श्री रेणुका बांध जन संघर्ष उप समिति सियूं की बैठक संघर्ष समिति के फाउंडर मेंबर प्रताप सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सियूं कांडवा, कुंटी गांव के दर्जनों विस्थापित लोगों ने भाग लिया। इसमें संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि जब तक विस्थापितों की मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में बांध प्रबंधन यह निर्धारित नहीं कर पाया कि कितने परिवार भूमिहीन होने हैं तथा कितने परिवारों को बांध प्रबंधन द्वारा घर दिए जाने हैं। वहीँ समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला ने कहा कि बांध प्रबंधन एवं जिला प्रशासन विस्थापितों की समस्याओं को लेकर निष्क्रिय दिखाई दे रहा है। विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाने के स्थान पर उन्हें मात्र आश्वासन देकर चलता किया जा रहा है, जिस कारण विस्थापितों को मजबूरन बांध प्रबंधन के विरोध में उतरना पड़ रहा है। यदि बांध प्रबंधन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता है तो एक बार फिर से संघर्ष समिति धरने प्रदर्शन पर उतारू हो जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना निथर के अंतर्गत बांदल वृत्त केंद्र में पोषण पखवाड़े का आयोजन किया गया। इसमें जिला मनरेगा लोकपाल सतपाल वर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बांदल वृत्त की परिवेक्षिका सुलोचना गौतम ने गर्भवती और धात्री महिलाओं को मोटे अनाज को अपने भोजन में शामिल करने के लिए जागरूक किया गया। पोषण पखवाड़े में घर में तैयार किए व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें कोदा, मक्की, जौ, ज्वार, बाजरा आदि के व्यंजन सजाए गए और मोटे अनाज से मिलने वाले विटामिन, प्रोटीन व बसा इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह पोषण पखवाड़ा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 अप्रैल तक मनाया जाएगा। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शशि बाला, तमन्ना, उर्मिला, तारा, टीकमा, आशा कार्यकर्ता, लता कुमारी, सुमना देवी, कमला देवी सहित कई अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
जयसिंहपुर उपमंडल के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत बरडाम की 23 वर्षीय अदिती शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में लोक सेवा की परीक्षा पास कर ली है। आदिति शर्मा का चयन हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में सहायक अभियंता के पद के लिए हुआ है। 12वीं कक्षा तक अदिती शर्मा की शिक्षा डीएवी स्कूल पालमपुर से हुई। उसके बाद नगरोटा बगवां के राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग पास करके नादौन के जीहन में धोलासिद्ध बिजली के प्रोजेक्ट में पिछले एक वर्ष से ट्रेनिंग की। अदिती शर्मा के पिता कुलदीप शर्मा जल शक्ति विभाग से सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए हैं और माता सविता देवी गृहिणी हैं। अदिती के बड़े भाई अखिलेश शर्मा भी सिविल इंजीनियरिंग करके सहायक तकनीकी पद पर तैनात हैं।
डीएलएड प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में क्षत्रिय कॉलेज इंदौरा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। कॉलेज प्राचार्य डॉ. गायत्री ने बताया कि समस्त क्षत्रिय परिवार के लिए आज अत्यंत हर्ष का विषय है कि डीएलएड प्रथम और द्वितीय वर्ष के सभी प्रशिक्षु छात्र बहुत ही अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हुए हैं। डीएलएड प्रथम वर्ष से अतुल ने 83℅ अंक लेकर प्रथम, रितिका ने 82℅ अंक लेकर द्वितीय व सपना ने 76℅ अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सभी छात्र-छात्राओं का परिणाम बहुत शानदार रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल ने छात्र-छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी शिक्षकों, अभिवावकों को बधाई दी है। साथ ही सभी छात्र-छात्राओं की काफी सराहना भी की। उन्होंने छात्र-छात्राओं की कामयाबी का पूरा श्रेय अध्यापकों, मेहनती छात्रों तथा अभिभावकों को दिया है।
राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय अंबोटा (परवाणू) में आज प्री प्राईमरी के बच्चों के लिए बनाए गए स्मार्ट क्लास रूम का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर परवाणू नगर के सेक्टर चार से संबंध रखने वाली समाजसेविका कांता कपूर ने में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने प्री प्राईमरी के लिए तैयार किए गए इस कमरे की दहलीज पर नारियल फोड़़कर इसका शुभारंभ किया। विद्यालय की तरफ से केंद्रीय मुख्य अध्यापक नील कमल ने कार्यक्रम संपन्न करवाया। इस अवसर पर विद्यालय के लिए निंरतर सहयोग करने वाले समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गय। कार्यक्रम में हंसराज ठाकुर, हरविंदर ठाकुर, राकेश शर्मा, सोहन राजपूत, अश्विनी शर्मा, शिव दयाल, रितु शर्मा, हिमानी राजपूत, राकेश ठाकुर, पुनिश शर्मा, रानी देवी एवं अन्य लोगों ने भाग लिय। विद्यालय के मुख्य अध्यापक ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों का इस विद्यालय में दाखिला करवाएं।
शरण कॉलेज ऑफ एजुकेशन फ़ॉर वूमेन घुरकड़ी (कांगड़ा ) में सीबीएससी संस्था मोगा, धर्मकोट, फिरोजपुर, जगराओं तथा सूर्या कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के माध्यम से आज 11 बजे रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मेले में टीजीटी साइंस, आर्ट्स, हिंदी, संस्कृत, फिजिकल इंस्ट्रक्टर और कंप्यूटर टीचर हेतु साक्षात्कार लिए गए। रोजगार मेले में 100 से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। शरण कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुमन शर्मा ने बताया कि इस रोजगार मेले का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार और शिक्षित युवाओं को रोजगार दिलवाना है, ताकि बेरोजगारी की दर को कम किया जा सके। देश में बढ़ती बेरोजगारी दर को देखते हुए शरण कॉलेज ने यह कदम उठाया है।
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर सोमवार को कांगड़ा कमेटी के अध्यक्ष कर्ण सिंह पठानिया व प्रदेश कांग्रेस सचिव पुनीत मल्ली की अगुआई में धर्मशाला में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और राहुल गांधी की संसद सदस्यता को तुरंत बहाल करने की मांग की। कर्ण सिंह पठानिया व पुनीत मल्ली ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में गांधी के सवालों से भाग रही है। राहुल गांधी ने अडानी को दिए गए 20 हजार करोड़ रुपये को लेकर प्रश्न किया था, जिसको लेकर केंद्र सरकार तिलमिला उठी है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को बताना होगा क्यों सारे टेंडर अडानी ग्रुप को दिए गए। कहा कि पिछले 9 सालों से देश में लूट मची हुई है। केंद्र की सरकार अमीरों को संरक्षण देने में लगी हुई है। कई लोग देश का करोड़ों पैसा लेकर विदेशों भाग गए हैं, जिनके खिलाफ केंद्र की सरकार कोइ कदम नहीं उठा सकी है। उन्होंने कहा कि क्या चोर को चोर बोलना गलत है। देश से गरीबों को हटाया जा रहा है तथा अमीरों पर बैकों का पैसा लुटाया जा रहा है। कहा कि नरेंद्र मोदी की तानाशाही अब ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनावों में केंद्र की तानाशाही सरकार का अंत होने वाला है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने आज ओक ओवर में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आनंद शर्मा को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देश में लोकतंत्र बचाने के लिए राहुल गांधी की निर्भीक मुहिम से केंद्र सरकार डर गई है और राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के निर्णय से उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों से लोगों को अवगत करवाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली। उन्होंने कहा कि देश में आने वाले चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी। उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने का आग्रह भी किया। आनंद शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत निशाना बनाया। आनंद शर्मा ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि निचली अदालत का निर्णय उच्च न्यायालय में नहीं टिक पाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस निर्णय के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंडित अशोक हिमाचली ने जारी बयान में कहा है कि बीजेपी की केंद्र सरकार हिटलर की तरह जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है देश और प्रदेश के लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास किया जा रहा है। जिस-जिस प्रदेश में कांग्रेस या अन्य दलों की सरकारें हैं, उन्हें सीबीआई, ईडी का डर दिखाकर सरकारों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा देश लोकतंत्र व कानून के दायरे में रहकर काम करता है, मगर अफसोस की बात है कि मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र को मजबूत करने की बजाए कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मोदी सरकार को राहुल गांधी का फोबिया हो चुका है, क्योंकि यह राहुल नहीं आंधी है। भाजपा को चिंता हो रही है कि 2024 में लोकसभा के चुनाव आ रहे हैं और राहुल गांधी को देश की जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ों के तहत कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक लगभग 3400 किमी की पैदल यात्रा करके जोड़ने का और हिंदुस्तानी के हर दिल में जगह बनाने का काम किया है। अशोक हिमाचली ने कहा है की राहुल गांधी में देशभक्ति का और उनकी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और त्याग की मूर्ति सोनिया गांधी का खून है।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज काली माता मंदिर पधाई, भराड़ी शिमला के द्वार जाकर माथा टेका और पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री एवं बेटी आस्था अग्निहोत्री भी उनके साथ थी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर उन्हें माता के दरबार आने का अवसर मिला है। उन्होंने माता रानी से प्रदेश के लोगों की सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
