प्रेस क्लब सोलन रजि. की क्रिक्रेट लीग का शुभारंभ शनिवार को हुआ। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं सोलन के विधायक डा. धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि निवर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सरदार सिंह ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दुर्गा पब्लिक स्कूल के घास युक्त खूबसूरत मैदान में आयोजित की गई इस लीग का पहला मैच डायनामिक सोलन व सोलन स्कायर्स की टीम के मध्य खेला गया। सोलन स्कायर्स टीम ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। सौरभ शर्मा, विशाल वर्मा, अजय कौशिक, सुनील, सुरेंद्र मामटा व तरूण की सधी हुई गेंदबाजी के चलते डायनामिक सोलन की पूरी टीम 12 ओवर में 72 रन बनाकर ऑलऑउट हो गई। जवाब में सोलन स्कीयर्ज की टीम ने लक्ष्य को एक ओवर शेष रहते पूरा कर अपना पहला मैच जीता। लीग का दूसरा मैच रॉयल चैलेंजर और रॉयल टाइगर के मध्य खेला गया। इसमें रॉलय टाइगर की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 65 रन बनाए। इस दौरान राकेश शर्मा, अजय जोशी, मनोज ठाकुर, नवीन शर्मा ने बेहतरीन गेंंदबाजी का नमूना पेश किया। इस दौरान रॉयल टाइगर की ओर से मनीष शारदा काफी देर तक क्रीज पर खड़े रहे और एक छोर संभाले रखा और अंत तक ऑउट नहीं हुए। जवाब में उतरी रॉयल चैलेंजर की टीम ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए मैच अपने नाम किया। टीम के लिए पारी की शुरूआत गगन शर्मा और शुभम वर्मा ने की। इस दौरान शुभम वर्मा ने तीस से अधिक रनों का योगदान दिया। शुभम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। इसके बाद टीम के कप्तान राकेश शर्मा ने पारी को आगे बढ़ाया और अपनी टीम के लिए जीत हासिल की। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में प्रेस क्लब द्वारा आयोजित की जा रही इस प्रतियोगिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकार हमेशा बहुत व्यस्त रहता है और अपने लिए समय ही नहीं दे पाता। इस दौरान उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से 31 हजार रुपए देने की घोषणा की। वरिष्ठ पत्रकार बलदेव चौहान ने अपने संबोधन में मुख्य अतिथि का स्वागत किया और अपनी कुछ मांगे भी रखी, जिसे उन्होंने हर संभव पूरा करने का आश्वासन दिया। क्लब के चेयरमैन मनीष शारदा ने मुख्य अतिथि एवं अन्यों अतिथियों सहित दुर्गा पब्लिक स्कूल के निदेशक टिक्कम सिंह पंवर का ग्राउंड उपलब्ध करवाने के लिए धन्यवाद किया। इस मौके पर क्लब के सभी सदस्य मौजूद रहें।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को सोलन जिला के दाड़लाघाट स्थित अम्बुजा सीमेंट संयन्त्र का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर संयन्त्र की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर विभिन्न मशीनरी के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि अम्बुजा सीमेंट अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जल एवं प्लास्टिक प्रबंधन में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि अम्बुजा सीमेंट द्वारा सामुदायिक सहयोग की दिशा में भी बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जितना जल कंपनी उपयोग में ला रही है उससे 6.5 गुना अधिक समाज को विभिन्न माध्यमों से लौटा रही है। इसी प्रकार कांगड़ा, सोलन, शिमला और हमीरपुर जिलों से एकत्रित प्लास्टिक को कंपनी द्वारा भट्टियों में वैज्ञानिक पद्धति द्वारा जलाकर नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सहकारी समितियों को सहयोग करके यह उद्योग सामाजिक दायित्व की पूर्ति कर सकता है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अम्बुजा ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दाड़लाघाट के माध्यम से वर्ष 2007 से अब तक 3494 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इनमें से 1288 छात्राएं हैं। इन छात्रों में से 1188 स्वरोजगार अपना चुके हैं और 1757 को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कंपनी से आग्रह किया कि वे कौशल विकास के लिए छात्रों को और सहयोग प्रदान करने का प्रयास करें। इस अवसर पर राज्यपाल ने अम्बुजा सीमेंट उद्योग परिसर में पीपल का पौधा भी रोपा। अम्बुजा सीमेंट इकाई के अनुपम अग्रवाल ने राज्यपाल को इकाई की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। राज्यपाल से तदोपरांत दाड़लाघाट स्थित अमृत धारा दुग्ध समिति के सदस्यों ने भी भेंट की। अम्बुजा के सहयोग से समिति द्वारा पनीर उत्पादन और दूध विक्रय का कार्य किया जा रहा है। समिति की प्रधान रेणु ठाकुर ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि समिति प्रतिदिन 600 लीटर दूध समीप के गांवों से एकत्र करती है। राज्यपाल ने समिति के सदस्यों आत्मनिर्भरता के इन कार्यों को अधिक विस्तार देने की अपील की। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को सोलन जिला के दाड़लाघाट स्थित अम्बुजा सीमेंट संयन्त्र का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर संयन्त्र की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर विभिन्न मशीनरी के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि अम्बुजा सीमेंट अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जल एवं प्लास्टिक प्रबंधन में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि अम्बुजा सीमेंट द्वारा सामुदायिक सहयोग की दिशा में भी बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जितना जल कंपनी उपयोग में ला रही है उससे 6.5 गुना अधिक समाज को विभिन्न माध्यमों से लौटा रही है। इसी प्रकार कांगड़ा, सोलन, शिमला और हमीरपुर जिलों से एकत्रित प्लास्टिक को कंपनी द्वारा भट्टियों में वैज्ञानिक पद्धति द्वारा जलाकर नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सहकारी समितियों को सहयोग करके यह उद्योग सामाजिक दायित्व की पूर्ति कर सकता है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अम्बुजा ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दाड़लाघाट के माध्यम से वर्ष 2007 से अब तक 3494 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इनमें से 1288 छात्राएं हैं। इन छात्रों में से 1188 स्वरोजगार अपना चुके हैं और 1757 को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कंपनी से आग्रह किया कि वे कौशल विकास के लिए छात्रों को और सहयोग प्रदान करने का प्रयास करें। इस अवसर पर राज्यपाल ने अम्बुजा सीमेंट उद्योग परिसर में पीपल का पौधा भी रोपा। अम्बुजा सीमेंट इकाई के अनुपम अग्रवाल ने राज्यपाल को इकाई की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। राज्यपाल से तदोपरांत दाड़लाघाट स्थित अमृत धारा दुग्ध समिति के सदस्यों ने भी भेंट की। अम्बुजा के सहयोग से समिति द्वारा पनीर उत्पादन और दूध विक्रय का कार्य किया जा रहा है। समिति की प्रधान रेणु ठाकुर ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि समिति प्रतिदिन 600 लीटर दूध समीप के गांवों से एकत्र करती है। राज्यपाल ने समिति के सदस्यों आत्मनिर्भरता के इन कार्यों को अधिक विस्तार देने की अपील की।
आईटीआई सोलन के गौरवमयी इतिहास के पन्नों में एक और उपलब्धि का अध्याय जुड़ गया। विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर के एक कार्यक्रम में राजकीय आईटीआई सोलन के रेडरिबन क्लब को पुरस्कृत किया। आईटीआई सोलन के रेडरिबन क्लब को यह पुरस्कार एचआईवी एड्स के निवारण एवं नियंत्रण के लिए युवाओं को जागरूक व संगठित करने के लिए दिया गया। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की ओर से दिल्ली स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में हुए समारोह में यह पुरस्कार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन द्वारा प्रदान किया गया।हिमाचल प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए यह पुरस्कार समूह अनुदेशक सुभाष शर्मा ने प्राप्त किया।नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने क्लब के अधिकारी सुभाष शर्मा को सम्मान पत्र और स्मृतिचिन्ह से सम्मानित किया। आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य ईoचमनलाल तनवर ने रेडरिबन क्लब के अधिकारियों, संस्थान के सदस्यों व्प्रशिक्षणार्थियों को बधाई दी।उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने मेहनती स्टाफ सदस्यों को दिया और कहा की भविष्य में भी संस्थान अपने मेहनत के बलबूते और भी सफलता यें हासिल करता रहेगा।
उपायुक्त एवं जिला सैनिक बोर्ड सोलन के अध्यक्ष केसी चमन ने जिला वासियों से आग्रह किया है कि वे सशस्त्र सेना झंडा दिवस के उपलक्ष्य में उदारतापूर्वक अंशदान करें। उन्होंने कहा कि 07 दिसम्बर को देश में सशस्त्र सेना झंडा दिवस आयोजित किया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य अपने उन वीर सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करना है जिन्होंने अपना सबकुछ देश की रक्षा के लिए न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि यह दिवस भारतीय सेना के रणबांकुरों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों के प्रति हमारे उत्तरदायित्व को स्मरण करवाने का दिवस भी है। उन्होंने कहा कि इस दिवस पर दिया गया अंशदान सैनिकों के प्रति हमारा सम्मान है। केसी चमन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में यह दिवस 07 दिसम्बर, 2019 से 31 मार्च 2020 तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर एकत्रित धनराशि पूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों के कल्याण पर व्यय की जाती है। इस अवसर पर उपनिदेशक सैनिक कल्याण, सोलन मेजर (सेवानिवृत) डी.के. धवन ने उपायुक्त केसी चमन, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक योगेश दत्त जोशी सहित अन्य अधिकारियों को झंडा लगाकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस का विधिवत शुभारंभ किया।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अम्बुजा सीमेंट दाड़लाघाट में औचक विजिट किया। वहीं बताया जा रहा है कि अम्बुजा में कंपनी के ऑपरेशनल हेड अनिल गुप्ता के गृह प्रदेश के रहने वाले राज्यपाल को अनिल गुप्ता द्वारा कंपनी में आने का निमंत्रण दिया गया था। इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सीमेंट की कार्यप्रणाली देखी। वहीं पछिवर में अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाई जाने वाली अमृत धारा दुग्ध उत्पादन समिति दूध डेयरी भी देखी। उन्होंने महिलाओं से डेरी प्लांट चलाने का उद्देश्य तथा उससे होने वाले लाभ के बारे विस्तृत चर्चा की तथा इस कार्य के लिए उनकी भूरी भूरी प्रशंसा भी की। इस दौरान एसडीएम अर्की विकास शुक्ला,डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह, एसएचओ दाड़ला मोती सिंह, यूनिट हेड अम्बुजा सीमेंट दाड़ला अनुपम अग्रवाल, अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन संजय दिलीप, योगेश और उनकी टीम तथा डेयरी चलाने वाली महिलाओं में प्रधान शांता, सीईओ रेनू ठाकुर, निर्मला, सुलोचना, सुमन, रीना इत्यादि दूध डायरी संचालित करने वाली अन्य महिलाएं भी मौजूद रही।