जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक सोलन द्वारा कोविड-19 रिलीफ फण्ड, जिला सोलन में 11 लाख रुपए का अंशदान किया गया है। बैंक के अध्यक्ष विजय सिंह ठाकुर ने 11 लाख रुपए का चैक उपायुक्त सोलन के.सी. चमन को भेंट किया। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, सोलन से विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप तथा बैंक के प्रबन्ध निदेशक टशी सुन्डूप उपस्थित थे। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन विवेक चन्देल ने दी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में संल्गन उद्योग, कर्फ्यू से छूट प्राप्त उद्योग एवं ऐसे उद्योगों को अपनी औद्योगिक इकाईयां कार्यरत रखने के निर्देश दिए हैं जिन्हें नियमित प्रक्रिया में रख जाना आवश्यक है। इस सम्बन्ध में जिला दण्डाधिकारी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में संल्गन उद्योग, ऐसे उद्योग जिन्हें नियमित प्रक्रिया में रखा जाना आवश्यक है तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों सहित उन सभी इकाईयों पर लागू होंगे जिनके सम्बन्ध में जिला दण्डाधिकारी द्वारा 24 एवं 26 मार्च, 2020 को आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्य उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित बनाना है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला दण्डाधिकारी ने इन परिस्थितियों के दृष्टिगत निर्देश दिए हैं कि कर्फ्यू से छूट प्राप्त सभी औद्योगिक इकाईयां न्यूनतम आवश्यक कर्मचारियों के साथ कार्यरत रहेंगी। इन इकाईयों के सभी कामगारों एवं कर्मचारियों के लिए प्रबन्धन के बुलाए जाने पर कार्य करना अनिवार्य होगा। यदि कोई कर्मचारी अथवा कामगार प्रबन्धन केे बुलाए जाने पर भी जानबूझ कर अनुपस्थित रहता है तो प्रबन्धन इनके विरूद्ध नियम एवं प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही करने के लिए स्वतन्त्र होगा। यह आदेश केवल उन्हीं कामगारों एवं कर्मचारियों पर लागू होंगे जो वर्तमान में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र एवं जिला सोलन के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में रह रहे हैं किन्तु उद्योग प्रबन्धन द्वारा बुलाए जाने पर भी कार्य के लिए नहीं आ रहे हैं। यह आदेश उन कामगारों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे जो कफ्र्यू के कारण जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर अथवा राज्य में कहीं फंस गए हैं अथवा रह रहे हैं। इन आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंतरराज्यीय, राज्यान्तरिक तथा जिला के भीतर कामगारों एवं कर्मचारियों की आवाजाही पूर्ण रूप सेे प्रतिबन्धित रहेगी। इन उद्योगों के प्रबन्धन को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत उद्योग परिसर में जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन किया जाए। प्रबन्धन सोशल डिस्टेन्सिग, सेनीटाईटेशन एवं सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखेगा। यह आदेश प्रथम अप्रैल, 2020 से प्रभावी हो गए हैं।
प्रशासन द्वारा नालागढ़ के रामशहर रोड पर स्थित मुस्लिम मरकज से 43 लोगों का रेस्क्यू कर, उन्हें क्वारंटाइन में भेजा गया है। बताया जा रहा है की यह 43 लोग 18 मार्च को रामशहर रोड पर स्तिथ मुस्लिम मरकज में पहुंचे। इन मे से कुछ लोगों को नालागढ़ की विभिन्न पंचायतों में ठहराया गया था। प्रशासन ने इन सभी का रेस्क्यू कर क्वारंटाइन वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। साथ ही बद्दी में भी दो लोगों को रेस्क्यू कर क्वारंटाइन वार्ड में भेज गया है। एसडीएम नालागढ़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सभी 43 लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर लेबर हॉस्टल में भेज दिया गया है और उनकी जांच की जा रही है। मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी नालागढ़ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जगतार मोहम्मद ने बताया कि 18 मार्च को गाजियाबाद से 43 लोगों की जमात उनके मरकज में आई थी, जिसकी सूचना आईबी विभाग को उनके द्वारा पहले ही दे दी गई थी और नालागढ़ प्रशासन को भी दी जा रही है।
जिला दण्डाधिकारी के।सी। चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आने वाले सभी चालकों की सुविधा के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में ब्रूरी स्थित तरनतारन ढाबा (मोबाईल नम्बर 98057-50505), शमलेच में तपन हुंडेई के समीप स्थित प्रदीप भोजनालय (मोबाईल नम्बर 98829-06415), सनवारा स्थित अमृत ढाबा (मोबाईल नम्बर 98050-29028) तथा जाबली स्थित शेखर ढाबा (मोबाईल नम्बर 98164-25580) आगामी आदेशों तक प्रतिदिन हर समय खुले रहेंगे। इन सभी में कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग एवं प्रत्येक टेबल के मध्य एक मीटर की दूरी तथा अन्य निर्देशों सहित परिसरों को उचित प्रकार से सैनिटाईज करने के नियम का पूरा पालन करना होगा। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक सोलन, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन, उपमण्डलाधिकारी सोलन, सहायक आयुक्त परवाणु एवं ढााबा मालिकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ राजीव सैजल ने सभी प्रदेश एवं जिलावासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत धैर्य बनाए रखें और विभिन्न दिशा-निर्देशों का पालन करते रहें ताकि इस आपदा से सफलतापूर्वक निपटा जा सके। डाॅ सैजल सोलन जिला के नालागढ़ में इस सम्बन्ध में की गई तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने समूचे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेेत्र में कोरोना वायरस के सम्बन्ध में प्रशासनिक एवं पुलिस तैयारियों की समीक्षा की और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने पूरे क्षेत्र में तैयार की गई क्वारेनटाईन सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और इनके विषय में आवश्यक निर्देश जारी किए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि लोगों को अद्यतन सूचना प्रदान की जाए ताकि अफवाहें न फैलें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के खतरे से सफलतापूर्वक निपटने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार इस दिशा में तत्पर एवं सजग है तथा मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर स्वंय दैनिक एवं नियमित आधार पर पूरी स्थिति का अनुश्रवण कर आमजन के हित में निर्णय ले रहे हैं। डाॅ. सैजल ने कहा कि कोविड-19 के खतरे से प्रभावी रूप से निपटने के लिए बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेेत्र को 10 सैक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में एक-एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में सभी को आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होेंने कहा कि समर्पण एवं कत्र्वयनिष्ठता के साथ ही इस चुनौती से निपटा जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशासन इस समय ऐसे प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति तक पंहुचे, जिसे भोजन की आवश्यकता है। ऐसा कोई भी परिवार तथा व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ऐसे परिवारों एवं व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है तथा उन तक सहायता पंहुचाई जा रही है। उन्होेने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेेत्र प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और इस क्षेत्र में पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है ताकि प्रवासी कामगारों को कोई परेशानी न हो। डाॅ. सैजल ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए इस दिशा में केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित एसओपी का पूर्ण पालन करें। उन्होंने इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विद्युत, जल, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तथा खाद्यान्न भण्डार की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होेने क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं पर सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने आग्रह किया कि पूर्व की भान्ति प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन को सहयोग देते रहें। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने राजस्व जिला बद्दी में इस सम्बन्ध में पुलिस व्यवस्थाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कफ्र्यू समय में सड़कों पर दिखे तो इनकी जानकारी मोबाईल नम्बर 76509-18851 पर प्रदान की जा सकती है। उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा ने आवश्यक सेवाओं, क्वारेनटाईन सुविधा सहित अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जिला भाजपा अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, दून मण्डल भाजपा के अध्यक्ष बलबीर ठाकुर, मण्डल आयुक्त शिमला राजीव शर्मा, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
दी मांगल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलदेव राज चौहान ने कहा है कि सभा के ट्रक 20 व 21 मार्च को बागा प्लांट से लोड होकर प्रदेश व देश के विभिन्न स्थानों पर गए थे। देश में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाऊन हो गया। इस कारण ट्रक बिना अनलोड किए कई स्थानों पर खड़े हैं। वर्षा होने के कारण ट्रकों में भरा क्लिंकर व सीमेंट खराब हो जाएगा जिस कारण कंपनी आप्रेटर्ज से इसकी भरपाई करेगी। सभा ने कहा कि इस समय देश में संकट की घड़ी में सभी ऑपरेटर सरकार के साथ खड़े हैं तथा सरकार के सभी निर्देशों का पालन कर रहे हैं। सभा ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सीमैंट व क्लिकर से लोड की गई गाड़ियों की कोई उचित व्यवस्था की जाए ताकि सभा व आप्रेटर्ज को किसी भी प्रकार का कोई आर्थिक नुक्सान न हो।
'मानव को मानव हो प्यारा एक दूजे का बने सहारा' यह दोहा चरित्रार्थ किया अर्की ब्रांच के संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन जोन पांच द्वारा जरूरत मंद लोगों को राशन की किट बांटी गई।संत निरंकारी मंडल ब्रांच अर्की के मुखी गरीब दास ने बताया कि कोरोना जैसी भयंकर महामारी के चलते सोमवार को एसडीएम अर्की विकास शुक्ला व पुलिस विभाग के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को टिककरी सुना (जयनगर) पहुंच कर राशन की किट बांटी गई और साथ में अर्की अस्पताल से नेकराम की धर्मपत्नी जो कि 4 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी उनको अस्पताल से सोमवार को छुट्टी मिलने पर सुरक्षा के साथ जयनगर भी पहुंचाया गया।संत निरंकारी मंडल अर्की ब्रांच के द्वारा राशन किट में राशन सहित अन्य रोजमर्रा की सभी चीजें लोगों को दी गई।
अर्की नगर पंचायत में रह रहे प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सामाजिक संस्थाएँ हाथ बढ़ाने लगी हैं। पहले मुटरू महादेव समिति अर्की ने अर्की में रह रहे प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित किया था तथा अब अर्की विकास मंच द्वारा अर्की नगर पंचायत में प्रवासी मजदूरों तथा अन्य स्थानीय गरीब लोगों के लिए सहायता हेतु खाद्य सामग्री वितरित की गई। जिसमें आटा, दाल, चीनी, नमक व चाय इत्यादि शामिल है। जानकारी देते हुए विकास मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने बताया कि विकास मंच द्वारा सदस्यों के साथ मिलकर अर्की नगर पंचायत में रह रहे लगभग 250 परिवारों को यह खाद्य सामग्री वितरित की तथा उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। प्रत्येक वार्ड में यह व्यवस्था संचालकों द्वारा की जाएगी ताकि सोशल डिस्टेंस भी बना रहे और भीड़ भी कम हो सके। इस अवसर पर हरीश गुप्ता, योगेश वर्मा, प्रभा भारद्वाज, महेंद्र गुप्ता, सोनू सोनी, अजय गुप्ता, गगन चतुर्वेदी, कुलराज किशोर भारद्वाज, सुनील भारद्वाज, हुकमचंद ठाकुर, शुभम, हितेश सहित अन्य मौजूद रहे ।
वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में कार्यरत प्रधानाचार्य रूप राम शर्मा मगलवार को सेवा निर्वत हो गए। उन्होंने शिक्षा विभाग मे 34 वर्षो तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान उन्होंने गणित व विज्ञान विषयों पर रोचक विधी से पढ़ाने केे बहुत से तरीके विकसीत किए। इसके अतिरिक्त उन्होंने बाल आश्रम टुटी कंडी में लगभग 6 वर्ष तक पढ़ाया। उन्हें प्रदेश सरकार ने विद्यालय प्रमुख के नाते तीन बार स्वछता पुरस्कार से भी नवाजा। उन्होंने कहा कि वे सेवा निर्वति के बाद भी विभाग को नि:स्वार्थ सेवा देने को तैयार है। उन्होंने इस अवसर पर सभी अध्यापकों व साथियों का आभार प्रकट किया है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) नियमन 2020 की धारा 2 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला सोलन के सभी ग्राम पंचायत प्रधानों एवं सचिवों को जिला में इस महामारी की निगरानी, रोकथाम एवं नियन्त्रण के उद्देश्य से ‘निगरानी कर्मी’ पदनामित किया है। इन आदेशों के अनुसार महामारी की रोकथाम के उद्देश्य से इन निगरानी कर्मियों के उत्तरदायित्व एवं भूमिका भी निर्धारित की गई है। सभी निगरानी कर्मी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत यह सुनिश्चित बनाएंगे कि ऐसे सभी व्यक्तियों जिन्होंने विदेश गमन किया हो अथवा राज्य से बाहर यात्रा की हो को चिन्हित कर उनका अंकन निर्धारित डाटाबेस में किया जाए। यदि किसी ऐसे व्यक्ति का अंकन डाटाबेस में होने से छूट जाता है तो सम्बिन्धित खण्ड विकास अधिकारी तुरन्त यह कार्य सुनिश्चित बनाएंगे। निगरानी कर्मी अपने क्षेत्र में पूर्ण निगरानी रखेंगे तथा यह सुनिश्चित बनाएंगे कि जिन लोगों को घर पर क्वारेनटाईन किया गया है वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि क्वारेनटाईन किए गए व्यक्ति किसी निर्देश का उल्लघंन करते हैं तो निगरानी कर्मी इसकी जानकारी सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी को प्रदान करेंगेे। निगरानी कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनकी ग्राम पंचायत में विदेश अथवा अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा प्रशासन के अभिलेख में अंकित की जाए। यदि निगरानी कर्मियों को अपने क्षेत्र में किसी व्यक्ति केे स्वास्थ्य के विषय में सन्देह होता है तो वे तुरन्त सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी अथवा खण्ड विकास अधिकारी को सूचना प्रदान करेंगे या नियन्त्रण कक्ष में टोल फ्री नम्बर 104 एवं दूरभाष नम्बर 01792-221234 पर सूचित करेंगे। निगरानी कर्मी किसी व्यक्ति द्वारा कफ्र्यू आदेशों के उल्लघंन की जानकारी सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी को देंगे। इस सम्बन्ध में सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट के सौजन्य से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन दाड़लाघाट जोन पांच द्वारा जरूरत मंद लोगो को राशन की किट बांटी गई। संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट के संयोजक शंकर दास निरंकारी ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी के चलते सोमवार को क्षेत्र के आसपास जरूरत मंद लोगों को राशन की किट बांटी गई। इस राशन किट में राशन सहित अन्य रोजमर्रा की सभी चीज लोगों को दी गई। उन्होंने बताया की इस दौरान करीब 15 राशन की किट लोगों को दी गई।
उपमंडल के अंतर्गत सब तहसील दाड़लाघाट में कार्यरत ऑफिस कानूनगो रविदत्त का सोमवार सुबह हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वह दाड़ला मोड़ पर नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा के साथ दुकानों की चैकिंग करने गए थे, वही मौके पर उन्हे हार्ट अटैक का दौरा पड़ने पर मौके पर निधन हो गया। उनके निधन पर एसडीएम अर्की विकास शुक्ला, तहसीलदार सन्तराम शर्मा, नाजर परविंदर, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा, राजेन्द्र सिंह, विजेंदर कुमार, कर्म चंद कानूनगो, जगदीश ठाकुर, राजेश गुप्ता सहित अर्की एसडीएम कार्यालय व तहसील कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवगंत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हुए इस दुःख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी गहरी सवेंदनाए व्यक्त की है।
अर्की, दाड़लाघाट, भराड़ीघाट, शालाघाट, पिपलुघाट सहित अन्य स्थानों में सुबह कर्फ़्यू के दौरान कुछ घण्टों की रियासत मिलने के बाद लोग राहत की सांस ले रहे है। सोमवार को भी दुकानें खुलते ही दवाइयां, राशन, सब्जियां व फलों की दुकानों पर लोगों ने उचित दूरी बनाकर सामान की खरीददारी की। वहीँ कोरोना वायरस को देखते हुए लोग मास्क लगाते हुए दिखाई दिए। इसके साथ ही अब लोगों ने परिवार के एक ही सदस्य को खरीददारी करने के लिए दुकानों पर पहुंचना शुरू किया है। इसी के साथ दुकानों पर भी उचित दूरी बनाए रखने को लेकर दुकानदार भी सूचना को लगाकर सामाजिक दूरी बनाकर रखने की लोगों से अपील कर रहे है, वहीँ लोग इसका बखूबी पालन करते हुए नजर आ रहे है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन द्वारा गश्त के दौरान लोगों की गाड़ियां चैक की जा रही है। वहीँ बेवजह घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी जा रही है। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों की समस्याओं को दूर करने को लेकर प्रयासरत है। उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी बनाकर रखने व प्रशासन को सहयोग देने की अपील की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय अवस्थी ने प्रेस के नाम जारी ब्यान में कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगे कर्फ्यू व लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक परेशानी उन प्रवासी मजदूरों को हुई है जो खासतौर पर अर्की विधानसभा क्षेत्र में स्थापित दो सीमेंट उद्योग में कार्यरत प्रवासी मजदूरों, आउटसोर्स पर ठेकेदार के माध्यम से उद्योग में काम कर रहे हैं तथा ट्रांसपोर्टर सहित ट्रक ड्राइवर व अन्य स्टाफ जो सीमेंट ढूलाई व क्लिंकर की ढूलाई में लगा है। ये सभी अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। संजय अवस्थी ने सीमेंट उद्योग प्रबंधन से अपील की कि वे इन लोगों को उचित जानकारी हासिल कर इन्हें सहायता प्रदान करें। उनकी स्वास्थ्य जांच कर इन्हें राशन व स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से भी अनुरोध किया है कि अर्की क्षेत्र व जिले के अन्य भागों से बहुत से युवा रोजगार के उद्देश्य से बद्दी, नालागढ़ आदि स्थानों में उद्योगों में कार्यरत है। कर्फ्यू की वजह से उद्योगों के बंद होने के कारण वे अपने घर नहीं आ सके हैं, ऐसे लोगों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन तुरंत करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रधानों व सचिव के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को राशन, मास्क व सेनीटाइजर देने की घोषणा की है, लेकिन पंचायतों को ये सब सामान अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया है, इसकी व्यवस्था भी सरकार तुरंत करें।
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने जिलावासियों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों में ही रहें और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने सभी से यह आग्रह भी किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें और सही सूचना के लिए आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। जिला में सभी आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और जिला प्रशासन नियमित रूप से विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बना रहा है। उपायुक्त ने कहा कि अब यदि जिला में कोई भी व्यक्ति अन्य राज्यों से प्रवेश करेगा तो उसे पहले 14 दिन के लिए जिला की सीमाओं पर स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के साथ लगती जिला की सभी सीमाओं पर स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्र स्थापित कर दिए गए हैं। के.सी. चमन ने जिला के परवाणु, बद्दी एवं नालागढ़ में स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यहां सुविधाओं एवं अन्य आवश्यकताओं के सम्बन्ध में उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला की अन्य राज्यों के साथ लगती सीमाओं का निरीक्षण कर पुलिस प्रशासन को उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाहर से आए स्थानीय निवासियों एवं अन्य के सम्बन्ध में सजग है। सभी ग्राम पंचायत प्रधानों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे व्यक्तियों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध करवाएं और इन्हें 14 दिन के लिए क्वारेनटाईन में रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कर्फ्यू ढील के समय में सोशल डिस्टैन्सिग का पालन करें और आवश्यक वस्तुएं क्रय करने के लिए पैदल ही जाएं। उन्होंने सभी से आग्रह किया इस समय में वाहन का प्रयोग न करें। उन्होेंने प्रवासी श्रमिकों से आग्रह किया कि जिला में अपने-अपने स्थान पर बने रहें और पलायन न करें। जिला प्रशासन उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
वर्तमान में ऐसी अफवाहें फ़ैल रही है की जो प्रवासी व बाहरी लोग या मजदूर अर्की क्षेत्र में रह रहे हैं उन्हें घरों तक छोड़ने के लिए बसे जा रही है। जबकि अभी तक प्रशासन या सरकार द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है तथा जो बाहरी मजदूर या प्रवासी लोग जहां वर्तमान में रह रहा है उसे वहीं रहने के लिए आदेश दिए गए हैं तथा कर्फ्यू के मध्य नजर राशन इत्यादि खरीद करने के सिवाय किसी को भी कहीं अन्य जाने की अनुमति नहीं है l एसडीएम विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी भी प्रवासी को किसी भी तरह की समस्या पेश आ रही है तो उन्हें प्रशासन की तरफ से अर्की व कुनिहार में क्वांरटाईन की व्यवस्था किया जाएगा। इसलिए उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह है किया है कि वे अपनी-अपनी पंचायतों में रह रहे ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों तक यह सूचना अवश्य पहुंचाएं कि बाहरी लोग या प्रवासी मजदूर अपने अपने ठिकानों पर ही रहे तथा किसी के बहकावे या अफवाह में ना आए। उन्हें यह भी भरोसा दिलाएं की प्रशासन व सरकार द्वारा उनकी हर संभव मदद की जाएगीl कोरोना महामारी के कारण ऐसे प्रवासी मजदूरों वह बाहरी लोगों का हिमाचल से बाहर अपने घरों राज्यों को जाना उनके तथा उनके परिवार व आस पड़ोस के लिए खतरनाक हो सकता है l हिमाचल प्रदेश में करोना वायरस का प्रकोप ना हो इसके लिए सरकार ने प्रभावी इंतजाम कर रखे हैं इसीलिए हिमाचल प्रदेश अभी तक सुरक्षित रह पाया है। अर्की थाना क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूर या बाहरी लोग अपने-अपने घरों मे ही रहे।
दाड़लाघाट में आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर मुनाफे से अधिक वसूली को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। नायब तहसीलदार ने दाड़लाघाट बाजार का निरीक्षण कर दुकानदारों से रेट लिस्ट चस्पा करने को कहा है। रविवार को नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा और ऑफिस कानूनगो रविदत्त के नेतृत्व में दाड़लाघाट की कई दुकानों का निरीक्षण किया गया। नायब तहसीलदार बसन्त लाल राजटा ने बताया कि संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस के दौरान कफ्यू में कानून व्यवस्था सुचारू रूप से है तथा कहीं से भी राशन व सब्जी विक्रेताओं से अधिक वसूली का मामला सामने नही आया है। उन्होंने बताया कि उप तहसील दाड़लाघाट के तहत स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़लाघाट के भवन में 5 कमरे आरक्षित कर कफर्यू के दौरान जरूरत मंद प्रवासियों के ठहराव व खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय समाजिक संस्थाओं की सहायता से शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी मामला सामने नही आया है।