आज दिनांक 27 मार्च 2023 को हिमाचल प्रदेश काडर के परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इन अधिकारियों में अदिति, साई दत्तात्रेय वर्मा, सचिन, तथा ब्युम बिन्दल शामिल थे। इस अवसर पर रमेश छाजटा, पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय शिमला भी मौजूद थे । मुलाकात के दौरान इन अधिकारियों ने विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से विधानसभा की कार्यप्रणाली तथा क्रिया-क्लापों की जानकारी हासिल की तथा बजट सत्र के बारे भी जाना। पठानिया ने उन्हें विस्तार से हिमाचल प्रदेश विधान सभा में स्थापित देश की सर्वप्रथम ई- विधान प्रणाली की जानकारी भी दी। पठानिया ने कहा कि युवा ही आज देश का भविष्य हैं तथा उन्हीं के कंधों पर देश के विकास तथा इसकी अखण्डता बनाये रखने का दायित्व है। पठानिया ने कहा कि आज के माहौल में आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं जहां कानून व्यवस्था को बनाये रखना होता है वहीं प्रदेश तथा देश के भीतर शान्ति एवं सदभाव बनाये रखने में पुलिस की भूमिका अहम् हो जाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शान्तिप्रिय प्रदेश है तथा उन्नति की ओर अग्रसर है। सभी अधिकारियों को शुभकामनायें देते हुए पठानिया ने कहा कि उन्हें प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा सच्ची लग्न से इसकी सेवा करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अपने एक दिवसीय कांगड़ा जिला के दौरे में आज मां ज्वालाजी, ब्रजेश्वरी देवी माता तथा चामुंडा माता के द्वार जाकर माथा टेका और पूजा अर्चना की। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ थीं। हिमाचल के राज्यपाल के तौर पर यह उनका कांगड़ा जिले का पहला दौरा है। इस अवसर राज्यपाल ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर उन्हें माता के दरबार आने का अवसर मिला है। उन्होंने माता से सबकी सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। राज्यपाल आज प्रातः ज्वालामुखी स्थित सपड़ी हेलीपैड पहुंचे, जहां कांगड़ा के उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल शर्मा, उपमंडला दंडाधिकारी विवेक शर्मा तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ससंद से सदस्यता रद्द करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। इस मसले पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंडित अशोक हिमाचली ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार हिटलर की तरह जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास किया जा रहा है और देश की जनता की आवाज को दबाने का काम बीजेपी सरेआम कर रही है। जहां-जहां प्रदेश में कांग्रेस या अन्य दलों की सरकारें हैं उन्हें सीबीआई, ईडी, का डर दिखाकर सरकारों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा देश लोकतंत्र व कानून के दायरे में रहकर काम करता है मगर अफसोस है कि केंद्र कि मोदी सरकार लोकतंत्र को मजबूत करने की बजाए कानून की धज्जियां उड़ा रही है। कांग्रेस नेता अशोक हिमाचली ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार को राहुल गांधी का फोबिया हो चुका है, क्योंकि यह राहुल नहीं वो आंधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को चिंता हो रही है कि 2024 में लोकसभा के चुनाव आ रहे हैं और राहुल गांधी को देश की जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ों के तहत कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक लगभग 3400 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके जोड़ने का और हिंदुस्तानी के हर दिल में जगह बनाने का काम किया है। भारत जोड़ो अभियान के तहत लोकतंत्र को मजबूत करने का और कानून के तहत रहने का देश में सुरक्षा और रक्षा को जिंदा रखने का प्रयास किया है।उन्होंने कहा सच को सच और झूठ को झूठ बोलने की ताकत राहुल गांधी रखते हैं इसलिए संसद के अंदर राहुल गांधी की आवाज को दबाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस कोरोना के प्रकोप से लोग भी परेशान हो चुके है। कोरोना की बढ़ती रफ्तार के साथ एक और व्यक्ति की मौत हुई है। 10 दिन के भीतर कोरोना से यह दूसरी मौत हुई है। कोरोना संक्रमण से यह मौत कांगड़ा जिला में 65 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की हुई है। इससे पहले 16 मार्च को कोरोना से एक व्यक्ति ने दम तोड़ा था। उससे पहले 13 मार्च को 101 दिन बाद कोरोना से किसी व्यक्ति की जान गई थी। अब प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों के बढ़ने के साथ-साथ इस वायरस से लोगों की मौत का सिलसिला भी बढ़ रहा है। कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 4196 के पास पहुंच गया है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना के 15 नए मरीज सामने आए हैं। इससे प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 415 के पास पहुंच गया है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी की रहने वाली प्रियंका ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वे अब दिल्ली में सिविल जज के रूप में सेवाएं देंगी। प्रियंका हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा की डलहौजी तहसील से सम्बंध रखती हैं। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई डलहौजी के सरकारी स्कूल से प्राप्त की। बीकॉम, एलएलबी व एलएलएम की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से हासिल की। वर्तमान में प्रियंका हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से लॉ में पीएचडी कर रही हैं। इन्होंने पढ़ाई के साथ ही ज्यूडिशियल परीक्षा पास की है। प्रियंका ने कामयाबी का श्रेय माता-पिता, व अध्यापकों को दिया है। उन्होंने कहा कि कठोर परिश्रम और लग्न से जीवन में किसी भी मनचाहे मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर के अंतर्गत पंचायत रियाली कस्बा बेलाठाकुरां में शिव शक्ति महिला मंडल बेलाठाकुरांने एक अनोखी पहल की है। महिला मंडल ने निर्णय लिए है की उनके गाँव में जब भी किसी बेटी का विवाह होगा तो उसे महिला मंडल द्वारा सिलाई मशीन भेंट की जाएगी। यह निर्णय आज हुई शिव शक्ति महिला मंडल बेलाठाकुरां की बैठक के दौरान लिया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यता तौर पर महिला मंडल प्रधान निशा कुमारी, उप प्रधान रजनी वाला, सचिव सीमा, कोशाअध्यक्ष विजय कुमारी व अन्य गणमान्य महिला शक्ति मौजूद रही। महिला मंडल का मानना है की इस तरह की पहल होती रेहनी चाहिए जिससे गरीब परिवारों की बेटियों को भी कुछ सहूलियत पहुंचाई जा सके।
हिमाचल प्रदेश के अधिकतर जिलों में हाल ही में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप के बाद से हिमाचल के लोग घबराए हुए है। इस भूकंप से किसी तरह का जानी नुकसान तो नहीं हुआ मगर प्रदेश की जनता दहशत में ज़रूर है। जानकारी के अनुसार इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में जमीन के अंदर 156 किलोमीटर की गहराई पर था और इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.6 रही। भूकंप के झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए मगर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए इस तीव्रता का भूकंप कहीं न कहीं चिंता का विषय है। इस भूकंप से हिमाचल के लोगों की आँखों के आगे 1905 की तबाही का मंजर आ गया। 4 अप्रैल 1905 में जब कांगड़ा की धरती पर यह भयावह दृश्य हुआ था, तो हिमाचल दहल उठा था। 1905 में 4 अप्रैल की सुबह भूकंप ने ऐसी तबाही बरपाई थी कि चारों ओर सिर्फ तबाही के निशान दिख रहे थे। कांगड़ा से लेकर लाहौर तक आई इस त्रासदी में 28 हजार लोगों की जान चली गई थी। सुबह छह बजकर 19 मिनट पर दो मिनट के लिए ऐसी हलचल हुई की लाखों परिवार बेघर हो गए और हजारों लोग इमारतों के नीचे दफन। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई थी। भूकंप के बाद कांगड़ा का ये भयावह दृश्य आज भी जिला कांगड़ा के लोगों के मन में भय बनाए हुए है। 1905 में आए भूकंप से कांगड़ा के ज्यादातर ऐतिहासिक भवन नष्ट हो गए थे। सभी बाजार पूरी तरह से तबाह हो चुके थे। कांगड़ा किला, कांगड़ा मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे। बैजनाथ मंदिर को आंशिक नुकसान पहुंचा था। अब फिर लगातार आ रहे भूकंप ने हिमाचल प्रदेश की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील पांचवें जोन में आता है। हिमाचल में 2022 में 50 से अधिक छोटे बड़े भूकंप आ चुके हैं। पहाड़ी राज्य होने के कारण बड़ा भूकंप हिमाचल के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। भारतीय मानक ब्यूरो ने देश को पांच अलग-अलग भूकंप जोन में बांटा हुआ है। पांचवें जोन में आने वाले इलाकों को सबसे ज्यादा खतरनाक और सक्रिय माना जाता है। इस जोन में आने वाले राज्यों में ज्यादा तबाही की आशंका रहती है। इसी तरह पांचवे से पहले जोन की ओर चलने पर जोखिम कम होता चला जाता है। सबसे खतरनाक यानी पांचवे जोन में जम्मू और कश्मीर का हिस्सा (कश्मीर घाटी), हिमाचल का पश्चिमी हिस्सा, गुजरात का कच्छ, उत्तराखंड का पूर्वी इलाका, उत्तरी बिहार का इलाका, भारत के सभी पूर्वोत्तर राज्य, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। यानी अगर हिमाचल में भूकंप आता है तो नुक्सान ज़्यादा होगा। हिमाचल में चंबा-कांगड़ा और किन्नौर सहित शिमला जिला में अपेक्षाकृत अधिक भूकंप आते हैं। यह देखने में आया है कि एक दशक में बड़ी तीव्रता का कोई भूचाल नहीं आया है। परंतु हिमाचल को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी से चुके है कि शिमला और अन्य पर्यटक स्थल जैसे मैक्लॉडगंज, कसौली, मनाली, पालमपुर, मंडी, सोलन और हिमाचल प्रदेश में कहीं भी इमारतें तीव्रता वाले भूकंप का सामना नहीं कर सकते हैं और ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता से भूकंप के दौरान नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। अधिक खतरे वाले इलाकों में भूकंप रोधी मकान बनाने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। साथ ही नियमित अंतराल पर सरकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं को स्कूलों व पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार सभी जिलों को समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश हैं। कई स्वयं सेवी संस्थाएं निजी तौर पर जागरूकता शिविर आयोजित करती हैं, जिन्हें सरकार हर संभव सहायता प्रदान करती है। 'भूकंपरोधी बनाए जायेंगे नए भवन' हिमाचल प्रदेश सरकार भी प्रदेश में भूकंप को लेकर अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि वे इस बारे में पहले भी विभाग के साथ बैठक कर चुके हैं। इस बारे में विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश भर में जो नए भवन बनाए जा रहे हैं, उन्हें भूकंपरोधी बनाया जाए। साथ ही भवन बनाने में एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, ताकि भूकंप के वक्त नुकसान को कम से कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को इस बारे में स्टडी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में सरकार-प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। झटकों के बाद नगर निगम शिमला सतर्क : हिमाचल प्रदेश में आए भूकंप के झटकों के बाद नगर निगम शिमला भी सतर्क हो गया है। निगम ने शहर की कई भवनों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं, जो डेंजर जोन में हैं। दरअसल भूंकप के लिहाज से शिमला शहर बहुत संवेदनशील है। अधिकतर इमारतें भूकंप रोधी नहीं हैं। अगर कोई बड़ा भूकंप आता है तो जान-माल की भारी क्षति होगी। शिमला के 2 सिंकिंग जोन में रिज, ग्रैंड होटल, लक्कड़ बाजार, सेंट्रल स्कूल, ऑकलैंड नर्सरी स्कूल, धोबीघाट, कृष्णानगर और होटल क्लार्क्स के आसपास के इलाके शामिल हैं, जहां पर कोई नई बिल्डिंग बनाना खुद विनाश को न्योता देना है। शिमला ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान में स्पष्ट रूप से पर्यावरण और प्राकृतिक खतरे पर अध्याय 12 के तहत पेज 156 पर उल्लेख किया गया है कि शिमला में भीषण भूकंप की स्थिति में 39 प्रतिशत इमारतें गिर सकती हैं। इसमें लोगों को नुकसान होने की संख्या भी 20,446 आंकी गई है। 