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बार्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 दिसम्बर 2019 को 11 केवी लवीघाट फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी बोर्ड के एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण सोलन की पावर हाउस रोड, सुगन्धा अपार्टमेंट, डाकघर तथा गुरूद्वारा व इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के भूमती में 22 दिसम्बर, 2019 को आयोजित होने वाले जनमंच के संबंध में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों एवं अन्य के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की। विवेक चंदेल ने इस जनमंच के लिए चिन्हित 09 ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रधानों एवं अन्य प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में लोगों को 22 दिसम्बर को आयोजित होने वाले जनमंच के विषय में जागरूक बनाएं। उन्होंने पंचायत सचिवों से आग्रह किया कि वे लोगों को यह जानकारी दें कि इस जनमंच में केवल उन्हीं आवेदनों पर विचार किया जाएगा जो 20 दिसम्बर, 2019 तक प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को पूर्व जनमंच गतिविधियों के विषय में भी विस्तार से बताया जाए ताकि सभी इनसे लाभान्वित हो सकें। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने कहा कि सभी चिन्हित ग्राम पंचायतों में लोगों को अवगत करवाया जाए कि जनमंच के लिए एक व्यक्ति केवल दो शिकायत पत्र ही प्रस्तुत कर सकता है। लोगों को बताया जाए कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक संख्या में लोगों को लाभान्वित करना है। विवेक चंदेल ने कहा कि चिन्हित ग्राम पंचायतों में लोगों को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के विषय में जानकारी देने और निर्माणाधीन अथवा कार्यान्वित की जा रही योजनाआंे का निरीक्षण करने के लिए पूर्व जनमंच गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इन ग्राम पंचायतों में पूर्व जनमंच गतिविधियों के तहत विभिन्न जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि पूर्व जनमंच गतिविधियों में आयोजित होने वाले जागरूकता शिविरों का लाभ उठाएं और अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के विषय में जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इस जनमंच की अध्यक्षता प्रदेश की शहरी विकास, नगर नियोजन एवं आवास मंत्री सरवीण चौधरी करेंगी। जनमंच राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूमती में प्रातः 10.00 बजे आरम्भ होगा। उन्होंने कहा कि इस जनमंच में कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत भूमती, सरली, शहरोल, बसन्तपुर, बड़ोग, बखालग, सूरजपुर, सरयांज तथा बातल की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विवेक चंदेल ने इस अवसर पर राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूमती का निरीक्षण किया और जनमंच आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर सभी चिन्हित ग्राम पंचायतों के प्रधान, अन्य प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, तहसीलदार अर्की डॉ. संतराम सहित विद्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नेहरू युवा केंद्र सोलन द्वारा नशा निवारण अभियान के अन्तर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परीवीक्षाधीन पुलिस उपाधीक्षक गीतांजलि ने की। गीताजंलि ने इस अवसर पर कहा कि नशे का पहला शिकार आमतौर पर युवा होते है और नशे के कारोबार एवं नशाखोरी की रोकथाम के लिए सर्वप्रथम युवाओं का पहल करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे के लिए पूछने पर पहली बार न कहना सीख लें तो नशाखोरी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। युवा इस दिशा में अपने साथियों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के सौदागरों के विरूद्ध बिना डरे पुलिस को जानकारी दें चाहिए ताकि इन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशामुक्त समाज के लिए अपने परिवार से पहल करनी होगी। युवा अपने घर पर परिजनों तथा साथियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि नशे के उन्मूलन के लिए अभिभावकों को भी भूमिका निभानी होगी। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखें और उनके व्यवहार में परिवर्तन के संबंध में बच्चों से बात करें। इस विषय में अध्यापकों तथा चिकित्सकों से बिना समय गवाएं परामर्श अवश्य लें। युवाओं ने इस अवसर पर परीवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक से नशोखोरी के विषय में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं को पुलिस विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। नेहरू युवा केंद्र के लेखाकार लेखराज कौशिल, पुलिस आरक्षी प्रितमा तथा मीनाक्षी ने भी इस अवसर पर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर, नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा नेहरू युवा केंद्र से ब्यूटिशियन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा उपस्थित थे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन मे स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स ने जागरूकता रैली निकाली। यह रैली गोद लिए स्थानीय गांव धुन्दन के बाजार से होकर निकाली गई। 15 दिसंबर तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान कैडेट्स विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर स्वच्छता का संदेश दे रहे है। सामुदायिक स्वच्छता के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी पर भी प्रकाश डाला जा रहा है। हेल्थ केयर अध्यापिका रंजना ठाकुर ने एनसीसी कैडेट्स को व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ शरीर ही स्वस्थ्य शरीर होता है, जिसे साफ सुथरा रख कर हम कई प्रकार की बीमारी से मुक्त रह सकते है। एनसीसी अधिकारी सुमन बट्टू तथा प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी छात्र छात्रों को स्वच्छता को अपनाने की अपील की।
शिक्षा खंड धुन्दन में निष्ठा ट्रेनिंग के अंतर्गत राजकीय केन्द्र प्राथमिक पाठशाला दाड़लाघाट मे चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। खंड स्त्रोत समन्वयक शिक्षा खंड धुन्दन नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण 03 दिसम्बर से शुरू किया गया था, इसमें प्राथमिक शिक्षा से 37 कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों तथा उच्च शिक्षा से 46 प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों ने भाग लिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र अर्की के प्रधानाचार्य जगदीश नेगी इस प्रशिक्षण के सयोंजक रहे तथा प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षित स्रोत व्यक्तियों द्वारा इस प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों पर अध्यापकों को नवीन जानकारी उपलब्ध करवाई गई।इस प्रशिक्षण सत्रों में हिन्दी,अग्रेजी विषयों को रोचकतापुर्ण व प्रभावपूर्ण विधियों से पढ़ाने, गणित, समाजशास्त्र, विज्ञान, परिवेश अध्ययन आदि सभी विषयों की शिक्षा शास्त्रीय बारिकों को अध्यापकों के साथ साझा किया गया तथा इन विषयों के विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफल पर विस्तृत चची की गई। इसके अतिरिक्त पोस्को ऑक्ट नेतृत्व क्षमता तथा समग्र शिक्षा द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की चर्चा की गई। निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से करवाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांचवें दिवस मे डॉ जगदीश नेगी, प्रवक्ता अंग्रेजी किरण बाला, केन्द्राध्यक्ष राजकीय केन्द्र पाठशाला बथांलग दुर्गेश विष्ट स्त्रोत व्यक्ति रहे। बीआरसी धुन्दन नरेश शर्मा ने बताया की खंड धुन्दन का अगला पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम 09 दिसम्बर से शुरू होगा तथा इसमें लगभग प्राथमिक शिक्षा के 40 तथा उच्च शिक्षा के 45 शिक्षक भाग लेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर खंड परियोजना अधिकारी सरताज सिंह राठौर, बीआरसी अपर प्राईमरी खंड अर्की लच्छी राम ठाकुर व केन्द्राध्यक्ष राजकीय केन्द्र प्राथमिक पाठशाला दाड़लाघाट के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उपनिदेशक सैनिक कल्याण कार्यालय सोलन ने 07 दिसम्बर, 2019 को मनाए जाने वाले सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सशस्त्र बलों के कल्याण के लिए जिला के सभी नागरिकों से उदारता से दान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक व जलवायु स्थितियों के मद्देनजर सशस्त्र झंडा दिवस 07 दिसम्बर, 2019 से 31 मार्च 2020 तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर दान देने के लिए विद्यार्थियों को 5 रूपये प्रति स्टीकर जबकि अन्य को 10 रुपये प्रति स्टीकर निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि दान की राशि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, सोलन के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट या नकद के रूप में भेजी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक रात-दिन हमारे राष्ट्र की सेवा करते हैं। हमारे सैन्य बल देश की सीमाओं पर हमेशा तत्पर रहे हैं और देशभक्ति की भावना के साथ हर फर्ज पूरा कर रहे है। उन्होंने इस मौके पर आमजन से उदारता से दान देने की अपील की है।
