जिला पठानकोट जोकि नूरपुर का ही नहीं समूचे जिला काँगड़ा का प्रमुख व्यापारि कस्बा है। थोक, स्पेयर पार्ट, इत्यादि का कारोबार काँगड़ा के साथ जिला पठानकोट साँझा करता है, के क्षेत्र मामून जोकि जिला काँगड़ा के उपमंडल नूरपुर से स्टा हुआ क्षेत्र है में कोरोना मरीजों की तादात लगातार बढ़ती जा रही ह। यह पठानकोट के प्रशासन के लिए ही नहीं बल्कि जिला काँगड़ा के नूरपुर तथा इंदौरा के प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ ह। मामून के वार्ड नम्बर 19 के वासी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के पश्चात उसे ज़िला पठानकोट के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। बाद में अमृतसर के गुरु नानक मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया था का पिछले एक महीने से इलाज चल रहा था l कुछ दिनों से उसकी हालत गंभीर बनी हुई थ। उसको 6 घण्टों से वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसकी सोमवार सुबह मौत हो गई l अमृतसर अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि मृतक कोरोना वायरस पीड़त था व उसे सांस लेने में परेशानी थी l गुरु नानक अस्पताल प्रशासन ने मृतक के शव को पठानकोट प्रशासन के सपुर्द कर दिया है l वहीं इस सबंधी एसएमओ भूपिंदर सिंह ने बताया कि मृतक की अंतिम दो रिपोटें नेगिटिव आई थी। अगर उसकी सेहत में सुधार हो जाता तो आज उसको अस्पताल में छुट्टी मिल जाती l वहीं देर शाम कोमृतक के पैतृक गांव मामून के श्मशान घाट पर एम्बुलेंस के द्वारा लाया गया तथा प्रशासन की देखरेख में उसका का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने कहा कि कांगड़ा व चम्बा क्षेत्र के स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के प्रथम पंक्ति में खड़े कोरोना योद्धाओं के लिए सांसद निधि से 23 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से 8 लाख 50 हजार रुपये चम्बा के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए पीपीई किट(व्यक्गित सुरक्षा उपकरण किट) व पुलिस विभाग के कर्मचारियों के लिए सेनिटाईजर, थ्री लेयर मास्क, दस्ताने व फेस शील्ड इत्यादि की खरीद की जाएगी। किशन कपूर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के कर्मचारी दिन-रात अपने परिवार से दूर रहकर हमारी सेवा में लगे हुए हैं अतः सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सामान उपलब्ध करवाना अत्यंत आवश्यक है। किशन कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर कोरोना संकट काल के दौरान लॉक डाउन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई का अत्यंत ही महत्वपूर्ण पग उठाया है। उन्होेेंने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा पैकेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक पैकेज में सभी वर्गों का पूर्ण ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज आत्मनिर्भर भारत की कड़ी में पहला पग होगा जिसके कारण सरकार का 5 ट्रिलियन डॉलर आर्थिकी का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने कहा कि इससे हमारे घरेलू उद्योगों, मध्यवर्गीय व सब प्रकार के उद्योगों को बढावा मिलेगा और देश में बेरोजगारी दूर होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर की खरीद के लिए 33 लाख रुपये व चम्बा मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर की खरीद के लिए 33 लाख रुपये अपनी सांसद निधि से दिये हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की सरकार इस महामारी को रोकने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट की इसी चुनौती को अपनी दूरदर्शिता से अवसर में बदलने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करना अति आवश्यक है तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने में ही हम सबकी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब तथा निर्धन लोगों को सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
फतेहपुर तहसील के अंतर्गत गोलवां गाँव में 4 दिन पूर्व दिल्ली से आए कोरोना पॉजिटिव युवक के घर व आसपास एन डी आर एफ की टीम द्वारा फतेहपुर प्रशासन की देखरेख में सेनेटाइज किया गया। एन डी एफ आर की टीम ने घर व गली में यहां भी संक्रमण की सम्भाबना हो सकती थी ,बारीकी से मुआयना कर कोरोना के समूल नाश हेतु सेनेटाइज किय। इसी के साथ सोमवार को कोरोना पीड़ित 22 वर्षीय छात्र की माता पिता व बहन सहित 12 अन्य पड़ोसियों के कोरोना टेस्ट भी लिए। वही स्वास्थ्य अधिकारी फतेहपुर आर के मेहता ने बताया कि सोमबार को लिए इन 15 टेस्ट की रिपोर्ट मंगलबार शाम तक आने की सम्भाबना है । बताया जाता है कि उक्त छात्र दिल्ली से घर आकर अपने घर मे ही क्वारन्टीन हो गया था और वह किसी से नही मिला फिर भी प्रशासन अपनी तरफ से कोई कोताही नही बरतना चाहता और परिजनों व अन्य लोगों के कोरोना टेस्ट लिए गए। वही पीड़ित छात्र बैजनाथ स्थित कोविड केयर सेंटर में उपचाराधीन है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर विश्वविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार, बागवानी एवं वाणिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रो. परमिन्दर कौशल, कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक सरयाल, तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल, क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रो. सी.एल. चमन और अटल मेडिकल एण्ड रिसर्च विश्वविद्यालय, नेरचैक के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कश्यप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया। राज्यपाल ने मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न आॅनलाइन पोर्टल के उपयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षाओं की तैयारी और अगले सत्र को लेकर रोडमैप, कोविड-19 के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिका, ऑनलाइन शिक्षा व कक्षाओं की अभी तक की स्टे्टस रिपोर्ट, वालंट्यिर्स की भूमिका, हिन्दी में शिक्षण की सुविधा इत्यादि विषयों को लेकर जानकारी हासिल की। इस अवसर पर, राज्यपाल ने पिछले 55 दिनों से लाॅकडाउन के दौरान ऑनलाईन कक्षाओं को लेकर सभी कुलपतियों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 31 मई तक लाॅकडाउन-4.0 में भी सभी विश्वविद्यालय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फाॅलो-अप, दक्षता व जागरूकता का परिचय देंगे। उन्होंने कहा कि कुलपतियों के साथ पहली वीडियो कांफ्रेंस में उन्होंने आॅनलाइन एजुकेशन पर बल दिया था, जिस पर सभी ने काम किया। उन्होंने कहा कि यह मौका है कि इस तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की तकनीक के माध्यम से कोई भी व्यवस्था क्यों न बने लेकिन विद्यार्थियों के साथ संपर्क बनाये रखा जाना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कि विद्यार्थियों की मनोस्थिति को जानने की कोशिश की जाए और विशेषकर आॅनलाइन व्यवस्था मेें उन्हें क्या समस्या है, इसकी प्रतिक्रया ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वालंटियर तैयार करने के लिए उन्होंने कहा है जिसकी वजह विद्यार्थियों में सेवा भाव पैदा करना है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों द्वारा जागरूकता के लिए अपनाये गए गांव के बारे में भी उनकी प्रतिक्रिया को सांझा किया। उन्होंने स्थानीय भाषा के उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां नेटवर्क की समस्या है और गरीब बच्चे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, के बारे में भी विकल्पों पर बातचीत की। इस अवसर पर, कुलपतियों ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि 90 प्रतिशत तक उन्होंने अपना पाठ्यक्रम पूरा कर दिया है। ऑनलाइन पुस्तकालय सुविधा दी जा रही है। शोधकार्य जारी है और प्रवेश परीक्षाओं के लिए समितियां गठित की जा चुकी हैं। जागरूकता कार्यक्रम पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कुछ प्रशासनिक स्टाफ को बुलाने का आग्रह किया, ताकि प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकासात्मक गतिविधियों को भी जारी रखा जा सके।
सेना प्रशिक्षण कमाण्ड शिमला के जनरल अफसर कमाडिंग-इन-चीफ लैफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से उनके आधिकारिक निवास ओक ओवर में भेंट की। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सेवारत और सेवानिवृत सैनिकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सेना बिलासपुर जिला के झण्डुत्ता और मण्डी जिला के सुन्दरनगर में सीएसडी कैंटीन खोलने को सहमत हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उठाया था। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के ऊना से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 7 बसों जरिए 132 लोगों को चंबा लाया गया। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि इन सभी को राजपत्रित अधिकारियों और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ जिला की सीमा में प्रवेश कराया गया। इस दौरान उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रबंध प्रशासन द्वारा किए गए ताकि उनको किसी भी किस्म की दिक्कत का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि कल रात को ऊना से चली तीन बसों में कुल 42 व्यक्तियों को जिला चंबा में लाया गया। जबकि सुबह ऊना से चली चार बसों में भी 90 लोग वापिस पहुंचे हैं। विवेक भाटिया ने ये भी बताया कि सोमवार पठानकोट से भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की 7 बसों में 146 लोग पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी स्क्रीनिंग की गई और उन्हें अब क्वॉरेंटाइन में भेज दिया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब कोई भी व्यक्ति जब जिला की सीमा में प्रवेश करेगा तो पंजीकरण के साथ ही उसकी जानकारी का संदेश सीधे उसकी पंचायत के सचिव को भी चला जाएगा।
एक तरफ कोरोना वायरस के चलते जहां प्रशासन व सरकार द्वारा लॉकडाउन का पालन करने की अपील जनता से कर रही है और इसे सुनिश्चित बनाने के लिए नियम व कानून का सहारा ले रही है। वहीं नशा तस्करों में न तो कोरोना का भय नजर आ रहा है और न ही नियम कानून का सम्मान अथवा खौफ नाम की कोई चीज इनमें है और यह नशा तस्करी के अपने गोरखधंधे से बाज नहीं आ रहे। ऐसा ही एक मामला जिला कांगड़ा के कंडवाल में सामने आया है जिसमें स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल सेल व सीआईडी की टीम ने एक 31 वर्षीय युवक को नशीले कैप्सूल सहित गिरफ्तार किया है। मामले के संदर्भ में जानकारी देते हुए राज्य मादक द्रव नियंत्रण दल कांगड़ा के डिप्टी एसपी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कंडवाल व आसपास नशीले पदार्थ की तस्करी को अंजाम दिया जा सकता है। जिस पर सेल व पुलिस के सब इंस्पेक्टर मोहिंद्र कुमार, मानद मुख्य आरक्षी कश्मीर सिंह, आरक्षी रॉकी कुमार व गृह रक्षक दल के रछपाल को वहां गश्त करने व मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। इस दौरान टीम जब कंडवाल स्थित बाड़ी खड्ड नामक स्थान पर पहुंची तो एक युवक मोटरसाइकिल ( एचपी 38डी 0664 ) पर सवार होकर जसूर की तरफ आ रहा था। जिसे रोके जाने पर वह लॉकडाउन में वाहन ले जाने का कोई पास न दिखा पाया और उससे 86 नशीले कैप्सूल रिडले बरामद किए गए। पुलिस ने उससे बरामद कैप्सूल को जब्त कर उसके मोटरसाइकिल भी कब्जा में ले लिया है। पुलिस के अनुसार युवक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह छन्नी गांव से यह कैप्सूल लेकर आया है। युवक की पहचान कुलदीप उर्फ टीटू पुत्र प्रेमचंद निवासी गांव बौड, डाकघर जसूर, तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा बताई है। ऊधर एसएसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया कि उक्त युवक के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के साथ-साथ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया जाएगा।