविवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र मोहली खनियारा में इतिहास हिमालयन जनजातियों का इतिहास एवं संस्कृति सामाजिक स्थिति तथा निरंतरता विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने हिमालय तथा अन्य क्षेत्रों की जनजातियों के इतिहास तथा समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने भारतीय औपनिवेश काल तथा अंग्रेजों के शासन काल में विभिन्न जनजातियों के मानवीय अधिकारों तथा अजीविका के साधनों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर जनजातियों के विभिन्न समृद्व सांस्कृतिक पक्षों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इससे पहले क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो धर्म प्रकाश वर्मा ने कहा कि भारत वैविध्य पूर्ण आदिवासी संस्कृति से संपन्न देश रहा है जिसने आधुनिकीकरण के दबाव के बावजूद अपनी परंपराएं और मूल्य आज भी सुरक्षित रखे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में दो सौ से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर प्रो कुलवंत राणा, अंकुश भारद्वाज, डॉ. मोहिंदर, डॉ. चेत राम, डॉ. सकंद मिश्रा, डॉ. बलराज बरार, संयोजक डा राजकुमार, आयोजन सचिव राजेंद्र कुमार सहित संस्थान के 148 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सेवाएं के चुनाव उद्यान विभाग निदेशालय नव बिहार के सभागार हॉल शिमला में संपन्न हुए। इसमें भारी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। इसमें सर्वसम्मति से महासंघ अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, महासचिव राजीव चौहान एवं उपाध्यक्ष एलडी चौहान चुने गए। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ब्लॉक देहरा के प्रधान विजय अशरफ ने समस्त कार्यकारिणी द्वारा उनको ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।
समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त सूबेदार अरविंद शर्मा नें बताया कि हरिओम प्राइवेट आईटीआई एवं बीबीएम पब्लिक स्कूल इंद्रा कॉलोनी में सिटी हॉस्पिटल कांगड़ा के द्वारा फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में करीब 150-160 रोगियों को हॉस्पिटल द्वारा फ्री दवाइयां व मेडिकल कंसल्टेशन प्रदान की गई। मेडिकल कैंप का आयोजन दा डिस्ट्रेस रिलीफ, चेरिटेबल बेनोवोलेंट सोसाइटी के द्वारा सोसाइटी के चेयरमैन सेवानिवृत्त कर्नल ऐसी परमार तथा उनके अन्य सदस्यों के सहयोग से कराया गया। चैरिटेबल सोसाइटी द्वारा सिटी हॉस्पिटल से आए डॉक्टर्स और उनके स्टाफ के लिए चाय नाश्ता व दोपहर के भोजन का आयोजन भी किया गया। क्षेत्रवासियों नें कैंप का आयोजन करने के लिए सिटी हॉस्पिटल एवं डीआरसी सोसाइटी का आभार व्यक्त किया। सोसाइटी के सूरम चंद राणा एवं रंगील सिंह और हरिओम इस सारे कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड केस में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने हमीरपुर जिले में विभिन्न 21 ठिकानों पर दबिश दी है। एसआईटी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों की जांच की है। अधिकारी रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। पुलिस विभाग और वन विभाग में सेवारत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी पूछताछ की है। भोलेभाले लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में आरोपियों ने निवेश करवाया था। आरोपियों के पास आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां देखकर एसआईटी भी हैरान है।
-पांच नवंबर को होगा मतदान, मतगणना भी पंचायत मुख्यालय पर होगी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने पंचायतों के उप चुनावों के दृष्टिगत पंचायती राज एक्ट 194 की धारा-158 बी के तहत आदेश जारी करते हुए मतदान के 48 घंटें पूर्व पब्लिक मीटिंग, जुलूस इत्यादि पर संबंधित पंचायतों में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कांगड़ा जिला में पंचायत उपचुनावों के लिए 5 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वोटिंग सुबह 8 बजे से सायं 4 बजे तक होगी। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद प्रधान, उप प्रधान और पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतों की गिनती संबंधित पंचायत मुख्यालय पर होगी और प्रक्रिया पूर्ण होते ही चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंग। चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रधान, उप प्रधान तथा पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों के चुनाव को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी।