नशा निवारण अभियान के अंतर्गत सोलन जिला के नालागढ़ उपमंडल की राजकीय उच्च पाठशाला बायला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं ने नशे के दुष्प्रभावों व इससे बचाव के विषय में अपने-अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में मीनाक्षी शर्मा ने प्रथम, दीक्षा रानी ने द्वितीय तथा तनु शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय कर्मचारियों द्वारा स्कूली बच्चों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक और मानसिक बीमारियों के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर राजकीय उच्च विद्यालय बायला के मुख्याध्यापक हरजीत सिंह ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नशे जैसी दुष्प्रवृति से दूर रहें। उन्होंने कहा कि वे अपने घर में भी सभी को नशा न करने लिए प्रेरित करें तभी समाज को नशामुक्त किया जा सकता है। नालागढ़ उपमंडल के विभिन्न नशा निवारण अभियान के तहत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नालागढ़ पुलिस द्वारा उप निरीक्षक धीरज सिंह के नेतृत्व में भाटियां, सनेहड़ तथा नालागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में दवा की दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा नशीले पदार्थों एवं दवाइयों की उपलब्धता बारे जांच की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज नशा निवारण अभियान के अंतर्गत जिला के विभिन्न स्थानों पर नशे के विरूद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन जागरूकता कार्यक्रमों में 241 छात्रों एवं अन्य को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान की गई। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने दी। सोलन के कथेड़ स्थित अनाथ आश्रम में 13, चिकित्सा खंड चंडी के अंतर्गत बीएड कॉलेज चंडी में 80 चिकित्सा खंड अर्की के तहत राजकीय उच्च विद्यालय बड़ोग में 84 तथा चिकित्सा खंड नालागढ़ के तहत राजकीय उच्च विद्यालय बायला में 64, प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में छात्रों एवं अन्य को अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि इन जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को नशे से होने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए पहले उन्हें स्वयं नशे का न कहना सीखना होगा। प्रवक्ता ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को नशे के विरूद्ध शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने कहा कि नशा निवारण अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में विशेष ओपीडी लगाई गई। इस ओपीडी में 24 रोगियों की जांच की गई।
उपमंडलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने आज नालागढ़ में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। प्रशांत देष्टा ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में अपने विभागीय कार्यों के अतिरिक्त जनहित से जुड़े हुए कार्यों को प्राथमिकता से निपटाऐं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जन मंच तथा मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से लोगों की समस्याओं को उनके घर द्वार पर ही हल करने के लिए प्रयासरत है। इसलिए राजस्व विभाग के कर्मचारी वृद्धों, महिलाओं तथा गरीब व्यक्तियों के कार्य करते समय विनम्र तथा आदरपूर्वक रवैया अपनाएं। उन्होंने उपमंडल स्तर पर गठित रेडक्रॉस समिति गरीब व असहाय की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेडक्रॉस के पात्र लाभार्थियों के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर उपमंडल स्तरीय रेडक्रॉस समिति को भेजें ताकि सही समय पर असहाय की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के माध्यम से दिव्यांगजनों को व्हील चेयर के अतिरिक्त अन्य सहायक उपकरण भी दिए जाते है। बैठक में उपमंडलाधिकाारी ने तक्सीम प्रकरण, चकोता प्रकरण, भूमि स्थानांतरण, आपदा राहत, दाखिला, जमाबंदी तथा भूमिहीनों को आवास निर्माण के लिए भूमि देने से संबंधित विभिन्न मदों के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीविक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल, तहसीलदार बद्दी ऋषभ शर्मा, तहसीलदार नालागढ़ बिमला वर्मा तहसीलदार रामशहर, नायब तहसीलदार, कानूनगो तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
सोलन पुलिस तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाईन्स के सभागार में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन मधुसूदन शर्मा ने की। मधुसूदन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, एटीएम के उपयोग और इंटरनेट बैंकिंग के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने शिविर में आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के बारे में स्वयं भी जागरूक रहें तथा अपने आस-पड़ोस भी इसके बारे में जागरूकता फैलाएं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कहा कि कभी भी अपना ‘वन टाइम पासवर्ड; (ओटीपी) किसी से सांझा न करें तथा किसी भी प्रकार की लॉटरी के झांसे में आने से बचें। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा कभी भी उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं ली जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी लेने वालों के नंबर तुरंत पुलिस को दें ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। सेबी के प्रतिनिधि अशोक कुमार ने जानकारी दी कि सेबी का प्रमुख उद्देश्य भारतीय स्टॉक निवेशकों के हितों को उत्तम संरक्षण प्रदान और प्रतिभूति बाजार के विकास तथा नियमन को प्रवर्तित करना है। इस अवसर पर उन्होंने सुरक्षित निवेश व वित्तीय नियोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा सहित इनसे जुड़ी निवेश प्रक्रिया बारे विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेनदेन के समय ओटीपी नंबर आता है इसमें लेनदेन के संदर्भ में पूरा विवरण प्रस्तुत होता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि ऑनलाइन लेनदेन के समय पूरी एकाग्रता से कार्य करें तथा ओटीपी नंबर किसी को भी न दें। उन्होंने कहा कि डेबिट व क्रेडिट कार्ड के पीछे मुद्रित सीवीवी नंबर को गोपनीय रखें ताकि एटीएम कार्ड की गुम होने की स्थिति में इसका दुरूपयोग न हो सके। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार ने शिविर में आए लोगों का स्वागत किया तथा शिविर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कंवर, उप पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू योगेश रोल्टा, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग चंडी के सौजन्य से वीएसएलएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन चंडी के सभागार एड्स रोग जागरूकता पखवाड़े के तहत एक दिवसीय जन जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में आए नागरिक अस्पताल चंडी से आए डॉक्टर बृजेश शर्मा एवं स्वास्थ्य शिक्षक रामअवतार ठाकुर उपस्थित रहे। डॉ बृजेश शर्मा ने एड्स रोग की पहचान कारण उसके उपाय की विस्तृत जानकारी कॉलेज सभागार में उपस्थित बी एड एवं डीएलएड समस्त प्रशिक्षुओं को प्रदान कीl उन्होंने इस विषय पर सूक्ष्म जानकारी सभी को दी एवं अपने बेबाक विचार इस विषय पर रखें। उसके बाद नागरिक अस्पताल चंडी से आए स्वास्थ्य शिक्षक राम अवतार ठाकुर ने भी इस लाइलाज बीमारी के बारे में सभी को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने आज समाज में व्याप्त हो रही बुराई एवं उग्र का धारण कर रहे नशे के ऊपर अपने विचार रखे और युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में उपस्थित का प्रशिक्षु को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में सभागार में उपस्थित सभी प्रशिक्षुओं को नशा मुक्त भारत एवं प्रदेश बनाने के लिए डॉ बृजेश शर्मा ने शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग चंडी के द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। इसके तहत इस अवसर पर इस विषय पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसके तहत भाषण प्रतियोगिता एवं नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षुओ ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस कार्यक्रम में नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बी एड प्रशिक्षु शोभना ,द्वितीय स्थान पर डीएलएड के प्रशिक्षु हेमराज, तृतीय स्थान पर बीएड की प्रशिक्षु पुष्पा एवं अंजलि को सांत्वना पुरस्कार के रूप में पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम की दूसरी प्रतियोगिता नारा लेखन रही। इसमें प्रथम स्थान पर बीएड कि प्रशिक्षु भावना ठाकुर, द्वितीय स्थान पर डीएलएड की ममता एवं तृतीय स्थान पर डीएलएड की मोहिनी रही एवं सांत्वना पुरस्कार के रूप में ज्योतिका को सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर एक जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से चंडी एवं उसके आसपास के लोगों को इस लाइलाज बीमारी के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर कॉलेज प्रवक्ता हीरा दत्त शर्मा, सपना चौहान, कुसुमलता शर्मा, आभा ठाकुर, सुमेधा ठाकुर,प्रीति शर्मा एवं बीएड एवं डीएलएड के समस्त प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
उपमंडल के राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूमिती में उपमंडलाधिकारी अर्की (ना.) विकास शुक्ला ने एनसीसी इकाई द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़े व नशा निवारण अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता रैली को विद्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नंदलाल भारद्वाज, वरिष्ठ प्राध्यापक महेंद्र वर्मा, प्रख्यात समाजसेवी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जयनन्द शर्मा, भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष योगेश गौतम, ग्राम विकास समिति भूमती के प्रधान भुवनेश्वर, कार्यकारिणी सदस्य दीपक व राकेश के अतिरिक्त विद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे। एएनओ किशोर कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय की एनसीसी इकाई अनुशासन, समर्पण और देश के प्रति अटूट निष्ठा रखने के साथ-साथ समय-समय पर जनमानस को स्वच्छता व नशे से दूर रहने के साथ अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करती रहती है। आज के अभियान में विद्यार्थियों ने विद्यालय से लेकर शिवालिक चौक तक आसपास बिखरे कूड़े-कचरे व पॉलीथिन को इकट्ठा कर कूड़ेदान में डालकर नष्ट किया। इस दौरान उन्होंने नशे के दलदल में फंसे युवा वर्ग को इसके दुष्परिणाम बताकर इससे दूर रहने के लिए हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जन जागृति अभियान शुरू किया।
