प्रदेश सरकार द्वारा बस किराए में 25% बढ़ोतरी के निर्णय पर प्रदेश युवा कांग्रेस भड़क गई है। प्रदेश युवा कांग्रेस ने इस संकट काल में लिए गए जनविरोधी फैसले का कड़ा विरोध किया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव रजनीश मेहता ने कहा कि सरकार को तत्काल इस फैसले को वापस लेना चाहिए। मेहता ने कहा कि जहां एक तरफ कोविड-19 से पूरा देश त्रस्त है और लोगों का रोजगार खत्म हो गया है उस समय प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिया गया यह निर्णय आमजन पर भारी पड़ेगा। मेहता ने कहा कि यह समय जनता को राहत देने का है न कि उनके जख्मों पर नमक डालने का है। प्रदेश कैबिनेट में 25 प्रतिशत बस किराया बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। मेहता ने प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से तत्काल इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश युवा कांग्रेस सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी। युवा कांग्रेस आम जनता की लड़ाई लड़ेगी सरकार को मनमाने फैसले जनता पर थोपने नहीं देगी। मेहता ने कहा कि पहले सरकार ने सस्ते राशन पर कैंची चलाई। उसके बाद बिजली दरों में बढ़ोतरी कर डाली और अब बस किराए में बढ़ोतरी कर डाली। एक के बाद एक गलत निर्णय लेकर सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का ही काम कर रही है। एक तरफ केंद्र सरकार राहत पैकेज की घोषणा करती है और दूसरी तरफ राज्य सरकार आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है। ऐसा करने से केंद्र सरकार की योजना भी हवा हवाई साबित हो रही है। मौजूदा समय में संकट के इस दौर में आम जनता का महंगाई से पहले ही बुरा हाल था और अब प्रदेश सरकार ने 25% किराया बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ के रख दी है।
लाॅकडाउन क कारण स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई जहां आनलाइन हो रही है वहीं अन्य सहयोगी गतिविधियां जारी रहे इसके लिए बच्चे और शिक्षक दिनरात प्रयासरत हैं। राजकीय वरिश्ठ माध्यमिक पाठषाला कंदरौर के एनसीसी अधिकारी विशाल शर्मा ने बताया कि बच्चों को एनसीसी की गतिविधियों से भी जोड़ कर रखा जा रहा है। इसी कड़ी के तहत बच्चों द्वारा अपने घरों के आसपास की भूमि पर पौधारोपण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश एनसीसी ग्रुप हेड क्वार्टर शिमला के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर के दिशा निर्देशों और प्रथम हिमाचल प्रदेश नौसेना एनसीसी इकाई बिलासपुर के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर पंकज मनकोटिया के नेतृत्व में प्रदेश में एनसीसी कैडेट अपने अपने घरों में रहकर पौधा रोपण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इस कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदरौर के एनसीसी कैडेटों द्वारा भी अपने घर में आस.पड़ोस पौधारोपण किया गया और लोगों को इसके बारे में जागरूक किया गया लोगों को पर्यावरण संरक्षण पर समझाया गया अधिक से अधिक पौधे लगाने का कैडेटों द्वारा अपने आस.पड़ोस प्रचार किया गया। गौर हो कि कोविड-19 के दौरान एनसीसी अपनी गतिविधियां ऑनलाइन चला रही है जिससे घर पर रहकर ही एनसीसी कैडेट सारा काम कर रहे हैं। सोमवार को कंदरौर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के एनसीसी कैडेटों ने इस में बढ़ बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और जो भी पौधे उन्हें प्राप्त हुए, उनको अपने आस पड़ोस रोपित किया। एनसीसी अधिकारी विशाल शर्मा में बताया एनसीसी इस पखवाड़े में जगह जगह पर्यावरण को बचाने के लिए पौधारोपण अभियान चला रही है। इसमें बच्चों को पाठशाला में न बुला कर अपने घरों में और आस.पड़ोस पौधारोपण करना है। अगले 10 दिन तक यह कार्यक्रम एनसीसी के कैडेट चलाएंगे और अपने आसपड़ोस लोगों को इसके बारे में जागरूक करेंगे।
हिमाचल डेंटल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरूण राणा ने कहा है कि डेंटल सर्जन इन दिनों कोरोना संकट में प्रथम पंक्ति में खड़े होकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन सभी को यह संशय है कि उनकी सेवाओं का उचित मूल्यांकन नहीं किया जा रहा और उन्हें उन सब विशेष सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है जो कि कोरोना वारियर्स् के लिए और उनके हितों में सरकार ने घोषित की हैं। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि एसोसिएशन मंगलवार को मुख्यमंत्री से शिमला में मिलेगी तथा अपनी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा करेगी। उनके साथ सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर अमन अबरोल वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर नवतेज तथा जॉइंट सेक्रेटरी डॉ प्रशांत आचार्य जी उपस्थित रहे। डॉ अरूण राणा ने कहा कि इस समय हिमाचल प्रदेश में 350 के करीब डेंटल सर्जन कार्यरत हैं जिनमें आधे से अधिक कोरोना की सेंपलिंग में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमीरपुर और कांगड़ा में अधिकतर सैंपल डेंटल डॉक्टर ही ले रहे हैं लेकिन क्या सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं जैसे 50 लाख का बीमा या सेवानिवृत्ति जैसे मसले की नोटिफिकेशन क्या डेंटल सर्जन के लिए भी की गई है या नहीं इस बात को लेकर सारा कैडर चिंतित है। उन्होंने बताया कि इस समय तक अकेले डेंटल कैडर ने ही 17000 के लगभग सैंपल कर लिए हैं तथा इसके साथ इमरजेंसी ड्यूटी भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि डेंटल जिला अधिकारी के पद का सृजन किया जाना इसलिए भी आवश्यक है कि डेंटल कार्य हाई रिस्क कार्य है और न तो डेंटल सर्जन को रोगी कल्याण समिति में रखा जाता है और न ही डेंटल द्वारा उपकरणों के लिए की गई डिमांड शीघ्र पूरी की जाती है जबकि उनका कार्य उपकरणों के बिना हो ही नहीं सकता। उन्होंने बताया कि कई बार सरकारी अधिसूचनाएं आती है जिन पर यह लिखा होता है कि यह डेंटल सर्जन पर लागू नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि इन विसंगतियों को दूर करने के अलावा एसोसिएशन और भी मांगे हैं जिन पर मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ चर्चा होगी।
बीते दिनों मर्चेंट नेवी शिप पर हादसे में मौत के बाद प्रदेश के जिला बिलासपुर तहसील श्री नयना देवी जी केे गांव बैहल के नाविक 28 वर्षीय हरविंद्र सिंह को सगे संबंधियों सहित कई लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। वीआर मैरिटाइम के प्रबंध निदेशक एवं हिमाचली नाविक एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य कैप्टन संजय पराशर ने बैहल गांव पहुंच शोकाकुल परिवार सदस्यों का ढांढस बंधाया। वहीं परिवार को अपने स्तर पर हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। कैप्टन संजय पराशर ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि परिवार सदस्यों को जो क्षति हरिवंद्र सिंह की मौत से हुई है वह कभी पूरी नहीं हो सकती। उधर बैहल गांव के प्रधान राम कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक हरविंद्र सिंह की शादी नहीं हुई थी। इसके पिता करनैल सिंह यहां एक आंख की रोशनी नहीं है तो उनकी माता लकवे की मरीज है। परिवार में एक मात्र आर्थिक सहारे हरविंद्र की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। नाविक हरविंद्र परिवार में अपने दो छोटे भाईयों सहित बहन से बड़ा था। पिछले दो वर्ष से हरविंद्र एक नाविक के तौर पर कार्यरत था। पांच जुलाई को उसने नए शिप पर ज्वाइन किया था। इसके बाद शिप पर हादसा हो गया था। जिस जहाज पर हादसा हुआ वह खराब था और उसे अन्य जहाज से टू.चेन करके बंदरगाह तक लाना पड़ा। दुखद मौत से परिवार की हिम्मत टूट चुकी थी तो शव आने में भी देरी हो रही थी जिस पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व विधायक रणधीर शर्मा सहित प्रशासन ने जहां मदद की वहीं वीआर मैरिटाइम के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर सहित स्टाफ ने भी पूरी सहायता की। हरविंद्र का अंतिम संस्कार कीरतपुर साहिब पातालपुरी में किया गया। संजय पराशर करेंगे मदद अंतराष्ट्रीय समुद्री संघ के अध्यक्ष एवं वीआर मैरिटाइम के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने परिवार का ढांढस बंधाते हुए कहा कि परिवार को अपनी ओर से पचास हजार रुपये बतौर आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। इस सहायता को स्वजनों को दो किश्तों में देंगे जबकि संबंधित हादसे के आगामी सहायता को लेकर हरविंद्र के स्वजनों की हर संभव मदद की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति अध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा रिटायर्ड ने कोरोना से बचाव करने तथा जिलावासियों को सुरक्षित रखने में अहम रोल अदा करने वाले उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल को सम्मानित किया। समिति की तरह से किए गए सम्मान में कैप्टन बालक राम शर्मा ने बताया कि कोविड-19 महामारी में बिलासपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अपने ड्यूटी का फर्ज निभाते हुए ऐसे संकट के समय लोगों को बचाने में किए उत्कृष्ट कार्यों को अंजाम दिया है जिसका अन्य जिलों में भी अनुसरण हुआ। आपस में बेहतरीन तालमेल और स्वच्छ अनुशासन और पुरा सहयोग करने के लिए भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति और स्वतंत्रता सेनानियों की तरफ से कैप्टन बालक राम शर्मा ने स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया। इससे पूर्व समिति द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया जा चुका है। शर्मा ने बताया कि इससे पूर्व समिति की ओर से एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य, एडीएम विनय धीमान, एसडीएम रामेश्वर दास व एसपी दिवाकर शर्मा को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने बतााया कि कोविड-19 के दौर में पूरा विश्व इस महामारी का दंश झेल रहा है जिसके चलते हमारा भारत देश भी इस चपेट में आ चुका है और यह महामारी हिमाचल में भी पहुंच गई है, परन्तु लोगों को इस महामारी से बचाने के लिए प्रशासन को काफी कठिनाई और मशक्कत करनी पड़ी है। समय-समय पर अधिकारियों कर्मचारीयों द्वारा अपना मार्ग दर्शन करते रहे अपना पूरा सहयोग देते रहे जिससे लोगो को जागरूक करते रहे, अपना पूरा समय और सहयोग दिया। सबसे कम आंकड़े बिलासपुर के लोगों के रहे हैं जिससे सभी प्रशासन व बिलासपुर वासियों सहित सभी बधाई का पात्र है। बालक राम शर्मा ने कहा कि इस महामारी में लोगों को लाकडाऊन में घर में रहना पड़ा काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फिर भी जिला के उपायुक्त राजेश्वर गोयल परिपक्व अनुभव, मैच्योरिटी लेबल से ऊपर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
करणी सेना द्वारा चलाए गए "चलो गांव की ओर सदस्यता अभियान" के तहत अब करणी सेना ने जिला बिलासपुर में सदस्यता अभियान का आगाज़ कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बताया कि करणी सेना ने घुमारवीं विधानसभा की भगेड पंचायत और बिलासपुर विधानसभा की बामटा पंचायत में सदस्यता अभियान की बैठक की। बैठक में गांव के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और करणी सेना के उद्देश्य को जान कर करणी सेना की सदस्यता ग्रहण की। पीयूष चंदेल ने बताया कि बैठकों के माध्यम से तकरीबन सैकड़ों लोगों ने बिलासपुर में करणी सेना की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता अभियान आने वाले एक साल तक पूरे हिमाचल प्रदेश में चलाया जाएगा और उसी के उपरांत करणी सेना हिमाचल प्रदेश में एक लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य हासिल करेगी। पीयूष ने बताया कि लोगों में करणी सेना से जुड़ने के लिए खासा दिलचस्पी दिख रही है और दिन प्रतिदिन सैकड़ों हजारों लोग करणी सेना के साथ जुड़ रहे हैं। आगे बताया कि हिमाचल में करणी सेना को लोग स्वीकार रहे हैं और इस मंच के माध्यम से सामाज हित और राष्ट्रहित के मुद्दों को करणी सेना के कार्यकर्ता आने वाले समय में बढ़-चढ़कर उठाएगी। बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री शशि शर्मा, विशेष आमंत्रित सदस्य भीम सिंह चंदेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुकेश भबोरिया, युवा शक्ति जिला बिलासपुर के अध्यक्ष बॉबी चंदेल, घुमारवीं के युवा शक्ति अध्यक्ष शुभम मैदान, महिला शक्ति अध्यक्ष सीमा चंदेल, प्रदेश महामंत्री महिला शक्ति ममता भल्ला, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, वीना शुक्ला, सुलोचना आदि उपस्थित रहे।