25,000 की आबादी के लिए बने शिमला शहर में अब 2.3 लाख लोगों के रहने का अनुमान है। इमारतों को बनाने के लिए 70 डिग्री तक की ढलानों पर अनुमति दी गई है। शिमला भूकंपीय क्षेत्र-4 में आता है। भूकंप के सबसे खतरनाक जोन में होने के बाद भी यहां लापरवाही जारी है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2017 में शिमला के मुख्य और हरित क्षेत्रों में बिल्डिंग बनाने समेत सभी निर्माण पर प्रतिबंध लगाया था। मैक्लॉडगंज भी खतरे की जद में धर्मशाला के उपनगरों में स्थित मैक्लॉडगंज में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माण से तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के आवास पर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों को डर है कि एक उच्च तीव्रता वाला भूकंप मैक्लोडगंज को मलबे के ढेर में बदल सकता है। कांगड़ा जिले के मैक्लॉडगंज में लगभग 16 हजार निर्वासित तिब्बती रहते हैं और इतनी ही संख्या भारतीयों की भी है। कैसे आता है भूकंप? भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल क्या होता है अमेरिकी भूवैज्ञानिक चार्ल्स एफ रिक्टर ने सन 1935 में एक ऐसे उपकरण का इजाद किया, जो पृथ्वी की सतह पर उठने वाली भूकंपीय तरंगों के वेग को माप सकता था। इस उपकरण के जरिए भूकंपीय तरंगों को आंकड़ों में परिवर्तित किया जा सकता है। रिक्टर स्केल आमतौर पर लॉगरिथम के अनुसार कार्य करता है। इसके अनुसार एक संपूर्ण अंक अपने मूल अर्थ के 10 गुना अर्थ में व्यक्त होता है। रिक्टर स्केल में 10 अधिकतम वेग को दर्शाता है। भूकंप की तीव्रता और अवधि का पता लगाने के लिए सिस्मोग्राफ का इस्तेमाल किया जाता है। इस यंत्र के जरिए धरती में होने वाली हलचल का ग्राफ बनाया जाता है, जिसे सिस्मोग्राम कहते हैं। इसके आधार पर गणितीय पैमाना (रिक्टर पैमाना) के जरिए भूकंप की तरंगों की तीव्रता, भूकंप का केंद्र और इससे निकलने वाली ऊर्जा का पता लगाया जाता है। -रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। -इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। -वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। -लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है। छह फरवरी को भूकंप ने मचाई थी तबाही बीती छह फरवरी को तुर्किये और पड़ोसी सीरिया में भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई थी। इसके एक-दो दिन बाद भी कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या 40 हज़ार से ज्यादा है।
स्वर्गीय वीरभद्र सिंह जी ने कहा था कि कांग्रेस सरकार को यदि किसी एक व्यक्ति के लिए भी डिवीज़न खोलना पड़ा तो हम खोलेंगे। साथ उन्होंने एक बात और भी कही थी कि प्राइमरी स्कूल तो बहुत जरूरी है, यदि एक बच्चे के लिए भी प्राइमरी स्कूल खोलना पड़ा तो खोलेंगे। वीरभद्र सिंह का मॉडल तो ऐसा था आज़ादी के बाद जब से कांग्रेस सत्ता में आई चम्बा पिछड़ता गया। जो भी खामियाज़ा चम्बा के लोगों ने भुगता है, उसका कारण कांग्रेस है चुराह विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज उन नेताओं में से है जो हमेशा चर्चा में रहते है। अपनी आक्रामक कार्यशैली और बेबाक बयानों से हंसराज सुर्ख़ियों में भी रहते है और विरोधियों को घेरने में आगे भी। बेशक प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ हो लेकिन चुराह में हंसराज का राज जारी है। प्रदेश की सुक्खू सरकार को तीन माह से ज्यादा का वक्त बीत चुका है और नई सरकार का पहला बजट भी आ चुका है। नई सरकार के अब तक के कामकाज और विपक्ष की भूमिका सहित कई मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने हंसराज से विशेष बातचीत की। हंसराज ने डी नोटिफाई के मुद्दे पर वीरभद्र सिंह मॉडल का हवाल देकर सरकार को आईना दिखाया और जनमंच के पक्ष में भी मजबूती से अपनी बात रखी। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश सवाल : हंस राज जी कांग्रेस सरकार ने अपना बजट पेश किया है। इस बजट को लेकर क्या संक्षिप्त में क्या कहना चाहेंगे ? जवाब : कांग्रेस अपने बजट को कह रही है कि यह व्यवस्था है, लेकिन यह सम्पूर्ण रूप से अव्यवस्था है। सवाल : डिनोटिफिकेशन किए गए संस्थानों की बात आपने सदन में रखी थी। आपके क्षेत्र में कई विद्युत सब डिवीज़न और कई संस्थानों को बंद किया गया है। आप लगातार यह कह रहे है कि यदि सरकार ने इन संस्थानों को सुचारु रूप से नहीं चलाया तो आप आमरण अनशन करेंगे। क्या कहना चाहेंगे आप ? सवाल : देखिए हमने अपने सारे विषय रख दिए है और एक विषय में हमारी जीत भी हुई है। विधायक निधि को लेकर जो बिलकुल ही मुकरे हुए थे, उन्होंने बजट में कह दिया कि हम इसको दस लाख बढ़ा भी देंगे। अब रही संस्थानों की बात तो हमने अभिभाषण में चर्चा में भाग लेते हुई कहा था कि चाहे विद्युत सब डिवीज़न की बात हो, कॉलेज या अन्य संस्थान, जनहित में बंद नहीं होने चाहिए और हम इन्हे खुलवाकर मानेंगे। सदन में मैंने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह जी का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार को यदि किसी एक व्यक्ति के लिए भी डिवीज़न खोलना पड़ा तो हम खोलेंगे। साथ उन्होंने एक बात और भी कही थी कि प्राइमरी स्कूल तो बहुत जरूरी है, यदि एक बच्चे के लिए भी प्राइमरी स्कूल खोलना पड़ा तो खोलेंगे। वीरभद्र सिंह का मॉडल तो ऐसा था। उन्होंने डलहौजी में एक ही नोफिकशन में दो कॉलेज खोले थे और अब उस विधानसभा क्षेत्र में चार कॉलेज है और हमारे विधानसभा क्षेत्र में एक ही कॉलेज है। क्षेत्रफल के लिहाज से देखा जाए तो लाहौल स्पीति, भरमौर, पांगी के बाद चुराह सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है और एक तरफ जम्मू और लाहौल स्पीति की साथ लगता है और दूसरी साइड पंजाब पठानकोट से लगता है। हमने कहा कि जो बेसिक चीज़े चाहिए वो चुराह को मिले। आजादी के 76 सालो में लगभग 55 से 60 से तक कांग्रेस ने हिमाचल में राज़ किया है और यदि आज चुराह विधानसभा पिछड़ा रह गया है तो उसका कारण कांग्रेस सरकार है। अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस क्षेत्र को उठाने की कोशिश की है तो कांग्रेस के पेट में क्यों दर्द हो रही है। सवाल : जनजातीय क्षेत्रों जैसे चम्बा या लाहौल स्पीति के लिए विशेष पैकेज की बात भी आपने की। पांच साल हिमाचल में भी और केंद्र में भी भाजपा की सरकार रही है, उस समय इन इलाकों के लिए यह पैकेज क्यों नहीं लाए गए। जवाब : हिंदुस्तान आज़ाद होने से पहले कोलकाता में लाइट होती और चम्बा में लाइट होती थी। हमारे राजा लोग इतने प्रबुद्ध और एडवांस सोच के थे। हिंदुस्तान जब आज़ाद हुआ तो अन्य राज्यों की मांग होने लगी। डॉ वाईएस परमार और उनके साथियो की मेहनत से आज हम हिमाचल में है, वरना हमे तो पंजाब में डाला जा रहा था। हमने हिमाचल में रहने की वकालत की और जिन जिलों ने हिमाचल का निर्माण किया है उन जिलों में सबसे पहला जिला चम्बा था। आज पाकिस्तान में जो लाहौर है, हमसे हमसे नज़दीक था। उस दौर में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोग चम्बा में थे। फिर आज़ादी के बाद जब से कांग्रेस सत्ता में आई चम्बा पिछड़ता गया। जो भी खामियाज़ा चम्बा के लोगों ने भुगता है, उसका कारण कांग्रेस है। सवाल : आप सवाल को घुमा गए हंसराज जी। चलिए अगले सवाल पर आते है। भाजपा बार-बार यह कह रही है की जो कांग्रेस ग्रीन एनर्जी की पहल अपने बजट में लाई है वो पूरा केंद्र सरकार से कॉपी पेस्ट किया गया है। पर कांग्रेस का यह कहना है कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तब इस प्रोजेक्ट को क्यों नहीं लाया गया, उस समय भाजपा कहाँ सोई हुई थी। जवाब : आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी में पूरे देश को ग्रीन कहा है, तो उसमें हिमाचल भी आता है। इसमें कहाँ एक्स्ट्रा करने की जरूरत है। उसमे फंडिंग की भी व्यवस्था की गई है। ये लोग भूल गए है कि प्रोफ़ेसर प्रेम कुमार धूमल जी जब सीएम थे तब प्लाटिक उन्होंने ही बैन किया था। ग्रीन सैस की अगर बात की जाए तो वह प्रेम कुमार धूमल जी के टाइम से ही शुरू कर दिया गया था, इनको कुछ नया नहीं करना है। हम लोग तो पहले से ही ग्रीन थे। बल्कि जैसा रणधीर जी ने सदन में अपने वक्तव्य में कहा कि यहाँ लकड़ी चोर भी हुई है, इसके चलते भी तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री बदले गए। ये है कांग्रेस का असली चेहरा। सवाल : बजट सत्र में जनमंच को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस कह रही है कि यह लंच मंच है और एक मंत्री ने यह भी कहा कि झंड मंच भी है।इसको लेकर आपका क्या कहना है। जवाब : जनमंच एक बेहतरीन व्यवस्था थी। प्रदेश में जब भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तो लोगों के प्रति उत्तरदायी सरकार रही है। हम वह पहले लोग हैं जो सरकार बनने के बाद सीधा जनता के पास जाकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं कि कैसे समस्या का हल किया जाए। इनको जनमंच का परिभाषा नहीं पता है। मैं शुरू से देखता आया हूं कि यह लोग टाइम पास करते हैं। पांचवे साल इनको याद आता है कि कुछ करना है। चुनावी महीनों में ज्यादा चलते है ये लोग। मैंने खुद 17 जनमंच होस्ट किए है, सिरमौर से लेकर किन्नौर तक गया हूँ। जनमंच से लाखों मुद्दे हल हुए है और तो क्या बुरा होता था। इस पर खर्च हुआ पांच सालों में सिर्फ पांच करोड़। लाखों जनसमस्याएं हल हुई है सरकार जनता के दर पर गई है, बताइये इसमें क्या हर्ज था।
प्रदेश की सुक्खू सरकार पर जन अपेक्षाओं का बोझ भी है और संसाधनों का अभाव भी। ऐसे में सिमित आय और बढ़ते व्यय के बीच प्रदेश सरकार के सामने कर्ज ही एकमात्र विकल्प है। चालु वित्त वर्ष 2022 -23 समाप्त होने से पहले राज्य सरकार अब 1700 करोड़ का ऋण लेगी। ये ऋण दो मदो में क्रमश 1000 करोड़ और 700 करोड़ रुपये ली जाएगी। 1000 करोड़ 15 वर्ष के लिए और 700 करोड़ 9 वर्ष के लिए लिए जायेंगे। विदित रहे कि वर्त्तमान सुक्खू सरकार इससे पहले भी 1500 करोड़ का ऋण ले चुकी है। मौजूदा सरकार का ऋण अब बढ़कर 3200 करोड़ हो जायेगा। वहीँ वर्तमान सरकार के अनुसार पूर्व की जयराम सरकार से उसे विरासत में करीब 75000 का करोड़ का ऋण और करीब 11000 करोड़ की देनदारियां मिली है। यानी प्रदेश की आर्थिक स्थिति दुरुस्त नहीं है। हिमाचल में प्रति व्यक्ति कर्ज करीब 93 हज़ार रुपये जा पहुंचा है, जो सुखद स्थिति नहीं है। आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस : उधर सुक्खू सरकार राज्य की आय बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। सरकार पन विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने जा रही है जिससे करीब चार हज़ार करोड़ की आय बढ़ेगी। इसके अलावा नई आबकारी नीति से भी सरकार को करीब 2800 करोड़ ज्यादा राजस्व की उम्मीद है। खनन और सरप्लस बिजली बेचकर भी सरकार आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है। वहीँ सार्वजानिक क्षेत्र के उपक्रमों का घाटा भी करीब पांच हज़ार करोड़ है और जानकार मान रहे है कि इस दिशा में सुक्खू सरकार जल्द अहम फैसले ले सकती है।
