प्रदेश सहित उपमंडल में हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। वीरवार रात से रुक रुक कर हो रही बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। वहीँ इस बार पशुओं के लिए हरे चारे में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। लोगों का कहना है कि मौसम ने जहाँ अपना करवट बदला है, वहीँ किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। स्थानीय लोग बाबूराम, कृष्ण चन्द, परमानंद, बालक राम, कामेश्वर शर्मा, जमना देवी, आशा, कौशल्या, सत्या, रामेश्वरी का कहना है किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई फसल गेंहू, सरसो व तारामीरा के लिए यह बारिश फायदेमंद है। वहीँ गोभी, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, आलू, मूली, शलगम सहित अन्य सब्जियों के लिए भी यह बारिश वरदान बनी है। लोगों ने कहा कि इस बार गर्मियों में पानी की किल्लत से पूरी निजात मिलेगी। गौरतलब है कि इन दिनों लोगों को हरे चारे की समस्या से जूझना पड़ता था जिसके लिए यह बारिश काफी उपयोगी मानी जा रही है।
दाड़लाघाट में प्रातः कर्फ्यू में छूट मिलते ही लोगों की भीड़ राशन की दुकानों पर एकत्रित हो गई, लेकिन कोरोना वायरस का खौफ लोगों में इतना दिखाई दे रहा था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। पुलिस ने जिन दुकानों पर अधिक भीड़ इकट्ठी होती दिखी, उन दुकानों पर 1 मीटर की दूरी पर रंगीन गोले उकेर दिए। लोगों को उन गोलों में ही खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने को कहा। लोगों ने भी प्रशासन की बात को मानते हुए बखूबी नियमों का पालन किया। लोग तब तक अपने गोले में खड़े रहे जब तक उनसे अगले वाले व्यक्ति ने गोला नहीं छोड़ा। पुलिस प्रशासन ने करयाना, सब्जी तथा दवाईयों की दुकानों पर इसी प्रकार की डिस्पेंसिंग दूरी बनाने हेतु लोगों को प्रेरित किया। इस व्यवस्था से दुकानदारों ने भी काफी राहत महसूस की। उचित दुकान की व्यवस्था देखने वाले सुरेंद्र शुक्ला ने कहा की इस व्यवस्था से सामान देने में काफी आसानी रही और ग्राहकों को जल्दी निपटाया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश में प्रतिदिन प्रातः 7ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी जाएगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को कम से कम असुविधा हो। मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लगाए गए कफ्र्यू की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां से प्रदेश के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से बात कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के लोगों से वर्तमान स्थिति के कारण घरों से बाहर ना आने का आग्रह किया और कहा कि यह कफ्र्यू लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। उन्होंने उपायुक्तों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जनता को आवश्यक वस्तुएं लेने में कोई असुविधा न हो और कफ्र्यू में छूट की अवधि के दौरान लोगों के मध्य उचित सामाजिक दूरी बनी रहे। कर्फ्यू में छूट केवल लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने की सुविधा प्रदान करने के कारण दी गई है और वे इस अवधि में बिना किसी कारण बाहर न निकलें। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 31 मार्च, 2020 तक बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश आवश्यक और आपातकाल सेवाओं से सम्बन्धित कार्यालयों के लिए मान्य नहीं होंगे। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को घर पर रहने, सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं तथा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। कर्मचारियों से अपना स्थान न छोड़ने को भी कहा गया है क्योंकि आवश्यकता के समय उन्हें किसी भी समय ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू में छूट के दौरान किसानों और बागवानों के लिए उर्वरक भी उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि उनको कृषि संबंधी गतिविधियों में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए 104 और 1077 हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। जय राम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से आग्रह किया है कि उचित सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए वे आवश्यक वस्तुएं अपने घर के नजदीक की दुकानों से ही खरीदें क्योंकि यह कोरोना वायरस संक्रमण को खत्म करने का उचित उपाय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्फ्यू में छुट के दौरान शराब के ठेके खुले रहेंगे। छूट के दौरान घर से केवल एक व्यक्ति को ही आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए बाहर आने की इजाजत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दालों की अधिक खरीद के लिए तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों से शीघ्र मामला उठाने का निर्णय लिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदेश में दालों की कमी न हो। प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि इन सेवाओं के माध्यम से समाज को कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों और प्रयासों से अवगत करवाने में बहुत सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के कर्मचारियों की आवाजाही पर नरमी बरती जाए क्योंकि उन्हें दूरसंचार टावरों की मुरम्मत और रख-रखाव आदि के लिए विभिन्न स्थानों पर जाने की आवश्यकता होती है। उन्होंने सोलन, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के उपायुक्तों को विशेषरूप से यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि फार्मा उद्योगों में उत्पादन प्रभावित न हो क्योंकि इनमें कई जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने उपायुक्तों से समाज के कमजोर वर्गों के लिए भोजन और आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था करने को भी कहा। ऐसे लोगों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए स्कूल भवनों का उपयोग किया जा सकता है। राज्य में फंसे पर्यटकों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि स्थिति सामान्य होने पर वे यहां से प्रशासन की अच्छी स्मृतियां लेकर लौटें। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 2257 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 636 निगरानी के 28 दिन पूरा कर चुके हैं। कोविड-19 के लिए 34 व्यक्तियों की जांच आज की गई और सभी नकारात्मक पाए गए हैं। कोरोना वायरस के लिए राज्य में अब तक 133 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने उपायुक्तों को शहरी क्षेत्रों के प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोरों के माध्यम से लोगों को होम डिलीवरी की संभावना का पता लगाने का भी निर्देश दिए, जो सामाजिक दूरी को बनाए रखने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने कहा कि शहरी स्वच्छता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए ताकि वे संक्रमण के संपर्क में न आएं। शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सामाजिक दूरी का महत्व समझाने के उद्देश्य से बेहतर समन्वय और लोगों को जागरूक करने के लिए शामिल करना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में लोगों को जागरुक करने के अलावा कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए सभी प्रयास सुनिश्चित कर रहा है। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि कफ्र्यू में ढील के दौरान सामाजिक दूरी की प्रभावी ढंग से निगरानी करने में पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने कहा कि कफ्र्यू में छूट के दौरान शराब के ठेकों के अंदर और बाहर भीड़ को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रमुख सचिव ओंकार शर्मा, सचिव रजनीश और देवेश कुमार तथा निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क हरबंस सिंह ब्रस्कोन शामिल हुए।
कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी मेडिकल काॅलेजों में श्रम शक्ति को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने सैन्य और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त या रिलीज हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों, संकाय सदस्यों और पैरामेडिकल स्टाफ को चिकित्सा अधिकारी और पेरामेडिकल स्टाफ के पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव दिया है। उनके पास समकक्ष या एनालाॅग पद पर काम करने का अनुभव के साथ साथ इन पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक, व्यावसायिक योग्यता और क्वालिफाइंग सेवा होनी चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, यह प्रस्ताव पूरी तरह से अस्थायी आधार पर एक स्टाॅप-गैप व्यवस्था के रूप में है और बिना किसी नोटिस दिए या किसी भी कारण बताए बिना समाप्त या वापिस लिए जा सकता है। यह प्रस्ताव 1 अप्रैल, 2020 से अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा। उन्हें पद के न्यूनतम वेतन बैंड और ग्रेड वेतन के बराबर निर्धारित मासिक वेतन या मानदेय का भुगतान किया जाएगा। पूर्व सशस्त्र बल और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल काफलेज के प्रधानाचार्य के कार्यालयों में नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले या मेडिकल काॅलेज में समतुल्य या अनुरूप पदों में उपलब्ध रिक्तियों का उपयोग परिलब्धियों या मानदेय के आहरण के लिए किया जाएगा।
हिमाचल सहित पूरे भारतवर्ष में फैले कोरोना संकट की वजह से जहां इक्कीस दिन का लाॅकडाऊन करके लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प कर दी गई है व लोगों को घर के अंदर ही रहने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोगों की सेवा में तत्पर है, ये पहले की भांति ही अपनी ड्यूटी निभाकर देश सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। हम बात कर रहे है दाड़लाघाट में घर घर से कूड़ा इकट्ठा करने वाले सफाई कर्मचारियों की जो लोगों को कूड़े कचरे से निजात दे रहे हैं। ये लोग सुबह सुबह आकर सभी के दरवाजों से कूड़ा उठाकर उसका उचित ढंग से निष्पादन कर रहे है व लोगो को एक तरह से स्वच्छता का संदेश दे रहे है। हालांकि ये लोग अपने आप को भी कोरोना से बचने के लिये हाथों में ग्लब्ज और मुंह को मास्क से अच्छे तरीके से ढंके हुए है ताकि समाज सुरक्षा के साथ ये अपनी भी सुरक्षा कर सके, परन्तु सिर्फ इनक़े द्वारा ही यह काम पूरा नही होगा बल्कि क्षेत्र में लोगो को भी खुद जागरूक होना होगा तभी इस कोरोना वायरस संक्रमण ने निपटा जा सकता है।
सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के मध्यनजर किए गए लॉक डाउन व कर्फ्यू की स्थिति में प्रदेश में कार्यरत संगठित व असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दी जाए तथा उनकी आर्थिक व राशन के रूप में उनकी मदद सुनिश्चित की जाए। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति से सबसे ज़्यादा नुकसान मजदूर वर्ग को ही हुआ है। इस स्थिति में मजदूर भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी में हैं। रातोंरात उनका रोजगार खत्म हो गया है। हमीरपुर के नादौन में लगभग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके उत्तर प्रदेश निवासी एक मजदूर ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। इस से साफ हो रहा है कि मजदूरों की स्थिति आने वाले दिनों में और बुरी होने वाली है। जेब में पैसा न होने के कारण प्रदेश में सैंकड़ों मजदूर पैदल मार्च करके घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। ऐसे अनेकों उदाहरण कांगड़ा-पठानकोट, मैहतपुर-नंगल, कालाअंब-हरियाणा, बद्दी-चंडीगढ़, पौंटा साहिब-उत्तराखंड व परवाणू-कालका सीमा में देखने को मिले हैं। विजेंद्र मेहरा ने कहा है सबसे बुरी स्थिति असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की है। प्रदेश में मनरेगा में लगभग बारह लाख जॉब कार्ड होल्डर हैं। इसके सिवाए असंगठित क्षेत्र में मिस्त्री, मजदूर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, कारपेंटर, प्लम्बर आदि के रूप में लगभग तीन लाख निर्माण मजदूर कार्यरत हैं। इन पन्द्रह लाख लोगों में से ज़्यादातर लोग हर रोज़ दिहाड़ी लगाकर गुज़र -बसर करने वाले लोग हैं। कोरोना के कारण इनका रोजगार पूरी तरह खत्म हो गया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण बोर्ड से जो दो हज़ार रुपये मासिक आर्थिक सहायता की घोषणा की है वह भी कानून अनुसार बोर्ड में पंजीकृत लगभग एक लाख मजदूरों पर ही लागू होती है। हालांकि यह भी नाकाफी है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इन सभी पन्द्रह लाख मजदूरों के परिवार को आगामी तीन महीनों के लिए प्रति माह पांच हज़ार रुपये की मदद राज्य सरकार दे व साथ ही तीन महीने का प्रति माह 35 किलो मुफ्त राशन एकमुश्त इन्हें दिया जाए। इन मजदूरों में लगभग एक लाख से ज़्यादा मजदूर प्रवासी हैं व वे अपने प्रदेश में लौटने में असमर्थ हैं अतः राशन कार्ड न होने के बावजूद भी पांच हज़ार रुपये के साथ उन्हें भी राशन की यही व्यवस्था लागू की जाए। प्रेम गौतम ने कहा है कि प्रदेश के निजी उद्योगों व अन्य स्थापनाओं में लगभग दो लाख से ज़्यादा मजदूर कार्यरत हैं। लॉक डाउन के कारण ये उद्योग व स्थापनाएं लगभग बन्द हो चुके हैं। मज़दूरों को छुट्टी देकर घर भेजा जा रहा है। इन सभी के प्रबंधनों ने मजदूरों को आदेश दिया है कि लॉक डाउन व कर्फ्यू के कारण दी गयी यह छुट्टी अवैतनिक होगी व उन्हें उसका वेतन नहीं मिलेगा। शिमला नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भरयाल टूटू में भी यही फार्मूला अख्तियार किया गया है। ऐसे वातावरण में इन मजदूरों का जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार इन सभी निजी उद्योगों,निजी स्थापनाओं व सरकारी क्षेत्र में कार्यरत आउटसोर्स कम्पनियों को सख्त दिशानिर्देश जारी करें कि इन सभी मजदूरों को पूरे माह का वेतन हर हाल में दिया जाए व उनकी छुट्टियां वेतन सहित होंगी।
