भाजपा महामंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी त्रिलोक जमवाल ने कहा कि कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा ,भानुमति ने कुनबा जोड़ा, इस प्रकार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कांग्रेस में वर्चस्व की जंग थम नहीं रही है जिसका परिणाम है कि हिमाचल की कांग्रेसी पार्टी ने 130 पदाधिकारियों की जंबो कार्यकारिणी घोषित की है जिसके बाद भी यह जंग रुकती दिखाई नहीं दे रही है, उन्होंने कहा लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस में डेढ़ सौ से अधिक नेताओं की घोषणा की है जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में 19 उपाध्यक्ष 19 महासचिव 69 सचिव और 17 प्रवक्ताओं की घोषणा की है हिमाचल जैसे छोटे प्रांत के लिए जिसमें 68 विधानसभा क्षेत्र है उसमें इस प्रकार की घोषणा बहुत बड़ी है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक युद्ध की स्थिति है और नेताओं में वर्चस्व की जंग चल रही है, अलबत्ता यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा पार्टी महासचिवों के पदों पर नेता पुत्रों की एक बार फिर ताजपोशी हुई है। वीरभद्र के पुत्र विक्रमादित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पोते आश्रय शर्मा, पूर्व मंत्री जीएस बाली के पुत्र रघुबीर सिंह बाली, पूर्व सांसद केडी सुल्तानपुरी के पुत्र विनोद सुल्तान पुरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल के पुत्र आशीष बुटेल को महासचिव बनाया गया है । त्रिलोक जमवाल ने कहा यह तो कांग्रेस पार्टी की पहली सूची है अभी तो और आनी बाकी है। कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश में कितने भी पदाधिकारी बना ले पर हिमाचल प्रदेश की जनकल्याणकारी सरकार जो कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही है उसका मुकाबला नहीं कर पाएगी। हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही जन हितेषी सरकार ने अपने बजट में जो की 25 मार्च को पारित होगा उसमें 1000 गरीबों को मकान दिए जाने का प्रावधान किया है, 50000 गरीबों को पेंशन दिए जाने का प्रावधान किया है और 20000 बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है तथा हजारों लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार, किसानों को पशुधन की सुरक्षा के लिए मोबाइल पशु एंबुलेंस सुविधा जैसी इस बजट में योजनाएं बनाई गई है। यह बजट गरीबों ,किसानों, बेरोजगार तथा हिमाचल के हर क्षेत्र, हर वर्ग, हर व्यक्ति का ध्यान रखने वाला है। उन्होंने कहा वर्तमान सरकार ने सुशासन को जनसेवा का प्रमुख साधन बनाया है। भाजपा के प्रदेश घोषणा पत्र स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 में सुशासन को स्वर्णिम हिमाचल का आधार माना है। कांग्रेस के नेता जनता में जितना भी भ्रम फैला ले पर जनता को भ्रमित नहीं कर सकते जनता को पता है कि जनहित में कार्य करने वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
जिला कांग्रेस बिलासपुर की नवनियुक्त अध्यक्ष अंजना धीमान ने उन्हें जिला बिलासपुर कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, महासचिव केसी वेणुगोपाल व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़, प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल व सह प्रभारी गुरकीरत सिंह कोटली का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रदेश कार्यकारिणी व जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई है, जिसमे महिलाओं को खास तबज्जो दी गई है। अंजना धीमान ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने व प्रदेश कांगेस अध्यक्ष ने उन पर विश्वास जताया है जिसे वह पूरी दृढ़ता व निष्ठा से निभाएंगी और जिला में कांग्रेस को सुदृढ़ करेंगी। धीमान ने कहा कि वह जिला बिलासपुर के सभी वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का भी आभार व्यक्त करती हैं उन्होंने मुझे जिम्मेदारी के काबिल समझा। विशेष रूप से प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री व श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम लाल ठाकुर, पूर्व सांसद व विशेष सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी सुरेश चंदेल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व पूर्व सीपी एस राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक बीरू राम किशोर, डॉ बाबू राम गौतम, तिलक राज शर्मा व बम्बर ठाकुर व सभी वरिष्ठ जिला कांग्रेस के नेताओं ने जिला में एक महिला को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बना कर कांग्रेस का महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वह सभी वरिष्ठ नेताओं को यह विश्वास भी दिलाना चाहती हैं कि जिला कांग्रेस पूरी सजगता व एकजुटता से अपने कार्यक्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करके कार्यकर्ताओं व आमजन की आवाज को बुलंद करेगी। वह कांग्रेस को जिला में सशक्त करने के लिए वचनवद्ध रहेंगी और कांग्रेस के जिला ब्लॉकों में समन्वय की कोई कमी नहीं आने देंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी के विभिन्न विभागों में काम किया है जिनमें जिला युवा कांग्रेस व महिला कांग्रेस अध्यक्षा, जिला परिषद अध्यक्षा व वर्तमान में लद्दा ग्राम पंचायत की निर्विरोध अध्यक्षा के अनुभवों से सभी सहयोगी संस्थाओं व जिला कांग्रेस के विभिन विभागों को में समन्वय स्थापित करके उनको चुस्त दुरुस्त किया जाएगा।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने प्रैस को जारी ब्यान में पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा है कि विभाग को आम जनमानस की कोई चिंता नहीं है, विभाग द्वारा पिछले लगभग 1 महीने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21 पर नोणी के पास क्षतिग्रस्त हुई। सड़क का कार्य चल रहा है पर बड़ी ही हैरानी की बात है कि इतना समय बीत जाने के बाबजूद भी वह कार्य आज तक पूरा नही हो पा रहा है जिससे आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने की स्थिति में वँहा से गुजरना बहुत मुश्किल हो रहा है। बारिश के समय वँहा 2 फुट तक पानी का स्तर हो जाता है उस स्थिति में वँहा पैदल चलना तो दूर की बात है पर वाहन तक निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह से वँहा पर कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। आशीष ठाकुर ने विभाग को चेताया कि जल्द से जल्द सड़क का कार्य पूरा किया जाए अन्यथा विभाग के कार्यालय का घेराव करने से युवा कांग्रेस गुरेज नहीं करेगी। साथ मे उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भी मांग की है कि वो खुद हस्तक्षेप करें और विभाग को जल्द कार्य पूर्ण करने के लिए आदेश जारी करें ताकि आम जनमानस को उचित सुविधा मुहैया हो सके।
जिला दंडाधिकारी राजेश्वर गोयल ने धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की ओर से जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए आमजन के हित में आदेश जारी किए गए हैं। आगामी आदेशों तक सभी श्रद्धालुओं के धार्मिक स्थलों पर प्रवेश के लिए प्रतिबंद रहेगा। पूजा-अर्चना पूर्व की भांति जारी रहेगी लेकिन इसमें केवल पुजारी ही पूजा सम्पन करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यदि संभव हो तो वेबकास्टिंग के माध्यम से पूजा-अर्चना के प्रसारण की व्यवस्था सम्बन्धित धार्मिक संस्थान के प्रबंधक करेंगे। किसी भी प्रकार भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाए तथा किसी भी तरह के सत्संग, जगराता, जागरण, र्कीतन, पार्टी, लंगर, भोज, भण्डारा सामुदायक रसोई इत्यादि से परहेज करें। किसी भी आवश्यक भीड़ के लिए उन्हें बताना पड़ेगा की यह आयोजन किस आवश्यकता के लिए किया जा रहा है जिसके लिए उन्हें अनुमति लेनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि यह बीमारी अनिवार्य रूप से एयरबोर्न/ड्रोपलेट या फोमाइट आधारित संचारण के माध्यम से फैलता है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब तक कोई आवश्यक कार्य न हो तब तक यात्रा से बचे ताकि कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि जरूरी कार्य के लिए बाहर जाते हुए समय-समय पर दी जा रही आवश्यक सावधानियां बरतें। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर जिला के मुख्य द्वारों पर नाका लगाएंगे ताकि श्रद्धालुओं/जन मण्डली इत्यादि को बार्डर पर ही रोका जा सके। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित उपमण्डल दण्डाधिकारी ऐसे नाकों पर कार्यकारी मेजिस्ट्रेट की नियुक्ति करेंगे। होटल और गेस्ट हाउस में सभी आगंतुकों पर नजर तथा उनकी यात्रा के इतिहास का पूरा रिकाॅर्ड रखेंगे। उन्होंने श्री नैना देवी जी मंदिर, तलाई मंदिर तथा अन्य धार्मिक संस्थाएं के समस्त कर्मचारी वर्ग से कहा है कि वे कोरोना वायरस कोविड-19 की निगरानी, बचाव तथा रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। उन्होंने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला बिलासपुर अधिवक्ता संघ बिलासपुर की आपात बैठक में हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर से सम्बद्ध जुझारू नेता हिमाचल विधान सभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर व कई काबीना महकमों में मंत्री रह चुके, निडर, बेबाक व स्पष्ट राजनीति के लिए विख्यात, विधानसभा क्षेत्र झंडूता पूर्व विधायक रिखी राम कौंडल के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। जिला बार संघ बिलासपुर के अधिवक्ताओं ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रिखी राम कौंडल एक निर्मल स्वभाव के जन प्रतिनिधि रहे हैं और जिला बिलासपुर के लिए उन्होंने काफी विकासात्मक कार्यों में योगदान दिया है। उनके पूरे परिवार के साथ जिला बार संघ संवेदना रखता है और 2 मिनट का मौन करते हुए सब ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा की शांति के लिए और इस अपूरणीय क्षति की पूर्ति हेतु उनके परिवार को ईश्वर क्षमता प्रदान करें। इस उपलक्ष पर जिला बार संघ के अध्यक्ष चमन ठाकुर, उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, महासचिव आदित्य मोहन कश्यप, सह सचिव विजय ठाकुर, कोषाध्यक्ष लेख राम बंसल के अलावा बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के सम्मानित उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर पूर्व बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सम्मानित सदस्य बलवीर सिंह चंदेल व दौलत राम शर्मा के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस कुटाल, पूर्व अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा, क्रांति कुमार, राम सरन ठाकुर, अमृत लाल नड्डा, राजेन्द्र हांडा व जगन्नाथ वात्सायन, अधिवक्ता सोहन लाल शर्मा, नीरज बसु, रामलाल ठाकुर, विपुल हांडा, नवजोत कुटाल, बुधि सिंह ठाकुर, सरपाल ठाकुर, अमित कुमार, चंदन राणा, विनोद राणा, पंकज पाठक, मनीष चंदेल, पल्लवी चंदेल, होशियार सिंह ठाकुर, रोशन लाल ठाकुर आदि अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने सम्बन्धी केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा पारित एडवाइजरी के अनुसार जिला बार संघ बिलासपुर ने आपातकालीन बैठक में निर्णय लिया कि 31 मार्च 2020 तक कोई भी व्यक्ति जिसका कोर्ट में मुकदमा चला हो उसे कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य नहीं है। यह विषय अति गंभीर है तथा अधिवक्ता संघ समस्त जनमानस के स्वास्थ्य के प्रति संजीदा है। जिला न्यायालय बिलासपुर में दायर मुकद्दमों से संबंधित सभी भी वादी, प्रतिवादी, मुलजिम व सभी मुकदमों से संबंधित गवाह अदालत में आने से गुरेज करें। इस सन्दर्भ में जिला बार संघ बिलासपुर के अध्यक्ष चमन ठाकुर की अगुवाई में एक विशेष बैठक हुई जिसमें समस्त अधिवक्ता गणों ने सामूहिक तौर पर यह निर्णय लिया और अदालतों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अदालतों ने भी विषय की गम्भीरता को देखते हुए अपना पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल ने इस बारे में पहले ही एडवाइजरी पारित कर दी है और हाई कोर्ट, जिला न्यायालय और सब डिविजन न्यायालयों को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। साथ ही जिला बार संघ बिलासपुर ने आम जनता से निवेदन किया है कि अपने स्वास्थ्य और सरकार द्वारा पारित एडवाइजरी को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें। इस मौके पर बार संघ के उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, महासचिव आदित्य मोहन कश्यप, सह सचिव विजय ठाकुर, कोषाध्यक्ष लेख राम बंसल के अलावा बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के सम्मानित उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर पूर्व बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सम्मानित सदस्य बलवीर सिंह चंदेल व दौलत राम शर्मा के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस कुटाल, पूर्व अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा व जगन्नाथ वात्सायन, सोहन लाल शर्मा नीरज बसु, रामलाल ठाकुर विपुल हांडा, नवजोत कुटाल, बुधि सिंह ठाकुर, सरपाल ठाकुर, अमित कुमार, चंदन राणा, विनोद राणा, पंकज पाठक, मनीष चंदेल, पल्लवी चंदेल, पूजा कुमारी, वनिता धीमान, होशियार सिंह ठाकुर, रोशन लाल ठाकुर आदि अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
जिला बिलासपुर के झंडूता विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं मंत्री रहे रिखी राम कौंडल का मंगलवार सुबह निधन हो गया है। बताया जा रहा है सुबह साढ़े तीन बजे के करीब उनके सीने में तेज दर्द उठा व पलभर में ही उनका देहांत हो गया। रिखी राम कौंडल धूमल सरकार में मंत्री भी रहे हैं। भाजपा के कद्दावर नेता की हृदयघात से मौत के कारण पार्टी में भी शोक का माहौल है। रिखी राम कौंडल सिरमौर जिले में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होकर शाम को घर पहुंचे थे। उन्होंने घर आकर सोशल मीडिया पर अपने टूअर व बैठक में शामिल होने की स्मृतियों को भी लोगों के साथ साझा किया था।