प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा 6 संसदीय सचिवों की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। पीपल फॉर रेस्पोंसिबल गवर्नेंस द्वारा दायर याचिका पर 21 अप्रैल को सुनवाई होगी। इसमें सभी 6 संसदीय सचिवों को प्रतिवादी बनाने की मांग भी की गई है। आपरोप लगाया गया है कि सभी संसदीय सचिव लाभ के पद पर तैनात है और इन्हें प्रतिमाह दो लाख से अधिक वेतन और भत्ते के तौर पर अदा किया जाता है। याचिका में हिमाचल संसदीय सचिव ( नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां, विशेषाधिकार और सुविधाएं) अधिनियम, 2006 को निरस्त करने कि गुहार भी लगाई गई है। विदित रहे कि प्रदेश कि सुक्खू सरकार ने 6 संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है। इनमे अर्की विधायक संजय अवस्थी, दून विधायक राम कुमार चौधरी, रोहड़ू विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, कुल्लू विधायक सुन्दर ठाकुर, बैजनाथ विधायक किशोरी लाल और पालमपुर विधायक आशीष बुटेल शामिल है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने भी इस मुड़े पर सरकार को घेरा है।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। उनके महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे केंद्र के करीब 47. 58 लाख कर्मचारी और 69.76 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। हालांकि इससे सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष करीब 13 हज़ार करोड़ का बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय कर्मचारियों को अब नई दर से महंगाई भत्ता उनकी सैलरी के साथ मिलेगा। हालांकि, इसे अभी कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी उसके बाद ही इसे क्रेडिट किया जाएगा, लेकिन, ये लागू 1 जनवरी 2023 से होगा।
चार राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद हिमाचल भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप को बदले जाने को लेकर भी अटकलें तेज है। सुरेश कश्यप का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और उन्हें एक्सटेंशन मिलता है या उनकी विदाई होती है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस बीच बीते दिनों भाजपा ने चार राज्यों बिहार, दिल्ली, राजस्थान और ओडिशा में प्रदेश अध्यक्ष बदले है। राजस्थान में सांसद सीपी जोशी, बिहार में एमएलसी सम्राट चौधरी, दिल्ली में वीरेंद्र सचदेवा और ओडिशा में पूर्व मंत्री मनमोहन सामल को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि संगठन के बीच खींचतान को खत्म करने के लिहाज़ से भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ये फैसला लिया है। ऐसे में माहिर मान रहे है कि अन्य राज्यों की तरह ही हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा संगठन का मुखिया बदल सकती है। बहरहाल कयासों का सिलसिला जारी है कि क्या सुरेश कश्यप के कार्यकाल को विस्तार मिलेगा या फिर प्रदेश भाजपा की बागडोर किसी नए चेहरे को सौंप दी जाएगी। यूँ तो बतौर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का कार्यकाल हमेशा ही सवालों के घेरे में रहा है। बीते विधानसभा चुनावों में भी खराब प्रदर्शन के कारण भाजपा के हाथों सत्ता चली गई। तब भाजपा की हार का एक बड़ा कारण लचर संगठन माना गया। इससे पहले 2021 के अंत में हुए एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त मिली थी। ऐसे में बतौर अध्यक्ष सुरेश कश्यप के एक्सटेंशन की राह मुश्किल दिख रही है। जून 2020 में डॉ राजीव बिंदल के स्थान पर सुरेश कश्यप को नया अध्यक्ष बनाया गया था। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ साथ सुरेश कश्यप शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद भी है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का करीबी माना जाता है और उनकी नियुक्ति के पीछे भी ये ही बड़ा कारण माना जाता है। पर क्या अब सत्ता परिवर्तन के बाद भी कश्यप को एक्सटेंशन मिलेगा, ये देखना रोचक होगा। दरअसल बीते विधानसभा चुनाव में न सिर्फ बतौर अध्यक्ष कश्यप की परफॉरमेंस पर सवाल उठे है बल्कि उनके अपने संसदीय क्ष्रेत्र शिमला में भी भाजपा सबसे ज्यादा पिछड़ी है। शिमला संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ तीन सीटों पर भाजपा को जीत मिली है। ये ही कारण है कि कश्यप की डगर फिलवक्त मुश्किल है। टॉप टू बॉटम संगठन मेकओवर जरूरी ! 2024 लोकसभा चुनाव में 2014 और 2019 जैसा प्रदर्शन दोहराने के लिए भाजपा को निसंदेह एड़ी चोटी का ज़ोर लगाना होगा। लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में शिमला नगर निगम चुनाव भी होने है। ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल को बढ़ाती भी है तो संगठन को मजबूत करना सुरेश कश्यप के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। माहिर मानते है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाजपा को टॉप टू बॉटम संगठन मेकओवर की जरुरत है।
विपक्ष में आते ही हिमाचल भाजपा ने तेवर के जेवर पहन लिए है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा आक्रामक है और हर छोटे बड़े मुद्दे पर लगातार प्रदेश की सुक्खू सरकार को घेर रही है। डी नोटिफाई का मुद्दा हो या विधायक निधि का मसला, भाजपा आक्रमक है और निसंदेह पार्टी सुक्खू सरकार को सेटल होने का कोई मौका नहीं देना चाहती। यानी सुक्खू सरकार के पास चूक की कोई गुंजाईश नहीं है। मौजूद बजट सत्र में भी भाजपा बेहद आक्रमक है। कभी विपक्षी विधायक नई सरकार को प्रदेश के विकास पर लगा ग्रहण बताते है, तो कभी इसे जुमलों की सरकार बताते है। एक दिन तो भाजपा विधायक चेन-ताले लेकर विधानसभा कैंपस के भीतर तक पहुंच गए थे। सुक्खू सरकार को लॉक गवर्नमेंट की उपाधि दे दी गई है और आए दिन सदन में गहमागहमी और वाकआउट का दौर भी जारी है। सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली हो, ऐसे कम ही दिन है। सदन के भीतर भी भाजपा लगातार सरकार को घेर रही है और सदन के बाहर भी। भाजपा हर उस मुद्दे को उठा रही है जो प्रदेश में तीन महीने पहले आई सरकार के खिलाफ भुनाए जा सकते हो। उधर भाजपा के फ्रंट फेस नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ही है। अलबत्ता जयराम ठाकुर खुद बेहद आक्रमक तरीके से आगे बढ़ रहे है लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में पार्टी संगठन अब भी लचर दिख रहा है। माहिर मानते है कि ऐसे में प्रदेश भाजपा को इस पर मंथन जरूर करना होगा।
देश की सबसे बुज़ुर्ग पार्टी कांग्रेस का बुरा दौर और बुरा होता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता या सीधे तौर पर कहें तो पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा, राहुल गांधी पूरी तरह घिर गए है। चार साल पुराने एक आपराधिक मानहानि में दो साल की सज़ा मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई। यही नहीं वर्तमान कानून के मुताबिक, राहुल गाँधी फिलहाल 2024 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे, हालांकि अगर ऊपरी अदालत से पूर्व कांग्रेस सांसद को राहत मिलती है तो यह स्थितियां बदल सकती हैं। मानहानि के जिस मामले में राहुल को सजा सुनाई गई, भाजपा उसे समग्र ओबीसी जाति का अपमान बता रही है। ये बात और है कि जिन नीरव मोदी का राहुल ने नाम लिया था, वे जैन हैं और ललित मोदी मारवाड़ी। वहीँ कांग्रेस इस पूरे मामले को साज़िश बता रही है, जबकि फ़ैसला कोर्ट का है दरअसल कोर्ट के द्वारा दो या दो साल से ज़्यादा की सजा मिलने के बाद जनप्रतिनिधित्व क़ानून के तहत सदस्यता समाप्त होना लाजमी है। हाँ, एक बात ज़रूर है कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होने से पूरी कांग्रेस में भूचाल आ गया है। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि देश के लड़खड़ाते विपक्ष के लिए भी ये एक बड़ा झटका है। अब कांग्रेस की राजनीतिक विरासत को सँभालते गाँधी परिवार पर सुलगी आग के इस ताप से कांग्रेस पिघलती है या तप कर और निखरती है, फिलवक्त ये सबसे बड़ा सवाल है। सवाल ये भी है कि 2024 से पहले विपक्षी दलों के होने की संभावना पर अब क्या असर होगा ? इस वक्त भारतीय राजनीति के प्लेटफ़ॉर्म पर विपक्ष के लिए काली रात खड़ी दिखाई दे रही है। लगातार मज़बूत होती भारतीय जनता पार्टी के आगे मानो विपक्ष हांफने लगा हो। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी की लोकसभा सीट वायनाड में उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। अगर राहुल के पक्ष में फैसला आने से पहले उपचुनाव हो गया तो फिर उनका संसद में आना मुश्किल हो जाएगा। दो साल की सजा का समय और उसके बाद छह साल की अयोग्यता तक वे कोई चुनाव नहीं लड़ पाएँगे। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस की स्थिति और बदतर होगी। हालांकि कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ये भी है कि ये राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा अवसर है, जिसमें वे दुगनी- चौगुनी ताकत के साथ फिर सामने आ सकते हैं। एक वर्ग विशेह में कहीं न कहीं ये राय बन रही है यह फैसला लोकतंत्र के खिलाफ है और विरोधी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस मुद्दे को आंदोलन में बदला जा सकता है, जमीन से आवाज उठाकर आंदोलन को ईवीएम तक ले जाया जा सकता है। वैसे कांग्रेस के साथ कई बुनियादी समस्याएं है। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, अडानी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठा रही है और उन्हें लोगों से प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन कांग्रेस उस गति को बरकरार नहीं रख पाती। कांग्रेस उस आंदोलन को जिंदा नही रख पाती जो उसके सत्ता के रास्ते की दूरी कम कर सकता है। अब फिर कांग्रेस के पास एक मौका है। अतीत में झांके तो कांग्रेस ऐसी पार्टी भी रही है जो जन आंदोलन या जन भावनाओं के सैलाब पर सवार होकर सत्ता में आ जाए। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद ऐसा ही माहौल बना था और राजीव गांधी 400 से ज़्यादा सीटें लेकर जीते थे। मगर फिलवक्त कांग्रेस ऐसा जनसैलाब पैदा कर पाए, ये मुश्किल जरूर लगता है। वहीँ कुछ का मानना ये भी है यह कांग्रेस के लिए चेहरा बदलने का एक बढ़िया अवसर भी है। भाजपा के 'यश' में हमेशा राहुल गांधी का 'अपयश' एक हिस्सा रहा है। इसलिए अगर कांग्रेस सोच-समझकर आगे जाती है और नया चेहरा सामने लाती है, तो भाजपा के सामने भी चुनौती खड़ी हो सकती है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के साथ हुई यह कार्रवाई गांधी परिवार के साथ ऐसा पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 1978 में राहुल की दादी इंदिरा गांधी ने सदस्यता गंवाई थी और साल 2006 में उनकी मां सोनिया गांधी ने भी अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हालांकि इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी ने उपचुनाव में जीत हासिल करके सदन में एंट्री ले ली थी। ये है पूरा मामला : साल 2019 का ये मामला 'मोदी सरनेम' को लेकर राहुल गांधी की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने नीरव मोदी, ललित मोदी और अन्य का नाम लेते हुए कहा था, "कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है?" राहुल गांधी को जिस बयान के लिए दो साल की सज़ा हुई है वो उन्होंने साल 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिया था। उन्होंने कथित तौर पर ये कहा था, "इन सभी चोरों का उपनाम (सरनेम) मोदी क्यों है?" राहुल गांधी के इस बयान के खिलाफ बीजेपी नेता पूर्णेश मोदी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। पूर्णेश मोदी सूरत पश्चिमी से बीजेपी विधायक हैं और पेशे से वकील हैं। वह भूपेंद्र पटेल की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। पूर्णेश मोदी का आरोप था कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की है। इस मामले की सुनवाई सूरत की अदालत में हुई। राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज किया गया था। भारतीय दंड विधान की धारा 499 में आपराधिक मानहानि के मामलों में अधिकतम दो साल की सज़ा का प्रावधान है। क्यों गई राहुल गांधी की सदस्यता अनुच्छेद 102(1) और 191(1) के अनुसार अगर संसद या विधानसभा का कोई सदस्य, लाभ के किसी पद को लेता है, दिमाग़ी रूप से अस्वस्थ है, दिवालिया है या फिर वैध भारतीय नागरिक नहीं है तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। अयोग्यता का दूसरा नियम संविधान की दसवीं अनुसूची में है। इसमें दल-बदल के आधार पर सदस्यों को अयोग्य ठहराए जाने के प्रावधान हैं। इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत किसी सांसद या विधायक की सदस्यता जा सकती है। इस कानून के जरिए आपराधिक मामलों में सजा पाने वाले सांसद या विधायक की सदस्यता को रद्द करने का प्रावधान है।