-प्रदेश सचिवालय में भी गैर फॉर्मल कपड़े पहनने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई -प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने जारी किया सर्कुलर प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार हिमाचल प्रदेश सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अगर जीन, टी-शर्ट या अन्य गैर फॉर्मल कपड़े पहनकर आए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉर्मल ड्रेस पहनकर ही जाना होगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी पहन कर ही कार्यालय में आना होगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके बाद कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश तैयार कर जारी किए थे, जिसमें ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी थी। इसमें स्पष्ट किया था कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी उपयुक्त, औपचारिक, साफ और अच्छे दिखने वाले और सही रंग के कपड़े पहनकर ही सरकारी दफ्तर में आएंगे। वे उच्च न्यायालय या अन्य अदालतों में उपस्थित होते हुए भी फॉर्मल और सही तरीके के कपड़े पहनेंगे। इस सर्कुलर के अनुसार हालांकि यह ध्यान में आया है कि इन निर्देशों की ठीक से अनुपालना नहीं की जा रही है। यही नहीं, प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी सही कपड़ों में नहीं पहुंच रहे हैं। उनके लिए पहले से ही वर्दी तय है। अधिकारियों और कर्मचारियों के कपड़े पहनने का अंदाज कार्यालय की व्यावसायिकता, गंभीरता और अनुशासन की शैली को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे में राज्य सचिवालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी इन निर्देशों की अनुपालना करें। अगर इस संबंध में किसी भी तरह की कोताही बरती जाती है तो ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंडक्ट रूल्स में प्रावधान होने की भी बात की गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में केवल वही वर्दी नहीं पहनेंगे, जिन्हें इससे पहले अनिवार्य नहीं किया गया है।
कांगड़ा जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 45 सूचीबद्व पुनरुद्धार कार्यों के लिए 185 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण आपदा आने पर सरकार ने पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत करने के निर्देश दिए थे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को पुन: विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की 15 विकास खंडों में आपदा से प्रभावित 13350 कार्यों की सूची भेजी गई थी जिसे स्वीकृति प्रदान की गई है। इंदौर ब्लॉक में 1158 कार्यों के लिए 39.50 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं इसी तरह से प्रागपुर ब्लॉक में 22 पंचायत में 124 कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिस पर 2 करोड रुपए खर्च किया जाएगा। लंबागांव ब्लॉक में 127 पंचायत में 260 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 21 करोड़ के रुपए के करीब व्यय की जाएगा। बैजनाथ ब्लॉक में 76 पंचायत में 1000 कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत किए गए हैं इस पर 7 करोड़ 23 लाख के आसपास राशि खर्च की जाएगी। फतेहपुर ब्लाक में 1123 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 11 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं। नगरोटा बगबां ब्लॉक में 49 पंचायत में 680 कार्य स्वीकृत किए गए हैं 7 करोड़ के करीब खर्च किया जाएगा इस तरह से रैत ब्लॉक में 55 पंचायत के लिए 923 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 1298 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी सुलह ब्लॉक 1218 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 17 करोड़ की अनुमानित राशि खर्च की जाएगी नगरोटा सूरियां ब्लॉक में 21 पंचायत में 64 कार्य स्वीकृत किए गए हैं 87 लाख की राशि व्यय की जाएगी। कांगड़ा ब्लॉक में 81 पंचायत के लिए 1204 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 22 करोड़ 59 लाख की राशि व्यय