खत्री सभा बिलासपुर का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रधान पवन लुंबा की अध्यक्षता में उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल से मिला। इस मौके पर उन्होंने सभा का कार्यालय बनाने को लेकर जमीन की मांग संबंधित एक सूत्रीय मांगपत्र उपायुक्त को सौंपा। उन्होंने बताया कि खत्री सभा बिलासपुर जिला में पंजीकृत है परंतु संस्था के पास अपना कोई कार्यालय भवन नहीं है, जिस कारण संस्था की गतिविधियां आगे बढ़ाने में उन्हें दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि सभा जिला मुख्यालय में अपना भवन बनाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि जिला में सभाओं में जो कुरीतियां पैदा हो रही है उन पर अंकुश लगाने के लिए प्रबंधक कमेटियों को उन द्वारा किए जाने वाले कार्य, संचालन, अधिकार व कर्तव्यों बारे प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि उनकी सभा को विभाग के माध्यम से 10 बिस्वा जमीन आवंटित करने की कृपा करें ताकि सभा की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रधान पवन लुंबा के अलावा महासचिव एमपी चोपड़ा, राज कुमार राय, रितेश मेहता, भुवनेश्वरी लुंबा, यशपाल चोपड़ा, श्याम सहगल, सुदर्शन गुप्ता, नानक चंद, शिवनाथ, यशपाल व आनंद मौजूद थे।
श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर ने कहा है कि सरकार अपने ही नियमों का उल्लंघन करती दिखाई दे रही है। वह बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मेलों को तो स्थगित करने के निर्देश सरकार ने प्रशासन को दे दिए हैं लेकिन जो श्रद्धालु नैना देवी और बाबा बालक नाथ में दर्शनों के लिए आ रहे हैं उनके बारे में कोई भी आदेश नहीं जारी हुए हैं जबकि इन मेलों में पूरे उत्तर भारत से श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा घोषित हो चुके कोरोना वायरस के कहर को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में कोरोना वायरस का प्रकोप है, इसके लिए भारत सरकार ने भी ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है जहां भारी भीड़ एकत्रित होने अंदेशा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में सरकार अपनी ही सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रही है। बिलासपुर में ऐतिहासिक पारंपरिक मेला नलवाड़ी और सुंदर नगर में होने वाले नलवाड़ मेले को स्थगित कर दिया है बावजूद इसके बिलासपुर ही में शाहतलाई में बाबा बालक नाथ सिंह के चैत्र नवरात्र मेलों पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मेले में अधिकांश श्रद्धालु बाहरी राच्यों से आते हैं जबकि एहतियात के तौर पर इस मेले को बंद किया जाना चाहिए था। ठाकुर ने कहा कि बीते रोज सिरमौर के पौंटा साहिब में हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर सभी विधायक और भाजपा से जुड़े सभी सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे तो क्या वहां पर किसी प्रकार की कोई भीड़ नहीं हुई थी या भाजपा नेताओं या कार्यकर्ताओं के ऊपर कोरोना वायरस का असर नहीं है। उन्होंने कहा यह मुद्दा राजनीतिक नहीं है इसमें सभी को समाज का और सरकार का सहयोग करना चाहिए बावजूद इसके प्रदेश सरकार द्वारा अपने ही बनाए नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है जो कि सही नहीं है। ठाकुर ने कहा कि सरकार के इस वायरस से लडऩे के लिए कितनी सजग है, इसका विवरण सरकार को जनता के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों ऐसे स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर चिकित्सक तक नहीं है जबकि अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के पद रिक्त चल रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकार की तैयारियां क्या है और कोरोना वायरस को लेकर कितनी संवेदनशील है। ठाकुर ने कहा कि अभी हाल ही में बाहरी राच्यों के लोग होली मनाकर हिमाचल प्रदेश में लौटे हैं तो ऐसे लोगों का भी एहतियात के तौर पर सरकारी तौर पर स्वास्थ्य जांचा जाना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि यहां पर पर रोजी रोटी कमाने आए हजारों की संख्या में लोग होली मनाकर वापस आ रहे हैं तो क्या इन लोगों का स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए या नहीं या एक बड़ा प्रश्न है, जो सरकार को सोचना चाहिए। पत्रकारवार्ता में ओपी गौतम व संदीप सांख्यान भी मौजूद रहे।
सर्वदलीय भाखड़ा विस्थापित समिति ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि देश के लिए अपना सब कुछ पुश्तेनी भूमि व घर-बार बलिदान कर देने वाले भाखड़ा विस्थापितों द्वारा बिलासपुर नगर में विवशतावश किए गए कथित सरकारी भूमि के अतिक्रमण के संबंध में पुनर्विचार करके इस संबंध में घोषित नीति में उपयुक्त सुधार करके उन्हें राहत पहुंचाई जाए। स्थानीय परिधि गृह में समिति के महामंत्री जयकुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में आश्चर्य व्यक्त किया गया कि जिन गैर- विस्थापितों ने बिलासपुर नगर में सरकारी भूमि पर राजनैतिक तथा सत्ता और धन का कथित दुरुपयोग करते हुए भाखड़ा बांध के लिए कोई भी बलिदान दिये बिना बे-रोकटोक अतिक्रमण किया गया है, उन्हें राहत देने के लिए तो सरकार ने दो-दो बार इस नीति में संशोधन किया है, किन्तु जिन पुराने बिलासपुर नगर से उजाड़े गए भाखड़ा विस्थापितों के लिए यह नया नगर बसाया गया है, अब सरकार उन्हीं भाखड़ा विस्थापितों को दोबारा से उजाड़े जाने के नोटिस पर नोटिस जारी कर रही है और उन पर न्यायालयों में अतिक्रमण के नाम पर केस चलाए जा रहे हैं। जबकि अभी तक एक भी गैर- विस्थापित को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए न तो कोई नोटिस ही दिया गया है और न ही किसी भी न्यायालय में कोई केस ही चलाया गया है। उल्टे भाखड़ा विस्थापितों को इस मामले में राहत दिए जाने का वादा करके सत्ता में आई भाजपा सरकार ने आज तक भाखड़ा विस्थापितों की एक भी समस्या नहीं सुलझाई है, किन्तु गैर-विस्थापितों को राहत देने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने में रत्ती भर भी देरी नहीं की है। बैठक ने एक सर्वसम्मत प्रस्ताव में सरकार से मांग की कि बिलासपुर नगर की अतिक्रमण संबंधी समस्या को एक ही बार में समाप्त करने के लिए इस नगर का वर्षों से प्रतीक्षित मिनी-सेटलमेंट किए जाने के आदेश दिए जाएँ और समावधि निश्चित करके शीघ्र सम्पन्न किया जाए और यदि मिनी –सेटलमेंट संभव न हो तो विस्थापित समिति द्वारा समय-समय पर दिए गए ज्ञापनों के कानूनी सुझावों के आधार पर अतिक्रमण नियमित किए जाने के लिए लगाई गई सभी शर्तों को हटाया जाए और 150 वर्ग फुट से अधिक की अतिक्रमित भूमि को उनके आवासीय प्लाट के आधार पर आसान लीज पर दे दिया जाए या फिर उस सारी भूमि को पुराने बिलासपुर नगर में उनसे ली गई भूमि के बदले में समायोजित किया जाए। बैठक ने इस समय फैल रही भयानक महामारी करोना वायरस संबंधी जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की और सभी नागरिकों से भी सावधानी बरतने का आह्वान किया। जयकुमार ने कहा कि समिति का एक बड़ा शिष्टमंडल शीघ्र ही स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर के नेतृत्व में इन सभी विषयों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री से मिलेगा और उन्हें अपनी मांगों, कठिनाइयों और समस्याओं से अवगत करवा कर राहत प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने नोबल कोरोना वायरस-19 की गंभीरता को देखते हुए इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रबंधों के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों तथा अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ अवश्य बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों को कोरोना वायरस की रोकथाम तथा इसे आमजन को जागरूक करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के साथ कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर सावधानियां उठाएं और समय-समय पर सरकार द्वारा जारी एडवाईजरी का पालन करे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से पूरी सजगता एवं सर्तकता के साथ तैयार है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बारे में लोगों को फ्लैक्स, हैडविल, होर्डिंग, पंफलेट केबल, एसएमएस के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए की वह पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से तथा महिला एवं बाल विकास, आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायाकों के माध्यम से कोरोना वायरस-19 से सम्बन्धित सावधानियां बरतनें के बारे में जागरूकता, प्रचार सामग्री, पंफलेट इत्यादि वितरित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आपदा रक्षक भी कोरोना वायरस-19 के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने समस्त एसडीएम को भी निर्देश दिए की वे कोरोना, डेंगू, स्वाईन फ्लू के बारे में नियमित रूप से समीक्षा बैठक करें। उन्होंने बताया कि जिला में स्वाईन फ्लू का कोई भी मामला दर्ज नहीं है।उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है, पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध है। उन्होंने सम्बन्धित विभाग को निर्देश दिए की डेंगू से निपटने के लिए शीघ्र ही फोगिंग का कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि आगामी श्री नैना देवी जी में नवारात्री मेलों तथ तलाई मेलों के दौरान मंदिरों तथा अन्य धार्मिक स्थलों कोरोना के संक्रमण के खतरे को बढ़ते को देखते हुए सावधानी बरतनें की जरूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके इसके लिए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाईजरी का अनुपालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझे और कार्य करें। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि कम से कम यात्रा करें तथा भीड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग, ऐहतिआत बरतते हुए पूरे सुरक्षा कदम उठा रहा है और मरीजों को जल्द उपचार व अन्य सुविधाएं देने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि जिला के अस्पतालों में सर्दी, जुखाम के मरीजों को सर्वप्रथम देखा जा रहा है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा जल्द करवाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐहतिआत के तौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी के तहत यह निर्देश सभी को जारी किए हैं और इसी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में भी इस वायरस के मामले बढ रहे हैं। उन्होंन कहा कि विभाग द्वारा 12 फरवरी के बाद चीन व अन्य देशों से भारत आने वाले ऐसे पर्यटकों तथा भारत के नागरिकों की काउंसलिंग भी की जा रही है। इसके अलावा जिनमें वायरस के लक्षण पाए जाएंगे उन्हें आइसोलशन फैसिलिटी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बुखार, खांसी एवं सांस लेने में तकलीफ यदि किसी भी व्यक्ति को है तो उनका नजदीकी अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संबंध में कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के 14 लोग चीन व दूसरे देशों से आए थे वे सभी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में थे, 28 दिन की निगरानी पूरी हो गई और वो पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं बल्कि सावधानी अपनाएं व सही जानकारी रखें। उन्होंने बताया कि जिले में रैपिड रिंसपौंस टीमें जिला स्तर व खण्ड स्तर पर बना दी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने टांडा मैडिकल कालेज व आई० जी० एम० सी० दो स्थानों पर परीक्षण करने की सुविधा कर रखी है, और मरीजों की आईसोलेशन के लिए 50-50 बिस्तर का प्रबन्ध तीन स्थानों पर जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान परिमहल, जिला कांगड़ा में प्रशिक्षण संस्थान छेव व मैडिकल कालेज नेरचैक में किया है। उन्होने बताया कि कोरोना वाइरस अब विश्व महामारी का रुप ले चुका है इसलिए सरकार ने स्कूल, कालेज, प्रशिक्षण संस्थान, थियेटर आदि बंद करने का निर्णय लिया है ताकि इसके नियंत्रण में मदद मिल सके। उन्होंने जानकारी दी कि जो लोग इस बीमारी के सदर्भ में अपना सहयोग नहीं करेंगे उनको सजा का प्रावधान धारा 133 के तहत किया गया हैं। इस अवसर पर एस० डी० एम० सदर रामेश्वर, घुमारवीं शशिपाल शर्मा व श्री नैनादेवी जी सुभाष गौतम के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
जिला दण्डाधिकारी राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश महामारी रोग विनियम, 2020 तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अधिसूचना के अनुसार जिला बिलासपुर में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त उप-मण्डल आयुर्वेदिक अधिकारी, समस्त चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), समस्त कार्यकारी अधिकारी/सचिव, बिलासपुर जिला के एम.सी/एन.पी, समस्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), समस्त स्वास्थ्य शिक्षक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) और समस्त आशा कार्यकर्ताओं होंगे। उन्होंने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और अगले आदेशों तक लागू रहेंगे।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर रविवार को कल्लर में डाबर के पास सड़क पर जा रही आई-20 कार में अचानक आग लग गई। हालांकि कार में सवार सभी चार लोग समय रहते बाहर निकल आए, लेकिन कार में रखा सारा सामान राख हो गया। जब तक बिलासपुर से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक कार जलकर राख हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि कार सवार सुंदरनगर से नयना देवी मंदिर माथा टेकने जा रहे थे और अचानक कार में आग लग गई।
जोनल अस्पताल बिलासपुर में अब बिना चीरफाड़ से ऑपरेशन होना शुरू हो गए है। इसी कड़ी में अस्पताल में तैनात एमएस डॉ राजेश आहलूवालिया के प्रयासों से अस्पताल में लैप्रोस्कोपी यानि दूरबीन से शहर के एक युवक का अपेंडिक्स का सफल ऑपरेशन किया गया। इस आपरेशन के लिए जोनल अस्पताल की टीम ने उनका पूर्ण रूप से साथ दिया। इस आपरेशन में उनके साथ बिलासपुर अस्पताल में सर्जन विशेषज्ञ डॉ ऋषि नाभ, डॉ शमशेर सिंह व डॉ अमित शर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहें। वहीं, एमएस राजेश आहलूवालिया ने बताया कि काफी समय से यह सुविधा बिलासपुर अस्पताल में थी, परंतु विशेषज्ञ पूरे न होने के कारण यह आपरेशन यहां नहीं हो पाते थे। इस दौरान अब अस्पताल में टीम पूरी होने के चलते यह आपरेशन शुरू कर दिए है। इससे अब लोगों को यह सुविधा घरद्वार पर मिलेगी। उन्होंने बताया कि लैप्रोस्कोपी से पीते की पथरी का भी आपरेशन शुरू कर दिए है। इससे लोगों को बिना किसी चीरफाड़ से आपरेशन किए जा रहें है। जल्द ही लोगों को इस सुविधा के बारे जागरूक भी किया जाएगा। इससे लोगों को पूर्ण रूप से पता चले कि अस्पताल में बिना किसी चीरफाड़ से यह सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि पहले भी अस्पताल में पीते की पथरी के आपरेशन किए जाते थे, परंतु आपरेशन करते समय मरीज के शरीर की काफी चीरफाड़ करनी पड़ती थी। इससे आपरेशन करने में काफी समय लगता था और मरीज को अस्पताल में काफी दिनों तक भर्ती करना पड़ता था, परंतु अब यह सुविधा मिलने से मरीजों को दो दिन के भीतर छुट्टी भी कर दी जाती है और उन्हें आपरेशन करवाने में डर भी नहीं लगता है। बता दें कि लैप्रोस्कोपी से पहले आपरेशन हिमाचल के कुछ जिलों में ही होते थे। इससे लोगों को आपरेशन करवाने के लिए चंडीगढ़ या फिर शिमला का रुख करना पड़ता था। इस तरह उन्हें यह सुविधा घरद्वार से दूर मिलने पर उनका समय और पैसा काफी खर्च होता था। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था, परंतु अब यह सुविधा बिलासपुर क्षेत्र के लोगों को घरद्वार मिलने से काफी लाभ पहुंचेगा। इस मौके पर उनके साथ एनएसथिसिया में डॉ विपिन गर्ग, डॉ अनुज गर्ग, डॉ नितिश, ओटी डॉ उमेश व प्रोमिला और स्टाफ नर्स संतोष मौजूद रही।