बिलासपुर में शनिवार को उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषकर पशु पालन विभाग एवं गौ सदनों से जुडे मुददों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से सहायक निदेशक डा विनोद कुंदी मौजूद रहे। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि बिलासपुर जिले में गौवंश के संरक्षण के विशेष प्रयास हो रहे हैं जिसके चलते धारटटोह में गौ अभयारण बनाने के प्रयास जारी हैं जहां पर एक हजार से अधिक गौ वंश के रखने की सुविधा मिलेगी। वहीं इससे गौ वंश की समस्या का भी समाधान होगा। इसके लिए पडयालग, चांदपुर, लैहडी बरोट, बलघाड, धारटटोह, जुखाला, करलायालग, व रानकोटला सहित अन्य कुछ स्थानों पर गौ सदन चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब सरकार ने उन लोगों अथवा पशुपालकों के लिए एक नई योजना आरंभ की है जो संस्था अथवा व्यक्ति तीस से अधिक बेसहारा पशुओं को संरक्षित करेगा, उन्हें 500 सौ रूपये की राशि चारे के लिए दी जाएगी। इस अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से मौजूद सहायक निदेशक डा विनोद कुंदी ने कहा कि बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला पशु टरामा सैंटर चल रहा है, जहां एक साथ दस पशुओं का उपचार किया जा सकता है। वहीं विभाग द्वारा खतरनाक बेसहारा पुशुआं को पकडने के लिए जर्मनी से टरोकोलाईजर गन मंगवाई जा रही है। इस गन को चलाने के लिए चलाने वाले कर्मचारी अथवा किसी व्यक्ति को प्रशि़क्षण भी दिया जाएगा। ताकि वह नियमित तरीके से काम कर सके। इसके अलावा एनआईए स्कीम के तहत गाय व भैंस पालने वाले किसानों के पशुओं का तीन बार करीतम गर्भादान निशुल्क होगा। उन्होंने इस अवसर पर विभाग व सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि केंद्र और प्रदेश सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस समय देश की जनता दिन-प्रतिदान बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी से तंग आ चुकी है। उन्होने कहा कि भाजपा ने सत्ता पाने के लिए पढे –लिखे बेरोजगार युवक-युवतियों को हर वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने, हर व्यक्ति के खाते में 15 -15 लाख रुपए जमा करवाने, किसानों की आय दोगुनी करने की बड़ी-बड़ी डींगे हांक कर देश के कारोड़ों युवाओं को ठगने का काम किया और अब जब सत्ता में विराजमान हो गए हैं , तो रोजगार देना तो दूर रोजगार छीने जा रहे हैं जबकि पेट्रोल और डीजल के रेटों में बेतहाशा बढ़ौतरी करके उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आ गया है, जिस कारण आम आदमी को दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी कठिन हो गया है। सरकार के गलत व अनुचित निर्णयों और नीतियों के कारण समाज के हर वर्ग में निराशा व हताशा व्याप्त हो गई हैं। बंबर ठाकुर ने एक के बाद एक तीखे प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के कथित कुछ छिछोरे नेता देश की एकता व अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहूती देने वाले कांग्रेस के स्वर्गीय सर्वोच्च नेताओं पर, अपने राजनैतिक स्वार्थपूर्ति के लिए, अनर्गल व बेतुकी बयानबाजी करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अंग्रेजों की जेलों की यातनाएं झेल कर देश को आजाद करवाने में अहम भूमिका निभाई थी, जबकि पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता है। बंबर ठाकुर ने कहा कि जिस भारत में गुलामी के कारण एक सुई तक नहीं बनती थी, उस भारत को कांग्रेस सरकारों ने तेजस जैसे जहाज व परमाणु बॉम्ब तैयार करने की क्षमता पैदा की और यही कारण है कि आज देश अपने पाँव पर खड़ा होकर विवश की एक विशाल शक्ति बन कर उभरा है। उन्होने कहा कि जिस महात्मा गांधी ने देश को अहिंसा के बल पर शांतिपूर्ण सत्याग्रहों के बल पर अंग्रेजी हकूमत से देश को मुक्त करवाया, उसके हत्यारे नाथू राम गोडसे को भाजपा के कुछ नेता देश भक्त बता कर देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से भी गुरेज नहीं करते है। बंबर ठाकुर ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के इतिहास और संविधान को कमजोर करने वालों को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी, चाहे उसके लिए उन्हें कोई भी बलिदान क्यूँ न देना पड़े।
पिछले करीब चार महीने से विश्व व्यापी महामारी कोरोना को लेकर लगे लाॅकडाउन के चलते सरकार के आदेशों के नियमों का ईमानदारी से पालन कर रहे बार संचालकों की कठिनाइयां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालांकि सरकार ने अनलाॅक प्रक्रिया शुरू होने के साथ कई प्रतिष्ठानों को सषर्त खोलने की अनुमति भी दी है लेकिन अभी तक बार खोलने को लेकर कोई प्रतिक्रिया सरकार की ओर से नहीं आई है। हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सचिव रमेश कुमार राणा ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस समय बार संचालक दयनीय स्थिति में गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 4 महीनों से उनके बार पूरी तरह से बंद है तथा बार के माध्यम से अपना और अपने परिवार का पेट पाने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। हालांकि सरकार ने रेस्टोरेंट और ढाबों को कोविड.19 के नियमों के तहत है 60 प्रतिशत छूट और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर अनुमति दे दी है लेकिन पिछले करीब चार महीनों से हिमाचल प्रदेश के बार पर पूरी तरह से तालाबंदी की गई है जिससे न सिर्फ बार संचालक बल्कि उनके पास काम करने वाले वेटर, बावर्ची, सफाई कर्मी और अन्य स्टाफ की हालत भी दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अच्छे समय की आस में चार महीने बीत चुके हैं तथा वे अपने स्टाफ को कहीं और भी नहीं भेज सकते। प्रदेश सचिव रमेश कुमार राणा ने बताया कि प्रदेश में बार के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के राजस्व में हर साल करोड़ों की आमदन फीस के रूप में होती है। लेकिन सरकार इन्हें न खोल कर उदासीनता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी बार संचालकों ने दिसंबर 2019 में फीस जमा करवा दी है। अब बिना काम के बार मालिकों को खासी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सभी सदस्य की शर्तों को मानते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बार खोलने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार के पास गुहार लगाने के बावजूद अभी तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है। रमेश कुमार राणा ने बताया कि प्रदेश भर में सैकड़ों बार संचालन कर रहे हैं लेकिन कोरोना काल के दौरान सरकार के आदेशों को मानते हुए सभी बार को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस धंधे से न सिर्फ बार मालिक बल्कि हजारों कर्मचारी और उनके परिवार भी प्रत्यक्ष रूप से रोजी-रोटी कमाते हैं। अब जब अनलॉक की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है तो अधिकांश दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा दे दी गई है। यही नहीं रेस्टोरेंट और ढाबों को भी शर्तों के आधार पर खोल दिया गया है, लेकिन बार रेस्टोरेंट को अभी तक नहीं खोलने की मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा सरकार के इस निर्णय से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से प्रार्थना की है कि वह हिमाचल प्रदेश के बार रेस्टोरेंट्स को खोलने की अनुमति प्रदान करें ताकि वह भी अपना और अपने परिवार साथ ही उनके कर्मचारी और उनका परिवार भी अच्छे तरीके से रोजी-रोटी कमा सकें।
नगर सुधार समिति बिलासपुर ने बन्दला, सिहड़ा की तरफ जाने वाली बसों की निरन्तर सर्विस न होने के कारण जन-जीवन को होने वाले खतरे के लिए चिन्ता व्यक्त की है तथा एच.आर.टी.सी. प्रबन्धन को इसका जिम्मेदार ठहराया है। समिति के प्रधन दिनेश कुमार व प्रेस सचिव तनुज सोनी ने संयुक्त जारी ब्यान में कहा है कि पिछले वर्षाें कुनाला-दनोह में हुए बस हादसे से एच.आर.टी.सी. प्रबन्धन ने सबक नहीं सीखा है। इसी कारण इस रोड़ पर बिना सर्विस के गाड़ियों को सवारियों लाने ले जाने का जोखिमपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने एच.आर.टी.सी. प्रबन्धन को कहा है कि तुरन्त इन बसों को इन रूटों पर या कहीं भी जाने से पूर्व सर्विस न की गई या अच्छी तरह चैक नहीं किया गया तो संस्था आन्दोलन का रास्ता अपनाएगी जिसकी सारी जिम्मेवारी एच.आर.टी.सी. प्रबन्धक की होगी। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के कारण एच.आर.टी.सी. ड्राईवरों/ कर्मचारियों तथा आम जनता की जान को दाव पर नहीं लगाया जा सकता है। उन्होंने सदर विधायक से भी मांग की है कि शीघ्र एच.आर.टी.सी. प्रबंधन बिलासपुर को यह निर्देश जारी करें कि सभी रूटों पर चलने वाली बसों की चलने से पहले सर्विस की जाए।
बिलासपुर में कलम के पुरोधा वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, कवि स्वर्गीय शब्बीर कुरैशी की 14वीं पुण्यतिथि में प्रैस रूम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिलासपुर प्रैस क्लब के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में कोविड-19 के नियमों यानि सोशल डिस्टेंसिग का पूरा ध्यान रखा गया। बिलासपुर प्रैस क्लब के संरक्षक राकेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वर्गीय शब्बीर कुरैशी की धर्मपत्नी आशा कुरैशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई जबकि डीपीआरओ कृष्ण पाल ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। सर्वप्रथम सभी पत्रकारों ने शब्बीर कुरैशी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस के बाद सभी पत्रकारों और साहित्यकारों ने गुरू शब्बीर कुरैशी के संग बिताई अपनी मधुर स्मृतियों को याद कर ताजा किया। संरक्षक राकेश शर्मा ने कहा कि शब्बीर कुरैशी उनके लिए पिता तुल्य रहे, क्योंकि उन्हीं ने कलम पकड़ना और शब्दों को एक स्वर में पिरोकर कागज में उकेरना सिखाया है। वरिष्ठ साहित्यकार रतन चंद निर्झर ने शब्बीर कुरैशी को एक विलक्षण प्रतिभा बताया, उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग बिरले ही पैदा होते हैं। सम भाव के प्रतीक शब्बीर कुरैशी की शाब्दिक पकड़ हर क्षेत्र में सटीक थी। वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार अरूण डोगरा रीतू ने कहा कि शब्बीर कुरैशी की छत्र छाया में ही उन्होंने बिलासपुर में अपनी पत्रकारिता के स्तंभ गाड़े हैं। सभी की सहायता करने के लिए शब्बीर कुरैशी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने वाले शब्बीर कुरैशी की ख्याति उत्तरी भारत में विख्यात थी। अरूण डोगरा रीतू ने गुरू शब्बीर कुरैशी के व्यक्तित्व पर कविता भी पढ़ी। वहीं साहित्यकार व संगीतकार गोविंद घोष ने शब्बीर कुरैशी द्वारा दी गई शिक्षाओं के बारे में बताया तथा कहा कि गुरू शब्बीर कुरैशी के बताए मार्ग पर चलकर ही आज वे सफल हुए हैं। पत्रकार राम सिंह ने शब्बीर कुरैशी संग बिताए को पलों को याद किया तथा बताया कि हिमाचल ही नहीं अपितू देश की हर नई और पुरानी घटनाएं उनकी उंगलियों पर होती थी। वरिष्ठ पत्रकार विशाल ठाकुर ने कहा कि गुरू शब्बीर कुरैशी ने जो भी बातें उन्हें सिखाई हैं, वे आज भी उन्हें आधार मानकर अपनी पत्रकारिता के रथ को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दौरान मुख्यातिथि आशा कुरैशी ने भी अपने दिवंगत पति शब्बीर कुरैशी की गैर मौजूदगी को कविता के शब्दों में बयान कर सभी की आंखों को नम कर दिया। पत्रकार विजय कुमार ने मनमोहक स्वर में बिलासपुर का लोकप्रिय गीत मोहणा सुना की सभी को भाव विभोर कर दिया। प.कार शुभम राही ने भी एक फिल्मी गीत सुना कर वाह वाह लूटी। बिलासपुर प्रैस क्लब की ओर से आशा कुरैशी को शाल तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया। वहीं साहित्यकारों और वरिष्ठ पत्रकारों को भी स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन शुभम राही ने किया। कार्यक्रम में पत्रकार अंजना शुक्ला, अश्वनी पंडित, विजय चंदेल, अनिल पटियाल, जितेंद्र कुमार, अरूण चंदेल, विकास, अनूप शर्मा, सुरजीत सिंह, सुभाष ठाकुर, कश्मीर ठाकुर, विजय राज और मौजूद रहे। बिलासपुर के डीपीआरओ कृष्ण पाल ने कहा कि बिलासपुर प्रैस क्लब द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम वास्तव में अतुलनीय रहा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शब्बीर कुरैशी की स्मृति में सभी वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत की गई रचनाओं ने पता चलता है कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल रहा।