कोरोनो वायरस के चलते कर्फ्यू के कारण कुनिहार क्षेत्र में कोई व्यक्ति भूखा न रहे इसका बीड़ा शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार व शम्भू परिवार के सदस्यों ने उठा लिया है। गुफा समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर, सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर, राज झाँझी, चमन लाल मल्होत्रा सहित अन्य सदस्यों ने सोशल डिस्टेंस रखते हुए दूरभाष पर सहमति बनाते हुए निर्णय लिया कि कोरोना वायरस की वजह से लगे कर्फ्यू के कारण कुनिहार जनपद या बाहर से यंहा रुका हुआ कोई गरीब मजदूर भूखा नही रहना चाहिए। समिति व शम्भू परिवार के सदस्य ऐसे लोगों तक पहुंचकर प्रसासन के सहयोग से अपनी ओर से राशन की किट बाँटगी। समिति व शम्भू परिवार ने क्षेत्र वासियों से अपील की है ऐसे कोई लोग उनके आसपास हो तो जरूर समिति से सम्पर्क करें। साथ ही अगर कोई व्यक्ति इस मुहिम में अपना सहयोग करना चाहता हो तो समिति के प्रधान, सचिव व कोषाध्यक्ष से 98053 50519, 94180 48772 व 98162 71806 नम्बरो पर सम्पर्क कर सकते हैं।
कोरोना वायरस के चलते देश व प्रदेश में लगे 22 मार्च के कर्फ्यू के बाद लोगों की जिंदगी मानो ठहर सी गई है। जो जहां है उसी स्थिति में मजबूर होकर कहो, या प्रशाशन या पुलिस की मार से बचना कहो या फिर कोरोना का ख़ौफ़ कहो, जहां का तहां दुबका पड़ा है। बस लोगों को तो आदेश आ गया कि जो जहां है, वही रहे, परन्तु क्या प्रशासन इनकी बुनियादी या रोजमर्रा की वस्तुएं उपलब्ध करवा रहा है। ऐसा अभी कुछ खास देखने को नहीं मिल रहा है, जो लोग 1500 किलोमीटर दूर से यहां कमाने आए थे खासकर ट्रक ड्राइवर उनका हाल देखकर तो लग रहा है कि उनकी स्थिति सबसे दयनीय है बात हो रही है। अर्की के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र दाड़लाघाट की अम्बुजा सीमेंट कम्पनी में ट्रक यार्ड में लगे ट्रक में फंसे कई चालक अपनी व्यथा सुनाते हुए दीखे। ये दाड़लाघाट में स्थित उप तहसील में नायब तहसीलदार के पास अपनी व्यथा लेकर गए थे ताकि इन्हें घर जाने का पास मिल जाए परन्तु यहां का प्रशाशन भी ऊपरी आदेश के चलते पास देने हेतु मुकर गया। चालकों का कहना है कि क्षेत्र में होटल, ढाबे बन्द होने से उनको भोजन की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। उन्हें लग रहा है कि कोरोना वायरस से पहले तो वे भूख से मर जाएंगे क्योंकि गाड़ी में ये स्टोव या गैस चला नही सकते अगर कहीं से रोटी का जुगाड़ हो भी जाता है तो पानी की समस्या व शौच व स्नान की समस्या फिर सामने आकर मुंह बया करके खड़ी हो जाती है। यहां ट्रक यार्ड में इतनी फेसिलिटी नहीं है कि हम यहां किसी भी एक समस्या से छुटकारा पा सके। गौर रहे कि ट्रक यार्ड में सिर्फ ट्रक खड़े करने लायक ही जगह है, जहां पर चालको को सिर्फ आराम करने तक मात्र एक कमरा है जिसमे भी भारी गन्दगी का आलम है। वहीं पास होटल, ढाबे भी बन्द है व चालकों के पास इतना धन भी नहीं है कि वे अपना गुजारा कर सके। हालांकि वो सब तहसील में नायब तहसीलदार के पास भी अपना दुखड़ा लेकर गए थे, परन्तु वहां से भी उन्हें कोई उचित हल मिलता नही दिखा। चालकों ने आग्रह भी किया कि बेशक उन्हें कर्फ्यु पास भी न दिया जाए परन्तु रहने के लिये एक छत व खाना खाने के लिये 2 निवाले ही दे दिए जाएं, ताकि वो इस कठिन घड़ी में अपनी जिंदगी की जदोजहद में भरपेट तो सो सके। जब इस बारे सब तहसील दाड़लाघाट के नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राशन, सब्जी, दवाइयों की सप्लाई के लिए पास दिया जा रहा है, परन्तु कुछ चालकों को भी पास दे दिया गया है। परन्तु जितने भी ट्रक ऑपरेटर्स के चालक हैं उनके लिए यहाँ खाने का इंतजाम हो जायेगा, बाकी ऊपर से आए आदेश के अनुरूप ही हम कार्य कर रहे हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरा देश लॉक डाउन है। पंजाब सरकार व अन्य प्रदेश की सरकारों ने लोड गाड़ियों के लिए उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए राहत प्रदान की है। जो गाड़ियां रास्ते में रुकी हुई थी और जरूरी वस्तुओं वाली गाड़ियों को प्रतिदिन चलने के आदेश दिए हैं। वहीं गैर जरूरी सामान वाली गाड़ियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए और खाली करवाने के लिए वन टाइम राहत प्रदान भी की है। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दाड़लाघाट के सभी ट्रक ऑपरेटर्स ने अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश में भी लाॅकडाउन होने वाले दिन 22 मार्च से लेकर अभी तक लोड गाड़ियां रास्ते में ही खड़ी हैं। जिस कारण ट्रक चालक रास्ते में भूख के मारे परेशान है। इन लोड गाड़ियों में अंबुजा, अल्ट्राटेक, एसीसी की सीमेंट और क्लिंकर की गाड़ियां शामिल हैं। लोड गाड़ी होने के कारण ट्रकों के टायरों ओर कल पुर्जो को नुकसान हो रहा है और चालक लोड गाड़ी छोड़कर कहीं जा भी नहीं सकते हैं। एडीकेएम सोसाइटी दाड़लाघाट के प्रधान बालकराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोड गाड़ियों को उनके गन्तव्य स्थान तक कर्फ्यू पास जारी करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें। वही सभा प्रधान एडीकेएम बालकराम राम शर्मा ने अंबुजा सीमेंट प्रबंधक से भी आग्रह किया कि भाड़े की राशि जो कंपनी के पास जमा है उसे तुरंत सभा के खाते में जमा करवाया जाए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत उत्पन्न परिस्थितियों में सोलन जिला में किसी भी ज़रूरतमन्द व्यक्ति को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में ऐसे ज़रूरतमन्द व्यक्तियोें को चिन्हित कर लिया गया है तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय स्तर ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि परवाणु में परवाणु उद्योग संघ के सहयोग से ऐसे व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था की गई है। इसमें स्थानीय निवासी भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जिला में किसानों की उपज को मण्डियों तक लाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इस सम्बन्ध में व्यवस्था बना दी गई है और किसानों की उपज अब मडियों तक सुगमता से पंहुच रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारे की भी उचित व्यवस्था बनाई गई है और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस व्यवस्था को सुचारू रखें। डाॅ. सैजल ने निर्देश दिए कि जिला में दूध, दही, दवाओं एवं सब्जियों तथा फल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और राज्य के बाहर से जिला में आने वाली ऐसी सभी प्रकार की आपूर्ति में व्यवधान न आए। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कफ्र्यू के दौरान लोगों को परेशानी न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनहित में लिए जा रहे निर्णयों से समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीब परिवारों को अगले तीन महीने तक अतिरिक्त 05 किलो चावल या 05 किलो गेहूं एवं दाल उपलब्ध करवाने तथा महिलाओं के जनधन खातों में अगले 03 माह तक 500 रुपय प्रति माह उवलब्ध करवाने के निर्णय से जरूरतमन्द व्यक्तियोें को सही मायनों में सम्बल मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में अप्रैल तथा मई का राशन एकमुश्त अप्रैल माह में उपलब्ध करवाने के निर्णय के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों के तहत जारी अपने आदेशों में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधित आदेशों के अनुसार किराना, दूध, बै्रड, फल, सब्जी, मीट, मछली, अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ तथा पशु चारा एवं कीटनाशक का विक्रय कर रही दुकानें अब प्रातः 08ः00 बजे से दिन में 11.00 बजे तक खुली रहेंगी ताकि लोग इस अवधि में आवश्यक सामान क्रय कर सकेें। एपीएमसी की सोलन तथा नालागढ़ स्थित सब्जी मंडियां अब प्रातः 07.00 बजे से 11.00 बजे तक कार्य करेंगी। इस अवधि में लोग केवल अपने आवास से आवश्यक खरीददारी करने या आवश्यक सेवाओं तक एवं वापिस आवास ही आ-जा पाएंगे। एक परिवार अथवा आवास से एक ही व्यक्ति को समीम की दुकान से आवश्यक वस्तुएं क्रय करने की अनुमति होगी। वाहनों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस अवधि में सभी को ‘सोशल डिस्टैन्सिग’ प्रक्रिया का पालन करना होगा। इन आदेशों के अनुसार मदिरा विक्रय करने वाली दुकानें बन्द रहेंगी। इस सम्बन्ध में शेष शर्तें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार ही रहेंगी। यह आदेश 27 मार्च, 2020 की सांय 05.00 बजे से प्रभावी हो जाएंगे।
इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन है जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन्ही दिक्कतों को लेकर कुछ संस्थाएं व समाजसेवक अब लोगों की सहायता के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाने लगे है। उपमंडल के दाड़लाघाट पुलिस थाने में कार्यरत हेड कांस्टेबल कमला वर्मा जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट में ट्रक यार्ड में थी तो वहाँ खड़े 6 ट्रकों में जम्मू कश्मीर के ट्रक ड्राइवर कर्फ़्यू के चलते काफी परेशान थे जिसको देखते हुए कमला वर्मा ने उन्हें 10 दिन का राशन उपलब्ध करवाया है। वहीं छामला के नजदीक 16 सालों से किराये के कमरे में रह रही नेपाली मूल की महिला जिसके दो बच्चे है और पति की मृत्यु होने के बाद इसके ऊपर भी दिहाड़ी न लगने से संकटो का पहाड़ था, इस मौके पर भी हेड कांस्टेबल कमला वर्मा ने उसे खाने पीने की वस्तुएं उपलब्ध करवाई है। कमला वर्मा ने कहा कि इस मुश्किल समय में सभी लोगों को जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना चाहिए ताकि लोगों की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
प्रदेश सहित उपमंडल में हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। वीरवार रात से रुक रुक कर हो रही बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। वहीँ इस बार पशुओं के लिए हरे चारे में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। लोगों का कहना है कि मौसम ने जहाँ अपना करवट बदला है, वहीँ किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। स्थानीय लोग बाबूराम, कृष्ण चन्द, परमानंद, बालक राम, कामेश्वर शर्मा, जमना देवी, आशा, कौशल्या, सत्या, रामेश्वरी का कहना है किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई फसल गेंहू, सरसो व तारामीरा के लिए यह बारिश फायदेमंद है। वहीँ गोभी, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, आलू, मूली, शलगम सहित अन्य सब्जियों के लिए भी यह बारिश वरदान बनी है। लोगों ने कहा कि इस बार गर्मियों में पानी की किल्लत से पूरी निजात मिलेगी। गौरतलब है कि इन दिनों लोगों को हरे चारे की समस्या से जूझना पड़ता था जिसके लिए यह बारिश काफी उपयोगी मानी जा रही है।