बिलासपुर युवा कांग्रेस ने प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर की अगुवाई में गुरुद्वारा चौक बिलासपुर में भारतीय राष्ट्रीय मार्ग प्रधिकरण विभाग का पुतला दहन किया और जमकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करकर गुबार निकाला। इस मौके पर युवाओं को सम्बोधित करते हुए आशीष ठाकुर ने कहा कि कंदरौर पुल जो कि ऊंचाई की दृष्टि से एशिया में द्वितीय स्थान पर है उसकी जो स्थिति है वह दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है, पर विभाग को आम जनमानस की कोई चिंता नहीं है। आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर की जनता से सरकार भारी भरकम टैक्स इकठा करती है पर जनता के प्रति जो उनका रवैया है वह सही नही है। ठाकुर ने कहा कि इससे पहले भी समाचार पत्रों एवम सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार इस पुल की मुरमत के लिए आवाज उठाई जा चुकी है पर प्रशासन के कानों में जूं तक नही रेंगी। सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात है कि स्थानीय विधायक 2 बार विभाग की टीम के साथ पुल का निरीक्षण कर चुके है और विभाग को कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी कर चुके है पर समझ नही आता है। विभाग कहाँ सोया हुआ है या फिर विभाग के ऊपर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। आशीष ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ दिन पहले कंदरौर पुल पर विभाग के द्वारा लीपापोती की गई थी जो अब उखड़ चुकी है। आशीष ठाकुर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकारें है और बिलासपुर जिला से सरकार और भाजपा के अंदर बड़े बड़े ओहदों पर नेतागण बैठे हुए है पर इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। इस मौके पर आशीष ठाकुर ने सरकार और विभाग से पूछा कि अगर इस पुल पर कोई दुर्घटना होती है तो क्या इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए वो तैयार है। आशीष ठाकुर ने सरकार और विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पुल की मुरमत का कार्य शुरू करे अन्यथा युवा कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण के अधिकारियों का घेराव करेगी और उसकी ज़िम्मेवारी सरकार एवं विभाग की होगी। इस मौके पर लोकसभा युवा कांग्रेस सचिव वीरेंदर सन्धु, कमल किशोर, आयुष, सुनील ठाकुर, राहुल ठाकुर, सन्तोष कुमार, आशीष चन्देल, रोहित चन्देल, बाल कृष्ण, शुभम, अभिषेक, शिवम राणा, सवयम शर्मा, ऋषव, भावेश, राघव राजपूत, रविन्द्र, बबलू, गोपाल, मनीष, विवेक, शिवांक व अन्य युवा उपस्थित रहे।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ऐहतिआत के चलते आमजन के हित में एक और कदम उठाया है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने अधिकारियों, गैर सरकारी सदस्यों तथा पत्रकारों के साथ आयोजित बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में आगामी 17 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले ऐतिहासिक राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई एडवाईजरी के अनुसार जब तक कोविड-19 की स्थिती में सुधार नहीं होता तब तक प्रदेश में मेले, त्यौहार व खेल प्रतियोगिताएं स्थगित की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रास सोसाईटी का लक्की ड्रा जो कि नलवाड़ी मेले के शुभारंभ पर 17 मार्च को निकाला जाना था उसे भी स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रेडक्रास लक्की ड्रा की आगामी तिथी की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेले के लिए जिन भी व्यापारियों ने प्लाट, झूला इत्यादि लिए थे वे भी यदि अपनी धन राशि को वापिस लेना चाहें तो ले सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों का आहवान किया कि कोरोना वायरस से भयभीत न हो और आम जनता को भी इससे भयभीत न होने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को महामारी के रूप में घोषित कर दिया गया है। उन्होंने आमजन से भी आग्रह किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई एडवाईजरी के तहत सावधानियां बरतें। उन्होंने कहा कि आपस में हाथ न मिलाकर नमस्ते से ही अभिवादन करें। भीड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें। जहां तक संभव हो कार्यक्रम, सम्मेलन और समारोहों को स्थगित कर दें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को संपर्क करें। इस मौके पर एडीएम विनय धीमान, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल, तहसीलदार सदर के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य तथा पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
करणी सेना ने बिलासपुर में अपना कार्यकर्ता मिलन समारोह का आग़ाज़ किया, कार्यक्रम में ज़िला बिलासपुर के सेंकडों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल उपस्तिथ रहे। समारोह में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की करनी सेना से जुड़ने के लिए हिमाचल की जनता का दिन प्रतिदिन रुझान बड़ता जा रहा है। करणी सेना की नियुक्तियाँ करते हुए ममता भल्ला को प्रदेश महिला शक्ती का महासचिव नियुक्त किया, साथ ही सुनी शर्मा को गौ रक्षा शक्ती का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया। लेखराम चौधरी को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया ,ज़िला का विस्तार करते हुए कुलदीप ठाकुर महासचिव ज़िला बिलासपुर,वीना शुक्ला उपाध्यक्ष ज़िला महिला शक्ती ,रचना शर्मा को महासचिव महिला शक्ति बिलासपुर, कौशल्या देवी ज़िला सचिव महिला शक्ति, उर्मिला देवी सचिव महिला शक्ती ज़िला बिलासपुर के पद पर नियुक्त किया। कार्यक्रम में ख़ासतौर पर भारी संख्या में महिलाएँ उपस्तिथ रही। कर्यक्रम में पीयूष चंदेल जी के साथ शशि शर्मा, सुभाष ठाकुर, भीम चंदेल, प्यार सिंह, सीमा चंदेल, सुनील शर्मा, नोपाल गुप्ता, लेखराम चौधरी, ममता भल्ला, नगर सुधार समिति के सदस्य प्रगति समाज समिति के सदस्य आदी उपस्तिथ रहे।
जिला अग्रणी बैंक, यूको बैंक द्वारा बचत भवन में वर्ष 2019-20 की वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत दिसम्बर, 2019 को समाप्त तक के परिणामों तथा उपलब्धियों की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति तथा जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता एडीएम विनय धीमान ने की। बैठक में जिला में कार्यरत सभी बैकों द्वारा क्रियान्वित की जा रही सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति तथा वार्षिक ऋण योजना 2019-20 के 31 दिसम्बर, 2019 तक के लक्ष्यों उपलब्ध्यिों की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि जिला के बैकों द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के दौरान 3917 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि जिला में अब किसान क्रेडिट कार्ड लेने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या 21,679 हो गई है। उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन करने वालें, मुर्गी पालन व मत्सय पालन करने वाले व्यक्ति भी किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा सकते है। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर के ऋण वितरण में बैकों का वार्षिक ऋण योजना 2019-20 लक्ष्य 1086 करोड़ रुपये का है, जिसे तृतीय तिमाही की समाप्ती यानि 31 दिसम्बर, 2019 तक बैकों ने 637.18 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करके 58.67 प्रतिशत की दर से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होंने बताया कि जिला में 31 दिसम्बर, 2019 को समाप्त तिमाही में प्राथमिकता प्राप्त करने वाले बैंको ने 45.77 प्रतिशत की दर से तथा गैर प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में 191.68 प्रतिशत की दर से लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होंने बैकों से आशा जताई कि वे जिला के आर्थिक विकास में अपने दायित्वों को समझते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को देंगे व लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले में 31 दिसम्बर, 2019 को समाप्त तिमाही में कृषि क्षेत्र में 215.55 करोड़ रुपये सूक्ष्म, मध्यम व लघु उद्यमों में 180.35 करोड़ रुपये तथा सेवा क्षेत्र में 57.26 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। जिले के बैकों का गत वर्ष के समापन 31 दिसम्बर, 2018 को कुल व्यवसाय 6640.52 करोड़ रुपये का था जोकि वर्ष 2019-20 के तृतीय तिमाही यानि 31 दिसम्बर, 2019 तक बढ़कर 7484.57 करोड़ रुपये का हो गया है। इस अवसर पर प्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक शिमला संजीव मंडिया, डी.डी.एम. नाबार्ड सतपाल चैधरी, अग्रणी जिला प्रबंधक के.के. जसवाल, परियोजना अधिकारी संजीत सिंह, निदेशक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान वी.के.धीमान तथा सभी विभागाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, काॅर्पोरेशन व विकास एजेंसीस, प्रेस प्रतिनिधि तथा बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।
डाईट जुखाला जिला बिलासपुर में शिक्षा खंड घुमारवीं-2 की राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला गेहड़वीं को सर्वश्रेष्ठ पाठशाला प्रबंधन समिति से नवाजा है। यह खिताब डाईट जुखाला में उपनिदेशक सुदर्शन सिंह द्वारा प्रदान किया गया। इस खिताब को प्राप्त करने के लिए पाठशाला प्रबंधन समिति गेहड़वीं से शिल्पा, पूनम और वनिता तथा पाठशाला की ओर से शिक्षिका अंजना शर्मा व सुषमा कुमारी उपस्थित रही। यह खिताब पाठशाला में उत्कृष्ट कार्य जैसे पाठशाला में नामांकन बढ़ोतरी, सेवानिवृत शिक्षिका कमलेश शर्मा द्वारादिया गया कंप्यूटर सिस्टम, गांव के लोगों द्वारा दिए गए पंखे, अल्मारी व समय-समय पर अध्यापिकाओं की अनुपस्थिति में सदस्यों का आकर पठन पाठन करवाना, नर्सरी कक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवी अध्यापिका व नर्सरी में 26 बच्चों का नामांकन जो कि जिला भर में सबसे ज्यादा है, आदि शामिल है। इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों के लिए पाठशाला को दस हजार रूपए की राशि व प्रशस्ति पत्र ईनाम के रूप में मिली है।
आपदाएं कभी भी आ सकती हैं पहले से योजना बनाना महत्वपूर्ण होता है ताकि आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इसके लिए एन डी आर एफ 7वीं बटालियन और होम गार्ड के जवानों द्वारा आपदा प्रबन्धन के दौरान किए जाने वाले बचाव कार्यो और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर बिलासपुर में माॅकड्रिल का आयोजन किया गया। एडीएम विनय धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर के राजकीय महाविद्यालय में भूकम्प का और उपायुक्त परिसर में आगजनी का सिनेरियो तैयार करके माॅकड्रिल की गई। उन्होंने बताया कि प्रातः 9ः30 बजे हूटर बजने के तुरन्त बाद जिला में आपदा प्रबन्धन से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारी, स्वयंसेवी, तथा आमजन निर्धारित स्टेजिंग एरिया कालेज ग्राउंड में पहुंच गए। जहां से आकलन व राहत कार्य में जुटी टीमों को घटना स्थल पर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना के उपरांत बचाव कार्य को इंसीडैंट रिंसपांस सिस्टम की तर्ज पर पूर्ण किया गया जिसके तहत सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई थी। जिसमें आपदा के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले विभिन्न संसाधनों, रणनीति, कंमाड, आप्रेशन, योजना, क्षमता तथा लक्ष्य इत्यादि के संदर्भ में कार्य योजना तैयार करके परिस्थिति से निपटने के लिए घटना स्थल पर राहत टीमों को आवश्यक उपकरणों के साथ भेजा गया ताकि प्रभावित लोंगो को शीघ्र राहत प्रदान करके होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के माॅकड्रिल का उदेश्य यह रहता है कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए क्या-क्या सुविधाएं हैं और क्या कमियां है ताकि उनकी गहनता से समीक्षा करके भविष्य के लिए उनमें सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि माॅकड्रिल के दौरान उजागर हुई विभिन्न कमियों और कठिनाईयों को दूर करने के लिए सम्बन्धित विभागों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान बेहतर राहत कार्य किया जा सकें। उन्होंने कहा कि इस दौरान होम गार्ड के जवानों ने एन डी आर एफ दल से नए-नए उपकरणों तथा कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि जिला में स्वयं सेवीयों को समय-समय पर आपदा प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण देकर ग्राउंड लेवल तक तैयार किया गया है तथा जिला में राज मिस्त्रियों को भी भूकंप रोधी भवन निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया गया है जिसके लिए पाॅलीटेकनिक सुदंरनगर, आईआईटी मण्डी के प्रशिक्षकों और प्रोफेसरों का विशेष सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिला में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए रेसक्यू की विभिन्न गतिविधियों के लिए और अधिक स्वयं सेवी प्रशिक्षित किए जाएंगे और वाॅटर रेसक्यू पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में जुटी टीमें पूर्ण रूप से सर्तक, संयम सजगता व साहस से कार्य करें ताकि आत्मरक्षा के साथ-साथ प्रभावितों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि माॅकड्रिल के दौरान सभी विभागों को सौंपी गई भूमिकाएं सराहनीय रही और सभी ने इमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, पूर्ण तत्परता व सजगता से कार्य करते हुए पूरी माॅकड्रिल के दृृष्यांकन को सजीवता