प्रदेश सरकार त्युंन सरयून धार के लोगों के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है ओर वोट बैंक के नाम पर छलावा कर रही है। यह बात प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 1988 से लेकर अब तक धार के लोग अपनी मुख्य समस्या उपतहसील के लिए मांग करते आए है पर किसी ने उनकी सुनवाई नही है कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से हर एक पंचायत के प्रधान से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में धार की हर पंचायत में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था, जिसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थी। आशीष ठाकुर ने बताया त्युंन सरयून धार के तहत 9 पंचायते आती है जंहा की जनसंख्या लगभग 35000 है और इस क्षेत्र में 5 पटवार वृत आते है, सरकार द्वारा तय किए गए सभी मापदंडों को यह क्षेत्र पूरा करता है। आशीष ठाकुर ने कहा कि लोगो को आज भी तहसील के कार्य करवाने के लिए घुमारवीं जाना पड़ता है। घुमारवीं इस क्षेत्र से 30 से 35 किलोमीटर दूर पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनो की बर्बादी होती है। युवा नेता ने बताया कि धार के लोग मुख्यतः कृषि पर निर्भर है, पिछले लगभग चार महीने पहले धार का एक प्रतिनिधिमंडल उनकी अगुवाई में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिला था। उस समय जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर व सदर विधायक सुभाष ठाकुर भी वहां मौजूद थे, उस वक्त धार के लोगो ने अपनी उपतहसील की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी और मुख्यमंत्री ने लोगो को आस्वस्त किया था कि जनगणना खत्म होने के बाद यानी कि मार्च 2021 के बाद ही वो प्रदेश में नई तहसील, उपतहसील व नए पटवार वृत खोलेंगे पर उनकी समझ से परे है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने नावर क्षेत्र जिसके अधीन 8 पंचायते आती है, वहाँ पर तहसील खोल दी। आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वो ऐसी दोहरी नीति क्यों अपना रहे हैं। इससे पहले युवा कांग्रेस बिलासपुर की बैठक परिधि गृह बिलासपुर में सम्पन हुई। बैठक के तुरंत पश्चात परिधि गृह बिलासपुर से जिलाधीश कार्यालय बिलासपुर तक युवाओं द्वारा रैली निकाली गई, रैली में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर रोष निकाला गया, ओर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर युवाओं को सम्बोधित करते हुए युवा नेता आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। धरने के बाद युवा नेता की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य से मिला और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया और ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि धार में हरलोग केंद्र बिंदु पड़ता है और जल्द से जल्द हरलोग को उपतहसील का दर्जा दिया जाए, अन्यथा धार की जनता के साथ मिलकर एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा और आंदोलन की पूरी ज़िम्मेदारी प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई अंकुश ठाकुर, लोकसभा महासचिव युवा कांग्रेस राहुल ठाकुर, जिला सोशल मीडिया प्रभारी युवा कांग्रेस नरेश कुमार, जिला महासचिव एनएसयूआई अक्षय ठाकुर, जिला सचिव कमल किशोर, पूर्व अध्यक्ष बंटी, विक्की ठाकुर, तन्नू, सुनील ठाकुर, सर्वेश उपमन्यु, संतोष, आशीष चन्देल, रोहित चन्देल, मनीष, राजवीर, अनिता ठाकुर, काजल, शिवानी, शिवम के साथ 100 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विवेक कुमार ने कहा है कि जब से प्रदेश के अंदर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है व झंडूता विधानसभा क्षेत्र से विधायक जीतराम कटवाल बने हैं तभी से बरठीं क्षेत्र के लोगों के साथ उनका हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है। इस क्षेत्र में जनता के कामों के प्रति विधायक जरा भी गंभीरता नहीं दिखाते है। ढाई साल के बाद भी बरठीं सिविल अस्पताल की दुर्दशा सबके सामने है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर जल्द एक प्रतिनिधिमंडल सीएमओ बिलासपुर और डीसी बिलासपुर को ज्ञापन देगा तथा उनसे कारण पूछेंगे कि क्यों इस तरह सौतेला व्यवहार बरठी क्षेत्र के साथ किया जा रहा है। अगर फिर भी प्रशासन इसके ऊपर ध्यान नहीं देता है तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 07 अक्टूबर 2017 को पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बरठीं कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को अपग्रेड करके 50 बेड साथ में 15 पोस्टों को स्वीकृत करके सिविल हॉस्पिटल बनाने के लिए तत्काल नोटिफिकेशन जारी की गई थी। किंतु बड़े दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि आज भी उन 15 पोस्टों में से 6 पोस्ट में स्टाफ नर्स की नहीं आई है और डेंटल सर्जन की पोस्ट भी लंबे समय से खाली है, जिससे आसपास के क्षेत्रों से जो मरीज आते हैं उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। साथ ही लगभग ढाई साल पहले 50 बेड स्वीकृत होने के बावजूद आज भी बरठीं सिविल हॉस्पिटल में केवल मात्र 20 ही बेड लगे हुए हैं साथ ही जो स्टाफ के क्वार्टर से हैं वह जर्जर हालत में है। लगभग 25 लोगों का स्टाफ होने के बाद केवल मात्र 7 क्वार्टर ही स्टाफ के लिए है जबकि कोई भी डॉक्टर इन क्वार्टर में नहीं रहता केवल जब ड्यूटी देने आते हैं तो सिर्फ ड्यूटी रूम का ही इस्तेमाल किया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के द्वारा 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किए जाने के बाद भी बरठी सिविल हॉस्पिटल में ना तो इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर एक भी इंट लगाई गई है और ना ही एक भी बेड बढ़ाया गया है जबकि नोटिफिकेशन में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि 15 लोगों का स्टाफ जिसमें डॉक्टर, वार्ड सिस्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, क्लर्क, क्लास फोर आदि की पोस्टों को स्वीकृति दी गई थी। किंतु 6 पोस्ट में जो स्टाफ नर्स की है वह यहां पर नहीं आई है। यह सरासर प्रदेश सरकार की एवं स्थानीय विधायक की अनदेखी के कारण ही हो रहा है।
सामाजिक संस्था नगर सुधार समिति बिलासपुर ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला रौड़ा बिलासपुर में कार्यरत शिक्षक राजेश गर्ग को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया। समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि राजेश गर्ग शिक्षक होने के साथ-साथ समाजसेवी भी है। वैश्विक महामारी कोविड-19 में इन्होंने समाज और राष्ट्रहित मे अपना बहुमूल्य योगदान दिया। यह एक सराहनीय कार्य है। इन्होंने जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा बनाए गए क्वारंटीन सेंटंर राजकीय प्राथमिक पाठशाला रौंड़ा में अपने स्वास्थ्य की चिंता किए बगैर दिन रात अपनी उपस्थिति देकर सेवाएं प्रदान की। इसके साथ ही इन्होंने ने शहर के गरीब साधनहीन तथा झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों तथा लोगों को इस वैश्विक महामारी के प्रति सचेत करने का कार्य किया। इनके द्वारा समाज व राष्ट्र हित में किए गए बहुमूल्य, सराहनीय तथा नेक कार्य के लिए नगर सुधार समिति इनका हार्दिक आभार प्रकट करती है ,तथा आशा करती है कि यह भविष्य में भी समाज और राष्ट्र हित में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सामाजिक कार्यो में भी इसी तरह का योगदान देते रहेंगे। इस मौके पर नगर सुधार समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, महासचिव राजेंद्र गौतम, प्रेस सचिव तनुज सोनी, कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार, को़षाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ठाकुर तथा समाजसेवी व व्यास रक्तदाता समिति के प्रधान करण चंदेल मौजूद रहे।
दो विधानसभा क्षेत्रों में पड़ने वाली औहर-धराड़सानी सड़क की बदहाली से परेशान लोगों ने जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क को जल्द दुरूस्त न किया गया तो उन्हें आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा। ग्राम पंचायत औहर के पूर्व प्रधान एवं जिला ग्रामीण भाखड़ा विकास समिति के अध्यक्ष देसराज शर्मा, लक्ष्मण दास, आकाश चंदेल, सहज राम, बलबीर चंदेल, पूर्व बी.डी.सी. शीला देवी, सीता देवी, सुभाष ठाकुर, प्रेमलाल, दर्शन कुमार, धनीराम, अरङ्क्षवद वर्मा, प्रेमलाल वर्मा, अंकुश ठाकुर आशोक चंदेल, चंद्रमणि ठाकुर व जय कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि सडृक की हालत बद से बदतर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। बरसात के इस मौसम में गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे इस सड़क पर वाहन चलाना दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में विभाग को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने बताया कि औहर से लेकर भंजवाणी तक की सड़क घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है जबकि इससे आगे की सड़क झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है। क्षेत्रवासियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों से मांग की है कि वे उनकी समस्या का समाधान करवाएं अन्यथा उन्हें मजबूरी में आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा।
जिला जल एवं स्वच्छता अभियान के तहत एक बैठक काआयोजन उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक के दौरान गोयल ने बताया कि जल शक्ति विभाग के माध्यम सेचलाए जा रहे जल एवं स्वच्छता अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ कर हर घर को नल तथा हर नल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में जल जीवन अभियान फेस 3 के अंतर्गत लगभग 79 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत की 6 पेयजल योजनाओं को स्वीकृति हेतु सरकार को भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के तहत 14140 आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को नल की सुविधा उपलब्ध करवानातथा पेयजल योजनाओं में सुधार करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन अभियान फेस 1 के तहत 22733 आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को नल सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु लगभग 200 करोड़ 78 लाख रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई है। इसी प्रकार फेस 2 में 9127 घरों को नल सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग 18 करोड़ 72 लाख रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिली है जिनका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल एक लाख 2 हजार 572 मकान है जिनमे से आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को जल जीवन अभियान के अंतर्गत जून, 2021 तक नल सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को शुद्ध पेयजल की महत्ता बारे भी विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा जागरूक किया जाएगा जिससे की लोग जल जनित रोगों से बच सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से आहवान किया कि वे जल जीवन अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाए ताकि प्रत्येक व्यक्ति को नल द्वारा उसके घर में समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके तथा लोगों को पेयजल सम्बन्धी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में जिला कमेटी के सदस्य सचिव अधिशाषी अभियन्ता ई. अरविन्द वर्मा, डी.एफ.ओ. सरोज भाई पटेल, अधिशाषी अभियन्ता झंडुता देव राज चौहान, जिलास्वास्थ्य अधिकारी परविन्द्र सिंह, उप निदेशक उच्च शिक्षा महेन्द्र सिंह, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सुदर्शन कुमार, सहायक अभियन्ता रविन्द्र रणौत तथा कृषि विकास अधिकारी राजीव शर्मा उपस्थित थे।