शिमला में कैन्सर, डिलीवरी केस, थेलेसीमिया, दिल के आपरेशन एवं अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान खतरे में देखकर उमंग फाउंडेशन ने कर्फ्यू में उत्तर भारत का पहला रक्तदान शिविर मशोबरा में राधा कृष्ण मंदिर में लगाकर अंधेरे में उम्मीद की किरण जगा दी। कैम्प में 40 लोगों ने रक्तदान किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक संदेश में संकट के दौर में रक्तदान के लिए सभी रक्तदाताओं को बधाई दी है। टीएस नेगी ब्लड डोनर एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित शिविर में संग्रह किया गया रक्त आईजीएमसी ब्लड बैंक को दिया गया है। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजय श्रीवास्तव ने बताया कि रक्तदान शिविर मशोबरा के युवा रक्तदाताओं के नाम रहा। अर्चना शर्मा शिविर की पहली रक्तदाता थीं। 10 दिन पहले 18वां जन्मदिन मनाने वाले ध्रुव गोयल रक्तदान करने वालों में सबसे युवा, उनकी मां निधि गोयल और पिता राजेश गोयल ने भी खून दान किया। आईजीएमसी ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ एमएल कौशल ने आठवीं बार और व्यापार मंडल के महासचिव अतुल शर्मा ने भी आठवीं बार रक्तदान किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जसवीर और अनिल भी रक्तदान करने वालों में शामिल थे। टीएस नेगी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के संयोजक तेजू नेगी और शिविर के समन्वयक विनोद योगाचार्य ने कहा कि मशोबरा के युवाओं को रक्तदान शिविर से बहुत प्रेरणा मिलेगी। इसमें मशोबरा व्यापार मंडल, राधाकृष्ण मंदिर समिति के अलावा जिला प्रशासन एवं पुलिस ने भी सहयोग दिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष दीप मोदी ने कहा कि अब हर नवरात्र में मंदिर में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। शिविर में कोरोना संबंधी सभी सावधानियां अपनाई गईं। सभी बेड, कुर्सियाँ एवं अन्य सामग्री सैनेटाईज़ की गई और दो व्यक्तियों के बीच में एक मीटर की दूरी सुनिश्चित की गई। आइजीएमसी ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ एम एल कौशल ने कहा कि इस शिविर से मरीज़ों को बहुत राहत मिलेगी।
हिमाचल भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने शहर में खाद्य पदार्थ की आपूर्ति की स्थिती को जाना। इस बारे में व्यापार मंडल सोलन से रोजमर्रा मे इस्तेमाल होने वाले सामान के होलसेल और खुदरा व्यापारियों के पास उपलब्ध सामान की जानकारी ली। गुलेरिया ने कहा है की किसानो की फसले तैयार हो रही है कुछ तैयार है जैसे सब्जियां इत्यादी इन्हे मंडियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन से बात की जा रही है। वही प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार दिनरात सभी जरूरी प्रावधानों व व्यवस्थों में लगी है। उन्होंने लोगों से लॉक डाउन के दौरान घरों में ही रहने का आह्वान किया है। साथ ही पुलिस, प्रशासन, बिजली,पानी व स्वास्थ्य में लगे कर्मियों का सहयोग व प्रोत्साहन करने की अपील की है। किसान निश्चिंत रहे उनकी फसलो को मंडियों तक पहुचाने की व्यवस्थाएं करवाई जाएगी साथ ही पशुचारा पशुओं को दिए जाने वाली दवाईयो की उपलब्धता के लिए भी प्रशासन व सरकार से तालमेल बनाया जा रहा है। बहार से हिमाचल में ने वाले तुड़ी वाहन कैसे हिमाचल में पहुंचे इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। पुरषोतम गुलेरिया ने कहा की हिमाचल प्रदेश के कुछ बच्चे बहारी राज्यो में पीजी में रह रहे थे अब पीजी बंद हो गऐ है। उन बच्चो को वहां से लाने के बारे मे सरकार और प्रशासन से बात की जा रही है। सोलन मे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले समान की कमी ना हो उसके लिए नजदीक की मंडियों से बात की जा रही है। उन्होने कहा की पूर्ण रूप से प्रयास किया जा रहा है की शहर मे खाने पीने के सामान की कमी न हो। इस समय व्यापारी वर्ग भी सेवा भाव से काम में लगा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ग कुछ घंटो में कमाई नही कर सकते फिर भी लोगों को रोजमर्रा का सामान मिलता रहे इसलिए अपनी दुकाने खोल रहे है। गुलरिया ने इसके लिए व्यापारियों का आभार जताया। साथ ही उन्हे शाबाशी भी दी कि वह लोग इस समय मे अपना पूर्ण सहयोग दे रहे है। सोलन व्यापार मंडल को भी सराहना की जो प्रशासन और दुकानदारो को समय समय पर वास्तविक स्थिति से आवगत करवा रहा है। उन्होंने कहा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी बूथ प्रभारियों को अपने अपने बूथ में पांच पांच लोगों को खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। गुलरिया ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार व् प्रशासन पूर्ण तालमेल से कार्य कर रहे है।
करणी सेना हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए हर सम्भव क़ानूनी तरीक़े से प्रयास कर रही है। यह जानकारी देते हुए करणीसेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बताया कि बिलासपुर में विभिन स्थानों पर करणी सेना ज़िला बिलासपुर के कार्यकर्ता, महिला शक्ति, महिला मंडल सदस्य और पदाधिकारी 2 दिन से लगातार दवा छिड़काव कर रहे है। इस महामारी के समय जिला बिलासपुर महिला शक्ति अध्यक्ष सीमा चंदेल, प्रदेश संगठन महामंत्री शशि शर्मा, संजय, अमित, रवी कुमार, महिला मंडल सदस्य वीना शुक्ला के साथ अन्य पदाधिकारीयों ने बिलासपुर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 3-3 सदस्यों की टीम बनाकर दवा छिड़काव किया और सभी नागरिकों को एहतियात और घर पर रहने की सलाह भी दी। प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बताया की करणी सेना हर ज़िला में सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास कर रही है और कई जगह पर निशुल्क मास्क और हैंड़ सेनीटाइज़र वितरण भी कर रही है। इस महामारी के समय सबको साथ चलकर राजनीति से उठकर काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानों में आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता को लेकर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावी तरीके से जारी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के कारण लोगों को आवश्यक वस्तुओं की किसी प्रकार कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को रोका नहीं जाए क्योंकि ऐसा करने से राज्य में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक को यह निश्चित करना चाहिए कि आटा मीलें गेहूं पिसाई के लिए निर्बाध आपूर्ति जारी रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के भंडारों में गेहूं और चावल आदि का पर्याप्त भंडार है।हिमाचल प्रदेश में भी गेहूं आटा, चावल के पर्याप्त भंडार के साथ-साथ 1200 मीट्रिक टन से अधिक नमक और 4000 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का भंडार है इसलिए किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में इस समय चना और मसूर सहित दालों का भी पर्याप्त स्टाॅक है। अधिकारियों को अन्य राज्यों से दालों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित बनानी चाहिए। कर्फ्यू में ढील के समय उचति मूल्य की दुकानों में लोगों को आवश्यक वस्तुओं के वितरण के समय सामाजिक दूरी बनाए रखने का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के 1500 मीट्रिक टन के भंडारण क्षमता वाले चैतूड़ू और सिद्धपुर भंडारों, जिनका उद्घाटन होना बाकी है, उनका इस्तेमाल 350 से 400 मीट्रिक टन दालों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के भंडारण के लिए किया जाए।निगम की दवा दुकानों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं के घरों को एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि घबराहट में खरीददारी नहीं करें क्यूंकि प्रदेश में आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के सचिव अमिताभ अवस्थी, महाप्रबंधक मानसी सहाय ठाकुर एवं निदेशक आबिद हुसैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
पूरे विश्व में फैले हुए कोरोना संक्रमण से दुनिया के लगभग सभी देशों में तबाही का आलम हो चुका है। इस तबाही से बचने के लिए दाड़लाघाट में चल रहे कर्फ्यू में दूसरे दिन कर्फ्यू में प्रातः 8:00 से 12:00 तक खरीदारी करने के लिए मिली छूट में दाड़लाघाट व साथ लगते गांव के लोगों को मानो संजीवनी मिल गई। कोई दवा लेने मेडिकल स्टोर की ओर दौड़ा, किसी ने तेज कदमों से किराना दुकान का रुख किया। कोई दूध-ब्रेड के लिए जूझता रहा, किसी ने अगले कई दिनों के लिए सब्जियां खरीदीं। जिसे कुछ नहीं खरीदना था, वह परिवार के साथ इस बहाने खुली हवा में सांस लेने निकला।कर्फ्यू में ढील की जैसे ही घोषणा हुई, सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा।लोगों के चेहरों पर कोरोना वायरस किधर की कोई भी चिंता नही थी। भीड़ देख दुकानदारों ने झटपट दुकानें खोली और जरूरत के सामान दिए। अम्बुजा चौक व बस स्टैंड में करियाना सब्जी व दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। वहीँ स्यार, बरायली, कंसवाला सड़क, अम्बुजा गेट वाली सड़कों पर भी रौनक छाई रही। हालांकि लोगों के चहरों पर आशंका भी झलक रही थी। कई लोग तो अपनी स्कूटर, मोटरसाइकिल व कारों को लेकर ही सड़क पर आ गए थे जिन्हें पुलिस ने कड़ाई से रोक लिया। सर्वाधिक भीड़ करियाना दुकानों पर दाड़लाघाट सहित कर्फ्यू ग्रस्त इलाकों में लोग खरीदारी के लिए निकले। लोगों ने बताया कि ज्यादा दिक्कत राशन और दूध के लिए हुई। लोगों के अनुसार खासकर दूध की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है दूध एकदम खत्म हो जाता है इसलिए ढील मिलते ही लोगों ने सबसे पहले दूध व राशन खरीदा। सबसे ज्यादा भीड़ करियाना व सब्जी की दुकानों में देखने को मिली। कई लोग तो बिना मास्क लगाए ही सड़कों पर घूमते हुए दिखे जिससे लाॅकडाऊन करने का कोई भी फायदा नहीं दिखा। अगर इसी तरह लोग कर्फ्यू की डील में घूमते हुए दिखते रहे तो इस महामारी से लड़ने का या कर्फ्यू में घरों में रहने का कोई औचित्य नहीं होगा। लोगों को चाहिए कि वह संयम, व सतर्कता बरतें व पूरी तरह मास्क व सेनिटाइज़र लगा कर बाहर निकलें तभी इस जंग को जीता जा सकता है।
कर्फ्यू के दूसरे दिन अर्की के लोगों को फल, सब्ज़ियां आदि खरीदने हेतु सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया। इस दौरान उपमंडल मुख्यालय पर लोग खरीददारी के लिए निकल पड़े। हालांकि प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के चलने पर पूरी तरह से पाबन्दी लगा रखी थी। साथ ही पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद दिखी। एस डी एम विकास शुक्ला ने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने का उचित प्रबंध किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे डर कर ज्यादा मात्रा में वस्तुएं एकत्रित न करें। अपितु जिस वस्तु की आवश्यकता हो उसे ही खरीदें। उन्होंने लोगों से खरीदारी करते समय सामुदायिक दूरी बना कर रखने की भी अपील की है।
‘कोरोना महामारी’ की रोकथान के लिए प्रदेश भर में कफर्यू और लाॅकडाउन के दृष्टिगत किसी भी गरीब और अभावग्रस्त परिवार को राशन की कमी न हो और राशन के अभाव में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, इस उददेश्य से भाजपा ने संगठन स्तर पर पूरे प्रदेश के लिए एक विशेष योजना ‘‘भारत लाॅकडाऊन के दौरान सेवा’’ तैयार की है। इस योजना को अगले एक दो दिनों में अमली जामा पहनाने के लिए भाजपा द्वारा ग्रास रूट स्तर पर अपने पदाधिकारियों को कार्य आवंटित कर तैनात किया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार प्रदेश के हर परिवार की राशन और आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण रूपेन चिंता कर रही है और संगठन भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन करने का प्रयास करेगा। डा राजीव बिन्दल ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा के आवाहन पर प्रदेश के 7793 बूथों में कम से कम 5 दानदाता प्रति पोलिंग बूथ जो 15 दिन का राशन देंगे की सूची प्रदेश भाजपा तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने हिमाचल में यह सुनिश्चत और प्रयास करने के लिए कहा है कि कोई भी व्यक्ति प्रदेश में भोजन के बिना न रहे। डा। बिंदल ने कहा कि बूथ स्तर पर दानदाताओं और अभावग्रस्त लोगों की सूची बनाने का कार्य बूथ पालक, प्रदेश कार्य समिति सदस्य, जिला प्रभारी और प्रदेश उपाध्यक्षों के जिम्मे सौंपा गया है। डा राजीव बिंदल ने कहा कि दानदाता और अभावग्रस्त लोगों को सूचीबद्ध करने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी संगठन ने जिला प्रभारियों को दी है। जिला प्रभारी अपने-अपने पालक जिलों में दानदाताओं और अभावग्रस्त परिवारों की सूचियां तैयार कर संसदीय क्षेत्रवार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्षों कृपाल परमार, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र, राम सिंह मंडी संसदीय क्षेत्र, संजीव कटवाल हमीरपुर संसदीय क्षेत्र और रतन पाल, शिमला संसदीय क्षेत्र को सौंपेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष इन संकलित सूचियों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सूचीबद्ध कार्य करने वाले पदाधिकारियों और समस्त कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि सूचीबद्ध करने का यह कार्य घर से बाहर निकले बिना फोन पर ही करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिन्दल ने संगठन के सभी कार्यकर्ताओं का आहवान किया है कि करोना महामारी जैसी राष्ट्रीय आपदा के समय सभी कार्यकर्ता सेवा के लिए तत्पर रहें और जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता और सहयोग करने का प्रयास करें व यह भी सुनिश्चित करें कि कफर्यू कामयाब हो।