का रूप देते हुए इस प्रक्रिया को सफल बनाया। एन डी आर एफ 7वीं बटालियन के इंस्पेक्टर मनोज कुमार भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि एन डी आर एफ का मुख्य कार्यालय भटिंडा में है जबकि आपदा के दौरा शीघ्र आपदा स्थल पर पहुंचने के लिए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया सेंटर आर आर सी भी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के लिए कांगड़ा जिले के नुरपूर में है और पिंजौर, लुधियाणा और श्रीनगर में भी आरआरसी स्थापित की गई है। इस अवसर पर आपदा के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले विभिन्न उपकरणों को भी प्रदर्शित किया तथा उनके बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चल रहे पूरे विश्व में चालीस दिवसीय सवा लाख गायत्री मंत्र अनुष्ठान जो गायत्री परिवार जिला बिलासपुर में साठ से ज्यादा संख्या में सवा लाख मंत्र जाप का संकल्प लेकर इसी वर्ष तीस जनवरी से दस मार्च तक मंत्र जाप पूरा किया। विश्व को कोरोना वायरस के प्रभाव से बचने के लिए कई साधक 24 हजार मंत्र का जप अनुष्ठान करके पूरे बिलासपुर में सवा करोड़ गायत्री मंत्रों का पाठ पूरा करने के बाद साधना की पूर्णाहुति बिलासपुर में सात कुंडीय गायत्री महायज्ञ द्वारा संपन्न होगा। यह जानकारी देते हुए गायत्री शक्तिपीठ बिलासपुर के परिव्राजक ने बताया कि गायत्री मंत्र साधना सदबुद्धि की साधना है, गायत्री परिवार संरक्षण एवं गुरू युग ऋषि श्रीराम आचार्य जी ने गायत्री मंत्र को सर्वसुलभ बनाकर राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि आज के समय में पूरे विश्व में बीस करोड़ से अधिक गायत्री परिवार इस मंत्र को जाप करके लाभान्वित हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद जी कहा है कि गायत्री मंत्र सभी मंत्रों में मुकुट मणी और शिरोमणी है। यह मंत्र से विचार शुद्ध व प्रखर बनता है, जिसे मनुष्य श्रेष्ठ कर्म करके अराजकता से बच जाता है। गायत्री मंत्र के ऋषि विश्वामित्र हैं, देवता सविता हैं। परिव्राजक ने बताया इसके 24 अक्षर, नौ शब्द, तीन चरण, तीन व्याहतियां और ऊं इसके बीज अक्षर हैं। उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र के जाप से हमारे स्थूल, सुक्ष्म व कारण शरीरों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गायत्री परिवार ने सभी धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे आगामी 15 मार्च 2020 को गायत्री शक्तिपीठ बिलासपुर में अवश्य आएं तथा इस पुनीत यज्ञ आहुतियां डालकर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र की 19 ग्राम पंचायते विश्व बैंक परियोजना-2 इंटेगग्रेटिड विकास परियोजना ( आई.डी.पी.) में शामिल हुई हैं। यह जानकारी पूर्व विधायक एवं सीपीएस राजेश धर्माणी ने पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने मिड हिमालयन परियोजना से छूटी हुई इन ग्राम पंचायतों के लिए यह परियोजना बनाने की पैरवी विश्व बैंक टीम से शिमला सचिवालय में हुई एक बैठक में की थी। इस परियोजना के अधीन हर पंचायत में करोडों के विकास कार्य होंगे। उन्होंने संबंधित पंचायतवासियों को बधाई दी है। धर्माणी ने कहा कि कई ग्राम पंचायतें इसमें शामिल नहीं है और उन पंचायतों को शामिल न करने के कारण समझ से परे है। उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी तरह याद है कि उन्होंने घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र की सभी पंचायतों को इस परियोजना में शामिल करने बारे वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह चुनाव हार गए लेकिन उसके बाद भी उन्होंने मौखिक तौर पर भी कई बार अधिकारियों से बात चीत की। उन्होंने कहा कि इस बारे में सार्वजनिक किया जाए कि बाकी पंचायतें क्यों नहीं डाली गई जबकि उन्होंने सब की सिफारिश की थी।
दैनिक भोगी कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर दूसरे विभागों में समायोजित करें : भूरी सिंह ठाकुर
जिला स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन शिक्षा विभाग जिला बिलासपुर के प्रधान भूरीसिह ठाकुर ने कहा कि दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित करने से बछिट रहे। सितंबर महीने से बचें 13 दैनिक भोगी कर्मचारी को चतुर्थ श्रेणी पद रिक्त न होने से नियमित का लाभ नहीं मिल रहा है। 31 मार्च 2020 को 14 बर्ष पुरे कर चुके पार्ट टाइम दैनिक भोगी कर्मचारी की संख्या सितंबर और मार्च में देनिक भोगी को नियमित करने को 40 के आस पास पहुंच जाएंगी। चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पद न होने पर शिक्षा विभाग को दैनिक भोगी को नियमित करने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अगर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से प्रयोग शाला परिचर वन जाते तो दैनिक भोगी को नियमित करने में शिक्षा विभाग को आसानी से चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित कर देने थे पर शिक्षा विभाग क्या करें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने आपने स्वार्थ के लिए हाईकोर्ट से प्रयोग शाला परिचर पर रोक लगा रखी है। जिन शरारती तत्वों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है उन्हें क्या पता नियम के बारे में जिन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग को गुमराह कर रखा है। प्रधान भुरीसिह ठाकुर ने प्रदेश के माननिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि दैनिक भोगी कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर दुसरे विभागों में समायोजित करें ताकि दैनिक भोगी कर्मचारी समय-समय पर नियमित होने का लाभ मिल सके। अगर इन छोटे वर्ग के कमर्चारियों के उपर ध्यान नहीं दिया तो देनिक भोगी कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जाएगी और नियमित होने का लाभ नहीं मिल पाएगा। कुछ ऐसे दैनिक भोगी कर्मचारी हैं जो सेवा निवृत्त होने की कगार पर है जिन्हें नियमित होने का लाभ नहीं मिल सकेगा। संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि जल्द से जल्द नियमित करने का विचार किया जाये ।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के कर्मचारी एवं हिमाचल के वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल की तस्वीरों ने एक बार फिर उपलब्धियां हासिल कर हिमाचल का नाम पुनः रौशन किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में सोलन जिला के चक्की मोड़ स्थित प्रकाश बादल द्वारा खींची गई एक तस्वीर का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नोटिस लिया गया है। इस सम्बन्ध में प्रकाश की तस्वीरों को विश्व स्तर पर प्रकाशित करने के लिए ग्रेट ब्रिटेन की दो प्रमुख न्यूज़ एजेंसियों, केटर्स न्यूज़ और सोलनैट न्यूज़ ने एक करार किया है जिसके तहत विश्व भर के अनेक देशों में प्रकाश का यह चित्र इन न्यूज़ एजेंसियों के माध्यम से प्रकाशित होगा। इन करारों के तहत प्रकाश की तस्वीरों को यूएसए, यूके, आस्ट्रेलिया और भारत सहित अनेक देशों के चर्चित समाचार पत्रों में स्थान मिलेगा। यह जानकारी केटर्स न्यूज़ की और से दिल दिस्सेनाक्य और सोलनैट की और से जॉर्डन ने दी है। इस उपलब्धि के साथ प्रकाश वाइल्डलाईफ फोटोग्राफी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाने प्रदेश के अग्रणी वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफर बन गए हैं। इसके अतिरिक्त भारत की अग्रणी वाइल्डलाइफ संस्था कैमरीना अकादमी ने भी प्रकाश की इस तस्वीर की सराहना करते हुए दुनिया भर की टॉप टेन तस्वीरों में स्था दिया है | शिमला जिला के जुब्बल के रहने वाले प्रकाश की इस तस्वीर को सोशल मीडिया भी लगभग बीस हज़ार दर्शकों ने सराहा है और सराहना का यह सिलसिला जारी है। पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध संस्था ‘बर्ड एंड वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफी क्लब’ ने भी प्रकाश की तस्वीर को विशेष सम्मान देने की घोषणा की है और उनके चित्र को मई 2020 में होने वाली चित्र प्रदर्शनी के लिए भी चयनित किया है। यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष तापस खानरा ने दी है। पश्चिम बंगाल की ही स्वयं सेवी संस्था ‘हिजोल्फुल नेचर एंड वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी’ ने भी प्रकाश को विशेष सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह जानकारी संस्था के संस्थापक मंटू मुखर्जी ने फोन पर दी है। पिछले कुछ ही वर्षों में वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रकाश चर्चा में आए हैं और वाईल्द्लाइफ़ फोटोग्राफी को लेकर उनके कार्यों को अनेक मंचों के द्वारा मान्यता और सम्मान मिला है। इससे पहले प्रकाश को लाख्नाऊ के राज्यपाल उत्तराखंड वन विभाग, सहित अनके संस्थाओं ने समानित किया है।
बिलासपुर में रंगों का पर्व यानि होली का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। देश में कोरोना वायरस की दस्तक तथा जागरूकता के अभाव में हालांकि लोगों बड़ी टोलियों में कम दिखे बावजूद इसके घरों और गली, मोहल्लों में होली पर्व की खूब रौनक रही। सुबह से बच्चे हाथों में गुलाल व पिचकारियां लेकर गलियों में निकल गए थे जबकि पानी के रंगों की बौछारें में काफी हुई। महिलाओं ने अपने आस-पड़ोस या अपने घरों में अपने निकट संबंधियों के साथ होली मनाई। वहीं कई मोहल्लों में महिलाओं ने एकत्रित होकर न सिर्फ होली खेली बल्कि गिद्दा आदि डालकर माहौल और रंगीन मनाया। सतलुज झील के किनारे भी लुहणु से लेकर सांढू के मैदान तक मद मस्तों की टोलियां शाम तक थिरकती रहीं। यहां रंग और गुलाल के साथ लाल परी का खुमार भी देर शाम तक चलता रहा। छोटे-छोटे बच्चे अपनी पिचकारियों के साथ एक दूसरे को भिगोते दिखे जबकि कई लोग अपने घरों के छतों से राहगीरों पर पानी के गुब्बारे फोड़ते दिखे। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई शिकायत नहीं आई और त्योहार शांत तरीके से बीता। इस बार हुड़दंग बहुत कम देखने को मिला। बाइकर्स और कार जीपों में हो हल्ला करने वाले युवाओं की ओर से काफी हद तक शांति रही।
भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में कुल्लू में 15 से 22 मार्च तक हिम रंग महोत्सव-2020 का आयोजन किया जा रहा है जिसमें उड़ान थियेटर ग्रुप बिलासपुर के कलाकारों द्वारा 'खोल दो' नाटक का मंचन किया जाएगा। उर्दू लेखक व कहानीकार सआदत हसन मंटो की कहानी पर आधारित इस नाटक का निर्देशन अभिषेक डोगरा कर रहे हैं। नाटक के सफल आयोजन को लेकर ग्रुप के सभी कलाकार कई दिनों से भाषा एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के ऑडिटोरियम में अभ्यास कर रहे हैं। इस नाटक में रंगकर्मी अभिषेक सोनी, नवीन सोनी, शिवांगी रघु, अंकिता शर्मा, गौरी, नक्ष, पारूल चौहान, आसिफ, रजत, महेश बंसल, श्रद्धा, मन्नत कपिल विभिन्न किरदार निभा रहे हैं। जबकि, लाइट व साउंड का जिम्मा धीरज शर्मा व गोल्डी ठाकुर संभाल रहे हैं। नाटक में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय त्रासदी व यातनाओं का जिक्र है। निर्देशक अभिषेक डोगरा ने बताया कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय जो त्रासदी व यातनाएं लोगों ने सहन की, उसे नाटक में दिखाया गया है। कहानी एक मुस्लिम परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। नाटक को आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। वहीं, उड़ान थियेटर ग्रुप के प्रधान नवीन सोनी ने बताया कि इस नाटक में पुराने रंगकर्मियों के साथ-साथ नए कलाकारों को भी जोड़ा गया है। जिन्हें रंगमंच की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। बता दें कि भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान व ऐक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्ल के सहयोग से हो रहे इस राज्य स्तरीय नाट्योत्सव में 15 से 22 मार्च तक प्रदेश भर के लोकनाट्यों एवं समकालीन नाटकों का मंचन होगा। इसमें 15 मार्च को पहला नाटक खोल दो प्रस्तुत किया जाएगा। हिम रंग महोत्सव में नाटकों के अलावा लोकनाट्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें 16 मार्च को वादन कला संस्कृति मंच बैहरन (बिलासपुर) के कलाकारों द्वारा धाजा की भी प्रस्तुति दी जाएगी।
बिलासपुर में लव जिहाद की घटनाएं व नाबालिग हिंदू बहन बेटियों के साथ छेड़खानी व दुर्व्यवहार की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलाएं, वह उन्हें कानून का ठीक से आईना दिखाएँ ताकि वो दूसरी बार ऐसा गलत कुकृत्य न कर पाए। यह बात सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से कही। इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व अधिवक्ता तुषार डोगरा ने किया। तुषार डोगरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। वर्तमान समय में उस प्रदेश के बिलासपुर जिला में दिन प्रतिदिन लव जेहाद की घटनाएं व हिंदू नाबालिग बहन बेटियों के साथ छेड़खानी व बदसलूकी की घटनाओं में अधिकतर वृद्धि हो रही है जो बहुत ही चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला के घुमारवीं तहसील के अंतर्गत पिछले कुछ समय में बहुत सी हिंदू बेटियों को पर धर्म के व्यक्ति भगा कर ले गए जिनका आज तक कोई पता नहीं चल रहा है, उन बहन बेटियों के घरवाले आज भी उनकी राह वापस आने के लिए देख रहे हैं। बाहर से आए प्रवासी मुस्लिमों के द्वारा घुमारवीं में एक हिंदू सब्जी वाले के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया। लगातार तीसरी घटना जिसमें पुलिस ने 354 आईपीसी व पोस्को एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है। एक बड़ी आयु के व्यक्ति द्वारा नाबालिग हिंदू बहन को जबरदस्ती छेड़खानी करने का प्रयास किया गया व हिंदू संघठनो के प्रतिकार करने पर पुलिस ने प्राथमिकी रजिस्टर की। बाहर से आए हुए प्रवासी मजदूरों द्वारा व उनका साथ दे रहे असामाजिक व अवांछित तत्वों के द्वारा इस तरह के कुकृत्य को अंजाम दिया जा रहा है जोकि बहुत ही असहनीय है। डोगरा ने एसपी से आग्रह किया कि जो लोग हिमाचल प्रदेश व बिलासपुर जैसी देवभूमि को दिल्ली व पश्चिम बंगाल में तब्दील करने का प्रयास कर रहे हैं व वैसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें कानून पूर्णता सख्ती के साथ उन असामाजिक तत्वों से निपटें व बाहर से आए लोगों की आई कार्ड की जांच करें। डोगरा ने कहा कि बिलासपुर पुलिस प्रशासन उन मकान मालिकों, दुकान के मालिकों की भी जांच करें जिन्होंने प्रवासी लोगों को घर किराए पर दिए हैं, वह उन्हें नजदीक के पुलिस स्टेशन में दर्ज ना करवाया है। इस अवसर पर विजयपाल शर्मा मंगल ठाकुर, विमला अंगिरस, नीरज जायसवाल, संजीव ढिल्लों, दीपराज, राजेंद्र गौतम, लकी शर्मा, प्रवीण धीमान, रेखा शर्मा ,सुनीता कुमारी, अमरदेव, मनजीत नड्डा, सौरभ, व्यास, सुभाष कुमार, राज कुमार ठाकुर, अनिल शर्मा, सनी कुमार व भारत डोगरा मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट को पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक नयना देवी रामलाल ठाकुर ने मुंगेरी लाल के सपने की संज्ञा दी है। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार को इस मुंगेरी लाल के सपनों से बाहर आने को कहा है। ठाकुर ने महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने रख कर इस सरकार को धरातल पर बात रख खुली बहस की चुनौती भी दी है। उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों को सड़कें बनाने की बात इस बजट में की गई क्या उन सड़कों को वन अधिकार अधिनियम 1980 की मंजूरी मिल गई है क्या? इसके अलावा नाबार्ड व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बात मुख्यमंत्री ने की है क्या उनका बजट भी मुख्यमंत्री ही देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सड़क योजना को नाबार्ड और प्रधानमंत्री सड़क योजना ने न जोड़ कर प्रदेश की जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है और इनमें भी वन अधिकार अधिनियम 1980 की मंजूरी के स्टेट्स साफ नहीं किया गया है। ठाकुर ने कहा कि बजट में दर्शायी गई योजनायें सिर्फ हवा हवाई ही प्रतीत होती हैं। चिट्टे व नशे पर प्रदेश में रोजाना आठ से दस प्राथमिकी थानों में दर्ज होती है, जब भी प्रदेश सरकार से नशा मुक्ति केंद्रों की बात की जाती है तो सरकार या तो चुप्पी साध लेती है या फिर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी निश्चित कर देती है जबकि नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिये बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। पिछले वित्त बजट में मुख्यमंत्री ने पन्द्रह हजार नोकरियाँ देने की बात की थी लेकिन अभी तक केवल मात्र चार हज़ार नोकरियाँ ही दी गई बाकी नोकारियाँ सरकार की गलत नीतियों से कोर्ट में फंस गई है या इन नोकरियाँ पर भ्र्ष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा पूर्व सरकारों के समय से प्रदेश के ग्रमीण हलकों में पाइका खेलें होती थी जिनको बजट में एक भी पैसा न देकर प्रदेश सरकार ने इनको बंद कर दिया है और प्रदेश में खेलों के लिए बजट में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार ने पिछले बजट सौ करोड़ रुपयों का प्रावधान कौशल विकास भत्ते के लिये किया था जिसमे से केवल अभी तक अठाइस करोड़ ही खर्च हो पाए है। इसके अलावा अब भी प्रदेश सरकार ने सौ करोड़ रुपयों की घोषणा की है जो कि सरकार की गलत नीतियों से पूरा खर्च पाना असंभव सा लग रहा है। प्रदेश सरकार ने अभी 11 सौ करोड़ रुपयों का कर्ज़ लिया है और विदेशी निवेशकों से और पैसा लाने की बात कर रहे हैं। ठाकुर ने प्रश्न किया कि विदेशी निवेशकों के लिये पहले खस्ताहाल सड़कों, स्वच्छजल व स्वास्थ्य सुविधाएं तो मुहैया करवा देते तब तो विदेशी निवेशक आएंगे तो उनके लिए भी वित्त बजट में कोई प्रावधान तो है नहीं किया है तो खाली पुलाव बना कर जनता को क्यों मूर्ख बनाया जा रहा है। प्रदेश में किसानों की आय दुगनी करने की बात तो प्रदेश सरकार करती है लेकिन फसलों का बीमा और किसानों को दी जाने वाली अनुदान राशियां तो बंद कर दी है तो कहां से किसानों की आय दुगनी होगी। आवारा पशुओं से प्रदेश की जनता व किसान त्रस्त है। गौ सदन बनाने के नाम पर तीस लाख रुपये कुछ पंचायतों को देने की बात कही गई थी लेकिन प्रदेश में वह कौन सी पंचायतें है जिनमें गौ सदन बने हैं लेकिन सच्चाई तो यह है कि धरातल पर कुछ भी नहीं है। शराब की प्रति बोतल पर गौ सदन बनाने हेतु जो एक रुपया कर लिया था उसका कोई भी हिसाब सरकार अभी तक नहीं दे पाई है और गौ सदन बनाने के लिए भी वित्त बजट में कोई अलग से प्रावधान नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार यह बताए कि इन हवा हवाई योजनाओं से कब तक प्रदेश के लोंगो को मूर्ख बनाया जाएगा।
होली से पूर्व अखिल भारतीय साहित्यक परिषद व कहलूर सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को वरिष्ठ नागरिक सभा के सभागार में एक साहित्यिक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें डॉक्टर ए आर संख्यान मुख्याअतिथि तथा कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा अध्यक्ष व आनंद सोहर तथा सुखराम आजाद विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच संचालन रविंद्र भट्टा ने किया। इस अवसर पर साहित्यकार रतन चंद निर्झर ने साहिर लुधियानवी की जयंती के उपलक्ष में उनके बारे पत्र वाचन किया। उन्होंने साहिर लुधियानवी को एक लोकप्रिय गीतकार बताया। इस अवसर पर साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु व गीतकार शैलेंद्र को भी उनके जन्म शताब्दी के उपलक्ष में स्मरण किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर जयनारायण कश्यप को उनके साहित्य रचना तथा विशेष सहयोग के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता द्वारा उपलब्ध करवाया गया स्मृति चिन्ह विशेष रुप से सभी साहित्यकारों ने मुक्त कंठ से सराहया। इसके बाद सर्वप्रथम डॉक्टर जयनारायण कश्यप ने अपनी कविता प्रस्तुत की। उनकी पहाड़ी कविता थी, होली होए या होला, या रंगां रा डभोला या हो करोना बचाव जरूर करना, राजनेताओं को पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, इक्की हथे छुनछुना दुजे हथे ठूठा, जनता जो बकांदे गिद्गदा पांदे चुठा, कुलदीप चंदेल ने, होली खेलणे जाणा मेरी अमा जी, कांता बी औणी शांता बी औणी, औणियां सारियां सेहलडि़यां मेरियां, तथा सांढुए री नुलाडी़ है नी पुलदी, प्रतिभा शर्मा ने, बोल मेरीए अम्मा ,मैं कैं लग दी ति जो माडी़, मुंडू जमदे तू खुश होंदी मैं कैं लगदी तिजो माडी़, तथा छोड़ना ना साथ ईश्वर प्रतिभा हूं तुम्हारी जन्म दिया मानुष का, उस पर बनाया बेटी, सुरेंद्र गुप्ता ने, सोहनलाल द्विवेदी की कविता, लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती ,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, प्रदीप गुप्ता ने आजकल मौसम का नहीं है कोई ठिकाना ,नेता की तरह मिल जाता है उसे कोई बहाना, वे अपने होली साल भर मनाते हैं, खुशामद के रंग पत्नी पर हर पल बरसाते हैं, नरेंद्र गुप्ता ने, प्यास लगी थी गजब की, मगर पानी में जहर था ,हुनर सड़कों पर तमाशा करता है, किस्मत महलों में ऐश करती है, रतन चंद निर्झर ने, कोई बताए कहां है मेरा घर एक दिन में निर्वासित हो गई बाबुल की देहरी से, ओमकार कपिल ने मुकेश का गाया गीत, मुझको इस रात की तन्हाई में आवाज ना दो, तथा जिस पथ पर चला उस पथ पर मुझे आंचल तो बिछाने दे, सुनाया। इसके बाद आनंद सोहर ने, चीन बोलता जो हमसे हाथ मिलाएगा उसे करोना हो जाएगा, रामपाल डोगरा ने होली की यादें पुराने शहर की, अश्विनी सुहेल ने, जबसे फागुन सिर चढ़ा मौसम हुआ हसीन तथा होली के इस रंग में देखो नन्यूसेंस ,वाइफ हस्बैंड में रहा नहीं कोई डिफरेंस, नवल कुमार ने दिल्ली दंगों पर कटाक्ष करते हुए कहा, धर्म के नाम पर लड़ने वालों, माना यह दुकान नहीं तुम्हारी जो जली है, दंगों में अंकित मरे या रतन हमीद या अब्दुल मरे, है तो भारत की संतान, सुखराम आजाद ने रूठो को मनाएं होली बिछडों को मनाए होली, रविंद्र भट्ट ने, मुझे नहीं सुनाई देती अब कोयल की कू कू, सुरेंद्र शर्मा ने, भेजे हैं जो फूल तुमने, मेरे खत के जवाब में वह आज भी महक रहे हैं मेरी किताब में, आखिर में डॉक्टर ए आर संख्यान ने फरमाया, आई होली आई रे वेश क्लेश भय मिटाने आई ,देखो होली आई रे आई सबको गले लगाने रंगों की डोली आई रे।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर डीएवी बरमाणा आवासीय शाखा में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसीसी अहैड गागल सीमेंट वक्र्स की अध्यक्षा प्रतिमा सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इसके अलावा रूपम ठाकुर व सेरेना टिरके तथा बरमाना ग्राम पंचायत प्रधान मंजू मन्हंस ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम में समस्त मातृ, अभिवावकगण भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह पुष्पगुच्छ व हिमाचली टोपी से की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत ज्योति प्रज्जवलन से की गई। इस अवसर मातृ अभिवावकों के लिए कई प्रकार की गतिविधियों जैसे रैंप वाक, नृत्य प्रतियोगिता व सेल्फी डोर का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के ऊपर एक लघु नाटिका तथा विद्यालय की छात्रा वंशिका शर्मा ने अपनी प्रस्तुति दी। इन सभी गतिविधियों में मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया। अंत में विद्यालय की अध्यापिकाओं के द्वारा प्रस्तुत नाटी में मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया जिसका समस्त मातृ अभिवावकगण ने आनंद उठाया। प्रतियोगिता के विजेताओं को रैंप क्वीन व डांस क्वीन के शैसे व इनाम से नवाजा गया। प्रतियोगिताओं के अलावा लक्की ड्रा भी निकाला गया जिसमें विजेताओं को इनाम दिए गए। मुख्यातिथि प्रतिमा सिंह ने सभी को महिला दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी। तथा विद्यालय के इस कार्यक्रम के लिए प्रधानाचार्य मोनिका वात्सायन अन्य शिक्षकगणों की सराहना की। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्य मोनिका वात्स्यायन ने सबको महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुख्यातिथि प्रतिमा सिंह, रूपम ठाकुर, सेरेना टिरके, मंजू मन्हंस तथा मातृ अभिवावकगण का धन्यवाद किया। अंत में विद्यालय की तरफ से सभी को मिष्ठान वितरित किया गया। इस अवसर पर समस्त अध्यापाक गण मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश लघु किसान मंच के राज्य उपाध्यक्ष एवम जिला बिलासपुर अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता तेजस्वी शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली किसान व बागवान विरोधी है। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले हि प्र। राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव से चुने जा चुके हैं परंतु आज तक सरकार अध्यक्ष एवम निदेशक मंडल का फैसला नहीं कर पाई जिससे इस बैंक की प्रगति खतरे में आ गई है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द निदेशक मंडल घोषित किया जाए अन्यथा प्रदेश के दो लाख से अधिक किसानों व बागवानों पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है क्योंकि निदेशक मंडल क्रियावान न होने से कोई भी हितकारी नीतिगत फैसला नही हो पा रहा। यह बैंक प्रदेश का सबसे पुराना सहकार बैंक है और पिछली सरकार के कार्यकाल में अध्यक्ष एवम निदेशक मंडल के अथक प्रयासों से मात्र 5 वर्षों के कार्यकाल में यह सहकार बैंक मुनाफे में आ गया था और 9 जिलों के हजारों किसान व बागवान इससे लाभान्वित हो रहे थे। लेकिन मौजूदा स्थिति मे कार्यकारिणी न होने से जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया व सहकार प्रणाली को सरकार ने अनदेखा कर लाखों किसानों के हितों को अनदेखा किया है वहीं नियमो के विपरीत इतने लंबे समय तक सहकार बैंक को सरकारी अफसरों के हवाले छोडना किसानों, बागवानों व चुने गए सदस्यों से सरेआम अन्याय है व सरकार की कार्यप्रणाली सन्देह के घेरे में आती है तथा कैबनेट की निर्णय क्षमता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है जो आम जनमानस के लिए घातक होता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड गठन के अभाव में सरकारी तंत्र सहकार पर हावी हो कर मनमाने फैसले लेने की स्थिति मे आ गया है जिससे इस बैंक के अस्तित्व का खतरा मंडराने लगा है। सैंकड़ो बैंक कर्मियों का भविष्य भी दांव पर है और सरकार की छवि किसानों व बागवान में धूमिल हो रही है। तेजस्वी शर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि प्रदेश के सबसे पुराने राजकीय बैंक के मुखिया होने के नाते निदेशक मण्डल का शीघ्र अति शीघ्र गठन किया जाए ताकि प्रदेश की जनता अपने बैंकों से लेनदेन करने से मुख न मोड़ें अन्यथा आगामी वर्षों में जनता राजकीय बैंकों से मुख मोड़ने के लिए बाध्य होगी जिससे स्वाभाविक तौर पर हिमाचल को भारी राजस्व हानि होने की आशंका है।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में जन औषधि केंद्र के सौजन्य से जन औषधि दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश चंद दड़ोच ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की जबकि एमएस डा. राजेश आहलुवालिया विशेष तौर मौजूद रहे। इस अवसर पर बिलासपुर जन औषधि केंद्र के मालिक नरेंद्र पंडित ने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना एक सरकार की एक ऐसी योजना है जिसमें हर वर्ग के लोगों को सस्ते दामों पर पंजीकृत दवाईयां उपलब्ध होती है। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्र में सर्वोत्तम क्वालिटी की दवाइयां बाजार से बहुत सस्ती कीमतों पर मिलती हैं। हर जन को औषधि सुलभ तरीके से उपलब्ध मिल सके इसी ध्येय को लेकर इन केंद्रों को पूरे भारतवर्ष में खोला गया है। उन्होंने कहा कि बाकि दवाइयां मंहगी होती है तो व्यक्ति पूरा कोर्स नहीं कर पाता है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता को लेकर लोगों को अपने मन की भ्रांतियों को दूर करना होगा। गुणवत्ता के मामले जन औषधि किसी भी दवाई से कम नहीं है। इस अवसर पर अस्पताल में दाखिल मरीजों में फल भी बांटे गए तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षु नर्सों के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
