हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जुलाई, 2020 को 11 केवी सोलन नम्बर-2 फीडर की विद्युत आपूर्ति मुरम्मत कार्य तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-05 पर सपरून चैक के समीप फोरलेन निर्माण कार्य के दृष्टिगत बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 10 जुलाई, 2020 को आयकर कार्यालय, कोटलानाला क्षेत्र, टैंक रोड़, फोरेस्ट रोड़, शामती, डिग्री काॅलेज, जेबीटी रोड़, आॅफिसर काॅलोनी, खलीफा लाॅज, सूर्या विहार, फ्लोरा, पिक अप यूनियन खनोग, गलानग, मतियूल तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 9.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग तथा बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभाग सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों की उचित समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी सम्बन्धित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राम सुभाग सिंह सोलन के उद्योगपतियों के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न खतरे ने उद्योग क्षेत्र के समक्ष अनेक अवसर प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के कारण हमारे पड़ोसी देश में कार्यरत अनेक उद्योग भारत में आने के इच्छुक हैं। इस दिशा में हिमाचल प्रदेश उन्हें बेहतर सुविधाएं एवं उपयुक्त माहौल उपलब्ध करवाने में सक्षम है। उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौती को अवसर में परिवर्तित करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य करें। राम सुभाग सिंह ने इस अवसर पर उद्योगपतियों की विभिन्न समस्याएं सुनीं और अधिकांश का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित बनाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के स्तर पर सुलझाई जाने वाली विभिन्न समस्याओं को उचित स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने उपायुक्त सोलन तथा उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की उद्योगों से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए और विशेष रूप से सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योगों तक इनकी जानकारी पहुंचाई जाए। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन उद्योगों को नियमानुसार उचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 समय में भी सोलन जिला में प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न उद्योगों को क्रियाशील रखा गया है। इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलक राज, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार, प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के अधीक्षण अभियंता राकेश ठाकुर, विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सोलन के उद्योगपति उपस्थित थे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अंतर्गत आने वाले दो कृषि विज्ञान केन्द्रों ने विवि का नाम रोशन किया है। कंडाघाट में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा प्रदेश भर के 13 केवीके में पहला स्थान दिया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के केवीके लाहौल स्पीति II, जो की ताबो में स्थित है को भी प्रस्तुति में दूसरे पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्कार आईसीएआर के अंतर्गत आने वाले कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान(अटारी), क्षेत्र-1, लुधियाना द्वारा हाल ही में हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा उत्तराखंड के कृषि विज्ञान केन्द्रों की ऑनलाईन वार्षिक कार्यशाला के दौरान घोषित किए गए। कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र-1 के अंतर्गत आने वाले सभी 69 कृषि विज्ञान केन्द्रों के वार्षिक कार्य की समीक्षा तथा आगामी वर्ष के कार्य की रूपरेखा को स्वीकृति प्रदान करना था। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राज्य कैलाश चौधरी ने मुख्य अतिथि तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने कार्यक्रम में विशिस्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस दो दिवसीय कार्यशाला में कोविड-19 महामारी के दौर में कृषि विज्ञान केन्द्रों की विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु केन्द्रों को सुदृड़ बनाने के विषय में विशेष परिचर्चा की गई जिसमें 8 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने विचार रखे। सभी केन्द्रो ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसके आधार पर केवीके सोलन को हिमाचल में प्रथम पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केन्द्र, सोलन के प्रभारी डॉ. डी.पी. शर्मा ने सभी वैज्ञानिकों व कर्मचारियों की सराहना की तथा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल, निदेशक अटारी तथा विवि के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. पी. के. महाजन का उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया जिनके नेतृत्व में कृषि विज्ञान केन्द्र को यह सम्मान प्राप्त हुआ। डॉ शर्मा ने बताया की केंद्र द्वारा पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन कार्य किया गया है। पिछले वर्ष केंद्र ने जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में तीन राज्य स्थरीय किसान मेलों का सफल आयोजन किया। इसके अलावा सेब की नवीन किस्मों का उच्च घनत्व बग़ीचा, केंद्र में स्थापित किया गया है जिससे प्रदेश के निचले क्षेत्र के किसानों के बीच फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों से लगातार संपर्क बना कर रखा और वैज्ञानिक परामर्श दिया। केंद्र के सहयोग से क्षेत्र में कई प्रगतिशील किसान युवाओं के लिए प्रेरणा बने है। सोलन के दो युवा किसानों ने भारतीय किसान विज्ञान काँग्रेस में भी हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया और प्रस्तुति दी। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, शूलीनी कृषि पत्रिका और विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी केवीके किसानों को उपलब्ध करवाता है। वहीं केवीके ताबो ने कम लगात में मटर और सेब की पर्यावरण अनुकूल तकनीकें, उच्च घनत्व बगीचों की स्थापना, स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण और सामुदायिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की ओर प्रयास किया है। स्पीति घाटी में केसर की खेती की संभावनाओं को तलाशने का भी केवीके की योजना है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ पीके महाजन और अन्य अधिकारियों ने दोनों केवीके की टीम को बधाई दी। उन्होनें कहा कि यह बहुत गौरव की बात है की लगातार दूसरे वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा संचालित केवीके को प्रदेश में अव्वल स्थान मिला है। उन्होनें कहा की इस पुरस्कार से आने वाले समय में सभी केन्द्रों को और बेहतर प्रयास करने की प्रेरणा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग तथा बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभाग सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कार्यरत है। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की असीमित सम्भावनाओं के दृष्टिगत यह प्रयास किया जा रहा है कि इस क्षेत्र में राज्य में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ की अवधारणा को अपनाया जाए ताकि प्रदेश के सभी जिले खाद्य प्रसंस्करण में विशिष्ट रूप से स्थापित हो सकें। राम सुभाग सिंह सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के उद्योग, प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग तथा ऊर्जा विभाग से सम्बन्धित विभिन्न विषयों एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है कि इस दिशा में राज्य में ‘हब एण्ड स्पोक’ माॅडल अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आगामी चार-पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया जाना है। उन्होंने कहा कि ‘हब एण्ड स्पोक’ माॅडल के माध्यम से राज्य, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्होंने जिला उद्योग केन्द्र को सोलन में टमाटर, मशरूम एवं बेमौसमी सब्जियों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। राम सुभाग सिंह ने कहा कि महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौती को अवसर में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि भारत को विभिन्न अन्य देशों पर उद्योगों के लिए आवश्यक वस्तुओं के लिए अपनी निर्भरता को कम करना है। इसके लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए लघु एवं दीर्घ अवधि की अनेक योजनाएं प्रस्तुत की गई हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में अभी तक लगभग 1200 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। शीघ्र ही लगभग 800 करोड़ रुपये के और ऋण उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सोलन जिला में बल्क ड्रग पार्क, चिकित्सा उपकरण पार्क, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग समूह, अधोसंरचना विकास, लघु उद्योग पार्क तथा राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजनाओं के तहत अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए सघन प्रयास किए जाएं। उन्होंने बिलासपुर और हमीरपुर जिलों को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। राम सुभाग सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन एवं जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक उद्योग स्थापित करने के लिए समूह दृष्टिकोण के आधार पर कार्य कर उपयुक्त भूमि चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकतम औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए आगामी 04 से 06 माह महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत ऐसी गतिविधियां चिन्हित की जाएं जिनमें निवेश की उचित सम्भावना हो ताकि बैंक शीघ्र ऋण प्रदान करें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत प्राप्त विभिन्न शिकायतों को शीघ्र निपटाया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड, खनन, लोक निर्माण तथा जलशक्ति विभाग के तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं एवं निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदेश विद्युत बोर्ड के तीनों जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली के लकड़ी के खम्बों को शीघ्र बदला जाए। बैठक में अवगत करवाया गया कि प्रदेश में उद्योग विभाग के पास लगभग 600 हैक्टेयर भूमि उपलब्ध है तथा लगभग 1300 हैक्टेयर भूमि शीघ्र विभाग के नाम हो जाएगी। नालागढ़ में बल्क ड्रग पार्क के लिए 1800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र सोलन, बिलासपुर तथा हमीरपुर के जिला महाप्रबंधकों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार, उपायुक्त सोलन केसी चमन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी हमीरपुर जितेन्द्र सांजटा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर विनय धीमान, सोलन, बिलासपुर तथा हमीरपुर जिलों के विद्युत बोर्ड लिमिटिड के अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग सोलन के अधीक्षण अभियंता कैप्टन एसपी जगोता, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता केशव राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की अगुवाई में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जिला सोलन का गुरूवंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेंद्र कपिला ने की। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलित करके और सरस्वती बंदना से की गई। मुख्यातिथी पवन मिश्रा ने अपने सम्बोधन में गुरूवंदन कार्यक्रम के मूल उदेश्य को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में गुरूवंदन कार्यक्रम गुरू पूर्णिमा के दिन से पूरे भारत वर्ष में आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले प्रदेश में कार्यक्रमों की श्रृंखला एक सप्ताह तक चलेगी।उन्होंने कहा कि भारत में गुरू शिष्य की वैभवशाली परम्परा रही है जिसमें गुरू या शिक्षक की भूमिका समाज के पथ प्रदर्शक के रूप में मानी जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की धूरी है जिसके मार्गदर्शन में देश का भविष्य तैयार होता है। यही वजह है कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की मूल भूमिका को समझते हुए समाज को सही दिशा प्रदान करने के लिए खुलकर आगे आना चाहिए। इस अवसर पर विशेष अतिथि प्रकाश बट्टू ने भी अपने विचार रखे। जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा ने बताया कि जिला सोलन के सभी खंडों में गुरूवंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें संख्या व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक महासंघ के गूगल मीट ऐप्प से सोलन जिला टोली में जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा, जिला मंत्री गगन चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष के एल शर्मा, नालागढ़ खंड अध्यक्ष दीपक शर्मा, बद्दी खंड के अध्यक्ष पवन शर्मा, अर्की खंड के अध्यक्ष सुनील कुमार, अतिरिक्त जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य भीम सिंह, जागृति कपिल, महिला उपाध्यक्ष ज्योति महाजन और प्रवक्ता संवर्ग की उपाध्यक्ष सुमन ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
कुनिहार क्षेत्र में आवारा कुत्तों व लावारिस छोड़े जा रहे पशुओं की संख्या दिनप्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है जिस कारण लोगों व व्यापारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सारा दिन यह आवारा कुत्ते व लावारिस पशु इधर से उधर घूमते रहते हैं। लोगों को हर समय इनसे भय बना रहता है कि कहीं यह हमला न कर दे। गौर रहे कि व्यापारिक दृष्टि के कारण कुनिहार बाजार में लोगो की अच्छी खासी भीड़ रहती है। लोग दूर दूर से यंहा खरीददारी करने आते हैं लेकिन कुछ समय से यहाँ, जहाँ आवारा कुत्तों की तादात बहुत अधिक बढ़ गई है तो वहीँ आए दिन लावारिस छोड़े जा रहे पशुओं की तादात भी बढ़ी है। लावारिस पशु जहाँ लोगों की फसलें बर्बाद करते है तो वहीँ बाजार में दुकानदारों के सामान में भी मुँह मारते रहते हैं और तो और यह आवारा कुत्ते व लावारिस पशु लोगों पर कई बार हमला भी कर चुके हैं। स्थानीय लोगों व व्यापारियों प्रवीण, कर्मचन्द, पदमदेव, सुरेश, जितेंद्र, बालक राम, कृष्ण लाल, महेंद्र, संजय आदि ने पँचायत प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
सोलन के धर्मपुर से भेड़ें खेच जाने वाली सड़क ने बरसात की पहली बारिश मे ही नाले का रूप ले लिया है। सड़क मे जगह जगह खड़े पड़े और पानी भरा हुआ है। ये सड़क कई ग्रामीण इलाको को धर्मपुर से जोड़ती है। आजकल टमाटर का सीजन जोरों पर है जिसके चलते ग्रामीण वासियों को बड़ी मुश्किलो का सामना करना पड रहा है। ग्रामीण वासियों कहना है की सड़क पर गाड़ी चलाते हुए कोई बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है। सिहारडी तक यह रोड पी डब्लू डी के अंतर्गत आता है लेकिन प्रशासन कि तरफ से इसकी कोई भी देख रेख नहीं की जा रही है।
विद्युत उपमंडल सोलन के अधीन कुछ क्षेत्रों में विद्युत उपकरणों व तारों की सामान्य मरम्मत के कारण रविवार को सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान इंकम टैक्स ऑफिस, कोटलानाला, टैंक रोड, फोरेस्ट रोड, शामती, डिग्री कॉलेज, जेबीटी, ऑफिसर्स कालोनी, खलीफा लॉज, सूर्य विहार फ्लोरा, पिकअप यूनियन खनोग, गलानग, मत्यूल और इनके आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मौसम के अनुसार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
8 जुलाई 2020 को जिला सोलन के अनुबंध से नियमित हुए जेबीटी अध्यापकों और अनुबंध पर कार्य कर रहे साथियों की एक ऑनलाइन मीटिंग हुई जिसमें पैट अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने जिस मजबूती के साथ सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा और इन्हें न्याय दिलवाया, उसके लिए प्रदेश सरकार बधाई की पात्र है और अस्थाई अध्यापकों को नियमित करने का साहसिक निर्णय लेने पर धन्यवाद दिया गया। बैठक में वर्तमान परिपेक्ष्य में जो घटनाक्रम चल रहा है इस बारे में चर्चा हुई और सभी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जो ये अस्थाई अध्यापकों का नियमतीकरण किया जा रहा है इससे हज़ारों अध्यापकों की वरिष्ठता सूची प्रभावित होगी जिसका की पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा और अपने हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में माँग करते हुए कहा गया कि सीधी भर्ती (R&P Rules) द्वारा चयनित अनुबंध से नियमित जेबीटी की वरिष्ठता के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हिमाचल एवं भारत सरकार द्वारा तय मानकों (Gazette of India) अर्थात् भर्ती एवं पदोन्नति नियमों का मान सम्मान होना चाहिए। इसी के साथ सभी साथियों ने सभी विकल्पों पर विचार करने पर भी हामी भरी क्योंकि इसमें प्राथमिक अध्यापक संघ (ptf) हिमाचल प्रदेश का भी वर्ग विशेष के प्रति लगाव समझ से परे है और प्राथमिक अध्यापक संघ को अपने विवेक से निर्णय लेते हुए सभी साथियों के हितों को सुरक्षित करना चाहिए। उन्होंने आग्रहपूर्वक संघ को निवेदन किया कि संघ तटस्थ होकर सभी वर्गों का ध्यान रखे और सभी को साथ लेकर चले ताकि अन्य सभी चिरलंबित मांगों को सरकार से पूरा करवाया जा सके।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सुरक्षा के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 के लिए लागू की जा रही है। यह जानकारी उपनिदेशक कृषि डाॅ. राजेश कौशिक ने दी। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन में होने वाली कमी तथा अन्य नुकसान आदि जोखिम से सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत खरीफ मौसम 2020 में मक्की तथा धान की फसलों को सम्मिलत किया गया है। योजना के तहत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2020 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि किसान योजना के तहत मक्की तथा धान की फसल का बीमा अपने समीप के लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए इच्छुक किसानों को अपनी भूमि की जमाबन्दी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि लेकर समीप के लोकमित्र केन्द्र में आना होगा। उन्होंने कहा कि किसान योजना के तहत बीमा के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में लोकमित्र केन्द्रों को सूचित कर दिया गया है तथा किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवा दी गई है। उपनिदेशक कृषि ने कहा कि मक्की फसल के लिए कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये तथा धान की फसल के लिए भी कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये निर्धाारित की गई है। किसानों को मक्की की फसल पर 48 रुपये प्रति बीघा तथा धान की फसल के लिए भी 48 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि ऋणी किसानों के लिए यह फसल बीमा योजना ऐच्छिक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जो किसान पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 का लाभ नहीं लेना चाहते वह अपने समीप की बैंक शाखा में में इस सम्बन्ध में सूचित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरान्त दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदाओं को कवर किया गया है। डाॅ. राजेश कौशिक ने सोलन जिला के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे योजना के तहत मक्की व धान की फसलों का बीमा करवाएं ताकि उक्त कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान पर उन्हें बीमा कंपनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए किसान समीप के कृषि अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
मानसून के आने से वातावरण में नमी की अधिकता हो जाती है जिसके उपरांत पौधों में रोगों का प्रकोप भी दिखाई देने लगता है। सेब में स्कैब की समस्या जो लगभग समाप्त समझी जा रही थी पिछले वर्ष से हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में इसका प्रकोप दिखाई दिया है। इस वर्ष स्कैब रोग की समस्या प्रदेश के कुल्लू, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों में आ रही है। इसलिय समय रहते रोग की बढ़वार को रोकने के लिए उपाय करना आवश्यक है। डॉ वाईएस परमार औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने सेब बागवानों को इन रोगों के प्रबंधन के लिए सलाह दी है। सेब के स्कैब रोग, असामयिक पतझड़ व अल्टरनेरिया धब्बा रोग को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, निम्नलिखित सिफ़ारिशें का पालन किया जाना चाहिए। ऊंची एवं मध्य पहाड़ियों वाले क्षेत्र प्रोपीनेब के स्प्रे @ 0.3% (600 ग्राम / 200 लीटर पानी) या डोडिन @ 0.075% (150 ग्राम / 200 लीटर पानी) या मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% WG @ 0.150% (300 ग्राम /200 लीटर पानी) या टेबुकोनाज़ोल 8% + कप्तान 32% SC @ (500ml/ 200 लीटर पानी) ऐप्पल स्कैब के प्रबंधन के लिए सिफारिश की जाती है। मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रॉबिन 5% WG @ 0.150% (300 ग्राम / 200 लीटर पानी) या फलक्सापाइरोकसाड + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 500 ग्राम / लीटर SC @ 0.01% (20ml / 200लीटर) का असामयिक पतझड़ व अल्टरनेरिया धब्बा रोग के प्रबंधन के लिए अनुशंसित हैं। निम्न ऊंचाई वाले क्षेत्र स्कैब के प्रबंधन के लिए प्रोपीनेब @ 0.3% (600 ग्राम/200 लीटर पानी) के स्प्रे की सलाह दी जाती है, जबकि समय से पहले पत्ती गिरने के प्रबंधन के लिए टेबुकोनाज़ोल 50% + ट्राइफ्लोक्सिस्ट्रोबिन 25% WG @ 0.04% (80 ग्राम/ 200 लीटर पानी) की सिफारिश की जाती है। कटाई से पूर्व (फसल लेने से 20-25 दिन पहले), स्कैब और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट के प्रबंधन के लिए मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% WG @ 0.1% (200 ग्राम/200 लीटर पानी) के स्प्रे की सिफारिश की जाती है। विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग द्वारा अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल का सख्ती से पालन करें और स्प्रे करते वक़्त सभी एहतियात बरते। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने बताया की विश्वविद्यालय इस पूरे मामले में सजग है और यह सुनिश्चित किया गया है कि जिन क्षेत्रों से इस तरह की सूचनाएँ मिल रही है वहाँ के कृषि विज्ञान केन्द्रों, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों और विभाग में कार्यरत वैज्ञानिकों को बागवानों की समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिये जा चुके है। जिन क्षेत्रों में जरूरत पड़ रही है, विवि के वैज्ञानिक बगीचों का दौरा भी कर रहे है और वैज्ञानिक परामर्श भी दे रहें है। विश्वविद्यालय इस स्थिति की तरफ काफी सतर्क है ताकि बागवानों को नुकसान न उठाना पड़े। क्या है स्कैब रोग लक्षण : यह रोग वेंचूरिया इनैक्वैलिस नामक फफूँद द्वारा उत्पन्न होता है। इस रोग का आक्रमण सर्वप्रथम सेब की कोमल पतियों पर होता है। मार्च-अप्रैल में इन पत्तियों की निचली सतह पर हल्के जैतूनी हरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं जो बाद में भूरे तथा काले हो जाते हैं। बाद में पत्तों की ऊपरी सतह पर भी ये धब्बे बन जाते हैं जो अक्सर मखमली भूरे से काले रंग वाले तथा गोलाकार होते है। कभी-कभी संक्रमित पत्ते मखमली काले रंग से ढक जाते हैं जिसे शीट स्कैब कहते हैं। रोगग्रस्त पत्तियां समय से पूर्व (गर्मियों के मध्य में ही) पीली पड़ जाती है। इस रोग के धब्बे फलों पर भी प्रकट होते हैं। बसंत ऋतु के आरंभ में ये धब्बे फलों के निचले सिरे यानि 'पुशकोश अंत' पर पाये जाते है जो प्रयः गोलाकार तथा भूरे से काले रंग के होते हैं। अधिक संक्रमण होने पर फल विकृत हो जाते हैं, तथा उनमें दरारें पड़ जाती है। स्कैब की फफूँद अक्तूबर-नवम्बर माह में पतझड़ होने के बाद रोगग्रस्त पत्तियों पर पिन के सिरे से भी छोटे 'सूडोथिसिया' के रूप में जीवित रहती है। मार्च- अप्रैल में ये सूडोथिसिया परिपक्व होने लगते हैं व वर्षा की बौछारों द्वारा इनमें से असंख्य बीजाणु बाहर निकलकर नई पत्तियों व फलों की पंखुड़ियों पर पहुँचकर स्कैब के जैतुनी काले धब्बे 9-17 दिन में पैदा करते हैं। धब्बों में उबरने के बाद इनमें भारी मात्रा में कोनिडिया (फफूंद के बीजाणु) फल तुड़ान से पूर्व तक अपने स्थान से छूट कर दूसरी स्वस्थ पत्तियों व फलों पर पहुँचकर स्कैब के नए धब्बे पैदा करतें है।
अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो अपनी मंजिल तक बखूबी पहुंचा जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दाड़लाघाट के गांव छामला से सम्बंध रखने वाली लता शर्मा ने। इन्हें हिमाचल की एक फ़िल्म यारियां में काम करने का मौका मिला है। गौरतलब है कि लता शर्मा को हिमाचल की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के नाम से भी जाना जाता है। लता शर्मा गायकी के क्षेत्र में काफी नाम कमा रही है। इनकी मधुर आवाज लोगों के दिलों दिमाग में इस कदर छाई है कि लोग इन्हें हिमाचली लता मंगेशकर के नाम से भी जानते हैं। अब गायक लता बहुत ही जल्द लोगों के बीच हिंदी, पहाड़ी गीत गाने जा रही है। लता शर्मा जिस यारियां फ़िल्म में काम किया है वह दो दोस्तों पर आधारित हैं जिसमें बॉलीवुड की महान हस्तियां भी इस फिल्म में कार्य कर रही है। वहीं हिमाचल के नाटी किंग कुलदीप शर्मा और बॉलीवुड स्टार पोलाराम ढांग वाला, रजा मुराद, शक्ति कपूर, जसपाल भट्टी और कई बॉलीवुड स्टार के साथ इन्हें काम करने का मौका मिला है और एक हिंदी गीत गाने का मौका मिला है। हालांकि यह गीत और फ़िल्म अप्रेल में रिलीज होनी थी परन्तु बीच मे लोक डाउन के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया है जिसका लोगो को बेसब्री से इंतजार है। वहीं हिमाचल के लिए जिला सोलन, अर्की तहसील व क्षेत्र के लिए यह गर्व की बात है।एक गरीब परिवार से संबंध रखती लता शर्मा अपने लक्ष्य में काफी आगे बढ़ रही है। बहुत सारी कठिनाइयों का सामना कर इन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है,इनके हिम्मत और हौसले व मेहनत के लिये सभी हिमाचली लोग दाद दे रहे है। हिमाचल की महान हस्तियों में ऋषि शर्मा व पोलाराम ढांग वाला और देवभूमि हिम कला मंच शिमला का लता शर्मा ने धन्यवाद किया है, इन्होंने मुझे हिमाचल मीडिया में सामने लाने में सहयोग किया।
हिमाचल जन अधिकार मंच के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए सोलन के विनोद पराशर को वरिष्ठ उप प्रधान चुनने के अलावा शिमला रोहडू के विजय डोगरा, पालमपुर के रमेश भाऊ और शाहपुर कांगड़ा के रमेश गौतम को उप प्रधान बनाया गया है। महासचिव की सूची में सोलन से नीरज वशिष्ठ, आशिष नेगी, विवेक कुमार और नाहन से सुनील वर्मा, नंदलाल घुमारवी, कुलवीर सिंह दौलतपुर ऊना को महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। इसी तरह नगरोटा बागवां के सुरेश कुमार, पालमपुर की गुरमीत कौर, नालागढ़ के भूपेंद्र सिंह , रामशहर सोलन के हरविंद्र सिंह, शिमला के सुदर्शन शर्मा और रोहडू के विनोद कुमार को सचिव चुना गया है। इसके अलावा इंदौरा कांगड़ा के करतार सिंह, सोलन के एसके शर्मा, देहरा के संजीव सूद, धर्मशाला के रमेश ठाकुर, सोलन सुबाथू के अशोक कौशिक और धर्मशाला के अनुराग वर्मा को सहसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। कांगड़ा के सुभाष चंद और धर्मशाला के शरणदास शर्मा को सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों से 34 लोगों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। यह जानकारी सचिव एस के शर्मा (सोलन) ने दी।
In a step which is expected to give a major fillip to education and entrepreneurship in students, the Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni and Department of Industries, Himachal Pradesh have signed a Memorandum of Understanding (MoU) for promoting university-industry linkages. HR Sharma, Director Industries and UHF Vice-Chancellor Dr Parvinder Kaushal signed the MoU on Tuesday at Shimla. As part of the MoU, there will be knowledge sharing between both the parties and the experts from the industries department will regularly interact with faculty and students for making them aware of industrial policies and schemes. “The tie-up is part of the university initiative to promote university-industry linkages for humanities, social and managerial sciences on themes like entrepreneurship, business management, communication skills, personality development, leadership and event management etc. through expert lectures, guest faculty and resource persons,” said Dr Kaushal. He added that under the tie-up, the existing incubation centre at the University will be strengthened by providing special funds for machinery/equipment which will be used by the incubates. Every student will be encouraged to enrol for one startup idea. In addition, the Department will support the university for developing management professionals by facilitating summer trainings of students with industries, joint student research projects, placements etc. There will be an industrial collaboration for the vocational opportunities in the cultivation of fruits, vegetables, flowers, beekeeping, mushroom, dairy farming, environment quality management, food quality analysis, medicinal and aromatic plants, wood technology, natural farming, value addition, agro-processing, food processing, nursery production, biotechnology etc. Dr Kaushal said that the Department of industries will facilitate access to industrial establishments in the state to the graduating students of horticulture, biotechnology and forestry during their industrial attachments and explore sponsor scholarships and stipends from industries to the students for carrying out specific research to solve industrial problems. The diploma/certificate passed students from the university will be given preference while seeking employment with the industy. There will also be a provision for starting industrial sponsored certificate programmes where students, researchers and entrepreneurs are exposed to industrial setups, labs and other R&D infrastructure of global competence.
कुनिहार विकास खण्ड के अंतर्गत डुमेंहर पंचायत के पपलोटा गावं में 4 जुलाई को एक व्यक्ति के करोना पॉजिटिव आने के पश्चात उसका बेटा जो अपने पिता को दिल्ली लेने गया था सोमवार 6 जुलाई को वह भी करोना पॉजिटिव पाया गया। करोना पोस्टिव पाया गया युवक अपनी दादी को इलाज के लिए कुनिहार हॉस्पिटल लाया था। सोमवार को उक्त व्यक्ति की पॉजिटिव आने की खबर के साथ ही कुनिहार के लोगों व व्यापारियों में भय का माहौल बन गया। मामले को देखते हुए जंहा सोमवार रात को ही प्रशासन ने सिविल हॉस्पिटल को सील कर दिया था व मंगलवार को एसडीएम अर्की विकास शुक्ला के निर्देशों से नायब तहसीलदार कुनिहार दौलत राम चौधरी की अगुवाई में सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के भवन सहित पूरे कुनिहार के बाजार को सेनेटाइज किया गया। दौलत राम चौधरी ने बताया कि अभी हाल ही में पपलोटा में जो बाप बेटा कोरोना पोस्टिव आए है व इस अवधि में उक्त युवक अपनी दादी को इलाज के लिए कुनिहार लाया था व इसी को मध्यनजर रखते हुए मंगलवार को एसडीएम अर्की के दिशा निर्देशों के अनुसार हॉस्पिटल सहित पूरे कुनिहार बाज़ार को एहतियात के तौर पर सेनेटाइज किया गया।
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लोगो का जीवन स्थिर सा हो गया है। सभी सामाजिक, धार्मिक कार्यो के साथ साथ निजी व सरकारी बसों की आवाजाही पर रोक के कारण लोगो का जीवन नीरस सा हो गया था लेकिन लगभग 3 महीनों के बाद बसों की आवाजाही की परमिशन से लोगो मे फिर से जीवन पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। धीरे धीरे निजी व सरकारी बसें अपने रूटों पर दौड़ना शुरू हो गई है जिससे लोगों में खुशी व उत्साह है। ऐसा ही नजारा रविवार को भूमती के सोयली गांव में देखने को मिला जब वँहा कुनिहार से वाया जयनगर बस लगभग साढ़े 3 महीने बाद पहुंची तो लोगों ने बस रोककर बस के आगे नारियल फोड़ा व बस चालक, परिचालक व मालिक का फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया व मिठाई बांटी। बस मालिक सोनू ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लोगों की आवाजाही व दिनचर्या पर असर पड़ा है लेकिन अब फिर से बस शुरू होने से लोगों में उत्साह है। अब बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे कुनिहार से चलेगी व 10 बजे जयनगर पहुंचेगी तथा वापिस बाया उखु पंजल होते हुए डेढ़ बजे कुनिहार पहुंचेगी। फिर वापिस इसी रूट से जयनगर व वापिस कुनिहार पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को सभी जिलों के साथ-साथ सोलन जिला की उन महिलाओं से वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से संवाद किया जो प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से लाभान्वित हुई हैं। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य है जहां शत-प्रतिशत आवासों में रसोई गैस कुनैक्शन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इससे जहां महिलाओं की अनेक समस्याएं समाप्त हुई हैं और उनके समय की बचत हुई है वहीं प्रदेश के पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जयराम ठाकुर ने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सतर्क रहें तथा विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ आयोजित संवाद में वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से सोलन जिला की 75 महिलाओं ने भाग लिया। यह वर्चुअल संवाद उपायुक्त कार्यालय सोलन तथा सभी विकास खण्डों में आयोजित किया गया। वर्चुअल संवाद में विकास खण्ड सोलन की 20, सोलन शहर की 14, विकास खण्ड कुनिहार की 10, विकास खण्ड धर्मपुर की 10, विकास खण्ड नालागढ़ की 11 तथा विकास खण्ड कण्डाघाट की 10 लाभार्थियों ने भाग लिया। वर्चुअल संवाद में जहां जिला की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए वहीं सोलन शहर के वार्ड नंबर-15 धोबीघाट की कारगिल कालौनी में रहने वाली सुषमा देवी पत्नी शेखर को मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री को हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से होने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गैस चूल्हा व सिलेंडर उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन द्वारा कोविड-19 के दौरान डिजिटल माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। यह जानकारी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव गुरमीत कौर ने दी। गुरमीत कौर ने कहा कि इसी कड़ी में सोमवार को सोलन उपमंडल के सुबाथू स्थित शांति निकेतन आश्रम के लगभग 80 बच्चों को उनके कानूनी आधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बच्चो को बताया कि यदि बच्चों को ऐसा प्रतीत होता हो कि उकने अधिकारों का हनन हो रहा है तो वह इस सम्बन्ध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्रम संचालकों को निर्देश दिए कि आश्रम परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए और यहां निवास कर रहे सभी बच्चों को स्वच्छता के लाभों के बारे में बताया जाए। उन्होंने बच्चों को आयु अनुसार पौष्टिक आहार प्रदान करने का भी परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय सोलन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त पैरा लीगल वालेंटियर को डिजिटल माध्यम से कानून सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गई है ताकि पैरा लीगल वालेंटियर जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों के में बारे में जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अर्की स्थित बाल आश्रम तथा सोलन जेल के कैदियों को डिजिटल माध्यम से अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे।
ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्की भाजपा मंडलाध्यक्ष डीके उपाध्याय की अध्यक्षता में युवा मोर्चा अर्की मंडल की ओर से कोविड-19 के योद्धाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अर्की भाजपा के मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी के दौर में अपने जीवन को संकट में डालकर डॉक्टर कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट में युवा मोर्चा मंडल अर्की की ओर से कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जा रहा है। इस दौरान ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट के डॉक्टर मनजीत सिंह सेन ओर उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य जयनन्द शर्मा, ओपी गांधी, जिला सचिव राकेश गौतम, किसान मोर्चा अर्की के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, अर्की मंडल सचिव डीआर चौहान, प्रेस सचिव पवन गौतम, बंटू शुक्ला, बालक राम शर्मा, नरेश गौतम, युवा मोर्चा अध्य्क्ष अर्की महेंद्र राणा, महामंत्री विजय, हेमराज, उपाध्यक्ष विकास, राजेश, सचिव हरीश, चमन, भूपेंद्र, जिला सयोंजक आई.टी भूपेंद्र सागर, मंडल सयोंजक प्रेम, भीम शर्मा एवम पवन उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट ने अंबुजा चौक व अंबुजा गेट पर भारतीय डाक सेवा विभाग से डाक बॉक्स लगाने का आग्रह किया है। सभा के महासचिव प्रेम केशव ने भारतीय डाक विभाग के सहायक पोस्ट मास्टर दाड़लाघाट को इस विषय को लेकर अवगत करवाया गया था लेकिन आश्वासन मिलने के बाद आज दिन तक डाक पोस्ट नही लगाएं गए है। प्रेम केशव ने विभाग से अनुरोध किया है कि इन दिनों कोरोना महामारी के चलते लोगों इधर उधर जाने में परहेज करते है। अगर किसी काम से विभाग कार्यालय जाना भी पड़े तो वह खतरे से खाली नही है। उन्होंने ग्राम पंचायत से भी इस विषय को लेकर प्रस्ताव डालने का आग्रह किया है ताकि डाक बॉक्स को लेकर आमजन को लाभ मिल सके।
कोरोना काल में केंद्र सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखते हुए शिक्षा हेतु हर संभव प्रयास कर रही है। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई ऑनलाइन वार्ता में कही। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ सोलन के अध्यक्ष नरेन्द्र कपिला ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रेरणा से राष्ट्र हित मे शिक्षा, शिक्षा के हित मे शिक्षक, शिक्षक हित में समाज के ध्येय वाक्य को लेकर कार्य करता है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ अखिल भारतीय स्तर पर मानव संसाधन मंत्री निशंक से हुई वार्ता का स्वागत करता है और समर्थन करता है। इस वार्ता की चर्चा में भाग लेते हुए सोलन जिला टोली में जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा, जिला मंत्री गगन चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष के एल शर्मा, नालागढ़ खंड अध्यक्ष दीपक शर्मा, बद्दी खंड के अध्यक्ष श्पवन शर्मा, अर्की खंड के अध्यक्ष सुनील कुमार, अतिरिक्त जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य भीम सिंह, महिला उपाध्यक्ष ज्योति महाजन और प्रवक्ता संवर्ग की उपाध्यक्ष सुमन ने भी इस वार्ता का स्वागत और समर्थन किया।
नंबरदार यूनियन का एक शिष्टमंडल उप तहसील प्रधान नन्द लाल ठाकुर की अगुवाई में मांगों को लेकर नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा से मिला। इस दौरान यूनियन की ओर से एक ज्ञापन सौंपकर मांगों जल्द पूरा करने की मांग की गई। प्रधान नन्दलाल ठाकुर ने बताया कि ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि कोई भी दस्तावेज रजिस्टर्ड होने के समय गांव के ही नंबरदार से तस्दीक करवाए जाए, ग्रामीण लोगों के कार्यों के लिए गांव के नंबरदार की मोहर और हस्ताक्षर सही माने जाने यकीनी बनाए जाए ताकि किसी तरह के राजस्व घोटाले की सम्भावना न रहे। इसके साथ ही यह मांग की गई कि नम्बरदारों के पहचान पत्र भी बनाये जाए और नम्बदारों को बैठने के लिए अलग से नम्बरदार कक्ष बनाया जाए। उन्होंने मांग कि की डालवाच, फर्दवाच समय पर उपलब्ध करवाई जाए ताकि मामला लेने में देरी न हो और समय पर मामला वसूला जा सके। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह व नम्बरदार यूनियन के सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय राशि को 15 सौ रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपए करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया। यूनियन प्रधान ने बताया कि नायब तहसीलदार ने शीघ्र ही सभी मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नम्बरदार यूनियन के प्रधान नन्दलाल ठाकुर,प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष अनिता शर्मा, नम्बरदार राजेन्द्र, चुनीलाल, कृष्णराम उपस्थित रहे।
सोमवार के दिन स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा कसौली मंडल के माध्यम से ग्राम पंचायत चेवा मे पौधा रोपण कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपूर सिह वर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। सर्व प्रथम स्व श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सभी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। पौधा रोपण कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपुर सिह वर्मा ने किया। जिला सोलन युवा मोर्चा, भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल के सदस्यों, पदाधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचाियों ने मिलकर कुल 120 पौधे लगाए। भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपुर सिह वर्मा ने कहा कि हमें इस धरती को पेड़ पौधों लगाकर स्वर्ग बनाना है। उन्होंने सभी से आग्रह भी किया कि सभी पर्यावरण को स्वच्छ बनाए व अपने आस पास पेड़ पौधों लगाकर पर्यावरण को दूषित होने से बचाए। इस मौके पर विशेष तौर पर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता तीर्थ राम ठाकुर, हीरा नन्द शर्मा, मनोज ठाकुर, जिला युवा मोर्चा के सदस्य सुशील शर्मा, रोमी, अमित शर्मा, जिला सोलन भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर, भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा, महामंत्री रोहित ठाकुर, सभी सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत मान में रक्तदान सेवा परिवार के सक्रिय सदस्य धर्मेंद्र कुमार व पंचायत के सहयोग से प्रथम रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस शिविर में 20 वर्षीय दीक्षा रक्तदान करने वाली एकमात्र बेटी थी जिन्होंने अपने जीवन का पहला रक्तदान किया है। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार ने अपने जन्मदिवस पर रक्तदान कर नेक कार्य किया। उन्होंने बताया कि अधिकतर रक्त दाताओं ने इस शिविर में प्रथम बार रक्तदान किया है। वहीं कपिल कौशल ने 27 वीं बार तथा महेश कुमार ने 13वीं बार रक्तदान किया है। इस शिविर में रक्तदाता कई किलोमीटर का सफर तय करके भी पहुंचे। शिविर के आयोजक ने कहा कि क्षेत्र में इस पहले रक्तदान शिविर से लोगों में जागरुकता आएगी तथा वह इस आयोजन से संतुष्ट रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन से लोगों में उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता को देखते हुए जल्द ही भविष्य में अगले रक्तदान शिविर का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में ब्लड बैंक सोलन से छह सदस्यीय टीम आई थी व कुल 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इसकी सफलता के लिए उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।
मानव कल्याण समिति अर्की की बैठक समिति के प्रधान मनोहरलाल शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में चीन सीमा पर शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई। बैठक की जानकारी देते हुए संस्थापक डॉ संतलाल शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत समिति ने कुछ पीपीई किट्स, एन 95 मास्क तथा कृत्रिम श्वसन के लिए अंबु बैग खरीदे हैं जो कि जल्द ही नागरिक चिकित्सालय अर्की को भेंट किए जाएंगे व लॉकडाउन के दौरान दी गई सेवाओं के लिए नगर पंचायत अर्की में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को भी समिति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। समिति के सचिव राजेश कपाटिया ने बताया कि समिति ने अर्की उपमंडल के एक व्यक्ति जो कि चंडीगढ़ पीजीआई में उपचाराधीन है, समिति द्वारा उक्त व्यकित की सहायता करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने इस समिति के सभी सदस्य व दानी सज्जनों उमेश शर्मा तथा विनय गुप्ता का समिति को सहयोग करने के लिए आभार प्रकट किया। समिति के सदस्यों ने श्मशान घाट में पानी की टंकी तथा बिजली उपलब्ध करवाने के लिए जल शक्ति विभाग व विद्युत विभाग सहित नगर पंचायत अर्की का धन्यवाद किया है। इस अवसर पर ओम प्रकाश शर्मा, सोहनलाल, धर्मपाल शर्मा, ओपी गुप्ता, विजय गुप्ता व रोहित शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-१९ के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा क्वारेनटाइन केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-२००५ की धारा ३० के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। ०६ जुलाई से १२ जुलाई २०२० तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की श्वेता भास्कर एवं मंगखानलयान सांयकालीन ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के तिलक राज एवं सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के पुनियो नाबिंग, रात्रि सेवा में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के पवन कुमार एवं सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के शुभम दीक्षित सेवाएं प्रदान करेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन डयूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अमित कौशल एवं लता ठाकुर, सांयकालीन ड्यूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के विनोद डोगरा एवं देवेन्द्र कुमार तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के रंजीत सिंह एवं राजेश कुमार सेवाएं प्रदान करेंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का 01 तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 05 पद भरने के लिए साक्षात्कार 20 जुलाई, 2020 को प्रातः 11.00 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी सीडीपीओ कण्डाघाट पवन गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदेय देय होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 20 जुलाई 2020 को प्रातः 10.