कोरोना वायरस के कारण निषेधाज्ञा के मद्देनजर उपमंडल करसोग के सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को घर से बाहर उपचार, दवाई के लिए व किसी परिवार में अचानक मृत्यु होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना आवश्यक है तो उस स्थिति में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01907222201 पर संपर्क करें इसके अतिरिक्त कार्यालय के व्हाट्सएप नंबर 9817039278 मैं लिखित रूप से आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन पत्र में यह भी दर्शाया जाना होगा कि आपको किस स्थान से किस स्थान तक प्रस्थान किया जाना अपेक्षित है तथा किस वाहन में यात्रा की जानी है। वाहन नंबर उपलब्ध करवाना भी सुनिश्चित करें। एक वाहन में चालक के अतिरिक्त एक ही व्यक्ति को जाने की अनुमति दी जा सकती है। आवेदन पत्र सही पाए जाने की स्थिति मैं आपको व्हाट्सएप के माध्यम से सविकृति प्रदान की जाएगी।
शिमला में कर्फ्यू के दौरान वीरवार को ढील दी गई जिसकी शुरुआत 8 बजे से शुरू हो गई। पुराना बस स्टैंड शिमला में जैसे ही दुकानें खुली सभी लोग सब्जी दूध ब्रेड और राशन लेने के लिए पंचायत घर व उसके आसपास की दुकानों में इकट्ठे हो गए है। पुलिस के जवान भी लोगों से आग्रह किया कि ज्यादा भीड़ नहीं लगाएं परंतु कर्फ्यू में 3 घंटे की ढील दी गई है इसलिए लोगों का हुजूम दुकानों के बाहर पहले से ही लग गया था। लोग 2/3 दिनों का राशन ले गए। सब्जियां दुकानो में पंचायत भवन में सब्जी मंडी से सब्जियां यहाँ को आती है। इसी प्रकार शिमला के विभिन्न हिस्सों में लोग अपना जरूरी सामान खरीदने बाहर निकले। कुछ गाड़ियां भी इस दौरान सड़को पर नजर आई। इस बीच उपायुक्त शिमला ने लोगों से ये अपील भी की 1) एलपीजी की डिलीवरी प्रतिदिन की जाएगी और इसे आपके घरों तक पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए हमने पहले ही व्यवस्था कर ली है। इसे केवल कर्फ़्यू में ढील के घंटों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे समय पर वितरित किया जाएगा पहले की तरह आपके घर पर । 2) बागीचों के लिए कीटनाशक / कीटनाशक की दुकानें खोलने के निर्देश दिए गए हैं। 3) कर्फ्यू के दौरान किसी भी आकस्मिक आवश्यकता के मामले में, जिसके लिए आपको हमारे हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करना होगा ताकि हम आपकी मदद कर सकें। इस नंबर का उपयोग किसी भी स्पष्टिकरण/ जानकारी को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। 4) कर्फ्यू में ढील की शुरुआत हो गई है जो तीन घंटे के लिए है। यह फिर से कम करने के लिए आराम किया जाएगा, कृपया एक दूसरे से न्यूनतम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 के बीच सेवानिवृत्त हुए चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा पुनर्राेजगार केरोना वारस सीओवीआईडी-19 के संक्रमण के कारण पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल काॅलेजों में उपलब्ध श्रमशक्ति को मजबूत करने की दृष्टि से उन चिकित्सा अधिकारियों, संकाय सदस्यों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की सेवानिवृत्ति को स्थगित करने और इसे अगामी अवधि तक बढ़ाने करने का आदेश दिया है जो 30 जून, 2020 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यह आदेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा अनुसंधान में काम करने वाले सभी श्रेणियों के चिकित्सा अधिकारी, संकाय सदस्य और पैरामेडिकल स्टाफ पर लागू होगा जो 31 मार्च, 30 अप्रैल और 31 मई, 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जो चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल कर्मचारी 31 दिसंबर, 2017 से 29 फरवरी, 2020 की अवधि में सेवानिवृत्त हुए हैं, उनको भी अंतिम पद पर 1 अप्रैल, 2020 से आगामी आदेशों तक पुनर्रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए उनकी लिखित सहमति, उपलब्धता और स्वस्थता को ध्यान में रखा जाएगा। वे जिले के संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्यांे के कार्यालयों में अपनी ड्यटी के बारे में रिपोर्ट करेंगे, जिन्हें आवश्यकता के आधार पर पनर्रोजगार के आदेश जारी करने और अपने अधिकार क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात करने के लिए अधिकृत किया गया है। सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार को इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रसारित मानक अवधि और शर्तों द्वारा विनियमित किया जाएगा। सेवा विस्तार या पुनर्राेजगार देने के उददेश्य से जिले अथवा मेडिकल काॅलेजों में समतुल्य या अनुरूप पदों में उपलब्ध रिक्तियां वेतन और परिलब्धियों के आहरण के लिए उपयोग की जाएंगी। प्रमोशनल पदों के विरुद्ध विस्तार या पुनर्राेजगार के मामले में, यदि कोई और पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है या इस उद्देष्य से मौजूदा या प्रत्याशित रिक्तियों के खिलाफ पैनल नहीं बना है, तो वर्तमान पद या पदों का उपयोग किया जाएगा। यदि विस्तार या पुनर्राेजगार प्रदान करने के लिए कोई उपयुक्त पद उपलब्ध नहीं है, तो इस उद्देश्य के लिए एक्स-कैडर पद या पदों का सृजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आने की अपील की है ताकि रक्त बैंकों में खून की कमी न हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान शिविर लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सभी उपायुक्तों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और रक्त बैंकों के प्रभारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संगठनों को रक्तदान शिविर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि रक्तदान शिविरों के दौरान भीड़भाड़ से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और रक्तदाताओं और अन्य लोगों को आपस में उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठनों को रक्तदाताओं को इस तरह आमंत्रित करना चाहिए ताकि शिविरों में भीड़ न बढ़े।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के चलते लगाए गए कर्फ्यू के प्रति कुनिहार व आसपास के लोग गम्भीरता दिखा रहे है। बुधवार को ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रहे। सुबह 8 से 12 बजे तक कुछ लोग जरूरी सब्जी, फल व राशन के लिए घरों से निकले व खरीददारी के बाद वापस घर चले गए। मंगलवार को जँहा लॉक डाउन के दौरान सड़को पर बाइक,स्कूटर व छोटे वाहन चालकों की भीड़ थी तो वन्ही बुधवार को सड़के सुनसान रही। थाना कुनिहार के एस एच ओ जीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था व कर्फ्यू का सही पालन करवाने के लिए मोर्चा संभाला हुआ है। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यह कड़े कदम उठाए है जिसका हमे पालन करना है ताकि हम व हमारे परिवार सुरक्षित रह सके। एस एच ओ जीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लोग कर्फ्यू का पालन कर रहे है। पुलिस हर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने लोगो से अपील की है कि अत्याधिक जरूरत के लिए ही जिला उपायुक्त कार्यालय के आदेशानुसार तय किए गए समय में ही बाजार का रुख करें व कर्फ्यू का पालन करते हुए भीड़ इकठ्ठी न करें। उन्होंने उन सभी विभागों के कर्मचारियों जो बिजली, पानी, स्वास्थ्य आदि अन्य सेवाएं दे रहे है को अपने साथ आई कार्ड रखने की अपील की है ताकि पुलिस आने जाने वालों की सही पहचान कर सके।
कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने आवश्यक सेवाओं के लिए कर्मियों के सुचारू परिवहन एवं आवश्यक वस्तुओं को समय पर गन्तव्य स्थल पर पंहुचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय राजस्व कर्मचारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगर परिषद एवं नगर पंचायत, कोषागार, कैंट बोर्ड, विद्युत बोर्ड, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, सब्जी मण्डी, बीएसएनएल, विभिन्न बैंक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुर्वेद विभाग तथा विभिन्न निजी टैलीकाॅम सेवा प्रदाताओं, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के कर्मियों को अपने विभागाध्यक्ष द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखने होंगे। इन सभी विभागों, संस्थाओं एवं सेवाओं के विभागाध्यक्ष कार्य के लिए कर्मचारियों के आने-जाने के लिए प्रयुक्त किए जा रहे निजी पूलड् वाहनों के वाहनों के प्रवेश पत्र जारी करने के लिए भी प्राधिकृत हैं। इन आदेशोें के अनुसार बैंकों की नकदी एवं कर्मियों को ले जा रहे वाहनों को अपने वाहन पर ‘बैंक डयूटी’ अंकित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों तथा पैरा मेडिकल कर्मियों को अपने वाहन पर ‘डाॅक्टर अथवा चिकित्सा कर्मी’ दर्शाता बैनर प्रदर्शित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभिन्न आवश्यक वस्तुएं ला रहे वाहनों को ‘आवश्यक वस्तु’ लिखा बैनर प्रदर्शित करना होगा। ऐसे वाहनों के लिए भी अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला दण्डाधिकारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों, उपायुक्त सोलन के सहायक आयुक्त, सहायक आयुक्त परवाणु, जिला के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को सम्बन्धित विभागों, संस्थानों एवं व्यक्तिगत आग्रह पर अन्य प्रवेश पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किया है।
कोरोना वायरस को देखकर प्रदेश में लगे कर्फ्यू के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुएं व दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए अर्की प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। एस डी एम अर्की विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि लोगों की सुविधा हेतु उपमंडल में 54 दुकानदारों को डोर टू डोर सामान पहुंचाने के लिए अधिकृत किया गया है। किसी भी व्यक्ति को यदि राशन, सब्जी या दवाई की आवश्यकता हो तो वह उक्त दुकानदारों से उनके फोन नंबर पर संपर्क कर सकता है। अधिकृत किए गए दुकानदार को अपने वाहन द्वारा व्यक्ति को घर पर ही सामान उपलब्ध करवाना होगा। नगर पंचायत अर्की में राशन की दुकान हेतु अनुराग गुप्ता को अधिकृत किया गया है। उनसे 98572 07075 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही सब्जी विक्रेता कालिया ट्रेडर्स से 9816247176 तथा दवा विक्रेता कवर मेडिकोज से 9817499909 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य को भी अधिकृत किया गया है । कुनिहार में विजय कुमार 9817206000, प्रदीप पूरी 9816645041 ग्राम पंचायत मान में अजय 9805353086 डूमहर में सुरेश 9418120211 बलेरा में खेमचंद 9817840732 बातल में हेमराज 9817930694 बखालग में गोपाल 9816337695 शेरपुर में विजय कुमार 8894126767 कशलोग में आसाराम 9816700145 चंडी कशलोग में बलदेव 7831833696 मांगू में प्रताप चंद 9817459507 दाढ़लाघाट में सुरेंद्र शुक्ला 9418061452 कराडाघाट में भगत राम 9882739766 कंधर में देवी राम 9805446790 बेरल में बाबूराम 9816229457 नवगांव में खेमराज 98164 21096 भराडीघाट में दौलत राम 9805840383 पिपलुघाट में रामलाल 9418336123 सऱयांज में सोहनलाल 9805059429 मांजू में मदनलाल शर्मा 9129201127 गलोग में रमेश डबल 8894306003 डमलाना घाटी में सतीश कुमार 9882208809 दाती में हीरालाल 9816111044 बथालग में रमेश कुमार 8894306003 कंसवाला पारनू में विद्यासागर 9816075352 कूंन क्यारघाटी में भूपेंद्र 9418116346 सारमा में प्रेम 9418504848 कशयालू में नरेंद्र 9805614496 जयनगर में राकेश कुमार 9418679985 भूमती में बाल किशन 9805302325 शालाघाट में मोहनलाल 9817118401 बजोलु में रतीराम 9736159639 उचित मूल्य की दुकान अर्की में अमर सिंह 9816292901 खनलग में मदनलाल शर्मा 9129201127 गयाना मैं मोहनलाल 9816004309 डवारू में रतीराम 9882661722 धुन्दन में नरेश कुमार 9318659506 बहली ताल में प्रीतम सिंह 9817459524 जलाना में संजय 9736883561 शहरोल में हरिराम 9459025728 बांजन में जीतराम 9418120811 चाखड़ में दिवाकर सेन 9805879310 दानोघाट में खेमराज 9805271638 जावड़ा में राजेन्द्र वर्मा 9459246753 सन्याडी मोड में खेमराज 9816421096 चइयाँ में लालचंद 98169 68674 खरड़हटी में मंसाराम 9816528452 मलावन में महेश कुमार 9418191220 छयोड खड्ड में कमलेश पाल 9418057090 सानण में सुनील 9817930694 तथा कोलका में मोहनलाल 9817118401