बिलासपुर जिले में इन दिनों स्कूलों में करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई को व्यापक रूप से चलाया जा रहा है तथा सरकार द्वारा निर्धारित किए गए कार्यक्रम घर घर पाठशाला का संचालन बेहतर तरीके से किया जा रहा है। यह बात बिलासपुर जिला मुख्यालय पर डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन का पद संभालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नव नियुक्त डिप्टी डायरेक्टर महिंदर कुमार धीमान ने कही। धीमान इससे पहले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुगलाडा तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा में बतौर प्रिंसिपल कार्य कर रहे थे। प्रमोशन होने के उपरांत बिलासपुर आने पर उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वाारा चलाई जा रही नीतियों को लागू करना रहेगी। उन्होंनेे बताया इसके अलावा पिछलेे 19 वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत थे और उन्होने शिक्षा के हर पहलु को अनुभव किया है। घर घर पाठशाला के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शिमला मुख्यालय से विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए लिंक जिले में सुबह साढ़े आठ बजे आ जाते हैं और उसके बाद वह सभी स्कूलों में अध्यापकों को भेज दिए जाते हैं जहां से वह बच्चों को भेजे जाते हैं और आन लाइन पढ़ाई आरंभ हो जाती है। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई से यह कार्य अनवरत जारी है। उन्होने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने से पहले उन्होंने सेना में कार्य करते हुए देश सेवा की है इसलिए वह हर कार्य को मिशन की तरह से लेते हैं। उन्होंनें बताया कि बिलासपुर आकर उन्हें अलग सा कुछ भी नहीं लग रहा बल्कि सभी अपने ही लग रहे हैं। कार्यालय में भी बेहतर तालमेल है और सभी कर्मचारी अपना काम जिम्मेदारी पूर्वक कर रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से राम लाल ठाकुर ने बचत खातों में कम की गई ब्याज़ दरों को लेकर केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार झूठी व आमजन को ठगने वाली है। देश मे अच्छे दिन आने वाले के नारे देकर आने वाली केंद्र की सरकार ने लोंगो के साथ धोखे के सिवा और कुछ नहीं किया। राम लाल ठाकुर ने कहा कि एक तो कोविड 19 का संकट देश मे चल रहा है और लोगों के रोजगार और नौकरियां छिन चुकी है ऊपर से केंद्र की सरकार आये दिनों लोंगो के बचत खातों पर गुप् चुप तरीके से ब्याज की दरों को कम करती रहती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अभी मई और जून के एक महीने के अंदर अंदर ही बचत खातों की दरों में जो बदलाव किए हैं उससे आम लोंगो की स्थिति दयनीय हो गई है और जो प्रधानमंत्री मंत्री जी ने देश के वरिष्ठ नागरिकों को उनके फिक्स बचत खातों पर 8 प्रतिशत ब्याज देने की घोषणा की थी वह अब झूठी घोषणा साबित हो गई है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि यदि देश की सरकार ही झूठ बोलेगी जो जनता किस पर विश्वास करेगी। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने ही एक महीने में दूसरी बार फिक्स डिपॉजिट करने वाले ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने सावधि जमा यानी फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 40 आधार अंकों की कटौती की है। नई एफडी दरें 27 मई से प्रभावी हो चुकी कर दी गई थी। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक बैंक ने 2 करोड़ या इससे अधिक की एफडी पर भी 50 बीपीएस तक की कटौती की है। इस श्रेणी के तहत एसबीआई द्वारा प्रस्तावित ब्याज दर अधिकतम 3% है। इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाली नई दरें भी लागू कर दी गई हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि सामान्तय सभी बैंक स्टेट बैंक को ही आधार बैंक मानकर अपनी ब्याज दरें निर्धारित करते है तो उनमें 7 दिन से 45 दिन 2.9%, 46 दिन से 179 दिन 3.9%, 180 दिन से 210 दिन 4.4%, 211 दिन से 1 वर्ष से कम 4.4%, 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम 5.1%, 2 साल से 3 साल से कम 5.1%, 3 साल से 5 साल से कम 5.3%, 5 साल और 10 साल तक 5.4%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 27 मई से 2020 के लिए लागू कर दी है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि कहां तो कांग्रेस की सरकार के समय 6℅ सामान्य बचत खातों पर ब्याज मिलता था और 9.25℅ फिक्स बचत खातों पर ब्याज लोगों को मिलता था और अब कहां भाजपा की सरकार के समय इतनी बड़ी ब्याज खातों पर कटौती करना देश की जनता के साथ धोखा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि एसबीआई ने 12 मई को 2020 को बीपीएस द्वारा '3 साल' तक के कार्यकाल के लिए सावधि जमा पर ब्याज दरों में कटौती की थी और मार्च में, एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दरों को 20-50 बीपीएस से घटाकर 28 मार्च 2020 तक प्रभावी कर दिया है जिसको अन्य बैंकों ने भी फॉलो कर लिया है। यह दूसरी बड़ी कटौती थी। इससे पहले बैंक ने 10 मार्च को एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की थी। राम लाल ठाकुर ने कहा कि बचत खाते पर भी ब्याज घट चुका है और ब्याज दरें वर्तमान ब्याज दर, संशोधित ब्याज दर के साथ प्रभावी हो चुकी है। राम लाल ठाकुर ने कहा आमजन साधारण तय पैसा बैंकों में जमा इसलिए करते है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और भविष्य में आने वाली वित्तिय संकटों से न जुझना पड़े लेकिन अब तो लोंगो के हालात इस सरकार ने और ज्यादा कठिन कर दिए हैं इससे बैंकों की साख पर भी बट्टा लग रहा है और लोगों में एक भय और अविश्वास का मत बढ़ता जा रहा है।
निजी बस ऑपरेटरों ने दो टूक शब्दों में सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दस दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों को नहीं माना गया तो वे अनिष्चित कालीन संघर्ष की राह पर निकल जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। इसी आाशय को लेकर मंगलवार को करीब साठ निजी बस आपरेटरों ने एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापनप्रेषित किया। निजी बस आपरेटरों में शामिल अनिल कुमार मिंटू, अमरजीत सिंह सेन, हरीश, रमेश ठाकुर, अभिषेक, अजय भंडारी, देवराज, रवि कुमार, युवराज डटवालिया, सुनील कुमार, मेहरचंद, चुन्नीलाल, रतनलाल, विनय पुरी, नवल किशोर, राजेश धीमान, बंटी, राजू, विनीत, गुलजार आदि ने बताया कि अब हालात बहुत बिगड़ चुके हैं तथा वे अपनी खड़ी हुई बसों की चाबियां और कागजात प्रशासन को सौंपने के लिए आए थे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके यह दस्तावेज आदि लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी बसें खड़ी है जिस कारण उनकी परेशानियों में भी इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हालांकि इन बसों को चलाने के लिए सशर्त कवायद भी शुरू की लेकिन कोरोना के भय से निजी बसों को न तो सड़कों पर सवारियां मिल रही है और न ही उचित किराया। ऐसे में निजी बस ऑपरेटर अपना और अपने परिवार का पेट पालने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। ऑपरेटरों ने बताया कि जब लॉकडाउन शुरू हुआ था तो देश प्रदेश और समाज के हित में सभी निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी अपनी गाड़ियां रोक दी थी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ियों उन्होंने स्वरोजगार के तहत अपने परिवार को रोजी-रोटी चलाने के लिए बैंकों से भारी भरकम कर्ज लेकर डाली थी इसमें कई चालक और परिचालक अपनी सेवाएं दे रहे थे जो अब बेरोजगार हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बैंकों की किस्तों के ब्याज में इजाफा निरंतर बढ़ रहा है। ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को जिक्र करते हुए बताया कि एक तरफ सरकार औद्योगिक घरानों, मजदूरों और तमाम दूसरे तबकों को राहत देने के लिए विभिन्न प्रकार के पैकेज दे रही है किंतु निजी बस ऑपरेटरों को सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई राहत प्रदान नहीं की गई है। इसलिए ऑपरेटरों ने बसें चलाने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं मांगों का जिक्र करते हुए निजी बस ऑपरेटरों ने बताया कि सरकार को चाहिए कि वह डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को वापस ले, तमाम निजी बस ऑपरेटर लॉक डाउन की अवधि के दौरान आर्थिक राहत पैकेज दिया जाए। सभी प्रकार के कर, पासिंग चार्जेस अगले वर्ष तक माफ किया जाए, इंश्योरेंस का लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जाए और अगले इंश्योरेंस का सारा पैसा इंश्योरेंस कंपनी को सरकार अदा करें। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्तों को हटाया जाए, लॉक डाउन अवधि का बैंक ब्याज और किस तथा अगले 1 वर्ष का ब्याज माफ किया जाए, निजी बस ऑपरेटरों का स्टॉप चालक परिचालक आदि को आर्थिक पैकेज तथा तमाम स्टाफ का 50 लाख रुपए का बीमा सरकार की तरफ से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो तमाम निजी बस ऑपरेटर संघर्ष की राह पर चलने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेवारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में अनिल कुमार मिंटू, रमेश ठाकुर, मोहम्मद रफी, विनीत, संजय, रमेश चंद, अशोक, केहर सिंह, मेहर चंद, रवि कुमार, राजेश कुमार, बंटी, अनिल, रश्मि देवी, नवल किशोर, रामपाल, जीवन सिंह, माया देवी, मंजू बाला, प्रेमलता, गौरव सेन, अमरजीत सेन, शरीफ मोहम्मद, शशि सेन जगदीश कुमार सहित करीब 68 लोग मौजूद थे।
एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा की बैठक मंगलवार को राधा कृष्ण मंदिर बाग पंजगाई में बाबूराम शर्मा रिटायर्ड अध्यापक की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रभावित 5 पंचायतों बरमाणा, बैरी, पंजगाई, धौन कोठी, धार टटोह के लोगों ने भाग लिया। यह सभी पंचायतें एसीसी सीमेंट फैक्ट्री की माइनिंग से प्रभावित हैं। इस बैठक के दौरान लोगो को संबोधित करते हुए समाजसेवी भगत सिंह वर्मा ने कहा कि इन प्रभवित पंचायतो में जितनी भी माइनिंग हुई उसका फण्ड जिला प्रशासन के पास जमा होता है जिसे जिला प्रशासन इन प्रभावित पंचायतो में स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के लिए खर्च करता है। वर्मा ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि एसीसी कंपनी अपना यह फंड जिला प्रशासन के पास जमा करवा रही है परन्तु जिला प्रशासन ने 2015 से लेकर आज तक इस फंड का इन प्रभावित पंचायतो के विकास के लिए इस्तेमाल नही किया उन्होंने कहा कि 2015 से लेकर आजतक यह फंड 50 करोड़ के लगभग डिस्टिक मीनर्ल फंड के खाते में जिला प्रशासन के पास जमा है। जो ए सी सी सीमेंट के खदान से मिलने वाली धनराशि है। उन्होंने कहा कि पंजगाई में स्वास्थ्य केंद्र की हालत खस्ता है यहाँ पर मात्र एक चिकित्सक उपलब्ध है। रात्री को इस अस्पताल में कोई चिकित्सक उपलब्ध नही होता। यहाँ पर स्टाफ के रहने के लिए बने क्वाटरो की हालत दयनीय है जिस करान कोई भी कर्मचारी इन क्वाटरो में नही रहता। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल करीब दस पंचायतो के लोगो के लिए एक मात्र स्वास्थ्य संस्थान है जिसकी इतनी दयनीय हालत है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जो इन प्रभावित पंचायतो के लिए डिस्टिक मीनर्ल फंड में पैसा जमा है जोकि मात्र स्वास्थ्य , शिक्षा और पर्यावरण पर खर्च होना है उस पैसे से इस अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाए व उसके भवन निर्माण व आवासीय निर्माण पर इस पैसे को खर्च किया जाए। इसके साथ ही इस पैसे से यहाँ पर आईटीआई बनाया जाए जिसमे वह सब ट्रेड दिए जाए जिन ट्रेडो की आवश्यकता एसीसी सीमेंट कारखाने में है। उन्होंने कहा कि जिन ट्रेडो की आवश्यकता कंपनी में है वह ट्रेड यहाँ उपलब्ध नही है जिसकी वजह से यहाँ के बच्चे उन ट्रेडो में शिक्षा नही ले पा रहे है और इस कंपनी में बाहर के लोगो को रोजगार मिल रहा है। यदि इस पैसे से यहाँ पर आईटीआई का निर्माण हो जाता है तो प्रभावित पंचायतो के बच्चे इस आईटीआई में शिक्षा ग्रहण कर एसीसी कंपनी में रोजगार प्राप्त कर सकते है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस डिस्टिक मीनर्ल फंड समिति में प्रभावित पंचायतो के दो लोगो को शामिल किया जाए ताकि इस फंड का सही जगह पर जरुरत के अनुसार खर्च किया जा सके जिससे स्थानीय लोगो को फायदा हो सके। इसके साथ ही हर बड़े कारखाने में उपरोक्त कुछ अंश सोशल रिस्पांसिबिलिटी के लिए भी होता है जिसके तहत कंपनी प्रभावित पंचायतो के विकास के लिए खर्च करती है। कंपनी इस पैसे को इन प्रभावित पंचायतो में खर्च न करके बाहरी पंचायतो में खर्च कर रही है जोकि गलत है आज तक एसीसी फैक्ट्री ने इस पैसे को इन पांच पंचायतों को छोड़कर अन्य जगहों पर खर्च किया और इसका उपयोग भी चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र में और प्रतयक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार के साधन पैदा करने के लिए किया जाए जो की आज तक नहीं किया गया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि प्रदेश सरकार प्रभावित विस्थापितों के लिए एसीसी के अंदर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मुहैया करवाए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उपरोक्त फंड का प्रयोग केवल चिकित्सा शिक्षा व रोजगार उत्पन्न करने पर हो अन्यथा पांच पंचायतों के लोग जन आंदोलन करने पर विवश होंगे। बैठक में समाजसेवी भगत सिंह वर्मा, जय किशन शर्मा, अमरजीत, भुवनेश्वर कुमार, सुशील शर्मा, कुलदीप ठाकुर, बलराम शर्मा, संजीव कुमार रामानंद ठाकुर सहित करीब डेड सों लोगो ने भाग लिया।