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय कण्डाघाट के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के तहत ग्राम पंचायत पौधना में बाल विकास परियोजना वृत वाकनाघाट के आंगनबाड़ी केंद्र पपलोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 01 पद भरा जाना है। पवन गुप्ता ने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के तहत ग्राम पंचायत मही में बाल विकास परियोजना वृत कण्डाघाट के तहत आंगनबाड़ी केंद्र हाथौ पल्हेच, ग्राम पंचायत छावशा में बाल विकास परियोजना वृत वाकनाघाट के तहत आंगनबाड़ी केंद्र डयोन्डा, ग्राम पंचायत बीशा में बाल विकास परियोजना वृत साधुपुल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र क्यारटू, ग्राम पंचायत बांजणी में बाल विकास परियोजना वृत साधुपुल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र शिलाई तथा ग्राम पंचायत काहला में बाल विकास परियोजना वृत सायरी के तहत आंगनबाड़ी केंद्र काहला में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाना है। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र हैं जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2020 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हो। उम्मीदवार की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए दसवीं तथा आंगनवाड़ी सहायिका के लिए आठवीं पास होनी चाहिए। सहायिका पद के लिए आठवीं पास शैक्षणिक योग्यता के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में पांचवीं पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता महिला पर भी विचार किया जाएगा। किन्तु इसके लिए अन्य शर्तें पूर्ण होनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी तथा प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, शैक्षणिक योग्यता, जाति, अपंगता, अनुभव, हिमाचली, परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य योग्यता प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतियां साक्षात्कार के समय या इससे पूर्व जमा करवाने होंगे। उम्मीदवारों को पंचायत सचिव अथवा तहसीलदार से प्रतिहस्ताक्षरित स्थाई निवासी का प्रमाण पत्र लाना भी अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार या इनसे अधिक स्तर के अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां अपने साथ लाना अनिवार्य हैं। इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार समीप के आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-256367 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बार्ड लिमिटिड के निर्माण एवं अन्य कार्यों के सुचारू कार्यान्वयन के लिए आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विद्युत बोर्ड से सम्बन्धित कार्य के लिए अर्धकुशल एवं कुशल कामगारों तथा श्रमिकों के सोलन जिला में विभिन्न निर्माण स्थलों तक पहुंचने के लिए अंतरराज्यीय आवागमन के दिशा-निर्देश एवं प्रक्रिया के विषय में हैं। इन आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को सोलन जिला में अपने निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए ‘वन टाईम’ (एक बार) अंतरराज्यीय प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं कामगारों को ‘वन टाईम’ (एक बार) प्रवेश के लिए उचित माध्यम द्वारा आवेदन करना होगा। कामगारों एवं श्रमिकों के वन टाईम प्रवेश के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता को सम्बन्धित ठेकेदार, ठेकेदार का प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, फर्म या कंपनी द्वारा ईमेल या अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यम अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र की प्रति के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में शपथ प्रस्तुत करनी होगी। बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले कामगारों तथा श्रमिकों को पूर्व निर्धारित क्वारेन्टाइन सुविधा स्थलों में रखा जाएगा। कामगार एवं श्रमिक कार्यस्थल पर पहले से कार्य कर रहे कामगारों व स्थानीय लोगों के साथ मेलजोल नहीं करेंगे। क्वारेन्टीन सुविधा की विस्तृत जानकारी मानक परिचालन प्रक्रिया के साथ निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करवाई जाएगी। ऐसे कामगारों एवं श्रमिकों का कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के साथ न तो कोई सम्पर्क होना चाहिए और न ही उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई यात्रा की हो। बाहरी राज्यों से प्रदेश विद्युत बार्ड के साथ कार्य करने वाले कामगारों एवं श्रमिकों का प्रवेश पंजीकरण जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर किया जाना चाहिए। यहीं पर इनकी चिकित्सीय स्क्रीनिंग की जाएगी। कार्यस्थल पर भी इनका समय-समय स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आदेशों के अनुसार प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श के अनुसार समय-समय पर रेंडम सैम्पलिंग सुनिश्चित बनाएंगे। सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग, सेनेटाइजेशन सहित समय-समय पर जारी अन्य नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकांे एवं कामगारों के लिए प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता द्वारा जारी केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बद्दी, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा। इन श्रमिकों एवं कामगारों को अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी तथा प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कहा कि विश्वव्यापी कोविड-19 महामारी के दौरान जिला में सभी विभागों द्वारा बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किया गया है। इस दिशा में उद्योग विभाग की खनन इकाई ने सराहनीय भूमिका निभाई है। केसी चमन गत सांय जिला खनिज स्थापना न्यास की शासी परिषद (डीएमएफटी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि उद्योग विभाग की खनन इकाई सोलन जैसे औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण जिला में अत्यंत आवश्यक कार्य कर रही है। खनन इकाई द्वारा विभाग की अन्य इकाईयों के सहयोग से जहां जिला में उपलब्ध खनिज सम्पदा के विषय में सारगर्भित जानकारी प्रदान करवाई जाती है वहीं जिला में वैध तथा अवैध खनन गतिविधियों का पूर्ण अनुश्रवण भी किया जाता है। उन्होंने खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि सोलन जिला में अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखी जाए और इस दिशा में नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के समय में सोलन जिला में कार्यरत खनन इकाई द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला खनिज स्थापना न्यास सोलन द्वारा जहां कोविड-19 काल में प्रशासन को लगभग 2.23 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं वहीं राशन किट, सेनिटाईजर, पीपीई किट के लिए भी योगदान दिया गया है। बैठक में बद्दी तथा नालागढ़ में एक-एक खनन चेकपोस्ट स्थापित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। न्यास के सदस्य सचिव एवं सोलन जिला के खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने न्यास की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि न्यास द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत पूर्ण धनराशि भारत सरकार के निर्देशानुसार उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार, वन मंडलाधिकारी एके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता तथा लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पीआर नेगी उपस्थित थे।
अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (संबंधित भारतीय मज़दूर संघ) दाड़लाघाट ने लोकसभा क्षेत्र शिमला के सांसद सुरेश कश्यप को सीमेंट उद्योग में लंबे समय से चल रही अस्थाई श्रमिकों की समस्याओं के संदर्भ बारे ज्ञापन सौंपा ओर मौखिक रूप से भी सीमेंट उद्योग की उत्पादन क्षमता और वित्तीय रूपरेखा से भी अवगत करवाया, क्योंकि अम्बुजा सीमेंट दाड़लाघाट जब से देव भूमि हिमाचल में स्थापित हुआ है किसी भी प्रकार के घाटे में नहीं गया है। इसका सीधा श्रेय श्रमिको की मेहनत और खून पसीने को जाता है लेकिन इसके बावजूद भी सीमेंट कंपनी मालिक श्रमिकों के शोषण में किसी भी प्रकार की कसर नही छोड़ रही है। वैश्विक महामारी कोरोना की आड़ में श्रमिको को केवल 26 दिन का वेतन दे रही है जिससे श्रमिकों में तनाव और मानसिक पीड़ा से ग्रसित हो रहे हैं क्योंकि जहां 30-31 दिन का वेतन मिलता था वह आज केवल 26 दिन का मिल रहा है जबकि उत्पान क्षमता में किसी भी प्रकार की गिरावट नही है। इस प्रकार की तनाशाही से अस्थाई श्रमिकों में तनाव बरकरार है क्योंकि भविष्य निधि,बोनस ओर छुट्टियों पर प्रभाव पड़ेगा उससे भी श्रमिकों का मनोबल गिरता जा रहा है। इस संदर्भ में अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भा.म.सँ.) के पदाधिकारियों ने अम्बुजा प्रबंधन वर्ग से अनेक बैठकों का दौर चला लेकिन परिणाम शून्य रहा इसलिए सांसद सुरेश कश्यप को एक ज्ञापन सौंपा गया। संसद ने भरोसा दिलवाया है कि विषय बहुत गंभीर है लिखित कार्यवाही करके अम्बुजा सीमेंट ओर अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग जो हिमाचल के सोलन जिला में स्थापित है इसकी उचित जांच होगी ओर श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय सहन नहीं होगा। अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महा संघ के उपमहामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने संसद सुरेश कश्यप से चर्चा में कहा कि सम्पूर्ण भारत मे जितनी भी सीमेंट उद्योग है सभी अपने अपने क्षेत्र में के सांसद को ज्ञापन सौंपा है तथा अपनी अपनी समस्याओं से अवगत करवाया है इसलिए लोकसभा सत्र में यह मुद्दा जोर शोर से उठेगा ऐसी उम्मीद है जिससे समस्त अस्थाई श्रमिक जो कई वर्षों से परेशान हैं उनको अच्छे दिन देखने को मिले। आज भारत मे सीमेंट उद्योग में 80% अस्थाई श्रमिक है इसलिए इन श्रमिकों को स्थाई करने का प्रावधान हो ऐसी पूरी उम्मीद सांसद के माध्यम से लोकसभा में आवाज उठे। अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ के प्रधान सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, संयुक्त सचिव विनोद शर्मा तथा कोशाध्यक्ष रुवेश कुमार सभी ने अस्थाई श्रमिकों की अनदेखी ओर भेदभाव पूर्ण नीति के खिलाफ अपना ज्ञापन सौंपा ओर पूर्ण विश्वास जताया है कि लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप सीमेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को लोकसभा सत्र में अपना पक्ष रखेगे ओर भविष्य में सीमेंट उद्योग के श्रमिकों को स्थाई होने की नीति अवश्य बनेगी। इससे भविष्य में सीमेंट उद्योग में शांति का वातावरण रहेगा।