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन किया गया है, लेकिन कुछ लोग इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को दाड़लाघाट पुलिस ने एक दुकान होटल ढाबा पण्डित बैष्णव भोजनालय के दुकानदार के खिलाफ कारेवाई की गई है। होटल ढाबा के मालिक से पुछने पर अपना नाम घनश्याम पुत्र परसराम शर्मा गांव दाती ब्राहम्णा डा घनागुघाट तह अर्की बताया। पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दुकान मालिक पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनयूएस की धारा 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने की है। बुधवार समय 12:15 बजे रात ओझघट में खुफिया सूत्रों से पुलिस को जानकारी मिली कि बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड नंगाली में रात के समय कर्मचारियों द्वारा काम किया जा रहा है, जबकि हिमाचल सरकार द्वारा लागू किया गया है। पुलिस ने बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड पहुंचकर वहां फैक्ट्री का का गेट खुला पाया और अंदर फैक्ट्री में सभी लाइट जली हुई पाई। वह फैक्ट्री में बैटरियां चार्जिंग पर लगाई हुई पाई गई। मौके पर अंदर फैक्ट्री में फैक्ट्री कर्मचारी काम करते हुए पाए गए। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि मनमोहन सिंह ने आदेश में फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। वर्तमान समय में वायरस के प्रकोप फैला हुआ है जिस वजह से जिला उपायुक्त महोदय हैं दिनांक 24 3 2020 जिला सोलन में कर्फ्यू के आदेश दिए हैं। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों के बावजूद भी बेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मैनेजमेंट अधिकारी मनमोहन सिंह विनय कुमार प्रोडक्शन मैनेजर ने अपने कर्मचारियों से फैक्ट्री में काम करवाकर महामारी का खतरा पैदा करना, मानव जीवन को खतरे में डालना, राज्य सरकार व उपायुक्त सोलन के आदेश की अवहेलना करना पाया गया। इस संदर्भ में पुलिस थाना सोलन में मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। बुधवार अर्की में एक मामला दर्ज हुआ है जिसके मुताबिक राकेश सूद और पत्नी मधुबाला सूद 17 मार्च ओमान से लौटे थे और अर्की जिला के निवासी कुलदीप सूद के घर रह रहे थे, उन्हें 21 मार्च से को कोरोना के कारण आइसोलेट रहने को कहा गया था। आइसोलेशन के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों से से संपर्क में आने के कारण परिवार के अन्य सदस्यों को भी पृथक रहने का परामर्श लिया गया था। बार-बार हिदायत देने के बावजूद परिवार के सदस्यों ने अपने आप को पृथक नहीं रखा। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों व उपायुक्त के आदेशों के बावजूद उपरोक्त लोगों ने आदेशों की अवहेलना की इस संदर्भ में पुलिस थाना अर्की में उनके खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी के चारों संसदीय क्षेत्रों के सांसदों ने कोरोना वायरस को लेकर गंभीरता दिखाई है कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के चलते सभी सांसदों ने अपनी सांसद निधि से अपने अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए मास्क , सैनिटाइजर, वेंटिलेटर एवं इक्विपमेंट खरीदने के लिए दी है। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने डिप्टी कमिश्नर हमीरपुर को चिट्ठी लिखकर 51 लाख रुपए की राशि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दी, इसी प्रकार मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने 50 लाख रुपए की राशि , शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने 60 लाख की राशि और कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने 66 लाख की राशि इस महामारी से लड़ने के लिए स्वीकृत की है। कुल मिलाकर सभी सांसदों ने 2 करोड़ 27 लाख की राशि अपने अपने एम पी लैड फंड , सांसद निधि में से हिमाचल प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दी है। यह राशि उस समय आई है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगाया है यह वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए कल प्रधानमंत्री ने पूरे देश को संबोधित करते हुए कहा है कि अगर इस बीमारी से लड़ना है तो हमें अपने अपने घरों में रहना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से हम इस कोरोना वायरस को रोक सकते हैं और हमें इस महामारी के प्रति खुद भी जागरूक रहना है और सब को जागरूक रखना है। ऐसी में हिमाचल प्रदेश के चारों सांसद अनुराग ठाकुर, रामस्वरूप शर्मा, सुरेश कश्यप और किशन कपूर ने यह पहल की है जिससे हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में वेंटिलेटर और अन्य इक्विपमेंट इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए खरीदे जा सकते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने इस पहल को वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने प्रदेश तथा जिला वासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें ताकि सभी मिलकर इस महामारी से प्रदेश एवं जिलावासियों को बचा सकें। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे को न्यून करने के लिए अपनाई जा रही ‘सोशल डिस्टैन्सिग प्रक्रिया’ का पूर्ण पालन किया गया तथा सभी उपस्थित जन ने एक-एक मीटर की दूरी बनाकर बैठने का पूर्ण पालन किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि गत दिवस प्रदेश में कोरोना वायरस के खतरे को न्यून करने के लिए कफ्र्यू लागू किया गया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कफ्र्यू का पूर्ण पालन करें और इस दिशा मेें जिला प्रशासन को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि गत दिवस ही प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी 21 दिनों तक पूरे देश में लाॅकडाउन करने की घोषणा की है। हम सभी को इसका पूरा पालन करना होगा ताकि कोरोना वायरस को हराया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि इस अवधि में पूरे जिला में आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, दवा इत्यादि की कोई कमी न रहे। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की अन्य जिलों तथा राज्यों से आने वाली आपूर्ति को भी निर्बाध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रधानमन्त्री तथा प्रदेश के मुख्यमन्त्री द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा सभी अधिकारियों द्वारा इनकी अनुपालना सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। उन्होंने किसानों एवं पशु पालकों के लिए भी आवश्यक आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपूर्ति के सम्बन्ध में सरकार के निर्देशों का पालन होना चाहिए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया कि कोराना वायरस के विषय एवं सरकार द्वारा जारी निर्देशों के सम्बन्ध में अफवाहों पर ध्यान न दें। इस सम्बन्ध में परेशानी आने पर स्थापित हैल्पलाईन नम्बरों पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को चैत्र नवरात्र एवं नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, सम्पन्नता एवं स्वास्थ्य सहित नव स्फूर्ति का संचार करेगा। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विद्युत, जल, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तथा खाद्याान्न भण्डार की जानकारी भी प्राप्त की। उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्बन्ध में हैल्पलाईन नम्बर 01792-221234, 104 तथा कफ्र्यू के सम्बन्ध में 24ग्7 हैल्पलाईन पर सोलन जिला के निवासी 01792-297707 पर सम्पर्क करें। उन्होंने आधिकारिक जानकारी के लिए जिला सोलन की वैबसाईट अथवा उपायुक्त सोलन के फेसबुक पेज से सूवना लेने का आग्रह भी किया। पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा तथा योगेश दत्त जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजन उप्पल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक मिलाप शांडिल, एपीएमसी सोलन के सचिव रविन्द्र शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं केंद्रीय वित्त एवं कार्पोरेट अफेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना वायरस की गम्भीर समस्या को ध्यान में रखते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए अपनी सांसद निधि से 51 लाख रुपए देने का निर्णय लिया है। यह राशि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी सामान जैसे मास्क, सेनेटाइजर इत्यादि की खरीद व स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्यों पर व्यय की जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया है कि इस महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए अपने घरों में ही रहें और सरकार तथा जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों की अनुपालना करें। उन्होंने कर्फ्यू के दौरान सभी से संयम बनाए रखने का आग्रह किया है।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें सरकार ने अप्रैल और मई महीने का एकमुश्त राशन उपलब्ध करवाने की बात कही। साथ मे उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में जितने भी गरीबी रेखा से नीचे के परिवार है उन्हें मुफ्त में राशन मुहिया करवाया जाए। इस आपदा की घड़ी में गरीब दिहाड़ी, मजदूरी करने वाले, रेहड़ी, फड़ी वाले लोग जिनका गुजर बसर बहुत मुश्किल से हो रहा है उनके पास आज राशन खरीदने के लिए पर्याप्त संसाधन नही है। उन्होंने साथ मे कहा कि सरकार प्रदेश में आर्थिक पैकेज की घोषणा करे और जितने भी सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेश में जितने भी सक्षम लोग है उनसे आह्वान करे कि इस घड़ी में वो सरकार का साथ दे और उचित अनुदान सरकार के राहत कोष में जमा करवाये ताकि प्रदेश की आम जनता को उचित सुविधायें सरकार की तरफ से मुहिया हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार के कर्फ्यू लगाने के निर्णय की भी तारीफ की ओर उन्होंने जनता से आह्वान किया है की इस आपदा की घड़ी में वो केंद्र और प्रदेश सरकार के आदेशों का पालन करें और घर पर ही रहें। साथ मे उन्होंने जनता को प्रेरित करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस से घबराने की आवश्यकता नही है सिर्फ सयम से काम ले और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखे और सार्वजनिक स्थानों में जाने से परहेज करें, आज यह लड़ाई भारत वर्ष की लड़ाई है और हम सबको एकजुटता दिखाकर इससे खिलाफ लड़ना है। आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें भारत वर्ष की जनता पर पूरा विश्वास है कि सभी सरकार के आदेशों का पालन करते हुए एकजुटता से इसके खिलाफ लड़ेंगे और कोरोना को हराएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूरे भारत मे 21 दिन के पूर्ण लॉकडाउन का भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने पुरज़ोर समर्थन व स्वागत किया है। उन्होंने गत रात्रि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किये गए सम्बोधन को भावनात्मक अपील करार दिया है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन राष्ट्र के सवा सौ करोड़ देशवासियों की सुखी और स्वास्थ्य जीवन की मंगल कामना हेतु प्रधानमंत्री ने सोशल डिस्टेसिंग की लक्ष्मण रेखा के साथ लागू किया है। उन्होंने कोरोना वायरस से बचाव हेतु 15000 करोड़ रुपये फण्ड की व्यवस्था के लिए भी मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया है। त्रिलोक ने बताया कि प्रधानमंत्री का यह आह्वान राष्ट्र प्रमुख व परिवार के ज़िम्मेदार साथी के नाते किया गया एक सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस इस समय वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है इस वायरस का दुष्प्रभाव इतना अधिक है कि जिन देशों की स्वास्थ्य सेवाएं विश्व में उच्च स्तरीय मानी जाती हैं वहां भी भारी जानी नुकसान के पश्चात लोगों ने सामाजिक दूरी के नियम की ही अनुपालन से अपने जीवन की सुरक्षा करने में सफलता पाई है। वहीं हम सबको भी भारी क्षति के बगैर ही प्रधानमंत्री के सोशल डिस्टेसिंग नियम का पालन कर लेना चाहिए। त्रिलोक ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार मोदी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने मेक इन इंडिया के तहत पुणे की एक फार्मा कंपनी द्वारा निर्मित कोरोना वायरस के टेस्ट की किट को मंजूरी दी गयी है और साथ ही उम्मीद की है कि जल्द ही देश के डॉक्टर व वैघानिक भी इस ला-ईलाज बीमारी का दवाई के रूप में तोड़ निकाल देंगे। वहीं उन्होंने प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए जयराम सरकार के प्रयासों की सराहना भी की है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की है कि इस बीमारी से बचने के लिए जयराम सरकार ने जिला स्तर पर कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में एक समन्वय समिति का गठन कर लोगों को स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं को प्रदान करने के लिए सार्थक प्रयास किया है। दूसरी ओर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि पिछले कल से प्रदेश में धारा-144 के तहत पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान आवश्यक रोजमर्रा की चीजों के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की अनुपालन करते हुए ज़रूरी हो तो ही घर से बाहर जाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती के पालन न होने की स्थिति में ही कर्फ्यू का कड़ा निर्णय जयराम सरकार को लेना पड़ा है।
राज्य सरकार द्वारा देश के साथ-साथ राज्य में भी इक्कीस दिन के बंद के दौरान आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उचित और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने तालाबंदी के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे कि राज्य के बाहर से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा न आए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आपूर्ति लाइन के पूरक के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में राशन, दाल और खाद्य तेलों का पर्याप्त भंडार था। पर्याप्त मात्रा में दूध और ब्रेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दुग्ध संग्रह केंद्रों की स्थापना की जाएगी और अनावश्यक भीड़-भाड़ से भी बचा जाएगा। जय राम ठाकुर ने निर्देश दिया कि पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि खानाबदोश गद्दी और गुर्जरों और उनके झुंडों के आंदोलन को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए सभी निवारक उपाय किए जाने चाहिए। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, पुलिस महानिदेशक एस.एस. मार्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू और सचिव जीएडी देवेश कुमार बैठक में शामिल हुए।