सोलन जिला के नालागढ़ उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (रावमापा) बरूणा में सुरक्षा विषय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण का शुभारम्भ विद्यालय के प्रधानाचार्य दयाल सिंह ने किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अग्नि से सुरक्षा करने के विभिन्न उपायों की जानकारी प्राप्त की। अग्निशमन विभाग नालागढ़ के अधिकारी पीएस कौंडल ने विद्यार्थियों को आग के प्रकार व इससे बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। छात्रों को बताया गया कि अग्नि चार प्रकार की होती है। ईधन, तेल, गैस और धातु से जनित अग्नि को बुझाने की तकनीक छात्रों को बताई गई। छात्रों को अग्निशमन यन्त्रों के प्रयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। छात्रों को अग्निशमन वाहन के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा इस वाहन में लगे सभी यंत्रों की कार्यप्रणाली से भी छात्रों को अवगत करवाया गया। इस अवसर पर सुरक्षा अध्यापक सुनील कुमार, सत्या देवी, दिनेश कुमार राघव मक्खन सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के अंतर्गत गांव बटेड, डुगली, सुल्ली, खाता, बागा, डवारू, रौड़ी, जाबलु, कुन, पछिवर के समस्त पंचायत वार्डों के ग्रामीणों ने एक महत्वपूर्ण बैठक 8 दिसंबर को डवारू मंदिर परिसर में दाड़लाघाट की अलग दो पंचायत करने का निर्णय लिया है। युवा जागृति क्लब धार के सदस्य अनूप शर्मा ने कहा कि बैठक में सभी सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय ग्रामीणों,महिला मंडल के सदस्यों,युवक मंडल के सदस्यों सहित विभिन्न मंडलों के सदस्यों को 8 दिसंबर 2019 को 12 बजे बैठक में पहुंचने का आग्रह व ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर ग्राम पंचायत दाड़लाघाट की 2 पंचायतों को बनाने को लेकर बैठक को सफल बनाने का आह्वान किया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घनागुघाट में समस्त एनएसएस के विद्यार्थियों ने एनएसएस प्रभारी देश राज गिल्ल के देख-रेख में सफाई अभियान चला कर विद्यालय के प्रांगण व खेल के मैदान की सफाई की।इस के साथ स्वयंसेवकों ने एनएसएस वाटिका व किचन गार्डन का रख रखाव भी किया। इस अवसर पर सहयोग के लिए विद्यालय के उप प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा, विजय चंदेल, ऊमा महेश्वर, दीनानाथ, दीपक ठाकुर, देवेंदर कुमार, राम लाल, मनोहर लाल, जगदीश, जोगिन्दर कुमार, सुमन कौर, राज बाला, कुलदीप कुमार, ज्वाला दास, मदन सिंह, अमर सिंह सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
डॉ वाई॰एस॰ परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ वाईसी गुप्ता को फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारतीय बागवानी विज्ञान अकादमी की फैलोशिप से सम्मानित किया गया है। डॉ गुप्ता, वर्तमान में बागवानी महाविद्यालय और अनुसंधान, विस्तार, उत्कृष्टता केंद्रथुनाग, मंडी के डीन के रूप में कार्य कर रहें है। हाल ही में नास कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में आयोजित भारतीय बागवानी कांग्रेस 2019 के दौरान उन्हें इस फेलोशिप से सम्मानित किया गया। मंडी में जन्मे डॉ गुप्ता ने आगरा विश्वविद्यालय से 1986 में बीएससी और बाद में एमएससी डिग्री की। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से बागवानी (फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग) में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1988 में उन्होनें नौणी विवि में बतौर सहायक फ्लोरिकल्चरिस्ट जॉइन किया। उन्होंने 12 साल तक फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर विभाग के प्रोफेसर और विभागअध्यक्ष के रूप में भी काम किया, जिसके बाद वर्ष 2019 में थुनाग में विश्वविद्यालय के चौथे घटक कॉलेज के पहले डीन बने। डॉ गुप्ता ग्लेडियोलस ने सात संकर(हाइब्रिड), मैरीगोल्ड में पांच संकर, एंटीथिनम में चार संकर और पैनसीमें तीन संकर के अलावा हिमफ्लोरा(हिमाचल प्रदेश के जंगली ओर्नमेंटल काएक कंप्यूटरीकृत वनस्पति डेटाबेस)नामक पटेंट के विकास में कार्य किया है। इसके अलावा ग्लैडियोलस के सोलन मंगला और गुलदाउदीकी सोलन शृंगार किस्में वर्ष 2014 में जारी की गई और कार्नेशन की किस्म वीरभद्र सिंहको वर्ष 2016 में जारी किया गया। पीपीवीएफआरए के तहत कार्नेशन और लिलियम के DUSपरीक्षण के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के अलावा, डॉ गुप्ता विभिन्न सोसाइटी के लाइफ मेम्बर भी है। अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट, यूएसए ने डॉ गुप्ता को वर्ष 2000 में मानद नियुक्ति प्रदान की। सोसाइटी फॉर रिसेंट डेव्लपमेंट इन एग्रीकल्चरऔर इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑर्नामेंटल हॉर्टिकल्चर के भी फेलो है। डॉ गुप्ता को इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑर्नामेंटल हॉर्टिकल्चरके लोटस पुरस्कार 2011 और हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा वर्ष 2016 के लिए फूलों की खेती में डॉ मनमोहन अतावर गोल्ड मेडल अवार्डसे भी नवाजा जा चुका है। डॉ गुप्ता ने 31 वर्षों में अपने करियर में कई एमएससी और पीएचडी छात्रों के रिसर्च गाइड होने के अलावा कई शोध पत्र,पुस्तक अध्याय, लेख और तकनीकी बुलेटिन लिखेँ है। उन्होंने 17 से अधिक बाहरी वित्त पोषित और 8 राज्य वित्त पोषित अनुसंधान परियोजनाओं को संभाला है। नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल और अन्य वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और छात्रों ने डॉ गुप्ता को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
राजकीय उच्च विद्यालय हनुमान बड़ोग में हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा व नागरिक सुरक्षा विभाग सोलन 11वी वाहिनी द्वारा लड़कियों के आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षण के अंतिम दिन नशे के ऊपर भी भाषण दिया गया। इस मौके पर बच्चों व स्कूल के अध्यापकों तथा नागरिक सुरक्षा विभाग सोलन से आए पवन कुमार तथा मनसाराम द्वारा नशा निवारण पर एक रैली निकाली गई। मुख्याध्यापक प्रेमलाल नेगी ने विभाग और कर्मचारियों का धन्यवाद किया व बच्चा से आह्वान किया कि आत्मरक्षा के तौर-तरीकों को सिखाएं अनुसार उसका अभ्यास करे व जीवन को सुरक्षित रखें। इस अवसर पर स्कूल के मुख्याध्यापक प्रेमलाल नेगी व अन्य स्टाफ सदस्यों सहित बच्चे मौजूद रहे।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट के द्वारा विश्व एड्स सप्ताह को मनाया जा रहा है।इस मौके पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन नियोजित किया है। इस दौरान जागरूक रैली निकाली गई जो कि संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने कैंपस परिसर से हरी झंडी दिखाकर अंबुजा चौक तक लगभग 200 विद्यार्थियों के साथ रैली का आयोजन किया। इसके अतिरिक्त भाषण प्रतियोगिता व पोस्टर ड्राइंग प्रतियोगिता की गई। लगभग 15 से 20 बच्चों ने भाग लिया। विजेता छात्रों को पुरस्कार भी वितरित किए गए। इसके अलावा विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें चैस, बैडमिंटन, क्रिकेट मैच इत्यादि यह प्रतियोगिता छात्रों अध्यापकों के संबंध के साथ की। विश्व एड्स सप्ताह के मौके पर संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि यह स्वास्थ्य समस्या से ज्यादा एक सामाजिक समस्या भी है। इसके लिए हमे समय समय पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य समन्वयक एसीएफ अजीत ने भी भी अपने विचार सांझा किए। इस मौके पर संस्थान के समस्त अध्यापक गण व बच्चे मौजूद रहे।
सोलन जिला का 16वां जनमंच 22 दिसम्बर, 2019 को अर्की विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने दी। उन्होंने कहा कि जिला के 16वें जनमंच की अध्यक्षता प्रदेश की शहरी विकास, नगर नियोजन एवं आवास मंत्री सरवीण चौधरी करेंगी। यह जनमंच अर्की विधानसभा क्षेत्र के भूमती स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया जाएगा। जनमंच प्रातः 10.00 बजे आरम्भ होगा। के.सी. चमन ने कहा कि इस जनमंच में कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत भूमती, सरली, शहरोल, बसन्तपुर, बड़ोग, बखालग, सूरजपुर, सरयांज तथा बातल की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि इस जनमंच में पूर्व जनमंच गतिविधियों के अन्तर्गत प्राप्त तथा 20 दिसम्बर, 2019 तक प्राप्त शिकायत एवं समस्या आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनमंच दिवस अर्थात 22 दिसम्बर, 2019 कोे प्राप्त आवेदनों पर जनमंच में विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग 20 दिसम्बर तक अपने शिकायत आवेदन उपमण्डलाधिकारी अर्की तथा विकास खण्ड अधिकारी कुनिहार के कार्यालय में दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि शिकायत पर अपना मोबाईल नम्बर एंव पता अवश्य लिखें। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व जनमंच गतिविधियां आरम्भ की जाएं ताकि चिन्हित ग्राम पंचायतों में जन-जन को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ जनमंच के बारे में भी अवगत करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व जनमंच गतिविधियों के अन्तर्गत विभिन्न विभाग चिन्हित ग्राम पंचायतों में जागरूकता शिविर इत्यादि आयोजित करना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि इन ग्राम पंचायतों में विभिन्न निर्माणाधीन एवं कार्यान्वित की जा रही योजनाओं का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। के.सी. चमन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व जनमंच गतिविधियों के तहत लोगों को शीघ्र शिकायत आवेदन देने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्हें बताया जाए कि जनमंच में 20 दिसम्बर के उपरान्त प्राप्त आवेदनों पर विचार नही किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को जनमंच के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए। उपायुक्त ने कहा कि जनमंच कार्यक्रम में महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री गृहणी सुविधा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पैंशन, जन धन योजना, बेटी है अनमोल योजना, डिजिटल राशन कार्ड, टीकाकरण इत्यादि विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लोगों को न केवल इन कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी अपितु पात्र व्यक्तियों तक इन योजनाओं के लाभ भी पहुंचाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि जन मंच में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुर्वेद विभाग तथा पशु चिकित्सा विभाग द्वारा निःशुल्क जांच एवं दवा वितरण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। जन मंच में हिमाचली प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विभिन्न राजस्व प्रमाण पत्र, मृदा स्वास्थ्य कार्ड इत्यादि भी जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पैंशन, विधिक सहायता, पूर्व सैनिकों को सहायता से संबंधित कागज़ी कार्यवाही भी पूरी की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में एक्सपोर्ट चौंक से एलेम्बिक चाैंक, झाड़माजरी मार्ग को तत्काल प्रभाव से ‘नो पार्किंग जोन’ घोषित कर दिया है। यह निर्णय यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के दृष्टिगत लिया गया है। एम्बुलैंस, अग्निशमन वाहन तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयुक्त वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं 117, सड़क नियमन के नियम 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1999 की धारा 184 एवं 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयाग करते हुए जारी किए गए है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन में 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक स्वच्छता पखवाड़ा अभियान विद्यालय की एनसीसी विंग द्वारा चलाया जा रहा है। एनसीसी अधिकारी सुमन बट्टू के नेतृत्व में कैडेट्स ने गोद लिए गांव धुन्दन के बाजार से पॉलिथीन तथा प्लास्टिक के कागजों को हटाया तथा उसका उचित निष्पादन किया। विद्यालय परिसर की स्वच्छता की गई, इसमें विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रेरित होकर स्वच्छता को अपनाने की सीख ली। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में तथा 1-एचपी बॉयज एनसीसी बटालियन सोलन के निर्देशानुसार एनसीसी कैडेट्स स्वच्छता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे। इस दौरान स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत विद्यालय के 25 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया।