फलोद्यान केंद्र (नर्सरी) दाड़लाघाट में मंडी ज़िला के तीन लोगों को नियुक्ति किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री अपने ज़िले के लोगों की विभिन्न विभागों में नियुक्तियां कर रहे है जिससे पात्र व्यक्तियों को दरकिनार कर भाई भतीजावाद के साथ इलाका वाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। दाड़लाघाट के स्थानीय लोग रमेश कुमार, जगदीश कुमार, अशोक, नीम चन्द, नवीन, रमेश शर्मा, सत्यपाल, महेन्द्र व दिनेश सहित अन्य का कहना है कि फलोद्यान (नर्सरी) दाड़लाघाट में बिना किसी सूचना के मंडी ज़िला के तीन व्यक्ति कमलेश, भानुप्रताप व नसवीर की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर की गई है। लोगों का आरोप है कि इस नर्सरी में नौकरी के लिए स्थानीय रमेश कुमार, जगदीश शर्मा, नीमचन्द, रमेश शर्मा, नवीन व सत्यपाल ने पहले आवेदन किया था लेकिन विभाग में नियुक्त किए गए मंडी ज़िले के तीनों व्यक्तियों को गैर कानूनी तरीके से नियुक्तियां कर दी गई है। लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया द्वारा अपने ज़िले की लोगों को विभाग में नियुक्तियां करना कहीं न कही भाई भतीजावाद को बढ़ावा देना है। लोगों ने सरकार से आग्रह किया है वह इन नियुक्तियों की स्थिति सभी लोगों के बीच रखे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नही करती है तो स्थानीय लोग आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी। जब इस बारे संयुक्त निदेशक नर्सरी शिमला जेपी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पद विभाग द्वारा नही भरे जाते है यह पद आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से भरे जाते है। उन्होंने ही यह नियुक्तियां की होगी।
अर्की थाना के अंतर्गत सरली नामक स्थान के समीप घडेच में एक व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक उस शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है तथा पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के पश्चात अर्की अस्पताल स्थित शव गृह में रखा गया है। बता दें कि शुक्रवार सांय लगभग पांच बजे एक व्यक्ति जो कि अपने मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा था, को सरली मोड़ से आगे घडेच नामक स्थान में सड़क में एक व्यक्ति पीठ के बल पड़ा दिखाई दिया। उसने इस बात की सूचना तुरंत गांव के लोगों को दी तथा लोगों ने इस बात की सूचना उस पंचायत की प्रधान को दी। पंचायत प्रधान द्वारा इस बात की सूचना अर्की पुलिस को दी गई तथा अर्की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्यवाहक थाना प्रभारी प्यारे लाल के अगुवाई मेंं टीम गठित करके मौके पर जाकर शव का निरीक्षण करके शव को अपने कब्जे में लिया तथा उसे पोस्टमार्टम हेतु अर्की अस्पताल लाया गया परंतु शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। जिस व्यक्ति का शव मिला है उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के करीब है तथा शरीर पर किसी भी प्रकार के घाव या चोट का निशान नहीं है। पुुुुलिस ने 174 सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है तथा शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव गृह में रख दिया है तथा मामले की छानबीन जारी है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाडलाघाट प्रताप सिंह ने की हैै। उन्होंने बताया कि मृतक कोई मजदूर लग रहा है तथा प्रथम दृष्टया से देखने पर मामला हृदय गति रुकने का लग रहा है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही चल पाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में अन्य थाना प्रभारियों को भी सूचनाा दे दी गई है कि उनकेे क्षेत्र का कोई व्यक्ति गुमशुदा तो नहीं है तथा शव का पोस्ट मार्टम करवाकर शव को अर्की अस्पताल के शव गृृृह में शिनाखत के लिए रखा गया है।
देश को आजाद हुए 70 साल हो गए हैं फिर भी लोगों को सड़क सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। इस बारे ग्राम पंचायत धुन्धन के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायत प्रधान प्रेमचंद की अध्यक्षता में एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला जिसमें लोगों की समस्या जो कि मुख्य रूप से लिंक रोड घर टूरी से येर (नाला बिचला गांव) को मिलता है उसका कार्य पूरा ना होने बारे में बात की जिसमें उन्होंने बताया कि लोगों को 20-25 किलोमीटर की दूरी तय कर राशन व अन्य कार्यो के लिए जाना पड़ता है। यहां तक कि बुजुर्गों, बच्चों या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाना हो तो इतनी ही दूरी तय कर घूम कर के जाना पड़ता है जिससे लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही दूसरी समस्या धुन्धन से घरटूरी तक लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड का निर्माण हुआ है जिसमें जो ड्रेन नालियां, पुलिया व पैराफिट का प्रावधान नहीं हुआ है। जिसके कारण रोड की हालत खराब हो चुकी है और कई जगह पर लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या बारे विभाग को पहले भी सूचित किया गया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके कारण लोगों में भारी रोष है तथा लोगों की विभाग से प्रार्थना है कि इस कार्य को 10 दिन के अंदर शुरू किया जाए अन्यथा लोग 10 दिन बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन या भूख हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे जिसकी जिम्मेवारी लोक निर्माण विभाग व स्थानीय प्रशासन की रहेगी। तत्पश्चात प्रतिनिधिमंडल जूनियर इंजीनियर पिपलुघाट सेक्शन धनीराम शर्मा से मिला। उन्होंने भी प्रतिनिधि मंडल की बात को गौर से सुना और कार्य को शीघ्र अति शीघ्र करने का आश्वासन दिया। इस बारे एसडीएम विकास शुक्ला ने कहा कि लोगों की समस्याओं को सुन लिया गया है वह जल्दी ही इनके कार्य को करवाने की कोशिश की जाएगी।
उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत रोहांज-जलाना के राहु ग्राम में भीमाकाली मंदिर परिसर में मांजू- पलोग-राहु जन कल्याण समिति की त्रैमासिक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान जियालाल शर्मा ने की। बैठक में समिति के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अन्य गांवों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। सर्वप्रथम बैठक में लोग गांव से राहु गांव को सड़क मार्ग द्वारा जोड़ने पर खुशी व्यक्त की गई तथा जिन लोगों की निजी भूमि इस सड़क में आई उन सभी का धन्यवाद किया गया। जन कल्याण समिति ने नवनिर्मित सड़क के रखरखाव के लिए एक उप समिति का भी गठन किया जिसके अध्यक्ष गोपाल सिंह कौशल नियुक्त किया गया। यह उप-समिति निजी भूमि मालिकों से एनओसी प्राप्त करेगी ताकि यह सड़क लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा सके। बैठक के दौरान कोविड19 के बारे में भी चर्चा की गई और सरकार द्वारा बताए गए दिशा निर्देशों के पालन के बारे में भी सभी सदस्यों ने प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान योग शिक्षक गोपाल सिंह कौशल ने यौगिक क्रियाओं से शरीर को स्वस्थ रखने के बारे में बताया। बैठक में तीन नए सदस्यों पलोग गांव से धर्मपाल कश्यप, परसराम शर्मा और राहु गांव से संतराम पॉल ने समिति की सदयता ग्रहण की, जिनका सभी सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान इस बैठक में धर्मपाल शर्मा, कृष्णचंद शर्मा, भगतराम शर्मा, प्रकाश चंद शर्मा, भूपचन्द शर्मा, यशपाल शर्मा, पवन शर्मा, रतिराम वर्मा, गोपाल सिंह कौशल, मेहरचंद कौशल, नरेंद्र कौशल सहित सभी सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अर्की युवा कांग्रेस ने विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके भीम सिंह ठाकुर को प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने पर अर्की कांग्रेस में खुशी की लहर है। भीम सिंह ठाकुर ने अपनी इस नियुक्ति पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधायक अर्की विस राजा वीरभद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग अभिषेक राणा, राजेंद्र ठाकुर सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी, रूप सिंह ठाकुर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस अर्की व समस्त कार्यकारिणी, कांग्रेस फ्रंटल विभाग अर्की, युवा कांग्रेस व एन एस यू आई अर्की का धन्यवाद किया है। विदित हो कि भीम सिंह ठाकुर पेशे से एक अधिवक्ता हैं तथा इससे पहले वह जिला सोलन के एनएसयूआई के महासचिव, उपाध्यक्ष, प्रदेश विश्वविद्यालय में एनएसयूआई के प्रवक्ता, प्रतिनिधि, ब्लॉक युवा कांग्रेस में सचिव, महासचिव, लोकसभा युंकां प्रवक्ता, कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ अर्की में सह संयोजक सहित ब्लॉक कांग्रेस अर्की में प्रेस सचिव के तौर पर विभिन्न पदों पर कांग्रेस की मजबूती के लिए कार्य करते रहे हैं। इन्होंने अर्की विधानसभा क्षेत्र में नया सवेरा जन कल्याण समिति का भी गठन कर रखा है जिसके वे स्वयं अध्यक्ष हैं व यह समिति समाज सेवा के कार्य में अपना योगदान देती रहती है। ठाकुर को अर्की क्षेत्र में सर्वमान्य युवा नेता के तौर पर भी जाना जाता है तथा उनकी कार्यक्षमता व कार्यशैली से हर कोई व्यक्ति वाकिफ है। ठाकुर से बातचीत पर उन्होंने बताया कि वे अर्की क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करते रहेंगे तथा भविष्य में उन्हें जो भी जिम्मेवारी दी जाएगी उसे वे बखूबी निभाएंगे ।
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रशिमधर सूद ने प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, संगठन महामंत्री पवन राणा, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, सभी सांसदों, सभी विधायकों और विस्तारकों से विचार विमर्श करने के उपरांत महिला मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमे अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार से कौशल्या कंवर व अर्की (डुमेहर) से आशा परिहार को प्रदेश महिला मोर्चा कार्यकारणी का सदस्य बनाया गया है। इनकी इस नियुक्ति पर अर्की विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए कौशल्या कंवर व आशा परिहार सहित सभी ने महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा रशिमधर सूद,मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, संगठन महामंत्री पवन राणा, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, सांसदों, विधायको व विस्तारकों का धन्यवाद किया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, मण्डल अध्यक्ष डी के उपाध्याय, पूर्व विधायक गोबिंद राम शर्मा,भाजपा पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमरसिंह ठाकुर, प्रदेश किसान मोर्चा सचिव दलीप पाल, भाजपा प्रदेश महामन्त्री युवा मोर्चा विषय ठाकुर, जिला मिडिया सहप्रभारी इंद्रपाल शर्मा, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महन्त, अनिल गर्ग, सुरेश जोशी, राजीव शर्मा, ओमप्रकाश भारद्वाज, राम चन्द पाल, सुनीता ठाकुर, आदि ने कौशल्या कंवर व आशा परिहार को इस नियुक्ति के लिए बधाई दी है।