दाड़लाघाट में प्रातः कर्फ्यू में छूट मिलते ही लोगों की भीड़ राशन की दुकानों पर एकत्रित हो गई, लेकिन कोरोना वायरस का खौफ लोगों में इतना दिखाई दे रहा था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। पुलिस ने जिन दुकानों पर अधिक भीड़ इकट्ठी होती दिखी, उन दुकानों पर 1 मीटर की दूरी पर रंगीन गोले उकेर दिए। लोगों को उन गोलों में ही खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने को कहा। लोगों ने भी प्रशासन की बात को मानते हुए बखूबी नियमों का पालन किया। लोग तब तक अपने गोले में खड़े रहे जब तक उनसे अगले वाले व्यक्ति ने गोला नहीं छोड़ा। पुलिस प्रशासन ने करयाना, सब्जी तथा दवाईयों की दुकानों पर इसी प्रकार की डिस्पेंसिंग दूरी बनाने हेतु लोगों को प्रेरित किया। इस व्यवस्था से दुकानदारों ने भी काफी राहत महसूस की। उचित दुकान की व्यवस्था देखने वाले सुरेंद्र शुक्ला ने कहा की इस व्यवस्था से सामान देने में काफी आसानी रही और ग्राहकों को जल्दी निपटाया गया।
हिमाचल सहित पूरे भारतवर्ष में फैले कोरोना संकट की वजह से जहां इक्कीस दिन का लाॅकडाऊन करके लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प कर दी गई है व लोगों को घर के अंदर ही रहने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोगों की सेवा में तत्पर है, ये पहले की भांति ही अपनी ड्यूटी निभाकर देश सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। हम बात कर रहे है दाड़लाघाट में घर घर से कूड़ा इकट्ठा करने वाले सफाई कर्मचारियों की जो लोगों को कूड़े कचरे से निजात दे रहे हैं। ये लोग सुबह सुबह आकर सभी के दरवाजों से कूड़ा उठाकर उसका उचित ढंग से निष्पादन कर रहे है व लोगो को एक तरह से स्वच्छता का संदेश दे रहे है। हालांकि ये लोग अपने आप को भी कोरोना से बचने के लिये हाथों में ग्लब्ज और मुंह को मास्क से अच्छे तरीके से ढंके हुए है ताकि समाज सुरक्षा के साथ ये अपनी भी सुरक्षा कर सके, परन्तु सिर्फ इनक़े द्वारा ही यह काम पूरा नही होगा बल्कि क्षेत्र में लोगो को भी खुद जागरूक होना होगा तभी इस कोरोना वायरस संक्रमण ने निपटा जा सकता है।
हिमाचल भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने शहर में खाद्य पदार्थ की आपूर्ति की स्थिती को जाना। इस बारे में व्यापार मंडल सोलन से रोजमर्रा मे इस्तेमाल होने वाले सामान के होलसेल और खुदरा व्यापारियों के पास उपलब्ध सामान की जानकारी ली। गुलेरिया ने कहा है की किसानो की फसले तैयार हो रही है कुछ तैयार है जैसे सब्जियां इत्यादी इन्हे मंडियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन से बात की जा रही है। वही प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार दिनरात सभी जरूरी प्रावधानों व व्यवस्थों में लगी है। उन्होंने लोगों से लॉक डाउन के दौरान घरों में ही रहने का आह्वान किया है। साथ ही पुलिस, प्रशासन, बिजली,पानी व स्वास्थ्य में लगे कर्मियों का सहयोग व प्रोत्साहन करने की अपील की है। किसान निश्चिंत रहे उनकी फसलो को मंडियों तक पहुचाने की व्यवस्थाएं करवाई जाएगी साथ ही पशुचारा पशुओं को दिए जाने वाली दवाईयो की उपलब्धता के लिए भी प्रशासन व सरकार से तालमेल बनाया जा रहा है। बहार से हिमाचल में ने वाले तुड़ी वाहन कैसे हिमाचल में पहुंचे इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। पुरषोतम गुलेरिया ने कहा की हिमाचल प्रदेश के कुछ बच्चे बहारी राज्यो में पीजी में रह रहे थे अब पीजी बंद हो गऐ है। उन बच्चो को वहां से लाने के बारे मे सरकार और प्रशासन से बात की जा रही है। सोलन मे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले समान की कमी ना हो उसके लिए नजदीक की मंडियों से बात की जा रही है। उन्होने कहा की पूर्ण रूप से प्रयास किया जा रहा है की शहर मे खाने पीने के सामान की कमी न हो। इस समय व्यापारी वर्ग भी सेवा भाव से काम में लगा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ग कुछ घंटो में कमाई नही कर सकते फिर भी लोगों को रोजमर्रा का सामान मिलता रहे इसलिए अपनी दुकाने खोल रहे है। गुलरिया ने इसके लिए व्यापारियों का आभार जताया। साथ ही उन्हे शाबाशी भी दी कि वह लोग इस समय मे अपना पूर्ण सहयोग दे रहे है। सोलन व्यापार मंडल को भी सराहना की जो प्रशासन और दुकानदारो को समय समय पर वास्तविक स्थिति से आवगत करवा रहा है। उन्होंने कहा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी बूथ प्रभारियों को अपने अपने बूथ में पांच पांच लोगों को खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। गुलरिया ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार व् प्रशासन पूर्ण तालमेल से कार्य कर रहे है।
पूरे विश्व में फैले हुए कोरोना संक्रमण से दुनिया के लगभग सभी देशों में तबाही का आलम हो चुका है। इस तबाही से बचने के लिए दाड़लाघाट में चल रहे कर्फ्यू में दूसरे दिन कर्फ्यू में प्रातः 8:00 से 12:00 तक खरीदारी करने के लिए मिली छूट में दाड़लाघाट व साथ लगते गांव के लोगों को मानो संजीवनी मिल गई। कोई दवा लेने मेडिकल स्टोर की ओर दौड़ा, किसी ने तेज कदमों से किराना दुकान का रुख किया। कोई दूध-ब्रेड के लिए जूझता रहा, किसी ने अगले कई दिनों के लिए सब्जियां खरीदीं। जिसे कुछ नहीं खरीदना था, वह परिवार के साथ इस बहाने खुली हवा में सांस लेने निकला।कर्फ्यू में ढील की जैसे ही घोषणा हुई, सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा।लोगों के चेहरों पर कोरोना वायरस किधर की कोई भी चिंता नही थी। भीड़ देख दुकानदारों ने झटपट दुकानें खोली और जरूरत के सामान दिए। अम्बुजा चौक व बस स्टैंड में करियाना सब्जी व दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। वहीँ स्यार, बरायली, कंसवाला सड़क, अम्बुजा गेट वाली सड़कों पर भी रौनक छाई रही। हालांकि लोगों के चहरों पर आशंका भी झलक रही थी। कई लोग तो अपनी स्कूटर, मोटरसाइकिल व कारों को लेकर ही सड़क पर आ गए थे जिन्हें पुलिस ने कड़ाई से रोक लिया। सर्वाधिक भीड़ करियाना दुकानों पर दाड़लाघाट सहित कर्फ्यू ग्रस्त इलाकों में लोग खरीदारी के लिए निकले। लोगों ने बताया कि ज्यादा दिक्कत राशन और दूध के लिए हुई। लोगों के अनुसार खासकर दूध की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है दूध एकदम खत्म हो जाता है इसलिए ढील मिलते ही लोगों ने सबसे पहले दूध व राशन खरीदा। सबसे ज्यादा भीड़ करियाना व सब्जी की दुकानों में देखने को मिली। कई लोग तो बिना मास्क लगाए ही सड़कों पर घूमते हुए दिखे जिससे लाॅकडाऊन करने का कोई भी फायदा नहीं दिखा। अगर इसी तरह लोग कर्फ्यू की डील में घूमते हुए दिखते रहे तो इस महामारी से लड़ने का या कर्फ्यू में घरों में रहने का कोई औचित्य नहीं होगा। लोगों को चाहिए कि वह संयम, व सतर्कता बरतें व पूरी तरह मास्क व सेनिटाइज़र लगा कर बाहर निकलें तभी इस जंग को जीता जा सकता है।
कर्फ्यू के दूसरे दिन अर्की के लोगों को फल, सब्ज़ियां आदि खरीदने हेतु सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया। इस दौरान उपमंडल मुख्यालय पर लोग खरीददारी के लिए निकल पड़े। हालांकि प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के चलने पर पूरी तरह से पाबन्दी लगा रखी थी। साथ ही पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद दिखी। एस डी एम विकास शुक्ला ने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने का उचित प्रबंध किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे डर कर ज्यादा मात्रा में वस्तुएं एकत्रित न करें। अपितु जिस वस्तु की आवश्यकता हो उसे ही खरीदें। उन्होंने लोगों से खरीदारी करते समय सामुदायिक दूरी बना कर रखने की भी अपील की है।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के चलते लगाए गए कर्फ्यू के प्रति कुनिहार व आसपास के लोग गम्भीरता दिखा रहे है। बुधवार को ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रहे। सुबह 8 से 12 बजे तक कुछ लोग जरूरी सब्जी, फल व राशन के लिए घरों से निकले व खरीददारी के बाद वापस घर चले गए। मंगलवार को जँहा लॉक डाउन के दौरान सड़को पर बाइक,स्कूटर व छोटे वाहन चालकों की भीड़ थी तो वन्ही बुधवार को सड़के सुनसान रही। थाना कुनिहार के एस एच ओ जीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था व कर्फ्यू का सही पालन करवाने के लिए मोर्चा संभाला हुआ है। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यह कड़े कदम उठाए है जिसका हमे पालन करना है ताकि हम व हमारे परिवार सुरक्षित रह सके। एस एच ओ जीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लोग कर्फ्यू का पालन कर रहे है। पुलिस हर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने लोगो से अपील की है कि अत्याधिक जरूरत के लिए ही जिला उपायुक्त कार्यालय के आदेशानुसार तय किए गए समय में ही बाजार का रुख करें व कर्फ्यू का पालन करते हुए भीड़ इकठ्ठी न करें। उन्होंने उन सभी विभागों के कर्मचारियों जो बिजली, पानी, स्वास्थ्य आदि अन्य सेवाएं दे रहे है को अपने साथ आई कार्ड रखने की अपील की है ताकि पुलिस आने जाने वालों की सही पहचान कर सके।
कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने आवश्यक सेवाओं के लिए कर्मियों के सुचारू परिवहन एवं आवश्यक वस्तुओं को समय पर गन्तव्य स्थल पर पंहुचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय राजस्व कर्मचारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगर परिषद एवं नगर पंचायत, कोषागार, कैंट बोर्ड, विद्युत बोर्ड, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, सब्जी मण्डी, बीएसएनएल, विभिन्न बैंक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुर्वेद विभाग तथा विभिन्न निजी टैलीकाॅम सेवा प्रदाताओं, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के कर्मियों को अपने विभागाध्यक्ष द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखने होंगे। इन सभी विभागों, संस्थाओं एवं सेवाओं के विभागाध्यक्ष कार्य के लिए कर्मचारियों के आने-जाने के लिए प्रयुक्त किए जा रहे निजी पूलड् वाहनों के वाहनों के प्रवेश पत्र जारी करने के लिए भी प्राधिकृत हैं। इन आदेशोें के अनुसार बैंकों की नकदी एवं कर्मियों को ले जा रहे वाहनों को अपने वाहन पर ‘बैंक डयूटी’ अंकित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों तथा पैरा मेडिकल कर्मियों को अपने वाहन पर ‘डाॅक्टर अथवा चिकित्सा कर्मी’ दर्शाता बैनर प्रदर्शित करना होगा। इन वाहनों के लिए अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभिन्न आवश्यक वस्तुएं ला रहे वाहनों को ‘आवश्यक वस्तु’ लिखा बैनर प्रदर्शित करना होगा। ऐसे वाहनों के लिए भी अलग से कोई प्रवेश पत्र जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला दण्डाधिकारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों, उपायुक्त सोलन के सहायक आयुक्त, सहायक आयुक्त परवाणु, जिला के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को सम्बन्धित विभागों, संस्थानों एवं व्यक्तिगत आग्रह पर अन्य प्रवेश पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किया है।