बिलासपुर में युवा कांग्रेस ने तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर अजब प्रदर्शन किया। युवाओं ने परिधि गृह से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक गाड़ी को रस्सी से बांधकर खींचा ओर केंद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले परिधि गृह बिलासपुर में सम्पन हुई, बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने की। बैठक में संगठन से सम्बंधित गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई। आशीष ठाकुर ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना में जब केंद्र सरकार को जनता को राहत देनी चाहिए थी पर सरकार इसके विपरीत कार्य कर रही है और आम जनमानस के साथ लूट घसूट की जा रही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत आज के समय मे लगभग 20 रुपये प्रति लीटर है। कोरोना महामारी के चलते पूरे विश्व मे 1986 के बाद आज के समय मे सबसे ज्यादा कम दाम कच्चे तेल के है पर बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि 20 रुपये प्रति लीटर कच्चा तेल होने के बाबजूद भारतवर्ष में 80 रुपये प्रति लीटर तेल बिक रहा है जिससे आम जनमानस की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। आशीष ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे विश्व मे सबसे ज्यादा टैक्स जो 69% है वह लोगों से ले रही है,आज हालात ऐसे है कि भारत के साथ लगते छोटे छोटे देशों में तेल की कीमतें भारत की अपेक्षा बहुत कम है चाहे बात बांग्लादेश की हो चाहे नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान इन देशों ने भी कोरोना महामारी में अपने नागरिकों के ऊपर आर्थिक बोझ नही डाला है पर भारतवर्ष में तेल की इतनी ज्यादा कीमतें होने की वजह से किसानों और आम जनता का जीना कठिन हो रखा है। धरना प्रदर्शन के बाद आशीष ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला और उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित ओर मांग की गई कि वो स्वयं इस मसले में हस्तक्षेप करें और केंद्र सरकार को आदेश जारी करें कि तेल के ऊपर से टैक्स कम किया और कीमतों को कम किया जाए ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके। इस मौके पर सेवा दल जिला सचिव विजय वर्धन, लोकसभा युवा कांग्रेस सचिव वीरेंद्र सन्धु, जिला अध्यक्ष एनएसयूआई मनजीत सिंह ठाकुर, सोशल मीडिया जिला युवा कांग्रेस संयोजक धीरज शर्मा, सोशल मीडिया जिला संयोजक नरेश कुमार, सोशल मीडिया संयोजक अजय कुमार भाटिया, वीरेंद्र, जतिन ठाकुर, अरुण ठाकुर, एलेक्स ठाकुर, शालू, कमल किशोर, संतोष, बगु, रितिक सोनी, सलीम, सिद्धार्थ व अन्य युवा उपस्थित रहे।
जिला ग्रामीण विकास अधिकरण द्वारा जिला में ईको ग्राम विकास योजना के तहत किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने करते हुए कहा कि जिला बिलासपुर में ग्राम पंचायत कन्दरौर को ईको विलेज के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि कन्दरौर पंचायत को ईको पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कन्दरौर में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला ग्रामीण विकास अधिकरण, पर्यटन विभाग, वन विभाग और विज्ञान एवं तकनिकी विभाग संयुक्त रूप से योजनाओं का क्रियान्यवन करेंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कन्दरौर में ईको ग्राम विकास योजना के तहत 50 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। उन्होंने बताया कि पंचायत में वनीकरण, सोलर लाईट, सोलर फैंसिंग लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पंचायत में स्थित प्राकृतिक जल स्त्रोतों की मुरम्मत और उनका रखरखाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग द्वारा सोलर फैंसिंग, वन विभाग द्वारा पौधारोपण तथा जल संग्रहण जैसे कार्य भी किए जाएंगे। इस अवसर पर पीओ डी.आर.डी.ए. राजेन्द्र गौतम, उप निदेशक कृषि डाॅ. कुलदीप सिंह पटियाल, आर.एफ.ओ. डाॅ. संयम, एल.डी.एम. यूको बैंक ए.के. गुप्ता, पंचायती राज विभाग से विनय कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे 205 पर सुबह करीब 8:00 बजे स्वारघाट के समीप जूस की बोतलो से भरा ट्राला व कार में जोरदार टक्कर हो गई। ट्राला टक्कर के बाद बीच सड़क में पलट गया व कोल्ड ड्रिंक की पेटियां सड़क पर बिखर गई। कार में 4 लोग सवार थे जिनमें से 3 को चोटे आई हैं, व इनको 108 की मदद से पीएचसी स्वारघाट में उपचार के लिए लाया गया। उपचार बाद उन्हें 108 की मदद से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह 8:00 बजे के करीब हुई। बता दें यह ट्राला पंजाब से हिमाचल के बिलासपुर जा रहा था की दूसरी तरफ से हमीरपुर से कार बद्दी की ओर जा रही थी। स्वारघाट के समीप के तीखे मोड़ पर दोनों में जोरदार टक्कर हो गई। पुलिस थाना स्वारघाट की पुलिस अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गई। दोनों गाड़ियों को हटाने का प्रयास किया गया लेकिन ट्राला सड़क के बीच पलटने के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पूर्ण रूप से बंद हो गया। दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लाइने लग गई जिस कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस दुर्घटना में कार के अंदर एक 7 साल की बच्ची फस गई जिसे डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जो भी इसमें घायल हुए हैं वे सभी सुरक्षित हैं व उनका उपचार स्वारघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया और उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस दुर्घटना में पुलिस थाना स्वारघाट ने मामला दर्ज कर लिया है और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
घुमारवीं उपमड़ल के डिपुओं से यूरिया खाद नहीं मिल रही हैं जिससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव रजनीश मेहता ने कहा इस समय मक्की और धान की फसल अपने चरम पर है तथा मौजूदा समय सभी किसान मक्की की फसल को यूरिया खाद देते हैं लेकिन जिन सोसाइटी में यूरिया खाद आती थी वह खाद अभी तक नहीं आई है। घुमारवीं क्षेत्र के संबंध रखने वाले कुछ डिपुओं मे पहले सप्लाई आई थी, पर अब नहीं है जिससे किसान वर्ग परेशान है। बेशक पहले यूरिया खाद की एक खेप बिलासपुर में आकर सोसाइटी के माध्यम से बिक चुकी है लेकिन मौजूदा समय में मात्र 10% ही किसानों को यह खाद उपलब्ध हो पाई है। घुमारवीं उपमड़ल के सभी सोसाइटी में इस समय जो यूरिया खाद की एक खेप पहुंची थी वह मात्र 2 दिनों में ही खत्म हो गई जिससे कुछ किसान भाई ही इसका लाभ उठा सके है। मेहता ने कहा की प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग से आग्रह है कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की सोसाइटी में यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाए और किसानों को राहत प्रदान की जाए। एक तरफ तो प्रदेश सरकार बागवानों के लिए हर सुविधा घर द्वार पर मुहैया करवाने की बातें करती है और दूसरी तरफ किसान को आए दिन नई-नई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा महंगाई के समय में जिला बिलासपुर की जनता खेती पर ज्यादा निर्भर है। अगर किसान को जरूरत के समय कृषि के लिए खाद व अन्य वस्तुएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएगी तो उनकी सारी मेहनत बेकार चली जाएगी। प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द जिला बिलासपुर की सभी सोसाइटी में यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाए अन्यथा किसानो को साथ में लेकर युवा कांग्रेस धरना प्रदर्शन करेगी ।
वर्तमान बीडीटीएस सभा सदस्यों ने आरोप लगाया है की पदाधिकारियों के ढुलमुल रवैए के कारण हजारों बरमाना ट्रक ऑपरेटरों को वार्षिक किराया वृद्धि न होने से लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान सदस्य एवं पूर्व प्रधान रमेश ठाकुर, सदस्य चंदू राम ठाकुर, कुलदीप गौतम, पवन कौशल, विनय कुमार वर्मा, कमल किशोर ने कहा की सभा के पदाधिकारियों की नाकामी के चलते प्रतिदिन 300 से ज्यादा हिमाचल स्टॉकिस्ट को सीमेंट ढुलान में जुटी गाड़ियों के मालिकों को सभा और एसीसी प्रबंधन एग्रीमेंट के मुताबिक पहली अप्रैल से मिलने वाली वार्षिक किराया वृद्धि न करने से अब तक करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। इन्होंने कहा जुलाई माह आधा बीतने को आया है लेकिन पहली अप्रैल से वार्षिक किराया वृद्धि न होने से अब तक करोड़ों रुपए में पदाधिकारियों की नाकामी के कारण ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा द्वारा कई बैठके की गई लेकिन इन में वर्तमान सदस्यों को बुलाना भी उचित नहीं समझा गया। ऐसी परंपरा पहली बार सभा में देखने को मिली है जिससे लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए सदस्यों का ही नहीं अपितु वार्ड के सदस्य ऑपरेटरों का भी अपमान बताया, जोकि सभा ऑपरेटरों के हित में न होकर सभा के लिए घातक रहेगा। उन्होंने कहा पंजाब वेयरहाउसेस के वार्षिक बढ़ोतरी किराया तो ऐरियर रूप में बाद में मिल सकता है लेकिन हिमाचल सीमेंट ढुलान वार्षिक वृद्धि न मिलने से करोड़ों रुपए की चपत पदाधिकारियों के रवैयै के कारण ऑपरेटरों लग रही है। रमेश ठाकुर ने कहा बतौर प्रधान उन्होंने 1.87 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि व 6% घटे हुए किराए को बढ़ाया था जिसमें 5% एक बार जबकि 1% पिछले साल कुल 7. 87 प्रतिशत किराए बढ़ाकर ऑपरेटरों को लगातार हो रहे घाटे से उभारा था। इन्होंने कहा लगातार डीजल बढ़ोतरी व अन्य गाड़ियों के बढ़ रहे खर्चों के चलते ऑपरेटरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन पदाधिकारियों को ऑपरेटरों की परवाह ही नहीं है तभी तो जुलाई माह तक वार्षिक किराया वृद्धि नहीं दी गई। दूसरे सिविल सप्लाई ढुलान के 2014 के बाद रेट न बढ़ने से ऑपरेटरों को अब लगातार डीजल बढ़ोतरी से मुश्किल और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने मांग करते हो कहां है कि शीघ्र ऑपरेटर हित में वार्षिक किराया वृद्धि व सिविल सप्लाई के रेट शीघ्र बढ़ाए जाएं अन्यथा मजबूरन पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ेगा।
कोविड-19 के कारण लोगों के कारोबार व अन्य रोजगार के संसाधन अभी तक प्रभावित हैं। हालांकि सरकार द्वारा छोटे कारोबारी या अन्य उद्योग धंधे खोल तो दिए हैं परंतु अभी भी जनजीवन पूरी तरह स्थापित नहीं हो पा रहा है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व प्रवक्ता पवन कौशल ने कहा कि आमजन सरकार से कोविड-19 से प्रभावित अपने कारोबार व दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करने वालों को बिजली पानी शहरी क्षेत्रों में हाउस टैक्स इत्यादि पर माफी देकर राहत मिलने की एक आशा थी। किंतु सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों का कारोबार अभी भी पटरी पर इस बीमारी के चलते नहीं आ रहा है। बाजारों में आमजन अभी भी आने जाने से कतरा रहा है। दूसरे आर्थिक तौर पर भी निजी कार्य करने वाले और आम जनता बुरी तरह अभी भी प्रभावित है। लेकिन सरकार द्वारा इन विपरीत परिस्थितियों में राहत देने की बजाय 125 यूनिट बिजली के ऊपर से सब्सिडी खत्म करना, पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ना, राशन सब्सिडी में कई परिवार को काटने की योजना, बस किराए पर बढ़ोतरी जैसे चर्चा मंत्रिमंडल में कर जनता को दर्द की घड़ी में नमक छिड़कने वाली बात ही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार लोगों को राहत नहीं दे सकती है तो ऐसे में इस तरह के निर्णय न लिया जाए।
बिलासपुर जिला में शुक्रवार को तीन लोग कोरोना पोजटिव आये थे जिन में से दो व्यक्ति इंस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में थे जबकि एक व्यक्ति होम क्वारनटाईन में था। जिला प्रशासन ने इनकी रिपोर्ट पोजटिव आते ही इन सभी लोगो को कोविड 19 केयर सेण्टर (शिवा आयुर्वैदिक अस्पताल चाँदपुर) में शिफ्ट कर दिया जिसके बाद जिला प्रशासन होम क्वारनटाईन व्यक्ति के कोरोना पोजटिव आने के बाद एकदम हरकत में आया और शनिवार को खंड चिकित्सा कार्यालय से एक टीम बंदला पहुंची और वहा पर इस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगो का आंकडा एकत्रित कर उन सभी को क्वारनटाईन किया। शनिवार को कार्यकारिणी खंड चिकित्सा अधिकारी डा वरुण शर्मा ने इपनी टीम सहित इस क्षेत्र का दौरा किया और इस व्यक्ति के संपर्क में आए सभी लोगो को क्वारनटाईन किया। डा वरुण के अनुसार यह व्यक्ति बिहार का रहने वाला है और 3 जुलाई को बिहार से हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में काम करने के लिए पहुंचा था जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस व्यक्ति को होम क्वारनटाईन किया था। परन्तु जहाँ यह व्यक्ति रह रहा था वहा इसके साथ 40 अन्य मजदुर रह रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला को ही क्वारंटाईन सेंटर बना कर इन सभी लोगो को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में क्वारनटाईन कर दिया है जबकि 15 अन्य लोकल लोग जो इसके सेकेन्ड्री कॉन्टैक्ट में थे उन सभी को होम क्वारनटाईन कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन सभी लोगो के छ दिन बाद कोविड 19 के संपेल भरेगा। संपेल की रिपोर्ट नेगटिव आने के बाद इन लोगो को क्वारनटाईन से वापिस भेजा जाएगा। कोरोना पोजटिव व्यक्ति के संपर्क में आए सभी 40 लोगो को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में क्वारनटाईन कर दिया गया है जबकि 15 अन्य लोग जो इसके सेकेन्डरी कांटेक्ट में आये थे उन्हें होम क्वारनटाईन किया गया है। इन सभी लोगो का छ दिन बाद कोविड 19 का संपेल लिया जाएगा।