जल्द ही नगर निगम शिमला के चुनाव होने है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अपने आप में बेहद खास हैं। भाजपा के सामने जहां शिमला नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीँ नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए ये साख का सवाल है। इसी तरह ये चुनाव सीपीआईएम के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का अवसर है, तो आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए भी अहम है। ऐसे में स्वाभाविक है कि शिमला नगर निगम चुनाव में जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा। यूँ तो शिमला नगर निगम के चुनाव जून 2022 से ड्यू थे, लेकिन पहले कोर्ट में डिलिमिटेशन का मामला विचाराधीन होने से समय पर चुनाव नहीं हो सके। अब कोर्ट से मामला क्लीयर हो गया है और इसे देखते हुए स्टेट इलेक्शन कमीशन ने निगम चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब कभी भी निगम चुनाव का औपचारिक ऐलान हो सकता है। मौजूदा राजनैतिक परिदृश्य की बात करें तो शिमला नगर निगम में 34 वार्ड है जो तीन निर्वाचन क्षेत्रों के अधीन आते है, शिमला शहरी, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण। विधानसभा चुनाव में इन तीनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस को शानदार जीत मिली है, तो भाजपा का सूपड़ा साफ हुआ है। यही नहीं विधानसभा चुनाव के दौरान शिमला नगर निगम के अधिकतम वार्डों से कांग्रेस को ही लीड प्राप्त हुई है। ज़ाहिर है भाजपा विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद शिमला नगर निगम में मिशन रिपीट का सपना पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाएगी। यहाँ ये भी जहन में रखना होगा कि बीते विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद कांग्रेस शिमला में पहले से ही मजबूत स्थिति में है। खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की राजनीतिक करियर की शुरुआत शिमला नगर निगम से हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नगर निगम शिमला में पार्षद रह चुके है और वे यहाँ की राजनीति को अच्छे से समझते है। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी शिमला में ही रहती है और यहाँ की राजनीति से बेहतरीन तरीके से वाकिफ है। उधर, सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस ने जिला शिमला को पूर्ण अधिमान दिया है। जिला शिमला से अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह और रोहित ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान को भी कैबिनेट रैंक से नवाजा गया है और रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। ऐसे में भाजपा और अन्य दलों के लिए शिमला नगर निगम की राह आसान नहीं होने वाली है। संभवतः पार्टी सिंबल पर होंगे चुनाव : शिमला नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर होंगे या नहीं, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि माहिर मान रहे है कि सुक्खू सरकार नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर करवा सकती है लेकिन बहरहाल औपचारिक ऐलान तक इन्तजार करना होगा।
पक्ष विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक और बदस्तूर जारी वाकआउट के बीच हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर आ पंहुचा है। सीएम सुक्खू का पहला बजट निश्चित तौर पर एक आशावादी बजट है लेकिन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए संसाधन कहाँ से आयंगे, ये बड़ा और सबसे अहम सवाल है। हालांकि सरकार ने कुछ व्यय कम करने और कुछ आय बढ़ाने को कदम जरूर बढ़ाये है,लेकिन बढ़ते कर्ज के बीच ये नाकाफी लगते है। बहरहाल सौ दिन पुरानी सुक्खू सरकार का दृष्टिकोण सकरात्मक है, ये जरूर कहा जा सकता है कि चुनौतियां भी बेशुमार है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ये विधानसभा का दूसरा सत्र है। इससे पहले जनवरी में धर्मशाला में हुआ शीतकालीन सत्र काफी हद तक औपचारिकताओं में गुजर गया था, बावजूद इसके तब भी विपक्ष में बैठी भाजपा के तेवरों का ट्रेलर दिख ही गया था। पर बजट सत्र में जैसी उम्मीद थी, भाजपा बिलकुल वैसी दिखी है। पूरी तरह आक्रामक। बहरहाल, बजट सत्र में अब तक कई अहम फैसले और घटनाक्रम हुए है, जो प्रदेश के लिए अहम है। एसएमसी शिक्षकों का मानदेय बढ़ने का फैसला हो, लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी या कांग्रेस के घोषणा पत्र को पूरा करने की प्रतिबद्धता को सदन में दोहराना, बजट सत्र कई लिहाजों से अब तक ख़ास रहा है। एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 प्रति माह बढ़ाया हिमाचल विधानसभा सदन में बजट पर हुई चर्चा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने मेरे विधानसभा हलके में कई संस्थान बंद किए थे। हकीकत कह रहे हैं तो विपक्ष घबरा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल लैंड सीलिंग एक्ट 1976 में संशोधन कर महिलाओं को परिवार की जमीन में हक मिलेगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि कंप्यूटर शिक्षकों की तर्ज पर 2555 एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 प्रति माह बढ़ाया गया है। यह मामला ध्यान में नहीं रहा। वर्तमान सरकार ने तीन माह में कुल 4300 करोड़ का ऋण उठाया है। उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी सरकार बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन के लिए जल्द स्थायी नीति बनाएगी। इस के लिए प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार के उपक्रम के साथ समझौता करेगी। इस दौरान सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में तीन साल में 2000 मेगावाट बिजली पैदा कर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। उन्होंने कहा कि शांगटांग बिजली प्रोजेक्ट का काम ठेकेदार ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है और इसे दो साल से पहले पूरा करेंगे और करीब 1700 करोड़ की धनराशि बचा पाएंगे। सरकार आठ माह में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करेगा। इसके अलावा उन्होंने शानन बिजली परियोजना की खत्म हो रहे लीज पर कहा कि इसे वापस लेने के लिए पंजाब सरकार को पत्र भेज रहे हैं। बिजली प्रोजेक्टों के समझौतों को लेकर समीक्षा करेंगे। सहायकों की होगी नियुक्ति: अनिरुद्ध राणा बजट सत्र के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अथाह कार्य और विकास की सम्भावना है। मनरेगा से न केवल विकास के कार्य हो रहे है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है, इसलिए मनरेगा योजना में कोई दिक्कत न आये इसके लिए सहायकों की नियुक्ति भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहायकों को काम आधारित रखा जाएगा। इससे प्रदेश में रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बजट में इसका प्रावधान किया है। कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा की ऑनलाइन हाजिरी के सरलीकरण का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी का अधिकार क्षेत्र केंद्र सरकार के पास है। लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में शुक्रवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में अहम फैंसले लिए गए है। इसके मद्देनजर राज्य कैबिनेट ने लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी दे दी है। अब हिमाचल में इंडस्ट्री लगाने और अन्य अधिकृत कार्य करने के लिए अब 99 नहीं, 40 साल के पट्टे पर ही जमीन मिलेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में विभिन्न श्रेणियों के हजारों पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल में फैसला लिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के उपक्रमों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए अब उद्योगों की तर्ज पर कोई लैंड सीलिंग नहीं रहेगी। प्रदेश में लैंड सीलिंग कानून के तहत 150 बीघा से ज्यादा जमीन नहीं ली जा सकती है। सोलर प्रोजेक्टों के लिए इसमें इन उप्रकमों को छूट दी जाएगी। कैबिनेट में यह चर्चा हुई कि पिछली सरकार के कार्यकाल में राज्य से बाहर के कई लोगों को 99 साल के लिए जमीन लीज पर दी गई, मगर कई बार इसका दुरुपयोग हुआ। कुछ मंत्रियों ने चहेतों को जमीन देने पर आपत्ति दर्ज कर इस निर्णय को उचित ठहराया है। आपात मेडिसिन विभाग में 48 पद भरे जाएंगे बजट सत्र के दौरान आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि अब क्लॉस थ्री एम्प्लाइज की भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग से होगी। इसमें यह फैसला लिया गया है कि मेडिकल कॉलेज नाहन, नेरचौक, हमीरपुर और चंबा में आपात मेडिसिन विभाग में 48 पद भरे जाएंगे। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग में चार पद भरे जाएंगे। बेटियों को भी पैतृक जमीन में यूनिट मानने के विधेयक को विधानसभा में पेश करने की भी स्वीकृति दे दी गई है। नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के मामले में मंजूरी दी गई। राहुल गाँधी के सदस्यता रद्द पर उबले कांग्रेसी कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि मामले में सूरत कोर्ट द्वारा 2 साल की सजा सुनाये जाने के बाद राजधानी शिमला में भी विधानसभा के बाहर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सहित सभी कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और लोगों के बीच यह पेश किया जा रहा है कि उन्होंने कोई गलत बयान दिया है जबकि रैलियों में अक्सर नेता एक दूसरे के साथ खिलाफ भाषण के माध्यम से आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं, लेकिन इस तरह से बदनाम करने की मंशा से किसी के खिलाफ मामला बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल राहुल गांधी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आज जनता की यदि कोई नेता आवाज उठा रहा है तो वह राहुल गांधी है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए और लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा की। उनके परिवार से दोनों प्रधानमंत्री बने और दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। सदन में गरमाया विधायकों की गाड़ियों के चालान का मामला हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में शुक्रवार को विधायकों की गाड़ियों के चालान का मामला गूंजा। पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत फतेहपुर से कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने इस मामले को सदन में उठाया। दरअसल, कुछ दिन पहले उनकी गाड़ी का शिमला के बालूगंज में चालान हुआ। भवानी पठानिया ने कहा कि चालान करने वाले पुलिस अधिकारी के वाहन पर डेजिगनेशन की नेम-प्लेट लगी थी, जिसके लिए वह खुद अधिकृत नहीं था। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि विधायकों की गरिमा को बचाए रखने के लिए जल्द सीनियर विधायकों की कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी विधायकों का मान-सम्मान बना रहे, इसे लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके लिए हाईकोर्ट के जज से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी गरिमा है। विधायक कड़ी मेहनत के बाद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचता हैं, उनका मान-सम्मान जरूरी है। इससे पहले भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि उनकी गाड़ी का चालान केवल मात्र फ्लैग-रोड होने की वजह से किया गया। उनके उठाए इस मुद्दे का कांग्रेस-भाजपा दोनों दलों के सदस्यों ने भी समर्थन किया । विपक्ष ने महिलाओं को ठगने का लगाया आरोप हिमाचल के मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर हुई चर्चा के बाद बीते वीरवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट पर जवाब देने लगे और महिलाओ को 1500 रूपये देने की बात कही। इस पर विपक्ष भड़क गया और हंगामा शुरू कर दिया और विपक्ष ने कांग्रेस सरकार द्वारा महिलाओं का अपमान करने और झूठ बोलने के आरोप लगाए। विपक्ष काफी देर तक सदन में नारेबाजी करते रहे और सदन से वाकआउट कर बाहर आकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में बार-बार प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही, लेकिन उन्हें यह उस समय सोचना था जब उन्होंने चुनावों के समय पर प्रदेश की जनता के साथ वादे किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में झूठ बोलने की सारी हदें पार कर ली है। चुनावों के समय कांग्रेस ने प्रदेश की 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 देने की बात कही थी लेकिन अब यह सरकार केवल दो लाख 31 हजार महिलाओ को 1500 देने की बात कर रहे है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी गारंटी पूरी कर ली है जबकि इन महिलाओं को पहले ही एक हजार रुपए की पेंशन दी जा रही है और उसी में 500 जोड़कर 1500 की गारंटी पूरी करने की बात मुख्यमंत्री कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार प्रदेश की महिलाओं को गुमराह करने का काम कर रही है और उनका अपमानित किया जा रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आउटसोर्स भर्तियों पर हुई तीखी नोकझोंक भाजपा सरकार के समय पूरे प्रदेश में आउटसोर्स पर की गईं भर्तियों पर बजट सत्र के नौवें दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जल शक्ति विभाग में सही नीति से पांच हजार आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में सरकाघाट के अधिशासी अभियंता ने पूरे प्रदेश में भर्ती के लिए टेंडर किया था। सराज और धर्मपुर में ऐसे लोग लगाए जो कभी नौकरी से निकले नहीं, जबकि अन्य क्षेत्रों में दिसंबर 2022 तक ही नियुक्तियां दी गईं। आउटसोर्स भर्तियों पर जब भाजपा विधायकों ने हंगामा किया तो उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को विपक्ष बखूबी जानता है। हर भाजपा विधायक जानता है कि कब क्या-क्या हुआ। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। भाजपा विधायक प्रकाश राणा, विपिन परमार और रणधीर शर्मा ने मामला उठाते हुए कहा कि आउटसोर्स पर रखे कर्मियों को निकाला जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। स्टाफ की कमी से योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या नई भर्तियों में सरकार पुराने स्टाफ को वरीयता देगी। उन्होंने इन कर्मियों को वेतन नहीं मिलने का मामला भी उठाया।
जॉइंट ग्रुप ऑफ़ कांगड़ा अमन के द्वारा माता के पांचवें नवरात्र पर भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा पंचरुखी मेन बाजार में लगाया गया। ग्रुप के सदस्यों से बातचीत करने पर अध्यक्ष प्यार चंद ने बताया कि यह ग्रुप जॉइंट वेलफेयर फाउंडेशन से जुड़ा है और ग्रुप का उद्देश्य हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ग्रुप के सभी सदस्य हर समय किसी भी तरह की आर्थिक और सामाजिक मदद के लिए तैयार रहते हैं। आज उन्होंने लगभग एक हजार लोगों को प्रसाद खिलाकर अन्न सेवा की है। इस सेवा कार्य में ग्रुप के सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसमें अध्यक्ष प्यार चंद, उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, ग्रुप एडमिन सीना देवी, ग्रुप फाइनेंस अधिकारी दीप कुमार, राजेश कुमार, संतोष कुमार, अश्विनी कुमार, रमन शर्मा, अश्विनी कपूर, लेखराज, विनोद कुमार, कुशल कुमार, कुसमा देवी, सत्य देवी, सतीश शर्मा, साहिल धीमान के साथ-साथ पंचरुखी बाजार के वरिष्ठ व्यापारी बृजेश अवस्थी, सुदर्शन अवस्थी अन्य शामिल रहे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक मुकदमे में 2 साल की सजा और उसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर एक के बाद एक आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की सीधे तौर पर हत्या करार दिया। रविवार को ऊना जिला मुख्यालय के एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह करते हुए मौन व्रत रखा। जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रंजीत राणा ने अध्यक्षता की। इस मौके पर उप मुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री विशेष रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इस सत्याग्रह आंदोलन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू और कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र भुट्टो ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। मौन व्रत के बाद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक सुदर्शन बबलू , दविंदर भुट्टो , जिला कांग्रेस अध्यक्ष रंजीत राणा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को तानाशाह सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि केवल मात्र विपक्ष को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन भाजपा का यह प्रयास कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता को रद्द करना लोकतंत्र की हत्या है और कांग्रेस ने सदैव लोकतंत्र का सम्मान और रक्षा की है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ इस कार्रवाई को लेकर भाजपा कोई भ्रम पाले बैठी है तो उसे यह जान लेना चाहिए कि गांधी हैं और गांधी न झुकते हैं न रुकते हैं और न ही पीछे हटते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई अन्याय पूर्ण कार्रवाई के विरोध में सड़क से संसद तक देशभर में विरोध है। भाजपा को आने वाले दिनों में यह कार्रवाई बेहद भारी पड़ने वाली है। इस अवसर पर कांग्रेसी नेता अविनाश कपिला, पवन ठाकुर, विजय डोगरा, सुरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र मनकोटिया, सतीश शर्मा, सतीश बिट्टू, डॉक्टर केआर आर्य, सुमन ठाकुर, सुरेखा राणा ,उर्मिला शर्मा,एसएन शुक्ला, सहित अन्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जन्म दिवस पर प्रदेश इंटक मुख्य सलाहकार संजय सिंह चौहान, चेयरमैन कारपोरेशन बैंक प्रदेश राज्य अध्यक्ष महिमन चंद्र के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। आज के दिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इसी श्रंखला में ओबीसी भवन नगरोटा बगंवा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें इंटक की महिला प्रदेशाध्यक्ष सारिका कटोच, इंटक ज़िला अध्यक्ष राजीव राना, इंटक ज़िला कार्यकारी अध्यक्ष सत्य प्रकाश शर्मा, महासचिव रवि सयाल एवं आईटी प्रदेशाध्यक्ष राहुल शर्मा के अलावा संजय भारद्वाज, बबली शर्मा और पूनम शर्मा उपस्थित रहे। यह रक्तदान शिविर बुद्धा चैरिटेबल ट्रस्ट कांगड़ा के सहयोग से आयोजित किया गया। इसके साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के द्वारा हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने का जो सपना देखा गया है, उसे साकार करने के लिए पौधारोपण भी किया गया। इंटक कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि सभागार प्रांगण में लगाए सभी पोधों का सुचारू रूप से ध्यान रखा जाएगा।
बीती रात को निरमंड उपमंडल के ऊंचाई वाले इलाकों सगोफा, बसवारी, जरोट, कटेर, बागा सराहन, ठारवी पांकवा में बर्फबारी होने से बागवानों के बगीचे की एंटी हेलनेट में बर्फ जमा होने से सेब के पेड़ों को भारी क्षति पहुंची है। बागवानों के बांस के डंडे टूटने से सेब के पेड़ों की टहनियों, सेंट्रल लीडर और बीमों को भारी क्षति पहुंची है। बागवान विकास ठाकुर, गोविंद, सचिन सहित कई बागवानों का कहना है कि बीती रात को करीब 2 इंच बर्फबारी होने से सेब के पेड़ों को भारी क्षति पहुंची है। कई पेड़ तो जड़ से उखड़ गए हैं। बागवानों का कहना है कि सरकार और विभाग नुकसान का जायजा ले और बागवानी को उचित मुआवजा दे।
हिमाचल प्रदेश में भाजपा ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के मटौर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी ने की, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सागर और राष्ट्रीय संयोजक आईटी एवं सोशल मीडिया बीजेपी से राहुल नागर बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद सागर रायका ने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ओबीसी समुदाय को चोर कह कर पूरे देश में ओबीसी समुदाय का अपमान किया है। उन्होंने कहा हिमाचल में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद प्रदेश न्यायपालिका द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के विरुद्ध दिए फैसले का विरोध करना तर्कसंगत नहीं है। सागर रायका ने कहा कांग्रेस डूबता जहाज है और पहले चुनाव जीतने पर ईवीएम को दोषी ठहराया करते हैं। अब कोर्ट से सजा मिलने पर न्यायपालिका पर उंगलियां उठाना उचित नहीं है। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी ने कहा भाजपा सरकार ने आजादी के लंबे अरसे बाद सत्ता पर होने दौरान ओबीसी समुदाय के करोड़ों रुपए के कर्ज माफ किए हैं। उन्होंने कहा प्रदेश मोर्चा कार्यसमिति की बैठक में पदाधिकारियों को चुनाव की जिम्मेदारियां सौंपी गई है इसके बाद जिला व मंडल स्तर पर बैठकों का आयोजन कर ओबीसी मोर्चा को सशक्त, बूथ स्तर पर मजबूत बनाया जाएगा।