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप सोलन जिला में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यू के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सोमवार से आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। यह आदेश केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सोलन जिला में कर्फ्यू ढील का समय पूर्व की भांति प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। अनावश्यक गतिविधियों के लिए सांय 7.00 बजे से प्रातः 7.00 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इन आदेशों के अनुसार विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान इत्यादि पूर्व की भांति बंद रहेंगे। ऑनलाइन तथा दूरवर्ती शिक्षण प्रणाली की अनुमति है और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वास्थ्य, पुलिस, सरकारी कर्मियों, स्वास्थ्य सुरक्षा कर्मियों तथा पर्यटकों सहित कर्फ्यू के कारण फंसे व्यक्तियों के लिए क्वारेनटाईन सुविधा के रूप में प्रयोग में लाए जा रहे होटलों, रेस्तरां तथा अन्य आतिथ्य सेवाओं के अतिरिक्त सभी होटल, रेस्तरां एवं आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। रेस्तरां से भोज्य पदार्थ लेकर जाने और खाद्य वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए रसोई कार्यशील रहेगी। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, व्यायाम शालाएं, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार एवं सभागार, सम्मेलन हॉल तथा अन्य समान स्थान बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोहों, अन्य सभाओं एवं बड़े आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों के अनुसार चिकित्सा व्यावसासियों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों तथा रोगी वाहनों के अंतरराज्यीय एवं राज्य के भीतर निर्बाधित आवागमन की अनुमति दी गई है। बाजार परिसरों के संबंध में आदेश दिए गए हैं कि इन परिसरों में स्थापित ऐसी दुकानें 03 मई, 2020 को निर्धारित दैनिक सारिणी के अनुसार खोली जा सकेंगी जिनका प्रवेश एवं निकासी द्वार पृथक एवं स्वतन्त्र है। दुकानें खोलने का क्रम 03 मई, 2020 को जारी आदेशों के अनुरूप रहेगा। रविवार को किराना, दवा तथा ऑप्टिशियन जैसी आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। रविवार, बुधवार तथा शुक्रवार को प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे के मध्य बार्बर शॉप तथा ब्यूटी पार्लर खोले जा सकेंगे। इन सेवा प्रदाताओं के लिए दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। पूर्व निर्धारित क्वारेनटाइन सुविधाओं से औद्योगिक कामगारों को जिला के भीतर कार्यस्थल तक आने-जाने की अनुमति होगी। इसके लिए यह आवश्यक होगा कि इन कामगारों ने ऐसे स्थानों पर 14 दिन का समय पूरा कर लिया हो। दोपहिया वाहनों पर केवल एक कर्मी तथा औद्योगिक कामगार को आवागमन की अनुमति होगी। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुरूप 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, अस्वस्थ व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे केवल आवश्यक जरूरत एवं स्वास्थ्य उद्देश्य को छोड़कर अपने आवास से बाहर नहीं जाएंगे। सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को अपने उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर इस पर नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य स्थिति अपडेट करनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया अपनानी होगी। औद्योगिक संस्थानों तथा व्यक्तियों के आवागमन के लिए पूर्व में जारी निर्धारित परिचालन प्रक्रिया लागू रहेगी। सरकारी कार्यालयों के कार्य के सम्बन्ध में आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। आदेशों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य विधिक नियमनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत महाराष्ट्र से 43 और गोवा से 9 व्यक्ति बिलासपुर पहुंचे। यह लोग महाराष्ट्र और गोवा से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से आए, उसके उपरांत इन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के द्वारा बिलासपुर लाया गया। महाराष्ट्र से आए 43 व्यक्ति जिनमें 5 बच्चें भी शामिल है को जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में तथा गोवा से पहुंचे 9 व्यक्तियों को जीवन ज्योति नर्सिंग स्कूल चांदपुर में इनस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है। बिलासपुर पहुँचाने पर सभी लोगों के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। सभी व्यक्तियों ने घर पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया।
थाना कुनिहार के अंतर्गत होम क्वारंटाइन व्यक्ति अब अपने घर से दूर नहीं जा पायेगा क्योकि पुलिस प्रशासन ने कोविड 19 कंट्रोल एप जारी कर उसे उन सभी लोगो के फोन में डाऊनलोड कर रही ह। उक्त एप की यह खासियत होगी कि जिस किसी के फोन में यह एप होगी वह अपने घर से करीब 50 मीटर की दुरी तक जाने पर उसकी सुचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। यदि बात पुलिस थाना कुनिहार की करे तो थाना क्षेत्र में लगभग 111 लोग बाहरी राज्यों से अपने अपने घर क्वारंटाइन किए गए हैं जिनमे से कुछ लोगो के होम क्वारंटाइन के दिवस पूर्ण व् स्वास्थ्य सम्बन्धित जाँच की जा चुकी है व् वर्तमान में लगभग 88 लोग होम क्वारंटाइन रह गए है। गत वीरवार से ही पुलिस प्रशासन द्वारा कोविड 19 कंट्रोल एप डाउनलोड करवाना शुरू कर दिया ह। इसके लिए पुलिस थाना कुनिहार में कोविड 19 एक्टिव कंट्रोल रूम के साथ साथ एक नोडल अधिकारी भी बनाया गया है जो उक्त एप पर 24 घंटे नजर बनाए रखेग। यदि बात कोविड 19 कंट्रोल एप की करे तो उक्त एप होम क्वारंटाइन व्यक्ति के मोबाईल में डाऊनलोड होगी यदि क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर से महज 50 मीटर की दूर तक चला जाए तो एप तुरंत एक्टिव होकर उसकी सुचना पुलिस थाना में बनाए कंट्रोल रूम को दे देगी जिसके चलते पुलिस तुरंत उक्त व्यक्ति को पकड़कर कानूनी कार्यवाही के साथ साथ प्रशासनिक क्वारंटाइन सेंटर में भी डाल सकती ह। अभी तक पुलिस लगभग 55 से अधिक होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में उक्त एप को डाउनलोड करवा चुकी है व् अन्य व्यक्तियों के फोन में भी एप को डाउनलोड करवाए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी विषय बारे जब थाना प्रभारी कुनिहार जीतसिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशानुसार सभी होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में कोविड 19 कंट्रोल एप डाउनलोड करवाया जा रहा ह। गत दो दिनों के अंदर ही करीब 55 होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के फोन में एप को डाउनलोड करवाया जा चूका है। उन्होंने बताया कि एप का कंट्रोल रूम पुलिस थाना में बनाया गया है कोई भी होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर से अगर 50 मीटर की दुरी तक चला जाये तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जायेगी नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी। उन्होंने सभी क्वारंटाइन लोगो से अपील की है कि प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन कर इस वैश्विक महामारी से लड़ने में अपना योगदान दें।
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड कुनिहार की कोठी, हाटकोट व कुनिहार पंचायत के सफाई कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान कुनिहार जनपद में स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने के लिए सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार विवेक पॉल द्वारा प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा घोषित पहले लॉकडाउन से तीसरे लॉकडाउन तक कुनिहार शहर में उक्त तीनों पंचायत के सफाई कर्मियों को शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सोमवार को इन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत मास्क, हैंड सेनेटाइजर व ग्लब्ज देकर सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी विवेक पॉल ने बताया, कि इस विकट समय मे इन सफाई कर्मचारियों द्वारा कुनिहार में साफ सफाई का पूरा कार्य पूरी लगन व शिद्दत से करते हुए एक करोंना योद्धा की तरह अपना फर्ज निभाया है। इनके द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था बनाये रखने के लिए खण्ड विकास कार्यालय परिसर में आज स्वच्छ भारत अभियान के तहत सम्मानित किया गया। इस दौरान विवेक पॉल खण्ड विकास अधिकारी, संजय वर्मा एसबीपीओ, बलविंदर कौर एलएसईओ,नीलम पंचायत सब इंस्पेक्टर,अनिल सहित कुनिहार विकास खण्ड के कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रवासी मजदूरों के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से उपभोक्ताओं को देश में कहीं भी उचित मूल्य की दुकानों से राशन लेने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसे राशन कार्ड की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा और योजना से देश के लगभग 67 करोड़ लोगों लोगों को लाभ मिलेगा जिनमें हिमाचल प्रदेश के लाखों लोग भी शामिल हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के लगभग आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिए मुफ्त अनाज देने का निर्णय लिया है। जिन मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी हर महीने प्रति व्यक्ति निःशुल्क पांच किलो आटा अथवा चावल और एक किलो दाल प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को 2864.46 टन खाद्य सामग्री आवंटित की गई है जिससे प्रदेश सरकार को लक्षित समूहों तक राशन प्रदान पहंुचाने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अमिताभ अवस्थी और निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आबिद हुसैन सादिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
खंड विकास अधिकारी कुनिहार द्वारा ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। खंड विकास अधिकारी विवेक पाल ने ग्राम पंचायत भवन के हॉल में कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। विवेक पाल ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हमारे समाज के कुछ वर्ग बहुत बड़ा जोखिम उठाकर कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का पालन करते हुए, समाज की सेवा कर रहे है। उन योद्धाओं को सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाना हमारा दायित्व बन जाता है। उन्होंने करुणा के इन योद्धाओं को मास्क, गलब्स और सैनिटाइजर भी प्रदान किया। पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि इन कर्मचारियों ने बिना किसी ब्रेक के निरंतर सफाई करने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है अतः यह लोग वास्तविक रूप से इस सम्मान की पात्र हैं। उन्होंने लोगों से विनम्र आग्रह किया की इस महामारी की जंग को जीतने के लिए सभी लोग सफाई का विशेष ध्यान रखें और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का ईमानदारी से पालन करें। इस अवसर पर पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उपप्रधान लेखराज चंदेल, पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र, पवन कुमार, सिलाई अध्यापिका मीरा देवी तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।