छात्र अभिभावक मंच ने हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व निदेशक उच्चतर शिक्षा से मांग की है कि कोविड-19 के चलते हुए प्रदेशव्यापी लॉक डाउन व कर्फ्यू के मध्यनजर प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस जमा करने की 30 मार्च की निर्धारित तारीख को स्थिति के सामान्यीकरण तक बढ़ाया जाए। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी व सदस्य फालमा चौहान ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते हिमाचल प्रदेश में लॉक डाउन व कर्फ्यू घोषित कर रखा है लेकिन प्राइवेट स्कूल किसी भी हालत में 30 मार्च से पहले फीस जमा करवाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं। यह मानवता व राष्ट्र हित के खिलाफ है। कोरोना जैसी महामारी के कारण आपातकालीन सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं बन्द हैं लेकिन प्राइवेट स्कूलों को इस दौरान भी पैसा व अपना मुनाफा ही याद आ रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि उच्चतम, उच्च व अन्य न्यायालय भी बन्द कर दिए गए हैं। ट्रैफिक पूरी तरह जाम है। ज़्यादातर अभिभावक बच्चों के साथ अपने-अपने गांवों को निकल चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में भी प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस को 30 मार्च से पूर्व जमा करवाने का फरमान पूरी तरह सरकार के आदेशों की अवहेलना है। इस दौरान जब गाड़ियां ही नहीं चलेंगीं तो अभिभावक किस तरह बैंकों तक पहुंच कर यह फीस जमा करवाएंगे। वैसे भी बैंकों में भीड़ पर नियंत्रण की एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इस दौरान पांच से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक है व धारा-144 भी लागू है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को बाध्य करने से भीड़ बढ़ेगी व कोरोना के फैलाव का खतरा भी बढ़ेगा। देश व प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति है परन्तु फिर भी प्राइवेट स्कूल अपनी तानाशाही से बाज़ नहीं आ रहे हैं। तत्काल फीस जमा करवाने की कोई एमरजेंसी भी नज़र नहीं आती है। प्राइवेट स्कूलों की इस तानाशाही पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि वैसे भी प्राइवेट स्कूल निदेशक उच्चतर शिक्षा द्वारा जारी 5 दिसम्बर 2019,18 जनवरी तथा 12 मार्च 2020 के आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं जिसके अनुसार इस वर्ष फीस के निर्धारण से पहले सभी स्कूलों में मार्च के महीने में जनरल हाउस अनिवार्य किया गया था। प्राइवेट स्कूल इन आदेशों को लागू किये बगैर ही आनन-फानन में गुपचुप तरीके सेे फीस बढ़ोतरी करके इन फीसों को 30 मार्च तक बसूलना चाहते हैं ताकि फीस बढ़ोतरी की ओर अभिभावकों, शिक्षा विभाग, प्रशासन व सरकार का ध्यान न जा पाए। यह गैर मानवीय है कि या तो कुछ स्कूलों ने इस दौर में फटाफट अभिभावकों से जबरन ये फीसें बसूल कर ली हैं अथवा 30 मार्च से पहले वे किसी भी हालत में इस फीस को हासिल करने की फिराक में हैं। प्राइवेट स्कूल महामारी के समय को भी मनाफाखोरी में परिवर्तित करना चाहते हैं। उन्होंने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक शिमला से मांग की है कि जब तक महामारी की स्थिति सामान्य न हो जाये तब तक जो भी स्कूल फीस बसूलने के लिए अभिभावकों से ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हैं उनके प्रबंधन के खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लायी जाए व उनपर शिकंजा कसा जाए।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI)के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार द्वारा 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन व राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कर्फ्यू का समर्थन जताया व सभी नागरिकों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की। छत्तर ठाकुर नेे कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा यह एक बिल्कुल सही ठोस कदम उठाया गया है व मानव जाति की रक्षा हेतु इसके परिणाम सकारात्मक होंगे। साथ ही एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने राज्य सरकार व प्रशासन से अनुरोध किया कि वे इस विकट परिस्थिती में हिमाचल के सेब बागवानों का भी अन्य सभी वर्गों की भांति विशेष ध्यान रखा जाए। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश को देश भर में सेब राज्य के नाम से जाना जाता है व सेब यहाँ की मुख्य नकदी फसल है। आजकल का समय सेब सेटिंग की वजह से बागवानों के लिए अति महत्वपूर्ण है और ये समय सेब के बगीचों में कई जरूरी स्प्रे, छिड़काव व खाद आदि के लिए बहुत क्रूशियल पीरियड माना जाता है। ऐसे में कर्फ्यू व लॉकडाउन की स्थिति में पूरे बाज़ार के साथ ही स्प्रे व खाद की दुकानें भी बन्द कर दी गयी है। इसकेे चलते इस साल सेब सीज़न को लेकर बागवान बहुत चिंतित है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से सेब बागवानों की इस समस्या को जल्द दूर करने की गुहार लगाई है। प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए घरों से बाहर न निकलने की अपील की। मानोज चौहान ने छात्र शक्ति का आह्वाहन कर कोरोना संक्रमण के खिलाफ इस लड़ाई में छात्रों को अपने परिवार व आस-पड़ोस के लोगों को सरकार द्वारा लॉकडाउन व कर्फ्यू के महत्व व इसके पालन करने बारे सजग करने को कहा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा पूरे देश को 21 दिवस तक लॉकडाउन की अवस्था में रखने का आह्वान किया गया है। हम सब का यह दायित्व बनता है कि अपनी व अपने परिवार और पूरे समाज की सुरक्षा के लिए हृदय से इस लॉकडाउन की अनुपालना करें। बिंदल ने कहा जिस प्रकार श नरेन्द्र मोदी ने अनेक बार देश की जनता से हाथ जोड़ते हुए विनम्र भाव से प्रार्थना की है वह विषय की गम्भीरता को दर्शाता है। जब विश्व के विकसित देश कोरोना की महामारी से नहीं बच सके तो यदि यह संक्रमण हमारे भारत देश में फैल गया तो इस महामारी पर नियंत्रण करना असंभव होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा हमारे भारत देश के लोगों में और हमारी संस्कृति में सदियों से संयम बरतने की परिपाटी रही है। हम अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए मां के नवरात्रों में और सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए नाना प्रकार के व्रत करते हैं, नमक-मीठा छोड़ने का प्रण लेते हैं, हम कठिन-से-कठिन यात्राएं करते हैं, हवन-यज्ञ करते हैं, चिंटियों को आटा डालते हैं, कुत्ते को रोटी व गाय को भोजन देते हैं। यह सब हमारी संस्कृति में प्राणी मात्र के प्रति चिन्ता के भाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा ऐसे में जब मानवजाति पर इतना बड़ा संकट हो तो संयम में रह कर हम समाज की सेवा कर सकते हैं। आओ हम सब मिलकर 14 अप्रैल तक अपने-अपने घरों के अंदर रहें और भारत को कोरोना महामारी से मुक्त करने में सहयोग करें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आरडी धीमान ने प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 912 लोगों को निगरानी में रखा गया है। 16 लोगों की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से पांच की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 11 की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर, भारत सरकार द्वारा एडवाईजरी जारी कर बताया गया है कि हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन उन लोगों के बचाव में उपयोगी सिद्ध हो सकती है, जो कोविड-19 पाॅजिटिव लोगों के निकट संपर्क में आए हैं एवं अभी तक उनमें कोविड-19 बीमारी के कोई लक्षण नहीं है तथा ऐसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता जो कि कोविड-19 पाॅजिटिव या संदिग्ध कोविड-19 लोगों के निकट संपर्क में आए हैं। इस दवाई के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं, इसलिए इसे डाॅक्टर के परामर्श के अनुसार ही लें और आम लोग इस गलतफहमी से न लें कि इसको लेने से पूर्ण रूप से कोविड-19 से बचाव किया जा सकता है। आरडी धीमान ने बताया कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के उपयोग के लिए जरूरी सामान जैसे कि मास्क, ग्लबज, दवाई, सेनिटाईजर आदि भी प्रदेश स्तर पर खरीदकर जिलों को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा जारी कफ्र्यू के तहत आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन करें और अनावश्यक कारणों से घर से बाहर न निकलें। आदेशों की अवहेलना करने पर जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे लोग जो दूसरे देशों से आए हैं, उनसे व उनके परिवार से अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आग्रह किया कि वे अपनी सूचना 104 हेल्पलाईन नंबर व जिला प्रशासन को अवश्य दें। ऐसी जानकारी छुपाने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों एवं आयुष प्रैक्टिशनर को भी पुनः एडवाईजरी जारी की गई है कि वह कोविड-19 से प्रभावित किसी भी व्यक्ति की सूचना जिला सर्विलेंस अधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवश्य दें। वह अपनी संस्था के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हिमकेयर के कार्ड भी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से बनाए जा रहे हैं। इन्हें बनाने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी, परंतु कोविड-19 की परिस्थिति को देखते हुए लोगों की सुविधा के लिए इसे 31 मई, 2020 तक बढ़ाया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से हिमकेयर के कार्ड स्वयं बनाएं, ताकि लोकमित्र केंद्र में किसी प्रकार की भीड़ आदि न हों और सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा सके।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने भी पूरे जिला में आगामी आदेशों तक मंगलवार सांय 05.00 बजे से कफ्र्यू लगाने की घोषणा कर दी है। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों के तहत जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार किराना, दूध, बै्रड, फल, सब्जी, मीट, मछली, अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ, दवा की दुकानें तथा ऑप्टिकल स्टोर प्रातः 08ः00 बजे से दिन में 12.00 बजे तक खुले रहेंगे ताकि लोग इस अवधि में आवश्यक सामान क्रय कर सकेें। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस समयावधि में भी किसी भी स्थान पर 04 या उससे अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे। इस अवधि में लोग केवल अपने आवास से आवश्यक खरीददारी करने या आवश्यक सेवाओं तक एवं वापिस आवास ही आ-जा पाएंगे। यह आदेश अस्पतालों, आपातकालीन चिकित्सीय सेवाओं के लिए अस्पताल आने वाले व्यक्तियों, दवा एवं साबुन उत्पादन करने वाली इकाईयों एवं इनके सहायक उद्योगों तथा इनकी परिवहन गतिविधियों, पैट्रोल पम्प, रसोई गैस, तेल ऐजेन्सियों, इनके गोदामों, परिवहन सम्बन्धी गतिविधियों पर लागू नहीं होंगे। इस अवधि में सभी आवश्यक वस्तुओं जिसमें खाद्य पदार्थ, दवा एवं मैडिकल उपकरण सम्मिलित हैं का ई-वितरण जारी रहेगा। निरंतर प्रक्रिया वाली उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां भी इस अवधि में कार्य कर सकेंगी। इन इकाईयों को समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित नियमों एव सावधानियों का पालन करना होगा। आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में संल्गन इकाईयां भी कार्यरत रहेंगी। दण्डाधिकारी कार्य एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के साथ संल्गन सरकारी कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, अग्निशमन सेवाएं, केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधीन पुलिस, सेना, अर्द्ध सैनिक बल एवं अन्य सुरक्षा बल, कोविड-19 के न्यूनीकरण कार्य में संल्गन एसे सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी कर्मचारी जिन्हें सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो, विद्युत, जल एवं नगर परिषद सेवा प्रदाता, बैंक, एटीएम तथा दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी सहित इंटरनेट सेवाएं इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगी। इसके अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा कार्य के लिए छूट प्राप्त तथा जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक आयुक्त परवाणु तथा इस सम्बन्ध में प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमति पत्र प्राप्त सभी पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार आवश्यक वस्तुएं क्रय करने के लिए परिवार अथवा घर का एक ही सदस्य बाहर आ-जा सकता है। यह वस्तुएं समीप स्थित दुकान से क्रय करनी होंगी। सभी को आदेश दिए गए हैं कि वाहन का प्रयोग न करें। छूट प्राप्त समय में ‘सोशल डिस्टेंसिन्ग’ प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। यह आदेश न मानने की स्थिति में विधि अनुसार कार्रवाही की जाएगी। कार्यकारी दण्डाधिकारी, पुलिस अधिकारी, कर्मी इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। उल्लघंन के मामलों को विधि अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। जिला दण्डाधिकारी ने सभी जिला वासियों से आग्रह किया है कि सभी आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं।