कांगड़ा से विधायक पवन काजल ने कहा ओबीसी वर्ग को एकजुट होकर अब आने वाले लोकसभा चुनावों की लड़ाई लड़नी होगी उन्होंने कहा जनता जानती है कि इस वर्ग का विकास किस नेतृत्व की अगुवाई में सुरक्षित है। काजल ने कहा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र ओबीसी बहुल क्षेत्र है और ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर ओबीसी समुदाय को गालियां निकालने वाले नेताओं को उनकी पार्टी को अब यहां से चुनाव लड़ने का कोई हक नहीं है। काजल ने कहा हिमाचल में कांग्रेस ने झूठ की राजनीति का सहारा लेकर सरकार बनाई है जो ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। उन्होंने कहा हिमाचल में आने वाले समय में भाजपा सत्तासीन होगी। कांग्रेस सरकार अपने भार व झूठे वायदों के भार से गिरना तय है। बैठक को पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक अरुण कूका, राकेश चौधरी, प्रदेश भाजपा सचिव विरेंद्र चौधरी ओबीसी मोर्चा प्रभारी तिलक राज, ओबीसी कमिशन के पूर्व अध्यक्ष रहे रामलोक धनोतिया ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बैठक में आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी पार्टी पदाधिकारियों को प्रदेश जिला और मंडल स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा अपनी आदत की मुताबिक राहुल गांधी ने आज भी प्रेस के माध्यम से उन्होंने गलत बयानबाजी कर देश को भटकाने की कोशिश की है। वह अपने आप को देश से बड़ा समझते हैं। अपने को संवैधानिक संस्थाओं से बड़ा समझते हैं, न्यायालय से और संसद से भी बड़ा समझते हैं। राहुल को सजा हुई है 2019 में दिए गए उनके भाषण पर, आज राहुल गांधी ने कहा कि मैं सोच समझ कर बोलता हूं, तो राहुल गांधी 2019 में जो बोले थे, वह सोच समझ कर बोले थे, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक में कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? आखिर राहुल गांधी के इस वक्तव्य का तात्पर्य क्या था? ‘मोदी’ सरनेम जाति सूचक शब्द है, जो देश के अति पिछड़े समाज से आते हैं। इस प्रकार, राहुल ने अति पिछड़े समाज का अपमान किया था, उन्हें आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन गाली देने का नहीं। राहुल गांधी ने ‘मोदी’ सरनेम पर अपशब्द कहा, तो क्या उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए ? यदि राहुल गांधी सोचते हैं कि किसी को भी गाली देने और अपमानित करने का उन्हें अधिकार है, तो उनकी गाली से पीड़ित व्यक्ति को भी मानहानि का मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है। भारतीय दंड संहिता के अनुसार, कोई भी व्यक्ति यदि किसी संगठन या किसी व्यक्ति विशेष को गाली देता या अपमानजनक शब्द कहता है, तो पीड़ित व्यक्ति या संस्था द्वारा उसके खिलाफ मानहानी का मुकदमा दायर करने का अधिकार होता है। क्या कांग्रेस पार्टी को इस कानून से भी परेशानी है? जहां तक राहुल गांधी की सदस्यता जाने की बात है, जनप्रतिनिधि कानून पर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने लिलि थॉमस केस में बहुत स्पष्ट आर्डर दिया है कि यदि दो साल की सजा हुई और दोष सिद्ध होने के बाद उसके ऊपर रोक नहीं लगी, तो जनप्रतिनिधि की सदस्यता खत्म हो जाती है। लोकसभा में केवल इसकी पुष्टि होनी थी।
रविवार को जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा में कक्षा नर्सरी से 11वीं तक का परिणाम घोषित किया गया। परिणाम के दिन स्कूल की चेयरपर्सन नीना पाहवा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। स्कूल पहुंचने पर स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील कांत चड्ढा ने उनका पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरूआत चेयरपर्सन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के आगे द्वीप प्रज्वलित करके की गई। इसके उपरांत प्रधानाचार्य सुनील कांत चड्ढा ने स्कूल का परिणाम घोषित किया और स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमारा स्कूल कांगड़ा का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के अग्रणी स्कूलों में से एक है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी भयंकर बीमारी के समय निजी स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण था लेकिन ऑनलाइन शिक्षा सभी के लिए एक नया अनुभव था।हमारे बच्चों ने बिना किसी कोचिंग के नीट व जेईई परीक्षा में मेरिट के आधार पर एमबीबीएस व इंजीनियरिंग में दाखिला लिया।नीट के 14 व जेईई के 16 छात्रों को सम्मानित किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने वाले 4 छात्रों व सी ए के 2छात्रों को चेयरपर्सन ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी स्कूल के बच्चों ने काफी मेहनत की जिससे की स्कूल का परिणाम शानदार रहा। चेयरपर्सन नीना पाहवा ने इस उपलब्धि के लिए स्कूल स्टाफ, विधार्थियों तथा उनके अभिभावकों को बधाई दी। कहा कि हमारे पास ऐसा स्टाफ है जो कि हमारी बैकबॉन है, जिसके जरिए हम खड़े हैं। हमारा जो स्टाफ है वो काफी मेहनती है, जो कि आज बच्चों के परिणाम से देखा जा सकता है और जहां हमारे स्कूल के विद्यार्थियों की बात है तो उन्होने हर वर्गों में स्कूल स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है। उन्होने कहा कि मुझे यह बात बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमारे स्कूल को स्वच्छता के मामले में डीसी कांगड़ा ने जिला का स्वच्छ स्कूल अवार्ड से सम्मानित किया है। इस अवसर पर स्कूल के ट्रस्टी अजय वालिया, स्वर्ण शर्मा, अमन गुलेरिया, सचिन चड्डा, अनुपम शर्मा व वीआरसी रविंद्र विषेश रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत ठाकुरद्बारा करियाड़ा में बधाई मांगने वाले किन्नर समुदाय कि लिए बधाई राशि निर्धारित कर दी गई है। अब अगर किन्नर समुदाय इस राशि से अधिक की मांग करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत प्रधान लीला देवी ने कहा कि ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर ठाकुरद्बारा ग्राम पंचायत के तमाम क्षेत्र में किन्नर समुदाय कि लिए अब 1100 से 2100 रुपये तक बधाई राशि निर्धारित की गई है। अगर इससे ज्यादा बधाई लेने की कोई भी किन्नर जिद्द करता है तो पंचायत उस पर सख्त कार्रवाई करेगी। इसकी शिकायत एसडीएम और डीएसपी से भी की जाएगी। प्रस्ताव की प्रतिलिपि एसडीएम देहरा, डीएसपी व जिलाधीश कांगडा के ध्यानार्थ भेजी गई है। प्रधान लीला देवी, उप प्रधान राजीव कुमार, सुलेखा चौधरी आदि ने बताया कि इलाके में शादी हो या फिर बेटे का जन्म किन्नर समुदाय के लोग वहां जाकर 11 या 21 हजार रुपये से ज्यादा बधाई ऱाशि लेने की जिद्द पर अड़ जाते हैं। ये गरीब परिवारों को भी नहीं देखते। ये लोग उस वक़्त तक वहां से नहीं हिलते, जब तक उन्हें मुंह मांगी बधाई नहीं मिल जाती। हर ग्रामीण इनसे परेशान हो चुका है। अब अगर निर्धारित की गई बधाई राशि से ज्यादा बधाई लेने की अगर ये लोग जिद्द करते हैं तो पंचायत कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।
हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बसी पर्यटन नगरी कसौली के साथ लगते गड़खल कस्बे में भारी जाम की समस्या के बारे में आए दिन बात चलती रहती है। यहां जाम लगने का मुख्य कारण गड़खल चौक है। यह चौक 5 रास्तों को जोड़ने वाला चौक है। यहां तंग रोड होने के कारण गाड़ियां फंस जाती हैं, जिस कारण जाम लग जाता है। गड़खल को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर का प्लान भी बनाया गया है, जिसका कार्य कुछ समय में शुरू होना है। गड़खल चौकी के पुलिस कर्मचारी भी जाम को खुलवाने में पूरी ताकत लगा देते हैं, जिसके चलते जाम को खोल भी दिया जाता है। वहीँ, साथ लगते रमाडा होटल के मुख्य गेट के पास रोड तंग होने के कारण वाहनों को जगह न मिलने के कारण भी जाम की समस्या पैदा हो जाती है। साथ ही कसौली में पर्यटको की भी भारी आवाजाही है, जिस कारण भी जाम की स्थिति बन जाती है।
पट्टाबरावरी के प्राचीन दुर्गामाता मंदिर में मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। नवरात्रों के उपलक्ष्य में करवाई जा रही इस 8 दिवसीय कथा को कथावाचक आचार्य हितेंद्र शर्मा शास्त्री अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को सुना रहे हैं। तीसरे दिन कथा वाचक ने लोगों को बताया कि भगवान इस धरती पर अलग-अलग रूपों में अवतार लेते हैं। कभी राम तो कभी श्याम बनकर अनेक लीलाएं करते हैं। इस धरती पर भगवान के तीन धाम हैं और भगवान इन तीनों धामों में आते हैं। प्रलय भी हो जाए तो भी ये धाम हमेशा बने रहते हैं। पहला धाम मथुरा धाम है, जहां भगवान ने जन्म लिया। दूसरा धाम वृंदावन है, जहां भगवान ने अपनी जवानी बिताई व अनेकों लीलाएं कीं। तीसरा धाम द्वारिका धाम है, जहां भगवान ने अपना वैवाहिक जीवन व बुढापा बिताया। भगवान जब भी आते हैं, इन्हीं धामों में लीलाएं करते हैं। तीसरे दिन कथा सुनने वालों में मंदिर कमेटी अध्यक्ष राम कौशल, भूपेंद्र, सुखराम, जगदीश, राम चंद, सोहन लाल, हंसराज, मदन लाल, राकेश, योगराज, गोपाल दास आदि शामिल रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को उनके 59वें जन्मदिन की बधाई देने के लिए विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया उनके निजी निवास ओक ओवर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी और भगवान से उनकी दीर्घ आयु की प्रार्थना की।
डीएलएड प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में शरण कॉलेज घुरकड़ी का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुमन शर्मा ने बताया कि समस्त शरण परिवार के लिए आज अत्यंत हर्ष का विषय है कि डीएलएड प्रथम और द्वितीय वर्ष की सभी प्रशिक्षु छात्राएं बहुत ही अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हुई हैं। डीएलएड प्रथम वर्ष से निकिता शर्मा ने 1022/1200 अंक लेकर प्रथम, रितिका ठाकुर ने 1014/1200 अंक लेकर द्वितीय व अनामिका ने 1013/1200 अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीँ डीएलएड द्वितीय वर्ष की भवानी जमब्याल ने 1972/2200 अंक लेकर प्रथम, वंदना ने 1839/2200 अंक लेकर द्वितीय तथा रितिका चौधरी ने 1819/2200 अंक लेकर तृतीय स्थान हासिल किया है। सभी छात्राओं का परिणाम भी बहुत शानदार रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल ने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी शिक्षकों, छात्राओं एवं अभिवावकों को बधाई दी है। साथ ही सभी छात्राओं की काफी सराहना भी की। उन्होंने छात्राओं की कामयाबी का पूरा श्रेय अध्यापकों, मेहनती छात्राओं तथा अभिभावकों को दिया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 59वें जन्मदिन के उपलक्ष में आज हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नेतृत्व में विधानसभा कार्यालय में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सबसे पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की दीर्घायु व अच्छे स्वास्थ्य के लिए हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद केक काटा गया और मुख्यमंत्री के जन्मदिन को सेलिब्रेट किया गया। इस शुभ दिन के अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें के सभी कांग्रेसियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और 59 रक्त यूनिट इकट्ठा किया। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हम सब कांग्रेस कार्यकर्ता मिलकर जन्मदिन की बधाई देते हैं व भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे अपनी दूरदर्शी सोच और व्यवस्था परिवर्तन के दृढ़ संकल्प को बढ़ाते हुए इस प्रदेश को उन्नति के रास्ते पर ले जाएं। इस मौके पर सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मिलकर मुख्यमंत्री के साथ इस व्यवस्था परिवर्तन में भागीदार बनाने की शपथ ली।