सामाजिक संस्था लाडली फाउंडेशन जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट (ममता), वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि गौतम एवं सदर ब्लॉक अध्यक्ष रीना ठाकुर की संयुक्त अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल के माध्यम से राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मांग की गई की बिलासपुर शहर में सीबीएसई संबंधित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल भारी भरकम मासिक फीस एवं वार्षिक फीस अलग से ली जा रही है जिस पर लगाम लगाई जाए तथा बिलासपुर वासियों को राहत दी जाए। एलकेजी से पांचवी कक्षा तक लगभग 2000 मासिक फीस ली जा रही है तथा छठी से बारहवीं कक्षा तक 2000 से लगभग 3000 तक मासिक फीस ली जा रही है। बिना अभिभावकों की सहमति व मीटिंग के बगैर ही हर साल फीस बढ़ा दी जाती है। स्कूल में अभिभावकों व टीचर की प्रबंधन कमेटी का निर्माण नहीं किया गया है ताकि अभिभावक अपने फीस व शिक्षा के प्रति अपनी बात रख सकें। अभिभावकों को गुमराह करने के नाम पर एलएमसी लोकल मेनेजमेंट कमेटी का निर्माण किया है और इस में उन लोगों को लिया गया है जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते ही नहीं है स्कूल में पीटीए एव एलएमसी में लगभग 11 बच्चों के आंभिवावको को लेने का निर्देश दिया जाए। जिनका स्कूल में पढ़ रहे अभिभावकों द्वारा चयन किया जा सकता है। जब नया विद्यार्थी स्कूल में पहली बार प्रवेश करता है तो उसकी एडमिशन फीस ली जाती है तथा मासिक फीस इत्यादि तो ठीक है लेकिन हर साल प्रत्येक साल उसी बच्चे का वार्षिक शुल्क के नाम पर बच्चों के अभिभावकों को गुमराह कर जेब में हाथ डाला जाता है। जब प्रत्येक महीने मासिक फीस दे रहे हैं तो यह वार्षिक फीस किस चीज की है जिसे तुरंत रूप से बंद किया जाना चाहिए। प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल की वार्षिक करोड़ों का टर्नओवर है। निवेदन है की कोरोना महामारी के चलते अप्रैल और मई महीने की मासिक फीस माफ की जाए तथा वार्षिक फीस जो पुराने छात्र हैं उनकी बिल्कुल भी ना ली जाए। वार्षिक फीस के नाम पर करोड़ों रुपए स्कूल इकट्ठा कर रहा है जिसका कोई औचित्य नहीं बनता जबकि हजारों रुपए मासिक फीस अभिभावकों द्वारा दी जा रही है। इसलिए जनहित में आपसे निवेदन है कि व्यक्तिगत रूप से इन चार समस्याओं व प्रार्थना का जल्द से जल्द हल निकाल कर बिलासपुरी जनता को राहत प्रदान करें जिनके पास सिर्फ एक ही सीबीएससी संबंधित स्कूल है। इसी का फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन अपने मनमर्जी करता है। इस अवसर पर लाडली फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों ने उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल को जिला बिलासपुर कोरोना महामारी से सुरक्षित रखने हेतु फूल देकर भी सम्मानित किया। इस मौके पर ग्राम पंचायत नोणी की प्रधान एवं लाडली फाउंडेशन की राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत भी विशेष तौर पर मौजूद रहीं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि कोविड-19 की बजह से कफ्र्यू को 1 महीने से ज्यादा समय हो गया ह। इस दौरान छोटे बच्चों को मानसिक समस्याएं न झेलनी पड़े इसके लिए बच्चों में साकारात्मक गतिविधियों का सृजन करे ताकि उनकेे मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ्य बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि संकट की इस घड़ी में स्कूल बंद होने की बजह से बच्चों की नियमित आदत को बनाए रखने के लिए उन्हें असाइनमेंटस करने को दे और उनकी प्रोग्रेस भी देखें। उन्होंने बताया कि ऐसे बक्त में बच्चों की बोरियत को खत्म करने के लिए उन्हें उनकी रुची अनुसार व्यायाम, योगाभ्यास, डांसिग या क्राफ्ट जैसी अन्य इंडोर गति विधियों मे शामिल करें। बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों, भ्रम व चिंताओं का चित्रों और ड्राॅइंग के माध्यम से रचनात्मक उतर दें। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चों की चिंताओं और प्रकोप से सम्बंधित उनके प्रश्नों के उतर देकर उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास करें तथा उनकी ओर ध्यान देते उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। उन्होंने बताया कि बच्चों को दोस्तों और परिजनों से फोन या वीडियो काॅल के माध्यम से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें तथा उन्हें एक साथ रोचक गतिविधियों में शामिल करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के भावनात्मक संकेतों पर नजर रखते हुए, कोविड-19 के बारे उनके प्रश्नों को नजरअंदाज ना करें और उन्हें समझाएं कि सही देखभाल से सभी चीजें बेहतर हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने बच्चे की सेहत का अच्छे से ध्यान रखें और सुनिश्चित करें कि बच्चे खांसते व छींकते समय शिष्टाचार को अपनाते हुए अपने मुंह और नाक को कोहनी से ढक लें व नियमित हाथ धोने की आदत को बनाये रखें। उन्होंने बताया कि बच्चों में कोविड-19 के लक्षणों पर नजर रखें, यदि बच्चा बीमार हो तो आवश्यकता पडने पर चिकित्सक के पास जाएं। ये सुनिश्चित करें कि बच्चे स्वस्थ भोजन और अच्छी नींद लें। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सम्बधित जानकारी के लिए व्ह्टस-ऐप नम्बर 01792227328 पर संपर्क करें।
सोमवार जिला प्रशासन कुल्लू ने ऑटो चालकों को ऑटो चलाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन के निर्देशानुसार ऑटो चालक कर्फ्यू के दौरान बिना किसी पास के ऑटो चला सकेंगे। ऑटो में केवल एक सवारी ले जाने की अनुमति दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से ऑटो चालकों ने राहत की सांस ली है। जिला कुल्लू में ऑटो चालक लंबे समय से ऑटो चलाने की अनुमति मांग रहे थ परंतु उन्हें अनुमति नहीं मिल रही थी। सोमवार को जिला प्रशासन व ऑटो यूनियन के बीच हुई बैठक में ऑटो चालकों को एक सवारी के साथ ऑटो चलाने की अनुमति मिल गई है। साथ ही ऑटो चालकों को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं यदि कोई ऑटो चालक एक से ज्यादा सवारी ले जाता हुआ पकड़ा गया तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Gurukul International Senior Secondary School में लॉक डाउन के चलते छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर के निर्देशानुसार कक्षा तृतीय से कक्षा बारहवीं तक के छात्रों से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही है ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों में व्यस्त रह कर कुछ नया सीख समय का सदुपयोग कर सकें। इन गतिविधियों के तहत क्ले मॉडलिंग, पेपर फ्लावर मेकिंग, शगुन के लिफाफे तथा कठपुतली के माध्यम से शिक्षाप्रद कहानियां सुनाना जैसी प्रतियोगिताएं कराई गई। निर्णायक मंडल ने अपने निर्णय से प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान निकाला। मातृ दिवस के अवसर पर प्रत्येक छात्र से अपनी माता के लिए कुछ विशेष उपहार व्यंजन आदि बनाने को कहा गया ताकि वह सीमित साधनों में अपनी जननी को अमूल्य उपहार भेंट कर सकें। लॉक डाउन के दौरान समय-समय पर प्रधानाध्यापिका द्वारा अभिभावकों से वीडियो कॉलिंग द्वारा बातचीत भी की जा रही है। उनकी समस्याएं-सुझावों पर ध्यान भी दिया जा रहा है। प्रतियोगिता परिणाम कक्षा-तृतीय-क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता प्रथम द्वितीय तृतीया 3 (A ) अनन्या गगत ध्वनि बंसल रिद्विका शर्मा 3 (B ) अभय कश्यप अनवि उद्धव कक्षा-चार-पेपर फ्लावर मेकिंग 4 (A ) राजवीर इंदरवीर लक्षित 4 (B ) हान्या शर्मा स्वस्तिक वर्मा दैविक कक्षा-पांच-शगुन कार्ड मेकिंग 5 (A ) आहना आनंद जतिन कश्यप अन्विता दुबे, सेजल शर्मा 5 (B ) अभिराज साहा सानवी धनतियान कासनी कठपुतली प्रतियोगिता परिणाम कक्षा- छह से आठवीं मुस्कान वर्मा 8 (A ) नित्य गुप्ता 8 (B ) हिमांशी शर्मा 6 (A ), अर्पिता पुंडीर 7 (A ) सांत्वना पुरस्कार : संस्कृति ठाकुर कक्षा- नवी से बारहवीं रितिका बस्ता 10 (A ) टिया ठाकुर 10 (A ) ट्विंकल शर्मा 9 (A ) सूर्यांश टंगरा 9 (A ) सांत्वना पुरस्कार : राशि वर्मा 12 (कॉमर्स)
हिमाचल प्रदेश का पर्यटन उद्योग जो कि अपना मेजर टूरिस्ट सीजन खो चुका है वो केवल सरकार की मदत की उम्मीद कर रहा था। हिमाचल में पर्यटन को पटरी पर आने के लिए कम से कम 12 से 18 महीने का समय लग सकता है इतना लंबा समय बिना कमाई के पर्यटन उधमियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।हिमाचल में पर्यटन इकाइयों का 60% के करीब रेवेन्यू अप्रैल ,मई तथा जून में ही एकत्रित होता है जिससे सारे वर्ष के फिक्स्ड खर्चे चलते है। इस वर्तमान सिथिति में पर्यटन कारोबार को पटरी पर आने के लिए एक वर्ष से पहले कोई उम्मीद नही की जा सकती। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद थी कि हिमाचल पर्यटन उद्योग के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी ताकि पर्यटन उद्योग को जिंदा रखा जा सके। परन्तु जो 20 लाख करोड़ की राहत पैकेज की घोषणा की गई उसमे पर्यटन के नाम पर कुछ भी नही दिया गया जिसके कारण पर्यटन से जुड़े कारोबारी बहुत आहत हुंए है। आज समूचे हिमाचल की associations के मेम्बेर्स सोचने पर मजबूर हो गए है कि आने वाले समय में वह किस तरह सस्टेन करेंग। उन्होंने हिमाचल सरकार को डिमांड चार्जर्स हटा कर होटल कारोबारियों को कुछ राहत देने के लिए आभार व्यक्त किया है। परंतु अन्य मुद्दे जैसे प्रॉपर्टी टैक्स, गरबाजे फी, पानी व बिजली की डोमेस्टक टैरिफ चार्ज करने sewerage सेस इत्यादि में सरकार ने कोई छूट नही दी है, जबकि सारे होटलों का कारोबार ही पूर्ण रूप से बंद पड़ा है। ऐसे वक्त में उनसे ये चार्जेज चार्ज करना न्यायसंगत नही है। इसी तरह पर्यटन उद्यमियों को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध करवाने की आवश्यकता थी ताकि टूरिज्म यूनिट्स अपने फिक्स्ड खर्चो का बोझ उठा सके तथा स्टाफ को बनाए रखने के लिए कुछ स्टाफ अल्लोवंस देने की आवशकता थी परंतु ऐसी कोई भी राहत सरकार द्वारा नही दी गई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जब तक पर्यटन उद्योग अपने पैरों पर खड़ा नही होता पर्यटन इकाइयों से जुड़े कर्मचारी जो अपने गांव जा चुके है उन्हें मनरेगा के अंतर्गत उनके गाँव में ही रोजगार दिया जाए तथा जो कर्मचारी शहरों में रहते ह। ऊन्हे अर्बन एम्प्लॉयमेंट स्कीम के अंतर्गत रोजगार दिया जाए ताकि covid 19 के चलते उनकी भी रोजी रोटी चल सक। लगभग 50 करोड़ रुपये के करीब प्रति माह कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिया जाता थ। वह दे पाने में पर्यटन से जुड़े ऊधमयों के लिए नामुमकिन है क्यूंकि Covid 19 की महामारी के चलते सभी पर्यटन इकाइयों का काम बंद पड़ा है। यदि उधमियों को कोई राहत न मिली तो उन्हें मजबूरन स्टाफ की छंटनी करने पर विचार करना पड़ सकता है। आल हिमाचल अस्सोशशन्स ऑफ हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म फेडरेशन ने सरकार से आग्रह करेगी कि उनके द्वारा दी गई माँगों पर पुनः विचार किया जाए ताकि हिमाचल के पर्यटन उद्योग को बचाया जा सके, जो कि हिमाचल की कुल जीडीपी का 7% का हिस्सा प्रदान करती है। उन्होंने आशा जताई है कि सरकार हिमाचल के पर्यटन उद्योग के लिए एक एक विशेष पैकेज की शीघ्र घोषणा करेग।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने के लिए हम सभी को विभिन्न दिशा-निर्देशों का दीर्घावधि में पालन सुनिश्चित बनाने के लिए संकल्पित होना होगा। डाॅ. सैजल सोेलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत चायल, झाझा तथा सकोड़ी में 1000 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित फेस मास्क वितरित किए और कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 पर विजय प्राप्त करने के सरकारी प्रयास जन सहयोग के बिना सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वेच्छा से सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करने, घर से बाहर सदैव मास्क पहन कर जाने और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा नहीं जा सकेगा। उन्होेंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने के यह तीन नियम कोविड-19 के विरूद्ध श्रेष्ठ सुरक्षा चक्र हैं और इन्हें न मानकर लोग अपने परिवार एवं पूरे समाज को खतरे में डाल देंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इस दिशा में लोगों को स्वंय जागरूक होना होगा। लोग न केवल स्वंय इन तीन नियमों का पालन करें अपितु अन्य से भी इनकी अनुपालना करवाएं। उन्होेंने कहा कि यदि लोग बिना मास्क के आने-जाने वाले तथा सोशल डिस्टेन्सिग न करने वाले लोगों से इनके पालन का आग्रह करें तो ही नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और ऐसे व्यक्तियों का होम क्वारेनटाईन पूरा करवाएं। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर स्थानीय निवासियोे की विभिन्न समस्याओं को सुना और इनके निपटारे का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र में पुष्पों की बिक्री न होने के कारण हुए नुक्सान से परिचित है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेेत्र से टमाटर की फसल को समय पर मण्डियों तक पंहुचाने के लिए प्रशासन द्वारा उचित प्रबन्ध किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर सफाई कर्मियों को सम्मनित भी किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान ने इस अवसर पर महिलाओं को घर पर ही मास्क बनाने की विधि की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, अन्य पदाधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतोें के प्रधान, उप प्रधान अन्य प्रतिनिधि, सीडीपीओ कण्डाघाट पवन गुप्ता सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने जुब्बल नावर कोटखाई के पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में महामारी की रोकथाम के लिए तय गाइड लाइंस की अनुपालना, आईसोलेशन सुविधा की व्यवस्था और होम क्वारंटाइन पर निगाह बनाए रखने के लिए तत्पर रहें। नरेंद्र बरागटा ने जुब्बल नावर कोटखाई के पंचायत प्रधानों, उप प्रधानों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में वायरस संक्रमण के चक्र को तोड़ने में आईसोलेशन व्यवस्था और सामाजिक दूरी के प्रति लोगों को जागरूक करने में पंचायत प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नरेंद्र बरागटा ने कहा कि सभी पंचायत प्रधानों को उन परिवार के सदस्यों की मदद करनी चाहिए, जिनके पास सीमित आवास सुविधा हैं। ऐसे लोगों को सामुदायिक केंद्रों, पंचायत घर और महिला मंडल भवनों आदि में आईसोलेशन के लिए अलग-अलग आवास सुविधाएं प्रदान करवाएं, जिससे उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन न में रखे लोगों पर नजर रखी जानी चाहिए, जिससे वे होम क्वारंटाइन का उल्लंघन न करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो जिला प्रशासन के समक्ष मामला लाया जाना चाहिए। इससे उसे संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जा सकेगा। उन्होंने प्रधानों से किसी भी बीमारी के प्रभाव से बचने के लिए अपनी पंचायतों में सफाई की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। बरागटा ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई की सभी पंचायतों के लिए सीधा विभिन्न योजनाओं के तहत दो वर्षो में लगभग 15 करोड़ जारी किए गए है उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि इस राशि को जल्द विकास कार्यो में खर्च करे ताकि जनमानस को इसका लाभ मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अर्की में कोरोना के दृष्टिगत की समीक्षा बैठक
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अर्की में कोरोना माहमारी और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बैठक में एसडीएम विकास शुक्ला, डीएसपी ठाकुर, तहसीलदार संत राम शर्मा, स्वास्थ्य व कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि यहां के लोगों को कोई समस्या न हो इसका पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी समस्या आती है तो उन्हें सीधे तौर पर बताया जाए। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की वजह से उनका पहले यहां आना संभव नही हो सका। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस निर्वाचन क्षेत्र का विस्तृत दौरा करेंगे। एसडीएम ने वीरभद्र सिंह को बताया कि अर्की तहसील में कोरोना पोसिटिव का कोई भी मामला नही आया है। उन्होंने कहा कि अर्की उप मंडल विधानसभा की 45 पंचायतें अर्की में है, जबकि 12 पंचायतें नालागढ़ तहसील के अंतर्गत आती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यहां मास्क व सेनेटाइजर भेजे हैं। इसका वितरण प्रधानों, पंचायत सदस्यों, आशा वर्कर के माध्यम से किया गया। इसके अलावा जगह जगह सोडियम हाइपोकोलॉइड का छिड़काव भी किया जा रहा है, जिससे इस संक्रमण पर रोक लग सके। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने 200 पीपीई किट और 750 एन 95 मास्क खरीद कर स्वास्थ्य विभाग को दिए गए है। उन्होंने बताया कि आज दिन तक जरूरतमंदों को 5358 राशन की किट्स वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि अर्की उप मंडल से 1257 प्रावसी मजदूरों को उनके घरों को भेजनें की पूरी व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान 1578 लोग जो प्रदेश के बाहरी राज्यों के रेड जॉन से यहां आए थे उनका सही ढंग से होम क्वारन्टीन किया गया, और यही कारण रहा है कि इस उप मंडल में कोई भी कोरोना पोसिटिव नही हुआ। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने यहां 149 कोरोना टेस्ट किए और यह सभी नेगेटिव पाए गए। शुक्ला ने बताया कि अर्की उपमंडल में 8 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए है। इनमें 200 अधिक लोगों को ठहराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस उपमंडल में सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन कर रहें है। वह इस सब की पूरी मोनिटरिंग कर रहें है।
प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की 100 कार्यकर्ता से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सम्वाद करते हुए उन्हें 21 लाख 17 हजार 900 फेस मास्क बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि फेस कवर बनाना, बांटना, व लगाना केवल भाजपा व भाजपा महिला मोर्चा की देन है और शेष समाज ने अब इसका अनुसरण किया है। राजीव बिन्दल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने हिमाचल प्रदेश वासियों के लिए अपनी ओर से 2.5 लाख मास्क भिजवाएं हैं जो कि 18 मई को शिमला पहुंच रहे है, जिसके लिए प्रदेशवासियों की ओर से उनका आभार जताया है। वीडियो कांफ्रेस में बोलते हुए डा. बिन्दल ने कहा कि कोरोना संकट से जूझता हुआ देश व हिमाचल प्रदेश 3 लाॅक डाउन पूरे कर चुका है और चौथा लाॅकडाउन 18 मई से शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का 20 मार्च से 17 मई तक का सफर प्रदेशवासियों के लिए अनेक प्रकार के कष्टों से भरा रहा, प्रतिदिन रोटी कमा कर खाने वालों के लिए, किसान, बागवान, रेहड़ी वाला, फड़ी वाला, छोटा दुकानदार, मजदूर सभी के लिए बहुत सी परेशानियां लेकर आया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हिमाचलवासियों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, कफर्यू की पूर्ण रूपेण अनुपालना की वे बधाई एवं धन्यवाद के पात्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, अनुशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार के कुशल प्रबन्धन के कारण हिमाचल प्रदेश में कोरोना का फैलाव बहुत सीमित रहा इसके लिए जय राम ठाकुर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस मुददे की बात न करके केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए अलग-अलग ध्यानात दे रही है। अब 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देश भर को दे दिया है, उसका सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश को मिलेगा। हिमाचल के किसानों को, बागवानों को मजदूर को मछली उत्पादक, मधु मक्खी पालक की, पशुपालक को, छोटे मझौले उद्योगों को, रेहड़ी-फड़ी, छोटे दुकानदार को सभी को इसका लाभ मिलेगा, नए उद्योग लगाने के लिए और उद्योगों से रोजगार सृजन के लिए विकास के लिए धन की उपलब्धता के रूप में पैकेज का लाभ होगा। इतना सब कुछ हो रहा है परन्तु इस पर कांग्रेस खामोश है, चुप तो होना ही था, क्योंकि उनको यह उम्मीद भी न थी कि जीडीपी का 10 प्रतिशत पैकेज के रूप में दिया जा सकता है। आओ हम सब मिलकर हिमाचल को विकास के माडल के रूप में प्रस्तुत करें।
मुस्लिम कमेटी जामा मस्जिद रौेड़ा सेक्टर जिला बिलासपुर की विडियो कांफ्रेसिंग के ज़रिये बैठक का आयोजन किया गया। कमेटी के प्रधान जनाब मोहम्मद हारून ने बताया के कमेटी के सदस्यों से कोरोना वायरस और लाॅकडाउन के विषय में चर्चा हुई। जिस में खास तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की गई के वे इस मुश्किल की घड़ी में आगे आए और गरीब, मजदूर और असहाय लोगों की बराबर मदद करते रहें। उन्होंने कहा कि रमजान के मायनों और अल्लाह की ईबादत को सार्थक करने के लिए अपने पड़ोस में कोई आदमी भूखा न सोए कोई तकलीफ में न हो, सभी की मदद करें। हारून ने कहा कि यह रमजान का पवित्र महीना है और इस बारे में इस्लाम कहता है कि यह महीना दुखों के निवारण और हमदर्दी का महीना है। इस माह में ही नहीं सभी को जीवन में यह असूल बनाना होगा कि ऐसा कभी न करें कि वह भर पेट खाना खाए और पड़ोसी भूखा सोए। अपने साथ दूसरों की सुख सुविधा का ध्यान रखकर सामथ्र्य अनुसार जितना ज्यादा हो सके, सेवा भाव से मानवता का धर्म निभाएं, क्योंकि यही इस्लाम है। मोहम्मद हारून ने बताया के मुस्लिम कमेटी ने दो लाख रुपए गरीबों में राशन के लिए मंजूर किए और एक दो दिन में गरीबों तक ये राशन पहुँचा दिया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील के ईद से पहले सदकतुल फितरय दान दिया जाता है उसे ईद से पहले गरीबों तक पहुँचा दिया जाएं। हारून ने कहा कि लाॅकडाउन में सरकार द्वारा निर्देषित नियमों का पालन करें तथा अल्लाह से सभी दुआ करें कि यह बुरा दौर जल्द से जल्द समाप्त हो जाए और फिर से अमन चैन की आवोहवा में इन्सानियत सांस लेने के काबिल बनें।
इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब का वर्ष 2020-21 के लिए थीम "लीड द चेंज "रखा गया है। समस्त विश्व में इनरव्हील क्लब इसी थीम पर कार्य करेंगे। यह जानकारी बिलासपुर क्लब की प्रेसिडेंट शालिनी शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब डिस्ट्रिक्ट 307 की वेब ऑफिसियल ट्रेनिंग जूम बैठक द्वारा आयोजित की गई जिसमें हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर क्लबों के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। सबसे पहले चेयरमैन अनीता भल्ला ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वैसे यह आयोजन जालंधर में 15 मई को होना था लेकिन कोरोना महामारी के चलते हैं और लॉक डाउन होने के कारण इसे जूम पर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 52 लोगों के प्रेसिडेंट तथा 20 एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने भाग लिया। उन्होंने 2020 और 21 के सेशन के लिए सभी का स्वागत किया और क्लब ऑफिसर ट्रेनिंग का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि 2019 और 20 में जो भी प्रोजेक्ट किए गए हैं वह सब सदस्यों की मेहनत और उत्साह से ही सफल हुए हैैं। इसके बाद पास्ट डिस्टिक चेयरमैन 307 नम्रता सिंहानिया ने इनरव्हील की मीटिंग में इनरव्हील क्लब के प्रोटोकॉल की आवश्यकता और कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। अपने संबोधन में इनरव्हील क्लब की 2020 -21 इनकमिंग चेयरमैन सोनिका गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष विश्व स्तर पर इनरव्हील थीम लीड द चेंज रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज जो भी परिवर्तन हो रहे हैं, हमें उनकी प्रतीक्षा नहीं करनी होगी और इनके साथ ही आगे बढ़ना होगा। इस तरह यह लोगों को हर प्रकार के परिवर्तन के लिए जागरूक करने का वर्ष है। यह थीम पूरे विश्व का थीम है। गौर रहे कि इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब इंटरनेशनल संस्था है। उन्होंने प्रशिक्षण के उद्देश्य इसके चुनाव, मतपत्र और मतदान के बारे में भी जानकारी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि क्लब की सारी गतिविधियां और कार्य ई-सिस्टम के द्वारा ही चलेंगे और सारी कार्रवाई पेपरलेस रहेगी। एसोसिएशन प्रेसिडेंट (राष्ट्रीय ) वसुधा चंद्रचूड़ ने कहा कि विश्व थीम के साथ राष्ट्रीय स्तर का थीम "होप " रहेगा। जिसमें एच फॉर हेल्थ एंड हाइजीन, ए फॉर ओल्ड पीपल एंड ऑर्फन, पी फॉर पैट्रियोटिज्म और ए फॉर एनवायरमेंट विषय रखे गए हैं। इस पर काम करने व इनरव्हील की पब्लिसिटी करने की बात भी उन्होंने कही ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसमें जोड़कर इसके महत्व के बारे में वे सब जान सके। बिलासपुर क्लब की प्रेसिडेंट शालिनी शर्मा ने बताया कि बिलासपुर क्लब ने 2019- 20 में विभिन्न गतिविधियों के अलावा "मिशन ममता" पर काम किया है। और इसके तहत अनाथालय के एक बच्चे को गोद लेकर उसका खर्चा करने का बीड़ा भी इसके सदस्यों ने उठाया है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों में वस्त्र अर्पण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम को भी चलाया गया था। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को इनरव्हील से जुड़ने के लिए इस वर्ष का लक्ष्य रखा गया है ताकि इस इंटरनेशनल क्लब के साथ जुड़कर समाज सेवा के कार्य किए जा सकें। उन्होंने बताया कि इनरव्हील क्लब स्वायत संस्था है और सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं लेता है इसके सदस्य ही आपस मे कंट्रीब्यूट करते हैं।