कोरोना वायरस के खतरे से बचाव के लिए बिलासपुर जिला में तुरंत प्रभाव से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की दुकानें हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेंगी। जिले में आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे जारी रहेंगी। अगले आदेशों तक पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू रहेगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला दंडाधिकारी राजेश्वर गोयल ने मंगलवार को इस बारे आदेश जारी किए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कफ्र्यू के दौरान अपने घर में ही रहें और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे कारगर उपाय है। घर से अनावश्यक बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है। उपायुक्त ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक राशन, करियाना, फल-सब्जी, दूध, ब्रैड, मीट-मछली, बिना पक्का खाने के सामान की दुकानें, मेडिकल स्टोर और चश्मों की दुकानें खुली रहेंगी। इसके अतिरिक्त पेट्रोल-पंप, गैस एजेंसियां व उनके गोदाम खुले रहेंगे। इसमें भी यह ध्यान रखना हेागा कि एक जगह 5 सेे ज्यादा लोग एकत्रित न हों। उपरोक्त दुकानों के अलावा अन्य सभी दुकानें, उद्योग, वर्कशॉप, व्यापारिक प्रतिष्ठान व गोदाम पूरी तरह से बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिन कार्यालयों, संस्थानों, श्रेणियों, व्यक्तियों को सरकार की ओर से लॉक डाउन में काम करने की अनुमति दी गई थी उन्हें कर्फ्यू के दौरान फिलहाल काम की छूट रहेगी। उन्होंने बताया कि सेना, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा आपातकालीन वाहनों, आवश्यक सेवाओं में तैनात स्टाफ सहित जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों की आवाजाही पर छूट रहेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिन्दल, ने शिमला से जारी एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की भाजपा शासित सरकार का धन्यवाद किया, जिन्होंने वैश्विक कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कार्य करने वाले डेढ़ लाख मजदूरों को दो हजार रुपये प्रति परिवार देने की घोषणा की है, साथ ही एडवासं राशन व पैंशनधारकों की सामाजिक सुरक्षा की 2 माह अग्रिम राशि जारी करने की घोषणा की है। जहां प्रदेश की सरकार महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी ताकत से लगी है और लगातार खंड स्तर तक निगरानी रखे हुए है, वहीं गरीबों के प्रति सेवा का भाव, संवेदनशीलता का भाव, प्रदेश की जय राम सरकार ने अपनाया है। डॉ राजीव बिंदल ने कहा यह अवसर है जब प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का धर्म बन जाता है कि वह संयम बरते, अनुशासित रहे, जन सम्पर्क की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ दे, तब जाकर हिमाचल प्रदेश को सुरक्षित रखा जा सकता है और समस्त जनता को लॉक-डाउन का लाभ मिलेगा। भाजपा के प्रदेश स्तरीय प्रवक्ता ने बताया की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ बिंदल ने नाहन में डॉ यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज में प्रिन्सिपल, चिकित्सा अधीक्षक, एसडीएम, कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोरोना महामारी के दृष्टिगत रोगियों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया व उचित दिशा निर्देश दिए, साथ ही शहर में स्वच्छता के लिए डिसिन्फ़ेक्टंट छिड़काव कार्य देखा।
पूरे विश्व में फैले हुए कोरोना संक्रमण से तबाही का आलम हो चुका है। वहीं भारत भी इसके संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है। सोमवार से चले हिमाचल में लोक डाउन के बाद मंगलवार शाम 5:00 बजे से कर्फ्यू की स्थिति बन गई है, जिसके मध्य नजर हिमाचल में सरकार द्वारा जरूरी कदम उठाए गए है। इसी के मध्य नजर रखते हुए अर्की तहसील के दो मुख्य सीमेंट उद्योग दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट व बागा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट की भी दोनों इकाइयां 25 मार्च से बंद करने के आदेश सीमेंट प्लांट के यूनिट हेड द्वारा दे दी गई है। दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट के इकाई प्रमुख अनुपम अग्रवाल ने कहां की संस्थान में कार्यरत समस्त कर्मचारी जिनमें समस्त स्टाफ,स्थाई श्रमिक और ठेका श्रमिक 25 मार्च से कंपनी में नहीं आएंगे। उन्होंने अपील की कि सभी अपने घर में ही रहे व बाहर ना निकले ताकि यह संक्रमण एक से दूसरे तक ना पहुंचे पाए। उन्होंने बताया कि इसके तहत आवश्यक सेवाओं में जैसे चिकित्सा सिक्योरिटी विद्युत एवं जल प्रबंधन इत्यादि सेवा ही जारी रहेगी व इन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालन हेतु संबंधित विभाग अध्यक्ष द्वारा संबंधित कर्मचारियों को सूचित कर दिया जाएगा। बाकी कर्मचारी छुट्टी पर रहेंगे। वहीं बागा अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के नवनीत चौहान ने कहा कि बागा सीमेंट वर्क्स में कार्यरत सभी स्थाई कर्मचारी विभिन्न ठेकेदारों के द्वारा नियोजित श्रमिकों को अपने परिवार समाज को सुरक्षित रखने के लिए कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाने को पूर्ण रूप से तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए लॉक डाउन किया गया है व उन्होंने सभी कामगारों से अपील की कि वे इस दौरान अपने परिवार के साथ अपने घर में ही रहे। वही कारखाना एवं आवासीय परिसर में केवल आवश्यक सेवाएं जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा अग्निशमन अन्नपूर्णा बिजली एवं पानी प्रबंधन आदि चालू रूप से जारी रखी जाएगी, जिस के संबंध में सूचना संबंधित अधिकारी को दी दे दी जाएगी जो की सेवा को निरंतर जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका यही है कि हम सभी जन एक दूसरे से अलग रहकर अपने निवास स्थान पर रहे, वह बाहर ना निकले, एक दूसरे से दूरी बनाए रखे और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए संक्रमण को रोकने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के अंतर्गत टायर व जनरल स्टोर की दो दुकानें सरकारी आदेश के बावजूद खुली होने पर दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पहला मामला झरना के पास सडक के दाहिने तरफ एक टायर की दुकान खुली हुई थी और दुकान मालिक ने टायरों को बेचने के उद्देश्य से दुकान के बाहर लगाया था। दुकान में झरना ट्यूब टायर फ्लैप कार अच्छा अससेससोरीज़ लिखा हुआ पाया। दुकान मालिक से नाम पता पुछने पर उसने अपना पता व नाम संजीव कुमार पुत्र हेमचन्द गांव बरायली, डा दाडलाघाट बताया। वही दूसरा मामला दाडला से आगे नजदीक आईटीआई सड़क के बाई तरफ एक दुकान खुली हुई पाई, जिस पर महाजन जनरल स्टोर लिखा था तथा दुकान के बाहर कुरकुरे, नमकीन लटके हुए थे ओर अन्य सामान भी जैसे बिस्कुट आदी रखे हुए थे व आसपास की सभी दुकाने बन्द थी। पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति से उसका नाम पता पुछने पर उसने अपना नाम प्रदीप कुमार महाजन पुत्र प्यारेलाल गांव ग्वाह डा दाडलाघाट बताया। उक्त दोनों दुकान मालिकों पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनयूएस की धारा 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने की है।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर की अगुवाई में सदर विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर की विभिन्न पंचायतों में जाकर लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूक किया गया साथ मे जनता को मास्क वितरित किए गए। इस मौके पर आशीष ठाकुर ने विभिन्न पंचायतों में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोग अपने अपने घरों में रहें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि ऐसे तो घर से बाहर निकले ही नही अगर घर से बाहर निकलना अति आवश्यक हो तो मास्क का प्रयोग करें, जब भी कंही बाहर से घर आये तो हैंड सेनेटाइजर या फिर साबुन से अच्छी तरह से हाथ और मुंह धोकर ही प्रवेश करें। उन्होंने लोगों से अपील की की अगर 9 मार्च के बाद कोई भी व्यक्ति विदेश यात्रा करकर लोटा है तब उसे ओर उसके परिवार को जिला सर्वेलेन्स अधिकारी से सम्पर्क स्थापित करने के लिए कहें साथ मे उन्होंने कहा कि जितना हो सके आपस मे दूरी बनाकर रखे। उन्होंने सरकार और विपक्ष के इस आपदा की घड़ी में आपसी तालमेल को भी सराहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने चिकित्सा विभाग, पुलिस विभाग, पत्रकारिता विभाग, सफाई कर्मचारियो, बिजली विभाग, जल विभाग व अन्य उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है जो इस आपदा के समय अपनी जान की परवाह किये बिना निस्वार्थ भाव से आम जनमानस की सेवा में जुटे हुए है, आशीष ठाकुर ने प्रैस के माध्यम से जिलाधीश बिलासपुर राजेश्वर गोयल से कहा है की है कि अगर इस आपदा से निपटने के लिए युवा कांग्रेस की जरूरत पड़ेगी तो युवा कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर सरकार और प्रशासन के साथ खड़ी है, इस मौके कमल किशोर, आशीष चन्देल, सुनील चन्देल, मनीष चन्देल, विनोद, संजय कश्यप, बंटी भारद्वाज व अन्य युवाओं ने मास्क वितरण में सहयोग किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ० प्रकाश दरोच ने बताया कि पूरे प्रदेश की तरह बिलासपुर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग, एहतियात बरतते हुए कोविड-19 से बचाव हेतु पूरे सुरक्षा कदम उठा रहा है और मरीजों को जल्द उपचार व अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं देने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि जिला के अस्पतालों में सर्दी जुखाम के मरीजों को सर्वप्रथम उपचार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। ऐसे मरीजों को अन्य मरीजों की अपेक्षा पहले जांच करवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि संदिग्द मरीजों के लिए जिला में आइसोलेशन सुविधा हेतु क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 20 बैड कैपेसिटी के 10 कमरों का एक वार्ड तथा नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में 10 बैड का एक बार्ड बनाया गया है। संगरोध हेतु अलग कमरों की व्यवस्था सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मारकंड, झंडुता, घुमारवीं तथा आयुवैदिक चिकित्सालय तलाई में 5-5 बैड की व्यवस्था तथा जिला आर्युवैदिक चिकित्साल्य बिलासपुर में व आर्युवैदिक चिकित्साल्य कंदरौर में 2-2 बैड की व्यवस्था की गई है। भविष्य में अगर और अधिक स्थानों की आवश्यकता पडती है तो विभाग ने इसके लिए अन्यों स्थानों का भी चयन कर लिया है। जिला के प्रवेश द्वारों पर आवश्यक कर्मचारियों व अधिकारियों की तैनाती थर्मल स्क्रीनिंग के लिए।विभाग द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी के तहत काम किया जा रहा है। अन्य प्रभावित देशों से भारत आने वाले सभी पर्यटकों तथा भारत के नागरिकों की काउंसलिंग की जा रही है तथा उन्हें 28 दिन के लिए निगरानी में रखा जा रहा है। उन्होंने सभी बिलासपुर वासियों से अनुरोध किया कि अपना सहयोग निरंतर जारी रखें और स्वास्थ्य विभाग के सम्पर्क में रहें, घवराएं नहीं, सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि सरकार व विभाग आपकी सेवा में रात दिन तत्पर है। जो लोग कोरोना सस्पैक्टीड है उनके सैम्पल टैस्टींग फैसीलिटी के लिए भेजे जा रहे हैं। कोरोना वायरस के संबंध में कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता है। सावधानी के तौर पर सर्दी जुखाम से ग्रसित व्यक्तियों से अपने बचाव के लिए खांसते व छिंकती बार मुंह को रुमाल या टीसू तथा बाजू मोडकर भी मुंह को ढक सकते है प्र्याप्त दूरी रखें, हाथ न मिलाएं, मुंह और नाक स्पर्श करने के पहले व बाद साबुन से हाथ बार-बार लगभग 20 सैकिंड तक अच्छी तरह धोएं, इधर-उधर न थूकें, भीड-भाड वाली जगहों में जाने से बचें तथा मांस व अण्डों को खाने से पहले अच्छी तरह से पकाएं, अभिावादन के लिए हाथ न मिलाएं और न ही गले मिलें। बिलासपुर जिले में जो लोग प्रभावित देशों व अन्य राज्यों से आए हैं वे अपनी सूचना प्रशासन व नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में दें तथा वे अपने घर पर ही अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर कम से कम 14 दिनतक सावधानी बरतें, परिवार के अन्य स्दस्य भी उनसे दूरी बनाकर रखें, अति आवश्यक होने पर घर से बाहर निकलें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड ना करें, सरकार के आदेशों का हमेशा पालन करें। उन्होंने बताया कि इस वाइरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने पहले ही स्कूल, कालेज, प्रशिक्षण संस्थान, थियेटर आदि बंद करने का निर्णय लिया है तथा सरकार ने बसें व किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है तथा पूरे प्रदेश में तालाबंदी भी लगा दी है, आवश्यक सेवाओं को छोडकर, ताकि इसके नियंत्रण में मदद मिल सके। इसके बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरुक करने के लिए जिला के महत्वपूर्ण स्थानों पर हौर्डींग, बोर्ड स्थापित किए गए हैं। प्रैस, रेडियो एसएमएस माईकिंग, जिंगल, हैंड वील, पम्फलैटस इत्यादि के द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है। आशा वर्कर, आगनवाडी कार्यकर्ता, हैलफर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरुक कर रहें हैं तथा कोरोना वाइरस के लिए घर-घर सर्वे भी कर रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को भी लोगों को अपने स्तर पर जागरुक करने का निवेदन किया है। उन्होंने बिलासपुर की जनता से अनुरोध किया है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग के लोगों पर भरोसा कायम रखें तथा घर से बाहर बहुत ही जरुरी होने पर निकलें, एतिहात बरतें, अस्पतालों में अनावश्यक भीड न करें। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में विभाग सभी से सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि जिला में इसके प्रसार को रोकने में मदद मिले। आमजन का सहयोग ही इस बीमारी से छुटकारा दे सकता है।