सोलन के शिल्ली रोड से दुर्गा क्लब तक के मार्ग की वन वे समयसारिणी में आंशिक संशोधन किया गया है। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन द्वारा आदेश जारी कर दिए गए है। संशोेधित आदेशों के अनुसार अब दुर्गा क्लब सोलन से शिल्ली रोड सोलन तक मार्ग सांय 5.30 बजे से सांय 07.15 बजे तक वन वे रहेगा। दोपहिया वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। यह निर्णय यातायात सुचारू बनाए रखने के दृष्टिगत लिया गया है। एम्बुलैंस, अग्निशमन वाहन तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयुक्त वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। इस सम्बन्ध में 13 नवम्बर, 2019 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेशों की शेष शर्तेें यथावत रहेंगी। यह संशोधन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन की रिर्पोट के अनुरूप किया गया है। आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं 117, सड़क नियमन के नियम 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1999 की धारा 184 एवं 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयाग करते हुए जारी किए गए है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने सोलन शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए 13 नवम्बर, 2019 को किए गए आदेशों में आंशिक संशोधन किया है। संशोधित आदेशों के अनुसार अब सोलन शहर में पैरागॉन होटल से मिनी सचिवालय तक यातायात प्रातः 09.30 बजे से सांय 07.00 बजे तक वन वे रहेगा। यह आदेश 06 दिसम्बर, 2019 से 29 फरवरी, 2020 तक प्रभावी रहेंगे। दोपहिया वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। एम्बुलैंस, अग्निशमन वाहन तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयुक्त वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। इस सम्बन्ध में 13 नवम्बर, 2019 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेशों की शेष शर्तेें यथावत रहेंगी। यह संशोधन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन की रिर्पोट के अनुरूप किया गया है। आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं 117, सड़क नियमन के नियम 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1999 की धारा 184 एवं 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयाग करते हुए जारी किए गए है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नशा निवारण अभियान के अन्तर्गत चिकित्सा खंड अर्की तथा नालागढ़ में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा खंड अर्की के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती में 24 तथा चिकित्सा खंड नालागढ़ के अन्तर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामशहर में 300 प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि इन जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों को बताया गया कि नशे का बढ़ता प्रचलन हमारे देश के लिए बड़ी चुनौती है तथा इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नशे के प्रति बेहद संवेदनशील है तथा नशा उन्मूलन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है लेकिन सरकार का कोई भी प्रयास जन सहभागिता के बिना अधूरा है। प्रवक्ता ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को बताया गया कि वे स्वयं भी नशा न करें तथा औरों को भी नशे न करने के लिए प्रेरित करें। नशे के विरूद्ध जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पुलिस बद्दी ने क्षेत्र की विभिन्न दवा विक्रेताओं की दुकानों एवं प्रयोगशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर क्षेत्र के दवा निरीक्षक भी पुलिस टीम के साथ रहे। इस दौरान दुकानों एवं प्रयोगशालाओं में प्रतिबंधित दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। नशा निवारण अभियान के अंतर्गत नालागढ़ के गुरु नानक पब्लिक स्कूल में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपमंडलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा छात्र-छात्राओं को जीवन में कभी भी नशा न करने के की शपथ दिलवाई। नालागढ़ उपमंडल की विभिन्न पंचायतों में भी नशे के विरूद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों के विषय में प्रचार सामग्री वितरित की गई तथा लोगों को नशे का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया गया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन में वीरवार को खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को नशे से दूर रहने और इस दिशा में सदैव संकल्पबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया गया। यह जानकारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन की प्रधानाचार्य डॉ. नीलम कौशिक ने दी। डॉ. कौशिक ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में नशा निवारण कार्यक्रम के तहत वॉलीबाल, बास्केटबाल और क्रिकेट के मैच आयोजित किए गए। यह मैच महाविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों के मध्य आयोजित हुए। इनका शुभारंभ डॉ. ओपी चौहान द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को समझाया गया कि विभिन्न प्रकार के खेल जहां हमारे मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायक है वहीं इनके माध्यम से हम में अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना उत्पन्न होती है। छात्रों को बताया गया कि खेल हमें सकारात्मक दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते है। जबकि नशा हमें क्षणिक उन्माद में बहाकर दीर्घ अवधि में डरपोक बनाता है। नशे का आदि व्यक्ति धीरे-धीरे अपने परिवार और समाज से कट जाता है। छात्रों से आग्रह किया गया कि वे सदैव नशे से दूर रहें और विभिन्न खेलों में भाग लेकर तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्व की जीवनी पढ़कर अपना लक्ष्य प्राप्त करें। डॉ. कौशिक ने कहा कि इस अवसर पर छात्रों ने विभिन्न नारों के माध्यम से सभी को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सामने अनेक ऐसे मामले है जब खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन को अनावश्यक रूप से सुधारने के लिए प्रतिबंधित दवाओं को प्रयोग करते है। ऐसे सभी मामलों में जहां खिलाड़ी लंबे समय के लिए प्रतिबंधित कर दिए जाते हैं वहीं समाज में उनको तिरस्कार का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे सभी उदाहरणों से हमें सीख लेने की आवश्यकता है। शिक्षकों ने छात्रों से आग्रह किया कि वे जीवन में सही मार्ग चुनें और अपने सभी साथियों को नशीली दवाओं से दूर रहकर सफल जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर सभी ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।
निष्ठा स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों के लिए समग्र पहल के अंतर्गत खंड धुन्दन के प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी अध्यापकों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला के तृतीय दिवस मे पोस्को ऐक्ट तथा भाषा की बारीकियों से अध्यापकों को अवगत कराया गया तथा पठन पाठन मे बच्चों को आने वाली कठिनाईयों के बारे मे चर्चा की गई। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन से आये स्त्रोत व्यक्ति डॉक्टरेट संजय ठाकुर तथा सनिक कुमार द्वारा यह प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी सेक्शन से 37 व 46 अध्यापकों का ग्रुप राजकीय प्राथमिक पाठशाला दाड़लाघाट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। यह प्रशिक्षण 7 दिसंबर तक चलेगा।इस प्रशिक्षण का संचालन कर रहे बीआरसी धुन्दन नरेन्द्र शर्मा ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान में निष्ठा के अंतर्गत अध्यापकों को विभिन्न विषयों की टीचिंग पेदागोगी पर केंद्रित होगा। विभिन क्रियाकलापों के उपयोग के माध्यम से किस प्रकार पठन-पाठन कार्य को कक्षा में अधिक रोचक बनाया जाए ताकि विद्यार्थियों को समझने में आसानी हो। यह प्रशिक्षण सभी प्रारंभिक अध्यापकों को करना अनिवार्य होगा। इस प्रशिक्षण में श्रोत व्यक्ति के रूप में विभिन विषय विशेषज्ञ डाइट सोलन से होंगे जिन्होंने अभी हाल ही में शिमला में एनसीआरटी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस अवसर पर बीआरसी प्राइमरी तथा अप्पर प्राइमरी अर्की देवंदेर कौशिक व लच्छी राम ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सोलन जिला की सभी 211 ग्राम पंचायतों में आज ‘नशे की रोकथाम से ही होगा समस्त समाज का उत्थान’ और ‘प्रत्येक विषय में जागरूक होना सशक्त महिला की पहचान’ के स्वर ने जन-जन को नशाखोरी के विरूद्ध प्रेरित किया। जिला की सभी ग्राम पंचायतों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मादक द्रव्यों एवं मदिरा के व्यसन के विषय में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जिला की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित नशा निवारण शिविरों में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को नशाखोरी के दुष्परिणाम और नशे से होने वाली सामाजिक, आर्थिक हानि के बारे में अवगत करवाया गया। महिलाओं व बच्चों को बताया गया कि देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है। हमारे परिवार भी तभी संपन्न होंगे जब हमारा प्रदेश और देश तरक्की की राह पर अग्रसर होगा। इसके लिए हमारे युवाओं का पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं जागरूक होना आवश्यक है। यह तभी संभव है जब युवा शक्ति को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखा जा सके। शिविरों में महिलाओं से आग्रह किया गया कि वे अपने घर पर खासतौर पर अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें। मां को सर्वप्रथम यह जानकारी हो जाती है कि बच्चों की संगत कहीं गलत तो नहीं। यह जानकारी मिलने पर सभी महिलाओं को न केवल अपने बच्चों को गलत संगती से दूर करना होगा अपितु यह प्रयास भी करना होगा कि उनके अन्य साथियों को भी सही दिशा में लेकर जाया जा सके। शिविरों में अवगत करवाया गया कि इस दिशा में अध्यापकों तथा वरिष्ठ नागरिकों का सहयोग अत्यन्त आवश्यक है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में