नंबरदार यूनियन का एक शिष्टमंडल उप तहसील प्रधान नन्द लाल ठाकुर की अगुवाई में मांगों को लेकर नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा से मिला। इस दौरान यूनियन की ओर से एक ज्ञापन सौंप कर जल्द पूरा करने की मांग की गई। प्रधान नन्दलाल ठाकुर ने बताया कि ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि कोई भी दस्तावेज रजिस्टर्ड होने के समय गांव के ही नंबरदार से तस्दीक करवाए जाए, ग्रामीण लोगों के कार्यों के लिए गांव के नंबरदार की मोहर और हस्ताक्षर सही माने जाने यकीनी बनाए जाए ताकि किसी तरह के राजस्व घोटाले की सम्भावना न रहे। इसके साथ ही यह मांग की गई कि नम्बरदारों के पहचान पत्र भी बनाए जाए और नम्बदारों को बैठने के लिए अलग से नम्बरदार कक्ष बनाया जाए। उन्होंने मांग कि की डालवाच, फर्दवाच समय पर उपलब्ध करवाई जाए ताकि मामला लेने में देरी न हो और समय पर मामला वसूला जा सके। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह व नम्बरदार यूनियन के सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय राशि को 15 सौ रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपए करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया। यूनियन प्रधान ने बताया कि नायब तहसीलदार ने शीघ्र ही सभी मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नम्बरदार यूनियन के प्रधान नन्दलाल ठाकुर, प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष अनिता शर्मा, नम्बरदार राजेन्द्र, चुनीलाल, कृष्णराम उपस्थित रहे।
सोलन नगर निगम संघर्ष समिति ने मुखमंत्री हिमाचल प्रदेश की सेवा मे एक पत्र जारी किया है जिसमे उनसे यह प्रार्थना की गई है की आने वाले चुनाव से पहले सोलन को नगर निगम का दर्जा दिया जाए ताकि सोलन शहर का अगला चुनाव निगम के तौर पर ही करवाया जाए। इस संबंध में समिति ने मुख्यमंत्री को पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा घोषित “चुनाव घोषणा पत्र” का भी स्मरण करवाया जिसके तहत बीजेपी ने चुनाव के बाद जल्द ही नगर निगम बनाने का वादा किया था। समिति ने आशा व्यक्त की सोलन शहर के साथ जो अब तक जो अन्याय हुआ है उसे मुख्यमंत्री न्याय मे परिवर्तित करेंगे।
04 जुलाई 04 जुलाई, 2020 को सोलन के सपरून के समीप दोहरी दिवार में फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 11 केवी विद्युत उपकेन्द्र सोलन-2 की विद्युत आपूर्ति बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि इस कारण 04 जुलाई, 2020 को दोपहर 12.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक कोटलानाला, टैंक रोड, सूर्या विहार, जेबीटी रोड, फोरेस्ट रोड, सेरी, खनोग, आयकर कार्यालय, कलीन तथा इसके आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है। 05 जुलाई हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 05 जुलाई, 2020 को 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र कंडाघाट में आवश्यक मुरम्मत व रखरखाव कार्य के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा ने दी। रमेश शर्मा ने कहा कि इसके दृष्टिगत 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र कण्डाघाट के अधीन आने वाले सभी क्षेत्रों में प्रातः 11.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्य मौसम साफ रहने की स्थिति में ही किया जाएगा। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट की सामुदायिक सलाहकार समिति का इस वर्ष का पहला त्रैमासिक बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम के द्वारा सम्पन्न किया गया। बैठक की अध्यक्षता अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गाँधी ने की। बैठक में चर्चा करते हुए कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति और कोरेना वायरस का संक्रमण पूरी मनुष्यता के लिए घातक है इस गंभीर संकट में सामाजिक दूरी के नियम का पालन तकनीक के उपयोग से लोगो तक पहुँचना जन संवाद करना और समुदाय के सुझावो का कार्यक्रम में शामिल कर योजनारूप से क्रियान्वित करने का प्रयास अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट करने के लिए सदैव तत्पर है। इस दौरान ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के प्रधान सुरेन्द्र शुक्ला, सचिव जलागम परियोजना अनिल कुमार, टीबी सुपरवाइजर अर्की हेमंत गुप्ता, अमरदेव अंगिरस ने अपने अपने विचार और सुझाव रखे। इस दौरान सुरेन्द्र शुक्ला ने पानी का संरक्षण और उसके सही उपयोग के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा साथ मे ही पानी बचाने के लिए समुदाय की जन भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाए इसके लिए समुदाय से आए हुए प्रतिनिधियो को इस कार्य के लिए सुझाव और भागीदारी का निमंत्रण दिया और साथ ही साथ प्राकृतिक जल स्रोत का संरक्षण और उसका समुचित उपयोग में अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा चलाये जा रहे प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ते रहे इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। वही अनिल कुमार ने सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं के बारे में चर्चा की जिससे गांव का कोई भी पात्र व्यक्ति लाभान्वित हो सकता है। बैठक के दौरान हेमन्त गुप्ता ने कोरेना के कारण तपेदिक रोग के मरीजो की पहचान और निदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के सभी प्रतिनिधियों को आह्वान किया की कोरेना से डरें नही बल्कि समझदारी और विवेक पूर्ण व्यवहार से इस संक्रमण से बच सकते है। वही योगेश शर्मा ने मानसून के समय मे कृषि का विकास कैसे हो इसकी जानकारी दी साथ ही साथ फलदार वृक्षों को नगदी फसल में जोड़ना जिससे कृषक जुड़ने लगे और उनका स्वरोजगार भी सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष करीब 10 से ज्यादा प्रकार के फलों के पौधे वितरित करने की योजना का लाभ समुदाय ले इसकी जानकारी प्रदान की। दाड़लाघाट विस्तार के सभी गांवों कि महिलाएं दुग्ध पालन के आजीविका से जुड़े इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित किया जा रहा है, करीब सैकड़ो ऐसे महिला समूह अपनी भूमिका का निर्वाहन कर रही है। अजीत कुमार सिंह ने कहा कि कोविड 19 के कारण चिकित्सा सुविधाओं में होने वाली व्यवहारिक समस्याओ के लिए जागरूक होने पर बल दिया साथ ही साथ एसीएफ की स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी सेवाएं गांवों में सुरक्षा और सामाजिक दूरी के नियमो का पालन, गृह भृमण के माध्यम से सतत जारी रखेंगे। लोगों को उच्च रक्तचाप और मधुमेह की गंभीर समस्या आ गई है, इस समस्या का समाधान के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन की आरोग्य टीम निरंतर प्रयासरत है।गाँव गाँव जा कर लोगों को स्वास्थ्य जाँच के लिए प्रेरित और मार्गदर्शन कर रही है। इसका रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। बैठक में दाड़लाघाट परिक्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधियों, खण्ड विकास समिति, पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संघ, स्वयं सहायता समूह के प्रमुख और समिति के सदस्यों, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित करीब 28 सदस्य उपस्थित रहें।
जिला सोलन ट्रक ऑपरेटर का प्रतिनिधिमंडल निदेशक एस डी टी ओ निदेशक नीलम भारद्वाज की अध्यक्षता में ऑनलाइन डिमांड से हो रही परेशानी बारे एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला जिसमें उन्होंने बताया कि हमारी गाड़ियां सीमेंट ढुलाई का कार्य करती हैं और कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से पहले डिमांड, डिमांड सभा में होती थी व लॉकडाउन के पश्चात डिमांड को व्हाट्सएप के जरिए किया गया। महामारी के चलते सभी ऑपरेटरों ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया व डिमांड को व्हाट्सएप पर ही सुना जिससे हमें बहुत सी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। परंतु अब सरकार ने लॉकडाउन की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है ओर अनलॉक प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनलॉक के पश्चात उक्त सभा में डिमांड ऑफलाइन शुरू की गई जिसमें सभी डिमांड प्रतिभागियों ने सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का कड़ाई से पालन किया। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क को अपनाया। परन्तु अब डिमांड को ऑनलाइन शुरू करके हमे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना नंबर पीपीटी-एफ (10) -5/2020 दिनांक 18 अप्रैल 2020 जारी की थी जिसमे ट्रक ड्राइवर को पुकार सुनने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। यह तय किया है की डिमांड सुनते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा 2 मीटर की दूरी बनाए जाए। डिमांड हाल में 50 से ज्यादा व्यक्तिगत ना हो। सभी ट्रांसपोर्टर ने उपरोक्त सभी नियमों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल व शिक्षण संस्थान 31 जुलाई 2020 तक बंद रहने की आशंका है। वह बच्चों का गृह कार्य भी बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में आता है जिसके लिए मोबाइल बच्चों के पास देना पड़ता है व सभी ट्रांसपोर्ट के पास एंड्रॉयड फोन भी नही है या फिर ऑनलाइन डिमांड सुनने के लिए शिक्षित व जानकार नहीं है तथा अधिकांश ट्रांसपोर्ट का यह कहना है कि डिमांड हाल में डिमांड 30 से 45 मिनट में समाप्त हो जाती है। वहीं ऑनलाइन रिमांड के लिए व्यक्ति को तीन से 4 घंटे तक फोन के पास रहना पड़ता है जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दाड़लाघाट में लगभग चार-पांच सभाएं कार्य कर रही है जिनमें से अधिकांश का कार्य ऑफलाइन ही हो रहे है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर यहां वहां आ जा रहे होते हैं। महामारी फैलने का खतरा है लेकिन हम लोग प्रशासन के ध्यानार्थ लाना चाहते हैं कि सभी ड्राइवर व मालिक गाड़ी चलाने के पश्चात अपने घर में ही जाते हैं वहां भी वह सभी सावधानियों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि डिमांड ऑनलाइन होने की वजह से भ्रष्टाचार की भी आशंका है क्योंकि पूर्व में भी यहां ऐसा हो चुका है। इस दौरान इस प्रतिनिधिमंडल में महेंद्र ठाकुर, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राकेश कुमार औऱ किशोरी सहित अन्य ऑपरेटर भी उपस्थित रहे। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि आपकी इस समस्या का शीघ्र ही एक-दो दिन के भीतर ही समाधान कर दिया जाएगा।