युवा कांग्रेस ने घुमारवीं में बच्ची के साथ हुए दुर्व्यवहार की घोर शब्दों में निंदा की है और प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए ताकि निकट भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की हरकत न कर सके। बिलासपुर में प्रेस को जारी बयान में प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर, लोकसभा युवा कांग्रेस सचिव वीरेंदर सन्धु, श्री नैना देवी जी सोशल मीडिया सयोंजक अनुपम वर्मा, सह सयोंजक अशोक ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जुखाला ब्लॉक कुलदीप भड़ोल, पूर्व अध्यक्ष श्री नैना देवी जी युवा कांग्रेस सतीश शर्मा, एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अकुंश ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई बातें देखने में आ रही है जिसमे घुमारवीं क्षेत्र से सत्तारूढ़ भाजपा से सम्बंध रखने वाले कई रसूखदार व्यवसायी लोग पीड़िता के परिवार पर मामले में समझौता करने के लिए दवाब डाल रहे है जिसकी वजह से FIR दर्ज होने में देर भी हुई है। इसके साथ ये भी कहा जा रहा है घुमारवीं क्षेत्र से ही कांग्रेस पार्टी से संबंधित कई नेता भी इस केस में आरोपी के पक्ष में पीड़िता के परिवार पर दवाब बनाने में शामिल है। इस पर उक्त नेतायों ने प्रशासन से मांग की है कि है इस मामले पर निष्पक्ष कारवाही करके आरोपी को कड़ी सजा दिलवाई जाए और साथ मे इस केस में पीड़िता के परिवार पर समझौता करने का दवाब बनाने वाले लोग चाहे वो किसी भी पार्टी से सम्बंधित है उनके नाम भी उजागर करके कड़ी कार्यवाही की जाए। उक्त प्रकरण में आरोपी की मदद करने में कांग्रेस से सम्बंधित नेतायों के नाम आने पर उक्त नेताओँ ने कहा कि अगर ये सत्य है तो वो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख कर ऐसे नेतायों को पार्टी से निलंबित करवाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ऐसे संवेदनशील मसले पर पूरी तरह पीड़िता के परिवार के साथ है उक्त युवा नेतायों ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी कभी भी आरोपियों का साथ न तो देती है न भविष्य में देगी,अगर कोई भी कांग्रेस पार्टी का नेता गलत का साथ देकर पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहा है तो उसके खिलाफ कारवाही करने के लिए पार्टी शीर्ष नेतृत्व के समक्ष बात रखी जायेगी साथ मे उक्त युवा नेतायों ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ इससे पहले भी इस तरह के कई मामले उजागर हुए है, उन्होंने स्थानीय पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली को सराहते हुए कहा है कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पुलिस विभाग पूरी सच्चाई और निष्ठा के साथ इस मामले की गम्भीरता से जांच करेगा और आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा प्रस्तुत अपने कार्यकाल के तीसरे बजट को आज तक का सबसे नकारा बजट बताते हुए कहा है कि इस बजट में मात्र कुछ वर्गों को अस्थाई तौर पर खुश करने और 20 से 25 रुपए तक की बढ़ौतरी करके केवलमात्र वाहवाही लूटने का ही असफल प्रयास किया गया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि क्या यह मामूली राशियाँ बढ़ा देने से इन सभी निर्धन वर्गों की नौकरी संबंधी और घरेलू समस्याएँ सुलझ जाएगी और क्या सरकारी नौकरी में उनका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा? उनका कहना था कि यदि वास्तव ही में मुख्यमंत्री और उनकी भाजपा सरकार अनुबंध कर्मचारियों, आऊटसोर्स, मिड- डे- मील वर्करज, आंगनवाड़ी, आशा वर्करज और वाटर गार्ड आदि कर्मचारियों की हितेषी होती तो निश्चित रूप से इन सभी वर्गों को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान करने के लिए उनके हित्त में ठोस व स्थाई नीति बनाए जाने की घोषणा करती। बंबर ठाकुर ने कहा कि विकास प्रगति की बड़ी योजनाओं का तो नाम तक नहीं है जबकि कितनी ही वह योजनाएं जो कांग्रेस सरकार ने गाँव गाँव में शुरू की थी उनको आगे बढ़ाने का ही कोई प्रावधान किया गया है और उन्हें इस बजट से बाहर रखा गया है, जिससे लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं पर पूरी तरह से पानी फिर गया है। उन्होने अपने विधान सभा क्षेत्र के बिलासपुर नगर को सीधे झंडूता विधान सभा क्षेत्र से जोड़े जाने वाले अति महत्वपूर्ण लुहनू–बैरी दड़ोला पुल के लिए भी बजट का प्रावधान न करने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुल के नाम पर भाजपा ने इन दोनों ही विधान सभा क्षेत्रों में विजय प्राप्त की थी किन्तु अब सत्ता में आकर इस पुल निर्माण का नाम तक नहीं लिया जा रहा है। बंबर ठाकुर ने कहा कि कृषि , बागवानी के क्षेत्र की भी अवहेलना करके किसानों और बागवानों से कुठाराघात किया गया है जबकि कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों को कोई भी आर्थिक लाभ न देकर उनसे भारी अन्याय किया गया है। उन्होने कहा कि बजट से तो ऐसा लगता है कि यह जल्दबाजी में बनाया गया है और इस बजट में एक भी कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया है जिससे प्रदेश का विकास हो सके और निर्धनों, कर्मचारियों और पेंशनरों, मजदूरों, किसानों, बागवानों और श्रमिकों को कोई लाभ मिल सके।
राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर का वार्षिक पारितोषित वितरण समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता विधायक सदर सुभाष ठाकुर ने की। इस अवसर पर काॅलेज छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। विधायक सुभाष ठाकुर ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि काॅलेज का समय अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि यही समय है जो विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य की बुनियाद तैयार करता है। उन्होंने कहा कि जो भी विद्यार्थी अपने जीवन में दृढ़ निश्चय के साथ मेहनत करके आगे बढ़ते है वही विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में कामयाब रहते है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समय रहते अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े और इसकी प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करें। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा अच्छी पढ़ाई करके उच्च स्थान पर आसिन और उनके बुढापे का सहारा बने। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का कर्तव्य कि वे कड़ी मेहनत कर अपने माता-पिता की इच्छा पूरी करें उनके साथ विश्वासघात न करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अध्यापक का भी सपना होता है उनका विद्यार्थी अच्छे पद पर आसीन हो ताकि वे उस कालेज, जिला, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने छात्रों से आहवान किया कि वे अपनी दिनचर्या के बारे में आत्मचिंतन करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ अपने लिए नहीं होती शिक्षा तो वे रोशनी है जोकि दूसरों को भी ज्ञान के साथ-साथ रास्ता दिखाकर उनके जीवन को रोशन करती है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर अपना मूल्याकंन दूसरो के साथ न करें अपितु मेहनती विद्यार्थियों से प्रेरणा लेकर नित आगे बढ़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर तथा गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संगीत तथा अन्य गतिविधियों के लिए हर तरह से सुविधाएं प्रदान की जा रही है। विद्यार्थियों को स्वयं सुनिश्चित करना है कि वे अपना भविष्य किस फिल्ड में संवारे, यह प्रत्येक छात्र पर निर्भर करता है। आज प्रदेश में युवा वर्ग नशे की चंगुल में फंसता जा रहा है जोकि समाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। समाज से इस कुरीति को दूर करने के लिए आमजन को आगे आना होगा। प्रदेश सरकार ने भी नशे को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा है ताकि युवा वर्ग को नशे से होने वाली बुराइयों के बारे में जागरूक करके उन्हें इस कुरीति से बचाया जा सके। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक तथा रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का आहवान किया। इस अवसर पर उन्होंने काॅलेज में पुस्तकालय के भवन की अलग से व्यवस्था करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि जिला पुस्तकालय बिलासपुर का आधुनिकीकरण करने के लिए 87 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष से एम ए की कक्षाएं आरम्भ करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में एक भव्य ऑडिटोरियम को बनाने के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए अपनी एच्छिक निधि से 11 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न वार्षिक गतिविधियों में अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा बधाई दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राम कृष्ण ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और महाविद्यालय के कार्यक्रमों का ब्यौरा दिया। इस अवसर पर जिला महा सचिव आशीष ढिल्लों, जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पीटीए प्रधान विक्रम ठाकुर, सीएससीए प्रधान मनोवृति ठाकुर, उप-प्रधानाचार्य एसएल ठाकुर उपस्थित रहे।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला बिलासुर के सौजन्य से 4 से 6 मार्च तक उपमंडल घुमारवीं में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला में गृह रक्षा विभाग के कम्पनी कमांडर जरनैल सिंह, प्रशिक्षक हवलदार सुरेन्द्र चंद, प्रशिक्षक लखवीर सिंह के द्वारा खोज एवं बचाव, बचाव के आपात कालीन तरीके व बचाव कार्य में रस्सी का उपयोग और बचाव कार्यों में घायलों की छंटनी व घायलों को ऊंची इमारतों से बाहर निकालने के बारे में जानकारी दी गई। वॉलंटियर को यह भी बताया गया कि आपदा के दौरान प्रशासन के साथ मिलजुल कर और सहयोग के साथ कार्य करें। वाॅलंटियर को आपदा संबंधी कार्यों का अभ्यास भी करवाया गया। इस तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन के दौरान वाॅलंटियर को जिला उपायुक्त द्वारा हस्ताक्षरित पहचान पत्र व ट्रेनिंग प्रमाण पत्र दिए गए।
युवा कांग्रेस बिलासपुर ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही सीमेंट के दामों को कम नहीं किया तो हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी और उस आंदोलन की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार एवं प्रशासन की होगी। यह बात बिलासपुर में युवा कांग्रेस की बैठक के बाद पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने कही। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश वासियों के हितों के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है उन्हें आम जनमानस की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे देश के अंदर सीमेंट उत्पादक प्रदेशों में शीर्ष स्थान पर होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों की अपेक्षा प्रदेश में जो सीमेंट के दाम है वो बहुत ज्यादा हैं। आए दिन सीमेंट के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सीमेंट उत्पादक कम्पनियों को सीमेंट की एक बोरी लगभग 80 रुपये में पड़ती है पर हाल यह है कि प्रदेश के अंदर सीमेंट की एक बोरी 410 रुपये मिल रही है जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में सीमेंट के दाम यंहा की अपेक्षा बहुत कम है। सीमेंट कम्पनियों के होने के वजह से प्रदेश का वातवरण लगातार प्रदूषित होता जा रहा है।आशीष ठाकुर ने सरकार से पूछा कि जो 2%पैसा सामाजिक कार्यों के लिए कम्पनियों को खर्चना पड़ता है वह कहाँ खर्च हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाए की प्रदेश के अंदर 3 बड़ी सीमेंट कम्पनियां होने के बाबजूद न तो इन कंपनियों का स्वास्थ्य और न ही शिक्षा को बढ़ावा देने के क्षेत्र में कोई बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि क्या हिमाचल की जनता धूल, मिट्टी फांकने ओर दुर्घटनाओं को सहने के लिए ही है। इस बैठक में कमल किशोर, आशीष चन्देल, रोहित चन्देल, राघव राजपूत, जस्सी, बबलू, काकू, विशाल ठाकुर, लकी, अनिल, शुभम, अनीश, तानिष, अभिषेक, शिवम, हिमांशु, हर्ष, बालकृष्ण, शुभम, विशाल, हेम राज, अंशुल, हैरी, सेलेश, राहुल शर्मा, सुनील ठाकुर व अन्य युवाओं ने उपस्थिति दर्ज की।
पिस्ता जैसा कि नाम से हर कोई जानता है कि पिस्ता सभी सूखे फलों का राजा माना जाता है। पिस्ता एक ऐसा सूखा मेवा है जिसके बिना मेवे अधूरे हैं। भारत वर्ष में पिस्ते की वाणिज्यिक खेती दक्षिण भारत में शुरू की गई है, परन्तु जलवायु की प्रतिकूलता से उतना अच्छा उत्पादन नहीं हो पा रहा। भारतवर्ष पिस्ता फल का बहुत बड़ा आयातक देश माना जाता है, अधिकतर पिस्ता अमेरिका, ईरान तुर्की व अफगानिस्तान से आयात होता है। भारतवर्ष में अभी तक कुल खपत का 2 प्रतिशत भी उत्पादन नहीं हो पाया तथा सारा कारोबार आयात पर आधारित है। पिस्ता के लिए 3 डिग्री से 45 डिग्री सेल्शियस तक का तापमान जरूरी है जिसमे पिस्ता पौधे को अच्छे उत्पादन के लिए कम से कम 50 दिन 5 से 3℃ का तापमान चाहिए तथा अच्छे फूल व फल आने के लिए अधिकतर 45℃ तक का तापमान जरूरी है। डॉ विक्रम शर्मा पूर्व कॉफ़ी बोर्ड सदस्य व कृषि बागवानी पर पिछले 20 वर्षों से हिमालयी क्षेत्र के लिए शोध व प्रसार कार्य में जुटे हुए है, ने पिस्ता की वाणिज्यिक खेती के संदर्भ में बताया कि हमारा हिमालयी क्षेत्र जो जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को पार करता हुआ उत्तर पूर्व तक जाता है पिस्ता की वाणिज्यिक खेती के लिए बहुत उत्तम है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में पिस्ता के लिए वातावरण सम्बन्धी सभी जरूरी जरूरतें पूरी होती हैं, जिससे इसे इन क्षेत्रों में वाणिज्यिक तौर पर लगाना किसानों व बागवानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। डॉ शर्मा ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने किसानों व युवाओं को आर्थिक स्वावलम्बन जागरूकता के तहत 5000 पौधे पिस्ता के मंगवाए हैं जो जल्द ही हिमालयी क्षेत्र के जागरूक किसानों व युवाओं को बाटें जाएंगे। डॉ विक्रम ने बताया कि पिस्ता एक बहुत ही सख्त प्रजाति का पौधा है जो स्त्री व पुरुष पौधों के रूप में तैयार किया जाता है, केवल स्त्री जातक पौधे में फल लगते हैं, इसकी खेती हिमालयी प्रदेशों के ज्यादातर हिस्सों में बड़ी आसानी से की जा सकती है। शर्मा ने बताया कि पिस्ता के साथ अन्य वाणिज्यिक फसलों जैसे, दालचीनी, अंजीर, कॉफ़ी, रेड ग्लोब अंगूर, कीवी फल, एवाकाडो जैसे फलों को भी बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है। डॉ विक्रम ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1999 में हिमाचल प्रदेश में कॉफ़ी उगाने की शुरुआत की थी जो बहुत सफल रही, यंहा की कॉफ़ी अन्य भारत या देशों की कॉफ़ी से ज्यादा लाजवाब व खुशबूदार है क्योंकि यंहा तापमान का उतार चढ़ाव इसे ज्यादा एरोमा प्रदान करता है। हींग जैसे बहुमूल्य मसाले को भारत की धरती पर पैदा करने की भी कवायद डॉ विक्रम ने ही करीब 5 वर्ष पहले शुरू की थी, आज राष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थान इसपर कार्य करने लग पड़े हैं जो हिमालयी क्षेत्र के बासिओं के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि भारत में प्रथम हींग की खेती हिमाचल प्रदेश से शुरू हुई। उन्होंने बताया कि उससे पहले हींग देश में पैदा नहीं होता था, परन्तु इसकी जंगली प्रजातियां कश्मीर के करगिल, लेह व लद्दाख, हिमाचल के लाहौल स्पीति, किन्नौर व अरुणाचल में देखने को मिली हैं, हालांकि हींग की फेरूला असफाइटिडा प्रजाति करगिल क्षेत्र में कम मात्रा में जंगली रूप में देखने को मुझे मिली है परन्तु इस पर आजतक किसी ने शोध नहीं किया न ही किसी संस्थान ने इस ओर ध्यान दिया। डॉ विक्रम ने बताया कि 2014 के बाद उन्होंने पूर्णतः सक्रिय रूप से कृषि बागवानी शोध को अपना धेय बना लिया जिसका मुख्य कारण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की किसानों की आय दौगुणी व आर्थिक स्वावलम्बन की नीति को पूर्ण करना है। वाणिज्यिक फसलों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र विश्व के उन उन्नत बागवानी व कृषि क्षेत्रों में से एक है जंहा किसी भी वैश्विक माँग की अच्छे से अच्छी फ़सल को सफलता पूर्वक उगाया जा सकता है। डॉ विक्रम ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ अपनी आगामी पीढ़ी को आर्थिक स्वावलंबी बनाना व नशे जैसी विनाशक लत से दूर रखना है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पिस्ता के पौधे पहुंच जाएंगे तथा उन्हें किसानों व युवाओं में बांट दिया जाएग्स ताकि किसान व युवा अत्यधिक वैश्विक मांग की फसल उगा कर अपने अंदर होंसला पैदा कर सकें। डॉ विक्रम ने बताया कि उत्पादन के बाद भी उनका वैश्विक बाजार तक उत्पादों को पहुंचाने के लिए किसानों के साथ सहयोग जारी रहेगा ताकि किसानों को सही दाम मिल सकें।