नशाखोरी के विरूद्ध गर्भवती माताओं एवं छोटे बच्चों को भी जानकारी प्रदान की। छोटे बच्चों को कहा गया कि वे वे अपने बड़े भाई-बहनों के विषय में बिना डरे माता-पिता को सूचित करें। इन शिविरों में नशे के विभिन्न किस्मों और इनसे होने वाली आर्थिक हानि की जानकारी दी गई। बताया गया कि नशे के आदि व्यक्ति को समय पर चिकित्सीय परामर्श मिलना आवश्यक है। विभिन्न नारों के माध्यम से महिलाओं तथा युवाओं को जागरूक किया गया। इन जागरूकता शिविरों में ‘नशे पर चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा उपस्थित प्रतिभागियों को नशे से होने वाले विभिन्न रोगों व इनके बचाव के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इन शिविरों में जिला भर में 3500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में प्रतिभागियों को नशे के विरूद्ध शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं बड़ी संख्या में महिलाएं तथा बच्चे उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण समिति की अध्यक्ष राजवंत संधू ने जिला में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। राजवंत संधू ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश को सदैव हरा-भरा रखने के लिए ठोस एवं तरल कचरे का वैज्ञानिक निपटान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानीय शहरी निकायों एवं ग्राम पंचायतों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि घर-घर से कचरा एकत्रित करते समय इसे जैविक एवं अजैविक अलग-अलग एकत्रित किया जाए। इससे जहां जैविक कचरे का त्वरित उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं अजैविक कचरे के व्यवस्थित निपटारे एवं भविष्य में इसे प्रयोग लाए जाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि सोलन, हिमाचल प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक नगर है और सोलन जिला में औद्योगिक कचरे के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निपटान पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी संबंधित अधिकारियों को कार्य योजना बनाकर काम करना होगा। समिति की अध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि विभिन्न अस्पतालों इत्यादि में बायो वेस्ट के शत्-प्रतिशत निपटारे के लिए योजनाबद्ध कार्य करें। उन्होंने सभी स्थानीय शहरी निकायों में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा निर्धारित कम लागत की तकनीक अपनाने पर बल दिया। राजवंत संधू ने इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय शहरी निकायों एवं नगर परिषदों के प्रतिनिधियों से कचरा प्रबंधन के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बैठक में आए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में ठोस एवं तरल कूड़ा-कचरा प्रबंधन को लेकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों में व्यापक जन जागरूकता लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर कार्य कर रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना इस दिशा में व्यवहारिक पग है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के संबंध में समाज को जागरूक बनाएं ताकि पूर्ण स्वच्छता की दिशा में सार्थक रूप से आगे बढ़ा जा सके। राजवंत संधू ने कहा कि स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवी संस्थाओं को स्वच्छता अभियान में शामिल करें ताकि सुदंर एवं स्वच्छ सोलन एवं हिमाचल बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उपायुक्त केसी चमन ने राजवंत संधू का स्वागत किया। उन्होंने बैठक में दिए गए विभिन्न निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने का आश्वासन दिया। बैठक में शहरी विकास विभाग के निदेशक आरके गौतम, सोलन जिला के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मीडिया एवं लोगों के सहयोग से पुलिस अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकती है। बशर्ते दोनों का सहयोग पुलिस को भरपूर मिले। यह बात दाड़लाघाट के नवनियुक्त डीएसपी प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते ही पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानूनी व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और पत्रकारों का काम खोज करने का है। दोनों के सहयोग से दुष्प्रवृत्तियों की खोज करके समाज से उन्हें मिटाने का काम सफलतापूर्वक किया जा सकता है।पुलिस के कर्तव्यों, अधिकारों के विषय में ग्रामीण लोगों में अधिकतर अनभिज्ञता होने की बात कहते हुए इस विषय पर उन्होंने बताया कि वह इस बारे जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्कूली बच्चों, कालेज स्टूडेंट्स, महिला मंडलों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें जागरूक करेंगे। दाड़लाघाट में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वह स्वयं इस बारे निरीक्षण करके उचित समाधान निकालने के लिए उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि नशा निवारण उद्देश्य से चिट्टा, खैनी, गुटका एवं नशीले पदार्थो एवं ग्रामीण क्षेत्र में शराब की अवैध बिक्री पर सख्ती से निपटा जाएगा, ताकि ग्रामीण युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहल करने की बात भी कही। गौरतलब रहे कि नवनियुक्त डीएसपी प्रताप सिंह इससे पहले नाहन, बिलासपुर, बैजनाथ इत्यादि महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी सेवाएं दे चुके है।
पुलिस थाना दाडलाघाट मे अंडर सेक्शन 39 (1) ए एचपी एक्साइज एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है।जानकारी के अनुसार बृजलाल, पुत्र धनीराम, गांव सरडमरास जो अपना ढाबा चलाता है उक्त व्यक्ति ढाबे में बिना किसी लाईसैंस व परमिट के शराब बेचने का अवैध धन्धा भी करता है। तलाशी के दौरान उपरोक्त व्यक्ति के ढाबे से 12 बोतलें देसी शराब बरामद हुई है। जिस पर उपरोक्त धारा के अंतर्गत पुलिस थाना दाड़लाघाट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि की है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घनागुघाट में उपप्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा द्वारा 2 दिसंबर को एड्स विषय पर आयोजित कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। विश्व एड्स दिवस प्रतिवर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाता है, किंतु 1 दिसंबर को रविवार का अवकाश होने के कारण विद्यालय में एड्स दिवस का कार्यक्रम सोमवार 2 दिसंबर को आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाषण द्वारा एड्स के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई व तत्पश्चात एड्स विषय पर नारा लेखन व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापक व बच्चे उपस्थित रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नवगांव में 01 दिसम्बर से 7 दिसम्बर 2019 तक एड्स जागरूकता सप्ताह बड़े जोश से मनाया जा रहा है। प्रतिदिन प्रार्थना सभा में विभिन्न छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा एड्स से सम्बंधित उपयोगी एवं आवश्यक जानकारी छात्रों को उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी कड़ी में 04 दिसम्बर को अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के सौजन्य से विद्यालय में अनेक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किये गए। प्रातःकालीन सभा में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इसमें सोनिया कुमारी ने प्रथम स्थान अर्जित किया। कक्षा छठी से आठवी तक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें मेघा, हिमानी एवं परीक्षित ने प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान अर्जित किया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसमें विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं महिला मंडल की सदस्यों ने भाग लिया। विजेता छात्रों को अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा पुरस्कार भी दिए गए और सभी छात्रों को अल्पाहार की व्यवस्था की गई। प्रधानाचार्य रविन्द्र गौतम ने अपने उद्बोधन में सभी छात्रों व अभिभावकों को एड्स जैसी लाईलाज बीमारी कै कारणों एवं बचाव की जानकारी प्रदान की और आह्वान किया, कि वे अपने आसपास के क्षेत्रों में इस बीमारी से बचने के उपायों का प्रचार करें। ताकि भविष्य में इस बीमारी के खतरे को कम किया जा संके।इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन में सेवादार पद पर कार्यरत विद्यादेवी ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। विद्यालय में कार्यरत डॉ करुणा की सोने की चैन अचानक गिर गई,जिसकी कीमत लगभग एक लाख से ज्यादा है। विद्या देवी ने उन्हें वापिस किया। डॉक्टर करुणा मैडम ने उनकी ईमानदारी से खुश होकर उन्हें शॉल भेंट की। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सेवादार पद पर कार्यरत विद्या देवी को इस कार्य की सराहना की तथा समस्त विद्यालय परिवार को इनसे प्रेरणा लेने के लिए कहा।
यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कालका-शिमला रेलवे लाइन में बनी बड़ोग सुरंग का इतिहास काफी दिलचस्प है। कालका से 41 किमी दूर आता है बड़ोग स्टेशन, जहां यह सुरंग है। बता दें कि 20वीं सदी में बनाई गई इस सुरंग का नाम ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बड़ोग के नाम पर पड़ा। इसके बनने के पीछे कर्नल बड़ोग की दुखभरी कहानी है। बड़ोग रेलवे स्टेशन के पास है बड़ोग सुरंग, जिसे सुरंग नंबर 33 भी कहते है। 1143.61 मीटर लंबी यह सुरंग हॉन्टेड प्लेसेस में शुमार है। यह दुनिया की सबसे सीधी सुरंग है, जिसे पार करने में ट्रेन ढाई मिनट लेती है। इस सुरंग को बनाने की जिम्मेदारी ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बड़ोग को दी गई थी। सुरंग को बनाने कर्नल ने सबसे पहले पहाड़ का इंस्पेक्शन कर दो छोर पर मार्क लगाए और मजदूरों को दोनों छोर से सुरंग खोदने के ऑर्डर दिए। उनका अंदाजा था कि खुदाई करते-करते दोनों सुरंगें बीच में आकर मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कर्नल बड़ोग की गलती ब्रिटिश सरकार को ठीक नहीं लगी। उन पर सरकार ने पैसे की बर्बादी करने पर 1 रुपए का जुर्माना लगा दिया। बड़ोग इस बात को लेकर बेहद परेशान हो गए और एक दिन अपने कुत्ते को लेकर सुबह टहलने निकला और सुरंग के नजदीक ही खुद को गोली मार ली। कर्नल बड़ोग की मौत के बाद 1900 में सुरंग पर एचएस हर्लिंगटन ने फिर से काम शुरू किया और 1903 में सुरंग पूरी तरह तैयार हो गई। ब्रिटिश सरकार ने सुरंग का नाम इंजीनियर के नाम से ही रखा बड़ोग सुरंग। ऐसी कहानी प्रचलित है कि एचएस हर्लिंगटन भी इस सुरंग का काम पूरा नहीं कर पा रहे थे। आखिरकार चायल के रहने वाले बाबा भलकू ने इस काम को पूरा करवाया। शिमला गैजेट के मुताबिक, बाबा भलकू ने इस लाइन पर कई अन्य सुरंगें खोदने में भी ब्रिटिश सरकार की मदद की।