लाइफस्टाइल में दूध का महत्वपूर्ण योगदान है। यह कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम और विटामिन डी का प्रमुख स्त्रोत है। ज्यादातर भारतीय गाय भैंस का दूध को पसंद करते हैं। लेकिन बकरी का दूध भी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह इम्यून सिस्टम का मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का कार्य करता है और डेंगू व वायरल बुखार में काफी लाभदायक हो सकता है। जैसे आजकल कोरोना वायरस की बीमारी फैल रही है इसमें भी बकरी के दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है और लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इसका नुकसान तो कुछ नहीं है। शरीर का इम्यून सिस्टम ठीक होने से बीमारियां दूर भागती है ऐसे में आपको उन आकारों का सेवन करना चाहिए जिसमें इम्यूनिटी को बढ़ाने की क्षमता हो। बकरी का दूध उन्हीं में से एक है बकरी का दूध सेलिनियम का एक स्रोत है जो इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायता करता है। सफेदे के पत्ते पानी में उबालकर उसके भाप लेकर भी श्वसन तंत्र को मजबूत किया जा सकता है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाएं:- अगर आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म सही है, तो आप ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रूप से काम कर पाएंगे। बकरी का दूध कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है,इसमें कैल्शियम, विटामिन बी,फास्फोरस और पोटेशियम पाया जाता है। साथ ही इसका दूध आयरन और कॉपर से भी समृद्ध है जो आपके मेटाबॉलिज्म रेट को बेहतर करने में मदद करता है। हड्डियों को करें मजबूत:- हड्डी का कमजोर होना आज के समय में एक बड़ी समस्या है। बकरी का दूध इसमें आपकी मदद कर सकता है। यह कैल्शियम से भरपूर है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। कैल्शियम के साथ-साथ बकरी का दूध अमीनो एसिड ट्रिप्टोफेन से भी समृद्ध है जो हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत रखता है। इसका दूध पीने से ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना कम रहती है। आपके दिल के लिए फायदेमंद:- खराब जीवनशैली के चलते दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बता दें कि बकरी के दूध में अच्छे फैटी एसिड पाए जाते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखते हैं। दूध में पोटेशियम के स्तर की प्रचुरता रक्तचाप को कम करने में मदद करती है क्योंकि यह एक वेसोडाइलेटर है। जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। Anti-inflammatory गुणों से भरपूर:- बकरी का दूध Anti-inflammatory गुणों से भरपूर होता है। और इसमें सूजन को कम करने में मदद मिलती है। अगर आप बकरी का दूध पीते हैं तो पेट में सूजन की शिकायत दूर करने में मदद मिलेगी। डेंगू में असरदार है,बकरी का दूध:- मानसून में डेंगू महामारी की तरह फैलता है। वैसे डेंगू से बचने के लिए हर किसी को सतर्कता बरतनी चाहिए। फिर भी किसी को यह बीमारी हो जाए तो बकरी का दूध उसके लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल डेंगू बुखार में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में बकरी का दूध एक आसान और प्रभावी उपाय है,क्योंकि इसमें सेलेनियम होता है। और ब्लड प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इस प्रकार विश्व भर में कोरोना वायरस से फैली बीमारी में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बकरी का दूध मरीज को पिलाकर *कोविड-19* से लड़ा जा सकता है। बकरी का दूध क्षय रोग में भी लाभ देता है। इस प्रकार गिलोय, काली मिर्च, तुलसी पत्ते का काढ़ा भी इसमें कारागार हो सकता है। मरीज को पपीते के पत्ते का रस भी दिया जा सकता है। जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुलोम- विलोम प्राणायाम करवाया जा सकता है। रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए धूप स्नान भी कारागार है। इस प्रकार उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर व साफ-सफाई का ध्यान रखकर इस समय विश्व में आई जैविक आपदा से हम लड़ सकते हैं। इन चीजों से अगर लाभ नहीं होगा तो नुकसान भी नहीं होगा। ज्योतिष (मेडिकल) के अनुसार पक्षियों को बाजरा और सतनाजा बुधवार व शनिवार को देना चाहिए।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए सरकार हर आवश्यक उपाय कर रही है। सरकार मुस्तैद है और कोरोना वायरस के निटने के लिए कड़े कदम उठा रही है। यह बात प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष पुरूषोतम गुलेरिया ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि इस महामारी की कड़ी में प्रदेश की जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। जनता कर्फ्यू पुरी तरह सफल होने के बाद प्रदेश में लागू लॉक डाउन में भी एकदुका घटनाओं को छोडक़र जनता का सरकार को सहयोग मिल रहा है। गुलेरिया ने कहा कि सरकार ने सभी जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अर्लट पर रखा है। जिलों के ऐलापेथी, आयर्वेदिक अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई है। जबकि विदेशों लौटे लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारनटाइंन किया जा रहा है जबकि बीमारी के लक्षण वाले संदिग्ध को घर से उठाकर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। गुलेरिया ने कहा कि सोलन जिला प्रशासन और पुलिस हर जरूरी उपाए किए जा रहे हैं। सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल और जिला आयुवेर्दिक अस्पताल में 25-25 बैड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जरूरत पडऩे पर कुमारहट्टी स्थित एमएमयू अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा है। इसके अतिरिकत नौणी यूनिवर्सिटी के रेस्ट हाउस, सरकार रेस्टहाउस और टूरिजम के कमरों को प्रयोग किया जाएगा। वहीं आपात स्थिति में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के भवनों को भी प्रशासन द्वारा अधिग्रहण होगा। उन्होंने कहा कि यदि लोग सामाजिक दुरिया रखेंगे तो कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने अफवाहों की तरफ ध्यान न देने और सरकार व प्रशासन की तरफ से किए जा रहे उपायों में सहयोग देने का आह्वान किया। गुलेरिया ने लोगों से घरों में ही रहने और सयंम व संकल्प के साथ प्रशासन का सहयोग कर कोरोना महामारी को हराने की अपील की है।
कांगड़ा जिले में लगभग 2500 लोगों को चिह्नित कर होम आइसोलेट करने की योजना सामने आई है। प्रशासन सभी उपमंडलों में पिछले 28 दिनों में देश व विदेश से यात्रा कर लौटे लोगों का डाटा तैयार कर रहा है। सभी उपमंडल अधिकारियों को ये डाटा प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन मंगलवार को यह आंकड़ा सार्वजनिक कर सकता है। इन लोगों को मंगलवार से अगले 28 दिनों तक होम आईसोलेशन में रहने की सलाह दी जाएगी। जो सहयोग नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। बाहर से आए लोगों का डाटा तैयार करने के निर्देश प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और आशा कार्यकर्ता को दिए हैं। उधर, उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि बाहर से आए हर जिलावासी की सूची तैयार की जा रही है। उसके बाद उसे तीन कैटेगिरी में बांटा जाएगा। उसी के आधार पर सभी को होम आइसोलेट किया जाएगा। प्रशासन ने आह्वान किया है जिले के जो दो कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं, सफर के दौरान उनके साथ आए लोग खुद को होम आइसोलेट कर लें। कांगड़ा की एक महिला मरीज दुबई से हवाई जहाज से दिल्ली 18 मार्च को सुबह 6:30 बजे पहुंची थीं। सुबह 8:30 बजे दिल्ली हवाई अड्डे से गगल एयरपोर्ट पहुंचीं। हवाई जहाज में महिला के संपर्क में जो भी लोग आए हैं, उन्हें खुद को आइसोलेट करने की सलाह दी गई है। टांडा में दाखिल दूसरा पॉजिटिव मरीज 18 मार्च को सिंगापुर से हवाई जहाज से बंगलूरू से आया था। इसी दिन हवाई जहाज से शाम को दिल्ली पहुंचा। शाम 6:15 बजे वह हिमसुता एचआरटीसी की वोल्वो बस से कांगड़ा 19 मार्च को सुबह रानीताल में उतरा। उसके संपर्क में जो भी व्यक्ति आया है, वह आइसोलेशन में जाए।
देश में करोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रदेश के प्रसिद्ध श्री मूल गींह नाग सरही मंदिर में शनिवार को आपतकालीन बैठक बुलाई गई। सरही मंदिर से डिम्पल कुमार राठौर ने जानकारी देते हुए कहा कि मंदिर के कपाट 21 मार्च से 14 अप्रैल (विशु वैशाखी पर्व) तक बंद कर दिए हैं। आगामी नवरात्रि के 9 दिन मंदिर में प्रदेश के अलग अलग जगह से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु सरही पहुँचते हैं। परंतु वर्तमान में करोना महामारी के कारण नवरात्रि के सभी दिन मंदिर के कपाट बंद रहेगे केवल पुजारी द्वारा ही विधिवत रूप से पूजा की जाएगी इसलिए अन्य लोगों को मंदिर आना वर्जित रहेगा। अप्रैल महीने में होने वाले नाग देवता के दौरो पर भी रोक लगा दी गई है। मंदिर में होने वाले और क्षेत्र के सभी आयोजन रद्द कर दिए गए हैं। नाग देवता के नव मंदिर के निर्माण कार्य को भी कुछ समय तक रोक दिया गया है। मंदिर कमेटी का मानना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक मंदिर में कोई आयोजन नहीं होंगे। मंदिर कमेटी ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देश का पालन करें। बताई गई सावधानीयां बरते और देश में फैली इस गंभीर महामारी को खत्म करने में सरकार का सम्पूर्ण सहयोग करें। देव संस्कृति की दृष्टि से देखें तो यदि हम चिकित्सको द्वारा बताए गए नियमों का पालन करेंगे तभी देवताओं का आशीर्वाद भी सदैव बना रहा। श्री मूल गींह नाग मंदिर कमेटी सरही भी आशा करती है कि जल्द से जल्द करोना जैसी भयंकर महामारी समाप्त हो जाए।
दिनांक 24 मार्च को SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी द्वारा जारी एक प्रेस वक्तकय के माध्यम से SFI ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार के सामने कुछ सुझाव पेश करते हुए प्रदेशवासियों से भी अपील की है। ●प्रदेश और देश के लोग COVID -19 के प्रसार के खिलाफ गंभीर लड़ाई के बीच में हैं। कई राज्यों में, इस घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक सामान्य लॉकडाउन लागू किया जा रहा है जो हमारे प्रदेश में भी किया गया है। ●इस तरह के लॉकडाउन के दौरान, विशेष रूप से घोषित लक्षणों वाले लोगों के परीक्षण को और अधिक स्तर पर करना अनिवार्य है। इस आधार पर, विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है और ऐसे क्षेत्रों में लागू किए जाने वाले लॉकडाउन की पहचान की जा सकती है। ●नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी द्वारा अनुमोदित सभी परीक्षण किटों का उपयोग किया जाना चाहिए। यह अजीब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी किया है कि केवल यूएस एफडीए(अमरीकी दवा प्राधिकरण) और यूरोपीय ईसी द्वारा अनुमोदित परीक्षण किट का ही उपयोग किया जाएगा। रिपोर्टों से पता चलता है कि केवल गुजरात में एक निर्माता है जो इस तरह की किट का उत्पादन करता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इस परिपत्र को वापस ले लिया जाना चाहिए और एनआईवी द्वारा अनुमोदित सभी किटों को तत्काल उपयोग के लिए तैनात किया जाना चाहिए। ●करोड़ों परिवार जो अपने परिवार की दैनिक कमाई पर जीवित रहते हैं, वे वर्तमान में इस तरह के लॉकडाउन के कारण गंभीर रूप से पीड़ित हैं। यह आवश्यक है कि तुरंत कम से कम ₹ 5,000 जन धन खातों और बीपीएल लाभार्थियों को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। ●मध्याह्न भोजन योजना से लाभ पाने वाले बच्चों के परिवारों को राशन किट की आपूर्ति की जानी चाहिए। ●छात्रों की परीक्षा व प्रेक्टिकल को स्थगित किया जाना चाहिए। ● SFI कोरोना वायरस की गम्भीरता को देखते हुए आम जनता से अपील भी करती है कि हमें हर तरह के आवशयक ऐहतियात बरतते हुए अफवाहों से बचना चाहिए तथा इस संदर्भ में फैलाई जा रही भ्रांतियों व गैरवैज्ञानिक पाखण्ड से दूर रहने की आवश्यकता है। ●सभी बीपीएल / एपीएल परिवारों को पीडीएस के माध्यम से मुफ्त राशन एक महीने के लिए दिया जाना चाहिए। ●दुनिया के कई देशों की तरह कोरोना से बचने के लिये आवश्यक दवाएं व सामग्री जैसे सेनेटीज़र, मास्क,आदि का प्रदेश में भी इसी तरह मुफ्त प्रबंधन करना चाहिए। ●इसके साथ ही मझले व छोटे उद्योगों (एसएमई) और खुदरा व्यापारियों के साथ-साथ ईएमआई पर एक वर्ष के लिए बैंक ऋण पर स्थगन होना चाहिए। ●अब जब विधानसभा में बजट पर चर्चा हो ही रही है , तो प्रदेश सरकार को लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को बचाने के लिए पर्याप्त पैकेज के लिए अलग से धनराशि निर्धारित करनी चाहिए। Sfi राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि आज जीवन बचाने के लिए हमारे संसाधनों का उपयोग करने का समय है और हमें राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए चिंताओं का शिकार नहीं होना चाहिए।
प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता अशोक धीमान ने कहा कि कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि उपभोक्ताओं के विद्युत बिल निर्धारित अवधि के एक माह बाद तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जमा किए जा सकेंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे विद्युत बिल जमा करवानेे के लिए विद्युत बोर्ड के काउंटरों पर एकत्रित न हों। कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ आवश्यक है और इसके लिए किसी भी स्थान पर भीड़ एकत्र नहीं होनी चाहिए। लोग अपने बिजली के बिल ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अशोक धीमान ने कहा कि विद्युत सम्बन्धी पूछताछ, शिकायत इत्यादि कार्य के लिए बोर्ड के दूरभाष नम्बरों एवं अधिकारियों के मोबाईल नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है। वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता अशोक धीमान से उनके कार्यालय दूरभाष पर 01792-221418, मोबाईल नम्बर 94184-65666, ईएसडी नम्बर-1 के सहायक अभियन्ता सन्नी जोगटा से कार्यालय दूरभाष पर 01792-221418, मोबाईल नम्बर 94591-75377, ईएसडी नम्बर-2 के सहायक अभियन्ता विदुर से कार्यालय दूरभाष पर 01792-223611, मोबाईल नम्बर 78070-00900, ईएसडी नम्बर-3 के सहायक अभियन्ता बलदेव चन्द से कार्यालय दूरभाष पर 01792-220732, मोबाईल नम्बर 98179-36737, ईएसडी कण्डाघाट के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर से कार्यालय दूरभाष पर 01792-227131, मोबाईल नम्बर 94180-11375, ईएसडी सुबाथु के सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा से कार्यालय दूरभाष पर 01792-256128, मोबाईल नम्बर 94188-28250, सहायक अभियन्ता दिनेश कौंडल से कार्यालय दूरभाष पर 01792-275054, मोबाईल नम्बर 98168-31654, कनिष्ठ अभियन्ता चन्दन से मोबाईल नम्बर 78070-48563, कनिष्ठ अभियन्ता सुरिन्द्र पाल से मोबाईल नम्बर 98161-73608, कनिष्ठ अभियन्ता पंकज ठाकुर से मोबाईल नम्बर 70183-42474, कनिष्ठ अभियन्ता पंकज चैहान से मोबाईल नम्बर 89882-41919, कनिष्ठ अभियन्ता हिमांशु से मोबाईल नम्बर 70180-00474, कनिष्ठ अभियन्ता अनुज से मोबाईल नम्बर 94596-82715 तथा कनिष्ठ अभियन्ता वेद प्रकाश सेे मोबाईल नम्बर 70183-31423 पर सम्पर्क कया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला में स्थापित आवश्यक वस्तुएं उत्पादित करने वाले विभिन्न उद्योगों में कार्यरत कामगारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में सभी उद्योगपतियों एवं उनके कामगारों की आवाजाही पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। इन सभी को प्रदेश के भीतर ही रहना होगा। इन्हें जिला में स्थापित होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में ठहराया जा सकेगा। इसके लिए इन्हें सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त परवाणु को आवेदन करना होगा। यह अधिकारी उपरोक्त को अपनी सीमा में समीप के होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में सामान्य भुगतान पर ठहराने के लिए अधिकृत होंगे। यह भुगतान सम्बन्धित कम्पनी द्वारा किया जाएगा। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में उद्योगपतियों एवं उनके कामगारों के अतिरिक्त कोई अन्य न ठहरे। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त परवाणु को इन कामगारों को कार्यस्थल से उद्योग परिसर लाने-ले जाने के लिए कान्ट्रेक्ट कैरियेज को छूट देने के लिए प्राधिकृत किया गया है। कान्ट्रेक्ट कैरियेज को कुल यात्री क्षमता के 70 प्रतिशत से अधिक कर्मी ही ले जाने के नियम का पालन करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में भी आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लाॅकडाउन अधिसूचित किया गया है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने दी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के तहत राज्य के भीतर और राज्य से बाहर सार्वजनिक एवं निजी स्टेज तथा कान्ट्रेक्ट कैरियेज जिसमें टैक्सी, ऑटो रिक्शा इत्यादि सम्मिलित हैं की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। रेल तथा व्यावसायिक विमानों की आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निजी वाहन भी केवल आपातकाल स्थिति, अस्पताल आने-जाने और आवश्यक सेवाओं के लिए ही प्रयोग किए जा सकेंगे। इस आदेश के उपखण्ड 2 में लिखित सेवाओं के लिए माल वाहक वाहनों को आवाजाही की अनुमति होगी। के.सी चमन ने कहा कि इन आदेशों के उपखण्ड 2 के अनुसार जिला में किराना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट, मछली और अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाली दुकानों और इनकी परिवहन संबंधी गतिविधियों एवं भण्डारण के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कारखाने, कार्यशालाएं, भण्डारण इत्यादि बन्द रहेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल, दवा की दुकानें, ऑप्टिकल स्टोर, दवा एवं साबुन निर्मित करने वाली इकाईयां तथा इनसे संबंधित परिवहन गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके अतिरिक्त पेट्रोल पंप, रसोई गैस, तेल एजेंसियां, इनके भण्डारण और इनकी परिवहन संबंधी गतिविधियां भी जारी रहेंगी। खाद्य पदार्थों, दवा एवं चिकित्सा उपकरणों सहित सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-काॅमर्स (वितरण) भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उपखण्ड 2 केे तहत उपायुक्त की अनुमति से निरंतर प्रक्रिया वाली उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां कार्य कर सकेंगी। इन इकाईयों को समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित नियमों एव सावधानियों का पालन करना होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित सभी बचाव नियमों की अनुपालना के अनुरूप दवाओं एवं सैनिटाईजर के लिए मदिरा उत्पादन करने वाली इकाइयां भी कार्य कर सकेंगी। आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रही इकाईयां भी कार्यरत रहेंगी, किन्तु इस विषय में उपायुक्त का निर्णय अंतिम होगा। के.सी. चमन ने कहा कि 9 मार्च, 2020 या उसके उपरान्त विदेश से देश में आने वाले सभी नागरिकों को होम क्वारन्टाईन के निर्णय का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसे सभी नागरिकों को जिला निगरानी अधिकारी सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा और 104 टोल फ्री नंबर पर होम क्वारन्टाईन के लिए स्वंय को पंजीकृत करवाना होगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त नेे कहा कि इन आदेशों के अनुसार लोगों को घर पर रहना होगा और केवल बुनियादी आवश्यकताओं जैसे किराना, सब्जी, दवा, आदि की पूर्ति तथा अनिवार्य कार्य सम्बन्धी यात्राओं की ही अनुमति होगी। इसके लिए भी समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों एवं ‘सोशल डिस्टैंसिंग’ प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी परिस्थिति में सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल-कूद, राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, पारिवारिक समारोह सहित सामूहिक समारोहों या अन्य किसी भी सभा की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों को खुला रखने की अनुमति है में परिसर के भीतर और बाहर दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य को 21 मार्च, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत विनियमित किया जाएगा। कानून एवं व्यवस्था तथा दण्डाधिकारी कार्य मंे सल्गंन कार्यालय, पुलिस, सशस्त्र बल, केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य, कोषागार, शहरी स्थानीय निकाय, ग्रामीण विकास, अग्निशमन, विद्युत, जल, नगर परिषद सेवाएं, बैंक व एटीएम, प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक व सोशल मीडिया, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी सहित इंटरनेट सेवाएं, डाक सेवाएं, आपूर्ति श्रृंखला व संबंधित परिवहन तथा उपायुक्त द्वारा निर्देशित अन्य सेवाएं यथावत कार्यरत रहेंगी। आवश्यक सेवा एवं संस्थान के सम्बन्ध में उपायुक्त का निर्णय अन्तिम होगा। उपरोक्त विभागों में कार्यरत कर्मचारी मातृत्व अवकाश के अतिरिक्त अन्य किसी अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। पूर्व में स्वीकृत अवकाश को तत्काल प्रभाव से रद्द माना जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा आधार पर अवकाश जिला स्वास्थ्य बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने पर ही स्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि धारा 144 के तहत 21 मार्च को जारी आदेशों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इस संशोधनों के अनुसार जिला में विभिन्न विभागों, बोर्डों एवं निगमों द्वारा कार्य के लिए किराए पर ली गई टैक्सी पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों के कर्मियों को लाने-ले जाने वाले कान्टैªक्ट कैरियेज वाहनों पर भी यह आदेश लागू नहीं होंगे। इन वाहनों में कुल यात्री क्षमता के 70 प्रतिशत से अधिक यात्री नहीं होने चाहिएं। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों के कर्मियों को राज्य के भीतर ले जाने वाली निजी कारों में चालक सहित स्वीकृत क्षमता में ही कर्मी ले जाने की अनुमति होगी। विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली निजी कारों में चालक सहित स्वीकृत क्षमता में ही कर्मी ले जाने की अनुमति होगी। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को कान्टैªक्ट कैरियेज वाहनों की सूची पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी तथा परवाणु से सम्बन्धित सूची सहायक आयुक्त परवाणु को सौंपनी होगी। इन आदेशों की अवहेलना पर विधि अनुसार कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बिलासपुर जिला के सभी लोगों से जनता कर्फ्यू की तरह ही लॉकडाउन में भी सहयोग करने की अीपल की है। वह बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे से बचाव के लिए हिमाचल सरकार ने संपूर्ण प्रदेश को आगामी आदेशों तक पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया है। इन आदेशों के तहत बिलासपुर जिला में भी जरूरी सेवाओं को छोड़ कर अन्य सभी सेवाएं बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे कारगर उपाय है। घर से अनावश्यक बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि लॉकडाउन अवधि में अपने घर में ही रहें और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बनें। खुली रहेंगी राशन की दुकानें उपायुक्त ने बताया कि इस दौरान मेडिकल स्टोर, चश्मों की दुकानें, राशन, करियाना, फल-सब्जी, दूध, ब्रैड, मीट-मछली, बिना पक्का खाने के सामान की दुकानों खुली रहेंगी। इसके अतिरिक्त पेट्रोल-पंप, गैस एजेंसियां व उनके गोदाम खुले रहेंगे। उपरोक्त दुकानों के अलावा अन्य सभी दुकानें, उद्योग, वर्कशॉप, व्यापारिक प्रतिष्ठान व गोदाम पूरी तरह से बंद रहेंगे। वाहनों की आवाजाही पर रोक इस दौरान राज्य तथा अंतरराज्यीय रूटों पर चलने वाली बसों, स्टेज तथा कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान टैक्सियों, ऑटो रिक्शा पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लोग अपने निजी वाहन केवल अस्पताल या केमिस्ट के पास आने जाने एवं अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सेना, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा आपातकालीन वाहनों, आवश्यक सेवाओं में तैनात स्टाफ सहित जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों की आवाजाही पर छूट रहेगी। इन कार्यालयों में जारी रहेंगे आवश्यक कार्य उन्होंने बताया कि पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, ट्रेजरी, बैंक, एटीएम, डाकघर, बिजली, पानी, इंटरनेट व टेलीकॉम सेवाएं, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया और शहरी व ग्रामीण विकास के कार्यालयों में आवश्यक कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिला में सभी धार्मिक, सामाजिक आयोजनों पर पहले से ही रोक लगा दी गई है। लॉकडाउन से जुड़ी जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें कॉल उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर परिस्थिति में लोगों की सहायता के लिए तत्पर है। लॉकडाउन से जुड़ी किसी समस्या अथवा स्पष्टीकरण के लिए लोग जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1077 पर कॉल कर सकते हैं। उनकी हर समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर भी कॉल की जा सकती है। इन नंबरों पर फोन कर कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी लेने अथवा किसी मामले की सूचना भी दी जा सकती है। पत्रकार वार्ता में एस पी दिवाकर भी मौजूद थे।
सोलन के कोटलनाल में धारा 144 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। सोमवार सोलन पुलिस को कोटलानाला में फैजान हेयर ड्रेसर नाम की एक नाई की दुकान खुली मिली। दुकान के अंदर एक व्यक्ति पाया गया जिसने अपना नाम मोहम्मद सादिक निवासी गांव अलीपुरा बिजनौर उत्तर प्रदेश बताया। गौरतलब है की देश-दुनिया व हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में तेज़ी से फ़ैल रहे कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते जिला सोलन में धारा 144 द०प्र०सं० दिनांक 15-04-2020 तक लागू की गई है तथा उपायुक्त सोलन के आदेशानुसार सभी हैयर स्लून /बारबर शॉ, ब्यूटी पार्लर व माल्स को अगले आदेश तक बन्द करने के आदेश जारी किए गए है। जो मोहम्मद सादिक उपरोक्त द्वारा यह जानते हुए की दुकान खोलने से इसके पास लोग बाल कटवाने, शेव करवाने आदि आऐंगे जिससे लोगो में महामारी फैलने का खतरा व मानव जीवन को खतरे में डालने की लापरवाही को दर्शाता है। जिस सन्दर्भ में उपरोक्त मोहम्मद सादिक के विरूद्ध अभियोग धारा 269,188 भारतीय दण्ड संहिता व धारा 51 आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 में पंजीकृत करके आगामी कार्यवाही अम्ल में लाई जा रही है
गुरुद्वारा सिंह सभा सपरून ने कोरोना वायरस की वैश्विक त्रासदी से निपटने के लिए सोलन प्रशासन का पुरा सहयोग करने का निर्णय लिया है। सिंह सभा सपरून के सदस्यों की फोन पर हुई बात में सभी ने सहमति जताई कि यदि प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति जरूरत पड़ती है तो गुरुद्वारा साहिब के कमरे व् हाल खोल दिए जाएंगे। इसी तरह सभा ने प्रशासन को आश्वस्त किया की जरुरत पड़ने पर लंगर का प्रबंध भी गुरुद्वारा साहिब में किया जाएगा। सभा की संगत ने सभा के सभी सदस्यों को फ़ोन पर जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के बारे में भी अवगत करवाया है। सभा ने सभी सिख संगत से अपील की है कि इस मुश्किल की घड़ी में घर पर रहकर पाठ करें और बेवजह घर से बाहर न निकले। साथ ही बीमारी के बचाव के लिए दिन में कई बार हाथ अच्छे से साफ करें और अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें। यह निर्णय सभा के अमरप्रीत सिंह, मनमोहिन्दर सिंह, जतिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, जतिंदर सिंह, शमिंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, परविंदर सिंह, जसपाल सिंह, अमनदीप सिंह, मनमोहन सिंह व राजिंदर सिंह की सहमति से लिया गया।
शहीदे आजम भगत सिंह व उनके क्रांतिकारी साथियों सुखदेव व राजगुरू के शहादत दिवस पर बिलासपुर के शहीद स्मारक में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय नौजवान सभा के प्रवेश चंदेल, अर्धनारीश्वर समाज सेवा समिति की अध्यक्षा बिजली महंत, समिति के प्रेस सचिव तनुज सोनी व संस्था के सदस्य मौजूद थे। इन लोगों ने पहले भगत सिंह व उनके छाया चित्र पर पुष्प अर्पित किए और भगत सिंह के आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया वक्ताओं ने कहा आज जब देश में हिंदू मुस्लिम कि राजनीति हावी हो रही है तब देश में भगत सिंह और ज्यादा प्रासंगिक हो जाते है। जिन्होंने देश की ख़ातिर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भगत सिंह ने नारा दिया था इंकलाब जिंदाबाद और उस नारे का मतलब समझाया था कि इंसान के हाथों इंसान का शोषण बन्द हो वो आज़ादी के बाद एक ऐसी इस देश मे चाहते थे।उनका सपना आज भी अधूरा है। सब लोगों संकल्प किया कि भगत सिंह की राह चलकर उनके सपने को साकार करेंगे ।


















