की जाएगी पंचरूखी ब्लाक में 70 पंचायत में 1154 कार्य स्वीकृत किए गए हैं 13 करोड़ 65 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। बड़ोह ब्लॉक में 17 पंचायत में 45 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 65 लाख की राशि स्वीकृत की जाएगी। भवारना ब्लॉक में 747 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर करीब 8 करोड़ 52 लाख की राशि व्यय की जाएगी देहरा ब्लॉक 1741 कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 15 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी धर्मशाला ब्लॉक की 14 पंचायत के लिए सौ विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं इस पर 2 करोड़ 34 लाख की राशि व्यय की जाएगी। ग्रामीण स्तर पर पुनरुद्धार कार्यों को तेजी से करें पूरा उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर मनरेगा के तहत स्वीकृत पुनरुद्धार कार्यों को तेजी से पूरा करें ताकि प्रभावितों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि डीआरडीए के परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन में मनरेगा में पुनरुद्धार कार्यों को लेकर समीक्षा करें। मनरेगा मस्टरोल, सामान खरीद जैसी व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए भी कार्य करें ताकि मनरेगा के कार्यों में किसी भी तरह का बिलंव नहीं हो।
उप मंडल स्तरीय 31वीं बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चनौर में हुआ, जिसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नलसूहा के आठवीं कक्षा के छात्र वैभव शर्मा ने जूनियर मैथ ओलंपियाड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय पहुंचने पर वैभव शर्मा का प्रधानाचार्य व अन्य सभी अध्यापकों ने जोरदार स्वागत किया। प्रधानाचार्या विपन शर्मा ने बताया कि अब वैभव शर्मा देहरा उपमंडल की तरफ से जिला विज्ञान कांग्रेस में भाग लेंगे। वैभव शर्मा ने इस कामयाबी का श्रेय प्रधानाचार्य विपन शर्मा, सभी अध्यापकों व विशेषकर विषय अध्यापक संदीप कुमार को दिया।
देश भर में आज महाकाव्य रामायण के रचनाकार महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जा रही है। डाडा सीबा में भी व्यापारियों द्वारा महर्षि वाल्मीकि का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर व्यापारियों द्वारा प्रसाद बांटा गया। इस दिन देश भर में कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी बातों को लोगों तक पहुंचाया जाता है। इस मौके पर डाडा सीबा व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा, पूर्व प्रधान अशोक मेहरा, पूर्व प्रधान धर्मचंद, गुरबचन सिंह, राकेश कुमार, सनी, बलवीर सिंह, कमल कुमार मेहरा, संजीव कुमार मुन्नू, जसवीर सिंह, मनोहर लाल व रतन चंद आदि उपस्थित रहे।
-धोखा होने का एहसास होते ही लड़की ने शादी करने से कर दिया इनकार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विकास खंड लंबागांव के एक गांव में सेहरा बांधकर आए दूल्हे को बिना दुल्हन के बैरंग लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले लड़की का रिश्ता दूर के दूसरे गांव में तय हुआ था। रिश्ता तय होने पर लड़के वालों ने लड़के का बहुत बड़ा कारोबार होने की बात कही थी। इसी बीच लड़की वाले जब भी लड़के को देखने की बात करते तो लड़के वाले उसका बिजनेस के सिलसिले में बाहर होने की बात कह कर टाल देते। नतीजतन बरात पहुंचने तक लड़के वालों ने लड़की वालों को लड़का देखने ही नहीं दिया। लड़की के घर बरात पहुंचने पर जब लड़के को नहाने के लिए कहा गया, तब भी लड़के के पक्ष वाले उसकी तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहते टाममटोल करने लगे। इससे लड़की के रिश्तेदारों और गांव वालों को कुछ शक होने लगा। देखते ही देखते लड़की वालों को इस बात का एहसास हो गया कि लड़का न तो बोल पा रहा है और न ही ठीक से खड़ा होकर चल पा रहा है। अब लड़की पक्ष को पूरा यकीन हो गया कि शादी के नाम पर उनके साथ धोखा हो रहा है। जब सारी बात का भेद शादी की रस्मों से पहले ही खुल गया तो लड़की वाले असमंजस में पड़ गए। इतने में जब लड़की को इस बात का पता चला तो उसने साहस दिखाते हुए शादी करने से इंकार कर दिया। लड़की के पिता सहित गांववासी और रिश्तेदार भी लड़की के निर्णय से सहमत हो गए। लड़के वालों को बरात वापस ले जाने के लिए कह दिया गया। थोड़ी बहुत बातचीत के बाद लड़के वाले भी बरात वापस ले जाने को सहमत हो गए। नतीजतन पंचायत सदस्यों को मौके पर बुलाया गया और उनके समझाने-बुझाने पर बरात बिना खाना खाए ही बिना दुल्हन के वापस लौट गई। लड़के के दिव्यांग होने पर लड़की सहित उसके परिजनों ने घर आई बरात को बिना दुल्हन के लौटा दिया। संबंधित पंचायत के उप प्रधान ने इसके बारे में बताया कि वह स्वयं वार्ड सदस्य के साथ मौके पर गए थे। उन्होंने कहा कि अगर यह शादी हो जाती तो लड़की उम्रभर के लिए बड़ी मुसीबत में घिर जाती। लड़की के परिजनों की ओर से लिए गए इस साहसिक निर्णय की हर जगह सराहना हो रही है।