अर्की जल शक्ति मंडल के दाड़ला सब डिवीजन की अंतिम व दूरस्थ व दुरुह बैकवर्ड एरिया मांगल उठाऊ पेयजल योजना की तीनों स्टेजिज़ का अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया। कंचन शर्मा अपनी टीम के साथ लगातार 8 घंटों की पैदल चढ़ाई व उतराई पार करते हुए तृतीया व द्वितीय चरण का निरीक्षण करते हुए पहाड़ की तलहटी में स्थित योजना के प्रथम चरण पर पहुंची जहां उन्होंने स्कीम के कार्यों का निरीक्षण, अपने जलकर्मियों की कोविड के दौरान रहन सहन व जल स्रोत का निरीक्षण किया। प्रथम चरण पर पहुंचकर कंचन वहां कार्यरत अपने जल कर्मियों के लिए भावुक हो गईं। जहां आज हम कोविड के समय में अपनी ड्यूटी पर तैनात होकर गर्वित हो रहे हैं, वहीं ये जलकर्मी ताउम्र इन कठिन परिस्थितियों में बिना कोई सम्मान की चाहना से, बिना कोई डिमांड के चुपचाप काम कर रहे हैं। हालांकि इस योजना का प्रथम चरण आटोमेटिड है पर यहां स्त्रोत के रखरखाव व सफाई के लिए पहुंचना ही पड़ता है। सैंचुरी एरिया में स्थित इस योजना में बाघ, भालू, जंगली सुअर व अन्य जंगली जानवरों से दो चार होना ये अलग बात है।1989 में कमीशनड इस स्कीम का जीर्णोद्धार करने को है जिसके लिए कंचन शर्मा ने आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही द्वितिय व तृतीय चरण की आटोमेशन के लिए भी एस्टिमेट बनाने के आदेश दे दिए हैं।जल्द ही इस स्कीम को पूर्ण रुप से आटोमेटिड कर दिया जाएगा। कंचन शर्मा ने जनमानस से अनुरोध किया है कि कृपया वो जल कर्मियों का सम्मान करें। जल कर्मी बड़ी कठिन व भयानक परिस्थितियों में भी बहुत बार जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो केवल इसलिए कि हमें घर बैठकर पानी पीने को मिले। जहां एक बार भी पहुंचकर वापिस आना कठिन है वहां ये लोग रोज् जाते हैं। कंचन शर्मा ने यह भी बताया कि तृतिय चरण का बिजली विभाग का ट्रांसफोर्मर बहुत पुराना हो चुका है जो बार बार खराब होकर हमारी स्कीम को बाधित करता है। इसका नवीनीकरण करवाया जाए। उन्होंने बिजली विभाग से अनुरोध किया है कि वे वहां पर इलेक्ट्रिक पोल लगवा दिए जाएं तो सर्दी व बरसात में जल कर्मियों को आने जाने की दिक्कत न हो। कंचन शर्मा के साथ कनिष्ठ अभियंता ओम प्रकाश, जितेंद्र, स्कीम पर कार्यरत जल कर्मी व कांट्रैक्टर भी थे जो वहां पहले भी कार्य कर चुके हैं।
नुरपर उपमंडल के तहत पुन्दर पंचायत के मनेड़ गांव के वार्ड नौ में शनिवार को कोरोना पाजिटिव का एक मामला सामने आने के पश्चात इस वार्ड को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। एसडीएम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर ने इस एरिया का पुलिस व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सुरेन्द्र ठाकुर ने क्षेत्र का दौरा करने के बाद जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इस वार्ड को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ-साथ पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पंचायत के जौंटा के वार्ड एक व दो सहित मनकोट के वार्ड तीन को बफर जोन में रखा गया है, जबकि साथ लगती खेल पंचायत के मट गांव के वार्ड 4 को भी बफर जोन की श्रेणी में रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि इन क्षेत्रों में कर्फ्यू में किसी भी तरह की ढील नहीं रहेगी। आम लोगों तथा वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी। केवल मेडिकल सेवाओं, आवश्यक सेवाओं के लिए तैनात कर्मचारी या लोग विशेष अनुमति पत्र के साथ ही आवाजाही कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गांव के प्रवेश तथा निकास हेतु नाके स्थापित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नाकों पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीमों को तैनात किया गया है जो गांव में बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग करने सहित उनकी हर जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहें तथा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि आदेशों की अवहेलना करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को सैनिटाइज करने का कार्य शुरू कर दिया गया है जो शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। कोविड-19 पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों के भी होंगे टैस्ट सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि पॉजिटिव मरीज 8 मई को गुरुग्राम से गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ टैक्सी के द्वारा अपने घर मनेड़ गांव पहुंचा था तथा प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा इस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है तथा संपर्क में आए सभी लोगों के सेंपल लिए जाएंगे ताकि किसी भी स्तर पर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन भी किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस संक्रमित के संपर्क में आया हो तो वह इसकी सूचना तुरन्त प्रशासन को देना सुनिश्चित करें। सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में प्रशासन के स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी के दौरान भी कोविड-19 प्रोटोकॉल की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी तथा सभी हो मास्क पहनाना जरूरी होगा। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि आसपास के क्षेत्रों में कोरोना सक्रंमितों के बारे में जानकारी हासिल हो सके। नायब तहसीलदार देस राज ठाकुर, एसएचओ मोहन भाटिया, जेई राकेश चौधरी, पंचायत प्रधान सरला कुमारी, उपप्रधान देव राज सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवम प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और उनके सहयोगियों ने कोरोना योद्धाओंं को मास्क वितरित किए।इस कड़ी में उन्होंने पुलिस विभाग के जवानों,पत्रकार बन्धुओं,बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछा ओर मास्क दिए। इस मौके पर आशीष ठाकुर ने इन योद्धायों के समपर्ण को सराहा उन्होंने कहा कि ये लोग अपने जान माल की परवाह किए बिना लोगो की सेवा में रात दिन लगे हुए है ताकि लोगो को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने पत्रकार बन्धुओं का भी आभार व्यक्त किया जो विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों को महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचा रहे है और लोगों को कोरोना से बचाव के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। आशीष ठाकुर ने बिजली विभाग के योगदान को सराहते हुए कहा है कि इस विभाग ने भी रात दिन सेवाएं दी है उसके लिए वो हमेशा विभाग के आभारी है।
प्रशासन द्वारा प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों को होम क्वारंटाइन तो किया जा रहा है, इसके बावजूद अभी भी कुछ लोग कोरोना वैश्विक महामारी को गंभीरता से नही ले रहे हैं व होम क्वारंटाइन नियमो की अवेहलना करते साफ दिखाई दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला अर्की निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुनिहार क्षेत्र में सामने आया है। जब क्षेत्र में होम क्वारंटाइन व्यक्तियों की स्वास्थ्य सम्बंधित जांच की जा रही थी तो एक व्यक्ति मौके पर मौजूद ही नहीं था जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया व सूचना के करीब तीन घण्टो के भीतर ही पुलिस ने उक्त व्यक्ति को जिला सोलन के कंडाघाट में दबोच लिया। जानकारी के अनुसार गत शनिवार को नागरिक चिकित्सालय कुनिहार में क्षेत्र के उन लोगो को अपनी स्वास्थ्य सम्बंधित जांच हेतु बुलाया गया था, जिनके अपने घर मे होम क्वारंटाइन के 7 से 14 दिन पूरे होने वाले थे। स्वास्थ्य जांच में आए व्यक्तियों में से कुनिहार पंचायत के उच्चा गांव के एक व्यक्ति के न आने के कारण उसे दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर न देने की वजह से आशा वर्कर व एक स्वास्थ्य कर्मी उक्त व्यक्ति के घर गए जँहा उन्होंने पाया कि होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर मे नही है व उन्होंने इसकी जानकारी तुरन्त स्थानीय थाना को दे दी। जिसके पश्चात थाना प्रभारी जीत सिंह ने तुरंत कार्यवाही करते हुए उक्त व्यक्ति के फोन की लोकेशन को ट्रेस आउट किया व पाया कि वह व्यक्ति कुनिहार से करीब 60 किलो मीटर दूर कंडाघाट में है। पुलिस टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में लेकर कुनिहार लाया जंहा उसे प्रशासनिक होम शेल्टर राधा स्वामी सत्संग भवन कुनिहार सेंटर में रखा गया। इस बारे में डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त युवक के खिलाफ आपीसी की धारा 188,269,271 के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्यवाही की जा रही है व इस व्यक्ति को प्रशासनिक होम सेंटर में आगामी 14 दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है।