जिला बिलासपुर कांग्रेस कमेटी ने अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए पौध रोपण कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला कांग्रेस ने जिला से ब्लॉक स्तर तक पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे रोपण करने का अभियान शुरू किया है जिसकी शुरुआत बिलासपुर के पशु औषधालय में पौधा लगा कर जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने की। बाद में रौड़ा सेक्टर, डियारा सेक्टर में भी पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, पूर्व विधायक बाबूराम गौतम व तिलकराज शर्मा के अलावा अन्य कांग्रेसी नेताओं में तेजस्वी शर्मा, गौरव शर्मा, अनुराग शर्मा सुनील कुमार तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अक्सर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते अपने राजनीतिक और सामाजिक दायित्व को समझते हुए पर्यावरण को बचाने का संदेश दे रही है और लोगों को पौधे रोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं क्योंकि लगातार ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है जिससे पर्यावरण को काफी खतरा बढ़ गया है इसलिए सभी को पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को पूरे जिला में यह अभियान चलाया गया और सभी कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।
बिलासपुर की प्रमुख समाजसेवी संस्था नगर सुधार समिति बिलासपुर ने समिति अध्यक्ष दिनेश कुमार की अगुवाई में कोविड-19 में बेहतर सेवाएं देने के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों तथा उनके सुपर वाईजर राजेश कुमार, रोहित कुमार व सभी सफाई कर्मचारियों एवं कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रविन्द्र सिंह, वार्ड सिस्टर उर्मिला चौहान को सम्मानित किया। इस मौका पर समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि बिलासपुर शहर में महामारी के दौरान चाहे डेंगू के समय और अब कोरोना में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों व स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था ऐसे कर्मियों व अधिकारियों को नमन करती है तथा आशा करती है कि आगे भी बिलासपुर को स्वच्छ रखने व ऐसे ही बिलासपुर वासियों के स्वस्थ्य की चिन्ता करते रहें ताकि जनमानस स्वस्थ रह सके। इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, देवेन्द्र सिंह, रोशन लाल, धर्मपाल, नरेश कुमार मौजूद थे।
विधायक सुभाष ठाकुर ने आज बिलासपुर सदर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत ननांवा व कुह मझवाड़ में किए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर सुभाष ठाकुर ने बताया कि बिलासपुर जिला के सदर विधान सभा क्षेत्र में अनेक विकास कार्य प्रगति पर है। जिन्हें शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग 44 लाख रुपये को लागत से निर्मित मुख्य मार्ग टिहरा से डैहर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शकरोहा से गवाल्मुथानी सड़क की टायरिंग पर लगभग 27 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि मंदरीघाट से कुहघाट वाया हरिजन बस्ती लुसाहन सड़क का कार्य प्रगति पर है जिस पर लगभग 70 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गवालमुथानी में स्टेडियम व सुरक्षा दिवार पर लगभग 30 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि सोहर से जबल्याणा सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है जिस पर लगभग 17 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि उठाऊ सिंचाई योजना ननांवा के पानी वितरण सुधार पर लगभग 23 लाख 93 हजार रुपये की राशि व्यय की जाएगी जिससे 45.28 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। कार्य शीघ्र ही आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मणी खड्ड पर चैक डैम व वाटर क्रेट लगाने के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ननांवा व कुह मझवाड में लगभग 250 परिवारों को नल की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सरकार प्रत्येक घर में पानी के नल लगाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि लिंक रोड भगोट के निर्माण पर लगभग 58 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। जबल्याणा से मझवाड़ सड़क पर इंटर लाॅक टाईल व सुरक्षा दिवार पर 11 लाख तथा कुहघाट से लेगडी सड़क की टायरिंग पर लगभग २० लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि जबल्याणा से मझवाड सड़क पर क्रेश वेरियर, सुरक्षा दिवार व टायरिंग के कार्य पर लगभग 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत उठाउ पेयजल योजना जबल्याणा के विस्तारीकरण पर लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये व्यय किए जाएगा। घारत पलेला बहाव, पेयजल योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक घर को नल की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव संताली में 14 हजार 300 लीटर का वाटर स्टोरेज टैंक बनाया जाएगा। जिससे संताली, खटेरा, गहरू, लुशान वकागरी बांव के लोगों की सुविधा होगी। इस अवसर पर सुभाष ठाकुर ने लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा आवश्यक किया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। इस मौके पर भाजपा मंडल महामंत्री पवन, उप प्रधान दिला राम भाजपा युवा मोर्चा के सचिव पंकज, वार्ड सदस्य बिटू, रीना देवी व मस्त राम, एस.डी.ओ. लोक निर्माण सुरम सिंह, एस.डी.ओ. जल शक्ति विभाग आशीष कुमार, एस.डी.ओ. विद्युत राम पाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद पर इंदु गोस्वामी के नाम की अनौपचारिक और गैर आधिकारिक घोषणा के उपरांत यू टर्न लेना भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक ना होने का संकेत दे रहा है। हालांकि तीन दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर इंदु गोस्वामी का नाम चर्चा में था और अधिकांश उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की शुभ कामना भी दे चुके थे लेकिन भाजपा द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की जा रही है। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय वर्गीय ने भी अपना ट्वीट वापस लेते हुए कहा है कि उनकी टीम द्वारा यह गलत पोस्ट हो गया था। यहां उल्लेखनीय है कि भारतवर्ष में भाजपा को अनुशासित पार्टी कहा जाता है और भाजपा के नेताओं की छवि जनता में अन्य नेताओं से काफी ऊपर है। कहा जा सकता है कि भाजपा नेताओं की हर बात को जनता गंभीरता से लेती है और सोशल मीडिया पर जिस तरह से इंदु गोस्वामी का नाम भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चल रहा था उसके बाद जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने ट्वीट करके इंदु गोस्वामी को बधाई दी तो अधिकांश जनता और कार्यकर्ता यह समझ चुकी थी कि इंदु गोस्वामी को ही भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है लेकिन उसके बाद यह कहना कि एक टीम की गलती के कारण हो गया था यह बात आम जनता और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रही है। यह भी चर्चा होने लगी है कि पिछले चार दिनों से इंदु गोस्वामी को लेकर जो सीन चल रहा है कहीं यह इंदु विरोधियों की चाल तो नहीं। वैसे भी जिस समय राज्यसभा के लिए इंदु गोस्वामी का नाम प्रस्तावित हुआ था तो भी सब कुछ अचानक हुआ था और उस समय भी इंदु गोस्वामी का नाम पैनल तक में नहीं था लेकिन बाद में यह सभी को यह स्वीकार करना पड़ा था। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के अंदर कांगड़ा में जो उथल-पुथल चल रही है गोस्वामी का नाम प्रस्तावित करने के बाद उसकी आधिकारिक घोषणा ना हो पाना कहीं यह भाजपा के अंदर चल रही उथल-पुथल का ही परिणाम तो नहीं है। वैसे भी डॉ राजीव बिंदल का नाम जिस समय भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए आया था तो वह भी अप्रत्याशित था क्योंकि उस समय डॉक्टर राजीव बिंदल को मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही थीं। यहां पर यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि डॉ राजीव बिंदल का त्यागपत्र भी एकदम ही स्वीकार कर लिया गया। अभी भी यह कहा जा रहा है कि गोस्वामी ही प्रदेश भाजपा की अध्यक्ष होंंगी लेकिन आधिकारिक रूप से घोषणा न होने को लेकर के भाजपा की हाई कमान के बारे में आम जनता और कार्यकर्ताओं में सुगबुगाहट का दौर लगातार जारी है। देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है।
बिलासपुर लेखक संघ ने कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान कोरोना मरीजों के परीक्षण और देखभाल में जुटे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बारह व्यक्तियों को शुक्रवार को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में सदर थानाध्यक्ष यशवन्त सिंह, जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार गौतम, क्षेत्रीय अस्पताल के डा अंकुर धर्माणी, डा प्रशांत आचार्य, स्टाफ नर्स सन्तोष पाठक, कुमारी मोनिका, स्वछ्ता कर्मी सतीश कुमार, विनोद कुमार, अनिता देवी, सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र रौडा से डा निशांत ठाकुर वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भजून (देओथ) के डा कुलदीप ठाकुर और स्टाफ नर्स कुमारी पूनम शामिल हैं। बिलासपुर लेखक संघ के प्रधान रोशन लाल शर्मा, महासचिव सुरेन्द्र मिन्हास, कोषाध्यक्ष अमर नाथ धीमान व स्थापना सदस्य सुशील कुमार पुन्डीर ने उपरोक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को कोरोना योद्धा सम्मान के रुप में प्रमाणपत्र, स्मृतिचिन्ह, पटका हार और लेखक संघ द्वारा लिखी पुस्तकों का एक-एक सेट भेंट किया। प्रधान ने इन कोरोना योद्धाओं के जज्बे और हौंसले की उन्मुक्त कण्ठ से सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि अपनी जान को जोखिम में डाल कर कोरोना संक्रमितों की सेवा करने और परीक्षण के दौरान जोखिम उठाने वाले यह योद्धा वास्तव में सम्मान के पात्र हैं।
ग्राम पंचायत साई खारसी की पूर्व प्रधान कमला शर्मा को लाडली फाउंडेशन सदर ब्लाक की महासचिव नियुक्त किया गया है। लाडली फाउंडेशन के कार्यालय में एक सादा समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत नौनी के प्रधान निर्मला राजपूत ने शिरकत की। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए समाज सेविका कमला शर्मा को फूलों की माला पहनाकर लाडली फाउंडेशन सदर ब्लाक के महासचिव बनने पर स्वागत किया गया। गौरतलब है कि कमला शर्मा कई वर्षों से प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एव लाड़ली फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संरक्षण, कुष्ठरोग की जागरूकता, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम जैसे सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। इस मौके पर कमला शर्मा ने कहा कि वह महिला सशक्तिकरण व समाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए लाडली फाउंडेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडुत्ता में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्कूल में साइंस लैब के निर्माण के लिए लगाई गई शिलान्यास पट्टिका के तोड़े जाने और गायब करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेक कुमार ने कहा कि थाने में भी सिर्फ शिकायत दर्ज की गई है जबकि इस मामले में प्राथमिकी नहीं दर्ज की जा रही। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह ऐलान किया है कि अगर इस मामले की एफ आई आर दर्ज नहीं की गई और दोषियों को नहीं पकड़ा गया तो शीघ्र ही झंडुत्ता थाना का घेराव किया जाएगा और धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए चाहे जिस भी आंदोलन तक जाना पड़े उससे वे पीछे नहीं हटेंगे। विवेक ने कहा कि असामाजिक तत्वों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि कुछ पुलिस के लोग उन्हें इस तरह से संरक्षण देकर बचाते हैं जो कि किसी भी समाज के लिए लाभदायक नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश व झंडूता के अंदर जितना भी विकास हुआ है वह वीरभद्र सिंह के कर कमलों के द्वारा ही हुआ है लेकिन झंडुत्ता के अंदर इस तरह का घिनौना कृत्य जिन लोगों ने किया है उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और उनके नाम की पट्टिका को तोड़ना बहुत ही गंभीर अपराध है। इस कृत्य से प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश के अंदर कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है एवं कानून प्रशासन व नेताओं की कठपुतली बन कर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ झंडुत्ता थाना के अंदर लिखित शिकायत भी की गई है जिसमे कहा गया है कि जिन भी लोगों ने यह कार्य किया है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए किंतु पुलिस प्रशासन का रवैया बिल्कुल नकारात्मक रहकर इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया बल्कि एक रपट बनाई गई जिसमें लिखा कि उदघाटन पट्टिका वहां पर लगी पाई गई है। विवेक ने बताया जब टूटी हुई पट्टिका का फोटो दिखाया तो उनके पास कोई जबाब नहीं था इस अवसर पर उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी झंडुत्ता के अध्यक्ष सतीश चंदेल जी भी साथ रहे वह रमेश चंदेल एवं सतीश मुन्ना भी उपस्थित रहे।