कुनिहार के साथ लगती जाडली पंचायत के गांव रायपुर बोकरा का बाबूराम पुत्र सीताराम 13 साल की उम्र में घर छोड़कर चला गया था, जो 40 साल बाद परिजनों को वृंदावन में मिला है। उसे देखकर परिजन बहुत खुश हुए। बाबूराम के जीजा राम चंद पाल ने बताया कि बाबूराम जब आठवीं कक्षा में कोटी स्कूल में पढ़ता था तो स्कूल में बच्चों के साथ किसी बात को लेकर उसका झगड़ा हो गया। घर में मार पड़ने के डर के कारण बाबूराम घर ही नहीं गया। उस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी। परिजनों ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। कुछ सालों बाद परिजनों ने उसके मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी। वहीँ, कुछ समय पहले क्षेत्र से वृंदावन यात्रा पर गए लोगों ने उसे वृंदावन में देखा और उससे बात करनी चाही, पर वह बात नहीं कर रहा था। जब उन्होंने उसे बताया कि उसकी मां की मृत्यु हो गई है तो वह रोने लगा। इस पर उन्हें यकीन हो गया कि यह बाबूराम ही है। जब इन लोगो ने वापस आकर उसके परिवार वालों को यह बात बताई तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना न रहा। पता लगते ही बाबूराम के भाई अमर सिंह, मुंशीराम व बहन ललिता पाल वृंदावन के लिए निकल पड़े और वहां अपने 40 साल पहले बिछुड़े भाई से मिलकर बहुत खुश हुए। बाबूराम वृंदावन में सन्यासी का जीवन व्यतीत कर रहा है। उसने बताया कि वह वहां बहुत आनन्द में है और घर आने का उसका कोई विचार नही है।
जिला कुल्लू के निरमंड में जब से आईटीआई खुली है, तब से आज तक इलेक्ट्रीशन ट्रेड के अनुदेशक पद का सृजन नहीं हुआ है। सन 2007 में निरमंड में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की थी। 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इलेक्ट्रिशियन का ट्रेड तो शुरू कर दिया, परंतु इस ट्रेड के अनुदेशक का पद सृजन करना भूल गई। 2011 से लेकर आज तक इस ट्रेड के 200 प्रशिक्षु उत्तीर्ण हो चुके हैं, जबकि 40 प्रशिक्षुओं के वर्ष 2022-23 व वर्ष 2022-24 के दो सत्र अभी चालू हैं। इस ट्रेड के अनुदेशक का पद सृजित नहीं होने से लोगों में भारी रोष है। निरमंडवासी ने बताया कि इतने महत्त्वपूर्ण ट्रेड की पोस्ट सृजित न करना छात्रों के साथ खिलवाड़ है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से यहां पर इलेक्ट्रिशियन ट्रेड का पद शीघ्र सृजन करने की मांग की है।
NIT हमीरपुर में शनिवार देर रात छात्रों में जबरदस्त भिड़ंत हुई। मारपीट की यह घटना एडमिन ब्लॉक के ठीक सामने सेंट्रल ब्लॉक में हुई। जहां पर काफी संख्या में स्टूडेंट्स रॉड और पत्थरों से एक-दूसरे को पीटते हुए नजर आए। मारपीट की यह घटना करीब 11 बजे तक जारी रही। इस घटना में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं। मारपीट क्यों हुई अभी तक इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद हॉस्टल के बाहर सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर दी गई थी। NIT में जिस तरह से आधी रात को मारपीट हुई है, उससे संस्थान में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी निश्चित रूप से सवाल खड़े हुए हैं।
शूलिनी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल shamti के छात्रों ने कमाल कर दिखाया है। स्कूल ने नुक्कड़ नाटक, बेस्ट ऑफ़ वेस्ट और ओपन माइक स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीँ, स्कूल भाषण प्रितियोगिता में प्रथम रनरउप रहा है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से स्कूल के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक काफी खुश हैं।
कांगड़ा हवाई अड्डे पर इंडिगो एयरलाइंस के कार्यालय और काउंटर का उद्घाटन एयरपोर्ट के वायु यातायात प्रबंधन ब सहायक महाप्रबंधक अमित सकलानी तथा वरिष्ठ प्रबंधक शैलेश कुमार सिंह ने रिब्बन काट कर किया। इस मौके पर इंडिगो एयरलाइंस की क्षेत्रीय प्रमुख मैडम सबा जैदी, स्टेशन मैनेजर, अमित रुहेला, मुरुगेशन एसोसिएट निदेशक धानिश व अन्य कर्मचारी उपस्थिति रहे। शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि 72 सीटर का इंडिगो एयरलाइंस का विमान कल कांगड़ा हवाई अड्डे पर सुबह 8:25 पर उतरेगा तथा 8 बजकर 45 मिनट पर यह दिल्ली के लिए रवाना होगा। यही विमान दिल्ली से देहरादून के लिए उड़ान भरेगा और 12:35 पर देहरादून पहुंचेगा और 12:55 पर देहरादून से उड़ान भरेगा और सीधा दिल्ली पहुंचेगा शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही इंडिगो एयरलाइंस की 2 और उड़ानें गग्गल एयरपोर्ट पर दस्तक देंगी, जिनका शेड्यूल भी इंडिगो के कार्यालय में पहुंच गया है। बता दें कि इस समय गगल में तीन ही विमान अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें से दो स्पाइसजेट और एक एयर इंडिया का विमान है। अब कुल मिलाकर विमानों की संख्या चार हो जाएगी। देखा जाए तो सबसे कम किराया धर्मशाला से दिल्ली का सिर्फ इंडिगो विमान का ही है, जो चार हजार के लगभग होगा।
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश (आईयूएचपी) ने आज अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाया। समारोह अटल शिक्षा कुंज, कालूझिंडा, बद्दी में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग (एचपी-पीईआरसी) के अध्यक्ष मेजर जनरल अतुल कौशिक एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि रहे। प्रो. टी तिरुपति राव, आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति और मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, मिजोरम के कुलाधिपति प्रो. वाईआर हरगोपाल रेड्डी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के दौरान, वर्ष 2021-22 में आईसीएफएआई से स्नातक करने वाले 201 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। वर्ष 2016-2022 से स्नातक करने वाले टॉपरों को रजत और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। जिन कार्यक्रमों के लिए डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशव शर्मा ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, आईसीएफएआई सोसाइटी, एक गैर-लाभकारी शैक्षिक सोसायटी है और स्वर्गीय एनजे यशस्वी द्वारा स्थापित की गई थी। प्रो. केशव शर्मा ने मीडिया को बताया कि आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश वर्तमान में 34 पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एम के सोनी ने दीक्षांत समारोह के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इंदौरा उपमंडल की ग्राम पंचायत चनौर के साईं तकिया मंदिर में तीन दिवसीय मेला हर बार की तरह इस बार भी बडे मनाया गया, जिसमें पहले रजा हीर द्वारा कव्वालियों से समा बांधा गया। उन्होंने 'झोली उम्मीदां दी नहीं रंहदी खाली' से शुरुआत की। उसके बाद टुट के चांहु तुझको ख्वाजा जान लुटांऊ तुझपे ख्वाजा इत्यादि कव्वालियों से लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय गायक कमल खान ने साईं की कव्वालियों से समा बांधा। अली अली कहंणदे सु , अल्लाह अल्लाह कर सोंणेया, झोलियाँ मुरादा वाली भर सोंणेया, पैर तेरे दी झांझर बन जा या बन जा जत्ती मैं, रातों को उठ-उठकर जिनके लिए रोते हैं वह अपने मकानों में आराम से सोते रहे से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने आज पांवटा साहिब में जियो ट्रू 5जी सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि जियो की ट्रू 5जी सेवाओं को शिमला, बद्दी, बरोटीवाला, बिलासपुर और मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर तथा उनके विधानसभा क्षेत्र नादौन में पहले ही लांच किया जा चुका है। आज से जियो की हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी, स्टैंड-अलोन ट्रू 5जी सेवाओं के तकनीकी लाभ पांवटा साहिब के लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जियो उपयोगकर्ताओं को ‘जियो वेलकम ऑफर’ के तहत आमंत्रित किया जाएगा और आमंत्रित जियो यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त लागत के 1 जीबीपीएस+ स्पीड और अनलिमिटेड डेटा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 2023 के अंत तक प्रदेश के हर शहर हर तालुका और हर तहसील में जियो ट्रू 5जी की कवरेज मिलने लगेगी । उपायुक्त ने पांवटा साहिब के लोगों को जियो की 5जी सेवाओं की शुरुआत पर बधाई देता हुए कहा कि 5 जी लॉन्च लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, लोगों को जियो की 5 जी सेवाओं से अत्यधिक लाभ होगा। 5जी सेवाएं छात्रों, व्यापारियों और पेशेवरों आदि सहित प्रत्येक व्यक्ति के लिये असीम अवसर और समृद्ध अनुभव ले कर आएँगी । यह पर्यटन, ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य देखभाल, बागवानी, कृषि, स्वचालन, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी और विनिर्माण, कृत्रिम आदि क्षेत्रों में भी मूलभूत परिवर्तन लाएंगी "। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब के लाखों जियो यूजर्स अब जियो ट्रू 5जी टेक्नोलॉजी का लाभ उठा सकेंगे। 5जी सेवाएं इन क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक को लाभ प्रदान करेंगी, और विकास गति को तेज़ करने में मदद करेंगी। इस दौरान जियो प्रतिनिधि ने जानकारी देते हुए बताया कि जियो ट्रू 5जी भारत का एकमात्र ट्रू 5जी नेटवर्क है क्यूंकि यह 4जी नेटवर्क पर शून्य निर्भरता के साथ स्टैंड-अलोन 5जी आर्किटेक्चर पर चलता है । यही नहीं, जियो के पास 700 मेगाहर्ट्ज, 3500 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में 5जी स्पेक्ट्रम का सबसे बड़ा और बेहतरीन मिश्रण है जो इसे बहुत मजबूती प्रदान करता है ।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल 26 मार्च को सोलन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। डाॅ. शांडिल 26 मार्च को प्रातः 11.30 बजे डाॅ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के सभागार में राज्य स्तरीय इंटर-डाईट खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
राष्ट्रीय स्वयं संघ ने हिंदू नव वर्ष और रामोत्सव के उपलक्ष्य में रामपुर में पहली बार बाल पथ संचलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघचालक अश्वनी सोनी ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गोपी पाबुच विभाग प्रचारक रहे। पथ संचलन का शुभारंभ विहीप संचालित ठाकुर सत्यनारायण मंदिर से हुआ और पूरे नगर की परिक्रमा करता हुआ वापिस मंदिर प्रांगण में ही संपन्न हुआ। इस पथ संचलन में 156 बाल स्वयंसेवकों और 35 वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने भाग लिया। पथ संचलन का पूरे बुशहर वासियों ने दिल खोलकर स्वागत किया। इस अवसर पर संघ से रवि कांत जिला कार्यवाह, तरुण ज़िला प्रचारक, आदित्य और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की छात्रा शिवानी ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्राध्यापक डॉ. पवन वर्मा ने बताया कि शिवानी को महाविद्यालय की कैंटीन के पास एक सोने का आभूषण मिला, जिसे वह उनके पास ले आई। यह आभूषण सोने की चेन थी, जो कि अंग्रेजी की प्राध्यापिका प्रोफेसर संगीता की थी। वहीँ, प्राचार्य डॉ. प्रमोद पटियाल ने शिवानी, जो कि प्रथम वर्ष की छात्रा है की भरपूर प्रशंसा की तथा उसे सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में सामाजिक मूल्यों का होना भी बहुत अनिवार्य है। यही सामाजिक मूल्य एक अच्छे और बेहतरीन समाज का निर्माण करते हैं I वहीं, महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ . मधुर स्वर मिश्रा ने भी बालिका को उसके अच्छे कार्य के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रो. संगीता, प्रो. विजय ठाकुर, प्रो. पवन वर्मा व प्रो. मनोज विशेष तौर पर उपस्थित रहे।


















