बचत भवन में अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने की। इस अवसर पर उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 पर आयोजित कार्यशाला के उदेश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम एक महत्वपूर्ण एक्ट है जो आम आदमी को सशक्त बनाता है तथा इस अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग से कोई भी जानकारी मांग सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला विभागीय जन सूचना अधिकारियों और सहायक सूचना अधिकारियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के विषय में जागरूक करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 को लागू हुए काफी समय हो गया है तथा प्रत्येक व्यक्ति इस अधिनियम के बारे में जागरूक हो चुका हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उदेश्य अधिकारियों को आर.टी.आई एक्ट के बारे में जागरूक करना है ताकि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, जिम्मेवारी और उत्तरदायित्व लाकर कानून को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके और कानून के तहत आवेदकों द्वारा मांगी गई सूचना निर्धारित अवधि में उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। कार्यशाला में एडीएम विनय धीमान ने जन सूचना अधिकारियों और सहायक सूचना अधिकारियों को इस एक्ट के संदर्भ में अपनी जिम्मेवारियों और हिमाचल प्रदेश सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से सूचना अधिकारियों और सहायक सूचना अधिकारियों को भूमिका को पहचानने का अवसर मिलेगा ताकि कार्य में पारदर्शिता लाकर उत्तरदायित्व को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति को किसी भी कार्यालय से सूचना लेने का अधिकार है और अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में प्रार्थी को मांगी गई सूचना देनी होती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी आरटीआई के आवेदन पत्र से परेशान न हों अपितु कार्यशाला में अपनी आंशकाओं के मुदों पर खुलकर चर्चा करें ताकि लोगों को सूचना देने में कोई भी समस्या न हो। एसडीएम रामेश्वर ने बताया कि आरटीआई नियम के लागू होने से जहां सभी सरकारी विभागों द्वारा लोगों को समयबद्ध सूचनाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, वहीं कार्यालय में सरकारी रिकार्ड भी सही तरीके से रखा जा रहा है। उन्होंने समस्त अधिकारियों से कहा कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में पूर्ण रूप से जागरूक हों। उन्होने कहा कि इस अधिनियम से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जन सूचना अधिकारियों और सहायक सूचना अधिकारियों को दी गई शक्तियों और जिम्मेवारियों के प्रति जागरूक किया तथा उपस्थित अधिकारियों की आशंकाओं को भी दूर किया। सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के महत्त्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। इस अवसर पर समस्त विभागों के जन सूचना।अधिकारी और सहायक जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने विधानसभा में लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित रखा की गत 2 वर्षों में 31 जनवरी, 2020 तक नाबार्ड के अंतर्गत प्रदेश में कितनी सड़कें स्वीकृत हुई है और बिलासपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कौन-कौन सी सड़कें स्वीकृत हुई है, ब्यौर दें। इस पर मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया कि गत 2 वर्षों में 31 जनवरी, 2020 तक नाबार्ड के अंतर्गत प्रदेश में 190 सड़कें स्वीकृत हुई है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर विधानसभा निर्वाचन के अंतर्गत चार सड़कें स्वीकृत हुई है जिनमें टिक्कर व रणौता सड़क निर्माण पर 319.35 लाख और गांव भगौट के लिए सम्पर्क मार्ग ग्राम पंचायत मझवाड़ 93.87 लाख, सम्पर्क सड़क जरलू त्यामट से अपर भ्यातर 157.30 लाख तथा सम्पर्क सड़क गुगा घाट से गांव टिक्करी के लिए 284.16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। विधायक सुभाष ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित प्रश्न रखा की जिला बिलासपुर की सड़कें सीमेंट उद्योग में प्रयोग होने वाले भारी भरकम ट्रकों के कारण क्षतिग्रस्त हो रही है यदि हां, तो क्या सरकार इनका रख-रखाव इन सीमेंट उद्योगों से करवाने का विचार रखती है। इस पर मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया कि हां जिला बिलासपुर की सड़कें सीमेंट उद्योग में प्रयोग होने वाले भारी भरकम ट्रकों के कारण क्षतिग्रस्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के रख-रखाव, सीमेंट उद्योगों से करवाने के लिए मामला सरकार के संज्ञान में है। सरकार व जे0पी0 सीमेंट कम्पनी बागा के साथ एम.ओ.यू. के तहत हुए समझौते के अनुसार हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के दशम वृत, बिलासपुर के अंतर्गत आने वाली शालूघाट से खारसी, रानी कोटला, जब्बल सड़क (कुल लम्बाई 11.00 कि0मी0) की मुरम्मत का कार्य सीमेंट कम्पनी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शेष सड़कों का रख रखाव सरकार अपने बजट में कर रही है।
विधायक सुभाष ठाकुर ने कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा पर पूर्ण रूप से एहतियात तथा सुरक्षा कदम उठाएं और मरीजों को जल्द उपचार व अन्य सुविधाएं देने के लिए तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि जिला के अस्पतालों में सर्दी जुखाम के मरीजों को लाईन में खड़ा नहीं किया जाए और ऐसे मरीजों को अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा जल्द करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर स्वास्थ्यविभाग, केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की एडवाइजरी के अनुसार कार्य करें। उन्होंने बताया कि जो संदिग्ध दक्षिण कोरिया से आया है वह सदर हलके के चलैली गांव से है उसने खांसी व गले में दर्द की शिकायत की थी इसलिए उसे 108 ऐंबुलैस के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में आई० जी० एम० सी० शिमला आगामी जांच के लिए भेजा गया है। वहां जांच के उपरांत ही पता चलेगा। उन्होंने आम जन से कहा कि एहतियात बरतकर और इससे बचाव के उपायों को करते हुए इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हर तरह से प्रयासरत रहें। उन्होंने कहा कि इस विषय पर शीघ्र ही प्रशासन के साथ आवश्य बैठक की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ० प्रकाश दरोच ने कोरोना वायरस की प्रबन्धों की जानकारी देते हुए बताया कि इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर द्वारा सभी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में 5 बैड का अलग बार्ड कोरोना वाइरस के मरीजों के लिए बनाया गया है तथा इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक दवाईयां, सूईयां, मास्क व जरुरी सामान सरकार की एडवाइजरी के अनुसार पर्याप्त मात्रा में जिला में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रति आम जनता में काफी भ्रांतियां है, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, कालेजों व अन्य सभी स्थानों पर जाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा हैं तथा जागरुकता सामग्री व बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई जागरुकता प्रचार प्रसार सामग्री भी बांटी जा रही है। उन्होने कहा कि यह वायरस चीन से अन्य देशो में फैल रहा है। भारत में भी इस वायरस के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 15 जनवरी के बाद चीन व अन्य देशों से भारत आने वाले ऐसे पर्यटकों तथा भारत के नागरिकों को ऑब्जरवेशन में रखा जा रहा है तथा उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता इससे घबराना नहीं अपितु एहतियात बरतें। इसके अलावा जिनमें संदिगतता पाई जाएगी या इससे मिलते जुलते लक्षण पाए जाएंगे उन्हें आइसोलेशन फैसिलिटी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संबंध में कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 104 और 1100 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकता है।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी में चैत्र मेले के दौरान दर्शनों के लिए आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए स्पेशल हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे तथा दर्शन करवाने के लिए वाॅलंटियर और स्पेशल वाहन लगाए जाएंगें। यह जानकारी आयुक्त श्री नैना देवी जी मंदिर एवं उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने 25 मार्च से 3 अप्रैल तक लगने वाले चैत्र मेला 2020 के प्रबन्धों के लिए आयोजित बैठक में की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होनें कहा कि श्री नैना देवी जी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर सम्भव सुविधाएं, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता इत्यादि उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रसाशन व मंदिर न्यास भरपूर प्रयास करेगा ताकि स्थानीय व बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होनें कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए एसडीएम स्वारघाट, मेला अधिकारी, डीएसपी पुलिस मेला अधिकारी होंगे जबकि तहसीलदार सह मेला अधिकारी व एसएचओ सह पुलिस अधिकारी होंगे। मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को 9 भागों में विभाजित किया जाएगा जिनमें 5 सैक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त आवश्यकता अनुसार पुलिस कर्मी व होम गाॅर्ड के जवान भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। उन्होने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कोई भी ट्रक, ट्रैक्टर एवं टैपों आदि सवारी लेकर श्री नैना देवी जी में नहीं आएगा उन्हें कैंची मोड़, टोबा एवं भाखड़ा में ही रोक लिया जाएगा। बिसा रूट कोई भी बस या बड़ी गाड़ी घवाण्डल से नए बस अड्डे तक नहीं जाएगी। घवाण्डल चैक पर पार्किंग स्थल चिन्ह्ति किए जाएंगे ताकि यातायात में बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को निर्देष दिए की श्री नैना देवी की समस्त पार्किंगों में निर्धारित रेटों को डिसप्ले करवाना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी स्तर पर श्रद्धालुओं से अधिक वसूली न की जाए और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। श्रद्धालु आसानी माता श्री नैना देवी जी के दर्शन कर सके। उन्होने कहा कि चैत्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे। उन्होने कहा कि मेला क्षेत्र में 5 स्थलों पर स्वास्थ्य सहायता कक्ष स्थापित किए जाएंगें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए की वे चिकित्सा सहायता कक्षों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां एवं ऑक्सीजन सिलेडर रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए की मुख्य मंदिर परिसर में किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक अस्थाई सहायता कक्ष लगाया जाए जिसमें 24 घंटे चिकित्सक उपलब्ध हो सके। उन्होंनेे बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 30 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे जबकि अन्य विभिन्न कार्यो के निष्पादन हेतु 130 अस्थाई कर्मचारी अपनी सेवाएं देगें। मेले के दौरान मेला अधिकरी की अनुमति के बिना कोई भी लंगर नहीं लगाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए जहां आवश्यक होगा वहीं लंगर लगाने की अनुमति दी जाएगी। लंगर से सम्बन्धित सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट सम्बन्धित सैक्टर मैजिस्ट्र मेला अधिकारी को देना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला एवं खाद्य आपूर्ति विभाग श्री नैना देवी जी समस्त दुकानों की रैट लिस्ट चैक करना सुनिश्चित करेंगे ताकि दुकानदार श्रद्धालुओं से ज्यादा पैसे न बसूलें। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मेले के दौरान लगने वाले लंगरो में प्रयोग होने वाले खाद्य पदार्थों निरंतर निरीक्षण करना सुनिश्चित करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ भोजन मिल सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग से कहा कि मेले के दौरान लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पाने के भण्डारन के टैंकों का कलोरीनेशन करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए की न्यास द्वारा पीने के पानी की जो टंकियां पानी के लिए बनाई गई है वह अच्छी तरह से साफ होनी चाहिए तथा उसमें हर समय पानी की उपलब्धता होनी चाहिए और नल लीक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मेलों के दौरान जागरण में स्पीकर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी तथा न्यास संरायों में जागरण पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि मेलों के दौरान माईक, ढोल, नगाडो आदि बजाने पर प्रतिबंध रहेगा और नारियल, हलवा व सूखा प्रसाद चढ़ाने तथा प्लास्टिक प्रयोग पर भी पूर्णप्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि चैत्र मेले के दौरान श्री नैना देवी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए व्यापक रूप से टैªफिक प्लान बनाया गया है। उन्होंने समस्त अधिकारियों से आहवान किया कि चैत्र मेला, 2020 के सफल आयोजन करवाने में कोई भी ढील न बरतें तथा जो भी निर्णय लिए गए है उन्हें पूर्ण रूप से क्रियान्वित करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एसडीएम सुभाष गौतम के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी और श्री नैना देवी जी मंदिर न्यास के ट्रस्टी उपस्थित रहे।