25 विधानसभा हलकों से सिर्फ एक मंत्री राजयोग उसका जिसे मिले कांगड़ा और मंडी का साथ सत्ताधारी कांग्रेस के हिस्से में है 11 सीटें क्या कांगड़ा में कांग्रेस की खींचतान डाल रही अड़ंगा ! भाजपा में मंडी को भरपूर मान, कांगड़ा दिखे हल्का मंडी में कांग्रेस को चाहिए व्यवस्था परिवर्तन 12 जिलों में 68 विधानसभा सीटें और 25 सीटें सिर्फ दो जिलों से। यानी करीब 37 प्रतिशत सीटें इन्हीं दो जिलों से है। इसीलिए कहते है हिमाचल प्रदेश में उसका राजयोग पक्का समझो जिसे कांगड़ा और मंडी का साथ मिल जाएँ। इन दो जिलों की चाल, सत्ता की ताल बदल देती है। 15 सीटों वाला जिला कांगड़ा और 10 सीटों वाला जिला मंडी सियासी दलों को मजबूर भी कर सकते है और मजबूत भी। ये ही कारण है की इन्हें सत्ता में भागीदारी भी उसी लिहाज से मिलती रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिला कांगड़ा कांग्रेस के साथ गया और पार्टी 10 सीटें ले आई। वहीँ मंडी ने भाजपा और जयराम ठाकुर का मान रखा और दस में से नौ सीटों पर भाजपा को शानदार जीत मिली। दोनों जिलों की 25 में से 11 पर कांग्रेस को जीत मिली। खेर सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस की सरकार बन गई। मंडी ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया लेकिन कांगड़ा का भरपूर प्यार मिला। सिलसिलेवार दोनों ज़िलों की बात करते है और शुरुआत करते है ज्यादा सियासी वजन वाले जिला कांगड़ा से। कांगड़ा को जिस सियासी अधिमान की अपेक्षा थी वो अब तक नहीं मिला, कैबिनेट में इसका वजन अब तक हल्का है। कांगड़ा के हिस्से में अब तक सिर्फ एक मंत्री पद आया है। कैबिनेट में तीन स्थान खाली है और जाहिर है इसमें कांगड़ा का भी हिस्सा होगा, लेकिन जो मंत्रिपद पांच साल के लिए मिल सकते थे अब चार साल के लिए मिलेंगे, या उससे थोड़ा कम ज्यादा। जाहिर सी बात है कैबिनेट के चेहरे तय करने में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अड़ंगा डाल रही है, जिसका खमियाजा कांगड़ा को भुगतना पड़ रहा है। दूसरा सवाल ये भी है कि क्या कांगड़ा में वजनदार नेता नहीं रहे जो जिला के हक की बात रखे। जीएस बाली के रहते कांगड़ा का दावा सीएम पद के लिए था लेकिन अब हालात ये है कि मंत्रिपद के लिए भी कांगड़ा तरस गया है। दूसरा बड़ा नाम सुधीर शर्मा भी पार्टी के भीतरी संतुलन में अब तक कतार में ही है। वीरभद्र सरकार के समय सुधीर और स्व बाली, दोनों ही नेता सियासी मोर्चे पर वॉयलेंट रहते थे, अब बाली रहे नहीं और सुधीर साइलेंट है। दिग्गज ओबीसी नेता चौधरी चंद्र कुमार कांगड़ा से एकलौते मंत्री है, पर उनके जूते में भी उनके पुत्र और पूर्व विधायक नीरज भारती का पांव नहीं पड़ रहा। यानी मंत्री के घर में भी असंतोष है। जिला से दो सीपीएस बनाये गए है मगर ये सीपीएस रहेंगे या नहीं ये भी कोर्ट को तय करना है। आरएस बाली को जरूर कैबिनेट रैंक दिया गया है। इनके अलावा यादविंद्र गोमा, संजय रतन, भवानी पठानिया, मलेंद्र राजन और केवल पठानिया भी अपने अपने हलकों की सियासत में सिमित है। दिलचस्प बात ये है कि जला कांगड़ा के ये दस विधायक चार अलग-अलग गुटों से है। इनमें से तीन गुट कभी साथ थे, अब इनके बिखराव ने इन्हें कमजोर कर दिया है। बहरहाल कांगड़ा को आश्वासन तो मिल रहे है और शायद जल्द मंत्री पद भी मिले, लेकिन इस विलम्ब से कांग्रेस को हासिल क्या होगा, ये बड़ा सवाल है। वहीँ पद देकर किसका कद बढ़ाया जाता है, पुरानी निष्ठाएं बरकारार रहती है या बदलती है, इस पर भी निगाह रहेगी। बात भाजपा की करें तो भाजपा संगठन में भी कांगड़ा हल्का ही दीखता है। उम्मीद थी कि भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष जिला कांगड़ा से हो सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कांगड़ा से प्रदेश संगठन में एक महामंत्री है, वहीँ अन्य पदों में भी कांगड़ा को वैसी तवज्जो नहीं दिखती जैसी अपेक्षा थी। कांग्रेस की तरह ही यहाँ भाजपा में भी गुट है और गुटों में भी गुट है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ भाजपा को सिर्फ चार सीट मिली थी, दो कैबिनेट मंत्री और संगठन के महामंत्री भी चुनाव हार गए थे। कांगड़ा में कमजोरी पार्टी के सत्ता से वनवास का बड़ा कारण बनी। अब बात जिला मंडी की करते है। 