कोरोना वायरस को देखकर प्रदेश में लगे कर्फ्यू के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुएं व दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए अर्की प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। एस डी एम अर्की विकास शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि लोगों की सुविधा हेतु उपमंडल में 54 दुकानदारों को डोर टू डोर सामान पहुंचाने के लिए अधिकृत किया गया है। किसी भी व्यक्ति को यदि राशन, सब्जी या दवाई की आवश्यकता हो तो वह उक्त दुकानदारों से उनके फोन नंबर पर संपर्क कर सकता है। अधिकृत किए गए दुकानदार को अपने वाहन द्वारा व्यक्ति को घर पर ही सामान उपलब्ध करवाना होगा। नगर पंचायत अर्की में राशन की दुकान हेतु अनुराग गुप्ता को अधिकृत किया गया है। उनसे 98572 07075 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही सब्जी विक्रेता कालिया ट्रेडर्स से 9816247176 तथा दवा विक्रेता कवर मेडिकोज से 9817499909 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य को भी अधिकृत किया गया है । कुनिहार में विजय कुमार 9817206000, प्रदीप पूरी 9816645041 ग्राम पंचायत मान में अजय 9805353086 डूमहर में सुरेश 9418120211 बलेरा में खेमचंद 9817840732 बातल में हेमराज 9817930694 बखालग में गोपाल 9816337695 शेरपुर में विजय कुमार 8894126767 कशलोग में आसाराम 9816700145 चंडी कशलोग में बलदेव 7831833696 मांगू में प्रताप चंद 9817459507 दाढ़लाघाट में सुरेंद्र शुक्ला 9418061452 कराडाघाट में भगत राम 9882739766 कंधर में देवी राम 9805446790 बेरल में बाबूराम 9816229457 नवगांव में खेमराज 98164 21096 भराडीघाट में दौलत राम 9805840383 पिपलुघाट में रामलाल 9418336123 सऱयांज में सोहनलाल 9805059429 मांजू में मदनलाल शर्मा 9129201127 गलोग में रमेश डबल 8894306003 डमलाना घाटी में सतीश कुमार 9882208809 दाती में हीरालाल 9816111044 बथालग में रमेश कुमार 8894306003 कंसवाला पारनू में विद्यासागर 9816075352 कूंन क्यारघाटी में भूपेंद्र 9418116346 सारमा में प्रेम 9418504848 कशयालू में नरेंद्र 9805614496 जयनगर में राकेश कुमार 9418679985 भूमती में बाल किशन 9805302325 शालाघाट में मोहनलाल 9817118401 बजोलु में रतीराम 9736159639 उचित मूल्य की दुकान अर्की में अमर सिंह 9816292901 खनलग में मदनलाल शर्मा 9129201127 गयाना मैं मोहनलाल 9816004309 डवारू में रतीराम 9882661722 धुन्दन में नरेश कुमार 9318659506 बहली ताल में प्रीतम सिंह 9817459524 जलाना में संजय 9736883561 शहरोल में हरिराम 9459025728 बांजन में जीतराम 9418120811 चाखड़ में दिवाकर सेन 9805879310 दानोघाट में खेमराज 9805271638 जावड़ा में राजेन्द्र वर्मा 9459246753 सन्याडी मोड में खेमराज 9816421096 चइयाँ में लालचंद 98169 68674 खरड़हटी में मंसाराम 9816528452 मलावन में महेश कुमार 9418191220 छयोड खड्ड में कमलेश पाल 9418057090 सानण में सुनील 9817930694 तथा कोलका में मोहनलाल 9817118401
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन किया गया है, लेकिन कुछ लोग इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को दाड़लाघाट पुलिस ने एक दुकान होटल ढाबा पण्डित बैष्णव भोजनालय के दुकानदार के खिलाफ कारेवाई की गई है। होटल ढाबा के मालिक से पुछने पर अपना नाम घनश्याम पुत्र परसराम शर्मा गांव दाती ब्राहम्णा डा घनागुघाट तह अर्की बताया। पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दुकान मालिक पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनयूएस की धारा 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने की है। बुधवार समय 12:15 बजे रात ओझघट में खुफिया सूत्रों से पुलिस को जानकारी मिली कि बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड नंगाली में रात के समय कर्मचारियों द्वारा काम किया जा रहा है, जबकि हिमाचल सरकार द्वारा लागू किया गया है। पुलिस ने बेस कॉरपोरेशन लिमिटेड पहुंचकर वहां फैक्ट्री का का गेट खुला पाया और अंदर फैक्ट्री में सभी लाइट जली हुई पाई। वह फैक्ट्री में बैटरियां चार्जिंग पर लगाई हुई पाई गई। मौके पर अंदर फैक्ट्री में फैक्ट्री कर्मचारी काम करते हुए पाए गए। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि मनमोहन सिंह ने आदेश में फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। वर्तमान समय में वायरस के प्रकोप फैला हुआ है जिस वजह से जिला उपायुक्त महोदय हैं दिनांक 24 3 2020 जिला सोलन में कर्फ्यू के आदेश दिए हैं। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों के बावजूद भी बेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मैनेजमेंट अधिकारी मनमोहन सिंह विनय कुमार प्रोडक्शन मैनेजर ने अपने कर्मचारियों से फैक्ट्री में काम करवाकर महामारी का खतरा पैदा करना, मानव जीवन को खतरे में डालना, राज्य सरकार व उपायुक्त सोलन के आदेश की अवहेलना करना पाया गया। इस संदर्भ में पुलिस थाना सोलन में मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। बुधवार अर्की में एक मामला दर्ज हुआ है जिसके मुताबिक राकेश सूद और पत्नी मधुबाला सूद 17 मार्च ओमान से लौटे थे और अर्की जिला के निवासी कुलदीप सूद के घर रह रहे थे, उन्हें 21 मार्च से को कोरोना के कारण आइसोलेट रहने को कहा गया था। आइसोलेशन के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों से से संपर्क में आने के कारण परिवार के अन्य सदस्यों को भी पृथक रहने का परामर्श लिया गया था। बार-बार हिदायत देने के बावजूद परिवार के सदस्यों ने अपने आप को पृथक नहीं रखा। हिमाचल सरकार द्वारा जारी आदेशों व उपायुक्त के आदेशों के बावजूद उपरोक्त लोगों ने आदेशों की अवहेलना की इस संदर्भ में पुलिस थाना अर्की में उनके खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया है और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने प्रदेश तथा जिला वासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें ताकि सभी मिलकर इस महामारी से प्रदेश एवं जिलावासियों को बचा सकें। डाॅ सैजल इस सम्बन्ध में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे को न्यून करने के लिए अपनाई जा रही ‘सोशल डिस्टैन्सिग प्रक्रिया’ का पूर्ण पालन किया गया तथा सभी उपस्थित जन ने एक-एक मीटर की दूरी बनाकर बैठने का पूर्ण पालन किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि गत दिवस प्रदेश में कोरोना वायरस के खतरे को न्यून करने के लिए कफ्र्यू लागू किया गया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कफ्र्यू का पूर्ण पालन करें और इस दिशा मेें जिला प्रशासन को सहयोग दें। उन्होंने कहा कि गत दिवस ही प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी 21 दिनों तक पूरे देश में लाॅकडाउन करने की घोषणा की है। हम सभी को इसका पूरा पालन करना होगा ताकि कोरोना वायरस को हराया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि इस अवधि में पूरे जिला में आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, दवा इत्यादि की कोई कमी न रहे। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की अन्य जिलों तथा राज्यों से आने वाली आपूर्ति को भी निर्बाध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रधानमन्त्री तथा प्रदेश के मुख्यमन्त्री द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा सभी अधिकारियों द्वारा इनकी अनुपालना सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। उन्होंने किसानों एवं पशु पालकों के लिए भी आवश्यक आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपूर्ति के सम्बन्ध में सरकार के निर्देशों का पालन होना चाहिए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया कि कोराना वायरस के विषय एवं सरकार द्वारा जारी निर्देशों के सम्बन्ध में अफवाहों पर ध्यान न दें। इस सम्बन्ध में परेशानी आने पर स्थापित हैल्पलाईन नम्बरों पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पूरी स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को चैत्र नवरात्र एवं नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, सम्पन्नता एवं स्वास्थ्य सहित नव स्फूर्ति का संचार करेगा। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विद्युत, जल, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तथा खाद्याान्न भण्डार की जानकारी भी प्राप्त की। उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्बन्ध में हैल्पलाईन नम्बर 01792-221234, 104 तथा कफ्र्यू के सम्बन्ध में 24ग्7 हैल्पलाईन पर सोलन जिला के निवासी 01792-297707 पर सम्पर्क करें। उन्होंने आधिकारिक जानकारी के लिए जिला सोलन की वैबसाईट अथवा उपायुक्त सोलन के फेसबुक पेज से सूवना लेने का आग्रह भी किया। पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा तथा योगेश दत्त जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजन उप्पल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक मिलाप शांडिल, एपीएमसी सोलन के सचिव रविन्द्र शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा पूरे देश को 21 दिवस तक लॉकडाउन की अवस्था में रखने का आह्वान किया गया है। हम सब का यह दायित्व बनता है कि अपनी व अपने परिवार और पूरे समाज की सुरक्षा के लिए हृदय से इस लॉकडाउन की अनुपालना करें। बिंदल ने कहा जिस प्रकार श नरेन्द्र मोदी ने अनेक बार देश की जनता से हाथ जोड़ते हुए विनम्र भाव से प्रार्थना की है वह विषय की गम्भीरता को दर्शाता है। जब विश्व के विकसित देश कोरोना की महामारी से नहीं बच सके तो यदि यह संक्रमण हमारे भारत देश में फैल गया तो इस महामारी पर नियंत्रण करना असंभव होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा हमारे भारत देश के लोगों में और हमारी संस्कृति में सदियों से संयम बरतने की परिपाटी रही है। हम अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए मां के नवरात्रों में और सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए नाना प्रकार के व्रत करते हैं, नमक-मीठा छोड़ने का प्रण लेते हैं, हम कठिन-से-कठिन यात्राएं करते हैं, हवन-यज्ञ करते हैं, चिंटियों को आटा डालते हैं, कुत्ते को रोटी व गाय को भोजन देते हैं। यह सब हमारी संस्कृति में प्राणी मात्र के प्रति चिन्ता के भाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा ऐसे में जब मानवजाति पर इतना बड़ा संकट हो तो संयम में रह कर हम समाज की सेवा कर सकते हैं। आओ हम सब मिलकर 14 अप्रैल तक अपने-अपने घरों के अंदर रहें और भारत को कोरोना महामारी से मुक्त करने में सहयोग करें।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने भी पूरे जिला में आगामी आदेशों तक मंगलवार सांय 05.00 बजे से कफ्र्यू लगाने की घोषणा कर दी है। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों के तहत जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार किराना, दूध, बै्रड, फल, सब्जी, मीट, मछली, अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ, दवा की दुकानें तथा ऑप्टिकल स्टोर प्रातः 08ः00 बजे से दिन में 12.00 बजे तक खुले रहेंगे ताकि लोग इस अवधि में आवश्यक सामान क्रय कर सकेें। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस समयावधि में भी किसी भी स्थान पर 04 या उससे अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे। इस अवधि में लोग केवल अपने आवास से आवश्यक खरीददारी करने या आवश्यक सेवाओं तक एवं वापिस आवास ही आ-जा पाएंगे। यह आदेश अस्पतालों, आपातकालीन चिकित्सीय सेवाओं के लिए अस्पताल आने वाले व्यक्तियों, दवा एवं साबुन उत्पादन करने वाली इकाईयों एवं इनके सहायक उद्योगों तथा इनकी परिवहन गतिविधियों, पैट्रोल पम्प, रसोई गैस, तेल ऐजेन्सियों, इनके गोदामों, परिवहन सम्बन्धी गतिविधियों पर लागू नहीं होंगे। इस अवधि में सभी आवश्यक वस्तुओं जिसमें खाद्य पदार्थ, दवा एवं मैडिकल उपकरण सम्मिलित हैं का ई-वितरण जारी रहेगा। निरंतर प्रक्रिया वाली उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां भी इस अवधि में कार्य कर सकेंगी। इन इकाईयों को समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित नियमों एव सावधानियों का पालन करना होगा। आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में संल्गन इकाईयां भी कार्यरत रहेंगी। दण्डाधिकारी कार्य एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के साथ संल्गन सरकारी कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, अग्निशमन सेवाएं, केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधीन पुलिस, सेना, अर्द्ध सैनिक बल एवं अन्य सुरक्षा बल, कोविड-19 के न्यूनीकरण कार्य में संल्गन एसे सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी कर्मचारी जिन्हें सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो, विद्युत, जल एवं नगर परिषद सेवा प्रदाता, बैंक, एटीएम तथा दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी सहित इंटरनेट सेवाएं इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगी। इसके अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा कार्य के लिए छूट प्राप्त तथा जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक आयुक्त परवाणु तथा इस सम्बन्ध में प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमति पत्र प्राप्त सभी पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार आवश्यक वस्तुएं क्रय करने के लिए परिवार अथवा घर का एक ही सदस्य बाहर आ-जा सकता है। यह वस्तुएं समीप स्थित दुकान से क्रय करनी होंगी। सभी को आदेश दिए गए हैं कि वाहन का प्रयोग न करें। छूट प्राप्त समय में ‘सोशल डिस्टेंसिन्ग’ प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। यह आदेश न मानने की स्थिति में विधि अनुसार कार्रवाही की जाएगी। कार्यकारी दण्डाधिकारी, पुलिस अधिकारी, कर्मी इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। उल्लघंन के मामलों को विधि अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। जिला दण्डाधिकारी ने सभी जिला वासियों से आग्रह किया है कि सभी आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं।