लाडली फाउंडेशन के राज्य महासचिव बिलाल शाह ने राज्य अध्यक्ष शालू की सहमति से घूमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव बलोह ग्राम पंचायत पट्टा जिला बिलासपुर की निवासी निशा कुमारी को लाडली फाउंडेशन का घूमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया। गौरतलब है कि निशा कुमारी कई वर्षों से प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एव लाड़ली फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संरक्षण, कुष्ठरोग की जागरूकता, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम जैसे सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। लाडली फाउंडेशन कि नवनियुक्त घूमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष निशा कुमारी का कहना है कि भविष्य में उनका यही उद्देश्य है कि कहीं भी कोई सामाजिक विसंगती न हो। उन्होंने कहा कि वह सक्रिय होकर महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं को नशे से दलदल से निकालने के लिए कार्य करती रहेंगी।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने भाखड़ा विस्थापितों के उचित बसाव तथा जिन विस्थापितों को अभी तक भी आवासीय प्लाट तक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें प्लाट अलौट करने तथा अतिक्रमण के नाम पर उनके द्वारा सरकारी जमीन पर विवशतावश किए गए कब्जों को नियमित करने की मांग की है, ताकि उनके द्वारा देश के निर्माण अथवा विकास-प्रगति के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का कर्ज चुकाया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि भाखड़ा बांध निर्माण से पूर्व पंजाब के अधिकांश भागों में हर वर्ष बरसात के दिनों में बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर लाखों लोगों को सहन करना पड़ता था, जिससे छुटकारा दिलाने और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान की सूखी अथवा बंजर भूमि को सिंचित करके उन सभी राज्यों में हरियाली लाने के उदेश्य से प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भाखड़ा बांध का निर्माण करने का अपना सपना पूरा किया था। बंबर ठाकुर ने कहा कि इस बांध के निर्माण के बाद जहां इन सभी राज्यों में औद्योगिक क्रान्ति आई वहीं सभी राज्य आर्थिक रूप से मजबूत भी हुए, लेकिन इस बांध के निर्माण से उजाड़े गए बिलासपुर और ऊना जिला के कुछ भाग के लाखों किसानों का उचित बसाव करने की कोई भी योजना किसी भी सरकार द्वारा तैयार नहीं की गई, जिस कारण अधिकांश भाखड़ा विस्थापित आज भी अपने उचित बसाव के लिए दर - दर की ठोकरे खाने को विवश हैं। उन्होने कहा कि इस बांध निर्माण के कारण जहां बिलासपुर का 13 शताब्दी पुराना एतिहासिक नगर जलमग्न हो गया था, वहीं सतलुज नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों को उजाड़ा गया था और नदी किनारे की लाखों एकड़ उपजाऊ भूमि भी गोबिन्द सागर की भेंट चढ़ गई थी, जिस कारण किसानों को पहाड़ों पर पथरीली व अनुपयोगी भूमि पर बसने को विवश होना पड़ा। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार में जरा भी नैतिकता है तो विस्थापितों को दोबारा उजाड़ने की बजाए उनसे किए गए अपने वादों के अनुसार उनके कथित अवैध कब्जे नियमित करने, उन्हें बिजली-पानी मुफ्त उपलब्ध करवाने सहित नगर को झंडूता क्षेत्र को सीधे जोड़ने वाले पुल बैरी दडोला का निर्माण करने के तुरंत आदेश देने चाहिए। उन्होने सरकार से भी मांग की है कि बी बी एम बी से भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान के लिए मिलने वाली रायलिटी को सिर्फ भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान पर ही व्यय किया जाए और जनता को बताया जाये कि उनके बलिदानों से निर्मित इस बांध से अब तक प्राप्त रायलिटी राशि को कहाँ खर्च किया गया है ।
बिलासपुर पुलिस ने एक बाइक सवार से 250 ग्राम चूरापोस्त (भुक्की) बरामद की है प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कोट कैहलुर की एक टीम रात को अन्वेषणाधिकारी लेखराम मजारी पुल के पास गश्त पर था। देर रात को एक मोटर साईकिल नंबर PB12 Z 0965 दबट की तरफ से आया जिसे पुलिस ने रोक कर चेक किया तो इस बाइक सवार ने अपनी तोनो टांगो के बिच में एक गठरी राखी थी। जब पुलिस ने इस गठरी को खोल कर चेक किया तो इसमें से 250 ग्राम (भुक्की) चूरापोस्त बरामद हुआ। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त चंचल सिंह S/O सुरजीत सिंह गांव वेला रामगड डा.खाना पलहाण त. व थाना नंगल जिला रुप नगर (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस व्यक्ति के खिलाफ थाना कोटकेहलूर में मुकदमा दर्ज करके आगामी जांच शुरू कर दी है।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि करणी सेना ने पूरे हिमाचल प्रदेश में सदस्यता अभियान छेड़ दिया है और आने वाले 6 महीने में करणी सेना हिमाचल प्रदेश में एक लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। पीयूष चंदेल ने बताया "चलो गांव की ओर" अभियान के तहत करणी सेना गांव गांव जाकर लोगों को करणी सेना के उद्देश्य के बारे में समझाएगी और सदस्यता ग्रहण करने के लिए निवेदन करेगी। आगे बताया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में करणी सेना को स्वीकारा जा रहा है और प्रत्येक जिला में बहुत ही छोटे से उपरांत में करणी सेना कि जिला स्तर पर कार्यकारिणी गठित हो चुकी है। करणी सेना का सदस्यता अभियान पूरे भारत में आरंभ हो चुका है और राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर अब हिमाचल प्रदेश में भी करणी सेना सदस्यता अभियान चलाएगी। करणी सेना को पूरे हिमाचल प्रदेश में बढ़-चढ़कर प्यार और आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है खासतौर पर युवाओं में करणी सेना से जुड़ने के प्रति खासा रूचि दिख रही है। करणी सेना जल्द ही आने वाले समय में अब विधानसभा स्तर पर भी अपना विस्तार करेगी। पीयूष चंदेल ने बताया कि जिस तरीके से करणी सेना से जुड़ने में लोगों की दिलचस्पी दिख रही है उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित तौर पर आने वाले समय में करणी सेना हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन उभर कर आएगा। पीयूष चंदेल ने करणी सेना से जुड़े सभी सदस्यों का करणी सेना से जुड़ने के लिए धन्यवाद किया और समाज हित और राष्ट्र हित में काम करने की आशा जताई।
सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा एवं राष्ट्रीय महासचिव निर्मला राजपूत की संयुक्त अगुवाई में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय धीमान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सत्यदेव शर्मा ने कहा कि ज्ञापन में मांग की गई कि सामरिक महत्व की भानुपल्ली-लेह रेल लाइन चीन बॉर्डर तक रेलवे का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाए ताकि चीन देश के साथ अगर किसी भी तरह की परिस्थिति बनती है तो सेना को लेह और चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी रहेगी। इस रेलमार्ग के बनने से दिल्ली से लेह बनने तक बीस घंटे की बचत होगी। फिलहाल दिल्ली से लेह तक सड़क मार्ग के जरिये 36 घंटे लगते हैं। साथ ही सेना को लेह तक और चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी रहेगी। सामरिक दृष्टि से यह मार्ग सेना के लिए काफी अहम है। इस मौके पर सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता रेखा बिष्ट (ममता), प्रदेश सह संयोजक सरदार प्रताप सिंह भल्ला, मोहम्मद मिर्जा यासीन इत्यादि पदाधिकारी मौजूद रहे।
विद्युत विभाग द्वारा करोड़ों रुपए हाल ही में खर्च किए गए हैं, परंतु आमजन को बिजली की आंख मिचौली से निजात नहीं मिल पा रही। नगर पंचायत तलाई व साथ लगती पंचायतों के लोगों को गर्मियों के दिनों में अघोषित बिजली की आपूर्ति बार-बार ठप हो जाने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह बात नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर पवन कौशल ने कहीं। उन्होंने बताया सबडिवीजन तलाई के अंतर्गत शाहतलाई में वोल्टेज और बिजली की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए करोड़ों रुपए बोर्ड के माध्यम से खर्च किए गए जिसमें लोगों को आश्वासन दिया गया था कि अब क्षेत्र में विद्युत की सप्लाई सुचारू रूप से चलेगी, परंतु करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली की आंख मिचौली के कारण बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग द्वारा लाखों खर्च कर 33 केवी झबोला से तलाई कस्बे के लिए आर्मर्ड केबल डाली गई। वही नये ट्रांसफार्मर भी स्थापित किए गए ताकि कस्बे में लोड की समस्या को भी दूर किया जा सके। उन्होंने कहा की आमजन को उम्मीद थी कि विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च के बाद उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी लेकिन उल्टा करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कस्बे में समस्या पहले से भी बढ़ गई है, तभी तो अघोषित बार-बार कट लग रहे हैं। इन्होंने यह भी कहा बाजार में लोगों को यह भी उम्मीद लगाए बैठे थे कि जो बाजार में बिजली की लाइने जा रही थी उन्हें भी हटाकर केबल लगाई जाएगी ताकि लोगों के भवनों के साथ सटी इन विद्युत लाइनों की तारों से राहत मिल सके। लेकिन विभाग द्वारा तो केवल मात्र कितना जरूर किया गया है उपभोक्ताओं के मीटर अवश्य इलेक्ट्रॉनिक नये लगा दिए गए हैं। राजेश कुमार सोहन सिंह अशोक कौशल विनोद कुमार सरवन कुमार देशराज नरेश कुमार अब्दुल खलिक प्रदीप कुमार शशि पाल रमन शर्मा इत्यादि अन्य कई उपभोक्ताओं ने भी विभाग से मांग की है की व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाए जो बार-बार अघोषित कट लग रहे हैं इनसे निजात दिलाई जाए। कौशल ने कहा अगर विद्युत विभाग द्वारा कस्बे में हो रही अघोषित बिजली की सप्लाई आपूर्ति ठप से राहत नहीं दिलाई गई तो मजबूरन आमजन को कोई कदम उठाना पड़ेगा।
राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की एक बैठक का आयोजन आज उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक में 25 विभागों के अधिकारियों, प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कोविड-19 से सम्बन्धित बायोमेडिकल, सूखा कुड़ा व कुडा-कचरा के निपटारे में आने वाली बाधाओं सहित वायु प्रदूषण, गोविन्दसागर झील तथा सतलुज नदी में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने बारे विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर राजेश्वर गोयल ने अधिकारियों को निदेश दिए कि बिना उपचार के सीवरेज पानी को गोविन्द सागर झील या सतलुज नदी में न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए 39 विभागों को प्राधिकृत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अवैध खनन को रोकने की दिशा में गम्भीरता से कार्य करे तथा प्रति माह अपनी रिपोर्ट दे। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक, घरो से उत्पादित होने वाला कुड़ा-कचरा प्रबन्धन को व्यवस्थित तरीके से सम्पादित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में डी.एफ.ओ. सरोज भाई पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दडोच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
प्रदेश यूथ कांग्रेस के सचिव तथा झण्डुता चुनाव क्षेत्र के कांग्रेसी नेता सुधीर कुमार सुमन ने स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल के लचर रवैये और प्रशासन पर कमजोर पकड़ होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में शरारती तत्वों के हाबी होने के कारण आराजकता का माहौल पैदा हो गया है। सुमन ने बताया कि झण्डुता के शहीद अश्विन कुमार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह ने विज्ञान संकाय के लिए एक प्रयोगशाला का शिलान्यास किया था जिसकी पाठशाला में स्थित पट्टिका को विधायक जीतराम कटवाल के नाक तले पिछले दिनों कुछ शरारती तत्वों ने राजनीतिक द्वेष के कारण तोड़ दिया है। इस कुकृत्य की यूथ कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध प्रकट करते हुए प्रशासन विशेष कर जयराम सरकार से इसकी छानबीन करवाकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है तथा यूथ कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्थापित उस पट्टिका को पुनः दीवार पर स्थापित करने की भी मांग की है। कांग्रेसी नेता सुधीर ने कहा कि विधायक यदि गहरी निन्द्रा त्याग कर जन हित के कार्यों को तरजीह न देकर शरारती तत्वों को संरक्षण देते हैं तो युवा कांग्रेस विधायक की नाकामियों की पोल खोलने के लिए जन अभियान चलाएगी।
कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के विरुद्ध अदम्य साहस और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर लाडली फाउंडेशन, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच एवं प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संयुक्त अगवाई में शहीद स्मारक में पुष्पांजलि श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत एवं रश्मि गौतम ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला। उनका करिश्मा और शख़्सियत ऐसी थी कि जो भी उनके संपर्क में आता था। उन्हें कभी भूल नहीं पाता था। जब उन्होंने 5140 की चोटी पर कब्ज़ा करने के बाद टीवी पर 'ये दिल मांगे मोर' कहा था। तो उन्होंने पूरे देश की भावनाओं को जीत लिया था। वो कारगिल युद्ध के उस सिपाही का एक चेहरा बन गए थे जो अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर गया और शहीद हो गया। कारगिल युद्ध में बन गया था विजयी नारा 'ये दिल मांगे मोर,' देखते ही देखते यह लाइनें कारगिल में दुश्मनों के लिए आफत बन गईं और हर तरफ बस 'यह दिल मांगे मोर' ही सुनाई देता था। "भारत मां की जय, शहीद विक्रम बत्रा अमर रहे" के नारों से शहीद स्मारक बिलासपुर गूंज उठा। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट, सदर मंडल अध्यक्ष रीना ठाकुर, शीतल, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, प्रदेश सह संयोजक सरदार प्रताप सिंह भल्ला, प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो के प्रधान अजय कौशल एवं संस्थापक ईशान अख्तर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कामकाजी महिला छात्रावास तथा वन स्टाप सेंटर बिलासपुर की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि जिला बिलासपुर में वन स्टाप सेंटर 24 दिसम्बर, 2018 से कामकाजी महिला छात्रावास बिलासपुर भवन के कमरा संख्या 106, 107 व 108 में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उदे्श्य परिवार में, सार्वजनिक स्थल या समुदाय में शारीरिक, लैंगिक, मानसिक, वित्तीय हिंसा, घरेलू हिंसा से प्रताड़ित किसी भी आयु, जाति, वर्ग, धर्म, क्षेत्र, यौन अभिविन्यास या वैवाहिक स्थिति से प्रभावित 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों सहित महिलायें।पांच दिन के लिए आश्रय ले सकती हैं जिन्हें बाद में सुधार गृह/अल्पअवधि गृह में पुर्नवास हेतु भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार से पीड़ित महिलाओं को आपातकालीन प्रतिक्रिया व बचाव सेवायें, चिकित्सा सहायता, प्राथमिकी एफआईआर दर्ज करवाने में महिलाओं की सहायता मनोवैज्ञानिक-सामाजिक समर्थन और परामर्श, कानूनी सहायता और।परामर्श/अस्थायी शरण व वीडियों कांफ्रेसिंग की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि वन स्टाप सेंटर बिलासपुर (हि0 प्र0) को केन्द्र सरकार द्वारा 45,25,911 रुपये विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत प्राप्त किए गए है तथा जिला में इस प्रकार की 15 महिलाओं को पुर्नवास करवाया जा चुका है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दडोच, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अंजु बाला, सचिव डीएलएसए, जिला पंचायत अधिकारी, अधिशाषी अभियंता बीएसएनएल, जिला बाल सरंक्षण अधिकारी, उप अधीक्षक पुलिस भी उपस्थित रहे।
विधायक जीत राम कटवाल विधानसभा क्षेत्र झंडूता ने आज ग्राम पंचायत रोहल में दोकडू से धुलान सड़क पर 3 लाख रुपये से निर्मित डंगे का निरीक्षण किया तथा धुलान में जन समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि इस सड़क को लोगों के लिए फिर से शुरू करवा दिया गया है जो कि डंगे के कारण लगभग एक साल से बंद थी। इसके उपरांत उन्होंने दोकडू से नेरी सड़क के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस सड़क पर तीन सौ मीटर तक कंकरीट तथा डंगों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और आगे का निर्माण कार्य प्रगति पर है । इस अवसर पर विधायक ने दोकडू से धुलान सड़क पर पुली डालने के लिए 2 लाख रु की घोषणा की। उन्होंने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि जिस क्षेत्र में सड़क पहुँच जाती है उस के क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। विधानसभा क्षेत्र झंडूता में प्रथामिकता सड़कों और पुलों को दी जा रही है। इसके तहत नई सड़कों का निर्माण तथा सड़को को पक्का करने के लिए राशि स्वीकृति करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ 58 लाख रुपये से बाला से बैहना को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। देहलवीं से बाला के लिए पुल निर्माण हेतु 87 लाख रुपये से निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 53 लाख रुपये से राजकीय उच्च विद्यालय दोकडू के अतिरिक्त भवन का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। एक करोड़ 30 लाख रुपये से ज्योरा से रोहल सड़क को पक्का करना, पुलियों तथा डंगो का निर्माण कार्य प्रगति पर है। एक करोड़ 70 लाख रुपये से झंडूता दोअम से मुकडाना सड़क का प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत उपप्रधान राज कुमार, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता पी डी शर्मा, मीडिया प्रभारी पी आर सँख्यान, मंडल महासचिव राकेश चन्देल, युवा मोर्चा अध्यक्ष देवाँश चन्देल, वार्ड सदस्य शीला देवी, पूर्व वार्ड सदस्य बृज लाल, ज्ञान चन्द, छोटू राम,लाला राम,सुरेन्द्र पाल, बलदेव, श्याम लाल, मिदो दीन, बग्गू दीन सहित स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
बिलासपुर के लखनपुर में एक मकान में आग लग जाने के कारण बेघर हुए परिवार की मदद के लिए रोटरी क्लब मदद के लिए एक बार फिर आगे आया है। क्लब के प्रधान टेक चंद सैणी की अगुवाई में क्लब के सचिव एनआर शर्मा व पूर्व प्रधान डा. टीडी टंडन उनके घटना स्थल पर पहुंचे और घर की दो विधवाओं सहित परिवारवालो को राहत देते हुए 11000 रूपये व राशन वितरित किया ताकि दुख की इस घड़ी में भूखे न रहे। क्लब के प्रधान सैणी ने कहा कि रोटरी क्लब का सदैव प्रयास रहता है कि हर जरूरतमंद को सहायता प्रदान की जाए।
घुमारवीं में गाड़ी और स्कूटर की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शाम के समय शिमला धर्मशाला मार्ग पर घुमारवीं के डंगार चौक के पास हमीरपुर की तरफ से आ रही बोलेरो गाड़ी औऱ घुमारवीं की तरफ से आ रहे स्कूटर की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस टक्कर में स्कूटर पर सवार व्यक्ति गंभीर हालत में था जिसे उसी गाड़ी में घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया गया वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, दूसरे व्यक्ति को भी इसमें गंभीर चोटें आई है जिसका इलाज चल रहा है। मृतक व्यक्ति की पहचान मदन लाल पुत्र पृथी चंद गांव जरल हमीरपुर के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति की पहचान नंद लाल पुत्र श्रवण सिंह गांव बॉडी बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस थाना भराड़ी से पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीएसपी राजेन्द्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि की है।
त्युंन सरयून किसान एवं श्रमिक कल्याण सभा हरलोग के अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है,कोरोना वैश्विक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है पर सरकार का इस ओर कोई ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि इस बार निचले हिमाचल में आम की बहुत बढ़िया फसल हुई है पर बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि प्रदेश सरकार का इस ओर जरा भी ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि तूफान और बारिश की वजह से किसानों की आम की काफी ज्यादा तबाह हुई है पर समझ से परे है कि आज तक निचले हिमाचल में पैदा होने वाली फसलों का सरकार मूल्य निर्धारित नही कर पाई है और न ही प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की मुआवजा राशि की कोई व्यवस्था है। जबकि ऊपरी हिमाचल में होने वाली मुख्य फसल सेब का मूल्य भी सरकार ने निर्धारित कर रखा है और आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई भी सरकार उन किसानों को करती आई है। उन्होंने कहा कि एक ही प्रदेश को दो भागों में बांट दिया गया है, किसान हर जगह एक से ही होते है मेहनत मजदूरी हर फसल के लिए बराबर ही लगती है। फिर इस तरह की भाई भतीजावाद वाली राजनीति उनकी समझ से परे है उन्होंने कहा कि इससे भी बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सरकार के कृषि उपज विपणन समिति की तरफ से भी कोई व्यक्ति इन किसानों की सुध लेने के लिए नही पहुंचा है। आज किसानों की फसलें मंडी में न पहुंचने की वजह से तबाह हो रही है आशीष ठाकुर ने ज़रकर से मांग की है कि जल्द से जल्द सेब की फसल की तर्ज पर निचले हिमाचल में होने वाली फसलों के मूल्य प्रदेश सरकार निर्धारित करे और कृषि विभाग को आदेश जारी करे कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया जाए और किसानों को आर्थिक मदद मिले। साथ ही किसानों की आम की फसलों को मंडी तक पहुंचाने की जल्द व्यवस्था हो ताकि हमारे किसानों को राहत मिल सके।
प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए द्वार खोले जा रहे हैं जोकि कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते निर्णय खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रवक्ता पवन कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ पूरे हिंदुस्तान में दिन पर दिन कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं तभी तो भारत विश्व में शंकर मतों की संख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में भी जहां पहले एकदम से संक्रमित की संख्या पर कंट्रोल हो गया था लेकिन बाहरी राज्यों से आए हमारे ही हिमाचली भाइयों के कारण दोबारा से एक हजार से भी अधिक आंकड़ा पहुंचा है हालांकि जिसमें काफी लोग रिकवर भी हुए हैं। परंतु ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए छूट देने से प्रदेश की स्थिति में संक्रमितों की संख्या बढ़ भी सकती है इसलिए आमजन के हित में इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार कर वापस लेना चाहिए। कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ तो देवभूमि के मंदिरों पर ताले लटके हुए हैं लेकिन पर्यटकों को बाहरी राज्यों से प्रवेश के लिए आमंत्रित करना कुछ ठीक नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात की भी पैरवी करते हुए कहा है कि कम से कम मंदिरों को प्रदेश के लोगों के लिए ही अगर खोल दिया जाता है तो उससे प्रदेश के भी लोग एक दूसरी जगह घूम भी सकते हैं और देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद भी ले सकते हैं। इस से एक तो लोगों का धार्मिक स्थलों पर रोजगार भी शुरू हो जाएगा और छोटे व्यापारियों को कारोबार भी बढ़ सकता है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक तो केवल कुछ लोगों को ही लाभ मिलेगा इसलिए सरकार इस विषय पर आमजन के हित को देखते हुए निर्णय लें।
प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए द्वार खोले जा रहे हैं जोकि कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते निर्णय खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रवक्ता पवन कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ पूरे हिंदुस्तान में दिन पर दिन कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं तभी तो भारत विश्व में शंकर मतों की संख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में भी जहां पहले एकदम से संक्रमित की संख्या पर कंट्रोल हो गया था लेकिन बाहरी राज्यों से आए हमारे ही हिमाचली भाइयों के कारण दोबारा से एक हजार से भी अधिक आंकड़ा पहुंचा है हालांकि जिसमें काफी लोग रिकवर भी हुए हैं। परंतु ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए छूट देने से प्रदेश की स्थिति में संक्रमितों की संख्या बढ़ भी सकती है इसलिए आमजन के हित में इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार कर वापस लेना चाहिए। कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ तो देवभूमि के मंदिरों पर ताले लटके हुए हैं लेकिन पर्यटकों को बाहरी राज्यों से प्रवेश के लिए आमंत्रित करना कुछ ठीक नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात की भी पैरवी करते हुए कहा है कि कम से कम मंदिरों को प्रदेश के लोगों के लिए ही अगर खोल दिया जाता है तो उससे प्रदेश के भी लोग एक दूसरी जगह घूम भी सकते हैं और देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद भी ले सकते हैं। इस से एक तो लोगों का धार्मिक स्थलों पर रोजगार भी शुरू हो जाएगा और छोटे व्यापारियों को कारोबार भी बढ़ सकता है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक तो केवल कुछ लोगों को ही लाभ मिलेगा इसलिए सरकार इस विषय पर आमजन के हित को देखते हुए निर्णय लें।


















