2017 के विधानसभा चुनाव से ही मंडी भाजपा के साथ है। तब भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। वहीँ 2022 में भी कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली। भाजपा ने पांच साल मंडी को सीएम पद दिया और विपक्ष में आकर नेता प्रतिपक्ष का पद। यहाँ संकट कांग्रेस के समक्ष है। कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गज चुनाव हार गए जिनमें सीएम पद के दावेदार कौल सिंह ठाकुर भी है। जिला में एकमात्र विधायक है धर्मपुर से चंद्रशेखर। ऐसे में यहाँ मंत्री पद की संभावना न के बराबर है। किन्तु चंद्रशेखर को किसी अहम पद पर एडजस्ट जरूर किया जा सकता है। बहरहाल यहाँ भाजपा के लिए सब दुरुस्त है लेकिन 2017 और 2022 की पुर्नावृति न हो, इसके लिए कांग्रेस को मजबूत एक्शन प्लान की दरकार जरूर है। जिला मंडी में कांग्रेस के लिए आँतरिक व्यवस्था परिवर्तन समय की जरुरत है। मंत्रिपद न सही लेकिन मंडी को भागीदारी भरपूर देनी होगी।
राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी में केंद्रीय छात्र परिषद वर्ष 2023-24 के लिए निर्वाचित पदाधिकारियों को प्राचार्य डॉ सुशील कुमार बस्सी द्वारा शपथ दिलाई गई। प्रधान पद पर विज्ञान चिराग ठाकुर, उप प्रधान पद पर वाणिज्य संकाय की कविता, सचिव पद पर कला संकाय के अजमु, संयुक्त सचिव पद पर बीसीए के शुभम ने शपथ ग्रहण किया। वहीँ , अन्य सदस्यों में साक्षी कौंडल, अनीता कौंडल, मुस्कान शर्मा, वरुण, वैभव शर्मा , मीनाक्षी, साहिल, साहिल धीमान, कृतिका शर्मा, रितिक चौधरी, तमन्ना राणा, अनुप्रिया ठाकुर ने भी जिम्मेदारियों के निर्वहन की शपथ ली।
पुलिस जिला नूरपुर के अंतर्गत आती पुलिस चौकी रैहन के देहरी में शुक्रवार को एक डिजायर और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। इससे बाइक पर सवार दो छात्राएं घायल हो गईं। घायल लड़कियों में एक की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार मिन्ता और गदरोली निवासी दो छात्राएं शुक्रवार सुबह रैहन की तरफ से देहरी कॉलेज जा रही थीं। ऐसे में देहरी वाटर सप्लाई ऑफिस के सामने राजा का तालाब की तरफ से आ रही स्विफट कार न.एचपी 88–0917 चालक ने विपरीत दिशा में जाकर जोरदार टक्कर मारकर बाइक सवार न.एचपी 88–0376 दोनों छात्राओं को घायल कर दिया। जिससे छात्रा प्रेरणा और आरजू गंभीर रूप से घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल छात्रा मिन्ता प्रेरणा को परिजन पठानकोट के निजी अस्पताल में ले गए। जबकि आरजू निवासी गदरोली को सिविल अस्पताल नूरपुर भेजा गया है। इस दौरान जोरदार टक्कर की आवाज से आस पास के लोग इकट्ठा हो गए। इस बीच घटना की सूचना रैहन पुलिस चौकी को दी गई। हैड कांस्टेबल संजीव और दिनेश घटनास्थल पर तत्काल पहुंच गए। और उन्होंने आगे की कार्यवाही शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक दोनों घायल छात्राओं में से गंभीर रूप से घायल छात्रा प्रेरणा की स्थिति की जानकारी पता नहीं चल पाई है।
ज्वालामुखी शहर के गीता भवन में छह नवंबर को मेडिकल एड असेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। एसडीएम की ओर से लगाए जा रहे इस कैंप का समय सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक रहेगा। सात नवंबर को यही कैंप खुंडियां स्थित सिविल अस्पताल में लगाया जाएगा। तहसील कल्याण अधिकारी ने बताया कि 40 फीसदी या इससे अधिक की पात्रता वाले दिव्यांग कृत्रिम अंगों के लिए इस कैंप में आ सकते हैं। कैंप के दौरान एलिमको आक्सीलरी प्रोडक्शन सेंटर चंडीगढ़ से आई टीम दिव्यांगों की आवश्कता का आकलन करेगी। उन्होंने साफ किया कि इस कैंप में किसी तरह के दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाते हैं। संबंधित व्यक्ति को चिकित्सा प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो लाना जरूरी होगा। अंगों का वितरण तीन दिसंबर को किया जाएगा।


















