पूरे विश्व में फैले हुए कोरोना संक्रमण से तबाही का आलम हो चुका है। वहीं भारत भी इसके संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है। सोमवार से चले हिमाचल में लोक डाउन के बाद मंगलवार शाम 5:00 बजे से कर्फ्यू की स्थिति बन गई है, जिसके मध्य नजर हिमाचल में सरकार द्वारा जरूरी कदम उठाए गए है। इसी के मध्य नजर रखते हुए अर्की तहसील के दो मुख्य सीमेंट उद्योग दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट व बागा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट की भी दोनों इकाइयां 25 मार्च से बंद करने के आदेश सीमेंट प्लांट के यूनिट हेड द्वारा दे दी गई है। दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट के इकाई प्रमुख अनुपम अग्रवाल ने कहां की संस्थान में कार्यरत समस्त कर्मचारी जिनमें समस्त स्टाफ,स्थाई श्रमिक और ठेका श्रमिक 25 मार्च से कंपनी में नहीं आएंगे। उन्होंने अपील की कि सभी अपने घर में ही रहे व बाहर ना निकले ताकि यह संक्रमण एक से दूसरे तक ना पहुंचे पाए। उन्होंने बताया कि इसके तहत आवश्यक सेवाओं में जैसे चिकित्सा सिक्योरिटी विद्युत एवं जल प्रबंधन इत्यादि सेवा ही जारी रहेगी व इन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालन हेतु संबंधित विभाग अध्यक्ष द्वारा संबंधित कर्मचारियों को सूचित कर दिया जाएगा। बाकी कर्मचारी छुट्टी पर रहेंगे। वहीं बागा अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के नवनीत चौहान ने कहा कि बागा सीमेंट वर्क्स में कार्यरत सभी स्थाई कर्मचारी विभिन्न ठेकेदारों के द्वारा नियोजित श्रमिकों को अपने परिवार समाज को सुरक्षित रखने के लिए कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाने को पूर्ण रूप से तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए लॉक डाउन किया गया है व उन्होंने सभी कामगारों से अपील की कि वे इस दौरान अपने परिवार के साथ अपने घर में ही रहे। वही कारखाना एवं आवासीय परिसर में केवल आवश्यक सेवाएं जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा अग्निशमन अन्नपूर्णा बिजली एवं पानी प्रबंधन आदि चालू रूप से जारी रखी जाएगी, जिस के संबंध में सूचना संबंधित अधिकारी को दी दे दी जाएगी जो की सेवा को निरंतर जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका यही है कि हम सभी जन एक दूसरे से अलग रहकर अपने निवास स्थान पर रहे, वह बाहर ना निकले, एक दूसरे से दूरी बनाए रखे और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए संक्रमण को रोकने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के अंतर्गत टायर व जनरल स्टोर की दो दुकानें सरकारी आदेश के बावजूद खुली होने पर दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पहला मामला झरना के पास सडक के दाहिने तरफ एक टायर की दुकान खुली हुई थी और दुकान मालिक ने टायरों को बेचने के उद्देश्य से दुकान के बाहर लगाया था। दुकान में झरना ट्यूब टायर फ्लैप कार अच्छा अससेससोरीज़ लिखा हुआ पाया। दुकान मालिक से नाम पता पुछने पर उसने अपना पता व नाम संजीव कुमार पुत्र हेमचन्द गांव बरायली, डा दाडलाघाट बताया। वही दूसरा मामला दाडला से आगे नजदीक आईटीआई सड़क के बाई तरफ एक दुकान खुली हुई पाई, जिस पर महाजन जनरल स्टोर लिखा था तथा दुकान के बाहर कुरकुरे, नमकीन लटके हुए थे ओर अन्य सामान भी जैसे बिस्कुट आदी रखे हुए थे व आसपास की सभी दुकाने बन्द थी। पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति से उसका नाम पता पुछने पर उसने अपना नाम प्रदीप कुमार महाजन पुत्र प्यारेलाल गांव ग्वाह डा दाडलाघाट बताया। उक्त दोनों दुकान मालिकों पर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एनयूएस की धारा 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने की है।
लाइफस्टाइल में दूध का महत्वपूर्ण योगदान है। यह कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम और विटामिन डी का प्रमुख स्त्रोत है। ज्यादातर भारतीय गाय भैंस का दूध को पसंद करते हैं। लेकिन बकरी का दूध भी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह इम्यून सिस्टम का मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का कार्य करता है और डेंगू व वायरल बुखार में काफी लाभदायक हो सकता है। जैसे आजकल कोरोना वायरस की बीमारी फैल रही है इसमें भी बकरी के दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है और लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इसका नुकसान तो कुछ नहीं है। शरीर का इम्यून सिस्टम ठीक होने से बीमारियां दूर भागती है ऐसे में आपको उन आकारों का सेवन करना चाहिए जिसमें इम्यूनिटी को बढ़ाने की क्षमता हो। बकरी का दूध उन्हीं में से एक है बकरी का दूध सेलिनियम का एक स्रोत है जो इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायता करता है। सफेदे के पत्ते पानी में उबालकर उसके भाप लेकर भी श्वसन तंत्र को मजबूत किया जा सकता है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाएं:- अगर आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म सही है, तो आप ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रूप से काम कर पाएंगे। बकरी का दूध कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है,इसमें कैल्शियम, विटामिन बी,फास्फोरस और पोटेशियम पाया जाता है। साथ ही इसका दूध आयरन और कॉपर से भी समृद्ध है जो आपके मेटाबॉलिज्म रेट को बेहतर करने में मदद करता है। हड्डियों को करें मजबूत:- हड्डी का कमजोर होना आज के समय में एक बड़ी समस्या है। बकरी का दूध इसमें आपकी मदद कर सकता है। यह कैल्शियम से भरपूर है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। कैल्शियम के साथ-साथ बकरी का दूध अमीनो एसिड ट्रिप्टोफेन से भी समृद्ध है जो हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत रखता है। इसका दूध पीने से ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना कम रहती है। आपके दिल के लिए फायदेमंद:- खराब जीवनशैली के चलते दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बता दें कि बकरी के दूध में अच्छे फैटी एसिड पाए जाते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखते हैं। दूध में पोटेशियम के स्तर की प्रचुरता रक्तचाप को कम करने में मदद करती है क्योंकि यह एक वेसोडाइलेटर है। जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। Anti-inflammatory गुणों से भरपूर:- बकरी का दूध Anti-inflammatory गुणों से भरपूर होता है। और इसमें सूजन को कम करने में मदद मिलती है। अगर आप बकरी का दूध पीते हैं तो पेट में सूजन की शिकायत दूर करने में मदद मिलेगी। डेंगू में असरदार है,बकरी का दूध:- मानसून में डेंगू महामारी की तरह फैलता है। वैसे डेंगू से बचने के लिए हर किसी को सतर्कता बरतनी चाहिए। फिर भी किसी को यह बीमारी हो जाए तो बकरी का दूध उसके लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल डेंगू बुखार में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में बकरी का दूध एक आसान और प्रभावी उपाय है,क्योंकि इसमें सेलेनियम होता है। और ब्लड प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इस प्रकार विश्व भर में कोरोना वायरस से फैली बीमारी में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बकरी का दूध मरीज को पिलाकर *कोविड-19* से लड़ा जा सकता है। बकरी का दूध क्षय रोग में भी लाभ देता है। इस प्रकार गिलोय, काली मिर्च, तुलसी पत्ते का काढ़ा भी इसमें कारागार हो सकता है। मरीज को पपीते के पत्ते का रस भी दिया जा सकता है। जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुलोम- विलोम प्राणायाम करवाया जा सकता है। रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए धूप स्नान भी कारागार है। इस प्रकार उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर व साफ-सफाई का ध्यान रखकर इस समय विश्व में आई जैविक आपदा से हम लड़ सकते हैं। इन चीजों से अगर लाभ नहीं होगा तो नुकसान भी नहीं होगा। ज्योतिष (मेडिकल) के अनुसार पक्षियों को बाजरा और सतनाजा बुधवार व शनिवार को देना चाहिए।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए सरकार हर आवश्यक उपाय कर रही है। सरकार मुस्तैद है और कोरोना वायरस के निटने के लिए कड़े कदम उठा रही है। यह बात प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष पुरूषोतम गुलेरिया ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि इस महामारी की कड़ी में प्रदेश की जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। जनता कर्फ्यू पुरी तरह सफल होने के बाद प्रदेश में लागू लॉक डाउन में भी एकदुका घटनाओं को छोडक़र जनता का सरकार को सहयोग मिल रहा है। गुलेरिया ने कहा कि सरकार ने सभी जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अर्लट पर रखा है। जिलों के ऐलापेथी, आयर्वेदिक अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई है। जबकि विदेशों लौटे लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारनटाइंन किया जा रहा है जबकि बीमारी के लक्षण वाले संदिग्ध को घर से उठाकर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। गुलेरिया ने कहा कि सोलन जिला प्रशासन और पुलिस हर जरूरी उपाए किए जा रहे हैं। सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल और जिला आयुवेर्दिक अस्पताल में 25-25 बैड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जरूरत पडऩे पर कुमारहट्टी स्थित एमएमयू अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा है। इसके अतिरिकत नौणी यूनिवर्सिटी के रेस्ट हाउस, सरकार रेस्टहाउस और टूरिजम के कमरों को प्रयोग किया जाएगा। वहीं आपात स्थिति में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के भवनों को भी प्रशासन द्वारा अधिग्रहण होगा। उन्होंने कहा कि यदि लोग सामाजिक दुरिया रखेंगे तो कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने अफवाहों की तरफ ध्यान न देने और सरकार व प्रशासन की तरफ से किए जा रहे उपायों में सहयोग देने का आह्वान किया। गुलेरिया ने लोगों से घरों में ही रहने और सयंम व संकल्प के साथ प्रशासन का सहयोग कर कोरोना महामारी को हराने की अपील की है।