लाहौल-स्पीति के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में ‘‘ढींगरी मशरूम’’ नए नगदी उत्पाद के तौर पर उभर कर सामने आया है। वानस्पतिक नाम ‘‘प्लुरोटस ओस्ट्रीटस’’ के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस ढींगरी मशरूम ने स्पीति घाटी के लोगों के लिए आय के नए द्वार भी खोले हैं। नगदी उत्पाद के तौर पर अपनी जगह बना रहे इस ढींगरी मशरूम से स्पीति घाटी में नए अध्याय का सूत्रपात हुआ है। लामाओं, पौराणिक बौद्ध मठों की धरती और बर्फ से आछांदित पहाड़ों की चोटियां स्पीति क्षेत्र को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है। अब यह क्षेत्र ओएस्टर (मशरूम) के उत्पादन और निर्यात में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। 300 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा ‘‘ढींगरी मशरूम’’ स्पीति के चिचिम गांव के कलजग लादे का कहना है कि मटर की खेती के अलावा अब स्पीति के किसानों ने अपनी आर्थिकी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ढींगरी मशरूम उत्पादन को अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे 2015 से स्पैटुला के आकार की यह मशरूम प्रजाति उगा रहे हैं एवं अब बागवानी विभाग के अतिरिक्त प्रयासों से विभाग के विषय बाद विशेषज्ञ लोगों को ढींगरी मशरूम उगाने की तकनीक सिखा रहे हैं। लादे प्रतिदिन 150 किलोग्राम ‘‘ढींगरी मशरूम’’ का उत्पादन कर रहे हैं और काजा के स्थानीय होटलियर्स व होम स्टे में लगभग 250 रुपए से लेकर 300 रुपए की दर से प्रति किलो तक बेच रहे है तथा महमानों को उनके पसंदीदा लजीज व्यंजन परोस रहे हैं। गीले भूसे में उगता है ‘‘ढींगरी मशरूम’’ ‘‘ढींगरी मशरूम’’ उगाने के लिए अब तक क्षेत्र के 50 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और उन्हें कमरे के तापमान के अनुसार ढींगरी मशरूम उगाने के लिए पॉली बैग भी वितरित किए गए हैं। मशरूम का उत्पादन अधिक होने पर जहां इसका उपयोग अचार, मशरूम पाउडर, दवाइयां इत्यादि बनाने में किया जा सकेगा वहीं इससे महिलाओं को उनके घर द्वार पर रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। ढींगरी मशरूम को गीले भूसे में उगाया जाता है। इसका बीज तीस दिन से पुराना नहीं होना चाहिएं बीज की मात्रा 250 से 300 ग्राम प्रति 10 से 12 किलोग्राम गीले भूसे की दर से होनी चाहिए। गीला भूसा और बीज को एक प्लास्टिक के टब में अच्छी तरह से मिलकर पाॅलीथीन बैग में 4 से 6 किलोग्राम गीला भूसा भर दिया जाता है। इसे उगाने में खाद का प्रयोग नहीं किया जाता। यह मशरूम औषधीय गुणों से भरपूर है और प्रोटीन युक्त भोजन बनाने के लिए सबसे उपयुक्त है। कोलेस्ट्रोल और शुगर के मरीजों के लिए उपयुक्त है ढींगरी मशरूम ढींगरी मशरूम में उचित मात्रा में विटामिन सी और बी काॅम्प्लेक्स पाई जाती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा 1.6 से लेकर 2.5 प्रतिशत तक है। इसमें मानव शरीर के लिए जरूरी खनिज लवण जैसे पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस, लोहा और कैल्शियम भी पाए जाते है। एंटीबायोटिक के गुण होने के साथ यह मशरूम कोलेस्ट्रोल को भी नियंत्रित करता है और शुगर के मरीजों के लिए भी उपयुक्त है। एक जानकारी यह भी ओएस्टर मशरूम सबट्राॅपिकल पर्वतीय क्षेत्रों में 10 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड और 55-75 प्रतिशत के बीच वाले तापमान में एक वर्ष में 6 से 8 माह की अवधि के लिए उगाया जाता है। साफ सूखे धान के पुआल को 18 घंटे पानी में भिगोया जाता है और मास्टर स्पाॅन की एक बोतल कुलथ पाउडर के साथ मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रण को पाॅलीथीन बैग में भर कर कमरे के तापमान पर रख दिया जाता है। पाॅलीथीन बैग में भरे इस मिश्रण को नियमित रूप से तब तक पानी दिया जाता है, जब तक कि मशरूम उगना शुरू नहीं हो जाते। औषधीय गुणों से भूरपूर यह ढींगरी मशरूम स्पीति घाटी सेे बाहर भी सम्मानीय वातावरण क्षेत्रों में भी उगाया जा सकेगा, जिससे प्रदेश की कृषक आर्थिकी को और अधिक संबल मिलेगा।
रामपुर बुशैहर में कोविड-19 से प्रथम पंक्ति में लड़ रहे कोरोना योद्धाओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा द्वारा दिए गए 300 सेनेटाइजरों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग, खनेरी अस्पताल, एसडीएम कार्यालय, पुलिस विभाग सहित अन्य आवश्यक सेवाओं में सदैव तत्पर रहने वाले अधिकतर महकमों में सेनेटाइजरों का वितरण किया। इसके अतिरिक्त इन समस्त फ्रंटलाइन योद्धाओं को इनकी सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 5000 मास्कों का वितरण किया गया। इस मुश्किल दौर में हमारे इन वॉर्रिएर्स को उचित सुरक्षा संबंधित चीजों को मुहैया कराना हमारी प्राथमिकता है। यदि ये सुरक्षित रहेंगे तभी वायरस संक्रमित व्यक्ति का इलाज संभव होगा। इनके बगैर इस covid-19 की जंग को जीतने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस अवसर पर मण्डल के वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्त्ता मौजूद रहें।
UHL विद्युत परियोजना में उत्पादन शुरू करने के पहले दिन ही एक हादसा पेश आया , जिसमें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। कई सालों के इंतजार के बाद शनिवार रात करीब 11.30 बजे उत्पादन शुरू हुआ था। आठ मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर सप्लाई हमीरपुर के मट्टन सिद्ध ग्रीड को भेजी जा रही थी। करीब एक घंटे बाद 12.30 बजे इंजीनियरों ने लोड 8 से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने के लिए प्रेशर बढ़ाया तो पाॅवर हाउस से 150 मीटर की दूरी पर पैन स्टॉक में ब्लास्ट हो गया। पानी के प्रेशर तेज़ होने के कारण पॉवर हाउस की दीवार को तोड़कर अंदर घुस गया। पाॅवर हाउस पूरी तरह पानी व मिट्टी से भर गया। इस दौरान एक इंजीनियर ने हिम्मत कर पेन स्टॉक वॉल्व बन्द कर दिया। पावर हाउस में पानी भर जाने से 30 कर्मचारी अंदर फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद सुबह के समय रेस्क्यू किया गया।
मनुष्य जीवन वही सार्थक है जो निष्काम भाव से सेवा साधना में संलग्न है। इसको वाक्य को साबित किया है अंकुश गुप्ता व उनकी टीम ने । अंकुश व उनकी टीम ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज सेवी के रूप में अपनी पहचान करवाई है। उन्होंने अपनी टीम के साथ एक मुहिम शुरू की है ताकि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। वह 23 मार्च से लगातार इस मुहिम को चला रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को अंकुश गुप्ता के साथ एसएसपी चंडीगढ़ नीलांबरी विजय जगदले, एरिया काउंसलर शक्ति प्रकाश देवशाली, एरिया एसएचओ जसबीर सिंह, मेंदल अध्यक्ष सतबीर ठाकुर, दीपक शर्मा, शिव राणा, सुशील पांडे, ललित गाबा, गौरव ठाकुर, गुरमीत मन्नी, मनदीप, सुभाष कुमार, लकी , विशाल, सुभाष मौर्य, शिला नाथ गुप्ता, अमित, सौरव, गोपाल बेनीवाल ने संजय कॉलोनी में 3000-3500 मास्क और रात का भोजन वितरित किया। अंकुश बताते है कि इस तरह वे आगामी दिनों में भी जरूरमन्दों की यथासम्भव मदद करेंगे। उन्होंने अपनी टीम का भी आभार व्यक्त किया व कहा कि बिना इनके सहयोग के यह कार्य सफल नही जो सकता। इनका अहम योगदान रहा है।
जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ० आर के परूथी ने 24 मार्च और 20 अप्रैल 2020 को जारी किए आदेशों की निरंतरता में आदेश जारी करते हुए बताया कि जिला में बैंकों, वितीय संस्थानों, जीवन बीमा और विभिन्न विभागों तथा निजी मालिकों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों पर कर्फ्यू ढील की समय सीमा, सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक, लागू नहीं होगी।
चंबा जिला प्रशासन द्वारा बाहरी राज्य से चम्बा जिला में गर्मियों के सीजन के दौरान आने वाले गुज्जरों को लेकर कुुछ एहतियातों के साथ दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक गुज्जर अपने पशुओं के झुंड के साथ अपनी चरागाहों का रुख करेंगे। इस दौरान वे किसी रिहायशी इलाके में नहीं जाएंगे। किन्हीं परिस्थितियों से यदि परिवार के सदस्य पीछे रह जाते हैं तो उन्हें पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखा जाएगा जिसकी निगरानी और देखरेख संबंधित प्रधान और वार्ड सदस्य के अलावा पंचायत सचिव करेंगे। चंबा जिला की सीमा में जैसे ही यह प्रवेश करेंगे उसी समय बॉर्डर पर तैनात टीम इसकी तुरंत सूचना संबंधित खंड विकास अधिकारी और पुलिस को देगी ताकि उसी के अनुरूप इनकी व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा सके। चूंकि गुज्जर पड़ोसी राज्य के रेड या ओरेंज जोन से आएंगे इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रैंडम आधार पर उनके सैंपल लिए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पंचायत प्रधानों को भी यह हिदायत दी गई है कि वे गुज्जरों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री धारों तक पहुंचाने के लिए मैकेनिज्म तैयार करें ताकि उनकी मूवमेंट को रिहायशी क्षेत्रों के लिए सीमित किया जा सके और उन्हें भुगतान के आधार पर सभी आवश्यक खाद्य सामग्री भी मुहैया होती रहें। जारी किए गए निर्देशों की प्रतियां पुलिस अधीक्षक चंबा के अलावा जिला के पांगी उपमंडल को छोड़कर अन्य उपमंडलों के एसडीएम को भी भेज दी गई हैं। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि यह निर्देश हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड- 19) (संशोधन) रेगुलेशन 2020 की धारा 3 के तहत जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा 3 मई को जारी दिशा निर्देशों में आंशिक संशोधन करते हुए नए निर्देशों के तहत हिमाचल प्रदेश के बद्दी से आने वाले सभी व्यक्तियों को बफर क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखने की हिदायत जारी की है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के अंतर जिला से आने वाले व्यक्तियों को अब पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन के बजाय होम क्वॉरेंटाइन रहना होगा। लेकिन इसमें यह शर्त रहेगी कि उसके घर में पर्याप्त जगह हो ताकि वह अपने आप को सही तरीके से होम क्वॉरेंटाइन कर पाए। यदि ऐसा नहीं हो सकेगा तो उसे समीपवर्ती क्वॉरेंटाइन सुविधाओं में भेज दिया जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन के बेहतर संचालन के लिए जैसे ही व्यक्ति जिला के बॉर्डर चेक पोस्ट से एंट्री करेगा तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित खंड विकास अधिकारी के अलावा पंचायत प्रधान और सचिव को भेज दी जाएगी। खंड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के सभी प्रोटोकॉल का पालन करे। इसको लेकर व्यक्ति और उसके परिवार जनों को जागरूक करने के साथ परामर्श भी दिया जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन हुए व्यक्ति की पंचअस्त्र प्रोटोकॉल के तहत निगरानी करने की जिम्मेदारी संबंधित निगरानी कर्मी और पर्यवेक्षक अधिकारी की तय की गई है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला सोलन से बाहर जाने वाले तथा जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह नियुक्तियां आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 34 तथा हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) संशोधन नियमन 2020 की धारा 03 के तहत प्रदत्त शक्तियोें का प्रयोग करते हुए की गई हैं। यह सभी नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नोडल अधिकारी विवेक चन्देल की पूर्ण देख-रेख में कार्य करेंगे। इन आदेशों के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेश सिंघा को बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड तथा उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82198-91321 पर सम्पर्क किया जा सकता है। खनन अधिकारी सोलन कुलभूषण शर्मा को उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर तथा दिल्ली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82628-20001 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रदेश विद्युत बोर्ड के एसडीओ सन्नी कुमार जगोता कोे महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात तथा गोआ के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 94591-75377 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला योजना अधिकारी नरेश शर्मा को देश के अन्य शेष राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 70182-12114 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में इस सम्बन्ध में समग्र प्रबन्धन का कार्य हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह देखेंगे। वे उक्त क्षेत्र में सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए पुलिस अधीक्षक बद्दी, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ एवं बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ सम्न्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और उनके युवा साथियों ने कोरोना योद्धायों को सम्मानित करने की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए शनिवार जिलाधीश बिलासपुर राजेश्वर गोयल, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर दिवाकर शर्मा, एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य, जिला प्रशासन में कार्यरत संदीप ठाकुर, वार्ड नम्बर 11 से पार्षद नवीन वर्मा, पत्रकारों कुलदीप चन्देल, अश्वनी पंडित, संजय शर्मा, विकास, जितेंद्र, संतोष, अभिषेक सोनी, राजू सेन व बिलासपुर जिला के नगर परिषद के तमाम अधिकारियों व सफाई कर्मचारियों को पुष्प भेंट कर सम्मानित किए। इस मौके पर नगर परिषद के कर्मचारी जिन्हें युवा नेता ने सम्मानित किया उनमें पूर्व पार्षद वार्ड नम्बर 8 रोहित कुमार, पूर्ण चन्द, मूर्ति देवी, सूरजभान, दीपक, नविता देवी, आशीष, बलबीर, सुख राम, अजय, प्रदीप, गुरुदेव, अंकु, विजय कुमार, राजेश, अंशुल, रोहित, राज कुमार, कमलेश, सरोज कुमारी, सरोज किशोर, बबिता, सत्या देवी, संजय, नीलम, सोनू को मौजूद रहे। इस मौके पर युवा नेता ने सभी का आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में इनका जनसहयोग सराहनीय है। आशीष ठाकुर ने कहा कि ये लोग अपनी जान माल की परवाह किए बिना जनसेवा में लगातार जुटे हुए है। युवा नेता ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि ये लोग पूरे शहर की सफाई के साथ साथ पूरे शहर को रात दिन सेनेटाइज़ करने का जो कार्य कर रहे है यह खुद में ही बहुत बड़ी बात है। आशीष ठाकुर ने पार्षद नवीन वर्मा का भी आभार व्यक्त किया। ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल खत्म होने के बाद वो एक बड़ा कार्यक्रम करेंगे और सभी कोरोना योद्धायों को एक बड़े मंच पर सम्मानित करेंगे। युवा नेता ने जनता से अपील की है कि वो अपने घरों में रहकर खुद को सुरक्षित रखे। इस मौके पर युवा नेता के साथ नरेश कुमार,कमल किशोर व आशिफ हुसैन साथ मे मौजूद रहे।