सोलन जिला के नालागढ़ उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहारघाट में विद्यार्थियों को नशा निवारण अभियान के तहत जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार रामशहर बिमला वर्मा ने की। छात्रों को संबोधित करते हुए बिमला वर्मा ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति को शारीरिक तथा मानसिक रूप से कमज़ोर करता है। उन्होंने कहा कि एक बार नशे की लत लग जाने पर व्यक्ति उसका गुलाम बन जाता है तथा फिर नशे के चंगुल से बाहर आना उसके लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशा न करें और को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने अध्यापकों व अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रत्येक गतिविधि पर नज़र रखें। तहसीलदार रामशहर ने छात्र-छात्राओं को जीवन में नशा न करने के बारे में शपथ दिलाई। इससे पहले ग्राम पंचायत लोहारघाट के प्रांगण में भी उपस्थित ग्रामीणों को जीवन में नशा न करने की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अवगत करवाया गया। राजकीय महाविद्यालय रामशहर में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक बनाने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें महाविद्यालय के अनेकों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उप प्रधानाचार्य प्रो. रणजोत सिंह ने उपस्थित खिलाडि़यों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक धीमा ज़हर है तथा इसका अंत केवल मृत्यु है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जीवन में किसी भी रूप में नशे को स्वीकार नहीं करना चाहिए। नशा निवारण अभियान के अंतर्गत उपमंडल में विभिन्न विभागों द्वारा जागरूक कार्यक्रम आयोाजित किए गए। ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों में नशे के दुष्प्रभावों के विषय में जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को नशे से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव व इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को जीवन में कभी भी नशा न करने की शपथ दिलाई गई। उपमण्डल की आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नशे के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों व गांवों में प्रचार सामग्री भी वितरित की गई। नालागढ़ उपमंडल में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों में लगभग 3300 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार के रिटेल व एग्रीकल्चर के 55 छात्र छात्राओं ने नौंणी यूनिवर्सिटी सोलन का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान एग्रीकल्चर के बच्चों ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सूद से पौधे व फूलों को उगाने व उनकी देखरेख बारे विस्तृत जानकारी प्राप्त की। रिटेल के विद्यार्थियों ने प्रोफेसर अंजू से बिस्कुट बनाने व उन्हें मार्किट में कैसे बेचा जाता है बारे जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह व सीखने की जिज्ञासा थी। इस शैक्षणिक दौरे में बच्चों के साथ विद्यालय से भूपेंद्र कौसिक, सुधीर शर्मा,वरुण,तान्या,कविता कौशल आदि अध्यापक वर्ग मौजूद रहे।
निष्ठा स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों के लिए के अंतर्गत खंड धुन्दन के प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी अध्यापकों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस में गणित की बारीकियों से अध्यापकों को अवगत करवाया गया तथा पठन पाठन में बच्चों को आने वाली कठिनाईयों के बारे में चर्चा की गई। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन से आये स्त्रोत व्यक्ति बबिता,पूनम सैनी तथा गोविंद ठाकुर द्वारा यह प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी सेक्शन से 37 व 46 अध्यापकों का ग्रुप राजकीय प्राथमिक पाठशाला दाड़लाघाट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। यह प्रशिक्षण 7 दिसंबर तक चलेगा। इस प्रशिक्षण का संचालन कर रहे बीआरसी धुन्दन नरेन्द्र शर्मा ने कहा कि विभिन क्रियाकलापों के उपयोग के माध्यम से किस प्रकार पठन-पाठन कार्य को कक्षा में अधिक रोचक बनाया जाए ताकि विद्यार्थियों को समझने में आसानी हो। यह प्रशिक्षण सभी प्रारंभिक अध्यापकों को करना अनिवार्य होगा। इस प्रशिक्षण में श्रोत व्यक्ति के रूप में विभिन विषय विशेषज्ञ डाइट सोलन से होंगे जिन्होंने अभी हाल ही में शिमला में एनसीआरटी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने सर्दियों के मौसम के दृष्टिगत मालरोड सोलन पर वाहनों की आवाजाही के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 व 117 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार 04 दिसम्बर, 2019 से 29 फरवरी, 2020 तक सोलन के मालरोड से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही सांय 5.30 बजे से 7.30 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। इन आदेशों के अनुसार प्रथम मार्च, 2020 से मालरोड पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का समय पूर्व की भांति सांय 5.30 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक कर दिया जाएगा। इस संबंध में शेष व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा 27 जून, 2006 को जारी आदेशों के अनुसार रहेंगी।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि जिला में कार्यरत सभी बैंक 21 दिसम्बर, 2019 से पूर्व विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित बनाएं। उपायुक्त जिला के अग्रणी यूको बैंक की 157वीं जिला सलाहकार समीति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत लम्बित ऋण के मामलों को 25 दिसम्बर, 2019 तक निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि ऋण एवं अन्य योजनाओं के तहत लम्बित मामलों को बैंक द्वारा समयबद्ध सीमा में निपटाया जाना चाहिए। ऐसा न होने की स्थिति में बैंक अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि बैंक अधिकारियों सहित अन्य को इस बैठक के महत्व को समझना चाहिए। अकारण बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बैठक में अधिकारी अपने प्रतिनिधि को न भेजकर स्वयं उपस्थित हों ताकि विभिन्न योजनाओं की प्रगति का वास्तविक जायज़ा लिया जा सके। केसी चमन ने जिला में कार्यरत सभी बैंकों के अधिकारियों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा यह सुनिश्चित बनाएं कि पात्र लाभार्थियों को ऋण समय पर प्राप्त हों। उन्होंने जिला सलाहकार समिति तथा यूको आरसेटी की त्रैमासिक बैठक निश्चित माह के दूसरे मंगलवार को करवाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने यूको बैंक तथा पंजाब नैशनल बैंक कुनिहार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंकों में ई-स्टेम्पिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। केसी चमन ने कहा कि बैंकों द्वारा आयोजित किए जाने वाले वित्तीय साक्षरता शिविरों में अन्य विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहें क्योंकि बैंक विभिन्न विभागों की योजनाओं के लिए उपदान दरों पर ऋण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों में विभागीय प्रतिनिधियों के उपस्थित रहने से बैंक और ऋण प्राप्त करने वालों को सुगमता होगी। उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनमंच में विभिन्न बैंकों के अधिकारी जनमंच के स्थान अनुसार उपस्थिति दर्ज करवाएं ताकि लोग प्रधानमंत्री जन धन, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उठा सकें। केसी चमन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी ऋण स्वीकृत न होने की स्थिति में उचित कारण बताएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला अग्रणी बैंक को ईमेल के माध्यम से अद्यतन आंकड़े समयबद्ध प्रेषित करें ताकि केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता समय पर मिल सके। उन्होंने बैक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर स्वयं सहायता समूह के वित्तीय मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। बैठक में बैंको द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंर्तगत निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों व उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में सितम्बर 2019 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 214418 खाते खोले गए हैं। इस अवधि में 181827 रूपे कार्ड भी जारी किए गए हैं। इस अवधि तक प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना से 231350 लाभार्थी जुड़े है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 139392 तथा अटल पैंशन योजना से 23534 लाभार्थी जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन जिले में सितम्बर 2019 तक 9348 खाते खोले गए हैं। इस अवधि में योजना की शिशु श्रेणी के तहत 1534.69 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना की किशोर श्रेणी में 10562.56 लाख रुपये तथा 10410.11 लाख रुपये तरूण श्रेणी में स्वीकृत किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक संजीव मारिया ने बैंकों को समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा इनकी अनुपालना का आग्रह करते हुए सभी बैंक अधिकारियों से खंड स्तरीय बैंकर्ज समिति की प्रत्येक कार्यशाला में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इससे पूर्व अग्रणी जिला प्रबंधक बीडी सांख्यान ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र सोलन के महाप्रबंधक राजीव कुमार, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी आरके गौतम, जिला राजस्व अधिकारी प्रोमिला धीमान, अन्य अधिकारी, यूको आरसेटी के निदेशक विक्रम ठाकुर सहित विभिन्न बैंको के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ब्लड बैंक आईजीएमसी शिमला के सहयोग से अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन अम्बुजा अस्पताल सुल्ली में किया गया। रक्तदान शिविर का आयोजन प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। रक्तदान शिविर का उद्धघाटन अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड के परिचालन प्रमुख अनिल गुप्ता और मेडिकल ऑफिसर आईजीएमसी शिमला डॉ विक्टर मशीह के द्वारा किया गया। इस रक्तदान शिविर में अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड और अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के कर्मचारियों ने 102 यूनिट रक्त दान किया। भूपेंद्र गाँधी ने रक्त दान शिविर के नियमित संचालन और कर्मचारियों के अमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया। अजीत कुमार सिंह ने नियमित रक्तदान से होने वाले फायदे के बारे में लोगों को जागरूक किया। रक्त दान महादान है जिसमें किसी भी जरुरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाया जा सकता है। रक्तदान शिविर का सफल आयोजन आईजीएमसी शिमला डॉ विक्टर मसीह के मार्गदर्शन और देखरेख में हुआ। सभी रक्तदाताओं को आईजीएमसी शिमला द्वारा सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के तरह से स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कुनिहार : प्रदेश की जय राम ठाकुर की सरकार का 2बरसों का कार्यकाल अनेकों उपलब्धियो भरा रहा है। यंहा जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा के जिला मिडिया प्रभारी और एयरपोर्ट कमेटी के निर्देशक इन्दर पाल शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के समान रुप से अरबों रुपये के विकास कार्य किये गये है तो वंही समाज के हर वर्ग के लिए अनेकों नई योजनाओं को शुरू किया गया,हर घर मे महिलाओ को ग्रहणी योजना में मुफ्त में गैस सिलेंडर, वृद्धा पैन्शन की आयु 80वर्ष से घटा कर 70करने,5लाख का चिकित्सा बीमा और बेरोजगार युवकों को हजारों नौकरियां दी गईं।इन्दर पाल शर्मा ने कहा कि कल मंत्री मंडल की मीटिंग में शिक्षा बिभाग में 3636और पुलिस में 1000पद एकमुस्त भरे जाने का एतिहासिक निर्णय लिया गया है। शर्मा ने कहा कि कल कसौली के एक दिवसीय दौरे पर मुख्य मंत्री द्वारा वहाँ पर जहा 93करोड़ के उदघाटन और शिला न्यास किये गये और एस 0डी 0म0कार्यालय दीये जाने व स्कूलों को उपग्रेड किये जाने के लिये भाजपा जिला सोलन उनका आभार व्यक्त करता है। शर्मा ने कहा कि मुख्य मंत्री ने शीघ्र ही अर्की निर्वाचन क्षेत्र में आने का अस्वासन दिया है।