दिनांक 24 मार्च को SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी द्वारा जारी एक प्रेस वक्तकय के माध्यम से SFI ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार के सामने कुछ सुझाव पेश करते हुए प्रदेशवासियों से भी अपील की है। ●प्रदेश और देश के लोग COVID -19 के प्रसार के खिलाफ गंभीर लड़ाई के बीच में हैं। कई राज्यों में, इस घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक सामान्य लॉकडाउन लागू किया जा रहा है जो हमारे प्रदेश में भी किया गया है। ●इस तरह के लॉकडाउन के दौरान, विशेष रूप से घोषित लक्षणों वाले लोगों के परीक्षण को और अधिक स्तर पर करना अनिवार्य है। इस आधार पर, विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है और ऐसे क्षेत्रों में लागू किए जाने वाले लॉकडाउन की पहचान की जा सकती है। ●नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी द्वारा अनुमोदित सभी परीक्षण किटों का उपयोग किया जाना चाहिए। यह अजीब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी किया है कि केवल यूएस एफडीए(अमरीकी दवा प्राधिकरण) और यूरोपीय ईसी द्वारा अनुमोदित परीक्षण किट का ही उपयोग किया जाएगा। रिपोर्टों से पता चलता है कि केवल गुजरात में एक निर्माता है जो इस तरह की किट का उत्पादन करता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इस परिपत्र को वापस ले लिया जाना चाहिए और एनआईवी द्वारा अनुमोदित सभी किटों को तत्काल उपयोग के लिए तैनात किया जाना चाहिए। ●करोड़ों परिवार जो अपने परिवार की दैनिक कमाई पर जीवित रहते हैं, वे वर्तमान में इस तरह के लॉकडाउन के कारण गंभीर रूप से पीड़ित हैं। यह आवश्यक है कि तुरंत कम से कम ₹ 5,000 जन धन खातों और बीपीएल लाभार्थियों को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। ●मध्याह्न भोजन योजना से लाभ पाने वाले बच्चों के परिवारों को राशन किट की आपूर्ति की जानी चाहिए। ●छात्रों की परीक्षा व प्रेक्टिकल को स्थगित किया जाना चाहिए। ● SFI कोरोना वायरस की गम्भीरता को देखते हुए आम जनता से अपील भी करती है कि हमें हर तरह के आवशयक ऐहतियात बरतते हुए अफवाहों से बचना चाहिए तथा इस संदर्भ में फैलाई जा रही भ्रांतियों व गैरवैज्ञानिक पाखण्ड से दूर रहने की आवश्यकता है। ●सभी बीपीएल / एपीएल परिवारों को पीडीएस के माध्यम से मुफ्त राशन एक महीने के लिए दिया जाना चाहिए। ●दुनिया के कई देशों की तरह कोरोना से बचने के लिये आवश्यक दवाएं व सामग्री जैसे सेनेटीज़र, मास्क,आदि का प्रदेश में भी इसी तरह मुफ्त प्रबंधन करना चाहिए। ●इसके साथ ही मझले व छोटे उद्योगों (एसएमई) और खुदरा व्यापारियों के साथ-साथ ईएमआई पर एक वर्ष के लिए बैंक ऋण पर स्थगन होना चाहिए। ●अब जब विधानसभा में बजट पर चर्चा हो ही रही है , तो प्रदेश सरकार को लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को बचाने के लिए पर्याप्त पैकेज के लिए अलग से धनराशि निर्धारित करनी चाहिए। Sfi राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि आज जीवन बचाने के लिए हमारे संसाधनों का उपयोग करने का समय है और हमें राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए चिंताओं का शिकार नहीं होना चाहिए।
प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता अशोक धीमान ने कहा कि कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि उपभोक्ताओं के विद्युत बिल निर्धारित अवधि के एक माह बाद तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जमा किए जा सकेंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे विद्युत बिल जमा करवानेे के लिए विद्युत बोर्ड के काउंटरों पर एकत्रित न हों। कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ आवश्यक है और इसके लिए किसी भी स्थान पर भीड़ एकत्र नहीं होनी चाहिए। लोग अपने बिजली के बिल ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अशोक धीमान ने कहा कि विद्युत सम्बन्धी पूछताछ, शिकायत इत्यादि कार्य के लिए बोर्ड के दूरभाष नम्बरों एवं अधिकारियों के मोबाईल नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है। वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता अशोक धीमान से उनके कार्यालय दूरभाष पर 01792-221418, मोबाईल नम्बर 94184-65666, ईएसडी नम्बर-1 के सहायक अभियन्ता सन्नी जोगटा से कार्यालय दूरभाष पर 01792-221418, मोबाईल नम्बर 94591-75377, ईएसडी नम्बर-2 के सहायक अभियन्ता विदुर से कार्यालय दूरभाष पर 01792-223611, मोबाईल नम्बर 78070-00900, ईएसडी नम्बर-3 के सहायक अभियन्ता बलदेव चन्द से कार्यालय दूरभाष पर 01792-220732, मोबाईल नम्बर 98179-36737, ईएसडी कण्डाघाट के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर से कार्यालय दूरभाष पर 01792-227131, मोबाईल नम्बर 94180-11375, ईएसडी सुबाथु के सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा से कार्यालय दूरभाष पर 01792-256128, मोबाईल नम्बर 94188-28250, सहायक अभियन्ता दिनेश कौंडल से कार्यालय दूरभाष पर 01792-275054, मोबाईल नम्बर 98168-31654, कनिष्ठ अभियन्ता चन्दन से मोबाईल नम्बर 78070-48563, कनिष्ठ अभियन्ता सुरिन्द्र पाल से मोबाईल नम्बर 98161-73608, कनिष्ठ अभियन्ता पंकज ठाकुर से मोबाईल नम्बर 70183-42474, कनिष्ठ अभियन्ता पंकज चैहान से मोबाईल नम्बर 89882-41919, कनिष्ठ अभियन्ता हिमांशु से मोबाईल नम्बर 70180-00474, कनिष्ठ अभियन्ता अनुज से मोबाईल नम्बर 94596-82715 तथा कनिष्ठ अभियन्ता वेद प्रकाश सेे मोबाईल नम्बर 70183-31423 पर सम्पर्क कया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोराना वायरस (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत जिला में स्थापित आवश्यक वस्तुएं उत्पादित करने वाले विभिन्न उद्योगों में कार्यरत कामगारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में सभी उद्योगपतियों एवं उनके कामगारों की आवाजाही पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। इन सभी को प्रदेश के भीतर ही रहना होगा। इन्हें जिला में स्थापित होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में ठहराया जा सकेगा। इसके लिए इन्हें सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त परवाणु को आवेदन करना होगा। यह अधिकारी उपरोक्त को अपनी सीमा में समीप के होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में सामान्य भुगतान पर ठहराने के लिए अधिकृत होंगे। यह भुगतान सम्बन्धित कम्पनी द्वारा किया जाएगा। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन होटलों, गेस्ट हाऊस इत्यादि में उद्योगपतियों एवं उनके कामगारों के अतिरिक्त कोई अन्य न ठहरे। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त परवाणु को इन कामगारों को कार्यस्थल से उद्योग परिसर लाने-ले जाने के लिए कान्ट्रेक्ट कैरियेज को छूट देने के लिए प्राधिकृत किया गया है। कान्ट्रेक्ट कैरियेज को कुल यात्री क्षमता के 70 प्रतिशत से अधिक कर्मी ही ले जाने के नियम का पालन करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में भी आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लाॅकडाउन अधिसूचित किया गया है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने दी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के तहत राज्य के भीतर और राज्य से बाहर सार्वजनिक एवं निजी स्टेज तथा कान्ट्रेक्ट कैरियेज जिसमें टैक्सी, ऑटो रिक्शा इत्यादि सम्मिलित हैं की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। रेल तथा व्यावसायिक विमानों की आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निजी वाहन भी केवल आपातकाल स्थिति, अस्पताल आने-जाने और आवश्यक सेवाओं के लिए ही प्रयोग किए जा सकेंगे। इस आदेश के उपखण्ड 2 में लिखित सेवाओं के लिए माल वाहक वाहनों को आवाजाही की अनुमति होगी। के.सी चमन ने कहा कि इन आदेशों के उपखण्ड 2 के अनुसार जिला में किराना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट, मछली और अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाली दुकानों और इनकी परिवहन संबंधी गतिविधियों एवं भण्डारण के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कारखाने, कार्यशालाएं, भण्डारण इत्यादि बन्द रहेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल, दवा की दुकानें, ऑप्टिकल स्टोर, दवा एवं साबुन निर्मित करने वाली इकाईयां तथा इनसे संबंधित परिवहन गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके अतिरिक्त पेट्रोल पंप, रसोई गैस, तेल एजेंसियां, इनके भण्डारण और इनकी परिवहन संबंधी गतिविधियां भी जारी रहेंगी। खाद्य पदार्थों, दवा एवं चिकित्सा उपकरणों सहित सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-काॅमर्स (वितरण) भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उपखण्ड 2 केे तहत उपायुक्त की अनुमति से निरंतर प्रक्रिया वाली उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां कार्य कर सकेंगी। इन इकाईयों को समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित नियमों एव सावधानियों का पालन करना होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित सभी बचाव नियमों की अनुपालना के अनुरूप दवाओं एवं सैनिटाईजर के लिए मदिरा उत्पादन करने वाली इकाइयां भी कार्य कर सकेंगी। आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रही इकाईयां भी कार्यरत रहेंगी, किन्तु इस विषय में उपायुक्त का निर्णय अंतिम होगा। के.सी. चमन ने कहा कि 9 मार्च, 2020 या उसके उपरान्त विदेश से देश में आने वाले सभी नागरिकों को होम क्वारन्टाईन के निर्णय का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसे सभी नागरिकों को जिला निगरानी अधिकारी सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा और 104 टोल फ्री नंबर पर होम क्वारन्टाईन के लिए स्वंय को पंजीकृत करवाना होगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त नेे कहा कि इन आदेशों के अनुसार लोगों को घर पर रहना होगा और केवल बुनियादी आवश्यकताओं जैसे किराना, सब्जी, दवा, आदि की पूर्ति तथा अनिवार्य कार्य सम्बन्धी यात्राओं की ही अनुमति होगी। इसके लिए भी समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों एवं ‘सोशल डिस्टैंसिंग’ प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी परिस्थिति में सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल-कूद, राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, पारिवारिक समारोह सहित सामूहिक समारोहों या अन्य किसी भी सभा की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों को खुला रखने की अनुमति है में परिसर के भीतर और बाहर दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य को 21 मार्च, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत विनियमित किया जाएगा। कानून एवं व्यवस्था तथा दण्डाधिकारी कार्य मंे सल्गंन कार्यालय, पुलिस, सशस्त्र बल, केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य, कोषागार, शहरी स्थानीय निकाय, ग्रामीण विकास, अग्निशमन, विद्युत, जल, नगर परिषद सेवाएं, बैंक व एटीएम, प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक व सोशल मीडिया, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी सहित इंटरनेट सेवाएं, डाक सेवाएं, आपूर्ति श्रृंखला व संबंधित परिवहन तथा उपायुक्त द्वारा निर्देशित अन्य सेवाएं यथावत कार्यरत रहेंगी। आवश्यक सेवा एवं संस्थान के सम्बन्ध में उपायुक्त का निर्णय अन्तिम होगा। उपरोक्त विभागों में कार्यरत कर्मचारी मातृत्व अवकाश के अतिरिक्त अन्य किसी अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। पूर्व में स्वीकृत अवकाश को तत्काल प्रभाव से रद्द माना जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा आधार पर अवकाश जिला स्वास्थ्य बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने पर ही स्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि धारा 144 के तहत 21 मार्च को जारी आदेशों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इस संशोधनों के अनुसार जिला में विभिन्न विभागों, बोर्डों एवं निगमों द्वारा कार्य के लिए किराए पर ली गई टैक्सी पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों के कर्मियों को लाने-ले जाने वाले कान्टैªक्ट कैरियेज वाहनों पर भी यह आदेश लागू नहीं होंगे। इन वाहनों में कुल यात्री क्षमता के 70 प्रतिशत से अधिक यात्री नहीं होने चाहिएं। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों के कर्मियों को राज्य के भीतर ले जाने वाली निजी कारों में चालक सहित स्वीकृत क्षमता में ही कर्मी ले जाने की अनुमति होगी। विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली निजी कारों में चालक सहित स्वीकृत क्षमता में ही कर्मी ले जाने की अनुमति होगी। दवा उद्योग तथा आवश्यक उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को कान्टैªक्ट कैरियेज वाहनों की सूची पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी तथा परवाणु से सम्बन्धित सूची सहायक आयुक्त परवाणु को सौंपनी होगी। इन आदेशों की अवहेलना पर विधि अनुसार कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।