विद्युत उपमंडल सुबाथू के अधीन कुछ क्षेत्रों में 11 केवी एचटी लाइन के रख-रखाव के कारण रविवार को कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक बंद रहेगी। विद्युत बोर्ड सुबाथू के सहायक अभियंता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गद्दों, पनूह, अपर थड़ी, खडय़ाणा, चामत-भड़ेच, तराशड़ी, पनशोड़ा आदि गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बिजली बाधित रखने की अवधि मौसम पर निर्भर करेगी।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को बेहतर स्वरोजगार प्रदान करने के लिए महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना सर्वोत्तम है। उन्होंने जिला उद्योग केन्द्र सोलन एवं जिला के अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि इस योजना का गांव-गांव तक प्रचार किया जाए ताकि ग्रामीण युवा इसका लाभ उठा सकें। केसी चमन मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अनुश्रवण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सोलन जैसे औद्योगिक रूप से तेजी से बढ़ते जिला में मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना की सफलता शत-प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला में जहां अनेक युवा इस योजना के तहत अपना बेहतर स्वरोजगार आरम्भ कर सकते हैं वहीं ऐसे कार्य भी आरम्भ किए जा सकते हैं जो स्थापित उद्योगों को उत्पादन के लिए उपकरण एवं गुणवत्तायुक्त कच्चा माल उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला उद्योग केन्द्र को युवाओं को जागरूक करना होगा और उन्हें योजना से लाभ लेने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने जिला के अग्रणी बैंक के प्रबंधक को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र से स्वीकृत आवेदनों के मामलों में शीघ्रा ऋण स्वीकृत करना सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सही समय पर ऋण मिलने से युवा बेहतर कार्य कर पाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत कुल 136 प्रार्थियों के ऋण सम्बन्धी मामलों पर चर्चा की गई तथा विचार-विमर्श उपरान्त 117 मामलों को ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों को पे्रषित करने के आदेश जारी किए गए। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार ने योजना एवं आवेदन के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के प्रधानाचार्य चमन लाल तनवर सहित अन्य अधिकारी तथा जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक की प्रतिनिधि सुरूचि साहनी उपस्थित थीं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने परवाणू में कोविड-19 के पाॅजिटिव मामले सामने आने के उपरांत कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। यह निर्णय कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार परवाणू के सेक्टर-1 में कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के आवास (हाउस नम्बर 41) की पूर्ण बाड़बंदी की जाएगी। परवाणू के सेक्टर-1 में चिल्ड्रन पार्क से गणपति हाउस तक के मार्ग की पूर्ण बाड़बंदी की जाएगी। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक सोलन कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी के समय सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से सेनिटाइज किया जाए। यह आदेश कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू द्वारा क्षेत्र में कोविड-19 के पाॅजिटिव रोगियों के सम्बन्ध में प्रेषित संस्तुति तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार कसौली उनके सहायक होंगे। आदेश कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूर्ण होने एवं सभी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
भाषा एवं कला संस्कृति विभाग के पुर्व उप निदेशक जगदीश शर्मा के पुत्र मनजीत शर्मा के एचएएस अधिकारी बनने पर कुनिहार के लोगो में खुशी की लहर है। कुनिहार की माटी से निकले अपार प्रतिभा के धनी मनजीत के पिता जगदीश शर्मा ने दूरभाष पर विशेष बातचीत में बताया कि मनजीत ने आवकारी एवं कराधान विभाग में सहायक के पद पर 3 वर्ष तक सेवाएं दी। इस अवधी में उन्होने बी कॉम,एल एल बी और पत्रकारिता में डिग्री हासिल करने के बाद एच ए एस/अलाइड की परीक्षा उत्तीर्ण की और राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद पर कार्य किया। इसके उपरांत इन्होंने तहसीलदार के पद पर अपने ईमानदार व पाक साफ कार्य के लिए लोगो के दिलो में राज किया। इसके पश्चात मनजीत ने जिला राजस्व अधिकारी के पद पर सेवाएं दी। कोविड के इस दौर में उनके बेहतरीन कार्य और ईमानदारी के लिए उन्होने लोगो के दिलों में जंहा विशेष स्थान बनाया तो वन्ही इस दौरान अनेक संस्थाओ ने उन्हे सम्मानित भी किया। मनजीत ने अपने कार्यकाल में जिस भी विभाग में कार्य किया, उस विभाग में आम लोगो के खासे पसंदीदा अधिकारी रहे। कुनिहार में मनजीत के चाचा इंद्रपाल शर्मा ने भी अपने भतीजे की इस कामयाबी पर खुशी जताई, तो वन्ही राधा रमन शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा, विनोद भारद्वाज, देश राज शर्मा आदि ने मनजीत को बधाई देते हुए कहा कि मनजीत की इस कामयाबी से कुनिहार क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। हम उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं और आशा करते है कि यह अपने कार्यो से हमारे कुनिहार के साथ साथ जिला व प्रदेश का नाम भी रोशन करे।
विद्युत विभाग अर्की के अधिशासी अभियन्ता के 30 जून को सेवा निवर्ती के उपरान्त 1 जुलाई बुधवार को विकास ठाकुर ने विद्युत विभाग अर्की के अधिशासी अभियंता के रूप में कार्यभार संभाला। विकास ठाकुर से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मेरी प्राथमिकता भूमती में 33केवी के सब स्टेशन का निर्माण शीघ्र करवाना है ताकि वँहा के लोगो की परेशानी कम हो साथ ही सायरी 33केवी सब स्टेशन को भी गति प्रदान की जाएगी। डुमेहर और भूमती के 11केवी फीडर को अलग करना है ताकि ट्रिपिंग की दर को कम से कम किया जा सके। साथ ही कुफ़्टू रुगड़ा के 20-22 ट्रांसफार्मर को सायरी फीडर से अलग किया जाएगा जिससे बिजली सुचारू रूप से चलेगी। अर्की मण्डल के दूर दराज क्षेत्रों का सिलसिलेवार दौरा कर लोगों की समस्याओं का निर्वहन किया जाएगा। लोगों और अफसरों से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समस्याओं को शीघ्र निपटाया जाए। इसके अलावा जल्द ही कुनिहार 33केवी सब स्टेशन की अपग्रेडेशन की जाएगी जिससे अर्की,कुनिहार, भूमती और सायरी की बिजली सुचारू रूप से चलेगी। गौर रहे कि इससे पहले विकास ठाकुर कुनिहार में एस डी ओ के पद पर कार्य कर चुके है और इन्हें अर्की क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है जिसका लाभ विभाग व लोगों को मिलेगा।
नेशनल हाईवे 205 से बरायली के समीप बरायली से शिवनगर को जाने वाली लिंक रोड जो कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई है, यह रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 205 से लेकर लगभग दो किलो मीटर तक सीधी चढ़ाई में है, जिसमें डंगे लगाए गए हैं लेकिन डंगो के ऊपर कोई भी पैराफिट नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से कोई भी गाड़ी किसी भी समय नीचे गिर सकती है। उसकी खस्ताहाल का आलम यह है कि वीरवार सुबह एक ऑल्टो गाड़ी भी इस सड़क से नीचे गिर गई जिससे कोई जनहानि की घटना नही हुई, लेकिन बता दे कि यह सड़क किसी भी हालत में प्रधानमंत्री सड़क योजना का स्वरूप किसी भी प्रकार नही लगती। और तो और यह सड़क बिल्कुल खड़ी चढ़ाई व ढलान की तरह बनाई गई है, जिससे वाहन चालकों को इस पर चलना खतरे से खाली नही लगता। वहीँ पुलिस थाना दाड़लाघाट में भी अभी फिलहाल मामला दर्ज नही हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस रोड में पैराफिट होना अन्यन्त महत्वपूर्ण है जिससे आगे भी इस तरह की कोई घटना न घट सके।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के नए थाना प्रभारी जीत सिंह ने वीरवार को विधिवत कार्यभार संभाल लिया। जीत सिंह ने कार्यभार संभालते ही अपराध और आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए स्टाफ के साथ बैठक की और जरूरी दिशा निर्देश दिए। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा शुरू की गई सामुदायिक योजना समर्थ के तहत 65 वर्ष से ऊपर के असहाय लोगों जिनके पास कोई साधन नहीं है,वैसे लोगों को कभी भी सहायता की जरूरत हो तो प्राथमिकता के आधार पर पुलिस थाना दाड़लाघाट से सहायता ले सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में रहकर जनता की सेवा करना गर्व और सौभाग्य की बात है और इसी मकसद को लेकर मैंने पुलिस विभाग ज्वाइंन किया था। आज तक जहां-जहां भी पोस्टिंग रही जनता और मीडिया के साथ मिलकर जनहित में काम किया गया। बतौर थाना प्रभारी जीत सिंह का कहना है कि दाड़लाघाट औद्योगिक क्षेत्र होने के साथ साथ एक बड़ा और संवेदनशील इलाका है। पूरे इलाके की तफतीश के बाद यहां से जुर्म,नशे, अपराधियों पर शिकंजे के साथ साथ ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखना पुलिस का अहम मकसद रहेगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर एवं लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। इस दिशा में मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो रही है। डाॅ. सैजल सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के काटल का बाग (खारसी पुल) में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आटा मिल अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज का शुभारम्भ करने के उपरांत मिल कर्मियों एवं स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नेतृत्व में प्रदेश सरकार जहां कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए दृढ़ संकल्प है वहीं यह प्रयास भी किया जा रहा है कि संकट के इस समय में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए नियमानुसार उपदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक योजना के तहत 04 हजार से अधिक आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत 01 हजार से अधिक उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के तहत पारम्परिक शिल्पकारों एवं ग्रामीण युवाओं को परम्परागत कला और शिल्प सिखाया जा रहा है। इन्हें प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमाह 1500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी स्थानीय खण्ड विकास कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। डाॅ. सैजल ने कहा कि क्षेत्र में आधुनिक आटा मिल स्थापित होने से युवाओं को बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज नाम से स्थापित इस आटा मिल की उत्पादन क्षमता 15 हजार मीट्रिक टन वार्षिक है। प्रथम जुलाई से यह मिल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए भी उत्पादन कर रही है। वर्तमान में यहां 12 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री ने तदोपरान्त स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं लोगों से विचार विमर्श किया और क्षेत्र की जनसमस्याएं भी सुलझाई। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल तथा सड़क समस्या सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोट की प्रधान सत्या देवी, एपीएसमसी सोलन के सदस्य मीना राम ठाकुर, भाजपा कार्यकर्ता कमलेश कुमार शर्मा, दीपराम शर्मा एवं मदन राम ठाकुर, ग्राम पंचायत कोट के पूर्व प्रधान जोगिंद्र शर्मा, भारतीय संचार निगम लिमिटिड के निदेशक रामेश्वर शर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निरीक्षक धर्मेश शर्मा, अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के संस्थापक डाॅ. लोकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कराड़ाघाट में कुरगन ग्राम सुधार समिति के प्रधान मुकेश शर्मा की उपस्थिति में चीन और चीनी वस्तुओं का बहिष्कार किया गया व भारत निर्मित वस्तुओं को तवज्जो देने की शपथ ली गई व चीन के साथ गतिरोध में भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सदस्यों ने चीन के राष्ट्रपति का विरोधस्वरूप पुतला भी फूंका। प्रधान मुकेश ने कहा कि चीन हमारी पीठ पर छुरा घोम्प रहा है जो कि हर भारतीय के लिए यह जरूरी हो गया है कि हम सिमा पर न जाकर भी चीन का घर बैठकर भी सामना कर सकते है और इसके लिए जरूरी है कि उसकी आर्थिकी पर हमला किया जाए व चीन द्वारा निर्मित वस्तुओं और मोबाइल एप्प का तुरंत बहिष्कार करना शुरू कर दे इस अवसर पर अन्य सदस्यों में योगराज शर्मा, उप प्रधान भूपेंद्र शर्मा दूनी, चन्द शर्मा, हरीश शर्मा व मनोज कुमार आदि शामिल रहे।


















