जिला बिलासपुर में रेडक्रॉस सोसायटी ने काफी संख्या में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों को लाॅकडाउन कर्फ्यू के दौरान खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि रैड क्राॅस सोसाइटी को प्रवासियों, जरूरतमंदों तथा असहाय लोगों को भोजन की व्यवस्था करने के दिशा-निर्देश दिए। इस पर तुरंत जिला रैड क्रॉस सोसाइटी ने प्रैस क्लब बिलासपुर, बाबा विश्वकर्मा मंदिर डियारा, राम नाटक क्लब डियारा, श्री दुर्गा संकीर्तन मण्डल डियारा, श्री दुर्गा माता लंगर समिति।चंगर बिलासपुर से समन्वय स्थापित किया और बाबा विश्वकर्मा मंदिर डियारा को फूड कैंप बनाया गया और वहां से भोजन पका कर पैदल चल रहे लोगों के लिए तथा विभिन्न बस्तियों में रह रहे प्रवासी मजदूरों को जगह-जगह पर (नौणी चौक, बस स्टैंड, कन्द्रौर, घागस, गर्ल स्कूल बिलासपुर, लुहणू, डियारा सैक्टर बिलासपुर, टाडू चौक, ओएल, कॉलेज यार्ड के समीप इत्यादि) 39 बस्तियों में दो वैनों के माध्यम से 196 परिवारों के 713 सदस्यों जिनमें 10 साल से छोटे 47 बच्चों को 25 दिनों तक लगातार दो समय के लिए 35 हजार 650 भोजन के पैकेट्स उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त प्रेस क्लब बिलासपुर के सहयोग से बस स्टैंड के बाहर प्रतिदिन आपातकालीन सेवा में कार्यरत कर्मियों और अन्य राज्यों में जाने वाले ट्रकों, एम्बुलेंस और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में लगे वाहनों के चालकों, परिचालकों के लिए भोजन व्यवस्था की गई। प्रैस क्लब द्वारा लगातार 38 दिनों तक 600 भोजन प्रतिदिन के हिसाब से 22 हजार 800 भोजन वितरित किया गया। जिला रैड क्रॉस सोसाइटी के पास जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम, जिला आपदा आपातकालीन केन्द्र और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सूचना प्राप्त होती थी, उस सूचना को संकलित करके तुरंत जरूरमंदों तक जिला स्वयंसेवकों के माध्यम से खाना उपलब्ध करवाया जाता रहा। इन सभी व्यवस्थाओं में अनीश ठाकुर, विशाल ठाकुर, राज कुमार(राजी), अजय चंदेल, पारस गौतम, सुनील पंवर, रितेश मेहता, विनय कुमार, मदन कुमार, सुनील गुप्ता, सुख देव, राज पाल कपिल, संजीवन शर्मा, राजेंद्र कुमार, दीपक पाटिल, पीयूष शर्मा, अभय गुप्ता, दीपक कुमार, कर्ण चंदेल, प्रताप सिंह भल्ला, कुलभूषण मेहता, विकाश पुण्डीर, विशाल दीप वर्मा, दिनेश डोगरा, सुशील पुण्डीर, गोंविद घोष, विजय उपाध्याय, सुभाष ठाकुर, गौरव शर्मा, विजय कुमार, अनूप शर्मा, गोल्डी, विकाश, सीमा राव, अश्वनी पण्डित, वंसीधर शर्मा, संजय शर्मा, विजय चंदेल, जितेंदर, सतीश शर्मा, अभिषेक सोनी, सूरज प्रकाश, राकेश शर्मा और प्रदीप कालिया इत्यादि वालंटियर्स ने लगातार पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य करके कर्तव्य परायणता का परिचय दिया और निःस्वार्थ भाव से सेवा की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्प्ल ने कहा कि सोलन जिला के डेंगू सम्भावित क्षेत्रों में विभिन्न नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों के सहयोग से मच्छर नाशक स्प्रे एंव फोगिंग इत्यादि सुनिश्चिति बनाई जाएगी ताकि डेंगू एवं मच्छरों के कारण होने वाली वाली अन्य बीमारियों से बचाव हो सके। डाॅ. उप्पल आज यहां राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. उप्पल ने कहा कि सभी क्षेत्रों में लोगों से आग्रह किया जाएगा कि अपने घरों में मच्छर नाशक स्प्रे करें और यहां-वहां पानी एकत्र न होने दें। उन्होंने कहा कि लोगों को डेंगू सहित मच्छरों के कारण होने वाली वाली विभिन्न बीमारियों के विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदाताओं की डेंगू के लिए जांच को बढ़ाया जाएगा ताकि संक्रमण को न्यून किया जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यक सावधानियों से डेंगू सहित मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। इस दिशा में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के साथ-साथ गर्मी के मौसम में होने वाली अन्य बीमारियों ये लोगों को बचाने और इस दिशा में जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के इस सम्बन्ध में जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि डेंगू जैसे रोग से बचाव के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस आयोजित किया जाता है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह, सूचना एवं जन शिक्षण अधिकारी सुरेश शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के पर्यवेक्षक देवरत्न शर्मा, सरोजना शर्मा, शशि गुलेरिया, स्मृति गौतम व स्वास्थ्य शिक्षिका सुषमा शर्मा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य खण्ड सायरी सहित अन्य स्वास्थ्य खण्डों में भी राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर कार्यक्रम आयेाजित किए गए।
गत दिनों हंस राज पुत्र चिरंजी लाल गांव बल्ह चुरानी तहसील सदर जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश की हुई मृत्यु पर दु:ख जताते हुए मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बरमाणा के प्रधान चमन ठाकुर ने कहा कि यूनियन अपनी ओर से मृतक हंसराज के परिजनों से मिलकर उन्हें 10 हजार का चैक सौंपेगी। ज्ञात हो हंसराज अपने टैक्सी मालिक जितेंदर कुमार के साथ सवारी छोडऩे अपनी टैक्सी लेकर मध्य प्रदेश गया हुआ था वापिस 07 तारीख को आने पर हंसराज जितेंदर कुमार को स्वारघाट में कोरोना टेस्ट के लिए क्वारंटाइन कर लिया गया था इस दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। हंसराज की मौत के लिए कई संस्थाओं ने डॉक्टर और वहां के कर्मचारियों पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन बरमाणा के प्रधान चमन ठाकुर ने कहा कि जो टैक्सी हंसराज चलाता था वह टैक्सी मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन बरमाणा में कार्य करती थी। उन्होंने बताया कि हंसराज बहुत ही मेहनती व्यक्ति था तथा बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था, और अपने परिवार का सहारा था। उसकी कमाई से ही परिवार चलाता था। चमन ने बताया कि यूनियन आगे भी उसके परिवार की यथा संभव सहायता करेगी तथा उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से भी मांग की है कि वह हंसराज की अचानक हुई मृत्यु की निष्पक्ष जांच करे तथा उसके परिवार के भरण-पोषण में भी सहायता करें ताकि उसके गरीब परिवार को इन्साफ मिल सके।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला बिलासपुर से सम्बन्धित 11 लोग महाराष्ट्र से पठानकोट ट्रेन के माध्यम से पहुँचे। जिन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के द्वारा पठानकोट से बिलासपुर लाया गया। इनमें से 9 पुरूष, 1 महिला और 1 बच्चा शामिल है। बिलासपुर पर सभी लोगों ने राहत की सांस ली और घर पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया। बिलासपुर पहुंचे सभी 11 व्यक्तियों को शिवा इंजीनियरिंग काॅलेज चांदपुर में इनस्टीटयूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing Panchayat Pradhans of various Gram Panchayats of Solan and Sirmour districts through video conferencing from Shimla today urged them to give their wholehearted support to the State Government to sensitize the people of their respective areas regarding COVID-19 and also ensure that the people who had arrived from other parts of the country do not jump home quarantine. Jai Ram Thakur said that Pradhans were one of most important part of democratic setup, as they head the grass root institutions of the democracy. He said that their proactive role in development of their areas as well as in social issues was of paramount importance. He said that Pradhans should come forward to help the poor and migrant labourers by providing them food and shelter. He said that panchayats must also come forward to provide face covers and masks to people. Chief Minister said that as many as 1.15 lakh people have arrived in the State from various parts of the country and about 60,000 more have registered for returning to the State. He said that mass arrival of people from different parts of the country has resulted in increase in the number of COVID-19 patients. He said that there was only one active patient on 1st May, which today has gone upto 34 today. He assured that there was no need to panic as Government was fully prepared to fight the virus and with the help of people of the State, Himachal Pradesh would soon become a corona free state in the country. Jai Ram Thakur said that collective efforts were required to tackle the situation. He said that Pradhans must educate people regarding importance of home quarantine. He said that no one should be allowed to jump home quarantine and if a person does not obey quarantine protocol the same could be brought to the notice of the district administration, so that the violator could be sent for institutional quarantine. Rural Development and Panchayati Raj Minister Virender Kanwar while welcoming the Chief Minister said that the steps taken by the State Government to tackle the cases of Corona have been appreciated even by the Prime Minister Narendra Modi. He said that adequate funds have been made available for panchayats. He said that works under MNREGA would be taken in hand in large scale at the earliest and the same should be expedited. Chairman Zila Parishad Solan Dharampal, Member Zila Parishad Sirmaur Vinay Gupta, Pradhan Gram Panchayat Sataun, Sirmaur Rajneesh Chauhan, Pradhan Gram Panchayat Radiyali Solan Indu Vaidya also shared their views on the occasion. Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain conducted the proceedings of the meeting. Vice Chairman State Civil Supplies Baldev Tomar, Secretary Rural Development and Panchayati Raj Dr. R.N. Batta and other officers were present on the occasion.