कुनिहार : कुनिहार सब तहसील में पिछले 10- 12 दिनों से नायब तहसीलदार के न बैठने से क्षेत्र के लोगों के राजस्व सम्बंधित कार्यो में मुश्किलें आ रही है। कुनिहार में सब तहसील खुलने से कुनिहार क्षेत्र के लोगो के इनकम सर्टिफिकेट,हिमाचली प्रमाण पत्र,जाती प्रमाण पत्र,चरित्र प्रमाण पत्र, एफिडेविट,मुख्तयार नामा,लैंड मोडगेज सहित सभी कार्य हो रहे थे,परन्तु पिछले 10 से 12 दिनों से कार्यालय में तहसीलदार/नायाब तहसीलदार के न बैठने से लोगो को अर्की भेजा जा रहा है।वन्ही लोगो के अनुसार अर्की में भी कोई भी कार्य क्षेत्र के लोगो का नही हो रहा है व उन्हें उक्त सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कुनिहार वापिस भेजा जा रहा है।कुनिहार कार्यालय पहुंचे कुनिहार निवासी मदन ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से सब तहसील के चक्कर काट रहे है।उसे इनकम सर्टिफिकेट सहित कुछ जरूरी दस्तावेज बनवाने थे।उसे कभी अर्की भेजा गया तो वंहा भी उक्त सर्टिफिकेट नही बनाये गए व कहा गया कि उसके सभी कार्य कुनिहार कार्यालय से होंगे,जबकि उसकी नोकरी लगनी थी,परन्तु कार्यालय में अधिकारी के न बैठने से नोकरी लगने से पहले नोकरी जाने की चिंता सताने लगी है।वन्ही कार्यालय में अर्जिनिवेश सहित स्टाम्प पेपर विक्रेता भी बेकार बैठे है।हर रोज सेंकडो लोगो कोअधिकारी के न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। वन्ही एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि अर्की से नायब तहसीलदार की ड्यूटी कुनिहार सब तहसील में लगाई गई है अगर किसी का काम वंहा नही हो रहा है तो वह अर्की आकर कोई भी राजस्व सम्बन्धी या प्रमाण पत्र बनवा सकता है। अर्की में भी अगर नही काम होता है तो वह सीधा मुझ से सम्पर्क कर सकता है।लोगो के सभी कार्य अर्की में करवाये जाएंगे।
नशा निवारण अभियान के अंतर्गत आज सोलन जिला की अर्की उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (रावमापा) धुन्दन में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में दाड़लाघाट के थाना प्रभारी हीरालाल ने छात्राओं को नशे से होने वाली हानियों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने सभी को इस अवसर पर नशा उन्मूलन के लिए शपथ भी दिलवाई। थाना प्रभारी ने कहा कि कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जहां अध्यापकों और अभिभावकों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करना होगा वहीं युवाओं को भी यह समझना होगा कि किसी भी प्रकार के नशे से उनका भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अध्यापक विद्यालय में और अभिभावक घर में यदि बच्चों पर पढ़ाई के साथ-साथ अन्य मामलों में ध्यान दें तो युवाओं में हो रहे बदलावों से जाना जा सकता है कि कहीं युवा रास्ता तो नहीं भटक गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यवहार में आ रहे बदलाव हमें संकेत देते है कि उन पर अधिक ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि यदि छात्रों को नशे करने वालों या नशा बेचने वालों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो इसे पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने छात्रों को ऐसी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छात्रों को विभिन्न प्रकार के नशों की पूरी जानकारी दी। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों से पीडि़त के व्यवहार में होने वाले बदलाव से भी अवगत करवाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने छात्रों के नशे के प्रकार व लक्षणों के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर छात्रों की निबंध लेखन प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें 44 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रीति प्रथम, उर्मिला द्वितीय तथा अनीता तृतीय स्थान पर रही।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि मिस्त्री, बढ़ई तथा बार बाइंडर्स सुरक्षित आवास निर्माण की धुरी है और भूकंप रोधी आवास निर्माण की तकनीक में इनका दक्ष होना आवश्यक है। केसी चमन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के सौजन्य से जिला में सुरक्षित भवन निर्माण के लिए मिस्त्री, कारपेंटर तथा बार बाइंडर्स की क्षमता वर्धन योजना के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर उपस्थित मिस्त्रियों को संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में भूकंप रोधी आवासों एवं भवनों का निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश एवं भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य होने के कारण प्रदेश को ऐसे आवास चाहिएं जो भूकंप रोधी हों एवं कम लागत में बने हों। इसके लिए राजमिस्त्री, बढ़ई और बार बाइंडर्स का भूकंप रोधी आवास निर्माण तकनीक को जानना आवश्यक है। इस दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आवास निर्माण के समय भूकंपरोधी तकनीक का प्रयोग करें और अपने राजमिस्त्री को इस दिशा में कार्य करने के लिए कहें। उन्होंने कहा कि इन श्रेणियों के साथ-साथ आम जन को भी भूकंप रोधी आवास निर्माण तकनीक का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने राजमिस्त्री, बढ़ई और बार बाइंडर्स का आह्वान किया कि वे अपने कार्य को पूरी ईमानदारी से पूर्ण करें। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों के मिस्त्रियों को हिमकोस्ट व बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के विशेषज्ञों के सहयोग से गृह निर्माण की सुरक्षित तकनीक के बारे जानकारी प्रदान की गई। केसी चमन ने कहा कि भवन निर्माण कार्यों में भूकंप रोधी तकनीक अपनाकर भूकंप से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूकंप आने पर सबसे ज्यादा नुकसान भवनों के असुरक्षित निर्माण के कारण होता है। यदि भवन निर्माण पूरी योजना के साथ किया होगा तो भूकंप इत्यादि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उपायुक्त ने कार्यशाला में उपस्थित सभी मिस्त्रियों से आग्रह किया कि वे आज से शपथ लें कि कोई भी भवन निर्माण कार्य सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए करेंगे। उन्होंने कि राजमिस्त्री भवन निर्माण प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए राजमिस्त्रयों को कम लागत में भूकंप रोधी भवन निर्माण की सभी जानकारियां उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे इस तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग भवन निर्माण में कर सके। उपायुक्त ने इस अवसर पर सभी मिस्त्रियों को वाटर लेवल किट प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल, हिमकोस्ट की रिर्सोस पर्सन कंचन राणा, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के प्रधानाचार्य सीएल तनवर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपूर्वा, गौरव तथा बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के विशेषज्ञ व काफी संख्या में राजमिस्त्री उपस्थित थे।
पाइनग्रोव स्कूल, जिला सोलन में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों की लड़कियों के लिए चयन परीक्षा 16 दिसंबर 2019 को आयोजित की जाएगी। समाज सेवा को जारी रखते हुए प्रवेश परीक्षा में भाग लेने के लिए छात्रा हिमाचल प्रदेश जिला सोलन की स्थाई निवासी होनी चाहिए। याद रहे पाइनग्रोव स्कूल ने पिछले 3 वर्षों से जिला सोलन की छ: छात्राओं को चयनित किया है और वे आज भी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही है। छात्रा प्रथम कक्षा से ही सरकारी पाठशाला में पढ़ रही हो और छात्रा की आयु 9 वर्ष से अधिक और 12 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा वर्तमान में पांचवी कक्षा में पढ़ रही हो। प्रत्येक वर्ष चयन परीक्षा के आधार पर दो सर्वश्रेष्ठ छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में प्रवेश दिया जाता है। इन छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल द्वारा निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। पाइनग्रोव स्कूल सी बी एस ई, आई पी एस सी, आई ए वाई ए पी और एन सी सी, ब्रिटिश काउंसलिंग आई एस ओ 9001. 2000 से प्रमाणित है। पाइनग्रोव स्कूल हिमाचल का एक प्रतिष्ठित विद्यालय है और शिक्षा के क्षेत्र में अपनीं पहचान बना चूका है। पाइनग्रोव स्कूल ने डी सी सोलन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार को सूचित किया है कि वह अपने बलबूते पर गरीब परिवारों की लड़कियों की सहायता कर रहे है और गरीब परिवार में रहने वाली अनेक लड़कियां अपनी योग्यता, कला, गुणों से संपन्न तो है परन्तु आर्थिक समस्या के कारण उन्हें अच्छे विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर नहीं मिलता है। पाइनग्रोव स्कूल ने ऐसी ही गरीब परिवारों की लड़कियां जो पढ़ाई में होशियार हो उनको अपने स्कूल जिला सोलन में शिक्षा देने की ज़िम्मेवारी इस वर्ष भी लेने की रूचि प्रस्तुत की है। यदि ऐसी बच्चों की सहायता की जाये तो वे जीवन में अच्छी नौकरी प्राप्त करके अपने उद्देशय में सफल हो सकती है। यह योजना हिमाचल प्रदेश जिला सोलन के गरीब और पिछड़े परिवारों में एक उम्मीद की किरण ला सकती है। पाइनग्रोव स्कूल पहले से ही समाज सेवा करने में जुटा हुआ है।


















