नलवाड़ी मेले को चिरस्मरणीय बनाने के लिए प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे है ताकि आने वाले कई वर्षों तक मेले की स्मृतियां लोगों के हृदय पटल पर बनी रहे। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने नलवाड़ी मेले के सफल आयोजन के लिए किए जाने वाले विशेष प्रबन्धों के बारे में बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस बार मेला समिति द्वारा हर वर्ग, हर आयु के लोगों की रूचि के अनुसार मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के आयोजनों को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले में लोगों के मनोंरंजन के लिए इस वर्ष मेहदी, रंगोली, लेपन, फैंसी ड्रेस, हेल्दी बेबी शो, अंताक्षरी इत्यादि को भी विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है ताकि मेले के दौरान लोगों का भरपूर मनोरंजन किया जा सके। इसके अतिरिक्त पुरानी भूली बिसरी खेलें जिसमें पिठू, स्टापू इत्यादि खेलें भी प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि खेल प्रेमियों के लिए कुश्तियां (महिला व पुरूष), कब्बड्डी, हैड बाॅल, होकी, तंबोला, बुशु, मलखम तथा महिला मण्डलों तथा स्वयं सहायता समूहों के मध्य रस्साकसी विशेष रूप से आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्याओं की गुणवत्ता और श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए प्रस्तुतियां देने के लिए कलाकारों से 9 मार्च तक कलाकारों, दलों से आवेदन पत्र आमत्रित किए गए है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान कुश्ती व रात्री सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ लेने के लिए बुजुर्गों व महिलाओं के बैठने के लिए विशेष दीर्घाएं बनाई जाएगी ताकि उन्हें भीड़ में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए योजना बद्ध तरीके से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगीं तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मेला स्थल को सैक्टरों में विभाजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेला देखने के लिए आने वाले लोगों को मेला स्थल तक जाने के लिए बेहतर यातायात सुविधा प्रदान।की जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए कि मेले के दौरान सुचारू रूप से स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रबन्ध करना सुनिश्चित बनाए ताकि मेले के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि मेले के शुभारंभ अवसर पर 17 मार्च को एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी जिसमें पारम्परिक वाद्य यंत्र, गतका दल, महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूहों। इत्यादि के अतिरिक्त शहर के सभी गणमान्य व्यक्ति अपनी उपस्थिति से इसकी गरिमा को बढ़ाएंगे। इस मौके पर पशु मेला, विभागीय प्रदर्शनियां, स्मारिका, स्वच्छता, स्टाॅल, डोम, झूलों के अतिरिक्त अन्य कार्यक्रमो के बारे में भी चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एडीएम विनय धीमान, एसडीएम रामेश्वर, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य के अतिरिक्त सभी।विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर की जेबीटी शिक्षिका गुरमीत को राष्ट्रीय स्तर पर टीचर इनोवेशन अवार्ड मिला है। बिलासपुर की इस बेटी ने जिला का नाम प्रदेश भर में ऊंचा कर अपनी प्रतिभा का लोहा राष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी मनवाया है, क्योंकि इस गौरवमयी सम्मान को प्राप्त करने वाली गुरमीत बिलासपुर जिले से एकमात्र शिक्षिका है। टीचर इनोवेशन अवार्ड के लिए पूरे हिमाचल से 31 शिक्षिकों का चयन हुआ जिसमें बिलासपुर से अकेली गुरमीत इस सम्मान की हकदार बनी। यह पुरस्कार गुरमीत को बीते रोज आईआईटी दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा दिया गया। सदर विकास खंड के राजकीय प्राथमिक पाठशाला चकली बेनला में जेबीटी पद पर तैनात गुरमीत की इस उपलब्धि से जिले में हर्ष का माहौल है। मूलत बिलासपुर की रहने वाली गुरमीत के पिता राम जी दास बीबीएमबी से सेवानिवृत हुए हैं जबकि माता सत्या देवी शिक्षा विभाग से अधीक्षक पद से सेवानिवृत हुई हैं। गुरमीत की शादी दली घागस के निशांत कुमार से हुई है। गुरमीत की शिक्षा बिलासपुर के। स्कूलों और स्थानीय कालेज में हुई है। इन्होंने बीसीए, जेबीटी, बीएससी की शिक्षा ग्रहण की है जबकि अब वे बीएड की पढ़ाई भी अपनी नौकरी के साथ-साथ कर रही हैं। मृदुभाषी एवं चंचल स्वाभाव की गुरमीत को पढ़ाई का शौक है जबकि खाली समय में संगीत सुनना या गुनगुनाना पंसद करती है। गुरमीत ने बताया इस पुरस्कार को पाकर वह बेहद खुश है तथा इसी के साथ बिलासपुर की अकेली उम्मीदवार का होना भी गौरवमयी है। उन्होंने अवार्ड मिलने के लिए अपने परिवार, गुरूजनों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है।
इस वर्ष भी राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में 17 मार्च से 23 मार्च तक लोक संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करने के लिए 18 से 20 मार्च तक प्रतिदिन सांस्कृतिक कहलूर उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बिलासपुर की लोक संस्कृति से सम्बन्धित कार्यक्रम जैसे लोक वादन, लोक गीत, लोक नाटक, लोक गाथा, लोक कथा, लोक नृत्य इत्यादि प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। कहलूर उत्सव में प्रस्तुति देने के लिए जिला बिलासपुर से सम्बन्धित सांस्कृतिक दल, युवक मण्डल एवं महिला मण्डल 9 मार्च तक जिला भाषा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में आवेदन करना सुनिश्चित करें। निर्धारित तिथि के उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन कर्ता द्वारा पारम्परिक वेशभूषा, वाद्य यंत्र व लोक संस्कृति से सम्बन्धित कार्यक्रम की प्रस्तुति ही मान्य होगी। आवेदन पत्र में प्रस्तुति का नाम, दल का नाम तथा दल के सदस्यों की संख्या दर्शाना अनिवार्य है।चयन में अंतिम निर्णय सांस्कृतिक चयन समिति का ही मान्य होगा।
राज्य स्तरीय नलवाड़ी सांस्कृतिक समिति के संयोजक एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विनय धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का आयोजन 17 मार्च से 23 मार्च तक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान प्रदेश के हर जिला के कलाकारों को अपने जिले की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा ताकि प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपना हुनर दिखाने का एक उचित अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले की सांस्कृतिक संध्यों का आयोजन 20 मार्च से 23 मार्च लुहणू मैदान में किया जाएगा। उन्होंने नलवाड़ी मेले की सांस्कृतिक संध्याओं को आकर्षक एवं मनभावन बनाने के लिए प्रदेश के हर जिले के प्रतिष्ठित दल व लोक कलाकारों से सम्बन्धित क्षेत्र की पारम्परिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों के सामजस्य से लोक नृत्य की अनुपम छटा बिखेरने व आवाज की स्वर लेहरियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए लोक गायकों, कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से 9 मार्च तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि कलाकारों को नलवाड़ी मेले में अपनी प्रस्तुति देने के लिए अपना दल का नाम, दल के सदस्यों की संख्या, दल की वेशभूषा का वृतांत, प्रस्तुति के लिए मानदेय, समयावधि को दर्शाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने बताया कि यदि लोक गायकों, कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों ने जिला स्तर, राज्य स्तर, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर यदि पूर्व में प्रस्तुति दी हो तो उसका विवरण एवं सम्बन्धित साम्रगी जैसे समाचार पत्रों की कतरनें, छायाचित्र (फोटोग्राफ) भी संलग्न करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि लोक गायकों, कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों के चयन में अंतिम निर्णय सांस्कृतिक चयन समिति का ही मान्य होगा।
ए.डी.एम. विनय धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मार्च से जिला आपदा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा सात दिवसीय जल सुरक्षा व बचाव का प्रशिक्षण का आयोजन वाटर स्पोर्टस सैंटर में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान तैराकी, राफ्टिंग, काईकिंग, व्हाइट वाटर, चढाई, रैम्पलिंग रौक क्लिंबिंग, वाटर सेफ्टी रैस्कयु का प्रशिक्षण वाटर स्पोर्टस सैंटर द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सात दिवसीय जल सुरक्षा व बचाव का प्रशिक्षण में 14 प्रतिभागियों जिसमें बैरी दडोलां तहसील झण्डुत्ता से छः, बैहना जट्टा तहसील झण्डुत्ता से सात व लुहनू से एक प्रतिभागी भाग ले रहे है। उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय प्रशिक्षण का समापन 7 मार्च को होगा।
बिलासपुर जिला में पहली अप्रैल से बीएस-4 वाहनों की रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगी। यदि बीएस-4 वाहन खरीदने वाले की फाइल 25 मार्च तक रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ या आरएलए कार्यालय नहीं पहुंची है, तो फिर बाद में रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे। इसे लेकर प्रदेश परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ/आरएलए कार्यालय को आदेश जारी कर दिए हैं। कार्यकारी आरटीओ बिलासपुर रमेश चंद राणा ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर 31 मार्च के बाद से रोक लग जाएगी। ऐसे में परिवहन विभाग द्वारा बीएस-4 वाहनों की रजिस्ट्रेशन के लिए डेडलाइन जारी कर गई है। डीलर्स को भी इन निर्देशों बारे अवगत करवा दिया गया है। विभाग ने यह आदेश इसलिए जारी किए हैं ताकि वाहन विक्रेताओं द्वारा बेचे गए इन वाहनों का पंजीयन हो सके। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन विक्रेता द्वारा यदि किसी को बीएस-4 वाहन बेचा गया है, तो वैध दस्तावेज के साथ तय समय पर उसका रजिस्ट्रेशन हो जाए। विभाग के अनुसार अंतिम समय में अत्यधिक कार्यभार की की वजह से विभिन्न तकनीकी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है। इससे वाहन मालिक को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग ने 25 मार्च तक पंजीयन फाइलें प्राप्त करने के लिए हर जिला के आरटीओ/आरएलए को सूचित किया है, ताकि प्राप्त बीएस-4 वाहनों की फाइलों का पंजीयन 31 मार्च तक हर हाल में किया जा सके। दरअसल बीएस एक ऐसा मानक है, जिससे भारत में गाडि़यों के इंजन से फैलने वाले प्रदूषण को मापा जाता है। इस मानक को भारत सरकार ने तय किया है। बीएस के आगे नंबर बीएस-3, बीएस-4, बीएस-5 या बीएस-6 भी लगता है। बीएस के आगे नंबर के बढ़ते जाने का मतलब है उत्सर्जन के बेहतर मानक, जो पर्यावरण के लिए सही हैं। यानी कि बीएस के आगे जितना बड़ा नंबर लिखा होता है, उस गाड़ी से उतने ही कम प्रदूषण होने की संभावना होती है।
आई पी एच विभाग बिलासपुर में 36 वर्षों तक सेवा देने के बाद राजेंद्र चंदेल सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों ने इस मौके पर एक विदाई समारोह में साल टोपी व समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। एसडीओ पुनीत शर्मा तथा विवेक कटोच इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। पुनीत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजेंद्र चंदेल ने ईमानदारी वह मेहनत से लंबे समय तक विभाग की सेवा की है। उनका काम पानी के बिल देना और पैसे लेना था। इस काम को उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया। कभी भी कोई शिकायत विभाग को उनके बारे में प्राप्त नहीं हुई है। वह एक इमानदार और मेहनती तथा अच्छे इंसान हैं। इस अवसर पर राजेंद्र चंदेल ने कहा कि उन्हें विभाग के हर कर्मचारी व अधिकारी का पूरा सहयोग मिला है। अपने कार्यकाल में उन्होंने कभी किसी से कटु वचन नहीं कहा, फिर भी अनजाने में यदि कोई उनसे गलती हो गई हो तो क्षमा प्रार्थी हैं। इस विदाई समारोह में राजेंद्र चंदेल की धर्मपत्नी पूजा, बेटी अंकिता, बेटा अंशुल व अन्य संबंधी तथा मित्रगण भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि राजेंद्र चंदेल बिलासपुर राम नाटक के बहुत अच्छे कलाकार भी हैं। राम नाटक का स्क्रिप्ट जब चोरी हो गया था तो उन्होंने उसे ज्यों का त्यों लिखकर आयोजकों को सौंप दिया था। उनकी स्मरण शक्ति गजब की है। श्री राम भक्त राजेंद्र चंदेल को समाज में एक मृदुभाषी और ईमानदार शख्सियत के रूप में जाना जाता है।
जम्मू के श्रीनगर में हिमाचल प्रदेश के श्री नयना देवी जी विधान सभा क्षेत्र के उपमंडल स्वारघाट के तहत गांव चंगर तरसुह के शहीद हुए करनैल सिंह का बरमला शमशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मौके पर डोगरा रेजीमेंट के इस जवान की अंतिम विदाई पर पूर्व मंत्री व श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम लाल ठाकुर जिला से बाहर होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे। राम लाल ठाकुर ने उनके घर जाकर शहीद करनैल सिंह के घर जा कर श्रधांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधया। राम लाल ठाकुर ने कहा कहा कि मुझे खेद है कि शहीद करनैल की अंतिम यात्रा में मैं शामिल नहीं हो पाया, लेकिन इस दुःख की घड़ी में इस शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा हूँ और मैं इस वीर सपूत को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ और इस परिवार को जो भी सम्भव सहायता होगी व जल्द ही मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक अनहोनी व अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, जहां पर देश व प्रदेश ने एक जवान खोया है वहीं पर इस परिवार ने एक जवान बेटा खोया है और बहनों ने एक भाई खोया है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि इस जवान की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और मैं इस परिवार की दुख की घड़ी में मैं हमेशा साथ रहूंगा।


















