जिला के बड्सर उपमंडल के ग्राम पंचायत दादडु के तेजछ गांव में एक व्यक्ति के कोरोना वायरस के संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। इसे जिला के कोविड 19 सेंटर में भेजा जा रहा है। 36 वर्षीय यह व्यक्ति 13 मई 2020 को मुंबई से टैक्सी में यहां वापस लौटा था और स्थानीय स्तर पर संस्थागत संगरोध केंद्र में रखा गया था। गत 14 मई 2020 को इसके नमूने जांच हेतु लिए गए थे और शनिवार दोपहर बाद इसकी रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसके साथ टैक्सी में दो अन्य व्यक्ति भी मुंबई से वापस आए थे जिनमें से एक दादाडु पंचायत के ही कुंनवी गांव का रहने वाला है जबकि दूसरा नादौन उपमंडल के पत्ररेल पंचायत से है। इनके अन्य प्राथमिक एवं द्वितीय संपर्कों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। सम्बंधित एसडीएम को क्षेत्र को सील करने के निर्देश दिए गए है।
पूरा देश वैश्विक आपदा कोरोना से जूझ रहा है। लॉकडाउन में सभी लोग घर में हैं। इस आपदा में भी अपनी जान की परवाह किए बिना आम जनता की बेहतरी के लिए जो लोग रात दिन डटे हैं उनके उत्साह वर्धन के क्रम में समाज का भी कुछ दायित्व बनता है। ग्राम पंचायत धुन्दन के गांव टुयरु के ग्रामीणों द्वारा ऐसे कोरोना महावीरों का सम्मान किया गया। शुक्रवार को ग्राम पंचायत धुन्दन के प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर व महिला मंडल की सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस थाना दाड़लाघाट के एसएचओ मोती सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज कमला वर्मा, कॉन्स्टेबल राकेश, मंजीत, दिनेश राणा, हेड कॉन्स्टेबल बृजमोहन, एचएसजी बालक राम सहित दसेरन नाके में डयूटी कर रहे पुलिस थाना के सदस्यों को सम्मानित किया गया। पंचायत धुन्दन के ग्रामीणों में पंचायत प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर, आशा वर्कर गीता देवी, पूर्ण चंद, गोपाल, सुनीता, बबली, महिला मंडल की सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों ने कोरोना वायरस को फूल मालाओं से सम्मानित किया।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान श्रमिक संगठनों से चर्चा किए बिना श्रम कानूनों में किए गए बदलाव में आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय उप महासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश औद्योगीकरण एवम आर्थिक विकास के पक्ष में है किंतु श्रमिकों, कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। जैसे कि वर्तमान में श्रम कानूनों में बदलाव हेतु संगठनों से विचार विमर्श भी करना चाहिए, किंतु श्रम कानूनो में बदलाव के संदर्भ में ऐसा नहीं किया रहा है जो पूर्णतः अनुचित एवम एक पक्षीय है। इसी संदर्भ में अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) ने एक पत्रक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिया है। इस पत्र में कहा गया है कि यदि हिमाचल में इस प्रकार का मज़दूर विरोधी श्रम कानून लागू होगा तो इससे उद्योग में अशांति का वातावरण होगा जिससे ओधोगिक शांति प्रभावित होगी क्योंकि मजबूरन श्रमिकों को आंदोलन करने के लिए विविश होना पड़ेगा तथा इसी संदर्भ में 20 मई को विरोध दिवस मनाया जाएगा। जिन जिन राज्यों में श्रम विरोधी कानून लागू किया है, भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पुरजोर विरोध किया है। 8 घण्टे से बढ़ाकर 12 घण्टे ड्यूटी करना और इसकी योजना बनाना ऐसा कभी नहीं हुआ। यहां तक कि गैर लोकतांत्रित देशों में भी ऐसा नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार ने साबित कर दिया कि यह सरकार पूर्णतया मज़दूर विरोधी है। इसका जवाब मज़दूर चुनाव के समय अवश्य देंगे क्योंकि मज़दूर विरोधी नीति मज़दूर कभी सहन नहीं करेगा। सीमेंट उद्योगों के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई है। यहां पर श्रमिक 25 सालों से कार्य कर रहें हैं लेकिन पक्के होने की नीति सरकार ने लागू नहीं की है। संगठन से वार्तालाप करके कुछ श्रमिकों को पक्का किया गया है। सरकार यह भी अनदेखी कर रही है, इसलिए सरकार इस विषय चिंतन करें अन्यथा भविष्य में केवल विरोध होगा, मज़दूर विरोधी श्रम कानून के लिए आंदोलन होगा। अन्यथा मज़दूर विरोधी श्रम क़ानून को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाएं।
कांग्रेस सरकार में सीपीएस रहे आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव तथा घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी ने आरोप लगाया है कि कोरोना महामारी के चलते कुछ भाजपा नेताओं द्वारा मनमानी की जा रही है और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके रेड जोन से आए लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर से निकालकर उनके घर भेजा जा रहा है। धर्माणी घुमारवीं में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घुमारवीं के वर्तमान विधायक द्वारा नैना देवी में क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों को घर भेजने के बारे में एक अधिकारी को फोन किया गया। जब उस अधिकारी ने ऐसा करने से मना किया तो अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उक्त विधायक ने उस अधिकारी पर दबाव बनाया और उन लोगों को वहां से निकलवा कर अपने घर भिजवा ही दिया। धर्माणी ने कहा कि इस तरह से यह खतरा और अधिक बढ़ गया है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेड जोन से लोग नेताओं की सिफारिश से होम क्वारंटाइन किए जा रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। धर्माणी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजनीति इतनी हावी हो गई है कि अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करने दिया जा रहा जिसका जीता जागता उदाहरण नादौन की एसडीएम को तब्दील करके चंबा भेजना है। उन्होंने कहा कि नादौन की एसडीएम को भाजपा नेता की बात ना माने जाने का दंड दिया गया है। उन्होंने बिलासपुर प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिलासपुर जिला प्रशासन ने रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया जिसकी वजह से चार कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान हुई। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत के प्रधानों व सदस्यों को भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं क्योंकि इन्हें बार-बार क्वॉरेंटाइन सेंटरों में जाना पड़ता है। जिसकी वजह से ये भी संभावित खतरे में आ जाते हैं। इनकी सुरक्षा का भी प्रबंध किया जाए और इनका बीमा भी किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रबंधन से बातचीत की जाए और इनके सत्संग भवन जो मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित हैं को संस्थागत क्वारंटाइन के लिए उपयोग में लाया जाए। स्कूलों को क्वारंटाइन केंद्र बनाने से वहां दाखिला लेने जा रहे छात्रों को संक्रमण का खतरा है। वहीं कई स्कूलों में क्वारंटाइन किए लोग आधारभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन विभाग के होटलों में कमरों की कम दरें तय करके इस्तेमाल किये जाएं और जो लोग किराया देकर क्वारंटाइन पीयरड में रहना चाहें उन्हें इसकी इजाजत दी जाए।
फतेहपुर उपमंडल के अंतर्गत पौंग डैम जलाशय में शनिवार को एक तैरती हुई लाश मिली जिसे देखकर लोगो मे दहशत फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पंचायत व पुलिस थाना फतेहपुर को दी। शव की शिनाख्त शुक्रवार को पौंग जलाशय में डूबे मछुआरे के रूप में हुई । जानकारी के अनुसार गत दिवस जगनोली गांव का रमेश उर्फ गुड्डू नाम का मछुआरा अपने एक सहयोगी के साथ पौंग जलाशय में नाव पर बैठकर जाल लगाने गया था कि नाव में पानी भरने लगा जिस कारण नाव डगमगाने लगी और रमेश ने नाव से छलांग लगा दी जबकि दूसरा सहयोगी नाव पर चप्पू लगाकर किनारे तक पहुंच गया। बाहर निकल कर उसने शोर मचाया तो स्थानीय लोग व प्रशासन मौके पर पहुंच गया। काफी मशक्कत करनी के बाद भी रमेश का कोई अता पता न चला और अंधेरा हो गया। आखिरकार शनिवार सुबह रमेश का शव तैरता हुआ जलाशय के किनारे मिला। पंचायत पूर्व उपप्रधान रणवीर सिंह ने शव की शिनाख्त करते हुए बताया कि शव जगनोली निवासी रमेश उर्फ गुड्डू का ही है। वहीँ फतेहपुर थाना प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को देर तक शव की तलाश की परन्तु अंधेरा होने के कारण कामयावी न मिल सकी। इस बीच शनिवार एन एफ डी आर की टीम को भी बुलाया गया था परन्तु टीम के पहुंचने से पहले ही रमेश उर्फ गुड्डू का शव तैरता हुआ पौंग डैम जलाशय के तट पर मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर व् गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही इसमे महिला मंडल भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे है। इसी कडी मे महिला मडल शलोगी द्वारा 5100 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष मे दी गई व महिला मडल बहल द्वारा 2100रु की राशि रैड क्रास सोसाईटी को दी गई तथा इनके द्वारा लोगो को 300 मास्क भी बांटे गए। इनके साथ समाजसेवी रजनीश ठाकुर भी मौजुद रहे। वहीं महिला मंडल वहल की प्रधान SD ठाकुर ने कहा कि अभी तक उपमंडल करसोग के अनेको महिला मंडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरतमांदो की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए। इसमे इनके साथ महिला मंडल सचिव सरिता ठाकुर भी उपस्थित रहे।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे अधिकारियों के तबादलों को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से पूछा है कि भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री के दबाव में नादौन की एसडीएम का तबादला चंबा जिले के सलूणी में किस मज़बूरी में किया गया। उन्होंने कहा कि अगर तबादला इतना जरूरी था तो क्या कोरोना संक्रमण खत्म होने के पश्चात नहीं किया जा सकता था। विधायक सुक्खू ने कहा कि ऐसी क्या मज़बूरी थी कि कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रही आईएएस अधिकारी को बदलना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह स्पष्ट करें कि संबंधित एसडीएम द्वारा सरकार के ही आदेशों की पालना करने के बाद भी क्यों तबादला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बाहर फंसे लोगों को लाने में भी पिक एंड चूज हो रहा है। नादौन पूर्व भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री आपदा प्रबंधन एक्ट की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं। सूक्खू ने कहा, सीएम को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि विजय अग्निहोत्री के इशारे पर ही क्यूं कर्फ्यू पास जारी किए जा रहे है। कर्फ्यू पास के लिए आम लोगों को क्यूं इतनी जद्दोजहद करनी पड़ रही है और कांग्रेस से जुड़े लोगों के कर्फ्यू पास क्यूं रद्द किए जा रहे है? एसडीएम नादौन के तबादले के बजाए सरकार को पूर्व विधायक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी क्योंकि, पूर्व विधायक सत्ता की धौंस जमाकर अधिकारियों को डरा धमका रहे हैं। उन्होंने दबाव बनाकर दूसरे प्रदेशों से आए अपने करीबियों को घर में क्वारंटीन कराया हुआ है और जबकि बाकी अन्य लोगों को कॉलेज व स्कूलों में क्वारंटीन करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। सरकार ये दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है। सूक्खू ने सीएम से इसकी जांच कराने की मांग की है। साथ आपदा प्रबंधन एक्ट की उल्लंघना के दोषी नेताओं पर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है। सुक्खू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सलाह दी है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक कारगर नीति बनाई जानी चाहिए ना कि कोरोना योद्धाओं के तबादलों की सूची। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के संरक्षण की जरूरत है ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। यही सही मायनों में कोरोना योद्धाओं के लिए सम्मान और पुरस्कार है।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हिमाचल को एक लाख बीस हजार मास्क वितरण का कार्य शुक्रवार सुलयाली औन्द और ठेहड़ पंचायतों से शुरू हो गया। विधायक राकेश पठानियाँ के दिशा निर्देशों के अनुरूप मंडल अध्यक्ष कुलदीप पाठक और प्रदेश युवा मोर्चा के सचिव भवानी पठानियाँ समूची विधानसभा में कातिल कोरोना के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर डटे रहेंगे और मास्क वितरण में अवश्य दिशा निर्देश देंगे। पार्टी की रीढ़ अर्थात बूथ अध्यक्ष, बूथ लेवल अधिकारी और बूथ पालक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे । कड़ी में आज सुलयाली पंचायत में 2600 औन्द पंचायत में 1100 व ठेहड़ पंचायत में 2200 मास्क वितरित किये गए। विधायक राकेश पठानियाँ ने आहवान किया है कि सभी लोग मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करना सीख लें क्योंकि अब हमे जीवन कोरोना के साथ ही जीना है और जरूरत इस बात की है कि अपनी रोग क्षमता को बढ़ाकर कोरोना को हमे हर हाल में मात देनी है। मास्क वितरण टीम में मंडल अध्यक्ष के अतिरिक्त सुदर्शन लाला, जोगिंदर सिंह, व मंडल सचिव वरुण पठानिया भी उपस्थित रहे।


















