सोलन के कोटलनाल में धारा 144 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। सोमवार सोलन पुलिस को कोटलानाला में फैजान हेयर ड्रेसर नाम की एक नाई की दुकान खुली मिली। दुकान के अंदर एक व्यक्ति पाया गया जिसने अपना नाम मोहम्मद सादिक निवासी गांव अलीपुरा बिजनौर उत्तर प्रदेश बताया। गौरतलब है की देश-दुनिया व हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में तेज़ी से फ़ैल रहे कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते जिला सोलन में धारा 144 द०प्र०सं० दिनांक 15-04-2020 तक लागू की गई है तथा उपायुक्त सोलन के आदेशानुसार सभी हैयर स्लून /बारबर शॉ, ब्यूटी पार्लर व माल्स को अगले आदेश तक बन्द करने के आदेश जारी किए गए है। जो मोहम्मद सादिक उपरोक्त द्वारा यह जानते हुए की दुकान खोलने से इसके पास लोग बाल कटवाने, शेव करवाने आदि आऐंगे जिससे लोगो में महामारी फैलने का खतरा व मानव जीवन को खतरे में डालने की लापरवाही को दर्शाता है। जिस सन्दर्भ में उपरोक्त मोहम्मद सादिक के विरूद्ध अभियोग धारा 269,188 भारतीय दण्ड संहिता व धारा 51 आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 में पंजीकृत करके आगामी कार्यवाही अम्ल में लाई जा रही है
गुरुद्वारा सिंह सभा सपरून ने कोरोना वायरस की वैश्विक त्रासदी से निपटने के लिए सोलन प्रशासन का पुरा सहयोग करने का निर्णय लिया है। सिंह सभा सपरून के सदस्यों की फोन पर हुई बात में सभी ने सहमति जताई कि यदि प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति जरूरत पड़ती है तो गुरुद्वारा साहिब के कमरे व् हाल खोल दिए जाएंगे। इसी तरह सभा ने प्रशासन को आश्वस्त किया की जरुरत पड़ने पर लंगर का प्रबंध भी गुरुद्वारा साहिब में किया जाएगा। सभा की संगत ने सभा के सभी सदस्यों को फ़ोन पर जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के बारे में भी अवगत करवाया है। सभा ने सभी सिख संगत से अपील की है कि इस मुश्किल की घड़ी में घर पर रहकर पाठ करें और बेवजह घर से बाहर न निकले। साथ ही बीमारी के बचाव के लिए दिन में कई बार हाथ अच्छे से साफ करें और अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें। यह निर्णय सभा के अमरप्रीत सिंह, मनमोहिन्दर सिंह, जतिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, जतिंदर सिंह, शमिंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, परविंदर सिंह, जसपाल सिंह, अमनदीप सिंह, मनमोहन सिंह व राजिंदर सिंह की सहमति से लिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लागू करने की पहल से प्रभावित होकर पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू और धर्मपुर के निर्देशक कैप्टन एजे सिंह व स्कूल स्टाफ भी आगे आए है। सोशल डिस्टेंस कायम रखने के लिए पाइनग्रोव आवासीय विद्यालय के कर्मचारियों और शिक्षकों ने परिसर में ही रहने का दृढ़ संकल्प लिया है। सभी कर्मचारी अप्रैल महीने तक लॉक डाउन करने के लिए तैयार है। वहीं सभी कर्मचारियों को कोई कठिनाई ना पेश आए इस हेतु स्कूल प्रबंधन ने भी व्यापक इंतजाम किए है। प्रत्येक व्यक्ति के मानसिक समाधान और स्वास्थ्य की निगरानी चिकित्सा अधिकारी द्वारा की जाएगी। स्कूल निदेशक कैप्टन ए जे सिंह ने अलगाव में रहने के लिए सहमत सभी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि परिसर में रहने के लिए मानसिक संकल्प अर्थात ताकत की आवश्यकता होती है। पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर व सुबाथू दोनों परिसरों में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी इच्छा दृढ़ता व कुशलता से अलगाव में रहने की सहमति व्यक्त की है। स्कूल परिसर में रहने वाले सभी कर्मचारियों ने अनिश्चित समय तक अलगाव में ठहरने के लिए मन बना लिया है। अधिक जानकारी देते हुए कैप्टन ए जे सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान किया जाएगा जबकि इस समय कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। स्कूल के सभी कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफा खोरी रोकथाम आदेश 1977 के खण्ड 3 (1) के उप खण्ड (डी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विभिन्न वस्तुओं पर थोक एवं परचून स्तर पर अधिकतम लाभ की दरें निर्धारित कर दी हैं। इन आदेशों के अनुसार गेहूं, चना, जौं, चावल तथा इनके उत्पादों पर, गुड़ तथा शक्कर, चीनी, सभी प्रकार की दालों पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 2.5 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतक लाभ 5.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। रसोई गैस पर रिटेल बिक्री दर तथा इसके अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्धारित भाड़ा दर ही वसूली जा सकेगी। मिट्टी के तेल की दर जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्धारत दर होगी। डीजल की कीमत तेल कम्पनियों द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर होगी। ऊन तथा साधारण कपड़े पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 2.5 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 5.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। अण्डों पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 05 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 07 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। ब्रेड पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 05 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 07 प्रतिशत अथवा मुद्रित दर निर्धारित किया गया है। मीट, चिकन तथा मछली पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्धारत दर के अनुरूप लाभ लिया जा सकेगा। सरसोें का खुला तेल तथा पैकेट में बिकने वाले तेल के अतिरिक्त खाद्य तेल, वेजीटेबल आयल एवं एच.वी आयल पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 2.5 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 04 प्रतिशत अथवा मुद्रित दर निर्धारित किया गया है। पर्यटन विभाग के साथ पंजीकृत होटलों एवं रेस्तरां के अतिरिक्त अन्य संस्थानों में भोजन की दर जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्धारत दर होगी। दूध, दही तथा काॅटेज पनीर की दर जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्धारत दर होगी। फलों पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 5 प्रतिशत एवं एक प्रतिशत मार्किट शुल्क तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 24 प्रतिशत, जिसमें भाड़ा दर, लोडिंग, अनलोडिंग, क्षति तथा अन्य आकस्मिक शुल्क सम्मिलित हैं निर्धारित किया गया है। प्याज, आलू, लहसुन, अदरक, जिमिकन्द तथा अरबी जैसी शीघ्र खराब न होने वाली सब्जियों पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 5 प्रतिशत एवं एक प्रतिशत मार्किट शुल्क तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 24 प्रतिशत, जिसमें भाड़ा दर, लोडिंग, अनलोडिंग, क्षति तथा अन्य आकस्मिक शुल्क सम्मिलित हैं निर्धारित किया गया है। अन्य सभी शीघ्र खराब होने वाली सब्जियों पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 5 प्रतिशत एवं एक प्रतिशत मार्किट शुल्क तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 39 प्रतिशत, जिसमें भाड़ा दर, लोडिंग, अनलोडिंग, क्षति तथा अन्य आकस्मिक शुल्क सम्मिलित हैं निर्धारित किया गया है। बोतल पेय पदार्थों पर कम्पनी द्वारा मुद्रित मूल्य देय होगा। सर्जिकल तथा एन-95 मास्क पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 05 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। हैंड सैनीटाईजर पर पर थोक भाव पर अधिकतम लाभ 05 प्रतिशत तथा परचून भाव पर अधिकतम लाभ एमआरपी से अधिक नहीं होना चाहिए।
पुलिस पेंशनर्ज चाँदराम के निधन पर हिप्र पुलिस पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन मुख्यालय कुनिहार के प्रधान धनीराम तनवर, संतराम चन्देल, रूपराम ठाकुर, पतराम पंवर, जगदीश चौहान, केदार सिंह ठाकुर, गुरदयाल चौधरी, मुनीलाल, आशा ठाकुर, पुष्पा सूद, दीपराम ठाकुर, रतीराम शर्मा, लेखराम कायथ आदि पेंशनरों ने शोक व्यक्त किया है। एसोसिएशन के प्रधान धनीराम तनवर ने बताया कि लॉक डाउन के चलते एसोसिएशन की बैठक नही हो पाई। यह बैठक देश के हालात ठीक होने पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने अपने साथी सदस्य स्वर्गीय चाँदराम रिटायर हवलदार गम्भरपुल( नालागढ़ ) के कुछ दिनों पहले हुए निधन पर दुख प्रकट किया व उनके परिवार से सवेंदना प्रकट करते हुए परिवार की किसी भी समस्या में साथ होने का आस्वासन दिया है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में स्थापित सभी नागरिक सेवा केन्द्रों, सुगम केन्द्रों को आगामी आदेशों तक सामान्य सेवाओं के लिए बन्द कर दिया है। इस सम्बन्ध में आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। जिला दण्डाधिकारी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे विभिन्न सेवाओं विशेषकर ड्राईविंग लाईसैंस, वाहन पंजीकरण, शस्त्र लाईसैंस तथा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जैसी सेवाओें के लिए ऑनलाइन पोर्टल का प्रयोग करें। उन्होंने आदेश दिए हैं कि उपमण्डल अथवा तहसील स्तर पर न्यायालय से सम्बन्धित असाधारण मामलोे को छोड़कर अन्य मामले लम्बित रखे जाएं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि आवश्यक सेवाओं तथा शिकायतों के लिए ई-मेल एवं ई-समाधान का प्रयोग करें। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि मिनी सचिवालय सोलन, सभी उपमण्डलाधिकारी कार्यालयों, तहसील कार्यालयों तथा उप तहसील कार्यालयों में आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबन्धित रहेगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इन सभी कार्यालयों के द्वार पर टेª रखी जाएं ताकि आवश्यक सेवाओं के लिए आने वाले लोगों के प्रार्थना पत्र एवं कागज़ इनमें एकत्रित किए जा सकें। इन आदेशों के अनुसार आपातकालीन सेवाएं जारी रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी फैलने वाली महामारी से बचाव के लिए ‘सोशल डिस्टन्सिंग’ को चिकित्सीय तौर पर अत्यन्त प्रभावी माना गया है। इसके लिए यह आवश्यक है कि किसी भी स्थान पर भीड़ एकत्र न हो। इसी लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न दिशा-निर्देशों के पालन का आग्रह किया जा रहा है।


















































